#जीवन शैली

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
2:34
तो आज आप का सवाल है कि वर्तमान की वजह लाने का माने को तो याद करते हैं और पुराने जमाने को अच्छा भी बताते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकता है सारी चीजों में हम सिर्फ पुराने जमाने को याद नहीं करते बस फैसिलिटी सुविधा है और जो भी चीज अभी बदला हुआ है इंटरनेट हुआ या फिर जो भी टेक्नोलॉजी जितना एडवांस हुआ है यह सब चीजों में पुराने जमाने को याद नहीं करते अगर हम सोचते तो हमें लगता है कि लाइफ पहले मतलब कैसा था पहले क्या होता था दूर-दूर से लोग मतलब कहां घर आना हर जगह पर थे लेकिन कांटेक्ट नहीं कर पाते थे क्योंकि फैसेलिटीज नहीं था लेकिन अभी भी लोग पहले जमाने को हेल्थ को लेकर मतलब याद करते हैं पलूशन कितना कम था उस चीज को लेकर याद करते हैं फैमिली कितनी कनेक्टेड थे और मतलब कोई भी फेस्टिवल हो या कुछ भी छोटा-मोटा चीज हो सब एक साथ आप आते थे अभी क्या होता है कि यह सब चीज दूर हो गया है मतलब लोग आने के फैमिली से जुड़ने और फिर को भी बल में गेट टूगेदर हूं उसमें सोचना पड़ता है और रिपल्शन को देखिए हेल्थ को लेकर कितना आपकी रेस्पिरेट्री कितना प्रॉब्लम होता है सांस लेने में कितना प्रॉब्लम होता है तो पोलूशन को लेकर भी लोग सोचते हैं यह हमारे जमाने में मतलब कितना अच्छा था कितने मतलब जो भी है कितना साफ सुथरा था कोई भी प्रॉब्लम नहीं होना था हेल्थ को लेकर सोचते थे कि बीमारियां देखिए अभी तो छोटे बच्चों को इतनी बड़ी बड़ी बीमारियां होने पर पहले ऐसा नहीं होता तो यह सब चीजों को लेकर अभी भी लोग पुराने जमाने के बारे में सोचते हैं कि पूरी तरह खराब है और पुराने जमाने की सारी चीज अभी भी अच्छे हैं और कुछ चीजें ऐसी होती है कि समय के साथ-साथ थोड़ा बहुत कुछ खराब हो जाता है तो जैसे अगर पोलूशन और पेयजल को लेकर बात करें तो यह सब हमें अभी जैसे चीजें बदल रही है यह सब चीजों का भी में ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह भी कहना कि हमारे शरीर और हमारे हर एक चीज में एक्सेप्ट करता है तो मेरे हिसाब से जिस तरह से सबसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी जैसी सुविधाएं हमें दी जाती है सा दिन हमारे हेल्थ पेड़ लगाना और फिर पोलूशन कंट्रोल करना यह सब चीजों में भी ध्यान देना चाहिए ताकि लोग इस जो भी अपने आसपास दें जिस तरह से बदलाव उस चीज में भी खुश रहे हैं उनको पुरानी चीजें याद करके मतलब वह पूरे देना या फिर ऐसा ना सोचे कि काश हम फिर से पुराने जिंदगी में जा पाते
To aaj aap ka savaal hai ki vartamaan kee vajah laane ka maane ko to yaad karate hain aur puraane jamaane ko achchha bhee bataate hain isake peechhe kya kaaran ho sakata hai saaree cheejon mein ham sirph puraane jamaane ko yaad nahin karate bas phaisilitee suvidha hai aur jo bhee cheej abhee badala hua hai intaranet hua ya phir jo bhee teknolojee jitana edavaans hua hai yah sab cheejon mein puraane jamaane ko yaad nahin karate agar ham sochate to hamen lagata hai ki laiph pahale matalab kaisa tha pahale kya hota tha door-door se log matalab kahaan ghar aana har jagah par the lekin kaantekt nahin kar paate the kyonki phaiseliteej nahin tha lekin abhee bhee log pahale jamaane ko helth ko lekar matalab yaad karate hain palooshan kitana kam tha us cheej ko lekar yaad karate hain phaimilee kitanee kanekted the aur matalab koee bhee phestival ho ya kuchh bhee chhota-mota cheej ho sab ek saath aap aate the abhee kya hota hai ki yah sab cheej door ho gaya hai matalab log aane ke phaimilee se judane aur phir ko bhee bal mein get toogedar hoon usamen sochana padata hai aur ripalshan ko dekhie helth ko lekar kitana aapakee respiretree kitana problam hota hai saans lene mein kitana problam hota hai to polooshan ko lekar bhee log sochate hain yah hamaare jamaane mein matalab kitana achchha tha kitane matalab jo bhee hai kitana saaph suthara tha koee bhee problam nahin hona tha helth ko lekar sochate the ki beemaariyaan dekhie abhee to chhote bachchon ko itanee badee badee beemaariyaan hone par pahale aisa nahin hota to yah sab cheejon ko lekar abhee bhee log puraane jamaane ke baare mein sochate hain ki pooree tarah kharaab hai aur puraane jamaane kee saaree cheej abhee bhee achchhe hain aur kuchh cheejen