#जीवन शैली

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:36
हम तो आज आप का सवाल है कि इंसान का मन अपने वश में क्यों नहीं रहता है या इंसान ही अपना मन अपने वश में रहना नहीं चाहता कि मन को बहुत ही चंचल कहा जाता है कभी इधर तो कभी उधर तो मन कभी भी बस में नहीं होता उसे करना पड़ता है वो सब इंसानों को क्या होता है कि वह नहीं कर पाते या फिर नहीं करना चाहते हैं अच्छा लगता है कि मम्मी आपके बहुत तरह के छे जाता है जैसे कि इधर उधर थोड़ा काम एंजॉयमेंट हो गया या फिर एंटरटेनमेंट हो गया फिर दिमाग वही आपके हमेशा हर एक चीज की रेट प्रॉफिट लॉस कामकाज फ्यूचर चीजों के बारे में सोचता लेकिन मस्ती मजाक की सभी हम सोच रहे थे रियल मीनिंग करके नहीं कर पाते या फिर इधर-उधर भटकता नहीं हो पाता हो जाता है तो यह पूरी तरह से खुद पर डिपेंड करता है ऐसा नहीं है कि इंसान बस में करना नहीं चाहते बहुत ब्लॉक करना चाहते लेकिन उनसे हो नहीं पाता कोशिश करते लेकिन वह हमसे छुपाते नहीं कर पाते तो मजाक कर रहा हूं तो कोई नहीं है कभी कुछ समझ कर भी अपने मन में ही रुद्र मन को इधर-उधर ले जाकर भी हंसता है सही होता उसके बारे में सोच रहा है फिर कुछ गलत चीज करने के बारे में सोच रहे थे यहां पर खुद को कंट्रोल करना और वहां पर समझाना बहुत जरूरी
Ham to aaj aap ka savaal hai ki insaan ka man apane vash mein kyon nahin rahata hai ya insaan hee apana man apane vash mein rahana nahin chaahata ki man ko bahut hee chanchal kaha jaata hai kabhee idhar to kabhee udhar to man kabhee bhee bas mein nahin hota use karana padata hai vo sab insaanon ko kya hota hai ki vah nahin kar paate ya phir nahin karana chaahate hain achchha lagata hai ki mammee aapake bahut tarah ke chhe jaata hai jaise ki idhar udhar thoda kaam enjoyament ho gaya ya phir entaratenament ho gaya phir dimaag vahee aapake hamesha har ek cheej kee ret prophit los kaamakaaj phyoochar cheejon ke baare mein sochata lekin mastee majaak kee sabhee ham soch rahe the riyal meening karake nahin kar paate ya phir idhar-udhar bhatakata nahin ho paata ho jaata hai to yah pooree tarah se khud par dipend karata hai aisa nahin hai ki insaan bas mein karana nahin chaahate bahut blok karana chaahate lekin unase ho nahin paata koshish karate lekin vah hamase chhupaate nahin kar paate to majaak kar raha hoon to koee nahin hai kabhee kuchh samajh kar bhee apane man mein hee rudr man ko idhar-udhar le jaakar bhee hansata hai sahee hota usake baare mein soch raha hai phir kuchh galat cheej karane ke baare mein soch rahe the yahaan par khud ko kantrol karana aur vahaan par samajhaana bahut jarooree

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रितेश कुमार  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए रितेश जी का जवाब
Marketing and management
1:40

