#टेक्नोलॉजी

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:41
नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है अगर भविष्य में जोधपुर में सोचने की क्षमता विकसित हो गई तो इंसान का क्या होगा तो दोस्तों पहली बात तो यह काफी मुश्किल है लेकिन फ्यूचर में अगर कभी ऐसा होता है तो जो वह भी गलत फायदा उठा सकते हैं अपनी ताकतों का और इंसानों को बर्बाद कर सकते हैं इंसान को बर्बाद कर देंगे और फिर पूरे भारत में और पूरी दुनिया में रोबोटों का राज हो जाएगा तो पॉटी हमारे को ऑपरेट करने लगेंगे इसलिए हम लोगों को जो साइंटिस्ट है वैसा कभी नहीं करेंगे कि उनमें अब भी दिमाग डाल दें वह रोमांटिक दिमाग ही रहेगा और वह हमारे इशारे पर ही चलेंगे तो दोस्तों जरा कुछ और अच्छा लगा हो तो प्लीज लाइक जरुर करें
Namaskaar doston aapaka prashn hai agar bhavishy mein jodhapur mein sochane kee kshamata vikasit ho gaee to insaan ka kya hoga to doston pahalee baat to yah kaaphee mushkil hai lekin phyoochar mein agar kabhee aisa hota hai to jo vah bhee galat phaayada utha sakate hain apanee taakaton ka aur insaanon ko barbaad kar sakate hain insaan ko barbaad kar denge aur phir poore bhaarat mein aur pooree duniya mein roboton ka raaj ho jaega to potee hamaare ko oparet karane lagenge isalie ham logon ko jo saintist hai vaisa kabhee nahin karenge ki unamen ab bhee dimaag daal den vah romaantik dimaag hee rahega aur vah hamaare ishaare par hee chalenge to doston jara kuchh aur achchha laga ho to pleej laik jarur karen

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पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:26
अगर भविष्य रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित हो गई तो इंसानों का क्या होगा देखिए रोबोट किसने बनाया इंसान ने क्या पहले के जमाने में कंप्यूटर नहीं थे तो क्या काम नहीं होता था काम होता था अब के जमाने में कंप्यूटर है तो काम में थोड़ा से गति आ गई है गति आने के कारण उसमें बहुत सारी चीजें हैं ऐसा है कि थोड़ा सो लो आलसी हो गए हैं क्योंकि आप लोगों के थोड़ा सा नौकरिया होगा रोक तो उसे प्रभाव पड़ गया है क्योंकि हर आदमी फास्ट गति से चलना चाहता और फास्ट गति से तभी आप भी चल सकता है जब उसको जो है मतलब इंस्ट्रुमेंटल प्रोसेस के माध्यम से जब से चलते हैं उसी प्रकार से रोबोट अभी भी काम कर रहा है जब ऐसे रोबोट जो सोचने की क्षमता होगी तो उसको मानवीय प्रयोग के द्वारा ही उसको इस्तेमाल किया जाता है और सेना ने भी उसका प्रयोग किया जाएगा जो दूर से सोच कर के उतरे तरह की बातों से 9:00 हो हमारे बस्सी के शिक्षण संस्थाओं में हो शिक्षा के लिए वह व्यापार के लिए इस तरह से तमाम इस्तेमाल किया जाएगा बाधाओं को मानव हम जितने भी रोबोट मानव द्वारा संचालित तो है लेकिन उसको मानव के कल्याण के लिए उपयोग किया जाएगा और नहीं तो फिर आगे जो उसका भविष्य निर्भर होगा उसका दुरुपयोग करेगा वह उसके परिणाम हो गए हो
