#जीवन शैली

 Neeraj Kumar  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
0:49
हेलो दोस्तों मैंने सवाल है हमारा जीवन कैसा होता आदि मानव जाति का विकास तभी ना होगा सौरमंडल के बाहर कहीं होता तो स्वर्ण मंडित बाहर भी जीवन है आपको शायद नहीं पता हो लेकिन जीवन मौजूद है सिर्फ मानव जाति ग्रुप में नहीं और किसी जीव जंतु के रूप में या बारिश ग्रुप में या कट्टे के रूप में मौजूद है कई प्लानेट है जिसमें एक जीव पाए गए हैं तो मानव जाति जैसा व्यक्ति पर जीवन है वैसा ही अलग-अलग प्लांट होगा वहां पर भी मानव जाति को उतना ऑप्शन चाहिए पड़ेगी क्या चाय नेचुरल हमार नेचर है वैसे ही बाबा भी होना चाहिए तभी इस पॉसिबल है
Helo doston mainne savaal hai hamaara jeevan kaisa hota aadi maanav jaati ka vikaas tabhee na hoga sauramandal ke baahar kaheen hota to svarn mandit baahar bhee jeevan hai aapako shaayad nahin pata ho lekin jeevan maujood hai sirph maanav jaati grup mein nahin aur kisee jeev jantu ke roop mein ya baarish grup mein ya katte ke roop mein maujood hai kaee plaanet hai jisamen ek jeev pae gae hain to maanav jaati jaisa vyakti par jeevan hai vaisa hee alag-alag plaant hoga vahaan par bhee maanav jaati ko utana opshan chaahie padegee kya chaay nechural hamaar nechar hai vaise hee baaba bhee hona chaahie tabhee is posibal hai

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Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:25
हमारे जीवन कैसा होता है देखना चाहते थे विकास रफी के नाम से सौरमंडल के बाहर कहीं और होता तो यह डिपेंड करता है उस मंडल पर कि वहां पर क्रॉस करते हैं सावन में चमेली का तेल मिलाकर पानी है या नहीं बाकी सारी औरतें या नहीं वहां पर फल है या नहीं है पहले तो शर्म तो नहीं है हमारे शरीर का टेंपरेचर है वह सूट करेगा कुर्बानी
Hamaare jeevan kaisa hota hai dekhana chaahate the vikaas raphee ke naam se sauramandal ke baahar kaheen aur hota to yah dipend karata hai us mandal par ki vahaan par kros karate hain saavan mein chamelee ka tel milaakar paanee hai ya nahin baakee saaree auraten ya nahin vahaan par phal hai ya nahin hai pahale to sharm to nahin hai hamaare shareer ka temparechar hai vah soot karega kurbaanee

Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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🧖‍♀️life coach,Spiritual Advisor And Motivational speaker🙏
1:06
आपका प्रश्न है हमारा जीवन कैसा होता है यदि मानव जाति का विकास पृथ्वी पर ना होकर सौरमंडल के बाहर होता तो यह पृथ्वी है सौरमंडल के बाहर अगर आप रिसर्च करेंगे तो ऐसी न जाने कितनी सारी प्रक्रिया है जिसके संपर्क में हम लोग नहीं है ऐसी प्रक्रिया है जैसे आप यहां जी रहे हैं इस पृथ्वी में वैसे हमारे जैसे दिखने वाले लोग भी एक अलग पृथ्वी में जी रहे हैं ठीक है तो हमारा विकास अगर पृथ्वी में हुआ है बाकी हो कभी विकास किसी ना किसी पृथ्वी में हुआ हमारे सौरमंडल में बहुत सारे ऐसे ग्रह हैं जिन्हें हम अभी नहीं जानते जिनसे हम अभी भी अनजान हैं कि हमारा विकास जैसे यहां हुआ है वैसे ही किसी और पृथ्वी में होता है ना अगर आप साइंस स्टूडेंट है तो आप जुड़ चुकी हूं इसलिए मुझे पता है कि आरोपी है जिसे एक सुप्रीम पावर संभालती है ठीक है धन्यवाद
Aapaka prashn hai hamaara jeevan kaisa hota hai yadi maanav jaati ka vikaas prthvee par na hokar sauramandal ke baahar hota to yah prthvee hai sauramandal ke baahar agar aap risarch karenge to aisee na jaane kitanee saaree prakriya hai jisake sampark mein ham log nahin hai aisee prakriya hai jaise aap yahaan jee rahe hain is prthvee mein vaise hamaare jaise dikhane vaale log bhee ek alag prthvee mein jee rahe hain theek hai to hamaara vikaas agar prthvee mein hua hai baakee ho kabhee vikaas kisee na kisee prthvee mein hua hamaare sauramandal mein bahut saare aise grah hain jinhen ham abhee nahin jaanate jinase ham abhee bhee anajaan hain ki hamaara vikaas jaise yahaan hua hai vaise hee kisee aur prthvee mein hota hai na agar aap sains stoodent hai to aap jud chukee hoon isalie mujhe pata hai ki aaropee hai jise ek supreem paavar sambhaalatee hai theek hai dhanyavaad

