#जीवन शैली

bolkar speaker

एक बात बताओ मुझे आप सब की जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ?

Ek Baat Batao Mujhe Aap Sab Ki Zindagi Gaanv Ki Acchi Hai Ya Shahar Ki
Jyoti Malik Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Jyoti जी का जवाब
Student
1:56
प्रश्न है कि जिंदगी जो है गांव की अच्छी है यह शहर की देखिए इसमें कोई शक नहीं कि शहरों में रहने वालों को तरह तरह की एलर्जी तनाव और सांस संबंधी बीमारियां ज्यादा होती है इसके बावजूद शहरी लोगों में मोटापे और खुदकुशी की दर कम होती है हादसों में मौत का खतरा भी कम होता है और बुढ़ापे में जिंदगी बेहतर गुजरती है हम लोग शहर की भीड़ प्रदूषण और तनाव से दूर रहने के लिए गांव देहात में रहने लगते हैं लेकिन वहां रहना भी चुनौती है वहां कीड़े मकोड़ों से होने वाले इन्फेक्शन होने का खतरा ज्यादा रहता है ऐसा भी नहीं है कि देहात में प्रदूषण बिल्कुल भी नहीं होता अगर हम भारत की बात करें तो यहां बड़े शहरों में होने वाले प्रदूषण के लिए बहुत हद तक गांव जिम्मेदार होते हैं गांव में बड़े पैमाने पर पराली और खेत साफ करने के लिए घास पूजा लाई जाती है जिससे जहरीले धुआ निकलता है दुआ शहरी लोगों से ज्यादा गांव वालों के लिए खतरनाक होता है क्योंकि वह इस दोहे से संपर्क सीधा रखते हैं इसके अलावा गांव में खाना बनाने के लिए उपयोग का इस्तेमाल किया जाता है इस से भी खतरनाक धुआं निकलता है जो नुकसानदेह होता है देखिए भारत की तरह इंडोनेशिया में भी खेत साफ करने का काफी तरीके अपनाए जाते हैं लेकिन यहां जो खेतों को पराली जला दी जाती है उससे जो प्रदूषण होता है वह भी हमारे लिए नुकसानदेह होता है देखिए हर कोई व्यक्ति चाहे वह शहर में रहे या गांव में रहे हरियाली शांति हर किसी को पसंद होती हैं और अगर आप पहाड़ों के पास रहना पसंद करते हो और कभी कबार वहां जाकर रिलैक्सेशन के लिए रहना पसंद करो तो आपके लिए अच्छा है लेकिन जैसे जिंदगी हम जी रहे हैं जिस देश में हम जी रहे हैं तो वहां गांव और शहर दोनों एक समान है हैं धन्यवाद
Prashn hai ki jindagee jo hai gaanv kee achchhee hai yah shahar kee dekhie isamen koee shak nahin ki shaharon mein rahane vaalon ko tarah tarah kee elarjee tanaav aur saans sambandhee beemaariyaan jyaada hotee hai isake baavajood shaharee logon mein motaape aur khudakushee kee dar kam hotee hai haadason mein maut ka khatara bhee kam hota hai aur budhaape mein jindagee behatar gujaratee hai ham log shahar kee bheed pradooshan aur tanaav se door rahane ke lie gaanv dehaat mein rahane lagate hain lekin vahaan rahana bhee chunautee hai vahaan keede makodon se hone vaale inphekshan hone ka khatara jyaada rahata hai aisa bhee nahin hai ki dehaat mein pradooshan bilkul bhee nahin hota agar ham bhaarat kee baat karen to yahaan bade shaharon mein hone vaale pradooshan ke lie bahut had tak gaanv jimmedaar hote hain gaanv mein bade paimaane par paraalee aur khet saaph karane ke lie ghaas pooja laee jaatee hai jisase jahareele dhua nikalata hai dua shaharee logon se jyaada gaanv vaalon ke lie khataranaak hota hai kyonki vah is dohe se sampark seedha rakhate hain isake alaava gaanv mein khaana banaane ke lie upayog ka istemaal kiya jaata hai is se bhee khataranaak dhuaan nikalata hai jo nukasaanadeh hota hai dekhie bhaarat kee tarah indoneshiya mein bhee khet saaph karane ka kaaphee tareeke apanae jaate hain lekin yahaan jo kheton ko paraalee jala dee jaatee hai usase jo pradooshan hota hai vah bhee hamaare lie nukasaanadeh hota hai dekhie har koee vyakti chaahe vah shahar mein rahe ya gaanv mein rahe hariyaalee shaanti har kisee ko pasand hotee hain aur agar aap pahaadon ke paas rahana pasand karate ho aur kabhee kabaar vahaan jaakar rilaikseshan ke lie rahana pasand karo to aapake lie achchha hai lekin jaise jindagee ham jee rahe hain jis desh mein ham jee rahe hain to vahaan gaanv aur shahar donon ek samaan hai hain dhanyavaad

