#जीवन शैली

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?

Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
nav kishor aggarwal Bolkar App
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0:59
सर आपका प्रश्न है कि इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है लेकिन तो जगजाहिर बात है कि इंसान खाली हाथ आया था खाली हाथ ही जाएगा लेकिन यह सच बात है कि दुनिया आजकल पैसे के पीछे भाग रही है लोग भागते हैं पैसे के पीछे तो पैसे के पीछे भागते हैं कि जितना जीवन जीना है वह सुख पूर्वक जगह अपने सारे शौक पूरे करने हैं अच्छा विलास पूर्ण जीवन व्यतीत करें खूब मतलब अपने बच्चों के लिए खूब पैसा कमाया था कि ठीक है व्यक्ति चला जाएगा लेकिन उसके बच्चे पीछे रह जाएंगे कौन बच्चों के लिए वह कुछ करके जाना चाहता है वह चाहता है कि मेरे बच्चे जो हैं अच्छा जीवन जिए अच्छा उनके सब कुछ मतलब उनको सुख सुविधाएं मिलें तो इसलिए आजकल दुनिया पैसे के पीछे भागती है हर कोई आदमी का हाल है कि सबको पता है कि 1 दिन हमें जाना है और वह भी खाली हाथ ही जाना है लेकिन वह चाहते हैं कि इतना पैसा कमा लें कि हम आराम से अपना बढ़िया जीवन व्यतीत करें हमारे बच्चे भी अपना सुख से रहे हमारा परिवार अच्छा है इसलिए आजकल दुनिया पैसे के पीछे भाग रही है धन्यवाद
Sar aapaka prashn hai ki insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath hee jaana hai lekin to jagajaahir baat hai ki insaan khaalee haath aaya tha khaalee haath hee jaega lekin yah sach baat hai ki duniya aajakal paise ke peechhe bhaag rahee hai log bhaagate hain paise ke peechhe to paise ke peechhe bhaagate hain ki jitana jeevan jeena hai vah sukh poorvak jagah apane saare shauk poore karane hain achchha vilaas poorn jeevan vyateet karen khoob matalab apane bachchon ke lie khoob paisa kamaaya tha ki theek hai vyakti chala jaega lekin usake bachche peechhe rah jaenge kaun bachchon ke lie vah kuchh karake jaana chaahata hai vah chaahata hai ki mere bachche jo hain achchha jeevan jie achchha unake sab kuchh matalab unako sukh suvidhaen milen to isalie aajakal duniya paise ke peechhe bhaagatee hai har koee aadamee ka haal hai ki sabako pata hai ki 1 din hamen jaana hai aur vah bhee khaalee haath hee jaana hai lekin vah chaahate hain ki itana paisa kama len ki ham aaraam se apana badhiya jeevan vyateet karen hamaare bachche bhee apana sukh se rahe hamaara parivaar achchha hai isalie aajakal duniya paise ke peechhe bhaag rahee hai dhanyavaad

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
Md Mahmud Alam Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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स्टूडेंट विद्यार्थी
0:49
आज का सवाल इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है यह बात सही बात है कि इंसान को धरती से जाएगा तो ख्वाब जैसे बादशाह बड़े-बड़े जो जहांगीर जैसे बादशाह खाली हाथ आया खाली हाथ गया इंसान के अंदर एक प्रकार का लालच है जिसको और असंतोष करते हैं अंदर रम लाला सी रहती है अगर ₹5 कमाया तो उसे लगता है कि ₹10 का मकान तो लगे ₹20 कम है उसके अंदर था कहा जाता है कि पैसा भी एक ऐसी चीज है जो भगवान से बड़ा नहीं तो भगवान से छोटा भी नहीं ठीक है पैसे को आपने और सकते हैं ना खा सकते हैं ना पी सकते हैं फिर भी पैसे क्यों नहीं दे सकते इसलिए इंसान पैसे के पीछे ज्यादातर भागता है धन्यवाद
Aaj ka savaal insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath hee jaana hai yah baat sahee baat hai ki insaan ko dharatee se jaega to khvaab jaise baadashaah bade-bade jo jahaangeer jaise baadashaah khaalee haath aaya khaalee haath gaya insaan ke andar ek prakaar ka laalach hai jisako aur asantosh karate hain andar ram laala see rahatee hai agar ₹5 kamaaya to use lagata hai ki ₹10 ka makaan to lage ₹20 kam hai usake andar tha kaha jaata hai ki paisa bhee ek aisee cheej hai jo bhagavaan se bada nahin to bhagavaan se chhota bhee nahin theek hai paise ko aapane aur sakate hain na kha sakate hain na pee sakate hain phir bhee paise kyon nahin de sakate isalie insaan paise ke peechhe jyaadaatar bhaagata hai dhanyavaad

