#भारत की राजनीति

bolkar speaker

वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?

Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:40
हेलो जीतू आज आपका सवाल है कि वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है तो देखिए अगर अभी के समय के युवाओं की बात करें तो हर लोगों के मन में यही चलता है कि क्या से लाइफ में टेबल होना है क्योंकि कॉन्पिटिशन पापुलेशन से इतना ज्यादा मतलब बढ़ गया है कि हम जो भी चीज पढ़ाई करते हैं कि हमारे आगे बहुत सारे लोगों को जवाब मिल गया होता है उनके करियर अच्छे से सेटल हो चुके होते हैं फिर भी पोस्ट करते समय यह पढ़ाई करते समय यह मन लगाकर इंसान करता तब भी लगता है कि नहीं शायद हमें कोई नौकरी नहीं मिलेगी शायद हम लाइफ में पता नहीं कुछ कर पाएंगे या नहीं हमें जॉब नहीं मिल सकती नहीं मिल पाएगी जॉब को लेकर नौकरी को ही लेकर हर लोगों के दिमाग में भी चल रहा है जैसे महंगाई बढ़ रही है अभी तो मतलब मम्मी पापा में खिला पिला देते हैं करना रहेगा हमें उन्हें देना होगा और अपना भी देखना होगा तो इस महंगाई जैसे बढ़ रही है इसमें पता नहीं समझ नहीं आता हर एक विवाह यही सोच रहे हैं कि हम अपना भी कर सकते हैं या नहीं यह भी उन्हें नहीं पता तू हर एक लोगों की मनोदशा और जो दिमाग में यही चल रहा है कि मतलब जो अभी आप ट्रेन में भी देख रहे हैं कि जॉब दो करके जो नौकरी दो करके जो ट्रेन चल रहा है तो हम पता कर सकते कि कितना जोर शोर से हम लोगों के मन में चल रहा है कि हमें नौकरी मिलनी चाहिए प्लीज छोटी मोटी भी नौकरी मिलने चाहिए किसी का भी सर्टिफिकेट है किसी की पढ़ाई है किसी का नॉलेज जो है वह मतलब बर्बाद नहीं होना चाहिए
Helo jeetoo aaj aapaka savaal hai ki vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai to dekhie agar abhee ke samay ke yuvaon kee baat karen to har logon ke man mein yahee chalata hai ki kya se laiph mein tebal hona hai kyonki konpitishan paapuleshan se itana jyaada matalab badh gaya hai ki ham jo bhee cheej padhaee karate hain ki hamaare aage bahut saare logon ko javaab mil gaya hota hai unake kariyar achchhe se setal ho chuke hote hain phir bhee post karate samay yah padhaee karate samay yah man lagaakar insaan karata tab bhee lagata hai ki nahin shaayad hamen koee naukaree nahin milegee shaayad ham laiph mein pata nahin kuchh kar paenge ya nahin hamen job nahin mil sakatee nahin mil paegee job ko lekar naukaree ko hee lekar har logon ke dimaag mein bhee chal raha hai jaise mahangaee badh rahee hai abhee to matalab mammee paapa mein khila pila dete hain karana rahega hamen unhen dena hoga aur apana bhee dekhana hoga to is mahangaee jaise badh rahee hai isamen pata nahin samajh nahin aata har ek vivaah yahee soch rahe hain ki ham apana bhee kar sakate hain ya nahin yah bhee unhen nahin pata too har ek logon kee manodasha aur jo dimaag mein yahee chal raha hai ki matalab jo abhee aap tren mein bhee dekh rahe hain ki job do karake jo naukaree do karake jo tren chal raha hai to ham pata kar sakate ki kitana jor shor se ham logon ke man mein chal raha hai ki hamen naukaree milanee chaahie pleej chhotee motee bhee naukaree milane chaahie kisee ka bhee sartiphiket hai kisee kee padhaee hai kisee ka nolej jo hai vah matalab barbaad nahin hona chaahie

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bolkar speaker
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
अभिषेक शुक्ला  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए अभिषेक जी का जवाब
Motivational speaker
4:47
वर्तमान के समय में देखी जाए तो युवाओं की आज के समय में हमारे देश की मनोदशा काफी ज्यादा खराब हो चुकी है क्योंकि देखिए पहली बात तो यह है कि उनकी मनोदशा ऐसी कुछ और चुकी है कि मेरी गाड़ी धर कि उनकी चिंता में जो सताती है उनको और दूसरी चीज है कि वह जो है तो आज के समय में जो है तो कह देंगे कि आर्चीज ओपन है उनके अंदर काफी हद तक बढ़ चुका है क्योंकि देखिए आज के समय में इंटरनेट का इंटरनेट का स्त्रोत जो है इतना हद तक बढ़ चुका है कि उनका जो कह लीजिए फ्रीचार्ज है वह भी कम हो चुका है वरना इतना भी काम नहीं फिर भी पहले कि समय से आज के समय में ठीक है इस वजह से जो है तो लोगों का पूरा का पूरा समय जो है तो इंटरनेट का यूज करने में और उसी समय चीज से सभी चीजों में निकल जाता है सोशल मीडिया साइट से जुड़े रहने से उनके जो है तो पूरे के पूरे दिन जो है तो निकल जाते हैं तो युवाओं में जो है तो आज आलस्य पन बहुत ज्यादा है और यह तो सबसे बड़ी चिंता ही नहीं देखी कार्यक्रम के अंदर जो कल की समस्या है क्या लीजिए कि उनके अंदर किसी भी चीज को पाने की लालच लालसा है मैं बहुत कम हो चुकी है जो कि आज आपने देखो की चीजों इंटरनेट के माध्यम से बहुत सारी चीजें आज पोस्ट की जा रही है लोगों को हंसाने वाली लिखे नहीं चीजों से लोग जो है तो काफी ज्यादा विचलित हो चुके हैं और उन्हें जो है अपने रास्ते पर विचलित हो चुके हैं और उन्हें यह नहीं पता है कि आज के समय में करना क्या चाहते हैं अक्षर में देखेंगे आप तो बहुत सारी चीजों को आप देखेंगे अगर और सारे युवा हमसे जुड़े हैं तो हमसे डिलीट कर पा रहे होंगे कि हम सभी की मनोदशा एक चीज है कि हम डिग्री लेने और एक अच्छी जॉब पहले उसके बाद बेल सेंटर में जा लेकिन देखनी है तो मेरे दोस्तों लेकिन स्किल नहीं मिल पा रहा है मुश्किल गाने को बताइए की प्रतिभाएं नहीं मिल पा रही है हमें डिग्रियों के साथ तो यदि प्रतिभा नहीं मिल पा रही है हमें यदि हमारे अंदर कुछ चीजें विकसित नहीं हो पाई जानकारी चित्र में जिस बेकार क्षेत्र में पढ़ाई करें यदि हमें उसके कुछ देखने को नहीं मिल रहा है तो हम यदि आगे आने वाले समय में किसी कार्य क्षेत्र में काम करेंगे उसके विषय में यदि हमने कुछ सीखा ही नहीं है तुझसे हम जानकर उसे डिग्री को लेकर के एक कागज मत रहे हो जाएगी जिससे कि आपने कुछ नहीं सीखा होगा इसलिए दोस्तों सब की यही मनु नशा होती डिग्रियां सबके पास है लेकिन उन्हें उन चीजों के बारे में नहीं पता होता है हाल ही में कुछ समय पहले ही कुछ विद्यार्थियों से हमारी बातचीत हुई उनका जो है तो डिग्री कोर्स कंप्लीट कंप्लीट हो चुका था इंजीनियरिंग के छात्र थे लेकिन दिक्कत है यहां पर थी कि उन्होंने उसे कुछ सीखा नहीं कहने का मतलब यह डिग्री अतुल के पास आज के समय में है लेकिन उन्होंने उस से सीखा क्या यह सबसे बड़ी बात होती है तू तो जब बात चली तो उन्होंने कहा कि हमें पास देख लिया तो है लेकिन हमने उससे क्या सिखा हमें जानकारी इतनी अच्छी नहीं है तो सुनकर काफी है चरुआ कि क्या वाकई में लोग के पास डिग्री है लेकिन उनके पास हुए लीजिए कि नहीं पूर्णतया क्या लीजिए कि उनके पास हुए चीजें नहीं है जो मैं उस डिग्री से पाना चाहते थे आज चर चर अच्छा लगा मुझे कि ऐसी चीजें भी हो रही है कि लोगों पास डिग्री या तो है लेकिन उन चीजों से पीछे नहीं है ऐसी चीजें है तो नहीं लगता है कि यदि गरज कार्य कर पढ़ भी रही है तू है कहीं कहीं ना कहीं जॉब कर पागल है तू इतनी अच्छी जॉब नहीं मिल पाएगी जितनी भी चाहते हैं इन चीजों पर लोगों कंप्रोमाइज करना पड़ रहा है उन्हें समझौता करने की वजह से जो है कई सारे लोगों को बहुत सारी चिंताओं की समस्या हो रही है बहुत सारी समस्याएं उनके अंदर खुद ब खुद जागृत होती है दिल्ली ना कुछ ना कुछ उनके अंदर ख्याल आ रहे हैं आज के समय में देखे आज के समय में जो है तो कई सारे राज्य में फिर से लॉक डाउन की समस्या फिर से उजागर हो रही है इससे युवाओं को खेल सके जो कार्य क्षेत्र में में काम करने वालों के जॉब की या फिर काली जी उनके कार्यक्षेत्र में जो कार्यक्रम है वह कर रहे हैं क्या उनको फिर से चिंता सताने लगी है कि क्या फिर से उनकी जॉब कहीं चली ना जाए तो बहुत सारे मनोदशा उनके अंदर चल रही है विकसित हो रही है दिल्ली लेकिन देखते हैं आने वाले समय में क्या होता है लेकिन सभी युवाओं को एक संदेश देना चाहूंगा कि आप खुश रहे हमेशा जो है तो अच्छा सोचे यदि आप अच्छा सोचेंगे तो हो सकता है लेने समय में कुछ अच्छा भी होगा और आप सभी चीजों को छोड़ कर क्या आज अपने आप आज पर ध्यान दें कि वर्तमान पर ध्यान दें भविष्य और वर्तमान में बीता हुआ कल मोड़ पर छोड़ कर क्या पूर्वोत्तर वर्तमान को अच्छा करें हो सकता आने वाला भविष्य आपका अच्छा होगा तो डालो
Vartamaan ke samay mein dekhee jae to yuvaon kee aaj ke samay mein hamaare desh kee manodasha kaaphee jyaada kharaab ho chukee hai kyonki dekhie pahalee baat to yah hai ki unakee manodasha aisee kuchh aur chukee hai ki meree gaadee dhar ki unakee chinta mein jo sataatee hai unako aur doosaree cheej hai ki vah jo hai to aaj ke samay mein jo hai to kah denge ki aarcheej opan hai unake andar kaaphee had tak badh chuka hai kyonki dekhie aaj ke samay mein intaranet ka intaranet ka strot jo hai itana had tak badh chuka hai ki unaka jo kah leejie phreechaarj hai vah bhee kam ho chuka hai varana itana bhee kaam nahin phir bhee pahale ki samay se aaj ke samay mein theek hai is vajah se jo hai to logon ka poora ka poora samay jo hai to intaranet ka yooj karane mein aur usee samay cheej se sabhee cheejon mein nikal jaata hai soshal meediya sait se jude rahane se unake jo hai to poore ke poore din jo hai to nikal jaate hain to yuvaon mein jo hai to aaj aalasy pan bahut jyaada hai aur yah to sabase badee chinta hee nahin dekhee kaaryakram ke andar jo kal kee samasya hai kya leejie ki unake andar kisee bhee cheej ko paane kee laalach laalasa hai main bahut kam ho chukee hai jo ki aaj aapane dekho kee cheejon intaranet ke maadhyam se bahut saaree cheejen aaj post kee ja rahee hai logon ko hansaane vaalee likhe nahin cheejon se log jo hai to kaaphee jyaada vichalit ho chuke hain aur unhen jo hai apane raaste par vichalit ho chuke hain aur unhen yah nahin pata hai ki aaj ke samay mein karana kya chaahate hain akshar mein dekhenge aap to bahut saaree cheejon ko aap dekhenge agar aur saare yuva hamase jude hain to hamase dileet kar pa rahe honge ki ham sabhee kee manodasha ek cheej hai ki ham digree lene aur ek achchhee job pahale usake baad bel sentar mein ja lekin dekhanee hai to mere doston lekin skil nahin mil pa raha hai mushkil gaane ko bataie kee pratibhaen nahin mil pa rahee hai hamen digriyon ke saath to yadi pratibha nahin mil pa rahee hai hamen yadi hamaare andar kuchh cheejen vikasit nahin ho paee jaanakaaree chitr mein jis bekaar kshetr mein padhaee karen yadi hamen usake kuchh dekhane ko nahin mil raha hai to ham yadi aage aane vaale samay mein kisee kaary kshetr mein kaam karenge usake vishay mein yadi hamane kuchh seekha hee nahin hai tujhase ham jaanakar use digree ko lekar ke ek kaagaj mat rahe ho jaegee jisase ki aapane kuchh nahin seekha hoga isalie doston sab kee yahee manu nasha hotee digriyaan sabake paas hai lekin unhen un cheejon ke baare mein nahin pata hota hai haal hee mein kuchh samay pahale hee kuchh vidyaarthiyon se hamaaree baatacheet huee unaka jo hai to digree kors kampleet kampleet ho chuka tha injeeniyaring ke chhaatr the lekin dikkat hai yahaan par thee ki unhonne use kuchh seekha nahin kahane ka matalab yah digree atul ke paas aaj ke samay mein hai lekin unhonne us se seekha kya yah sabase badee baat hotee hai too to jab baat chalee to unhonne kaha ki hamen paas dekh liya to hai lekin hamane usase kya sikha hamen jaanakaaree itanee achchhee nahin hai to sunakar kaaphee hai charua ki kya vaakee mein log ke paas digree hai lekin unake paas hue leejie ki nahin poornataya kya leejie ki unake paas hue cheejen nahin hai jo main us digree se paana chaahate the aaj char char achchha laga mujhe ki aisee cheejen bhee ho rahee hai ki logon paas digree ya to hai lekin un cheejon se peechhe nahin hai aisee cheejen hai to nahin lagata hai ki yadi garaj kaary kar padh bhee rahee hai too hai kaheen kaheen na kaheen job kar paagal hai too itanee achchhee job nahin mil paegee jitanee bhee chaahate hain in cheejon par logon kampromaij karana pad raha hai unhen samajhauta karane kee vajah se jo hai kaee saare logon ko bahut saaree chintaon kee samasya ho rahee hai bahut saaree samasyaen unake andar khud ba khud jaagrt hotee hai dillee na kuchh na kuchh unake andar khyaal aa rahe hain aaj ke samay mein dekhe aaj ke samay mein jo hai to kaee saare raajy mein phir se lok daun kee samasya phir se ujaagar ho rahee hai isase yuvaon ko khel sake jo kaary kshetr mein mein kaam karane vaalon ke job kee ya phir kaalee jee unake kaaryakshetr mein jo kaaryakram hai vah kar rahe hain kya unako phir se chinta sataane lagee hai ki kya phir se unakee job kaheen chalee na jae to bahut saare manodasha unake andar chal rahee hai vikasit ho rahee hai dillee lekin dekhate hain aane vaale samay mein kya hota hai lekin sabhee yuvaon ko ek sandesh dena chaahoonga ki aap khush rahe hamesha jo hai to achchha soche yadi aap achchha sochenge to ho sakata hai lene samay mein kuchh achchha bhee hoga aur aap sabhee cheejon ko chhod kar kya aaj apane aap aaj par dhyaan den ki vartamaan par dhyaan den bhavishy aur vartamaan mein beeta hua kal mod par chhod kar kya poorvottar vartamaan ko achchha karen ho sakata aane vaala bhavishy aapaka achchha hoga to daalo

