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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है

Kya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
2:36
तो आज आप का सवाल है कि क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है तो देखिए मानसिक बीमारी क्या है जिसकी डिप्रेशन एंजाइटी आना तो लोगों की यात्रा का नाटक है जैसे कि अगर मैं बोल रही हूं कि मम्मी मिस बहुत ज्यादा डिप्रेशन टाइप का लग रहा है राइटिंग तो समझते निश्चित को सीरियस नहीं लेते हैं लेकिन आपको जो बीमारी होती है फिजिकली वह आपको दिखता है आप या पूजा को आप को फीवर है सर्दी खासी मानसिक बीमारी जो दूर नहीं बीमार हुई थी वह आप किसी को दिखा नहीं पाते अगर कोई इंसान आपको समझने की कोशिश करेगा जानने की कोशिश करेगा तभी समझ पाएगा कि आप मानसिक बीमारी से कितना जूझ रहे हैं तो लोग सोचते हैं कि यह सब नाटक है टेंशन टेंशन तो सबको लाइफ में लगा आता है यही उसको एक नाम दे दिया कि डिप्रेशन बट यह जो डिप्रेशन एंजाइटी जो मानसिक बीमारी है अंदर अंदर इंसान को खोखला कर देता है इंसान बाहरी बहुत ही खुश देखता है कि हां सब चीज नॉर्मल खा रहा है फिर उसके शरीर में कुछ नहीं लगता है आप देखिएगा कि जब कोई इंसान टेंशन में हो तो उसकी लाइफ में कुछ अच्छा नहीं चल रहा है वह सिचुएशन को नहीं दिखा रही तेरे ठीक ठाक से रहने के लिए लोगों के सामने वह खाना पीना करता है लेकिन वह अंदर अंदर घुट घुट के जैसे जिंदगी जीते हो वैसे जीता है तो यह इतनी खतरनाक हो जाती है एक स्टेज में आकर के इंसान को मतलब एक बस में कर लेती है और उस वक्त इंसान को कुछ भी समझ नहीं आता ना ही बाहरी दुनिया से ना ही किसी से बातचीत अच्छा लगता है अंदर अंदर घुट घुट के वह कोई भी गलत कदम उठा लेता है तो जब भी कोई इंसान मतलब ऐसा दिखे क्यों चुप है वैसे तुम डिप्रेशन का मतलब यह नहीं कि आप चुपचाप ही दिख रहे हो अगर आप किसी इंसान से बातचीत करते तो थोड़ा गर्म कुछ अटपटे या फिर इधर-उधर की बात करो या फिर अगर आपको लग रहा है किसी वजह से टेंशन अगर आपको बता रहा है तो अगर आप से हो सके तो आप उसकी मदद करने की कोशिश वरना हम सोचते हैं कि इंसान यह बात बता रहा था काश हम उसकी मदद करते ही हैं ना हो मतलब किसी के भी साथ ऐसा ना हो बस टावर ना हो इसलिए कभी भी कोई भी कुछ भी बोले ना आपसे जितना उसकी मदद कीजिए हमें पैसे फिनेंशियल की बात नहीं करूंगी मदद वही नहीं होता आप किसी को समझाकर बुझाकर कोई इतना गलत तो चीज सोच रहा है अपने आप को मतलब खत्म करने के बारे में सोच कहां से लेकर आते ही सबसे बड़ा गिफ्ट होता जो आप किसी को देते हैं और सबसे अच्छा काम होता है तो इसलिए भी हो सके तो जब भी आपको लगे कि कोई इंसान आपसे शेयर कर रहा है फिर ऐसा आपको कुछ नहीं पता चल रहा तो मदद करनी चाहिए
To aaj aap ka savaal hai ki kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai to dekhie maanasik beemaaree kya hai jisakee dipreshan enjaitee aana to logon kee yaatra ka naatak hai jaise ki agar main bol rahee hoon ki mammee mis bahut jyaada dipreshan taip ka lag raha hai raiting to samajhate nishchit ko seeriyas nahin lete hain lekin aapako jo beemaaree hotee hai phijikalee vah aapako dikhata hai aap ya pooja ko aap ko pheevar hai sardee khaasee maanasik beemaaree jo door nahin beemaar huee thee vah aap kisee ko dikha nahin paate agar koee insaan aapako samajhane kee koshish karega jaanane kee koshish karega tabhee samajh paega ki aap maanasik beemaaree se kitana joojh rahe hain to log sochate hain ki yah sab naatak hai tenshan tenshan to sabako laiph mein laga aata hai yahee usako ek naam de diya ki dipreshan bat yah jo dipreshan enjaitee jo maanasik beemaaree hai andar andar insaan ko khokhala kar deta hai insaan baaharee bahut hee khush dekhata hai ki haan sab cheej normal kha raha hai phir usake shareer mein kuchh nahin lagata hai aap dekhiega ki jab koee insaan tenshan mein ho to usakee laiph mein kuchh achchha nahin chal raha hai vah sichueshan ko nahin dikha rahee tere theek thaak se rahane ke lie logon ke saamane vah khaana peena karata hai lekin vah andar andar ghut ghut ke jaise jindagee jeete ho vaise jeeta hai to yah itanee khataranaak ho jaatee hai ek stej mein aakar ke insaan ko matalab ek bas mein kar letee hai aur us vakt insaan ko kuchh bhee samajh nahin aata na hee baaharee duniya se na hee kisee se baatacheet achchha lagata hai andar andar ghut ghut ke vah koee bhee galat kadam utha leta hai to jab bhee koee insaan matalab aisa dikhe kyon chup hai vaise tum dipreshan ka matalab yah nahin ki aap chupachaap hee dikh rahe ho agar aap kisee insaan se baatacheet karate to thoda garm kuchh atapate ya phir idhar-udhar kee baat karo ya phir agar aapako lag raha hai kisee vajah se tenshan agar aapako bata raha hai to agar aap se ho sake to aap usakee madad karane kee koshish varana ham sochate hain ki insaan yah baat bata raha tha kaash ham usakee madad karate hee hain na ho matalab kisee ke bhee saath aisa na ho bas taavar na ho isalie kabhee bhee koee bhee kuchh bhee bole na aapase jitana usakee madad keejie hamen paise phinenshiyal kee baat nahin karoongee madad vahee nahin hota aap kisee ko samajhaakar bujhaakar koee itana galat to cheej soch raha hai apane aap ko matalab khatm karane ke baare mein soch kahaan se lekar aate hee sabase bada gipht hota jo aap kisee ko dete hain aur sabase achchha kaam hota hai to isalie bhee ho sake to jab bhee aapako lage ki koee insaan aapase sheyar kar raha hai phir aisa aapako kuchh nahin pata chal raha to madad karanee chaahie

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:25
बेटा आपका प्रश्न क्या मानसिक बीमारी वास्तविक बीमारी है बिल्कुल बेटा मेंटल डिस्टर्ब होता है समझा आपने इसमें व्यक्ति की सोचने समझने की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती हैं और मस्तिष्क की है जो नियंत्रण करता है हमारी समस्त गतिविधियों को और जब मानसिक बीमारी होती है तो आदमी ही व्यवस्था के भीतर गीत प्रकृति के विपरीत कार्य करने लगता है ना उसे खाने की सुध रहती है ना बोलने की सुध रहती कब क्या बोल रहा है ना सामाजिक चेतना रहती है उसको कब कपड़े पहनने चाहिए कबूतर नहीं चाहिए क्या शब्द बोलना चाहिए तेरी तरह से डीसी को पागलपन या उन्माद रस तथा कहते हैं यह कई रूपों में सामने आता बहुत से तो मानसिक बीमारी वाले जो होते हुए हिंसक हो जाते हैं और बहुत से बिल्कुल शांत हो जाते हैं और जब उनकी सोचने समझने की क्षमता समाप्त हो जाती है तो कभी-कभी वह घर परिवार से निकल कर के फिर अपने स्थान को भी भूल जाते हैं अपना तो इस तरह से मानसिक बीमारी दूर बीमारी नहीं है बल्कि एक बहुत ही गंभीर बीमारी है और जो कभी-कभी जिंदगी कहो पसली बना देती है थैंक यू
Beta aapaka prashn kya maanasik beemaaree vaastavik beemaaree hai bilkul beta mental distarb hota hai samajha aapane isamen vyakti kee sochane samajhane kee nirnay lene kee kshamata prabhaavit hotee hain aur mastishk kee hai jo niyantran karata hai hamaaree samast gatividhiyon ko aur jab maanasik beemaaree hotee hai to aadamee hee vyavastha ke bheetar geet prakrti ke vipareet kaary karane lagata hai na use khaane kee sudh rahatee hai na bolane kee sudh rahatee kab kya bol raha hai na saamaajik chetana rahatee hai usako kab kapade pahanane chaahie kabootar nahin chaahie kya shabd bolana chaahie teree tarah se deesee ko paagalapan ya unmaad ras tatha kahate hain yah kaee roopon mein saamane aata bahut se to maanasik beemaaree vaale jo hote hue hinsak ho jaate hain aur bahut se bilkul shaant ho jaate hain aur jab unakee sochane samajhane kee kshamata samaapt ho jaatee hai to kabhee-kabhee vah ghar parivaar se nikal kar ke phir apane sthaan ko bhee bhool jaate hain apana to is tarah se maanasik beemaaree door beemaaree nahin hai balki ek bahut hee gambheer beemaaree hai aur jo kabhee-kabhee jindagee kaho pasalee bana detee hai thaink yoo