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
Nidhi Singh Bolkar App
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Unknown
6:53
ऐसी क्या अपने पोस्ट में क्या एक इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना अच्छा क्वेश्चन किया आपने देखी एक इंसान को कोई भी अगर काम करना है रोटी का मतलब पूछ बेसिक नेसेसिटी कंप्लीट करनी है तो वह कैसे सही होगी और आज की लाइफ देखोगे तो इतनी ज्यादा कम कंपटीशन वाली है कि मतलब उसका है तो मेरे पास क्यों नहीं अगर वह मतलब लोग दूसरों को देख कर बहुत ज्यादा परेशान है अपने से कम लेकिन दूसरों से ज्यादा परेशान है तो यह एक बात है कि लोग इतना पैसे के पीछे भागते हैं और दूसरों से ज्यादा कंपटीशन रहता है तो यह कि मेरे को उस को नीचा दिखाना उससे मेरे को ज्यादा करना है और मेरी यह की इज्जत है तो यह एक कारण है और एक कारण यह है कि अगर पैसा रहेगा तो फिर इज्जत बन जाएगी सोसाइटी में कुछ एक अलग अलग प्रेस्टीज रहेगा फिर पैसा रहेगा तो मेरे पास बहुत सारे लोग आएंगे पैसा रहेगा तो मेरे बहुत सारे दोस्त बन जाएंगे कैसा रहेगा तो मैं सब कुछ कर सकूंगा पैसा रहेगा तो मैं मतलब लाइफ में कुछ भी अजीब कर सकता हूं यह साला सीजन है कि लोग पैसे के पीछे इतना भागते हैं और जैसे कि आपने क्वेश्चन किया है जबकि उसे खाली हाथी जाना है यह तो मतलब देखिए जो हमारी जब हम दुनिया में आते हैं और हम जब माया से बदले लगते हैं क्योंकि हमें पैसा पैसा करते रहते हैं लेकिन सबको पता है कि जो इंसान का कर्म पैसा हर खुशी नहीं दे सकती इंसान को क्योंकि अगर आप देखोगे नोटिस भी करोगी अगर एक इंसान है गरीब है एकदम सड़क पर आ रहा लेकिन वो खुश है और किसी के पास बहुत ज्यादा पैसा है लेकिन वह खुशी नहीं है तो यह चीज है यह वाली चीज मतलब इंसान तो मतलब पैसा नहीं है लेकिन उसके पास खुशी है और कोई ऐसा इंसान है जिसके पास पैसा लेकिन खुशी नहीं है तो यह सब डिफरेंस हो जाते हैं क्या कर रहे थे कि इंसान को अगर थोड़ा बहुत तो अगर वह कंट्री बूट करता है किसी को जैसे कि कोई इंसान होता है कि उसे अलग-अलग चीजों में खुशियां मिलती हैं तो क्या करता है कि मतलब उसमें बहुत सारे लोगों को उस में जिसको पैसा भी होता है उसको थका ठगी किया जाता है लोग भगवान के नाम पर ठगने रहते हैं उसे जैसे कि बहुत सारे ढोंगी बाबा पैदा हो जाते हैं और यह कैसे मुर्ख बनाकर पैसा जीते हैं लोग तुम भी यह नहीं किया तो यह हो जाएगा फिर आपने पैसा नहीं किया इतने का दाम नहीं किया तो फ्यूचर में एक्सीडेंट होने वाला है बिजी होने वाला है तो यह सब करके बोलो थकते हैं तो क्या होना चाहिए कि उस इंसान का कर्म सही होना चाहिए क्योंकि अगर उसका जो कर्म सही है तो वह कहते हैं कि वह बहुत ज्यादा खुश रहेगा और उसको मतलब कहते हैं ना कि जैसा अन्न वैसा मन तो वह अगर अच्छे मन से कमाया है अपनी मेहनत से कमाए उसका जो वह उससे अंक आएगा तो वह अंजू है उसका जैसा मतलब जैसे कर्म करके कमाया है उसका जो शरीर है वह वैसा ही होगा अगर उसने बेईमानी करके मतलब काम आया है धन को कितना भी पैसा मतलब कमा ले अगर उससे जो वह खाएगा तो वह ऐसा होगा कि वह बीमार ही रहेगा और फिर उसे मतलब बहुत सारा पैसा डॉक्टर को देना पड़ेगा मानो या ना मानो यह लाइफ में होता है और हकीकत है आप कभी भी नोटिस भी कर सकते हो तो फिर क्या होता है कि उसे लिए हमारा जो कर्म है उसको अपना सही रखना चाहिए और जो भी पैसा हम काम आते हैं वह अपने मतलब अच्छे कर्म से ही काम आना चाहिए क्योंकि अगर आप अच्छे कर्म से कम आएंगे तो उससे हम जो रोटी खाएंगे में बहुत ज्यादा सेटिस्फेक्शन मिलेगा और और जो हमारा मतलब चाहते हैं ना कि और वैसा हमारा मन हो जाएगा अगर हम दूसरों के बारे में अच्छा सोचेंगे या फिर कुछ नहीं कर सकते तो प्लीज अच्छा तो सोच सकते हैं वह करेंगे तो हमारे जो कर्म है वह सही होगा और जब हमारा कर्म सही रहेगा तो जो भगवान के मतलब ऊपर कर देना एक रजिस्टर रखा है सब का बैलेंस शीट बनाकर रखे रखे रहते हैं तो जरूर कॉल करेंगे तो फिर वह सही रहेगा तो फिर हमें लाइफ में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी और फिर यह जो लाइफ पार्टनर ले उससे मैं भी मुक्ति मिल जाए क्योंकि इंसान का जो लाइफ मिलता है तो बहुत मतलब चाहते हैं कितने दिनों के बाद एक इंसान की लाइफ से मिलती है तो हमें अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए भी जीना चाहिए और पैसा एक बड़ी चीज नहीं है पैसा कोई कितना भी कमा सकता है रही बात थोड़ा बहुत सेटिस्फेक्शन रखना चाहिए अपने अनुपयोगी लाइफ में इंसान सेटिस्फाई है तो वह कुछ मतलब खुश रहेगा कि और अनसेटिस्फाई है तो फिर वह कितना भी कमा ले तो दुखी रहे मेरा यह कहना है कि अगर कोई इंसान पैसा कमाता है तो पैसे के पीछे इतना नहीं भागना चाहिए मतलब का मारा है तो ठीक है उतनी उसको तो क्वालिटी डिवेलप करनी पड़ेगी जिन लोगों को पैसा कमाना और वह पैसा और उन इंसानों में भी मतदान करेगा और इंसानों को भी हेल्प करें जिसको जरूरत है क्योंकि उसे इतना ज्यादा सेटिस्फेक्शन मिलेगा जो वह पैसा बैंक में मेरा कितना गुस्सा छुपाई नहीं हो पाएगा अपने आपको क्योंकि उसे खाली हाथ ही जाना है तो जब वह खाली हाथ जाएगा तो उसके साथ क्या रहेगा उसका उसका आशीर्वाद रहेगा उस इंसान का जिस्म का हेल्प किया है अगर किसी का कोई भी हेल्प करता है तो वह ना बोल कर भी उसको आशीर्वाद देता है तो वह आशीर्वाद जो है वह उसके साथ जाएगा तो हो वही उसका जो मतलब होता तो मैं क्यों करूं जब सही क्या कर्म सही रहेगा तो फिर तो मतलब जितनी भी लाइफ में प्रॉब्लम आने वाली भी रहती है तो फिर कोई किसी का आशीर्वाद लेता है तुम हो जो प्रॉब्लम आने वाली होती है तो वह धीरे थोड़ा बहुत कम हो जाती है लेकिन अगर कोई बद्दुआ किसी का ले लेता है किसी का पैसा छीन लेता है तो वह इंसान रोता है तो उसे बद्दुआ देता है जब वह बद्दुआ दे देगा तो क्या होगा कि वह लाइफ में कभी खुश नहीं रह पाएगा या फिर उसे शरीर से ही प्रॉब्लम रहेगा तो मेरा यही कहना है कि इंसान पैसे के पीछे नहीं भागना चाहिए क्योंकि इंसान पैसा कमा सकता है कैसे भी कमा सकता है तो उसे अच्छे कर्म से पैसा कमाना चाहिए और वह अपने अंदर इतनी क्वालिटी या डेवलप कर लेगा वह उतना पैसा कमा सकता है जितना उसको पैसा कमाना है उतना वह वाली थी अब लव कर लो वह आटोमेटिक उतना पैसा कमा लेगा लेकिन हां अगर वह किसी का हेल्प करता है तो जो उसको आशीर्वाद मिलता है तो वह वह वह कमा ले गया अगर वह लाइन में तो वह बहुत कुछ हासिल करना है क्यू
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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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student
0:52
गाने के बीच में खाली हाथ जाना है तो यह एक कटु सत्य है कि सभी को एक ना एक दिन मरना जरूर है पर तो हमारी जीने के लिए पैसे भी एक मैन फैक्ट हैं जिस तरह व्यक्ति के लिए कपड़ा रोटी मकान बेसिक डीएड होती है इसी प्रकार इन सभी चीजों को पाने के लिए पैसे की भी जरूरत होती है हमारे पास पैसा इतना होना चाहिए जिससे हम अपनी जरूरत पूरी कर सके इस से ज्यादा पैसा कमाने के नुकसान की तरफ ले जाती है और ध्यान रखें अंत में हम में जाना भगवान के पास ही है तो फिर से लाल लाल डीजे
Gaane ke beech mein khaalee haath jaana hai to yah ek katu saty hai ki sabhee ko ek na ek din marana jaroor hai par to hamaaree jeene ke lie paise bhee ek main phaikt hain jis tarah vyakti ke lie kapada rotee makaan besik deeed hotee hai isee prakaar in sabhee cheejon ko paane ke lie paise kee bhee jaroorat hotee hai hamaare paas paisa itana hona chaahie jisase ham apanee jaroorat pooree kar sake is se jyaada paisa kamaane ke nukasaan kee taraph le jaatee hai aur dhyaan rakhen ant mein ham mein jaana bhagavaan ke paas hee hai to phir se laal laal deeje

