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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?

Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Pradumn kumar Vajpayee Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Pradumn जी का जवाब
Bijneas9369174848
1:46
प्रश्न ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले में रात्रि का अंतिम पहर यानी 4:24 से 5:12 तक अमरेला का समय होता है जिसे हम सुबह का आगमन भी कह सकते हैं उस समय तो दवा करवा देता है और छोड़ भी नहीं होता ब्रह्म बेला के ईश्वर की दिव्य शक्तियों का प्रभाव हमारे मस्तिष्क को काफी प्रभावित करता है और अनंत ज्ञान की प्राप्ति तक ले जा सकता है ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सुखासन में बैठ जाएं और दोनों आंख बंद करके ओम का लंबे समय में उच्चारण करें या आप प्रातः स्मरण भी कर सकते हैं कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ए सरस्वती कर मूले तू गोविंदा प्रभाते कर दर्शनम् समुद्र वसने देवी पार्वती स्तंभ विष्णु पत्नी नमस्तुभयम को भी आप कर सकते हैं वैसे ज्यादा बैटर ओम का उच्चारण है और लंबे स्वर में इस प्रकार से कहना है यानी पूरी ट्रांसफर के आप लंबे करने ओम का उच्चारण कर सकते हैं जब आप सुबह का समय अपनाएंगे तो आपको पता ही आभास होगा और आप स्वयं उठ जाएंगे ध्यान से मन शांत होता है और अलौकिक शक्तियों का प्रभाव हमारे मस्तिष्क को काफी प्रभावित करता है धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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I am nurse
1:54
bhasha.com कुरान गुड इवनिंग और आप मुझे सुन रहे हैं भारत के नंबर वन सवाल-जवाब पर कॉल करें फिर सवाल है कृपया ध्यान दें का कब और कैसे करें तो ध्यान करना बहुत ही अच्छा होता है हमेशा अपने कामों से समय लेकर और जरूर अपने आप को भी खुशियां देना चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए दोस्त हमेशा साथ और खुली जगह पर करें और अंधेरे में क्या नहीं करना चाहिए ध्यान हमेशा दिन के उजाले में करें जिससे सुबह 4:00 बजे के बाद जब हम की रोशनी लगती है तो आप शक्तिमान का ध्यान रखना चाहिए कि ध्यान करते समय हमेशा लाइट होती है तब थोड़ी की रोशनी में करें जो आजकल लाइट होती है इंसान उजाले में बैठकर ज्ञान ना करें क्योंकि मन साफ करने के लिए लिखा बहुत बड़ा हाथ होता है जब भी हम किसी भी जगह शेयर किए जाते हैं चाहे वह मालिक की पहाड़ी इलाका वन साइड वाली चाहो तो हमारा मन शांत होता है ऐसी जगह पर यह करने से हमारे शरीर को भी आराम मिलेगा हमें हमारे शरीर को जवा सीरियल फुल दाखिला मिलेगा और प्रकृति की रोशनी होती है आरामदायक होती है बॉडी के लिए भी और हमारे मन के लिए भी बहुत अच्छा होता हमेशा दिन के उजाले में करें लेकिन धूप में ना करें नहीं तो आपको हमेशा खाया वाली जगह पर बिल्कुल जाने में क्या करना चाहिए जानकारी कैसी लगी जरूर बताइए

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Life problems & Solution And terot card Reading counseling DM kare👉 instagram me
1:03
