#भारत की राजनीति

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?

Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:35
आवाज आपका सवाल है कि ग्राहकों के मूल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए यह तो मेरे को पता है कि हां वह बारगेनिंग करेंगे और जो शॉपकीपर जो दुकान वाले हैं उनको भी पता है क्यों इस तरह से यह कॉस्ट और इस तरह से प्राइस रखेंगे इंसान मतलब मोलभाव करके जहां तक आएगा वहां पर भी दुकान वाले को प्रॉफिट हो तो मैं यह दुकान वाले हमें पूरे सस्ते में ऐसा सस्ते में समान है कि उनका कोई प्रॉफिट इन आओगे कि हर लोगों को कमाना हर लोगों को अपने घर में पैसे ले जाना है खाना पीना चाहिए कि हां अगर कस्टमर जो है वह मोलभाव करके भी जहां तक है जैसे कि आपने कोई भी चीज का ₹100 रखा है तो अपनी वह चीज 50 से 60 में आपने खरीदा एयरपोर्ट 200 अपनी रखा है आखिर हमने 150 रखा था तो कोई 50 कम कर के आया फिर उसके बाद 80 काम करके आया इसमें भी आप बेच रहे आपको ₹20 के ₹10 के आपको अटलस प्रॉफिट हो रहा है मेक एग्जांपल दे दूं ऐसा नहीं बोल रही हूं सही करने के लिए सैंडल छोटे सामान भेज दो रुपए का प्रॉफिट होता है बड़े-बड़े सामान में थोड़ा ज्यादा कार्यकर्ता तो इस तरह से आप तो रखिए प्राइस ताकि अगर कोई बारगेनिंग करे तब भी आपको लॉस ना हो और कस्टमर भेजो खरीदना वह भी खुशी से यह सोचे कि हां मुझे भी मतलब इसमें मोल भाव से मैंने भी अच्छे प्राइस में ही सामान खरीदा है
Aavaaj aapaka savaal hai ki graahakon ke mool bhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie yah to mere ko pata hai ki haan vah baaragening karenge aur jo shopakeepar jo dukaan vaale hain unako bhee pata hai kyon is tarah se yah kost aur is tarah se prais rakhenge insaan matalab molabhaav karake jahaan tak aaega vahaan par bhee dukaan vaale ko prophit ho to main yah dukaan vaale hamen poore saste mein aisa saste mein samaan hai ki unaka koee prophit in aaoge ki har logon ko kamaana har logon ko apane ghar mein paise le jaana hai khaana peena chaahie ki haan agar kastamar jo hai vah molabhaav karake bhee jahaan tak hai jaise ki aapane koee bhee cheej ka ₹100 rakha hai to apanee vah cheej 50 se 60 mein aapane khareeda eyaraport 200 apanee rakha hai aakhir hamane 150 rakha tha to koee 50 kam kar ke aaya phir usake baad 80 kaam karake aaya isamen bhee aap bech rahe aapako ₹20 ke ₹10 ke aapako atalas prophit ho raha hai mek egjaampal de doon aisa nahin bol rahee hoon sahee karane ke lie saindal chhote saamaan bhej do rupe ka prophit hota hai bade-bade saamaan mein thoda jyaada kaaryakarta to is tarah se aap to rakhie prais taaki agar koee baaragening kare tab bhee aapako los na ho aur kastamar bhejo khareedana vah bhee khushee se yah soche ki haan mujhe bhee matalab isamen mol bhaav se mainne bhee achchhe prais mein hee saamaan khareeda hai

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
nav kishor aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Service
1:44
कर आप का सवाल है कि ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए दुकानदार और ग्राहक का रिश्ता तो एक सदियों पुराना रिश्ता है दुकानदार चाहता कि मेरा माल महंगे से महंगे में बिके अच्छे से अच्छे दाम में बिक्री और ग्राहक चाहता है कि उसे माल अच्छा भी मिले और सस्ते से सस्ते दाम में मिले तो इन दोनों का कॉन्बिनेशन बढ़ाना बहुत ही मुश्किल होता है और इस समय वही सफल होता है जो एक अच्छा सेल्समेन हो या अच्छा दुकानदारों यह वही कर सकता है काम तो इसलिए क्या होता है कई बार ग्राहक जाए मोलभाव करने लग जाता है तो आप ग्राहक को आराम से समझाइए सर देखिए यह चीज हमने इतने की खरीदी है बेशक थोड़ा बहुत चला की होती है लेकिन थोड़ा तरीके से ग्राहकों कहीं भी यह न लगे कि आप झूठ बोल रहे हालांकि दुकानदारी का पहला स्कूल ही झूठ बोलना है लेकिन झूठ को बड़े हिसाब से बोलिए तरीके से बोलिए अगर आपको विश्वास दिलाया कि वाक्य में आपका जो वह माल है वह आपने इतने में ही खरीदा है और उसके ऊपर आपको इतना ही मुनाफा हो रहा है अगर आपको विश्वास दिलाने की कोशिश कीजिए और अगर आप कोई बारगेनिंग नहीं पसंद करते हैं या नहीं करना चाहते हैं तो आप अपनी दुकान पर फिक्स रेट का बोर्ड लगा दीजिए कि कोई भी सामान आप कर दीजिए उसमें कोई बात नहीं होगी रात को वोट पड़ेगा ऑटोमेटिक हो जाएगा उसे लेना होगा नहीं लेना अपनी दुकान देखेगा आपने देखा होगा बड़े बड़े होते हैं वहां पर उसका सलूशन गई है कि ग्राहक आएगा आप उसे अगर बाई चांस कोई बोलता भी है की जीएसआईएस और अपने जीजा 50 बजे तक उसे बोर्ड की तरफ इशारा कर दीजिए सर हमने तो पहली फिक्स रेट का रेट लगा हुआ है आपको अच्छा लगता लीजिए नहीं ऐसा लगता था आप जैसा ठीक समझे अपना आदमी दुकान देख लीजिए तो यह आप तो दिखा अपना सकते हैं धन्यवाद
Kar aap ka savaal hai ki graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie dukaanadaar aur graahak ka rishta to ek sadiyon puraana rishta hai dukaanadaar chaahata ki mera maal mahange se mahange mein bike achchhe se achchhe daam mein bikree aur graahak chaahata hai ki use maal achchha bhee mile aur saste se saste daam mein mile to in donon ka konbineshan badhaana bahut hee mushkil hota hai aur is samay vahee saphal hota hai jo ek achchha selsamen ho ya achchha dukaanadaaron yah vahee kar sakata hai kaam to isalie kya hota hai kaee baar graahak jae molabhaav karane lag jaata hai to aap graahak ko aaraam se samajhaie sar dekhie yah cheej hamane itane kee khareedee hai beshak thoda bahut chala kee hotee hai lekin thoda tareeke se graahakon kaheen bhee yah na lage ki aap jhooth bol rahe haalaanki dukaanadaaree ka pahala skool hee jhooth bolana hai lekin jhooth ko bade hisaab se bolie tareeke se bolie agar aapako vishvaas dilaaya ki vaaky mein aapaka jo vah maal hai vah aapane itane mein hee khareeda hai aur usake oopar aapako itana hee munaapha ho raha hai agar aapako vishvaas dilaane kee koshish keejie aur agar aap koee baaragening nahin pasand karate hain ya nahin karana chaahate hain to aap apanee dukaan par phiks ret ka bord laga deejie ki koee bhee saamaan aap kar deejie usamen koee baat nahin hogee raat ko vot padega otometik ho jaega use lena hoga nahin lena apanee dukaan dekhega aapane dekha hoga bade bade hote hain vahaan par usaka salooshan gaee hai ki graahak aaega aap use agar baee chaans koee bolata bhee hai kee jeeesaeees aur apane jeeja 50 baje tak use bord kee taraph ishaara kar deejie sar hamane to pahalee phiks ret ka ret laga hua hai aapako achchha lagata leejie nahin aisa lagata tha aap jaisa theek samajhe apana aadamee dukaan dekh leejie to yah aap to dikha apana sakate hain dhanyavaad

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Pradumn kumar Vajpayee Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Bijneas9369174848
1:06
मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो दोस्तों और भाव का जमाना चल रहा है आजकल व्यक्ति चीज का पैसा सही बताने पर भी मोलभाव करता है इससे काफी दिक्कत महसूस होती है इसके लिए उसको हमें अपनी क्वालिटी के आधार पर ढंग से समझाना चाहिए कहने का मतलब यह है जैसे आप बेसन कैसे बनाते हैं क्वालिटी अच्छी है तो आप उसको समझा सकते हैं कहने का मतलब यह है की क्वालिटी अच्छी कैसे हो आपकी तो आपको यह कहना है कि हमने चने की दाल खरीदी खरीद के चक्की पर अपनी आंखों के सामने पेशवाई उसके बाद इसने हमने अजवाइन काली मिर्च किया आप इसको चेक करके देखिए आपको अच्छा लगे तो लिए ग्राहक जब चेक करेगा तो आप की क्वालिटी के आधार पर आपका सामान खुद बताएगा हम करते हैं और फिर उसकी समझ में आने पर वह सामान आप नीचे खरीदेगा धन्यवाद मित्रों
Molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to doston aur bhaav ka jamaana chal raha hai aajakal vyakti cheej ka paisa sahee bataane par bhee molabhaav karata hai isase kaaphee dikkat mahasoos hotee hai isake lie usako hamen apanee kvaalitee ke aadhaar par dhang se samajhaana chaahie kahane ka matalab yah hai jaise aap besan kaise banaate hain kvaalitee achchhee hai to aap usako samajha sakate hain kahane ka matalab yah hai kee kvaalitee achchhee kaise ho aapakee to aapako yah kahana hai ki hamane chane kee daal khareedee khareed ke chakkee par apanee aankhon ke saamane peshavaee usake baad isane hamane ajavain kaalee mirch kiya aap isako chek karake dekhie aapako achchha lage to lie graahak jab chek karega to aap kee kvaalitee ke aadhaar par aapaka saamaan khud bataega ham karate hain aur phir usakee samajh mein aane par vah saamaan aap neeche khareedega dhanyavaad mitron

