#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker

पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?

Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए neelam जी का जवाब
Job
2:31
हाय गाइज गुड मॉर्निंग मैं नीलम मिश्रा और आप मुझे भूल गए हो दुनिया की सबसे नंबर वन सवाल-जवाब स्कूल गए थे उनसे सवाल है कि पुराने जमाने में होली किस तरह से पारंपरिक प्राकृतिक रंग बनाया जाए तो दोस्तों अंग बनाने के लिए केवल पलाश के फूल प्राकृतिक स्रोत होते थे पुराने जमाने में रन बनाने के लिए पुरुषों के बनाने के लिए कुछ विधियां अपनाई जाती थी जो बहुत से और जो हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक में केमिकल कुछ नहीं लाया जाता था उन्हें मनाने के लिए दोस्तों देशों के और पलाश के फूलों को पानी में उबाल दिया जाता था और उसी पानी में उसे छोड़ दिया जाता था जिसकी वजह से रोज तो वह होता था किशोर पलाश का फूल अपना नाम उस पानी में छोड़ देते थे और उसे सुबह खान का उसे होली के लिए रंग तैयार कर लिया हमें धोखा दिया जाता था और सुखा कर उनको पीसकर चंदन पाउडर तैयार करके उसे गुलाल के रूप में यूज किया जाता था तो दोनों के गुलाल और फूलों के रंग से खेलते थे जो सांस के लिए नुकसानदायक नहीं होते थे जो केमिकल युक्त रंग और गुलाल हम मार्केट में लाते हैं वह हमारे हेल्थ के लिए बहुत नुकसानदायक होता है हम रंग लगा लेते तो कभी भगवती गलती नहीं है फिर उसे मारी बॉडी पर इसलिए होती है हमारी बॉडी रॉक हो जाती है बार हमारी खराब होती है अगर वह गलती से आंखों में पड़ जाए तो हमने सुना है कि कल देखते हैं न्यूज़ में की आंखों में चलाने से आंखों की प्रॉब्लम हो गई तो शायरियां केमिकल युक्त होने की वजह से नुकसान करती है लेकिन पहले जमाने के लोग जल प्राकृतिक तरीके से रन बनाते थे फूलों से कुणाल मनाते थे तो वह हमारे हेल्प के लिए भी नुकसानदायक नहीं होता था और चाहे वह आंखों में पड़ जाए कहीं निकल उसे प्रॉब्लम नहीं होती थी दोस्तों इस तरह से तैयार किए जाते थे के जमाने में पुराने जमाने में अच्छी लगे तो प्लीज लाइक और कमेंट करिए और समस्या को अच्छा लगा या नहीं लगा तो दोस्तों आप हमें जरूर बताएं धन्यवाद

और जवाब सुनें

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Gopal rana Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Gopal जी का जवाब
Sales executive
0:20
पुराने जमाने में होली के लिए कि जो रंग प्रकृति के रंग का प्रयोग किया जाता है था वह पलाश के फूल से इनका प्रयोग किया तो एक प्राकृतिक रंग निकाला जा सकता है या फिर उसका यूज़ किया जाता था पुराने जमाने में
Puraane jamaane mein holee ke lie ki jo rang prakrti ke rang ka prayog kiya jaata hai tha vah palaash ke phool se inaka prayog kiya to ek praakrtik rang nikaala ja sakata hai ya phir usaka yooz kiya jaata tha puraane jamaane mein

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:24
दोस्तों स्वागत है आपका पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह के प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे तो फ्रेंड से पुराने जमाने में होली खेले रंग बनाने के लिए फूलों के रंग से रंग बनाए जाते थे और फूलों से ही रंग तैयार किए जाते थे अब थोड़ा ठीक ढंग से ही होली खेली जाती थी वह केमिकल वगैरह का उपयोग नहीं किया जाता था धन्यवाद

