#भारत की राजनीति

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क्या किसान बिल किसानों के लिए लाभदायक है?

Kya Kisan Bill Kisano Ke Lie Labhdayak Hai
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
1:37
सवाल है कि क्या किसान बिल किसान के लिए लाभदायक है तो सरकार द्वारा लाभ इस प्रकार बताए जा रहे हैं राज्यों को कृषि उत्पादन विपणन समिति यानी एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी के अधिकार बरकरार रहेंगे इसलिए किसानों के पास सरकारी एजेंसियों का विकल्प खुला रहेगा नहीं बिल किसानों को इंटरेस्टेड फ्रेंड यानी अंतर राज्य व्यापार को प्रोत्साहित करते हैं अपने उत्पादों को दूसरे राज्यों में स्वतंत्र रूप से बेच सकेंगे वर्तमान में एपीएमसी इसकी ओर से विभिन्न वस्तुओं पर 1% से 10 फ़ीसदी तक बरसात शुल्क लगता है लेकिन आप राज्य के बाजारों के बाहर व्यापार पर कोई राज्य या केंद्रीय कर नहीं लगाया जाएगा किसी एपीएमसी टेस्ट टैक्स का भुगतान नहीं होगा इसलिए और कोई दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी खरीदार और विक्रेता को दोनों को लाभ मिलेगा निजी कंपनियों व्यापारियों की ओर से एपीएमसी टैक्स का भुगतान होगा किसानों की ओर से नहीं किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग या अनुबंध खेती के लिए प्राइवेट प्लेयर्स एजेंसियों के साथ भी साझेदारी कर सकते हैं कांटेक्ट फार्मिंग निजी एजेंसियों का उत्पादन खरीदने की अनुमति देगी कांटेक्ट केवल उत्पाद के लिए होगा निजी एजेंसियों को किसानों को ही भूमि के साथ कुछ भी करने की अनुमति नहीं होगी और ना ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग अध्यादेश के तहत किसान की जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण होगा वर्तमान में किसान सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर निर्भर है लेकिन नए आदेश में किसान बड़े व्यापारी और निर्यातकों के साथ जुड़ पाएंगे जो खेती को लाभदायक बनाएंगे
Savaal hai ki kya kisaan bil kisaan ke lie laabhadaayak hai to sarakaar dvaara laabh is prakaar batae ja rahe hain raajyon ko krshi utpaadan vipanan samiti yaanee egreekalchar prodyoos maarket kamitee ke adhikaar barakaraar rahenge isalie kisaanon ke paas sarakaaree ejensiyon ka vikalp khula rahega nahin bil kisaanon ko intarested phrend yaanee antar raajy vyaapaar ko protsaahit karate hain apane utpaadon ko doosare raajyon mein svatantr roop se bech sakenge vartamaan mein epeeemasee isakee or se vibhinn vastuon par 1% se 10 feesadee tak barasaat shulk lagata hai lekin aap raajy ke baajaaron ke baahar vyaapaar par koee raajy ya kendreey kar nahin lagaaya jaega kisee epeeemasee test taiks ka bhugataan nahin hoga isalie aur koee dastaavej kee jaroorat nahin hogee khareedaar aur vikreta ko donon ko laabh milega nijee kampaniyon vyaapaariyon kee or se epeeemasee taiks ka bhugataan hoga kisaanon kee or se nahin kisaan kontraikt phaarming ya anubandh khetee ke lie praivet pleyars ejensiyon ke saath bhee saajhedaaree kar sakate hain kaantekt phaarming nijee ejensiyon ka utpaadan khareedane kee anumati degee kaantekt keval utpaad ke lie hoga nijee ejensiyon ko kisaanon ko hee bhoomi ke saath kuchh bhee karane kee anumati nahin hogee aur na hee kontraikt phaarming adhyaadesh ke tahat kisaan kee jameen par kisee bhee prakaar ka nirmaan hoga vartamaan mein kisaan sarakaar kee or se nirdhaarit daron par nirbhar hai lekin nae aadesh mein kisaan bade vyaapaaree aur niryaatakon ke saath jud paenge jo khetee ko laabhadaayak banaenge