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
0:58
और हमारा जीवन कैसा होता है यदि मानव जाति का विकास पृथ्वी पर नवकर सौरमंडल के बाहर कहीं होता है दोस्तों यह मात्र एक सोचने की बात है परंतु हकीकत तो बाकी यह बनती है कि जो प्रकृति है दोस्तों इस ने मानव को और अपने आप को इस तरीके से इसका निर्माण किया है कि कोई भी एक दूसरे को नुकसान ना करें ठीक इसी तरीके से यदि मनुष्य की उत्पत्ति वॉइस पृथ्वी के ऊपर नाम करके दूसरे यदि किसी ग्रह सौरमंडल के किसी भी ग्रह के ऊपर होती तो वही सामंजस्य मारा स्थापित होता जैसा हमारे अभी पृथ्वी पर है देखिए जरूरी नहीं है कि आज हम ऑक्सीजन ले रहे हो सकती हम बाहर भी हो सकते थे कैसे भी होता परंतु प्रकृति जो हमें एडजस्ट करती है एडजस्ट करना ही जो है वह मानव की उत्पत्ति का मतलब निकलता
Aur hamaara jeevan kaisa hota hai yadi maanav jaati ka vikaas prthvee par navakar sauramandal ke baahar kaheen hota hai doston yah maatr ek sochane kee baat hai parantu hakeekat to baakee yah banatee hai ki jo prakrti hai doston is ne maanav ko aur apane aap ko is tareeke se isaka nirmaan kiya hai ki koee bhee ek doosare ko nukasaan na karen theek isee tareeke se yadi manushy kee utpatti vois prthvee ke oopar naam karake doosare yadi kisee grah sauramandal ke kisee bhee grah ke oopar hotee to vahee saamanjasy maara sthaapit hota jaisa hamaare abhee prthvee par hai dekhie jarooree nahin hai ki aaj ham okseejan le rahe ho sakatee ham baahar bhee ho sakate the kaise bhee hota parantu prakrti jo hamen edajast karatee hai edajast karana hee jo hai vah maanav kee utpatti ka matalab nikalata

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:05
हेलो एवरीवन ख्वाजा का सवाल है कि हमारा जीवन कैसा होता यदि मानव जाति का विकास पृथ्वी पर ना होकर सौरमंडल के बाहर कहीं होता तो देखिए अभी हम जितने भी प्लैनेट्स के बारे में जानते हैं कुछ प्लान इसमें तो इंसान का सरवाइज करना मतलबी इंसान ना ही कोई और गाने सुन हमारे जैसे आ सकता है उसे इंसान बन सकता है इंसान हम जाकर वहां पर सगाई कर सकते सर जी चल रहा है तू किसी और अगर यूनिवर्स की बात करेंगे तो यह सब कहने की बात है कि अगर हमारे जैसा एक एटमॉस्फेयर अगर वहां पर भी प्रजेंट हो तो हमारे जैसा कहां पर है मतलब जल्दी नहीं सकता है और सफाई भी कर सकता है क्योंकि अगर हम अपने बारे में देखे तो हमारा कैसे जैसे कि पॉल्यूशन हुआ है जैसे ही पहले हम मतलब कैसे दिखते थे अर्ली मैन के सकते हैं वहां से कैसे कैसे इवोल्यूशन मतलब कैसे-कैसे बदलाव आया है तो अगर ऐसा ऐसा पर्यावरण अगर किसी और सौरमंडल और कोई और यूनिवर्स में किसी और से अगर देखा जाए ऐसी पोलूशन वहां पर भी बदलाव आएगा और हमारे जैसे और गाने दो वहां पर भी बन सकते हैं
Helo evareevan khvaaja ka savaal hai ki hamaara jeevan kaisa hota yadi maanav jaati ka vikaas prthvee par na hokar sauramandal ke baahar kaheen hota to dekhie abhee ham jitane bhee plainets ke baare mein jaanate hain kuchh plaan isamen to insaan ka saravaij karana matalabee insaan na hee koee aur gaane sun hamaare jaise aa sakata hai use insaan ban sakata hai insaan ham jaakar vahaan par sagaee kar sakate sar jee chal raha hai too kisee aur agar yoonivars kee baat karenge to yah sab kahane kee baat hai ki agar hamaare jaisa ek etamospheyar agar vahaan par bhee prajent ho to hamaare jaisa kahaan par hai matalab jaldee nahin sakata hai aur saphaee bhee kar sakata hai kyonki agar ham apane baare mein dekhe to hamaara kaise jaise ki polyooshan hua hai jaise hee pahale ham matalab kaise dikhate the arlee main ke sakate hain vahaan se kaise kaise ivolyooshan matalab kaise-kaise badalaav aaya hai to agar aisa aisa paryaavaran agar kisee aur sauramandal aur koee aur yoonivars mein kisee aur se agar dekha jae aisee polooshan vahaan par bhee badalaav aaega aur hamaare jaise aur gaane do vahaan par bhee ban sakate hain

DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:07
मानव जाति राधा कृष्ण मंदिर के बारे में क्योंकि उत्तर चिप संभव है कि कोई ऐसा कोई प्रमाणित कह नहीं पाया गया है जिस पर क्रिकेट मैच यूट्यूब 25 अंकों का मानव जीवन संभव है और मास्टर मानव जीवन की संभावना तलाशी जा रही हैं लेकिन प्रमाणित रुप से अभी कुछ नहीं कहा जा सकता तो सौरमंडल के बाहर कहीं जीवन ही नहीं है तो फिर विकास की बात कैसे की जा सकती है दिखा दो तभी होगा ना जब वहां जीवन की संभावना हो अजब जीवन की संभावना नहीं है जो सौर मंडल के ग्रह में विकास की कल्पना मात्र कॉलोनी

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  • हमारा जीवन कैसा होता यदि मानव जाति का विकास पृथ्वी पर ना होकर मंगल ग्रह पर हुआ होता, कब और कैसे हमारा ग्रह पृथ्वी अस्तित्व में आया या कैसे जीवन, हमारी पृथ्वी और उसकी विविधता
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