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Abhishek Shukla  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Abhishek जी का जवाब
Motivational speaker
2:11
नमस्कार मित्रों आप सभी का स्वागत है और आपके नए सवालों के साथ हम सुझाव लेकर के आपके लिए तत्पर है तो सोने आपको सवाल आया है कि आज होली के गाने पुराने समय में जो है तो कैसे रंगों का प्रयोग किया जाता था लाइसेंसों कहने का मतलब है प्राची थी धूप तो यहां पर जो है तो ऐसे कलर का उपयोग किया जाता था जो फूलों से बनाए जाते थे बहुत सारे ऐसे फूल होते जैसे गुलाब के आपके पहले जैसा गेंदे का फूल और देशों का फूलों का फूल आपने देखा होगा कि उसके जो वृक्ष है एकदम सफेद रंग के होते हैं दोस्तों और मेरे लाल लाल रंग का जो है तो वह फूल जो है गर्मियों के समय जो है उगता है उसी से जो है तो उसे उबाल करके फोन करके फिर उसका कलर बनाया जाता है दोस्तों जो कि उस समय के समय में प्राकृतिक होता था और ज्यादा नुकसानदायक नहीं हो लेकिन आज के समय में बहुत ज्यादा केमिकल प्रयोग किया जाता है जमाई चाचा के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक होते हैं इन सभी चीजों से बचना चाहिए आपको ऑर्गेनिक जो है तो कलर का उपयोग करना चाहिए जो कि प्राकृतिक चीजों से बनाए जाते हैं इन सभी चीजों का उपयोग करें जैसे कि आपके चाचा को नुकसान ना हो और आप सोच रहे साथ रहे हो हमेशा स्वस्थ रहे दोस्तों धन्यवाद और आप सभी को मेरी ओर से और पूरे बोलकर टीम की ओर से होली की आपको एडवांस में बहुत-बहुत शुभकामनाएं दोस्तों हमेशा खुश रहें सुखी रहें और हमेशा स्वस्थ स्वास्थ्य पुणे और सस्ते आप होली मनाया दोस्तों और हमेशा लोगों की जिंदगी में हमेशा खुशियों का रंग भरे कभी भी निरंतरता और ऐसी बनाए रखें अपने जीवन में जो कि लोगों के आप जब कभी भी उनसे चूंकि बिरंगी जिंदगी में आप ऐसे रंग भर दें जिससे कि वह प्रफुल्लित हो सके खुश हो सके दोस्तों इन चीजों का ख्याल रखें धन्यवाद

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:31
स्टार दोस्तों प्रश्न किया गया है कि पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह के प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे तो दोस्तों में बताना चाहता हूं कि पहले जमाने की होली देखे हैं आते 15 से 20 साल पीछे की देखें या उसके पीछे की देखें तो इतना व्यापारी करण होली पर नहीं था जैसे कि चाइना से सिसकारियां दिखने लग गई हैं गुब्बारे आ गए रंग आगे केमिकल युक्त पहले के लोग क्या करते थे कि हल्दी जो है का प्रयोग करके हल्दी को पीसी जाती थी कि गांठ वाली हल्दी का लो प्रयोग करते थे उसको किस के रंग बनाते थे या पैरों में रंग लगाने वाला जो रंग आता है उसको लोग लगाते थे रंग के प्रयोग में और सबसे ज्यादा जो श्रद्धा होती थी लोगों के में वह गुलाल से होली खेली जाती थी फूलों से होली खेली जाती थी अब देखेंगे जो है छोटा होगा अगर उम्र में तो बढ़ेगा पैर पर गुलाल रखें एक प्रकार से आशीर्वाद प्राप्त करता था लेकिन आजकल पाश्चात्य सभ्यता में लिप्त होकर हम लोग होली को दूसरे तरीके से फूहर पंखे बनाने लग गए हैं और जितना केमिकल हो सकता है जितना व्यक्ति को काला कर सकते हैं उतने कोशिश करते हैं या तरह की समस्या शहरों में ही है क्योंकि पैसा बहुत ज्यादा है और पैसे का शक्ति प्रदर्शन भी लोग करते हैं गांव में अभी भी ऐसा ही है ज्यादा केमिकल युक्त कलर का प्रयोग नहीं करते और गुलाल का प्रयोग करते हैं और मंदिरों में अभी भी फूलों की होली खेली जाती है धन्यवाद

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:21
पुराने जमाने में होली खेले किस तरह से प्राकृतिक रन बनाए जाते थे तो पुराने जमाने में मनाने की परंपरा रही है जो तैयार किए जाते थे जो फूल वगैरह उत्तम की पत्तियों को पीस पीस करके इनका जो रंग था उस तरीके से बनाया जाता है

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
मोहित कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए मोहित जी का जवाब
बिजनेस
0:16
दोस्तों स्वागत पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रन बनाए जाते थे उसको पुराने जमाने में प्राकृतिक रंग के हैं वह रंगोली के रूप में जमीन में बनाए जाते थे जो कि देखने में अधिक सुंदर लगते थे

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Vishal Tiger Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Vishal जी का जवाब
कंप्यूटर वर्क/ नेटवर्क मार्केटिंग/लेखक
2:20
पहले के जमाने में जो रंग बना जाते थे वह फूलों से बनाए जाते थे फूल पलाश के फूल गुलाब के फूल और भी फेल को खूब फल फूल होते थे जड़ी बूटियां होती थी तो उन से बनाए जाते थे ताकि वह त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाया बल्कि फायदा करें लेबर के वीडियोस ट्रंकस्टर होता तो भगवान को चाहता था भगवान को तो अब तो भगवान को डुप्लीकेट चढ़ता है तो शायद भगवान झलकता है यह मतलब जो भी जैसे भी है उसके बाद जो भगवान को और रंग तथा उसके बाद दूसरे लोग खेलते थे औरंगाबाद मथुरा में गोकुल में कहीं भी होनी है और अब जो रंग है वह कमी कलेक्टर ऑफिस में कोई अपशिष्ट पदार्थ होते हैं जली हुई थी या कचरा इंफेक्शन होता है स्क्रीन भी खराब करें चोट भी लगी और उसके अनुसार उन्हें खतरा होता है तो फिर चेहरे पर मीठा कर लो सब्जी बनाने का वह लगाकर सरसों का तेल लगाकर खोपरे का तेल लगाकर लगाकर खेलना होली खेलने पर बांध के खेल खत्म कोई अच्छा कमाल हो गया कोई कपट एल्बम नहीं मालूम नहीं है दूसरा पूरा शरीर डकार आना चाहिए हाथों में ले लिया और अंगूर नहीं होनी चाहिए आपके चेहरे पर बाद में बड़ी बुला लो यार कम होनी चाहिए जो कि मैं तेरे पर लगा हुआ उत्तर हो जाए चिराग सूख जाए उसके बारे में कलर लगाएगा तो आप सब लोग अब भाई के सब कुछ प्रॉब्लम नहीं आएगी लगता है आजकल हर चीज में मिलावट