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
shekhar vishwakarma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Academic Content developer at ConnectEd
2:55
ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारी को क्या करना चाहिए वाजिब सवाल है अक्सर ऐसा होता है कि मतलब हम जब मार्केट जाते हैं मतलब हमें अगर ज्यादा है ना तो वह जो जिस प्राइस रेंज में वह चीज बताता है उसमें हम लोग बाहर कर दें करेंगे इस चीज से बारगेन करेंगे वो करेंगे मैं बता दूं क्या मोलभाव को इंग्लिश में बारी है कहते हैं तो मजाक के अंदाज में यह भी कहा जाता है कि बारगेनिंग हो तो कब प्राथमिक है यह तो खैर मजा क्यों बोल रहे थे कि दुकान कपड़े की दुकान चीज बताता हूं उस रेट पर नहीं बना बताते हैं जो वाजिब रेट होता है वह महंगा इसीलिए बताते हैं कि उन्हें पता है कि लोग बारगेन करेंगे रमन भाई मैंने तो कई दुकानदार है मैं वह चीज है ऐसे ही मतलब थोड़ा सस्ता करके दे सकते हैं तो व्यापारी को क्या करना चाहिए मान लीजिए अगर उसको किसी चीज पर किसी सामान पर 20 परसेंट का प्रॉफिट हो रहा है तो उसको अगर कोई कहता है और अच्छे तरीके से बात करते तो उसको 20 परसेंट का पंजाब से लेकर उस चीज को उसको दे देना चाहिए अगर उसमें भी वह नहीं मान रहा है सामने वाला तो प्लीज उनका 10 वर्षीय दे देना चाहिए एक वाजिब रेट पर जिससे दुकानदार को भी फायदा हो रहा है और खरीदने वाले को भी नुकसान नहीं हो रहा है उसे लाकर चीज उसको दे देंगे सुसाइड खरीदा और उससे बात करने के लिए बोला जा सकता है कि वह भी ले लीजिए पैसा तो इसमें कम नहीं कर पाऊंगा लेकिन हां आपको एक थैंक यू जरुर दे दूंगा थैंक यू दे दूंगा या एक बेल्ट आपको दे दूंगा एक या वाले इस हिसाब का जो होता है इस हिसाब से मार्केट कर सकते हैं कि यह एक सुमन नेचर है बारगेनिंग और इसको टाइटल करना भी एक बिजनेसमैन का नेचर होना चाहिए उसको सीखना चाहिए लोगों को क्या सीखेंगे नहीं अब कुछ व्यापारी पर हो जाते हैं बारगेनिंग का नाम से फेसबुक पर नहीं होना है बिल्कुल आपको क्योंकि अगर हो जाएंगे एक आदमी से आप गुस्सा दिखा देंगे तो आपकी दुकान पर जिंदगी में कभी नहीं आएगा इससे बचना चाहिए कोशिश करें
Graahakon ke mol bhaav karane par vyaapaaree ko kya karana chaahie vaajib savaal hai aksar aisa hota hai ki matalab ham jab maarket jaate hain matalab hamen agar jyaada hai na to vah jo jis prais renj mein vah cheej bataata hai usamen ham log baahar kar den karenge is cheej se baaragen karenge vo karenge main bata doon kya molabhaav ko inglish mein baaree hai kahate hain to majaak ke andaaj mein yah bhee kaha jaata hai ki baaragening ho to kab praathamik hai yah to khair maja kyon bol rahe the ki dukaan kapade kee dukaan cheej bataata hoon us ret par nahin bana bataate hain jo vaajib ret hota hai vah mahanga iseelie bataate hain ki unhen pata hai ki log baaragen karenge raman bhaee mainne to kaee dukaanadaar hai main vah cheej hai aise hee matalab thoda sasta karake de sakate hain to vyaapaaree ko kya karana chaahie maan leejie agar usako kisee cheej par kisee saamaan par 20 parasent ka prophit ho raha hai to usako agar koee kahata hai aur achchhe tareeke se baat karate to usako 20 parasent ka panjaab se lekar us cheej ko usako de dena chaahie agar usamen bhee vah nahin maan raha hai saamane vaala to pleej unaka 10 varsheey de dena chaahie ek vaajib ret par jisase dukaanadaar ko bhee phaayada ho raha hai aur khareedane vaale ko bhee nukasaan nahin ho raha hai use laakar cheej usako de denge susaid khareeda aur usase baat karane ke lie bola ja sakata hai ki vah bhee le leejie paisa to isamen kam nahin kar paoonga lekin haan aapako ek thaink yoo jarur de doonga thaink yoo de doonga ya ek belt aapako de doonga ek ya vaale is hisaab ka jo hota hai is hisaab se maarket kar sakate hain ki yah ek suman nechar hai baaragening aur isako taital karana bhee ek bijanesamain ka nechar hona chaahie usako seekhana chaahie logon ko kya seekhenge nahin ab kuchh vyaapaaree par ho jaate hain baaragening ka naam se phesabuk par nahin hona hai bilkul aapako kyonki agar ho jaenge ek aadamee se aap gussa dikha denge to aapakee dukaan par jindagee mein kabhee nahin aaega isase bachana chaahie koshish karen

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Aniket Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:08
राधे राधे सभी श्रोता गानों को आप का सवाल है ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए मेरा मानना है कि एक व्यापारी के नाते आपको यह जानना जरुरी होता है कि ब्रा मोलभाव करते क्योंकि क्योंकि वह सोचते हैं कहीं में व्यापारियों द्वारा ठगे ना जाए इसके में मोलभाव को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं परंतु एक व्यापारी के नाते आपको अपना संयम और धैर्य बनाकर रखना चाहिए एचडी क्रोध की भावना उत्पन्न ना हो आंखों को सही कीमत देने पर भी वे नहीं मानते इसलिए आप पहले से ही मुनाफे का मार्जिन रखकर भेजें अगर आप ग्राहकों को यह सुनिश्चित करें कि जहां ज्यादा मोलभाव होता है मां के समान के पार्टी में इतनी अच्छी बनाता नहीं होती है
Raadhe raadhe sabhee shrota gaanon ko aap ka savaal hai graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie mera maanana hai ki ek vyaapaaree ke naate aapako yah jaanana jaruree hota hai ki bra molabhaav karate kyonki kyonki vah sochate hain kaheen mein vyaapaariyon dvaara thage na jae isake mein molabhaav ko apana janmasiddh adhikaar maanate hain parantu ek vyaapaaree ke naate aapako apana sanyam aur dhairy banaakar rakhana chaahie echadee krodh kee bhaavana utpann na ho aankhon ko sahee keemat dene par bhee ve nahin maanate isalie aap pahale se hee munaaphe ka maarjin rakhakar bhejen agar aap graahakon ko yah sunishchit karen ki jahaan jyaada molabhaav hota hai maan ke samaan ke paartee mein itanee achchhee banaata nahin hotee hai

