#जीवन शैली

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?

Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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As School administration & Principal
1:38
काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों लड़कियों की महिलाओं को संरचनाओं के चेहरे से या उसके स्क्रीन के रंग से लापता है लेकिन मैं धीरे-धीरे समाज में परिवर्तन आया है बहुत कुछ आया है वह बहुत नींद सोता नहीं रहेंगे जितना आप समझते हैं अगर आप भी इससे संक्रमित हैं या प्रभावित एक निश्चित तौर पर आपका शर्ट करता है और इसके द्वारा प्रभावित जरूर होते हैं लेकिन नहीं छोड़ता तो बनी रहती है समाज का सुरूर है जिसको हम आप कैसे सुधार सकते हैं लोगों की मानसिकता में बदलाव आप कैसे लेकिन निश्चित तौर पर अपनी योग्यता के बल पर समाज में अपनी जगह बना ली और बहुत सारी लड़कियां हैं जो अपने प्रभाव को छोड़कर दूर क्यों है इसका कहना क्योंकि भाई लोगों की मानसिकता है विचार है बहुत सारी चीजें है जिसको लेकर के हमने इतना ज्यादा सटीक जानकारी नहीं दे सकते
Kaalee motee ladakiyon ko lekar samaaj itana nishthur kyon ladakiyon kee mahilaon ko sanrachanaon ke chehare se ya usake skreen ke rang se laapata hai lekin main dheere-dheere samaaj mein parivartan aaya hai bahut kuchh aaya hai vah bahut neend sota nahin rahenge jitana aap samajhate hain agar aap bhee isase sankramit hain ya prabhaavit ek nishchit taur par aapaka shart karata hai aur isake dvaara prabhaavit jaroor hote hain lekin nahin chhodata to banee rahatee hai samaaj ka suroor hai jisako ham aap kaise sudhaar sakate hain logon kee maanasikata mein badalaav aap kaise lekin nishchit taur par apanee yogyata ke bal par samaaj mein apanee jagah bana lee aur bahut saaree ladakiyaan hain jo apane prabhaav ko chhodakar door kyon hai isaka kahana kyonki bhaee logon kee maanasikata hai vichaar hai bahut saaree cheejen hai jisako lekar ke hamane itana jyaada sateek jaanakaaree nahin de sakate

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
India is Great Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Master Chef in House
2:23
दीक्षित जो लड़की काली है या फिर जो लड़की मोटी है मोटी तो देखी अभी कुछ ही समय से जैसे कि 10:00 12 साल से फ्रेंड में चल रहा है लेकिन उसका पहले मोदी से उठना बहुत ज्यादा लोगों कोई सुन नहीं था लेकिन अभी हम सब को एक लगता है जब सामने वाले को पता चले तो उसे बहुत बुरा फील होता है लेकिन कुछ भी नहीं होता कोई प्रॉब्लम नहीं है अगर कोई मोटी है तो भी वह अच्छी है अगर कोई काली है तो अच्छी अगर मेरी बात तेरे खुद की तो मुझे एक सामने से बिल्कुल भी फर्क नहीं क्यों बहुत ज्यादा होता तो देखी जाए इसकी बातों को नजरों में सबसे पहले चलता है लेकिन मैं इस सारी चीजों को ज्यादातर नहीं मानता और समाज को यह समझाने का मैं कोशिश करता हूं कि भैया आप इस चीज को भले ना माने आप उससे शादी ना करें कोई तो करेगा जिंदगी भर वैसे तो नहीं रह जाएगी आज आप किसी भी रखिए मोटरसाइकिल की हमारी भारती जी देख लीजिए कितने बजे आज के डेट में मतलब शहर कितनी ज्यादा उनका मांग है टीवी में सीरियल में बहुत है मतलब तो क्यों मोटे तो कैसे हो सकता है कोमल को देख लीजिए तारक मेहता का उल्टा चश्मा में तो क्या करें समय बहुत सारे उससे कुछ नहीं होता मोटापा है या काले हे भगवान की दी हुई चीज हम जरूर चाहे तो उसे थोड़ा सुधार सकते हैं लेकिन किसी को ऐसे बोलना बिल्कुल भी नहीं चाहिए और बोलने का जो तरीका होता है वह थोड़ा सा आपस में जरूर सुधारना चाहिए और ऐसे में क्या है कि बेकार लगता है मुझे मुझे किसी के साथ ऐसा कोई फर्क नहीं होता कोई काली लड़कियां तो मैं बिल्कुल मेहमान तो उसकी शक्ल सूरत से कुछ नहीं होता है क्योंकि गोरे रंग तो दिन में ढल जाएगा लेकिन यह बात बिल्कुल सच है तो ऐसे में क्या है किसी भी लड़की को कभी भी गलत ना बोले ना सोचे एक हमारे समाज में है जो कि सबसे पहले बात वही चीजें निकालती है मैं बिल्कुल भी इस चीज से साइड रहता हूं ऐसा बिल्कुल भी नहीं माना आप देख सकते हमारे साथ में जो हमारी वाइफ है यह शादी से पहले काली थी बट अभी आप देख फोटो लगाइए कुछ हफ्तों का समय के साथ तो कभी चला उतार सब कुछ होता रहता है तो इस चीज पर ज्यादा से ज्यादा आप लोग ध्यान रखें कि किसी को भी इस तरह से ना करें हमारे समाज में ऐसा होता है लेकिन समझाएं आप इसको