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
2:21
सवाल यह है कि क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है मानसिक रोगों को लेकर लोगों में काफी सारे गलत धारणाएं हैं उनकी नजर में यह केवल मन का वहम या अंधविश्वास है जिसके लिए किसी तरह के इलाज की जरूरत नहीं है उनकी इसी धारणा का शिकार मानसिक रोगियों को होना पड़ता है वे चाहते हुए भी इस बात पर नहीं कह पाते और मानसिक रोग समय के साथ गंभीर रूप ले लेता है ऐसे में यह जरूरी है कि लोगों की धारणा को बदला जाए और मानसिक रोग की पूर्ण जानकारी प्राप्त की जाए तो मानसिक रोग रोग को मनोविकार या मानसिक स्वास्थ्य विकास इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है मानसिक रोग की स्थिति में व्यक्ति की मनोदशा याददाश्त स्वभाव इत्यादि की प्रक्रिया पर असर पड़ता है और व्यक्ति का अपने भावों इत्यादि पर काबू नहीं रहता तो मानसिक रोगों के प्रकार के पर बात कर लेते हैं जिसमें से मुक्ति के मुख्य पांच प्रकार के होते हैं जिसमें आप साथ मानसिक रोग का सबसे साधारण प्रकार है अब ताजिया डिप्रेशन आमतौर पर किस राशि बनाते होती है जो कुछ समय के बाद अब साथ का रूप ले लेती है दूसरा है भूलने की बीमारी तीसरा है पाकिस्तान चौथा है फोबिया और पांचवा है ए डी एच डी मानसिक रोग बच्चों में देखने को मिलता है जिनमें सबसे आम है ए डी एच डी यानी अटेंशन डिफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर आम भाषा में इस पर ध्यान ना देने पानी पानी का रुख किया जाता है जो कुछ पार्टी के दौरान बच्चों को देख बच्चों में देखने को मिलता है हालांकि इसका इलाज संभव है बशर्ते गंभीर से लिया जाए तो इसका जांच डॉक्टर से कराई जा सकता है तो मानसिक रोगों के लक्षण के बारे में जान लेते हैं जिसमें उदास रहना दोस्तों परिवार इत्यादि से अलग रहना मोड़ का बार-बार बदलना असामान्य बर्ताव करना घबराहट या डर लगना मानसिक रोग के कारण क्या हो सकते हैं जैसे कि पारिवारिक माहौल का सही नहीं होना रोज रोज लड़ाई झगड़े होना परिवार में सिर पर चोट लगना बचपन में किसी को घटना का होना पौष्टिक भोजन मिलना नशीले पदार्थों का सेवन करना मानसिक रोग का इलाज कैसे किया जा सकता है योग करके मनोवैज्ञानिक के पास जाकर और उनसे इलाज करवा के दवाई लेकर फिजियोथैरेपी लेकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होकर इस तरह से इलाज किया जा सकता है मानसिक बीमारी का
Savaal yah hai ki kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai maanasik rogon ko lekar logon mein kaaphee saare galat dhaaranaen hain unakee najar mein yah keval man ka vaham ya andhavishvaas hai jisake lie kisee tarah ke ilaaj kee jaroorat nahin hai unakee isee dhaarana ka shikaar maanasik rogiyon ko hona padata hai ve chaahate hue bhee is baat par nahin kah paate aur maanasik rog samay ke saath gambheer roop le leta hai aise mein yah jarooree hai ki logon kee dhaarana ko badala jae aur maanasik rog kee poorn jaanakaaree praapt kee jae to maanasik rog rog ko manovikaar ya maanasik svaasthy vikaas ityaadi ke naam se bhee jaana jaata hai maanasik rog kee sthiti mein vyakti kee manodasha yaadadaasht svabhaav ityaadi kee prakriya par asar padata hai aur vyakti ka apane bhaavon ityaadi par kaaboo nahin rahata to maanasik rogon ke prakaar ke par baat kar lete hain jisamen se mukti ke mukhy paanch prakaar ke hote hain jisamen aap saath maanasik rog ka sabase saadhaaran prakaar hai ab taajiya dipreshan aamataur par kis raashi banaate hotee hai jo kuchh samay ke baad ab saath ka roop le letee hai doosara hai bhoolane kee beemaaree teesara hai paakistaan chautha hai phobiya aur paanchava hai e dee ech dee maanasik rog bachchon mein dekhane ko milata hai jinamen sabase aam hai e dee ech dee yaanee atenshan diphisit haiparektivitee disordar aam bhaasha mein is par dhyaan na dene paanee paanee ka rukh kiya jaata hai jo kuchh paartee ke dauraan bachchon ko dekh bachchon mein dekhane ko milata hai haalaanki isaka ilaaj sambhav hai basharte gambheer se liya jae to isaka jaanch doktar se karaee ja sakata hai to maanasik rogon ke lakshan ke baare mein jaan lete hain jisamen udaas rahana doston parivaar ityaadi se alag rahana mod ka baar-baar badalana asaamaany bartaav karana ghabaraahat ya dar lagana maanasik rog ke kaaran kya ho sakate hain jaise ki paarivaarik maahaul ka sahee nahin hona roj roj ladaee jhagade hona parivaar mein sir par chot lagana bachapan mein kisee ko ghatana ka hona paushtik bhojan milana nasheele padaarthon ka sevan karana maanasik rog ka ilaaj kaise kiya ja sakata hai yog karake manovaigyaanik ke paas jaakar aur unase ilaaj karava ke davaee lekar phijiyothairepee lekar nasha mukti kendr mein bhartee hokar is tarah se ilaaj kiya ja sakata hai maanasik beemaaree ka