अमित सिंह बघेल Bolkar App
Top Speaker,Level 55
सुनिए अमित जी का जवाब
सामाजिक कार्यकर्ता, मोटिवेशनल स्पीकर 
2:01
पूछा कि इंसान का मन अपने बस में क्यों नहीं रहता है या इंसान ही अपने मन अपने वश में रखना नहीं चाहता दिखे ऐसा नहीं है बिल्कुल कि हर इंसान के साथ ऐसा था कुछ इंसान ऐसे होते हैं जो अपने मन को अपने बस में रखते हैं मतलब क्या है कि अगर वह जानते हैं कि हां यह करने से सा समस्या आ सकती है इसको ना करते तो वह चीज नहीं करते हैं कुछ लोगों को तो पता है कि समस्या आएगी लेकिन हां करेंगे लोग कहने का मतलब क्या है कि इंसान की सोच है सबकी देख एक जैसे नहीं होते सबकी अलग-अलग होती है कुछ मन को अपने वश में करते हैं कुछ अपने मन को दिखे बस में करना चाहते लेकिन नहीं होता जो चीज हम को चाहना जैसे कोई चीज है जिसे एक बाइक पसंद आ गई एक इंसान को तो उसको पता मेरे पास पैसे नहीं है मैं नहीं ले सकता हूं लेकिन उसका मन वश में नहीं हो रहा वह कह रहा कि अब मैं लूंगा चाहे जहां से लूंगा फिर वो कहीं से कहीं पैसे उधार लेता है कहीं से मांगता है पैसे तो सिर्फ उस भाई को खरीदना है तो क्यों क्यों उसने कंट्रोल नहीं किया और एक व्यक्ति क्या है उसको भी वह बाइक खरीदने के पास पैसे नहीं तो सोचा मैं पहले कमा लेता हूं बचा लेता हूं फिर मैं बात करता हूं उसने अपने मन को अपने वश में किया और एक व्यक्ति अपने मन को वश में नहीं करा उसने जो कि वह करने नहीं जाता है लेकिन मन जो होते हैं वह चंचल होता है कुछ लोग दुखी मन से नहीं कर पाते और जो कि प्रयास करना चाहिए कि मन को अपने वश में करें हर चीज देखे हर इंसान को कुछ ना कुत्ते की जरूरत होती है लेकिन जरूरत से पहले सोचे समझे कि हां सच में मुझे यह जरूरत है सच में मुझे चाहिए उसके लिए मेहनत करें उस चीज को पाए किसी से लेना ना पड़े पर एक व्यक्ति ने देखी दूसरों से पैसे लेकर बाइक लिया उसको उधारी चुकता कर 1 ने खुद कमाया और खुद खरीदा उसको ना किसी से लेना देना रात उसने देखे अपने मन को वश में किया तो इंसान का मन अपने वश में रहता भी है और कह सकते नहीं रहता जय हिंद जय भारत
Poochha ki insaan ka man apane bas mein kyon nahin rahata hai ya insaan hee apane man apane vash mein rakhana nahin chaahata dikhe aisa nahin hai bilkul ki har insaan ke saath aisa tha kuchh insaan aise hote hain jo apane man ko apane bas mein rakhate hain matalab kya hai ki agar vah jaanate hain ki haan yah karane se sa samasya aa sakatee hai isako na karate to vah cheej nahin karate hain kuchh logon ko to pata hai ki samasya aaegee lekin haan karenge log kahane ka matalab kya hai ki insaan kee soch hai sabakee dekh ek jaise nahin hote sabakee alag-alag hotee hai kuchh man ko apane vash mein karate hain kuchh apane man ko dikhe bas mein karana chaahate lekin nahin hota jo cheej ham ko chaahana jaise koee cheej hai jise ek baik pasand aa gaee ek insaan ko to usako pata mere paas paise nahin hai main nahin le sakata hoon lekin usaka man vash mein nahin ho raha vah kah raha ki ab main loonga chaahe jahaan se loonga phir vo kaheen se kaheen paise udhaar leta hai kaheen se maangata hai paise to sirph us bhaee ko khareedana hai to kyon kyon usane kantrol nahin kiya aur ek vyakti kya hai usako bhee vah baik khareedane ke paas paise nahin to socha main pahale kama leta hoon bacha leta hoon phir main baat karata hoon usane apane man ko apane vash mein kiya aur ek vyakti apane man ko vash mein nahin kara usane jo ki vah karane nahin jaata hai lekin man jo hote hain vah chanchal hota hai kuchh log dukhee man se nahin kar paate aur jo ki prayaas karana chaahie ki man ko apane vash mein karen har cheej dekhe har insaan ko kuchh na kutte kee jaroorat hotee hai lekin jaroorat se pahale soche samajhe ki haan sach mein mujhe yah jaroorat hai sach mein mujhe chaahie usake lie mehanat karen us cheej ko pae kisee se lena na pade par ek vyakti ne dekhee doosaron se paise lekar baik liya usako udhaaree chukata kar 1 ne khud kamaaya aur khud khareeda usako na kisee se lena dena raat usane dekhe apane man ko vash mein kiya to insaan ka man apane vash mein rahata bhee hai aur kah sakate nahin rahata jay hind jay bhaarat

Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Businessman
3:14
नमस्कार प्रश्न यह है कि इंसान का मन अपने वश में क्यों नहीं रहता या इंसान ही अपना मन अपने वश में रखना नहीं चाहता एक शोध के अनुसार पता चला है कि 1 दिन में एक व्यक्ति के मन में 90,000 विचार आते हैं उत्पन्न होते हैं और अगर 90000 विचारों पर अगर काबू पाने जाते बहुत मुश्किल हो सकता है ऐसे में हमें अपने विचारों के साथ उलझना नहीं चाहिए दरअसल परेशानी का कारण यही होता है हमारे जीवन में कि हम अपने विचारों में ही उलझे रहते हैं अगर हमें किसी प्रकार की कोई समस्या है तो हम उस समस्या में उलझे रहेंगे बार-बार हमारे मन में इस चीज का डर आता रहेगा कि अब आगे क्या होगा आगे हमारा जीवन कैसे ओपन होगा दरअसल जो भी परेशानी हमारे मन में आती है उसे आने दीजिए उसका स्वागत कीजिए लेकिन उसके साथ लिप्त मत रही है उसके साथ परेशान मत होइए उसके बाद आपको यह ध्यान लगाना कि आप आखिर कर क्या रहे हैं और करना क्या चाहते हैं वास्ते मैं आपको एक सवाल का जवाब आपको खुद मिल जाएगा क्योंकि आप जानते हैं कि आपको परेशान नहीं होना है आप चाहते भी है कोई व्यक्ति ही नहीं चाहता कि परेशान रहना नहीं चाहता हर व्यक्ति अपने आप में कहीं ना कहीं अच्छा जीवन जीना चाहता है आम आदमी खुश रहना चाहता है तो उस चीज पर फोकस करें जो आप चाहते हैं आप जब अपनी चाहत के ऊपर फोकस करेंगे तो जो भी अनचाही चीजें होती हैं वह खुद-ब-खुद दोस्ती चली जाती है आप इसे कैसे हैं उदाहरण के तौर पर भी समझ सकते हैं मान लीजिए आपके घर पर एक टेबल है उस टेबल पर बहुत सारी चीजें हैं आप अब आपको कुछ चीजें अच्छी भी लगती है उस टेबल पर जो पढ़ी हुई और कुछ चीजें बेकार लगती है लेकिन जब आप उन चीजों पर फोकस करेंगे जो चीजें आपको अच्छी लगती हैं तो वह आपको काफी अच्छा फील करेंगी काफी अच्छा महसूस कर आएंगे और जिन चीजों पर आपका फोकस होगा वही चीजें आपके पर प्रभाव डालेगी वह चीजें आपके मन में विचार लाएंगे अगर आपको किसी गलत चीज को टेंशन दे रहे हैं तो वह आपको हमेशा ही बुरा फील कर आएगी बुरा महसूस कर आएगी क्योंकि आपका ध्यान उस चीज पर हर एक चीज का अपना एक प्रभाव होता है चाहे वह सजीव है या निर्जीव वस्तु हो ठीक है तो आपको करना क्या है कि आप उस चीज पर ध्यान लगाएं जो चीज आप चाहते हैं और जो चीजें आपके आसपास चाहे वह अच्छी हो या बुरी चीजें अब जब कुछ भी हो आपको जब उन पर ध्यान नहीं जाएगा तो आपके पर उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा उनका फोन आया ना होना आपके लिए कोई मायने नहीं रखेगा इस जीवन का एक सरल सा जीवन का एक नियम है जिसे हम अनदेखा करते हैं समझ नहीं पाते और जिसे ना समझने के कारण ही हम बहुत सी समस्याओं में फंस जाते हैं और हमारे जीवन बहुत ही ज्यादा कठिन हो जाता है ऐसा लगता है वैसे जीवन कठिन नहीं है बहुत सरल है बहुत सुखद है आशा करता हूं यह पोस्ट आप सभी श्रोताओं के लिए बहुत ही लाभकारी होगा बहुत ही ज्यादा अच्छा आपके जीवन में होगा यह प्रश्न का प्रभाव और आपको अगर कोई प्रश्न है तो आप कमेंट के माध्यम से हम से कर सकते हैं और इस पोस्ट को अगर आपको अच्छा लगता है यह सुनना तो आप इसे लाइक और हमसे जुड़ने के लिए हमारे प्रोफाइल योगी प्रशांत नाथ करके जो है उसे फॉलो कर सकते हैं
Namaskaar prashn yah hai ki insaan ka man apane vash mein kyon nahin rahata ya insaan hee apana man apane vash mein rakhana nahin chaahata ek shodh ke anusaar pata chala hai ki 1 din mein ek vyakti ke man mein 90,000 vichaar aate hain utpann hote hain aur agar 90000 vichaaron par agar kaaboo paane jaate bahut mushkil ho sakata hai aise mein hamen apane vichaaron ke saath ulajhana nahin chaahie darasal pareshaanee ka kaaran yahee hota hai hamaare jeevan mein ki ham apane vichaaron mein hee ulajhe rahate hain agar hamen kisee prakaar kee koee samasya hai to ham us samasya mein ulajhe rahenge baar-baar hamaare man mein is cheej ka dar aata rahega ki ab aage kya hoga aage hamaara jeevan kaise opan hoga darasal jo bhee pareshaanee hamaare man mein aatee hai use aane deejie usaka svaagat keejie lekin usake saath lipt mat rahee hai usake saath pareshaan mat hoie usake baad aapako yah dhyaan lagaana ki aap aakhir kar kya rahe hain aur karana kya chaahate hain vaaste main aapako ek savaal ka javaab aapako khud mil jaega kyonki aap jaanate hain ki aapako pareshaan nahin hona hai aap chaahate bhee hai koee vyakti hee nahin chaahata ki pareshaan rahana nahin chaahata har vyakti apane aap mein kaheen na kaheen achchha jeevan jeena chaahata hai aam aadamee khush rahana chaahata hai to us cheej par phokas karen jo aap chaahate hain aap jab apanee chaahat ke oopar phokas karenge to jo bhee anachaahee cheejen hotee hain vah khud-ba-khud dostee chalee jaatee hai aap ise kaise hain udaaharan ke taur par bhee samajh sakate hain maan leejie aapake ghar par ek tebal hai us tebal par bahut saaree cheejen hain aap ab aapako kuchh cheejen achchhee bhee lagatee hai us tebal par jo padhee huee aur kuchh cheejen bekaar lagatee hai lekin jab aap un cheejon par phokas karenge jo cheejen aapako achchhee lagatee hain to vah aapako kaaphee achchha pheel karengee kaaphee achchha mahasoos kar aaenge aur jin cheejon par aapaka phokas hoga vahee cheejen aapake par prabhaav daalegee vah cheejen aapake man mein vichaar laenge agar aapako kisee galat cheej ko tenshan de rahe hain to vah aapako hamesha hee bura pheel kar aaegee bura mahasoos kar aaegee kyonki aapaka dhyaan us cheej par har ek cheej ka apana ek prabhaav hota hai chaahe vah sajeev hai ya nirjeev vastu ho theek hai to aapako karana kya hai ki aap us cheej par dhyaan lagaen jo cheej aap chaahate hain aur jo cheejen aapake aasapaas chaahe vah achchhee ho ya buree cheejen ab jab kuchh bhee ho aapako jab un par dhyaan nahin jaega to aapake par unaka koee prabhaav nahin padega unaka phon aaya na hona aapake lie koee maayane nahin rakhega is jeevan ka ek saral sa jeevan ka ek niyam hai jise ham anadekha karate hain samajh nahin paate aur jise na samajhane ke kaaran hee ham bahut see samasyaon mein phans jaate hain aur hamaare jeevan bahut hee jyaada kathin ho jaata hai aisa lagata hai vaise jeevan kathin nahin hai bahut saral hai bahut sukhad hai aasha karata hoon yah post aap sabhee shrotaon ke lie bahut hee laabhakaaree hoga bahut hee jyaada achchha aapake jeevan mein hoga yah prashn ka prabhaav aur aapako agar koee prashn hai to aap kament ke maadhyam se ham se kar sakate hain aur is post ko agar aapako achchha lagata hai yah sunana to aap ise laik aur hamase judane ke lie hamaare prophail yogee prashaant naath karake jo hai use pholo kar sakate hain