Deekshit jo ladakee kaalee hai ya phir jo ladakee motee hai motee to dekhee abhee kuchh hee samay se jaise ki 10:00 12 saal se phrend mein chal raha hai lekin usaka pahale modee se uthana bahut jyaada logon koee sun nahin tha lekin abhee ham sab ko ek lagata hai jab saamane vaale ko pata chale to use bahut bura pheel hota hai lekin kuchh bhee nahin hota koee problam nahin hai agar koee motee hai to bhee vah achchhee hai agar koee kaalee hai to achchhee agar meree baat tere khud kee to mujhe ek saamane se bilkul bhee phark nahin kyon bahut jyaada hota to dekhee jae isakee baaton ko najaron mein sabase pahale chalata hai lekin main is saaree cheejon ko jyaadaatar nahin maanata aur samaaj ko yah samajhaane ka main koshish karata hoon ki bhaiya aap is cheej ko bhale na maane aap usase shaadee na karen koee to karega jindagee bhar vaise to nahin rah jaegee aaj aap kisee bhee rakhie motarasaikil kee hamaaree bhaaratee jee dekh leejie kitane baje aaj ke det mein matalab shahar kitanee jyaada unaka maang hai teevee mein seeriyal mein bahut hai matalab to kyon mote to kaise ho sakata hai komal ko dekh leejie taarak mehata ka ulta chashma mein to kya karen samay bahut saare usase kuchh nahin hota motaapa hai ya kaale he bhagavaan kee dee huee cheej ham jaroor chaahe to use thoda sudhaar sakate hain lekin kisee ko aise bolana bilkul bhee nahin chaahie aur bolane ka jo tareeka hota hai vah thoda sa aapas mein jaroor sudhaarana chaahie aur aise mein kya hai ki bekaar lagata hai mujhe mujhe kisee ke saath aisa koee phark nahin hota koee kaalee ladakiyaan to main bilkul mehamaan to usakee shakl soorat se kuchh nahin hota hai kyonki gore rang to din mein dhal jaega lekin yah baat bilkul sach hai to aise mein kya hai kisee bhee ladakee ko kabhee bhee galat na bole na soche ek hamaare samaaj mein hai jo ki sabase pahale baat vahee cheejen nikaalatee hai main bilkul bhee is cheej se said rahata hoon aisa bilkul bhee nahin maana aap dekh sakate hamaare saath mein jo hamaaree vaiph hai yah shaadee se pahale kaalee thee bat abhee aap dekh photo lagaie kuchh haphton ka samay ke saath to kabhee chala utaar sab kuchh hota rahata hai to is cheej par jyaada se jyaada aap log dhyaan rakhen ki kisee ko bhee is tarah se na karen hamaare samaaj mein aisa hota hai lekin samajhaen aap isako

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
4:48
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और मैं एक लेखक हूं लाइफ कोच हूं सवाल है कि काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है सवाल तो अच्छा है लेकिन किसी स्पेसिफिक जेंडर के बारे में नहीं है चाहे फिर वो लड़का हो बच्चा हो बड़ा हो सभी लोगों को इस तरह के लोगों से ना जाने क्या समस्या है उनका मजाक बनाना उनका अपमान करना लोग बहुत अच्छा लगता है हम स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी देख सकते हैं अगर किसी बच्चे का रंग काला है कोई बच्चा जिस के बाल झड़ रही हूं गंजा है तो उस तरीके से बच्चों को भी बहुत मजा आता है उसका मजाक बनाने में वैसे ही हम युग में भी देख सकते हैं यही चीज देखने को मिलती है और क्यों ना हम अपने समाज में ही देखें यानी कि किसी भी इसमें दया करके देखा जाए और किसी भी जेंडर में जाकर देखा जाए यह चीजें बहुत आम है खूबसूरती सबको पसंद है और जहां पर लोगों को ऐसी चीजें देखने को मिलती है जहां रंग काला है या बॉडी साइज उस तरह का नहीं