और जवाब सुनें

bolkar speaker
एक बात बताओ मुझे आप सब की जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ?Ek Baat Batao Mujhe Aap Sab Ki Zindagi Gaanv Ki Acchi Hai Ya Shahar Ki
Christina KC Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Christina जी का जवाब
MBA Govt job in PSU/Assistant Manager (HR)
0:43
सवाल आपने क्या है एक बात बताओ मुझे आप सबकी जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ग्राम तुलना करने जाएं गांव की जावे शहर की लोगों की अलग-अलग राय होती है इसमें कुछ लोगों को लगता है कि गांव की जो लाइफ है वह अच्छी होती है क्योंकि वह काफी सिंपल होती है और ज्यादा झमेला जो है वह नहीं होती है पर अगर आप कुछ और लोगों के दृष्टिकोण से देखें तो उनको लगता है कि शहर अच्छी होती है क्योंकि उसमें काफी सारी सुविधाएं होती है जो काउचे जो है वह प्रोवाइड नहीं कर सकती है तो अलग अलग कर लोगे क्या या गलत धारणा होती है और मेरे ख्याल से इस सवाल का जवाब है
Savaal aapane kya hai ek baat batao mujhe aap sabakee jindagee gaanv kee achchhee hai ya shahar kee graam tulana karane jaen gaanv kee jaave shahar kee logon kee alag-alag raay hotee hai isamen kuchh logon ko lagata hai ki gaanv kee jo laiph hai vah achchhee hotee hai kyonki vah kaaphee simpal hotee hai aur jyaada jhamela jo hai vah nahin hotee hai par agar aap kuchh aur logon ke drshtikon se dekhen to unako lagata hai ki shahar achchhee hotee hai kyonki usamen kaaphee saaree suvidhaen hotee hai jo kauche jo hai vah provaid nahin kar sakatee hai to alag alag kar loge kya ya galat dhaarana hotee hai aur mere khyaal se is savaal ka javaab hai

bolkar speaker
एक बात बताओ मुझे आप सब की जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ?Ek Baat Batao Mujhe Aap Sab Ki Zindagi Gaanv Ki Acchi Hai Ya Shahar Ki
Anand Patel Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Anand जी का जवाब
Mathematics Teacher
0:40
सवाल एक बात बताओ मुझे आप सबकी जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की तो दोस्तों मेरे अनुसार तो गांव की ही जिंदगी है बहुत अच्छी होती है मैं गांव में भी रहता हूं और शहर में भी रहता हूं तो शेयर किया गया पिक्चर गांव में ही है काफी सुकून वाली होती है वह अच्छा लगता है पर जिंदगी में जवानी जरूरत होती है कार्य करने की और हम गांव में एक अच्छे जीवन यापन नहीं कर पाते हैं कमाई का जरिया नहीं होता है तो मैं शहर आना पड़ा लेकिन जिंदगी सबसे अच्छी गांव की होती है
Savaal ek baat batao mujhe aap sabakee jindagee gaanv kee achchhee hai ya shahar kee to doston mere anusaar to gaanv kee hee jindagee hai bahut achchhee hotee hai main gaanv mein bhee rahata hoon aur shahar mein bhee rahata hoon to sheyar kiya gaya pikchar gaanv mein hee hai kaaphee sukoon vaalee hotee hai vah achchha lagata hai par jindagee mein javaanee jaroorat hotee hai kaary karane kee aur ham gaanv mein ek achchhe jeevan yaapan nahin kar paate hain kamaee ka jariya nahin hota hai to main shahar aana pada lekin jindagee sabase achchhee gaanv kee hotee hai

