#भारत की राजनीति

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?

Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
मनीष कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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किसान
0:38
हां जी सर नमस्कार मैं मनीष कुमार हाजिर हो इतने प्रश्न के उत्तर के साथ आपने पूछा है क्या हमारे आस-पास खुशियों का पिटारा होता है तो सर हमारे परिवार से बड़ी कोई खुशी नहीं होती मैं तो सबसे बड़ा परिवार है परिवार को मानता हूं वही हमारे आसपास की खुशियों का पिटारा है जहां परिवार एक साथ हैं एक साथ रहते हैं मैं उसी को खुशियों का पिटारा मानता हूं और कुछ मानता ही नहीं अपनी खुशियों का पिटारा हमारा परिवार हम एक साथ मिलजुल कर साथ रहते हैं वही हमारा एक परिवार है वही खुशियों का पिटारा है कि हमारा संयुक्त परिवार ही हमारा खुशियों का पिटारा है

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Vaishnavi Pandey Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Student / Artist
4:24
नमस्कार मेरा नाम है वैष्णवी और आप मुझे सुन रहे हैं भारत के नंबर एक सवाल और जवाब करने वाले आप बोलकर पर सवाल किया है कि क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है देखिए बिल्कुल हमारे आसपास ही खुशियों का पिटारा होता है बस वह गुम होता है मतलब छुपा हुआ होता है आपको उसे ढूंढना पड़ता है मौजूद वह आपके आसपास ही होता है देखिए हमें से सभी लोग अपने जीवन में खुशियां चाहती तो है पर बहुत ही कम लोगों को यह पता होता है कि जीवन में खुश कैसे रहा जाता है लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि अगर हमारे पास तो सब कुछ है जिसे हम चाहते हैं तभी हम खुश रह पाएंगे या हमारे जीवन में जो भी समस्या है अगर वह मौत हो जाती है तभी खुश है पाएंगे खुश रहने की यह धारणा जो है यह बिल्कुल गलत है क्योंकि हमारे जीवन में कई चीजें ऐसी घटित होती हैं जिन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता है तू सबसे ज्यादा जरूरी जो बात है वह यह है कि हमें अपनी खुशियों को व्यक्तियों की जो घटनाओं पर निर्भर बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए हमें हर प्रकार की परिस्थिति में खुश कैसे रहा जाए यह सोचना पड़ेगा अब क्या करना पड़ेगा देख कर आपको गुस्सा बहुत आता है तो उस गुस्से को थोड़ा बाहर निकालने की कोशिश करिए मेरे कहने का तात्पर्य है कि अगर आपको गुस्सा आ रहा है तो कई बार क्या होता है कि हम गुस्से में कुछ भी बोल देते हैं तो सामने वाले इंसान जो है वह बुरा मान जाता है तो ऐसे में कई लोग क्या करते हैं उनको गुस्सा आता है वह किसी से कुछ नहीं कहते हैं अंदर ही अंदर अंदर ही अंदर घुटने रहते हैं जिस वक्त गुस्सा आए उस वक्त शांत हो जाए किसी से कुछ कहीं मत पर जब गुस्सा में जो है वह थोड़ा शांत होता है तब अपने दिल की बात दो रुको प्यार से जरूर बताएं और खुशी मिलती है जैसे अगर आपको गाने सुनने से खुशी मिलती है ना तो प्लीज एक दिन में गाने 3 साल लाने जरूर सुनना करें मुझे किताबें पढ़ने में खुशी मिलती है तो मैं कोशिश करती हूं कि जरूर में चार पांच पन्ने 1 दिन में जरूर पढ़ो मैं दिल चाहे जितना भी थका हारा बुरा कैसा भी गुस्सा हो जरूर 5 पन्ने में अपने 1 दिन में पढ़ती हूं और दिल खोलकर हंसती है खुश रहने का सबसे अच्छा तरीका है यह हर बात पर हंसी है पैसे नहीं लगते हैं हंसने के और आपके जीवन में अगर नकारात्मक लोग हैं तो उन से थोड़ा दूर रहने की कोशिश करें कोशिश करें कि ऐसे व्यक्तियों के साथ रहे जो पॉजिटिव सोचते हम