है जैसा एक आइडल माना जाता है तो लोग उसका मजाक बनाते हैं उसके बारे में बुरी बुरी बातें कहते बिना यह सोचे समझे कि चाहे फिर वह बच्चा है बड़ा है या पियूष है उसे कैसा फील हो रहा है और जाहिर सी बात है कोई भी जब किसी का मजाक बनाता है तो उस इंसान को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता जिसका मजाक बनाया जा रहा है लेकिन वह कहते हैं ना कि एक समझदार और अच्छा इंसान कभी किसी का मजाक नहीं बना था वह सब का सम्मान करता है और ऐसे लोग बहुत कम देख मिलती है समझ सकते हैं कि हमारे दुनिया में समझदार लोगों की गिनती कितनी कम है बेशक खुद को समझदार मानने वाले लोगों की संख्या इस दुनिया में बहुत ज्यादा लेकिन खुद की नजरों में समझदार होना अलग चीज है और सही मायनों में समझदार हो ना सब का सम्मान करना सब से प्यार करना वह अलग चीज है आप चाहे किसी भी ऐसे इंसान से मिली है जो दूसरे का मजाक बनाता हूं उसे आप कहिए कि यह बेवकूफी वाला काम कर रहे हैं आपकी बात को तो रंग का टेप और कहेगा क्या बात कर रहे हो बेवकूफ और मैं बिल्कुल नहीं मैं तो बहुत समझदार हूं बेशक उसका जो काम है वह बिल्कुल मूर्खों वाला है और बिल्कुल एक ऐसे इंसान किधर है जिस तरह का इंसान इस समाज में एडजस्ट नहीं करना चाहिए कि ना अपनी नजरों में तो वो भी समझदार बना घूम रहा है तो उस चीज का तो सिर्फ एक ही उपाय है कि लोग समझदार बने हैं लोग दूसरों की फीलिंग को समझे कि किसी का मजाक बनाना और किसी को बुरा भला कहना रंग-रूप आकार को लेकर के कितना गलत है और जिस दिन लोग यह चीज समझना शुरू कर देंगे उस दिन शायद चीजें सही होती चली जाएंगी और हम अपने टीवी यूट्यूब और जगह-जगह पर प्रमोशन भी देखते हैं तो किस तरह के काले रंग को किस तरह से बुरा किया जाता है और किसी एक चीज को अच्छा बता रहे हो उस के ऑपोजिट ऑटोमेटेकली ही गलत हो जाते ही आने की बेकार हो जाती है यहां पर गोरे रंग का प्रमोशन किया जा रहा है तो काला धन तो नीचे होता ही चला जाएगा ब्लैक ड्रेस पहनने का शौक रखने को लेकर लोगों को बात करने में बेशक पर यूज होता है बस यही है कि लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए और जो हमारे एडवेंचर है और इस चीज की कोशिश करनी चाहिए कि हजारों फिल्टर लगा कर के अपने चेहरे को खूबसूरत दिखाने की वजह वह अपनी रियल शक्ल दिखाएं तो लोगों पर यह फैक्ट पड़ेगा की खूबसूरती किसी मेकअप या किसी सेंटर में नहीं है खूबसूरती दिल में होती है समझ में आ जाएगी जो है वही है जैसी दुनिया चल रही है चल ही रही है बहुत-बहुत शुक्रिया उम्मीद करते हैं कि दुनिया में जल्दी समझदार लोगों की संख्या बढ़ती चली जाए बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur main ek lekhak hoon laiph koch hoon savaal hai ki kaalee motee ladakiyon ko lekar samaaj itana nishthur kyon hai savaal to achchha hai lekin kisee spesiphik jendar ke baare mein nahin hai chaahe phir vo ladaka ho bachcha ho bada ho sabhee logon ko is tarah ke logon se na jaane kya samasya hai unaka majaak banaana unaka apamaan karana log bahut achchha lagata hai ham skool mein padh rahe bachchon ko bhee dekh sakate hain agar kisee bachche ka rang kaala hai koee bachcha jis ke baal jhad rahee hoon ganja hai to us tareeke se bachchon ko bhee bahut maja aata hai usaka majaak banaane mein vaise hee ham yug mein bhee dekh sakate hain yahee cheej dekhane ko milatee hai aur kyon na ham apane samaaj mein hee dekhen yaanee ki kisee bhee isamen daya karake dekha jae aur kisee bhee jendar mein jaakar dekha jae yah cheejen bahut aam hai khoobasooratee sabako pasand hai aur jahaan par logon ko aisee cheejen dekhane ko milatee hai jahaan rang kaala hai ya bodee saij us tarah ka nahin hai jaisa ek aaidal maana jaata hai to log usaka majaak banaate hain usake baare mein buree buree baaten kahate bina yah soche samajhe ki chaahe phir vah bachcha hai bada hai ya piyoosh hai use kaisa pheel ho raha hai aur jaahir see baat hai koee bhee jab kisee ka majaak banaata hai to us insaan ko