#भारत की राजनीति

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?

Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
2:37
हेलो एवरीवन तो आज आप का सवाल है कि बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है तो देखिए और इसके पीछे बहुत सारे कारण हैं जैसे कि देखिए जब आपको पांच-छह घंटा 7 घंटा अगर आप का काम होता है उसमें आपको बहुत ज्यादा काम हर दिन रहता था वह बहुत सारे काम में कि आज आपके काम पड़ा है तो आज ज्यादा काम है मगर कुछ काम नहीं था टिकट काउंटर कितने घंटे में से कोई भी दिन काम नहीं रहता बहुत सारे कस्टमर बहुत सारे लोगों से मतलब बातचीत टिकट करना अकाउंट खोलना काम इन लोगों को रहता है बहुत सारे लोग डाउट पूछते हैं यह कैसे हुआ वह कैसे कैसे होगा वह कैसे होगा इस तरह का हो जाता है इतने सारे लोगों का काम करना एक पिक मतलब लाइन बिल्कुल भी खाली नहीं रहता सब लाइन में मतलब लगे हुए तू इस तरह के मतलब जैसा रहता है कंडीशन इस वजह से उनका मन चिड़चिड़ा हो जाता है जिसके वजह से बहुत ही रूडली बात करते हैं आने लगी हाय यह नियम इसी टाइप का थोड़ा बात कर देते और दूसरा क्या होता है कि और जब आपको पता होता है कि यहां पर अगर आप खराब भी है बीयर करेंगे तब आपका कोई नुकसान भी नहीं होगा जैसे कि और टीचर अगर अच्छे से नहीं पढ़ा रहा फिर वह खराब व्यापार कर रहा है कंप्लेंट करते हैं सारे स्टूडेंट मिलकर तो टीचर्स को वार्निंग दिया जाता और फिर निकाल भी दिया जा सकता है लेकिन जाती है और फिर बैंक की कोई भी काम अगर आ जाती है तो वहां पर आपको पता होता कि बहुत ही मुश्किल होता है कि आपको यहां से हटाया जाएगा या फिर निकाला जाएगा क्योंकि सबको वहां पर पता है कि सबकी बीवियां थोड़ा बहुत चिड़चिड़ा पर आपको इतना डर भी नहीं लगता है कि हां आप आप का काम आप को निकाला जा सकता है या नहीं इस वजह से इंसान का लगभग ऐसी ही नहीं है ताकि मैं सभी है यार अगर कर भी रहा हूं या कर भी रही हूं तो कुछ प्रॉब्लम भी होगा तो जॉब को लेकर जाते हैं और फिर सोचते हैं कि जॉब को भी लेकर इतना खतरा नहीं है जिस वजह से उनकी बीवी ऐसी होती है तेरी समझ रहे थे कि मुझे कुछ पूछना है तो मुझे खुद ही बुला रहे थे कि आपको कुछ डाउट है अच्छे होते लेकिन मैं इतनी भीड़ और फिर ऐसा मतलब अभी तक मिली नहीं खराब होते हैं
Helo evareevan to aaj aap ka savaal hai ki baink karmachaariyon ka vyavahaar badatameejee se bharapoor kyon hota hai to dekhie aur isake peechhe bahut saare kaaran hain jaise ki dekhie jab aapako paanch-chhah ghanta 7 ghanta agar aap ka kaam hota hai usamen aapako bahut jyaada kaam har din rahata tha vah bahut saare kaam mein ki aaj aapake kaam pada hai to aaj jyaada kaam hai magar kuchh kaam nahin tha tikat kauntar kitane ghante mein se koee bhee din kaam nahin rahata bahut saare kastamar bahut saare logon se matalab baatacheet tikat karana akaunt kholana kaam in logon ko rahata hai bahut saare log daut poochhate hain yah kaise hua vah kaise kaise hoga vah kaise hoga is tarah ka ho jaata hai itane saare logon ka kaam karana ek pik matalab lain bilkul bhee khaalee nahin rahata sab lain mein matalab lage hue too is tarah ke matalab jaisa rahata hai kandeeshan is vajah se unaka man chidachida ho jaata hai jisake vajah se bahut hee roodalee baat karate hain aane lagee haay yah niyam isee taip ka thoda baat kar dete aur doosara kya hota hai ki aur jab aapako pata hota hai ki yahaan par agar aap kharaab bhee hai beeyar karenge