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bolkar speaker

अपने भीतर विचारों की उत्पत्ति कैसे होती है और इसे कौन उत्पन्न करता है?

Apne Bheetar Vicharo Ki Utpatti Kaise Hoti Hai Aur Ise Kaun Utpann Karta Hai
pushpanjali patel Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pushpanjali जी का जवाब
Student with micro finance bank employee
1:46
नमस्कार इस प्रश्न को पढ़ने से पहले मैं एक बात बताना चाहूंगी कि एक प्रश्न है जो मुझसे कम से कम 10 बार पूछा जा चुका है लेकिन मैं उसका जवाब पहले ही दे चुकी हूं और कृपया करके उस सवाल का जवाब आप लोग वहां से जाकर सुन लीजिए और मेरे सामने बार-बार प्रश्न पूछा जा रहा है अस्मिता जी ने पूछा बहुत सारे लोग हैं जो लोगों ने पूछा उसका जवाब पहले ही दे चुकी तो फिर मैं इस प्रश्न का जवाब देती हूं कि आप का सवाल है अपने भीतर विचारों के प्रति कैसे होती है उससे कौन उत्पन्न करता है इसलिए हमारे विचारों के प्रति हम हम से उत्पन्न होती है क्योंकि हम से हमको तो हमसे बेहतर कोई नहीं समझता है जो भी समझते हैं मतलब खुद को समझते हैं और जो भी मेरे मन में विचार वह कहीं ना कहीं किसी चीज को देख करके उत्पन्न होते हैं इसलिए हमें अच्छी चीजें देखनी चाहिए जैसे कि मान लीजिए जैसे माहौल में वातावरण रहते हैं होते हैं जैसे कि मान लीजिए अगर हम सोंग्स की बात करने से से गाना चाहिए भक्ति गीत सुनते हैं थोड़ा बहुत हमारे मन में उत्पन्न होता है कि देश भक्ति करनी चाहिए अगर इमोशनल गाना सुनते हैं तो मुश्किल हो जाते हैं अगर कोई खुशी वाला गाना सुनते हम भी खुश हो जाएंगे थोड़े हो तुम्हारे मन में ऐसे विचार आते हैं लेकिन आज ओपन स्थाई रूप से विचार होते हैं वह कहीं ना कहीं मर मरने रहे थे जैसे कि ना ले हम कुछ बनना चाहते हैं और वह विचार हमारे मन में हमेशा से रहेंगे लेकिन उसके लिए आपको इतना कर्म करना पड़ेगा उसका भी देखे आपको करता परीक्षण करना पड़ेगा क्या बन पाएंगे विचारों के प्रति हम परेशान होती है तो मनुष्य के सवाल का जवाब पसंद आएगा आप लोग खुश रहिए दूसरों को भी खुश रखो
Namaskaar is prashn ko padhane se pahale main ek baat bataana chaahoongee ki ek prashn hai jo mujhase kam se kam 10 baar poochha ja chuka hai lekin main usaka javaab pahale hee de chukee hoon aur krpaya karake us savaal ka javaab aap log vahaan se jaakar sun leejie aur mere saamane baar-baar prashn poochha ja raha hai asmita jee ne poochha bahut saare log hain jo logon ne poochha usaka javaab pahale hee de chukee to phir main is prashn ka javaab detee hoon ki aap ka savaal hai apane bheetar vichaaron ke prati kaise hotee hai usase kaun utpann karata hai isalie hamaare vichaaron ke prati ham ham se utpann hotee hai kyonki ham se hamako to hamase behatar koee nahin samajhata hai jo bhee samajhate hain matalab khud ko samajhate hain aur jo bhee mere man mein vichaar vah kaheen na kaheen kisee cheej ko dekh karake utpann hote hain isalie hamen achchhee cheejen dekhanee chaahie jaise ki maan leejie jaise maahaul mein vaataavaran rahate hain hote hain jaise ki maan leejie agar ham songs kee baat karane se se gaana