#जीवन शैली

Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Rajendra जी का जवाब
Self student
1:59
नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते हैं जलते क्यों हैं और हमारे बारे में बुरा क्यों सोचते हैं दोस्तों ऐसा हमने भी देखा है और ऐसा हमारे साथ भी हुआ है कि हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते हैं और हमारे बारे में बुरा ही सोचते हैं दोस्तों एक तो उनकी सवार्थ भावना हो जाती है कि मैं ही मैं आगे बढ़ो हमसे ज्यादा कोई और आगे ना बढ़े हमारी दुआ है हमारी दुकान व्यवहार आदि को अच्छाइयों को देखते हुए भी कई लोग हमसे जलने लग जाते हैं यह सा दूसरों में मान सम्मान क्यों पा रहा है तो एक तो यह कारण हो जाता है और दूसरा कारण यह होता है दोस्तों की उनका स्वभाव उनकी प्रकृति ऐसी ही होती है उनका भी व्यवहार ऐसा ही होता है जुदाई किसी से भी बात करो या किसी से भी व्यवहार करो लेकिन उसके व्यवहार में व्यवहार में कोई फर्क नहीं आता है बस तभी से वह इसी तरीके से इसी नजर से दृष्टि से देखते हैं तो दोस्तों उसका यही कारण होता है सिर्फ कंपटीशन का और अपने स्वार्थ भावना का अच्छा व्यवहार जब आप करते हो तो लोग आपसे इसलिए जलते हैं ताकि जो लोग आपके प्रतिद्वंदी हैं वह भी आगे बढ़ना चाहते हैं और आप चेतना अच्छे व्यवहार की गुंजाइश करते हैं इसलिए जवाब किसी अन्य मान सम्मान पाते हुए बिहार के कारण जब तारीख से बाते हो तो उसे जलन होती है
Namaskaar doston aapaka prashn hai jab ham kisee se achchha vyavahaar karate hain phir bhee log hamase jalate hain jalate kyon hain aur hamaare baare mein bura kyon sochate hain doston aisa hamane bhee dekha hai aur aisa hamaare saath bhee hua hai ki ham kisee se achchha vyavahaar karate hain phir bhee log hamase jalate hain aur hamaare baare mein bura hee sochate hain doston ek to unakee savaarth bhaavana ho jaatee hai ki main hee main aage badho hamase jyaada koee aur aage na badhe hamaaree dua hai hamaaree dukaan vyavahaar aadi ko achchhaiyon ko dekhate hue bhee kaee log hamase jalane lag jaate hain yah sa doosaron mein maan sammaan kyon pa raha hai to ek to yah kaaran ho jaata hai aur doosara kaaran yah hota hai doston kee unaka svabhaav unakee prakrti aisee hee hotee hai unaka bhee vyavahaar aisa hee hota hai judaee kisee se bhee baat karo ya kisee se bhee vyavahaar karo lekin usake vyavahaar mein vyavahaar mein koee phark nahin aata hai bas tabhee se vah isee tareeke se isee najar se drshti se dekhate hain to doston usaka yahee kaaran hota hai sirph kampateeshan ka aur apane svaarth bhaavana ka achchha vyavahaar jab aap karate ho to log aapase isalie jalate hain taaki jo log aapake pratidvandee hain vah bhee aage badhana chaahate hain aur aap chetana achchhe vyavahaar kee gunjaish karate hain isalie javaab kisee any maan sammaan paate hue bihaar ke kaaran jab taareekh se baate ho to use jalan hotee hai

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Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
🧖‍♀️life coach,Spiritual Advisor And Motivational speaker🙏
2:58