tab aapaka koee nukasaan bhee nahin hoga jaise ki aur teechar agar achchhe se nahin padha raha phir vah kharaab vyaapaar kar raha hai kamplent karate hain saare stoodent milakar to teechars ko vaarning diya jaata aur phir nikaal bhee diya ja sakata hai lekin jaatee hai aur phir baink kee koee bhee kaam agar aa jaatee hai to vahaan par aapako pata hota ki bahut hee mushkil hota hai ki aapako yahaan se hataaya jaega ya phir nikaala jaega kyonki sabako vahaan par pata hai ki sabakee beeviyaan thoda bahut chidachida par aapako itana dar bhee nahin lagata hai ki haan aap aap ka kaam aap ko nikaala ja sakata hai ya nahin is vajah se insaan ka lagabhag aisee hee nahin hai taaki main sabhee hai yaar agar kar bhee raha hoon ya kar bhee rahee hoon to kuchh problam bhee hoga to job ko lekar jaate hain aur phir sochate hain ki job ko bhee lekar itana khatara nahin hai jis vajah se unakee beevee aisee hotee hai teree samajh rahe the ki mujhe kuchh poochhana hai to mujhe khud hee bula rahe the ki aapako kuchh daut hai achchhe hote lekin main itanee bheed aur phir aisa matalab abhee tak milee nahin kharaab hote hain

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Rohit Rathore Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rohit जी का जवाब
Student
1:30
वेलकम बैक शायद आप सबको मेरी बोलकर ए प्रोफाइल पर और आप सुन रहे हैं रोहित राठौर को तैयार बैंकों के कर्मचारियों का व्यवहार तो आपने भी देखा होगा आपकी सेवा में गए होंगे कई बार आपके कुछ काम है हटके पढ़े होंगे तब आप मुझसे बात करना चाहते हो बैंक अधिकारी होते उनका आपने बदतमीजी भरा व्यवहार देखा होगा तो इसके पीछे कारण क्या हो सकता है और इसके पीछे यही कारण है कि यार वो लोग दिन भर बैठे रहते तूने कहीं कस्टमर्स को हैंडल करना होता है परिवार की बार्बी डॉल फॉर मी बनाता है वह लोग परेशान हो जाते हैं एवं बैंकों में एक ऐसा व्यक्ति एक साहेब व्यक्ति होना चाहिए जो उनके फॉर्म भरने में उनकी मदद कर सके क्योंकि अगर वह छोटी-छोटी बातों को लेकर इन कर्मचारियों के पास जाते रहेंगे ना तो वह चिढ़ जाते हैं यही कारण है कि उनकी एक नौकरी जो है वह एक ऐसी ही नौकरी है जिसमें हर बार बैठे रहना होता है कीड़े होने लग जाती है हम कहीं आज आ नहीं सकते ऐसे बैठे रहते हुए कई लोगों से दिल करनी होती है फिर अगर कुछ लोग इसे आ जाते हैं कि सर मुझे यह समझ में नहीं आ रहा तो इस प्रकार पर बैंकों को भी कुछ ध्यान रखना चाहिए कि उन लोगों के लिए एक सहायक रखना चाहिए जो ने सहायता करें अपने विड्रोल फॉर्म भरने में अपने डिपॉजिटरी बनने में कुछ अगर इंफॉर्मेशन चाहिए हो तो वह देने के लिए तो यही कुछ कारण हो सकते कि बैंक कर्मचारियों का व्यवहार थोड़ा अवस्थित होता है या फिर बदतमीजी भरा होता है तो धन्यवाद मिलते हैं आपसे अगले सवाल में जब तक के लिए थे क्या
Velakam baik shaayad aap sabako meree bolakar e prophail par aur aap sun rahe hain rohit raathaur ko taiyaar bainkon ke karmachaariyon ka vyavahaar to aapane bhee dekha hoga aapakee seva mein gae honge kaee baar aapake kuchh kaam hai hatake padhe honge tab aap mujhase baat karana chaahate ho baink adhikaaree hote unaka aapane badatameejee bhara vyavahaar dekha hoga to isake peechhe kaaran kya ho sakata hai aur isake peechhe yahee kaaran hai ki yaar vo log din bhar baithe rahate toone kaheen kastamars ko haindal karana hota hai