aisee hotee hai ki samay ke saath-saath thoda bahut kuchh kharaab ho jaata hai to jaise agar polooshan aur peyajal ko lekar baat karen to yah sab hamen abhee jaise cheejen badal rahee hai yah sab cheejon ka bhee mein dhyaan dena chaahie kyonki yah bhee kahana ki hamaare shareer aur hamaare har ek cheej mein eksept karata hai to mere hisaab se jis tarah se sabase letest teknolojee jaisee suvidhaen hamen dee jaatee hai sa din hamaare helth ped lagaana aur phir polooshan kantrol karana yah sab cheejon mein bhee dhyaan dena chaahie taaki log is jo bhee apane aasapaas den jis tarah se badalaav us cheej mein bhee khush rahe hain unako puraanee cheejen yaad karake matalab vah poore dena ya phir aisa na soche ki kaash ham phir se puraane jindagee mein ja paate

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Vicky Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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अभी हम पढ़ाई करते हैं
0:43
पुरानी जींस पहन कर आते समय खुलने का समय अच्छा बताते हुए फिजिक्स में कुछ अच्छा होता है उसको याद करके उसमें ग्राम 7766 आप बता सकते हैं आप किसी को ऐसे अभी का समय अभी जाएंगे तो अभी समय लगेगा
Puraanee jeens pahan kar aate samay khulane ka samay achchha bataate hue phijiks mein kuchh achchha hota hai usako yaad karake usamen graam 7766 aap bata sakate hain aap kisee ko aise abhee ka samay abhee jaenge to abhee samay lagega

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
1:11
ऐसा दोस्त हो इसलिए है क्योंकि जो पुराना जो जमाना था पुराने जमाने के अंदर धोखाधड़ी छल कपट इत्यादि नहीं होते थे पुराने जमाने के अंदर कोई भी व्यक्ति जो था वह हर एक व्यक्ति अपने सम्मान के साथ जीता था पुराने समय के अंदर दोस्तों कोई भी लत इत्यादि चीजें थी वह नहीं होती थी पुराने जमाने के अंदर जो भी लोग हैं दोस्तों एक दूसरे का सम्मान करते थे कोई लड़ाई झगड़ा चेन्नई का पुराने समय के अंदर दोस्तों कहते हैं कि जो व्यक्ति झूठ बोलता था वह झूठ बोलने मात्र से ही मर जाता था पुराने जमाने के लोग भी याद करते दोस्तों क्यों जमाने के अंदर जो लोग थे वह आज के जमाने के मुकाबले काफी स्वास्थ्य दे पुराने जमाने के अंदर दिखावा नहीं होता था जबकि आज के जमाने की कुछ ज्यादा होता है पुराने जमाने के लोग इसलिए अच्छा बताते हैं दोस्तों की उसमें कोई भी पर्यावरण प्रदूषण इत्यादि नहीं था लोग शांति के साथ जीते थे और मेहनत करते थे
Aisa dost ho isalie hai kyonki jo puraana jo jamaana tha puraane jamaane ke andar dhokhaadhadee chhal kapat ityaadi nahin hote the puraane jamaane ke andar koee bhee vyakti jo tha vah har ek vyakti apane sammaan ke saath jeeta tha puraane samay ke andar doston koee bhee lat ityaadi cheejen thee vah nahin hotee thee puraane jamaane ke andar jo bhee log hain doston ek doosare ka sammaan karate the koee ladaee jhagada chennee ka puraane samay ke andar doston kahate hain ki jo vyakti jhooth bolata tha vah jhooth bolane maatr se hee mar jaata tha puraane jamaane ke log bhee yaad karate doston kyon jamaane ke andar jo log the vah aaj ke jamaane ke mukaabale kaaphee svaasthy de puraane jamaane ke andar dikhaava nahin hota tha jabaki aaj ke jamaane kee kuchh jyaada hota hai puraane jamaane ke log isalie achchha bataate hain doston kee usamen koee bhee paryaavaran pradooshan ityaadi nahin tha log shaanti ke saath jeete the aur mehanat karate the

umashankar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Farmer
0:58
आपका स्वागत कुछ सही है कि लोग वर्तमान की जगह पुराने जमाने को ही याद करते हैं उसका एक मुख्य कारण यह है उस धर्म समय जो सद्भावना प्यार मोहब्बत लोगों के दिलों में रहता था आज उन्हीं है लोग एक दूसरे से नफरत ज्यादा करने लगे हैं और ना ही किसी के पास समय है कि पुलिस किसी के पास फॉरवर्ड करके किसी का शुभ समाचार ले सके वाले लोग इकट्ठा बैठते थे शाम को दुख सुख होता था सब का सब का हाल-चाल होता था सब इधर-उधर के सामाजिक वित्त तरह की बातें व्रत रखे बातें किया करते थे आज के समय में ऐसा कुछ भी नहीं है किसी के पास समय नहीं है किसी के पास बैठे बैठे और बहुत ज्यादा लोगों के बीच में तनाव हो चुका है इस समय और पहले ऐसा नहीं था इसीलिए लोग पुराने जमाने को याद ज्यादा करते हैं वर्तमान को भूल जाते हैं
