#रिश्ते और संबंध

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?

Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:28
हेलो आज आप का सवाल है कि परिवारिक रिश्ते किस कारण ही बढ़ते चले जा रहे हैं तो देखिए मतलब अभी जो भेजा था अभी चाय के आपको हर एक चीज के लिए मतलब दूर दूर तक जाना पड़ता है चाहे वह नौकरी को लेकर हो पढ़ाई लिखाई को लेकर सुविधाएं को लेकर वह तो अब आप पहले के जैसे क्या होता है क्या अपने पास ही रहते थे इतना दूर दूर तक जाने में कोई विश्वास नहीं करता था और जानता भी नहीं था पर अभी क्या है लोग शामिल रहे हैं थक जाते हैं पढ़ने-लिखने नौकरी के लिए डिस्टेंस बहुत बढ़ गया है या बढ़ गई है जिस वजह से लोग इतना टाइम नहीं निकाल पा रहे मिलने के बारे इस वजह से वह पहले जैसा नहीं रहा इस वजह से मतलब दूरियां बढ़ गई है बातचीत नहीं हो रहा है दूसरा यह कि टेक्नोलॉजी इंटरनेट गेम्स के कारण पैसे को लेकर लेनदेन को लेकर परिवार परिवार में ही झगड़ा हो जाता है तो सब कारण है फिलहाल जो मतलब जितना मैं अमजद करती हूं मुझे यही सब कारण की वजह से लगता है कि एक परिवारिक रिश्ते में मतलब दूरियां बढ़ती जा रही है
Helo aaj aap ka savaal hai ki parivaarik rishte kis kaaran hee badhate chale ja rahe hain to dekhie matalab abhee jo bheja tha abhee chaay ke aapako har ek cheej ke lie matalab door door tak jaana padata hai chaahe vah naukaree ko lekar ho padhaee likhaee ko lekar suvidhaen ko lekar vah to ab aap pahale ke jaise kya hota hai kya apane paas hee rahate the itana door door tak jaane mein koee vishvaas nahin karata tha aur jaanata bhee nahin tha par abhee kya hai log shaamil rahe hain thak jaate hain padhane-likhane naukaree ke lie distens bahut badh gaya hai ya badh gaee hai jis vajah se log itana taim nahin nikaal pa rahe milane ke baare is vajah se vah pahale jaisa nahin raha is vajah se matalab dooriyaan badh gaee hai baatacheet nahin ho raha hai doosara yah ki teknolojee intaranet gems ke kaaran paise ko lekar lenaden ko lekar parivaar parivaar mein hee jhagada ho jaata hai to sab kaaran hai philahaal jo matalab jitana main amajad karatee hoon mujhe yahee sab kaaran kee vajah se lagata hai ki ek parivaarik rishte mein matalab dooriyaan badhatee ja rahee hai

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
Shipra Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Self Employed
0:34
पारिवारिक रिश्ते किस कारण से बिगड़ते चले जा रहे हैं पति की सबसे बड़ा कारण पारिवारिक होता है कि वह अपनी बात ही करवाना चाहते हैं नहीं चाहते हैं वह अपनी लाइफ अपने तरीके से जीना चाहते हैं रोक रोक नहीं पसंद करते हैं बड़े लोग अपने फैंस के आधार पर छोटू को कुछ बताने की कोशिश करते हैं समझाने की कोशिश करते हैं छोटे व्यक्ति हर एक चीज को अपने हिसाब से अपलोड करना चाहते हैं यहीं पर होता है विचारों में मतभेद होते हैं आरजू में और अधिकतर बहुत ज्यादा बात बढ़ जाने पर रिश्ते बिगड़ जाते हैं धन्यवाद
Paarivaarik rishte kis kaaran se bigadate chale ja rahe hain pati kee sabase bada kaaran paarivaarik hota hai ki vah apanee baat hee karavaana chaahate hain nahin chaahate hain vah apanee laiph apane tareeke se jeena chaahate hain rok rok nahin pasand karate hain bade log apane phains ke aadhaar par chhotoo ko kuchh bataane kee koshish karate hain samajhaane kee koshish karate hain chhote vyakti har ek cheej ko apane hisaab se apalod karana chaahate hain yaheen par hota hai vichaaron mein matabhed hote hain aarajoo mein aur adhikatar bahut jyaada baat badh jaane par rishte bigad jaate hain dhanyavaad

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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student
0:33
आपका सवाल इनकी पारिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते जा रहे हैं तो आजकल जो भी पारिवारिक संबंध बनते हैं वह केवल स्वार्थ के कारण ही बनते आजकल कोई भी किसी से बिना स्वार्थ के कोई भी मत बोल नहीं रखता जब तक स्वार्थ दिखाई देता है तब तक संबंध बहुत अच्छे होते हैं और जैसे ही स्वार्थ खत्म होता है तब स्वार्थ खत्म हो जाता है यानी कि रिश्ते भी करने लग जाता है धन्यवाद
Aapaka savaal inakee paarivaarik rishte kis kaaran bigadate ja rahe hain to aajakal jo bhee paarivaarik sambandh banate hain vah keval svaarth ke kaaran hee banate aajakal koee bhee kisee se bina svaarth ke koee bhee mat bol nahin rakhata jab tak svaarth dikhaee deta hai tab tak sambandh bahut achchhe hote hain aur jaise hee svaarth khatm hota hai tab svaarth khatm ho jaata hai yaanee ki rishte bhee karane lag jaata hai dhanyavaad