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Shivangi Dixit.  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Shivangi जी का जवाब
Unknown
1:11
क्वेश्चन है क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी से तो बिल्कुल ही मानसिक बीमारी का वास्तविक बीमारी होती है क्योंकि मानसिक बीमारी साबरी की कोई भी व्यक्ति किसी भी चीज को लेकर वह कहीं कोई भी हद तक जा सकता है तो यह एक प्रकार की बीमारी है इसलिए उसका इलाज कराना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि देखिए क्या होता है हम नहीं करना चाहते लेकिन डॉक्टर्स काश में कहने वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति किसी पर ज्यादा शक करता है तो उसके लिए भी एक अलग से क्वॉरेंटाइन किया जाता है उसको डॉक्टर की सलाह दी जाती है कि आप ऐसा नहीं है सरकारी पर उनको धीरे-धीरे उस चीज में लाने की ढलने की वह थोड़ी सी प्रैक्टिस जो भी होता है वह को दिया जाता है डॉक्टर के द्वारा भू ट्रीटमेंट किया जाता है जिसको भी यह सब लगता है तो मेरा तो मन नहीं है क्या शुरू से योगा मेडिटेशन करें तो आपको कभी भी बीमारियां नहीं होती हां अपना रूटीन चेकअप दुआएं हमेशा करते रहिए क्योंकि मानसिक बीमारी है ना बहुत ही बेकार चीज़ है आपकी सोचने पर ही और आपके दिमाग से करने पर ही यह सब चीज जो है गुड नाईट करती है दवा पसंद है तो लाइक सब्सक्राइब करें धन्यवाद
Kveshchan hai kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree se to bilkul hee maanasik beemaaree ka vaastavik beemaaree hotee hai kyonki maanasik beemaaree saabaree kee koee bhee vyakti kisee bhee cheej ko lekar vah kaheen koee bhee had tak ja sakata hai to yah ek prakaar kee beemaaree hai isalie usaka ilaaj karaana bahut jyaada jarooree hai kyonki dekhie kya hota hai ham nahin karana chaahate lekin doktars kaash mein kahane vaigyaanikon ka kahana hai ki yadi koee vyakti kisee par jyaada shak karata hai to usake lie bhee ek alag se kvorentain kiya jaata hai usako doktar kee salaah dee jaatee hai ki aap aisa nahin hai sarakaaree par unako dheere-dheere us cheej mein laane kee dhalane kee vah thodee see praiktis jo bhee hota hai vah ko diya jaata hai doktar ke dvaara bhoo treetament kiya jaata hai jisako bhee yah sab lagata hai to mera to man nahin hai kya shuroo se yoga mediteshan karen to aapako kabhee bhee beemaariyaan nahin hotee haan apana rooteen chekap duaen hamesha karate rahie kyonki maanasik beemaaree hai na bahut hee bekaar cheez hai aapakee sochane par hee aur aapake dimaag se karane par hee yah sab cheej jo hai gud naeet karatee hai dava pasand hai to laik sabsakraib karen dhanyavaad

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
srikant pal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए srikant जी का जवाब
Student
0:39

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Manish Bhati Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Manish जी का जवाब
Life coach, professional counsellor & Relationship expert. Fitness & Motivational Coach
1:34
सर जैसा कि आप एक्वाश्चर नहीं क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है अगर मेडिकल फील्ड से कहा जाए इस क्वेश्चन को तो एक बीमारी है क्यों इसका रीजन है यह है क्योंकि कोई भी प्रॉब्लम होती है मेडिकल फील्ड के हर कोई उसको एक बीमारी की तौर पर समझता है तू ही एक तरीके की बीमारी का ट्रीटमेंट चलती है इसके मेडिसन में चलती है प्रॉपर काउंसलिंग चलती है तो उससे फिर वह ठीक हो सकता है ठीक है जान तो कि मेरी नॉलेज है जब बस में आते हैं कई बार फैमिली प्रॉब्लम में इतनी बढ़ जाती है कि नहीं हो पाता चैन से सोना नहीं सोना खुद को इतना ही है हम कुछ ना रखा जाए तुम इतना टाइम नहीं दे पाता अपनी बॉडी को जितना में रिक्वायरमेंट होती है तो इस वजह से इस बीमारी का शिकार हो पाते हैं इत्र की बीमारी नहीं है हमारे के खान पीन टेंशन वगैरह पे डिपेंड करती अगर आपकी प्रॉपर न्यूट्रिशन अच्छी है प्रॉपर डाइट वगैरा अच्छी है प्रॉपर पर कॉल अगर आपको न्यूज़ पेंशन वगैरा करने से यह बढ़ जाती है यह खुद लेकिन अब नहीं करेंगे तो नहीं है क्रिस्टल दोनों आंसर हां और ना भी है माही सजेस्ट धन्यवाद
Sar jaisa ki aap ekvaashchar nahin kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai agar medikal pheeld se kaha jae is kveshchan ko to ek beemaaree hai kyon isaka reejan hai yah hai kyonki koee bhee problam hotee hai medikal pheeld ke har koee usako ek beemaaree kee taur par samajhata hai too hee ek tareeke kee beemaaree ka treetament chalatee hai isake medisan mein chalatee hai propar kaunsaling chalatee hai to usase phir vah theek ho sakata hai theek hai jaan to ki meree nolej hai jab bas mein aate hain kaee baar phaimilee problam mein itanee badh jaatee hai ki nahin ho paata chain se sona nahin sona khud ko itana hee hai ham kuchh na rakha jae tum itana taim nahin de paata apanee bodee ko jitana mein rikvaayarament hotee hai to is vajah se is beemaaree ka shikaar ho paate hain itr kee beemaaree nahin hai hamaare ke khaan peen tenshan vagairah pe dipend karatee agar aapakee propar nyootrishan achchhee hai propar dait vagaira achchhee hai propar par kol agar aapako nyooz penshan vagaira karane se yah badh jaatee hai yah khud lekin ab nahin karenge to nahin hai kristal donon aansar haan aur na bhee hai maahee sajest dhanyavaad

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
Life coach
2:27
क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है देखें दोस्तों को सोचकर हम डिप्रेशन में आ जाते हैं तो वह भी एक बारी की अवस्था होती है तो उसे मानसिक बीमारी कहते हैं डिप्रेशन में क्यों आते हैं हम सिर्फ और सिर्फ नेगेटिव सोचते हैं और जो हम सोचते हैं वही अट्रैक्ट करते हैं और जैसे ही हम नेगेटिव होते हैं तो हमें हम क्या करने लगते हैं हम वैसे ही लोगों को अटैक करते हैं वैसे ही नहीं गतिविधि को अट्रैक्ट करते हैं और यह एक मानसिक बीमारी का कारण डिप्रेशन बन जाता है बहुत सारे लोग इसमें जूते भी हैं और फिर क्या होता है कि उनकी मानसिक बीमारी पागलपन में तब्दील हो जाती है तो यहां हमें उनका ट्रीटमेंट दवाइयों के साथ साथ हमें उस पर भी करना चाहिए जो असली में सही है उन्हें हमें नीचे में ले जाना चाहिए नीचे की चीजों को महसूस कर आना चाहिए हर एक चीज का तरीका अलग होता है और यह जरूर डिप्रेशन से निकालने के लिए नीचे में ले जाना नीचे की वॉइस सुनाना उस इंसान को अंदर से उनके दिमाग की प्रॉब्लम को उन्हें डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए यह बहुत सही इलाज है अगर कोई पेन हो रहा है तो मेडिकल ट्रीटमेंट करना पड़ेगा लेकिन नीचे जाने से क्या होगा कि वह इंसान एचडी में हिंदी का महत्व समझेगा उसके साथ ऐसे गाइड गाइड होना चाहिए ताकि वह अच्छे से गाइडलाइन दे सके उन्हें बता सके कि यह नीचे क्या है इसमें इससे नीचे में रहेगा ना तो अपने आप ही ठीक होना शुरू करेगा लेकिन अगर उस इंसान को आप बंद कमरे में रखेंगे तो धीरे-धीरे पागल होने की संभावना उसके अंदर आ जाएगी तू सनीचर मिले जाए ताकि वह खुलकर सांसे ले देखे हर एक जीव जंतुओं को देखिए तो कहीं ना कहीं उनके दिमाग में यह परिवर्तन आना शुरू होगा पर यह बीमारी खत्म होगी यह डिप्रेशन की बीमारी जिसे बाइपोलर डिसऑर्डर भी कहा जाता है कि थोड़ा थोड़ा होता है फिर रुक जाता है तो यह सारी चीजें क्या होती है इंसान को पागल भी बना सकती एक सुसाइड करने पर भी बहुत ज्यादा मजबूर कर देती हैं तो प्लीज ऐसे व्यक्ति का ख्याल रखिए उन्हें नीचे में ले जाएं उनका सही मेडिकल ट्रीटमेंट कराएं ताकि यह बीमारी भयंकर रूप ना ले
Kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai dekhen doston ko sochakar ham dipreshan mein aa jaate hain to vah bhee ek baaree kee avastha hotee hai to use maanasik beemaaree kahate hain dipreshan mein kyon aate hain ham sirph aur sirph negetiv sochate hain aur jo ham sochate hain vahee atraikt karate hain aur jaise hee ham negetiv hote hain to hamen ham kya karane lagate hain ham vaise hee logon ko ataik karate hain vaise hee nahin gatividhi ko atraikt karate hain aur yah ek maanasik beemaaree ka kaaran dipreshan ban jaata hai bahut saare log isamen joote bhee hain aur phir kya hota hai ki unakee maanasik beemaaree paagalapan mein tabdeel ho jaatee hai to yahaan hamen unaka treetament davaiyon ke saath saath hamen us par bhee karana chaahie jo asalee mein sahee hai unhen hamen neeche mein le jaana chaahie neeche kee cheejon ko mahasoos kar aana chaahie har ek cheej ka tareeka alag hota hai aur yah jaroor dipreshan se nikaalane ke lie neeche mein le jaana neeche kee vois sunaana us insaan ko andar se unake dimaag kee problam ko unhen dipreshan se baahar nikaalane ke lie yah bahut sahee ilaaj hai agar koee pen ho raha hai to medikal treetament karana padega lekin neeche jaane se kya hoga ki vah insaan echadee mein hindee ka mahatv samajhega usake saath aise gaid gaid hona chaahie taaki vah achchhe se gaidalain de sake unhen bata sake ki yah neeche kya hai isamen isase neeche mein rahega na to apane aap hee theek hona shuroo karega lekin agar us insaan ko aap band kamare mein rakhenge to dheere-dheere paagal hone kee sambhaavana usake andar aa jaegee too saneechar mile jae taaki vah khulakar saanse le dekhe har ek jeev jantuon ko dekhie to kaheen na kaheen unake dimaag mein yah parivartan aana shuroo hoga par yah beemaaree khatm hogee yah dipreshan kee beemaaree jise baipolar disordar bhee kaha jaata hai ki thoda thoda hota hai phir ruk jaata hai to yah saaree cheejen kya hotee hai insaan ko paagal bhee bana sakatee ek susaid karane par bhee bahut jyaada majaboor kar detee hain to pleej aise vyakti ka khyaal rakhie unhen neeche mein le jaen unaka sahee medikal treetament karaen taaki yah beemaaree bhayankar roop na le