bolkar speaker
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
3:53
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या देखना चाहे तो कहीं न कहीं हमारे जो दूध युवा है हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारी मैन पावर हमारे सबसे सबसे ज्यादा है यही लोग अनियंत्रित शिक्षा को लेकर के आप सोच लीजिए ग्रामीण क्षेत्र का बच्चा होगा कि निश्चित तौर पर अपने क्षेत्र की कमी को देखता है अपनी कमियों को देखता है तो उसको सुधारने की कोशिश करने में जब उनके घर के आगे बढ़ता है और जब उसके सामने कोई रास्ता नजर नहीं आता है तो फिर अपने आप को बेचैन नजर आता उसके अंदर प्रतिभा होने के बावजूद भी अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करें नतीजा क्या है कि वह अलग दिशाओं के प्राइवेट कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों को देखकर सिंह का मेडिकल का उनके प्रणाली को देखिए कितना जमीन होता उनके अंदर कितना बेहतर करने की क्षमता होती है लेकिन जैसे कॉलेज का अंतिम साला जाता है उनको चिंता हो जाती है अपनी इस प्रतिभा का सही इस्तेमाल करने के लिए प्लेटफार्म कुछ नहीं मिलता नतीजा क्या होता है कि वह फिर उसके अंदर और बेचैनी शुरू हो खुश हो जाती कितना भी इनोवेटिव प्रतिभा उसके अंदर क्या होना निश्चित तौर पर इस चैलेंज को तथ्यों में वो टूट जाता है दिल्ली के आसपास के कॉलेजों में दिन क्या आया यह मेरे बच्चों के अंदर पहुंच इन रशिया पत्र लिखकर बच्चों को मत हो गए हैं कि हम कल अच्छी कंपनी में कोई जरूरी नहीं है सरकारी कंपनी वाटर लेवल पर अपनी पहचान बना होता है लेकिन सच हो जाता है जब तक नहीं पहुंच पाते तो आज का युवा कहीं न कहीं बेरोजगारी से त्रस्त बेकारी से त्रस्त है अपनी प्रतिभा के अनुसार उसको प्यार नहीं इसके जरिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता लेकिन उसका शुभ अवसर दिया ही नहीं देता और नतीजा है कि आज पैसा भी नहीं हमारे देश में संभावनाएं नहीं संभावनाएं बहुत और बेहतर संभावनाएं है अगर उनका से इस्तेमाल किया जाए तो शायद अच्छा हो सकता है और हमारे युवा वर्ग को अगर सही दिशा जाए तो निश्चित तौर पर देश के विकास लाए लेकिन उसको करेगा तो हमारे फोन टेंशन है अपनी रोजी-रोटी सिद्ध करने के लिए इधर का उधर कर रहे हैं अब आप सोच लीजिए कि हर आदमी और किसान आंदोलन के लिए हो करेंगे नौजवानों पर फोकस करो मेटास्टार्टअप नहीं शुरू करना है तो यह सारी चीजें हैं कहीं नहीं युवाओं की मनोदशा ज्यादा अच्छी नहीं है तो खास करके हिंदुस्तान उनके अंदर जोश तो है जुनून तो है जब आगे कुछ हासिल नहीं होता है अपने तक उन्होंने अंधेरा ही नजर आता है
Vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya dekhana chaahe to kaheen na kaheen hamaare jo doodh yuva hai hamaare pradhaanamantree kahate hain ki hamaaree main paavar hamaare sabase sabase jyaada hai yahee log aniyantrit shiksha ko lekar ke aap soch leejie graameen kshetr ka bachcha hoga ki nishchit taur par apane kshetr kee kamee ko dekhata hai apanee kamiyon ko dekhata hai to usako sudhaarane kee koshish karane mein jab unake ghar ke aage badhata hai aur jab usake saamane koee raasta najar nahin aata hai to phir apane aap ko bechain najar aata usake andar pratibha hone ke baavajood bhee apanee pratibha ka sahee istemaal karen nateeja kya hai ki vah alag dishaon ke praivet kolej mein padhane vaale bachchon ko dekhakar sinh ka medikal ka unake pranaalee ko dekhie kitana jameen hota unake andar kitana behatar karane kee kshamata hotee hai lekin jaise kolej ka antim saala jaata hai unako chinta ho jaatee hai apanee is pratibha ka sahee istemaal karane ke lie pletaphaarm kuchh nahin milata nateeja kya hota hai ki vah phir usake andar aur bechainee shuroo ho khush ho jaatee kitana bhee inovetiv pratibha usake andar kya hona nishchit taur par is chailenj ko tathyon mein vo toot jaata hai dillee ke aasapaas ke kolejon mein din kya aaya yah mere bachchon ke andar pahunch in rashiya patr likhakar bachchon ko mat ho gae hain ki ham kal achchhee kampanee mein koee jarooree nahin hai sarakaaree kampanee vaatar leval par apanee pahachaan bana hota hai lekin sach ho jaata hai jab tak nahin pahunch paate to aaj ka yuva kaheen na kaheen berojagaaree se trast bekaaree se trast hai apanee pratibha ke anusaar usako pyaar nahin isake jarie har kshetr mein aage badhana chaahata lekin usaka shubh avasar diya hee nahin deta aur nateeja hai ki aaj paisa bhee nahin hamaare desh mein sambhaavanaen nahin sambhaavanaen bahut aur behatar sambhaavanaen hai agar unaka se istemaal kiya jae to shaayad achchha ho sakata hai aur hamaare yuva varg ko agar sahee disha jae to nishchit taur par desh ke vikaas lae lekin usako karega to hamaare phon tenshan hai apanee rojee-rotee siddh karane ke lie idhar ka udhar kar rahe hain ab aap soch leejie ki har aadamee aur kisaan aandolan ke lie ho karenge naujavaanon par phokas karo metaastaartap nahin shuroo karana hai to yah saaree cheejen hain kaheen nahin yuvaon kee manodasha jyaada achchhee nahin hai to khaas karake hindustaan unake andar josh to hai junoon to hai jab aage kuchh haasil nahin hota hai apane tak unhonne andhera hee najar aata hai

bolkar speaker
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
5:33
रात को सोया नहीं कि वर्तमान समय में झांकी झांकी के अंगना दशा है जो वर्तमान समय में देखा जाए तो नशाखोरी हम युवाओं की सबसे कम भी समस्याएं हैं आज जिस तरह उन्होंने अपने आप को आधुनिक और सिम में देखने के प्रयास में मादक पदार्थ का मिश्रण का पतंग उड़ा रहा है वास्तव में एक व्यक्ति के रूप में हमारी संभावना का प्रश्न चिन्ह लग चुका है दुर्भाग्य तो यह है कि हम आज गांव गलतफहमी पैदा हो चुकी थी बड़ा आदमी बनने के लिए है नशा युक्त जीवन शैली अपनाना आवश्यक है और इस प्रयास में हम छात्र जीवन में नहीं अपने माता-पिता की गाढ़ी कमाई को मैसेज के ठेकेदारों के यहां पहुंचने का कार्य कर रहे हैं आज हम शराब की बोतलों में आधुनिकता बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं क्या वह स्थिति हमारी भी संगीता का पेज लाइक नहीं है हम सोचना जाएंगे कि वह नशे से चोर और मानसिक पर विशेष रूप से अपंगता का शिकार हो रहा है दूसरा हैं राणा प्रणाम पत्र में सीटी अच्छा आज जाने ऐसा क्यों लगता है कि महिलाओं की शिक्षा के मायने बदल गए हैं शिक्षक दृश्य विज्ञापन रोशनी सिर्फ स्थानों पर रोज हो गए हमार जान हो गए हैं कि आज हम कि हर कोई किसी से दिल ना लगाए हैं जैसे प्रणाम पत्र मिल सके जिसके आधार पर वह सरकारी या अर्ध सरकारी या गैर सरकारी नौकरियों में प्रवेश कार्ड शामिल हो सकते नौकरियों के लिए हो राज युवा आज का युवा भारत का दुर्भाग्य है कि पहले यह भी है कि हम युवाओं के बीच में परियों की अंधी दौड़ सी लगी है किसी ने भी मालिक बनने की चाहत नहीं दिख रही हूं सभी गुलामी नहीं जीवन की संभावना ढूंढने आज बेरोजगारी हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या है समस्या का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू हैं शिक्षित बेरोजगार बुरा लगता है कि लाखों रुपए खर्च कर इंजीनियरिंग मैनेजमेंट सबसे बड़ी डिग्री के मालिक वीडियो पूरी कर मजदूरी का रोना रोते हैं और बेरोजगारी की कतार में खड़े हो जाते हैं कैसे यूज करते हैं शायद मुझसे क्यों ऐसे हमारे सिवा कुछ ऐसा कार्य करें जिससे देश में बढ़ती बेरोजगारी की संभावना है कि बिहार और उत्तर प्रदेश से पिछड़े राज्यों की सेक्सी भेजने के लिए परिवार वालों की सरकारी नौकरी के अलावा कुछ नहीं दिखता है निश्चित ही उसका कारण आमदनी का भ्रष्टाचार है और आगे देखे जाए तो नारे लगाने वाले वीर जब भी मैं युवा भारत को राजनीतिक दृष्टिकोण में देखता हूं तो लगता है कि हम युवा सिर्फ और सिर्फ नारे लगाने की बीवी बन रहे हैं जब भी शहर में बड़े नेता तुम तो झंडा युवाओं के हाथ में होता है नेताजी चले जाते हैं ना कोई हालचाल पूछने वाला भी नहीं होता है आज जिस तरह देश की राजनीति लगाता है बस बस से बेहतर होती चली जा रही है देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो कि ऐसे भ्रष्ट भ्रष्ट नेताओं को उखाड़ फेंकने की अस्मिता और लड़कियों के लिए नारेबाजी करें और लगभग हर आदमी दिल के पास छात्र संगठन में इन संगठनों के बावजूद के आदेश में शिक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार हुआ है क्या छात्रों की समस्या सुनी गई है गर्मी तो फिर छात्र संगठनों का औचित्य क्या है हम युवाओं को समझने की आवश्यकता है कि देश में भ्रष्ट नेताओं को छात्रों के हित क्यों नहीं आ जाती अपनी राजनीति परीक्षा पार्टी से चिंता का कोई गर्ल मैं राजू कि भविष्य में चिंता है इस पर प्रयास में भविष्य में मतदाताओं को अभी से अपने कब्जे में करने की होड़ का नाम है नाम है छात्रा की हार तय करना होगा कि हम किसी भी बेचारी गुलाम नहीं बनेंगे हम जहां भी रहेंगे अपनी सोच के साथ चलेंगे वीडियो महाराष्ट्र समाज को प्रगति की राह पर डालेंगे हम सिर्फ भारत माता के नारे लगाएंगे ना कि अपनी युवा ताकत को किसी बुजुर्ग की गुलाम बनाएंगे और एस बताया ऐसे स्टेशन एक ही होने के बावजूद लगता है कि आज हम लोगों के व्यवहार विचार समाज और राष्ट्र को लेकर हमारी सोच ना कसम से लगाए हैं आज जिस तेजी से समाज में बदलाव हो रहे हैं मुझे लगता है कि उमरगा टू कॉल विक्रम वेध चयनित होने की आवश्यकता है अपने माता-पिता अपने अभिभावकों के स्कूल में क्योंकि साधु संतों की बुनियाद को समझना चाहिए घर परिवार और समाज की महिलाओं के प्रति अपनी सोच और स्वाति को साथ लाने का प्रयास करना चाहिए आज हमारे मित्र पश्चिमी सभ्यता से बहुत प्रभावित हो रहे हैं हमें एक बात को भलीभांति समझ जाओगे कि भारतीय सभ्यता व संस्कृति के निश्चित ही कुछ खामियां हैं लेकिन वे एकमात्र संस्कृति में जो मानवीय मूल्यों के विकास की अवधारणा का संदेश देती है अपने देश और समाज पर गर्व करना चाहिए
Raat ko soya nahin ki vartamaan samay mein jhaankee jhaankee ke angana dasha hai jo vartamaan samay mein dekha jae to nashaakhoree ham yuvaon kee sabase kam bhee samasyaen hain aaj jis tarah unhonne apane aap ko aadhunik aur sim mein dekhane ke prayaas mein maadak padaarth ka mishran ka patang uda raha hai vaastav mein ek vyakti ke roop mein hamaaree sambhaavana ka prashn chinh lag chuka hai durbhaagy to yah hai ki ham aaj gaanv galataphahamee paida ho chukee thee bada aadamee banane ke lie hai nasha yukt jeevan shailee apanaana aavashyak hai aur is prayaas mein ham chhaatr jeevan mein nahin apane maata-pita kee gaadhee kamaee ko maisej ke thekedaaron ke yahaan pahunchane ka kaary kar rahe hain aaj ham sharaab kee botalon mein aadhunikata badhane ka prayaas kar rahe hain kya vah sthiti hamaaree bhee sangeeta ka pej laik nahin hai ham sochana jaenge ki vah nashe se chor aur maanasik par vishesh roop se apangata ka shikaar ho raha hai doosara hain raana pranaam patr mein seetee achchha aaj jaane aisa kyon lagata hai ki mahilaon kee shiksha ke maayane badal gae hain shikshak drshy vigyaapan roshanee sirph sthaanon par roj ho gae hamaar jaan ho gae hain ki aaj ham ki har koee kisee se dil na lagae hain jaise pranaam patr mil sake jisake aadhaar par vah sarakaaree ya ardh sarakaaree ya gair sarakaaree naukariyon mein pravesh kaard shaamil ho sakate naukariyon ke lie ho raaj yuva aaj ka yuva bhaarat ka durbhaagy hai ki pahale yah bhee hai ki ham yuvaon ke beech mein pariyon kee andhee daud see lagee hai kisee ne bhee maalik banane kee chaahat nahin dikh rahee hoon sabhee gulaamee nahin jeevan kee sambhaavana dhoondhane aaj berojagaaree hamaare desh kee sabase badee samasya hai samasya ka sabase durbhaagyapoorn pahaloo hain shikshit berojagaar bura lagata hai ki laakhon rupe kharch kar injeeniyaring mainejament sabase badee digree ke maalik veediyo pooree kar majadooree ka rona rote hain aur berojagaaree kee kataar mein khade ho jaate hain kaise yooj karate hain shaayad mujhase kyon aise hamaare siva kuchh aisa kaary karen jisase desh mein badhatee berojagaaree kee sambhaavana hai ki bihaar aur uttar pradesh se pichhade raajyon kee seksee bhejane ke lie parivaar vaalon kee sarakaaree naukaree ke alaava kuchh nahin dikhata hai nishchit hee usaka kaaran aamadanee ka bhrashtaachaar hai aur aage dekhe jae to naare lagaane vaale veer jab bhee main yuva bhaarat ko raajaneetik drshtikon mein dekhata hoon to lagata hai ki ham yuva sirph aur sirph naare lagaane kee beevee ban rahe hain jab bhee shahar mein bade neta tum to jhanda yuvaon ke haath mein hota hai netaajee chale jaate hain na koee haalachaal poochhane vaala bhee nahin hota hai aaj jis tarah desh kee raajaneeti lagaata hai bas bas se behatar hotee chalee ja rahee hai desh ko aise yuvaon kee jaroorat hai jo ki aise bhrasht bhrasht netaon ko ukhaad phenkane kee asmita aur ladakiyon ke lie naarebaajee karen aur lagabhag har aadamee dil ke paas chhaatr sangathan mein in sangathanon ke baavajood ke aadesh mein shiksha vyavastha mein koee bada sudhaar hua hai kya chhaatron kee samasya sunee gaee hai garmee to phir chhaatr sangathanon ka auchity kya hai ham yuvaon ko samajhane kee aavashyakata hai ki desh mein bhrasht netaon ko chhaatron ke hit kyon nahin aa jaatee apanee raajaneeti pareeksha paartee se chinta ka koee garl main raajoo ki bhavishy mein chinta hai is par prayaas mein bhavishy mein matadaataon ko abhee se apane kabje mein karane kee hod ka naam hai naam hai chhaatra kee haar tay karana hoga ki ham kisee bhee bechaaree gulaam nahin banenge ham jahaan bhee rahenge apanee soch ke saath chalenge veediyo mahaaraashtr samaaj ko pragati kee raah par daalenge ham sirph bhaarat maata ke naare lagaenge na ki apanee yuva taakat ko kisee bujurg kee gulaam banaenge aur es bataaya aise steshan ek hee hone ke baavajood lagata hai ki aaj ham logon ke vyavahaar vichaar samaaj aur raashtr ko lekar hamaaree soch na kasam se lagae hain aaj jis tejee se samaaj mein badalaav ho rahe hain mujhe lagata hai ki umaraga too kol vikram vedh chayanit hone kee aavashyakata hai apane maata-pita apane abhibhaavakon ke skool mein kyonki saadhu santon kee buniyaad ko samajhana chaahie ghar parivaar aur samaaj kee mahilaon ke prati apanee soch aur svaati ko saath laane ka prayaas karana chaahie aaj hamaare mitr pashchimee sabhyata se bahut prabhaavit ho rahe hain hamen ek baat ko bhaleebhaanti samajh jaoge ki bhaarateey sabhyata va sanskrti ke nishchit hee kuchh khaamiyaan hain lekin ve ekamaatr sanskrti mein jo maanaveey moolyon ke vikaas kee avadhaarana ka sandesh detee hai apane desh aur samaaj par garv karana chaahie