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
2:51
नहीं कि ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारी को क्या करना चाहिए तो पहले तो जो मोलभाव वाले जो मार्केट हैं जानते हैं कि उसमें क्या स्थिति रहती है और कैसे लोग में पूछते हैं जो मूल भाव वाले जो बाजार है उसमे भीड़ तो सभी जानते हैं कि बहुत लगती है क्योंकि लोग यह सोचते हैं कि मुझे सस्ता सामान मिला है मुझे अच्छा भी मिला है जो वहां पर जो बिजनेस करने वाले रहते हैं वह भी कह दे कि मुझे भी मोलभाव करने की बात भी हमें प्रॉफिट हो जाता है इसलिए हमें आप ही उचित है और यहां पर हमारा माल बहुत ज्यादा बिकता है इससे उन्हें फायदा रहता है वही बहुत है कि जो भी मोलभाव करने वाले जो भी आदमी हैं उन्हें क्या उन ग्राहकों को पहले पहुंचना चाहिए और वहां पर अब तसल्ली से आप अच्छे सामान को देख सकते हैं और अपने सामान का अच्छा चुनाव कर सकते हैं उसके बाद इसका फायदा ऐसे भी आप ले सकते हैं कि दुकानदार अपने पहले ग्राहक को क्या करते हैं ना जो भी बिजनेस वाले होते हैं दुकानदार होते हो पहले ग्राहक को वापस नहीं जा अच्छी मूल भाव के हिसाब से कम बजट पर भी आप को क्या कहते हैं सामान दे देते हैं लेकिन वही बात की जा रही है व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो एक अच्छे प्रोडक्ट के हिसाब से आपको क्या करना चाहिए कि जैसे आप मूल भाव वाले दुकान हैं उनको क्या करना चाहिए कि अलग-अलग एक क्राइटेरिया बनाना चाहिए कि यह सामान कितने रेट के हैं और इसके अंदर आपको मिल जाएगा और जूजू आप का प्रोडक्ट है उसके हिसाब से आप एक तो मार्चिंग करके आप लगा दीजिए कि मूल भाव करने के बाद भी आपको भी फायदा हो और जो लेने वाला हो उसे भी ऐसा 9 महसूस हो कि मुझे नुकसान हुआ है आपकी संभालना है तो मुझे बहुत ज्यादा नुकसान हुआ इसके अलावा पारदर्शिता रखे जो भी व्यापारी हूं एक पारदर्शिता रखे और उस पारदर्शिता पर ही विश्वास किया जा सकता है और लोगों को मतभेद नहीं होगा और दूसरी दुकान भी आपके आपके खिलाफ भी अब जैकसन नहीं होगा क्योंकि आप पारदर्शिता नहीं रखेंगे तो आपके लिए दिक्कत होगी तो बहुत सारे ऐसे चीजें हैं जो आपको करना पड़ेगा और व्यापार को खास ध्यान देना पड़ेगा कि ग्राहक कभी आपसे रूठ के ना जाए आपसे कभी खिन्न होकर ना जाए आपको इतना प्यार देना पड़ेगा उसके साथ-साथ आप हर एक ग्राहक के साथ-साथ उनकी आभाव को देखिए उसके फ्रेंड को पहचानिए उसकी क्या मानसिकता है उसे पहचानी है अगर आपको फायदा हो तो भी उनको चाहिए नहीं तो आप अगर नहीं फायदा हो रहा है तो आप उन्हें मना कर सकते हैं कि नहीं सर मैं ऐसा नहीं कर सकता जो आप चाहते हैं वह हम हरगिज नहीं कर पाएंगे लेकिन इतना है कि मैं आपको कोशिश करूंगा कि इसी से रेट है मुझे भी दो पैसा अगर नहीं बचेगा तो मेरा भी नुकसान होगा क्योंकि मेरा व्यापार है तू इसमें भी एक फायदा होता है और बड़े बड़े व्यापारी हैं वह छोटे व्यापारी जो दुकानदार है उनको देते हैं तो कहीं ना कहीं और मार्ग के हिसाब से ही देना चाहिए कि वह भी अपने ग्राहक को एक हाई रेट बिनोदे और एक नॉर्मल रेट पर दे सके
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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:21
की क्रांति के मोलभाव करने से व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो व्यापारियों को पहले अपने फायदे तक मोलभाव कर आना चाहिए थी उसके बाद नहीं मानते हैं तो फिर उसकी राह से जाने देना चाहिए प्यासी जानी तेरे को इतना आगे बढ़ा सके वीडियो सॉन्ग करेंगे तो वह कैंसिल हो जाएगा तो इसके फीचर का घाटा भी सहना पड़ेगा
Kee kraanti ke molabhaav karane se vyaapaariyon ko kya karana chaahie to vyaapaariyon ko pahale apane phaayade tak molabhaav kar aana chaahie thee usake baad nahin maanate hain to phir usakee raah se jaane dena chaahie pyaasee jaanee tere ko itana aage badha sake veediyo song karenge to vah kainsil ho jaega to isake pheechar ka ghaata bhee sahana padega

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:27
हेलो दोस्तों स्वागत है आपका आपका प्रश्न है ग्रामों में मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो फ्रेंडशिप ग्राहक बहुत ज्यादा मोलभाव कर रहा है तो आपको उसको समझाना चाहिए कि हम इससे ज्यादा क्या चीज इतने में नहीं दे पाएंगे आपको उसको उस चीज की एक सरप्राइज समझ आनी चाहिए और उसको समझा कर उसको देना चाहिए तो वह समझ जाएगा कि यह चीज में कितनी सस्ती करानी है कितने में लेनी है धन्यवाद
Helo doston svaagat hai aapaka aapaka prashn hai graamon mein molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to phrendaship graahak bahut jyaada molabhaav kar raha hai to aapako usako samajhaana chaahie ki ham isase jyaada kya cheej itane mein nahin de paenge aapako usako us cheej kee ek sarapraij samajh aanee chaahie aur usako samajha kar usako dena chaahie to vah samajh jaega ki yah cheej mein kitanee sastee karaanee hai kitane mein lenee hai dhanyavaad

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
2:20
उसका दोस्त ने की ग्राम ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो दोस्तों ग्राहकों की आदत है मोलभाव करने की क्योंकि बहुत जगह बढ़ा चढ़ाकर भाव बता दें और कम रेट में दे दिया जाता है जाता रखकर फेरीवाले कहते हैं करते हैं या दुकानदार भी ऐसा करते हैं अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए अब प्रश्न उठता है कि आपको मोलभाव करना है या नहीं कर रहा है करने देना है तो आपको दुकान वैसी बनानी पड़ेगी फिक्स प्राइस शॉप अगर मोलभाव करके आप को बेचना है 100 वाली चीज आपको पता है मैं सप्ताह तक दे सकता हूं तो किसी को आपने अच्छी है बेटी किसी को 75 में बेची तू तो मोलभाव वाला हो गया लेकिन आजकल जो युवा है खासतौर से शहरों में वह मोलभाव वाली दुकानों से कतराते हैं मेरी बात मानी है तो मैं भी कभी मोल भाव वाली दुकान पर बहुत कम ही जाता हूं एक्सप्रेस से जाता हूं पता चला है कि सभी के लिए समान है इसीलिए आप को देखेंगे मॉल में काफी दुकानें चल रही हैं एक बार बताता हूं आपको करोल बाग करोल बाग में एक व्यक्ति ने ₹200 की बेल्ट बताई होगी वह करते-करते कई बार उसके रेट डाउन करते करते तब तक पर मैं देने को तैयार हो गया जब उसने मिलेली ग्राहक ने तो ग्राहक के पास एक और व्यक्ति आया उसने कहा मैं 50 की दे दूंगा तो ऐसा ग्राहक को लगता है कि मैं ठगा महसूस कर रहा हूं मेरे को से भी सस्ती में मिलता कि नहीं हो सकता इसका रेट और भी काम है तो ग्राहक तो मोलभाव कर देंगे लेकिन अगर आप की फिक्स प्राइस शॉप है और आपने क्वॉलिटी मेंटेन कर रखी है तो शुरू में हो सकता है कि ग्राहक कमाए लेकिन आगे आपका नाम चलेगा फिर लोग क्या करेंगे कि उसी दुकान पर आएंगे फिक्स प्राइस शॉप पर तो व्यापार करने का सब का तरीका अलग अलग होता है जैसे ही हम संस्थान चलाते हैं कोर्स कराने वाले संस्थान टैली का कोर्स कराते हैं तो हमारे यहां फिक्स प्राइस है हम सो रुपया भी कम नहीं करते हैं कई लोग भावनाओं में आकर हमारे यहां ज्वाइन नहीं करते हैं बाद में एक-दो साल बाद फिर आते हैं जो करते हैं हमारे पास बहुत जगह ऐसा क्या है कि नहीं सही यार बता कर 10 यार मैं किसी से 15000 में किसी को 18000 में कोर्स करा दिया जाता है तो समानता नहीं रहती है तो हो सकता है कि बिजनेस लॉस और शुरू में लेकिन अगर आप की क्वालिटी में दम है वह आपका बिजनेस निश्चित रूप से बाद में अच्छे कस्टमर आपके पास काफी आएंगे धन्यवाद
Usaka dost ne kee graam graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to doston graahakon kee aadat hai molabhaav karane kee kyonki bahut jagah badha chadhaakar bhaav bata den aur kam ret mein de diya jaata hai jaata rakhakar phereevaale kahate hain karate hain ya dukaanadaar bhee aisa karate hain apane vyaapaar ko badhaane ke lie ab prashn uthata hai ki aapako molabhaav karana hai ya nahin kar raha hai karane dena hai to aapako dukaan vaisee banaanee padegee phiks prais shop agar molabhaav karake aap ko bechana hai 100 vaalee cheej aapako pata hai main saptaah tak de sakata hoon to kisee ko aapane achchhee hai betee kisee ko 75 mein bechee too to molabhaav vaala ho gaya lekin aajakal jo yuva hai khaasataur se shaharon mein vah molabhaav vaalee dukaanon se kataraate hain meree baat maanee hai to main bhee kabhee mol bhaav vaalee dukaan par bahut kam hee jaata hoon eksapres se jaata hoon pata chala hai ki sabhee ke lie samaan hai iseelie aap ko dekhenge mol mein kaaphee dukaanen chal rahee hain ek baar bataata hoon aapako karol baag karol baag mein ek vyakti ne ₹200 kee belt bataee hogee vah karate-karate kaee baar usake ret daun karate karate tab tak par main dene ko taiyaar ho gaya jab usane milelee graahak ne to graahak ke paas ek aur vyakti aaya usane kaha main 50 kee de doonga to aisa graahak ko lagata hai ki main thaga mahasoos kar raha hoon mere ko se bhee sastee mein milata ki nahin ho sakata isaka ret aur bhee kaam hai to graahak to molabhaav kar denge lekin agar aap kee phiks prais shop hai aur aapane kvolitee menten kar rakhee hai to shuroo mein ho sakata hai ki graahak kamae lekin aage aapaka naam chalega phir log kya karenge ki usee dukaan par aaenge phiks prais shop par to vyaapaar karane ka sab ka tareeka alag alag hota hai jaise hee ham sansthaan chalaate hain kors karaane vaale sansthaan tailee ka kors karaate hain to hamaare yahaan phiks prais hai ham so rupaya bhee kam nahin karate hain kaee log bhaavanaon mein aakar hamaare yahaan jvain nahin karate hain baad mein ek-do saal baad phir aate hain jo karate hain hamaare paas bahut jagah aisa kya hai ki nahin sahee yaar bata kar 10 yaar main kisee se 15000 mein kisee ko 18000 mein kors kara diya jaata hai to samaanata nahin rahatee hai to ho sakata hai ki bijanes los aur shuroo mein lekin agar aap kee kvaalitee mein dam hai vah aapaka bijanes nishchit roop se baad mein achchhe kastamar aapake paas kaaphee aaenge dhanyavaad