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:21
आपने इंसान पैसे के पीछे क्यों इतना भागता है जयपुर से खाली हाथ जाना है जब मनुष्य के पास असंतोष की भावना ज्यादा आ जाए बिरसालु चुनौती बन जाए दूसरों को देखकर उसके मन में उत्साह और वह दो ऐसी चीज कीमत उसके अंदर लाला का आ जाएगी मेरे पास भी बढ़िया गाड़ी होना चाहिए मैं भी हवाई जहाज पर यात्रा करो मैं भी अरबपति करोड़पति बन सकूं इसके लिए वह प्रयास करता है लेकिन आदमी को इतना प्रयास करना चाहिए कि साईं इतना दीजिए जामे कुटुम समाय मैं भी भूखा ना रहूं साधु न भूखा जाए परिवारी परिस्थितियों को देखते हुए आप बच्चों के शादी के लिए उनके पढ़ाई के लिए सब समय समय पर उपचार के लिए माता पिता की सेवा के लिए समाज की सेवा के लिए जितना धन की आवश्यकता है उतना कीजिए और लोगों अपनी मेहनत कीजिए कड़ी मेहनत दूर 10 पक्का इरादा हम साथ साथ के साथ जो लक्ष्य पूरा करेंगे उसमें आपको जरुर सफलता मिलेगी पैसे के पीछे भागने से हा हा हा हा करदे से उसे कोई फायदा नहीं है और थक जाएंगे आप जीवन मत हो जाएगा यही पड़ा रह जाएगा और आपके पैसे का दूसरा आनंद लेंगे इसलिए जो पैसा आप कमाई है उसका स्वयं आनंद लीजिए अपने बच्चों को बिल्कुल मतलब उनके भविष्य की चिंता कीजिए उनका शादी ब्याह की चिंता की जय माता पिता की सेवा कीजिए और ज्यादा पैसे के पीछे जो भागते हैं वह लोग ही कहलाते हैं और लोग जो है वह पाप का मूल होता है
Aapane insaan paise ke peechhe kyon itana bhaagata hai jayapur se khaalee haath jaana hai jab manushy ke paas asantosh kee bhaavana jyaada aa jae birasaalu chunautee ban jae doosaron ko dekhakar usake man mein utsaah aur vah do aisee cheej keemat usake andar laala ka aa jaegee mere paas bhee badhiya gaadee hona chaahie main bhee havaee jahaaj par yaatra karo main bhee arabapati karodapati ban sakoon isake lie vah prayaas karata hai lekin aadamee ko itana prayaas karana chaahie ki saeen itana deejie jaame kutum samaay main bhee bhookha na rahoon saadhu na bhookha jae parivaaree paristhitiyon ko dekhate hue aap bachchon ke shaadee ke lie unake padhaee ke lie sab samay samay par upachaar ke lie maata pita kee seva ke lie samaaj kee seva ke lie jitana dhan kee aavashyakata hai utana keejie aur logon apanee mehanat keejie kadee mehanat door 10 pakka iraada ham saath saath ke saath jo lakshy poora karenge usamen aapako jarur saphalata milegee paise ke peechhe bhaagane se ha ha ha ha karade se use koee phaayada nahin hai aur thak jaenge aap jeevan mat ho jaega yahee pada rah jaega aur aapake paise ka doosara aanand lenge isalie jo paisa aap kamaee hai usaka svayan aanand leejie apane bachchon ko bilkul matalab unake bhavishy kee chinta keejie unaka shaadee byaah kee chinta kee jay maata pita kee seva keejie aur jyaada paise ke peechhe jo bhaagate hain vah log hee kahalaate hain aur log jo hai vah paap ka mool hota hai