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
MANISH BHARGAVA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Author
0:54
नमस्कार आपका प्रश्न है वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है वर्तमान समय में यदि हम भारत के युवाओं की बात करें तो अधिकांश युवा इस समय चिंतित हैं बजाय अलग-अलग है किसी की वजह रोजगार हो सकती है किसी की वजह डर हो सकता है किसी की वजह देश में उत्पन्न ने नकारात्मक माहौल हो सकता है किसी की बजाय कहीं और हो सकती हैं क्योंकि वर्तमान में हमारा देश राजनीतिक रूप से ऐसे दौर में चल रहा है जहां कई प्रकार की विचारधाराएं एक दूसरे के सामने हैं जहां एक विचारधारा दूसरे के विरुद्ध पर ही टिकी हुई है साथ ही अर्थव्यवस्था की जो समस्याएं हैं रोजगार हो या पैसे हो या अन्य जो भी प्रकार की समस्याएं लाइफ स्टाइल चेंज हो रही है लगातार इन सब को लेकर योगा कहीं ना कहीं देख चिंतित दौर से गुजर रहा है
Namaskaar aapaka prashn hai vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai vartamaan samay mein yadi ham bhaarat ke yuvaon kee baat karen to adhikaansh yuva is samay chintit hain bajaay alag-alag hai kisee kee vajah rojagaar ho sakatee hai kisee kee vajah dar ho sakata hai kisee kee vajah desh mein utpann ne nakaaraatmak maahaul ho sakata hai kisee kee bajaay kaheen aur ho sakatee hain kyonki vartamaan mein hamaara desh raajaneetik roop se aise daur mein chal raha hai jahaan kaee prakaar kee vichaaradhaaraen ek doosare ke saamane hain jahaan ek vichaaradhaara doosare ke viruddh par hee tikee huee hai saath hee arthavyavastha kee jo samasyaen hain rojagaar ho ya paise ho ya any jo bhee prakaar kee samasyaen laiph stail chenj ho rahee hai lagaataar in sab ko lekar yoga kaheen na kaheen dekh chintit daur se gujar raha hai

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:26
एक ही बैटमैन समय में भारत के युवाओं की मंदिर सेट किया है तो वैष्णो समय निर्धारित युवाओं की मनोदशा यह है कि हर कोई चाहता है कि वह इंफॉर्मेशन वाले हर किसी के सामने फेमस शॉप नोटिस सिंह इंस्टाग्राम प्राइवेट प्रोफाइल बहुत कम लोगों पर पब्लिक प्रोफाइल हद से ज्यादा मेरी टाइम पर कोई फेमस होना चाहता है चाहे किसी भी फील्ड में फेमस होना चाहता है बस
Ek hee baitamain samay mein bhaarat ke yuvaon kee mandir set kiya hai to vaishno samay nirdhaarit yuvaon kee manodasha yah hai ki har koee chaahata hai ki vah imphormeshan vaale har kisee ke saamane phemas shop notis sinh instaagraam praivet prophail bahut kam logon par pablik prophail had se jyaada meree taim par koee phemas hona chaahata hai chaahe kisee bhee pheeld mein phemas hona chaahata hai bas

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
nav kishor aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Service
1:39
नमस्कार आप ने सवाल किया कि वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है जो वर्तमान समय हमारा चल रहा है हमारा क्या आपका सभी लोगों का जो यह वर्तमान समय चल रहा है इस समय इस वक्त बहुत संयम रखने का है इसमें नाम रखने का है और बहुत ध्यान से इस समय को गुजारना है सावधानी से समय गुजारना है क्योंकि ऐसा समय कई सालों में एक बार आता है और हम बहुत परेशानियों से अभी गुजरे हैं और अभी भी गुजर ही रहे हैं तो इस पर युवाओं की मानसिकता को समझने की जरूरत है उन्हें समझाने की जरूरत है क्योंकि इस पर आजकल का जो युवा है जो यंग जनरेशन है वह यह सोच रही है कि आने वाले टाइम में उनकी क्या कंडीशन होगी उन्हें काम मिलेगा या नहीं मिलेगा रोजगार मिलेगा या नहीं मिलेगा और आने वाले समय में वह क्या कैरियर अपनाएं क्या मतलब इस वक्त वह कंफ्यूज है बहुत ज्यादा समझ नहीं पा रहे कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए कि आगे चलकर कि उनका भविष्य सुधर सके और वह कुछ कर सके तो इसीलिए उनको इस वक्त समझाना संभालना बहुत जरूरी है और यह काम हम लोग ही कर सकते हैं जो बड़े बुजुर्ग हैं हमारे यहां से हमारे जो तजुर्बे कार इंसान हैं वह यह सब चीजें संभाल सकते हैं हमें खुद को भी संभालना है अपने युवा जनरेशन को भी संभालना है उम्मीद करता हूं आपको जवाब अच्छा लगेगा धन्यवाद
Namaskaar aap ne savaal kiya ki vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai jo vartamaan samay hamaara chal raha hai hamaara kya aapaka sabhee logon ka jo yah vartamaan samay chal raha hai is samay is vakt bahut sanyam rakhane ka hai isamen naam rakhane ka hai aur bahut dhyaan se is samay ko gujaarana hai saavadhaanee se samay gujaarana hai kyonki aisa samay kaee saalon mein ek baar aata hai aur ham bahut pareshaaniyon se abhee gujare hain aur abhee bhee gujar hee rahe hain to is par yuvaon kee maanasikata ko samajhane kee jaroorat hai unhen samajhaane kee jaroorat hai kyonki is par aajakal ka jo yuva hai jo yang janareshan hai vah yah soch rahee hai ki aane vaale taim mein unakee kya kandeeshan hogee unhen kaam milega ya nahin milega rojagaar milega ya nahin milega aur aane vaale samay mein vah kya kairiyar apanaen kya matalab is vakt vah kamphyooj hai bahut jyaada samajh nahin pa rahe ki unhen aage kya karana chaahie ki aage chalakar ki unaka bhavishy sudhar sake aur vah kuchh kar sake to iseelie unako is vakt samajhaana sambhaalana bahut jarooree hai aur yah kaam ham log hee kar sakate hain jo bade bujurg hain hamaare yahaan se hamaare jo tajurbe kaar insaan hain vah yah sab cheejen sambhaal sakate hain hamen khud ko bhee sambhaalana hai apane yuva janareshan ko bhee sambhaalana hai ummeed karata hoon aapako javaab achchha lagega dhanyavaad

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Social worker in india
0:51
आपका सवाल वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा के दो दोस्तों आपके सवाल का उत्तर इस प्रकार है वर्तमान समय के गांव का मनोदशा इस प्रकार से है कि क्योंकि हमारे देश में भारतीय युवाओं को कुछ नजर नहीं आ रहा है क्योंकि उनके नाम तेरा ही आया हो रहा है क्योंकि हमारे देश की जो नीतियों का कमजोर होना और भारत में लगातार विरोध गारिकापति और भारत में महंगाई के बारे भारत के युवाओं को बता रहा है इसलिए हमारे भारतीयों का अन्नदाता मोदी का पुराने वादों को खुश रहो
Aapaka savaal vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha ke do doston aapake savaal ka uttar is prakaar hai vartamaan samay ke gaanv ka manodasha is prakaar se hai ki kyonki hamaare desh mein bhaarateey yuvaon ko kuchh najar nahin aa raha hai kyonki unake naam tera hee aaya ho raha hai kyonki hamaare desh kee jo neetiyon ka kamajor hona aur bhaarat mein lagaataar virodh gaarikaapati aur bhaarat mein mahangaee ke baare bhaarat ke yuvaon ko bata raha hai isalie hamaare bhaarateeyon ka annadaata modee ka puraane vaadon ko khush raho

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:59
प्रश्न के वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है सभी युवाओं की मनोदशा एक जैसी नहीं होती सब के अलग-अलग होती है लेकिन फिर भी भारतीय युवा यह सोच रहा है कि उसे रोजगार की समस्या है वह रोजगार कैसे पाएगा मतलब अपने जीवन को कैसे चलाया गया वह आगे भविष्य में क्या करेगा तो इस क्षेत्र में युवाओं की मनोदशा एक जैसी है क्योंकि हमारे देश में सिर्फ नौकरी पर फोकस किया जाने बल्कि युवाओं को जो ट्रेनिंग दी जाए बिजनेस की नए नए आइडिया की या फिर अपने सेल्फ एंप्लॉयड अपने आप यानी कुछ स्कूलों के जैसे सर्विस इंजीनियर डॉक्टर ऋषि चार्टर्ड अकाउंटेंट नौकरी नहीं है उसको हटाकर दूसरी ओर डायवर्ट करना चाहिए ऐसा सरकार अगर करें तो अच्छा होगा लेकिन वर्तमान में सिर्फ रोजगार पाने की सोच रहा है
Prashn ke vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai sabhee yuvaon kee manodasha ek jaisee nahin hotee sab ke alag-alag hotee hai lekin phir bhee bhaarateey yuva yah soch raha hai ki use rojagaar kee samasya hai vah rojagaar kaise paega matalab apane jeevan ko kaise chalaaya gaya vah aage bhavishy mein kya karega to is kshetr mein yuvaon kee manodasha ek jaisee hai kyonki hamaare desh mein sirph naukaree par phokas kiya jaane balki yuvaon ko jo trening dee jae bijanes kee nae nae aaidiya kee ya phir apane selph employad apane aap yaanee kuchh skoolon ke jaise sarvis injeeniyar doktar rshi chaartard akauntent naukaree nahin hai usako hataakar doosaree or daayavart karana chaahie aisa sarakaar agar karen to achchha hoga lekin vartamaan mein sirph rojagaar paane kee soch raha hai