bolkar speaker
ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
anuj ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए anuj जी का जवाब
Unknown
1:54
नमस्कार दोस्तों बोलकर आप में स्वागत है सवाल है कि ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो कुछ व्यापारियों को अगर अपना व्यापार चलाना है तो उसे कुछ कम करके मतलब कि हमारा भी नुकसान ना हो और थोड़ा फायदा भी हो उस मोलभाव से इस ग्राहक को वस्तुएं बेचने चाहिए या खरीदनी चाहिए जिससे ना तो ग्राहक इस पर शंका करेगा ना हम करेंगे इसमें ऐसा फायदा करना चाहिए कि हमें भी कोई फायदा है और उनको भी फायदा रहे तथा कई लोग ऐसे होते हैं जिनसे मॉल बहुत ज्यादा करने की वजह से लोग अलग-अलग दुकान पर पूछताछ करते हैं यह कहां कितना रेट है कहां कितना रेट है जब वह कम रेट कब मिल जाता है तो वह वही बेचते हैं या कुछ खरीदते हैं युवा परी पर निर्भर है तथा उनका रखना सदा ऐसे ही करते हैं तथा छोटे लोग तो ऐसे ही करेंगे और जब बड़े लोग हैं वह कभी ऐसा नहीं करते जो 1:00 बजे दुकान पर चले गए भाई से वही सामान लेकर आएंगे ना कि दूसरी दुकान से इसीलिए ज्यादातर गांव में और शहरों में सबसे ज्यादा गांव में यही होता कि ग्राहक एक दुकान को छोड़कर दूसरी दूसरी दुकान के थोड़ी है तीसरी तीसरी दुकान का छोड़कर चौथी इस तरह करके मोलभाव करते रहते हैं जहां कम है वही खरीद लेते यार बेच देते हैं तथा बड़े बड़े लोग हैं जैसे शहरों में आ तो वहां भी कुछ ऐसे करते हैं तथा और जो ज्यादा पैसे वाले होते हैं वह एक दुकान पर सामान खरीदना चाहता हो जैसे कि मॉल
Namaskaar doston bolakar aap mein svaagat hai savaal hai ki graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to kuchh vyaapaariyon ko agar apana vyaapaar chalaana hai to use kuchh kam karake matalab ki hamaara bhee nukasaan na ho aur thoda phaayada bhee ho us molabhaav se is graahak ko vastuen bechane chaahie ya khareedanee chaahie jisase na to graahak is par shanka karega na ham karenge isamen aisa phaayada karana chaahie ki hamen bhee koee phaayada hai aur unako bhee phaayada rahe tatha kaee log aise hote hain jinase mol bahut jyaada karane kee vajah se log alag-alag dukaan par poochhataachh karate hain yah kahaan kitana ret hai kahaan kitana ret hai jab vah kam ret kab mil jaata hai to vah vahee bechate hain ya kuchh khareedate hain yuva paree par nirbhar hai tatha unaka rakhana sada aise hee karate hain tatha chhote log to aise hee karenge aur jab bade log hain vah kabhee aisa nahin karate jo 1:00 baje dukaan par chale gae bhaee se vahee saamaan lekar aaenge na ki doosaree dukaan se iseelie jyaadaatar gaanv mein aur shaharon mein sabase jyaada gaanv mein yahee hota ki graahak ek dukaan ko chhodakar doosaree doosaree dukaan ke thodee hai teesaree teesaree dukaan ka chhodakar chauthee is tarah karake molabhaav karate rahate hain jahaan kam hai vahee khareed lete yaar bech dete hain tatha bade bade log hain jaise shaharon mein aa to vahaan bhee kuchh aise karate hain tatha aur jo jyaada paise vaale hote hain vah ek dukaan par saamaan khareedana chaahata ho jaise ki mol

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trilok जी का जवाब
Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:50
बेस्ट है कि ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए दरअसल व्यापारियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कौन सा ग्रह किस हद तक मोलभाव कर सकता है तो या तो एक तरीका है कि अपनी दुकान पर लिख दे की फिक्स रेट है हमारे यहां पर यही रेट लगेगी रेट परिवर्तन नहीं की जा सकती एक बेस्ट तरीका है इसकी कोई काट नहीं है यह बहुत इच्छा है अच्छा तरीका दूसरा अगर आप मोलभाव वाला सिस्टम रखते हैं तो आप ग्राहक को रेट सूची बताइए कि भाई यह ₹700 का है जब आपको लगता है कि एक राय यह 500 तक विकसित बताएगा 500 बताएगा तो उस हिसाब से बहुत मगजमारी है उसमें भी चीज है तो दिक्कत होगी कि सेट कर दे
Best hai ki graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie darasal vyaapaariyon ko yah dhyaan rakhana chaahie ki kaun sa grah kis had tak molabhaav kar sakata hai to ya to ek tareeka hai ki apanee dukaan par likh de kee phiks ret hai hamaare yahaan par yahee ret lagegee ret parivartan nahin kee ja sakatee ek best tareeka hai isakee koee kaat nahin hai yah bahut ichchha hai achchha tareeka doosara agar aap molabhaav vaala sistam rakhate hain to aap graahak ko ret soochee bataie ki bhaee yah ₹700 ka hai jab aapako lagata hai ki ek raay yah 500 tak vikasit bataega 500 bataega to us hisaab se bahut magajamaaree hai usamen bhee cheej hai to dikkat hogee ki set kar de

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए vijay जी का जवाब
Social worker in india
1:22
आपका सवाल बहुत ही अच्छा है जो हमारी मर्जी संबंधित है आपका सवाल इस प्रकार से है राह को कॉल करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए जो दोस्तों आपके सवाल का उत्तर इस प्रकार हैं ग्राहकों के मोलभाव करने से बनने के लिए व्यापारियों को अपने जो भी प्रोडक्ट होते हैं उनकी रेट लिस्ट लगाना चाहिए जिससे ग्राहकों को व्यापारियों को भी से आवाज आती है रात को पता चल जाता है इस प्रोजेक्ट में देना मैं बिजली बार-बार व्यापारी और क्रांति माथापच्ची नहीं रहेगी और ग्राहकों को भी सावधानी व्यापारियों को भी इसलिए व्यापारियों को अपने जो भी प्रोडक्ट होते हैं उनकी रेट लिस्ट लगाना चाहिए जिससे आसानी से खरीद सकते हैं जिससे वह बार-बार मोलभाव नहीं करेंगे धन्यवाद दोस्तों
Aapaka savaal bahut hee achchha hai jo hamaaree marjee sambandhit hai aapaka savaal is prakaar se hai raah ko kol karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie jo doston aapake savaal ka uttar is prakaar hain graahakon ke molabhaav karane se banane ke lie vyaapaariyon ko apane jo bhee prodakt hote hain unakee ret list lagaana chaahie jisase graahakon ko vyaapaariyon ko bhee se aavaaj aatee hai raat ko pata chal jaata hai is projekt mein dena main bijalee baar-baar vyaapaaree aur kraanti maathaapachchee nahin rahegee aur graahakon ko bhee saavadhaanee vyaapaariyon ko bhee isalie vyaapaariyon ko apane jo bhee prodakt hote hain unakee ret list lagaana chaahie jisase aasaanee se khareed sakate hain jisase vah baar-baar molabhaav nahin karenge dhanyavaad doston

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:50
राधा कृष्ण की आंखों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो आपको बता देंगे देखिए यहां पर डिपेंड करता है कि आपके कस्टमर कौन हैं और आप कहां पर अपना सामान बेच रहे हैं वही एक कस्टमर जब किसी शॉपिंग मॉल में जाता है तो वहां वह एक रुपए की भी बात नहीं करने के बारे में सोच नहीं सकता और वह कस्टमर जब ओपन मार्केट में जाता है तो वहां पर वह पैसे के लिए और कमेंट करने लगता है तो ऐसा नहीं है लोगों को पता नहीं है कि कहां पर फिक्स प्राइस शॉप है या पैसे कम होंगे नहीं होंगे वह जगह और लोकेशन देख कर के अपने बर्ताव रखते हैं तो उसी चीज को व्यापारियों को भी समझना होगा आपने कह रहा है इस बारे में कमेंट सेक्शन अपनी राय जरुर व्यक्त करें मेरी शुभकामनाएं आपके साथ धन्यवाद
Raadha krshn kee aankhon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to aapako bata denge dekhie yahaan par dipend karata hai ki aapake kastamar kaun hain aur aap kahaan par apana saamaan bech rahe hain vahee ek kastamar jab kisee shoping mol mein jaata hai to vahaan vah ek rupe kee bhee baat nahin karane ke baare mein soch nahin sakata aur vah kastamar jab opan maarket mein jaata hai to vahaan par vah paise ke lie aur kament karane lagata hai to aisa nahin hai logon ko pata nahin hai ki kahaan par phiks prais shop hai ya paise kam honge nahin honge vah jagah aur lokeshan dekh kar ke apane bartaav rakhate hain to usee cheej ko vyaapaariyon ko bhee samajhana hoga aapane kah raha hai is baare mein kament sekshan apanee raay jarur vyakt karen meree shubhakaamanaen aapake saath dhanyavaad

