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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?

Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
मोहित कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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बिजनेस
0:43
दोस्तों सवाल है गीतकार को कलाकारों का नाम किसने दिया तो दोस्तों गीतकार के कलाकार का नाम जो है वह आचार्य शुक्ला जी ने ही दिया है इस कार की प्रवृत्तियां और मानव मनोविज्ञान के आधार पर किया सावंत 17 साल से संवत उन्नीस सौ तकरीर पद्धति पर विशेष जोर रहा है इस काल के प्रत्येक कवि ने रीट के सांचे में डालकर रचना लिखी है धन्यवाद

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
0:09
रीतिकाल को कलाकार का नाम किसने दिया है तो दोस्तों रीतिकाल को कलाकार का नाम दिया है प्लीज शुक्ला जी ने

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
5:31
रीतिकाल को कलाकार का नाम किसने दिया वास्तव में रीतिकाल का नाम आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी के द्वारा दिया हुआ है क्योंकि जिंदगी नामकरण इस काल की प्रवृतियां और मानव मनोविज्ञान के आधार पर किया 17 सितंबर उन्नीस सौ तक की रिपोर्ट पर विशेष जोर रहा थैंक्स रवि जी के आसपास हिंदी कविता में एक नया मोड़ आया इसी विशेषता तत्कालिक दरबारी संस्कृति और संस्कृत साहित्य उत्तेजना मिली संस्कृत साहित्य के कछुए आंसुओं ने उसे शासन की ओर से प्रतिक्रिया हिंदी में जीत जाता ब्रिटिश शब्द का प्रयोग काव्यशास्त्र के लिए हुआ था इसलिए काव्यशास्त्र बच्चे सामान्य प्रवृत्ति रस अलंकार छंद आदि के निरूपण बहुसंख्यक लक्षण ग्रंथों को ध्यान में रखते हुए इस समय का काव्य को रितिका भी कहां गया जब यही थी हमारी गद्य खंड में आई तो उसे रेट कालका गया इशिका की ट्रेन गाड़ी पर बच्चियों की पुरानी परंपरा की 155 के संस्कृत प्राकृत अपभ्रंश भारतीय हिंदी के आदि काव्य कृष्ण का विकेट चिंगारी कर्मियों में मिलते स्काई में कई कभी ऐसी में जो अचार भी थी और जिन्होंने बीवी का व्यंजनों के लक्ष्मण देने वाले ग्रंथ भी देखें इसमें श्रृंगार की प्रधानता रही यह ग्रुप मुक्तकती रचना का युग रा मुख्य क्या कबीर कबीर दोहे इस युग में लिखेंगे कभी राजा श्री छोटे थे इसलिए इस युक्ति कविता अधिकतर दरबारी रहे जिसके फलस्वरूप बीच में चमत्कार पूर्ण व्यंजना की विशेष महत्ता को मिलती है परंतु कविता तथा आम जनता से अलग हटकर सिर्फ राष्ट्रवाद तक सीमित हो गई रेट कार्ड के अधिकांश कबीर वाणी जी के छोटा प्रताप सिंह बिहारी जयपुर अमीर में थे मतिराम भूषण चिंतामणि भिखारी दास रघुनाथ बेनीगंज टीकाराम ग्वाल चंद शेखर बाजपेई हरनाम कुलपति मिश्र क्या जी बहुत ऐसी कमी थी जो कि कवियों का घर जो है उत्तर प्रदेश रहा है और उन्होंने संपूर्ण भारत में पूरे विश्व पर उन्होंने अपनी कविता का राज किया महाराज जसवंत सिंह भगवत सराय खींची फूफा जी महाराज विश्वनाथ ऐसी रहे जिन्होंने अपनी कविताओं की रात दरबारियों में किडनी बनाएं वास्तव में एडमिट कार्ड रचना का आरंभिक संत संस्कृत की ज्ञानी ने किया जिसमें आचार्य केशवदास किन की प्रसिद्ध रचनाएं कभी प्रिया रसिकप्रिया रामचंद्रिका कभी प्रिया में लंका टूरिस्टिक प्रिया में रस का सोदाहरण निरूपण लक्षण और उदाहरण कभी-कभी हमें लक्ष्य लक्ष्य ग्रंथों की यही परंपरा रितिका में डिस्ट्रिक्ट को बदला विभिन्न विद्वानों ने रिट काल को अनेक नामों से पुकारा मित्र बंधुओं ने इन्हें अलंकर कल कहां है 9838 प्रसाद मिश्र ने इसे सिंगार कार्ड का है यही नाम तत्कालीन प्रमुख रचनाओं को समेटकर तारा नाम की व्यापकता का करता को आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी ने स्वीकार करते हुए कहा कि वास्तव में श्रृंगार और वीर रस की कविता किस काल में प्रधानता श्रृंगार रस की रे इस चीज का कोरस के विचार से कोई श्रृंगार काल कहे तो कह सकता है श्रृंगार की प्रगति में समाजवादी को अंकित या छोटा नहीं है दरअसल इस कलाकार उनका कहना है कि का भी निकला पक्ष को जितना अधिक उठकर इस काल में हुआ उतना पहले कभी नहीं हो सकता परंतु आचार्य शुक्ल इंद्रजीत ग्रंथों की बहुत आ के आधार पर का नाम का रिकार्ड रखा उसमें लक्षण उदाहरण किस शैली की प्रमुख प्रवृत्ति को प्रकट करती है एग्जिट काल में दो धाराएं J2 का विधान है एक विचारधारा दूसरा अजीत मुक्त काव्य धारा तीन कवियों ने उपयुक्त लक्षणों को लक्ष्य वाली पद्धति अपनाई हुए भी की परंपरा के बंद होने के कारण प्रीति के लायक और जिन्होंने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार करके काम भी रचना की सही प्रभावित करने वाली अपनाई जाने वाली रीतिमुक्त कवि चलाएं रहने के कारण बीच मुख्य कवि कहलाए