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
1:03
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न इंसान का मन अपने वश में क्यों नहीं रहता या इंसान ही अपना मन अपने वश में रखना नहीं चाहता फ्रेंड्स ऐसी बात नहीं है किसी किसी इंसान का मन उसके बस में नहीं होता है वह बहुत ही अपने मन को वश में रखे लेकिन नहीं हो पाता जैसे अगर किसी को कोई डार्लिंग पेशेंट है तो अपने मन को बहुत समझाता है कि मुझे चीनी नहीं खानी है मुझे चीनी नहीं खानी है लेकिन अक्सर उसके साथ ऐसा हो जाता है कि उसका मन कभी-कभी मीठा खाने को कर जाता है तो कभी कभी हम अपने मन से नियंत्रण हमारा खो जाता है खाने पीने के मामले में हो जाता है ऐसा या पहनने उड़ने के मामले में भी हो जाता है तो कभी-कभी हमारे सामने से परिस्थितियां उपस्थित हो जाती है कि हमारा मन हमारे बस में नहीं हो पाता लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए इंसान को हमेशा अपने मन को अपने वश में रखना चाहिए और अच्छे बुरे की उसे पहचान होनी चाहिए जो काम अच्छा हो वही इंसान को करना चाहिए और अगर आपका मन आपको बुरी काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है तो आपको अपने मन को वश में रख धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn insaan ka man apane vash mein kyon nahin rahata ya insaan hee apana man apane vash mein rakhana nahin chaahata phrends aisee baat nahin hai kisee kisee insaan ka man usake bas mein nahin hota hai vah bahut hee apane man ko vash mein rakhe lekin nahin ho paata jaise agar kisee ko koee daarling peshent hai to apane man ko bahut samajhaata hai ki mujhe cheenee nahin khaanee hai mujhe cheenee nahin khaanee hai lekin aksar usake saath aisa ho jaata hai ki usaka man kabhee-kabhee meetha khaane ko kar jaata hai to kabhee kabhee ham apane man se niyantran hamaara kho jaata hai khaane peene ke maamale mein ho jaata hai aisa ya pahanane udane ke maamale mein bhee ho jaata hai to kabhee-kabhee hamaare saamane se paristhitiyaan upasthit ho jaatee hai ki hamaara man hamaare bas mein nahin ho paata lekin aisa nahin karana chaahie insaan ko hamesha apane man ko apane vash mein rakhana chaahie aur achchhe bure kee use pahachaan honee chaahie jo kaam achchha ho vahee insaan ko karana chaahie aur agar aapaka man aapako buree kaam karane ke lie prerit kar raha hai to aapako apane man ko vash mein rakh dhanyavaad

Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
🧖‍♀️life coach,Spiritual Advisor And Motivational speaker🙏
2:58
आपका प्रश्न है इंसान का मन अपने वश में क्यों नहीं रहता या इंसान ही अपना मन अपने वश में नहीं रखना चाहता एग्जांपल अगर आपको कोई मूवी बहुत पसंद है आप उसे देखने के लिए बहुत ज्यादा एक्साइटेड होंगे आपके अंदर मजा आएगा आज मुझे देखना है मुझे देखना है लेकिन अगर आपको यह कह दिया जाए तो मॉर्निंग में 4:00 बजे उठना है और कम से कम 800 मीटर दौड़ 9 आपके बन गए अब क्या होगा कि फिर भी आपने कोशिश किया इन सब भानु को हटाकर दौड़ने कि आपके साथ कौन से साइड में क्या हुआ अरे यार छोड़ो छोड़ो छोड़ो छोड़ो थक गया हूं मैं प्यार देंगे छोड़ छोड़ छोड़ फिर भी आपने किया था आपने वापस आए अब सुबह फिर से उठना है आपका मन क्या कहेगा सबकॉन्शियस माइंड क्या करेगा छोड़ना छोड़ना यार फिर भी आपको कौन सी गाड़ी जो होता है कौन सी स्माइल कहते थे बॉडी बोले कि मुझे करना करना कि आप किस सबकॉन्शियस माइंड को मजा नहीं आ रहा है यही होता है कि जो पॉजिटिविटी हमें अपने सबकॉन्शियस माइंड में डालना चाहिए हम सुबह से क्या करते कचरे वाली चीजें डालते हैं न्यूज़ ड्रामा डालते हैं ठीक है इंटरटेनमेंट इंटरटेनमेंट के पीछे कौन से कचरा फीड हो रहा है जब आपके सबकॉन्शियस माइंड में सिर्फ होगा तो उसे अच्छा लगेगा ना जो चीज आपने फिर अगर आप अपने सबकॉन्शियस माइंड में पॉजिटिविटी डालना चाहते हैं कंट्रोल करना चाहती हो कि सबकॉन्शियस माइंड को अपने अंदर की चीजों को अपने मन को तो कैसे करेंगे अपनी ज्ञान ही दो आप भी देखें जो जरूरी है सामान दे रिस्पेक्ट दे अच्छा बोले अच्छा सुनो अच्छा देश है ठीक है इससे बहुत अच्छी चीजें रहूंगी रिकॉर्ड होंगी आपको कुछ सीखना है तो अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करेंगे आपकी बुद्धि भी विकसित होगी और फिर आपका जो मन है तो आपके कंट्रोल में आ जाएगा ठीक है तो इस तरीके से आप अपने मन को कंट्रोल कर सकते हैं जब पॉजिटिविटी आएगी तो आपका जो सबकॉन्शियस माइंड है वह वह क्या बोलेगा नहीं यार मुझे इन चीजों में इंटरेस्ट नहीं है मुझे उसने इंटरेस्ट तो जब आप कौन से इतना स्ट्रांग है पॉजिटिविटी को ही मजे में लेता है उसी में आप बहुत ज्यादा ग्रो कर रहे हैं इससे क्या होता है कि आपका मन कंट्रोल में आने लगता है तो यही है कि ज्ञान इंद्रियों को कंट्रोल में
Aapaka prashn hai insaan ka man apane vash mein kyon nahin rahata ya insaan hee apana man apane vash mein nahin rakhana chaahata egjaampal agar aapako koee moovee bahut pasand hai aap use dekhane ke lie bahut jyaada eksaited honge aapake andar maja aaega aaj mujhe dekhana hai mujhe dekhana hai lekin agar aapako yah kah diya jae to morning mein 4:00 baje uthana hai aur kam se kam 800 meetar daud 9 aapake ban gae ab kya hoga ki phir bhee aapane koshish kiya in sab bhaanu ko hataakar daudane ki aapake saath kaun se said mein kya hua are yaar chhodo chhodo chhodo chhodo thak gaya hoon main pyaar denge chhod chhod chhod phir bhee aapane kiya tha aapane vaapas aae ab subah phir se uthana hai aapaka man kya kahega sabakonshiyas maind kya karega chhodana chhodana yaar phir bhee aapako kaun see gaadee jo hota hai kaun see smail kahate the bodee bole ki mujhe karana karana ki aap kis sabakonshiyas maind ko maja nahin aa raha hai yahee hota hai ki jo pojitivitee hamen apane sabakonshiyas maind mein daalana chaahie ham subah se kya karate kachare vaalee cheejen daalate hain nyooz draama daalate hain theek hai intaratenament intaratenament ke peechhe kaun se kachara pheed ho raha hai jab aapake sabakonshiyas maind mein sirph hoga to use achchha lagega na jo cheej aapane phir agar aap apane sabakonshiyas maind mein pojitivitee daalana chaahate hain kantrol karana chaahatee ho ki sabakonshiyas maind ko apane andar kee cheejon ko apane man ko to kaise karenge apanee gyaan hee do aap bhee dekhen jo jarooree hai saamaan de rispekt de achchha bole achchha suno achchha desh hai theek hai isase bahut achchhee cheejen rahoongee rikord hongee aapako kuchh seekhana hai to apanee buddhi ka istemaal karenge aapakee buddhi bhee vikasit hogee aur phir aapaka jo man hai to aapake kantrol mein aa jaega theek hai to is tareeke se aap apane man ko kantrol kar sakate hain jab pojitivitee aaegee to aapaka jo sabakonshiyas maind hai vah vah kya bolega nahin yaar mujhe in cheejon mein intarest nahin hai mujhe usane intarest to jab aap kaun se itana straang hai pojitivitee ko hee maje mein leta hai usee mein aap bahut jyaada gro kar rahe hain isase kya hota hai ki aapaka man kantrol mein aane lagata hai to yahee hai ki gyaan indriyon ko kantrol mein

Chetan Chandrawanshi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Finding a part time job
1:00
इंसान के पास में उसका मन रहता है लेकिन इंसान ही नहीं चाहता कि उसके रखें क्योंकि मन बस में नहीं रहेगा तो वह कुछ भी करने के लिए सोचेगा नहीं ज्यादा कि यह होगा कि नहीं पहले अच्छा लगा तो करने के लिए तैयार रहें और ऐसे कदम इंसान को बहुत पसंद आते हैं स्टेनली कुछ बड़ा करने की सोची थी गलत है यह शॉर्टकट हो गया है ऊपर जाना लेकिन अगर मन को अपने बस मेरा है तो उसकी इच्छाएं धीरे-धीरे बोलने दे तो यह हो गया फिर चिड़ियों से चढ़ना जो कि सही है बस मैं इतना ही चाहता था कहना इस टॉपिक पर धन्यवाद
Insaan ke paas mein usaka man rahata hai lekin insaan hee nahin chaahata ki usake rakhen kyonki man bas mein nahin rahega to vah kuchh bhee karane ke lie sochega nahin jyaada ki yah hoga ki nahin pahale achchha laga to karane ke lie taiyaar rahen aur aise kadam insaan ko bahut pasand aate hain stenalee kuchh bada karane kee sochee thee galat hai yah shortakat ho gaya hai oopar jaana lekin agar man ko apane bas mera hai to usakee ichchhaen dheere-dheere bolane de to yah ho gaya phir chidiyon se chadhana jo ki sahee hai bas main itana hee chaahata tha kahana is topik par dhanyavaad