parivaar kee baarbee dol phor mee banaata hai vah log pareshaan ho jaate hain evan bainkon mein ek aisa vyakti ek saaheb vyakti hona chaahie jo unake phorm bharane mein unakee madad kar sake kyonki agar vah chhotee-chhotee baaton ko lekar in karmachaariyon ke paas jaate rahenge na to vah chidh jaate hain yahee kaaran hai ki unakee ek naukaree jo hai vah ek aisee hee naukaree hai jisamen har baar baithe rahana hota hai keede hone lag jaatee hai ham kaheen aaj aa nahin sakate aise baithe rahate hue kaee logon se dil karanee hotee hai phir agar kuchh log ise aa jaate hain ki sar mujhe yah samajh mein nahin aa raha to is prakaar par bainkon ko bhee kuchh dhyaan rakhana chaahie ki un logon ke lie ek sahaayak rakhana chaahie jo ne sahaayata karen apane vidrol phorm bharane mein apane dipojitaree banane mein kuchh agar imphormeshan chaahie ho to vah dene ke lie to yahee kuchh kaaran ho sakate ki baink karmachaariyon ka vyavahaar thoda avasthit hota hai ya phir badatameejee bhara hota hai to dhanyavaad milate hain aapase agale savaal mein jab tak ke lie the kya

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Sanjay Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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𝔖𝔱𝔲𝔡𝔢𝔫𝔱 | 𝔈𝔡𝔲𝔠𝔞𝔱𝔦𝔬𝔫𝔦𝔰𝔱
1:45
बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है लेकिन पाएंगे कर्मचारी होते हैं वह होता है उनके ऊपर एक एक्स्ट्रा लेवल का प्रेशर होता है जब वहां पर आप जाएंगे जब आप उनकी जगह पर होंगे तब हो सकता है आपको लगती लगे ऐसा नहीं है कि केवल बैंकों में ही प्रेशर है आप सरकारी और बता दिया प्राइवेट अस्पतालों में चले जाइए खास तौर पर सरकारी अस्पतालों में वहां पर भी एक अलग तरीके का परिसर होता है लेकिन यह जो बैंक के कर्मचारी होते हैं उन्हें इस बात को तुम को यह अवस्था सकती है कि वह थोड़े डिलीट कर देते हैं या कोई लगता होगा कि जिस तरह के बैंक में फैसिलिटी प्रवाहित की जाती है इसी में बैठकर काम करते हैं तो हो सकता है उनको यह फीलिंग आती हो कि थोड़ी लीड जॉब कि उनकी जॉब जो है थोड़ी इलीट वर्ग की है इस वजह से हो सकता है अन्यथा प्रेशर दो अन्य डिपार्टमेंट में भी होते हैं बैंक जो होते हैं वह होते सरकारी है प्राइवेट भी होते हैं लेकिन प्राइवेट और सरकारी थारे की जगाली बने चाहे स्टेट बैंक का इंडिया हॉकी मैच खोया जो भी बैंक हो इन बैंकों में थोड़ी जो सुविधाएं होती है काफी सी होती है हालांकि जो प्रेशर होता है पूरे शरीर बहुत बड़ा फैक्टर होता है लेकिन मैं या नहीं बनने को तैयार हूं कि केवल बहन को आज रुक कि हम जितने भी व्यक्ति हैं उन्हीं को खाली प्रेशर लगता है अन्य विभाग हर विभाग में वर्णन वर्क का तो होता ही है तो जब भी मैं भी बैंक में जाता हूं तो मेरा भी श्रीनाथ को चोदा अच्छा नहीं होता है लकी कुछ भी जो लोग होते काफी अच्छा बेटा पूर्वक व्यवहार करते हैं कुछ लोग होते हैं आप उनसे कुछ सवाल पूछेंगे तो सीधे मुंह बात नहीं करते हैं तो दोनों तरफ पीड़ित को मिला हुआ तो आपका कहना अब तक जायज भी है और हो सकता है कि आपकी ऐसी सोच भी हो धन्यवाद