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
anuj gothwal Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए anuj जी का जवाब
9828597645
1:54
नमस्कार दोस्तों बोलकर आप में स्वागत है सवाल है कि ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो कुछ व्यापारियों को अगर अपना व्यापार चलाना है तो उसे कुछ कम करके मतलब कि हमारा भी नुकसान ना हो और थोड़ा फायदा भी हो उस मोलभाव से इस ग्राहक को वस्तुएं बेचने चाहिए या खरीदनी चाहिए जिससे ना तो ग्राहक इस पर शंका करेगा ना हम करेंगे इसमें ऐसा फायदा करना चाहिए कि हमें भी कोई फायदा है और उनको भी फायदा रहे तथा कई लोग ऐसे होते हैं जिनसे मॉल बहुत ज्यादा करने की वजह से लोग अलग-अलग दुकान पर पूछताछ करते हैं यह कहां कितना रेट है कहां कितना रेट है जब वह कम रेट कब मिल जाता है तो वह वही बेचते हैं या कुछ खरीदते हैं युवा परी पर निर्भर है तथा उनका रखना सदा ऐसे ही करते हैं तथा छोटे लोग तो ऐसे ही करेंगे और जब बड़े लोग हैं वह कभी ऐसा नहीं करते जो 1:00 बजे दुकान पर चले गए भाई से वही सामान लेकर आएंगे ना कि दूसरी दुकान से इसीलिए ज्यादातर गांव में और शहरों में सबसे ज्यादा गांव में यही होता कि ग्राहक एक दुकान को छोड़कर दूसरी दूसरी दुकान के थोड़ी है तीसरी तीसरी दुकान का छोड़कर चौथी इस तरह करके मोलभाव करते रहते हैं जहां कम है वही खरीद लेते यार बेच देते हैं तथा बड़े बड़े लोग हैं जैसे शहरों में आ तो वहां भी कुछ ऐसे करते हैं तथा और जो ज्यादा पैसे वाले होते हैं वह एक दुकान पर सामान खरीदना चाहता हो जैसे कि मॉल
Namaskaar doston bolakar aap mein svaagat hai savaal hai ki graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to kuchh vyaapaariyon ko agar apana vyaapaar chalaana hai to use kuchh kam karake matalab ki hamaara bhee nukasaan na ho aur thoda phaayada bhee ho us molabhaav se is graahak ko vastuen bechane chaahie ya khareedanee chaahie jisase na to graahak is par shanka karega na ham karenge isamen aisa phaayada karana chaahie ki hamen bhee koee phaayada hai aur unako bhee phaayada rahe tatha kaee log aise hote hain jinase mol bahut jyaada karane kee vajah se log alag-alag dukaan par poochhataachh karate hain yah kahaan kitana ret hai kahaan kitana ret hai jab vah kam ret kab mil jaata hai to vah vahee bechate hain ya kuchh khareedate hain yuva paree par nirbhar hai tatha unaka rakhana sada aise hee karate hain tatha chhote log to aise hee karenge aur jab bade log hain vah kabhee aisa nahin karate jo 1:00 baje dukaan par chale gae bhaee se vahee saamaan lekar aaenge na ki doosaree dukaan se iseelie jyaadaatar gaanv mein aur shaharon mein sabase jyaada gaanv mein yahee hota ki graahak ek dukaan ko chhodakar doosaree doosaree dukaan ke thodee hai teesaree teesaree dukaan ka chhodakar chauthee is tarah karake molabhaav karate rahate hain jahaan kam hai vahee khareed lete yaar bech dete hain tatha bade bade log hain jaise shaharon mein aa to vahaan bhee kuchh aise karate hain tatha aur jo jyaada paise vaale hote hain vah ek dukaan par saamaan khareedana chaahata ho jaise ki mol

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
1:38
चमकू की मूल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए आप जानते हैं कि जो लोग खुश कर लेते हैं उसे घटाकर के भेजते हैं तो उन्हें पता है और दूसरे खुद भी जाती है और निश्चित तौर पर रख दो चाहेगा सिवनी मालवा करें प्लीज प्रखंड 30 पर सेंट आफ कुछ लोग दो दो सौ परसेंट बोल देते हैं मैं कई बार गया हूं चांदनी चौक दिल्ली की बड़ी मार्केट वहां पर देखा हूं बहुत सारे दुकान ऐसी है दोस्तों पर याद आती है वही गिफ्ट 36 परसेंट पर और कुछ भी है जो स्क्रीन पर कोई भी इधर-उधर की बातें कर मैं अधिकतर बनी दुकानों पर जाता हूं और पहले उस प्रोडक्ट को चेक कर लेता हूं तब जब मिलता है किस ग्रह के अनुकूल है तो निश्चित तौर पर ऐसा करते हैं और ऐसा ही करना
Chamakoo kee mool bhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie aap jaanate hain ki jo log khush kar lete hain use ghataakar ke bhejate hain to unhen pata hai aur doosare khud bhee jaatee hai aur nishchit taur par rakh do chaahega sivanee maalava karen pleej prakhand 30 par sent aaph kuchh log do do sau parasent bol dete hain main kaee baar gaya hoon chaandanee chauk dillee kee badee maarket vahaan par dekha hoon bahut saare dukaan aisee hai doston par yaad aatee hai vahee gipht 36 parasent par aur kuchh bhee hai jo skreen par koee bhee idhar-udhar kee baaten kar main adhikatar banee dukaanon par jaata hoon aur pahale us prodakt ko chek kar leta hoon tab jab milata hai kis grah ke anukool hai to nishchit taur par aisa karate hain aur aisa hee karana