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
अमित सिंह बघेल Bolkar App
Top Speaker,Level 55
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सामाजिक कार्यकर्ता, मोटिवेशनल स्पीकर 
1:19
उसने पूछा के परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे थे कि परिवारी रिश्ते बिगड़ने के तरीके एक कारण नहीं है कई कारण हो सकते हैं जैसे अगर मैं आपको बताऊं आत्म निर्भर होती अलग घर बनाने की सोच एक यह भी कारण होता है परिवार के रिश्ते के टूटने का और अलग घर बनते ही दिखी परिवार का टूट जाना जैसे एकल परिवार में एकल परिवार की तुलना में अकेले रहने की वजह यह भी एक कारण है और ऐसे कई कारण जैसे देखे भाई भाई में आजकल लड़ाई हो जाती जमीन के कारण हो जाती है जमीन का बंटवारा होने की वजह से भी देखें परिवारिक रिश्ते बहुत बार देखा गया क्या बिगड़ने के कारण यह भी होते हैं और एक कारण होता सूरत लिखिए शार्ट देखी जब अब जब देखी सभी स्वार्थी हो जाएंगे तो देखिए रिश्ते कैसे हैं आप ठीक हैं आप खुश होते थे कि पहले क्या था ना कि रिश्ते औरतों से बढ़कर होते थे और आजकल रिश्ते जो है वह स्वार्थ के कारण ही रखी बनते हैं भाई भाई को देख लो शार्ट जमीन के लिए लड़े जा रहे हैं दोस्ती भी दिखे आजकल क्या है किस औरत की वजह से ही चल रहा है तो यही सब कारण होते हैं कभी-कभी रिश्ते टूटने के बिगड़ने के जय हिंद जय भारत
Usane poochha ke parivaarik rishte kis kaaran bigadate chale ja rahe the ki parivaaree rishte bigadane ke tareeke ek kaaran nahin hai kaee kaaran ho sakate hain jaise agar main aapako bataoon aatm nirbhar hotee alag ghar banaane kee soch ek yah bhee kaaran hota hai parivaar ke rishte ke tootane ka aur alag ghar banate hee dikhee parivaar ka toot jaana jaise ekal parivaar mein ekal parivaar kee tulana mein akele rahane kee vajah yah bhee ek kaaran hai aur aise kaee kaaran jaise dekhe bhaee bhaee mein aajakal ladaee ho jaatee jameen ke kaaran ho jaatee hai jameen ka bantavaara hone kee vajah se bhee dekhen parivaarik rishte bahut baar dekha gaya kya bigadane ke kaaran yah bhee hote hain aur ek kaaran hota soorat likhie shaart dekhee jab ab jab dekhee sabhee svaarthee ho jaenge to dekhie rishte kaise hain aap theek hain aap khush hote the ki pahale kya tha na ki rishte auraton se badhakar hote the aur aajakal rishte jo hai vah svaarth ke kaaran hee rakhee banate hain bhaee bhaee ko dekh lo shaart jameen ke lie lade ja rahe hain dostee bhee dikhe aajakal kya hai kis aurat kee vajah se hee chal raha hai to yahee sab kaaran hote hain kabhee-kabhee rishte tootane ke bigadane ke jay hind jay bhaarat