समस्याओं को जीवन में समस्याओं की तरह नहीं चुनौतियों की तरह स्वीकार करें और कभी भी अपनी तुलना किसी दूसरे व्यक्ति से ना करें अभी भी किसी की तरह बनना मत सोचे आपका खुद का एक अलग व्यक्तित्व है आप अपना खुद का ही अलग पर सोना बनाए ताकि लोग आपकी तरह बनना चाहे ना कि आप लोगों की तरह बनना चाहे अपनी तुलना किसी से भी मत करें आप बेहद खास है बिल्कुल यूनिटी है जो भगवान ने बनाया है तो प्लीज अपनी तुलना कभी किसी से ना करें और खुद पर जो है वह भरोसा रखें और खुश रहने का तरीका है वह यह है कि हम हमेशा लोगों के बारे में तो सोचते हैं फिर कभी खुद के बारे में नहीं सोचते तो कोशिश करी कि आप अपने बारे में भी सोचे और अपनी खुशियों को कभी अंदाज मत करें जो करना चाहते हैं बस कर डाले मुझे उम्मीद है आपका आपके प्रश्न का जवाब मिल गया होगा खुश रहिए आवाज रहे धन्यवाद

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:22
हल्दीराम तो आज आप का सवाल है कि क्या हमारे आस-पास नीतियों का पिटारा होता है तो देखिए और जिंदगी मारे खुशी मतलब होता है तभी उसे जिंदगी की जाती है कभी भी एक समान एक चीज है क्यों मेरे साथ ऐसा नहीं होता क्या होता है कि हम तो करेंगे काम क्यों नहीं किए कितना अच्छा भी लग रहा है मुझे हमने यह क्यों नहीं क्यों नहीं खाई देखो कितना अच्छा हम कभी इतने दिन से रह रहे थे पर नहीं हूं मैं क्योंकि यह देखो आज आज पता चल ही जाएगा कितना अच्छा खुशियों को भी हमारी जिंदगी में खुशियां हम भी सोचते कि नहीं हमें खुशी नहीं मिलेंगे हम खुश नहीं होते या नहीं होने की कोशिश भी करते हैं आपने देखा होगा कभी आप ऐसे छोटे-मोटे काम करके खुश हो जाते हो कभी आपने एक फैक्ट्री नहीं किया होता तो हमारी जिंदगी में बहुत सारी खुशियां हम दादा शहडोल अंधे को भी बात को लेकर ज्यादा पानी खो जाते हैं टेंशन ले लेते हैं जिसकी वजह से वह खुशियों को हम लोग ढूंढ ही नहीं पाते मातरम पहुंच ही नहीं पाते पहुंच भी पाते तो ट्राई करने से डरते क्योंकि हर एक चीज करने से पहले बहुत ज्यादा दर्द है जिससे छोटी मोटी खुशियों को छोटे-मोटे मोमेंट को भी हम बस कर देते संदली नहीं करना चाहिए
Haldeeraam to aaj aap ka savaal hai ki kya hamaare aas-paas neetiyon ka pitaara hota hai to dekhie aur jindagee maare khushee matalab hota hai tabhee use jindagee kee jaatee hai kabhee bhee ek samaan ek cheej hai kyon mere saath aisa nahin hota kya hota hai ki ham to karenge kaam kyon nahin kie kitana achchha bhee lag raha hai mujhe hamane yah kyon nahin kyon nahin khaee dekho kitana achchha ham kabhee itane din se rah rahe the par nahin hoon main kyonki yah dekho aaj aaj pata chal hee jaega kitana achchha khushiyon ko bhee hamaaree jindagee mein khushiyaan ham bhee sochate ki nahin hamen khushee nahin milenge ham khush nahin hote ya nahin hone kee koshish bhee karate hain aapane dekha hoga kabhee aap aise chhote-mote kaam karake khush ho jaate ho kabhee aapane ek phaiktree nahin kiya hota to hamaaree jindagee mein bahut saaree khushiyaan ham daada shahadol andhe ko bhee baat ko lekar jyaada paanee kho jaate hain tenshan le lete hain jisakee vajah se vah khushiyon ko ham log dhoondh hee nahin paate maataram pahunch hee nahin paate pahunch bhee paate to traee karane se darate kyonki har ek cheej karane se pahale bahut jyaada dard hai jisase chhotee motee khushiyon ko chhote-mote moment ko bhee ham bas kar dete sandalee nahin karana chaahie