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bolkar speaker
क्या किसान बिल किसानों के लिए लाभदायक है?Kya Kisan Bill Kisano Ke Lie Labhdayak Hai
Manish Maurya Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:39
फिलहाल मैं तो इस फील्ड का विशेषज्ञ तो हूं नहीं लेकिन हां जो इस फील्ड के विशेषज्ञ हैं उनका कहना यह है कि बिहार में यह मॉडल जो है वह 2004 किया 2007 में लागू हो चुका है लेकिन आप भी जानते हैं कि बिहार का किसान कितना खुश है या कितना उसको उचित मूल्य मिलता है तो कहीं ना कहीं सरकार को यह बात जरूर देखनी चाहिए कि एक बार ही हमें खगोल कर देखना चाहिए कि हां जो हमने पीछे बदलाव किए उनका क्या परिणाम निकला है अगर किसान अपनी चलिए ठीक है मुझे नहीं पता कि मुद्दे और क्या है लेकिन हां जो बात यह है कि किसान अपनी फसल किसी को भी बेच सकेगा ओपन मार्केट हो जाएगी लेकिन जो ओपन मार्केट का 2407 में बिहार में लगा उससे कितना फायदा हुआ पहले सरकार को इस पर विचार करना चाहिए फिर उसके आगे कोई निर्णय लेना चाहिए और अगर वहां पर यह फार्मूला ठीक नहीं एम्पलाईमेंट हुआ तो उसमें क्या कमियां थी इसको पहले देखना चाहिए और इसे सुधार में लाकर कानून बनाना चाहिए ना कि सीधा कानून बनाना चाहिए बाकी विशेषज्ञ जो है वह गलत तो नहीं बताएंगे कोई एक विशेषज्ञ गलत बता देगा बाकी तो गलत ठंडा बताएंगे सब मोदी के मोदी के विरोधी याद में थोड़ी ना है हम खुद अपने प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं लेकिन जहां पर अगर एक्सपर्ट से कह रहे हैं कि हां यह चीज गलत है तो इसका मतलब सरकार को फिर विचार करने की जरूरत है और यह बात आप भी जानते हैं कि दवाइयों में माली जी एक उदाहरण के लिए आप को मैं बताता हूं कि दवाइयों में मार्जिन कितना रहता है लेकिन फिर भी सरकार एक देखिए उस पर एमआरपी जरूर लिख आता है डालडा या रिफाइंड लेने चले जाओ ₹200 लिखा होता है लेकिन मिलता है 130 का है तो यह तो नहीं है कि हमने उसका मूल्य निर्धारण निर्धारित किया हुआ है ना चाहे बेशक उससे कम देते हैं यह ज्यादा देते लेकिन एक निर्धारित तो क्या हुआ है ना जब कि वह चीज है ऐसी है जो बड़ी-बड़ी कंपनियां चला रही हैं लेकिन सब्जी अब यह पीछे आपने देखा था कि एक किसान ने गोभी जब उसको एक रुपए किलो के हिसाब से मिल रही थी तो उसने ट्रैक्टर ही जला दिया अपने खेत में कि क्या भेजूंगा एक रुपए किलो में तो सीधा में है मतलब बर्बाद ही कर देते तो ज्यादा बढ़िया रहेगा तो किसान की जब ऐसी दशा होगी तो देश तरक्की कहां से करेगा बाकी है इंसान हर कला में निपुण तो हो नहीं सकता है या हर फील्ड में नींबू ने तो हो नहीं सकता इसीलिए उसको एक्सपर्ट्स की बात जरूर आनी चाहिए
Philahaal main to is pheeld ka visheshagy to hoon nahin lekin haan jo is pheeld ke visheshagy hain unaka kahana yah hai ki bihaar mein yah modal jo hai vah 2004 kiya 2007 mein laagoo ho chuka hai lekin aap bhee jaanate hain ki bihaar ka kisaan kitana khush hai ya kitana usako uchit mooly milata hai to kaheen na kaheen sarakaar ko yah baat jaroor dekhanee chaahie ki ek baar hee hamen khagol kar dekhana chaahie ki haan jo hamane peechhe badalaav kie unaka kya parinaam nikala hai agar kisaan apanee chalie