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
J.P. Y👌g i Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए J.P. जी का जवाब
Unknown
4:18
किशन है वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है युवा का अर्थ होता है कि उनका ही कर्म ब्लड होता है शोधकर्ताओं का मानना है वह शिक्षक भर्ती में समाज और दुनिया से चुपके सम्मुख प्रदर्शन होता है उसको अनुकरण में लेता है तो उसे अजीत और पाश्चात्य सभ्यता के योग का प्रभाव है और आज के वर्तमान युग में उसकी में नरगिस के अंदर व्यस्त ज्यादा होना पड़ता है और शारीरिक रूप से अपनी जो कला प्रदर्शन बंद करने का इंग्लिश न्यूज़ चैनल धार होता है तो यह सब प्रभाव डाल रहे हैं मनुष्य ने युवाओं के और जो आगे का जो भी होता है वे युवाओं के लिए अगर सत्ता पर प्रदर्शन में आता है और उसी के हिसाब से आगे की ओर बढ़ते हैं और परिवर्तन डालते हैं युवाओं का जो आज के दौर में है जितना और इंटरनेट के खुलापन का एक प्लेटफार्म बनता जा रहा है उसमें मनोरंजन के व्यतिकरण के लिए सुगम हो रहा है और उसमें हर युवा वर्ग को पहले आता है और अच्छी बात है कि अंतर करने के अंदर जो प्रतिभा है उसको प्रदर्शन किया और अपने आप को संभाल सके ताकि कुछ गरमाया होती है जो एक संस्कृत अपने राष्ट्र से समाज से हमें रह गया ग्रुप से क्यों डरते हैं तो थोड़ा सा खेद होता है तो इसमें ही दिन तक करने वाले भी बहुत ही प्रशंसा के पात्र बनते हैं जो सम्मिश्रण में बहुत ही कुशलता से संविदा अपनी के तालमेल को समझ में बैठा कर के प्रस्तुतीकरण में जाहिर होता है व्यवस्था का कारण बनता है लेकिन यह है कि साथ साथ में जो हमारी संस्कृति और सभ्यता एक आदर्श मर्यादा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा हो जाए तो बहुत ही अच्छा निष्कर्ष पर प्रदर्शन सनी लियोन ने बनेगा करीना कपूर के अंदर संस्कारों की सजगता बंद क्यों कर के वातावरण से भी पैंट के द्वारा भी प्रभावित करते हैं तो यह सारी चीजें हैं जो नियंत्रण में चढ़ने अधिकांश आगे आने वाली जनरेशन युवा वर्ग एवं फैशनेबल भी है और लेकिन जिस टाइम में अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाकर के बीच लोकप्रियता बढ़ती है जिसका अनुमोदन ज्यादा लोग करते हैं कि आज के युग में रंजो प्रभाव पड़ रहा है उपाय शब्द शब्द का जरूरत पड़ता जा रहा है और इसी में नमक है लेकिन कुछ ना कुछ जो संस्कारों में नींद है मैं कभी भी अपने प्लेटफार्म को धन्यवाद मिलेंगे छोटे बच्चे पियोगे
Kishan hai vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai yuva ka arth hota hai ki unaka hee karm blad hota hai shodhakartaon ka maanana hai vah shikshak bhartee mein samaaj aur duniya se chupake sammukh pradarshan hota hai usako anukaran mein leta hai to use ajeet aur paashchaaty sabhyata ke yog ka prabhaav hai aur aaj ke vartamaan yug mein usakee mein naragis ke andar vyast jyaada hona padata hai aur shaareerik roop se apanee jo kala pradarshan band karane ka inglish nyooz chainal dhaar hota hai to yah sab prabhaav daal rahe hain manushy ne yuvaon ke aur jo aage ka jo bhee hota hai ve yuvaon ke lie agar satta par pradarshan mein aata hai aur usee ke hisaab se aage kee or badhate hain aur parivartan daalate hain yuvaon ka jo aaj ke daur mein hai jitana aur intaranet ke khulaapan ka ek pletaphaarm banata ja raha hai usamen manoranjan ke vyatikaran ke lie sugam ho raha hai aur usamen har yuva varg ko pahale aata hai aur achchhee baat hai ki antar karane ke andar jo pratibha hai usako pradarshan kiya aur apane aap ko sambhaal sake taaki kuchh garamaaya hotee hai jo ek sanskrt apane raashtr se samaaj se hamen rah gaya grup se kyon darate hain to thoda sa khed hota hai to isamen hee din tak karane vaale bhee bahut hee prashansa ke paatr banate hain jo sammishran mein bahut hee kushalata se sanvida apanee ke taalamel ko samajh mein baitha kar ke prastuteekaran mein jaahir hota hai vyavastha ka kaaran banata hai lekin yah hai ki saath saath mein jo hamaaree sanskrti aur sabhyata ek aadarsh maryaada mandir praan pratishtha ho jae to bahut hee achchha nishkarsh par pradarshan sanee liyon ne banega kareena kapoor ke andar sanskaaron kee sajagata band kyon kar ke vaataavaran se bhee paint ke dvaara bhee prabhaavit karate hain to yah saaree cheejen hain jo niyantran mein chadhane adhikaansh aage aane vaalee janareshan yuva varg evan phaishanebal bhee hai aur lekin jis taim mein apanee sanskrti ko aage badhaakar ke beech lokapriyata badhatee hai jisaka anumodan jyaada log karate hain ki aaj ke yug mein ranjo prabhaav pad raha hai upaay shabd shabd ka jaroorat padata ja raha hai aur isee mein namak hai lekin kuchh na kuchh jo sanskaaron mein neend hai main kabhee bhee apane pletaphaarm ko dhanyavaad milenge chhote bachche piyoge

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:27
तारा कपास ने वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है तो आपको बताना चाहेंगे इस समय का भारतीय युवा है वह यह चाहता है कि उसको एक अच्छा रोजगार मिले और वह अपना और अपने परिवार का अच्छे से जीवन यापन करा पाए तो यही सबसे बड़ी मनोदशा समय युवाओं के बीच में चल रही है आपकी क्या राय है इस बारे में कम शिक्षण मेरा जो कष्ट करें मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Taara kapaas ne vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai to aapako bataana chaahenge is samay ka bhaarateey yuva hai vah yah chaahata hai ki usako ek achchha rojagaar mile aur vah apana aur apane parivaar ka achchhe se jeevan yaapan kara pae to yahee sabase badee manodasha samay yuvaon ke beech mein chal rahee hai aapakee kya raay hai is baare mein kam shikshan mera jo kasht karen meree shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
satish kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए satish जी का जवाब
Student
0:31
क्वेश्चन पूछा क्या है कि वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है तो वर्तमान समय की स्थिति को अगर हम देखें तो अभी के समय में भारत के युवाओं का सिर्फ एक ही जो है लक्ष्मी मारो है जो है तेरा शिकारी को जो है भारत से दूर करना यानी कि उन्हें हर जो है भारत के युवाओं को एक एक नौकरी जो है उनको मिला जो होता है भारत के लिए भी सही है और युवाओं के जीवन के लिए भी जो है सही है
Kveshchan poochha kya hai ki vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai to vartamaan samay kee sthiti ko agar ham dekhen to abhee ke samay mein bhaarat ke yuvaon ka sirph ek hee jo hai lakshmee maaro hai jo hai tera shikaaree ko jo hai bhaarat se door karana yaanee ki unhen har jo hai bhaarat ke yuvaon ko ek ek naukaree jo hai unako mila jo hota hai bhaarat ke lie bhee sahee hai aur yuvaon ke jeevan ke lie bhee jo hai sahee hai