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Shivangi Dixit.  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Unknown
0:34
फैशन है क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा हूं दर्द देकर बिल्कुल आपके आसपास ही घुस चुका पिटारा होता है यदि कोई चीज हो रही है अगर आपने उसको अच्छे से मेरे लिए खुशी उसमे आपको खुशी हो रही है सुबह के लिए खुशी-खुशी अपने उसको ऐसे लेने जाएगी उसमें ले लिया या फिर ऐसा किस से मेरा नुकसान है तो वह आपकी सब दुखी जी का खुशियों के पिटारे हैं अगर आपको खुशी मिलती है तो आप उसको खूब आराम से नीचे गणेश को मनाइए कि आपके पास खुशी आई है उसको जेलस में और इन सब चीजों में बर्बाद मत करिए धन्यवाद

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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I am nurse
2:52
नमस्कार दोस्तों गुड मॉर्निंग के काल में नीलम मिश्रा और आप मुझे सुन रहे हैं भारत के नंबर वन सवाल जवाब है बोल कर एक परसेंट कहा है कि हमारे पास ही होता है हमारे मन में होता है हमारे घर में होता है बट हम उसे ढूंढ नहीं पाते हैं हम उसे जान नहीं पाए तो आज का सवाल भी उसी से पूछ लेते थे क्या हमारे पास आसपास ही खुशियों का पिटारा होता है तो यह बिल्कुल हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है बट हमें उसे ढूंढना ही हमारा व्हाट्सएप उसे हमें ढूंढना है क्योंकि खुशियां कहीं और कहीं अलग देश में नहीं बसती है उसके लिए कहीं अलग गांव समाज नहीं होता है हमारे आस-पास ही होता है हमारे घर में हमारे लोगों के साथियों की खुशियां है कि हमें पॉजिटिव माइंड से हर चीज में अपने आप को खुश रखने की कोशिश करनी है और पॉजिटिव थिंकिंग के साथ अगर आप तो उठेंगे तो आप क्लास पार्टी हजार तमाम तरह के खुश आप खुश रहना चाहते हो तो आपको तमाम तरह की खुशियां मिल जाएंगी और अगर आप नेगेटिव माइंड के साथ आप कह रहे हो तो आपको हर खुशियां खुशियां में अकेलापन होता तो खुशियों का रिलेटेड या किसी भी खुशी का संबंध हमारे में दिमाग से सीखो जो भी बताते हैं जो भी हमारा दिमाग समझता है उसी के अनुसार हुआ हमारी बॉडी को बताता है कि हम खुशी-खुशी है याद उसे तो कहीं ना कहीं अपने मन को फ्रेश रखने के लिए अपने मन को शांत रखने के लिए हमें कुछ बात करना चाहिए और जिससे हमारा मन तो है पर हमारा दिमाग जो अच्छी चीजों को ढूंढ सके बहुत परेशान होते हैं छोटे बच्चों से देखते हैं तो उनसे बहुत खुशी का नंदन बताएं हम भी अपने बचपन में चले जाते हैं बहुत खुशी होता हूं तो खेलते हो तो लापरवाह होकर खेलते हुए देखते हुए समय ऐसा लगता है जैसे कि मतलब सारी खुशी मिल गई हो तो ऐसा हरियाणवी मस्त है और हमें चाहिए कि अपने रोजमर्रा की थैली में भागदौड़ भरी जिंदगी तो जरूर मिलेगा तो यह सही बात है कि हमारी तरफ से होती है और हम उसे उठना नहीं पाते हैं हम उसको भूल कर दूसरी तमाम चीजों में ढूंढना दुनिया की तमाम चकाचौंध में खो जाते हैं और तुम दूसरी जगह से टूट गई लेकिन सारी खुशी हमारे आसपास हमारे परिवार हमारे पड़ोसियों के और हमारे आसपास के वातावरण है उसमें होती है और उसने कोशिश किया जाए तो हमें बहुत सारी खुशियां प्रदान करती है और ऐसी जानकारी के साथ हमने हमने आपसे उम्मीद करते हैं कि एक लाइक और कमेंट करोगे मुझे बताओगे कि मैंने सुना कैसा लगा आपको धन्यवाद