theek hai mujhe nahin pata ki mudde aur kya hai lekin haan jo baat yah hai ki kisaan apanee phasal kisee ko bhee bech sakega opan maarket ho jaegee lekin jo opan maarket ka 2407 mein bihaar mein laga usase kitana phaayada hua pahale sarakaar ko is par vichaar karana chaahie phir usake aage koee nirnay lena chaahie aur agar vahaan par yah phaarmoola theek nahin empalaeement hua to usamen kya kamiyaan thee isako pahale dekhana chaahie aur ise sudhaar mein laakar kaanoon banaana chaahie na ki seedha kaanoon banaana chaahie baakee visheshagy jo hai vah galat to nahin bataenge koee ek visheshagy galat bata dega baakee to galat thanda bataenge sab modee ke modee ke virodhee yaad mein thodee na hai ham khud apane pradhaanamantree ka sammaan karate hain lekin jahaan par agar eksapart se kah rahe hain ki haan yah cheej galat hai to isaka matalab sarakaar ko phir vichaar karane kee jaroorat hai aur yah baat aap bhee jaanate hain ki davaiyon mein maalee jee ek udaaharan ke lie aap ko main bataata hoon ki davaiyon mein maarjin kitana rahata hai lekin phir bhee sarakaar ek dekhie us par emaarapee jaroor likh aata hai daalada ya riphaind lene chale jao ₹200 likha hota hai lekin milata hai 130 ka hai to yah to nahin hai ki hamane usaka mooly nirdhaaran nirdhaarit kiya hua hai na chaahe beshak usase kam dete hain yah jyaada dete lekin ek nirdhaarit to kya hua hai na jab ki vah cheej hai aisee hai jo badee-badee kampaniyaan chala rahee hain lekin sabjee ab yah peechhe aapane dekha tha ki ek kisaan ne gobhee jab usako ek rupe kilo ke hisaab se mil rahee thee to usane traiktar hee jala diya apane khet mein ki kya bhejoonga ek rupe kilo mein to seedha mein hai matalab barbaad hee kar dete to jyaada badhiya rahega to kisaan kee jab aisee dasha hogee to desh tarakkee kahaan se karega baakee hai insaan har kala mein nipun to ho nahin sakata hai ya har pheeld mein neemboo ne to ho nahin sakata iseelie usako eksaparts kee baat jaroor aanee chaahie

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क्या किसान बिल किसानों के लिए लाभदायक है?Kya Kisan Bill Kisano Ke Lie Labhdayak Hai
Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Self student
3:43
नमस्कार आपका प्रश्न है क्या किसान भील किसानों के लिए लाभदायक है दोस्तों यह जो दो बिल है वह कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य इनकी समर्थन और सुविधा विधेयक 2020 यह दोनों है कृषक कीमत अनुसार अनुशासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 कृषि कृषि से जुड़े इन दो बिलों के अलावा आवश्यक वस्तु विधेयक है इनकी संशोधन किया गया 2020 के प्रावधानों को लेकर भी किसानों की ओर से ऐतराज जताया जा रहा है इस बिल को पहले ही लोकसभा में पास कराया जा चुका है जान तक कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य विधेयक 2020 का सवाल है तो यह राज्य सरकारों की ओर से संचालित एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमिटी मंडियों के बाहर फार्म मंडियों के निर्माण के बारे में है भारत में 2500p एपीएमसी मंडी का है जो राज्य सरकारों द्वारा संचालित है वहीं दूसरा बिल में दूसरा बिल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग या अनुबंध खेती के बारे में नई फिल्मों के दो लाभ है वह इस प्रकार से हैं कि राज्यों की कृषि उत्पादन वितरण समिति यानी एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी के अधिकार बरकरार रहेंगे इसलिए किसानों के पास सरकारी एजेंसियों का विकल्प खुला रहेगा नई फिल्म किसानों को इंटरनेट इंटरेस्ट ट्रेड को प्रोत्साहित करते यंत्र अब यह व्यापार को प्रोत्साहित करते हैं किसान अपने उत्पादों को दूसरे राज्य में स्वतंत्र रूप से बेहतर के दोस्तों किसी एपीएमसी टैक्स का भुगतान नहीं होगा इसलिए और कोई दस्तावेज की जरूरत नहीं है तो तो खरीदार और विक्रेता दोनों को लाभ मिलेगा जो निजी कंपनियों और व्यापारियों की ओर से एपीएमसी टैक्स का भुगतान होगा किसानों की ओर से नहीं किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग या अनुबंध खेती के लिए प्राइवेट प्लेयर्स या एजेंसियों के साथ भी साझेदारी कर सकते हैं और वर्तमान में किसान सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर निर्भर है लेकिन नए आदेश में किसान बड़े व्यापारियों और रिया निर्यातकों के साथ जुड़ पाएंगे जो खेती को लाभदायक मनाएंगे प्रत्येक राज्य में कृषि और क्लीन के लिए अलग-अलग कानून है एक समान केंद्रीय कानून सभी हित धारकों के लिए समानता का अवसर उपलब्ध कराएगा और दोस्तों नए भील कृषि क्षेत्र में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करेंगे क्योंकि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी निजी निवेश खेती के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा और इसके अलावा इसमें बिचौलियों का रुका टेल है टूट जाएगा जो पूरे भारत में एक अहम मुद्दा बना हुआ है नया बिल बाजार किया है निश्चित ता के जोखिम को किसान से निधि एजेंसी और कंपनी की ओर ट्रांसफर करेगा दोस्तों एपीएमसी प्रणाली के तहत केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारी जिसमें आरती आनी बिचौलिया कहा जाता है जो अनाज मंडियों में व्यापार करने की अनुमति थी लेकिन नया विधेयक किसी को भी पैन नंबर के साथ व्यापार करने की अनुमति देता है किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग या अनुबंध खेती के लिए प्राइवेट प्लेयर्स क्या एजेंसियों के साथ भी साझेदारी कर सकते हैं एक किसान भी नहीं में किसानों के लिए यह कई लाभ है धन्यवाद
Namaskaar aapaka prashn hai kya kisaan bheel kisaanon ke lie laabhadaayak hai doston yah jo do bil hai vah krshi upaj vyaapaar aur vaanijy inakee samarthan aur suvidha vidheyak 2020 yah donon hai krshak keemat anusaar anushaasan aur krshi seva par karaar vidheyak 2020 krshi krshi se jude in do bilon ke alaava aavashyak vastu vidheyak hai inakee sanshodhan kiya gaya 2020 ke praavadhaanon ko lekar bhee kisaanon kee or se aitaraaj jataaya ja raha hai is bil ko pahale hee lokasabha mein paas karaaya ja chuka hai jaan tak krshi upaj vyaapaar aur vaanijy vidheyak 2020 ka savaal hai to yah raajy sarakaaron kee or se sanchaalit egreekalcharal prodyoos maarket kamitee mandiyon ke baahar phaarm mandiyon ke nirmaan ke baare mein hai bhaarat mein 2500p epeeemasee mandee ka hai jo raajy sarakaaron dvaara sanchaalit hai vaheen doosara bil mein doosara bil kontraikt phaarming ya anubandh khetee ke baare mein naee philmon ke do laabh hai vah is prakaar se hain ki raajyon kee krshi utpaadan vitaran samiti yaanee