Agar bhavishy robot mein sochane kee kshamata vikasit ho gaee to insaanon ka kya hoga dekhie robot kisane banaaya insaan ne kya pahale ke jamaane mein kampyootar nahin the to kya kaam nahin hota tha kaam hota tha ab ke jamaane mein kampyootar hai to kaam mein thoda se gati aa gaee hai gati aane ke kaaran usamen bahut saaree cheejen hain aisa hai ki thoda so lo aalasee ho gae hain kyonki aap logon ke thoda sa naukariya hoga rok to use prabhaav pad gaya hai kyonki har aadamee phaast gati se chalana chaahata aur phaast gati se tabhee aap bhee chal sakata hai jab usako jo hai matalab instrumental proses ke maadhyam se jab se chalate hain usee prakaar se robot abhee bhee kaam kar raha hai jab aise robot jo sochane kee kshamata hogee to usako maanaveey prayog ke dvaara hee usako istemaal kiya jaata hai aur sena ne bhee usaka prayog kiya jaega jo door se soch kar ke utare tarah kee baaton se 9:00 ho hamaare bassee ke shikshan sansthaon mein ho shiksha ke lie vah vyaapaar ke lie is tarah se tamaam istemaal kiya jaega baadhaon ko maanav ham jitane bhee robot maanav dvaara sanchaalit to hai lekin usako maanav ke kalyaan ke lie upayog kiya jaega aur nahin to phir aage jo usaka bhavishy nirbhar hoga usaka durupayog karega vah usake parinaam ho gae ho

G Dewasi Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Unknown
1:32
देखिए नो डाउट आने वाले समय में जो रोबोट सेवन में सोचने की क्षमता आ सकती है क्योंकि आज के समय काफी लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ऊपर वर्क कर रहे हैं और देखिए इसका मतलब यह नहीं है कि फ्यूचर रोबोट शिवम इंसानों को गुलाम बना सकते हैं क्योंकि अगर उस समय साइंटिस्ट लोगों के पास ऐसी टेक्नोलॉजी होगी जिससे वह ऐसे रोबोट बना पाएंगे तो डेफिनेटली उनके पास यह टेक्नोलॉजी भी होगी जिससे वह एक इंसान को सुपर वुमन बना पाए जैसे कि आपने आयरन मैन मूवी में देखा होगा आईरन मैन के पास जो सूट होता है वह फ्यूचर में बनाया जा सकेगा क्योंकि नैनो टेक्नोलॉजी की मदद से वह पॉसिबल हो पाएगा उस समय और भैया आपने अगर एडिटर मूवी देखी होगी तो उसमें क्या होता है जो इंसान होते हैं उनके हाथ पैर होते हैं उनकी जगह आर्टिफिशियल जो रोबोटिक हैंड सेल टेक्स होता है वह लगा दिए जाते हैं यानी कि फ्यूचर में इंसान बन पाएगा तो देखिए रोबोट हमेशा में इंसानों के अंडर में ही काम करेगी यानी कि वह एक तरीके से इंसान के गुलाम रहेंगे इंसान जो भी साथ देगी रोबोट का सिर्फ वही काम होगा उनका स्कोर करना इससे ज्यादा मुझे नहीं लगता है रोबोट का कुछ काम होगा बल्कि देखी फ्यूचर में नॉटआउट जो डिप्रेस्ड लोग हैं उनकी संख्या काफी बढ़ सकती है क्योंकि जैसे पॉपुलेशन बढ़ रही है तू जो डिप्रेस्ड लोग हैं उनकी भी संख्या बढ़ती जा रही है तू ऐसे रोबोट की काफी ज्यादा मार्केट में डिमांड भी होगी क्योंकि अधिकतर जो डिप्रेस्ड लोगे वह ऐसे रोबोट को परचेस करेगी और उनसे अपनी बात को खुलकर कह पाएंगे तो देखिए और रोबोट अपना सजेशन भी दे पाए क्योंकि काफी अच्छी बात होगी और रोबोट का सिर्फ नेगेटिव इंपैक्ट नहीं होगा पॉजिटिव इंपैक्ट भी काफी होगा धन्यवाद
