#जीवन शैली

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?

Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:55
हेलो जी आज आपका सवाल है कि क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है तो देखिए जो हम सोचते हैं जो हमारी भावनाएं होती है तो डिपेंड करता है कि हम किस चीज के बारे में सोच रहे और कितना सोच रहे हैं इसके बारे में जब बहुत ज्यादा सोचते बहुत ज्यादा सोचते तो फिर आप अच्छा भी करने वाले आपके अंदर टेंशन है कि मजाक कर सकते आपकी क्षमता है फिर भी आप कभी कदर नहीं कर पाती क्योंकि जब हम किसी चीज को लेकर बहुत ज्यादा सोचते हैं तो मंदिर अंदर डर जाते हैं उनके लिए का मतलब खुद को परफेक्ट बनाना और फिर प्रिपेयर करना चाहता लेकिन ज्यादा सोच भी नहीं हो पाएगा तो यह पाएगा तो खुद से ही करवाएंगे या नहीं इस तरह से वह दिमाग में हमारे हावी हो जाता है और ज्यादा सोचने लगते हैं और फिर अगर हम अच्छा करने वाले भी होते हैं तो एंड मोमेंटम से कोई गलती ऐसे नहीं कि कोई भी काम करने से पहले कोई भी इंसान सोचेगा नहीं उनकी भावनाएं नहीं होती है भावना भी बहुत तरह की होती पॉजिटिव नेगेटिव होती है डिपेंड करता है कि आप कितना कंट्रोल करके रखते हैं और क्या होता है कुछ भी सोचते तो कभी भी नहीं होने देना चाहिए जितना हम खुद पर हावी होने देते अपना ही हमारा नुकसान होता है किसी चीज के बारे में सोच रहा है तो इतना सोचो जितना कि खुद को ठीक बना सके और जब हम जिसको करने के लिए जाए तो उसे परफेक्ट हो पाए बहुत ज्यादा सोचने से बहुत ज्यादा डर लगता है कोई भी स्पीच कोई भी डिबेट कुछ भी हो तो बहुत ज्यादा व्यस्त रहते हैं कि हम साथ नहीं हो पाएगा तो हम वहां पर गलती कर बैठते हैं लेकिन वही हम खुद को भूल काम रखते हैं तो आधा ही सही लेकिन बोल पाते सच्चे से क्यों डरे हुए रहते तो पहला ही तू ऐसे परफेक्ट बनाइए जो भी सोच विचार उस को कंट्रोल में रखें इतना हावी मत होने दीजिए
Helo jee aaj aapaka savaal hai ki kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai to dekhie jo ham sochate hain jo hamaaree bhaavanaen hotee hai to dipend karata hai ki ham kis cheej ke baare mein soch rahe aur kitana soch rahe hain isake baare mein jab bahut jyaada sochate bahut jyaada sochate to phir aap achchha bhee karane vaale aapake andar tenshan hai ki majaak kar sakate aapakee kshamata hai phir bhee aap kabhee kadar nahin kar paatee kyonki jab ham kisee cheej ko lekar bahut jyaada sochate hain to mandir andar dar jaate hain unake lie ka matalab khud ko paraphekt banaana aur phir pripeyar karana chaahata lekin jyaada soch bhee nahin ho paega to yah paega to khud se hee karavaenge ya nahin is tarah se vah dimaag mein hamaare haavee ho jaata hai aur jyaada sochane lagate hain aur phir agar ham achchha karane vaale bhee hote hain to end momentam se koee galatee aise nahin ki koee bhee kaam karane se pahale koee bhee insaan sochega nahin unakee bhaavanaen nahin hotee hai bhaavana bhee bahut tarah kee hotee pojitiv negetiv hotee hai dipend karata hai ki aap kitana kantrol karake rakhate hain aur kya hota hai kuchh bhee sochate to kabhee bhee nahin hone dena chaahie jitana ham khud par haavee hone dete apana hee hamaara nukasaan hota hai kisee cheej ke baare mein soch raha hai to itana socho jitana ki khud ko theek bana sake aur jab ham jisako karane ke lie jae to use paraphekt ho pae bahut jyaada sochane se bahut jyaada dar lagata hai koee bhee speech koee bhee dibet kuchh bhee ho to bahut jyaada vyast rahate hain ki ham saath nahin ho paega to ham vahaan par galatee kar baithate hain lekin vahee ham khud ko bhool kaam rakhate hain to aadha hee sahee lekin bol paate sachche se kyon dare hue rahate to pahala hee too aise paraphekt banaie jo bhee soch vichaar us ko kantrol mein rakhen itana haavee mat hone deejie

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Yogi Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:58
आपने एक फैक्ट्री में रोबोट को काम करते हुए देखा होगा या फिर आपके फोन में आया नी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ई होती है वह सिस्टम आपने देखा वह किस तरह से काम करता है उसमें फीलिंग बिल्कुल नहीं होती आप अच्छे हैं बुरे हैं कोई मतलब नहीं है बस उसको जो काम है वह करता रहता ना तो जो फीलिंग है भावनाएं हैं वह इंसान को इंसान बनाती हैं वरना इंसान और रोबोट में कोई फर्क नहीं रहता है फीलिंग ही निर्जीव से सजीव बनाती हैं जैसे कि आप जो भी डिवाइस देख लीजिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जो होते हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले रोबोट होते हैं वह उस सिस्टम से काम करते होते हैं यानी एआई प्रोसेस होता है तुमको जो काम होता है उसको ही प्रोसेस करते हैं और ऐसा कुछ नहीं होता है यह एक निर्जीव वस्तु का काम आपने जानवरों को देखा होगा और भी कई पेड़ हो गए इन सब चीजों में फीलिंग है भावनाएं भावनाओं के पूर्व ही इनमें जीवन या सजीव तापीय वरना अगर आप भावना हटा दें तो आप पाएंगे कि यह सारी चीजें सब चीजें बेकार और भावना ही हमें इंसान बनाती हैं मैं इस बात को बार-बार दोहराता हूं कि हमें हर चीज में भावनात्मक रूप से कार्य करना चाहिए कोई गलत बात नहीं है भावना हमें कभी कमजोर नहीं बनाते भावना हमें ताकत देती है शक्ति देती है सरपंच ने की सही निर्णय लेने की सोच समझ के ताकत देते हैं कि हम जो कर रहे हैं वह कितना सही है क्या गलत है वरना तो फिर आपको जो आदेश दिया जाएगा वह आप उसको फॉलो करते जाएं आप अपनी फीलिंग आपके अंदर जो रहेगी वह नहीं रह पाएगी आप खुद के लिए कितना कर सकते हैं या दूसरों के लिए क्या कर सकते हैं इन चीजों को कहीं ना कहीं जो मिलाकर एक सामाजिक बुद्धिमत्ता का निर्माण किया गया है वह भावना पर आधारित है हमारी भावनाएं इस जीवन को सुंदर बनाती हैं यह चीजें बहुत गलत है कि कोई चीज आपको कमजोर माना कि कोई भी चीज आपको कमजोर नहीं बनाती हो सिर्फ आप की सोच आप को कमजोर बनाती है आपको ऐसा लगता है कि किसी के प्रति आप ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं किसी को ज्यादा टाइम दे रहा है किसी के बारे में ज्यादा सोच रहे थे इस वजह से आपका ध्यान नहीं लगा पा रहे पढ़ाई में एक काम में तो कहीं ना कहीं अपनी कमजोरी तो यह आपकी गलतफहमी है यह आप भी कमजोरी है ना कि आपके भावनात्मक कर्मचारी की मानसिक रूप से आपकी कमजोरी है आईडी पोस्ट आपके जीवन में काफी हेल्प लोग काफी सहायक को मददगार हो और अगर आपको अच्छा लगे तो लाइक करें कमेंट के माध्यम से अपने विचार रखे और हमसे जुड़ने के लिए सवाल-जवाब को सुनने के लिए हमारे हमारी प्रोफाइल पेज को फॉलो कर सकते हैं
Aapane ek phaiktree mein robot ko kaam karate hue dekha hoga ya phir aapake phon mein aaya nee aartiphishiyal intelijens ee hotee hai vah sistam aapane dekha vah kis tarah se kaam karata hai usamen pheeling bilkul nahin hotee aap achchhe hain bure hain koee matalab nahin hai bas usako jo kaam hai vah karata rahata na to jo pheeling hai bhaavanaen hain vah insaan ko insaan banaatee hain varana insaan aur robot mein koee phark nahin rahata hai pheeling hee nirjeev se sajeev banaatee hain jaise ki aap jo bhee divais dekh leejie ilektronik divais jo hote hain aartiphishiyal intelijens vaale robot hote hain vah us sistam se kaam karate hote hain yaanee eaee proses hota hai tumako jo kaam hota hai usako hee proses karate hain aur aisa kuchh nahin hota hai yah ek nirjeev vastu ka kaam aapane jaanavaron ko dekha hoga aur bhee kaee ped ho gae in sab cheejon mein pheeling hai bhaavanaen bhaavanaon ke poorv hee inamen jeevan ya sajeev taapeey varana agar aap bhaavana hata den to aap paenge ki yah saaree cheejen sab cheejen bekaar aur bhaavana hee hamen insaan banaatee hain main is baat ko baar-baar doharaata hoon ki hamen har cheej mein bhaavanaatmak roop se kaary karana chaahie koee galat baat nahin hai bhaavana hamen kabhee kamajor nahin banaate bhaavana hamen taakat detee hai shakti detee hai sarapanch ne kee sahee nirnay lene kee soch samajh ke taakat dete hain ki ham jo kar rahe hain vah kitana sahee hai kya galat hai varana to phir aapako jo aadesh diya jaega vah aap usako pholo karate jaen aap apanee pheeling aapake andar jo rahegee vah nahin rah paegee aap khud ke lie kitana kar sakate hain ya doosaron ke lie kya kar sakate hain in cheejon ko kaheen na kaheen jo milaakar ek saamaajik buddhimatta ka nirmaan kiya gaya hai vah bhaavana par aadhaarit hai hamaaree bhaavanaen is jeevan ko sundar banaatee hain yah cheejen bahut galat hai ki koee cheej aapako kamajor maana ki koee bhee cheej aapako kamajor nahin banaatee ho sirph aap kee soch aap ko kamajor banaatee hai aapako aisa lagata hai ki kisee ke prati aap jyaada aakarshit ho rahe hain kisee ko jyaada taim de raha hai kisee ke baare mein jyaada soch rahe the is vajah se aapaka dhyaan nahin laga pa rahe padhaee mein ek kaam mein to kaheen na kaheen apanee kamajoree to yah aapakee galataphahamee hai yah aap bhee kamajoree hai na ki aapake bhaavanaatmak karmachaaree kee maanasik roop se aapakee kamajoree hai aaeedee post aapake jeevan mein kaaphee help log kaaphee sahaayak ko madadagaar ho aur agar aapako achchha lage to laik karen kament ke maadhyam se apane vichaar rakhe aur hamase judane ke lie savaal-javaab ko sunane ke lie hamaare hamaaree prophail pej ko pholo kar sakate hain