egreekalcharal prodyoos maarketing kametee ke adhikaar barakaraar rahenge isalie kisaanon ke paas sarakaaree ejensiyon ka vikalp khula rahega naee philm kisaanon ko intaranet intarest tred ko protsaahit karate yantr ab yah vyaapaar ko protsaahit karate hain kisaan apane utpaadon ko doosare raajy mein svatantr roop se behatar ke doston kisee epeeemasee taiks ka bhugataan nahin hoga isalie aur koee dastaavej kee jaroorat nahin hai to to khareedaar aur vikreta donon ko laabh milega jo nijee kampaniyon aur vyaapaariyon kee or se epeeemasee taiks ka bhugataan hoga kisaanon kee or se nahin kisaan kontraikt phaarming ya anubandh khetee ke lie praivet pleyars ya ejensiyon ke saath bhee saajhedaaree kar sakate hain aur vartamaan mein kisaan sarakaar kee or se nirdhaarit daron par nirbhar hai lekin nae aadesh mein kisaan bade vyaapaariyon aur riya niryaatakon ke saath jud paenge jo khetee ko laabhadaayak manaenge pratyek raajy mein krshi aur kleen ke lie alag-alag kaanoon hai ek samaan kendreey kaanoon sabhee hit dhaarakon ke lie samaanata ka avasar upalabdh karaega aur doston nae bheel krshi kshetr mein adhik nivesh ko protsaahit karenge kyonki isase pratispardha badhegee nijee nivesh khetee ke buniyaadee dhaanche ko aur majaboot karega aur rojagaar ke avasar paida karega aur isake alaava isamen bichauliyon ka ruka tel hai toot jaega jo poore bhaarat mein ek aham mudda bana hua hai naya bil baajaar kiya hai nishchit ta ke jokhim ko kisaan se nidhi ejensee aur kampanee kee or traansaphar karega doston epeeemasee pranaalee ke tahat keval laisens praapt vyaapaaree jisamen aaratee aanee bichauliya kaha jaata hai jo anaaj mandiyon mein vyaapaar karane kee anumati thee lekin naya vidheyak kisee ko bhee pain nambar ke saath vyaapaar karane kee anumati deta hai kisaan kontraikt phaarming ya anubandh khetee ke lie praivet pleyars kya ejensiyon ke saath bhee saajhedaaree kar sakate hain ek kisaan bhee nahin mein kisaanon ke lie yah kaee laabh hai dhanyavaad

bolkar speaker
क्या किसान बिल किसानों के लिए लाभदायक है?Kya Kisan Bill Kisano Ke Lie Labhdayak Hai
Yogendra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Mppsc preparation
0:51
यूआरएल किसानों के लिए लाभदायक है परंतु इसमें दो चीज हो जाना चाहिए पहली चीज है कि इसमें जो एमएसपी का जो प्रावधान है वह कानून बनाना चाहिए देखें दूसरा प्रावधान होना चाहिए इसमें एक ऐसी की तैसी ट्रिपल बनना चाहिए ऐसे ग्रीन तू मेरा इस में परिवहन के मामले वहां पर जाकर सुनाई होती है वैसे एक प्रसिद्ध रन बन जाना चाहिए जिसमें इसके कर ऐसे मामले आते हैं एक व्यापारी और किसान की मोहल्ले वासियों ने आते हैं कृषि किडनी में सॉल्व हो बस इतना बन जाए तुझे किसान बहुत बेस्ट है जो कानून है बहुत बेस्ट है और आगे चलकर एसएलएसए भक्ति गाने एक आशावादी और किसानों के लाभदायक बिल साबित होगा परंतु वेदोची का प्रावधान होना चाहिए बस बाकी बिल बहुत शानदार है कोई टेंशन नहीं है अगर दो चीज नहीं होती तो बिल बहुत बर्बाद भी है ओके थैंक्स