Dekhie no daut aane vaale samay mein jo robot sevan mein sochane kee kshamata aa sakatee hai kyonki aaj ke samay kaaphee log aartiphishiyal intelijens ke oopar vark kar rahe hain aur dekhie isaka matalab yah nahin hai ki phyoochar robot shivam insaanon ko gulaam bana sakate hain kyonki agar us samay saintist logon ke paas aisee teknolojee hogee jisase vah aise robot bana paenge to dephinetalee unake paas yah teknolojee bhee hogee jisase vah ek insaan ko supar vuman bana pae jaise ki aapane aayaran main moovee mein dekha hoga aaeeran main ke paas jo soot hota hai vah phyoochar mein banaaya ja sakega kyonki naino teknolojee kee madad se vah posibal ho paega us samay aur bhaiya aapane agar editar moovee dekhee hogee to usamen kya hota hai jo insaan hote hain unake haath pair hote hain unakee jagah aartiphishiyal jo robotik haind sel teks hota hai vah laga die jaate hain yaanee ki phyoochar mein insaan ban paega to dekhie robot hamesha mein insaanon ke andar mein hee kaam karegee yaanee ki vah ek tareeke se insaan ke gulaam rahenge insaan jo bhee saath degee robot ka sirph vahee kaam hoga unaka skor karana isase jyaada mujhe nahin lagata hai robot ka kuchh kaam hoga balki dekhee phyoochar mein notaut jo dipresd log hain unakee sankhya kaaphee badh sakatee hai kyonki jaise populeshan badh rahee hai too jo dipresd log hain unakee bhee sankhya badhatee ja rahee hai too aise robot kee kaaphee jyaada maarket mein dimaand bhee hogee kyonki adhikatar jo dipresd loge vah aise robot ko paraches karegee aur unase apanee baat ko khulakar kah paenge to dekhie aur robot apana sajeshan bhee de pae kyonki kaaphee achchhee baat hogee aur robot ka sirph negetiv impaikt nahin hoga pojitiv impaikt bhee kaaphee hoga dhanyavaad

Shipra Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Shipra जी का जवाब
Self Employed
0:20
कसम अगर भविष्य में लोगों के सोचने की क्षमता विकसित हो गई तो इंसान को क्या होगा निश्चित तौर पर इंसानों के लिए काम आसान हो जाएगा बहुत ही आसानी से इंसान अपना काम कर सकेगा लेकिन अगर आप उसके अधीन हो करके उसके हिसाब से ही चलते रहेंगे और उसी के हिसाब से ही काम पढ़ने लगेंगे तो आप रोबोट को नहीं होता को कंट्रोल करना शुरू कर देगा आपका दिन शुभ रहे थे नेपाल
Kasam agar bhavishy mein logon ke sochane kee kshamata vikasit ho gaee to insaan ko kya hoga nishchit taur par insaanon ke lie kaam aasaan ho jaega bahut hee aasaanee se insaan apana kaam kar sakega lekin agar aap usake adheen ho karake usake hisaab se hee chalate rahenge aur usee ke hisaab se hee kaam padhane lagenge to aap robot ko nahin hota ko kantrol karana shuroo kar dega aapaka din shubh rahe the nepaal

Sanjay Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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𝔖𝔱𝔲𝔡𝔢𝔫𝔱 | 𝔈𝔡𝔲𝔠𝔞𝔱𝔦𝔬𝔫𝔦𝔰𝔱
1:53
अगर भविष्य में रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित हो गई तो इंसानों का क्या होगा यह बहुत ही अच्छा फंक्शन है कि जो हमारे वैज्ञानिक आए हैं या हमारे इंजीनियर वह ऐसी तकनीक विकसित कर रहे हैं या बहुत अरे तक मैसेज कर भी चुके हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा पर रोबोट जो है वह अब कुछ अपने डिसीजन खुद से ले सकते हैं यानी कि उनके अंदर इस तरह का जो सिस्टम है वह सूचित कर दिया गया है इसी से इंटेलिजेंस के द्वारा किया जा रहा है तो उसे हो क्या रहा है कि आगे