#रिश्ते और संबंध

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
2:47
हेलो शिवांशु आज आपका सवाल है कि और दहेज को लेकर जो भी प्रॉब्लम हो रही है लड़कियों को जो भी फैसला करना पड़ रहा है तो उसने मेरी जा रहा है भूमि और औरतों के लिए बहुत कुछ नियम बनाए गए हैं बहुत स्ट्रॉन्ग कानून है लेकिन ज्यादा से ज्यादा मतलब औरतें अवैध नहीं है इस बारे में जानती नहीं है समझती नहीं है उनके राइट्स क्या है हक क्या है जिस वजह से वह उस प्लेटफार्म तक पहुंची नहीं पाती है जहां पर वह खुद के लिए लड़ पाए उनको पता नहीं चल पाता उनके हक की लड़ाई क्या है और उन्हें कहां कैसे कब क्या करना है तो मेरे हिसाब से जूलॉजी है अभी भी मतलब आप देखते होंगे टीवी में भी देखते होंगे या फिर अगर कभी कोई ऐसी खेत भी जाता है तू अगर बावरी का बाद आता है या फिर एसिड की बात अगर आती तो यह होता रहा है तो मेरे हिसाब से जो औरतें हैं वह पहुंच नहीं पाती है बता नहीं पाती है और जब पहुंच पाती तब जाकर लड़कों को सजा तो होता है लेकिन आज से ज्यादा सजा हो ही नहीं पाता है क्योंकि लड़की डर जाती है फिर उन्हें धमका दिया जाता या फिर सामने प्रसन्न होता तो मेरे हिसाब से अगर करना चाहिए औरतों को उनके हक की बारे में बताना चाहिए लाइफ के बारे में बताना उनको समझाना चाहिए कि यह सब सहना नहीं था कि वह वहां तक पहुंच पाए जहां पर वह कंप्लेंट कर सके तब जाकर उनके साथ मतलब ऐसा ही कुछ भी चीज दुनिया में मतलब और इस डायरी को लेकर किसी डाटा की सबकी छोटी-मोटी बातें इसमें मेरे हिसाब से सिर सजा सुनाना मुझे मतलब मैं इससे सहमत नहीं हूं इसमें और भी ज्यादा कोई स्ट्रिक्ट का नियम बनाना चाहिए कि अगर कोई किसी के ऊपर अगर एसिड फेंक रहा है तो हम यह नहीं तय कर सकते कि इंसान जिंदा रह भी सकता है नहीं तो इसे देखकर हम सिर्फ साल की सजा कैसे लिख सकते के कौन से व्यक्ति में यह सीट किस तरह का सरकार रहा है तो मेरे हिसाब से उम्र क्या है दिया फिर इससे भी सबसे बड़ी तू की सजा होती नहीं ऐसे टाइप की कोई सजा होनी चाहिए और फांसी की सजा होनी चाहिए ताकि लोग मतलब एक भी अगर ऐसा देखे कि हां फांसी की सजा हो रही उम्र कैद की सजा तो लोग मतलब डरे और ऐसा करने के बारे में भी वह ना सोचे तो मेरी सांसे अगर यह नियमित ने स्क्रिप्ट हो और उसका पालन हो औरतों को समझाया जाए उन्हें यह दिमाग में ना डाला जाए कि हां तुम कुछ नहीं कर सकती यही तुम्हारा घर है सहना पड़ेगा तू जाकर वह उस प्लेटफार्म तक पहुंच पाएंगे और यह जो नियम है यह सब डिस्ट्रिक्ट है वह पैसे दरिद्र ऊपर जो भी है उन पर हो पाएगा
Helo shivaanshu aaj aapaka savaal hai ki aur dahej ko lekar jo bhee problam ho rahee hai ladakiyon ko jo bhee phaisala karana pad raha hai to usane meree ja raha hai bhoomi aur auraton ke lie bahut kuchh niyam banae gae hain bahut strong kaanoon hai lekin jyaada se jyaada matalab auraten avaidh nahin hai is baare mein jaanatee nahin hai samajhatee nahin hai unake raits kya hai hak kya hai jis vajah se vah us pletaphaarm tak pahunchee nahin paatee hai jahaan par vah khud ke lie lad pae unako pata nahin chal paata unake hak kee ladaee kya hai aur unhen kahaan kaise kab kya karana hai to mere hisaab se joolojee hai abhee bhee matalab aap dekhate honge teevee mein bhee dekhate honge ya phir agar kabhee koee aisee khet bhee jaata hai too agar baavaree ka baad aata hai ya phir esid kee baat agar aatee to yah hota raha hai to mere hisaab se jo auraten hain vah pahunch nahin paatee hai bata nahin paatee hai aur jab pahunch paatee tab jaakar ladakon ko saja to hota hai lekin aaj se jyaada saja ho hee nahin paata hai kyonki ladakee dar jaatee hai phir unhen dhamaka diya jaata ya phir saamane prasann hota to mere hisaab se agar karana chaahie auraton ko unake hak kee baare mein bataana chaahie laiph ke baare mein bataana unako samajhaana chaahie ki yah sab sahana nahin tha ki vah vahaan tak pahunch pae jahaan par vah kamplent kar sake tab jaakar unake saath matalab aisa hee kuchh bhee cheej duniya mein matalab aur is daayaree ko lekar kisee daata kee sabakee chhotee-motee