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
🧖‍♀️Spiritual healer And Motivational speaker🙏
2:57
भावना इंसान को कमजोर बनाती है तो डियर पैसे से ही यह शरीर नहीं चलता भावनाओं से चलता है आप जितना भी पैसे कमा लो यह भावनाएं अगर नहीं होंगी इंसेंटिव भावनाएं थोड़ी है जो आपको बताती है कि आप एक इंसान हैं जी हां भावनाएं बहुत ज्यादा जरूरी होती है लेकिन इतनी नहीं कि आप हर एक टॉपिक पर इमोशनल उर्फ लोनी नगर मनी की जरूरत है तो उसे भी बराबर रखना अपनी भावनाओं को भी कंट्रोल कर के बराबर रखना है क्योंकि ओवरफ्लो हुआ तो नुकसान कैसे होगा आपको तो हर एक चीज ओवरफ्लो ना हो तो ही सही है सभी चीज बैलेंस में चलती है जैसी अर्थ बैलेंस में चलती है ना भावनाओं से भी चलती है और पावरी चलती है अगर इसमें कुछ भी प्रॉब्लम होती है तो आप देखते हैं कि भूकंप आ जाते हैं बाढ़ आ जाती है बहुत सारी ऐसी चीजें हो जाती है क्योंकि किसी को पता भी नहीं चलता लेकिन फिर पता चलती है तुम सब पर इफेक्ट होता है तो अर्थ पर भी इफेक्ट होता है इसलिए कहते हैं कि हर एक चीज को बराबर रखेगी भावनाओं से ही तो आपकी जिंदगी है ना इतना पैसा कमाने के बाद भी आप क्यों ऐसा महसूस करनी है कि आप अकेले हैं और उन्हें क्यों दर्द में रहते हैं वह इसलिए क्योंकि आपका शरीर ही भावनाओं से बना हुआ है ठीक है तू जहां हिरदे हैं वही तो भावनाएं हैं और जाहिर देनी है वहां इनिशियल ग्रोथ के लिए एबिलिटी है मतलब एक नारी ही भावना है और एक नर ही शिव है अर्थात पावर के दोनों को आपको बैलेंस करके चलना होगा तभी आप अच्छे से ग्रो कर सकेंगे और अपने आप को सबसे ज्यादा प्रेम तकिए भावनाएं आपके लिए जितनी प्यारी हैं वह सब के लिए वैसे ही हो मतलब अपने आपको भी उतना इंटरनेशनल अप करना है जितना आप सबको करें ठीक है ऐसा नहीं कि सबके लिए लव है लेकिन आपके लिए नहीं है आपके लिए पहले होना चाहिए था रोटी अपनी पहली रखी है आपकी की प्रवृत्ति अगर आपने अपनी पहली नहीं रखी तो आप दूसरों को कुछ नहीं दे सकती क्योंकि आप खुद खा लिए और जो खुद खाली होता है वह किसी को कुछ भी नहीं दे सकता तो आप पहले खुद को भरिए लव से फिर लव शेयर करें और यह भावना इंसान को इंसान से जोड़ती मदद करने के लिए उतारू होती है कि नहीं और एक प्योर सौल इन भावनाओं से बनती है और ऐसा नहीं है कि किसी के यहां किसी इंसान है किसी एनिमल के अंदर भावना नीति होती है एक शेरनी हिरण के बच्चे को पालती है सोचो उसके अंदर भी भावना होती है ममत्व की भावना है कि नहीं तभी तो एक शेरनी एक प्यारे से हिरण के बच्चे को पालती है आप देख सकते हैं डिस्कवर में जाकर डिस्कवरी चैनल कहते हैं उसे जाना
Bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai to diyar paise se hee yah shareer nahin chalata bhaavanaon se chalata hai aap jitana bhee paise kama lo yah bhaavanaen agar nahin hongee insentiv bhaavanaen thodee hai jo aapako bataatee hai ki aap ek insaan hain jee haan bhaavanaen bahut jyaada jarooree hotee hai lekin itanee nahin ki aap har ek topik par imoshanal urph lonee nagar manee kee jaroorat hai to use bhee baraabar rakhana apanee bhaavanaon ko bhee kantrol kar ke baraabar rakhana hai kyonki ovaraphlo hua to nukasaan kaise hoga aapako to har ek cheej ovaraphlo na ho to hee sahee hai sabhee cheej bailens mein chalatee hai jaisee arth bailens mein chalatee hai na bhaavanaon se bhee chalatee hai aur paavaree chalatee hai agar isamen kuchh bhee problam hotee hai to aap dekhate hain ki bhookamp aa jaate hain baadh aa jaatee hai bahut saaree aisee cheejen ho jaatee hai kyonki kisee ko pata bhee nahin chalata lekin phir pata chalatee hai tum sab par iphekt hota hai to arth par bhee iphekt hota hai isalie kahate hain ki har ek cheej ko baraabar rakhegee bhaavanaon se hee to aapakee jindagee hai na itana paisa kamaane ke baad bhee aap kyon aisa mahasoos karanee hai ki aap akele hain aur unhen kyon dard mein rahate hain vah isalie kyonki aapaka shareer hee bhaavanaon se bana hua hai theek hai too jahaan hirade hain vahee to bhaavanaen hain aur jaahir denee hai vahaan inishiyal groth ke lie ebilitee hai matalab ek naaree hee bhaavana hai aur ek nar hee shiv hai arthaat paavar ke donon ko aapako bailens karake chalana hoga tabhee aap achchhe se gro kar sakenge aur apane aap ko sabase jyaada prem takie bhaavanaen aapake lie jitanee pyaaree hain vah sab ke lie vaise hee ho matalab apane aapako bhee utana intaraneshanal ap karana hai jitana aap sabako karen theek hai aisa nahin ki sabake lie lav hai lekin aapake lie nahin hai aapake lie pahale hona chaahie tha rotee apanee pahalee rakhee hai aapakee kee pravrtti agar aapane apanee pahalee nahin rakhee to aap doosaron ko kuchh nahin de sakatee kyonki aap khud kha lie aur jo khud khaalee hota hai vah kisee ko kuchh bhee nahin de sakata to aap pahale khud ko bharie lav se phir lav sheyar karen aur yah bhaavana insaan ko insaan se jodatee madad karane ke lie utaaroo hotee hai ki nahin aur ek pyor saul in bhaavanaon se banatee hai aur aisa nahin hai ki kisee ke yahaan kisee insaan hai kisee enimal ke andar bhaavana neeti hotee hai ek sheranee hiran ke bachche ko paalatee hai socho usake andar bhee bhaavana hotee hai mamatv kee bhaavana hai ki nahin tabhee to ek sheranee ek pyaare se hiran ke bachche ko paalatee hai aap dekh sakate hain diskavar mein jaakar diskavaree chainal kahate hain use jaana