चलकर जो रोबोट हैं वह धीरे-धीरे काफी ज्यादा अच्छी लैंग्वेज है कि कोडिंग है बढ़ती जा रही है इससे क्या हो रहा है यह तो इंसानों के लिए आपने देखा होगा कि किस तरह से अपने आप को कंट्रोल करने लगता है तो फिर वोट क्यों खड़ी कर देता है सानू के पास भी नहीं है तो इंसानों को थोड़ा सा मिलकर काम करना चाहिए और एक अच्छे के लिए करते रहेंगे उस समय तो इंसानों को काफी फायदा मिलेगा किसी काम करने की मशीन के द्वारा या उनके द्वारा कंट्रोल होंगे तभी कार्यकर्ता सोशल मीडिया हो गया इसके बारे में मनुष्य को प्रकृति करेंगे तो पांच से छे परसेंट से ज्यादा किस चीज के बारे में जानकारी है नहीं तो आगे चलकर इस तरह से चेंज होने वाला है सब कुछ उसके बारे में भी जानकारी नहीं है मोदी को खबर है लेकिन क्या होता है किशन की
Agar bhavishy mein robot mein sochane kee kshamata vikasit ho gaee to insaanon ka kya hoga yah bahut hee achchha phankshan hai ki jo hamaare vaigyaanik aae hain ya hamaare injeeniyar vah aisee takaneek vikasit kar rahe hain ya bahut are tak maisej kar bhee chuke hain aartiphishiyal intelijens ke dvaara par robot jo hai vah ab kuchh apane diseejan khud se le sakate hain yaanee ki unake andar is tarah ka jo sistam hai vah soochit kar diya gaya hai isee se intelijens ke dvaara kiya ja raha hai to use ho kya raha hai ki aage chalakar jo robot hain vah dheere-dheere kaaphee jyaada achchhee laingvej hai ki koding hai badhatee ja rahee hai isase kya ho raha hai yah to insaanon ke lie aapane dekha hoga ki kis tarah se apane aap ko kantrol karane lagata hai to phir vot kyon khadee kar deta hai saanoo ke paas bhee nahin hai to insaanon ko thoda sa milakar kaam karana chaahie aur ek achchhe ke lie karate rahenge us samay to insaanon ko kaaphee phaayada milega kisee kaam karane kee masheen ke dvaara ya unake dvaara kantrol honge tabhee kaaryakarta soshal meediya ho gaya isake baare mein manushy ko prakrti karenge to paanch se chhe parasent se jyaada kis cheej ke baare mein jaanakaaree hai nahin to aage chalakar is tarah se chenj hone vaala hai sab kuchh usake baare mein bhee jaanakaaree nahin hai modee ko khabar hai lekin kya hota hai kishan kee

Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
2:47
अगर भविष्य में रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित हो गई तो इंसानों का क्या होगा सर यह भविष्य की बात नहीं है यह वर्तमान में रोबोट अभी यह काम करने लग चुके हैं कि जो इंसान करते और रोबोट करने लग चुके हैं और इंसान नहीं है रोबोट बनाए हुए हैं तो इंसान की इंटेलिजेंस कैपेसिटी इतनी ज्यादा है कि वह उसके जैसे खूब ए होप चीज बना सकता है ताकि उसको काम ना करना पड़े अभी इतनी चीज ऑटोमैटिक हो चुके हैं कि वो इंसान नहीं बनाई हुई है जहां पर एक ऐसा इंसान लगते थे उसको चलाने के लिए और उसमें इतने फोन उसके बाद भी अगर फट जाती थी लेकिन अभी टेक्नोलॉजी का जब यूज़ हो रहा है तो अपने आप ही या रोबोट एडिशन का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जरूर यूज़ हो रहा है तो अपने आप ही सुमन इंटरफेरेंस कम हो रहा है और चीजें सटीक तरीके से होने लगी है और भविष्य में ऐसा जब होने