Manish Bhati Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Manish जी का जवाब
Life coach, professional counsellor & Relationship expert. Fitness & Motivational Coach
1:40
जैसा क्या बकवास है इंसान का मन अपने वश में क्यों नहीं रहता या इंसान ही अपने मन अपना मन अपने वश में नहीं रखना चाहता दोनों क्वेश्चन अच्छे इंसान का अपना मन में बस में नहीं रहता इंसान अपना मन रखना नहीं चाहता क्वेश्चन दोनों एक ही है लेकिन देखा जाए तो बहुत को शक है क्यों डिफरेंट इसलिए क्योंकि इंसान का मन प्रचलित रहता है पर चले देखने रहता है क्योंकि कोई भी चीज देखता ना तो यह सोचता है कि अलार्म मैं इस बारे में सोचो ध्यान दो उसका मन भटकता रहता क्योंकि कोई भी एक चीज लगाओ के लोग उसकी भावनाएं के लोग तो एक चीज तो सब कुछ है नहीं रह पाती इस वजह से ऐसा है जो का सीजन है और अपना मन उसी वक्त मैंने इसलिए नहीं रह पाता देखो क्या होता है किसी के भाई यह मजार है ब्रदर है बेटा है बेटी है या पत्नी हर किसी से उसका लगा रहता है हमारा जीवन में हर किसी से एक ना एक दिन से लगाव रहता है क्या जिसमें हमारी एक कहा जाए तो हमारा प्यार उसके लिए यहां हम उसके लिए होता है यह जान तो इसके कोडिंग वह चेंज होता रहता है कैसे हम पहले बचपन में माता-पिता से प्यार करते हैं फिर हम थोड़े से प्यार करते हैं उसके बाद अपने बच्चों से प्यार करते प्यार करते तो यह से उम्र की शादी बढ़ता रहता तो उसका भी वह मन एक बस में नहीं रहता है तुझे भगवान की ताजा पर आरोप है कि उसने ऐसा ही प्रारूप बनाया तुझे चाहिए सृष्टि का निर्माण चल सके माई सुदेश धन्यवाद
Jaisa kya bakavaas hai insaan ka man apane vash mein kyon nahin rahata ya insaan hee apane man apana man apane vash mein nahin rakhana chaahata donon kveshchan achchhe insaan ka apana man mein bas mein nahin rahata insaan apana man rakhana nahin chaahata kveshchan donon ek hee hai lekin dekha jae to bahut ko shak hai kyon dipharent isalie kyonki insaan ka man prachalit rahata hai par chale dekhane rahata hai kyonki koee bhee cheej dekhata na to yah sochata hai ki alaarm main is baare mein socho dhyaan do usaka man bhatakata rahata kyonki koee bhee ek cheej lagao ke log usakee bhaavanaen ke log to ek cheej to sab kuchh hai nahin rah paatee is vajah se aisa hai jo ka seejan hai aur apana man usee vakt mainne isalie nahin rah paata dekho kya hota hai kisee ke bhaee yah majaar hai bradar hai beta hai betee hai ya patnee har kisee se usaka laga rahata hai hamaara jeevan mein har kisee se ek na ek din se lagaav rahata hai kya jisamen hamaaree ek kaha jae to hamaara pyaar usake lie yahaan ham usake lie hota hai yah jaan to isake koding vah chenj hota rahata hai kaise ham pahale bachapan mein maata-pita se pyaar karate hain phir ham thode se pyaar karate hain usake baad apane bachchon se pyaar karate pyaar karate to yah se umr kee shaadee badhata rahata to usaka bhee vah man ek bas mein nahin rahata hai tujhe bhagavaan kee taaja par aarop hai ki usane aisa hee praaroop banaaya tujhe chaahie srshti ka nirmaan chal sake maee sudesh dhanyavaad

Navnit Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Navnit जी का जवाब
QUALITY ENGINEER
1:03
सर जी मन किसी के बस में नहीं रहता मन को वश में करना ही पड़ता है मन तो एक पल में आस्ट्रेलिया चले जाएगा कि न्यूजीलैंड चले जाएगा फिर अपनी गर्लफ्रेंड के पास चले जाएगा फिर आपका फैमिली हो जाएगा आपका परिवार भी बन जाएगा मन तो कुछ भी सोचता है तुम मन को वश में रखने का कोशिश करना बेकार है बस यह है कि आपको क्या करना लाइफ में वह सूची अपना सर्कल अच्छा रखिए अपना फैमिली फ्रेंड्स रिलेशन सोसाइटी में अच्छा रखिए ऐसा सर्कल रखी अच्छा जहां पर आपको काम करने के लिए मोटिवेशन मिलते रहे दिमाग में सोचना के विचार आते हैं वह आएंगे आप उसको कम कर सकते हैं एकदम से रोक नहीं सकते तो मन को एकदम से वश में नहीं किया जा सकता है बस इतना है कि आप जो लक्ष्य प्राप्ति के लिए चले हो जो आपका लक्ष्य उसको आप पूरा कर सकते हो उसके लिए आपका अच्छा सर भी होना जरूरी है आपका एक अच्छा रूटीन होना जरूरी है थोड़ा फिजिकल मेंटल एक्सरसाइज होना जरूरी है बस इतना ही थैंक यू
Sar jee man kisee ke bas mein nahin rahata man ko vash mein karana hee padata hai man to ek pal mein aastreliya chale jaega ki nyoojeelaind chale jaega phir apanee garlaphrend ke paas chale jaega phir aapaka phaimilee ho jaega aapaka parivaar bhee ban jaega man to kuchh bhee sochata hai tum man ko vash mein rakhane ka koshish karana bekaar hai bas yah hai ki aapako kya karana laiph mein vah soochee apana sarkal achchha rakhie apana phaimilee phrends rileshan sosaitee mein achchha rakhie aisa sarkal rakhee achchha jahaan par aapako kaam karane ke lie motiveshan milate rahe dimaag mein sochana ke vichaar aate hain vah aaenge aap usako kam kar sakate hain ekadam se rok nahin sakate to man ko ekadam se vash mein nahin kiya ja sakata hai bas itana hai ki aap jo lakshy praapti ke lie chale ho jo aapaka lakshy usako aap poora kar sakate ho usake lie aapaka achchha sar bhee hona jarooree hai aapaka ek achchha rooteen hona jarooree hai thoda phijikal mental eksarasaij hona jarooree hai bas itana hee thaink yoo