आपका प्रश्न ध्यान अंधेरे में करें उजाले में दिखे दोस्तों मेडिटेशन करने का तो वैसे कोई भी समय नहीं होता आप चाहे रोशनी में करें चाहे अंधेरी में करें अगर आपने मेरी टेशन बहुत अच्छे से किया तो यूनिवर्स की लाइट आपको रोशनी में भी नजर आने लगेगी और अंधेरे में भी नजर आने लगेगी तो आप कभी भी कहीं भी मिलती शंकर सकते हैं अर्थात शांत जगह में साफ-सुथरी जय गणेश जरूर मेडिटेशन करें वहां रोशनी रहे या ना रहे आपका मेडिटेशन बहुत अच्छे से हो जाएगा लेकिन आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि जहां आप मेडिटेशन कर रहे हैं वह जगह पॉजिटिव होनी चाहिए पॉजिटिव अर्थात कुछ ऐसी जगह होते हैं जहां अंधेरे होते हैं और वह नेगेटिव एनर्जी होती है वह नेगेटिव एनर्जी आपके ध्यान में प्रॉब्लम क्रिएट कर सकती है इसलिए आप ध्यान चाहे लाइट बंद करके करें चाहे लाइट ऑन करके करें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन आपको एक बहुत साफ सुथरी जगह में और पॉजिटिव एरिया में ही ध्यान करना होगा ठीक है धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:29
ध्यान अंधेरे में कमी हो जाने में जहां आप को ध्यान लगाना है वह आंखें बंद करके ध्यान लगाना पर आंखें बंद करने के पश्चात आप अगर ध्यान मग्न हैं ध्यान आकृष्ट है आपको पता ही नहीं है कि अंधकार है या प्रकाश है मन को एकाग्र चित्त करने के लिए अंधकार अच्छा होता है बजाएं प्रकाश के और मन को टर्न चाय चंचलता के रोकने के लिए उजाले की जरूरत होती है क्योंकि भटकता है तो वहां कई चीजें आपको सामने नजर आती हैं तो जिस तरह आपको कुछ फोकस करना होता है उस तरफ से आप भटक जाते हैं क्योंकि आपको अनेक चीजें जितनी इसके ठीक विपरीत अगर आपको केवल जो देखना है वह केवल उस तरफ फोकस करें तो क्या अंधकार और क्या उजाला मेन चीज ध्यान केवल ध्यान से लगता है और ध्यान लगाने में प्रकाश के अंधकार का कोई भूमिका नहीं है

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
अभिषेक शुक्ला  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Motivational speaker
0:47
दोस्तों ने तो आपका प्रश्न है कि ध्यान अंधेरे में कर या फिर अनजाने में तो देखिए ध्यान दें दोस्तों तो अनजाने में करें वह ज्यादा अच्छा होता है क्योंकि सुबह का समय काफी अच्छा माना जाता है ध्यान के लिए सर्वे परम शांति होती है उससे वातावरण में आपका ध्यान करें जहां पर ज्यादा जोर गोला हो काफी शांत जगह में जाकर क्या फिर भी ध्यान लगाते हैं एक ध्यान को केंद्रित करते अपने माथे के बीच में तो आपका जो कंसंट्रेशन लेवाने में धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा दोस्तों और आपका ध्यान की जो चलता है मैं भी काफी अच्छी हो जाएगी सोच की विचार की अच्छी क्षमता जो है तो अच्छी काफी मजबूती देगी और बनेगी आपके अंदर बिंदापुर तो आप जो है तो वह जाने पर इसका ध्यान कर सकते हैं काफी अच्छा विकल्प हो सकता है उसको आपके लिए धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Manish Kumar  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Defence
4:44