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
2:36
प्रश्न है पारिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं तो दिखे फ्रेंडशिप बड़ा ही एक घर परिवार के लिए एक मुद्दा बना हुआ है कि छोटी-छोटी बातों को इग्नोर नहीं कर रहे हैं उसको बात का बतंगड़ बना रहे हैं या आप के कामकाज से लेटे हो गया या खाने-पीने की चीजें हो गई उसमें आपका स्वादिष्ट नहीं बना तो बहुत ऐसी रीजन है कि आपके घर परिवार में छोटी-छोटी बातें हो गई जैसे खाना बना रहे हैं खाना अगर आपकी पत्नी बना रही हो अगर थोड़ा सा गड़बड़ हो जाएगा तो पूरे परिवार के लोग उनको डांट आएंगे आप भी आपको भी कहेंगे क्या आप नहीं नहीं सुधार रहे हो खाना ऐसे बना रही है वह 10:00 बजे उठ रही है या उठने में दिक्कत हो रही है या टाइम से हमें भोजन नहीं मिल रहा है फिर टाइम से घर का कामकाज नहीं हो रहा है तो इस वजह से क्या हो रहा है कि कुछ ऐसी बातें जो एक प्यार से कहना चाहिए समझाना चाहिए लोग उग्र रूप ले लेते हैं वह ग्रुप ही परिवार के रिश्ते को एकदम खंडित करता है और क्या करता है कि आपकी क्रोध को ही एक परिवार के रिश्ते को बिगाड़ने का काम करता है तो इस तरीके से आप क्या करेंगे कि जो परिवारिक रिश्ते हैं उसको सुधारने के लिए आपको सभी को मिलकर क्या करना होगा कि एक विश्वास मत हासिल करना चाहिए एक दूसरे पर विश्वास करना चाहिए एक दूसरे पर प्यार करना चाहिए एक दूसरे को भी समझना चाहिए कि हां इनसे अगर गलती हुई है इस गलती को सुधारा जा सकता है ना कि उन्हें प्रताड़ित किया जा सकता है कोई भी एक परिवार के रिश्ते को बहुत अच्छा कर सकता है अगर इसमें संशोधन करें इसमें हम कुछ अच्छा करने की कोशिश करें उसके अलावा बड़े छोटों की कदर जो नहीं हो रही है आजकल क्या है छोटा बड़े पर हावी हो रहा है इसकी भी एक कारण है परिवार इस रिश्ते को भी करने का और सबसे बड़ी बात है कि कुछ लोग ऐसे होते हैं परिवार में की अपनी एक बेटे को बहुत ज्यादा मानते हैं या दूसरे बेटे को एकदम नहीं मानते हैं इसका भी कारण परिवार में बिगड़ने का होता है कि आप उन्हें प्यार करते हैं उन्हें हर चीज देने की कोशिश करते हैं लेकिन दूसरे बेटे को आप इग्नोर करते हैं तो यह भी एक कारण बनता है और आपको बता दें कि परिवार रिश्ते को अच्छा करने के लिए सभी को मिलकर साथ रहना पड़ेगा क्योंकि परिवार ऐसा होता है अगर मिल के नहीं रहेगा और एक भी उसमें से भी करेगा ना तो पूरे परिवार को भी के रख देगा तू बस मैं यही कहना चाहूंगा कि परिवार के रिश्ते को आप अपने तरीके से जो परेशानियां उसे सॉल्व करिए तभी यह रिश्ता बन सकता है नहीं तो यह बिगड़ जाएगा
Prashn hai paarivaarik rishte kis kaaran bigadate chale ja rahe hain to dikhe phrendaship bada hee ek ghar parivaar ke lie ek mudda bana hua hai ki chhotee-chhotee baaton ko ignor nahin kar rahe hain usako baat ka batangad bana rahe hain ya aap ke kaamakaaj se lete ho gaya ya khaane-peene kee cheejen ho gaee usamen aapaka svaadisht nahin bana to bahut aisee reejan hai ki aapake ghar parivaar mein chhotee-chhotee baaten ho gaee jaise khaana bana rahe hain khaana agar aapakee patnee bana rahee ho agar thoda sa gadabad ho jaega to poore parivaar ke log unako daant aaenge aap bhee aapako bhee kahenge kya aap nahin nahin sudhaar rahe ho khaana aise bana rahee hai vah 10:00 baje uth rahee hai ya uthane mein dikkat ho rahee hai ya taim se hamen bhojan nahin mil raha hai phir taim se ghar ka kaamakaaj nahin ho raha hai to is vajah se kya ho raha hai ki kuchh aisee baaten jo ek pyaar se kahana chaahie samajhaana chaahie log ugr roop le lete hain vah grup hee parivaar ke rishte ko ekadam khandit karata hai aur kya karata hai ki aapakee krodh ko hee ek parivaar ke rishte ko bigaadane ka kaam karata hai to is tareeke se aap kya karenge ki jo parivaarik rishte hain usako sudhaarane ke lie aapako sabhee ko milakar kya karana hoga ki ek vishvaas mat haasil karana chaahie ek doosare par vishvaas karana chaahie ek doosare par pyaar karana chaahie ek doosare ko bhee samajhana chaahie ki haan inase agar galatee huee hai is galatee ko sudhaara ja sakata hai na ki unhen prataadit kiya ja sakata hai koee bhee ek parivaar ke rishte ko bahut achchha kar sakata hai agar isamen sanshodhan karen isamen ham kuchh achchha karane kee koshish karen usake alaava bade chhoton kee kadar jo nahin ho rahee hai aajakal kya hai chhota bade par haavee ho raha hai isakee bhee ek kaaran hai parivaar is rishte ko bhee karane ka aur sabase badee baat hai ki kuchh log aise hote hain parivaar mein kee apanee ek bete ko bahut jyaada maanate hain ya doosare bete ko ekadam nahin maanate hain isaka bhee kaaran parivaar mein bigadane ka hota hai ki aap unhen pyaar karate hain unhen har cheej dene kee koshish karate hain lekin doosare bete ko aap ignor karate hain to yah bhee ek kaaran banata hai aur aapako bata den ki parivaar rishte ko achchha karane ke lie sabhee ko milakar saath rahana padega kyonki parivaar aisa hota hai agar mil ke nahin rahega aur ek bhee usamen se bhee karega na to poore parivaar ko bhee ke rakh dega too bas main yahee kahana chaahoonga ki parivaar ke rishte ko aap apane tareeke se jo pareshaaniyaan use solv karie tabhee yah rishta ban sakata hai nahin to yah bigad jaega