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:27
जी आप का सवाल है कि मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है तो वहां मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है जो व्यक्ति अपनी मानसिकता में सोच लेते हैं कि यह करना है वरना इसके बारे में एक ही बात को बार बार सोचता रहता है C21 प्रकार मैं मनोविज्ञान में एक प्रकार की बीमारी मानी जाती है अनाथ
Jee aap ka savaal hai ki maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai to vahaan maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai jo vyakti apanee maanasikata mein soch lete hain ki yah karana hai varana isake baare mein ek hee baat ko baar baar sochata rahata hai ch21 prakaar main manovigyaan mein ek prakaar kee beemaaree maanee jaatee hai anaath

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए vijay जी का जवाब
Social worker in india
1:02
प्रणाम साथियों आपका सवाल है क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है तो साथियों आपके सवाल का उत्तर इस प्रकार है मानसिक बीमारी भी है और यह तरह का रोग भी है जो किसी के दिमाग पर चोट लगने से या तीन दिमाग में डिप्रेशन के शिकार होने की वजह से मानसिक बीमारी हो सकती है या बचपन से ही दिमाग खराब होने से मानसिक बीमारी बन सकती है इसलिए अगर किसी भी व्यक्ति के अगर मानसिक बीमारी से पीड़ित है तो अच्छे डॉक्टर से राय लेना चाहिए और उन डॉक्टरों से अपने जो मेडिकल वगैरह है उनको लेना चाहिए जिनसे कुछ उनको राहत महसूस हो सके इन मार्च बीमारी से बचा जा सकता है धन्यवाद साथियों खुश रहो
Pranaam saathiyon aapaka savaal hai kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai to saathiyon aapake savaal ka uttar is prakaar hai maanasik beemaaree bhee hai aur yah tarah ka rog bhee hai jo kisee ke dimaag par chot lagane se ya teen dimaag mein dipreshan ke shikaar hone kee vajah se maanasik beemaaree ho sakatee hai ya bachapan se hee dimaag kharaab hone se maanasik beemaaree ban sakatee hai isalie agar kisee bhee vyakti ke agar maanasik beemaaree se peedit hai to achchhe doktar se raay lena chaahie aur un doktaron se apane jo medikal vagairah hai unako lena chaahie jinase kuchh unako raahat mahasoos ho sake in maarch beemaaree se bacha ja sakata hai dhanyavaad saathiyon khush raho

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
sanjay kumar pandey Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए sanjay जी का जवाब
Writer, Teacher, motivational youtuber
1:36
गुड इवनिंग सवाल यह है कि क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है बिल्कुल यह बहुत बड़ी बीमारी है इसे हल्के में लेना ही नहीं चाहिए इस मानसिक बीमारी आलम की शुद्ध तो यह कहता है कि 90% लोग मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं सबके अंदर लगभग कुछ ना कुछ जरूर होता है 90% से भी है बाबा लेकिन यही है कि किसी में ज्यादा हो जाती है और किसी में कम होती है जब ज्यादा हो जाती है तो बहुत प्रॉब्लम क्रिएट करता है वह व्यक्ति को सही चीज को ही गलत समझता है गलत को सही मानता है वह व्यक्ति उसे समझ में नहीं आता वह जानबूझकर नहीं करता लेकिन एक बीमारी है जिसके चलते उसके साथ रहने वाले लोग परेशान हो जाते हैं उसे समझ नहीं पाते हैं एक मानसिक बीमार व्यक्ति को समझने की जरूरत है और उसका प्रॉपर इलाज बहुत जरूर उस समय पर इलाज उसकी दवाइयां बहुत जरूरी होता है अन्यथा अच्छे खासे लोग जो है इस बीमारी से ग्रस्त होकर अपना सब कुछ अपना और अपने परिवार का भी बहुत कुछ बर्बाद कर देते हैं बर्बाद हो जाता है सब कुछ इसलिए मैं तो नहीं कहूंगा कि मानसिक बीमारी को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए कुछ भी प्रॉब्लम हो तो फिर उसे दिखाना चाहिए और उसका प्रॉपर इलाज कराना चाहिए थैंक यू
Gud ivaning savaal yah hai ki kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai bilkul yah bahut badee beemaaree hai ise halke mein lena hee nahin chaahie is maanasik beemaaree aalam kee shuddh to yah kahata hai ki 90% log maanasik beemaaree se grast hain sabake andar lagabhag kuchh na kuchh jaroor hota hai 90% se bhee hai baaba lekin yahee hai ki kisee mein jyaada ho jaatee hai aur kisee mein kam hotee hai jab jyaada ho jaatee hai to bahut problam kriet karata hai vah vyakti ko sahee cheej ko hee galat samajhata hai galat ko sahee maanata hai vah vyakti use samajh mein nahin aata vah jaanaboojhakar nahin karata lekin ek beemaaree hai jisake chalate usake saath rahane vaale log pareshaan ho jaate hain use samajh nahin paate hain ek maanasik beemaar vyakti ko samajhane kee jaroorat hai aur usaka propar ilaaj bahut jaroor us samay par ilaaj usakee davaiyaan bahut jarooree hota hai anyatha achchhe khaase log jo hai is beemaaree se grast hokar apana sab kuchh apana aur apane parivaar ka bhee bahut kuchh barbaad kar dete hain barbaad ho jaata hai sab kuchh isalie main to nahin kahoonga ki maanasik beemaaree ko bilkul bhee halke mein nahin lena chaahie kuchh bhee problam ho to phir use dikhaana chaahie aur usaka propar ilaaj karaana chaahie thaink yoo