ध्यान एनआर अपने पति के साथ ना छोड़े हैं बोलकर एप्लीकेशन के जीवन के हर समस्याओं का समाधान निकलता है अंधेरे में कटे या उजाले ध्यान या मेडिटेशन योग का आठवां और जिस प्रकार यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा है उसी प्रकार या ध्यान में जो भी योग का एक अंग तू आ ध्यान जो है अंधेरे में करें या उजाले में परंतु इतना ध्यान जरूर रखें कि यह स्वच्छ और शांत वातावरण में और साथ ही यह ध्यान रखें कि ध्यान करते वक्त सोना मना है आप सिद्धासन में बैठकर आंख बंद कर ले फिर दाएं हाथ को दाएं घुटने पर और बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रखकर रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा रखते हुए गाड़ी श्वास को ले और फिर छोड़िए अपनी सांसो को महसूस करें ध्यान एक प्रकार से जो सभी दिशाओं में प्रकाशित होता है सिर्फ आंख बंद करने से ध्यान नहीं होता है यदि कोई आंख बंद करके बैठ जाता है ध्यान नहीं है ध्यान है विचारों से मुक्त होना ध्यान करने से हमें अलौकिक शक्तियों ऊर्जा का भंडार प्राप्त होता है ध्यान से हमारा शरीर मन मस्तिष्क आत्मा को चोदता है मानसिक शांति मिलती है आत्मिक शक्ति पड़ता है निर्णायक क्षमता करने की शक्ति प्राप्त होती है रोग से मुक्त होकर हमारा स्वस्थ शरीर चिंता मुक्त भयमुक्त चिंतन मुक्त प्रसन्न चित्त चेहरा रहता है हमारे चेहरे पर आज तेज लिखता है तो इस प्रकार से आप ध्यान करें ध्यान का मतलब है अपने आप में खो जाना इस दृष्टि से कोई संबंध नहीं रखना बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो शांत माहौल तो मिल जाता है वह ध्यान करने बैठ जाते हैं परंतु उनका दिमाग रहता है कि मेरा चाय तो बना नहीं मेरे मोबाइल का इलाज भी बचा नहीं अभी तो मुझे ऑफिस जाना है कल रात में तो मैंने यह खाया था विभिन्न प्रकार के जो है चिंता तो ध्यान है कि अपने आप को भूल जाना इस दुनिया को भूल जाए और ना ही जो है भगवान को याद करना ध्यान का मतलब है कि आपको कुछ नहीं सोचना है बिल्कुल अपने आप में खो जाना है और धीरे-धीरे या अभ्यास होने से इस ब्रह्मांड की अलौकिक शक्तियों को प्राप्त करेंगे आपके चेहरे पर चिंता दुख बाय इत्यादि से मुक्त होकर आपके चेहरे पर प्रसन्नता एक तेज आभामंडल दिखाई देगी आपकी आपके अंदर अचेतन मन की शक्ति व्याप्त होगी आप कोई भी घटना होने के पूर्व यार एक अंदाजा लगा लेंगे धन्यवाद यदि मेरी बातें ध्यान के संबंध में यदि अच्छी लगे हैं तो प्लीज हमें लाइक और कमेंट करें धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Shahin fidai Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Career & Relationship Counselor
2:47
ज्ञान अंधेरे में करें या उजाले में करें अगर आप ध्यान सुबह 3:00 से 5:00 के बीच में करते हैं तो यह बहुत ही उचित समय होता है ध्यान करने का क्योंकि अगर आप देखोगे तो सारी सृष्टि जो है वह शांत वातावरण में होती है और हवा के अंदर एक्टिवा यू होते हैं ऐसे तत्व होते हैं जो आपकी इम्यूनिटी पावर को पोस्ट करते हैं और बिल्कुल पूरी तरह से हर एक जगह पर शांत होती है क्योंकि इस समय जो है वह सभी लोग गहरी नींद में सोते हैं पशु पक्षी इंसान से लेकर हर लिविंग ऑर्गेनिक में जो है वह 325 के बीच में बहुत ही ज्यादा शांत रहता है तो आपका ध्यान भी जो है वह आप अच्छे से लगा सकते हो लेकिन इसके लिए बहुत जरूरी है कि आप रात में थोड़ा सा जल्दी सो जाओ तो एग्जैक्ट एग्जैक्ट दूसरा अगर आप ध्यान उजाले में भी करती हो और आंख बंद करते हो तो अपने आप जो है वह आप अपने अंदर फोकस कर सकते हो तो आप ध्यान लगा सकते हो लेकिन दिन के मैं बहुत ज्यादा डिस्टर्ब इन चीज होती है कोई बेल की घंटी घर की बेल बजा देता है या तो फिर फोन की घंटियां बजने लगती है या फिर घर के अंदर जो फैमिली होती है लोग