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
3:35
आजकल प्रभारी रिश्तो में लालच स्वागत करती हो चुकी है देखो मैं कावत्या बता रोमांटिक कुआं 10 जनों का पेट भर देता है लेकिन यह दर्शनी भी मिलकर के कुए के पेट नहीं भर पाते वे माता-पिता जो अपने खून पसीना बहा करके अपनी संतानों को पढ़ाते हैं दिखाते हैं स्थापित करते हैं उनका विवाह करते हैं उनको नौकरी आदि गुड्स कैरियर आदी लगाते हैं उन्हीं माता-पिता को वह तो संता ने भी रखने से इंकार कर देती और बीपी व शुगर की आश्रम में अपना जीवन गुजारते हैं इससे शर्मनाक बात ना कोई है ना कोई हो सकेगी और उन मां-बाप की जमीन ज्यादा कुछ लेते हैं बताइए आप इससे और घटिया स्तर क्या हो सकता है या हालात आज को तुम को देखना चाहते हैं तो कभी वृद्ध आश्रमों में जाइए और वृद्धों की करुण कहानी को सुनिए तो आपकी आंखों से आंसू बहने लग जाएंगे जी युवा वर्ग कितना भी गंदगी से एमपी में संस्कृति से गंदे कटिया विचारों की संगत में आने से किस कदर कर चुका है किस कदर दशा भी हो गया है कि आपको देखने को मिलेगा आज तुम परिवारिक रिश्तो में देख रहे हैं कि आप कोई किसी का नहीं है बहन ना भैया सबसे बड़ा रुपैया पोस्ट थी आ गई है लालच स्वार्थ खुदगर्जी इस कदर प्रभारियों को खोखला कर दिया है प्लीज तक दिखाई देते हैं बाकी इनके अंदर जो प्रेम जो सौहार्द जो अपनापन होना चाहिए था वह इस खुदगर्जी लालच स्वार्थ ने इस कदर मिटा दिया है कि प्रभारी कुछ दिन नाम मात्र के रिश्ते रहे हैं और जिन परिवारों में आज भारतीय संस्कृति का पालन होता है यद्यपि ऐसे परिवारों की संख्या सिर्फ आप भारत में 20 परसेंट ही पा सकते हैं जिनमें आपस में प्राप्त है दोस्तों की मर्यादा ही शालीनता है रिश्ता है और जिन परिवारों के बच्चे अपने माता-पिता का सम्मान कर रहे हैं परिवारिक संबंधों की मर्यादाओं को निभा रहे हैं प्रभात दोस्तों में सीमाएं हैं मर्यादा शालीनता है रिश्ता है मधुरता एसिड्स इस प्रश्न पर बाद पा सकते हैं आप अधिकार 80% परिवारों के युवा वर्ग का इन पिक्चरों ने इसकी अपनी संस्कृति ने इस वेस्टर्न कल्चर की फॉलोइंग ने इस आधुनिकता के बाहर ने आज उन को खोखला कर दिया है नाम मात्र का रख दिया है तार-तार कर दिया है
Aajakal prabhaaree rishto mein laalach svaagat karatee ho chukee hai dekho main kaavatya bata romaantik kuaan 10 janon ka pet bhar deta hai lekin yah darshanee bhee milakar ke kue ke pet nahin bhar paate ve maata-pita jo apane khoon paseena baha karake apanee santaanon ko padhaate hain dikhaate hain sthaapit karate hain unaka vivaah karate hain unako naukaree aadi guds kairiyar aadee lagaate hain unheen maata-pita ko vah to santa ne bhee rakhane se inkaar kar detee aur beepee va shugar kee aashram mein apana jeevan gujaarate hain isase sharmanaak baat na koee hai na koee ho sakegee aur un maan-baap kee jameen jyaada kuchh lete hain bataie aap isase aur ghatiya star kya ho sakata hai ya haalaat aaj ko tum ko dekhana chaahate hain to kabhee vrddh aashramon mein jaie aur vrddhon kee karun kahaanee ko sunie to aapakee aankhon se aansoo bahane lag jaenge jee yuva varg kitana bhee gandagee se emapee mein sanskrti se gande katiya vichaaron kee sangat mein aane se kis kadar kar chuka hai kis kadar dasha bhee ho gaya hai ki aapako dekhane ko milega aaj tum parivaarik rishto mein dekh rahe hain ki aap koee kisee ka nahin hai bahan na bhaiya sabase bada rupaiya post thee aa gaee hai laalach svaarth khudagarjee is kadar prabhaariyon ko khokhala kar diya hai pleej tak dikhaee dete hain baakee inake andar jo prem jo sauhaard jo apanaapan hona chaahie tha vah is khudagarjee laalach svaarth ne is kadar mita diya hai ki prabhaaree kuchh din naam maatr ke rishte rahe hain aur jin parivaaron mein aaj bhaarateey sanskrti ka paalan hota hai yadyapi aise parivaaron kee sankhya sirph aap bhaarat mein 20 parasent hee pa sakate hain jinamen aapas mein praapt hai doston kee maryaada hee shaaleenata hai rishta hai aur jin parivaaron ke bachche apane maata-pita ka sammaan kar rahe hain parivaarik sambandhon kee maryaadaon ko nibha rahe hain prabhaat doston mein seemaen hain maryaada shaaleenata hai rishta hai madhurata esids is prashn par baad pa sakate hain aap adhikaar 80% parivaaron ke yuva varg ka in pikcharon ne isakee apanee sanskrti ne is vestarn kalchar kee pholoing ne is aadhunikata ke baahar ne aaj un ko khokhala kar diya hai naam maatr ka rakh diya hai taar-taar kar diya hai

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
अनन्या सिहं Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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शिक्षारत
0:26
का कार्य मिसअंडरस्टैंडिंग गलतफहमी और दूसरों की मजबूरियां या जो भी हो उसे ना समझना और बोलचाल बंद कर देना अपने झगड़ा कर लेना यह सोचना कि उससे बात करना अच्छा नहीं है और रिश्तो में गांठ पड़ जाती है और अक्सर छोटी-छोटी झगड़ों के कारण बड़े-बड़े रिश्ते टूट जाते हैं उन सब की वजह भी यही होती है
Ka kaary misandarastainding galataphahamee aur doosaron kee majabooriyaan ya jo bhee ho use na samajhana aur bolachaal band kar dena apane jhagada kar lena yah sochana ki usase baat karana achchha nahin hai aur rishto mein gaanth pad jaatee hai aur aksar chhotee-chhotee jhagadon ke kaaran bade-bade rishte toot jaate hain un sab kee vajah bhee yahee hotee hai