bilkul bhee achchha nahin lagata jisaka majaak banaaya ja raha hai lekin vah kahate hain na ki ek samajhadaar aur achchha insaan kabhee kisee ka majaak nahin bana tha vah sab ka sammaan karata hai aur aise log bahut kam dekh milatee hai samajh sakate hain ki hamaare duniya mein samajhadaar logon kee ginatee kitanee kam hai beshak khud ko samajhadaar maanane vaale logon kee sankhya is duniya mein bahut jyaada lekin khud kee najaron mein samajhadaar hona alag cheej hai aur sahee maayanon mein samajhadaar ho na sab ka sammaan karana sab se pyaar karana vah alag cheej hai aap chaahe kisee bhee aise insaan se milee hai jo doosare ka majaak banaata hoon use aap kahie ki yah bevakoophee vaala kaam kar rahe hain aapakee baat ko to rang ka tep aur kahega kya baat kar rahe ho bevakooph aur main bilkul nahin main to bahut samajhadaar hoon beshak usaka jo kaam hai vah bilkul moorkhon vaala hai aur bilkul ek aise insaan kidhar hai jis tarah ka insaan is samaaj mein edajast nahin karana chaahie ki na apanee najaron mein to vo bhee samajhadaar bana ghoom raha hai to us cheej ka to sirph ek hee upaay hai ki log samajhadaar bane hain log doosaron kee pheeling ko samajhe ki kisee ka majaak banaana aur kisee ko bura bhala kahana rang-roop aakaar ko lekar ke kitana galat hai aur jis din log yah cheej samajhana shuroo kar denge us din shaayad cheejen sahee hotee chalee jaengee aur ham apane teevee yootyoob aur jagah-jagah par pramoshan bhee dekhate hain to kis tarah ke kaale rang ko kis tarah se bura kiya jaata hai aur kisee ek cheej ko achchha bata rahe ho us ke opojit otometekalee hee galat ho jaate hee aane kee bekaar ho jaatee hai yahaan par gore rang ka pramoshan kiya ja raha hai to kaala dhan to neeche hota hee chala jaega blaik dres pahanane ka shauk rakhane ko lekar logon ko baat karane mein beshak par yooj hota hai bas yahee hai ki logon ko apanee maanasikata badalanee chaahie aur jo hamaare edavenchar hai aur is cheej kee koshish karanee chaahie ki hajaaron philtar laga kar ke apane chehare ko khoobasoorat dikhaane kee vajah vah apanee riyal shakl dikhaen to logon par yah phaikt padega kee khoobasooratee kisee mekap ya kisee sentar mein nahin hai khoobasooratee dil mein hotee hai samajh mein aa jaegee jo hai vahee hai jaisee duniya chal rahee hai chal hee rahee hai bahut-bahut shukriya ummeed karate hain ki duniya mein jaldee samajhadaar logon kee sankhya badhatee chalee jae bahut-bahut shukriya

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
1:56
काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों दोस्तों आपका सवाल काफी अच्छा है देखिए हमारे देश में दोस्तों इसमें काफी ज्यादा ही बात करें पश्चिमी संस्कृति का प्राचीन समय की बात करें तो काली रे कल्याणी कि पाश्चात्य संस्कृति है उसके प्रभाव में आ रहा है इसी के चलते काली हो या मोटी लड़कियों उसके समाज के जो लोग हैं और प्लस में इनके लेकर के चुटकुले बनाते हैं या फिर इन को दूर रखने की खेती दोस्त का नाम उस लड़की को घर के लिए शुभ माना जाता है और इस पे स्लिप बच्चों को जो है लड़कियों के बचपन से उनको जबरदस्ती जो है खाना खिलाया जाता है कि जिन का मोटापा बढ़ जाए हमारे समाज दोस्तों हमारे समाज के अंदर काली मोटी लड़कियों को समाज के सभी युवा वर्ग जो है थोड़ा मजाक के तौर पर एडमिन का देवता हमारे बुजुर्ग लोग बिल्कुल भी ऐसा नहीं सोचते यादव संभावना दोस्तों यह लड़कियां जो है वह परिवार चलाने में सक्षम है ऐसा कुछ रिसर्च दावा करती है तो मेरे से समाज की महिला से कैसे गोरियों कैसे भी करो
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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
sanjay kumar pandey Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए sanjay जी का जवाब