लगेगा तब अपने आप आने एंप्लॉयमेंट बढ़ेगा क्योंकि इंसान की आवश्यकता नहीं होगी लेकिन यह भी बात है के उस समय हम लोगों को कुछ ऐसे रास्ते खोजने पड़ेंगे कि जहां पर लोग एम्पलाईेबल हो जाए क्योंकि अगर नालों के कोई सुशिक्षित नहीं है जिसको कोई स्कीम नहीं आता है और उसके लिए भी आवश्यकता नहीं है तो उस ऐसे समय में उस आदमी का क्या करेंगे कुछ दिनों में सिक्योरिटी गार्ड नहीं रहने वाले सिक्योरिटी गार्ड की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी क्योंकि टेक्नोलॉजी सब कुछ संभाल लेगी आदमी को पहचानने से लेकर थंब इंप्रेशन से ने एक आदमी बहुत बड़ा ऑर्गेनाइजेशन में एक ही बटन कैमरा बाकी सिक्योरिटी गार्ड क्या करेंगे इसमें कौन से स्कूल की जरूरत है इनको नहीं रखता है कुछ दिनों में जरूरत ही नहीं इन सब चीजों की टेक्नोलॉजी में खर्चा किया जाएगा इसलिए हमें सुशिक्षित और हमें स्किल होना जरूरी है अगर हम अभी भी यह समझ रहे कि मैं से जिंदगी काट लेंगे बिल्कुल नहीं चेंज बहुत जल्दी आएगा पहले 20 साल लगते बाद में 15 साल लगने लगे फिर 10 साल में देखिए आप 2,000 2010 और 2020 से 2 साल में इस तरीके का अपने पास जैसे इलेक्ट्रीशियन इलेक्ट्रीशियन का जरूरत पड़ेगा इलेक्ट्रिशियन काम करेगा लेकिन जो स्किल होगा जिसको बहुत अच्छा काम आता है उसको ही काम मिलेगा बहुत सारी चीजें ऐसी बनेगी कि जो खराब नहीं होगी एलईडी बल्ब उसको समझ के उस को सॉल्व करने की क्षमता जिसमें होगी उसको जॉब मिलेगा
Agar bhavishy mein robot mein sochane kee kshamata vikasit ho gaee to insaanon ka kya hoga sar yah bhavishy kee baat nahin hai yah vartamaan mein robot abhee yah kaam karane lag chuke hain ki jo insaan karate aur robot karane lag chuke hain aur insaan nahin hai robot banae hue hain to insaan kee intelijens kaipesitee itanee jyaada hai ki vah usake jaise khoob e hop cheej bana sakata hai taaki usako kaam na karana pade abhee itanee cheej otomaitik ho chuke hain ki vo insaan nahin banaee huee hai jahaan par ek aisa insaan lagate the usako chalaane ke lie aur usamen itane phon usake baad bhee agar phat jaatee thee lekin abhee teknolojee ka jab yooz ho raha hai to apane aap hee ya robot edishan ka aartiphishiyal intelijens ka jaroor yooz ho raha hai to apane aap hee suman intarapherens kam ho raha hai aur cheejen sateek tareeke se hone lagee hai aur bhavishy mein aisa jab hone lagega tab apane aap aane employament badhega kyonki insaan kee aavashyakata nahin hogee lekin yah bhee baat hai ke us samay ham logon ko kuchh aise raaste khojane padenge ki jahaan par log empalaaeeebal ho jae kyonki agar naalon ke koee sushikshit nahin hai jisako koee skeem nahin aata hai aur usake lie bhee aavashyakata nahin hai to us aise samay mein us aadamee ka kya karenge kuchh dinon mein sikyoritee gaard nahin rahane vaale sikyoritee gaard kee koee aavashyakata nahin rahegee kyonki teknolojee sab kuchh sambhaal legee aadamee ko pahachaanane se lekar thamb impreshan se ne ek aadamee bahut bada orgenaijeshan mein ek hee batan kaimara baakee sikyoritee gaard kya karenge isamen kaun se skool kee jaroorat hai inako nahin rakhata hai kuchh