bolkar speaker
क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
 Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए जी का जवाब
Unknown
0:37
आपका प्रश्न है क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है और देखिए हां कई बार ऐसा होता है कि अगर आप जरूरत से ज्यादा भावनात्मक है तो अक्सर लोग अपनी जरूरत के हिसाब से आप का फायदा उठाता है क्योंकि आपके इस जवाब को और कैसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना है यह बात वह बखूबी जानते हैं और आपकी भावनाओं का इस्तेमाल करके आपको अंदर से इतना कमजोर बना देते हैं कि आप जाकर भी सही गलत के बीच के अंदर अंतर को पहचान ही नहीं पाएंगे
Aapaka prashn hai kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai aur dekhie haan kaee baar aisa hota hai ki agar aap jaroorat se jyaada bhaavanaatmak hai to aksar log apanee jaroorat ke hisaab se aap ka phaayada uthaata hai kyonki aapake is javaab ko aur kaise apane phaayade ke lie istemaal karana hai yah baat vah bakhoobee jaanate hain aur aapakee bhaavanaon ka istemaal karake aapako andar se itana kamajor bana dete hain ki aap jaakar bhee sahee galat ke beech ke andar antar ko pahachaan hee nahin paenge

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Vicky Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Vicky जी का जवाब
अभी हम पढ़ाई करते हैं
0:36
बिल्कुल नया फोन को कमजोर बनाती है कि कहीं नहीं जाएगा तो उसको भावना होगी तो वह कमजोर पड़ सकता है और इसे तैयार करने वाली हो भावना बहुत खूब डांस कर रहे हो जी की कोई चीज तू डांस करते करते हो इतना करीब भी हो सकता है इसलिए ज्यादा भावनाओं में नहीं पहन रखी है
Bilkul naya phon ko kamajor banaatee hai ki kaheen nahin jaega to usako bhaavana hogee to vah kamajor pad sakata hai aur ise taiyaar karane vaalee ho bhaavana bahut khoob daans kar rahe ho jee kee koee cheej too daans karate karate ho itana kareeb bhee ho sakata hai isalie jyaada bhaavanaon mein nahin pahan rakhee hai

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:33
अकबर ने क्या भावना इंसान को कंट्रोल बनाते हैं तक बता दे देखिए व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह किस भावना को किस तरीके से लेता है अगर वह इसमें पोस्ट इक्विटी के साथ आगे बढ़ता है तो डिस्टर्ब से उसको यह सकारात्मक ताकि और लेकर जाती हैं आगे अक्सर करती हैं सपोर्ट करती है और अगर यह इसमें नकारात्मकता देखता है तो फिर उसका यहां से पतन होना शुरू हो जाता है तो इसलिए कभी भी भावनाओं को अपने ऊपर हावी ना होने दें में शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Akabar ne kya bhaavana insaan ko kantrol banaate hain tak bata de dekhie vyakti par nirbhar karata hai ki vah kis bhaavana ko kis tareeke se leta hai agar vah isamen post ikvitee ke saath aage badhata hai to distarb se usako yah sakaaraatmak taaki aur lekar jaatee hain aage aksar karatee hain saport karatee hai aur agar yah isamen nakaaraatmakata dekhata hai to phir usaka yahaan se patan hona shuroo ho jaata hai to isalie kabhee bhee bhaavanaon ko apane oopar haavee na hone den mein shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए vijay जी का जवाब
Social worker in india
0:33
जैसा कि दोस्तों आपके प्रश्न का उत्तर यह है कि गलत भावना इंसान को कमजोर बनाती है जो हमारे अंदर नकारात्मक विचार करना या किसी के बारे में गलत विचार झूठ छल कपट बेईमानी धोखा गलतफहमी अत्याचार निशा यह सब इंसान को कमजोर बनाती है धन्यवाद दोस्तों खुश रहो
Jaisa ki doston aapake prashn ka uttar yah hai ki galat bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai jo hamaare andar nakaaraatmak vichaar karana ya kisee ke baare mein galat vichaar jhooth chhal kapat beeemaanee dhokha galataphahamee atyaachaar nisha yah sab insaan ko kamajor banaatee hai dhanyavaad doston khush raho

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Raghvendra जी का जवाब
Unknown
1:11
हेलो फ्रेंड्स नमस्कार जैसा कि आपका प्रश्न है क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है पिक सेंड भावना जो है वाकई में इंसान को जो है कमजोर बनाती है आप किसी भी इंसान के सामने थोड़ा सा रुको दीजिए थोड़ा से गिरा दीजिए या फिर उसके उससे वाली फीलिंग वाली परिवार करिए इस पर जो चीज बहुत ज्यादा प्यार करता हूं तो आप देखेंगे वह इमोशनल हो जाएगा आपने यह शब्द अक्षर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि आज इमोशनल ब्लैकमेल करता है इसका मतलब है फ्रेंड कि वह उस तरीके से बात करता है कि आज हम जो है बिखर जाए ना चाहते हुए भी हम उस काम को कर बैठे तो उस तरीके से यह होता है और यह जो होता है सारा सद्भावना के वशीभूत ही होता है हम जब कभी ऐसी कोई कंडीशन आती है तो भावना में ही बैठकर यह सब काम कर देते हैं तो बहुत असर पड़ता है इसका फ्रेंड भावना में रहकर लोगों का जो है कार्य करना आशा है कि आप सभी को या जवाब पसंद आया हुआ नमस्कार
Helo phrends namaskaar jaisa ki aapaka prashn hai kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai pik send bhaavana jo hai vaakee mein insaan ko jo hai kamajor banaatee hai aap kisee bhee insaan ke saamane thoda sa ruko deejie thoda se gira deejie ya phir usake usase vaalee pheeling vaalee parivaar karie is par jo cheej bahut jyaada pyaar karata hoon to aap dekhenge vah imoshanal ho jaega aapane yah shabd akshar logon ko kahate hue suna hoga ki aaj imoshanal blaikamel karata hai isaka matalab hai phrend ki vah us tareeke se baat karata hai ki aaj ham jo hai bikhar jae na chaahate hue bhee ham us kaam ko kar baithe to us tareeke se yah hota hai aur yah jo hota hai saara sadbhaavana ke vasheebhoot hee hota hai ham jab kabhee aisee koee kandeeshan aatee hai to bhaavana mein hee baithakar yah sab kaam kar dete hain to bahut asar padata hai isaka phrend bhaavana mein rahakar logon ka jo hai kaary karana aasha hai ki aap sabhee ko ya javaab pasand aaya hua namaskaar

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
0:42
वाले की क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है हां कई बार ऐसा होता है अगर आप दर्द से ज्यादा भावनात्मक हैं तो अक्सर लोग अपनी जरूरत के हिसाब से आपको फायदा उठाते हैं क्योंकि आपके स्वभाव को कैसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना है यह बात को बखूबी जानते हैं पर आपकी भावनाओं का इस्तेमाल करके आपको अंदर से इतना कमजोर बना देते हैं कि आप जाकर भी सही गलत के बीच का अंतर को पहचान नहीं पाते यह बात मैं खुद अपने व्यक्तिगत अनुभव पर के आधार पर कह रही हूं मैं यह नहीं कहती कि इंसान को भावना रहित बन जाना चाहिए पर भावनाओं के साथ सतर्कता भी बेहद जरूरी है ताकि हमारे आज के फैसलों का कोई विपरीत प्रभाव हमारे भविष्य पर ना पड़े
Vaale kee kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai haan kaee baar aisa hota hai agar aap dard se jyaada bhaavanaatmak hain to aksar log apanee jaroorat ke hisaab se aapako phaayada uthaate hain kyonki aapake svabhaav ko kaise apane phaayade ke lie istemaal karana hai yah baat ko bakhoobee jaanate hain par aapakee bhaavanaon ka istemaal karake aapako andar se itana kamajor bana dete hain ki aap jaakar bhee sahee galat ke beech ka antar ko pahachaan nahin paate yah baat main khud apane vyaktigat anubhav par ke aadhaar par kah rahee hoon main yah nahin kahatee ki insaan ko bhaavana rahit ban jaana chaahie par bhaavanaon ke saath satarkata bhee behad jarooree hai taaki hamaare aaj ke phaisalon ka koee vipareet prabhaav hamaare bhavishy par na pade