Baink karmachaariyon ka vyavahaar badatameejee se bharapoor kyon hota hai lekin paenge karmachaaree hote hain vah hota hai unake oopar ek ekstra leval ka preshar hota hai jab vahaan par aap jaenge jab aap unakee jagah par honge tab ho sakata hai aapako lagatee lage aisa nahin hai ki keval bainkon mein hee preshar hai aap sarakaaree aur bata diya praivet aspataalon mein chale jaie khaas taur par sarakaaree aspataalon mein vahaan par bhee ek alag tareeke ka parisar hota hai lekin yah jo baink ke karmachaaree hote hain unhen is baat ko tum ko yah avastha sakatee hai ki vah thode dileet kar dete hain ya koee lagata hoga ki jis tarah ke baink mein phaisilitee pravaahit kee jaatee hai isee mein baithakar kaam karate hain to ho sakata hai unako yah pheeling aatee ho ki thodee leed job ki unakee job jo hai thodee ileet varg kee hai is vajah se ho sakata hai anyatha preshar do any dipaartament mein bhee hote hain baink jo hote hain vah hote sarakaaree hai praivet bhee hote hain lekin praivet aur sarakaaree thaare kee jagaalee bane chaahe stet baink ka indiya hokee maich khoya jo bhee baink ho in bainkon mein thodee jo suvidhaen hotee hai kaaphee see hotee hai haalaanki jo preshar hota hai poore shareer bahut bada phaiktar hota hai lekin main ya nahin banane ko taiyaar hoon ki keval bahan ko aaj ruk ki ham jitane bhee vyakti hain unheen ko khaalee preshar lagata hai any vibhaag har vibhaag mein varnan vark ka to hota hee hai to jab bhee main bhee baink mein jaata hoon to mera bhee shreenaath ko choda achchha nahin hota hai lakee kuchh bhee jo log hote kaaphee achchha beta poorvak vyavahaar karate hain kuchh log hote hain aap unase kuchh savaal poochhenge to seedhe munh baat nahin karate hain to donon taraph peedit ko mila hua to aapaka kahana ab tak jaayaj bhee hai aur ho sakata hai ki aapakee aisee soch bhee ho dhanyavaad

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
1:06
सवाली है कि बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरा भरपूर क्यों होता जा रहा है वैसे ज्यादातर सरकारी बैंक में देखने को मिल सकता है आप बहुत आसान है कभी आपको ऐसे सवालों का उत्तर जानना हो तो जैसे सभी का डॉक्टर नर्स का बैंक कर्मचारी का और तू खुद की जगह उनको रखकर सोचो सोचो अगर आप आपको घर पर गुस्सा कब आता है यह कब का किन वजहों से गुस्सा आएगा 3:00 से भी आपको गुस्सा आता है वह घटना उनके साथ रोजाना होती है पब्लिक डीलिंग में रहने की वजह से रोजाना भिन्न-भिन्न व्यवहार के व्यक्तियों से उनका सामना होता है जिसके कारण उनका व्यवहार ऐसा हो जाता है ऐसा प्राइवेट बैंकों में इसलिए देखने को नहीं मिलता क्योंकि प्राइवेट बैंक में भीड़ कम होती है अधिकतर खाता पढ़े लिखे लोगों का होता है जिनका व्यवहार भी अच्छा होता है सरकारी बैंक में हर वर्ग के खाते होते हैं वहां का खाता धारक गलतियां कम करते हैं एक और महत्वपूर्ण बात है कि वह बदतमीजी के केस कम होते हैं इसलिए एक-दो केस को कर्मचारी कड़वा घूंट समझ के पी जाते हैं क्योंकि उनसे उन्हें उनसे कमाई भी करनी है
Savaalee hai ki baink karmachaariyon ka vyavahaar badatameejee se bhara bharapoor kyon hota ja raha hai vaise jyaadaatar sarakaaree baink mein dekhane ko mil sakata hai aap bahut aasaan hai kabhee aapako aise savaalon ka uttar jaanana ho to jaise sabhee ka doktar nars ka baink karmachaaree ka aur too khud kee jagah unako rakhakar socho socho agar aap aapako ghar par gussa kab aata hai yah kab ka kin vajahon se gussa aaega 3:00 se bhee aapako gussa aata hai vah ghatana unake saath rojaana hotee hai pablik deeling mein rahane kee vajah se rojaana