chaahie bhakti geet sunate hain thoda bahut hamaare man mein utpann hota hai ki desh bhakti karanee chaahie agar imoshanal gaana sunate hain to mushkil ho jaate hain agar koee khushee vaala gaana sunate ham bhee khush ho jaenge thode ho tumhaare man mein aise vichaar aate hain lekin aaj opan sthaee roop se vichaar hote hain vah kaheen na kaheen mar marane rahe the jaise ki na le ham kuchh banana chaahate hain aur vah vichaar hamaare man mein hamesha se rahenge lekin usake lie aapako itana karm karana padega usaka bhee dekhe aapako karata pareekshan karana padega kya ban paenge vichaaron ke prati ham pareshaan hotee hai to manushy ke savaal ka javaab pasand aaega aap log khush rahie doosaron ko bhee khush rakho

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अपने भीतर विचारों की उत्पत्ति कैसे होती है और इसे कौन उत्पन्न करता है?Apne Bheetar Vicharo Ki Utpatti Kaise Hoti Hai Aur Ise Kaun Utpann Karta Hai
lalit Netam Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए lalit जी का जवाब
Unknown
4:59
आपको सवाल अपने भीतर विचारों की उत्पत्ति कैसे होती है किसी और से कौन उत्पन्न करता है चलिए आज मैं आपको विचारों के ऊपर इन डिटेल आपको इस ऑडियो में बताने वाला हूं पूरा जवाब सुनेगा आपको बहुत सारी नॉलेज मिलने वाली सबसे पहले अपने बारे में जानते अपने बारे में आपको नहीं पता होगा तब तक आप मन के बारे में कैसे जानते हैं तो सबसे पहले आपको बताने वाला हूं सब कुछ सही है सत्य है मैंने गुलाम एक्सपीरियंस किया तो हम सभी कौन हैं हम सभी के हाथ में है हम सभी एक कौन हैं हम सभी का हाथ में और आत्मा शरीर के मुस्तक के मध्य में सिरोही से लिखो चलाती है तो दूसरों को नहीं पता कि हम कौन हैं कुछ लोग तो अपने आप को इंसान समझते हैं शरीर समझते हैं लेकिन हम कौन हैं हम सभी का आज तुम्हारा आत्मा शरीर नहीं है आत्मा शरीर को चलाती है हम सभी का आत्मा आत्मा कैसी होती है पॉइंट ऑफ लाइट सितारे के जैसे आप रात में आप आसमान में देखना तारा होता वैसे ही आत्मा का स्वरूप होता है ज्योति बिंदु किया वहीं के मध्य में स्थित आत्मा आत्मा कर सकती है दो छुट्टियां एक महात्मा का मन है ठीक है आत्मा का मन है यह नहीं मन दिल में दिल है मन ही मन आत्मा की शक्ति है ठीक है मन से हम सोच रहे हैं विचार आ गए आक्रमण में भी सोच रहे हो जो भी था उठाते हैं वह आपके मन में आते हैं और बुद्धि अलग ध्यान किया उसके शरीर में दिमाग है ना दिमाग को आप गुड्डी बोलते उसे ब्रेन बोलते माइंड मतलब मन होता है जो आत्मा की शक्ति है ठीक है मन से आप सोच रहे हो समझ रहा हूं कुछ दिन भी नहीं है ठीक है मन और बुद्धि अलग-अलग मन मतलब आप आत्मा की शक्ति जिससे आप सोच रहे हो और बुद्धि आने की ट्रेन दिमाग यह क्या करें दिमाग का काम होता है निर्णय करना और मन का काम होता है सोचना है सोच कहां जाते यह थॉट कहां जाते हमारे मन में थॉट्स कहां से आ रहे हैं अब आप कई सवाल तो विचारों के प्रति आप जो देख रहे हो जो सुन रहे हो वहीं से आपके थॉट्स आपके मन में आते हैं जब तक आप कुछ देखोगे नहीं नहीं सुनोगे ना चीज पढ़ोगे तो आपके मन में कैसे जाएगा आप ही बताओ हम कैसे एक दूसरे हम कमी के चलते आप दूसरों को