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
1:20
कल पूछा गया है क्या भावना इंसान को कम सूट बनाते हैं तो देखिए एक के दो पहलू सकते हैं जो व्यक्ति भावना प्रधान व्यक्ति होता है वह अपने से पहले दूसरों का दुख महसूस कर लेता है वह बहुत जल्दी किसी भी चीज पर पिघल जाता है और उसके अलावा जो है जो इसको कमजोरी के तौर पर देखने का भी हो सकता है कि वो व्यक्ति भावना प्रधान होता है वह कमजोर होता है वह कभी अपने मतलब अपने हित का पहले नहीं सोच पाता तो यह आपके और हमारे देश के पहलुओं का जो है परिणाम है कि हमें कह सकते कि जो भावनाएं इंसान को कमजोर बनाती है कई लोग इसी भावना प्रधानता को बहुत बड़ा जो बोल सकते नहीं की विशेषता के तौर पर देखते हैं और कई लोग इसको कमजोरी के तौर पर देखते हैं और मेरा यह मानना है कि एक भावना प्रधान व्यक्ति होना बहुत जरूरी है जहां जैसे माहौल में हर कोई सिर्फ अपने बारे में सोच रहा है अपने अहम को अपनी ईगो को नोटिस कर रहा है अपनी रुको सेटिस्फाई करने के लिए लोगों को तकलीफ पहुंचा रहा है ऐसे में भावना प्रधान व्यक्ति से कई गुना ज्यादा बेहतर होता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Kal poochha gaya hai kya bhaavana insaan ko kam soot banaate hain to dekhie ek ke do pahaloo sakate hain jo vyakti bhaavana pradhaan vyakti hota hai vah apane se pahale doosaron ka dukh mahasoos kar leta hai vah bahut jaldee kisee bhee cheej par pighal jaata hai aur usake alaava jo hai jo isako kamajoree ke taur par dekhane ka bhee ho sakata hai ki vo vyakti bhaavana pradhaan hota hai vah kamajor hota hai vah kabhee apane matalab apane hit ka pahale nahin soch paata to yah aapake aur hamaare desh ke pahaluon ka jo hai parinaam hai ki hamen kah sakate ki jo bhaavanaen insaan ko kamajor banaatee hai kaee log isee bhaavana pradhaanata ko bahut bada jo bol sakate nahin kee visheshata ke taur par dekhate hain aur kaee log isako kamajoree ke taur par dekhate hain aur mera yah maanana hai ki ek bhaavana pradhaan vyakti hona bahut jarooree hai jahaan jaise maahaul mein har koee sirph apane baare mein soch raha hai apane aham ko apanee eego ko notis kar raha hai apanee ruko setisphaee karane ke lie logon ko takaleeph pahuncha raha hai aise mein bhaavana pradhaan vyakti se kaee guna jyaada behatar hota hai ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Ram Kumawat  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ram जी का जवाब
Unknown
0:34
दोस्तों आप का स्वाद है क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती हैं तो हम कह सकते हैं क्या यह लक्षण होते भावना का आत्मविश्वास में कमी हो ही होना भावना का प्रमुख कारण लक्षण माना जाता है जिसमें आत्मविश्वास की कमी होगी तो यह तो होगा ही इससे ग्रस्त व्यक्ति निर्णय लेते हुए भी डरते रहते हैं नया काम शुरू करने से पहले उसे सफलता की चिंता सताने लगती है लोगों को मिल सुनने में संकोच होती है और अपनी बॉडी इमेज को लेकर नकारात्मक दृष्टिकोण हीन भावना प्रमुख लक्षण दिखाई देते हैं
Doston aap ka svaad hai kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hain to ham kah sakate hain kya yah lakshan hote bhaavana ka aatmavishvaas mein kamee ho hee hona bhaavana ka pramukh kaaran lakshan maana jaata hai jisamen aatmavishvaas kee kamee hogee to yah to hoga hee isase grast vyakti nirnay lete hue bhee darate rahate hain naya kaam shuroo karane se pahale use saphalata kee chinta sataane lagatee hai logon ko mil sunane mein sankoch hotee hai aur apanee bodee imej ko lekar nakaaraatmak drshtikon heen bhaavana pramukh lakshan dikhaee dete hain

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:39
सोने की हीन भावना कमजोर बना देते हैं तो आत्मविश्वास में कमी भावना का प्रमुख कारण है उसमें ग्रस्त व्यक्ति निर्णय लेते हुए डरता है नया काम शुरू करने से पहले से सफलता की चिंता सताने लगती है लोगों से मिलने जुलने में संकोच और अपनी बॉडी इमेज को लेकर ना कारण दृष्टिकोण है भावना के प्रमुख लक्षण व समस्याओं से ग्रस्त लोग अपने रंग रूप बोलचाल कद काठी और पहनावे जितने भी असंतुष्ट रहते हैं उन्हीं लोगों को अपनी हीन भावना कमजोर बनाते हैं
Sone kee heen bhaavana kamajor bana dete hain to aatmavishvaas mein kamee bhaavana ka pramukh kaaran hai usamen grast vyakti nirnay lete hue darata hai naya kaam shuroo karane se pahale se saphalata kee chinta sataane lagatee hai logon se milane julane mein sankoch aur apanee bodee imej ko lekar na kaaran drshtikon hai bhaavana ke pramukh lakshan va samasyaon se grast log apane rang roop bolachaal kad kaathee aur pahanaave jitane bhee asantusht rahate hain unheen logon ko apanee heen bhaavana kamajor banaate hain

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:42
आपका प्रश्न क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है शायद उनकी भावना करते पक्ष से जुड़ी हुई होती है जैसे संवेदनशीलता कहते हैं और संवेदनशीलता में इंसान जो है ना वह कठोरता की तरफ कदम नहीं उठा पाता है कठोर नहीं हो पाता है समझे आप ने हालांकि यह भी सही है कि कभी-कभी संवेदनशीलता इंसान को बहुत ज्यादा कठोर दीवाना देती है लेकिन सच्ची बात यही है कि संवेदनशीलता में जब निर्देशक सक्रिय होता है तो आदमी की कठोरता जो है कुछ भी दलित हो जाती है और इसलिए आपका यह कहना सही है की भावना शीलता जो है इंसान को कमजोर उस अर्थ में बनाती है जहां मानवीय कर्म कर नहीं पाता है और अगर करता है तो फिर बहुत बुरे ढंग से भी करता है यह भी सही है समझा आपने इंसान जब आप एक में होता है तो कठोर से कठोर कदम उठा लेता है इसलिए यह कहिए कि भावना इस पार या उस पार की लड़ाई एक का नाम है उसमें जो मध्यम मार्ग है वह भावना सिर तक कभी नहीं देती मध्य मार्ग हमेशा विचार सिलता की बात होती है इसीलिए वैचारिक था और भावनात्मक था दोनों का समन्वय ही इंसान के लिए वेस्ट माना गया है और कामायनी जैसी रचना जो जयशंकर प्रसाद ने लिखी है उसमें उन्होंने कहा है कि एक इंसान के लिए जो जीवन साथी हो विशेष करके पुरुष के लिए स्त्री उसमें जितना हृदय पक्ष शासक तो अर्थात भावना पक्ष उतना ही विचार पक्ष अर्थात मन भी सशक्त होना चाहिए थैंक यू
Aapaka prashn kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai shaayad unakee bhaavana karate paksh se judee huee hotee hai jaise sanvedanasheelata kahate hain aur sanvedanasheelata mein insaan jo hai na vah kathorata kee taraph kadam nahin utha paata hai kathor nahin ho paata hai samajhe aap ne haalaanki yah bhee sahee hai ki kabhee-kabhee sanvedanasheelata insaan ko bahut jyaada kathor deevaana detee hai lekin sachchee baat yahee hai ki sanvedanasheelata mein jab nirdeshak sakriy hota hai to aadamee kee kathorata jo hai kuchh bhee dalit ho jaatee hai aur isalie aapaka yah kahana sahee hai kee bhaavana sheelata jo hai insaan ko kamajor us arth mein banaatee hai jahaan maanaveey karm kar nahin paata hai aur agar karata hai to phir bahut bure dhang se bhee karata hai yah bhee sahee hai samajha aapane insaan jab aap ek mein hota hai to kathor se kathor kadam utha leta hai isalie yah kahie ki bhaavana is paar ya us paar kee ladaee ek ka naam hai usamen jo madhyam maarg hai vah bhaavana sir tak kabhee nahin detee madhy maarg hamesha vichaar silata kee baat hotee hai iseelie vaichaarik tha aur bhaavanaatmak tha donon ka samanvay hee insaan ke lie vest maana gaya hai aur kaamaayanee jaisee rachana jo jayashankar prasaad ne likhee hai usamen unhonne kaha hai ki ek insaan ke lie jo jeevan saathee ho vishesh karake purush ke lie stree usamen jitana hrday paksh shaasak to arthaat bhaavana paksh utana hee vichaar paksh arthaat man bhee sashakt hona chaahie thaink yoo