bhinn-bhinn vyavahaar ke vyaktiyon se unaka saamana hota hai jisake kaaran unaka vyavahaar aisa ho jaata hai aisa praivet bainkon mein isalie dekhane ko nahin milata kyonki praivet baink mein bheed kam hotee hai adhikatar khaata padhe likhe logon ka hota hai jinaka vyavahaar bhee achchha hota hai sarakaaree baink mein har varg ke khaate hote hain vahaan ka khaata dhaarak galatiyaan kam karate hain ek aur mahatvapoorn baat hai ki vah badatameejee ke kes kam hote hain isalie ek-do kes ko karmachaaree kadava ghoont samajh ke pee jaate hain kyonki unase unhen unase kamaee bhee karanee hai

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:35
हेलो एवरीवन स्वागत है आपका आपका प्रश्न बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरा क्यों होता है और पूर्व क्यों होता है फ्रेंड ऐसा नहीं है बहुत सारे बैंक कर्मचारी अच्छे भी होते हैं नम्र होते हैं और बहुत सारे बदतमीज भी होते हैं मैं ज्यादातर इसकी बदतमीज होते हैं क्योंकि उन्हें अपने पद प्रतिष्ठा का कुछ ज्यादा ही आसमान हो जाता है और वे लोग काम को करने में काम चोरी दिखाने लगते हैं और लोगों से बदतमीजी से बात करने लगते हैं बहुत सारे सिस्टर लोग ऐसे होते हैं लेकिन हम सभी लोगों को ऐसा नहीं कह सकते हैं बहुत सारे अच्छे लोग भी इस दुनिया में होते हैं धन्यवाद
Helo evareevan svaagat hai aapaka aapaka prashn baink karmachaariyon ka vyavahaar badatameejee se bhara kyon hota hai aur poorv kyon hota hai phrend aisa nahin hai bahut saare baink karmachaaree achchhe bhee hote hain namr hote hain aur bahut saare badatameej bhee hote hain main jyaadaatar isakee badatameej hote hain kyonki unhen apane pad pratishtha ka kuchh jyaada hee aasamaan ho jaata hai aur ve log kaam ko karane mein kaam choree dikhaane lagate hain aur logon se badatameejee se baat karane lagate hain bahut saare sistar log aise hote hain lekin ham sabhee logon ko aisa nahin kah sakate hain bahut saare achchhe log bhee is duniya mein hote hain dhanyavaad

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:36
आपके सवालों की बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बचने के बच्चों की मौत आए तो बैंक कर्मचारी ऐसी प्राइवेट में कमी कर्मचारियों के हित में काम छोड़ दूंगा तो सिर्फ अरविंद को मैं आजकल बहुत से खर्चा देते हुए बहुत ही कमजोर होते हैं क्योंकि वह अच्छे से काम करते नहीं हुआ दूसरे इसमें नेटवर्क कोई भी प्रॉब्लम आ जाती है तो वह अपना अक्सर गुस्सा इस नंबर पर निकाल देते हैं
Aapake savaalon kee baink karmachaariyon ka vyavahaar bachane ke bachchon kee maut aae to baink karmachaaree aisee praivet mein kamee karmachaariyon ke hit mein kaam chhod doonga to sirph aravind ko main aajakal bahut se kharcha dete hue bahut hee kamajor hote hain kyonki vah achchhe se kaam karate nahin hua doosare isamen netavark koee bhee problam aa jaatee hai to vah apana aksar gussa is nambar par nikaal dete hain

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
pushpanjali patel Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pushpanjali जी का जवाब
Student with micro finance bank employee
1:37
बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से धन गोल क्यों होता है मैं भी एक बैंक में जॉब करती हूं और सवाल किया है यह बात सच भी है हमसे झूठ नहीं कह सकते हैं क्या किया क्या करके मैंने भी देखा है और मैं भी एक बैंक में जॉब करती हूं जब इतनी कस्टमर आते हैं और इतनी भीड़ होती है तूने लगता है कि बहुत आराम आराम से काम हो रहा लेकिन ऐसा नहीं होता है कंप्यूटर पर डिस्टेंपर कभी-कभी सरवर डाउन रहता है या फिर उसने बार-बार आते अगर कोई कहता है कि मेरा काम जल्दी नहीं हो रहा है नहीं प्रॉब्लम होती है क्योंकि मैं भी जॉब करती हूं तो मुझे समझ में अभी सारी बातें आती है कि आराम से मैं बिल्कुल अच्छे तरीके से काम किया जाता है बट सरवर प्रॉब्लम कभी नेटवर्क प्रॉब्लम हो जब काम होता है तभी हम कुछ नहीं हैंडोवर भी कर सकते थे अगर पैसा भी निकालना है उसके लिए पहले सिस्टम से निकाला जाता है फिर एंडोवर किया जाता है हो सकता है कि कुछ लोग गुस्सा करते हो लेकिन जहां मैं जॉब करती हूं वहां पर भी कभी-कभी लोग गुस्सा कर देते हैं लेकिन पर मैंने आज तक कभी किसी को मिलता नहीं किया है और कि तुम मुझे पता है जैसे मारा था ना वह अभी तक नहीं आते हैं तो वह जितना भी कहते हम सुन लेते हैं बस और यह कहते हैं सब काम हो रहा है हो रहा है इसके अलावा मैंने आज तक कभी किसी भी कस्टमर को कुछ नहीं बोला है तो साइड में आगे भी ऐसा करता हूं मुझे उम्मीद है तुम्हें कैसे सवाल का जवाब पसंद आया था आप लोग खुश रहिए दूसरों को भी खुश रखे
Baink karmachaariyon ka vyavahaar badatameejee se dhan gol kyon hota hai main bhee ek baink mein job karatee hoon aur savaal kiya hai yah baat sach bhee hai hamase jhooth nahin kah sakate hain kya kiya kya karake mainne bhee dekha hai aur main bhee ek baink mein job karatee hoon jab itanee kastamar aate hain aur itanee bheed hotee hai toone lagata hai ki bahut aaraam aaraam se kaam ho raha lekin aisa nahin hota hai kampyootar par distempar kabhee-kabhee saravar daun rahata hai ya phir usane baar-baar aate agar koee kahata hai ki mera kaam jaldee nahin ho raha hai nahin problam hotee hai kyonki main bhee job karatee hoon to mujhe samajh mein abhee saaree baaten aatee hai ki aaraam se main bilkul achchhe tareeke se kaam kiya jaata hai bat saravar problam kabhee netavark problam ho jab kaam hota hai tabhee ham kuchh nahin haindovar bhee kar sakate the agar paisa bhee nikaalana hai usake lie pahale sistam se nikaala jaata hai phir endovar kiya jaata hai ho sakata hai ki kuchh log gussa karate ho lekin jahaan main job karatee hoon vahaan par bhee kabhee-kabhee log gussa kar dete hain lekin par mainne aaj tak kabhee kisee ko milata nahin kiya hai aur ki tum mujhe pata hai jaise maara tha na vah abhee tak nahin aate hain to vah jitana bhee kahate ham sun lete hain bas aur yah kahate hain sab kaam ho raha hai ho raha hai isake alaava mainne aaj tak kabhee kisee bhee kastamar ko kuchh nahin bola hai to said mein aage bhee aisa karata hoon mujhe ummeed hai tumhen kaise savaal ka javaab pasand aaya tha aap log khush rahie doosaron ko bhee khush rakhe

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:48
खाना का प्रश्न बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है तो आपको एक चीज बता देते कि सारे बैंक कर्मचारी पूरे नहीं होते हैं कुछेक कभी बात यहां पर खराब हो सकता है लेकिन आप को सोच कर के सभी बैंक कर्मचारियों को ऐसा नहीं कह सकते बैंक कर्मचारी करो ना काल में भी आपकी सेवा में जुटे रहे सबको से जाते थे कार्य करते थे लोगों को किसी तरह से समस्या नहीं आई इसका प्रयास करते थे नोटबंदी के टाइम पर उन्होंने इतना कार्य किया है तो आप उनके लिए यह मत सोचिए कि वह कार्य नहीं करते हैं हां कुछ 15 में कुछ कर्मचारियों से हो सकते हैं जो कि अच्छे से अपना काम ना कर रहे हो लेकिन आप उनको यह न सोचे कि उनकी वजह से पूरा बैंकिंग रास्ता ही खराब है हमे शुभकामनाएं आपके साथ है धन्यवाद