Yooaarel kisaanon ke lie laabhadaayak hai parantu isamen do cheej ho jaana chaahie pahalee cheej hai ki isamen jo emesapee ka jo praavadhaan hai vah kaanoon banaana chaahie dekhen doosara praavadhaan hona chaahie isamen ek aisee kee taisee tripal banana chaahie aise green too mera is mein parivahan ke maamale vahaan par jaakar sunaee hotee hai vaise ek prasiddh ran ban jaana chaahie jisamen isake kar aise maamale aate hain ek vyaapaaree aur kisaan kee mohalle vaasiyon ne aate hain krshi kidanee mein solv ho bas itana ban jae tujhe kisaan bahut best hai jo kaanoon hai bahut best hai aur aage chalakar eselese bhakti gaane ek aashaavaadee aur kisaanon ke laabhadaayak bil saabit hoga parantu vedochee ka praavadhaan hona chaahie bas baakee bil bahut shaanadaar hai koee tenshan nahin hai agar do cheej nahin hotee to bil bahut barbaad bhee hai oke thainks

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क्या किसान बिल किसानों के लिए लाभदायक है?Kya Kisan Bill Kisano Ke Lie Labhdayak Hai
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
2:20
अब यही तो बात समझ में नहीं आती है तो सरकार तो ठीक-ठीक थे यह कहती है कि यह किसान बिल समस्त भारतीय किसानों के अधिकारी हैं और कांग्रेस वाले और जो अन्य विपक्षी हैं या इनके भड़काने से किसान आदि हैं वह समस्त इन बिलों को किसान विरोधी बताते हैं किसान हितकारी बताते हैं किसान इन बिलों को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं सरकार इन बिलों को थोपना चाहती है ना तो मोदी जी जनहित में सोच रहे हैं कि भाई इतना लंबा किसान आंदोलन रहा है इतने समय से दिल्ली के रास्ते ब्लॉक कर रखे हैं इतनी तोड़फोड़ की गई है 26 जनवरी को सरकार और किसानों की आपस की खींचतान ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कराया कि दोनों के लिए लज्जा कारी बात है शर्म काली बाग विपक्ष तो कर ही निर्णय है विपक्ष चाहता ही ऐसा है वाचन गाड़ी है जिसको तोड़ना चाहता है विपक्ष लेकिन मैं जहां तक किसानों किसानों के दोस्त अली हुआ है राष्ट्रीय झंडे का अपमान और दिल्ली की लूट का सूट दिल्ली की तोड़फोड़ और सरकार के लिए भी जानकारी है कि सरकार को या तो उनकी मांगें मान लेनी चाहिए या पास्ता खुलवाना चाहिए लेकिन काम नहीं कर रही सरकार के लिए शर्म कारी है या फिर किसानों की मांगों को मानकर को वापस ले लीजिए क्योंकि जब किसान इनसे राजी नहीं है तो मोदी साहब को ऐसी क्या है किन तीनो बिल्कुल आ जाए सिर्फ एम की खातिर विचार से ऐसा नहीं करना चाहिए भाई तू किसानों के अधिकारी जब किसान यह से अपना हितकारी नहीं मानते हैं तो तीनों ब्लॉक में पैसे दीजिए लड़ाई किस बात की लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है इन दोनों की खींचतान में किसान और सरकार की खींचतान में आम नागरिक परेशान हो रहे हैं आज 2 महीने सुपर दिल्ली का घेराव हो गया दिल्ली के रास्ते जाम कर रखेंगे यह बड़ी शर्मनाक बात है
Ab yahee to baat samajh mein nahin aatee hai to sarakaar to theek-theek the yah kahatee hai ki yah kisaan bil samast bhaarateey kisaanon ke adhikaaree hain aur kaangres vaale aur jo any vipakshee hain ya inake bhadakaane se kisaan aadi hain vah samast in bilon ko kisaan virodhee bataate hain kisaan hitakaaree bataate hain kisaan in bilon ko sveekaar nahin karana chaahate hain sarakaar in bilon ko thopana chaahatee hai na to modee jee janahit mein soch rahe hain ki bhaee itana lamba kisaan aandolan raha hai itane samay se dillee ke raaste blok kar rakhe hain