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
lalit Netam Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:58
आकाश वाले इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ जाना है इसका जवाब है पैसा भी जरूरी है मेरे दोस्त बिना पैसा के आप अपने जीवन यापन नहीं कर सकते हो पैसा भी उतने इंपॉर्टेंट है इतना भी जरूरी नहीं है वह मानता हूं कि मैं सोते भी जरूरी नहीं है खाली हाथ आया है खाली हाथ आए थे खाली हाथ आए अपन तो करना है ना ऐसो आराम तो करना है ना जिंदगी का लुफ्त उठाना है तो पैसा चाहिए कहीं बाहर घूमने जाना है तो पैसा चाहिए खाना अच्छा खाना है तो पैसा चाहिए तो पैसा भी इंपोर्टेंट है अब आप बोलो कि पैसा जरूरी नहीं है खाली हाथ जाना है तो खाली हाथ जाओगे लेकिन कर्म करो यार तू भी कर्म कर दो इंसान के साथ क्या क्या बात है बाबू अभी रात में हो रहा था जो भी करती है जो भी साथ में कहां जाता है लिटिल तो उसके साथ कुकर्म जाते हैं अभी रात में मौत हो जाती है पैसे कमाना है ना तो ईमानदारी से पैसा कमाओ पैसा बेईमानी से कमाने वाला पैसा झूठ लोभ मोह और चोरी की हवा का चाहिए सुख नहीं देता वित्त बीमा रीयल आता है और बर्बाद कर देता यार जिंदगी को तो ईमानदारी से पैसा कमा निक पैसा कमाना बुरी बात नहीं है पैसा कमाओ लेकिन ईमानदारी के साथ और अच्छे तरीके से इसमें किसी का बुरा ना हो ऐसा मैंने की पहचान तू आए कम दुआ है दुआ भी जरूरी है ठीक है मेरा पैसे के साथ दुआएं काम आओगे तो वह है अगले जन्म में आ जाएगी कि पैसे पुरी जाने वाली अगर आप जितने भी पैसे कमा रहे हो तो आप उसे बोल देना कि तूने करो दान दक्षिणा करो बांटो के लोग ख्याल करो उसका कितना पैसा कमाया तू पूर्णिया के साथ जाएगा पैसा चली जाएगी ना प्राइजेकवा पुण्य में कन्वर्ट कैसे करें कि लोगों की हेल्प कर सके जिसकी जरूरत है उसे पैसे दान दे देना और पैसे का दांत अभी कर सकते हो जब आपके पास पैसा ईमानदारी से काम आना चाहिए और जो पैसा आप लोग मोहन कार चोरी यह सभी बेईमानी से पैसा कमाने वाला अंत में क्या होता है उससे बीमारी हो जाती है फिर हॉस्पिटल में इतना खर्चा हो जाता है अंकित इमानदारी से पैसा कमाया हुआ पैसा घर में सुख शांति समृद्धि लाता है और बेईमानी से कमाया हुआ क्या फिर चोरी किया हुआ पैसा बीमारी लाता है और पैसा पूरी जिंदगी बर्बाद करें कोई काम का नहीं है वह पैसा पूरा का पूरा पैसा बर्बाद हो जाएगा अगर आप की बीमारी हो जाती है उसे पूरा पैसा वही बीमारी में चल लग जाता है वैसा होता है लेकिन जैसा कर्म करेगा वैसा फल मिलेगा यह बात आप याद रख लीजिए जो अच्छे कर्म कीजिए
Aakaash vaale insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath jaana hai isaka javaab hai paisa bhee jarooree hai mere dost bina paisa ke aap apane jeevan yaapan nahin kar sakate ho paisa bhee utane importent hai itana bhee jarooree nahin hai vah maanata hoon ki main sote bhee jarooree nahin hai khaalee haath aaya hai khaalee haath aae the khaalee haath aae apan to karana hai na aiso aaraam to karana hai na jindagee ka lupht uthaana hai to paisa chaahie kaheen baahar ghoomane jaana hai to paisa chaahie khaana achchha khaana hai to paisa chaahie to paisa bhee importent hai ab aap bolo ki paisa jarooree nahin hai khaalee haath jaana hai to khaalee haath jaoge lekin karm karo yaar too bhee karm kar do insaan ke saath kya kya baat hai baaboo abhee raat mein ho raha tha jo bhee karatee hai jo bhee saath mein kahaan jaata hai litil to usake saath kukarm jaate hain abhee raat mein maut ho jaatee hai paise kamaana hai na to eemaanadaaree se paisa kamao paisa beeemaanee se kamaane vaala paisa jhooth lobh moh aur choree kee hava ka chaahie sukh nahin deta vitt beema reeyal aata hai aur barbaad kar deta yaar jindagee ko to eemaanadaaree se paisa kama nik paisa kamaana buree baat nahin hai paisa kamao lekin eemaanadaaree ke saath aur achchhe tareeke se isamen kisee ka bura na ho aisa mainne kee pahachaan too aae kam dua hai dua bhee jarooree hai theek hai mera paise ke saath duaen kaam aaoge to vah hai agale janm mein aa jaegee ki paise puree jaane vaalee agar aap jitane bhee paise kama rahe ho to aap use bol dena ki toone karo daan dakshina karo baanto ke log khyaal karo usaka kitana paisa kamaaya too poorniya ke saath jaega paisa chalee jaegee na praijekava puny mein kanvart kaise karen ki logon kee help kar sake jisakee jaroorat hai use paise daan de dena aur paise ka daant abhee kar sakate ho jab aapake paas paisa eemaanadaaree se kaam aana chaahie aur jo paisa aap log mohan kaar choree yah sabhee beeemaanee se paisa kamaane vaala ant mein kya hota hai usase beemaaree ho jaatee hai phir hospital mein itana kharcha ho jaata hai ankit imaanadaaree se paisa kamaaya hua paisa ghar mein sukh shaanti samrddhi laata hai aur beeemaanee se kamaaya hua kya phir choree kiya hua paisa beemaaree laata hai aur paisa pooree jindagee barbaad karen koee kaam ka nahin hai vah paisa poora ka poora paisa barbaad ho jaega agar aap kee beemaaree ho jaatee hai use poora paisa vahee beemaaree mein chal lag jaata hai vaisa hota hai lekin jaisa karm karega vaisa phal milega yah baat aap yaad rakh leejie jo achchhe karm keejie

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
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Unknown
0:51
क्या आपका प्रश्न इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जब भी उसे खाली हाथ ही जाना है और देखिए पैसे देने का साधन है जीवन सदा है सॉरी को निकालेंगे तो शायद तक पहुंच जाएंगे शरीर को दिखा लेने के लिए खुराक बकरा और संरक्षण की जरूरत है जो पैसे पूरा कर सकता है शिव जरूरत जितने वह तो भी अच्छा देखो पाया जा सकता है अधिक धन की जरूरत नहीं है साधु संत भिक्षा मांगकर भी जीवन वाहन कर लेते हैं हम जब यात्रा करते हैं तो हमें बहन की जरूरत पड़ती है क्या हम गंतव्य पर ट्रेन को अपने साथ ले जाते हैं बस इस तरह धन को शहद से लेना चाहिए मौके द्वारा नहीं
Kya aapaka prashn insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jab bhee use khaalee haath hee jaana hai aur dekhie paise dene ka saadhan hai jeevan sada hai soree ko nikaalenge to shaayad tak pahunch jaenge shareer ko dikha lene ke lie khuraak bakara aur sanrakshan kee jaroorat hai jo paise poora kar sakata hai shiv jaroorat jitane vah to bhee achchha dekho paaya ja sakata hai adhik dhan kee jaroorat nahin hai saadhu sant bhiksha maangakar bhee jeevan vaahan kar lete hain ham jab yaatra karate hain to hamen bahan kee jaroorat padatee hai kya ham gantavy par tren ko apane saath le jaate hain bas is tarah dhan ko shahad se lena chaahie mauke dvaara nahin