Aapaka svaagat kuchh sahee hai ki log vartamaan kee jagah puraane jamaane ko hee yaad karate hain usaka ek mukhy kaaran yah hai us dharm samay jo sadbhaavana pyaar mohabbat logon ke dilon mein rahata tha aaj unheen hai log ek doosare se napharat jyaada karane lage hain aur na hee kisee ke paas samay hai ki pulis kisee ke paas phoravard karake kisee ka shubh samaachaar le sake vaale log ikattha baithate the shaam ko dukh sukh hota tha sab ka sab ka haal-chaal hota tha sab idhar-udhar ke saamaajik vitt tarah kee baaten vrat rakhe baaten kiya karate the aaj ke samay mein aisa kuchh bhee nahin hai kisee ke paas samay nahin hai kisee ke paas baithe baithe aur bahut jyaada logon ke beech mein tanaav ho chuka hai is samay aur pahale aisa nahin tha iseelie log puraane jamaane ko yaad jyaada karate hain vartamaan ko bhool jaate hain

Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
🧖‍♀️life coach,Spiritual Advisor And Motivational speaker🙏
2:37
सवाल बहुत बड़ा इस टाइम इसका आंसर दूंगी पुराने जमाने के लोग इसलिए अच्छा कहते हैं क्योंकि उस समय टेक्नोलॉजी नहीं थी और एक बार शादी कर देते थे तो मायके देखने जाना के आने की कोई संभावना नहीं होती थी कहीं ऐसी जगह में दहेज प्रथा के नाम से जला भी दिया जाता था उनके माता पिता को पता भी नहीं चलता था अब पता भी नहीं चलता था कारण यही है कि पहले से उन्होंने बता दिया था कि इधर मुड़कर देखना नहीं है तो वहां क्या हो जाता है कि सिर्फ और सिर्फ माता-पिता की मनमर्जी चलती थी और उनकी शादी करा दी जाती थी एक बेटी की इसलिए जो पुराने जमाने को इतना अच्छा कहते है पर आज के जमाने में कुछ गलत नहीं है बस आपको गलत दिखाया जा रहा है और उस चीज को आप अब जॉब कर रहे हैं अगर आप बॉलीवुड भी देख रहे हैं जाम आज भी देखना है तो यह सब आपके माइंड में कचरा भर रहा है और धीरे-धीरे आप उस चीज को देख रहे हैं सुन रहे हैं समझ रहे हैं उस चीज को फॉलो कर रहे हैं तो गलत यहां आप है ना जी आपको सही चीज के लिए मिली है पर यहां आप गलत चीज तो खुद ही आ जाओ कर रहे हैं अगर वह चीज बनाकर पैसा कमा रहे हैं आपको देखने की क्या जरूरत है इस चीज को अपने माइंड में खुद को सबकॉन्शियस माइंड रहता है वह हमेशा रिकॉर्डिंग उसकी ऑन होती है जैसे कि अगर आप कभी भी बात करेंगे तो अचानक आपके हाथ मुंह करने लगते तो मतलब आपका सबकॉन्शियस माइंड रिकार्ड है अर्थात रिकॉर्डिंग उसकी चल रही है ठीक है एक की रिकॉर्डिंग होती रहती है वैसे ही अगर आप कचरा भरेंगे तो कचरा ही शेयर करेंगे इसलिए इन चीजों को देखना बंद करके अपने ऊपर ध्यान देना शुरू करें तो आपको यह जमाना सबसे अच्छा लगेगा क्योंकि यहां आपको समझ में आ रहा है आप हर एक जगह से जुड़े पा रहे हैं हरेक लोगों से जुड़कर सही चीजों को सेट कर पा रहे हैं पुराने जमाने में तो यह सारी चीजें नहीं थी वह तो बहुत ज्यादा अत्याचार हुआ करते थे ठीक है एक लड़की की शादी भी हो गई अगर उसका उसका हस्बैंड खत्म हो गया तो उसको तो चिता में बैठा दिया जाता था तू क्या आपको यह जमाना सही ना करें पुराना जमाना बिल्कुल भी सही नहीं था लेकिन सब अपनी अपनी जगह सही था वह कैसे कि धीरे-धीरे करके यहां तक पहुंचे आज हर एक लड़की बोल पा रही है मैं खुद बोल पा रही हूं इस चीज को देखिए ना हर कोई आज फ्रीडम पा रहा है और कुछ सीखना है और शेयर कर रहा है यह चीज अगर आप समझ पा रहे हैं तो बहुत अच्छा नहीं समझ पा रहे तो आपके लिए पुराना जमाना ही ठीक रहेगा कि बहुत जगह ऐसी प्रथा आज भी है जहां लड़कियों को कुछ करने की आजादी नहीं है आप उस जमाने में जा सकते हैं ठीक है
Savaal bahut bada is taim isaka aansar doongee puraane jamaane ke log isalie achchha kahate hain kyonki us samay teknolojee nahin thee aur ek baar shaadee kar dete the to maayake dekhane jaana ke aane kee koee sambhaavana nahin hotee thee kaheen aisee jagah mein dahej pratha ke naam se jala bhee diya jaata tha unake maata pita ko pata bhee nahin chalata tha ab pata bhee nahin chalata tha kaaran yahee hai ki pahale se unhonne bata diya tha ki idhar mudakar dekhana nahin hai to vahaan kya ho jaata hai ki sirph aur sirph maata-pita kee manamarjee chalatee thee aur unakee shaadee kara dee jaatee thee ek betee kee isalie jo puraane jamaane ko itana achchha kahate hai par aaj ke