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
0:49
कितने क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है देखे भावना कैसा मन है आपका मन को दृढ़ कीजिए कहते हैं बिना विश्वास न हरि कथा कहीं भी न मोहन अभागन गए बरामद हुए नजर अनुराग सुदृढ़ता एक ऐसी चीज है जो मन के अंदर जो है वह बल पैदा करते हैं ताकत पैदा करते श्रेष्ठता पैदा करते हैं तो मन जितना आप का श्रेय तो होगा माया मोह के चक्कर से बिल्कुल जितना अपने आपको अलग रखेंगे जितने विचारधारा की सकारात्मक होगी जितनी सोच की क्षमता जो है वह आपकी बलवती होगी उतना ज्यादा आप का मन है मजबूत होगा जब नकारात्मक विचारों के भंवर में फंसते जाएंगे वहीं आप की विचारधारा कमजोर होगी और भावना की कमजोर होगी इसलिए भावना हमेशा बलवती और सकारात्मक बना करके
Kitane kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai dekhe bhaavana kaisa man hai aapaka man ko drdh keejie kahate hain bina vishvaas na hari katha kaheen bhee na mohan abhaagan gae baraamad hue najar anuraag sudrdhata ek aisee cheej hai jo man ke andar jo hai vah bal paida karate hain taakat paida karate shreshthata paida karate hain to man jitana aap ka shrey to hoga maaya moh ke chakkar se bilkul jitana apane aapako alag rakhenge jitane vichaaradhaara kee sakaaraatmak hogee jitanee soch kee kshamata jo hai vah aapakee balavatee hogee utana jyaada aap ka man hai majaboot hoga jab nakaaraatmak vichaaron ke bhanvar mein phansate jaenge vaheen aap kee vichaaradhaara kamajor hogee aur bhaavana kee kamajor hogee isalie bhaavana hamesha balavatee aur sakaaraatmak bana karake

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
mahendra meena Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:11
आपका सवाल है क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है बिल्कुल नहीं इंसान की पहचान भावना और सोच तो भावना इंसान को कमजोर कैसे बना सकती है जिस इंसान में भावना ही नहीं है वह इंसान नहीं जानवर इसका मतलब यह थोड़ी ना है कि वह भावनाओं को भी पता है उसने कर पाऊंगा तो हो जानवर नहीं है पास आओ ना ही होने पर भी पत्र बदली बन जाता है तो वह जानवर की श्रेणी में आ जाता है इंसान की पहचान सही गलत का फर्क भावनाओं के अनुसार होता है क्योंकि हमारे अंदर कोई भावना ही नहीं है तो फिर हमारी और पत्र में क्या अंतर है हम किसी के दर्द को महसूस कर सकते हैं किसी को समझ सकते हैं वही भावना है थैंक यू
Aapaka savaal hai kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai bilkul nahin insaan kee pahachaan bhaavana aur soch to bhaavana insaan ko kamajor kaise bana sakatee hai jis insaan mein bhaavana hee nahin hai vah insaan nahin jaanavar isaka matalab yah thodee na hai ki vah bhaavanaon ko bhee pata hai usane kar paoonga to ho jaanavar nahin hai paas aao na hee hone par bhee patr badalee ban jaata hai to vah jaanavar kee shrenee mein aa jaata hai insaan kee pahachaan sahee galat ka phark bhaavanaon ke anusaar hota hai kyonki hamaare andar koee bhaavana hee nahin hai to phir hamaaree aur patr mein kya antar hai ham kisee ke dard ko mahasoos kar sakate hain kisee ko samajh sakate hain vahee bhaavana hai thaink yoo

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:35
भावना इंसान को कमजोर बना देती है किसी के प्रति कुछ फील कर रहे हैं तो आप उस इंसान के प्रति हमेशा अच्छा सोचते हैं चाहे वह आपका कितना भी बुरा क्यों ना कर रहा हो तो यह सत्य बात है कि भावना किसी भी इंसान को कमजोर बना देती है हमें किसी पर जाता डिपेंड नहीं जाना चाहिए कोशिश करनी चाहिए कि हमसे दूर हट कर ही रहे यह मतलब होता है कि ज्यादा मतलब रखेंगे तो हमेशा घाटा आपका ही होगा लॉस आपका ही होगा और प्रॉफिट सामने वाले का हो जाएगा
Bhaavana insaan ko kamajor bana detee hai kisee ke prati kuchh pheel kar rahe hain to aap us insaan ke prati hamesha achchha sochate hain chaahe vah aapaka kitana bhee bura kyon na kar raha ho to yah saty baat hai ki bhaavana kisee bhee insaan ko kamajor bana detee hai hamen kisee par jaata dipend nahin jaana chaahie koshish karanee chaahie ki hamase door hat kar hee rahe yah matalab hota hai ki jyaada matalab rakhenge to hamesha ghaata aapaka hee hoga los aapaka hee hoga aur prophit saamane vaale ka ho jaega