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
neelam mishra Bolkar App
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I am nurse
1:05
एक नाम को अलग-अलग नामों से नवाजा गया है ना उस काल काल काल तक के सभी रचनाओं को साथ लेकर चलता है इसलिए इस रीती रितिका पराकाल के नाम से भी हो तो आनी चाहिए जानकारी अच्छी लगे तो लाइक और कमेंट करिए

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
NeelamAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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I am housewife
0:34
सवाल है दीपिका लिखो कलाकार का नाम किसने दिया दी के विभिन्न विद्वानों ने रीतिकाल को अनेकों नामों से पुकारा है इसी श्रेणी में इसे कलाकार कहते हैं उनका कहना है कि काबिले कला पक्ष का जितना अधिक उत्कर्ष इस काल में हुआ है उतना पहले कभी नहीं हो सका परंतु आचार्य शुक्ल ने जीत ग्रंथों की बहुलता के आधार पर इसका नामकरण रीतिकाल रखा था

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
KamalKishorAwasthi Bolkar App
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Unknown
1:38
सवाल ही रीतिकाल को कलाकार का नाम किसने दिया देखिए विभिन्न विद्वानों ने रीतिकाल को अनेक नामों से पुकारा है बंधु ने अलंकृत काल कहा है आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने इसे श्रृंगार काल कहा है या नाम तत्कालीन संपूर्ण चुनाव समेट कर चलता है इस नाम की व्यापकता सार्थकता को आचार्य शुक्ल ने भी स्वीकार करते हुए लिखा है कि वास्तव में श्रंगार और वीर 2 रखो की कविता इस काल में हुई प्रधानता श्रंगार रस की रही इससे इस काल को श्रृंगार काल भी कहा जा सकता है वहीं डॉ रसाल इसे कलाकार कहते हैं उनका कहना है कि काव्य कला पक्ष का जितना अधिक उत्कर्ष इस काल में उतना पहले कभी नहीं हो सका परंतु आचार्य शुक्ल ने जीत ग्रंथों की बहुलता के आधार पर इसका नामकरण रीतिकाल रखा था रीतिकाल का नाम आचार्य शुक्ल जी का ही दिया हुआ है शुक्ला जी ने यह नामकरण इस काल की प्रवृतियां और मानव मनोविज्ञान के आधार पर किया संबद्ध 1780 संवत उन्नीस सौ तक गिनती पद्धति पर विशेष जोर रहा इस काल के प्रत्येक कवि ने वित्त के सांचे में ढल कर अनेक रचनाएं लिखी धन्यवाद