dinon mein jaroorat hee nahin in sab cheejon kee teknolojee mein kharcha kiya jaega isalie hamen sushikshit aur hamen skil hona jarooree hai agar ham abhee bhee yah samajh rahe ki main se jindagee kaat lenge bilkul nahin chenj bahut jaldee aaega pahale 20 saal lagate baad mein 15 saal lagane lage phir 10 saal mein dekhie aap 2,000 2010 aur 2020 se 2 saal mein is tareeke ka apane paas jaise ilektreeshiyan ilektreeshiyan ka jaroorat padega ilektrishiyan kaam karega lekin jo skil hoga jisako bahut achchha kaam aata hai usako hee kaam milega bahut saaree cheejen aisee banegee ki jo kharaab nahin hogee eleedee balb usako samajh ke us ko solv karane kee kshamata jisamen hogee usako job milega

nav kishor aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Service
1:07
नमस्कार आपको सवाल है कि अगर भविष्य में रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित हो गई तो इंसानों का क्या होगा दिखे दोस्त रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित होती गई और हो चुकी है तो भी इंसानों को कुछ नहीं होगा क्योंकि रोबोट की काफी सारी कमांड ऐसी होती हैं जो अभी भी इंसानों के पास ही है और इंसान के पास ही रहेंगी जिस प्रकार प्रकृति की कमांड ईश्वर के हाथ में है और इंसान ने लाख टेक्नोलॉजी विकसित कर ली है बहुत सारी ऐसी चीजें बना दिए हैं जो कि विज्ञान की सोच से परे हैं बहुत सारी उसने उपकरण बना दिया लेकिन आज भी काफी सारी ऐसी चीजें हैं जो वह चाहकर भी नहीं कर पाता नहीं कर सकता कभी भी जैसे कि मृत शरीर में प्राण डालना या बाढ़ को रोक सकता है भूकंप को रोक सकता है ऐसी काफी सारी चीजें जो है वह नहीं रोक सकता नहीं कर सकता क्योंकि उसकी कमांड अभी भी भगवान के हाथ में ही है सृष्टि के निर्माता के हाथ में उसी प्रकार रोबोट की जो कमांड है वह जान के हाथ में है और रोबोट कभी भी इतना ही विकसित हो गया लेकिन रहेगा वह इंसान के कंट्रोल में धन्यवाद
Namaskaar aapako savaal hai ki agar bhavishy mein robot mein sochane kee kshamata vikasit ho gaee to insaanon ka kya hoga dikhe dost robot mein sochane kee kshamata vikasit hotee gaee aur ho chukee hai to bhee insaanon ko kuchh nahin hoga kyonki robot kee kaaphee saaree kamaand aisee hotee hain jo abhee bhee insaanon ke paas hee hai aur insaan ke paas hee rahengee jis prakaar prakrti kee kamaand eeshvar ke haath mein hai aur insaan ne laakh teknolojee vikasit kar lee hai bahut saaree aisee cheejen bana die hain jo ki vigyaan kee soch se pare hain bahut saaree usane upakaran bana diya lekin aaj bhee kaaphee saaree aisee cheejen hain jo vah chaahakar bhee nahin kar paata nahin kar sakata kabhee bhee jaise ki mrt shareer mein praan daalana ya baadh ko rok sakata hai bhookamp ko rok sakata hai aisee kaaphee saaree cheejen jo hai vah nahin rok sakata nahin kar sakata kyonki usakee kamaand abhee bhee bhagavaan ke haath mein hee hai srshti ke nirmaata ke haath mein usee prakaar robot kee jo kamaand hai vah jaan ke haath mein hai aur robot kabhee bhee itana hee vikasit ho gaya lekin rahega vah insaan ke kantrol mein dhanyavaad