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Brahma Prakash Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Brahma जी का जवाब
Asst. Teacher
1:53
नमस्कार भारत के नंबर वन सवाल-जवाब बोलकर पर मैं परम पिता परमेश्वर आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं प्रश्न किया गया है पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग था बनाए जाते थे तो जी मित्र होली यानी रंग पर्व है इसको हमारे भारतीय समाज में सदियों से मनाया जा रहा है और इसके लिए जो प्राचीन समय में रंगों का निर्माण किया जाता था उनमें मुख्यता देसी जड़ी बूटियों या पेड़ पौधों और वनस्पतियों का प्रयोग किया जाता था जो कि हमारे रंग खेलने के काम भी आते थे और इसके साथ साथ हैं इनका हमारे स्वास्थ्य एवं त्वचा पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता था जैसे पीले रंग के लिए प्राचीन समय में हल्दी को पीसकर प्रयोग किया जाता था इसी तरह केसरिया रंग के लिए प्राचीन समय में टेसू के फूलों को पीस लिया जाता और उसको पाउडर के रूप में या कलर के रूप में पानी में घोलकर प्रयोग करते थे और प्रकार के रंगों को बनाने के लिए भी विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जड़ी बूटियों का प्रयोग किया जाता था तू इन रंगों से होली खेलने पर हमारे शरीर पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता था इसके साथ-साथ यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक नहीं होते थे क्योंकि विकास के नाम पर हमने विज्ञान में काफी तरक्की की और उन प्राकृतिक रंगों की जगह पर अब हम लोग केमिकल युक्त विभिन्न प्रकार के कृत्रिम रंगों का प्रयोग करने लगे हैं जिनका हमारे शरीर स्वास्थ्य एवं पर्यावरण तीनों पर ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तो मित्र यह जवाब अच्छा लगा हो तो कृपया सब्सक्राइब लाइक शेयर और कमेंट करके जरूर बताइएगा धन्यवाद

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
0:28
छा गया है पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे तो देखे पहले के जमाने में जो है सारे प्राकृतिक रंग उपयोग किए जाते थे गाना को गुलाबी रंग चाहिए तो चुकंदर को सुखाकर उससे गुलाबी रंग मनाया जाता था टेसू के फूलों से नीले रंग बनाया जाता था उसके अलावा हल्दी का उपयोग किया जाता था कुमकुम का उपयोग किया जा सकता इस तरह से रंगों का उपयोग किया जाता था उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:32
पुराने जमाने में किस प्रकार होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे प्राण पुराने जमाने में होली के रंगों के लिए प्राकृतिक फूलों को सिखाया जाता था क्या हुआ गुलाब के फूल चमेली के फूल हो गेंदे के फूल हो या कोई अन्य सभी प्रकार की फूलों को धूप में सुखाया जाता था और तू खाने की बात उन फूलों को पंखुड़ियों को पीसकर उनका रंग बनाया जाता था आज भी जो है फूलों के रंग जो है वह बहुत ही इंसान की स्वास्थ्य के लिए और इसकी जानकारी के लिए अच्छे माने जाते हैं फूलों की पत्नियों से निकलने वाली खुशबू और चुटकी फूलों के दो रंग प्यार होते हैं वह पूर्ण रुप से ऑफ शिवजी रंग होते हैं उसमें किसी प्रकार की टैंकर की मिलावट नहीं होती है और ना ही किसी प्रकार की ऐसे तक मिलाए जाते हैं जिससे कि वो रंग किसी प्रकार से इंसान की चमड़ी के लिए या स्किन के लिए घातक हो

bolkar speaker
पुराने जमाने में होली के लिए किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे?Purane Jamane Mein Holi Ke Liye Kis Tarah Se Prakritik Rang Banaye Jaate The
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:16
लोदी वंश रश्मि जैसे कि पुराने जमाने में होली खेले किस तरह से प्राकृतिक रंग बनाए जाते हैं उस टाइम पर जिन पेड़ पौधों से रंग निकलते हैं आंसू निकल कर आ जाते थे उस टाइम से लोगों के चेहरे जल्दी खराब नहीं होते क्या

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

  • होली के रंग कैसे बनाये घर पे, रंग घर पर कैसे बनते थे, होली के रंग कैसे बनाये
URL copied to clipboard