Namaskaar doston gud morning ke kaal mein neelam mishra aur aap mujhe sun rahe hain bhaarat ke nambar van savaal javaab hai bol kar ek parasent kaha hai ki hamaare paas hee hota hai hamaare man mein hota hai hamaare ghar mein hota hai bat ham use dhoondh nahin paate hain ham use jaan nahin pae to aaj ka savaal bhee usee se poochh lete the kya hamaare paas aasapaas hee khushiyon ka pitaara hota hai to yah bilkul hamaare aas-paas hee khushiyon ka pitaara hota hai bat hamen use dhoondhana hee hamaara vhaatsep use hamen dhoondhana hai kyonki khushiyaan kaheen aur kaheen alag desh mein nahin basatee hai usake lie kaheen alag gaanv samaaj nahin hota hai hamaare aas-paas hee hota hai hamaare ghar mein hamaare logon ke saathiyon kee khushiyaan hai ki hamen pojitiv maind se har cheej mein apane aap ko khush rakhane kee koshish karanee hai aur pojitiv thinking ke saath agar aap to uthenge to aap klaas paartee hajaar tamaam tarah ke khush aap khush rahana chaahate ho to aapako tamaam tarah kee khushiyaan mil jaengee aur agar aap negetiv maind ke saath aap kah rahe ho to aapako har khushiyaan khushiyaan mein akelaapan hota to khushiyon ka rileted ya kisee bhee khushee ka sambandh hamaare mein dimaag se seekho jo bhee bataate hain jo bhee hamaara dimaag samajhata hai usee ke anusaar hua hamaaree bodee ko bataata hai ki ham khushee-khushee hai yaad use to kaheen na kaheen apane man ko phresh rakhane ke lie apane man ko shaant rakhane ke lie hamen kuchh baat karana chaahie aur jisase hamaara man to hai par hamaara dimaag jo achchhee cheejon ko dhoondh sake bahut pareshaan hote hain chhote bachchon se dekhate hain to unase bahut khushee ka nandan bataen ham bhee apane bachapan mein chale jaate hain bahut khushee hota hoon to khelate ho to laaparavaah hokar khelate hue dekhate hue samay aisa lagata hai jaise ki matalab saaree khushee mil gaee ho to aisa hariyaanavee mast hai aur hamen chaahie ki apane rojamarra kee thailee mein bhaagadaud bharee jindagee to jaroor milega to yah sahee baat hai ki hamaaree taraph se hotee hai aur ham use uthana nahin paate hain ham usako bhool kar doosaree tamaam cheejon mein dhoondhana duniya kee tamaam chakaachaundh mein kho jaate hain aur tum doosaree jagah se toot gaee lekin saaree khushee hamaare aasapaas hamaare parivaar hamaare padosiyon ke aur hamaare aasapaas ke vaataavaran hai usamen hotee hai aur usane koshish kiya jae to hamen bahut saaree khushiyaan pradaan karatee hai aur aisee jaanakaaree ke saath hamane hamane aapase ummeed karate hain ki ek laik aur kament karoge mujhe bataoge ki mainne suna kaisa laga aapako dhanyavaad

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
6:19
श्री समझते हैं आपके सवाल को आप बोलते हैं क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा है अबे खुशियों का पिटारा और वह भी हमारे आसपास मतलब क्या हमारे शरीर से बाहर मेरे घर में मेरे ऑफिस में मेरे इधर उधर पिटारा मतलब क्या एक टाइम टेबल थी कोई चीज जो सुख में नहीं है जो दिख रही है जिसको आप छोड़ सकते हैं महसूस कर सकते हैं तो आप बोलते हैं कि क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा है जी अगर वह पिटारा नहीं है तो क्या आपको विटारा दिखता है सोच कर देखिए आपके आसपास क्या दिखता है आपको देखे नहीं क्या देखेंगे चीजें एक से दिखेगा फ्रेश देखेगा