jamaane mein kuchh galat nahin hai bas aapako galat dikhaaya ja raha hai aur us cheej ko aap ab job kar rahe hain agar aap boleevud bhee dekh rahe hain jaam aaj bhee dekhana hai to yah sab aapake maind mein kachara bhar raha hai aur dheere-dheere aap us cheej ko dekh rahe hain sun rahe hain samajh rahe hain us cheej ko pholo kar rahe hain to galat yahaan aap hai na jee aapako sahee cheej ke lie milee hai par yahaan aap galat cheej to khud hee aa jao kar rahe hain agar vah cheej banaakar paisa kama rahe hain aapako dekhane kee kya jaroorat hai is cheej ko apane maind mein khud ko sabakonshiyas maind rahata hai vah hamesha rikording usakee on hotee hai jaise ki agar aap kabhee bhee baat karenge to achaanak aapake haath munh karane lagate to matalab aapaka sabakonshiyas maind rikaard hai arthaat rikording usakee chal rahee hai theek hai ek kee rikording hotee rahatee hai vaise hee agar aap kachara bharenge to kachara hee sheyar karenge isalie in cheejon ko dekhana band karake apane oopar dhyaan dena shuroo karen to aapako yah jamaana sabase achchha lagega kyonki yahaan aapako samajh mein aa raha hai aap har ek jagah se jude pa rahe hain harek logon se judakar sahee cheejon ko set kar pa rahe hain puraane jamaane mein to yah saaree cheejen nahin thee vah to bahut jyaada atyaachaar hua karate the theek hai ek ladakee kee shaadee bhee ho gaee agar usaka usaka hasbaind khatm ho gaya to usako to chita mein baitha diya jaata tha too kya aapako yah jamaana sahee na karen puraana jamaana bilkul bhee sahee nahin tha lekin sab apanee apanee jagah sahee tha vah kaise ki dheere-dheere karake yahaan tak pahunche aaj har ek ladakee bol pa rahee hai main khud bol pa rahee hoon is cheej ko dekhie na har koee aaj phreedam pa raha hai aur kuchh seekhana hai aur sheyar kar raha hai yah cheej agar aap samajh pa rahe hain to bahut achchha nahin samajh pa rahe to aapake lie puraana jamaana hee theek rahega ki bahut jagah aisee pratha aaj bhee hai jahaan ladakiyon ko kuchh karane kee aajaadee nahin hai aap us jamaane mein ja sakate hain theek hai

KAUSHAL KUMAR SINGH Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए KAUSHAL जी का जवाब
Gmind institute
1:38
देखिए जो मानव का जीवन है उसमें नित्य प्रतिदिन जो है नए नए अविष्कार नए नए शोध नई नई टेक्नोलॉजी डेवलप हो रही है और जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते जाते हैं वैसे वैसे हम अपनी पुरानी विचारधारा संस्कृति को छोड़कर चले जा रहे हैं और आप चाहे तमाम चीजों को देख ले चाय हम अपने त्यौहारों को देख ले अपनी संस्कृति के तमाम मान्यताओं को देख ले तो धीरे-धीरे हम सब कहीं ना कहीं उसको कम करते जा रहे हैं यही कारण होता है कि जो आपको सुख और शांति मिलती है पैसे से कभी यह चीजें नहीं मिलती है तो वह पुराने आज जैसे-जैसे चीजें होती जाती है वैसे वैसे हमें लगता है कि वह टाइम ज्यादा अच्छा था उस टाइम में सुकून था और एक तरह का जीवन जीने की एक अलग लालसा थी लेकिन जैसे-जैसे भौतिकवादी दुनिया में आप आगे बढ़ते चले जाते हैं वहां वहां पर क्या है अपने लिए आपके लिए समय बहुत कम हो जाता है तो यही कारण है कि जो पुरानी चीजें होती है मान्यताएं होती है पुराने जो सिस्टम थे कहीं न कहीं जब एक समय के बाद वही अच्छे लग जाते हैं और पुरानी चीजों से ही हमें हमेशा सीख भी मिलती है कि हमें जो गलतियां की थी वो शायद आगे ना हो हालांकि अब जिस तरह से चीजें आगे बहुत तेजी से बढ़ रही है वह जनरेशन गैप को दिखाता है तो आज के लोग हैं अभी 20 साल बाद तो रात को ही बेहतर कहेंगे तो यह प्रकृति का नियम है और यही कारण है कि जो हमारे पुराने लोग हैं वह पुराने जमाने की चीजों को ही लाइक करते क्योंकि वह उसी जमाने में गुरु किए हैं