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
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Unknown
2:46
इस माया मोह जीवन में हमें जीवन को निर्वहन करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है जो पैसे की जरूरत से हम उन वस्तुओं चीजों को हम अपने लिए खरीदते हैं जिससे का जीवन निर्वहन करने में हमें सहूलियत प्राप्त होते लेकिन इंसान पैसों के की अर्जन करने के लिए वह दिन रात मेहनत करता है मेहनत करते करते हैं वह वह उस समय को भूल जाता है कि हम जो हम पैसों के लिए जो अर्जुन करने जो मेरा वाह अर्थ क्या है पैसा अर्जित करना या अभी अपनी परिवार को या समाज को भरण-पोषण करना अगर वह अपनी एक थिंकिंग के साथ पैसे का अर्जुन करता है एक पॉजिटिविटी थिंकिंग के साथ में सामाजिक बदलाव के कारण कारण या किसी अन्य सामाजिक सत्कर्म के कारण जो पैसे का आयोजन होता है वह पॉजिटिव थिंकिंग के अनुसार होता है वह लोगों के कल्याण जिस से जुड़ा रहता है पैसों से तो आप ऐसा महान के रूप में गिना जा सकता है लेकिन वही पैसे के लालच में इंसान अधर्म पर उतर जाता है कुकर्म पर उतर जाता है तो वही पैसा उसका विनाश का कारण बनता है पैसा तुम्हारी हर जरूरतों को पूरा कर सकता है इस भागदौड़ जिंदगी में जरूरतों को पूरा कर सकते हैं लेकिन वही पैसा इंसान को मोह माया में फंसा कर रख देता है जो विषय उबारने के लिए नहीं देता है वह भूल जाता है कि हम मेरा वाह चरित्र क्या है वह इंसान पैसे के मोह में अपने रिश्ते नाते अपनी समाज की अवहेलना करता रहता है और उसके मध्य में अपने जीवन को नष्ट करता रहता है हमें पैसे की इतनी जरूरत या हमें देनी चाहिए जितने कि हमारी आवश्यकताओं को पूरी परिपूर्ण कर पाए अपनी समाज का कल्याण कर पाए जब से का कमाने का मकसद समाज जनकल्याण के लिए हो तो वह पैसा क्यों ना बन जाता है और वही अगर वही पैसा जनकल्याण सेना जोड़कर लोगों को अहित करने लगे तो वह पैसा उसे सर्वनाश की ओर ले जाता है
Is maaya moh jeevan mein hamen jeevan ko nirvahan karane ke lie paise kee jaroorat padatee hai jo paise kee jaroorat se ham un vastuon cheejon ko ham apane lie khareedate hain jisase ka jeevan nirvahan karane mein hamen sahooliyat praapt hote lekin insaan paison ke kee arjan karane ke lie vah din raat mehanat karata hai mehanat karate karate hain vah vah us samay ko bhool jaata hai ki ham jo ham paison ke lie jo arjun karane jo mera vaah arth kya hai paisa arjit karana ya abhee apanee parivaar ko ya samaaj ko bharan-poshan karana agar vah apanee ek thinking ke saath paise ka arjun karata hai ek pojitivitee thinking ke saath mein saamaajik badalaav ke kaaran kaaran ya kisee any saamaajik satkarm ke kaaran jo paise ka aayojan hota hai vah pojitiv thinking ke anusaar hota hai vah logon ke kalyaan jis se juda rahata hai paison se to aap aisa mahaan ke roop mein gina ja sakata hai lekin vahee paise ke laalach mein insaan adharm par utar jaata hai kukarm par utar jaata hai to vahee paisa usaka vinaash ka kaaran banata hai paisa tumhaaree har jarooraton ko poora kar sakata hai is bhaagadaud jindagee mein jarooraton ko poora kar sakate hain lekin vahee paisa insaan ko moh maaya mein phansa kar rakh deta hai jo vishay ubaarane ke lie nahin deta hai vah bhool jaata hai ki ham mera vaah charitr kya hai vah insaan paise ke moh mein apane rishte naate apanee samaaj kee avahelana karata rahata hai aur usake madhy mein apane jeevan ko nasht karata rahata hai hamen paise kee itanee jaroorat ya hamen denee chaahie jitane ki hamaaree aavashyakataon ko pooree paripoorn kar pae apanee samaaj ka kalyaan kar pae jab se ka kamaane ka makasad samaaj janakalyaan ke lie ho to vah paisa kyon na ban jaata hai aur vahee agar vahee paisa janakalyaan sena jodakar logon ko ahit karane lage to vah paisa use sarvanaash kee or le jaata hai

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Unknown
1:10
पूछा गया है इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता जबकि से खाली हाथ ही जानना है तो देखिए हर इंसान के पैसे के पीछे भागने का कारण आज की मनोवैज्ञानिक स्थिति है हर कोई उसकी रिस्पेक्ट करता है उस इंसान की जिसके पास पैसा होता है चाहे वह कितना ही बुरे स्वभाव कहो झगड़ालू हो मतलब कितने ही बेकार उसका रवैया मुझे चाल चलना इस बात से कोई मायने नहीं रखता बस एक बात मायने रखती क्या कर उसके पास पैसे तो उसकी इज्जत है मुझे पैसा कमाना चाहता है ताकि समाज में परिवार में अपने 14 क्रिएट कर सके जो बुरी बात है कि यह सब चीजें हो रही है हमारे समाज में कि पैसे को इतना ज्यादा महत्व दिया जा रहा है बिल्कुल अच्छी बात नहीं है और कम से कम हमको तो यह कोशिश करनी चाहिए इस पीढ़ी को कि अब पैसे के पीछे ज्यादा ना भागे अपने जीवन की क्वालिटी की पिक्चर क्वालिटी लाइफ पुष्पेंद्र करनी चाहिए कि पैसे से भरी हो क्योंकि पैसे जब खुशियां नहीं खरीद सकते उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata jabaki se khaalee haath hee jaanana hai to dekhie har insaan ke paise ke peechhe bhaagane ka kaaran aaj kee manovaigyaanik sthiti hai har koee usakee rispekt karata hai us insaan kee jisake paas paisa hota hai chaahe vah kitana hee bure svabhaav kaho jhagadaaloo ho matalab kitane hee bekaar usaka ravaiya mujhe chaal chalana is baat se koee maayane nahin rakhata bas ek baat maayane rakhatee kya kar usake paas paise to usakee ijjat hai mujhe paisa kamaana chaahata hai taaki samaaj mein parivaar mein apane 14 kriet kar sake jo buree baat hai ki yah sab cheejen ho rahee hai hamaare samaaj mein ki paise ko itana jyaada mahatv diya ja raha hai bilkul achchhee baat nahin hai aur kam se kam hamako to yah koshish karanee chaahie is peedhee ko ki ab paise ke peechhe jyaada na bhaage apane jeevan kee kvaalitee kee pikchar kvaalitee laiph pushpendr karanee chaahie ki paise se bharee ho kyonki paise jab khushiyaan nahin khareed sakate ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