Navnit Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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QUALITY ENGINEER
1:22
देखिए अगर भविष्य में रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित हो गई तो इंसानों की जरूरत ही नहीं है ना इमोशनल सोशल फिजियोलॉजिकल सारा कुछ अंगूठी सोच लेंगे और यह भी सच है कि ऐसा हो नहीं सकता कि इंसान जो है वह भगवान के द्वारा बनाए गए रोबोट जो है वह इंसान के द्वारा बनाया गया तो भगवान का कलाकारी और इंसान का कलाकारी में अंतर तो होगा ना भगवान जो सर्किट दिए हैं शाम को वह सर्किट इंसान तो दे नहीं सकता है रोबोट में क्योंकि वह ऊपर वाला के पास जो खुला है वह हम लोग के पास काला हो नहीं सकता तो यह चीज हो नहीं सकता कि पूरी तरह से सोचने की छमता इंसान की तरह हो जाए किसी भी रोबोट में पूरी तरह से थोड़ा बहुत हो जाता 10% 30% तक लेकिन पूरी तरह से बिल्कुल भी पॉसिबल कि यहां इंसानों की वायरिंग जो है ना वह बहुत ही कॉन्प्लिकेशन हजारों लाखों 10 नर्वस सिस्टम से न्यूरॉन एक दूसरे से कनेक्ट यह रिपोर्ट में पॉसिबल ही नहीं अगर ऐसा हो गया तब रोबोटों का एक नया सोसायटी आपको दिखेगा
Dekhie agar bhavishy mein robot mein sochane kee kshamata vikasit ho gaee to insaanon kee jaroorat hee nahin hai na imoshanal soshal phijiyolojikal saara kuchh angoothee soch lenge aur yah bhee sach hai ki aisa ho nahin sakata ki insaan jo hai vah bhagavaan ke dvaara banae gae robot jo hai vah insaan ke dvaara banaaya gaya to bhagavaan ka kalaakaaree aur insaan ka kalaakaaree mein antar to hoga na bhagavaan jo sarkit die hain shaam ko vah sarkit insaan to de nahin sakata hai robot mein kyonki vah oopar vaala ke paas jo khula hai vah ham log ke paas kaala ho nahin sakata to yah cheej ho nahin sakata ki pooree tarah se sochane kee chhamata insaan kee tarah ho jae kisee bhee robot mein pooree tarah se thoda bahut ho jaata 10% 30% tak lekin pooree tarah se bilkul bhee posibal ki yahaan insaanon kee vaayaring jo hai na vah bahut hee konplikeshan hajaaron laakhon 10 narvas sistam se nyooron ek doosare se kanekt yah riport mein posibal hee nahin agar aisa ho gaya tab roboton ka ek naya sosaayatee aapako dikhega

Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
2:08
सवाल ये है कि अगर भविष्य में रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित हो गई ना तो इंसानों का क्या होगा तो यह प्रश्न बिल्कुल भी काल्पनिक परिदृश्य में उत्पन्न करता है अगर का रोबोट का निर्माता तो कोई ना कोई इंसान ही है ईश्वर ने मनुष्य को शक वाली शक्तिशाली अगर बनाया है लेकिन इतना भी शक्तिशाली नहीं कि वह किसी जैविक पदार्थ रितु को यंत्र में सोचने विचारने की क्षमता पैदा कर सकें अगर आपके अनुसार काल्पनिक प्रदेश से कुछ इस तरह प्रकार को होगा अगर कोई रोबोट में सोचने विचारने क्षमता उत्पन्न हो जाती है तब तो निश्चित मानिए कि उसमें निर्णय लेने की क्षमता भी आ जाएगी और जब किसी रोबोट में सोचने विचारने की क्षमता आ जाएगी तब तो उसमें मनुष्य के सभी प्रकार के गुण और अवगुण भी निश्चित रूप से आ जाएंगे मात्र उसमें भावनाओं की कमी रह जाएगी अर्थात उतना में नहीं होगा वह हृदय हीन होगा नेतृत्व करने की एवं