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
1:11
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है यहां फ्रेंड्स मानसिक बीमारियां भी एक तरह से बीमारी होती है जिस तरह हाथ पांव में कोई तकलीफ हो जाती है और जिस तरह से अन्य बीमारियां होती हैं शरीर में किसी को कोई बीमारी किसी को कोई नहीं जब जब दिमाग में कोई परेशानी हो जाती है तो उसे मानसिक बीमारी कहते हैं और जो बीमारी होती है जैसे की भी हो गई कैंसर है किसी को सांस संबंधी रोग हैं तो यह दिखती है बीमारियों के लक्षण दिखते हैं लेकिन जो मानसिक बीमारियां होती है दिमाग में होती हैं तो उसे हर कोई जल्दी से समझ नहीं पाता है और उसे मनोरोग डॉक्टर जो होते हैं सेक्रेटरी विजय समझ पाते हैं तो यह बीमारी होती है और इसका इलाज भी होता है और इसकी दवाइयां भी होती हैं जो दिमाग में किसी को कोई परेशानी होती है तो उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए और उसकी दवा चलती है और उसमें काफी हद तक आराम भी मिल जाता है मानसिक बीमारियों में ज्यादातर नींद ना आना सबसे बड़ी बीमारी होती इस व्यक्ति को नींद नहीं आती मुझसे दिमाग में तरह-तरह की बीमारियां हो जाती हैं यही सबसे बड़ा लक्षण होता है मानसिक बीमारी का धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai yahaan phrends maanasik beemaariyaan bhee ek tarah se beemaaree hotee hai jis tarah haath paanv mein koee takaleeph ho jaatee hai aur jis tarah se any beemaariyaan hotee hain shareer mein kisee ko koee beemaaree kisee ko koee nahin jab jab dimaag mein koee pareshaanee ho jaatee hai to use maanasik beemaaree kahate hain aur jo beemaaree hotee hai jaise kee bhee ho gaee kainsar hai kisee ko saans sambandhee rog hain to yah dikhatee hai beemaariyon ke lakshan dikhate hain lekin jo maanasik beemaariyaan hotee hai dimaag mein hotee hain to use har koee jaldee se samajh nahin paata hai aur use manorog doktar jo hote hain sekretaree vijay samajh paate hain to yah beemaaree hotee hai aur isaka ilaaj bhee hota hai aur isakee davaiyaan bhee hotee hain jo dimaag mein kisee ko koee pareshaanee hotee hai to use doktar ko dikhaana chaahie aur usakee dava chalatee hai aur usamen kaaphee had tak aaraam bhee mil jaata hai maanasik beemaariyon mein jyaadaatar neend na aana sabase badee beemaaree hotee is vyakti ko neend nahin aatee mujhase dimaag mein tarah-tarah kee beemaariyaan ho jaatee hain yahee sabase bada lakshan hota hai maanasik beemaaree ka dhanyavaad

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
7:00
क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है तो बीमारी की व्याख्या क्या है और सेहत की व्याख्या क्या है इसके बारे में निश्चित रूप से व्याख्या करनी चाहिए शरीर शरीर और मन से बना हुआ है मन शरीर का हिस्सा है मानसिक बीमारी है तो वह शरीर के बाहर तो नहीं शरीर के अंदर ही यानी शरीर का एक बार तो मानसिक बीमारी का अर्थ क्या है वैसे तो हर आदमी बीमा आदमी जो है को मानसिक रूप से बीमार पागल कहा जा सकता है लेकिन पागल एक पागलपन के करोड़ों नंबर करवा सकते कोई किस चीज के लिए प्राकृतिक रहे तो कोई किस चीज के लिए पागल है और पागलपन बीमारी है मन जाए वह अपना विवेक और वास्तु अच्छी तरह से समझ कर बर्ताव करता है तो उसे नॉर्मल बिहेवियर कहा जा सकता है उसका वर्तमान जो है वह नॉर्मल नॉर्मल बर्तन कहा जा सकता है लेकिन कुछ चीजें ऐसी है कि जो वास्तव में नहीं होती लेकिन फिर भी इंसान वास्तु मंत्र डरता है भ्रमित हो जाता है क्रोधित हो जाता है एक साइड हो जाता है इसका भी एक लिमिट होती है लिमिट से ज्यादा इस तरीके का बिहेवियर करने लगता है धीरे-धीरे रस का स्थाई भाव बनने लगता है उसके उसके मन में विचारों का एक साइकिल बनता है एक ही तरह के विचार बार-बार उसी पेट्रोल में चलते हैं अरे कुत्ते साथ आ जाता है कि उसके कंट्रोल में नहीं रहता है व्यक्ति त्रस्त हो जाता है नहीं चाहता कि विचार बार-बार मन में आए लेकिन वो पेपर नहीं बन जाता है वही विचार रिपीट रिपीट करो आता इंसान इंसान मर जाता है घबरा जाता है बेबी सोता है 175 की अवस्था में जाता है एडमिशन डिप्रेशन को चाहिए लेकिन बेटी के अवस्था में जाता है जैसे उसको संगम रहता है हमेशा मेरे साथ कुछ ना कुछ हो रहा है वास्तविक में वह नहीं भी हो रहा है लेकिन बार-बार सोचने के कारण हो उसका स्थाई भाव होने की दिशा में है या बन गया है तब जाकर मनुष्य के ब्रांड के कुछ केमिकल सोते उनकी मात्रा कम या ज्यादा हो जाती है और जब यह केमिकल लेवल पर आता है वह बीमारी बन जाती है और उसके उपयोग के लिए केमिकल यानी अवश्य दिया इंग्लिश हिंदी न्यूज़ होते हैं इसके अलावा भी और कई उपचार होते हैं अभी उसमें बहुत-बहुत डेवलपमेंट हुआ है नारकोटेस्ट तक दीपिका का कष्ट होता है मन का बेबी जब आप ज्यादा स्टोरी फॉर चिल्ड्रन सबकॉन्शियस 1 सेमी कौनसी-कौनसी सुपरकॉन्शियस हम न जाने कितने उसके पहले लेकिन मानसिक बीमारी एक वास्तव में एक बीमारी ने शिक्षा और गवर्नमेंट न्यू स्कूल साइकेट्रिक
Kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai to beemaaree kee vyaakhya kya hai aur sehat kee vyaakhya kya hai isake baare mein nishchit roop se vyaakhya karanee chaahie shareer shareer aur man se bana hua hai man shareer ka hissa hai maanasik beemaaree hai to vah shareer ke baahar to nahin shareer ke andar hee yaanee shareer ka ek baar to maanasik beemaaree ka arth kya hai vaise to har aadamee beema aadamee jo hai ko maanasik roop se beemaar paagal kaha ja sakata hai lekin paagal ek paagalapan ke karodon nambar karava sakate koee kis cheej ke lie praakrtik rahe to koee kis cheej ke lie paagal hai aur paagalapan beemaaree hai man jae vah apana vivek aur vaastu achchhee tarah se samajh kar bartaav karata hai to use normal biheviyar kaha ja sakata hai usaka vartamaan jo hai vah normal normal bartan kaha ja sakata hai lekin kuchh cheejen aisee hai ki jo vaastav mein nahin hotee lekin phir bhee insaan vaastu mantr darata hai bhramit ho jaata hai krodhit ho jaata hai ek said ho jaata hai isaka bhee ek limit hotee hai limit se jyaada is tareeke ka biheviyar karane lagata hai dheere-dheere ras ka sthaee bhaav banane lagata hai usake usake man mein vichaaron ka ek saikil banata hai ek hee tarah ke vichaar baar-baar usee petrol mein chalate hain are kutte saath aa jaata hai ki usake kantrol mein nahin rahata hai vyakti trast ho jaata hai nahin chaahata ki vichaar baar-baar man mein aae lekin vo pepar nahin ban jaata hai vahee vichaar ripeet ripeet karo aata insaan insaan mar jaata hai ghabara jaata hai bebee sota hai 175 kee avastha mein jaata hai edamishan dipreshan ko chaahie lekin betee ke avastha mein jaata hai jaise usako sangam rahata hai hamesha mere saath kuchh na kuchh ho raha hai vaastavik mein vah nahin bhee ho raha hai lekin baar-baar sochane ke kaaran ho usaka sthaee bhaav hone kee disha mein hai ya ban gaya hai tab jaakar manushy ke braand ke kuchh kemikal sote unakee maatra kam ya jyaada ho jaatee hai aur jab yah kemikal leval par aata hai vah beemaaree ban jaatee hai aur usake upayog ke lie kemikal yaanee avashy diya inglish hindee nyooz hote hain isake alaava bhee aur kaee upachaar hote hain abhee usamen bahut-bahut devalapament hua hai naarakotest tak deepika ka kasht hota hai man ka bebee jab aap jyaada storee phor childran sabakonshiyas 1 semee kaunasee-kaunasee suparakonshiyas ham na jaane kitane usake pahale lekin maanasik beemaaree ek vaastav mein ek beemaaree ne shiksha aur gavarnament nyoo skool saiketrik