bolkar speaker
इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
Khushi Agrawal Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Unknown
1:03
सवाल है इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है कि आज की दुनिया ऐसी है जिसमें बिना पैसे के कुछ भी नहीं हो सकता चाहे आप पढ़ाई लिखाई ले ले या खाने पीने की बात कर ले यदि आपको पढ़ना भी है तो आपके पास पैसे होने चाहिए और यदि खाने पीने के लिए भी आपको बाजार में लेने जाते हैं तो भी आपको पैसे चाहिए इसलिए आज की दुनिया ऐसी हो गई है कि सब ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने चाहते हैं क्योंकि यदि आप भी सोचते रहेंगे कि हम आए भी खाली हाथ जाना भी खाली हाथ है इस समय आप हाथ में नहीं कंप्यूटर पाएंगे क्योंकि कंपटीशन बहुत बढ़ गया है और कंपटीशन की बात नहीं है पर आपको आज के समय में देने के लिए पैसे की बहुत आवश्यकता है क्योंकि हर चीज आप देखिए महंगी होती जा रही है साथ ही साथ आप यदि एक पानी की बोतल भी लेते हैं तो भी उसके लिए आपको पैसे देने पड़ते हैं इसलिए आज की दुनिया दुबई की सबसे ज्यादा पैसे कमाने चाहते हैं
Savaal hai insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath hee jaana hai ki aaj kee duniya aisee hai jisamen bina paise ke kuchh bhee nahin ho sakata chaahe aap padhaee likhaee le le ya khaane peene kee baat kar le yadi aapako padhana bhee hai to aapake paas paise hone chaahie aur yadi khaane peene ke lie bhee aapako baajaar mein lene jaate hain to bhee aapako paise chaahie isalie aaj kee duniya aisee ho gaee hai ki sab jyaada se jyaada paise kamaane chaahate hain kyonki yadi aap bhee sochate rahenge ki ham aae bhee khaalee haath jaana bhee khaalee haath hai is samay aap haath mein nahin kampyootar paenge kyonki kampateeshan bahut badh gaya hai aur kampateeshan kee baat nahin hai par aapako aaj ke samay mein dene ke lie paise kee bahut aavashyakata hai kyonki har cheej aap dekhie mahangee hotee ja rahee hai saath hee saath aap yadi ek paanee kee botal bhee lete hain to bhee usake lie aapako paise dene padate hain isalie aaj kee duniya dubee kee sabase jyaada paise kamaane chaahate hain

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
2:19
इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है सर यहां पर खाना खाना खरीदने जाओ तो फ्री में नहीं मिलता है पृथ्वी के ऊपर पैसा चलता है पैसे से आप आपके लिए कपड़े खरीद सकते हो आपके बच्चों को एजुकेशन दे सकते हो आपके लिए खाना खरीद सकते हो पैसे से आप आपके घर में किराना ले सकता सब कुछ कर सकते हो पैसा यहां मीडियम है अब पैसे के पीछे भागना बात अलग है क्योंकि अगर मैं गिरिडीह हूं तो मैं उसके पीछे इतना भागों भागने से पैसा नहीं कि लेट होता है पैसा आपके स्किल सेट से और आप खुद ट्रैक्टर तो पैसे को पैसे के पीछे भागने से पैसा क्रिएट नहीं होता है पैसे एक्शन सेपरेट होते हैं अगर आपके पास कोई ऐसी एक्शन है करने लायक जो करने की वजह से लोग आपको उसके पैसे देंगे तो आप पैसा क्रिएट करते हो और एक्शन के बहुत सारे फॉर्म हो सकते हैं जैसे किसी को अपने पास गाड़ी किराए से देनी देखें नस्लों की फोर व्हीलर किराए से देखें सूची कमीशन कमाने से तू और टूर्स एंड ट्रैवल्स वाले 30% 10 15 साल से पहले किस करते थे उसके बाद ओला वाले को लगा कि मैं ऐसे कोई भी गाड़ी कभी भी किसी को भी किराए से दे पाऊं और उसने में एक छोटा सा रेवलों अपना काम तो उसने वह ऐसा सोचा है तो उसका स्कीम सेट उसके नॉलेज उसने उसको उसको ऐसा उसने सोचा इस नेतृत्व किया और उसे मात्र का कूला हो ऊपर हो या फिर कोई किराना प्रॉपर से हो मैं तो है उसे पैसा कमाने के बहुत गरीब हो सकते वह एक्शन से उसकी लाइफ से कमाया जा सकता है ऑफिस से जितना ज्यादा अच्छा पैसा है आपके पास में अच्छी लाइफ आती होगी लेकिन उसकी सेक्स उसके पीछे भाग कि नहीं उसके ऊपर डेली बेसिस का एक्शन करके अगर आप उसके पीछे भाग रहे हो तो आपके हाथ में आना आगे भागे और हाथ सब को खाली हाथ ही जाना है यह तो तय है लेकिन अगर खाली हाथ जाना लेकिन है जीना भी है और बहुत अच्छे से जीना इसी का नाम जिंदगी है
Insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath hee jaana hai sar yahaan par khaana khaana khareedane jao to phree mein nahin milata hai prthvee ke oopar paisa chalata hai paise se aap aapake lie kapade khareed sakate ho aapake bachchon ko ejukeshan de sakate ho aapake lie khaana khareed sakate ho paise se aap aapake ghar mein kiraana le sakata sab kuchh kar sakate ho paisa yahaan meediyam hai ab paise ke peechhe bhaagana baat alag hai kyonki agar main girideeh hoon to main usake peechhe itana bhaagon bhaagane se paisa nahin ki let hota hai paisa aapake skil set se aur aap khud traiktar to paise ko paise ke peechhe bhaagane se paisa kriet nahin hota hai paise ekshan separet hote hain agar aapake paas koee aisee ekshan hai karane laayak jo karane kee vajah se log aapako usake paise denge to aap paisa kriet karate ho aur ekshan ke bahut saare phorm ho sakate hain jaise kisee ko apane paas gaadee kirae se denee dekhen naslon kee phor vheelar kirae se dekhen soochee kameeshan kamaane se too aur toors end traivals vaale 30% 10 15 saal se pahale kis karate the usake baad ola vaale ko laga ki main aise koee bhee gaadee kabhee bhee kisee ko bhee kirae se de paoon aur usane mein ek chhota sa revalon apana kaam to usane vah aisa socha hai to usaka skeem set usake nolej usane usako usako aisa usane socha is netrtv kiya aur use maatr ka koola ho oopar ho ya phir koee kiraana propar se ho main to hai use paisa kamaane ke bahut gareeb ho sakate vah ekshan se usakee laiph se kamaaya ja sakata hai ophis se jitana jyaada achchha paisa hai aapake paas mein achchhee laiph aatee hogee lekin usakee seks usake peechhe bhaag ki nahin usake oopar delee besis ka ekshan karake agar aap usake peechhe bhaag rahe ho to aapake haath mein aana aage bhaage aur haath sab ko khaalee haath hee jaana hai yah to tay hai lekin agar khaalee haath jaana lekin hai jeena bhee hai aur bahut achchhe se jeena isee ka naam jindagee hai