आपका प्रश्न है जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते हैं और हमारे बारे में बुरा क्यों सोचते हैं तो किसी के बारे में बुरा सोचने से बुरा नहीं होता अगर आप बहुत अच्छे से बेवर करते हैं तो यह आपकी प्रकृति है अर्थात आपका यह पूरा नीचे बन चुका है जिसमें जल्दी वाले के लिए आप ही तो नहीं कर सकती क्या मुझसे मत बोलो ऐसा तो हो नहीं सकता वह जलेंगे आपके बारे में बुरा सोचेंगे लेकिन आप आ जा कर यह बोलेंगे कि प्लीज मेरे बारे में बुरा मत सोचो तो क्या यह होगा चाहिए मुमकिन है नहीं हम खुद को ही इतना बेहतरीन बना लेना है हमारे बारे में कुछ बुरा भूल हो जाए हमें नहीं कहते ना जैसा हम सोचते हैं जैसा हम बोलते हैं हमारे अंदर की सारी चीजें बाहर होती है वह चीजें हमें क्या करना है कि अंदर हमें शांत रहना पीस में रहना है और हमें अपना बिहेवियर अपने प्रति बीच रखना सब के प्रति भेजें जिन्हें जो करना है करने दीजिए आप उन्हें जाकर ठीक नहीं कर सकते याद रखिए अगर आपको कुछ ठीक है करना है तो आपको स्वयं को ठीक करना ताकि इनकी बातों का असर आपको ना हो ठीक है चाय आपसे कोई भी जगह आपको फर्क नहीं पड़ना चाहिए क्यों नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि वह हाथ नहीं है वह जैसे हैं वैसे ही याद करते हैं जैसे आप का प्राकृतिक जल क्या है बहुत अच्छे से भी करना उनका नहीं है वह बाहर से अच्छा बनने की कोशिश करते नहीं अंदर ही अंदर जल रहे हैं मुझे और आपके बारे में बुरा सोच रहा हूं खुद ठीक है तो सभी इंसान एक जैसे नहीं होते उनको जो सोचना है सोचने दीजिए अगर अपने आप अगर उनकी चीजें आपको इफेक्ट हो रही है तो मतलब कहीं ना कहीं आपको तकलीफ है तकलीफ क्या है आप खुद को नहीं देख पा रहे हैं अपने अंदर की इन चीजों को शांत करने के बजाय अब दूसरों पर फोकस कर रहे हैं यहां आने का मेन मकसद आपको ही समझना है कि यहां हमें स्वयं को बेहतरीन बनाना अगर हम बेहतरीन बनेंगे तो हमारी वाइब्रेशन रिलीज होगी तो धीरे-धीरे ऐसे सोच वाले लोगों की वाइब्रेशन भी चेंज होते जाए तो हमें अपनी वाइब्रेशन अर्थात अपने आपको इतना बेहतरीन बनाना है वह सिर्फ और सिर्फ खुद पर करना जब हम खुद बेहतरीन बन जाएंगे तो देखिएगा आसपास के जितने भी लोग हैं सब में वह चीज आपको अपने आप ही नजर आने लगेंगे ठीक है प्लीज बनर्जी का गेम है जिंदगी को इतना पहाड़ जैसे ना समझे यह सभी लोग आप ही हैं लेकिन क्या है कि इनमें लेयर चढ़ एनर्जी का खेल है आप कभी भी तकलीफ में नहीं रहेंगे
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Sandeep Goyal Chandigarh  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Sandeep जी का जवाब
Tabla player artist and music home tutor
2:41
जब भी हम किसी का कुछ अच्छा करते हैं फिर भी लोग हमारे से जलते क्यों हमारे बारे में बुरा की सोचते हैं तो देखो जी कहते हैं ना जिसकी जैसी सोच तो आप जितना मर्जी उस व्यक्ति के सामने अच्छा कर लीजिए मगर उसके मन में अगर भावना बुरी ही है ना तो वह आपके बारे में बुरा ही सोचेगा अच्छा कर लीजिए काम ही ऐसा है उसने अपने आपको बना लिया है ठीक है तो जिस व्यक्ति की सोच कैसी होती है वह अच्छे व्यक्ति को भी बुरा ही बुरे की दृष्टि से बुरी नजरों की दृष्टि से ही देखेगा उसके लिए कुछ अच्छा करें ठीक है आप कोशिश करें कि नहीं यह मैसेज नजर में बुरा हूं मैं अच्छा करता हूं तो शायद इसको इसका मनोवृति में कुछ परिवर्तन आए लेकिन नहीं उनकी सोच ही ऐसी है ठीक है सुधारने में देता है एक बिच्छू था उसको नदी में जाए बहने से बचा रहे थे बार-बार वह नदी में बहता जा रहा जा रहा था स्नान करने के लिए साथ में जाते हैं उनमें से उसको बचाने का प्रयास करते हैं उनको डंक मारता है ठीक है फिर भी उसका अच्छा करते हैं क्यों तो किसी ने पूछा कि उसने दो-तीन बार ऐसा किया बिच्छू ने तो एक भी पूछते हैं कि महात्मा जी आपने तो इस को बचाने का प्रयास किया मगर ही मुर्ख है