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Self student
4:55
उसका दोस्तों आपका प्रश्न है क्या आप रोना इंसान को कमजोर बनाती है रिया भावना तो अंतर मन की भावना भावुकता होती है वह इंसान को कमजोर बना देती है दोस्तों ऐसा हो भी जाता है क्योंकि जो भावना होती है वह अंदर की तड़प होती है अंदर का एक सुख होता है और आत्मीयता होती है तो यह तभी पड़ती है जब हमारे साथ कोई अच्छी घटना आया पूरी घटना हो जाती है कोई अच्छी चीज को या तो 36 बाजार में दुकान में हमें देखने पर हम यही कहते हैं कि हम यह हम भी यह खरीदें और आप उनकी उनकी तरफ आकर्षित होकर और उनकी भावुकता में बह जाते हैं तो फिर या तो उनकी बहुत ज्यादा सुंदरता या बहुत ज्यादा खटिया पर गंदा पर उनका आपको फिर चलने लग जाता है भटकने लग जाता यदि बहुत ही अच्छी होती है तो उसे पाने की इच्छा करते हो और उसके साथ यदि यदि कुछ बुरा हो रहा होता है कुछ अलग से हो रहा होता है तो आपके अंदर भावना सकेगी आपके भी उसी की तरह होने की भावना देंगे कि देखो इसमें क्या हो रहा है ऐसे कई हादसे इसे कहते हैं सड़कों पर तुम ना होते हैं आपने और हमने देखा होगा कई बार किसी को थोड़ी चोट लग जाती है किसी को दर्द होता है तो हमें भी यह भाषा हो जाता है कि कितना दर्द में बात है यह तो हम उसकी भावना में बह जाते हैं यदि कोई हमें अपनी हकीकत बता रहा होता है अपने जीवन के बारे में और बहुत ही दुखदाई घटना अपने जीवन के बारे में जो उन्होंने समस्याएं परेशानियां शैली है तो उस दौरान भी हम उसकी बातों में बह जाते हैं उसकी भावना में भी बह जाते हैं तो भी एक पीड़ा होती है अंतर्मन की जो कि एक दूसरे में अक्सर घटती रहती है चाहे वो अच्छाई की हो या बुराई की हो लेकिन बाबू सुबह की होता है बाबू का मतलब गंभीर हो जाना और बाबू का जो है वह संवेदना सही बनती है हर किसी की अंतर्मन की भावना से उत्पन्न होती है यह दो जो मनुष्यों की एक दूसरे की भावना को समझने की कला है बस इसकी वजह से ही आदमी कमजोर हो जाता है क्योंकि एक दूसरे की भावना हम समझते हैं तो सुख में और दुख में उनका उपयोग करने की भावना भी पैदा हो जाती है यदि दूसरे का दुख देख कर के और सामने वाला खाली यूं ही बैठा रहे इसकी तरफ देखता रहे तो पूरा समाज उसे अधिकार देगा कि यह देखो कितना बुरा इंसान है जो एक दुखी इंसान को थोड़ा सहयोग नहीं कर सकता है इसको आप यह स्थिति जानते हैं क्या करेगा उसको शो करेगा वह तो तिल है तो उसको उठा कर इधर-उधर ले जाएगा उसकी सेवा सुश्रुषा करेगा या फिर जैसे भी हो कोई आर्थिक स्थिति से कमजोर हो या फिर मानसिक स्थिति ठीक नहीं तो घर की स्थिति से ठीक नहीं हो तो उसे कुछ न कुछ सहयोग प्रदान करने की कोशिश करता है और उसी की भावना में बह जाता है वह भावुक हो जाता है तो एक दूसरे से ही लगन हो जाती है कि एक दूसरे की लगन मदद करने के लिए भावना है इससे लगन हो जाती है ग्रुप के प्रति आदमी अंदर से कमजोर हो जाता है जैसे कि प्यार स्नेह है वात्सल्य किसी प्रकार का उदाहरण है जो प्रेम स्नेह प्यार होता है वह भी किसी के प्रति आकर्षित होते हुए हम कई बार मोहित हो जाते हैं ऐसा अक्सर कानों में देखा गया है तो वह भी कहे किसी दूसरे की भावना के आदी हो जाते हैं दूसरे के स्वभाव के व्यवहार के आदी हो जाते हैं और फिर उसकी लगन उसका स्नेही उसे अंदर से कमजोर बना देता है वह उसके बिना फिर रह नहीं पाता है चाहे वह अपनी प्रेमिका हो प्रेमी हो या अपने मां-बाप के प्रति प्रेम हो या अपने किसी दोस्त के प्रति प्रेम हो तो उसे अंदर से खोखला बना देता है क्योंकि उसके बिना रह नहीं पाता है यह कमजोरी बन जाती है उसकी
Usaka doston aapaka prashn hai kya aap rona insaan ko kamajor banaatee hai riya bhaavana to antar man kee bhaavana bhaavukata hotee hai vah insaan ko kamajor bana detee hai doston aisa ho bhee jaata hai kyonki jo bhaavana hotee hai vah andar kee tadap hotee hai andar ka ek sukh hota hai aur aatmeeyata hotee hai to yah tabhee padatee hai jab hamaare saath koee achchhee ghatana aaya pooree ghatana ho jaatee hai koee achchhee cheej ko ya to 36 baajaar mein dukaan mein hamen dekhane par ham yahee kahate hain ki ham yah ham bhee yah khareeden aur aap unakee unakee taraph aakarshit hokar aur unakee bhaavukata mein bah jaate hain to phir ya to unakee bahut jyaada sundarata ya bahut jyaada khatiya par ganda par unaka aapako phir chalane lag jaata hai bhatakane lag jaata yadi bahut hee achchhee hotee hai to use paane kee ichchha karate ho aur usake saath yadi yadi kuchh bura ho raha hota hai kuchh alag se ho raha hota hai to aapake andar bhaavana sakegee aapake bhee usee kee tarah hone kee bhaavana denge ki dekho isamen kya ho raha hai aise kaee haadase ise kahate hain sadakon par tum na hote hain aapane aur hamane dekha hoga kaee baar kisee ko thodee chot lag jaatee hai kisee ko dard hota hai to hamen bhee yah bhaasha ho jaata hai ki kitana dard mein baat hai yah to ham usakee bhaavana mein bah jaate hain yadi koee hamen apanee hakeekat bata raha hota hai apane jeevan ke baare mein aur bahut hee dukhadaee ghatana apane jeevan ke baare mein jo unhonne samasyaen pareshaaniyaan shailee hai to us dauraan bhee ham usakee baaton mein bah jaate hain usakee bhaavana mein bhee bah jaate hain to bhee ek peeda hotee hai antarman kee jo ki ek doosare mein aksar ghatatee rahatee hai chaahe vo achchhaee kee ho ya buraee kee ho lekin baaboo subah kee hota hai baaboo ka matalab gambheer ho jaana aur baaboo ka jo hai vah sanvedana sahee banatee hai har kisee kee antarman kee bhaavana se utpann hotee hai yah do jo manushyon kee ek doosare kee bhaavana ko samajhane kee kala hai bas isakee vajah se hee aadamee kamajor ho jaata hai kyonki ek doosare kee bhaavana ham samajhate hain to sukh mein aur dukh mein unaka upayog karane kee bhaavana bhee paida ho jaatee hai yadi doosare ka dukh dekh kar ke aur saamane vaala khaalee yoon hee baitha rahe isakee taraph dekhata rahe to poora samaaj use adhikaar dega ki yah dekho kitana bura insaan hai jo ek dukhee insaan ko thoda sahayog nahin kar sakata hai isako aap yah sthiti jaanate hain kya karega usako sho karega vah to til hai to usako utha kar idhar-udhar le jaega usakee seva sushrusha karega ya phir jaise bhee ho koee aarthik sthiti se kamajor ho ya phir maanasik sthiti theek nahin to ghar kee sthiti se theek nahin ho to use kuchh na kuchh sahayog pradaan karane kee koshish karata hai aur usee kee bhaavana mein bah jaata hai vah bhaavuk ho jaata hai to ek doosare se hee lagan ho jaatee hai ki ek doosare kee lagan madad karane ke lie bhaavana hai isase lagan ho jaatee hai grup ke prati aadamee andar se kamajor ho jaata hai jaise ki pyaar sneh hai vaatsaly kisee prakaar ka udaaharan hai jo prem sneh pyaar hota hai vah bhee kisee ke prati aakarshit hote hue ham kaee baar mohit ho jaate hain aisa aksar kaanon mein dekha gaya hai to vah bhee kahe kisee doosare kee bhaavana ke aadee ho jaate hain doosare ke svabhaav ke vyavahaar ke aadee ho jaate hain aur phir usakee lagan usaka snehee use andar se kamajor bana deta hai vah usake bina phir rah nahin paata hai chaahe vah apanee premika ho premee ho ya apane maan-baap ke prati prem ho ya apane kisee dost ke prati prem ho to use andar se khokhala bana deta hai kyonki usake bina rah nahin paata hai yah kamajoree ban jaatee hai usakee

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
0:42
हां भावना इंसान कमजोरी बनाती है मजबूती बनाती है कई बार कभी कबार ऐसा भी होता है कि हमारे दिल की भावना कभी दुखी होते तो कभी सुख की होती है दुखी होती है तो हम उससे जो पूछते होते हुए डरने की हिम्मत जाती है कभी कबार तो कभी कबार पूनम को दूसरे तोड़ देती है अंदर से खोखला कर देना कभी दोबारा में को शिक्षित करते थे किसी काम करने के लिए परेशान हो तो मुझसे लड़ सके और आगे बढ़े
Haan bhaavana insaan kamajoree banaatee hai majabootee banaatee hai kaee baar kabhee kabaar aisa bhee hota hai ki hamaare dil kee bhaavana kabhee dukhee hote to kabhee sukh kee hotee hai dukhee hotee hai to ham usase jo poochhate hote hue darane kee himmat jaatee hai kabhee kabaar to kabhee kabaar poonam ko doosare tod detee hai andar se khokhala kar dena kabhee dobaara mein ko shikshit karate the kisee kaam karane ke lie pareshaan ho to mujhase lad sake aur aage badhe

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Christina KC Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Christina जी का जवाब
Unknown
1:02
सवाल आपने क्या है क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है जरूरी नहीं है कि भावना जो इंसान को कमजोर बना है कुछ भावना इंसान के ऐसे भी होते हैं जो इंसान को काफी मजबूत बनाते हैं जैसे की भावना जैसी आपकी भावना जो आपको मोटिवेशन दे आपको जो कन्फ्यूजन से ऐसी भावना अच्छी होती है और आपके लिए चाहिए आपको काफी तरीके से अपने आप को मजबूत बनाती है पर कुछ भावनाएं जैसे कि हो सकता है कि आप किसी चीज को देख कर दिया फिर कुछ लोगों को देखकर या फिर कुछ ऐसी घटनाओं को देखकर शहर कभी आप कमजोर पड़ जाते हो क्योंकि आप का जो इमोशन से आपके कंट्रोल में नहीं होता है और ऐसी भावनाएं जो है कभी कबार इंसान का काफी कमजोर बना देती है और इतनी हद तक कमजोर बना देती है कि वह जवान की परिस्थिति है वह संभाल नहीं पाते हैं और अपनी कमजोरी चाहे वह व्यक्ति हो जाता है ऐसे ही सवाल का जवाब
Savaal aapane kya hai kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai jarooree nahin hai ki bhaavana jo insaan ko kamajor bana hai kuchh bhaavana insaan ke aise bhee hote hain jo insaan ko kaaphee majaboot banaate hain jaise kee bhaavana jaisee aapakee bhaavana jo aapako motiveshan de aapako jo kanphyoojan se aisee bhaavana achchhee hotee hai aur aapake lie chaahie aapako kaaphee tareeke se apane aap ko majaboot banaatee hai par kuchh bhaavanaen jaise ki ho sakata hai ki aap kisee cheej ko dekh kar diya phir kuchh logon ko dekhakar ya phir kuchh aisee ghatanaon ko dekhakar shahar kabhee aap kamajor pad jaate ho kyonki aap ka jo imoshan se aapake kantrol mein nahin hota hai aur aisee bhaavanaen jo hai kabhee kabaar insaan ka kaaphee kamajor bana detee hai aur itanee had tak kamajor bana detee hai ki vah javaan kee paristhiti hai vah sambhaal nahin paate hain aur apanee kamajoree chaahe vah vyakti ho jaata hai aise hee savaal ka javaab

