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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?

Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Navnit Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Navnit जी का जवाब
QUALITY ENGINEER
0:55
नमस्ते मस्तिष्क चंदन लगाने से होता क्या है कि जो भागचंद लगाने का उत्तर पुस्तिका अग्रवाल आज्ञा चक्र का क्या चक्कर चंदन मिलाकर कैसे एक्टिवेट हो जाता है और जब मां ज्ञात तक आप कनेक्टिविटी हो जाएगा तो आपकी इनट्यूशन और आपकी सोचने की क्षमता समझने की क्षमता में काफी बढ़ जाएगी तो चंदन दिमाग को कि कल भी रखता है और आपकी आज्ञा चक्र को एक्टिवेट है और यह भी माना गया है सुनो जी के अनुसार जनरल ने कहा कि मुझे चंदन लगाने के बहुत सारे फायदे हैं आपका दिमाग समझ रहा था कि आपका आज्ञा चक्र चक्र आज कुंडली के बैलेंस होगा थैंक यू
Namaste mastishk chandan lagaane se hota kya hai ki jo bhaagachand lagaane ka uttar pustika agravaal aagya chakr ka kya chakkar chandan milaakar kaise ektivet ho jaata hai aur jab maan gyaat tak aap kanektivitee ho jaega to aapakee inatyooshan aur aapakee sochane kee kshamata samajhane kee kshamata mein kaaphee badh jaegee to chandan dimaag ko ki kal bhee rakhata hai aur aapakee aagya chakr ko ektivet hai aur yah bhee maana gaya hai suno jee ke anusaar janaral ne kaha ki mujhe chandan lagaane ke bahut saare phaayade hain aapaka dimaag samajh raha tha ki aapaka aagya chakr chakr aaj kundalee ke bailens hoga thaink yoo

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Maayank Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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College
0:57
चंदन टीवी को हिंदू धर्म शास्त्र में शुभता का प्रतीक माना गया है उसके पीछे धार्मिक भावना भी कई जाती है मुख्य रूप से लोग टीका चंदन रोली कुमकुम हल्दी और मिट्टी का लगाते हैं चंदन लगाते हैं इस बीच में तो सामान्य जाति के बीच में क्या अंतर होता है और माना जाता है कि इसी स्थान पर टीका लगाने से ज्ञान की वृद्धि होती है साथ ही मन और मस्तिष्क बिल्कुल शांत रहता है जिससे व्यक्ति की कार्य क्षमता बढ़ जाती है इस कारण मात्र के बीच में लगती है चंदन की लगाते हैं तो वैसे कहा जाता है कि चंदन का टीका लगाने से हमारे पापों करना है वहीं कुछ लोग अगर हल्दी लगाते हैं पी के तौर पर तो उससे क्या होता है त्वचा शुद्ध होती है क्योंकि हल्दी में एंटीबायोटिक तत्व होते हैं जो त्वचा पर किसी प्रकार को रोकने होने दें धन्यवाद
Chandan teevee ko hindoo dharm shaastr mein shubhata ka prateek maana gaya hai usake peechhe dhaarmik bhaavana bhee kaee jaatee hai mukhy roop se log teeka chandan rolee kumakum haldee aur mittee ka lagaate hain chandan lagaate hain is beech mein to saamaany jaati ke beech mein kya antar hota hai aur maana jaata hai ki isee sthaan par teeka lagaane se gyaan kee vrddhi hotee hai saath hee man aur mastishk bilkul shaant rahata hai jisase vyakti kee kaary kshamata badh jaatee hai is kaaran maatr ke beech mein lagatee hai chandan kee lagaate hain to vaise kaha jaata hai ki chandan ka teeka lagaane se hamaare paapon karana hai vaheen kuchh log agar haldee lagaate hain pee ke taur par to usase kya hota hai tvacha shuddh hotee hai kyonki haldee mein enteebaayotik tatv hote hain jo tvacha par kisee prakaar ko rokane hone den dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Shivangi Dixit.  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Shivangi जी का जवाब
Unknown
0:54
मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं तो देखिए इसका मैं आपको एक बहुत ही अच्छा तरीका बताती है कि क्या होता है जो हम चंदन लगाते हैं लोग बोलते कि हमारे और लोग आकर्षित होते हैं चंदन शीतलता प्रदान करता है और यह सब चीजें हैं जो है वह भगवान को भी होते होता है गर्मियों में कब कभी भी चंदन लगा लेना चाहिए और इसके लिए एक मैं आपको एक वैज्ञानिक तरीके से चीज बताओ जो साइंस कैसा है इसमें सेराटोनिन और बीटा एंड डॉल्फिन यह चीजें पाई जाती है जो हमारे मस्तिष्क पर लगाते हैं यह इनका जो स्टाफ है अच्छे से होने लगता है संतुलित होता है और हमारे मन में जो उदासी होती है वह दूर होती है और उस उत्साह की अनुभूति हमें प्राप्त होती है इसलिए मस्तिष्क पर चंदन लगाते हैं और यह चंदन बीचो-बीच लगाते हैं पूरे माथे पर भी लगा सकते वापस लाइक सब्सक्राइब करें और अपना ज्ञानवर्धक और हमारा भी ज्ञान बढ़ाते रहें धन्यवाद
Mastishk par chandan kyon lagaate hain to dekhie isaka main aapako ek bahut hee achchha tareeka bataatee hai ki kya hota hai jo ham chandan lagaate hain log bolate ki hamaare aur log aakarshit hote hain chandan sheetalata pradaan karata hai aur yah sab cheejen hain jo hai vah bhagavaan ko bhee hote hota hai garmiyon mein kab kabhee bhee chandan laga lena chaahie aur isake lie ek main aapako ek vaigyaanik tareeke se cheej batao jo sains kaisa hai isamen seraatonin aur beeta end dolphin yah cheejen paee jaatee hai jo hamaare mastishk par lagaate hain yah inaka jo staaph hai achchhe se hone lagata hai santulit hota hai aur hamaare man mein jo udaasee hotee hai vah door hotee hai aur us utsaah kee anubhooti hamen praapt hotee hai isalie mastishk par chandan lagaate hain aur yah chandan beecho-beech lagaate hain poore maathe par bhee laga sakate vaapas laik sabsakraib karen aur apana gyaanavardhak aur hamaara bhee gyaan badhaate rahen dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:32
इसके 55 दिन पहले दूसरे वैज्ञानिक कारण आप का काम करते हैं आपके
Isake 55 din pahale doosare vaigyaanik kaaran aap ka kaam karate hain aapake