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:29
आरा का प्रश्न इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है तो हमसे क्या को बता दें कि बिल्कुल सही बात है व्यक्ति को खाली हाथ ही जाना है लेकिन यह बात उसको कुछ दिन की समझ में नहीं आती है वह व्यक्ति पैसे के पीछे ही भागता रहता है और बाद में जाकर जब उसको यह बात समझ में आती है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है आपकी क्या राय है इस बारे में कमेंट सेक्शन अपनी राय व्यक्त करेंगे शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Aara ka prashn insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath hee jaana hai to hamase kya ko bata den ki bilkul sahee baat hai vyakti ko khaalee haath hee jaana hai lekin yah baat usako kuchh din kee samajh mein nahin aatee hai vah vyakti paise ke peechhe hee bhaagata rahata hai aur baad mein jaakar jab usako yah baat samajh mein aatee hai tab tak bahut der ho chukee hotee hai aapakee kya raay hai is baare mein kament sekshan apanee raay vyakt karenge shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
2:02
हेलो जी दांत आज आपका सवाल है कि इंसान पैसे के पीछे क्यों भागता है जिसकी उसे खाली हाथ ही जाना है कि इंसान को खा लिया अगर नहीं बताना ही पैसा नहीं गाड़ी बंगला कुछ भी उस इंसान के साथ नहीं जाएगा करने के लिए जिंदा रहने के लिए आपको जरूरत की चीजें पूरा करने के लिए यह सब आपको पैसे से ही मिलेगा आपको घर बैठे हैं और वह तुम्हें कोई भी आपको एक से दो वक्त की रोटी नहीं मिला ना तब तो आपको उसके लिए मेहनत करना होता है पैसे कमाना हो जाए ताकि आप खुद को भी चला सके अच्छे से जरूरत पूरा कर सके अपनी फैमिली की भी जरूरत पूरा कर सके यहां पर जिंदा रह सके सरवाइव कर सके लेकिन क्या होता है कभी कदर पैसे के पीछे बहुत ज्यादा भागने लगता जब एक तरह का लत लग जाता उसे कि नहीं किसी भी हालत मुझे कोई भी यह काम करके पैसे कमाना तो यहां पर यह चीज गलत हो जाता है आपको दे जिंदा रहने के लिए खाने पीने के लिए जो भी फैसिलिटी सुविधा उसके लिए लेकिन जब आप बहुत ज्यादा पैसे को लेकर सोचने लगते आपको किसी भी एलबम बहुत ज्यादा पैसा आपको अमीर बनना तो वहां पर आप गलत तरीके से बनेंगे और एक दिन तो आपके बिना पैसे के जाना तो इस तरह से गलत तरीके से बंद कर कोई फायदा नहीं है आपको एक जिंदगी मिली है आप चाहते हैं कि अच्छे से काम करके अच्छे से अशोक सुविधाएं आपको मिले तो यहां पर काम करके कभी पैसे नहीं करवाना चाहिए गलत तरीके से जबरन पैसे कमाते हैं तो उससे नहीं सुख नाही शांति मिलती मिलकर डर भी रहता है कि कब हम इस गलत काम से जो मतलब पैसे कमाइए कब पकड़े पकड़े तो नहीं जाएंगे और फिर लास्ट में जब मौत होती है तब इंसान को अकेले ही जाना होता सब धरा का धरा ही रह जाता है यह सोचना चाहिए जो भी हम करेंगे अपने मेहनत से करेंगे बलबूते से करेंगे जितना विचारों की जगह दोस्तों क्यों ना करें अपने मेहनत का ही होना चाहिए और अच्छाई पैसा होना चाहिए कि उसमें ही आप सेटिस्फाइड में और मतलब जो भी चीज आपके घर है इतना बिजी जा रहा है उसके संतुष्टि मिले
Helo jee daant aaj aapaka savaal hai ki insaan paise ke peechhe kyon bhaagata hai jisakee use khaalee haath hee jaana hai ki insaan ko kha liya agar nahin bataana hee paisa nahin gaadee bangala kuchh bhee us insaan ke saath nahin jaega karane ke lie jinda rahane ke lie aapako jaroorat kee cheejen poora karane ke lie yah sab aapako paise se hee milega aapako ghar baithe hain aur vah tumhen koee bhee aapako ek se do vakt kee rotee nahin mila na tab to aapako usake lie mehanat karana hota hai paise kamaana ho jae taaki aap khud ko bhee chala sake achchhe se jaroorat poora kar sake apanee phaimilee kee bhee jaroorat poora kar sake yahaan par jinda rah sake saravaiv kar sake lekin kya hota hai kabhee kadar paise ke peechhe bahut jyaada bhaagane lagata jab ek tarah ka lat lag jaata use ki nahin kisee bhee haalat mujhe koee bhee yah kaam karake paise kamaana to yahaan par yah cheej galat ho jaata hai aapako de jinda rahane ke lie khaane peene ke lie jo bhee phaisilitee suvidha usake lie lekin jab aap bahut jyaada paise ko lekar sochane lagate aapako kisee bhee elabam bahut jyaada paisa aapako ameer banana to vahaan par aap galat tareeke se banenge aur ek din to aapake bina paise ke jaana to is tarah se galat tareeke se band kar koee phaayada nahin hai aapako ek jindagee milee hai aap chaahate hain ki achchhe se kaam karake achchhe se ashok suvidhaen aapako mile to yahaan par kaam karake kabhee paise nahin karavaana chaahie galat tareeke se jabaran paise kamaate hain to usase nahin sukh naahee shaanti milatee milakar dar bhee rahata hai ki kab ham is galat kaam se jo matalab paise kamaie kab pakade pakade to nahin jaenge aur phir laast mein jab maut hotee hai tab insaan ko akele hee jaana hota sab dhara ka dhara hee rah jaata hai yah sochana chaahie jo bhee ham karenge apane mehanat se karenge balaboote se karenge jitana vichaaron kee jagah doston kyon na karen apane mehanat ka hee hona chaahie aur achchhaee paisa hona chaahie ki usamen hee aap setisphaid mein aur matalab jo bhee cheej aapake ghar hai itana bijee ja raha hai usake santushti mile

