#भारत की राजनीति

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:52
राधा कृष्ण कहते हैं कि दुनिया में हर समस्या का समाधान है फिर भी सभी को लगता है कि उनकी समस्या सबसे बड़ी है इस पर आपका क्या विचार है तो आपको बता देने की समस्या चाहे कितनी बड़ी से बड़ी हो उसका समाधान निकाला जा सकता है अगर आप उसका समाधान निकालना चाहते हो तो अगर आप उसमें ऐड कर ही बैठ जाएं या आप बातचीत से ही ना आए आप यकीन मानिए दुनिया की हर समस्या का समाधान बातचीत के द्वारा निकाल सकते हैं लेकिन जब कोई बातचीत ही नहीं करना चाहता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है जहां पर फिर दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी ईगो अपनी-अपनी एरोगेंस लेकर बैठी रहती हैं और फिर कोई समाधान ना से समस्या का नहीं निकल पाता आपका क्या विचार है तुम्हारे में कमल सक्सेना अपनी राय जरूर करें मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Raadha krshn kahate hain ki duniya mein har samasya ka samaadhaan hai phir bhee sabhee ko lagata hai ki unakee samasya sabase badee hai is par aapaka kya vichaar hai to aapako bata dene kee samasya chaahe kitanee badee se badee ho usaka samaadhaan nikaala ja sakata hai agar aap usaka samaadhaan nikaalana chaahate ho to agar aap usamen aid kar hee baith jaen ya aap baatacheet se hee na aae aap yakeen maanie duniya kee har samasya ka samaadhaan baatacheet ke dvaara nikaal sakate hain lekin jab koee baatacheet hee nahin karana chaahata to aisee sthiti utpann ho jaatee hai jahaan par phir donon hee paartiyaan apanee-apanee eego apanee-apanee erogens lekar baithee rahatee hain aur phir koee samaadhaan na se samasya ka nahin nikal paata aapaka kya vichaar hai tumhaare mein kamal saksena apanee raay jaroor karen meree shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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Rohit Rathore Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:02
बैक स्वागत है आप सब काम ही बोल रहा है प्रोफाइल पर आप सुंदर रोहित राठौर को तो दुनिया में हर समस्या का समाधान है लेकिन यादें तो हर व्यक्ति को अपनी सोच से बड़ी क्यों लगती है तो मेरे साथ कुछ व्यक्ति ने किया समिति अनुभव की कमी थी क्योंकि वह समस्या उसके जीवन में पहली बार आ रही होती है तो उससे थोड़ा डर सा लगता है एक तरफ ध्यान जाता है कि मैं उसका सलूशन नहीं पता था कि कब किया जाएगा जिसमें से पहले ही पेश कर रखी है तो वही सोल्यूशन बताएगा तो चुटकियों में अपनी समस्याएं हल कर सकता है तो तब हम ठीक समस्या के हल नहीं कर पाते क्योंकि मुझे इतनी गंभीरता से लेना है उसका एक बहुत ही आसान होता है एक्सपीरियंस होने की जरूरत है कि हम उस तरह सोचना होता है क्या लगा मैं तुमसे पहले पढ़ चुका होता तुम्हें उससे उस समय कीर्तन नहीं पड़ता है से कैसे छुटकारा करता बस यही कारण है कि व्यक्ति को अपना समझते हैं बड़ी धन्यवाद अपने सवाल में इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक के