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
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Top Speaker,Level 11
सुनिए जी का जवाब
Unknown
0:36
कपास में क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है और देखिए किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य की वह स्थिति है जिसे किसी स्वार्थ व्यक्ति से तुलना करने पर समझना नहीं कहा जाता है स्वस्थ देखकर की तुलना में मन रोगों से ग्रस्त व्यक्तियों का व्यवहार असामान्य अथवा दोनों खुली निर्धारित किया जाता है और जिसमें महत्वपूर्ण तत्व असमर्थता अंदर अंतर्गत होती है इन्हें मनोहर मनोहर रे मानसिक बीमारी अथवा मानसिक विकार भी कहते हैं
Kapaas mein kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai aur dekhie kisee vyakti ke maanasik svaasthy kee vah sthiti hai jise kisee svaarth vyakti se tulana karane par samajhana nahin kaha jaata hai svasth dekhakar kee tulana mein man rogon se grast vyaktiyon ka vyavahaar asaamaany athava donon khulee nirdhaarit kiya jaata hai aur jisamen mahatvapoorn tatv asamarthata andar antargat hotee hai inhen manohar manohar re maanasik beemaaree athava maanasik vikaar bhee kahate hain

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:33
आरा का प्रश्न के मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है तो आपको बताना चाहेंगे बिल्कुल बीमारी नहीं है तो बहुत ही गंभीर बीमारी है समस्या है अगर इतनी सारी रूप से बीमार है तो उसको ठीक किया जा सकता है लेकिन अगर व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है तो जब तक वह काउंसलिंग ना कर वाले फैशन सुनाने दे तब तक उसमें कोई भी परिवर्तन नहीं आएगा उसकी सोच वैसी की वैसी बनी रहेगी और वह भविष्य में हमारे समाज के लिए खतरा भी साबित हो सकता है मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Aara ka prashn ke maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai to aapako bataana chaahenge bilkul beemaaree nahin hai to bahut hee gambheer beemaaree hai samasya hai agar itanee saaree roop se beemaar hai to usako theek kiya ja sakata hai lekin agar vyakti maanasik roop se beemaar hai to jab tak vah kaunsaling na kar vaale phaishan sunaane de tab tak usamen koee bhee parivartan nahin aaega usakee soch vaisee kee vaisee banee rahegee aur vah bhavishy mein hamaare samaaj ke lie khatara bhee saabit ho sakata hai main shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Rajendra जी का जवाब
Self student
3:18
नमस्कार दोस्तों का प्रश्न है क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है तुझे दोस्तों मानसिक बीमारी भी एक प्रकार से बीमारी है दोस्तों मानसिक रोगों को लेकर लोगों में काफी सारे गलत धारणाएं हैं उसकी नजर में यह केवल मन का वहम या अंधविश्वास है जिसके लिए किसी तरह के इलाज की जरूरत नहीं है वह यह समझते लेकिन दोस्तों यह धारणा गलत है उनकी बल्कि मानसिक रूप से यदि कोई संतुलन खो बैठता है तो मानसिक रोग का शिकार हो जाता है और यह रूप गंभीर भी हो सकता है जो मानसिक रोग को मिलोगे क्या या मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी आदि नामों से भी जाना जाता है और इसमें आदमी की मनोदशा याददाश्त स्वभाव तो इन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है और व्यक्ति को प्रभावित हाजीपुर कोई काबू भी नहीं रहता उस से ही कई प्रकार के अध्ययन की डिप्रेशन भूलने की बीमारी पाकिस्तान की मानसिक रोग का ने प्रकार पर किशन होता है जिससे मस्तिष्क की नसों से जोड़कर देखा जाता है हो गया जो मानसिक रोग का अन्य प्रकार फोबिया भी है जिसे ज्यादातर लोग डर से जोड़कर देखते हैं एचडी एचडी यह मानसिक रोग बच्चों में भी देखने को मिलते हैं इसमें सबसे आगे जी एस डी ए डी एच डी है आम भाषा में से ध्यान ना दे पानी का रोग किया जाता है जो कुछ पढ़ने के दौरान बच्चों के देखने को मिलता है दोस्तों इस के कुछ लक्षण भी होते हैं जैसे कि उदास रहना परिवार की तेजी से अलग रहना मूड काबा * बदलना है सामान्य बर्ताव करना घबराहट या डर लगना दोस्तों आइए जान लेते हैं कि जो मानसिक रोग है तो यह किस कारण से होता है दोस्तों इसके कई कारण है नॉर्मल भी हो सकते और गंभीर भी हो सकते हैं जैसे की परिवारिक माहौल का सही नहीं होना सिर पर चोट लगना बचपन में किसी दुर्घटना का हो जाना है पोस्टिंग भोजन करना नशीले पदार्थों का सेवन करना दोस्तों इस प्रकार के कारण और जो मानसिक बीमारी है वह एक प्रकार से गंभीर बीमारी है लेकिन दोस्तों इसके बावजूद यदि मानसिक रोगी पर थोड़ा सा ध्यान दिया जाए उसका इलाज संभव हो जाता है दोस्तों इसकी जानकारी के लिए आप योगा सीख सकते हैं मनोवैज्ञानिक के पास भी आपको जाना चाहिए उसकी सलाह लेनी चाहिए के अनुसार दवा लेनी चाहिए फिजियोथेरेपी भी ले सकते हैं नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हो सकते हैं और दोस्तों इसका समय पर इलाज यदि नहीं किया जाए तो बहुत सी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है जैसे कि निराश रहना रिश्तो में खटास बढ़ जाना अकेलेपन का आदि हो जाना कानूनी आर्थिक परेशानी का होना या तक की सबसे ज्यादा जो हम सोच सकते हैं बहुत यह भी हो सकती है तो दोस्तों इस को समय रहते हैं हमें बताओ कर लेना चाहिए
Namaskaar doston ka prashn hai kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai tujhe doston maanasik beemaaree bhee ek prakaar se beemaaree hai doston maanasik rogon ko lekar logon mein kaaphee saare galat dhaaranaen hain usakee najar mein yah keval man ka vaham ya andhavishvaas hai jisake lie kisee tarah ke ilaaj kee jaroorat nahin hai vah yah samajhate lekin doston yah dhaarana galat hai unakee balki maanasik roop se yadi koee santulan kho baithata hai to maanasik rog ka shikaar ho jaata hai aur yah roop gambheer bhee ho sakata hai jo maanasik rog ko miloge kya ya maanasik svaasthy adhikaaree aadi naamon se bhee jaana jaata hai aur isamen aadamee kee manodasha yaadadaasht svabhaav to in par kaaphee bura prabhaav padata hai aur vyakti ko prabhaavit haajeepur koee kaaboo bhee nahin rahata us se hee kaee prakaar ke adhyayan kee dipreshan bhoolane kee beemaaree paakistaan kee maanasik rog ka ne prakaar par kishan hota hai jisase mastishk kee nason se jodakar dekha jaata hai ho gaya jo maanasik rog ka any prakaar phobiya bhee hai jise jyaadaatar log dar se jodakar dekhate hain echadee echadee yah maanasik rog bachchon mein bhee dekhane ko milate hain isamen sabase aage jee es dee e dee ech dee hai aam bhaasha mein se dhyaan na de paanee ka rog kiya jaata hai jo kuchh padhane ke dauraan bachchon ke dekhane ko milata hai doston is ke kuchh lakshan bhee hote hain jaise ki udaas rahana parivaar kee tejee se alag rahana mood kaaba * badalana hai saamaany bartaav karana ghabaraahat ya dar lagana doston aaie jaan lete hain ki jo maanasik rog hai to yah kis kaaran se hota hai doston isake kaee kaaran hai normal bhee ho sakate aur gambheer bhee ho sakate hain jaise kee parivaarik maahaul ka sahee nahin hona sir par chot lagana bachapan mein kisee durghatana ka ho jaana hai posting bhojan karana nasheele padaarthon ka sevan karana doston is prakaar ke kaaran aur jo maanasik beemaaree hai vah ek prakaar se gambheer beemaaree hai lekin doston isake baavajood yadi maanasik rogee par thoda sa dhyaan diya jae usaka ilaaj sambhav ho jaata hai doston isakee jaanakaaree ke lie aap yoga seekh sakate hain manovaigyaanik ke paas bhee aapako jaana chaahie usakee salaah lenee chaahie ke anusaar dava lenee chaahie phijiyotherepee bhee le sakate hain nasha mukti kendr mein bhartee ho sakate hain aur doston isaka samay par ilaaj yadi nahin kiya jae to bahut see samasyaen utpann hone lagatee hai jaise ki niraash rahana rishto mein khataas badh jaana akelepan ka aadi ho jaana kaanoonee aarthik pareshaanee ka hona ya tak kee sabase jyaada jo ham soch sakate hain bahut yah bhee ho sakatee hai to doston is ko samay rahate hain hamen batao kar lena chaahie