Dekhie jo maanav ka jeevan hai usamen nity pratidin jo hai nae nae avishkaar nae nae shodh naee naee teknolojee devalap ho rahee hai aur jaise-jaise ham aage badhate jaate hain vaise vaise ham apanee puraanee vichaaradhaara sanskrti ko chhodakar chale ja rahe hain aur aap chaahe tamaam cheejon ko dekh le chaay ham apane tyauhaaron ko dekh le apanee sanskrti ke tamaam maanyataon ko dekh le to dheere-dheere ham sab kaheen na kaheen usako kam karate ja rahe hain yahee kaaran hota hai ki jo aapako sukh aur shaanti milatee hai paise se kabhee yah cheejen nahin milatee hai to vah puraane aaj jaise-jaise cheejen hotee jaatee hai vaise vaise hamen lagata hai ki vah taim jyaada achchha tha us taim mein sukoon tha aur ek tarah ka jeevan jeene kee ek alag laalasa thee lekin jaise-jaise bhautikavaadee duniya mein aap aage badhate chale jaate hain vahaan vahaan par kya hai apane lie aapake lie samay bahut kam ho jaata hai to yahee kaaran hai ki jo puraanee cheejen hotee hai maanyataen hotee hai puraane jo sistam the kaheen na kaheen jab ek samay ke baad vahee achchhe lag jaate hain aur puraanee cheejon se hee hamen hamesha seekh bhee milatee hai ki hamen jo galatiyaan kee thee vo shaayad aage na ho haalaanki ab jis tarah se cheejen aage bahut tejee se badh rahee hai vah janareshan gaip ko dikhaata hai to aaj ke log hain abhee 20 saal baad to raat ko hee behatar kahenge to yah prakrti ka niyam hai aur yahee kaaran hai ki jo hamaare puraane log hain vah puraane jamaane kee cheejon ko hee laik karate kyonki vah usee jamaane mein guru kie hain

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
1:18
जी आप ने सवाल पूछा कि वर्तमान की वजह पुराने जमाने को क्यों याद करते हैं और पुराने जमाने को अच्छा ही बताते हैं इसके पीछे का कारण क्या हो सकते हैं तो इसके कारण यह हो सकता है कि पुराने जमाने में लोग पैसो के पीछे इतने नहीं भाग चलते लोगों एक दूसरे की इज्जत करते थे और अगर किसी को मदद की जरूरत होती है तो वह नहीं शिकवा नहीं सब कुछ आ जाते थे अगर वर्तमान में देखा जाए तो किसी को अगर पैसे या किसी और की जरूरत होती है तो वह पहले पैसे पैसे देने हैं तो ब्याज पर पैसे देते हैं अगर पहले पुराने जमाने में ऐसा नहीं था अगर किसी को पैसे की जरूरत है तो वहीं के सॉफ्टवेयर दे सकते थे उसे आराम से वापिस देने पड़ते थे अभी ब्याज देते हैं पहले सुनीता पुराने जमाने में लोग एक साथ मिलकर रहते थे यानी कि संयुक्त परिवार होता था पर वर्तमान में ऐसा कुछ नहीं है इसलिए मेरे ख्याल से जो भी है लोग हैं पुराने जमाने की बातें बहुत अच्छे मानते हैं
Jee aap ne savaal poochha ki vartamaan kee vajah puraane jamaane ko kyon yaad karate hain aur puraane jamaane ko achchha hee bataate hain isake peechhe ka kaaran kya ho sakate hain to isake kaaran yah ho sakata hai ki puraane jamaane mein log paiso ke peechhe itane nahin bhaag chalate logon ek doosare kee ijjat karate the aur agar kisee ko madad kee jaroorat hotee hai to vah nahin shikava nahin sab kuchh aa jaate the agar vartamaan mein dekha jae to kisee ko agar paise ya kisee aur kee jaroorat hotee hai to vah pahale paise paise dene hain to byaaj par paise dete hain agar pahale puraane jamaane mein aisa nahin tha agar kisee ko paise kee jaroorat hai to vaheen ke sophtaveyar de sakate the use aaraam se vaapis dene padate the abhee byaaj dete hain pahale suneeta puraane jamaane mein log ek saath milakar rahate the yaanee ki sanyukt parivaar hota tha par vartamaan mein aisa kuchh nahin hai isalie mere khyaal se jo bhee hai log hain puraane jamaane kee baaten bahut achchhe maanate hain

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:52
कपास ने वर्तमान की वजह लोग पुराने जमाने को क्यों पसंद करते हैं और पुराने जमाने को अच्छा भी बताते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं तो आपको बता दें कि पुराने जमाने में मैं खुद महसूस करता हूं कि व्यक्तियों के जीवन में सुकून था लोग भले ही कम पैसा कमा रहे थे लेकिन खुश थे अपने और अपने परिवार अपने आस-पड़ोस सभी के लिए वक्त निकाल पाते थे आज के डेट में इस तरह की परिवेश में हम लोग रहते हैं कि ना तो अपने लिए समय निकाल पाते हैं ना अपने परिवार के लिए और समाज के लिए तो बात ही ना करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा तो ऐसे में व्यक्ति जब कंपेयर करता है तो खुद ही कहता है कि पुराना समय ज्यादा अच्छा था पर आज के समय में आपकी क्या राय इस बारे में अपनी राय शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Kapaas ne vartamaan kee vajah log puraane jamaane ko kyon pasand karate