Khaana ka prashn baink karmachaariyon ka vyavahaar badatameejee se bharapoor kyon hota hai to aapako ek cheej bata dete ki saare baink karmachaaree poore nahin hote hain kuchhek kabhee baat yahaan par kharaab ho sakata hai lekin aap ko soch kar ke sabhee baink karmachaariyon ko aisa nahin kah sakate baink karmachaaree karo na kaal mein bhee aapakee seva mein jute rahe sabako se jaate the kaary karate the logon ko kisee tarah se samasya nahin aaee isaka prayaas karate the notabandee ke taim par unhonne itana kaary kiya hai to aap unake lie yah mat sochie ki vah kaary nahin karate hain haan kuchh 15 mein kuchh karmachaariyon se ho sakate hain jo ki achchhe se apana kaam na kar rahe ho lekin aap unako yah na soche ki unakee vajah se poora bainking raasta hee kharaab hai hame shubhakaamanaen aapake saath hai dhanyavaad

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Anand Patel Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Anand जी का जवाब
Mathematics Teacher
0:32
बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर होता है ललित जी ऐसा बहुत ही कम देखा जाता है पर मैंने भी अनुरोध है कि जो कमेंट कीजिए ग्राम जारी होती है मैं थोड़ा तमीज से पेश आते हैं कि उसे देखिए बहुत से लोगों शाम को मिलना होता है बात करना होता है दिन में तो फर्स्ट ऐड हो जाते हैं उनके अंदर भी फोन से करो उससे बहुत ज्यादा खुश रहते हैं इसलिए हर किसी में विजेताओं को अच्छा व्यवहार नहीं दिखाते हैं और बदतमीज से जाते हैं
Baink karmachaariyon ka vyavahaar badatameejee se bharapoor hota hai lalit jee aisa bahut hee kam dekha jaata hai par mainne bhee anurodh hai ki jo kament keejie graam jaaree hotee hai main thoda tameej se pesh aate hain ki use dekhie bahut se logon shaam ko milana hota hai baat karana hota hai din mein to pharst aid ho jaate hain unake andar bhee phon se karo usase bahut jyaada khush rahate hain isalie har kisee mein vijetaon ko achchha vyavahaar nahin dikhaate hain aur badatameej se jaate hain

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:44
उसका दोस्तों प्रश्न किया गया है कि बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है तो दोस्तों यह ज्यादातर आप देखेंगे कि सरकारी बैंकों के कर्मचारियों द्वारा बदतमीजी ज्यादा की जाती है और जाकर देखेंगे कि विशेष प्रकार से कई बार शिकायत आती है एसबीआई बैंक की या अन्य बैंक भी हम लोग खेलते हैं वहां पर तो दोस्तों उसके पीछे कारण होते हैं एक तो इधर रहता है नहीं रहता कि मेरा कोई बिगाड़ नहीं सकता कुछ भी कई बार हम कंप्लेंट करने जाते हैं वह बोलता है बैंक स्टाफ बैठा रहता है कि जीत बैंक मैया से शिकायत करी आओ जाओ मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है तो उसको डर नहीं है दूसरा होता है ज्ञान समझे तो काफी प्रेशर रहता एक प्रकार से दबाव रहता है इसके अंदर जो कि जरूरत से ज्यादा लोग उसके पास आ जाते हैं और वह चिड़चिड़ापन होने लग जाता है एक यही कारण है तीसरा कारण है कि एक कारण है कि उसको कई