टीवी देखेगा मोबाइल देखेगा आपका वेट दिखेगा लैपटॉप दिखाइए खाने की चीज में दिखेंगी घर देखेगा होता है तो क्या आप इतने खुश हैं शायद नहीं अधिकांश लोग नहीं होते हैं तो फिर खुशी का पिटारा कहां है आपके घर के किसी कोने में दराज में कबड्डी में ऊपर अलमारी में कहीं पर कोई खुशी का पिटारा होता है क्या ऐसा कुछ भी नहीं होता है तो होता क्या है भाई बड़ी सिंपल सी बात है यह जो खुशी है यह अवस्था है आप खुशी महसूस करते हैं आप खुशी ग्रह नहीं करते आप खुशी को खाते नहीं है पीते नहीं है खुशी को महसूस करते हैं यह एहसास है सोच कर देखिए अभी आता है देखें अगर कोई बच्चा आइसक्रीम खाता है उसे आइसक्रीम पसंद है चॉकलेट पसंद है तो जब तक वो खारा होता है उसको अच्छा लगता है आइसक्रीम जब तक उस को मिलता नहीं है तब तक वह बेचैन रहता है जब आइसक्रीम मिल जाता है और तो वह खुश होता है जब था का होता है तो और कुछ होता है और जैसे-जैसे वह खत्म हो जाती है उसके बाद वह धीरे-धीरे उसकी खुशी नीचे आने लगती है और एक-दो घंटे बाद या अगले दिन वह भूल जाता है अब वह 2 स्क्वायर मैंने वहीं पर है जहां पर पिछले दिन था जब उसको I3 में चॉकलेट नहीं मिला था तो क्या आइसक्रीम और चॉकलेट उसको खुशी देता है क्या यह वह चीज है जो आप ग्रहण करेंगे तो आप खुश हो जाएंगे जी नहीं क्योंकि जब आप यह खा रहे होते हैं आपको अच्छा लगता है आपको अच्छा लगता है तो वह जो इंसान से वो आपको अच्छा लगता है और उस एहसास से आप खुश होते हैं लेकिन अगर मान लीजिए आपके पास ऐसा कुछ भी नहीं है मतलब फिलहाल अभी आप अपने घर में हैं और ऐसा कोई भी चीज नहीं है माध्यम नहीं है जो आप कह रहे हैं और आपको इन हो खुशी दे तो क्या आप दुखी हो जाएंगे भाई आप आराम से इसी वाले का अरे में टीवी देख रहे हैं जो भी कुछ करें अपने घर में आराम से कोई दिक्कत परेशानी नहीं है ना मानसिक दिक्कत ना शारीरिक दिक्कत तो क्या आप एक संतोष पूर्वक अवस्था में नहीं है क्या आप खुश नहीं मैं खुशी नहीं महसूस कर सकते अगर खुश या खुशी नहीं महसूस करते कोई बात नहीं लेकिन कम से कम आपको दुख तो नहीं होना चाहिए यह तो वह बहुत कंफर्टेबल संतोषजनक अवस्था है और हमें हमेशा इस अवस्था में ही रहने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि जिससे हम बोलते हैं कि यह हमें खुशी देता है वह हमें खुशी देता है वास्तव में आप खुश ही ढूंढते हैं किसी वस्तु के प्राप्त होने पर या फिर किसी इंसान के साथ का आप इन्हीं दोनों को ब्रॉडली स्पीकिंग देखते हैं कि मुझे सुख देते हैं मगर कोई वस्तु है तो क्या खाने की चीज पहनने की चीज देखने की चीज लेने की चीज यह सारी चीजें वस्तु हो गई बस तुम्हें आप अपना प्रमोशन यह वह सब कुछ वस्तु जोड़ लीजिए घर मकान गाड़ी वाली साहब बस तू मेरे को इनसे शादी करनी है मैं इनके साथ जन्म घूमना फिरना चाहता हूं इन लोगों के साथ में रहना चाहता हूं इनके साथ में कहां पर झूठ महसूस करना चाहता हूं यह ग्यादरिंग में पार्टी पार्टी में जाना चाहता हूं क्योंकि यहां पर यह आएगा यह सारे कैटेगरी सो गए बस तू आ जाएंगे कि कुछ न कुछ मुझे मिलता रहे आता रहे तो ही मैं खुशी महसूस करूंगा तुझे ऐसा तो होता नहीं है हमेशा ऐसे थोड़ी ना होगा तो हमें हमें जो खुशी प्रदान देती है वह हमारी अवस्था होती है और यह अवस्था हम से बाहर नहीं है यह हमारी सोच है यह हमारी मेंटल अवस्था है यह हमारा नजरिया है जो हमें संतोष पूर्वक होने का रहने का एहसास दिलाता है या खुशी के महसूस होने का एहसास कराता है अंतर्दृष्टि से देखते हैं दुनिया को संसार को रखने आपको उसी तरीके से हमें उसी के जैसा रिजल्ट हमें में दया घर में यह देखो और