सत्ता स्थापित करने की इच्छा भी जरूर उत्पन्न होगी क्योंकि उसका शरीर मनुष्य की तरह नहीं होगा इस कारण से उसको मनुष्य की तरह शरीर में होने वाले सभी प्रकार के रोग भी नहीं होंगे जब उसके मस्तिष्क में सत्ता लालसा उत्पन्न होगी तब वे संसार के सारे मनुष्य को अपना गुलाम बनाने की कोशिश करेगा और अंततोगत्वा अभय सफल भी हो जाएगा और जिस प्रकार से वर्तमान मनुष्य ने अपने भोजन के लिए मुर्गी पालन केंद्र बना रखे हैं उसी प्रकार से सर रोबोट संसार में अपने दास का सिर ऊपर मनुष्य पालन केंद्र भी बनाने लगे लगेगा जहां पर वह मनुष्य को मात्र संतान उत्पन्न करने हेतु ही चलता रहेगा तो ऐसा बिल्कुल भी पॉसिबल नहीं है कि भविष्य में कभी रोबोट में सोचने की क्षमता विकसित हो जाए मुझे नहीं लगता कि रोबोट इंसान की कभी जगह ले पाएगा क्योंकि इंसान नहीं रोबोट का बनाया है और उसकी प्रोग्रामिंग भी इंसान ही करता है और कुछ खराबी आ जाए तो इंसान ही उसे ठीक करेगा तो रोबोट का इंसान की जगह ले जा ले पाना नामुमकिन है
Savaal ye hai ki agar bhavishy mein robot mein sochane kee kshamata vikasit ho gaee na to insaanon ka kya hoga to yah prashn bilkul bhee kaalpanik paridrshy mein utpann karata hai agar ka robot ka nirmaata to koee na koee insaan hee hai eeshvar ne manushy ko shak vaalee shaktishaalee agar banaaya hai lekin itana bhee shaktishaalee nahin ki vah kisee jaivik padaarth ritu ko yantr mein sochane vichaarane kee kshamata paida kar saken agar aapake anusaar kaalpanik pradesh se kuchh is tarah prakaar ko hoga agar koee robot mein sochane vichaarane kshamata utpann ho jaatee hai tab to nishchit maanie ki usamen nirnay lene kee kshamata bhee aa jaegee aur jab kisee robot mein sochane vichaarane kee kshamata aa jaegee tab to usamen manushy ke sabhee prakaar ke gun aur avagun bhee nishchit roop se aa jaenge maatr usamen bhaavanaon kee kamee rah jaegee arthaat utana mein nahin hoga vah hrday heen hoga netrtv karane kee evan satta sthaapit karane kee ichchha bhee jaroor utpann hogee kyonki usaka shareer manushy kee tarah nahin hoga is kaaran se usako manushy kee tarah shareer mein hone vaale sabhee prakaar ke rog bhee nahin honge jab usake mastishk mein satta laalasa utpann hogee tab ve sansaar ke saare manushy ko apana gulaam banaane kee koshish karega aur antatogatva abhay saphal bhee ho jaega aur jis prakaar se vartamaan manushy ne apane bhojan ke lie murgee paalan kendr bana rakhe hain usee prakaar se sar robot sansaar mein apane daas ka sir oopar manushy paalan kendr bhee banaane lage lagega jahaan par vah manushy ko maatr santaan utpann karane hetu hee chalata rahega to aisa bilkul bhee posibal nahin hai ki bhavishy mein kabhee robot mein sochane kee kshamata vikasit ho jae mujhe nahin lagata ki robot insaan kee kabhee jagah le paega kyonki insaan nahin robot ka banaaya hai aur usakee prograaming bhee insaan hee karata hai aur kuchh kharaabee aa jae to insaan hee use theek karega to robot ka insaan kee jagah le ja le paana naamumakin hai

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