hain aur puraane jamaane ko achchha bhee bataate hain isake peechhe kya kaaran ho sakate hain to aapako bata den ki puraane jamaane mein main khud mahasoos karata hoon ki vyaktiyon ke jeevan mein sukoon tha log bhale hee kam paisa kama rahe the lekin khush the apane aur apane parivaar apane aas-pados sabhee ke lie vakt nikaal paate the aaj ke det mein is tarah kee parivesh mein ham log rahate hain ki na to apane lie samay nikaal paate hain na apane parivaar ke lie aur samaaj ke lie to baat hee na karen to jyaada achchha rahega to aise mein vyakti jab kampeyar karata hai to khud hee kahata hai ki puraana samay jyaada achchha tha par aaj ke samay mein aapakee kya raay is baare mein apanee raay shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

nav kishor aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए nav जी का जवाब
Service
1:32
नमस्कार प्रश्न किया गया कि वर्तमान की वजह लोग पुराने जमाने को क्यों याद करते हैं और पुराने जमाने को अच्छा भी बताते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं आजकल वाक्य में लोग जो है पुराने जमाने की बात करते हैं और कहते भी हैं कि यार पुराना जमाना तो बहुत अच्छा था और वाक्य में ऐसा था अभी क्योंकि डे के सबसे बड़ी बात तो पुराने जमाने में क्या था कि यह तो बेरोजगारी नहीं थी गरीबी नहीं थी और मतलब इतना ज्यादा स्वार्थी पर नहीं था समाज एक साथ था लोग आपस में मिल जुल कर रहते थे संयुक्त परिवार हुआ करते थे और कोई फल गाड़ी नहीं थी कोई अश्लीलता नहीं थी आजकल जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आती जा रही है वैसे-वैसे फायदे तो हो रहे हैं लेकिन नुकसान भी साथ-साथ हो रहे हैं और मैं समझता हूं कि फायदा कम होता होगा नुकसान ज्यादा हो रहा है और दूसरी चीज है कि आजकल लोग जो है घमंडी होते जा रहे हैं और स्वार्थी होते जा रहे हैं लालची होते जा रहे हैं संयुक्त परिवार प्रथा खत्म होती जा रही है भाई भाई साला गोरा है माता पिता और संतान से अलग हो रहे हैं और काफी सारी चीज है बेरोजगारी आप देख ही रहे हैं महंगाई बढ़ गई है पुराने जमाने में हमारे दादा जी ₹10 में पूरा थे ना भर के महीना भर का राशन ले आते थे आज आप ₹10000 लेकर के चले जाएं तो शायद वह भी कम पड़ जाए तो इस हिसाब से वाक्य में सही बात है कि पुराना जमाना हम लोग याद करते हैं और पुराने जमाने में हम लोग कहते भी है क्या अभी पुराना जमाना अच्छा था आज कल का जमाना बेकार है उम्मीद करता हूं जवाब अच्छा लगेगा धन्यवाद
Namaskaar prashn kiya gaya ki vartamaan kee vajah log puraane jamaane ko kyon yaad karate hain aur puraane jamaane ko achchha bhee bataate hain isake peechhe kya kaaran ho sakate hain aajakal vaaky mein log jo hai puraane jamaane kee baat karate hain aur kahate bhee hain ki yaar puraana jamaana to bahut achchha tha aur vaaky mein aisa tha abhee kyonki de ke sabase badee baat to puraane jamaane mein kya tha ki yah to berojagaaree nahin thee gareebee nahin thee aur matalab itana jyaada svaarthee par nahin tha samaaj ek saath tha log aapas mein mil jul kar rahate the sanyukt parivaar hua karate the aur koee phal gaadee nahin thee koee ashleelata nahin thee aajakal jaise-jaise teknolojee aatee ja rahee hai vaise-vaise phaayade to ho rahe hain lekin nukasaan bhee saath-saath ho rahe hain aur main samajhata hoon ki phaayada kam hota hoga nukasaan jyaada ho raha hai aur doosaree cheej hai ki aajakal log jo hai ghamandee hote ja rahe hain aur svaarthee hote ja rahe hain laalachee hote ja rahe hain sanyukt parivaar pratha khatm hotee ja rahee hai bhaee bhaee saala gora hai maata pita aur santaan se alag ho rahe hain aur kaaphee saaree cheej hai berojagaaree aap dekh hee rahe hain mahangaee badh gaee hai puraane jamaane mein hamaare daada jee ₹10 mein poora the na bhar ke maheena bhar ka raashan le aate the aaj aap ₹10000 lekar ke chale jaen to shaayad vah bhee kam pad jae to is hisaab se vaaky mein sahee baat hai ki puraana jamaana ham log yaad karate hain aur puraane jamaane mein ham log kahate bhee hai kya abhee puraana jamaana achchha tha aaj kal ka jamaana bekaar hai ummeed karata hoon javaab achchha lagega dhanyavaad

ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
1:55
हाल पूछा गया है वर्तमान की अपेक्षा लोग पुराने जमाने को याद करते हैं पुराने जमाने को अच्छा व्यक्ति इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं तो देखिए आप पुराने जमाने में जो लोग थे वह उनको पैसों का इतना लोग नहीं था उसे इतना कमाना चाहते थे कि जिससे उनका जीवन आसानी से चल सके और कभी भी पैसों के लिए अपने परिवार को छोड़कर जाना उनकी प्राथमिकता नहीं रही है मतलब अगर कोई मजबूरी ना हो तो लोग सब साथ में मिलकर एक ही जगह पर कुछ न कुछ काम करते थे और अब आएगा संयुक्त परिवार के रूप में रहते थे इनकी जो है भावना ही ऐसी थी कि इनको अपनों से दूर होकर तकलीफ होती थी लेकिन आज का समय से की कोई साथ में नहीं रहना चाहते तो अपनी सेपरेट फैमिली चाहते हैं सिर्फ एक चीज से मतलब है क्या पैसा दो रिश्तो की कद्र है वह लोगों में धीरे-धीरे खत्म होती यह चीज लोगों को फुल मूवी रही है पर लोग उसको ठीक नहीं करना चाहते क्या हम क्यों अकेले थे इस करें परदेसी किसी न किसी को शुरुआत करनी पड़ेगी अगर आप करेंगे तो आपको देख कर कोई और सीखेगा और धीरे-धीरे असल में हम उसी स्थिति में शायद पहुंच जाए जहां से हम बाहर आए हैं और जिसको हम गांव में रहने वाले गवार कहते थे पर असल में वही जो संयुक्त परिवार है वही जो गांव का माहौल है वह चीज में हम वापस चले आए क्योंकि असल में आपने देखा होगा जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ते जा रहे लोगों में अवसाद और तनाव की स्थिति में बढ़ती जा रही है जबकि गांव में आज भी किसी को तनाव होते हुए आपने नहीं देखा होगा उनके लिए उनको यह बीमारी इस तरीके चीजों के मानसिक स्थिति के बारे में उनको कोई नॉलेज ही नहीं है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Haal poochha gaya hai vartamaan kee apeksha log puraane jamaane ko yaad karate hain puraane jamaane ko achchha vyakti isake peechhe kya kaaran ho sakate hain to dekhie aap puraane jamaane mein jo log the vah unako paison ka itana log nahin tha use itana kamaana chaahate the ki jisase unaka jeevan aasaanee se chal sake aur kabhee bhee paison ke lie apane parivaar ko chhodakar jaana unakee praathamikata nahin rahee hai matalab agar koee majabooree na ho to log sab saath mein milakar ek hee jagah par kuchh na kuchh kaam karate the aur ab aaega sanyukt parivaar ke roop mein rahate the inakee jo hai bhaavana hee aisee thee ki inako apanon se door hokar takaleeph hotee thee lekin aaj ka samay se kee koee saath mein nahin rahana chaahate to apanee separet phaimilee chaahate hain sirph ek cheej se matalab hai kya paisa do rishto kee kadr hai vah logon mein dheere-dheere khatm hotee yah cheej logon ko phul moovee rahee hai par log usako theek nahin karana chaahate kya ham kyon akele the is karen paradesee kisee na kisee ko shuruaat karanee padegee agar aap karenge to aapako dekh kar koee aur seekhega aur dheere-dheere asal mein ham usee sthiti mein shaayad pahunch jae jahaan se ham baahar aae hain aur jisako ham gaanv mein rahane vaale gavaar kahate the par asal mein vahee jo sanyukt parivaar hai vahee jo gaanv ka maahaul hai vah cheej mein ham vaapas chale aae kyonki asal mein aapane dekha hoga jaise-jaise shahareekaran badhate ja rahe logon mein avasaad aur tanaav kee sthiti mein badhatee ja rahee hai jabaki gaanv mein aaj bhee kisee ko tanaav hote hue aapane nahin dekha hoga unake lie unako yah beemaaree is tareeke cheejon ke maanasik sthiti ke baare mein unako koee nolej hee nahin hai ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

Deepak Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Deepak जी का जवाब
संस्कृतप्रचारक, संस्कृतभारती जयपुरमहानगर प्रचारप्रमुख और सन्देशप्रमुख
2:14
