#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker

सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता?

Sabhi Vyaktiyo Ka Rang Ek Saman Kyun Nahi Hota
मोहित कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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बिजनेस
0:24
दुश्मनी शरीर चंपारण एक समाप्त नहीं होती दोस्तों आपको बता देते हैं कि या भगवान की एक माया होती है हर इंसान का कलर एक जैसा नहीं कोई ना कोई कोई गोरा होता है तो कोई सहारा होता है दोस्तों से कोई फर्क नहीं पड़ता धन्यवाद
Dushmanee shareer champaaran ek samaapt nahin hotee doston aapako bata dete hain ki ya bhagavaan kee ek maaya hotee hai har insaan ka kalar ek jaisa nahin koee na koee koee gora hota hai to koee sahaara hota hai doston se koee phark nahin padata dhanyavaad

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bolkar speaker
सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता?Sabhi Vyaktiyo Ka Rang Ek Saman Kyun Nahi Hota
vk yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:32
हाय फ्रेंड्स गुड मॉर्निंग आई हो क्या आप अच्छे होंगे एकदम तरोताजा होंगे दोस्तों मेरा सभी को राम राम भक्ति गाना राम गुड मॉर्निंग राम राम बाग लाने प्लीज मेरा चैनल है कि मुझे फॉलो कीजिए ज्यादा ज्यादा शेयर कीजिए लाइक कीजिए कमेंट कीजिए गा तो चलिए सवाल को देखते हैं बाद में कर देंगे तो तुम सवालों ने किया है सभी व्यक्तियों पर रंग एक समान क्यों नहीं उठाते जब पांचों उंगली एक समान नहीं है तो सभी व्यक्तियों के रंग कैसे होगा भाई भगवान सबको अलग-अलग किसी को रंग देता है किसी को काला रंग देगा किसी को पूरा दिन किसी को लंबाई देता है किसी को छोटा बना देता हूं ना तो किसी को मोटा कैसे पतला भगवान एक सवाल किसी को नहीं बनाता हर इंसान किसी ना किसी बात से दुखी जरूर है आप पर तो इंसान सब अलग अलग बनाता एक जैसा कैसे बना सकता भगवान एक जैसा बना देगा तो फिर बहुत प्रॉब्लम हो जाएगी सबको अलग-अलग आइए जरूर किसी को अगर काला बनाए तो भगवान से दिमाग बोल देगा किसी गोरा बनाने के दिमाग कम दे देता किसी को छोटा बनाया तूने और किसी चीज में बहुत अच्छा फर्फेक्ट हर इंसान एक नहीं कि वह अपने आप बहुत पर्फेक्ट होता उसके लिए वह सबसे खास होती है उसके लिए वह बेस्ट होता उसके अलावा उसमें कोई कुछ नहीं कर सकता दूसरा बंदा तो भगवान यह जरूर देता है सबको एक नहीं कि भगवान ने हर इंसान किसी न किसी वजह से बनाएं और इंसान की ब्लू ऐसा नहीं कितना मिलता नहीं बेवजह कोई भी इंसान भगवान नहीं होता है वह तो ठीक है
Haay phrends gud morning aaee ho kya aap achchhe honge ekadam tarotaaja honge doston mera sabhee ko raam raam bhakti gaana raam gud morning raam raam baag laane pleej mera chainal hai ki mujhe pholo keejie jyaada jyaada sheyar keejie laik keejie kament keejie ga to chalie savaal ko dekhate hain baad mein kar denge to tum savaalon ne kiya hai sabhee vyaktiyon par rang ek samaan kyon nahin uthaate jab paanchon ungalee ek samaan nahin hai to sabhee vyaktiyon ke rang kaise hoga bhaee bhagavaan sabako alag-alag kisee ko rang deta hai kisee ko kaala rang dega kisee ko poora din kisee ko lambaee deta hai kisee ko chhota bana deta hoon na to kisee ko mota kaise patala bhagavaan ek savaal kisee ko nahin banaata har insaan kisee na kisee baat se dukhee jaroor hai aap par to insaan sab alag alag banaata ek jaisa kaise bana sakata bhagavaan ek jaisa bana dega to phir bahut problam ho jaegee sabako alag-alag aaie jaroor kisee ko agar kaala banae to bhagavaan se dimaag bol dega kisee gora banaane ke dimaag kam de deta kisee ko chhota banaaya toone aur kisee cheej mein bahut achchha pharphekt har insaan ek nahin ki vah apane aap bahut parphekt hota usake lie vah sabase khaas hotee hai usake lie vah best hota usake alaava usamen koee kuchh nahin kar sakata doosara banda to bhagavaan yah jaroor deta hai sabako ek nahin ki bhagavaan ne har insaan kisee na kisee vajah se banaen aur insaan kee bloo aisa nahin kitana milata nahin bevajah koee bhee insaan bhagavaan nahin hota hai vah to theek hai