सोचो कि सब बेकार है मेरे साथ कुछ अच्छा नहीं हो रहा वगैरह वगैरह तो क्या मैं एक संतोष पूर्वक अवस्था में या खुशी का अनुभव कर सकता हूं नहीं ना आप जैसा सोचते हैं जैसे विचार आते हैं वैसे तो आपकी भावनाएं होती हैं लेकिन इसी तरह अगर आप अभी 4 को चेंज कर देंगे तो भावनाएं भी चेंज हो जाएगी और इसी चेंज आया अच्छी वाली भावना भावनाओं के कारण आप खुशी महसूस करते हैं तो बेसिकली कहने का मतलब यही है कि खुश रहना यह संतोष पूर्वक अवस्था में रहना इसे कहते हैं तांबा में रहने ना खुशी होने पर बहुत ज्यादा खुश हो जाना ना दुख में बहुत ज्यादा दुखी हो जाना चलाई करना कि हम जितना भी सेंटर लाइन सांभा पर रहने का प्रयास करें उतना हमारे लिए बेहतर है तो यह जो खुशी है यह और कुछ यह आप का एहसास है और यह सादात है आपकी सोच से आपके नजरिए से किस तरीके से आप चीजों को देखते हैं परिस्थिति को देखते हैं अपने आप को देखते हैं और किस निष्कर्ष पर पहुंच गए क्या एहसास या क्या ख्याल आते हैं जिसे एहसास करते हैं यह खुशी होती हैं

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
3:11
क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है हां यह बात बिल्कुल सही है अगरतला से तो आपको आसपास खुशियों का भंडार मिलेगा ऊपर नीचे आगे पीछे अगल-बगल चारों तरफ खुशियों से परिपूर्ण है लेकिन इंसान की जो मनु प्रवृत्ति और जो प्रवृतियां है वह सीमित है वह सिर्फ अपने तक सीमित है उसे अपनी खुशी अपनी जिंदगी का आनंद जी सबसे अच्छा लगता है इसलिए उसे खुशियां नजर नहीं लगती अन्यथा जिधर भी निगाह उठा कर देखो उधर ही खुशियां ही खुशियां मिलेंगी खुशी ढूंढने से नहीं मिलती खुशी तलाशने से नहीं मिलती खुशी खरीदने से नहीं मिलती कुछ इंसान के जीवन का एक अभिन्न अंग है जो अदृश्य उसको देखने के लिए मन की आंखें चाहिए यह आंखें नहीं जिससे हम दुनिया की बुराई देते हैं कमियां देखते हैं दुनिया के अंदर हम सिर्फ बुराइयों के भंडार चित्र अपने अंदर सब कुछ देखें तो शायद हमारे चारों तरफ खुशी खुशी है इसके लिए मैं एक बात कहना चाहूंगा बुरा जो देखन में चला बुरा न मिलिया कोई बुरा जो देखन में चला बुरा न मिलिया कोय जो दिल खोजा आपना मुझसे बुरा ना कोई दूसरों में बुराई खुश हूं तो खुशी कहां मिलेगी अपनी में मेरे को बुराई मिलती है तो मुझे खुशी होती है कि मेरे अंदर यह बुराई और मैं आज तक उसको अपने साथ भांजे रखें आज अभी और इसी वक्त नो सप्लाई को चार्ट तैयार उम्र चांदनी से खुशियां मिलनी शुरू हो जाती है जिस प्रकार हिरण की नाभि में कस्टडी होती लेकिन वो वन बनने से खोजता फिरता है जबकि की खुशबू उसकी अपने पास होती है इसी तरह खुशियां और जिंदगी का आनंद इंसान के आस पास होता है
Kya hamaare aas-paas hee khushiyon ka pitaara hota hai haan yah baat bilkul sahee hai agaratala se to aapako aasapaas khushiyon ka bhandaar milega oopar neeche aage peechhe agal-bagal chaaron taraph khushiyon se paripoorn hai lekin insaan kee jo manu pravrtti aur jo pravrtiyaan hai vah seemit hai vah sirph apane tak seemit hai use apanee khushee apanee jindagee ka aanand jee sabase achchha lagata hai isalie use khushiyaan najar nahin lagatee anyatha jidhar bhee nigaah utha kar dekho udhar hee khushiyaan hee khushiyaan milengee khushee dhoondhane se nahin milatee khushee talaashane se nahin milatee khushee khareedane se nahin milatee kuchh insaan ke jeevan ka ek abhinn ang hai jo adrshy usako dekhane ke lie man kee aankhen chaahie yah aankhen nahin jisase