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
Brahma Prakash Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Asst. Teacher
1:12
नमस्कार मैं ब्रहम प्रकाश मिश्र भारत के नंबर वन सवाल-जवाब बोलकर पर आपका हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत करता हूं किया गया है रीतिकाल को कलाकार का नाम किसने दिया तो मित्र भारत की हिंदी साहित्य को विशेष तौर पर तीन भागों में बांटा गया है पहला जो भाग है उसको खादिका रखा जाता है और उसके बाद मध्यकाल और उसके बाद उत्तर पूर्व मध्य काल को पूर्व मध्यकाल और उत्तर मध्यकाल दो भागों में विभाजित किया गया है उसके बाद आधुनिक काल तू जिस मध्य काल को पूर्व मध्यकाल और उत्तर मध्यकाल में विभाजित किया गया है उसमें ही पूर्व मध्यकाल को भक्तिकाल किया भक्ति मार्ग और उत्तर मध्यकाल को श्रृंगार मार्ग या कलाकार का नाम आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी के द्वारा किया गया था तो इस तरह विशाल को कलाकार का नाम आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी के द्वारा ही प्रदान किया गया था तो मित्र यह जवाब अच्छा लगा हो तो कृपया सब्सक्राइब लाइक शेयर और कमेंट करके जरूर बताइएगा धन्यवाद

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
Pradumn kumar Vajpayee Bolkar App
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Bijneas9369174848
0:31
रीतिकाल को कलाकार का नाम किसने दिया है विभिन्न विद्वानों ने रीतिकाल को अनेक नामों से पुकारा है वही मित्र बंधु ने इसे अलंकृत कालका है और आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने विशेष श्रृंगार काल कहां है वहीं डॉ रसाल ने इसे कलाकार कहा कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है दरअसल नहीं रीतिकाल को कलाकार का नाम दिया है धन्यवाद मित्रों

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
0:44
पूछा गया है रीतिकाल को कलाकार का नाम किसने दिया तो देखी जैसा कि हम सब जानते हैं कि रितिक आलासन में जो है श्रंगार पकड़ कर दो कविताएं शृंगार रस से सजी हुई कविताएं हैं रीति काल में ज्यादा लिखी गई उसके अलावा भी व्रत का भी काफी प्रभाव रहा लेकिन सिंगार है उसका प्रभाव अधिक रहा है इसलिए इस लाल को जो है अनेक साहित्यकारों ने अलग-अलग नाम दिए जैसे गर्म बात कर ले विश्वनाथ प्रसाद मिश्र जी कितनों ने सेशन गारखाल कहां है और जिसके लिए पूरी तरह के नाम को जस्टिफाई करता है लेकिन अगर बात करते इसको कलाकार कहने की तो डॉक्टर रसाल इसको कलाकार कहां है उम्मीद करती हूं आपको मेरे से बात पसंद आया होगा धन्यवाद

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रीतिकाल को कला काल का नाम किसने दिया?Reetikaal Ko Kala Kaal Ka Naam Kisne Diya
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:11
मलकू कलाकार का नाम किसने दिया प्रीति कल होती है ऐसी है कि उसमें जीत होती है कला होती है एक्शन और तैयार होता है इसलिए उसका नाम कलाकार रखा गया है

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