Baik svaagat hai aap sab kaam hee bol raha hai prophail par aap sundar rohit raathaur ko to duniya mein har samasya ka samaadhaan hai lekin yaaden to har vyakti ko apanee soch se badee kyon lagatee hai to mere saath kuchh vyakti ne kiya samiti anubhav kee kamee thee kyonki vah samasya usake jeevan mein pahalee baar aa rahee hotee hai to usase thoda dar sa lagata hai ek taraph dhyaan jaata hai ki main usaka salooshan nahin pata tha ki kab kiya jaega jisamen se pahale hee pesh kar rakhee hai to vahee solyooshan bataega to chutakiyon mein apanee samasyaen hal kar sakata hai to tab ham theek samasya ke hal nahin kar paate kyonki mujhe itanee gambheerata se lena hai usaka ek bahut hee aasaan hota hai eksapeeriyans hone kee jaroorat hai ki ham us tarah sochana hota hai kya laga main tumase pahale padh chuka hota tumhen usase us samay keertan nahin padata hai se kaise chhutakaara karata bas yahee kaaran hai ki vyakti ko apana samajhate hain badee dhanyavaad apane savaal mein ilektrik ilektrik ke

Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:37
प्रश्न है कि दुनिया में हर समस्या का समाधान है फिर भी सभी को लगता है कि उनकी समस्या सबसे बड़ी है इस पर आपकी क्या विचार है और मेरे विचार यही है कि समस्याओं के प्रति नजरिया होता है ना वह अलग होता है मुझे मेरी समस्या बड़ी लगती है किसी और को अपनी समस्या बड़ी लगती है हम समस्या को समस्या की दृष्टि से देखते हैं और जिसे हम उसे समाधान की दृष्टि से देखते समस्या छोटी लगती समस्या का समाधान हो जाता है क्या है आप किस प्रकार से सोचते हैं वैसा ही आपको लगने लगे
Prashn hai ki duniya mein har samasya ka samaadhaan hai phir bhee sabhee ko lagata hai ki unakee samasya sabase badee hai is par aapakee kya vichaar hai aur mere vichaar yahee hai ki samasyaon ke prati najariya hota hai na vah alag hota hai mujhe meree samasya badee lagatee hai kisee aur ko apanee samasya badee lagatee hai ham samasya ko samasya kee drshti se dekhate hain aur jise ham use samaadhaan kee drshti se dekhate samasya chhotee lagatee samasya ka samaadhaan ho jaata hai kya hai aap kis prakaar se sochate hain vaisa hee aapako lagane lage

Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
3:24
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल है कि दुनिया में ऐसा समस्या का हल है लेकिन फिर भी हर इंसान को अपनी समस्या ज्यादा बड़ी दिखती है ऐसा क्यों है उसको मेरा विचार तो यही है जो मैं तो बहुत छोटी सी बात से शुरू करना चाहूंगा कि किसी के पास पैसा है तू अपने आपको ऐसा दिखाता है कि जैसे उससे ज्यादा पैसा किसी के पास नहीं है किसी इंसान के पास जो नॉलेज है तो वैसा जताना चाहता है कि उससे ज्यादा नॉलेज वाला इंसान कोई नहीं बेशक उसकी नॉलेज किसी और से ली हुई होगी फिर भी उसे ऐसे ही दिखाना चाहता किसी इंसान के पास है उसको सुरती है तो वह समझता है कि उससे ज्यादा खूबसूरत कोई नहीं बातों से आपको क्या लगता है कि क्या हो सकता है लेकिन जहां तक मेरा मानना है वह तो यही है वह हैंड कार चांद के पास जो चीज होती है उसे वह बड़ा बना करके पेश करता है उसे लगता है कि उससे ज्यादा किसके पास नहीं और जहां तक बात करते हैं उस समस्याओं की समस्या तो सभी की जिंदगी में होती हैं फिर चाहे बड़ा इंसान हो छोटा इंसान हूं बच्चा हो समझ सके टाइप्स अलग-अलग हो सकते हैं हो सकता है तो एक आद लक इंसान जिसकी जिंदगी में कोई समस्या नहीं तो नॉर्मल ही सकती जिंदगी में होती है लेकिन फिर भी जब कोई इंसान अपनी समस्या दिखता है अपनी समस्या बताता है वह ऐसे ही जाता है कि उससे बड़ी समस्या किसी की नहीं आ गई कि जो भी चीज है इंसान के पास हो तो बढ़ा चढ़ाकर के पेश करता है उसे लगता है कि मुझसे ज्यादा नहीं