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 55
सुनिए KamalKishorAwasthi जी का जवाब
घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
5:06
सवाल ही परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं देखिए एक जमाना था जब परिवार में कितने ही लोग होते थे और परिवार हंसता खेलता था और एक दूसरे से एकदम जुड़ा रहता था पैसे कम होते थे पर उसमें भी बहुत बरकत होती थी घर में कोई खुशी की बात होती थी तो बाहर वालों को बुलाने की जरूरत ही नहीं पड़ती थी आज परिवार कितने छोटे हो गए हैं और टूटते जा रहे हैं हमारे रिश्ते बिखरते जा रहे हैं मां बाप भाई बहन चाचा चाची मामा मामी इत्यादि रिश्ते देखने में तो बहुत ही लगते हैं लेकिन उनमें मिठास नाम की चीज बिल्कुल खत्म होती जा रही है हर एक को अपनी-अपनी पड़ी है कि बस सब कुछ हमें मिल जाए पीछे मुड़ के देखते तक नहीं है कि हम अपनी इस विचारधारा से कितना कुछ खो चले जा रहे हैं कोई दिन ऐसा नहीं होता जब कोई परिवार न टूट रहा हो एक बाप कितने चाव से घर की आधारशिला रखता है लेकिन आज आधारशिला की ईटें इतनी कमजोर पड़ गई है कि जितना मर्जी सीमेंट लगा लो वह आपस में जुड़ने का नाम नहीं ले रही हमको क्यों ऐसा कर रहे हैं हम बातें तो बहुत बनाते हैं लेकिन खुद में आए बदलाव को बिल्कुल नजरअंदाज कर रहे हैं दिखावे के लिए रिश्तो को निभा ना कुछ अहमियत नहीं रखता जब तक आप उसे दिल से न माने आज आप खुश हैं और आप चाहते हैं सब आपकी खुशी में शामिल हो लेकिन ऐसी खुशी का क्या फायदा जिसमें किसी की दुआ अपनों का प्यार शामिल ना हो आज जो आपके पास है कल वह किसी और के पास भी दूसरों को अपना बनाने के लिए आप उनके पीछे भाग रहे और जो आपके अपनी है उनसे आप बिना वजह कट रहे हैं क्यों बिना मतलब कोई आपके पास नहीं भटके का लेकिन आपका अपना जिसे आप बेगाना समझ रहे हैं खुशी-खुशी हर मोड़ पर आपका साथ देगा अगर आपको खुद अपने पर विश्वास नहीं तो क्या खाक आप किसी और पर विश्वास करेंगे अंदर से आप बिल्कुल खोखले हो चुके हैं लेकिन दिखावा करने से आवाज नहीं आती लोगों का क्या है उन्हें तो थोड़ी देर की खुशी और खाने-पीने को चाहिए पर आपके अपने परिवार के लोग जो हर कदम पर आप को सहारा दे सकते हैं उनको आप किसी के बहकावे में आकर अपने से दूर कर रहे हैं अगर कुछ टूट जाए तो उसे जोड़ना बहुत मुश्किल होता है कुछ बिखर जाए तो उसे समेटना बहुत कठिन होता है अरे या तो वह माला है जिसके मन के जितने साथ रहे उतना जाप करना दिल को बहुत भाता है अपने अहम को फेंक दीजिए वरना बहुत देर हो जाएगी आप कितने ही लोगों से गिर जाएं खुद को हमेशा अकेला ही महसूस करेंगे या परिवार के चार लोग मिलकर नहीं रह सकते सब कुछ यहीं रह जाना है और आपने 1 दिन चले जाना है नींद से जागी और आंखें खोलके देखिए जिन्हें आप पीछे छोड़ आए हैं वह आज भी आपके साथ है आप की अक्ल पर ऐसा पत्थर पड़ गया है कि आपको अच्छे बुरे की पहचान तक नहीं रही चीजों को लूटने और उनको बिखरने से बचाइए वरना एक दिन आप ऐसा पछताएंगे कि सब कुछ होते हुए भी आप खुद को कंगाल ही समझेंगे अभी भी वक्त है समेट लीजिए जितना समेट सकते हैं ऐसा न हो जो जो बचा खुचा है आप उसे भी खो बैठे कोई बुरा नहीं होता बुरा वक्त होता है जो हमारे अंदर बुराई के बीज पैदा करता है जब बारिश रुक जाती है तो सूरज बादलों का सीना चीरकर हमें फिर से रोशनी देता है खुद को ऐसा सूरज बनाएं कि आपकी गर्मी में भी लोगों को चांद की ठंडक महसूस हो जो हुआ एक ना समझी थी और उसके लिए आप किसी को दोष मत दें पूछे बस रास्ते का पत्थर समझकर हटाए और अपनी मंजिल की तरफ बढ़ती रहे जिंदगी बहुत खूबसूरत है मेरे दोस्त इसलिए मुस्कुराइए किसी को गले लगाइए और सारे गम भूल जाइए ऊपर वाला आप पर अपनी आशीर्वाद के फूल बरसाए गा निश्चित ही बताएगा धन्यवाद
Savaal hee parivaarik rishte kis kaaran bigadate chale ja rahe hain dekhie ek jamaana tha jab parivaar mein kitane hee log hote the aur parivaar hansata khelata tha aur ek doosare se ekadam juda rahata tha paise kam hote the par usamen bhee bahut barakat hotee thee ghar mein koee khushee kee baat hotee thee to baahar vaalon ko bulaane kee jaroorat hee nahin padatee thee aaj parivaar kitane chhote ho gae hain aur tootate ja rahe hain hamaare rishte bikharate ja rahe hain maan baap bhaee bahan chaacha chaachee maama maamee ityaadi rishte dekhane mein to bahut hee lagate hain lekin unamen mithaas naam kee cheej bilkul khatm hotee ja rahee hai har ek ko apanee-apanee padee hai ki bas sab kuchh hamen mil jae peechhe mud ke dekhate tak nahin hai ki ham apanee is vichaaradhaara se kitana kuchh kho chale ja rahe hain koee din aisa nahin hota jab koee parivaar na toot raha ho ek baap kitane chaav se ghar kee aadhaarashila rakhata hai lekin aaj aadhaarashila kee eeten itanee kamajor pad gaee hai ki jitana marjee seement laga lo vah aapas mein judane ka naam nahin le rahee hamako kyon aisa kar rahe hain ham baaten to bahut banaate hain lekin khud mein aae badalaav ko bilkul najarandaaj kar rahe hain dikhaave ke lie rishto ko nibha na kuchh ahamiyat nahin rakhata jab tak aap use dil se na maane aaj aap khush hain aur aap chaahate hain sab aapakee khushee mein shaamil ho lekin aisee khushee ka kya phaayada jisamen kisee kee dua apanon ka pyaar shaamil na ho aaj jo aapake paas hai kal vah kisee aur ke paas bhee doosaron ko apana banaane ke lie aap unake peechhe bhaag rahe aur jo aapake apanee hai unase aap bina vajah kat rahe hain kyon bina matalab koee aapake paas nahin bhatake ka lekin aapaka apana jise aap begaana samajh rahe hain khushee-khushee har mod par aapaka saath dega agar aapako khud apane par vishvaas nahin to kya khaak aap kisee aur par vishvaas karenge andar se aap bilkul khokhale ho chuke hain lekin dikhaava karane se aavaaj nahin aatee logon ka kya hai unhen to thodee der kee khushee aur khaane-peene ko chaahie par aapake apane parivaar ke log jo har kadam par aap ko sahaara de sakate hain unako aap kisee ke bahakaave mein aakar apane se door kar rahe hain agar kuchh toot jae to use jodana bahut mushkil hota hai kuchh bikhar jae to use sametana bahut kathin hota hai are ya to vah maala hai jisake man ke jitane saath rahe utana jaap karana dil ko bahut bhaata hai apane aham ko phenk deejie varana bahut der ho jaegee aap kitane hee logon se gir jaen khud ko hamesha akela hee mahasoos karenge ya parivaar ke chaar log milakar nahin rah sakate sab kuchh yaheen rah jaana hai aur aapane 1 din chale jaana hai neend se jaagee aur aankhen kholake dekhie jinhen aap peechhe chhod aae hain vah aaj bhee aapake saath hai aap kee akl par aisa patthar pad gaya hai ki aapako achchhe bure kee pahachaan tak nahin rahee cheejon ko lootane aur unako bikharane se bachaie varana ek din aap aisa pachhataenge ki sab kuchh hote hue bhee aap khud ko kangaal hee samajhenge abhee bhee vakt hai samet leejie jitana samet sakate hain aisa na ho jo jo bacha khucha hai aap use bhee kho baithe koee bura nahin hota bura vakt hota hai jo hamaare andar buraee ke beej paida karata hai jab baarish ruk jaatee hai to sooraj baadalon ka seena cheerakar hamen phir se roshanee deta hai khud ko aisa sooraj banaen ki aapakee garmee mein bhee logon ko chaand kee thandak mahasoos ho jo hua ek na samajhee thee aur usake lie aap kisee ko dosh mat den poochhe bas raaste ka patthar samajhakar hatae aur apanee manjil kee taraph badhatee rahe jindagee bahut khoobasoorat hai mere dost isalie muskuraie kisee ko gale lagaie aur saare gam bhool jaie oopar vaala aap par apanee aasheervaad ke phool barasae ga nishchit hee bataega dhanyavaad