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:45
नमस्कार दोस्तों प्रश्न है कि क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है तो दोस्तों भारत में इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाता है बहुत ज्यादा बीमारी हो जाती है उसे पागल बोल देते हैं लेकिन थोड़ा धीरे-धीरे दोस्तों आजकल खासतौर से शहरों में जो हम समाज से कटते जा रहे हैं और मोबाइल पर आपका कंप्यूटर पर टीवी पर बस रह गए हैं देखने के लिए काल्पनिक दुनिया में रह रहे हैं पैसा बहुत है जो है किराया से कम आ रहे हैं ब्लास्ट कमा रहे हैं कार्य कोई है नहीं कोई मिलने वाला आता नहीं है तो धीरे-धीरे व मानसिक बीमारी का शिकार होने लग जाता है वह अकेलापन महसूस करने लग जाता है वह कोई उससे बातचीत करने की कोशिश करता है तो भी वहीं रहता है और अकेले रहने की कोशिश करता है जो कि एक गंभीर बीमारी है गांव में अभी फिलहाल ऐसा नहीं है गांव में बुजुर्ग व्यक्ति से बच्चे वालों घर की बात ना करते हो तो वहां की बुजुर्ग और थे शाम को दोपहर में बुजुर्ग व्यक्ति से मिलने आती हैं घर में आना जाना रहता है सोशल स्टेटस एक प्रकार का होता है आजकल तो शहरों में सोशल स्टेटस लोगों का इतना बढ़ गया है कि दोस्त पुराना जो गांव सोचेगा यार ए तो बहुत बड़ा आदमी से घर जाऊं कि नहीं जाऊं बस फोन पर भी आजकल बात ही नहीं हो रही है चैट के माध्यम से हो रही है या प्रतिस्पर्धा हमारे यहां बहुत शहरों में बढ़ती जा रही है चाहे वह छोटा बच्चा हो पढ़ाई के लिए प्रतिस्पर्धा हो जाए नौकरी के लिए प्रतिस्पर्धा हो चाहे आप को समाज में स्थिति बनाने के लिए हो थारी प्रतिस्पर्धा में हम जी रहे हैं बे फालतू के पोस्ट एक निश्चित रूप से मानसिक बीमारी से ग्रसित रूप हो रहे होते जा रहे हैं वह हो सकता है उसका प्रतिशत कम हो हमें उसका पिछड़ापन थोड़ा कम आता हूं लेकिन यह आगे गंभीर एक बीमारी का रूप ले सकती है धन्यवाद
Namaskaar doston prashn hai ki kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai to doston bhaarat mein ise jyaada gambheerata se nahin liya jaata hai bahut jyaada beemaaree ho jaatee hai use paagal bol dete hain lekin thoda dheere-dheere doston aajakal khaasataur se shaharon mein jo ham samaaj se katate ja rahe hain aur mobail par aapaka kampyootar par teevee par bas rah gae hain dekhane ke lie kaalpanik duniya mein rah rahe hain paisa bahut hai jo hai kiraaya se kam aa rahe hain blaast kama rahe hain kaary koee hai nahin koee milane vaala aata nahin hai to dheere-dheere va maanasik beemaaree ka shikaar hone lag jaata hai vah akelaapan mahasoos karane lag jaata hai vah koee usase baatacheet karane kee koshish karata hai to bhee vaheen rahata hai aur akele rahane kee koshish karata hai jo ki ek gambheer beemaaree hai gaanv mein abhee philahaal aisa nahin hai gaanv mein bujurg vyakti se bachche vaalon ghar kee baat na karate ho to vahaan kee bujurg aur the shaam ko dopahar mein bujurg vyakti se milane aatee hain ghar mein aana jaana rahata hai soshal stetas ek prakaar ka hota hai aajakal to shaharon mein soshal stetas logon ka itana badh gaya hai ki dost puraana jo gaanv sochega yaar e to bahut bada aadamee se ghar jaoon ki nahin jaoon bas phon par bhee aajakal baat hee nahin ho rahee hai chait ke maadhyam se ho rahee hai ya pratispardha hamaare yahaan bahut shaharon mein badhatee ja rahee hai chaahe vah chhota bachcha ho padhaee ke lie pratispardha ho jae naukaree ke lie pratispardha ho chaahe aap ko samaaj mein sthiti banaane ke lie ho thaaree pratispardha mein ham jee rahe hain be phaalatoo ke post ek nishchit roop se maanasik beemaaree se grasit roop ho rahe hote ja rahe hain vah ho sakata hai usaka pratishat kam ho hamen usaka pichhadaapan thoda kam aata hoon lekin yah aage gambheer ek beemaaree ka roop le sakatee hai dhanyavaad