bolkar speaker
एक बात बताओ मुझे आप सब की जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ?Ek Baat Batao Mujhe Aap Sab Ki Zindagi Gaanv Ki Acchi Hai Ya Shahar Ki
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
4:07
आप सुविधा होगी यदि आप आराम तलबी हैं यदि आपके पास बहुत सारा धन वैभव समृद्धि है यदि आप तो जरूर जीवन जी सकते हैं तो आपके लिए शहरी जीवन उत्तम है और यदि आप बुलंद शारदा में विश्वास रखते हैं यदि आपको सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धांत प्रश्न है और यदि आप प्रेम भाईचारे शांति मिलनसार ता आदि गुणों से परिपूर्ण है आपको सब से मिलना मिलाना बातचीत करना पसंद है तो फिर आप ब्राह्मण जीवन उत्तम है अब यह दीगर बात है कि कुछ लोग छुट्टियों को पसंद करते हैं कुछ लोग गांव को पसंद करते हैं ताकि छुट्टियों में बात अधिक कष्ट एक्शन होने के कारण से मिल फैक्ट्री का कार्य आदि होने के कारण से मेजर छुट्टियों में सांस लेना भी कठिन हो जाता है क्योंकि वहां न तो सोचा मां होती है ना आपस में इतना अमीर मिला होता है ना भाईचारा प्रेम सांगू 30 संवेदना कहीं दिखाई देती है वहां की ब्लॉक पर जब जीवन अपनी ही मकान के अंतर्गत रहकर भी गुजार सकते हैं पड़ोस में क्या हो रहा है पड़ोसी को कोई लेना देना नहीं होता है यहां तक कि यह देखा गया है कि एक मकान में ऊपर की मंजिल उन्हीं को मंजिल में आपस में तो लोग रहते हैं लोगों को आपस में मिलते जुलते भी नहीं देखा गया है क्योंकि वहां एकदम भी झिझक की फाइट नेचर के लोग रहते हैं जबकि गांव में यह सब संभव नहीं है गांवों में आपस में मेल मिलाप भाईचारा एक दूसरे के सुख दुख में शामिल होना एक दूसरे के प्रति संवेदना और सहानुभूति मान्यता के गुण गांव में अधिक दिखाई देती हम पूजा एक्सप्रेस से शेरों का व्यक्ति स्वार्थी खुदगर्ज लालची होता है अभिमानी होता है गांव में आपको साथ खुदगर्जी लालच अभिमान शेरों की तुलना में बहुत कम दिखाई देगा गांव में यदि बड़े-बड़े आलीशान कोठियां नहीं होती हैं बिल्डिंग नहीं होती हैं जो परियां होती हैं छोटे मकान होते हैं लेकिन वहां पर आए गए टेस्ट के लिए सम्मान होता है वह उनके दरवाजे पर सुस्वागतम लिखा रहता है जबकि शहरों में मैं मानता हूं कि बहुत आलीशान अट्टालिका बहुत सुंदर बिल्डिंग बड़ी बड़ी बिल्डिंग में होती हैं लेकिन शहर वासियों का मन उतना ही नेहरू होता है उनके दरवाजों पर लिखा रहता है सावधान अंदर कुत्ते रहते हैं अभी आएंगे गेस्ट के लिए सम्मान नहीं हुआ नैरोनेस है बिल्डिंग कितनी बड़ी है मन उतना ही छोटे हैं जबकि गांव में जय बिल्डिंग इतनी छोटी हैं जो भी हैं लेकिन फिर भी दरवाजे पर आएगा गेस्ट के लिए शुभ स्वागतम लिखा रहता है गांव में बिजली में बड़ी नहीं है लेकिन हम अच्छे हैं गांव शहरों में अंतर मिट्टी जा रहे हैं गांव में भी पूरी सुविधाएं विकसित होती जा रही हैं