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Dhruv Singh Ghosh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Dhruv जी का जवाब
Student🖍️
4:57
उमेंद्र सिंह को सपने सुन रहा है बोलकर पर सवाल पूछा कि वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है तो देखिए अभी 2 दिन से मोदी हैशटैग मुझे रोजगार दो अटेंड कर रहा है ट्विटर पर चाय वह हर एक सोशल मीडिया पे कंप्लेंट कर रहा है कैंपियन चलाए जा रहे हैं चाहे वह यूट्यूब पर हो इस टाइम पर हो फेसबुक पर हो और ट्विटर पर हो पर कैंपेन चला रहे हैं उन 40 लाख से ज्यादा युवा इस चीज में लगे हुए हैं ट्विटर पहुंची को क्योंकि ट्यूटर्स और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स चीज में हेल्प कर रहे हैं उड़ी जाए चीजें तो मन को उस पर ध्यान देना चाहिए कोई मसला क्या है इस टाइम मुझे रोज कर दो पहले मैं यह बताता हूं फिर आपको जो युवाओं की मनोदशा है इसी चीज से ऑटोमेटिक पता चल जाएगी अगर कंडीशन कितनी क्रिटिकल कंडीशन है किस स्थिति से हमारे देश के युवा गुजर रहे हैं मैं भी एक विवाह हूं मैं भी उसी चीज की तैयारी कर रहा हूं हम लोग को पता है कि कितनी कठिनाई सेम पेपर देकर आते हैं और जो हम रिजल्ट नहीं आते हैं हमारे पेपर के तो हमें कैसा लगता है 2017 में आपको एक बात बता दूं तू थाउजेंड एटीन में पेपर हुआ था एसएससी का और उसका रिजल्ट अभी तक नहीं आया है अब सोचिए इतना सस्पेंस कौन रखता है जिस देश में इलेक्शन के रिजल्ट सात आठ दिन में आ जाते हैं और हर चीज का रिजल्ट एक-एक दिन महीने में आ जाता है और कुछ अच्छी चीजों के रिजल्ट सुबह की शाम को आ जाते हैं बट गवर्मेंट जॉब की जब बात आती है तो उसके सालों रिजल्ट अटक जाती है अब जो एग्जाम में नाम है उनको स्टूडेंट हैं जो उन कैसा लगता होगा कि उन्हें एग्जाम दिया और उनका रिजल्ट नहीं आया उसी वेटिंग में रहते हालांकि एसएससी का पेपर हर साल होता है बट कभी तरह से उठाता है किसी चीज का रिजल्ट आता ही नहीं है अब क्या हुआ मैंने बताया है मोदी रोजगार दो कैंपेन की की एसएससी का पेपर हुआ था 2020 मैंस का पेपर तीन शिफ्ट हुआ था 1 नवंबर 2 नवंबर 16 2020 फर्स्ट शिफ्ट 1 नवंबर 17 2020 सेकंड शिफ्ट ऑन नवंबर 8 2000 थर्ड सेम अब तीनों दुनिया पेपर हुए अलग-अलग शिफ्ट में अब इसमें फिनोलॉजी सन जब होता है तो एक से पेपर तो हम नहीं दे सकते ना तीनों सेक्टर में तो एक से पेपर नहीं दे सकते हो मैं तो उसमें अलग-अलग पेपर होता है मैं 16 को अलग 17 को अलग 18 को लास्ट पेपर पेटर्न बनाया जाता है ऑनलाइन किया जाता है तो उसमें लगाया जाता है कि मार्क्स जो है उस पहले एवरेज मार्क्स निकाला जाता है कि जैसे 16 को पेपर हुआ तो अगर उसका 200 का पेपर हुआ तो दो समय से का डेढ़ सौ एवरेज मार्क्स आ रहा है और 17 को वही पेपर मतलब दूसरा और उसी पर दूसरे पैटर्न में एसएससी का ही पेपर 17 को हुआ तो उसका जो एवरेज मार्क्स निकालकर 170 आ रहा है तो इससे उनको क्या पता चलता है कि जो सिर्फ 16 को पेपर हुआ जिसमें अप्रेजमेंट 150 निकल कर आया वह थोड़ा ज्यादा टफ था इसलिए स्टूडेंट को गैंगमैन करने में थोड़ी प्रॉब्लम हुई लेकिन 17 को पेपर है उसमें प्रशांत बिजी था इसलिए उनको बैन करने में आसानी से बन कर गए 170 क्लास आ गए और फिर जमीन का पेपर हुआ तो वह थोड़ा और इशिता उसके 12185 एवरेज मार्क्स आए तो इसमें क्या हुआ कि नवलाई सेशन में जो 185 वाले हैं उनके मार्क्स - होंगे विश्वकोश ऐप को पेपर हुआ उनके मार्क्स माइनस हो गए और जो 17 को पेपर हुआ था उनकी मार्क्स भी थोड़ा - होंगे और जब कि वह 16 को पेपर हुआ था जिसकी 150 मार्क्स आए थे उनकी मां को थोड़ा इनक्रीस होगी तो इसमें क्या होगा कि जिनकी 185 मार्क्स आए हैं वह एलिजिबल है उस चीज के लिए वरना एंटी मार्क्स आए तो उनके माइनस हो जाएंगे माफ हो सकता है कि उनको पोस्ट ना मिले जिनकी कम मार्क्स आए थे उनको थोड़ा नजर में हो जाए या फिर एवरेज उसका मांस का करिकुलम पूरा बन जाए तो हो सकता है कि कम मार्क्स आए थे उनको मिल जाए और जो उनके जाट ज्यादा आए थे उनको डिसक्वालीफाई कर दिया जाए ऐसा नॉर्मलाइजेशन में मिस्टेक हो जाता है स्टूडेंट के साथ हुआ है तो इसी यही बस निकल रही है कि रोजगार दो और कमेंट को ऐसा नहीं करना चाहिए कमेंट को जैसे एसएससी के एग्जाम है तो उसमें चार लाख एक्सेप्ट बैठते हैं इंशाल्लाह के तीन चर्चा चल रही थी 12 क्विंटल बैठे थे चालक sec-16 कुछ अलग 17 को चलना है कि टीम को तो ऐसा नहीं कर सकते कि 1200000 स्टूडेंट एक ही दिन उठा दे क्यों नहीं कर सकते एक्सेप्ट में पूरा पेपर हो जाएगा तो नॉलेज ईशन कोई दिक्कत ही नहीं रहेगा और सभी कॉल ही आएगा और सब की मां चोपन इक्वल लुंगी तोय हो कि आप कंडीशन का थोड़ा पता चल रहा होगा मेडिकल कंडीशन है कि मैं एग्जाम देते हैं बट उसका रिजल्ट नहीं आता और फिर जैसे ही रिजल्ट आता है तो यह कंडीशन बन जाती है सो आई हो क्या कौन सा थोड़ा पसंद आया होगा थैंक्स
Umendr sinh ko sapane sun raha hai bolakar par savaal poochha ki vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai to dekhie abhee 2 din se modee haishataig mujhe rojagaar do atend kar raha hai tvitar par chaay vah har ek soshal meediya pe kamplent kar raha hai kaimpiyan chalae ja rahe hain chaahe vah yootyoob par ho is taim par ho phesabuk par ho aur tvitar par ho par kaimpen chala rahe hain un 40 laakh se jyaada yuva is cheej mein lage hue hain tvitar pahunchee ko kyonki tyootars aur soshal meediya ektivists cheej mein help kar rahe hain udee jae cheejen to man ko us par dhyaan dena chaahie koee masala kya hai is taim mujhe roj kar do pahale main yah bataata hoon phir aapako jo yuvaon kee manodasha hai isee cheej se otometik pata chal jaegee agar kandeeshan kitanee kritikal kandeeshan hai kis sthiti se hamaare desh ke yuva gujar rahe hain main bhee ek vivaah hoon main bhee usee cheej kee taiyaaree kar raha hoon ham log ko pata hai ki kitanee kathinaee sem pepar dekar aate hain aur jo ham rijalt nahin aate hain hamaare pepar ke to hamen kaisa lagata hai 2017 mein aapako ek baat bata doon too thaujend eteen mein pepar hua tha esesasee ka aur usaka rijalt abhee tak nahin aaya hai ab sochie itana saspens kaun rakhata hai jis desh mein ilekshan ke rijalt saat aath din mein aa jaate hain aur har cheej ka rijalt ek-ek din maheene mein aa jaata hai aur kuchh achchhee cheejon ke rijalt subah kee shaam ko aa jaate hain bat gavarment job kee jab baat aatee hai to usake saalon rijalt atak jaatee hai ab jo egjaam mein naam hai unako stoodent hain jo un kaisa lagata hoga ki unhen egjaam diya aur unaka rijalt nahin aaya usee veting mein rahate haalaanki esesasee ka pepar har saal hota hai bat kabhee tarah se uthaata hai kisee cheej ka rijalt aata hee nahin hai ab kya hua mainne bataaya hai modee rojagaar do kaimpen kee kee esesasee ka pepar hua tha 2020 mains ka pepar teen shipht hua tha 1 navambar 2 navambar 16 2020 pharst shipht 1 navambar 17 2020 sekand shipht on navambar 8 2000 thard sem ab teenon duniya pepar hue alag-alag shipht mein ab isamen phinolojee san jab hota hai to ek se pepar to ham nahin de sakate na teenon sektar mein to ek se pepar nahin de sakate ho main to usamen alag-alag pepar hota hai main 16 ko alag 17 ko alag 18 ko laast pepar petarn banaaya jaata hai onalain kiya jaata hai to usamen lagaaya jaata hai ki maarks jo hai us pahale evarej maarks nikaala jaata hai ki jaise 16 ko pepar hua to agar usaka 200 ka pepar hua to do samay se ka dedh sau evarej maarks aa raha hai aur 17 ko vahee pepar matalab doosara aur usee par doosare paitarn mein esesasee ka hee pepar 17 ko hua to usaka jo evarej maarks nikaalakar 170 aa raha hai to isase unako kya pata chalata hai ki jo sirph 16 ko pepar hua jisamen aprejament 150 nikal kar aaya vah thoda jyaada taph tha isalie stoodent ko gaingamain karane mein thodee problam huee lekin 17 ko pepar hai usamen prashaant bijee tha isalie unako bain karane mein aasaanee se ban kar gae 170 klaas aa gae aur phir jameen ka pepar hua to vah thoda aur ishita usake 12185 evarej maarks aae to isamen kya hua ki navalaee seshan mein jo 185 vaale hain unake maarks - honge vishvakosh aip ko pepar hua unake maarks mainas ho gae aur jo 17 ko pepar hua tha unakee maarks bhee thoda - honge aur jab ki vah 16 ko pepar hua tha jisakee 150 maarks aae the unakee maan ko thoda inakrees hogee to isamen kya hoga ki jinakee 185 maarks aae hain vah elijibal hai us cheej ke lie varana entee maarks aae to unake mainas ho jaenge maaph ho sakata hai ki unako post na mile jinakee kam maarks aae the unako thoda najar mein ho jae ya phir evarej usaka maans ka karikulam poora ban jae to ho sakata hai ki kam maarks aae the unako mil jae aur jo unake jaat jyaada aae the unako disakvaaleephaee kar diya jae aisa normalaijeshan mein mistek ho jaata hai stoodent ke saath hua hai to isee yahee bas nikal rahee hai ki rojagaar do aur kament ko aisa nahin karana chaahie kament ko jaise esesasee ke egjaam hai to usamen chaar laakh eksept baithate hain inshaallaah ke teen charcha chal rahee thee 12 kvintal baithe the chaalak saich-16 kuchh alag 17 ko chalana hai ki teem ko to aisa nahin kar sakate ki 1200000 stoodent ek hee din utha de kyon nahin kar sakate eksept mein poora pepar ho jaega to nolej eeshan koee dikkat hee nahin rahega aur sabhee kol hee aaega aur sab kee maan chopan ikval lungee toy ho ki aap kandeeshan ka thoda pata chal raha hoga medikal kandeeshan hai ki main egjaam dete hain bat usaka rijalt nahin aata aur phir jaise hee rijalt aata hai to yah kandeeshan ban jaatee hai so aaee ho kya kaun sa thoda pasand aaya hoga thainks

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Maayank Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Maayank जी का जवाब
College
1:53
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है जिस प्रकार से हम ट्विटर पर देखते हैं और आप आसपास के देख सकते हैं कि बुरी दशा है मनोदशा भी और कंडीशन भी काफी अच्छी नहीं है पहले तो गांव में ही नहीं करती प्राइवेट में भी बहुत ज्यादा जॉब जा रही है अब देखते हैं कि जो कंपनी रखो सारे अपने इंप्लाइज को निकाल दी वह क्यों हो रहा है क्योंकि खराब खराब हो रहा है कि कंपनियां भी कम इन बेस्ट करती है इंडिया में और कम इन वर्क करती है तो कम अपॉर्चुनिटी स्क्रीन तुष्टीकरण जो युवा है उसको संघर्ष करना पड़ता है खासकर वो लोग जब दिल ना रोता है जो फ्रेशर्स होते हैं जिन्हें इंडस्ट्री में ज्यादा समय नहीं हुआ है तो उसे चाहे उनका 2 साल हुए कॉल से 10 साल के हैं जॉब होती है कमबख्त होती तो कंप्लीट होता है कि मैं क्यों नहीं कुछ कर पा रहा मैं अब तक बूट क्यों बनाऊंगा अपने पेरेंट्स को अपनी फैमिली प्राइवेटाइज के जा रहा है उसे और क्यों होती है जो एग्जाम होते हैं उनको क्लियर भी कर लें रिजल्ट भी आ जाता है लेकिन फिर ऑफर नहीं आता जॉइनिंग लेटर नहीं आता अब देख सकते टूटे बेफ्रेंड होता रहता है बार-बार रोजगार दो या युवा बेरोजगार है यह सब चीजें प्रिंट नहीं हो रही थी कि भारत में काफी हद तक ज्यादा हो रहा है असलियत भी हमेशा घटिया कभी-कभी कुछ हुआ अपने अपने आप से ही सही से निकलते
Vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai jis prakaar se ham tvitar par dekhate hain aur aap aasapaas ke dekh sakate hain ki buree dasha hai manodasha bhee aur kandeeshan bhee kaaphee achchhee nahin hai pahale to gaanv mein hee nahin karatee praivet mein bhee bahut jyaada job ja rahee hai ab dekhate hain ki jo kampanee rakho saare apane implaij ko nikaal dee vah kyon ho raha hai kyonki kharaab kharaab ho raha hai ki kampaniyaan bhee kam in best karatee hai indiya mein aur kam in vark karatee hai to kam aporchunitee skreen tushteekaran jo yuva hai usako sangharsh karana padata hai khaasakar vo log jab dil na rota hai jo phreshars hote hain jinhen indastree mein jyaada samay nahin hua hai to use chaahe unaka 2 saal hue kol se 10 saal ke hain job hotee hai kamabakht hotee to kampleet hota hai ki main kyon nahin kuchh kar pa raha main ab tak boot kyon banaoonga apane perents ko apanee phaimilee praivetaij ke ja raha hai use aur kyon hotee hai jo egjaam hote hain unako kliyar bhee kar len rijalt bhee aa jaata hai lekin phir ophar nahin aata joining letar nahin aata ab dekh sakate toote bephrend hota rahata hai baar-baar rojagaar do ya yuva berojagaar hai yah sab cheejen print nahin ho rahee thee ki bhaarat mein kaaphee had tak jyaada ho raha hai asaliyat bhee hamesha ghatiya kabhee-kabhee kuchh hua apane apane aap se hee sahee se nikalate

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:25
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका फ्रेंड है वर्तमान समय में भारत में युवाओं की मनोदशा क्या है तो फ्रेंड से इस समय भारत में युवाओं के मन में बस ज्यादातर रोजगार के विषय में ही चलता रहता है कि हमारे देश में जनसंख्या ज्यादा है और रोजगार कम है तो इसीलिए युवाओं के मन में भी यही चलता रहता है कि हम पढ़ लिख ले उसके बाद हमें नौकरी मिलेगी कि नहीं मिलेगी धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka phrend hai vartamaan samay mein bhaarat mein yuvaon kee manodasha kya hai to phrend se is samay bhaarat mein yuvaon ke man mein bas jyaadaatar rojagaar ke vishay mein hee chalata rahata hai ki hamaare desh mein janasankhya jyaada hai aur rojagaar kam hai to iseelie yuvaon ke man mein bhee yahee chalata rahata hai ki ham padh likh le usake baad hamen naukaree milegee ki nahin milegee dhanyavaad

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
1:09
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा वर्तमान समय में भारत के जितने भी हो रही है रोजगार की तलाश की जा रही है और नौकरियां दी उनको मिल रही है कमरे पर उनको काम पर लगाया जा रहा है दिमाग खराब है भारत जैसे देश के युवाओं को ज्यादा परेशान है रोजगार को लेकर के देश की हालत को देखकर के ना तो रोजगार नहीं तो चीज है वह सिर्फ घर के ऊपर है और कुछ नहीं है परंतु फिर भी देखेंगे कहीं ना कहीं किसी चीज को लेकर डिप्रेशन का शिकार होने पर यह जो चीज है
Vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha vartamaan samay mein bhaarat ke jitane bhee ho rahee hai rojagaar kee talaash kee ja rahee hai aur naukariyaan dee unako mil rahee hai kamare par unako kaam par lagaaya ja raha hai dimaag kharaab hai bhaarat jaise desh ke yuvaon ko jyaada pareshaan hai rojagaar ko lekar ke desh kee haalat ko dekhakar ke na to rojagaar nahin to cheej hai vah sirph ghar ke oopar hai aur kuchh nahin hai parantu phir bhee dekhenge kaheen na kaheen kisee cheej ko lekar dipreshan ka shikaar hone par yah jo cheej hai

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
India is Great Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए India जी का जवाब
Master Chef in House
1:08
जो कल था वह आज है मुझे लगता है वह कल भी रहेगा लोग काफी बेकार हो चुका है जब से कमेंट नहीं हुआ तब से तो मतलब बहुत ज्यादा आफत हो रखा है सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की बात है लेकिन पढ़े-लिखे डिग्री पाए हुए लोगों को किसी तरह की कोई नौकरी नहीं प्राप्त हो रहा है उसकी मतलब समझ लीजिए कि जिसने डिग्री ले कर के बैठा है और मैं अगर अपनी खुद की पर्सनली बात करो तो मैं ज्यादा पढ़ा लिखा हूं ही नहीं मुश्किल से दो-दो क्लास पढ़े होंगे तो ऐसे में क्या है कि जो काम अभी मैं कर रहा हूं ना तो उससे भी खराब कम बोलो करते हैं ऐसे में वो लोग क्या कर लिया पढ़ लिख कर के उसे उसका अधिकार नहीं मिल पाया है और अब तो मुझे लगता है कि और भी नहीं मिलेगा क्योंकि इस तरह से दुनिया के निकालो इसे तेजी से हो रहा है और सब कुछ मतलब बदल रहा है बहुत कुछ तो ऐसे में बहुत ज्यादा मशीन और सब कुछ सुन कर के लोगों को भी काफी ज्यादा बर्बाद कर दिया है और जैसे दोस्त चल रहे थे वैसे भैया जी कुछ ना कुछ कुछ ना कुछ अपना जुगाड़ रोजगार करके समय भी चल रहा है
Jo kal tha vah aaj hai mujhe lagata hai vah kal bhee rahega log kaaphee bekaar ho chuka hai jab se kament nahin hua tab se to matalab bahut jyaada aaphat ho rakha hai sirph bhaarat mein hee nahin balki pooree duniya kee baat hai lekin padhe-likhe digree pae hue logon ko kisee tarah kee koee naukaree nahin praapt ho raha hai usakee matalab samajh leejie ki jisane digree le kar ke baitha hai aur main agar apanee khud kee parsanalee baat karo to main jyaada padha likha hoon hee nahin mushkil se do-do klaas padhe honge to aise mein kya hai ki jo kaam abhee main kar raha hoon na to usase bhee kharaab kam bolo karate hain aise mein vo log kya kar liya padh likh kar ke use usaka adhikaar nahin mil paaya hai aur ab to mujhe lagata hai ki aur bhee nahin milega kyonki is tarah se duniya ke nikaalo ise tejee se ho raha hai aur sab kuchh matalab badal raha hai bahut kuchh to aise mein bahut jyaada masheen aur sab kuchh sun kar ke logon ko bhee kaaphee jyaada barbaad kar diya hai aur jaise dost chal rahe the vaise bhaiya jee kuchh na kuchh kuchh na kuchh apana jugaad rojagaar karake samay bhee chal raha hai