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
मनीष कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए मनीष जी का जवाब
किसान
0:52
मतलब में चंदन क्यों लगा दे मैं आपको बताना चाहता हूं मस्त पिक में पूर्वजों और साधु-संतों की जो बातें हैं और जो मैंने सुनी है मेरे बुजुर्गों से और मैंने मेरे गुरु से सीखी है उस हिसाब से मस्तिष्क पर चंदन हमेशा मस्त को ठंडा करने के लिए लगाते चंदन मस्तिक से लगाने के लिए मनुष्य का मस्तिष्क है वह चांद और ठंडा रहता है सुकून मिलता है और उसे उसी से तेज बढ़ता है उससे गुस्सा नहीं आता ही है मस्तिक पर चंदन लगाने का तरीका मैंने जो मेरे गुरु और मैंने मेरे बुजुर्गों से सीखा है वह मैंने आपको बता दिया है मस्ती पर चंदन हमेशा ठंडा होता है इसीलिए मस्त हो चंदन लगाया जाता है
Matalab mein chandan kyon laga de main aapako bataana chaahata hoon mast pik mein poorvajon aur saadhu-santon kee jo baaten hain aur jo mainne sunee hai mere bujurgon se aur mainne mere guru se seekhee hai us hisaab se mastishk par chandan hamesha mast ko thanda karane ke lie lagaate chandan mastik se lagaane ke lie manushy ka mastishk hai vah chaand aur thanda rahata hai sukoon milata hai aur use usee se tej badhata hai usase gussa nahin aata hee hai mastik par chandan lagaane ka tareeka mainne jo mere guru aur mainne mere bujurgon se seekha hai vah mainne aapako bata diya hai mastee par chandan hamesha thanda hota hai iseelie mast ho chandan lagaaya jaata hai

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
shekhar vishwakarma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए shekhar जी का जवाब
Academic Content developer at ConnectEd
1:17
मस्तक पर धंधा चलाते हैं दोस्तों वैसे तो यह हिंदू नेचुरल है एक हिंदू मान्यता है कि मस्तिष्क पर चंदन लगाया जाता है यही छोरिया एक अपील है कि चंदन लगाने से कम आती है लेकिन ठंडे प्रदेशों में पाया जाता माले हिमालय कैसे पहाड़ियों पर पाए जाते हैं उसकी वजह से बहुत ज्यादा ठंडा होता है जितने पल जो उससे वह निकलता है जैसा हुआ उसको लगाने से हमारा मस्त के ऊपर का भाग भी ठंडा रहता है और कहते हैं जब हम ठंडे दिमाग से कोई फैसला लेते हैं कोई काम करते हैं तो हमारे जीवन में सुख समृद्धि लाता है चंदन लगाने से हमारा वक्त ठंडा रहता हम सही फैसला करने में सक्षम होते हैं तो इसकी वजह से हमारा जीवन सुखमय व्यतीत होता है वह कौन सा कार्य की नहीं है इसलिए कृपा है महाराज आ सकता हुआ ठंडी होती है
Mastak par dhandha chalaate hain doston vaise to yah hindoo nechural hai ek hindoo maanyata hai ki mastishk par chandan lagaaya jaata hai yahee chhoriya ek apeel hai ki chandan lagaane se kam aatee hai lekin thande pradeshon mein paaya jaata maale himaalay kaise pahaadiyon par pae jaate hain usakee vajah se bahut jyaada thanda hota hai jitane pal jo usase vah nikalata hai jaisa hua usako lagaane se hamaara mast ke oopar ka bhaag bhee thanda rahata hai aur kahate hain jab ham thande dimaag se koee phaisala lete hain koee kaam karate hain to hamaare jeevan mein sukh samrddhi laata hai chandan lagaane se hamaara vakt thanda rahata ham sahee phaisala karane mein saksham hote hain to isakee vajah se hamaara jeevan sukhamay vyateet hota hai vah kaun sa kaary kee nahin hai isalie krpa hai mahaaraaj aa sakata hua thandee hotee hai