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
अभिषेक शुक्ला  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए अभिषेक जी का जवाब
Motivational speaker
4:59
यदि आप जो है तो किसी का कर व्यापारिक तौर पर यदि आप कोई व्यापार कर रहे हो सकता है हमारे व्यापारी भाई नहीं किसी ने आप पर प्रश्न किया है प्रदेश का सबसे अच्छा होटल माया दूंगा पर्यावरण को ध्यान रखना चाहो तो फायदे में यदि कुछ चीजें है और यदि मुनाफा आपको बहुत ज्यादा दुख मिलना होता है तू यदि वह वस्तुओं में अगर थोड़ी भी एक ₹2 भी अगर आपको छोड़ने पड़े वहां छोड़ देना चाहिए दोस्तों को देखे क्या है एक ₹2 महीने नहीं लगते लोगों को बिहार जो है आपके प्रति अच्छा हो जाता है और उनके प्रति जो है तो उन्हें ऐसा एहसास होता है कि लोग जो है तो वे व्यापारी जो है तो अच्छा है हमें भी लोगों द्वारा लिखे पब्लिसिटी जो है तो लोगों में जो आप की चर्चाएं हैं तो ऐसे ही होती है यदि आप लोगों को एक ₹2 भी अगर डिस्काउंट देते तो लोग जो है तो सोचते हैं कि चलिए ठीक है यह व्यक्ति व्यक्ति से सच्चा है हम जो है तो इसका अपने आप ही लोगों द्वारा मतलब चर्चित करेंगे कि यह व्यक्ति अच्छा है आप इस प्यार चले तो देखिए अभी ऐसा कुछ होता है तो यदि आप के मुनाफे में बहुत अधिक है तो ही दें यदि एक ₹2 मार्जिन है तो आप देख लो थोड़ा बहुत अगर आप डिस्काउंट लगते हैं बाकी आप जो है तो देखें कुछ जिद्दी होते हैं कुछ बहुत ज्यादा कीमती चीजें भेज रहा था तो आप अपने हिसाब से उनसे प्यार करें जिससे कि यदि व्यक्ति विशेष कोई भी हो दोस्तों व्यापार हमें करना है और हमें यह पता होना चाहिए कि हमें कैसे अच्छे से बात करना है यह चीजों का ख्याल रखें और देखिए कभी हाल ही में कुछ ऐसी चीजें हैं किसी व्यापारी भाई के साथ हमारे ग्रह की तो अब जो लोगों को इन चीजों का ख्याल रखना चाहिए बात छोटी सी है लेकिन बहुत बड़ी चीज है और यह चीजों को ख्याल हमेशा उनको रखना चाहिए देखे कभी भी अपने अंदर जो है तो घमंड की भावना ना आने दे किसी भी व्यापारी भाई को चाहिए एक अच्छा संदेश देना चाहूंगा वर्ल्ड की भावना कभी भी ना आने दे अपना अपना घमंड अगर आपके अंदर आ चुका है इसी प्रवेश कर चुका है और आप लोगों से बहुत ही खराब करें तौर तरीके से बात कर रहे हैं उन्हें सम्मान देने में या फिर उनके समान दिन दिन में तो आपको ही घाटा है हो सकता है वह ग्राहक आपकी उल्टे पांव लौट जाए वहां से बार आपको जहां पर एक रुपए का फायदा और तो हम भी जीरो परसेंट हो जाएगा ऐसी हो ख्याल रखें तो दो कहानी के माध्यम से आप को समझाना चाहूंगा पहली कहानी जैसी दोस्त यदि आप जहां हम ग्राहक के तौर पर किसी के पास जा रहे होते और यदि सामने वाले व्यक्ति विशेष से अच्छे तरीके से व्यापारी में से बातचीत कर रहे होते तो कई व्यापारी भाई जी वह तो घमंडी तौर पर बात कर रहे होते ही उल्टे सीधे जवाब देने लगते थे अभी उल्टे सीधे ज्यादा जवाब दे रहे होते तो ग्राहकों के मन में ही चल रहा होता है कि यदि चिड़िया वाले व्यक्ति से हमें सामान लेना ही होगा तो हम पैसे देकर क्या वाकई हमसे मिलेंगे फिर विचार बदल करके दूसरी जगह चला जाता और आपका खाता होता है दूसरी चीज है दोस्तों की आप कभी भी किसी चीजों को यदि उधार लेते हैं या फिर उधर आपका ग्राहकों के पास रह जाता है यदि एक ₹10 ₹20 जो भी चाहे ₹1 तो आपको कहीं ना कहीं उनके खाते में से कहीं नकली नोट करके रखना चाहिए या फिर आपका ध्यान इतना अच्छा होना चाहिए कि आपको तुरंत चला कि सामने वाला व्यक्ति का उदाहरण है या फिर हमने किसी को उधार दिया है यदि ऐसी चीजें हो रही होती है तो आपको मान लीजिए अपनी उधारी तो अब आप लिखना है लिख रहे होते होते लेकिन सामने वाले ग्राहक कि यदि उसका एक ₹2 अभी ₹20 छूट जाता ₹10 छूट जाता है और आप गलती बाई चांस नहीं दे पाते तो आपको याद रखना चाहिए और ख्याल रखना चाहिए और आगे आने आने वाले समय में जो है अधिवक्ता माल ले रहा होता तो आपको यदि 10 ₹20 से ₹2 या फिर चारों के कुछ भी दोस्तों यदि आपको उसे लौटाने हो तो आप उन चीजों को ध्यान रखकर उसे लौटा दे और उसमें सामान में काट ले तो उसको यह नहीं कि हमें याद में हमें ध्यान नहीं और या फिर ऐसे गुरु भावना बना रखी प्यारे आप एक रुपए ₹2 को क्या करना है उसे वैसे बहुत मायने रखती है दोस्तों कुछ ऐसे ग्राहक भी होते हैं जिनके लिए एक रुपए दूर पर बहुत ज्यादा होते हो तो इसलिए दोस्तों हमेशा ख्याल रखें अपने ग्राहकों का ख्याल रखें और यदि एक ₹2 के ऑफिस चारों को ₹5 कीमत नहीं है दोस्तों यह उनकी भावनाएं हैं जो भी आपके साथ जोड़ते हैं यदि आप यदि अपना अपना बचत खाता याद रखते तो उनका भी याद रखो कि सामने वाला व्यक्ति भी कभी ना कभी आप आपकी खुद की गलतियों की वजह से जो है तो कहीं ना कहीं वह उसके मन को पहुंचे और वह जो है तो आने वाले समय में आप सामान खरीदना है बंद करते हुए चीजों का ध्यान रखिए और हमेशा अपने ग्राहकों को विश्वास बनाए रखें और हमेशा खुश रहे दोस्तों
Yadi aap jo hai to kisee ka kar vyaapaarik taur par yadi aap koee vyaapaar kar rahe ho sakata hai hamaare vyaapaaree bhaee nahin kisee ne aap par prashn kiya hai pradesh ka sabase achchha hotal maaya doonga paryaavaran ko dhyaan rakhana chaaho to phaayade mein yadi kuchh cheejen hai aur yadi munaapha aapako bahut jyaada dukh milana hota hai too yadi vah vastuon mein agar thodee bhee ek ₹2 bhee agar aapako chhodane pade vahaan chhod dena chaahie doston ko dekhe kya hai ek ₹2 maheene nahin lagate logon ko bihaar jo hai aapake prati achchha ho jaata hai aur unake prati jo hai to unhen aisa ehasaas hota hai ki log jo hai to ve vyaapaaree jo hai to achchha hai hamen bhee logon dvaara likhe pablisitee jo hai to logon mein jo aap kee charchaen hain to aise hee hotee hai yadi aap logon ko ek ₹2 bhee agar diskaunt dete to log jo hai to sochate hain ki chalie theek hai yah vyakti vyakti se sachcha hai ham jo hai to isaka apane aap hee logon dvaara matalab charchit karenge ki yah vyakti achchha hai aap is pyaar chale to dekhie abhee aisa kuchh hota hai to yadi aap ke munaaphe mein bahut adhik hai to hee den yadi ek ₹2 maarjin hai to aap dekh lo thoda bahut agar aap diskaunt lagate hain baakee aap jo hai to dekhen kuchh jiddee hote hain kuchh bahut jyaada keematee cheejen bhej raha tha to aap apane hisaab se unase pyaar karen jisase ki yadi vyakti vishesh koee bhee ho doston vyaapaar hamen karana hai aur hamen yah pata hona chaahie ki hamen kaise achchhe se baat karana hai yah cheejon ka khyaal rakhen aur dekhie kabhee haal hee mein kuchh aisee cheejen hain kisee vyaapaaree bhaee ke saath hamaare grah kee to ab jo logon ko in cheejon ka khyaal rakhana chaahie baat chhotee see hai lekin bahut badee cheej hai aur yah cheejon ko khyaal hamesha unako rakhana chaahie dekhe kabhee bhee apane andar jo hai to ghamand kee bhaavana na aane de kisee bhee vyaapaaree bhaee ko chaahie ek achchha sandesh dena chaahoonga varld kee bhaavana kabhee bhee na aane de apana apana ghamand agar aapake andar aa chuka hai isee pravesh kar chuka hai aur aap logon se bahut hee kharaab karen taur tareeke se baat kar rahe hain unhen sammaan dene mein ya phir unake samaan din din mein to aapako hee ghaata hai ho sakata hai vah graahak aapakee ulte paanv laut jae vahaan se baar aapako jahaan par ek rupe ka phaayada aur to ham bhee jeero parasent ho jaega aisee ho khyaal rakhen to do kahaanee ke maadhyam se aap ko samajhaana chaahoonga pahalee kahaanee jaisee dost yadi aap jahaan ham graahak ke taur par kisee ke paas ja rahe hote aur yadi saamane vaale vyakti vishesh se achchhe tareeke se vyaapaaree mein se baatacheet kar rahe hote to kaee vyaapaaree bhaee jee vah to ghamandee taur par baat kar rahe hote hee ulte seedhe javaab dene lagate the abhee ulte seedhe jyaada javaab de rahe hote to graahakon ke man mein hee chal raha hota hai ki yadi chidiya vaale vyakti se hamen saamaan lena hee hoga to ham paise dekar kya vaakee hamase milenge phir vichaar badal karake doosaree jagah chala jaata aur aapaka khaata hota hai doosaree cheej hai doston kee aap kabhee bhee kisee cheejon ko yadi udhaar lete hain ya phir udhar aapaka graahakon ke paas rah jaata hai yadi ek ₹10 ₹20 jo bhee chaahe ₹1 to aapako kaheen na kaheen unake khaate mein se kaheen nakalee not karake rakhana chaahie ya phir aapaka dhyaan itana achchha hona chaahie ki aapako turant chala ki saamane vaala vyakti ka udaaharan hai ya phir hamane kisee ko udhaar diya hai yadi aisee cheejen ho rahee hotee hai to aapako maan leejie apanee udhaaree to ab aap likhana hai likh rahe hote hote lekin saamane vaale graahak ki yadi usaka ek ₹2 abhee ₹20 chhoot jaata ₹10 chhoot jaata hai aur aap galatee baee chaans nahin de paate to aapako yaad rakhana chaahie aur khyaal rakhana chaahie aur aage aane aane vaale samay mein jo hai adhivakta maal le raha hota to aapako yadi 10 ₹20 se ₹2 ya phir chaaron ke kuchh bhee doston yadi aapako use lautaane ho to aap un cheejon ko dhyaan rakhakar use lauta de aur usamen saamaan mein kaat le to usako yah nahin ki hamen yaad mein hamen dhyaan nahin aur ya phir aise guru bhaavana bana rakhee pyaare aap ek rupe ₹2 ko kya karana hai use vaise bahut maayane rakhatee hai doston kuchh aise graahak bhee hote hain jinake lie ek rupe door par bahut jyaada hote ho to isalie doston hamesha khyaal rakhen apane graahakon ka khyaal rakhen aur yadi ek ₹2 ke ophis chaaron ko ₹5 keemat nahin hai doston yah unakee bhaavanaen hain jo bhee aapake saath jodate hain yadi aap yadi apana apana bachat khaata yaad rakhate to unaka bhee yaad rakho ki saamane vaala vyakti bhee kabhee na kabhee aap aapakee khud kee galatiyon kee vajah se jo hai to kaheen na kaheen vah usake man ko pahunche aur vah jo hai to aane vaale samay mein aap saamaan khareedana hai band karate hue cheejon ka dhyaan rakhie aur hamesha apane graahakon ko vishvaas banae rakhen aur hamesha khush rahe doston

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
1:29
ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए यदि व्यापारियों से कुछ चीजें बताइए तो ग्रेट जो उसे कम करने का इच्छुक होगा तो फायदा नुकसान ₹50 व्यापारी इसको कितने की बेटी का व्यापार ₹31 ना तो उस कैंडिडेट को डायरेक्ट वह तो फालतू करता है इसमें व्यापारी जो है उसको कभी 5 से ₹10 का डिस्काउंट देने की कोशिश करते हैं परंतु ग्राहक नहीं मानता है और उसको जो आपने क्या समझा उसको दवा
Graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie yadi vyaapaariyon se kuchh cheejen bataie to gret jo use kam karane ka ichchhuk hoga to phaayada nukasaan ₹50 vyaapaaree isako kitane kee betee ka vyaapaar ₹31 na to us kaindidet ko daayarekt vah to phaalatoo karata hai isamen vyaapaaree jo hai usako kabhee 5 se ₹10 ka diskaunt dene kee koshish karate hain parantu graahak nahin maanata hai aur usako jo aapane kya samajha usako dava