Aap suvidha hogee yadi aap aaraam talabee hain yadi aapake paas bahut saara dhan vaibhav samrddhi hai yadi aap to jaroor jeevan jee sakate hain to aapake lie shaharee jeevan uttam hai aur yadi aap buland shaarada mein vishvaas rakhate hain yadi aapako saada jeevan uchch vichaar ke siddhaant prashn hai aur yadi aap prem bhaeechaare shaanti milanasaar ta aadi gunon se paripoorn hai aapako sab se milana milaana baatacheet karana pasand hai to phir aap braahman jeevan uttam hai ab yah deegar baat hai ki kuchh log chhuttiyon ko pasand karate hain kuchh log gaanv ko pasand karate hain taaki chhuttiyon mein baat adhik kasht ekshan hone ke kaaran se mil phaiktree ka kaary aadi hone ke kaaran se mejar chhuttiyon mein saans lena bhee kathin ho jaata hai kyonki vahaan na to socha maan hotee hai na aapas mein itana ameer mila hota hai na bhaeechaara prem saangoo 30 sanvedana kaheen dikhaee detee hai vahaan kee blok par jab jeevan apanee hee makaan ke antargat rahakar bhee gujaar sakate hain pados mein kya ho raha hai padosee ko koee lena dena nahin hota hai yahaan tak ki yah dekha gaya hai ki ek makaan mein oopar kee manjil unheen ko manjil mein aapas mein to log rahate hain logon ko aapas mein milate julate bhee nahin dekha gaya hai kyonki vahaan ekadam bhee jhijhak kee phait nechar ke log rahate hain jabaki gaanv mein yah sab sambhav nahin hai gaanvon mein aapas mein mel milaap bhaeechaara ek doosare ke sukh dukh mein shaamil hona ek doosare ke prati sanvedana aur sahaanubhooti maanyata ke gun gaanv mein adhik dikhaee detee ham pooja eksapres se sheron ka vyakti svaarthee khudagarj laalachee hota hai abhimaanee hota hai gaanv mein aapako saath khudagarjee laalach abhimaan sheron kee tulana mein bahut kam dikhaee dega gaanv mein yadi bade-bade aaleeshaan kothiyaan nahin hotee hain bilding nahin hotee hain jo pariyaan hotee hain chhote makaan hote hain lekin vahaan par aae gae test ke lie sammaan hota hai vah unake daravaaje par susvaagatam likha rahata hai jabaki shaharon mein main maanata hoon ki bahut aaleeshaan attaalika bahut sundar bilding badee badee bilding mein hotee hain lekin shahar vaasiyon ka man utana hee neharoo hota hai unake daravaajon par likha rahata hai saavadhaan andar kutte rahate hain abhee aaenge gest ke lie sammaan nahin hua nairones hai bilding kitanee badee hai man utana hee chhote hain jabaki gaanv mein jay bilding itanee chhotee hain jo bhee hain lekin phir bhee daravaaje par aaega gest ke lie shubh svaagatam likha rahata hai gaanv mein bijalee mein badee nahin hai lekin ham achchhe hain gaanv shaharon mein antar mittee ja rahe hain gaanv mein bhee pooree suvidhaen vikasit hotee ja rahee hain