होते हैं वह बार-बार किसी काम से आपको आवाज लगाते हैं तो उजाले के वक्त जो है वह बहुत ज्यादा डिस्टर्ब इंस्टेंट होते हैं बहुत ज्यादा आप ध्यान एक सरीखा नहीं लगा पाते हो कंसंट्रेशन नहीं लगता है क्योंकि कभी भी अगर आप ध्यान लगाने बैठे हो तो कम से कम 10 मिनट आपकी बहुमत में चली जाती है कि थोड़ा सा आप भी ब्रीडिंग करीब 10 मिनट उसके बाद आप थोड़ा सा ध्यान लगाए और फिर जो है वह थोड़ा सा कौन सा इंजेक्शन लगता है और जब भी आपका कॉन्फ़िगरेशन लगता है तो उजाले में 40 दिन के बाद कि कहीं ना कहीं से कोई डिस्टरबेंस हो लेकिन तीन से पांच के समय बिल्कुल नहीं होगा आप अच्छे से ध्यान भी लगा पाओगे और आपको उस वक्त ध्यान करने में भी मजा आएगा मेरा यूट्यूब चैनल है जो शहीदों के नाम से है और मैंने उसके अंदर काफी सारे मेडिटेशन ध्यान लगाने के तरीके ध्यान किस तरह से आप लगाओ किस तरह से आप ऐसे मैसेज करो और आंख बंद करके आप उन चीजों में सकारात्मक सोच ला सकते हो उसके बारे में मेरा यह चैनल है जो आपको हेल्प करेगा वहां पर मैंने हिंदी में काफी सारे वीडियोस जो अभी अपलोड किए हैं मेडिटेशन की सनलाइट मेडिटेशन है लूट मेडिटेशन है तो आपको तरीके देख सकते हैं और उसी तरह से आप प्रैक्टिस कर सकते हैं जिससे कि आप अपने जीवन को और अपने चित्र को शांत रख सकूं और हर पल हर वक्त आप अपना जीवन सुख शांति और समृद्धि के साथ व्यतीत करो धन्यवाद प्रश्न पूछने के लिए आपका जीवन शुभ हो

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
मोहित कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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बिजनेस
0:23
दोस्तों सवाल है ध्यान अंधेरे में करें या उजाले में तो दोस्तों आपको बता दें कि ध्यान जो है उजाले में अंधेरे में कहीं भी कर सकता है क्योंकि आपका मन साफ होना चाहिए और सच्चे मन से ध्यान करना चाहिए इसमें अंधेरे और उजाले का कोई भी फर्क नहीं पड़ता है धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:12
देसी किचन अंधेरे में करना चाहिए और चारों में से ध्यान रखो सुबह के साथ ब्रह्म मुहूर्त में करना चाहिए यह बहुत अच्छा समय रहता है मैं आपके ध्यान करने से आपका दिन अच्छा व्यतीत होगा

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
NeelamAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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I am housewife
1:22
दवा ले ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले में देखिए ध्यान करना केवल आंखें बंद कर लेने का नाम नहीं है एक बड़ी साधना का नाम मन को किसी बिंदु व्यक्ति या किसी वस्तु पर एकाग्र करना और उसी में लीन हो जाना ध्यान है ईश्वर की उपासना का सर्वोच्च तरीका ध्यान ही माना जाता है वही पूजा उपासना के प्रयोग के बाद जिस पद्धति से ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है वह ध्यान नहीं हो सकता है केवल आंखें बंद करना ध्यान नहीं है चक्रों पर ऊर्जा को संतुलित करना भी आवश्यक होता है ध्यान एक प्रक्रिया है जो कई चरणों के बाद पूरी हो पाती है इनके चरणों में पहले चक्रों को ठीक किया जाता है ध्यान की सिद्धि के बाद अनंत सत्ता का अनुभव कर पाता है अंधेरे और उजाले की तो ध्यान में बिना शर्त खुशी और मन की शांति की शक्ति होती है ध्यान करने के लिए सबसे शुभ समय 4:00 बजे सुबह 8:04 बजे शाम को भी किया जा सकता है इसके अलावा जहान आप किसी समय भी कर सकते हैं धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:19