किसी और को आप समझा दो बार समझाना तो आप बोल कर उसे समझाते हो सामने आलू मन में कैसे मन मन में वह सारी चाहिए कहां चाहते थॉट जहां चाहते हैं मन में थॉट चाहते आप जो चीज देखे हो ना अपने आसपास जो भी चीज देख लो टीवी देख रहे हो मोबाइल में थोड़ी देख रहे हो आप इन यूट्यूब में कुछ देख रही हूं वीडियो देख रहे हो कुछ किताबें पढ़ रहे हो और कुछ अपनी कुछ आस पास के लोग हैं उनसे आप कुछ सुन रहे हो तीन चीजें सुनना पढ़ना देखना इन तीनों के माध्यम से आपके मन में जब देखो कुछ आप सुनोगे ऐसा करोगे आप का मन वैसा बन जाएगा ठीक है मैं संबंध बन रहा है अभी जो आप देख रहे हो जो भी सुंदर ही पड़ रहा कमल बस अब बन रहा है ठीक है फिर क्या होता है मैं आपको बता दूं कि हमारे मन करता है कद्दू गोयंका तो खाना पानी पीते हो श्री के लिए फोटो को भोजन तो मन के लिए क्या भोजन है जो आप देख रहे जो चीज आप पढ़ रहे हो देखना पढ़ना सुनना के माध्यम से मन भोजन करते हैं उनकी जो चीज आप देख लो जो पहले थे वैसे हमारे मन बन रहा है ठीक है तू कर आप जीवन में सुख रहना सुखी रहना चाहते शांत रहना चाहते खुश रहना चाहते हमेशा स्वस्थ रहने लगता नहीं कि हमेशा खुश रहना चाहता हूं मैं सब पॉजिटिव रहना चाहता हूं तुम्हारे साथ रहना चाहते खुशी रहना खुश रहना चाहते तो आप को बिल्कुल वैसे ही देखना सुनना पढ़ना होगा आपके थॉट्स को अगर सकारात्मक करना तो आपको हर दिन सकरात हूं तुझे देखना पढ़ना सुनना होगा अगर अपने ही पीछे जो देखोगे नहीं छुट्टी से सुनोगे पढ़ोगे तो आपको नेगेटिव थॉट्स ही आएंगे आपके मन में आप देख लेना ट्राई करके देख लो एक हफ्ते तक आपने सकारात्मक चीजें देखो पढ़ो सुनो सकारात्मक लोगों के साथ रहो आपके भाई के दिखने लगे आपका मन भी सकारात्मक सोचने लगे एक हफ्ते तक आपका देख सकते पूरा 24 घंटा वह भी आपको एक थॉट भी नेगेटिव निभाना चाहिए तो आपका मन में मेरे लिए थोड़ी आएंगे ही नहीं वैसे ही फल निकलता है या तुम मन में बीज कहां से आता है बी जाता है आधुनिक देख रहे थे कि सुबह जो चीज पढ़ रहे हो अभी से आपके मन में छोड़ जाएंगे उस दिन निकलेगा फिर शाखा पत्ती ऐसे समझ सकती आप देख लीजिए कि आप खुद अपने आप मन में मन को आप वैसा बना रहे हो सांप देखने से सुनते हुए सब पढ़ रहे हो अच्छे से देखो अच्छा आपका मन बन जाएगा अच्छा अच्छा बनने आपको अपने जीवन में आदर्श व्यक्ति बनना है तो आप आ चुकी है देखो चीजें चुनौती दी है पढ़ो और अच्छे दोस्तों के साथ रहो दोस्तों का प्रभाव पड़ता है जिन पांच लोगों साथ आप रहते हो उन पांच व्यक्ति के जैसा आपका मित्र आपका बन जाओगे उस दिन 5 लोग एक साथ आप ज्यादा समय बिताते हो तो आप भी उन पांच व्यक्ति के साथ में 5 लोग हैं जैसे आप बन जाओगे इसलिए हमेशा अच्छे दोस्त बना चुके जैसा बनना चाहते
Aapako savaal apane bheetar vichaaron kee utpatti kaise hotee hai kisee aur se kaun utpann karata hai chalie aaj main aapako vichaaron ke oopar in ditel aapako is odiyo mein bataane vaala hoon poora javaab sunega aapako bahut saaree nolej milane vaalee sabase pahale apane baare mein jaanate apane baare mein aapako nahin pata hoga tab tak aap man ke baare mein kaise jaanate hain to sabase pahale aapako bataane vaala hoon sab kuchh sahee hai saty hai mainne gulaam eksapeeriyans kiya to