ham duniya kee buraee dete hain kamiyaan dekhate hain duniya ke andar ham sirph buraiyon ke bhandaar chitr apane andar sab kuchh dekhen to shaayad hamaare chaaron taraph khushee khushee hai isake lie main ek baat kahana chaahoonga bura jo dekhan mein chala bura na miliya koee bura jo dekhan mein chala bura na miliya koy jo dil khoja aapana mujhase bura na koee doosaron mein buraee khush hoon to khushee kahaan milegee apanee mein mere ko buraee milatee hai to mujhe khushee hotee hai ki mere andar yah buraee aur main aaj tak usako apane saath bhaanje rakhen aaj abhee aur isee vakt no saplaee ko chaart taiyaar umr chaandanee se khushiyaan milanee shuroo ho jaatee hai jis prakaar hiran kee naabhi mein kastadee hotee lekin vo van banane se khojata phirata hai jabaki kee khushaboo usakee apane paas hotee hai isee tarah khushiyaan aur jindagee ka aanand insaan ke aas paas hota hai

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Sanjay Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Sanjay जी का जवाब
Unknown
0:22
क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है कि हां बिल्कुल शिव का पिटारा हमारे आसपास ही होता है जो हम होते हैं हमारे अंदर सबसे ज्यादा खुशी होती है किसी तरह की जो प्रमाण सुख है उसमें हम अपने आप को ही समझ कर सकते हैं खुद से खुद से अगर आप हैं तो आप दुनिया में सबसे ज्यादा खुश हैं आपको अपने आप से खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए धन्यवाद

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Urvashi Kumari  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Urvashi जी का जवाब
Unknown
0:11

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Manish Kumar  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Manish जी का जवाब
Defence
4:56
नमस्कार मैं हूं आपका मनीष पर है बोलकर एप्लीकेशन आज का प्रश्न क्या है कुछ महत्वपूर्ण मूल मंत्र को हम याद रखें तो हम हमेशा खुशियां ही पाएंगे तो चलिए हम जानते हैं कि वह कौन-कौन से जो है मूल मंत्र है जो हमारे जीवन में खुशियों प्रदान करता है इच्छा को कंट्रोल करें इच्छा जो है अनंत है इन इच्छाओं का रोकना बहुत मुश्किल होता है आज हमारे पास यह होना चाहिए वह होना चाहिए मांगे मोबाइल मांगे आभूषण मांगे कपड़े मांगे गाड़ी सब कुछ और यही महंगा के चक्कर में जो है हम दुख से प्रीत होते हैं हमारे पास पैसों की कमी है परंतु हमारी इच्छा अनंत है जो दुख का कारण है उसके बाद इस दया जिला हम इंसान एक दूसरे की सफलता से बहुत चरस करते हैं हम खुद आगे नहीं बढ़ते हैं परंतु दूसरे के आगे जाने से रोकते हैं उनसे जेलस करते हैं जो यह दुख का कारण हमें हमेशा पॉजिटिव सोच रखनी चाहिए नकारात्मक विचार मन में लाने भी नहीं चाहिए और ना ही नकारात्मक सोच वाले रखने वाले लोगों के समीप रहे थे क्योंकि संगत से गुण होत है संगत से गुण चाहता हूं सभी जानते हैं कि संगत का जो है फल प्रत्यक्ष रूप से हमें पता है बचत करना चाहिए इंसान को बचत करने से दुख के समय वही पैसा जो है काम आता है और जब हम मुश्किल घड़ी में किसी के सामने हाथ फैलाते हैं और जब वह मना कर देता है तो क्या दुख होता है उसे हम सब्जी समझ सकते इसलिए बचत करनी चाहिए दूध आनी चाहिए ऐसा शत्रु है जो आदमी को जीते जी मार देता है समय का पाबंद होना चाहिए यह समय ऐसा चीज है जो इंसान को ऊपर भी उठा सकती है और नीचे भी करा सकती है