मुझसे ज्यादा खूबसूरत कोई नहीं है मुझसे ज्यादा पैसे वाला कोई नहीं है मुझसे ज्यादा समझदार कोई तो यहीं पर एक चीज और जो जाती है कि जब मेरी समस्या वह सबसे बड़ी है मेरी समस्या से बोली किसी की समस्या नहीं तो आप समझ नहीं ऐसा क्यों होता है ऐसा होता है इनकार के कारण इंसान को यह लगता है कि अगर उसने कह दे कि मेरी समस्या तो कुछ भी नहीं है आपकी बहुत बड़े इंसान का अहंकार को ठीक बोलती है ना कोई था कि मैं इतना खूबसूरत नहीं हूं सामने वाला इंसान ज्यादा खूबसूरत है तो उसे हजम नहीं होती ऐसी चीजें तो खाली होते हैं बहुत सारे इंसान ऐसे भी होते हैं जिनमें इनकार नहीं होता वह दूसरों को पार्टी देते हैं को चाय बेशक कितनी भी खूबसूरत है लेकिन हमें उसका घमंड नहीं होता अपनी खूबसूरती की पढ़ाई नहीं करते लोग समझदार होते हैं लेकिन अपनी समझदारी की डीजे नहीं मारते लोग बहादुर होते हैं तो इस तरीके के लोग भी होते हैं कि बहादुर में हैं लेकिन वह अपनी बहादुरी को इस तरीके से नहीं दिखाते कि सबसे ज्यादा बहादुर वही लेकिन कुछ इंसान होते हैं जिनमें हमेशा हमेशा लगा रहता है कि वह खुद की ही चीजों को ज्यादा बढ़ा मानते हैं तो जो समस्या की बात आती है इंसान को उसका सलूशन सही बोलता भी है लेकिन उसके प्रयास इस तरीके के रहते हैं किसी दिन सॉल्व नहीं हो पाती है उसका इस समय होता है चालू होने का तो फिर कैसे लगने लगता है कि हम उसकी समस्याएं चीज कभी खत्म नहीं हो सकती तो बहुत बड़ी है फिर चाहे हम रिलेशन से ब्रेकअप की बात करें या फिर किसी और चीज की तो उस तरीके से इंसान अंतर के कारण यह सारी बातें कहता है बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal hai ki duniya mein aisa samasya ka hal hai lekin phir bhee har insaan ko apanee samasya jyaada badee dikhatee hai aisa kyon hai usako mera vichaar to yahee hai jo main to bahut chhotee see baat se shuroo karana chaahoonga ki kisee ke paas paisa hai too apane aapako aisa dikhaata hai ki jaise usase jyaada paisa kisee ke paas nahin hai kisee insaan ke paas jo nolej hai to vaisa jataana chaahata hai ki usase jyaada nolej vaala insaan koee nahin beshak usakee nolej kisee aur se lee huee hogee phir bhee use aise hee dikhaana chaahata kisee insaan ke paas hai usako suratee hai to vah samajhata hai ki usase jyaada khoobasoorat koee nahin baaton se aapako kya lagata hai ki kya ho sakata hai lekin jahaan tak mera maanana hai vah to yahee hai vah haind kaar chaand ke paas jo cheej hotee hai use vah bada bana karake pesh karata hai use lagata hai ki usase jyaada kisake paas nahin aur jahaan tak baat karate hain us samasyaon kee samasya to sabhee kee jindagee mein hotee hain phir chaahe bada insaan ho chhota insaan hoon bachcha ho samajh sake taips alag-alag ho sakate hain ho sakata hai to ek aad lak insaan jisakee jindagee mein koee samasya nahin to normal hee sakatee jindagee mein hotee hai lekin phir bhee jab koee insaan apanee samasya dikhata hai apanee samasya bataata hai vah aise hee jaata hai ki usase badee samasya kisee kee nahin aa gaee ki jo bhee cheej hai insaan ke paas ho to badha chadhaakar ke pesh karata hai use lagata hai ki mujhase jyaada nahin mujhase jyaada khoobasoorat koee nahin hai mujhase jyaada paise vaala koee nahin hai mujhase jyaada samajhadaar koee to yaheen par ek cheej aur jo jaatee hai