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Dukh kaise mite Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:06
आप तो पूछे की भावना इंसान को कमजोर बनाती है आपका आशिक पूछने का है कितना खाते में चार क्या मुझे से कमजोर बनाते हैं बिल्कुल कमजोर बनाते हैं लगाते विचारों से हमारी इम्यूनिटी पावर है ना कमजोर हो जाती है जिसको हिंदी में रोग निरोधी शक्ति कहते हैं जिससे हमारे हाथ एक बीमारी आ जाती है जुखाम का वायरस होता वह आसानी से पकड़ लेता है पहली बात तो जिस्म की मंडी भाव ज्यादा होती है ना वह बीमार पड़ते ही नहीं होते तो थोड़ी सी दवाई ठीक हो जाते हैं वह शाखा के विचारों से हमारी इम्यूनिटी पावर बढ़ती है हमारे शरीर में शक्ति बढ़ती है तो यह सरकार के विचार हमें कैसे मिली हमें कैसे तो हम ईश्वर की भक्ति करते हैं इसकी भक्ति करते तू हमारे साथ आकर से मदद करें इससे हमारे अंदर हमेशा करता विचार आते हैं क्योंकि हमारा कोई बुरा होने मालिनी पहले बात पूरा होने देंगे प्यार हो जाए किसी से ठीक कर देते हैं या तक जो खुद का तो बुरा नहीं होता परिवार के नहीं होते मेरे इस दुनिया से चक्की कैसे बनती है दुकान से कैसे बाहर नहीं निकला यह मैंने काफी वक्लिप पर अपलोड किया है अपने आप ध्यान से सुने एक-एक करके उसे का उनका नाम है तो कैसे मीठी वहां सर्च करें तो उसे उसे करते हुए 4 रन देकर फिर बाद में क्यों किसी बात में किसी किसान रहता था जब सारा इत्र का मजा था जीने सती पूजा चल फिर सोचा हमेशा समाप्त हो जाता है कि हमारे कोई बुरा करने वाला कोई है नहीं अमर होगा तो अच्छे ही अच्छा होगा तो आप हमेशा सकारात्मक विचार रखते हुए ईश्वर की भक्ति करें या इष्ट की भक्ति करें और वह वक्लिप मैंने काफी ऑडियो अपलोड किया है एक-एक करके आप ध्यान से सुने और कुछ विश्वास हो तो पूछे किसी के पास आस्था और भक्ति में आगे बढ़ते रहिए भरतरी भरतरी
Aap to poochhe kee bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai aapaka aashik poochhane ka hai kitana khaate mein chaar kya mujhe se kamajor banaate hain bilkul kamajor banaate hain lagaate vichaaron se hamaaree imyoonitee paavar hai na kamajor ho jaatee hai jisako hindee mein rog nirodhee shakti kahate hain jisase hamaare haath ek beemaaree aa jaatee hai jukhaam ka vaayaras hota vah aasaanee se pakad leta hai pahalee baat to jism kee mandee bhaav jyaada hotee hai na vah beemaar padate hee nahin hote to thodee see davaee theek ho jaate hain vah shaakha ke vichaaron se hamaaree imyoonitee paavar badhatee hai hamaare shareer mein shakti badhatee hai to yah sarakaar ke vichaar hamen kaise milee hamen kaise to ham eeshvar kee bhakti karate hain isakee bhakti karate too hamaare saath aakar se madad karen isase hamaare andar hamesha karata vichaar aate hain kyonki hamaara koee bura hone maalinee pahale baat poora hone denge pyaar ho jae kisee se theek kar dete hain ya tak jo khud ka to bura nahin hota parivaar ke nahin hote mere is duniya se chakkee kaise banatee hai dukaan se kaise baahar nahin nikala yah mainne kaaphee vaklip par apalod kiya hai apane aap dhyaan se sune ek-ek karake use ka unaka naam hai to kaise meethee vahaan sarch karen to use use karate hue 4 ran dekar phir baad mein kyon kisee baat mein kisee kisaan rahata tha jab saara itr ka maja tha jeene satee pooja chal phir socha hamesha samaapt ho jaata hai ki hamaare koee bura karane vaala koee hai nahin amar hoga to achchhe hee achchha hoga to aap hamesha sakaaraatmak vichaar rakhate hue eeshvar kee bhakti karen ya isht kee bhakti karen aur vah vaklip mainne kaaphee odiyo apalod kiya hai ek-ek karake aap dhyaan se sune aur kuchh vishvaas ho to poochhe kisee ke paas aastha aur bhakti mein aage badhate rahie bharataree bharataree

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
souramita Deb Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए souramita जी का जवाब
Unknown
0:54
क्यों भावना इंसान को कमजोर बनाती है हां भावना एक ऐसा वर्ड फॉर इन थे हमारा जिसके कारण हम कमजोर हो सकते हैं क्योंकि हम जिसके अंदर भी ज्यादा भावनाओं से शादी मौसम सोते हैं वह किसी चीज के साथ अटैच होता है इसलिए उसके अंदर भावना होती है जैसे कोई अपने माता-पिता के साथ ज्यादा भागने मतलब भावना इमोशनली बहुत टफ है टीचर उनके साथ कोई अपने दोस्त के साथ है तो उनके ऊपर जब मुसीबत आती है तो वह मुस्लिम एक हो जाते हैं तब हमें जो जो कोई भी हमें जैसा भी कहेगा तब हम वैसा करने के लिए तैयार हो जाएंगे हम भागने में बह कि यह सोचने लगेंगे कि उसके बाद क्या होगा या उससे भी क्या नुकसान हो सकते हम नहीं सोचेंगे कभी हम ही सोचेंगे कैसे हम अपनी भावना में बहकर अपने प्रिय साथी को बचा सकते हैं तो भावना में बहकर इंसान जो है वह कमजोर बन ही जाता है
Kyon bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai haan bhaavana ek aisa vard phor in the hamaara jisake kaaran ham kamajor ho sakate hain kyonki ham jisake andar bhee jyaada bhaavanaon se shaadee mausam sote hain vah kisee cheej ke saath ataich hota hai isalie usake andar bhaavana hotee hai jaise koee apane maata-pita ke saath jyaada bhaagane matalab bhaavana imoshanalee bahut taph hai teechar unake saath koee apane dost ke saath hai to unake oopar jab museebat aatee hai to vah muslim ek ho jaate hain tab hamen jo jo koee bhee hamen jaisa bhee kahega tab ham vaisa karane ke lie taiyaar ho jaenge ham bhaagane mein bah ki yah sochane lagenge ki usake baad kya hoga ya usase bhee kya nukasaan ho sakate ham nahin sochenge kabhee ham hee sochenge kaise ham apanee bhaavana mein bahakar apane priy saathee ko bacha sakate hain to bhaavana mein bahakar insaan jo hai vah kamajor ban hee jaata hai

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
er. ramphal bind Bolkar App
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Private job
1:00
प्रश्न है क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है जी अभी आपका प्रश्न तार्किक रूप से देखा जाए एक तरफ से सही भी है क्योंकि जो अपने अंदर कोई भावना जागृत कर लेते हैं भावना मतलब आपने यह सोच रखती भावनगर का सूची अपनी सोच रख ली कि मैं जी यह चीज नहीं कर पाऊंगा कि आपके अंदर क्या होने लगा भावना जगा रहे हैं कि नहीं कर ही नहीं पाऊंगा या कभी देखिए कोई प्रश्न होता है बहुत एक्टिव होता तो का तो मैं कर ही जाऊंगा मुझे करना है भावना हो गई आप जैसा भावना आप अंदर जगा ले मैं कर पाऊंगा नहीं कर पाओगे तेज तो अभी आ सकते हैं कि ताकि ग्रुप से जरूर भावना का भी इंसान में फर्क पड़ता है यानी यह भी कर सकते हैं सोचने आपकी सोच ही कमजोर है आप नहीं चाहते भावना जागृत कर ली मैं नहीं कर पाऊंगा नहीं कर पाएंगे आप कर सकते हैं ताकि ग्रुप से भावना ही इंसान को कमजोर बनाती है
Prashn hai kya bhaavana insaan ko kamajor banaatee hai jee abhee aapaka prashn taarkik roop se dekha jae ek taraph se sahee bhee hai kyonki jo apane andar koee bhaavana jaagrt kar lete hain bhaavana matalab aapane yah soch rakhatee bhaavanagar ka soochee apanee soch rakh lee ki main jee yah cheej nahin kar paoonga ki aapake andar kya hone laga bhaavana jaga rahe hain ki nahin kar hee nahin paoonga ya kabhee dekhie koee prashn hota hai bahut ektiv hota to ka to main kar hee jaoonga mujhe karana hai bhaavana ho gaee aap jaisa bhaavana aap andar jaga le main kar paoonga nahin kar paoge tej to abhee aa sakate hain ki taaki grup se jaroor bhaavana ka bhee insaan mein phark padata hai yaanee yah bhee kar sakate hain sochane aapakee soch hee kamajor hai aap nahin chaahate bhaavana jaagrt kar lee main nahin kar paoonga nahin kar paenge aap kar sakate hain taaki grup se bhaavana hee insaan ko kamajor banaatee hai