Writer, Teacher, motivational youtuber
4:17
गुड इवनिंग सवाल यह है कि काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है देखिए और इसमें क्या कहा जा सकता आज समाज हम ही से हम ही समाज है हम हम से ही समाज बनता है ना तो हम लोगों की प्रवृत्ति ही ऐसी है नेचर नहीं कहा ऐसा प्रवृत्ति ही बनाई गई ऐसे कि हमें काली चीजें पसंद नहीं काले लोग पसंद नहीं हैं हम गोरे लोगों की तरफ भागते हैं चारों तरफ यह शुरू से ही आपने देखा है कि कितना रंगभेद की अब तो बहुत कम हो गया है अब खुलेआम नहीं है अभी भी कहीं-कहीं है लेकिन खुलेआम नहीं है लेकिन काले गोरे का भेद बहुत अधिक है गोरे लोग अपने आप को बहुत अधिक है मतलब सुंदर समझते हैं अपने को अलग समझते हैं और काले लोगों का तिरस्कार करते हैं कहा जाता है काला कल उठा इस तरह से कहा जाता है उसे काली कलूटी इस तरह से तो जिंदगी मानवता के नाते तो बिल्कुल भी सही नहीं है लेकिन ऐसी प्रवृत्ति ऐसा कब से है अनादि काल से है कब से है यह समझ में नहीं आता है ऐसा ऐसी हमारे मन नहीं अंदर से धारणा बनी हुई है कि काले हैं तो वह बदसूरत हैं और जो है और गोरे हैं तो सुंदर है आज भी शादी के बाद जो भी खोजा जाता है देखा जाता है शादी विवाह किया जाता है तो उसमें कोई लड़कियों को पसंद किया जाता है लड़कों को भी काले लड़के जल्दी पसंद नहीं किए जाते हैं हालांकि इन लड़कों के मामले में कम है लेकिन लड़कियों के मामले में खासतौर से ज्यादा देखा जाता है ए गोरी लड़की होनी चाहिए अन्यथा खानदान बिगड़ जाएगा आगे जो है खानदान जो भी बारिश होगा वह भी काला होगा इस तरह से ऐसी धारणा है तो काले किस तरह से है सफेद सफेद ही की तरह भागना काले से दूर भागना इस तरह का मुझे लगता है कि काफी शुरुआत से ही है और यह इसके प्रति जो धरना है वह बदलना इतना आसान नहीं है वह हमारा है ना कि हम कोई भी आकर्षक चीज की तरफ भागते हैं उसे उसके गुण को नहीं देखते गुड दिखना चाहिए हालांकि वह सुंदरता और रंग जो है ना वह बहुत मायने नहीं रखता वह क्षणिक है कुछ दिन के लिए कुछ पल के लिए कुछ समय के लिए वह हमें अच्छा लग सकता है लेकिन अंततः है तो उसका व्यवहार जो है उसके गुण वही काम आते हैं एक ही घर में अगर दो लोग हैं तो काला और गोरा दो बहुए हैं या दो बहने हैं तो उसमें भी भेद किया जाता है गोरी लड़की जो है उसको ज्यादा मान सम्मान दिया जाता है लेकिन फिर भी अगर वह गोरी लड़की नचड़ी है अगर कुछ नहीं कर रही है घर के लिए और काली लड़की घर को सर आंखों पर बिठाया है वह सब कुछ करती है तो वह निश्चित रूप से वह सम्मान के पात्र होती है उसे ही लोग पूछते हैं तो यही कहूंगा कि यह धारणा बदलने की जरूरत है इतना निष्ठुर तक ठीक नहीं अब हमें हम 21वीं सदी में चल रहे तो इसमें हमें बदल देना चाहिए अपनी धारणा को बदल नहीं चाहिए और काले गोरे के प्रति भेद मिटाना चाहिए सब कुछ ईश्वर का दिया हुआ है और सबको हक है यह समाज में सम्मान पाने का और समाज में सम्मान से जीने का इस तरह की भावना नहीं होनी चाहिए और कोई भी अपने रंग से महान नहीं हो सकता है मैं तो यही कहूंगा थैंक यू
Gud ivaning savaal yah hai ki kaalee motee ladakiyon ko lekar samaaj itana nishthur kyon hai dekhie aur isamen kya kaha ja sakata aaj samaaj ham hee se ham hee samaaj hai ham ham se hee samaaj banata hai na to ham logon kee pravrtti hee aisee hai nechar nahin kaha aisa pravrtti hee banaee gaee aise ki hamen kaalee cheejen pasand nahin kaale log pasand nahin hain ham gore logon kee taraph bhaagate hain chaaron taraph yah shuroo se hee aapane dekha hai ki kitana rangabhed kee ab to bahut kam ho gaya hai ab khuleaam nahin hai abhee bhee kaheen-kaheen hai lekin khuleaam nahin hai lekin kaale gore ka bhed bahut adhik hai gore log apane aap ko bahut adhik hai matalab sundar samajhate hain apane ko alag samajhate hain aur kaale logon ka tiraskaar karate hain kaha jaata hai kaala kal utha is tarah se kaha jaata hai use kaalee kalootee is tarah se to jindagee maanavata ke naate to bilkul bhee sahee nahin hai lekin aisee pravrtti aisa kab se hai anaadi kaal