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:22
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा वर्तमान में भारत की युवाओं को नशा मुक्त विखंडित हो गई है कुछ रोजगार की मार्कशीट परेशानी सरकार के शिकार हो गए कुछ सरकार की अंधभक्ति कुछ सरकार की जो उनको पैसा मिलता है जो उनको अंधभक्ति के प्रति जुमले मिलते हैं जो उनको लालच मिलता है उनकी मकड़जाल में फंसकर पहुंच हेलो मास्टर को फुल बैठे सच्चाई को त्याग कर वह पथ भ्रष्ट हो गए हर इंसान को हर युवा को सबसे बड़ा उसका जो लक्ष्य है होस्टेज शिक्षित होना उसको रोजगार परक होना और अपने परिवार अपने समाज और अपने देश की प्रकृति के लिए समर्पित होना लेकिन आज हमारे युवा इन सब चीजों से दूर दर दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर हो गए और उनकी मानसिक मनो दसा है बिट्टू हुई
Vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha vartamaan mein bhaarat kee yuvaon ko nasha mukt vikhandit ho gaee hai kuchh rojagaar kee maarkasheet pareshaanee sarakaar ke shikaar ho gae kuchh sarakaar kee andhabhakti kuchh sarakaar kee jo unako paisa milata hai jo unako andhabhakti ke prati jumale milate hain jo unako laalach milata hai unakee makadajaal mein phansakar pahunch helo maastar ko phul baithe sachchaee ko tyaag kar vah path bhrasht ho gae har insaan ko har yuva ko sabase bada usaka jo lakshy hai hostej shikshit hona usako rojagaar parak hona aur apane parivaar apane samaaj aur apane desh kee prakrti ke lie samarpit hona lekin aaj hamaare yuva in sab cheejon se door dar dar kee thokar khaane ke lie majaboor ho gae aur unakee maanasik mano dasa hai bittoo huee

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
सचिन पाठक Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए सचिन जी का जवाब
Unknown
3:00
नमस्कार मित्रों मैं सचिन पाठक से उपस्थित हूं आपके समक्ष एक नए प्रश्न के उत्तर के साथ ही जैसा कि आपका प्रश्न है कि वर्तमान समय में भारत की युवाओं की मनोदशा क्या है तो देखिए ऐसा आप मतलब बिल्कुल पूर्ण रूप से नहीं कहा जा सकता है कि कौन व्यक्ति किस तरीके से क्योंकि हो सकता है कुछ सर भेज दूं कुछ आपके हिसाब एक क्षण हो जिसके अनुसार आपको थोड़ा-बहुत पता चल जाता है पता नहीं लगा सकते और बड़ा है लोगों से आपसी बातचीत खत्म हो गई है तो इन सब चीजों में क्या हो रहा है कि जैसे कुछ युवा होते हैं अवसाद अवसाद का शिकार शिकार हो जाते हैं फिर वह अपने घर परिवार वालों से बात नहीं करते अपनी जो भी चिंता है अपनी जो भी दिक्कत है कोई भी परेशानी होती है वह अपने परिवार वालों के साथ शेयर नहीं कर सकते चीज है जो थोड़ा सा काफी दिक्कत पैदा कर रही है लोगों के लिए युवाओं के अंदर ऐसा नहीं कहा जा सकता कि युवाओं की मनोदशा हमेशा से खराबी होती है क्योंकि यह आपके माता-पिता के पालन पोषण और आपकी शिक्षा पर भी बहुत जीवन निर्भर करती है कि आप अगर कोई भी चीजों को कर रहे हैं माली जी आप किसी भी चीज में असफल हो जाते हैं तो यह आपके ऊपर वह करता है आपके परिवार के ऊपर यह चीज से लागू होती है कि आप उस तरीकों को अपने बच्चे को जो भी आपका आपका बेटा है आपकी आपकी बेटी है आप उसको उस तरीके से समझाएं कि यह एक चरण है बेटा यह गुजर जाएगा अगर तुमने एक लिस्ट आपने मेहनत की तो यह आपकी बच्चों पर निर्भर करता है कि आप असफलताओं से पॉजिटिव लेना चाहते हैं या फिर आप नेगेटिव लेकिन उसी को जीना चाहते अगर आपके अंदर नकारात्मकता भरी रहेगी अगर आप हर चीजों को लेकर नकारात्मक तो आपकी जो मनोदशा है जो आप की आंतरिक मनोदशा है वह हमेशा लव यू पी जाएगी आप लोगों लोगों के बारे में हमेशा खराब सोचेंगे आप जो भी चीज हो रही होगी जो चीज अच्छी भी हो रही होगी तो उसके अच्छी चीज है ना लेकर आप उसके बुरे बुरे में सोचेंगे तो इससे चीज खराब हो सकती है और मतलब सबकी अपनी-अपनी सोच है अपना-अपना नजरिया है वहीं रुको कैसी देखता है ठीक है और जहां तक कि मुझे लगता है जैसा बेरोजगारी वगैरह की बात है क्योंकि अभी भी मैं देखी एक साथ है कि लोगों को अभी भी कोई भी पढ़ाई करके आता है अगर आप आईआईटी इसमें भी देख लें तो कंपनी जिस तरीके से उन्हें प्लेसमेंट लिख देती है यह सोचकर जाती है कि आपको कुछ भी नहीं पता है और वह शुरू से आपको ट्रेनिंग देना शुरू करते हैं तो जहां तक है कि यह आप किस खेल और माइंडसेट पर पूरा पूरा निर्भर करता है ठीक है वर्तमान समय में ऐसा कुछ भी नहीं है अगर आपको बेरोजगार है या फिर अगर आपको प्राइवेट सेक्टर सेक्टर में अगर आपको नौकरी नहीं मिल रही है तो आप को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आप कहां पर आप कहां पर लाइक कर रहे हैं आपको कहां पर सही करना है अपने आप को
Namaskaar mitron main sachin paathak se upasthit hoon aapake samaksh ek nae prashn ke uttar ke saath hee jaisa ki aapaka prashn hai ki vartamaan samay mein bhaarat kee yuvaon kee manodasha kya hai to dekhie aisa aap matalab bilkul poorn roop se nahin kaha ja sakata hai ki kaun vyakti kis tareeke se kyonki ho sakata hai kuchh sar bhej doon kuchh aapake hisaab ek kshan ho jisake anusaar aapako thoda-bahut pata chal jaata hai pata nahin laga sakate aur bada hai logon se aapasee baatacheet khatm ho gaee hai to in sab cheejon mein kya ho raha hai ki jaise kuchh yuva hote hain avasaad avasaad ka shikaar shikaar ho jaate hain phir vah apane ghar parivaar vaalon se baat nahin karate apanee jo bhee chinta hai apanee jo bhee dikkat hai koee bhee pareshaanee hotee hai vah apane parivaar vaalon ke saath sheyar nahin kar sakate cheej hai jo thoda sa kaaphee dikkat paida kar rahee hai logon ke lie yuvaon ke andar aisa nahin kaha ja sakata ki yuvaon kee manodasha hamesha se kharaabee hotee hai kyonki yah aapake maata-pita ke paalan poshan aur aapakee shiksha par bhee bahut jeevan nirbhar karatee hai ki aap agar koee bhee cheejon ko kar rahe hain maalee jee aap kisee bhee cheej mein asaphal ho jaate hain to yah aapake oopar vah karata hai aapake parivaar ke oopar yah cheej se laagoo hotee hai ki aap us tareekon ko apane bachche ko jo bhee aapaka aapaka beta hai aapakee aapakee betee hai aap usako us tareeke se samajhaen ki yah ek charan hai beta yah gujar jaega agar tumane ek list aapane mehanat kee to yah aapakee bachchon par nirbhar karata hai ki aap asaphalataon se pojitiv lena chaahate hain ya phir aap negetiv lekin usee ko jeena chaahate agar aapake andar nakaaraatmakata bharee rahegee agar aap har cheejon ko lekar nakaaraatmak to aapakee jo manodasha hai jo aap kee aantarik manodasha hai vah hamesha lav yoo pee jaegee aap logon logon ke baare mein hamesha kharaab sochenge aap jo bhee cheej ho rahee hogee jo cheej achchhee bhee ho rahee hogee to usake achchhee cheej hai na lekar aap usake bure bure mein sochenge to isase cheej kharaab ho sakatee hai aur matalab sabakee apanee-apanee soch hai apana-apana najariya hai vaheen ruko kaisee dekhata hai theek hai aur jahaan tak ki mujhe lagata hai jaisa berojagaaree vagairah kee baat hai kyonki abhee bhee main dekhee ek saath hai ki logon ko abhee bhee koee bhee padhaee karake aata hai agar aap aaeeaeetee isamen bhee dekh len to kampanee jis tareeke se unhen plesament likh detee hai yah sochakar jaatee hai ki aapako kuchh bhee nahin pata hai aur vah shuroo se aapako trening dena shuroo karate hain to jahaan tak hai ki yah aap kis khel aur maindaset par poora poora nirbhar karata hai theek hai vartamaan samay mein aisa kuchh bhee nahin hai agar aapako berojagaar hai ya phir agar aapako praivet sektar sektar mein agar aapako naukaree nahin mil rahee hai to aap ko aatmamanthan karane kee jaroorat hai ki aap kahaan par aap kahaan par laik kar rahe hain aapako kahaan par sahee karana hai apane aap ko

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2:57
अगर बात की जाए युवाओं की और उनकी मनोदशा कि यह मनोदशा क्षेत्रीय हिसाब से बदलती जाती है कहीं ना कहीं हमारे आसपास का जो बात आवरण होता है जो एनवायरमेंट होता है उस पर निर्भर करती है उदाहरण के तौर पर मैं आपको बताता हूं जब पहली बार क्रिकेट खेलने जाता है और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए क्रिकेट खेलना है उसकी मनोदशा और एक जोक गली में क्रिकेट खेल रहा है उसकी मनोदशा में काफी अंतर होगा एक ही एचके हूं दिमाग क्यों लेकिन मनोदशा में काफी अंतर हो जाएगा क्योंकि तरीके से बदल गया कि जहां पर अंतरराष्ट्रीय प्लेयर प्लेयर खेलने गया है तो वहां उसको लाखों लोग देखना लाखों लोग देख रहे हैं उसके सामने जो बैट्समैन है वह भी अंतरराष्ट्रीय बनता है वह भी मास्टर है उसमें प्रेशर प्रेशर के हिसाब से मेंटालिटी चेंज होती मनोज चेंज हो जाती है इस हिसाब से दूसरा एग्जाम पर हम लोग ले लेते हैं मान लीजिए किसी को इंग्लिश बोलनी आती है इंग्लिश छोड़ दे किसी को हिंदी बोलने आती और हिंदी मीडियम स्कूल में पढ़ा है वहीं आठ तक उसे हिंदी में रेलवे स्कूल में पढ़ाई किया बहुत तेज हिंदी मीडियम में 90 पर चलाता था अपने क्लास का टॉपर था अपने एरिया का टॉपर था पूरे लेकिन जब वह इंग्लिश मीडियम वाले स्कूल में अपना एडमिशन कराना है तो वहां पर हॉस्पिटैलिटी चेंज हो जाती क्या आप ही बताएं कि वहां पर टॉपर रहता है क्योंकि टॉपर मान लीजिए क्यों नहीं रह पाएगा क्योंकि बिल्कुल नहीं नहीं पाएगा और उसका रीजन भी इसलिए कि कुछ है उसको पता है लेकिन उसका जो एनवायरमेंट था वह उसके साथ साल के बच्चे को इंग्लिश नहीं आती है तो यह चीज हो जाती भले उसको कितना भी जान है वह नहीं बता पाए सीधे फिर से अच्छे से क्लियर नहीं कर पाएगा हमारे देश का भी इन्वायरमेंट वैसा ही हो गया आजकल ठीक है हम लोगों का मतलब इन्वायरमेंट का चाहिए देखिए चारों तरफ राजनीति हो रही है कहीं किसान आंदोलन कुछ लोग किसान आंदोलन का सपोर्ट करने वाले हैं कुछ लोग उस चीज को विरोध करने वाले इन सारी चीजों के देखते हुए मनोदशा बहुत खराब हो चुकी है
Agar baat kee jae yuvaon kee aur unakee manodasha ki yah manodasha kshetreey hisaab se badalatee jaatee hai kaheen na kaheen hamaare aasapaas ka jo baat aavaran hota hai jo enavaayarament hota hai us par nirbhar karatee hai udaaharan ke taur par main aapako bataata hoon jab pahalee baar kriket khelane jaata hai aur vah antararaashtreey star par bhaarat ke lie kriket khelana hai usakee manodasha aur ek jok galee mein kriket khel raha hai usakee manodasha mein kaaphee antar hoga ek hee echake hoon dimaag kyon lekin manodasha mein kaaphee antar ho jaega kyonki tareeke se badal gaya ki jahaan par antararaashtreey pleyar pleyar khelane gaya hai to vahaan usako laakhon log dekhana laakhon log dekh rahe hain usake saamane jo baitsamain hai vah bhee antararaashtreey banata hai vah bhee maastar hai usamen preshar preshar ke hisaab se mentaalitee chenj hotee manoj chenj ho jaatee hai is hisaab se doosara egjaam par ham log le lete hain maan leejie kisee ko inglish bolanee aatee hai inglish chhod de kisee ko hindee bolane aatee aur hindee meediyam skool mein padha hai vaheen aath tak use hindee mein relave skool mein padhaee kiya bahut tej hindee meediyam mein 90 par chalaata tha apane klaas ka topar tha apane eriya ka topar tha poore lekin jab vah inglish meediyam vaale skool mein apana edamishan karaana hai to vahaan par hospitailitee chenj ho jaatee kya aap hee bataen ki vahaan par topar rahata hai kyonki topar maan leejie kyon nahin rah paega kyonki bilkul nahin nahin paega aur usaka reejan bhee isalie ki kuchh hai usako pata hai lekin usaka jo enavaayarament tha vah usake saath saal ke bachche ko inglish nahin aatee hai to yah cheej ho jaatee bhale usako kitana bhee jaan hai vah nahin bata pae seedhe phir se achchhe se kliyar nahin kar paega hamaare desh ka bhee invaayarament vaisa hee ho gaya aajakal theek hai ham logon ka matalab invaayarament ka chaahie dekhie chaaron taraph raajaneeti ho rahee hai kaheen kisaan aandolan kuchh log kisaan aandolan ka saport karane vaale hain kuchh log us cheej ko virodh karane vaale in saaree cheejon ke dekhate hue manodasha bahut kharaab ho chukee hai