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:24
कृष्ण इंसान का मन अपने वश में क्यों नहीं रहता है इंसान ही अपना मन अपने वश में रखना नहीं चाहता तो आपको बता देंगे बिल्कुल सही बात नहीं आप इंसान कि मैं दुकान से इतनी ज्यादा बढ़ती जा रही है कि वह खुद अपने मन को अपने कंट्रोल में अपने नियंत्रण में नहीं रखना चाहता है मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Krshn insaan ka man apane vash mein kyon nahin rahata hai insaan hee apana man apane vash mein rakhana nahin chaahata to aapako bata denge bilkul sahee baat nahin aap insaan ki main dukaan se itanee jyaada badhatee ja rahee hai ki vah khud apane man ko apane kantrol mein apane niyantran mein nahin rakhana chaahata hai main shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
0:52
इंसान का मन अपने बस में बस में क्यों नहीं रहता इंसान ही अपना मन अपने वश में रखना नहीं चाहता है इसका एक ही कारण है कि इंसान का मन अपने बस में रह सकता है अगर वह करना चाहिए उसके अंदर हिम्मत होती है पर आज के आज के टाइम के अंदर आज के टाइम के बता रहा हूं मैं आज के टाइम में अंदर कोई भी हो साधु संतों कोई भी हो 100 में से 2 साल से मिल जाएंगे आपको जो करना मना है बस के अंदर कितने हैं बाकी आपके सब इंसान अपना मन वश में रखना नहीं चाहते हैं ऐसे बहुत सारे कारण हैं उनका मन बस में रहता ही नहीं है फोन में मन को वश में करना चाहते हैं तो कभी इधर से दिमाग बटन था कभी उलटी पुलिसवाला थे तो मनोहर इंटर जाता है तो बस में करना बहुत मुश्किल है मुश्किल भी है और मनुष्य रखना भी नहीं जाता
Insaan ka man apane bas mein bas mein kyon nahin rahata insaan hee apana man apane vash mein rakhana nahin chaahata hai isaka ek hee kaaran hai ki insaan ka man apane bas mein rah sakata hai agar vah karana chaahie usake andar himmat hotee hai par aaj ke aaj ke taim ke andar aaj ke taim ke bata raha hoon main aaj ke taim mein andar koee bhee ho saadhu santon koee bhee ho 100 mein se 2 saal se mil jaenge aapako jo karana mana hai bas ke andar kitane hain baakee aapake sab insaan apana man vash mein rakhana nahin chaahate hain aise bahut saare kaaran hain unaka man bas mein rahata hee nahin hai phon mein man ko vash mein karana chaahate hain to kabhee idhar se dimaag batan tha kabhee ulatee pulisavaala the to manohar intar jaata hai to bas mein karana bahut mushkil hai mushkil bhee hai aur manushy rakhana bhee nahin jaata

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
2:09
इंसान इस बंद के कारण ही हमेशा पराजित होता है अपमानित होता है क्योंकि यह 1 बेकाबू हो जाता है बीता पप्पी वेरी चिकन मुनि गन महान थे जिन्होंने इश्क मन पर नियंत्रण किया और मन को एकाग्र करना ही सारी तपस्या का फल है जो मन को एक काम कर ना कर सका उसका गेरुआ वस्त्र पहनने से या इन बाबाओं की तरह कुकर्म करने से हमेशा अपमान सरकार को प्राप्त करते हैं इसलिए मन को एकाग्र करना ही सबसे बड़ी तपस्या है इस मन की गति बड़ी विचित्र है यह मन एक मदमस्त हाथी से भी ज्यादा भयंकर बीकाबू है जन्म खुश है भटकता है एक भजन में बहुत अच्छे शब्दों कहां गया है पीएम मन बड़ा चंचल है कैसे तेरा भजन करूं जितना इसे समझा उतना ही मचल जाए राधे तेरे चरणों की यदि धूल जो मिल जाए राधे तेरे चरणों की तुमको एक काम करना ही सबसे बड़ी समस्या है और सबसे उत्तम कार्य है और मानव का परम कर्तव्य है अब इसे जो कंट्रोल में नहीं कर पाते हैं वे लोग चाहे लाख गेरुआ वस्त्र पहनने चाहे लोग ढोंग पाखंड कर ले लेकिन सच्चाई यह है कि वे बीकाबू मन के कारण हमेशा अपमानित होते हैं जले रोते हैं और आनंदित होते हैं
Insaan is band ke kaaran hee hamesha paraajit hota hai apamaanit hota hai kyonki yah 1 bekaaboo ho jaata hai beeta pappee veree chikan muni gan mahaan the jinhonne ishk man par niyantran kiya aur man ko ekaagr karana hee saaree tapasya ka phal hai jo man ko ek kaam kar na kar saka usaka gerua vastr pahanane se ya in baabaon kee tarah kukarm karane se hamesha apamaan sarakaar ko praapt karate hain isalie man ko ekaagr karana hee sabase badee tapasya hai is man kee gati badee vichitr hai yah man ek madamast haathee se bhee jyaada bhayankar beekaaboo hai janm khush hai bhatakata hai ek bhajan mein bahut achchhe shabdon kahaan gaya hai peeem man bada chanchal hai kaise tera bhajan karoon jitana ise samajha utana hee machal jae raadhe tere charanon kee yadi dhool jo mil jae raadhe tere charanon kee tumako ek kaam karana hee sabase badee samasya hai aur sabase uttam kaary hai aur maanav ka param kartavy hai ab ise jo kantrol mein nahin kar paate hain ve log chaahe laakh gerua vastr pahanane chaahe log dhong paakhand kar le lekin sachchaee yah hai ki ve beekaaboo man ke kaaran hamesha apamaanit hote hain jale rote hain aur aanandit hote hain