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:45
फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है पारिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं तो फ्रेंड्स पारिवारिक रिश्ते बिगड़ने की वजह है कि अपना प्रणब युवा जाता है और लोग तो छोटी सी बातों में झगड़ा करते हैं वह जमीन जायदाद जो होती है उसके बारे में भी थोड़े थोड़े से में लोग लड़ाई करने लग जाते हैं और हर आदमी अपने आप को एक दूसरे से शेयर समझता है झुकना नहीं चाहता है इसलिए परिवारिक रिश्ते बिगड़ते चले जा रहे हैं हर व्यक्ति में आजकल वह बहुत भर गया है और घमंड और पैसों के बारे में ज्यादा लड़ाई होती हैं थोड़े थोड़े से मैं किसी को संतोष नहीं है सबको ज्यादा चाहिए इसलिए परिवारिक रिश्ते में बिगड़ते जा रहे हैं धन्यवाद
Phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai paarivaarik rishte kis kaaran bigadate chale ja rahe hain to phrends paarivaarik rishte bigadane kee vajah hai ki apana pranab yuva jaata hai aur log to chhotee see baaton mein jhagada karate hain vah jameen jaayadaad jo hotee hai usake baare mein bhee thode thode se mein log ladaee karane lag jaate hain aur har aadamee apane aap ko ek doosare se sheyar samajhata hai jhukana nahin chaahata hai isalie parivaarik rishte bigadate chale ja rahe hain har vyakti mein aajakal vah bahut bhar gaya hai aur ghamand aur paison ke baare mein jyaada ladaee hotee hain thode thode se main kisee ko santosh nahin hai sabako jyaada chaahie isalie parivaarik rishte mein bigadate ja rahe hain dhanyavaad