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क्या भावना इंसान को कमजोर बनाती है?Kya Bhavna Insaan Ko Kamjor Banati Hai
Hitesh jain Bolkar App
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सुनिए Hitesh जी का जवाब
Non
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आज का सवाल बहुत अच्छा है क्या भावना फोन आपको हमसे बड़ा बनाती है तो हां यह सच है कि हमारी दोस्ती दिल से हो कई हफ्ते में कमजोर बनाती है और मैं जैसे बहुत सारे काम कर ले चाय को एक लड़का लड़की से प्यार करता हूं चाय मां बाप अपने बच्चों से प्यार करते हो ना ही कोई भी तो यह जो भावनाएं हैं हमारी फिल्म चाहिए हमें तब कमजोर बनाती है इसे अपने ऊपर ज्यादा ही अभी होने देते हैं जैसे मान लीजिए एक एग्जांपल की कोई बच्चा है वह बड़ा हो गया है अब उसको अब जो उसके फ्यूचर के लिए उसे अपने मां-बाप को छोड़ कर जाना है तो उस समय वह बोल बाबू हो जाता है और वह नहीं चाहता कि वो छोड़कर जाए लेकिन मजबूरी होती है कि मैं जाना ही पड़ता है वह तो मां होती है वह भी मना ही करती है गांव में बेकार तो कोई कोई मां बाप इतनी ही भावनाओं में बह जाते कितने बच्चे का भविष्य भी नहीं देख पाते हैं कि उनका भविष्य बच्चों का आया नहीं बन रहा है कहीं और जाकर बन रहा है तो वह दांव पर लग जाता है चाहे कोई प्यार की बात ले लीजिए चाहे कोई लड़का लड़की से प्यार करता है अगर कोई लड़का लड़की से प्यार करता लेकिन अगर भावना ही नहीं है फीलिंग ही नहीं है चाहे लड़का किसी लड़की से लड़की लड़की के लिए खुलेंगे नहीं है वह लड़की बहुत कमजोर पड़ जाएगी या वह लड़का बहुत कमजोर पड़ जाएगा अपनी मांगों को लेकर के और उसकी यादों में खो जाएगा इतना डीप फ्रेश हो जाएगा इतना तनाव कम हो जाएगा कि उसे कुछ भी समझ में नहीं आएगा वह माइक में कोई डिसीजन नहीं ले पाएगा तो हमें यह है कि हमें अपनी भावना कंट्रोल कंट्रोल करना चाहिए अगर आपने कभी किसी से सच्चा प्यार किया है और अगर वह आपसे नहीं करती है तो कोई नहीं मानता हूं बाकी तकलीफ होता है रोना आता है मैं उसे बुलाकर भी नहीं भुला सकते आप मरते दम तक जो पहला प्यार होता है वह कभी नहीं बोला जाता पिला तो क्या मालूम तो आपसे के लोगों को दो-तीन प्यार भी हो जाते हैं जो वह टीम में से किसी एक से सच्चा हो जाता है किसी दूसरे से लकी हो जाता है ऐसा नहीं है कि नहीं होता लोग कितने पहला प्यार सच्चा तो ऐसा नहीं है कि मतलब यह कि आपको कभी भी किसी से भी किसी भी समय किसी भी एज में सच्चा प्यार हो सकता है किसी से तो आपके लायक हो जो क्वॉलिटी साउंड रहे हो तो उससे भी प्यार हो जाता है तो वह भी सच्चा प्यार ही चलाता है तो उस समय यह है कि अगर वो आपको छोड़कर जाता है और आप उससे स्ट्रांग फिल्म रखते लेकिन उसके दिल में आपके खुलेगी नियमताबाद कमजोर पड़ जाएंगे तब आपका शारीरिक मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है तो किसी से भी इतना इमोशनल अटैचमेंट ना रखें इतना इमोशनल ना हो कि आपका बहुत बड़ा अपनी भावनाओं को कम पर सेट कर दो बहुत जरूरी है उसके लिए आप ध्यान मेडिटेशन योगा जो करना चाहे कर सकते हैं लेकिन भावना कमजोर बनाती हुई यह बात एक दम सही है और सबसे बड़ी बात इसमें प्यार ही प्यार ही बाहों को कमजोर बनाता है और ना ही प्यार को कमजोर हो जाती है
Aaj ka savaal bahut achchha hai kya bhaavana phon aapako hamase bada banaatee hai to haan yah sach hai ki hamaaree dostee dil se ho kaee haphte mein kamajor banaatee hai aur main jaise bahut saare kaam kar le chaay ko ek ladaka ladakee se pyaar karata hoon chaay maan baap apane bachchon se pyaar karate ho na hee koee bhee to yah jo bhaavanaen hain hamaaree philm chaahie hamen tab kamajor banaatee hai ise apane oopar jyaada hee abhee hone dete hain jaise maan leejie ek egjaampal kee koee bachcha hai vah bada ho gaya hai ab usako ab jo usake phyoochar ke lie use apane maan-baap ko chhod kar jaana hai to us samay vah bol baaboo ho jaata hai aur vah nahin chaahata ki vo chhodakar jae lekin majabooree hotee hai ki main jaana hee padata hai vah to maan hotee hai vah bhee mana hee karatee hai gaanv mein bekaar to koee koee maan baap itanee hee bhaavanaon mein bah jaate kitane bachche ka bhavishy bhee nahin dekh paate hain ki unaka bhavishy bachchon ka aaya nahin ban raha hai kaheen aur jaakar ban raha hai to vah daanv par lag jaata hai chaahe koee pyaar kee baat le leejie chaahe koee ladaka ladakee se pyaar karata hai agar koee ladaka ladakee se pyaar karata lekin agar bhaavana hee nahin hai pheeling hee nahin hai chaahe ladaka kisee ladakee se ladakee ladakee ke lie khulenge nahin hai vah ladakee bahut kamajor pad jaegee ya vah ladaka bahut kamajor pad jaega apanee maangon ko lekar ke aur usakee yaadon mein kho jaega itana deep phresh ho jaega itana tanaav kam ho jaega ki use kuchh bhee samajh mein nahin aaega vah maik mein koee diseejan nahin le paega to hamen yah hai ki hamen apanee bhaavana kantrol kantrol karana chaahie agar aapane kabhee kisee se sachcha pyaar kiya hai aur agar vah aapase nahin karatee hai to koee nahin maanata hoon baakee takaleeph hota hai rona aata hai main use bulaakar bhee nahin bhula sakate aap marate dam tak jo pahala pyaar hota hai vah kabhee nahin bola jaata pila to kya maaloom to aapase ke logon ko do-teen pyaar bhee ho jaate hain jo vah teem mein se kisee ek se sachcha ho jaata hai kisee doosare se lakee ho jaata hai aisa nahin hai ki nahin hota log kitane pahala pyaar sachcha to aisa nahin hai ki matalab yah ki aapako kabhee bhee kisee se bhee kisee bhee samay kisee bhee ej mein sachcha pyaar ho sakata hai kisee se to aapake laayak ho jo kvolitee saund rahe ho to usase bhee pyaar ho jaata hai to vah bhee sachcha pyaar hee chalaata hai to us samay yah hai ki agar vo aapako chhodakar jaata hai aur aap usase straang philm rakhate lekin usake dil mein aapake khulegee niyamataabaad kamajor pad jaenge tab aapaka shaareerik maanasik santulan bigad jaata hai to kisee se bhee itana imoshanal ataichament na rakhen itana imoshanal na ho ki aapaka bahut bada apanee bhaavanaon ko kam par set kar do bahut jarooree hai usake lie aap dhyaan mediteshan yoga jo karana chaahe kar sakate hain lekin bhaavana kamajor banaatee huee yah baat ek dam sahee hai aur sabase badee baat isamen pyaar hee pyaar hee baahon ko kamajor banaata hai aur na hee pyaar ko kamajor ho jaatee hai

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