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
NEHAA P MISHRA  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए NEHAA जी का जवाब
Teacher
3:46
एक कहावत है कि मरने के बाद हमें मोक्ष प्राप्त करना है तो उस कहावत के लिए अभी रिसेंटली मैंने कुछ समागम वगैरह देखा था तो उसने मुझे इस क्वेश्चन का आंसर मिला था कि क्या होता है कि हम जिस प्रकार का टीका लगाते हैं जैसे सपोर्ट कीजिए कि हमें यमदूत लेने आए हैं या हमारी मृत्यु हुई है तो जिस प्रकार का मराठी का रहता है उससे यह समझ में आ जाता है कि हम और किसके भक्त थे हमें किस धाम में जाना है बैकुंठ धाम में जाना है कैलाश धाम में जाना है स्वर्ग में जाना है कहां जाना है हमें तो उसके लिए जैसे ग्राफ चंदन लगाते हैं तो चंदन श्री राम जी विष्णु जी का प्रतीक होता है शिवजी का भी होता है चंदन उन्हें भी लगता है आपको बैकुंठ धाम या कैलाश धाम में से कोई एक मिलेगा या वह आपसे पूछेंगे देखिए यह बात तो हो सकता है आपको सुनने में पानी लगे बड़ी फनी नहीं है यह रियल है हर इंसान के मन में कोई ना कोई ईश्वर की छवि बनी होती है और उस छवि के कोडिंग बुक काम करता है तो बंद है पीला चंदन चंदन लगाने का शौक होता है चंदन के माथे पर लगेगा तो उससे यह होगा कि देखिए हम दुनिया में आए क्यों हैं हम आए हैं मोक्ष प्राप्ति के लिए इंसान ही रूप हम पाते हैं अच्छे बुरे कर्म करते हैं फिर उसका दंड भोंकते हैं उससे बेहतर है कि ईश्वर के धाम में हमें जगह मिल जाए परमानेंटली जन्मों-जन्मों के लिए मतलब जन्म मरण का जो चक्र है यह मैं समझ चुकी हूं अच्छे से हो सकता आपको इसमें इंटरेस्ट ना आए बट जन्म मरण के चक्र से हम छूट जाते हैं तो उसके लिए हमें यह स्टाइल के रूप में होता है जब हम तिलक लगाते हैं चंदन लगाते हैं तो उससे यह चीज प्रतीत होती है कि हम भाई विष्णु लोग जाएंगे बैकुंठ धाम जाएंगे या शिव लोग जाएंगे कैलाश हम जाएंगे तो बहुत अच्छी चीज है मैं कहती हूं अगर ईश्वर के पास पहुंचने के लिए जो भी आपको तरीका मिलता है पॉजिटिव तरीका वह बिल्कुल अपनाना चाहिए क्योंकि हमारा जीवन जो है वह हमारा नहीं है ईश्वर का है और मैं सच बता रही हूं यह चीज में फील करती हूं सोच कर काफी अच्छा फील होता है कि जब अपने को ईश्वर के चरणों में अगर स्थान मिल गया ना तो मान के चलिए कि सब कुछ सार्थक हो गया इवन आपको अगर अच्छा स्थान ईश्वर के चरणों में मिलता है तो जो आपके पीछे रह जाती है आपकी फैमिली रिलेटिव उन लोगों का भी भला हो जाता है तो हम जीते जी भी अच्छा करें और मरने के बाद भी हमारी तरफ से अच्छा हो भावना रखनी चाहिए बहुत जरूरी है मैं बहुत ज्यादा स्पिरिचुअल हूं इसीलिए मैं यह बात आपसे कर रही हूं उम्मीद करती हूं आपको सवाल का जवाब मिल गया होगा जैसे लंबा चंदन लगाते हैं आरा त्रिपुंड बनाते हैं तो शिव जी के भक्त हैं लंबा लगाते हैं हनुमान जी का जैसा तिलक रहता है वैसा तो सब प्रकार के भक्त जो रहते हैं वह अपने आराध्य के हिसाब से टिका लगाते हैं ठीक है तो उसी तरह उससे हमें यह समझ में आ जाता है कि इस लोक में हमें जाना है तो उम्मीद तो तू आपको आज इस सवाल का क्लियर जवाब मिला होगा अगर आपको मेरे जवाब में कुछ त्रुटि लगती है तो प्लीज मुझे बताइएगा ऑल द वेरी बेस्ट धन्यवाद
Ek kahaavat hai ki marane ke baad hamen moksh praapt karana hai to us kahaavat ke lie abhee risentalee mainne kuchh samaagam vagairah dekha tha to usane mujhe is kveshchan ka aansar mila tha ki kya hota hai ki ham jis prakaar ka teeka lagaate hain jaise saport keejie ki hamen yamadoot lene aae hain ya hamaaree mrtyu huee hai to jis prakaar ka maraathee ka rahata hai usase yah samajh mein aa jaata hai ki ham aur kisake bhakt the hamen kis dhaam mein jaana hai baikunth dhaam mein jaana hai kailaash dhaam mein jaana hai svarg mein jaana hai kahaan jaana hai hamen to usake lie jaise graaph chandan lagaate hain to chandan shree raam jee vishnu jee ka prateek hota hai shivajee ka bhee hota hai chandan unhen bhee lagata hai aapako baikunth dhaam ya kailaash dhaam mein se koee ek milega ya vah aapase poochhenge dekhie yah baat to ho sakata hai aapako sunane mein paanee lage badee phanee nahin hai yah riyal hai har insaan ke man mein koee na koee eeshvar kee chhavi banee hotee hai aur us chhavi ke koding buk kaam karata hai to band hai peela chandan chandan lagaane ka shauk hota hai chandan ke maathe par lagega to usase yah hoga ki dekhie ham duniya mein aae kyon hain ham aae hain moksh praapti ke lie insaan hee roop ham paate hain achchhe bure karm karate hain phir usaka dand bhonkate hain usase behatar hai ki eeshvar ke dhaam mein hamen jagah mil jae paramaanentalee janmon-janmon ke lie matalab janm maran ka jo chakr hai yah main samajh chukee hoon achchhe se ho sakata aapako isamen intarest na aae bat janm maran ke chakr se ham chhoot jaate hain to usake lie hamen yah stail ke roop mein hota hai jab ham tilak lagaate hain chandan lagaate hain to usase yah cheej prateet hotee hai ki ham bhaee vishnu log jaenge baikunth dhaam jaenge ya shiv log jaenge kailaash ham jaenge to bahut achchhee cheej hai main kahatee hoon agar eeshvar ke paas pahunchane ke lie jo bhee aapako tareeka milata hai pojitiv tareeka vah bilkul apanaana chaahie kyonki hamaara jeevan jo hai vah hamaara nahin hai eeshvar ka hai aur main sach bata rahee hoon yah cheej mein pheel karatee hoon soch kar kaaphee achchha pheel hota hai ki jab apane ko eeshvar ke charanon mein agar sthaan mil gaya na to maan ke chalie ki sab kuchh saarthak ho gaya ivan aapako agar achchha sthaan eeshvar ke charanon mein milata hai to jo aapake peechhe rah jaatee hai aapakee phaimilee riletiv un logon ka bhee bhala ho jaata hai to ham jeete jee bhee achchha karen aur marane ke baad bhee hamaaree taraph se achchha ho bhaavana rakhanee chaahie bahut jarooree hai main bahut jyaada spirichual hoon iseelie main yah baat aapase kar rahee hoon ummeed karatee hoon aapako savaal ka javaab mil gaya hoga jaise lamba chandan lagaate hain aara tripund banaate hain to shiv jee ke bhakt hain lamba lagaate hain hanumaan jee ka jaisa tilak rahata hai vaisa to sab prakaar ke bhakt jo rahate hain vah apane aaraadhy ke hisaab se tika lagaate hain theek hai to usee tarah usase hamen yah samajh mein aa jaata hai ki is lok mein hamen jaana hai to ummeed to too aapako aaj is savaal ka kliyar javaab mila hoga agar aapako mere javaab mein kuchh truti lagatee hai to pleej mujhe bataiega ol da veree best dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:37
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका पोस्ट ने मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं तो फिर से मस्तिष्क पर चंदन लगाने के धार्मिक भी अपना महत्व हो सकता है और इसका वैज्ञानिक महत्व भी हो सकता है धार्मिक महत्व यह होता है कि हम भगवान शंकर पर चंदन लगाते हैं और वे परेशान के रूप में अपने माथे पर लगाते हैं तो उसे प्रसाद समझकर यह अपने माथे में लगाते हैं और वैज्ञानिक रूप है हो सकता है कि चंदन का पास में बहुत ठंडा होता है तो मैं माथे पर लगाने पर हमारे सर को शीतलता प्रदान करता है इसलिए मस्त-मस्त चंदन लगाते हैं धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka post ne mastishk par chandan kyon lagaate hain to phir se mastishk par chandan lagaane ke dhaarmik bhee apana mahatv ho sakata hai aur isaka vaigyaanik mahatv bhee ho sakata hai dhaarmik mahatv yah hota hai ki ham bhagavaan shankar par chandan lagaate hain aur ve pareshaan ke roop mein apane maathe par lagaate hain to use prasaad samajhakar yah apane maathe mein lagaate hain aur vaigyaanik roop hai ho sakata hai ki chandan ka paas mein bahut thanda hota hai to main maathe par lagaane par hamaare sar ko sheetalata pradaan karata hai isalie mast-mast chandan lagaate hain dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
TechVR ( Vikas RanA) Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए TechVR जी का जवाब
IT Professional
1:25
हेलो री भोपाजी सब ठीक होंगे प्रश्न पूछा गया मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं देखो बताना चाहूंगा ज्यादातर हिंदू धार्मिक संस्कारों में माथे पर तिलक के चंदन लगाया जाता है पूजा पाठ विवाह आदि बहुत सारे आयोजनों में तिलक और चंदन लगाने का बहुत बड़ी बात है लेकिन आपको बताना चाहूंगा कि माथे पर चंदन का तेल कहां पर पर जाने के कारण क्या है हमेशा मस्तिष्क के केंद्र पर लगाया था दिल को मुश्किल केंद्र गाने के पीछे करनी है क्या मर्जी के साथ छोटे ऊर्जा कहते हो तेल को मस्तिष्क के बीच में से लगाया था कि हमारे मस्तिष्क में के बीच में अगले चक्कर होता है जिसे गुरु चक्कर भी कहा था यह मानव शरीर का केंद्र स्थान है इसे एकाग्रता और ज्ञान परिपूर्ण गुरु चक्र से परिपूर्ण का जो गुरु चक्र ब्रश ब्रश ब्रश पति का केंद्र माना जाता है बस पति सभी देवों का गुरु होता है इसलिए से गुरु चक्कर कहा जाता है कि तिलक जगह किसी भी रंग का हो सभी में ऊर्जा होती है लेकिन सफेद रंग जानी चंदन के तेल को सीता विदाई लाल रंग के पिलर को ऊर्जा और पीले रंग के तिलक को प्रसन्न नीचे रहने के लिए भी लगाया जाता है वह शिव भक्ति शिव भक्त भभूति जाने काले रंग का तिलक लगाते हैं तो मामा को दूर करने का सूचक है तू शीतल दाई होने की वजह से ही जो है उसको लगाया जाता है और उसमें जो है ऊर्जावान शक्तियां भी रहती हैं यही वजह मस्तिष्क पर चंद्र लगाने की आशा करता हूं आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया वर्क लाइक और शेयर करें धन्यवाद
Helo ree bhopaajee sab theek honge prashn poochha gaya mastishk par chandan kyon lagaate hain dekho bataana chaahoonga jyaadaatar hindoo dhaarmik sanskaaron mein maathe par tilak ke chandan lagaaya jaata hai pooja paath vivaah aadi bahut saare aayojanon mein tilak aur chandan lagaane ka bahut badee baat hai lekin aapako bataana chaahoonga ki maathe par chandan ka tel kahaan par par jaane ke kaaran kya hai hamesha mastishk ke kendr par lagaaya tha dil ko mushkil kendr gaane ke peechhe karanee hai kya marjee ke saath chhote oorja kahate ho tel ko mastishk ke beech mein se lagaaya tha ki hamaare mastishk mein ke beech mein agale chakkar hota hai jise guru chakkar bhee kaha tha yah maanav shareer ka kendr sthaan hai ise ekaagrata aur gyaan paripoorn guru chakr se paripoorn ka jo guru chakr brash brash brash pati ka kendr maana jaata hai bas pati sabhee devon ka guru hota hai isalie se guru chakkar kaha jaata hai ki tilak jagah kisee bhee rang ka ho sabhee mein oorja hotee hai lekin saphed rang jaanee chandan ke tel ko seeta vidaee laal rang ke pilar ko oorja aur peele rang ke tilak ko prasann neeche rahane ke lie bhee lagaaya jaata hai vah shiv bhakti shiv bhakt bhabhooti jaane kaale rang ka tilak lagaate hain to maama ko door karane ka soochak hai too sheetal daee hone kee vajah se hee jo hai usako lagaaya jaata hai aur usamen jo hai oorjaavaan shaktiyaan bhee rahatee hain yahee vajah mastishk par chandr lagaane kee aasha karata hoon aapako aapake savaal ka javaab mil gaya vark laik aur sheyar karen dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
1:04
पर चंदन क्यों लगाते हैं चंदन की तासीर काफी ठंडा होता है और उस ठंडी तासीर को जब भी हम अपने मस्तक पर लगाते हैं निश्चित तौर पर वह हमें एक सुकून देता है मस्तिष्क को ठंडा करता है और मस्ती से जुड़ा हुआ मन हो रहा नर्वस सिस्टम होता है तो कहीं मन शांत होगा मस्त साथ सोऊंगा तो पाराशरी बेहतर काम करेगी और दूसरा हिंदुस्तान का इस्तेमाल करने के लिए तैयार एनिमल पूरा लपेट लेती ढंग से पूजा पाठ कर सकते हैं
Par chandan kyon lagaate hain chandan kee taaseer kaaphee thanda hota hai aur us thandee taaseer ko jab bhee ham apane mastak par lagaate hain nishchit taur par vah hamen ek sukoon deta hai mastishk ko thanda karata hai aur mastee se juda hua man ho raha narvas sistam hota hai to kaheen man shaant hoga mast saath sooonga to paaraasharee behatar kaam karegee aur doosara hindustaan ka istemaal karane ke lie taiyaar enimal poora lapet letee dhang se pooja paath kar sakate hain