चीजें कंप्यूटर पकड़ा आती नहीं है तेरी तो काम धीरे-धीरे करता है तो उससे भी भीड़ इकट्ठी हो जाती है वह अपने आप ही जाल में फंस चुका होता है भीड़ में तो उससे भी वह दबाव में आ जाता है तो उसके कई कारण हैं माहौल अच्छा रखा गया है लेकिन यह समस्याएं ज्यादा सरकारी में देखा गया है प्राइवेट में वालों को पता है कि कैसे काम मैनेज करते हैं वह 1 लोगों के दबाव नहीं देते और आप अगर उसकी शिकायत कहीं करते हैं तो निश्चित रूप से उसे पता है कि मेरी शिकायत जब करी जाएगी तो मेरे प्रमोशन में या किसी चीज में दिक्कत हो सकती है तो इसकी वजह से प्राइवेट वाले आप से काफी नरम आई में बात करते हैं धन्यवाद

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
AFTAB ALAM Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए AFTAB जी का जवाब
Business
1:14
आपका सवाल है बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है दोस्तों मुझे नहीं लगता है कि ऐसा होता है लेकिन हमारे देश में शिक्षा की मात्रा अधिक है और प्रिंटेड लोगों की संख्या अधिक है तो उत्तर ग्रामीण क्षेत्र के जो लोग होते हैं उनसे पढ़े-लिखे कर्मचारी जगत गुरु की करनी होगी उनको डांट डपट की बात करते हैं जबकि किस बैंक में हमारा खाता है हम उस दिन की तरह है चाहे उससे हमारे खाते में कितने कम पैसे क्यों ना हो लेकिन हम लोग उस पर कर्मचारी के लिए आदरणीय हो गए हैं कल हमारी शर्म नहीं है भले ही हम उन्हें सम्मान के नाम पर सरकार के संबोधित करते हो लेकिन उनका व्यवहार में भी बड़ी बात है कि इसका कारण है केवल अशिक्षा अगर हम अपने अधिकारों के प्रति जागृत खुश नहीं रहेंगे तो कोई भी हमसे बात करेगा बात कर सकता है ऐसा नहीं है कि कर्मचारी भी करते हैं क्या होगा

bolkar speaker
बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
nav kishor aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए nav जी का जवाब
Service
1:27
आपका सवाल है कि बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है सही बात है आजकल बैंक सरकारी बैंकों में जितने भी कर्मचारी हैं टोटली उसमें मैंने देखा है कि वह बहुत ही बदतमीजी से बात करते हैं और किसी भी कार्य को वोट डालने की या मना कर करने की कोशिश करते हैं अगर उनसे कोई कार्य किया जाए तो वह कोई ना कोई बहाना बना देते या फिर उसे टालने की कोशिश करते हैं तो इसका कारण यही है और यह ज्यादातर सरकारी बैंकों में ज्यादा देखा जाता है क्या करेगा बंदा क्या करेंगे ट्रांसफर कर देंगे नौकरी से निकाल नहीं सकते सस्पेंड कर नहीं सकते तो इस वजह से वह ज्यादातर ग्राहकों से बदतमीजी करते हैं आप उनके काम को टालने की कोशिश करते हैं प्राइवेट बैंकों आपने देखे होंगे जो नहीं क्षेत्र के बैंक आईसीआईसीआई एचडीएफसी एप सिटी बैंक का है और काफी सारे क्षेत्र के बैंक है यह इनमें आपने देखा होगा कि बदतमीजी ना के बराबर होती है क्योंकि यहां पर जितने कर्मचारियों को प्राइवेट है उन्हें पता है कि अगर हम किसी ग्राहक से बदतमीजी करेंगे और कल को उसने हमारी शिकायत कर दी तो हो सकता है कि वह नौकरी से ही चले जाए सस्पेंड हो जाए नौकरी उनकी खत्म हो जाए इस वजह से वहां बत्तमीजी नहीं देखने को मिलती है कम देखने को मिलती है तो यह कारण है और इसी वजह से सरकारी क्षेत्र के बैंक आप देख रहे होंगे धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं या फिर उनका बड़े बैंकों में विलय होते जा रहा है यह बहुत बड़ा कारण है धन्यवाद

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
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Unknown
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