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए vijay जी का जवाब
Social worker in india
1:38
नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है तो दोस्तों आपके सवाल का उत्तर यह है इंसान पैसे के पीछे इसलिए भागता है क्योंकि इंसान के परिवार माता-पिता भाई-बहन सब होते हैं उन का भरण पोषण करने के लिए पैसों की जरूरत होती है क्योंकि पैसे के बगैर कोई भी समान उन्हें नहीं मिलता है इसलिए हर इंसान की मांग होती है कि उनके पास पैसे हो धन हो तो इंसान इसलिए पैसे के पीछे भागता है जबकि उनको मालूम है कि खाली हाथी जाना है और खाली हाथी इंसान आया है लेकिन जीते जी हमको पैसे के पीछे भागना घर का दायित्व को पूरा करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है इसलिए पैसे के पीछे भागता है और सभी को ही मालूम है कि इंसान जब जन्म लेता है तो खाली हाथ ही आता है और जाने के बाद खाली हाथी जाना पड़ता है लेकिन हम जीते जी यह करम नहीं करना पड़ता है धन्यवाद साथियों खुश रहो
Namaskaar doston aapaka prashn hai insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath hee jaana hai to doston aapake savaal ka uttar yah hai insaan paise ke peechhe isalie bhaagata hai kyonki insaan ke parivaar maata-pita bhaee-bahan sab hote hain un ka bharan poshan karane ke lie paison kee jaroorat hotee hai kyonki paise ke bagair koee bhee samaan unhen nahin milata hai isalie har insaan kee maang hotee hai ki unake paas paise ho dhan ho to insaan isalie paise ke peechhe bhaagata hai jabaki unako maaloom hai ki khaalee haathee jaana hai aur khaalee haathee insaan aaya hai lekin jeete jee hamako paise ke peechhe bhaagana ghar ka daayitv ko poora karane ke lie paise kee jaroorat padatee hai isalie paise ke peechhe bhaagata hai aur sabhee ko hee maaloom hai ki insaan jab janm leta hai to khaalee haath hee aata hai aur jaane ke baad khaalee haathee jaana padata hai lekin ham jeete jee yah karam nahin karana padata hai dhanyavaad saathiyon khush raho

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
Shipra Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Shipra जी का जवाब
Self Employed
0:40
आपका सवाल एक इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है जी हां यह बात बिल्कुल सही है कि कुछ जाना है हर एक इंसान को खाली हाथ ही है लेकिन फिर भी इंसान पूरी जिंदगी पैसे के पीछे भाग दौड़ करने में गठित करने में ही बता देता है इंसान को समझता नहीं है क्योंकि उसे जाना खाली हाथी है और सबसे बड़ी बात जो अपनी लाइफ स्टाइल मेंटेन करनी है जो स्टैंडर्ड मेंटेन करना है दूसरों को देख कर के जो अपने मन में लालच आता है जो मन चाहे जागती है जो इच्छाएं जागती है उन पर कंट्रोल करना नियंत्रण करना यह इंसान नहीं सीख पाता और यही कारण है कि इंसान पूरे जीवन भर सिर्फ और सिर्फ पैसे के पीछे भागता रह जाता है आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद
Aapaka savaal ek insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee haath hee jaana hai jee haan yah baat bilkul sahee hai ki kuchh jaana hai har ek insaan ko khaalee haath hee hai lekin phir bhee insaan pooree jindagee paise ke peechhe bhaag daud karane mein gathit karane mein hee bata deta hai insaan ko samajhata nahin hai kyonki use jaana khaalee haathee hai aur sabase badee baat jo apanee laiph stail menten karanee hai jo staindard menten karana hai doosaron ko dekh kar ke jo apane man mein laalach aata hai jo man chaahe jaagatee hai jo ichchhaen jaagatee hai un par kantrol karana niyantran karana yah insaan nahin seekh paata aur yahee kaaran hai ki insaan poore jeevan bhar sirph aur sirph paise ke peechhe bhaagata rah jaata hai aapaka din shubh rahe dhanyavaad

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इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली हाथ ही जाना है?Insan Paise Ke Piche Itna Kyun Bhagta Hai Jabki Use Khali Haath He Jana Hai
मोहित कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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बिजनेस
0:37
कुछ तो सवाल है इंसान पैसे के पीछे इतना क्यों भागता है जबकि उसे खाली ही हट जाना है दोस्तों आज के समय में इंसान जो है वह जो भी हो गया तो इंसान क्यों है वह किसी न किसी समस्या का कोई कारण कोई भी काम के लिए पैसो के पीछे भागता है और इंसान सब कुछ जानता है कि साथ कुछ नहीं जाएगा फिर भी पैसे के पीछे भागता है ऐसे का जो लालच है वह इंसान को अंधा बना देता है
Kuchh to savaal hai insaan paise ke peechhe itana kyon bhaagata hai jabaki use khaalee hee hat jaana hai doston aaj ke samay mein insaan jo hai vah jo bhee ho gaya to insaan kyon hai vah kisee na kisee samasya ka koee kaaran koee bhee kaam ke lie paiso ke peechhe bhaagata hai aur insaan sab kuchh jaanata hai ki saath kuchh nahin jaega phir bhee paise ke peechhe bhaagata hai aise ka jo laalach hai vah insaan ko andha bana deta hai

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