bolkar speaker
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
Life coach
3:17
बैटरी वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है तो सौ परसेंट में अस्सी परसेंट ऐसे युवा है जो कि बहुत ज्यादा मस्त में है बहुत ही ज्यादा आने में हराया से भरे पड़े हैं यह लोगों की जो मनोदशा है ना पूरी तरह से निकली थी वह चलिए यह बोलते भी गलत सुनते भी गलत ही देखते भी गलत है तो हम जैसा बोलेंगे देखेंगे सुनेंगे ऐसा ही बनेंगे तुम्हारी पसंद वैसे ही बन चुके हैं और न ही 10 परसेंट दर्शन में बहुत सारे लोग हैं जो अपने करियर पर फोकस कर रहे हैं बहुत मेहनत कर रहे हैं कोई फौजी बन रहा है तो कोई पुलिस ऑफिसर कोई डॉक्टर बन रहा है इनकी मनोदशा क्या है पॉजिटिव बनकर अपने अपने लिए भी अपने समाज के लिए भी कुछ अच्छा करने की है ना और जो 10 परसेंट है वह 10 परसेंट अपने ऊपर काम कर रहे हैं अपने ऊपर काम करने क्या होगा कि उनकी वाइब्रेशन आई होगी और उनकी हर वाइब्रेशन जो भाई होगी तो वह 10 परसेंट करे जो मेहनत करें उस पर भी पड़ेगी और जो कि नेगेटिव चली है उनके ऊपर भी वह हाईवे मिशन का इफ़ेक्ट होगा लेकिन वह 10 परसेंट लोग अपने ऊपर काम करते बाहर कुछ बदला नहीं जा सकता लेकिन अगर हम अपने अंदर वह बदलाव लाएंगे देखिएगा कि आपकी वाइब्रेशन का इफेक्ट्स ऑफ एग्जांपल बताती हूं कि ऐसे ही रिकॉर्डिंग कर रही थी एक-दो ही बहुत तेज से भूख नहीं लगा उसके बाद बहुत सारे मोहल्ले के जितने भी रहते हैं उस सब भूख नहीं लगी मैंने बोला रही मेरी रिकॉर्डिंग की गई लेकिन मैंने कहा नहीं मैं इन रोगियों को शांत करा करो कि मैं बाहर से शांति क्रांति के कितने सारे लोग थे मैं उन्हें शांत करा दी तुम लोग मुझे काटने आ जाते ना इतने सारे थे और मैं करा भी नहीं सकती तो फिर मैंने क्या किया कि मैंने अपने ऊपर काम किया अपनी पतंग कैसे किया कि मैं अपने अंदर गई और अपने आप को कहा कि रोगियों से मूवी सोनी है बॉडी अलग है उन लोगों से कनेक्ट हो तो उसे मैंने खुद अपने अंदर जाकर अपनी सोच से उनकी सोच से कनेक्ट हुई और मैंने कहा कि कुछ भी नहीं हुआ है सब ठीक है जिनका समय सब ठीक है सब अच्छा है प्लीज शांत हो जाइए प्लीज शांत हो जाइए प्लीज मुझे मैंने यह कहा आई लव यू सो मच की प्यार हर किसी को करना चाहिए अनकंडीशनल लव दो अंदर पूरी डॉगी एक साथ शांत हो गए तो मैंने काम बाहर नहीं किया मैंने का मंदिर किया लेकिन भाई बहन का ऐसा क्या हुआ सब जगह हुआ है ना तो यही है कि एक पर्सेंट लोग अपने अंदर काम कर रहे हैं जिससे इनकी वाइब्रेशन हाई होगी तो वह 10 परसेंट वह अपने लिए भी और बाहर के लिए भी काम कर रहे हैं उनके ऊपर भी हाइड्रेशन का असर होगा जो नेगेटिव हो चले हैं युवा उनके ऊपर भी हाईवे में शंकर सरंगा ठीक है तुम मनोदशा सौ परसेंट में 10 परसेंट की अलग है एक डिस्कशन के अलग है लेकिन अस्सी परसेंट की अलग नेगेटिव पॉजिटिव दिया ठीक है धन्यवाद
Baitaree vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai to sau parasent mein assee parasent aise yuva hai jo ki bahut jyaada mast mein hai bahut hee jyaada aane mein haraaya se bhare pade hain yah logon kee jo manodasha hai na pooree tarah se nikalee thee vah chalie yah bolate bhee galat sunate bhee galat hee dekhate bhee galat hai to ham jaisa bolenge dekhenge sunenge aisa hee banenge tumhaaree pasand vaise hee ban chuke hain aur na hee 10 parasent darshan mein bahut saare log hain jo apane kariyar par phokas kar rahe hain bahut mehanat kar rahe hain koee phaujee ban raha hai to koee pulis ophisar koee doktar ban raha hai inakee manodasha kya hai pojitiv banakar apane apane lie bhee apane samaaj ke lie bhee kuchh achchha karane kee hai na aur jo 10 parasent hai vah 10 parasent apane oopar kaam kar rahe hain apane oopar kaam karane kya hoga ki unakee vaibreshan aaee hogee aur unakee har vaibreshan jo bhaee hogee to vah 10 parasent kare jo mehanat karen us par bhee padegee aur jo ki negetiv chalee hai unake oopar bhee vah haeeve mishan ka ifekt hoga lekin vah 10 parasent log apane oopar kaam karate baahar kuchh badala nahin ja sakata lekin agar ham apane andar vah badalaav laenge dekhiega ki aapakee vaibreshan ka iphekts oph egjaampal bataatee hoon ki aise hee rikording kar rahee thee ek-do hee bahut tej se bhookh nahin laga usake baad bahut saare mohalle ke jitane bhee rahate hain us sab bhookh nahin lagee mainne bola rahee meree rikording kee gaee lekin mainne kaha nahin main in rogiyon ko shaant kara karo ki main baahar se shaanti kraanti ke kitane saare log the main unhen shaant kara dee tum log mujhe kaatane aa jaate na itane saare the aur main kara bhee nahin sakatee to phir mainne kya kiya ki mainne apane oopar kaam kiya apanee patang kaise kiya ki main apane andar gaee aur apane aap ko kaha ki rogiyon se moovee sonee hai bodee alag hai un logon se kanekt ho to use mainne khud apane andar jaakar apanee soch se unakee soch se kanekt huee aur mainne kaha ki kuchh bhee nahin hua hai sab theek hai jinaka samay sab theek hai sab achchha hai pleej shaant ho jaie pleej shaant ho jaie pleej mujhe mainne yah kaha aaee lav yoo so mach kee pyaar har kisee ko karana chaahie anakandeeshanal lav do andar pooree dogee ek saath shaant ho gae to mainne kaam baahar nahin kiya mainne ka mandir kiya lekin bhaee bahan ka aisa kya hua sab jagah hua hai na to yahee hai ki ek parsent log apane andar kaam kar rahe hain jisase inakee vaibreshan haee hogee to vah 10 parasent vah apane lie bhee aur baahar ke lie bhee kaam kar rahe hain unake oopar bhee haidreshan ka asar hoga jo negetiv ho chale hain yuva unake oopar bhee haeeve mein shankar saranga theek hai tum manodasha sau parasent mein 10 parasent kee alag hai ek diskashan ke alag hai lekin assee parasent kee alag negetiv pojitiv diya theek hai dhanyavaad

bolkar speaker
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
7:00
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है वर्तमान समय में भी और विगत समय समय में भी भारत के सारे युवा और सारे युवाओं की एक जैसी मांगों से नहीं यह सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा जो है भाई इस देश का इसके ऊपर डिपेंड करता है एक ऐसा वर्ग है जो वर्तमान समय में भी सुरक्षित महसूस करता है क्योंकि उसको आर्थिक सुरक्षा मिली हुई को सामाजिक सुरक्षा मिली हुई है सांस्कृतिक राजकीय सीजी उसके उसके लिए अच्छी रहती है सपोर्टिव रहती है तो दूसरा इसके विपरीत वर्ग है जिसको यह सारी स्थितियां और पूरी दिया उसके विपरीत रहती है वह निश्चित निश्चित है या और उसको उसका करियर और उसकी आवश्यकता है जय पूरी होने की पूरी जो है पूरी व्यवस्था के समझ में आती है और वह निश्चित हो जाता है मैं अपनी सोसाइटी वाला यह क्लास कम हुआ है लेकिन फिर भी कुछ समस्या है उसके सामने भी है को इंटरनेशनल परिस्थितियां अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और बदलते हुए माहौल कोरोनावायरस पांडेमिक अर्थव्यवस्थाओं का डगमगाना विश्व युद्ध होने की संभावना और जनसंख्या के कारण कारण निर्माण होने वाली बाकी सब कोई एनवायरमेंटल पॉलिसी या सामाजिक असंतोष की परिस्थितियां इसके कारणों से युवा वर्ग जो है पर सोसाइटी वाला थोड़ा सा चिंतित भी है और सबसे महत्वपूर्ण बात उसने भी है एक है कि वह है कंपटीशन कंपटीशन में वो टिक सकता है या नहीं और उसके टारगेट पूरे होते हैं या नहीं आउट नहीं हुए तो अभी उसको आर्थिक रूप से कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन व्यवस्था कुछ सपने होते हैं कुछ मनोहर ना होती है वह पूरी होने की जरूरत युवा महसूस करता है और इसके विपरीत जो बाकी सब युवा वर्ग है वह बिल्कुल कंफ्यूज है निराश है और शायरी भी है उसको कोई सहारा दिखाई नहीं पड़ रहा है सरकार एक सहारा होता है लेकिन सरकार से कुछ होने वाला नहीं है ऐसी सोच उस की बनी हुई है उसको काम नहीं मिल रहा है काम का अच्छा मौका नहीं मिल रहा है 8 8000 में काम करते हैं का मिलता है लेकिन आज की स्थिति में ₹8000 में फैमिली चलाना किस तरह का काम होता है यह वह जानते हैं कुछ लोगों को भी नहीं मिल रहा है तो कुछ ऐसे वैसे काम कर रहे हैं मैं कुछ फैमिलीज में प्रिया काम पर जा रही है तो कुछ सरकार ने और धनवान लोगों ने कई पर कुछ खाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कर दी है जैसे भारत में ₹5 भोजन मिलता है वहां पर लाइन लगी हुई रहती मेरे लोकल सिटी में ₹5 में भोजन मिलने का भोजन जो थोड़ा सा मिलता है वह लेने के लिए दोपहर के टाइम में लाइन लगती है और पूरी फैमिली के लिए इकट्ठा या कुछ लोग एक ही मतलब सिर्फ ₹5 में भी अपना पेट भरते हैं अब जिंदा रहते हैं तो एक तरफ से बहुत बड़े हैं यह एक विषमता की खाई है यह बढ़ती हुई जा रही है और इसका असर युवा वर्ग पर होता है जो लगभग 90 से 95 90% तक है वह बहुत निराशा और असंतोष उस में फैला हुआ है ऐसी स्थिति है धन्यवाद
Vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai vartamaan samay mein bhee aur vigat samay samay mein bhee bhaarat ke saare yuva aur saare yuvaon kee ek jaisee maangon se nahin yah saamaajik suraksha aur aarthik suraksha jo hai bhaee is desh ka isake oopar dipend karata hai ek aisa varg hai jo vartamaan samay mein bhee surakshit mahasoos karata hai kyonki usako aarthik suraksha milee huee ko saamaajik suraksha milee huee hai saanskrtik raajakeey seejee usake usake lie achchhee rahatee hai saportiv rahatee hai to doosara isake vipareet varg hai jisako yah saaree sthitiyaan aur pooree diya usake vipareet rahatee hai vah nishchit nishchit hai ya aur usako usaka kariyar aur usakee aavashyakata hai jay pooree hone kee pooree jo hai pooree vyavastha ke samajh mein aatee hai aur vah nishchit ho jaata hai main apanee sosaitee vaala yah klaas kam hua hai lekin phir bhee kuchh samasya hai usake saamane bhee hai ko intaraneshanal paristhitiyaan antararaashtreey paristhitiyaan aur badalate hue maahaul koronaavaayaras paandemik arthavyavasthaon ka dagamagaana vishv yuddh hone kee sambhaavana aur janasankhya ke kaaran kaaran nirmaan hone vaalee baakee sab koee enavaayaramental polisee ya saamaajik asantosh kee paristhitiyaan isake kaaranon se yuva varg jo hai par sosaitee vaala thoda sa chintit bhee hai aur sabase mahatvapoorn baat usane bhee hai ek hai ki vah hai kampateeshan kampateeshan mein vo tik sakata hai ya nahin aur usake taaraget poore hote hain ya nahin aaut nahin hue to abhee usako aarthik roop se koee problam nahin hai lekin vyavastha kuchh sapane hote hain kuchh manohar na hotee hai vah pooree hone kee jaroorat yuva mahasoos karata hai aur isake vipareet jo baakee sab yuva varg hai vah bilkul kamphyooj hai niraash hai aur shaayaree bhee hai usako koee sahaara dikhaee nahin pad raha hai sarakaar ek sahaara hota hai lekin sarakaar se kuchh hone vaala nahin hai aisee soch us kee banee huee hai usako kaam nahin mil raha hai kaam ka achchha mauka nahin mil raha hai 8 8000 mein kaam karate hain ka milata hai lekin aaj kee sthiti mein ₹8000 mein phaimilee chalaana kis tarah ka kaam hota hai yah vah jaanate hain kuchh logon ko bhee nahin mil raha hai to kuchh aise vaise kaam kar rahe hain main kuchh phaimileej mein priya kaam par ja rahee hai to kuchh sarakaar ne aur dhanavaan logon ne kaee par kuchh khaane ke lie suvidhaen upalabdh kar dee hai jaise bhaarat mein ₹5 bhojan milata hai vahaan par lain lagee huee rahatee mere lokal sitee mein ₹5 mein bhojan milane ka bhojan jo thoda sa milata hai vah lene ke lie dopahar ke taim mein lain lagatee hai aur pooree phaimilee ke lie ikattha ya kuchh log ek hee matalab sirph ₹5 mein bhee apana pet bharate hain ab jinda rahate hain to ek taraph se bahut bade hain yah ek vishamata kee khaee hai yah badhatee huee ja rahee hai aur isaka asar yuva varg par hota hai jo lagabhag 90 se 95 90% tak hai vah bahut niraasha aur asantosh us mein phaila hua hai aisee sthiti hai dhanyavaad