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
India is Great Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Master Chef in House
0:50
उन्हें समझाना चाहिए अच्छी तरह से स्कैन करना चाहिए कि दृश्य ऐसा है कि हम लोग का माल जाना चाहता है उतना दूरी पर है इस तरह से चीजें हैं पेट्रोल के दाम बढ़ चुकी है यह गैरा वगैरह सारी चीजें बोलकर समझाइए उसे और एक कप चाय पिला दीजिए उससे क्या हुआ वह समझ में जाएंगे और उनका मूड भी ठीक हो जाएगा तो ऐसे में वह माल भी आप से ले लेंगे और एक तरह से समझ जाएंगे कि यहां महंगाई बढ़ रही है तो मन बहुत ज्यादा हमें नहीं करना चाहिए इस हिसाब से अगर वह सामने वाला के साथ ऐसा करता है तो ऐसे में किसी का नुकसान तो नहीं होता लेकिन वातावरण व्यवहार से आपको अच्छी रखना चाहिए कभी किसी के साथ में ऐसा ना बोले कि उसके मन को ठेस पहुंचे तो अच्छी तरह से आप समझाने की कोशिश कीजिए समझाइए उनको एक चीजें बताइए कैसे सी चीजें हैं इस तरह से है काफी बढ़ रही है मुसीबत तो ऐसे में वह मान सकते हैं
Unhen samajhaana chaahie achchhee tarah se skain karana chaahie ki drshy aisa hai ki ham log ka maal jaana chaahata hai utana dooree par hai is tarah se cheejen hain petrol ke daam badh chukee hai yah gaira vagairah saaree cheejen bolakar samajhaie use aur ek kap chaay pila deejie usase kya hua vah samajh mein jaenge aur unaka mood bhee theek ho jaega to aise mein vah maal bhee aap se le lenge aur ek tarah se samajh jaenge ki yahaan mahangaee badh rahee hai to man bahut jyaada hamen nahin karana chaahie is hisaab se agar vah saamane vaala ke saath aisa karata hai to aise mein kisee ka nukasaan to nahin hota lekin vaataavaran vyavahaar se aapako achchhee rakhana chaahie kabhee kisee ke saath mein aisa na bole ki usake man ko thes pahunche to achchhee tarah se aap samajhaane kee koshish keejie samajhaie unako ek cheejen bataie kaise see cheejen hain is tarah se hai kaaphee badh rahee hai museebat to aise mein vah maan sakate hain

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
MANISH BHARGAVA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Author
0:47
नमस्कार आपका सवाल है ग्राहकों के मूल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए यदि कोई ग्राहक मोलभाव कर रहा है और आपको लगता है कि मूल भाव में बहुत ज्यादा कम कीमत बता रहा है तो आप उसे कन्वेंस कर सकते हैं उसे उस चीज की क्वालिटी के बारे में समझा सकते हैं उसे बता सकते हैं कि जो चीज आपने देखी है या जैसे अपनी यूज किया उसमें और उस में क्या अंतर है दूसरी चीज है जो सप्ताह क्या पीरियड बीएचयू के सामने वाले को मोलभाव करना पड़ा हो तो उस चीज को भी अब देख कर लेट तर्कसंगत रखें यही कि आपका अनुभव पुराना ऐसा गांव के लोगों ने कह दिया उस दुकान में तो बहुत ज्यादा महंगा देते हैं तो कई फैक्टर्स ओं थे इस कारण कई बार ग्राहक मलवा करता है कई बार कोई ग्राहक आदतन भी कर लेता है तो उसे ऑफ कन्वेंस कर सकते हैं इसकी क्वालिटी को दिखाकर समझा करो
Namaskaar aapaka savaal hai graahakon ke mool bhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie yadi koee graahak molabhaav kar raha hai aur aapako lagata hai ki mool bhaav mein bahut jyaada kam keemat bata raha hai to aap use kanvens kar sakate hain use us cheej kee kvaalitee ke baare mein samajha sakate hain use bata sakate hain ki jo cheej aapane dekhee hai ya jaise apanee yooj kiya usamen aur us mein kya antar hai doosaree cheej hai jo saptaah kya peeriyad beeechayoo ke saamane vaale ko molabhaav karana pada ho to us cheej ko bhee ab dekh kar let tarkasangat rakhen yahee ki aapaka anubhav puraana aisa gaanv ke logon ne kah diya us dukaan mein to bahut jyaada mahanga dete hain to kaee phaiktars on the is kaaran kaee baar graahak malava karata hai kaee baar koee graahak aadatan bhee kar leta hai to use oph kanvens kar sakate hain isakee kvaalitee ko dikhaakar samajha karo

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:11
आंखों के मूल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए पारियों को मोलभाव करने से नाराज नहीं होना चाहिए ग्राहकों की मूल भाव की छोटे थे उनकी पहचान करना चाहिए कि कौन सी सिस्टर के हैं किस लेवल की है क्या उनकी मानसिकता है क्या उनका नजरिया है इस तरह के प्रोडक्ट खरीदने की क्षमता रखते हैं और आप उनको किस कीमत क्वालिटी ऑफिस सेक्टर कप उत्पादन या प्रोडक्ट आपने को उपलब्ध करा सकते हैं अगर वह मोलभाव करते हैं तो निश्चित रूप से हमारे व्यापार को एक नया आयाम मिलता है और हमारे व्यापार में नए नए ग्राहकों को जुड़ने की संभावना होती है मोलभाव को भी गलत अंदाज में नहीं लेना चाहिए और ना ही ग्राहकों के प्रति उनको जो है गलत नजरिया या दिखाओ नहीं रखना चाहिए
Aankhon ke mool bhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie paariyon ko molabhaav karane se naaraaj nahin hona chaahie graahakon kee mool bhaav kee chhote the unakee pahachaan karana chaahie ki kaun see sistar ke hain kis leval kee hai kya unakee maanasikata hai kya unaka najariya hai is tarah ke prodakt khareedane kee kshamata rakhate hain aur aap unako kis keemat kvaalitee ophis sektar kap utpaadan ya prodakt aapane ko upalabdh kara sakate hain agar vah molabhaav karate hain to nishchit roop se hamaare vyaapaar ko ek naya aayaam milata hai aur hamaare vyaapaar mein nae nae graahakon ko judane kee sambhaavana hotee hai molabhaav ko bhee galat andaaj mein nahin lena chaahie aur na hee graahakon ke prati unako jo hai galat najariya ya dikhao nahin rakhana chaahie

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
TechVR ( Vikas RanA) Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए TechVR जी का जवाब
IT Professional
1:33
हेलो b1if आप सब ठीक होंगे प्रश्न पूछा गया है यह जैसे कि ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए था ना जब भी होते हैं वह कभी भी अपना जो मनासा है उसे छोड़ते नहीं हैं उन्होंने उसके जो प्राइस होते हैं वह हिसाब से रखे थे हैं कि कि ग्राहक अगर जो है निभाओ करता है तो हटा के उसको उसी सबसे तेज पाए लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आप इस तरह की कोई मूल भावना करें तो सबसे बड़ी है जो हर दुकान पर जो है आजकल व्यापारियों के द्वारा जो है चीजों के सिक्स प्राइस का एक बोर्ड लगाया जाता है जिसमें लिखा गया मोलभाव नहीं बिल्कुल सिक्स प्राइस जाने कि अगर कोई चीज के असली में कीमत जो है ₹200 है तो आप उस पर अपना मुनाफा जोड़कर उसकी कीमत है बाजार की कीमतों के हिसाब से जो है रख सकते हैं जिससे आपका जो है एक सरप्राइज रहेगा और फिक्स प्राइस पर आप जो सीधा बोल सकती प्राइज किसको मोलभाव नहीं होगा क्योंकि हम इतने की भी पड़ती है यह तो वह चीज बहुत आसान हो जाएगी आपके लिए एक कोशिश करिए पूरी दुकान को आप किस पर बैठ कर सकते हैं बाहर बैनर लगा दीजिए फिक्स प्राइस ऑफ़ जो प्राइस हैं उसी पर जोड़ा अब रखिए क्वालिटी अच्छी हो गया सिक्स प्राइस पर भी हर कोई लेगा बस यही कुछ इन्नोवेशन आईडियाज है बाकी है ट्रिक्स व्यापारियों को बताने की जरूरत नहीं है वह बहुत अच्छी तरह से जानते हैं आशा करता हूं आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया क्या लाइक और सब्सक्राइब करें धन्यवाद
Helo b1if aap sab theek honge prashn poochha gaya hai yah jaise ki graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie tha na jab bhee hote hain vah kabhee bhee apana jo manaasa hai use chhodate nahin hain unhonne usake jo prais hote hain vah hisaab se rakhe the hain ki ki graahak agar jo hai nibhao karata hai to hata ke usako usee sabase tej pae lekin agar aap chaahate hain ki aap is tarah kee koee mool bhaavana karen to sabase badee hai jo har dukaan par jo hai aajakal vyaapaariyon ke dvaara jo hai cheejon ke siks prais ka ek bord lagaaya jaata hai jisamen likha gaya molabhaav nahin bilkul siks prais jaane ki agar koee cheej ke asalee mein keemat jo hai ₹200 hai to aap us par apana munaapha jodakar usakee keemat hai baajaar kee keematon ke hisaab se jo hai rakh sakate hain jisase aapaka jo hai ek sarapraij rahega aur phiks prais par aap jo seedha bol sakatee praij kisako molabhaav nahin hoga kyonki ham itane kee bhee padatee hai yah to vah cheej bahut aasaan ho jaegee aapake lie ek koshish karie pooree dukaan ko aap kis par baith kar sakate hain baahar bainar laga deejie phiks prais of jo prais hain usee par joda ab rakhie kvaalitee achchhee ho gaya siks prais par bhee har koee lega bas yahee kuchh innoveshan aaeediyaaj hai baakee hai triks vyaapaariyon ko bataane kee jaroorat nahin hai vah bahut achchhee tarah se jaanate hain aasha karata hoon aapako aapake savaal ka javaab mil gaya kya laik aur sabsakraib karen dhanyavaad