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:05
चंदन क्यों लगाते हैं वास्तव में चंदन शीतलता का प्रतीक है चंदन पवित्रता का प्रतीक है चंदन इंसान के मन के अंदर मनोभाव का प्रतीक है चंदन विष व्यापत नहीं लिपटे रहत भुजंग बुराइयों से दूर रहने का प्रतीक है चंदन वह भी पदार्थ है जिसको लगाने से इंसान क्यों मन को शांति मिलती है मस्जिद को शांति मिलती है पवित्रता मिलती है मन स्थिर होता है और कितनी बुराइयां क्यों ना हो वह इंसान को जो है अपने पास फटकने नीचे की सूची चीज तिलक लगाना एक बात का प्रतीक नहीं है कि आप उन प्रकांड विद्वान या आपके पास ब्रह्म ज्ञान है लेकिन हां चंदन का तिलक लगाना बात का प्रतीक है कि आप आध्यात्मिक ज्ञान को और अग्रसर हो रहे हैं
Chandan kyon lagaate hain vaastav mein chandan sheetalata ka prateek hai chandan pavitrata ka prateek hai chandan insaan ke man ke andar manobhaav ka prateek hai chandan vish vyaapat nahin lipate rahat bhujang buraiyon se door rahane ka prateek hai chandan vah bhee padaarth hai jisako lagaane se insaan kyon man ko shaanti milatee hai masjid ko shaanti milatee hai pavitrata milatee hai man sthir hota hai aur kitanee buraiyaan kyon na ho vah insaan ko jo hai apane paas phatakane neeche kee soochee cheej tilak lagaana ek baat ka prateek nahin hai ki aap un prakaand vidvaan ya aapake paas brahm gyaan hai lekin haan chandan ka tilak lagaana baat ka prateek hai ki aap aadhyaatmik gyaan ko aur agrasar ho rahe hain