se hai kab se hai yah samajh mein nahin aata hai aisa aisee hamaare man nahin andar se dhaarana banee huee hai ki kaale hain to vah badasoorat hain aur jo hai aur gore hain to sundar hai aaj bhee shaadee ke baad jo bhee khoja jaata hai dekha jaata hai shaadee vivaah kiya jaata hai to usamen koee ladakiyon ko pasand kiya jaata hai ladakon ko bhee kaale ladake jaldee pasand nahin kie jaate hain haalaanki in ladakon ke maamale mein kam hai lekin ladakiyon ke maamale mein khaasataur se jyaada dekha jaata hai e goree ladakee honee chaahie anyatha khaanadaan bigad jaega aage jo hai khaanadaan jo bhee baarish hoga vah bhee kaala hoga is tarah se aisee dhaarana hai to kaale kis tarah se hai saphed saphed hee kee tarah bhaagana kaale se door bhaagana is tarah ka mujhe lagata hai ki kaaphee shuruaat se hee hai aur yah isake prati jo dharana hai vah badalana itana aasaan nahin hai vah hamaara hai na ki ham koee bhee aakarshak cheej kee taraph bhaagate hain use usake gun ko nahin dekhate gud dikhana chaahie haalaanki vah sundarata aur rang jo hai na vah bahut maayane nahin rakhata vah kshanik hai kuchh din ke lie kuchh pal ke lie kuchh samay ke lie vah hamen achchha lag sakata hai lekin antatah hai to usaka vyavahaar jo hai usake gun vahee kaam aate hain ek hee ghar mein agar do log hain to kaala aur gora do bahue hain ya do bahane hain to usamen bhee bhed kiya jaata hai goree ladakee jo hai usako jyaada maan sammaan diya jaata hai lekin phir bhee agar vah goree ladakee nachadee hai agar kuchh nahin kar rahee hai ghar ke lie aur kaalee ladakee ghar ko sar aankhon par bithaaya hai vah sab kuchh karatee hai to vah nishchit roop se vah sammaan ke paatr hotee hai use hee log poochhate hain to yahee kahoonga ki yah dhaarana badalane kee jaroorat hai itana nishthur tak theek nahin ab hamen ham 21veen sadee mein chal rahe to isamen hamen badal dena chaahie apanee dhaarana ko badal nahin chaahie aur kaale gore ke prati bhed mitaana chaahie sab kuchh eeshvar ka diya hua hai aur sabako hak hai yah samaaj mein sammaan paane ka aur samaaj mein sammaan se jeene ka is tarah kee bhaavana nahin honee chaahie aur koee bhee apane rang se mahaan nahin ho sakata hai main to yahee kahoonga thaink yoo

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:32
क्योंकि आज के समाज ऐसा है कि वह हमेशा गोरी पतली लड़कियां ही चाहता गणेश जी की मूर्ति खड़ी बदसूरत की लड़की है आजकल दूर-दूर बाद में दे फिर बाद में देखते पहली कलर देखते हैं कितनी इंटरव्यू में फर्स्ट इंप्रेशन इज लास्ट इंप्रेशन होता है मुसाफिर ढंग से आए कि उसे देख रहे उसी तरफ से समाज में लड़कियों के साथ कैसा होता है दिखने में अच्छी सफर करते तो आप बढ़िया है अन्यथा आप को रिजेक्ट कर दिया जाएगा
Kyonki aaj ke samaaj aisa hai ki vah hamesha goree patalee ladakiyaan hee chaahata ganesh jee kee moorti khadee badasoorat kee ladakee hai aajakal door-door baad mein de phir baad mein dekhate pahalee kalar dekhate hain kitanee intaravyoo mein pharst impreshan ij laast impreshan hota hai musaaphir dhang se aae ki use dekh rahe usee taraph se samaaj mein ladakiyon ke saath kaisa hota hai dikhane mein achchhee saphar karate to aap badhiya hai anyatha aap ko rijekt kar diya jaega

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:56