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
1:22
लाना है के गानों को मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो देखिए जहां तक मेरा अनुभव है कुछ व्यापारी ऐसे होते हैं जो भी उचित मूल्य मूल्य होता है जो भी सामान है उससे भी बढ़ा चढ़ाकर दामों का मूल करते हैं जिसे कुछ कह को क्या पता होता है कि ऐसे जो है इसका उचित मूल्य कितना है और इस वजह से मोलभाव करने लगते हैं क्योंकि उनको पता है कि व्यापारी जो है कुछ अनुचित दामले रहा है तो इसके वजह से यह के मन में या यूं कहें कि यह कि हमारे मन में धारणा बनी रहती है कि इतने जो है जो उचित दाम है उससे अधिक दाम का रहा है जिसके वजह से ग्राहकों को मोलभाव करना मुझे एक मजबूरी हो जाती है और कहीं-कहीं देखा जाता है कि कुछ व्यापारी जो है उचित दाम अपना कहते हैं लेकिन फिर भी जो है ग्राहकों को आदत होती है क्यों कोई ऐसा लगता है कि यह भी व्यापारी जो है उचित मूल्य से अधिक दाम मांग रहा है जिसके वजह से उससे भी मोलभाव करते हैं तो मुझे नहीं लगता है कि इसमें ज्यादा रखो छे अंदर भाग है जैसे चल रहा है वैसे चलना चाहिए और जो भी सामान है उचित दाम भैया कुछ होना था वहीं व्यापारियों को समान को देखना चाहिए
Laana hai ke gaanon ko molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to dekhie jahaan tak mera anubhav hai kuchh vyaapaaree aise hote hain jo bhee uchit mooly mooly hota hai jo bhee saamaan hai usase bhee badha chadhaakar daamon ka mool karate hain jise kuchh kah ko kya pata hota hai ki aise jo hai isaka uchit mooly kitana hai aur is vajah se molabhaav karane lagate hain kyonki unako pata hai ki vyaapaaree jo hai kuchh anuchit daamale raha hai to isake vajah se yah ke man mein ya yoon kahen ki yah ki hamaare man mein dhaarana banee rahatee hai ki itane jo hai jo uchit daam hai usase adhik daam ka raha hai jisake vajah se graahakon ko molabhaav karana mujhe ek majabooree ho jaatee hai aur kaheen-kaheen dekha jaata hai ki kuchh vyaapaaree jo hai uchit daam apana kahate hain lekin phir bhee jo hai graahakon ko aadat hotee hai kyon koee aisa lagata hai ki yah bhee vyaapaaree jo hai uchit mooly se adhik daam maang raha hai jisake vajah se usase bhee molabhaav karate hain to mujhe nahin lagata hai ki isamen jyaada rakho chhe andar bhaag hai jaise chal raha hai vaise chalana chaahie aur jo bhee saamaan hai uchit daam bhaiya kuchh hona tha vaheen vyaapaariyon ko samaan ko dekhana chaahie

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Maayank Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Maayank जी का जवाब
College
1:26
रघु के मोलभाव करने पर व्यापारी को क्या करना चाहिए तो देखिए एक तो होता है आप का होलसेल प्राइस लो प्राइस में आपने उसको चीज को खरीदा है सर एक राज होता है जिसमें प्रॉफिट ऐसा ग्राहक है जो आपका दिल्ली कस्टम आता है जिसका बार-बार आता है तो उसमें आप थोड़ा बहुत कम प्रॉफिट मार्जिन देखकर भी व्यक्ति कस्टमर है उसको अगर आपने राष्ट्र कर देंगे तो एक कस्टमर रहे हैं आप अपना एक कस्टमर को देंगे तो अगर कोई एक ऐसा कस्टमर है जो आपके यहां पर रोज आते जाते रहते हैं या काफी बार आता है तो कम प्रॉफिट मार्जिन में भी उसको वह चीज दे देनी चाहिए और अगर कोई नया है तो सीधा है तो मत करिएगा कि बिल्कुल ही कम कर दिया जो उसने बोला वही आप कह दे कि अगर 28 2000 कह रहे हैं और वह कह रहा है 14 साल तो ऐसा ना हो कि आप बिल्कुल सीधा 15 सो रुपए आते हैं धीरे-धीरे करके आइए अगर आप 2000 कह रहे तो क्या यह ₹50 कम ₹100 कम से कम तो कम कर दीजिए जिसमें आपको प्रॉफिट हो जाए कुछ ऐसा तो धीरे-धीरे करके नहीं चाहिए अगर किसी को जरूरत होगी उस चीज को साथ में रहना चाहता है और पता उसका वह प्राइस नहीं है दो हजार अट्ठारह उन्नीस सौ में भी ले लेगा
Raghu ke molabhaav karane par vyaapaaree ko kya karana chaahie to dekhie ek to hota hai aap ka holasel prais lo prais mein aapane usako cheej ko khareeda hai sar ek raaj hota hai jisamen prophit aisa graahak hai jo aapaka dillee kastam aata hai jisaka baar-baar aata hai to usamen aap thoda bahut kam prophit maarjin dekhakar bhee vyakti kastamar hai usako agar aapane raashtr kar denge to ek kastamar rahe hain aap apana ek kastamar ko denge to agar koee ek aisa kastamar hai jo aapake yahaan par roj aate jaate rahate hain ya kaaphee baar aata hai to kam prophit maarjin mein bhee usako vah cheej de denee chaahie aur agar koee naya hai to seedha hai to mat kariega ki bilkul hee kam kar diya jo usane bola vahee aap kah de ki agar 28 2000 kah rahe hain aur vah kah raha hai 14 saal to aisa na ho ki aap bilkul seedha 15 so rupe aate hain dheere-dheere karake aaie agar aap 2000 kah rahe to kya yah ₹50 kam ₹100 kam se kam to kam kar deejie jisamen aapako prophit ho jae kuchh aisa to dheere-dheere karake nahin chaahie agar kisee ko jaroorat hogee us cheej ko saath mein rahana chaahata hai aur pata usaka vah prais nahin hai do hajaar atthaarah unnees sau mein bhee le lega

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
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आपका व्रत में ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना है व्यापारी को अपना सामान भेजना है इसलिए ग्राहक जो उसका अन्नदाता कुछ ग्राहक जिद्दी होते हैं मूल भाव अजीबो-गरीब तरीके से करते हैं कुछ सहज भाव से करते हैं कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां मोलभाव नहीं होता है अपना अलग अलग परिस्थितियां धौलपुर से बोल रहा हूं वहां कुछ स्थान ऐसे हैं कि 100 की चीज पौने दो सौ दो सौ तक बोली जाती है अब सोने दे दी जाती है आदमी सत्तर ₹75 कम करा कर बहुत खुश हो जाता है तो वहां जो मोलभाव करने वाले नहीं हैं उन्हें मूर्ख समझा जाता है ऐसा आदमी कहीं दूसरी जगह जाएगा जहां बिल्कुल भी बोल भाव नहीं होता तो एक बार होगा जरूर करेगा जरूर प्रयास की आदत है ना इसलिए व्यापारी मेरे को चाहिए वह ग्राहक को संतुष्ट करें समझाए बताएं और सामानों से दे एक बार अगर विश्वास दिला दें कि वर्जिनल सामान ऑफ डुप्लीकेट सामान नेताम का बहुत अंतर होता ओरिजिनल सामान दे रहा है और एक बार वह अपने ग्राहक का दिल जीत ले गया था हो सकता दोबारा ग्राहक लोड करके आगे समझ रहे हैं ना कुछ ऐसे भी होते हैं जो मोलभाव करने पर ग्राहकों के साथ बदतमीजी व्यवहार कर जाते हैं ग्राहक जो है फिर ऐसी दुकानों की तरफ मुंह नहीं करता है थैंक यू
Aapaka vrat mein graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana hai vyaapaaree ko apana saamaan bhejana hai isalie graahak jo usaka annadaata kuchh graahak jiddee hote hain mool bhaav ajeebo-gareeb tareeke se karate hain kuchh sahaj bhaav se karate hain kuchh sthaan aise bhee hain jahaan molabhaav nahin hota hai apana alag alag paristhitiyaan dhaulapur se bol raha hoon vahaan kuchh sthaan aise hain ki 100 kee cheej paune do sau do sau tak bolee jaatee hai ab sone de dee jaatee hai aadamee sattar ₹75 kam kara kar bahut khush ho jaata hai to vahaan jo molabhaav karane vaale nahin hain unhen moorkh samajha jaata hai aisa aadamee kaheen doosaree jagah jaega jahaan bilkul bhee bol bhaav nahin hota to ek baar hoga jaroor karega jaroor prayaas kee aadat hai na isalie vyaapaaree mere ko chaahie vah graahak ko santusht karen samajhae bataen aur saamaanon se de ek baar agar vishvaas dila den ki varjinal saamaan oph dupleeket saamaan netaam ka bahut antar hota orijinal saamaan de raha hai aur ek baar vah apane graahak ka dil jeet le gaya tha ho sakata dobaara graahak lod karake aage samajh rahe hain na kuchh aise bhee hote hain jo molabhaav karane par graahakon ke saath badatameejee vyavahaar kar jaate hain graahak jo hai phir aisee dukaanon kee taraph munh nahin karata hai thaink yoo

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Rajmohan Modi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rajmohan जी का जवाब
व्यापार
0:32

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahakon Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiye
Neha student  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
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