किसी से उम्मीद करना यह जिंदगी में एक ऐसा चीज है जो हमें दुख बहुत ज्यादा कारण हम किसी से कोई उम्मीद कर लेते हैं परंतु जब वह खरा नहीं उतरता है उम्मीदों पर तो है बहुत ज्यादा दुख होता किसी से उम्मीद नहीं रखनी चाहिए स्टेशन जैसे योग विधि को अपनाना चाहिए यह हमारे शरीर चाहे वह शारीरिक रूप से हुई मानसिक रूप से अस्वस्थ रखते हैं सदा खानपान रखनी चाहिए यह सदा खानपान जो है हमारे शरीर में आसानी से बचते हैं और हमें स्वस्थ शरीर का निर्माण कर गीता में श्लोक है कर्मण्ए वाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन मां कर्मा प्ले तू प्रमाणित संतोष तो करना अर्थात आपका कर्म करने में अधिकार है फल में नहीं इसलिए कर्म करें और फल की चिंता ना करना भी जो है हमारे दुख का कारण इसलिए हमें अपना कर्म करने चाहिए फल अपने आप उसके बाद जिंदगी में नहा कहना भी सीखें यह मेरी कमजोरी है कि मैं भी किसी चीज को मना नहीं कर पाता हूं जो मेरे दुखों का कारण बनता है मैं किसी व्यक्ति को हर चीज में आ कर देता हूं और अंत में जो है उस व्यक्ति को पैसे मांगते हैं कोई व्यक्ति हमसे कोई चीज मांग मैं बोल देता हूं ठीक है मैं आपको यह चीज उपलब्ध उपलब्ध कराने में जरूरत पड़ने पर ना भी बोलना सीखना चाहिए हमेशा हां बोलने से जो है इंसान दुख नहीं रखता तो यही जिंदगी है यही जो है मनुष्य की औसत आयु 7 से 17 वर्ष होती है इन्हीं को जो है वह दुख में जिए जा सकने की यही पहचान है स्वर्ग और कोई धारक जो है अलग-अलग नहीं इसी पृथ्वी पर हम अगर स्वर्ग चाहे तो स्वर्ग बना सकते हैं न चाहे तो नेटवर्क नहीं अपनी सोच पर निर्भर करते हैं आशा करता हूं कि आप मेरे जवाब से संतुष्ट होंगे धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:40
दोस्तों आप का सवाल है क्या हमारे आस-पास भी खुशियों का पिटारा होता है कि देकर बहुत अच्छा आप का सवाल है दोस्तों और इसके ऊपर प्रतिक्रिया दें तो मैं यह कहूंगा कि जी हां बिल्कुल हमारे आसपास खुशियों का पिटारा होता है क्योंकि हमारे पास हमारे परिवार होता है हमारे पास हमारे पड़ोसी होते हैं हमारे मनोरंजन करने के लिए हमारे पास काफी ऐसी साधन होते हैं जिनसे हमें खुशियां प्राप्त होती दोस्तों हमारे पास जो खुशियों का पिटारा है

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क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है?Kya Hamaare Aas Paas Hee Khushiyo Ka Pitaara Hota Hai
Shivani Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Shivani जी का जवाब
Unknown
1:23
नमस्ते आपका प्रश्न है क्या हमारे आस-पास ही खुशियों का पिटारा होता है जी हां यह बात बिल्कुल सही है हमारे आसपास ही हमारी खुशियों का पिटारा होता है लेकिन केवल हमारे सामने ऐसी परिस्थिति आ जाती है कि हमें खुशी हमारे सामने होते हुए हम उसे नहीं देख पाते बल्कि हम उसे चिंता में डूबे रहते हैं हमारी खुशियों के रूप में हमारे छोटे बच्चे करें मेरे भाई बहनों सकते हैं हमारी मम्मी पापा हो सकते हैं हमारे मित्र कोई भी हो सकता है हर जगह खुशियों का वातावरण ही होता है जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन हमें हमारे साथ सिक्के ही तरह दो पहलू होते हैं एक तरफ हो शायद दूसरी तक थोड़े दुख भी होते हैं यह जिंदगी का असली नियम है इसलिए हमारे पास जैसी भी परिस्थिति हो हमें उस परिस्थिति में जीना चाहिए और हमें हमारे परिवार वालों के लिए हमें खुशियों के साथ आनंद के साथ रहना चाहिए यह बात सही है कि हमारे आसपास ही खुशियों का पिटारा है धन्यवाद

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