जीकेवी रंग के ऊपर यह शरीर की बनावट के ऊपर यदि कोई व्यक्ति मजाक करता है या ऐसे अपशब्द बोलता है जो बिल्कुल हमें फ्री में कर सकते हैं हमें पसंद नहीं है तो समझ जाना चाहिए कि कुछ अच्छी सी चीज जो है वह बहुत ही सुंदर और उसके लिए बाहरी रूप रंग और बनावट शरीर की अब से 10 साल पहले इंसान का चरित्र किस प्रकार से उसकी शख्सियत है उसकी जो पूरी पर्सनालिटी है जिसकी गुण हैं उनके लिए परिभाषा है हमारी रगों में बाहरी आवरण कि ऐसे लोगों को सीरियसली नहीं लेना चाहिए ऐसी लड़की चाहिए जो सोच है उसको खुद पर हावी होने देना चाहिए हर इंसान को संबोधित करने चाहिए क्योंकि आगे चलकर जब किसी की एक परिपक्वता आती है वह मैं वह आगे बढ़ते हैं हमारी जो पूरी की पूरी पर्सनालिटी है वह मेरे काम से पहचानी जाती है तुम्हारी सबसे अच्छी पहचान वाली कौन सी कर्म से होती है और जो मारे गए हैं उनसे होती है भाई रखरखाव बहुत जरूरी है रखना चाहिए हाइजीन मेंटेन करना चाहिए और जितना हो सके हमें प्रेजेंटेबल रहना चाहिए लेकिन लेकिन खाना खाने को नहीं लाना चाहिए कि हमारे मुंह काला है ऐसा मिला है यह हमारे शरीर जो है वह वह अपन दोनों ही टीमें ही बना दे हमें ऐसे ही बनाया भगवान ने जो लोग मिस्टर हैं जो समाज अपना दायरा बना लिया है और मानव बना लिया है वह मीडिया की वजह से गलत है मैं बनियान है और समय रहते सभी को समझ में आ जाता है कि उनके गुण होते हैं वह जादू है तो करते हैं धन्यवाद
Jeekevee rang ke oopar yah shareer kee banaavat ke oopar yadi koee vyakti majaak karata hai ya aise apashabd bolata hai jo bilkul hamen phree mein kar sakate hain hamen pasand nahin hai to samajh jaana chaahie ki kuchh achchhee see cheej jo hai vah bahut hee sundar aur usake lie baaharee roop rang aur banaavat shareer kee ab se 10 saal pahale insaan ka charitr kis prakaar se usakee shakhsiyat hai usakee jo pooree parsanaalitee hai jisakee gun hain unake lie paribhaasha hai hamaaree ragon mein baaharee aavaran ki aise logon ko seeriyasalee nahin lena chaahie aisee ladakee chaahie jo soch hai usako khud par haavee hone dena chaahie har insaan ko sambodhit karane chaahie kyonki aage chalakar jab kisee kee ek paripakvata aatee hai vah main vah aage badhate hain hamaaree jo pooree kee pooree parsanaalitee hai vah mere kaam se pahachaanee jaatee hai tumhaaree sabase achchhee pahachaan vaalee kaun see karm se hotee hai aur jo maare gae hain unase hotee hai bhaee rakharakhaav bahut jarooree hai rakhana chaahie haijeen menten karana chaahie aur jitana ho sake hamen prejentebal rahana chaahie lekin lekin khaana khaane ko nahin laana chaahie ki hamaare munh kaala hai aisa mila hai yah hamaare shareer jo hai vah vah apan donon hee teemen hee bana de hamen aise hee banaaya bhagavaan ne jo log mistar hain jo samaaj apana daayara bana liya hai aur maanav bana liya hai vah meediya kee vajah se galat hai main baniyaan hai aur samay rahate sabhee ko samajh mein aa jaata hai ki unake gun hote hain vah jaadoo hai to karate hain dhanyavaad

bolkar speaker
काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trilok जी का जवाब
Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:47
प्रश्न है कि काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना डिस्टर्ब क्यों नहीं चलती है लंबे समय से सिर्फ लड़कियों की बात क्यों कर रहे हैं आप लड़कों की बात भी नहीं देखी अमेरिका में जातिवाद नहीं है लेकिन वहां पर रंग दे दे तो वह लड़कियों को कि पुरुषों के साथ भी होता है भारत में जो है भेदभाव में मान लो जो काले काले गोरे का यह जो मोटापे का वह उठती हो तो खूबसूरती और प्रसूति वाला जो है सब जगह खता है
Prashn hai ki kaalee motee ladakiyon ko lekar samaaj itana distarb kyon nahin chalatee hai lambe samay se sirph ladakiyon kee baat kyon kar rahe hain aap ladakon kee baat bhee nahin dekhee amerika mein jaativaad nahin hai lekin vahaan par rang de de to vah ladakiyon ko ki purushon ke saath bhee hota hai bhaarat mein jo hai bhedabhaav mein maan lo jo kaale kaale gore ka yah jo motaape ka vah uthatee ho to khoobasooratee aur prasooti vaala jo hai sab jagah khata hai

bolkar speaker
काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:32