ki jab meree samasya vah sabase badee hai meree samasya se bolee kisee kee samasya nahin to aap samajh nahin aisa kyon hota hai aisa hota hai inakaar ke kaaran insaan ko yah lagata hai ki agar usane kah de ki meree samasya to kuchh bhee nahin hai aapakee bahut bade insaan ka ahankaar ko theek bolatee hai na koee tha ki main itana khoobasoorat nahin hoon saamane vaala insaan jyaada khoobasoorat hai to use hajam nahin hotee aisee cheejen to khaalee hote hain bahut saare insaan aise bhee hote hain jinamen inakaar nahin hota vah doosaron ko paartee dete hain ko chaay beshak kitanee bhee khoobasoorat hai lekin hamen usaka ghamand nahin hota apanee khoobasooratee kee padhaee nahin karate log samajhadaar hote hain lekin apanee samajhadaaree kee deeje nahin maarate log bahaadur hote hain to is tareeke ke log bhee hote hain ki bahaadur mein hain lekin vah apanee bahaaduree ko is tareeke se nahin dikhaate ki sabase jyaada bahaadur vahee lekin kuchh insaan hote hain jinamen hamesha hamesha laga rahata hai ki vah khud kee hee cheejon ko jyaada badha maanate hain to jo samasya kee baat aatee hai insaan ko usaka salooshan sahee bolata bhee hai lekin usake prayaas is tareeke ke rahate hain kisee din solv nahin ho paatee hai usaka is samay hota hai chaaloo hone ka to phir kaise lagane lagata hai ki ham usakee samasyaen cheej kabhee khatm nahin ho sakatee to bahut badee hai phir chaahe ham rileshan se brekap kee baat karen ya phir kisee aur cheej kee to us tareeke se insaan antar ke kaaran yah saaree baaten kahata hai bahut-bahut dhanyavaad

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:42
ईमान तो आज आप का सवाल है कि कहते हैं कि दुनिया में हर समस्या का समाधान है फिर भी सभी लोग को लगता है उनकी समस्या सबसे बड़ी है इस पर आप क्या कहेंगे तो देखिए क्या होता है कि जब कोई भी प्रॉब्लम होता है ना कोई भी अच्छा है परेशानी होती है बहुत बार हम खुद से उस चीज का सलूशन निकाल पाते समाधान निकाल पाते हैं बहुत बार हम उस समाधान तो सोच ही नहीं पाते हैं तो मैं किसी और से भी मिलता है अगर हम किसी और से वह चीज के बारे में पूछते हैं तो किसी प्रॉब्लम में हो तो जरूरी नहीं की हर एक चीज के बारे में मुझे जानकारी हो पढ़ाई लिखाई को लेकर ओ जॉब को लेकर हो करियर को लेकर व लाइफ में कोई प्रॉब्लम आई है पर्सनली उस चीज को लेकर प्रॉब्लम हो तो मुझे बताओ कभी कदार मुझे अपने बड़ों से अपने दोस्तों से पूछ कर उन्हें भी अच्छे से सलूशन पता होता तो मैं उनसे पता चलता डर जाते हैं हम नहीं पूछ पाते किसी से नहीं बता सकते तो जिस वजह से हमें कभी भी उससे चलो से नहीं मिलता है इसलिए इंसान को लगता है कि इस प्रॉब्लम का सलूशन है ही नहीं आ मुझे स्कूल टाइम हमारी टीचर जो पढ़ाते थे स्पेशली मैथ कि मैं बात कर रही हूं तो बोलते थे कि एक प्रॉब्लम सलूशन प्रॉब्लम का सलूशन जरूर है नहीं कर पाते हमने ढूंढ पाते हैं हम नहीं समझ पाते किससे पूछें अगर हम दो लोगों से पूछते तो जरूरी नहीं हो तो उन्हीं 2 लोगों के पास तुम्हें भी हम जिनके बारे में नहीं सोच रहे उनके पास से सलूशन ऑफ से भी लगता है कि हर प्रॉब्लम का सलूशन जरूर होता है लगता है और किसी पूछे किसी ने यह समझने के लिए प्रॉब्लम लगता है यहां पर हम लोग जाते थम जाते हमें लगता है कि नहीं मिल रहा है लेकिन हां हर एक प्रॉब्लम का सलूशन जरूर है