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
0:55
पूछा गया मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं तो देखिए जैसा क्यों सब जानते हैं चंदन एक ऐसी चीज है जो ठंडक प्रदान करती है शरीर को तो जब आप मस्तक पर चंदन लगाते हैं तो आपके दिमाग को शांत और ठंडा रखती है और ऐसी स्थिति में जब आपके घर तक पर चंदन लगा हो तो ऐसा माना जाता है कि आपकी जो डिसीजन होते हैं वह ज्यादा एक्यूरेट होते करें क्योंकि क्योंकि आप शांत मन से कोई भी डिसीजन लेते हैं और जब आपको चंदन लगाकर पढ़ाई करते हैं तो आपका मन ज्यादा एकाग्र चित्त होता है ज्यादा कंसंट्रेशन होता है और आपको बहुत जल्दी से जल्दी समझ में आने लगता है प्लीज ग्रास्पिंग पावर बढ़ जाती है और यह से पसंद नहीं है फैक्ट है क्योंकि चंदन साहब के शरीर आपके दिमाग का जो टेंपरेचर है क्या सकते हम वह कम होता है इससे आपका मन शांत रहता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya mastishk par chandan kyon lagaate hain to dekhie jaisa kyon sab jaanate hain chandan ek aisee cheej hai jo thandak pradaan karatee hai shareer ko to jab aap mastak par chandan lagaate hain to aapake dimaag ko shaant aur thanda rakhatee hai aur aisee sthiti mein jab aapake ghar tak par chandan laga ho to aisa maana jaata hai ki aapakee jo diseejan hote hain vah jyaada ekyooret hote karen kyonki kyonki aap shaant man se koee bhee diseejan lete hain aur jab aapako chandan lagaakar padhaee karate hain to aapaka man jyaada ekaagr chitt hota hai jyaada kansantreshan hota hai aur aapako bahut jaldee se jaldee samajh mein aane lagata hai pleej graasping paavar badh jaatee hai aur yah se pasand nahin hai phaikt hai kyonki chandan saahab ke shareer aapake dimaag ka jo temparechar hai kya sakate ham vah kam hota hai isase aapaka man shaant rahata hai ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Pradumn kumar Vajpayee Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Pradumn जी का जवाब
Bijneas9369174848
1:07
मस्जिद पर चंदन क्यों लगाते हैं तो दोस्तों हमारे मस्तक के बीचो-बीच केंद्र बिंदु है जो की कुंडली का केंद्र बिंदु है यह भी आदेश और प्रिया में उत्पन्न होती है और माथे पर चंदन लगाने से या चंदन का तिलक लगाने से विश्वास को बल मिलता है मस्तक में थकावट आती है उदासी दूर होती है सिरदर्द की समस्या नहीं रहती सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है कई तरीके की मानसिक बीमारियों से भी बचा जा सकता है तिलक चार प्रकार के हमारे शरीर को काफी फायदा देते हैं कुमकुम केसर चंदन भस्म चंदन लगाने की परंपरा कई हजार वर्षों से चली आ रही है जब राजा युद्ध पर जाते थे तो विजय तिलक लगाया जाता था वह तिलक उनको कुछ विजय की याद दिला कर उनके आत्मविश्वास को बल देता था कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है चंदन के तिलक से हमारा मस्तक ठंडा और शांत रहता है ठंडे और शांत मन से किया हुआ विचार ही उत्तम विचार होता है जवाब सुनने के लिए धन्यवाद
Masjid par chandan kyon lagaate hain to doston hamaare mastak ke beecho-beech kendr bindu hai jo kee kundalee ka kendr bindu hai yah bhee aadesh aur priya mein utpann hotee hai aur maathe par chandan lagaane se ya chandan ka tilak lagaane se vishvaas ko bal milata hai mastak mein thakaavat aatee hai udaasee door hotee hai siradard kee samasya nahin rahatee saubhaagy mein badhotaree hotee hai kaee tareeke kee maanasik beemaariyon se bhee bacha ja sakata hai tilak chaar prakaar ke hamaare shareer ko kaaphee phaayada dete hain kumakum kesar chandan bhasm chandan lagaane kee parampara kaee hajaar varshon se chalee aa rahee hai jab raaja yuddh par jaate the to vijay tilak lagaaya jaata tha vah tilak unako kuchh vijay kee yaad dila kar unake aatmavishvaas ko bal deta tha kul milaakar kahane ka matalab yah hai chandan ke tilak se hamaara mastak thanda aur shaant rahata hai thande aur shaant man se kiya hua vichaar hee uttam vichaar hota hai javaab sunane ke lie dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
lalit Netam Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए lalit जी का जवाब
Unknown
0:54
आपका सवाल है मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगा देते जब मस्तिष्क पर चंदा नहीं लगाते माथे पर चंदन लगाया जाता है माथे पर चंदन इसलिए आ जाता है क्योंकि इससे क्या बताएं हमारे मन शांत और एकाग्र चित्त हो जाता है आप इसे प्रेक्टिकल करके देख सकते हो आप एक हफ्ते तक चंदन का तिलक लगाया फिर अपने माथे पर चंदन लगा कर के आप देखना आपको मन शांत रहेगा अगर जिस व्यक्ति को गुस्सा आता है वह भी से ट्राई कर सकते हैं गुस्सा शांत हो जाएगा आप टाइगर के देख सकती जितने लोग भी साधु संत होते हैं तो क्या करते हैं मस्तिष्क पर माथे पर चंदन लगाते हैं तो आप भी चंद्र लगाइए और देखे इसका विशेष प्रयोग करके देखो रिया लास्ट में क्या अनुभव होगा आपको खुद पता चल जाएगा ठीक है तैयार करके एक्सपेरिमेंट करना चाहिए आपको भी की मस्त-मस्त मालिक माथे पर चंदन से क्या फायदे हो सकते आपको ले आकर के देखो आपको पूछना अच्छा अनुभव होगा तो आप ले आ कर देखिए आपको अच्छा से अच्छा होगा ठीक है
Aapaka savaal hai mastishk par chandan kyon laga dete jab mastishk par chanda nahin lagaate maathe par chandan lagaaya jaata hai maathe par chandan isalie aa jaata hai kyonki isase kya bataen hamaare man shaant aur ekaagr chitt ho jaata hai aap ise prektikal karake dekh sakate ho aap ek haphte tak chandan ka tilak lagaaya phir apane maathe par chandan laga kar ke aap dekhana aapako man shaant rahega agar jis vyakti ko gussa aata hai vah bhee se traee kar sakate hain gussa shaant ho jaega aap taigar ke dekh sakatee jitane log bhee saadhu sant hote hain to kya karate hain mastishk par maathe par chandan lagaate hain to aap bhee chandr lagaie aur dekhe isaka vishesh prayog karake dekho riya laast mein kya anubhav hoga aapako khud pata chal jaega theek hai taiyaar karake eksaperiment karana chaahie aapako bhee kee mast-mast maalik maathe par chandan se kya phaayade ho sakate aapako le aakar ke dekho aapako poochhana achchha anubhav hoga to aap le aa kar dekhie aapako achchha se achchha hoga theek hai

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:15
तुम स्टिक्सपेय चेन्नई क्यों लगाते तो चल नहीं लगाना बहुत अच्छी बात होती है आप जो पूजा कर ले उसके मस्तिष्क उछलने लगाएंगे तो 1 सालों से प्राप्त होती है ना लगाना बहुत शक्ति होती है कोशिश करो की डोली चली मिलने के लिए
Tum stiksapey chennee kyon lagaate to chal nahin lagaana bahut achchhee baat hotee hai aap jo pooja kar le usake mastishk uchhalane lagaenge to 1 saalon se praapt hotee hai na lagaana bahut shakti hotee hai koshish karo kee dolee chalee milane ke lie