स्वागत है आपका आपका प्रश्न है ध्यान मेरे में करना चाहिए उजाले में तो फ्रेंडशिप से कोई फर्क नहीं पड़ता आप ज्ञानोदय ले में कर रहे हो जिले में कर रहे हैं बस आपको मन लगाकर अपना जोगी मेडिटेशन ध्यान योगा कर रहे हैं करें और अंधेरे उजाले से कोई फर्क नहीं पड़ता है धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Raghvendra जी का जवाब
Unknown
3:00
हेलो फ्रेंड नमस्कार जैसा की आप का प्रेस है ध्यान अंधेरी में करना चाहिए उजाले में ध्यान जो है वह उजाले में करना चाहिए और सबसे बेस्ट जो इसका रहता है वह आपके आसपास उसका बीमार मिनट होता है आपके आसपास जो भी वातावरण है वह शांत होनी चाहिए किसी प्रकार का जो है वहां के कौतूहल नहीं होना चाहिए शोरगुल नहीं होना चाहिए यह नहीं होना चाहिए कि हम ध्यान करने बैठे हैं और पास में ही हमारे साउंड बजने लगा हो या फिर किसी बच्चे की रोने की आवाज है या फिर बहुत ज्यादा शोर गुल हो ट्रैफिक ना हो तो ध्यान उस जगह करना चाहिए जहां पर किसी भी प्रकार की औरत ना हो दिगि्प्रिंट जब किसी भी प्रकार का औरत होगा तो हमारा ध्यान जो है भटक जाएगा तो फिर आप अंधेरी में करें या फिर उजाले में करें उसका कोई मत मैटर नहीं होता फ्रेंड जब आपका जान उस जान की लगी नहीं पाएगा तो आपका ध्यान करने का कोई मतलब नहीं रह जाता रही बात सेंड अंधेरे की तो अंधेरी में अगर आप करेंगे तो आपको ध्यान कम फ्रेंड एक प्रकार से घबराहट या फिर नींद की शिकायत जो है आ सकती है क्योंकि जब आप उजाले में रहते हैं 23 सकारात्मक उर्जा आप को झेल लेती है जिससे आप जो है अच्छी तरीके से ध्यान कर लेते हैं दिखे फ्रेंड जो अंधेरा होता है वह गतिविधि का उपाय एग्जांपल होता है अंधेरे को जो है नकारात्मक शक्ति मानी गई है वहीं उजाली को जो है सकारात्मक सकती मानी गई है हमारे यहां फ्रेंड कहा जाता है कि अंधेरा कितना भी खाना हो फ्रेंड लेकिन वह उजाले को रोक नहीं सकता है यह एक मोटिवेशन छोटे कि अंधेरे को जो है हम नकारात्मक शक्ति कहते हैं और देखते हैं कि अंधेरा कितना भी गाना हो फ्रेंड वह एक प्रकार से बुराई है अंधेरा मतलब एक प्रकार से बुराई और जब हम किसी लोगों को किसी प्रकाशित चीज को किसी अंधेरे में चला देते हैं तो वह सारा अंधेरा जो है एक प्रकाश उसको मिटा देता है तो उजाले को जो है हम पॉजिटिविटी का जो है जो तक देते हैं सकारात्मक शक्ति का उदाहरण जो दिया गया है वह अंधेरी को नहीं बल्कि उजाले को दिया गया है तो जब आप उजाले में जो है ध्यान करेंगे तो आपको अच्छी बातें और अच्छी माहौल और एक सकारात्मक ऊर्जा का साथ मिलेगा जिससे आपका ध्यान जो है बहुत ही अच्छी तरीके से कर पाएंगे तो आसान सेंड कि आप सभी को या जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
Gajanand Genan  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Gajanand जी का जवाब
Unknown
0:59
