#भारत की राजनीति

Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
1:12
250 करोड़ का घोटाला करने पर 3 साल की सजा और बिना टिकट यात्रा करने पर 5 साल की सजा यह सम्मेलन है मनोहर कहानियां देखे बिना टिकट यात्रा करने का तो हमने इस तरह से नहीं सुनना है जुर्माना और 6 महीने का जुर्माना जमा करने पर सजा है और 5 साल की तरह सजा नहीं है कहां पर ही पढ़ लिया कि 5 साल का है शायद अपने मनोहर कहानियों में ही पड़ा होगा भैया को कभी भी ट्रेन में सफर करते हैं तो उसको लिखा हुआ था है अगर आप भी टिकट पकड़े गए तो आपके साथ जुर्माना किया जाएगा या और कुछ 3 महीने 6 महीने की सजा हो सकती है ग्राम का मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर दिया जाता है और वहां पर और यह दोनों नहीं भर पाते हैं तो दोस्त जो कानून है या जो हमारे संविधान है नहीं पर इस तरह का जिक्र नहीं है और जानकारी 950 करोड़ों का घोटाला जो भी करेगा उसे प्रभावित होगा तो उसके खिलाफ दोहरा तो सजा मिलेगी

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Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
2:00
नींबू में ऐसी कई विसंगतियां हैं जो वास्तव में ही पॉइंटेड है बनाएं जिन पर इंप्रूवमेंट होना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य है कि अभी तक को भी कोई इंप्रूवमेंट नहीं किया है आप चंदन किसी रूप में पकड़े जाएंगे तो आपको अलग कैटेगरी में रखा जाएगा पुलिस ने जेल में और एक नेता पकड़ा जाता है उसे सभी पार्टी की सुविधाएं दी जाती हैं 50 उसको रखा जाता है क्योंकि वह राजनीतिक बंदी होता है उसके लिए सभी सुविधाएं अपनी बैंक जेल में पुलिस को शादी करा दी जाती हैं यह बहुत कुछ अंतर है अब आप सोचो वैसे एक छोटा 17 साल से कम उम्र में शादी करने पर नाबालिग की शादी मान करके उसको बालम बालम विवाह के अंतर्गत अपराध माना जाएगा और 1 साल का नाबालिक यदि कोई पार कर देता है या देख कर देता है तो उसको नाबालिक के करके कुर्ती जाता है और यह अपनी किया कितनी बड़ी विसंगति है कई ऐसे कानून है जो बदल जाने चाहिए समय के अनुसार लेकिन जातिवाद स्पष्टीकरण की राजनीति के कारण से यह राजनीतिज्ञों द्वारा आज तक नहीं बदले गए हैं जिनका पनिशमेंट के किसानों को चली जाती हैं उनकी कई कई घर बर्बाद हो जाते हैं लेकिन उसके पश्चात बीन राजनीतिज्ञ इसी प्रकार की कोई जो कानों में नहीं रहती है यह सब सब का दुर्भाग्य है क्योंकि अपने उम्मीदवारों का चयन नहीं किया है हम भी जातिवाद धर्म पर आधारित रिश्तेदारी पर आधारित प्रयोग उम्मीदवारों को चुन लेते हैं जो कभी जमीं तो पर ध्यान नहीं देते हैं जबकि जनहित की दृष्टि से ऐसे कानूनों को बदलना चाहिए जो बहुत हानिकारक है

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