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
2:34
सवाल है कि मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं हम देखते हैं कि माथे पर चंदन के तिलक लगाने की प्रथा सदियों से चली आ रही है चंदनिया रोली का तिलक मस्तिष्क के केंद्र में लगाया जाता है क्योंकि हमारे शरीर में छोटे-छोटे ऊर्जा केंद्र होते हैं मां के बीच में आज्ञा चक्र होता है जिसे गुरु चक्र भी कहते हैं यह मानवता केंद्र स्थान है यह स्थान एकाग्रता ज्ञान से परिपूर्ण होता है जहां से कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है जो स्थान पर चंदन का तिलक लगाने से मस्तिष्क को शीतलता पवित्रता प्रदान करता है इंसान के मन के अंदर और पवित्र विचारों को जन्म देता है इंसान को अच्छे काम करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है मस्तिष्क पर अब तुझ पर तिलक लगाने की परंपरा हिंदू धर्म में अनादि काल से चली आ रही है यह सामाजिक सांस्कृतिक धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है यह व्यक्ति के व्यक्ति नई गरिमा प्रदान करता है मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी तिलक लगाने की महिमा को बताया गया है हिंदू दर्शन और जीवन शैली एवं मान्यता के अनुसार व्यक्ति मन बुद्धि शरीर और आत्मा का संगम है मनुष्य के अंतःकरण में ब्रह्मा का वास होता है अतः मस्तिष्क पर चंदन का तिलक आत्मा को हमेशा शुद्ध और शीतल रखता है आज के युग में भी जब भी हम कोई अनुष्ठान करते हैं तो माथे पर तिलक अवश्य लगाया जाता है माथे पर तिलक लगाने पर असर के ऊपर हाथ रखने की परंपरा है जो मन मस्तिष्क को शांत रखने की प्रक्रिया है ताकि हम किसी भी अनुष्ठान को शांति से पूर्ण कर सकें हिंदू धर्म में माथे पर तिलक लगाना सात्विकता का प्रदान करने के साथ ही विजय प्राप्त करने के उद्देश्य को पूरा करता है अदिति आगमन पर्व त्योहार का यात्रा पर जाने का समय तीर्थ स्थानों पर तिलक लगाने का चलन इंसान की मंगल कामना के लिए होता है देवी पूजा के बाद तिलक लगाने से आशीर्वाद की प्राप्ति होती है लेकिन या तिलक चंदन का ना होकर लाल रंग का होता है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है चंदन का तिलक माथे पर लगाने के बारे में कहा जाता है कि मानसिक शांति देने के साथ मानसिक रोगों से मुक्त करता है चंदन तिलक के कई प्रकार होते जैसे हरि हरि चंदन गोपी चंदन गोकुल चंदन गोविंद संप्रदाय के लोग गोपी चंदन का तिलक लगाते हैं श्री कृष्ण के चरणों का प्रतिरूप दो खड़ी रेखाओं के रूप में धारण करते हैं
Savaal hai ki mastishk par chandan kyon lagaate hain ham dekhate hain ki maathe par chandan ke tilak lagaane kee pratha sadiyon se chalee aa rahee hai chandaniya rolee ka tilak mastishk ke kendr mein lagaaya jaata hai kyonki hamaare shareer mein chhote-chhote oorja kendr hote hain maan ke beech mein aagya chakr hota hai jise guru chakr bhee kahate hain yah maanavata kendr sthaan hai yah sthaan ekaagrata gyaan se paripoorn hota hai jahaan se kaaryakramon ka sanchaalan kiya jaata hai jo sthaan par chandan ka tilak lagaane se mastishk ko sheetalata pavitrata pradaan karata hai insaan ke man ke andar aur pavitr vichaaron ko janm deta hai insaan ko achchhe kaam karane ke lie protsaahan milata hai mastishk par ab tujh par tilak lagaane kee parampara hindoo dharm mein anaadi kaal se chalee aa rahee hai yah saamaajik saanskrtik dhaarmik aur aadhyaatmik drshti se bhee mahatvapoorn maanee jaatee hai yah vyakti ke vyakti naee garima pradaan karata hai manovaigyaanik drshti se bhee tilak lagaane kee mahima ko bataaya gaya hai hindoo darshan aur jeevan shailee evan maanyata ke anusaar vyakti man buddhi shareer aur aatma ka sangam hai manushy ke antahkaran mein brahma ka vaas hota hai atah mastishk par chandan ka tilak aatma ko hamesha shuddh aur sheetal rakhata hai aaj ke yug mein bhee jab bhee ham koee anushthaan karate hain to maathe par tilak avashy lagaaya jaata hai maathe par tilak lagaane par asar ke oopar haath rakhane kee parampara hai jo man mastishk ko shaant rakhane kee prakriya hai taaki ham kisee bhee anushthaan ko shaanti se poorn kar saken hindoo dharm mein maathe par tilak lagaana saatvikata ka pradaan karane ke saath hee vijay praapt karane ke uddeshy ko poora karata hai aditi aagaman parv tyohaar ka yaatra par jaane ka samay teerth sthaanon par tilak lagaane ka chalan insaan kee mangal kaamana ke lie hota hai devee pooja ke baad tilak lagaane se aasheervaad kee praapti hotee hai lekin ya tilak chandan ka na hokar laal rang ka hota hai jo shareer ko oorja pradaan karata hai chandan ka tilak maathe par lagaane ke baare mein kaha jaata hai ki maanasik shaanti dene ke saath maanasik rogon se mukt karata hai chandan tilak ke kaee prakaar hote jaise hari hari chandan gopee chandan gokul chandan govind sampradaay ke log gopee chandan ka tilak lagaate hain shree krshn ke charanon ka pratiroop do khadee rekhaon ke roop mein dhaaran karate hain

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Rajendra जी का जवाब
Self student
2:15
आपका पर्सनल मैसेज पर चंदन क्यों लगाते हैं ज्यादातर हिंदू धार्मिक संस्कारों में अपने मस्तिष्क पर ही तिलक लगाया जाता है कोई भी अवसर पर पूजा पाठ भी बना दी आयोजनों में तेल लगाने का स्वाद है तो माथे पर ही लगाते हैं इसका क्या कारण है दोस्तों दिल हमेशा मस्तिष्क के केंद्र पर लगाया जाता है दिल को मत इसको के केंद्र पर लगाने के पीछे कारण यह है कि हमारे शरीर में साथ छोटे ऊर्जा केंद्र होते हैं तिलक को मस्तिष्क के बीच में इसलिए लगाया जाता है क्योंकि हमारे मस्तिष्क के बीच या आज्ञा चक्र होता है जिसे गुरु चतुर भी कहते हैं यह दिल है मानव शरीर का केंद्र स्थान है इसे एकाग्रता और ज्ञान से प्रीत यह एकाग्रता और ज्ञान से परिपूर्ण है दोस्तों ग्रुप चक्र को बृहस्पति ग्रह का केंद्र माना जाता है व्यक्ति सभी देवों का गुरु होता है इसीलिए श्री गुरु चरण कहा जाता है दोस्तों हमेशा अनामिका उंगली से तिलक लगाया जाता है अनामिका उंगली गुड़िया की प्रतीक होती है अनामिका उंगली से तिलक लगाने से तेजस्वी और प्रतिष्ठा मिलती है साथ ही जब भी मान सम्मान के लिए अंगूर यानी अंगूठे से तिलक लगाया जाता है उसे तिलक लगाने से ज्ञान और आभूषण की प्राप्ति होती है विजय प्राप्ति के लिए तर्जनी उंगली से तिलक लगाया जाता है दोस्तों दिल किसी भी रंग का हो सभी में ऊर्जा होता है होती है लेकिन सफेद रंग यानी चंदन के तेल को शीतल ताई लाल रंग के तिलक को ऊर्जावान और पीले रंग के तिलक को प्रसन्न रहने के लिए भी लगाया जाता है वही शिवभक्त भभूति एनी काले रंग का तिलक ही लगाते हैं जो मोह माया से दूर रहने का सूचक होता है तो इसका से दोस्तों में स्टेज पर चंदन लगाने का जो मैंने कारण बताया है वह कहता था यहां पर शुरू तक होता है और यहां पर यह ज्ञान चक्र भी ज्ञान का केंद्र होता है तो इसलिए पूरे तरीका इंद्रजाल भी है और क्या करता और ज्ञान से परिपूर्ण होता है तो दोस्तों इस प्रकार से यहां पर माथे के बीच में केंद्र पर चंदन का तिलक लगाया जाता है
Aapaka parsanal maisej par chandan kyon lagaate hain jyaadaatar hindoo dhaarmik sanskaaron mein apane mastishk par hee tilak lagaaya jaata hai koee bhee avasar par pooja paath bhee bana dee aayojanon mein tel lagaane ka svaad hai to maathe par hee lagaate hain isaka kya kaaran hai doston dil hamesha mastishk ke kendr par lagaaya jaata hai dil ko mat isako ke kendr par lagaane ke peechhe kaaran yah hai ki hamaare shareer mein saath chhote oorja kendr hote hain tilak ko mastishk ke beech mein isalie lagaaya jaata hai kyonki hamaare mastishk ke beech ya aagya chakr hota hai jise guru chatur bhee kahate hain yah dil hai maanav shareer ka kendr sthaan hai ise ekaagrata aur gyaan se preet yah ekaagrata aur gyaan se paripoorn hai doston grup chakr ko brhaspati grah ka kendr maana jaata hai vyakti sabhee devon ka guru hota hai iseelie shree guru charan kaha jaata hai doston hamesha anaamika ungalee se tilak lagaaya jaata hai anaamika ungalee gudiya kee prateek hotee hai anaamika ungalee se tilak lagaane se tejasvee aur pratishtha milatee hai saath hee jab bhee maan sammaan ke lie angoor yaanee angoothe se tilak lagaaya jaata hai use tilak lagaane se gyaan aur aabhooshan kee praapti hotee hai vijay praapti ke lie tarjanee ungalee se tilak lagaaya jaata hai doston dil kisee bhee rang ka ho sabhee mein oorja hota hai hotee hai lekin saphed rang yaanee chandan ke tel ko sheetal taee laal rang ke tilak ko oorjaavaan aur peele rang ke tilak ko prasann rahane ke lie bhee lagaaya jaata hai vahee shivabhakt bhabhooti enee kaale rang ka tilak hee lagaate hain jo moh maaya se door rahane ka soochak hota hai to isaka se doston mein stej par chandan lagaane ka jo mainne kaaran bataaya hai vah kahata tha yahaan par shuroo tak hota hai aur yahaan par yah gyaan chakr bhee gyaan ka kendr hota hai to isalie poore tareeka indrajaal bhee hai aur kya karata aur gyaan se paripoorn hota hai to doston is prakaar se yahaan par maathe ke beech mein kendr par chandan ka tilak lagaaya jaata hai