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
1:01
पूछा गया है पारिवारिक रिश्ते के कारण भी करते चले जाते हैं तो देखिए अगर आप किसी भी तरीके की बात कर रहे हैं तो इसके बढ़ने का मुख्य कारण लोगों का ईगो आज के समय में हर कोई अपने आपको अपने ईगो को सेटिस्फाई करने के लिए किसी भी रिश्ते को ताक पर रख सकता है चाहे वह रिश्ता पति पत्नी का हो या परिवार में कोई भी रिश्ता हो आज के समय में कोई भी झुकना पसंद नहीं करता सब को यह लगता है कि हम माने हम में क्या परेशानी है जो हम जो कि यह हमने कौन सी गलती करी पर कई बार अगर आप अपने दोस्तों को निभाना चाहते हैं तो बिना गलती के भी आपको झुकना पड़ता है और यह गलत नहीं है अगर आपको रिश्ते चलाने तो रिश्ते चलाने का एक ही तरीका है किसी एक को एडजस्ट करना होगा अगर आप सही भी है तो आप उस समय के लिए शांत हो जाइए जब चीज है सब सही हो जाए तब इस बारे में और मलबे में डिस्कस करिए लोग आपकी बातों को सुनेंगे और समझेंगे भी उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब दो नहीं होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai paarivaarik rishte ke kaaran bhee karate chale jaate hain to dekhie agar aap kisee bhee tareeke kee baat kar rahe hain to isake badhane ka mukhy kaaran logon ka eego aaj ke samay mein har koee apane aapako apane eego ko setisphaee karane ke lie kisee bhee rishte ko taak par rakh sakata hai chaahe vah rishta pati patnee ka ho ya parivaar mein koee bhee rishta ho aaj ke samay mein koee bhee jhukana pasand nahin karata sab ko yah lagata hai ki ham maane ham mein kya pareshaanee hai jo ham jo ki yah hamane kaun see galatee karee par kaee baar agar aap apane doston ko nibhaana chaahate hain to bina galatee ke bhee aapako jhukana padata hai aur yah galat nahin hai agar aapako rishte chalaane to rishte chalaane ka ek hee tareeka hai kisee ek ko edajast karana hoga agar aap sahee bhee hai to aap us samay ke lie shaant ho jaie jab cheej hai sab sahee ho jae tab is baare mein aur malabe mein diskas karie log aapakee baaton ko sunenge aur samajhenge bhee ummeed karatee hoon aapako mera javaab do nahin hoga dhanyavaad

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
anuj gothwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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9828597645
2:01
आजकल वर्तमान में पारिवारिक रिश्ते बिगड़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि नकारात्मक सोच या की सोच के कारण कोई अपराध कम होना जोरिया होना छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई झगड़ा करके इस बात को बड़ा लड़ाई लड़ाई में बढ़ाने पर छोटी लड़ाई से बड़ी लड़ाई करना कि छोटी-छोटी बातों से बड़ी लड़ाई करते हैं कई लोग तथा बिजनस ना कुछ झूठ भी बोल देते हैं इससे हंगामा बहुत बड़ा हो जाता है जिससे की लड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ जाती है कि ऐसी बढ़ जाती है कि लोग आपस में दो तलवार कुंवारे से मारने लग जाते हैं यह नहीं देखते कि अपना परिवार वाले हैं रिश्तेदार वाले हैं कौन हैं यह नहीं पता और पारिवारिक रिश्ते में नजर का भी देखो महत्व इस चीज से बिगड़ते हैं जैसे हम किसी को गलत नजर से देखते हैं तो जैसे हम मतलब कोई लड़का जिस के साथियों को यह किसी पत्नी को देखना न किसी की लुगाई को देखता तो उसकी पत्नी उसके साथ लड़ती है तो यह भी एक लड़ाई का ही का कार्य है लेकिन जहां तक संभव हो सके हमें पारिवारिक रिश्तो को जोड़ना चाहिए वह रिश्ते तभी जोड़ सकते हैं जब व्यक्ति में विश्वास में देरी हो तो शांत स्वभाव रखे तब हो सकता है और व्यापारिक रिश्ते में एंड कार के कारण भी गड़बड़ा भी कार्यक्रम बिगड़ सकता है
Aajakal vartamaan mein paarivaarik rishte bigadane ke kaee kaaran ho sakate hain jaise ki nakaaraatmak soch ya kee soch ke kaaran koee aparaadh kam hona joriya hona chhotee-chhotee baaton par ladaee jhagada karake is baat ko bada ladaee ladaee mein badhaane par chhotee ladaee se badee ladaee karana ki chhotee-chhotee baaton se badee ladaee karate hain kaee log tatha bijanas na kuchh jhooth bhee bol dete hain isase hangaama bahut bada ho jaata hai jisase kee ladaee bahut jyaada badh jaatee hai ki aisee badh jaatee hai ki log aapas mein do talavaar kunvaare se maarane lag jaate hain yah nahin dekhate ki apana parivaar vaale hain rishtedaar vaale hain kaun hain yah nahin pata aur paarivaarik rishte mein najar ka bhee dekho mahatv is cheej se bigadate hain jaise ham kisee ko galat najar se dekhate hain to jaise ham matalab koee ladaka jis ke saathiyon ko yah kisee patnee ko dekhana na kisee kee lugaee ko dekhata to usakee patnee usake saath ladatee hai to yah bhee ek ladaee ka hee ka kaary hai lekin jahaan tak sambhav ho sake hamen paarivaarik rishto ko jodana chaahie vah rishte tabhee jod sakate hain jab vyakti mein vishvaas mein deree ho to shaant svabhaav rakhe tab ho sakata hai aur vyaapaarik rishte mein end kaar ke kaaran bhee gadabada bhee kaaryakram bigad sakata hai