Eemaan to aaj aap ka savaal hai ki kahate hain ki duniya mein har samasya ka samaadhaan hai phir bhee sabhee log ko lagata hai unakee samasya sabase badee hai is par aap kya kahenge to dekhie kya hota hai ki jab koee bhee problam hota hai na koee bhee achchha hai pareshaanee hotee hai bahut baar ham khud se us cheej ka salooshan nikaal paate samaadhaan nikaal paate hain bahut baar ham us samaadhaan to soch hee nahin paate hain to main kisee aur se bhee milata hai agar ham kisee aur se vah cheej ke baare mein poochhate hain to kisee problam mein ho to jarooree nahin kee har ek cheej ke baare mein mujhe jaanakaaree ho padhaee likhaee ko lekar o job ko lekar ho kariyar ko lekar va laiph mein koee problam aaee hai parsanalee us cheej ko lekar problam ho to mujhe batao kabhee kadaar mujhe apane badon se apane doston se poochh kar unhen bhee achchhe se salooshan pata hota to main unase pata chalata dar jaate hain ham nahin poochh paate kisee se nahin bata sakate to jis vajah se hamen kabhee bhee usase chalo se nahin milata hai isalie insaan ko lagata hai ki is problam ka salooshan hai hee nahin aa mujhe skool taim hamaaree teechar jo padhaate the speshalee maith ki main baat kar rahee hoon to bolate the ki ek problam salooshan problam ka salooshan jaroor hai nahin kar paate hamane dhoondh paate hain ham nahin samajh paate kisase poochhen agar ham do logon se poochhate to jarooree nahin ho to unheen 2 logon ke paas tumhen bhee ham jinake baare mein nahin soch rahe unake paas se salooshan oph se bhee lagata hai ki har problam ka salooshan jaroor hota hai lagata hai aur kisee poochhe kisee ne yah samajhane ke lie problam lagata hai yahaan par ham log jaate tham jaate hamen lagata hai ki nahin mil raha hai lekin haan har ek problam ka salooshan jaroor hai

umashankar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए umashankar जी का जवाब
Farmer
0:52
जी हां आपका कहना बिल्कुल सही है इस दुनिया में हर समस्या का समाधान है फिर भी सभी लोग को लगता है कि उसकी समस्याओं से पड़ता है कि जो का दुख सुख जाता है या हार जाता है किसी भी कार्य से तुम्हें समस्या बड़ी लगने लगती है और जो आदमी मैं हंसता है उसे कोई समस्या नहीं मुझसे कुछ छुपा समस्या का हल मिल जाता है ओके कोशिश करता है यह कोशिश करना छोड़ देंगे तो आपकी समस्या भारी पड़ जाएगी जब आप कोशिश करते रह जाएंगे तो आपकी समस्या हल हो जाएगी तो कोशिश करना है सबसे बड़ा मूल मंत्र है समस्याओं को दूर भगाने के लिए
Jee haan aapaka kahana bilkul sahee hai is duniya mein har samasya ka samaadhaan hai phir bhee sabhee log ko lagata hai ki usakee samasyaon se padata hai ki jo ka dukh sukh jaata hai ya haar jaata hai kisee bhee kaary se tumhen samasya badee lagane lagatee hai aur jo aadamee main hansata hai use koee samasya nahin mujhase kuchh chhupa samasya ka hal mil jaata hai oke koshish karata hai yah koshish karana chhod denge to aapakee samasya bhaaree pad jaegee jab aap koshish karate rah jaenge to aapakee samasya hal ho jaegee to koshish karana hai sabase bada mool mantr hai samasyaon ko door bhagaane ke lie

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