bolkar speaker
एक बात बताओ मुझे आप सब की जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ?Ek Baat Batao Mujhe Aap Sab Ki Zindagi Gaanv Ki Acchi Hai Ya Shahar Ki
Shivani gupta Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Shivani जी का जवाब
Portal news editor and a network marketing businesses, typist
1:14
जी नमस्कार जैसा कि आप का सवाल है एक बात बताओ मुझे आप सबकी जिंदगी गांव की अच्छी है शहर की जिंदगी तो गांव की भी अच्छी अच्छी अच्छी है लेकिन डे करता है कि जीने वाला कैसा है नकारात्मक चीजों को कैसे लेता है क्योंकि हर चीज के दो पहलू होते हैं पहला सकारात्मक दूसरा नकारात्मक सभी हम पर डिपेंड करता है कि हम चीजों को किस तरीके से लेते हैं अगर कोई इंसान नकारात्मक है तो वह कहीं भी चला जा देश के किसी भी कोने में चला जाए उसकी जिंदगी अपने आप ही बोरियत भरी खराब और दुख दर्द भरी हो जाएगी और की जिंदगी लंबी हो जाएगी लेकिन वही दूसरा व्यक्ति जो हर चीज में पॉजिटिव सकारात्मक चीजें देखता है तो किसी भी बुरी से बुरी जगह चला जाएगा तो भी वह कुछ रहेगा क्योंकि उसके अंदर एक काबिलियत है वह सकारात्मक रहता है वहां की चीजों को वाकी टोकी पॉजिटिविटी देखता है कि हां वह तो इसमें क्या कमी है वह उसकी अच्छाई देखता है तो मन कहीं भी रह सकता चाहे वह शहर हो या गांव में तो सब इंसान पर डिपेंड करता है थैंक यू
Jee namaskaar jaisa ki aap ka savaal hai ek baat batao mujhe aap sabakee jindagee gaanv kee achchhee hai shahar kee jindagee to gaanv kee bhee achchhee achchhee achchhee hai lekin de karata hai ki jeene vaala kaisa hai nakaaraatmak cheejon ko kaise leta hai kyonki har cheej ke do pahaloo hote hain pahala sakaaraatmak doosara nakaaraatmak sabhee ham par dipend karata hai ki ham cheejon ko kis tareeke se lete hain agar koee insaan nakaaraatmak hai to vah kaheen bhee chala ja desh ke kisee bhee kone mein chala jae usakee jindagee apane aap hee boriyat bharee kharaab aur dukh dard bharee ho jaegee aur kee jindagee lambee ho jaegee lekin vahee doosara vyakti jo har cheej mein pojitiv sakaaraatmak cheejen dekhata hai to kisee bhee buree se buree jagah chala jaega to bhee vah kuchh rahega kyonki usake andar ek kaabiliyat hai vah sakaaraatmak rahata hai vahaan kee cheejon ko vaakee tokee pojitivitee dekhata hai ki haan vah to isamen kya kamee hai vah usakee achchhaee dekhata hai to man kaheen bhee rah sakata chaahe vah shahar ho ya gaanv mein to sab insaan par dipend karata hai thaink yoo