कि आपको डंक मार रहा है काट रहा है तो आप थोड़ी ना इसको क्यों कर रहे हैं तो कहते कि भाई इसको स्वभाव ही ऐसा है कि जब यह अपना स्वभाव नहीं छोड़ सकता तो मैं अपना सुबह की छोड़ो भी बुरे लोगों के साथ में आप जितना मर्जी अच्छा कर लो उनका मन ही ऐसा उनका स्वभाव ही ऐसा बन चुका होता है ठीक है तो आप भी अपना स्वभाव मत छोड़िए कभी भी जब वह ऐसा कर रहे हैं तो आप भी अपना अच्छा करते रहिए उनका स्वभाव होता है लोगों का कुछ लोगों का स्वभाव भी ऐसा होता है धन्यवाद उम्मीद है कि आपको सवाल का जवाब दे पाऊंगा क्षेत्र अगर जवाब अच्छा लगे अच्छा लगे बहुत ही अच्छा लगे तो लाइक जरूर कीजिएगा ज्यादा से ज्यादा लाइक कीजिएगा धन्यवाद संदीप गोयल दृष्टिहीन चंडीगढ़ से बात कर रहा था सच कहा है विकी
Jab bhee ham kisee ka kuchh achchha karate hain phir bhee log hamaare se jalate kyon hamaare baare mein bura kee sochate hain to dekho jee kahate hain na jisakee jaisee soch to aap jitana marjee us vyakti ke saamane achchha kar leejie magar usake man mein agar bhaavana buree hee hai na to vah aapake baare mein bura hee sochega achchha kar leejie kaam hee aisa hai usane apane aapako bana liya hai theek hai to jis vyakti kee soch kaisee hotee hai vah achchhe vyakti ko bhee bura hee bure kee drshti se buree najaron kee drshti se hee dekhega usake lie kuchh achchha karen theek hai aap koshish karen ki nahin yah maisej najar mein bura hoon main achchha karata hoon to shaayad isako isaka manovrti mein kuchh parivartan aae lekin nahin unakee soch hee aisee hai theek hai sudhaarane mein deta hai ek bichchhoo tha usako nadee mein jae bahane se bacha rahe the baar-baar vah nadee mein bahata ja raha ja raha tha snaan karane ke lie saath mein jaate hain unamen se usako bachaane ka prayaas karate hain unako dank maarata hai theek hai phir bhee usaka achchha karate hain kyon to kisee ne poochha ki usane do-teen baar aisa kiya bichchhoo ne to ek bhee poochhate hain ki mahaatma jee aapane to is ko bachaane ka prayaas kiya magar hee murkh hai ki aapako dank maar raha hai kaat raha hai to aap thodee na isako kyon kar rahe hain to kahate ki bhaee isako svabhaav hee aisa hai ki jab yah apana svabhaav nahin chhod sakata to main apana subah kee chhodo bhee bure logon ke saath mein aap jitana marjee achchha kar lo unaka man hee aisa unaka svabhaav hee aisa ban chuka hota hai theek hai to aap bhee apana svabhaav mat chhodie kabhee bhee jab vah aisa kar rahe hain to aap bhee apana achchha karate rahie unaka svabhaav hota hai logon ka kuchh logon ka svabhaav bhee aisa hota hai dhanyavaad ummeed hai ki aapako savaal ka javaab de paoonga kshetr agar javaab achchha lage achchha lage bahut hee achchha lage to laik jaroor keejiega jyaada se jyaada laik keejiega dhanyavaad sandeep goyal drshtiheen chandeegadh se baat kar raha tha sach kaha hai vikee

Shipra Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Shipra जी का जवाब
Self Employed
0:36