ham sabhee kaun hain ham sabhee ke haath mein hai ham sabhee ek kaun hain ham sabhee ka haath mein aur aatma shareer ke mustak ke madhy mein sirohee se likho chalaatee hai to doosaron ko nahin pata ki ham kaun hain kuchh log to apane aap ko insaan samajhate hain shareer samajhate hain lekin ham kaun hain ham sabhee ka aaj tumhaara aatma shareer nahin hai aatma shareer ko chalaatee hai ham sabhee ka aatma aatma kaisee hotee hai point oph lait sitaare ke jaise aap raat mein aap aasamaan mein dekhana taara 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mein 5 log hain jaise aap ban jaoge isalie hamesha achchhe dost bana chuke jaisa banana chaahate

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अपने भीतर विचारों की उत्पत्ति कैसे होती है और इसे कौन उत्पन्न करता है?Apne Bheetar Vicharo Ki Utpatti Kaise Hoti Hai Aur Ise Kaun Utpann Karta Hai
Dukh mitane ka upay Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Dukh जी का जवाब
Unknown
2:18
आप को चमार भीतर विचारों को शादी कैसे होती है इसमें कौन-कौन करते हो हम घर से बाहर आते हमें प्रकृति प्रकृति ने सतोगुण रजोगुण तमोगुण यह तीनों कौन भारी बारिश के चलते रहते हैं तो जब सतोगुण चलता है तो हम पोस्ट करते रहते हैं हम ज्ञान की बातें हमें याद आती है जगह जगह बन सकता है तो हमें नए-नए काम करने की इच्छा होती है धन कमाने में 14 गुण होता है तो हमारे मन में सबसे होता है हमें लगता है थोड़े से कोई विपरीत परिस्थिति आ जाए कि हमें समस्या खत्म हो जाता है लेकिन मिल जाता है और क्योंकि कार्य कारण प्रकृति उत्पन्न करती है क्योंकि जब हमारा मन ईश्वर ने लगा हो तो प्रकृति अपना कार्य करेगी शुक्ला को भोगता है कि जब हमारा मन 50% से अधिक ईश्वर में झुक जाता है तो इससे हमारा मन चलाते हैं और हमारी जो पूर्व जन्म के प्रबुद्ध है ना वह आने नहीं देते यह सत्य बात मेरे जीवन में कितनी घटनाएं हुई दूसरे को बचाया कितनी बार एक्सीडेंट से बचाया अभी दो-तीन साल में ठहरे थे यह आपका नंबर 63 बात तो प्रकृति * घर में मना आपको लगा रहेगा स्थिति रहेगी तो फिर इस आप विचार चलाएंगे नहीं प्रगति रिपोर्ट जलाएंगे जो आपने पूर्व जाने पर जो कर्म किए उसके अनुसार विचार करें उनके अनुसार आपको भी शुभ कार्य का दुख रहेगा चेहरे पर यह माल खरीद लेता है अपने लाभ के लिए लेकिन लग जाता है खाता है क्योंकि उसे विचार है से उत्पन्न किया उसको नुकसान देने के लिए यह प्रकृति चलाती हरे कृष्ण हरे कृष्ण और भी कुछ संशय उसको से और वह को लेकर जाएगी मैंने काफी वह भी अपलोड की है आप ध्यान पूर्वक सुने और अपना जीवन सफल बनाएं मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं भक्ति भाग भरतरी भरतरी भरतरी

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अपने भीतर विचारों की उत्पत्ति कैसे होती है और इसे कौन उत्पन्न करता है?Apne Bheetar Vicharo Ki Utpatti Kaise Hoti Hai Aur Ise Kaun Utpann Karta Hai
Trainer Yogi Yogendra Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trainer जी का जवाब
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1:07

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