#जीवन शैली

Manju Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Manju जी का जवाब
Unknown
1:33
नमस्कार आपने यहां शरीर और मन के बीच में बताया है लेकिन अगर थोड़ा सा आप इसे एडिट करके अगर शरीर के जगह बुद्धि का बुद्धि शब्द का इस्तेमाल करते तो ज्यादा सही होता कि के शरीर अपने आप काम तो नहीं करेगा बिल्कुल उसे कोई निर्देश देने वाला तो होना चाहिए जैसे कि मन जो हमारा मन करता है मुझे करते हैं जैसा हमारा मन चाहता है वैसे हमारा शरीर काम करता है तो शरीर अपने-अपने मैं तो नहीं दे सकता है तो देखिए कैसे एक व्यक्ति को बिगाड़ सकता है या बना सकता है यह आपने कहा कि के देखे मन चंचल होता है और हम अच्छे कार्य करना भी पसंद करते हैं कभी कभी बुरे कार्य करना पसंद करते हैं तो हमारी इच्छा जो होती है उसकी इस तरह से हम बन जाते हैं जैसे कि अगर कुछ ऐसे कार्य में हमारा मन लग जाता है जो और हमको कोई लाभदायक नहीं होगा हमको चैन बुक लेकिन हमें वह कार्य करने में मजा आता हो तो बिल्कुल हमारे शरीर भी हमारा साथ देगा क्योंकि हम वही करते हैं जो हमारा मन चाहता है तो इस तरह अगर गलत काम में व्यस्त हो जाएंगे तो बिल्कुल ही आपको बिगाड़ सकता है और अगर आप सही दिशा में अपने मन बना लेंगे और सही तरीके से काम करेंगे तो यह आपको बना भी सकता हम हम भी करते हैं विचार जो हमारा मन चाहता है जिसमें हमारी इच्छा होती है

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