पता चले कि जब हम किसी के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते क्यों हैं और हमारे साथ बुरा क्यों सोचते हैं तो देखें ऐसा है कि आप ही दिख रहा अच्छा व्यवहार करें हमारा व्यवहार करें सामने वाला आपके लिए क्या सोच रहा है क्या चाहता है उसके आपके पति क्या काम चल रहा है इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं और ना ही समझ सकते हैं कि बहुत जरूरी है कि आप अपने कर्मों को करते चले अपना व्यवहार दूसरों के प्रति अच्छा रखे दूसरे आपसे क्या कर रहे हैं क्या नहीं कर रहे हैं जा रहे हैं आपके बारे में बुरा सोचते हैं तो फिर से को इग्नोर करें क्योंकि इन सब चीजों पर ध्यान दे रहे थे व्हाट्सएप का स्ट्रेस बढ़ेगा और आप अपने कार्यों का ध्यान नहीं दे पाएंगे आपको धन्यवाद
Pata chale ki jab ham kisee ke saath achchha vyavahaar karate hain phir bhee log hamase jalate kyon hain aur hamaare saath bura kyon sochate hain to dekhen aisa hai ki aap hee dikh raha achchha vyavahaar karen hamaara vyavahaar karen saamane vaala aapake lie kya soch raha hai kya chaahata hai usake aapake pati kya kaam chal raha hai is baat ka andaaja nahin laga sakate hain aur na hee samajh sakate hain ki bahut jarooree hai ki aap apane karmon ko karate chale apana vyavahaar doosaron ke prati achchha rakhe doosare aapase kya kar rahe hain kya nahin kar rahe hain ja rahe hain aapake baare mein bura sochate hain to phir se ko ignor karen kyonki in sab cheejon par dhyaan de rahe the vhaatsep ka stres badhega aur aap apane kaaryon ka dhyaan nahin de paenge aapako dhanyavaad

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:05
जब किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते क्यों हैं मैं बुरा क्यों करते हैं लेकिन सर्प का काम है धूप करना बिच्छू का डंक मारना जब आप सर्च पालते हैं या सर के पास जाते हैं तो वही स्थिति में आएंगी कि जब होगा तो जो आदमी दुष्ट होता है कदम संत न छोड़े संतई कोटिक मिले असंत जो संत होते हैं वह अपने साथ बिता को छोड़ते नहीं जो रहीम उत्तम प्रकृति का करी सकत कुसंग चंदन विष व्यापत नहीं लिपटे रहत भुजंग चंदन कथा में शीतलता प्रदान करना और शीतलता के कारण तमाम न जाने कितने ही उसको सर्प लिपटे रहते हैं लेकिन वह अपनी शीतलता को त्याग ता नहीं इसी प्रकार से यह लोग जितने बुराई करें चाहे जितने आपके आपके प्रति आपके पीठ पीछे बुराई करें उससे आपको विचलित नहीं होना चाहिए क्योंकि आप संत है जो व्यक्ति अच्छाई करने वाला है सदाचार के मार्ग पर चलने वाला अल्लो तो उसी उत्साह करते हैं कोई एक दिन सब उसकी तारीफ करने के लिए तैयार हो जाते हैं क्योंकि उसके अंदर कोई दुर्गुण है ही नहीं पेट के अंदर कोई दुर्गुण नहीं होता तो बिल्कुल खाली है सोने के समान होता और हमेशा भी गई होता है
Jab kisee se achchha vyavahaar karate hain phir bhee log hamase jalate kyon hain main bura kyon karate hain lekin sarp ka kaam hai dhoop karana bichchhoo ka dank maarana jab aap sarch paalate hain ya sar ke paas jaate hain to vahee sthiti mein aaengee ki jab hoga to jo aadamee dusht hota hai kadam sant na chhode santee kotik mile asant jo sant hote hain vah apane saath bita ko chhodate nahin jo raheem uttam prakrti ka karee sakat kusang chandan vish vyaapat nahin lipate rahat bhujang chandan katha mein sheetalata pradaan karana aur sheetalata ke kaaran tamaam na jaane kitane hee usako sarp lipate rahate hain lekin vah apanee sheetalata ko tyaag ta nahin isee prakaar se yah log jitane buraee karen chaahe jitane aapake aapake prati aapake peeth peechhe buraee karen usase aapako vichalit nahin hona chaahie kyonki aap sant hai jo vyakti achchhaee karane vaala hai sadaachaar ke maarg par chalane vaala allo to usee utsaah karate hain koee ek din sab usakee taareeph karane ke lie taiyaar ho jaate hain kyonki usake andar koee durgun hai hee nahin pet ke andar koee durgun nahin hota to bilkul khaalee hai sone ke samaan hota aur hamesha bhee gaee hota hai

Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Deven जी का जवाब
Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
2:53
जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते क्यों हैं और हमारे बारे में बुरा क्यों सोचते हैं इसको तोड़ते हैं इस क्वेश्चन को जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते किसी के साथ अच्छा व्यवहार करना ही आदत मैंने अपने आप को लगाई है क्योंकि मुझे किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना शायद आप अच्छा गवार करते हो और मैं आपको फिर भी गाली देता हूं तो आपको लगेगा कि मैं अच्छे अच्छे से बात करो फिर भी मुझे गाली दे रहा है अच्छा व्यवहार करना आप की चॉइस है ऐसा करने से आपको लोगों के लोगों के तरफ से सराहना मिलती है 100% लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करो कि उसमें से एड्रेस 95% लोग आपको तो यह बोलती है कि आदमी अच्छा है और उससे आपको इंसेंटिवाइजेशन मिलता है आपको अच्छा लगता है कुछ 4% 5% लोग हो सकते कि आप को कितना भी अच्छा बोलो पूरा बोलेंगे आपको तो उनकी चॉइस है तो यह चॉइस आपकी नहीं है कि वह आपको क्या बोलेंगे आप के लिए क्या सोचेंगे आप की चॉइस की कि मैं अच्छा व्यवहार को उसके साथ में आपने और उसका जो फायदा आपको मिलना था समझ में मिलेगा मिलते रहे दूसरा बाद हमसे लोग क्यों चलते और हमारे बारे में पूरा क्यों सोचते हैं अब इसके इसमें जो ऐसे टाइप के लोग होते तो आप से चल रहे हैं आपके बारे में बुरा सोच रहे हो उनका प्रॉब्लम है वह फिर से आपका प्रॉब्लम नहीं है अगर आप से जल्दी-जल्दी रहा है तो कहीं आपका नुकसान कर रहे हैं क्या यह देखो आप अगर आपका नुकसान कर रहा है और आपको पता चल रहे नुकसान थे हो सकता है तुझसे दूर सीधी सी बात को आप से चल रहा है आपका नुकसान कर सकता है तो ऐसे आदमी के साथ उस आदमी के पास में क्यों रहूं चाहे वो मेरे पहचान का भी होगा तो बिना झगड़ा के क्योंकि आप तो अच्छे से बात करते हो तो अच्छा प्यार करते हो तो आप झगड़ा करो कि नहीं झगड़ा नहीं करोगे तो ऐसे आदमी से धीरे-धीरे मेंटल डिस्टेंस बना लो क्या क्या ठीक है यह आदमी ऐसा है इस टाइप का क्योंकि उस आदमी के सोचने से आपको फर्क नहीं पड़ने वाला आपकी अच्छाई पर आपके प्रोग्रेस पर और आपके बारे में बुरा सोचते कि वह तो सीधी सी बात है उसको अन अन कंफर्ट फील होता होगा कि आप आगे बढ़ रहे हो और मैं आगे बढ़ नहीं रहा हूं नहीं होगा उसके माइंड का इतना बड़ा डायरा यह जो उस चीज को संभाले और उस टाइप की सोचो रखता होगा लेकिन उसका भी नुकसान उसी को होने वाला आपको नहीं होने कि आपका आपका काम आपका कंसेशन चलने दीजिए जैसे मैंने बोला कि आपकी वजह से आपने यह चॉइस किया है कि मैं अच्छे से रहो अच्छे से रहिए और तो और अच्छे से रहना और सक्सेसफुल होना इन दोनों का भी कोई कोई रीजन एंड कोई कनेक्शन नहीं है यह बात याद रखिए क्योंकि आपका आपके लाइफ में अगर सक्सेसफुल हो ना तो उसका स्टेप बाय स्टेप उस वहां तक पहुंचने के लिए एक रुपए की जरूरत है यह कुर्ती कोई भी जब करेगा उनको मिल जाएगा एग्जाम में 100 में से 100 मत लाना है कोई बंदा पढ़कर लाल लेगा और पढ़ कर उन क्वेश्चन के बाद जवाब देगा कोई बंदा बैठे हैं उसको अगर कोई बैठकर जवाब बताएगा तो उसका भी नंबर आ जाए