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सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता?Sabhi Vyaktiyo Ka Rang Ek Saman Kyun Nahi Hota
Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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👨‍🏫 Teacher.
1:21
प्रश्न है कि सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता है तो हम सभी जानते हैं कि हमारे शरीरों का रंग रूप जो है एक मेला दिन तक तो होता है जिसके वजह से ऐसा होता है और दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है जेनेटिक अनुवांशिकता जिस पर हम कहते हैं यह भी काफी प्रभाव पड़ता है आप देखे होंगे कि हमेशा ऐसा प्रतीत होता है कि अगर सांवले माता पिता है तो उनके बच्चे भी शामिल होते हैं अगर कोरे हैं तो बुरे भी होते हैं यह कि प्रकृति की देन है और इसे इसी दृष्टि से सो जाना चाहिए हालांकि कुछ मौसमी कुदरत भी होता है जैसे जहां भी सूरज के प्रकाश की ने बहुत कम मात्रा में होती है वहां ज्यादा बुरे लोग होते हैं जैसे आप इंग्लैंड और में दिखेंगे वहीं आकर साउथ अफ्रीका के बाद करें या ने दक्षिण अफ्रीका की तो वहां सूर्य के प्रकाश ज्यादा पड़ता है जिसके वजह से वहां ज्यादा लोग जो है काले दिखते हैं तो कहीं-कहीं सूरत प्रकाश की वजह से भी ऐसा होता है हमारे भारत में ना ज्यादा धूप पढ़ती है ना ज्यादा उसका कम प्रभाव होता है जिसके वजह से जो है यहां पर ना तो ज्यादा सांवले होते हैं और नहीं जाते हैं तो यह छोड़ के किले की वजह से भी कई तरह के व्यक्तियों को रंग में विभिन्न साल आती है
Prashn hai ki sabhee vyaktiyon ka rang ek samaan kyon nahin hota hai to ham sabhee jaanate hain ki hamaare shareeron ka rang roop jo hai ek mela din tak to hota hai jisake vajah se aisa hota hai aur doosara mahatvapoorn pahaloo hai jenetik anuvaanshikata jis par ham kahate hain yah bhee kaaphee prabhaav padata hai aap dekhe honge ki hamesha aisa prateet hota hai ki agar saanvale maata pita hai to unake bachche bhee shaamil hote hain agar kore hain to bure bhee hote hain yah ki prakrti kee den hai aur ise isee drshti se so jaana chaahie haalaanki kuchh mausamee kudarat bhee hota hai jaise jahaan bhee sooraj ke prakaash kee ne bahut kam maatra mein hotee hai vahaan jyaada bure log hote hain jaise aap inglaind aur mein dikhenge vaheen aakar sauth aphreeka ke baad karen ya ne dakshin aphreeka kee to vahaan soory ke prakaash jyaada padata hai jisake vajah se vahaan jyaada log jo hai kaale dikhate hain to kaheen-kaheen soorat prakaash kee vajah se bhee aisa hota hai hamaare bhaarat mein na jyaada dhoop padhatee hai na jyaada usaka kam prabhaav hota hai jisake vajah se jo hai yahaan par na to jyaada saanvale hote hain aur nahin jaate hain to yah chhod ke kile kee vajah se bhee kaee tarah ke vyaktiyon ko rang mein vibhinn saal aatee hai