itanee todaphod kee gaee hai 26 janavaree ko sarakaar aur kisaanon kee aapas kee kheenchataan ne raashtreey dhvaj ka apamaan karaaya ki donon ke lie lajja kaaree baat hai sharm kaalee baag vipaksh to kar hee nirnay hai vipaksh chaahata hee aisa hai vaachan gaadee hai jisako todana chaahata hai vipaksh lekin main jahaan tak kisaanon kisaanon ke dost alee hua hai raashtreey jhande ka apamaan aur dillee kee loot ka soot dillee kee todaphod aur sarakaar ke lie bhee jaanakaaree hai ki sarakaar ko ya to unakee maangen maan lenee chaahie ya paasta khulavaana chaahie lekin kaam nahin kar rahee sarakaar ke lie sharm kaaree hai ya phir kisaanon kee maangon ko maanakar ko vaapas le leejie kyonki jab kisaan inase raajee nahin hai to modee saahab ko aisee kya hai kin teeno bilkul aa jae sirph em kee khaatir vichaar se aisa nahin karana chaahie bhaee too kisaanon ke adhikaaree jab kisaan yah se apana hitakaaree nahin maanate hain to teenon blok mein paise deejie ladaee kis baat kee lekin durbhaagy is baat ka hai in donon kee kheenchataan mein kisaan aur sarakaar kee kheenchataan mein aam naagarik pareshaan ho rahe hain aaj 2 maheene supar dillee ka gheraav ho gaya dillee ke raaste jaam kar rakhenge yah badee sharmanaak baat hai

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क्या किसान बिल किसानों के लिए लाभदायक है?Kya Kisan Bill Kisano Ke Lie Labhdayak Hai
Rahul chaudhary Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:54
आपका सवाल है कि क्या किसान बिल किसानों के लिए लाभदायक है कि जिस प्रकार की सरकार ने कोरोना टाइम पीरियड में इतनी जल्दी छुट्टी में जो यह ऑर्डिनेंस पास किया उसके बारे में राज्यसभा और लोकसभा से जिस तरीके से खास खास कर राज्यसभा से पास करवाया उस हिसाब से देखने चाहिए हमें लगता है कि सरकार की नीयत में कहीं ना कहीं खोट है उन्हें अगर किसानों के लिए बुलाना था तो सबसे पहले किसानों की से तो होने बात करनी चाही थी जो अब यहां के जो कि अब गृह मंत्री कह रहे हैं कि नेताओं को चाहिए और लोगों को समझाइए कम आपको पहले करना चाहिए था और ऐसी क्या आफत आ गई थी आपको करो ना कॉल के बीच में यह बिल लाने पड़ गई ऑर्डिनेंस केतु आप आराम से बीजेपी सामान्य परिस्थिति होती तब भी लागू कर सकते थे लेकिन अगर आप भी लो को अच्छे से पड़ेंगे तो समझेंगे कि यह बिल पे ज्यादा है और किसानों के लिए कम है तुम मुझे इनमें कहीं भी एक या दो बातों को छोड़कर ऐसा नहीं लगता कि किसानों के लिए लाभदायक है अब पूरा बिल पड़ेंगे आपको यही एहसास होगा कि यह सिर्फ जो कॉर्पोरेट जगत है जिसे हम किसानों भाषा नहीं तो रानी अंबानी की गोद भरने के लिए बनाए गए कानून है इसमें किसानों की दुर्दशा है अब माली जी के पास 2 एकड़ 3 एकड़ वह क्या कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करेगा उसे तो उसमें तो उतनी होगी ना जितने मैं खुद का खर्चा घर का खर्चा चला सके और जो थोड़ा बहुत बेचकर अपनी आमदनी कर सके जो उसने लागत लगाई है उसका भी पैसा नहीं मिलता है तो मुझे भी किसी भी तरीके से किसानों के लिए लाभदायक नहीं लगते सरकार को यह करना चाहिए कि अगर ऑर्डिनेंस इन दिलों को या तो स्थगित कर देना चाहिए और दोबारा से किसानों से एक कमेटी बनाकर बातचीत करके उसके बाद नया बिल पेश करना चाहिए धन्यवाद
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