Jab ham kisee se achchha vyavahaar karate hain phir bhee log hamase jalate kyon hain aur hamaare baare mein bura kyon sochate hain isako todate hain is kveshchan ko jab ham kisee se achchha vyavahaar karate kisee ke saath achchha vyavahaar karana hee aadat mainne apane aap ko lagaee hai kyonki mujhe kisee ke saath bura vyavahaar nahin karana shaayad aap achchha gavaar karate ho aur main aapako phir bhee gaalee deta hoon to aapako lagega ki main achchhe achchhe se baat karo phir bhee mujhe gaalee de raha hai achchha vyavahaar karana aap kee chois hai aisa karane se aapako logon ke logon ke taraph se saraahana milatee hai 100% logon ke saath achchha vyavahaar karo ki usamen se edres 95% log aapako to yah bolatee hai ki aadamee achchha hai aur usase aapako insentivaijeshan milata hai aapako achchha lagata hai kuchh 4% 5% log ho sakate ki aap ko kitana bhee achchha bolo poora bolenge aapako to unakee chois hai to yah chois aapakee nahin hai ki vah aapako kya bolenge aap ke lie kya sochenge aap kee chois kee ki main achchha vyavahaar ko usake saath mein aapane aur usaka jo phaayada aapako milana tha samajh mein milega milate rahe doosara baad hamase log kyon chalate aur hamaare baare mein poora kyon sochate hain ab isake isamen jo aise taip ke log hote to aap se chal rahe hain aapake baare mein bura soch rahe ho unaka problam hai vah phir se aapaka problam nahin hai agar aap se jaldee-jaldee raha hai to kaheen aapaka nukasaan kar rahe hain kya yah dekho aap agar aapaka nukasaan kar raha hai aur aapako pata chal rahe nukasaan the ho sakata hai tujhase door seedhee see baat ko aap se chal raha hai aapaka nukasaan kar sakata hai to aise aadamee ke saath us aadamee ke paas mein kyon rahoon chaahe vo mere pahachaan ka bhee hoga to bina jhagada ke kyonki aap to achchhe se baat karate ho to achchha pyaar karate ho to aap jhagada karo ki nahin jhagada nahin karoge to aise aadamee se dheere-dheere mental distens bana lo kya kya theek hai yah aadamee aisa hai is taip ka kyonki us aadamee ke sochane se aapako phark nahin padane vaala aapakee achchhaee par aapake progres par aur aapake baare mein bura sochate ki vah to seedhee see baat hai usako an an kamphart pheel hota hoga ki aap aage badh rahe ho aur main aage badh nahin raha hoon nahin hoga usake maind ka itana bada daayara yah jo us cheej ko sambhaale aur us taip kee socho rakhata hoga lekin usaka bhee nukasaan usee ko hone vaala aapako nahin hone ki aapaka aapaka kaam aapaka kanseshan chalane deejie jaise mainne bola ki aapakee vajah se aapane yah chois kiya hai ki main achchhe se raho achchhe se rahie aur to aur achchhe se rahana aur saksesaphul hona in donon ka bhee koee koee reejan end koee kanekshan nahin hai yah baat yaad rakhie kyonki aapaka aapake laiph mein agar saksesaphul ho na to usaka step baay step us vahaan tak pahunchane ke lie ek rupe kee jaroorat hai yah kurtee koee bhee jab karega unako mil jaega egjaam mein 100 mein se 100 mat laana hai koee banda padhakar laal lega aur padh kar un kveshchan ke baad javaab dega koee banda baithe hain usako agar koee baithakar javaab bataega to usaka bhee nambar aa jae

neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए neelam जी का जवाब
Job
1:34
नमस्कार दोस्तों मित्र का सवाल है कि जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते क्यों हैं और बुराई हमारे बारे में बुरा क्यों सोचते हैं और दोस्तों लोगों की यह थिंकिंग होती है कुछ लोग ऐसे होते हैं कि हमारे अच्छे व्यवहार को देखकर जब हमारी तारीफ हो रही होती है तो लोग हमें अच्छा कर रहे होते हैं तो उनको जलन होती है कि हमें अच्छा क्यों करते हैं फिर वह इस कोशिश में लग जाते हैं कि हमें कैसे बुरा साबित करें और इसीलिए तो हमारे बारे में बुरा सोचते हैं कि कैसे उनके बारे में क्या बुराई निकाली जाए कि लोग इन को बुरा कहने लगे हैं उनको इस से मतलब नहीं होता है कि वह हमसे अच्छा व्यवहार करके हमसे अच्छा बन जाए उनको बस यह सवाल आता है कि इसको पूरा करके ही इस को बुरा साबित करके इसके बारे में बुरा सोच कि इसके बारे में बुराई साबित करके बुराई करके बुरा बोलके अमित को बुरा साबित कर सकते हैं तो बस यही होता है कि हमारे अच्छे बीवी वीर्य के कारण बिहेवियर के कारण जो हमारी तारीफ जो हमारे बारे में अच्छा लोग बोलते हैं उसको कम करने से और उससे जल उससे जलन के मारे लोग हमारे बारे में बुरा सोचते हैं बाकी इसका कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि अच्छा इंसान हमेशा अच्छा होता है और अच्छे इंसान को लोग बुरा कितना भी कहने उसको कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि आप जानते हो कि सास को कभी याद नहीं है क्योंकि अच्छा इंसान को कोई बुरा कितने दिन तक रहेगा एक न एक दिन वह भी कहना बंद कर देगा क्योंकि उसके ऊपर भी ज्यादा हमारी अच्छाई का असर पड़ेगा तो वह भी वह बुरा सोचना बंद कर देगा तो दोस्तों इस बात का ध्यान नहीं रखना चाहिए और बस ऐसे ही हंसते रहिए मुस्कुराते रहिए इंदौर
Namaskaar doston mitr ka savaal hai ki jab ham kisee se achchha vyavahaar karate hain phir bhee log hamase jalate kyon hain aur buraee hamaare baare mein bura kyon sochate hain aur doston logon kee yah thinking hotee hai kuchh log aise hote hain ki hamaare achchhe vyavahaar ko dekhakar jab hamaaree taareeph ho rahee hotee hai to log hamen achchha kar rahe hote hain to unako jalan hotee hai ki hamen achchha kyon karate hain phir vah is koshish mein lag jaate hain ki hamen kaise bura saabit karen aur iseelie to hamaare baare mein bura sochate hain ki kaise unake baare mein kya buraee nikaalee jae ki log in ko bura kahane lage hain unako is se matalab nahin hota hai ki vah hamase achchha vyavahaar karake hamase achchha ban jae unako bas yah savaal aata hai ki isako poora karake hee is ko bura saabit karake isake baare mein bura soch ki isake baare mein buraee saabit karake buraee karake bura bolake amit ko bura saabit kar sakate hain to bas yahee hota hai ki hamaare achchhe beevee veery ke kaaran biheviyar ke kaaran jo hamaaree taareeph jo hamaare baare mein achchha log bolate hain usako kam karane se aur usase jal usase jalan ke maare log hamaare baare mein bura sochate hain baakee isaka koee phark nahin padana chaahie kyonki achchha insaan hamesha achchha hota hai aur achchhe insaan ko log bura kitana bhee kahane usako koee phark nahin padata hai kyonki aap jaanate ho ki saas ko kabhee yaad nahin hai kyonki achchha insaan ko koee bura kitane din tak rahega ek na ek din vah bhee kahana band kar dega kyonki usake oopar bhee jyaada hamaaree achchhaee ka asar padega to vah bhee vah bura sochana band kar dega to doston is baat ka dhyaan nahin rakhana chaahie aur bas aise hee hansate rahie muskuraate rahie indaur