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सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता?Sabhi Vyaktiyo Ka Rang Ek Saman Kyun Nahi Hota
Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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🧖‍♀️life coach,Spiritual Advisor And Motivational speaker🙏
2:40
बहुत अच्छा सवाल है सभी व्यक्तियों का इस समय क्यों नहीं होता जी हां मैं नहीं रहा इस पर कुछ मंथ पहले रिसर्च की थी और इससे तब मुझे पता चला कि जब धरती का निर्माण हुआ तो इंसान जहां जन्म लिए थे धीरे-धीरे कुछ लोग अमेरिका साइड नाम है उधर चले गए कुछ लोग की धरी रह गई नहीं खाना कुछ लोग श्री लंका से लोग अलग-अलग जगह ठंडी तो लोग बहुत ठंड में रहते थे तू ठंड से क्या हुआ फिर लोगों के शरीर का रंग के होने लगा दो ठंड विधि वातावरण के अनुसार उनका चेहरा है और तुम लोगों में उस उस वातावरण का क्या होगी 2 के अंदर वह ब्लैक जैसे कि आप ज्यादा देर धूप में बैठने तो खुद काले होने लगते हैं तो शरीर उनका काला होने लगा लेकिन ठंड थी वहां डूबी थी वहां के लोग गोरे होने लगे दुनिया में धूप भी ठीक है ठंड भी ठीक है ज्यादा धूप हो रही है शरीर में खड़े रहेंगे देखिए कुछ दिन तक आप काली हो जाएगी अगर आप सेंड की ठंड वाली जगह में धूप कब निकल रही आगजनी में देखिएगा रहते रहते-रहते खुद ब खुद गोरे हो जाएंगे रहने वाले इंसान में रहने वाले इंसान ऊपर ए सेटिस्फेक्ट्री फिर वहां से लोगों को जब जन्म हुआ वैसे ही वैसे लोगों के कुछ गोरे कुछ सांवले ऐसे लोगों का वातावरण के अनुसार ही जन्म हुआ और वातावरण के अनुसार ही सब उस वातावरण में ठहरे का प्रोग्राम चेंज हो गया है सो मच
Bahut achchha savaal hai sabhee vyaktiyon ka is samay kyon nahin hota jee haan main nahin raha is par kuchh manth pahale risarch kee thee aur isase tab mujhe pata chala ki jab dharatee ka nirmaan hua to insaan jahaan janm lie the dheere-dheere kuchh log amerika said naam hai udhar chale gae kuchh log kee dharee rah gaee nahin khaana kuchh log shree lanka se log alag-alag jagah thandee to log bahut thand mein rahate the too thand se kya hua phir logon ke shareer ka rang ke hone laga do thand vidhi vaataavaran ke anusaar unaka chehara hai aur tum logon mein us us vaataavaran ka kya hogee 2 ke andar vah blaik jaise ki aap jyaada der dhoop mein baithane to khud kaale hone lagate hain to shareer unaka kaala hone laga lekin thand thee vahaan doobee thee vahaan ke log gore hone lage duniya mein dhoop bhee theek hai thand bhee theek hai jyaada dhoop ho rahee hai shareer mein khade rahenge dekhie kuchh din tak aap kaalee ho jaegee agar aap send kee thand vaalee jagah mein dhoop kab nikal rahee aagajanee mein dekhiega rahate rahate-rahate khud ba khud gore ho jaenge rahane vaale insaan mein rahane vaale insaan oopar e setisphektree phir vahaan se logon ko jab janm hua vaise hee vaise logon ke kuchh gore kuchh saanvale aise logon ka vaataavaran ke anusaar hee janm hua aur vaataavaran ke anusaar hee sab us vaataavaran mein thahare ka prograam chenj ho gaya hai so mach