नमस्कार मित्र आप ने प्रश्न किया है वर्तमान की जगह लोग पुराने जमाने को क्यों याद करते हैं और पुराने जमाने को अच्छा भी बताते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं देखिए मित्र वर्तमान समय में और पुराने समय में बहुत अंतर है बहुत ज्यादा अगर आपको मालिया आज आपके घर में अगर कोई बड़े बुजुर्ग है तो आप उनसे पूछेगा कि पुराने समय में लोग समय व्यतीत करने के लिए क्या करते थे मान लीजिए आप जैसे रविवार है तो जो पहले के लोग थे वह क्या करते थे तो आपको जवाब मिलेगा कि पहले सभी एक जगह बैठकर बातचीत करते थे कोई कहां घूमने जा रहा है सभी ऐसे घर की महिलाएं जो है कनकेश्वर घर पर समय काम होता नहीं था तो बैठकर बातें करती थी पूरा परिवार एक जगह होता था यह सब खास बातें पहले के जमाने की थी वर्तमान में आपको पता हो परिवार में अगर 5 लोग हैं और संडे है तो आ जाओ के पांचो अलग-अलग जगह बैठकर के मोबाइल चला रहे हैं कोई किससे बात कर रहा है कोई का नाम किससे करें मतलब सभी एक जगह नहीं रहते हैं यही कारण है इसीलिए पुराना जमाना जो है मतलब पहले का समय बहुत ही बढ़िया था पहले इतनी ज्यादा चीजें भी नहीं दी इतना प्रदूषण भी नहीं था और पहले के समय में आस-पड़ोस के लोगों की भी आपस में बातचीत होती थी एक जगह बैठ कर बातें करते थे आजकल पड़ोसी को पड़ोसी से मतलब नहीं है कि मेरे पड़ोस के व्यक्ति के अगर कुछ हो भी जाए तो किसी को पता भी नहीं चलता यह सब चीजें बहुत बदल गई है इसीलिए पुराना जमाना जो कहते हैं कि बहुत बढ़िया है धन्यवाद
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Hitesh jain Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Hitesh जी का जवाब
Blogger- Content Writer
2:59
आज का सवाल बहुत ही अच्छा है मैं थोड़ा फास्ट देना चाहूंगा क्योंकि मेरे पास 3 मिनट ही है पता नहीं बोल कर एक मुझे 3 मिनट से ज्यादा दे ही नहीं रहा है जब स्टार्टिंग में मैं आया तो मुझे काफी अच्छा टाइम दे रहा था तो आज का सवाल है कि वर्तमान की वजह लोग पुराने को क्यों याद करते हैं और पुराने जमाने को अच्छा भी बताते हैं इसके पीछे क्या कारण है तो देखिए सबसे बड़ा कारण है इस ड्रेस को डिप्रेशन और काम का तनाव तो आज के जमाने में बहुत ज्यादा है जो पहले नहीं था हालांकि पहले था लेकिन इतना नहीं था कि कि जिस गति से जिस स्पीड से दुनिया भाग रही है उसे स्पीड से कुछ लोग कुछ लोग नहीं मैं कहना चाहूंगा कि 10% होगी उसी स्पीड को पकड़ते चल पाते बाकी 90% लोग कहीं ना कहीं अटक जाते हैं या गिर जाते हैं और फिर उन्हें तनाव हो जाता है डिप्रेशन हो जाता है और पहले के लोगों में ऐसा था कि इतनी फैसिलिटी की जरूरत नहीं थी लेकिन आज के समय में क्या हम फैसिलिटी उसे गिरे हुए आधुनिक युग में आज हम बिना मोबाइल के रह नहीं सकते बताइए अगर आप से कोई कह दे कि आप बिना मोबाइल के 1 दिन भी निकाल कर देखे तो एक दिन भी नहीं निकाल सकते एक महीना 1 साल तो दूर की बात है लेकिन पहले जब मोबाइल नहीं हुआ करता था तो लोग आपस में बातचीत करते थे आपस में अपना नॉलेज शेयर करते थे और पहले के लोगों में प्यार भी था लोग एक दूसरे से कनेक्टेड ज्यादा रहते थे और कनेक्शन तो आज भी है लेकिन कैसा है कि वह ऑनलाइन वाला कनेक्शन है उसमें बहुत धोखा धड़ी है उसमें कोई ट्रू लव नहीं कोई सच्चा प्यार नहीं लोगों से प्रेम नहीं है उसमें से धोखाधड़ी होती है लोग एक दूसरे को बचाने का सोचते हैं कि लाइक फेसबुक के भेजे थे आप देख रहे हैं कि बहुत लोग धोखा धड़ी कर लेते या सोशल मीडिया कोई भी चीज मानकर चलें या फिर आज के जमाने में क्या कि इतना तनाव बढ़ गया है कि लोग पैसे के लिए कुछ भी कर रहे हैं एक दूसरे को मारने तक पर भी आ जाते हैं इतना स्ट्रेस हो इतना तनाव बढ़ गया है बेरोजगारी बढ़ गई है तो पहले इतनी बेरोजगारी नहीं थी पहले लोग प्रेम से रहते थे वह जितना मिलता था उतने में खुश रहते थे लेकिन आज के समय में जितना मिलता है उतना भी कम है लोग और आगे बढ़ने की सोचते हैं कि भाई मैं इससे आगे बढ़ो और यही आगे बढ़ने की चाह उनको गलत काम करवा देती है कभी-कभी तो उससे वो और ज्यादा डिप्रेशन तनाव में आ जाते हैं तो वैसे एक कारण ही हजारों कारण नेचर टेक्नोलॉजी वॉइस ले लो चाय आधुनिक युग जो बदल रावत तेरी सोच से ले लो जब तक हम खुद में इंप्रूवमेंट नहीं करेंगे हम सामने वाले से इंप्रूवमेंट की आशा ही नहीं रख सकते हैं तो बस यह कि अपने एक्सपेक्टेशन को इतना हाई मत कीजिए कि वह आपको डिप्रेशन होता नाम में डाल दें और पुराने वक्त को भी इतना याद मत कीजिए कि आपको तनाव हो जाए तो जो जिस समय जो है वह समय हमारे लिए अच्छा है सही समझे पहले का युग भी अच्छा था आज का युग भी अच्छा है तो अपने समय के अनुसार चली है जो समय के अनुसार चलता है समय के साथ चलता है वही जीता वही सिकंदर है मेरी नजर में तो बची है कि पहले भी जमाना अच्छा था आज भी जमाना अच्छा है बस यह है कि तनाव बढ़ गया है काम का प्रेशर बढ़ गया है लोगों में पेशेंट नहीं है इसलिए सब 3:00 बजे हैं तो थैंक यू धन्यवाद प्लीज लाइक शेयर सब्सक्राइब कीजिए आई होप यू लाइक दिस ऑडियो
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