Khushi Agrawal Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Khushi जी का जवाब
Unknown
0:48
सवाल जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते क्यों हैं और हमारे बारे में बुरा क्यों पूछते हैं कि दुनिया में बहुत तरह के लोग होते हैं आप सबको सब जैसा नहीं समझ सकते जिसे हम अच्छे हैं तो हम सबसे अच्छे से ही व्यवहार करेंगे और अच्छे से ही बात करेंगे पर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो जलते भी लूंगा बुरा भी सोते हैं चाहे जितनी भी अच्छी तरीके से बात कर लीजिए आपकी तरक्की और आपके बारे में बुरा सोचने पर उससे आपको बिल्कुल भी प्रभावित होने दीजिएगा आप हमेशा सबसे अच्छे से बात करिए अच्छे से व्यवहार कीजिए और हमें
Savaal jab ham kisee se achchha vyavahaar karate hain phir bhee log hamase jalate kyon hain aur hamaare baare mein bura kyon poochhate hain ki duniya mein bahut tarah ke log hote hain aap sabako sab jaisa nahin samajh sakate jise ham achchhe hain to ham sabase achchhe se hee vyavahaar karenge aur achchhe se hee baat karenge par kuchh log aise hote hain jo jalate bhee loonga bura bhee sote hain chaahe jitanee bhee achchhee tareeke se baat kar leejie aapakee tarakkee aur aapake baare mein bura sochane par usase aapako bilkul bhee prabhaavit hone deejiega aap hamesha sabase achchhe se baat karie achchhe se vyavahaar keejie aur hamen

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
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हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है जब हम किसी जैसा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे क्यों जलते हैं और हमारे बारे में बुरा क्यों सोचते हैं तो ट्रेंड्स कभी-कभी लोग अच्छाई कब गलत फायदा उठा लेते हैं इसलिए बहुत ज्यादा अच्छाई भी नहीं दिखानी चाहिए जहां जरूरी हो वही अच्छा ही दिखानी चाहिए और आपकी अच्छाइयों को लोग आपकी कमजोरी समझ लेते हैं इसीलिए मैं आपसे जलते हैं और आपको बुरा सोचते हैं तो जहां पर आपको जरूरत पड़े वहीं आप अच्छाई दिखाइए नहीं तो नहीं दिखाइए धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai jab ham kisee jaisa vyavahaar karate hain phir bhee log hamase kyon jalate hain aur hamaare baare mein bura kyon sochate hain to trends kabhee-kabhee log achchhaee kab galat phaayada utha lete hain isalie bahut jyaada achchhaee bhee nahin dikhaanee chaahie jahaan jarooree ho vahee achchha hee dikhaanee chaahie aur aapakee achchhaiyon ko log aapakee kamajoree samajh lete hain iseelie main aapase jalate hain aur aapako bura sochate hain to jahaan par aapako jaroorat pade vaheen aap achchhaee dikhaie nahin to nahin dikhaie dhanyavaad

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  • जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते क्यों हैं और हमारे बारे में बुरा क्यों सोचते हैं, जब हम किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं फिर भी लोग हमसे जलते क्यों हैं
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