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अहंकार मानव मन की शांति और सुखी को कैसे नष्ट करता है?

Ahankar Manav Man Ki Shaanti Aur Sukhi Ko Kaise Nasht Karta Hai
मनोज कुमार यादव Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए मनोज जी का जवाब
कृषक 🌾🌾🌾🌾
1:23
नमस्कार मित्रों जैसे आपका प्रश्न है अहंकार मानव मन की शांति और सुखी को कैसे नष्ट करता है तो देखिए मित्रों जब किसी के पास ज्यादा दौलत हो जाते हैं तो उसे घमंड हो जाता है और उन्हीं को कहा जाता है आंसर लेकिन हमें कितना भी कमाल है और कितना भी कुछ कर ले घमंड कर लेंगे हम तो मेरा संपत्ति ऐसे भी नष्ट हो जाएगा इसलिए करके कि हम जितना भी कमाई उस पर कभी अहंकार नहीं करना चाहिए अनकार एक ऐसा चीज है जो कि विनाश की ओर ले जाता है और तभी वहां से आप पीछे मुड़कर के नहीं देख सकते आपको आगे की सोच में साथ दे रहे थे लेकिन जीवन में हमारे लिए दौलत ही एक ऐसा चीज है जिसके लिए हंकार हो जाते हैं और घमंड बनने लगती लेकिन ऐसे वक्त में हमें यह सोच ना चाहिए कि जिस दौलत को करवाने के लिए हम बरसों तक मेहनत किया और वही दौलत हम लुटाने जाएगा तो मुझे चंद दिनों का ही टाइम लगेगा और दौलतपुरा समाप्त हो जाएगा इतने करके जितना मेहनत से कमाए हैं उसे नहीं मेहनत से उसे आप इस्तेमाल करना विश्व की और जीवन में आगे बढ़ने के लिए विश्व की धन्यवाद

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  • सुख व्यक्ति के अहंकार की परीक्षा ,अहंकार का परित्याग करिये ,सुख-शांति चाहिए तो मन में रखें संतोष
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