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
2:26
प्रश्न है कि मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं तो दिखे फ्रेंड इसके पीछे कई राज है लोग अपने पूर्वजों की बात मानकर ही लगाते हैं कि वह हमारी परंपरा चली आ रही है इस वजह से लगाते हैं लेकिन जिसको घर नालेज होता है क्योंकि यह हमारे जो मस्ती के बीच का जो केंद्र होते जहां पर लगाते हैं वह हमारा एक केंद्र माना जाता हमारे मस्ती का केंद्र माना जाता है किंतु लगाने केंद्र पर लगाने के पीछे एक कारण है किस में सहायक छोटे ऊर्जा केंद्र होते हैं शरीर में जो हमारे साथ ऊर्जा केंद्र होते हैं यही सब की गुजरते हैं यही कारण है कि हमें क्या करता है एनर्जी वाहन करता है हमें एक एक्टिव अपना दिखाता है और यह बोलता है कि आप डायरेक्शन जाओ दर्शन में गलत रास्ता है आप बर्बादी के अलावा कुछ नहीं हुआ लेकिन इस डायरेक्शन में जाओगे तो आपकी उन्नति होगी आप का विकास होगा तो इसे क्यों होता है कारण से लोग क्या कर रहे हैं की मस्ती के बीच में लेते क्यों नहीं हम साइड में लगा देते भाई एडमिन नहीं लगाते लेकिन मस्तिक नहीं हम लगाते हैं इसका विशेष कारण यह होता है दूसरा कारण होता है की मस्ती के बीच का जो होता है इस बीच का आज्ञा चक्र होता है आज्ञा चक्र होने की वजह से कभी कभी आपने देखा है कि हम इस पर क्या करते अपनी अंगुली अंगुली को कैसे करते हैं तो हमारा जो बीच वाला हिस्सा होता है ना अजीब अजीब सी में शामिल ना होने लगती है अजीब सी समीना हुई लगती है तो आप को समझना चाहिए कि क्यों हो रही है क्योंकि यहां पर कर रहे तो नहीं हो रही क्यों नहीं हो रही है जब कभी भी आप खड़े रहे हैं बैठे रहे तो आपके ऊपर कोई उंगली करके इसे जहां पर लगाते हैं उसके पीछे आपके अंदर ही चीज अजीब सी फीलिंग होने लगता है और इसी फीलिंग को हम जिसे जो चक्र होता है उसी को ग्रुप चक्र भी कहते हैं गुरु चक्र क्या होता है कि हम की जो बातें हैं हम आपकी जो डायरेक्शन है एक गुरु के द्वारा दिखाया जाता है हमें अच्छे रास्ते पर लाया जाता है हमें हमेशा ही हमेशा ही क्या होता है कि अपने भविष्य के बारे में गुरुद्वारा सीखा जाता है चाहे मां मां बाप है वह भी हमारी तरफ से गुरु के रूप में है और हमें कहीं ना कहीं हमें अच्छे डायरेक्शन में ले जाने की कोशिश करने की सबसे बड़ा कारण है यही कारण होता है कि यहां पर हम बीच में ही चंदन लगाते हैं
Prashn hai ki mastishk par chandan kyon lagaate hain to dikhe phrend isake peechhe kaee raaj hai log apane poorvajon kee baat maanakar hee lagaate hain ki vah hamaaree parampara chalee aa rahee hai is vajah se lagaate hain lekin jisako ghar naalej hota hai kyonki yah hamaare jo mastee ke beech ka jo kendr hote jahaan par lagaate hain vah hamaara ek kendr maana jaata hamaare mastee ka kendr maana jaata hai kintu lagaane kendr par lagaane ke peechhe ek kaaran hai kis mein sahaayak chhote oorja kendr hote hain shareer mein jo hamaare saath oorja kendr hote hain yahee sab kee gujarate hain yahee kaaran hai ki hamen kya karata hai enarjee vaahan karata hai hamen ek ektiv apana dikhaata hai aur yah bolata hai ki aap daayarekshan jao darshan mein galat raasta hai aap barbaadee ke alaava kuchh nahin hua lekin is daayarekshan mein jaoge to aapakee unnati hogee aap ka vikaas hoga to ise kyon hota hai kaaran se log kya kar rahe hain kee mastee ke beech mein lete kyon nahin ham said mein laga dete bhaee edamin nahin lagaate lekin mastik nahin ham lagaate hain isaka vishesh kaaran yah hota hai doosara kaaran hota hai kee mastee ke beech ka jo hota hai is beech ka aagya chakr hota hai aagya chakr hone kee vajah se kabhee kabhee aapane dekha hai ki ham is par kya karate apanee angulee angulee ko kaise karate hain to hamaara jo beech vaala hissa hota hai na ajeeb ajeeb see mein shaamil na hone lagatee hai ajeeb see sameena huee lagatee hai to aap ko samajhana chaahie ki kyon ho rahee hai kyonki yahaan par kar rahe to nahin ho rahee kyon nahin ho rahee hai jab kabhee bhee aap khade rahe hain baithe rahe to aapake oopar koee ungalee karake ise jahaan par lagaate hain usake peechhe aapake andar hee cheej ajeeb see pheeling hone lagata hai aur isee pheeling ko ham jise jo chakr hota hai usee ko grup chakr bhee kahate hain guru chakr kya hota hai ki ham kee jo baaten hain ham aapakee jo daayarekshan hai ek guru ke dvaara dikhaaya jaata hai hamen achchhe raaste par laaya jaata hai hamen hamesha hee hamesha hee kya hota hai ki apane bhavishy ke baare mein gurudvaara seekha jaata hai chaahe maan maan baap hai vah bhee hamaaree taraph se guru ke roop mein hai aur hamen kaheen na kaheen hamen achchhe daayarekshan mein le jaane kee koshish karane kee sabase bada kaaran hai yahee kaaran hota hai ki yahaan par ham beech mein hee chandan lagaate hain

