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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?

Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
ashok pandit Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Godly service
2:58
आपने बहुत सुंदर सवाल पूछा है सवाल किया है कि आजकल के जमाने में इंसान है लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सकते हैं यहां पर मुझे विचार आ रहा है कि जैसे हम देखते हैं कि बंदर का जो सूरत और सीरत किस प्रकार का है कि वह चल कुशल करना एक दूसरे को साधनों को नुकसान पहुंचाना मनुष्य का सिरप सूरत जो है मनुष्य का है लेकिन सिर्फ बंदर जैसा है इसलिए उनकी इंसानियत और समाप्त हो गई है और फिर भी दुनिया इतनी बड़ी दुनिया चल रही है तो इंसानियत तो है लेकिन उसकी जो परसेंटेज है वह कम हो गई है इसलिए उनके व्यवहार से उनके कर्म से उनके बोलचाल से चलन से कोई इंसानियत दिखाई नहीं देता है लेकिन सभी एक जैसा नहीं है कुछ परसेंटेज इंसान है जिनके जीवन में इंसानियत भी है और इसलिए दुनिया चल रही है क्योंकि असत्य क्या तो बोल वाला है 4:00 तक छूट कपट छल आधी आधी सत्य भी है असत्य उतना ही है कि असत्य का पलड़ा भारी हो गया है सत्य के पलड़ा हल्का प्रति दिखाई दे रहा है परंतु सत्य की विजय सदा होती आई है इसलिए इंसान के द्वारा ही इंसानियत जो प्रारूप होते जा रहा है उप्र लोक नहीं होगा फास्ट के इतिहास हम देखते हैं तो समय पर इसमें क्रांतिकारी आए हैं जो समाज के अंदर देश के अंदर विश्व के अंदर एक बदलाव लाया है और अभी का जो समय में जो कुछ दिखाई दे रहा है तो ऐसे समय पर भी एक परिवर्तन का दौर चल रहा है जिसमें क्रांतिकारी कार्य हो भी रहा है लेकिन अभी वह गुप्त रूप में है और थोड़े ही समय में प्रत्यक्ष होने वाला भी है और जैसे ही वह प्रत्यक्ष होंगे तो जैसे अंधकार पर प्रकाश की विजय होती है असत्य पर सत्य की विजय होती है ठीक उसी प्रकार से आज इंसान के अंदर इंसानियत नहीं दिखाई दे रहा है लेकिन इंसान की विचारधारा बदलते हैं इंसानियत भी दिखाई देने लग जा

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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Medical care
3:41
जय माता दी दोस्तों मैं नीलम मिश्रा आप सभी को नवरात्रि की शुभ कामनाओं के साथ बोल कर के स्वागत करती हूं आजकल के जमाने में इंसान है लेकिन इंसानियत नहीं है क्या बात कहां तक सकते हैं राम जी का सवाल है और अनुरोध किया उन्होंने मुझसे तो दोस्तों की इंसानियत यानी मानवता किसी भी जाति का हो या किसी भी शहर का एकमात्र प्रथम अभिषेक इंसान बनने के लिए इंसानियत का होना चाहिए किसी के इंसान के रंग-रूप सूरत कार्यक्रम साल बाद शादी में कोई भी समानता है या समानता होती है लेकिन सभी को पांच तत्वों से बनाया है हम सभी ने इस कार्य से इसके दोस्तों आज के दौर में इंसान मानवता के इंसान के द्वारा बनाए हैं धर्मों के भेदभाव के इतना दूर आगे निकल पड़ा है कि कुछ भी समझ में नहीं आता है कुछ तो यहां पर इंसानियत कहीं देखने को नहीं मिलते लोग इंसानियत को छोड़कर अपने अपने ही धर्म में धर्मों को विश वीडियो में जकड़े पड़े हैं इंसान धर्म अपने अंदर पल नहीं परनिंदा नफरत विश्वास जातिवाद भेदभाव के कारण अभिमान का प्राथमिक बच गया है जिससे उसकी फिक्र की मना तो धीरे-धीरे खत्म हो रही है रो रो रही है इंसान प्यार करना भूलता जा रहा है अपने मूल कर्तव्य से भटक गया है और अब और अपने परम पिता परमेश्वर कोई भूल गया है इन सबके चलते मानव के मन में होता है हवस का वास होता जा रहा है और धर्म के नाम पर मुख्य मेहमान करने पर पीछे नहीं हटते हैं जिसे समुदाय के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है दोस्तों अगर देखा जाए तो हर जगह कहीं पर इंसान इंसान को मार रहा है कहीं इंसान इंसान को डस रहा है कोई बैठ कर रो रहा है अब इंसान में हैवानियत की आ गई है उसे अपने आगे किसी की कोई अहमियत ना घरी नहीं आती देखिए इंसान के अंदर आने की कुछ इस हद तक बात हो गई है कि इंसान अपने आगे बढ़ने के लिए अपने पैसे कमाने अपना पेट भरने अपना जेब भरने के लिए किसी का फोन भी कर देता है किसी का रेप कर रहा है किसी की मर्डर कर देता है किसी के भावनाओं की कोई कदर नहीं है तू कहां इंसान यह बिल्कुल सत्य है कि आज इंसान है लेकिन उनके अंदर इंसानियत नहीं आगे बढ़ने की हो और पैसा कमाने की होड़ में इंसान सब कुछ अपने मूल जो उसके अधिकार है उसके कर्तव्य उस सब को भूलता जा रहा है और आज के जमाने में इंसानियत नहीं है लेकिन ऐसा नहीं है कहीं कहीं देखने को मिल जाता है कि इंसान के अंदर इंसानियत भी है लेकिन अगर कोई व्यक्ति उस चीज को समझे तो आज यह दशा नहीं होती है अपने देश की बिलकुल आपका सवाल भी कुछ सही है और आपके सवाल से मैं बिल्कुल आपके साथ हूं मेरे दृष्टिकोण भी यही है कि आज के जमाने में इंसान नहीं है लेकिन सानिया बिल्कुल नहीं है इंसान तो है लेकिन साले यह माल बिल्कुल सत्य है तो गुस्सा आपको जानकारी कैसी लगी तभी बताइए धन्यवाद

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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
Neha student  Bolkar App
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Student
0:50
हेलो दोस्तों आपका मेरे बोल कर के एपस स्वागत है अपने सवाल किया है कि आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक किस करते हैं तो आपने सही जवाब पूछा है तो दोस्तों आजकल तो इंसान हैं लेकिन इंसानियत बहुत ही कम लोग के पास होता है बहुत ही कम लोग मिलेंगे आप लोग को जो इंसानियत निभाते हैं नहीं तो बाकी सब बस इंसान के नाम पर कलंक है धन्यवाद ऐसे ही जवाब दीजिए पूछिए और पाइए जवाब मेरे बोलकर के ऐप पर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
Soumya Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:58

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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
Sanjay Ramchandani Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student/Artist
5:45

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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
Krishna pandey Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
4:28

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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Life Coach | Motivational Speaker
5:34

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डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:31

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आजकल के जमाने में इंसान हैं लेकिन उनके इंसानियत नहीं है यह बात कहां तक सत्य है?Aajkal Ke Jamane Mein Insaan Hain Lekin Unke Insaniyat Nahin Hai Yah Baat Kaha Tak Satya Hai
Shivi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:16

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