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:18
नमस्कार दोस्तों फंसने की वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है तो दोस्तों पूरे भारत की मनोदशा एक साथ नहीं ताजा कर सकते तो किया था संभव नहीं है क्योंकि हर क्षेत्र का कहीं ना कहीं मनोदशा पर बहुत असर होता है मैं बात करता हूं जैसे यूपी के पूरे अंचल क्षेत्रों में मैं गया हूं ना लड़कों की मनोदशा देखेंगे तो लड़कों को आराम से खाली घूमते हैं और मोबाइल रिचार्ज कराते हैं और उस पर दिन पर दिन अपना पिक्चर देख रहे हैं शौक पूरे कर रहे हैं घर वालों से पैसे लेकर बहुत सारे लोगों की मनोदशा देखता हूं कि इलाहाबाद बनारस में जाकर वह पढ़ाई करते हैं और आगे ऑफिसर बन जाते हैं या कोई अधिकारी बनते हैं या किसी जगह पर सेट हो जाते हैं वह जो है राज्यों की मनोदशा अलग हो सकती है कि बच्चे इंजीनियरिंग की तैयारी करते कई डॉक्टर की तैयारी करते हैं और बहुत सारे आप युवाओं मनासा देखेंगे वह रोजगार की तलाश में हैं और बहुत तो आराम से बैठे हुए हैं क्योंकि उनका मोबाइल से समय पास हो जाता है माता पिता के पैसे हैं या रिटायर्ड है तो आगे कोई कदम नहीं उठा पा रहे हैं जो कि एक चिंता का विषय है धन्यवाद
Namaskaar doston phansane kee vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai to doston poore bhaarat kee manodasha ek saath nahin taaja kar sakate to kiya tha sambhav nahin hai kyonki har kshetr ka kaheen na kaheen manodasha par bahut asar hota hai main baat karata hoon jaise yoopee ke poore anchal kshetron mein main gaya hoon na ladakon kee manodasha dekhenge to ladakon ko aaraam se khaalee ghoomate hain aur mobail richaarj karaate hain aur us par din par din apana pikchar dekh rahe hain shauk poore kar rahe hain ghar vaalon se paise lekar bahut saare logon kee manodasha dekhata hoon ki ilaahaabaad banaaras mein jaakar vah padhaee karate hain aur aage ophisar ban jaate hain ya koee adhikaaree banate hain ya kisee jagah par set ho jaate hain vah jo hai raajyon kee manodasha alag ho sakatee hai ki bachche injeeniyaring kee taiyaaree karate kaee doktar kee taiyaaree karate hain aur bahut saare aap yuvaon manaasa dekhenge vah rojagaar kee talaash mein hain aur bahut to aaraam se baithe hue hain kyonki unaka mobail se samay paas ho jaata hai maata pita ke paise hain ya ritaayard hai to aage koee kadam nahin utha pa rahe hain jo ki ek chinta ka vishay hai dhanyavaad

bolkar speaker
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
sanjay kumar pandey Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए sanjay जी का जवाब
Writer, Teacher, motivational youtuber
2:39
गुड इवनिंग सवाल है कि वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है विकी बड़ा कठिन प्रश्न है वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा सब की मनोदशा को जानना समझना यह तो बड़ा मुश्किल काम है अलग अलग होता है किसी की और किसी की कुछ और कोई रोजगार के लिए परेशान हैं कोई सरकार से क्षुब्ध है सरकारी नौकरी चाहता है उस पर नौकरी नहीं मिल रही है तो सरकार को कोसता है कोई अपने प्रेम में असफल है वह अपने प्यार को पाने के लिए परेशान है तो उसी में अपना उलझा हुआ है तो कई तरह की उलझन है क्या कहा जाए किसकी क्या मनोदशा है कोई अध्यात्म की ओर अग्रसर है उसे जो है उसमें सफलता नहीं मिल पा रही है तो वह उसमें छटपटाहट रहा है कोई शादीशुदा है तो अपने पति से या पत्नी से परेशान है अपने बाल बच्चों को वह ठीक से नहीं कर पा रहा तुझसे परेशान है अपने मां-बाप के लिए नहीं कुछ कर पा रहा है तुझ से परेशान है तमाम तरह की परेशानियां हैं तो उनकी मनोदशा भी तमाम तरह की अलग-अलग होंगी किसको कहा क्या कहा जाए कि किस की मनोदशा कैसी है वह तो मैं उसके पास नजदीक जाने से ही पता चलेगा कि उसकी मनोदशा क्या है इसको एक जो है एक सांचे में नहीं डाला जा सकता मतलबी स्टीरियोटाइप्स नहीं है यह नहीं है कि बस लव यू कहा जाए कि यही मनोदशा है और वही था तमाम तरह के कहीं मुख्य रास्ते से भटके हुए युवाओं को आतंकवाद का सहारा मिल जाता है कोई आतंकवादी बना देता है उन्हें उनका माइंड वास कर देता है कोई कुछ कर देता है तो बहुत तरह की बातें यह बहुत बड़ा क्वेश्चन है और इसका आंसर ही बहुत बहुत बड़ा होगा यह शोध का विषय है और मतलब मैं क्या करूं इस पर घंटों बोला जा सकता है इसलिए इस बारे में एक चीज नहीं कहा जा सकता कि वर्तमान में क्या मनोदशा एवं सभी लोगों की अलग-अलग मनोदशा होती है वह जौनसारी यंत्र
Gud ivaning savaal hai ki vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai vikee bada kathin prashn hai vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha sab kee manodasha ko jaanana samajhana yah to bada mushkil kaam hai alag alag hota hai kisee kee aur kisee kee kuchh aur koee rojagaar ke lie pareshaan hain koee sarakaar se kshubdh hai sarakaaree naukaree chaahata hai us par naukaree nahin mil rahee hai to sarakaar ko kosata hai koee apane prem mein asaphal hai vah apane pyaar ko paane ke lie pareshaan hai to usee mein apana ulajha hua hai to kaee tarah kee ulajhan hai kya kaha jae kisakee kya manodasha hai koee adhyaatm kee or agrasar hai use jo hai usamen saphalata nahin mil pa rahee hai to vah usamen chhatapataahat raha hai koee shaadeeshuda hai to apane pati se ya patnee se pareshaan hai apane baal bachchon ko vah theek se nahin kar pa raha tujhase pareshaan hai apane maan-baap ke lie nahin kuchh kar pa raha hai tujh se pareshaan hai tamaam tarah kee pareshaaniyaan hain to unakee manodasha bhee tamaam tarah kee alag-alag hongee kisako kaha kya kaha jae ki kis kee manodasha kaisee hai vah to main usake paas najadeek jaane se hee pata chalega ki usakee manodasha kya hai isako ek jo hai ek saanche mein nahin daala ja sakata matalabee steeriyotaips nahin hai yah nahin hai ki bas lav yoo kaha jae ki yahee manodasha hai aur vahee tha tamaam tarah ke kaheen mukhy raaste se bhatake hue yuvaon ko aatankavaad ka sahaara mil jaata hai koee aatankavaadee bana deta hai unhen unaka maind vaas kar deta hai koee kuchh kar deta hai to bahut tarah kee baaten yah bahut bada kveshchan hai aur isaka aansar hee bahut bahut bada hoga yah shodh ka vishay hai aur matalab main kya karoon is par ghanton bola ja sakata hai isalie is baare mein ek cheej nahin kaha ja sakata ki vartamaan mein kya manodasha evan sabhee logon kee alag-alag manodasha hotee hai vah jaunasaaree yantr

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Rishabh Sengar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:12
आप नेशन पूछा क्या है कि वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है लेकिन प्रत्येक व्यक्ति की मनोदशा प्रत्येक व्यक्ति के परिवेश के निर्धारित की जा सकती है लेकिन अगर एक आम तौर पर एक राय पूछी जाएगी भारतीय युवाओं की मनोदशा क्या है तो भारतीय युवा इस दौर में मैं समझता हूं रोजगार को लेकर आ सीमित उसके मन में एक्सपेक्टेशन से भाषाएं अपेक्षाएं हैं जिनकी पूर्ति में समझता हूं पिछली सरकार यह वर्तमान की सरकारें उस हद तक पूरी करने में नाकामयाब रहे हैं इसलिए वर्तमान युवा की मनोदशा चिंता से ग्रस्त है वह अपने फ्यूचर को लेकर काफी कुछ केतन चांस है जिसको एड्रेस करना चाहिए हालांकि नई शिक्षा नीति में जॉब से जुड़े हुए विषयों को भी शामिल किया गया है पाठ्यक्रमों में लेकिन यह ना काफी होगा और भी कई अपन चांस है जो भारतीय युवाओं के जिनको एड्रेस करना बहुत जरूरी है थैंक यू वेरी मच
Aap neshan poochha kya hai ki vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai lekin pratyek vyakti kee manodasha pratyek vyakti ke parivesh ke nirdhaarit kee ja sakatee hai lekin agar ek aam taur par ek raay poochhee jaegee bhaarateey yuvaon kee manodasha kya hai to bhaarateey yuva is daur mein main samajhata hoon rojagaar ko lekar aa seemit usake man mein eksapekteshan se bhaashaen apekshaen hain jinakee poorti mein samajhata hoon pichhalee sarakaar yah vartamaan kee sarakaaren us had tak pooree karane mein naakaamayaab rahe hain isalie vartamaan yuva kee manodasha chinta se grast hai vah apane phyoochar ko lekar kaaphee kuchh ketan chaans hai jisako edres karana chaahie haalaanki naee shiksha neeti mein job se jude hue vishayon ko bhee shaamil kiya gaya hai paathyakramon mein lekin yah na kaaphee hoga aur bhee kaee apan chaans hai jo bhaarateey yuvaon ke jinako edres karana bahut jarooree hai thaink yoo veree mach

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
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1:12
आप नेशन पूछा क्या है कि वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है लेकिन प्रत्येक व्यक्ति की मनोदशा प्रत्येक व्यक्ति के परिवेश के निर्धारित की जा सकती है लेकिन अगर एक आम तौर पर एक राय पूछी जाएगी भारतीय युवाओं की मनोदशा क्या है तो भारतीय युवा इस दौर में मैं समझता हूं रोजगार को लेकर आ सीमित उसके मन में एक्सपेक्टेशन से भाषाएं अपेक्षाएं हैं जिनकी पूर्ति में समझता हूं पिछली सरकार यह वर्तमान की सरकारें उस हद तक पूरी करने में नाकामयाब रहे हैं इसलिए वर्तमान युवा की मनोदशा चिंता से ग्रस्त है वह अपने फ्यूचर को लेकर काफी कुछ केतन चांस है जिसको एड्रेस करना चाहिए हालांकि नई शिक्षा नीति में जॉब से जुड़े हुए विषयों को भी शामिल किया गया है पाठ्यक्रमों में लेकिन यह ना काफी होगा और भी कई अपन चांस है जो भारतीय युवाओं के जिनको एड्रेस करना बहुत जरूरी है थैंक यू वेरी मच
Aap neshan poochha kya hai ki vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai lekin pratyek vyakti kee manodasha pratyek vyakti ke parivesh ke nirdhaarit kee ja sakatee hai lekin agar ek aam taur par ek raay poochhee jaegee bhaarateey yuvaon kee manodasha kya hai to bhaarateey yuva is daur mein main samajhata hoon rojagaar ko lekar aa seemit usake man mein eksapekteshan se bhaashaen apekshaen hain jinakee poorti mein samajhata hoon pichhalee sarakaar yah vartamaan kee sarakaaren us had tak pooree karane mein naakaamayaab rahe hain isalie vartamaan yuva kee manodasha chinta se grast hai vah apane phyoochar ko lekar kaaphee kuchh ketan chaans hai jisako edres karana chaahie haalaanki naee shiksha neeti mein job se jude hue vishayon ko bhee shaamil kiya gaya hai paathyakramon mein lekin yah na kaaphee hoga aur bhee kaee apan chaans hai jo bhaarateey yuvaon ke jinako edres karana bahut jarooree hai thaink yoo veree mach

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
AFTAB ALAM Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Business
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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की परिभाषा क्या है यह है आपका सवाल तो वर्तमान समय में जो युवाओं की मनोदशा का हाल है यह बहुत ही बड़ी सबसे बड़ी जोर चिंता है वह रोजगार की है अगर रोजगार नहीं रहेंगे तो पैसे नहीं होंगे पैसे नहीं होंगे तो आपकी डिटेल चीज है जो स्वास्थ्य के लिए है रहन-सहन के लिए माता-पिता की बच्चों की बीवी की जिम्मेदारियां हैं घर परिवार के स्वास्थ्य की है वह बिना पैसे नहीं निभा पाएंगे तो फिर घर की सबसे बड़ी समस्या है उसके भारत के युवा और सरकार पर ध्यान नहीं दे रही है कहीं मन में कह सकते हैं कि भारतीय दर्शन की दयनीय स्थिति में है

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Rohit  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Self employed
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  • युवाओं की मनोदशा, वर्तमान समय में युवाओं की मनोदशा, भारत के युवाओं की मनोदशा
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