प्रश्न पूछा गया है कि ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या गुजराती में तो इसका आंसर है देखो ध्यान के लिए उजाला अंधेरा मैं तो नहीं रखता है क्योंकि जब भी आप ध्यान करते हो भगवान का तो उस समय आपकी आंखें बंद होनी चाहिए और आपके विचार केवल उस पर रहना चाहिए जिसका आप ध्यान कर रहे हो जिसे भगवान का ध्यान कर रहे हो आप तो केवल और केवल भगवान के ऊपर ही ध्यान रखना चाहिए और बातों में मन को भटकने चाहिए और ध्यान एकाग्र कैसे करना चाहिए उजाले में भी कर सकते हैं और अंधेरे में भी कर सकते आप आंखें बंद करके पांच 10 मिनट ध्यान कर सकते हैं

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
MD NIZAM  ABBASI Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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NIPFS stroller
2:07
अजय सिंह का एल्बम से मुखालफत मोटिवेशनल स्पीकर तो आप का सवाल है ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उछाले मैच में सबसे 2 दिन में गाना चाहिए ना उजाले में समझते हैं कि वातावरण में कोई गार्डन हो क्या कोई जंगल का इलाका हो जावे तू यही चाहती हूं हवा करती हो और पानी की तरह हवा देंगी हो और खूब शांति हो सुहागन करने में तो मजा आता है अब ध्यान भी करते हो और आपको जिंदगी का नेचर प्रकृति का नेचर यह सब चीजें देखने में बहुत मजा आता है क्योंकि बहुत ही ब्यूटीफुल मोमेंट रहता है और क्योंकि मैं खुद हूं वही करता हूं कि मैं खुद को ही फॉलो करता हूं अगर आप ध्यान नेशनल के साथ करते फर्नीचर आपसे बहुत ज्यादा मैंने आज फुल हो जाता है इसके लिए आपको बहुत ही खुश मिजाज कैसे फूल और प्रिया और उसमें जो खेलते हैं पौधे हम खेलते हैं हवा चलती है वह जगह जाएगी सिखाऊंगा मैं उठता है कि खुशमिजाज वातावरण शुद्ध होता है सब कुछ होता है यह चीज है आपको शहर में नहीं मिलेंगे और कितना ब्यूटीफुल मोमेंट भी होता है वह और दूसरी बात कि आपको दूसरी जिंदगी आपको जिंदगी बहुत प्यारी लगती बहुत दिन पुर मुंह मेंट में टिकट निकल अब इन हाइपरटेंशन लाइफ छोड़कर आप अपने क्यों लेकर आते हो अगर आप जिस से भी पूछोगे ध्यान न तेरे में करना चाहिए उजाले में गणेश उत्सव अलग-अलग बताएंगे क्योंकि जितने मुंह उतनी बातें होती हैं चलिए तब से चलो जी के और आप कर सकते हो नेहा तिवारी सर आपको सवाल अच्छा लगे तो लाइक करें कमेंट करें शेयर करें सब्सक्राइब

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ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले मे?Dhyan Andhere Mein Karna Chahiye Ya Ujaale Me
ABHAI PRATAP SINGH Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ABHAI जी का जवाब
teacher
1:29
आपका प्रश्न है ध्यान अंधेरे में करना चाहिए या उजाले में देखिए ध्यान अंधेरिया उजाले में करने से कोई बहुत फर्क नहीं होता है ध्यान करते समय सिर्फ इस बात का ध्यान देना चाहिए कि आप ऐसे स्थान पर ध्यान करें जहां कोलाहल बिल्कुल ना हो ना ही एक दूसरे का आना जाना हो वहां का वातावरण शांत हूं ताकि आपकी एकाग्रता भंग ना हो अगर कमरे की रोशनी कुछ मध्यम हो तो बेहतर है क्योंकि अत्यधिक उजाले में ध्यान भंग होता है पूरी तरह अंधेरा करना भी बहुत अच्छी बात नहीं है क्योंकि पूरी तरह अंधेरा अच्छा नहीं माना जाता है और निशा अक्षरी वृद्धि का जो है परिचायक है तो लेकिन रोशनी मध्यम होनी चाहिए तो ध्यान के लिए बेहतर होता है वैसे किसी भी माहौल में ध्यान कर सकते हैं यदि आपका अपनी इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण है धन्यवाद

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