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
मनोज कुमार यादव Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए मनोज जी का जवाब
कृषक 🌾🌾🌾🌾
0:46
नमस्कार मित्र राजेश कैमरा के माथे पर चंदन क्यों लगाया तो देखें मित्रों कोई ना कोई काम करने के लिए कुछ ना कुछ परंपरा हमारे पूर्वजों से चलते आ रहे हैं ऐसे में भी यही वह परंपरा है जो कि हम सब भी पालन करते हैं लेकिन चंदन माथे में तभी लगाए थे जब कोई पूजा पाठ करते हैं तू समय बहुत बड़ा मातम होते हैं भगवान के साथ साधनों को भी चंदन लगाना जानवर होते हैं और इसका जरूर है कि शास्त्रों में कुछ वर्णन किया होगा जहां तक हमें पता है कि पूजा पाठ होते हैं तभी चंदन का लेप लगाया जाता है धन्यवाद
Namaskaar mitr raajesh kaimara ke maathe par chandan kyon lagaaya to dekhen mitron koee na koee kaam karane ke lie kuchh na kuchh parampara hamaare poorvajon se chalate aa rahe hain aise mein bhee yahee vah parampara hai jo ki ham sab bhee paalan karate hain lekin chandan maathe mein tabhee lagae the jab koee pooja paath karate hain too samay bahut bada maatam hote hain bhagavaan ke saath saadhanon ko bhee chandan lagaana jaanavar hote hain aur isaka jaroor hai ki shaastron mein kuchh varnan kiya hoga jahaan tak hamen pata hai ki pooja paath hote hain tabhee chandan ka lep lagaaya jaata hai dhanyavaad

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Raghvendra जी का जवाब
Unknown
2:05
हेलो फ्रेंड नमस्कार जैसा कि आपका प्रश्न है मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं लेकिन फ्रेंड मस्तिष्क पर चंदन लगाने का अपना एक अलग ही परंपरा है यह सनातन धर्म का अपना एक हथियार माना गया है एक सम्मानजनक जो है प्रतीक माना गया है हिंदू राष्ट्र का अपना एक पहचान मारा गया है उसे और चंदन जो है अगर आप मैसेज पर लगाते हैं खासकर चंदन अगर लगाते हैं तो इस पर एक दोहा है मैं आपको सुनाना चाहता हूं रहीम दास जी कहते हैं फ्रेंड की जो रहीम उत्तम प्रकृति का करि सकत कुसंग चंदन विष व्यापत नहीं लिपटे रहत भुजंग अर्थात रहीम दास जी कहना चाहते हैं फ्रेंड की जो अच्छे स्वभाव के मनुष्य होते हैं उनको बुरी संगत भी बिगाड़ नहीं पाती है जैसे कि जहरीले सांप जो है वह चंदन के वृक्ष से लिपटी रहते हैं पर उस पर भी कोई जहरीला प्रभाव नहीं पड़ता है यानी कि जो जहरीले सांप होते हैं वह चंदन के वृक्ष पर लिपटे रहते हैं लेकिन जहरीले सांप का कोई प्रभाव जो है चंदन वृक्ष पर नहीं पड़ता है यह तो उन्होंने यह बताया कि इंसान अगर अच्छा है तो उसकी अच्छाई नहीं मरती है लेकिन आपने क्वेश्चन किया है कि चंदन क्यों लगाते हैं तो चंदन अगर आप लगाते हैं तो आपकी आत्मा शुद्ध होती है फ्रेंड मन शांत रहता है मस्तिष्क में जो है अश्लीलता वाली कोई विचार नहीं आती आपने देखा होगा किधर चंदन आप लगाते हैं कभी आप महसूस कर दीजिए कि आपको सच कह रहा है या फिर अश्लीलता की कोई भावनाएं नहीं आती है फिर मन शांत रहता है स्वच्छ रहता है और आप जो है एक हिंदू सनातन राष्ट्र में आप अपने हिंदू में आप बहुत ही गौरवान्वित महसूस करते हैं और हिंदू जात का यह मानिक प्रतीक है आसान जवाब पसंद आया होगा शुक्रिया
Helo phrend namaskaar jaisa ki aapaka prashn hai mastishk par chandan kyon lagaate hain lekin phrend mastishk par chandan lagaane ka apana ek alag hee parampara hai yah sanaatan dharm ka apana ek hathiyaar maana gaya hai ek sammaanajanak jo hai prateek maana gaya hai hindoo raashtr ka apana ek pahachaan maara gaya hai use aur chandan jo hai agar aap maisej par lagaate hain khaasakar chandan agar lagaate hain to is par ek doha hai main aapako sunaana chaahata hoon raheem daas jee kahate hain phrend kee jo raheem uttam prakrti ka kari sakat kusang chandan vish vyaapat nahin lipate rahat bhujang arthaat raheem daas jee kahana chaahate hain phrend kee jo achchhe svabhaav ke manushy hote hain unako buree sangat bhee bigaad nahin paatee hai jaise ki jahareele saamp jo hai vah chandan ke vrksh se lipatee rahate hain par us par bhee koee jahareela prabhaav nahin padata hai yaanee ki jo jahareele saamp hote hain vah chandan ke vrksh par lipate rahate hain lekin jahareele saamp ka koee prabhaav jo hai chandan vrksh par nahin padata hai yah to unhonne yah bataaya ki insaan agar achchha hai to usakee achchhaee nahin maratee hai lekin aapane kveshchan kiya hai ki chandan kyon lagaate hain to chandan agar aap lagaate hain to aapakee aatma shuddh hotee hai phrend man shaant rahata hai mastishk mein jo hai ashleelata vaalee koee vichaar nahin aatee aapane dekha hoga kidhar chandan aap lagaate hain kabhee aap mahasoos kar deejie ki aapako sach kah raha hai ya phir ashleelata kee koee bhaavanaen nahin aatee hai phir man shaant rahata hai svachchh rahata hai aur aap jo hai ek hindoo sanaatan raashtr mein aap apane hindoo mein aap bahut hee gauravaanvit mahasoos karate hain aur hindoo jaat ka yah maanik prateek hai aasaan javaab pasand aaya hoga shukriya

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:24
आपका सवाल है कि मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं तो उसका विज्ञानिक टाइम देखा जाए तो ऐसा माना जाता है कि यह शरीर की गर्मी को नियंत्रण कर सकता है इसमें मौजूद रेड लाइट चौकी ऑक्साइड से दिमाग की नसों को नियंत्रित करती है इसलिए माथे पर चंदन लगाया जाता है यह एक वैज्ञानिक कारण

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