नमस्कार मित्रों प्रश्न की काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है तो दोस्तों ऐसा कुछ नहीं है कि लोग निष्ठुर है उसके प्रति बहुत सारे लड़कियां कार्यालय में कार्य करती हैं लेकिन कोई व्यक्ति अन्य व्यक्तियों से अलग नजर आएगा तो निश्चित रूप से उसका ध्यान उसकी तरफ चला जाता है चाहे आप देखते हैं कि जहां पर लुंगी पहनने की प्रथा है कोई लूंगी पहन के जाते हो वहां पर पेंट शर्ट वाला कोई व्यक्ति नजर आता है तो निश्चित रूप से ध्यान उसकी तरफ आकर्षित होगा और दोस्तों मोटापा जो है कुछ तो बीमारी के कारण यह रीड ए ट्री के कारण भी होता है लेकिन कुछ लोग अपने शरीर पर ध्यान नहीं देते हैं बस खाए जाते हैं खा जाते हैं फास्ट फूड खाते हैं तो लोगों का ध्यान रहता है यह कितना खा लिया इसने देखो अपने आप को संभाल नहीं पाया आपने बॉडी को सही नहीं रख पाए तो इसलिए ध्यान उनकी तरफ जाता है निष्ठुर ताकि तो कोई बात ही नहीं है कि निष्ठुर होते हैं लोग उसके बहुत सारे में लोगों को जानता हूं या कॉलेज समय में मित्रानी थी तो लोग मजाक उड़ाते थे मजाक तो देखिए हंसी ठिठोली तो मित्रों में होती है चाहे उसको मोटापे को लेकर कर लो कई लोग गोरे रखती का मजाक उड़ाते हैं कल स्मार्ट में की गई मजाक उड़ाते हैं तो ऐसा नहीं खुलता सब तो बहुत ही ऐसा लग रहा है गंभीर शब्द हो गया ऐसी कोई बात है नहीं धन्यवाद
Namaskaar mitron prashn kee kaalee motee ladakiyon ko lekar samaaj itana nishthur kyon hai to doston aisa kuchh nahin hai ki log nishthur hai usake prati bahut saare ladakiyaan kaaryaalay mein kaary karatee hain lekin koee vyakti any vyaktiyon se alag najar aaega to nishchit roop se usaka dhyaan usakee taraph chala jaata hai chaahe aap dekhate hain ki jahaan par lungee pahanane kee pratha hai koee loongee pahan ke jaate ho vahaan par pent shart vaala koee vyakti najar aata hai to nishchit roop se dhyaan usakee taraph aakarshit hoga aur doston motaapa jo hai kuchh to beemaaree ke kaaran yah reed e tree ke kaaran bhee hota hai lekin kuchh log apane shareer par dhyaan nahin dete hain bas khae jaate hain kha jaate hain phaast phood khaate hain to logon ka dhyaan rahata hai yah kitana kha liya isane dekho apane aap ko sambhaal nahin paaya aapane bodee ko sahee nahin rakh pae to isalie dhyaan unakee taraph jaata hai nishthur taaki to koee baat hee nahin hai ki nishthur hote hain log usake bahut saare mein logon ko jaanata hoon ya kolej samay mein mitraanee thee to log majaak udaate the majaak to dekhie hansee thitholee to mitron mein hotee hai chaahe usako motaape ko lekar kar lo kaee log gore rakhatee ka majaak udaate hain kal smaart mein kee gaee majaak udaate hain to aisa nahin khulata sab to bahut hee aisa lag raha hai gambheer shabd ho gaya aisee koee baat hai nahin dhanyavaad

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaalee Motee Ladakiyon Ko Lekar Samaaj Itana Nishthur Kyon Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:56
अलवर दीवाना स्वागत है आपका नंबर इसमें काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है तो फ्रेंड समाज में सभी लोग एक जैसे नहीं होते हैं कई लोग कोई लोग ऐसे भी होते हैं चाहे लड़की काली हो मोटी हो कैसी हो फिर भी उसे पसंद करते हैं और इज्जत देते हैं और देना भी चाहिए रंग रुपया मोटा पतला होना यह भगवान की मर्जी में होता है भगवान ने हमें जैसा रंग रूप दिया है यह कैसा हमारा शरीर है तो हम हैं तो इंसान है ऐसी नकारात्मक सोच नहीं रखना चाहिए और निष्ठुर नहीं बनना चाहिए अगर मान लो आपकी बेटी काली है तो क्या आप उसे प्यार नहीं करेंगे क्या मोटी है तो ऐसे ही दूसरे की लड़की के लिए भी मन में इज्जत रखना चाहिए प्यार रखना चाहिए क्या कर किसी की लड़की काली है या मोटी है तो वह अभी बिटिया है उसे भी हमें प्यार करना है ऐसी बात नहीं है उसे भी इज्जत की दृष्टि से हमें देखना है और जो निपुण लोग होते हैं वह बहुत दुख होते हैं ऐसे नहीं होना चाहिए धन्यवाद

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