bolkar speaker
एक बात बताओ मुझे आप सब की जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ?Ek Baat Batao Mujhe Aap Sab Ki Zindagi Gaanv Ki Acchi Hai Ya Shahar Ki
Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
2:14
प्रार्थना है कि गांव के जिंदगी अच्छी है या शहर की एक कविता के माध्यम से मैं इसका शुरुआत करूंगा गांव का जीवन गांव का जीवन बड़ा सुखद है गांव का जीवन हरे भरे खेतों के पगडंडियों से गुजर ना कितनी अच्छी लगती है गांव का जीवन अगर वहां पड़ेंगे बीमार नहीं मिलेंगे डॉक्टर यार 10 गांव में एक स्कूल जो जाना पड़ेगा आपको बहुत दूर गांव का जीवन गांव का जीवन बड़े निराला है गांव का जीवन दही मक्खन गुणसूत्र की बड़ी मन को भाती है गांव का जीवन कोयल की मीठी कुकू कबूतरों की गुटूर गू मुर्गों की कुकुर को गौरैया के चेचिस चकवा के चक चक आवाज कितनी अच्छी आती है यह गांव का जीवन गेहूं के खेतों से गुजारना कितना सुखद अनुभव होता है या गांव का जीवन श्रम का है या गांव का जीवन बड़ा सुखद है गांव का जीवन दुर्गा मां का जो की रोटी खेसारी गूलर की सब्जी कितने मन को भाती है वह गांव का जीवन मतलब आप समझ गए होंगे कि अगर आप गांव में रहते हैं तो आपको खाने के जो भी चीजें हैं शुद्ध मिलती है जबकि आप शहर में रहते हैं तो यह कोई गारंटी नहीं है कि आप जो मार्केट से खरीदते हैं वह क्या शुभ है या नहीं है इसके अलावा आप गांव में जो स्वच्छ वातावरण में रहते हैं जबकि शहर में कई तरह के प्रदूषण होते हैं गांव में शांत रहता है जबकि शहर में कोलाहल रहता है यह बात अवश्य है कि आप यदि बीमार पड़ते हैं तो बहुत आसानी से शहर में इलाज अब का हो सकता है परंतु गांव में कुछ समय लग सकता है तो गांव और जीवन का काफी अंतर है हालांकि आने वाले समय में देखा जाए तो बहुत लोग जो है शहर की तरफ से एक गांव की तरफ ही विराजमान करेंगे क्योंकि ऐसा इसलिए होगा कि गांव में जिस तरह प्रदूषण कोला हालिया आज इस तरह के लोगों को हानि स्वास्थ्य की दृष्टि से हो रही है कहीं ना कहीं सभी लोग जो है कुछ समय बाद जो है और गांव की तरफ से कुछ करेंगे तो कहीं ना कहीं हम कह सकते हैं कि गांव का जीवन जो है शहर के अपेक्षा बेहतर जरूर है
Praarthana hai ki gaanv ke jindagee achchhee hai ya shahar kee ek kavita ke maadhyam se main isaka shuruaat karoonga gaanv ka jeevan gaanv ka jeevan bada sukhad hai gaanv ka jeevan hare bhare kheton ke pagadandiyon se gujar na kitanee achchhee lagatee hai gaanv ka jeevan agar vahaan padenge beemaar nahin milenge doktar yaar 10 gaanv mein ek skool jo jaana padega aapako bahut door gaanv ka jeevan gaanv ka jeevan bade niraala hai gaanv ka jeevan dahee makkhan gunasootr kee badee man ko bhaatee hai gaanv ka jeevan koyal kee meethee kukoo kabootaron kee gutoor goo murgon kee kukur ko gauraiya ke chechis chakava ke chak chak aavaaj kitanee achchhee aatee hai yah gaanv ka jeevan gehoon ke kheton se gujaarana kitana sukhad anubhav hota hai ya gaanv ka jeevan shram ka hai ya gaanv ka jeevan bada sukhad hai gaanv ka jeevan durga maan ka jo kee rotee khesaaree goolar kee sabjee kitane man ko bhaatee hai vah gaanv ka jeevan matalab aap samajh gae honge ki agar aap gaanv mein rahate hain to aapako khaane ke jo bhee cheejen hain shuddh milatee hai jabaki aap shahar mein rahate hain to yah koee gaarantee nahin hai ki aap jo maarket se khareedate hain vah kya shubh hai ya nahin hai isake alaava aap gaanv mein jo svachchh vaataavaran mein rahate hain jabaki shahar mein kaee tarah ke pradooshan hote hain gaanv mein shaant rahata hai jabaki shahar mein kolaahal rahata hai yah baat avashy hai ki aap yadi beemaar padate hain to bahut aasaanee se shahar mein ilaaj ab ka ho sakata hai parantu gaanv mein kuchh samay lag sakata hai to gaanv aur jeevan ka kaaphee antar hai haalaanki aane vaale samay mein dekha jae to bahut log jo hai shahar kee taraph se ek gaanv kee taraph hee viraajamaan karenge kyonki aisa isalie hoga ki gaanv mein jis tarah pradooshan kola haaliya aaj is tarah ke logon ko haani svaasthy kee drshti se ho rahee hai kaheen na kaheen sabhee log jo hai kuchh samay baad jo hai aur gaanv kee taraph se kuchh karenge to kaheen na kaheen ham kah sakate hain ki gaanv ka jeevan jo hai shahar ke apeksha behatar jaroor hai

bolkar speaker
एक बात बताओ मुझे आप सब की जिंदगी गांव की अच्छी है या शहर की ?Ek Baat Batao Mujhe Aap Sab Ki Zindagi Gaanv Ki Acchi Hai Ya Shahar Ki
govind Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए govind जी का जवाब
Unknown
1:23

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

  • शहर और गांव के पर्यावरण में किस प्रकार के अंतर होते हैं, गांव में रहने के फायदे, गांव और शहर में क्या फर्क है
URL copied to clipboard