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Social worker in india
0:45
दोस्तों आज का आपका सवाल है पारिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं तो दोस्तों हमारे परिवार में कुछ असामाजिक तत्व का मिलन हो जाने से परिवारिक रिश्ते में खटास आती है क्योंकि जब हमारे परिवार में असामाजिक तत्व के संपर्क में रहने से परिवार के सारे रिश्ते नाते भूल जाते हैं उन्हें स्वार्थ की भावना पनपने लग जाती है जिनसे परिवारिक रिश्ते में दरार आती है धन्यवाद दोस्तों खुश रहो
Doston aaj ka aapaka savaal hai paarivaarik rishte kis kaaran bigadate chale ja rahe hain to doston hamaare parivaar mein kuchh asaamaajik tatv ka milan ho jaane se parivaarik rishte mein khataas aatee hai kyonki jab hamaare parivaar mein asaamaajik tatv ke sampark mein rahane se parivaar ke saare rishte naate bhool jaate hain unhen svaarth kee bhaavana panapane lag jaatee hai jinase parivaarik rishte mein daraar aatee hai dhanyavaad doston khush raho

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
mohit Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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H0tal
0:20
सवाल परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं तुम्हारी रिश्ते जो है आप किसी से झगड़ा करते हो बात नहीं करते मजबूरियों के कारण शक करना इससे भी बड़े-बड़े रिश्ते बिगड़ते चले जाते हैं
Savaal parivaarik rishte kis kaaran bigadate chale ja rahe hain tumhaaree rishte jo hai aap kisee se jhagada karate ho baat nahin karate majabooriyon ke kaaran shak karana isase bhee bade-bade rishte bigadate chale jaate hain

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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
Shahin fidai Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shahin जी का जवाब
Relationship Counselor, Neuro Linguistic Program Faculty, Pranic Healer
2:42
परिवारिक रिश्ते के कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं सबसे पहला कारण होता है कम्युनिकेशन वार्तालाप जिसे हम कहते हैं कि हम कहते कुछ और हैं और हमारे परिवार वाले समझते कुछ और है जहां पर कम्युनिकेशन गैप हम कहते हैं कभी कबार होता है क्योंकि खरीद की अपनी-अपनी सोच होती है तो उसको अगर आप अपना कहो करते हो और उन्हें खुशी के साथ या अनुसार अगर आप उन चीजों का स्वीकार करते हो तो फिर रिश्ते जो है वह बहुत मजबूत होते हैं सबसे पहला कारण होता है कम्युनिकेशन जब कोई चीज आप अपने परिवार वालों के साथ शेयर नहीं करते हो या बताते नहीं हो और अपने परिवार को वही चीजें कहीं और बाहर से पता चलती है तब जाकर परिवार में रिश्ते बिगड़ते हैं हो सकता है कि आप अपने ही परिवार वालों के लोगों के खिलाफ कुछ ऐसे शब्द यूज करते हो जिनका उन्हें पता चल जाता है तो यह बहुत जरूरी है कि आप अपने परिवार के बारे में सकारात्मक चीजें सोचे और सकारात्मक चीजें ही आप अपने दूसरे लोगों के साथ भी शेयर करें यह बहुत जरूरी है कि आपकी सोच में और आपके कर्म में और आपके शब्द में भी सकारात्मक चीजें ही निकले जिससे कि बिगड़े नहीं और भी ज्यादा और रिश्ते मजबूत होता है कि कई बार परिवार के अंदर बहुत ज्यादा झगड़े होते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आप हर एक परिवार के सदस्य के साथ प्रेम से मिठास के साथ अगर आप बातचीत करते हैं संबंधों में गहराई आती है क्योंकि मैं यह बहुत जरूरी है प्यार होना विश्वास होना जिससे कि एक्सेप्ट जाए ताकि जबान में नम्रता और मिठास है क्योंकि हमारे परिवार के लोगों के साथ हमें अपनी पूरी जिंदगी बतानी है तो यह बहुत जरूरी है कि उनके साथ हम पूरी प्यार से नम्रता से और पूरी निष्ठा के साथ उनके साथ बात करें ताकि भी हमेशा खुश रहे सकारात्मक और पॉजिटिव उर्जा हमें देते रहें परिवार के अंदर प्यार बड़ी शांति बड़े और जहां पर प्यार और शांति रहती है वहां पर समृद्धि में आंसू तू चली आती है जिससे जिससे कि आप अपना जीवन सुख शांति और समृद्धि के साथ व्यतीत करें धन्यवाद प्रश्न पूछने के लिए
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परिवारिक रिश्ते किस कारण बिगड़ते चले जा रहे हैं?Parivarik Rishte Kis Karan Bigadte Chale Ja Rahe Hain
raja khan Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए raja जी का जवाब
Farmer
0:35

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