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Deven जी का जवाब
Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
2:48
क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी है जी हां मानसिक बीमारी एक बीमारी है यह ऐसी एक बीमारी है जिस तरीके से हमें अन्य बीमारियां होती है सर्दी खांसी होती है क्या अंतर होता है डायबिटीज होता है तो उसी तरीके से मानसिक बीमारी भी एक बीमारी है फर्क इतना है तो इसके अंदर में उसकी मानसिक तौर पर दो टाइप की बीमारी होती है एक होते कि जो फिजियोलॉजिकल चेंजेज कराती है जैसे कि ब्रेन ट्यूमर हो क्या उसके अंदर से भी कुछ बिगाड़ा है क्या मतलब के न्यूरॉन्स के अंदर आपके प्रेम के अंदर उसके वजह से आपका फंक्शनिंग अफेक्ट हुआ दूसरी बीमारी होती है जो कि साइकोलॉजिकल होती है ने मानसिक की बात कर रहे हो तो मानसिक बीमारी के अंदर क्या होता है कि कोई बिगाड़ नहीं आया था अनापुर फिजियोलॉजिकल लेवल पर नहीं दिखेगा के कुछ चीजें खराबी हुई है जैसे कैंसर में दिखता है कि कैंसर ग्रोथ होगी टाइपिंग में दिखता है कि इस शुगर बढ़ गई है तो वैसे मानसिक बीमारी के अंदर हमें कोई फिजियोलॉजिकल यूपी डांस नहीं मिलते बहुत बार मिलते हैं बीजेपी और आपके सोच के अंदर में मैंने मानसिक अनेक यह क्यों होता है क्योंकि हमारे ब्रेन के अंदर एक रिमाइंडर कैपेसिटी है वह किसी भी चीज को कुछ भी कर सकता है आने आप अगर उसको पॉजिटिव चीज फीड कर रहे हो बहुत एनर्जी ठीक बना रहे हो तो कोशिश ऐसे ही हंसते हंसते कर लेगा कितना भी दुख सहन करके बीयर कितना भी पेन सेंड करके और अगर हम उसको चीजें भी हर तरीके से दे रहे हैं हमें और यह कहां से रहे और हम समाज के अंदर से मिलते हम चीजें देखते हैं सीरियल देखते हैं गलत किताबें पढ़ते क्राइम देखते ऐसी चीजें हमारा बरेल सोचने लगता है और उसी तरीके से विचार पैदा करना शुरू करता है और यह बार-बार होता है तो कभी-कभी हम उस ग्रुप में फंस जाते हैं उसके थिंकिंग एचएसएससी जॉब नहीं है जो प्रिया में किसी व्यक्ति के टॉप पर चले जाना बाइपोलर डिसऑर्डर से बहुत खुश है बहुत नाक में बहुत ने किसी भी चीज को एकदम पोलैरिटी पर चले जाओ तो यह बाइपोलर डिसऑर्डर हो गया सुप्रिया हो गया डिप्रेशन हो गया है इन सब चीजें ही विचार और गलत विचार और उसका एक्सेप्टेंस और उसके शिकार हम बन जाते हैं और ब्रेन में अगर कोई चीज एक्सेप्ट की तो ब्रेन उस चीज को उस थिंकिंग को उस पिक्चर को अपने बिहेवियर में कन्वर्ट करता है और आप के बर्ताव में चेंज होना शुरू हो जाता है इसका रिजल्ट प्रोसेस साइकोलॉजिकल काउंसलिंग या अच्छी संगत है खुद के ऊपर काम कर नहीं होती है अगर आप एक लेवल के नीचे उतर जाते हो यह त्रिशूल में तो आपको मेडिकल असिस्टेंट की जरूरत पड़ती है गोलियां खानी पड़ती है जिसकी वजह से वह लेवल ऊपर आती है और बशर्ते मैं तुझे चाहूंगा कि किसी के ऊपर ही नौबत ही ना है मेंटल हेल्थ बहुत जरूरी है उसको हेल्दी रखो अच्छी किताबें पढ़ो मेडिटेशन को एकदम से इसको अच्छे लोगों के साथ रोड अपने आप आपकी और सेहत अच्छी लगी
Kya maanasik beemaaree vaastav mein ek beemaaree hai jee haan maanasik beemaaree ek beemaaree hai yah aisee ek beemaaree hai jis tareeke se hamen any beemaariyaan hotee hai sardee khaansee hotee hai kya antar hota hai daayabiteej hota hai to usee tareeke se maanasik beemaaree bhee ek beemaaree hai phark itana hai to isake andar mein usakee maanasik taur par do taip kee beemaaree hotee hai ek hote ki jo phijiyolojikal chenjej karaatee hai jaise ki bren tyoomar ho kya usake andar se bhee kuchh bigaada hai kya matalab ke nyoorons ke andar aapake prem ke andar usake vajah se aapaka phankshaning aphekt hua doosaree beemaaree hotee hai jo ki saikolojikal hotee hai ne maanasik kee baat kar rahe ho to maanasik beemaaree ke andar kya hota hai ki koee bigaad nahin aaya tha anaapur phijiyolojikal leval par nahin dikhega ke kuchh cheejen kharaabee huee hai jaise kainsar mein dikhata hai ki kainsar groth hogee taiping mein dikhata hai ki is shugar badh gaee hai to vaise maanasik beemaaree ke andar hamen koee phijiyolojikal yoopee daans nahin milate bahut baar milate hain beejepee aur aapake soch ke andar mein mainne maanasik anek yah kyon hota hai kyonki hamaare bren ke andar ek rimaindar kaipesitee hai vah kisee bhee cheej ko kuchh bhee kar sakata hai aane aap agar usako pojitiv cheej pheed kar rahe ho bahut enarjee theek bana rahe ho to koshish aise hee hansate hansate kar lega kitana bhee dukh sahan karake beeyar kitana bhee pen send karake aur agar ham usako cheejen bhee har tareeke se de rahe hain hamen aur yah kahaan se rahe aur ham samaaj ke andar se milate ham cheejen dekhate hain seeriyal dekhate hain galat kitaaben padhate kraim dekhate aisee cheejen hamaara barel sochane lagata hai aur usee tareeke se vichaar paida karana shuroo karata hai aur yah baar-baar hota hai to kabhee-kabhee ham us grup mein phans jaate hain usake thinking echesesasee job nahin hai jo priya mein kisee vyakti ke top par chale jaana baipolar disordar se bahut khush hai bahut naak mein bahut ne kisee bhee cheej ko ekadam polairitee par chale jao to yah baipolar disordar ho gaya supriya ho gaya dipreshan ho gaya hai in sab cheejen hee vichaar aur galat vichaar aur usaka ekseptens aur usake shikaar ham ban jaate hain aur bren mein agar koee cheej eksept kee to bren us cheej ko us thinking ko us pikchar ko apane biheviyar mein kanvart karata hai aur aap ke bartaav mein chenj hona shuroo ho jaata hai isaka rijalt proses saikolojikal kaunsaling ya achchhee sangat hai khud ke oopar kaam kar nahin hotee hai agar aap ek leval ke neeche utar jaate ho yah trishool mein to aapako medikal asistent kee jaroorat padatee hai goliyaan khaanee padatee hai jisakee vajah se vah leval oopar aatee hai aur basharte main tujhe chaahoonga ki kisee ke oopar hee naubat hee na hai mental helth bahut jarooree hai usako heldee rakho achchhee kitaaben padho mediteshan ko ekadam se isako achchhe logon ke saath rod apane aap aapakee aur sehat achchhee lagee

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Dukh mitane ka upay Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Dukh जी का जवाब
Unknown
1:29
कृष्णा आपने पूछा क्या मानसिक बीमारी वास्तविक बीमारी होती है मानसिक बीमारी क्या है मेरा कुछ ठीक नहीं होगा यह नकार से बचा सकते हैं अब मुझे कभी खुशी नहीं मिलेगी मेरा बुरा ही बुरा होगा यह मां से ऐसे विचार करते हैं तो उस समय से हार्मोन समाजसेवी से निकलता तो वह हार ना सब अंग हमारे जूते पाठ से कितनी अजीब है जो भी पार से उस को कमजोर कर देता है तो बीमारी हो जाती है यह मुख्य कारण कौन सी बीमारी होती है यहां तक कैंसर की बीमारी अरे तो लगाते विचार करते हैं तो वह रात को नींद नहीं आती न करते हुए चाय समय से एसटीडी बढ़ जाती है स्टडी बढ़ जाती है फिर पेट में कब्जी हो जाती है और कभी हो जाती है तस्वीर हमारी अम्मा के पास कम हो जाता है और ना खाते में चार करते हैं तभी अमृत पार्क कमजोर होता है तो इसको बीमा की जगह हरे कृष्ण हरे कृष्ण तो मैंने काफी वर्क लेकर ऑडियो अपलोड करना ध्यान पूर्वक सुने अपना जीवन सफल बनाएं इस बार बार किसी के पास ऐसी बताऊंगा और भक्ति में आगे बढ़ते रहिए भरतरी भरतरी

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Rohit Soni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rohit जी का जवाब
Journalism
1:28
आज के समय में जहां हम चीजों के लिए जितना भाग दौड़ करने लग गए हैं और वही हम चीजों के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक हो जाते हैं बाबू को जाते हम कोई नहीं हमारे दिमाग पर भी असर करता है नमस्कार दोस्तों मेरा नाम रोहित और आप सुनने मेरे ऑडियो बोलकर ऐप बरसने की क्या मानसिक बीमारी वास्तव में मारी एडी की मानसिक बीमारी कोई बीमारी नहीं होती मानसिक बीमारी होता एक तनाव हमारे मस्तिष्क में उतर आता है छोटी-छोटी चीजों के लिए यदि मैं आपको उदाहरण से समझाऊं तो आप एक जिंदगी को एक प्रेशर कुकर समझ लीजिए जब प्रेशर कुकर में छोटी-छोटी सीटी आती रहती हैं तो वह धीरे-धीरे करके उतारने की जैसी इसमें कोई बड़ी सिटी बन जाती है तो कैसे सीटी जो है ऊपर की तरफ हो जाती यदि वह सिटी ऊपर ना हो क्या हुआ कट जाएगा वही हमारे साथ हमारे मस्तिष्क में हमारी जो छोटी मोटी प्रॉब्लम हो गई घटना होती रहती है यदि प्रॉब्लम है कोई अच्छी तरह से निकाल दें मेडिटेशन वगैरह करें तो वह हम उनको बीमारियां हैं जो मस्तिष्क में होना उनसे बच सकते हैं यदि अगर हम मस्तिष्क में उन चीजों को दबाकर रखें तो वह आगे जाकर मानसिक बीमारियों का रूप ले लेती है तो मैं आप लोगों को भी यही सलाह दूंगा कि आपको भी ऐसे मस्तिष्क में आपको टेंशन लेकर घूम रहे हो कि किसी प्रकार की आपको चिंता सता रही है तो आप उन सभी चीजों को धीरे-धीरे करके सॉल्व करें ठंडे दिमाग से इन चीजों को आर्मी अपने घर वालों के साथ बैठे और उन सभी भाइयों को दूर करें

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क्या मानसिक बीमारी वास्तव में एक बीमारी हैKya Mansik Bimari Vastav Mein Ek Bimari Hai
Soumya Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Soumya जी का जवाब
Unknown
1:14

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