sargam shukla Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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I am only student👩‍🎓
2:37
राधे-राधे जनरल क्वेश्चन है वह भांगड़ा ही महत्वपूर्ण है जो आज हम सब की परेशानी बनी हुई है मन की एकाग्रता तो देखिए अपने क्वेश्चन किया है कि इंसान का मन अपने बस में क्यों नहीं रहता या मनुष्य से अपने बस में रखता रखना नहीं चाहता कोई नहीं होगा जो अपने मन को अपने बस में रखना नहीं चाहता होगा हर कोई कोई ना कोई उपाय करता है जैसे ध्यान लगाना प्राणायाम करना व्यायाम करना ही होगा एक्सरसाइज वगैरा वगैरा लेकिन लगता है कि हर व्यक्ति मन की एकाग्रता चाहता है लेकिन मन की एकाग्रता हाथ नहीं कर पाता आज हम विज्ञान के युग में हम चारों तरफ से गिरे हुए हैं जैसे हम पक्का ही उदाहरण ले लें अगर हम पढ़ने बैठते हैं मोबाइल लैपटॉप कंप्यूटर टीवी पढ़ने में मन नहीं लगता पढ़ने बैठ जाता है तो या तो कोई मैसेज आ जाता है या फिर कुछ गेम्स वगैरह वायरस क्या है उसमें फंस जाता है तू मन की एकाग्रता आज का आज की जीवन का सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक बन चुका है मेरा मानना है कि हम मन को एकाग्र लग पाना काफी मुश्किल है क्योंकि आज हम जिस युग में जी रहे हैं वह संसाधनों से भरा पड़ा है शॉर्टकट का उपयोग करने में लगा हुआ है वह चाहिए और मन की एकाग्रता आज के जीवन संभव है और यह तो हम सभी जानते हैं कि जो हमारे मन की जाती है वह हवा से भी तेज है और जब मिला दो साधु महात्मा लोग होते थे जंगलों में रहते थे उनके पास नहीं होते थे मैं यह नहीं कह रही हूं कि बिल्कुल नहीं होते होते थे लेकिन सा मानव संसाधन हुआ करते थे अपने मन को एकाग्र करने में आदि आदि

Dukh kaise mite Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:06
आपने पूछा इंसान मैंने बस नहीं क्यों नहीं रह पाता या फिर इंसान अपने मन को वश में नहीं रखना चाहता गुरु से मस नहीं जाता क्योंकि शुभ चाहिए मांस शुभ ढूंढता है ना तो तब तो यह संसार लगाया जाए और उसमें थी या तो फिर कोई बहुत बड़ा दुख हो या पूरी जानकी भक्ति हो तो संसार का शुभ छोड़कर भगवान में लगता है और भगवान से जब बड़ा सुख मिलेगा लगने लग जाता किस वंश का शासक छोड़ जाता है और झगड़ा बंद हो जाएगा बस मजा था यह तो हमारा मन संसार में भटकता रहता है फिर एक जगह रुक जाता है सर में हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण को एक ही बात है या इष्ट की भक्ति करते हो तो आपकी मदद करेंगे साथ में करेंगे तब मालूम हो जाता है एक जगह बाकी तो घूमता रहता कभी यह चाहिए कभी-कभी भोगल कभी फेसबुक में वीडियो देखनी इच्छा हो जाती है कि सब वहां से हट गए समय लग जाता है आप लिस्ट में लग जाता है इसकी भक्ति प्रोसैस्ड की बात दोनों का अर्थ है कि आज की भक्ति में जैसे हनुमान जी मां देवी लक्ष्मी देवी जी की पूजा कर दो उसको आप दंडवत प्रणाम करके शर्मा मामले वापस ना खली की हरे कृष्ण हरे कृष्ण गुरु होते हैं क्यों नहीं होते हैं लेकिन अच्छे करोड़ों में एक दो होते हैं जिनको हमें ढूंढना मुश्किल होता है आप इसमें कोई गुरु मान लें कि आप लिस्ट को एक रुमाल ले मेरे से कोई भूल मान गया वह बैंक बंद है हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण इसमें 3 मिनट से ज्यादा नहीं होने के बाद मेरी इच्छा तो दो-तीन घंटे प्रवचाकन एकता क्या आपको अगर मिल जाए मेरी कैसे सहायता की सब में बताना चाहता हूं लेकिन इसमें इतना ही समय है हरे कृष्ण हरे कृष्ण मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं और बहुत ही आगे बढ़ते रहिए भरतरी भरतरी

Nidhi Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
3:00

srikant pal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
0:38

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