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सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता?Sabhi Vyaktiyo Ka Rang Ek Saman Kyun Nahi Hota
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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student
1:28
या बस वाले की सभी भक्तों कारण एक स्मार्ट तो नहीं होता है तो सभी भक्तों का रंग एक समान इसलिए नहीं होता है क्योंकि पृथ्वी पर अलग-अलग जगह पर कब कहीं पर गर्मी ज्यादा पड़ती है कहीं पर कम पड़ते हैं पर सर्दी ज्यादा पढ़ते हैं इसलिए रंगों पर फर्क पड़ता है आप देखेंगे जो विश्वत रेखा पर देश भर से आए जिसमें साथ साउथ अफ्रीका सबसे ज्यादा है वहां पर लोग ज्यादा काले होते हैं अगर बात की बात की जाए तो विश्वत रेखा भारत के नीचे वाले केरल महाराष्ट्र तमिलनाडु तेलंगाना इन राज्यों से थोड़ी सी नीचे से गुजरती है तो वहां पर हमें ज्यादा काले लोग दिखाई देंगे अगर थोड़ा ऊपर चलेंगे तो कर्क रेखा भारत के किन राज्यों से गुजरते हैं वहां पर थोड़े कम का ले लो दिखाई देंगे और ऊपर की बात की जाए तो जम्मू-कश्मीर और हिमाचल उत्तराखंड वहां पर लोग अधिक गौरव दिखाई देंगे ऐसे महाराष्ट्र तमिलनाडु लोगों से क्योंकि वहां पर गर्मी ज्यादा नहीं पड़ती है इसलिए लोगों का रंग एक सम्मान नहीं होता है मेरे ख्याल से धन्यवाद
Ya bas vaale kee sabhee bhakton kaaran ek smaart to nahin hota hai to sabhee bhakton ka rang ek samaan isalie nahin hota hai kyonki prthvee par alag-alag jagah par kab kaheen par garmee jyaada padatee hai kaheen par kam padate hain par sardee jyaada padhate hain isalie rangon par phark padata hai aap dekhenge jo vishvat rekha par desh bhar se aae jisamen saath sauth aphreeka sabase jyaada hai vahaan par log jyaada kaale hote hain agar baat kee baat kee jae to vishvat rekha bhaarat ke neeche vaale keral mahaaraashtr tamilanaadu telangaana in raajyon se thodee see neeche se gujaratee hai to vahaan par hamen jyaada kaale log dikhaee denge agar thoda oopar chalenge to kark rekha bhaarat ke kin raajyon se gujarate hain vahaan par thode kam ka le lo dikhaee denge aur oopar kee baat kee jae to jammoo-kashmeer aur himaachal uttaraakhand vahaan par log adhik gaurav dikhaee denge aise mahaaraashtr tamilanaadu logon se kyonki vahaan par garmee jyaada nahin padatee hai isalie logon ka rang ek sammaan nahin hota hai mere khyaal se dhanyavaad

bolkar speaker
सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता?Sabhi Vyaktiyo Ka Rang Ek Saman Kyun Nahi Hota
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
0:30
सवाल ये है कि सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता तो सभी के जींस अलग-अलग होते हैं सभी अलग-अलग एंड वाइट में पहले बड़े होते हैं जहां ठंड ज्यादा होगी वहां के लोगों का रंग साफ होगा और जहां गर्मी ज्यादा होगी वहां के रोग वहां के लोगों को रंग थोड़ा पक्का होगा और जहां का तापमान थोड़ा नॉर्मल होगा वहां करके लोगों का रंग थोड़ा सांवला होगा और खान-पान रहन-सहन पर भी से भी फर्क पड़ता है कि इंसान का रंग कैसा होगा
Savaal ye hai ki sabhee vyaktiyon ka rang ek samaan kyon nahin hota to sabhee ke jeens alag-alag hote hain sabhee alag-alag end vait mein pahale bade hote hain jahaan thand jyaada hogee vahaan ke logon ka rang saaph hoga aur jahaan garmee jyaada hogee vahaan ke rog vahaan ke logon ko rang thoda pakka hoga aur jahaan ka taapamaan thoda normal hoga vahaan karake logon ka rang thoda saanvala hoga aur khaan-paan rahan-sahan par bhee se bhee phark padata hai ki insaan ka rang kaisa hoga

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सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता?Sabhi Vyaktiyo Ka Rang Ek Saman Kyun Nahi Hota
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
0:23
प्ले सभी व्यक्तियों का रंग एक समान क्यों नहीं होता है दोस्तों सभी व्यक्तियों का नाम एक समान इसलिए नहीं होता है क्योंकि वहां का जो भौगोलिक वातावरण है जो मनुष्य की चमड़ी को जो प्रभावित करती है यही वजह है कि किसी के भक्ति में जो प्रोटीन की मात्रा है गर्मी की वजह से ज्यादा हो जाता है तो किसी को प्रभावित करती है
Ple sabhee vyaktiyon ka rang ek samaan kyon nahin hota hai doston sabhee vyaktiyon ka naam ek samaan isalie nahin hota hai kyonki vahaan ka jo bhaugolik vaataavaran hai jo manushy kee chamadee ko jo prabhaavit karatee hai yahee vajah hai ki kisee ke bhakti mein jo proteen kee maatra hai garmee kee vajah se jyaada ho jaata hai to kisee ko prabhaavit karatee hai

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