baaten isamen mere hisaab se sir saja sunaana mujhe matalab main isase sahamat nahin hoon isamen aur bhee jyaada koee strikt ka niyam banaana chaahie ki agar koee kisee ke oopar agar esid phenk raha hai to ham yah nahin tay kar sakate ki insaan jinda rah bhee sakata hai nahin to ise dekhakar ham sirph saal kee saja kaise likh sakate ke kaun se vyakti mein yah seet kis tarah ka sarakaar raha hai to mere hisaab se umr kya hai diya phir isase bhee sabase badee too kee saja hotee nahin aise taip kee koee saja honee chaahie aur phaansee kee saja honee chaahie taaki log matalab ek bhee agar aisa dekhe ki haan phaansee kee saja ho rahee umr kaid kee saja to log matalab dare aur aisa karane ke baare mein bhee vah na soche to meree saanse agar yah niyamit ne skript ho aur usaka paalan ho auraton ko samajhaaya jae unhen yah dimaag mein na daala jae ki haan tum kuchh nahin kar sakatee yahee tumhaara ghar hai sahana padega too jaakar vah us pletaphaarm tak pahunch paenge aur yah jo niyam hai yah sab distrikt hai vah paise daridr oopar jo bhee hai un par ho paega

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Siya Ram Dubey Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Youtuber, life coach, spiritual thinker, motivational speaker, social media influencer
2:15
सर आपका प्रश्न है कि ग दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए या नहीं क्योंकि हमारे देश में दहेज प्रथा के कारण कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद होती है ठीक है बिल्कुल आपकी सोच जो है सही है लेकिन केवल आपके और हमारे सोचने से नहीं होगा जब तक इस बारे में पूरा समाज जागरूक नहीं होगा पूरा समाज इस बारे में नहीं सोचेगा क्योंकि यह पूरा समाज का नुकसान है केवल किसी एक व्यक्ति का नुकसान नहीं है पूरा समाज मिलकर इस विषय पर यदि सोचेगा इस विषय को अपना आएगा तब जाकर कुछ इस पर हो सकता है इसके साथ-साथ सरकार भी यदि चाहे तो कड़े कानून लागू कर सकती है इस पर और या बिल्कुल समाज के लिए एक अभिशाप है क्योंकि कितने लड़कियां मां बहनों की जो जिंदगी है बर्बाद हो जाती है इससे लेकिन कितने लोग ऐसे समाज में भी हैं जो कि दहेज को अपना हक मान ते हैं और दहेज लेना उनको बहुत लेने में मजा आता है लेकिन यह सामने वाले की स्थिति और परिस्थिति को नहीं देखते हैं कि वह देने लायक वह है या नहीं है क्या हुआ व्यक्ति खुशी से इस चीज को दे रहा है या फिर उसे आपके मजबूर करने के कारण देना पड़ रहा है यह सारी बातें सोचना पड़ता है यदि यह कोई व्यक्ति नहीं सोचता है तो वह समझ लीजिए कि परोक्ष रूप से सामने वाला का गला काट रहा है क्योंकि सामने वाले को तो मजबूरी है कि अब की लड़की की शादी करनी है तो उसे जो आप मांगे उसे पूरा करना उसका मजबूरी हो जाता है लेकिन इसके साथ ही जो लेने वाले हैं उनको भी सोचना चाहिए और जब तक यह दे नहीं आएगा दिमाग में कि यह शादी ब्याह कोई सौदेबाजी का चीज नहीं है बल्कि एक रिश्तेदारी निभाने का चीज है और जन्म जन्मांतर का रिजल्ट सारी होता है तो तब तक किए समाज में बदलाव नहीं आएगा इस पर सरकार को भी कड़क कानून बनाना चाहिए धन्यवाद आपके इस प्रश्न के लिए आपके प्रश्न से बिल्कुल सहमत हूं मैं इस चीज को बंद होना बहुत ज्यादा जरूरी है
Sar aapaka prashn hai ki ga dahej pratha ko khatm karana chaahie ya nahin kyonki hamaare desh mein dahej pratha ke kaaran kitanee ladakiyon kee jindagee barbaad hotee hai theek hai bilkul aapakee soch jo hai sahee hai lekin keval aapake aur hamaare sochane se nahin hoga jab tak is baare mein poora samaaj jaagarook nahin hoga poora samaaj is baare mein nahin sochega kyonki yah poora samaaj ka nukasaan hai keval kisee ek vyakti ka nukasaan nahin hai poora samaaj milakar is vishay par yadi sochega is vishay ko apana aaega tab jaakar kuchh is par ho sakata hai isake saath-saath sarakaar bhee yadi chaahe to kade kaanoon laagoo kar sakatee hai is par aur ya bilkul samaaj ke lie ek abhishaap hai kyonki kitane ladakiyaan maan bahanon kee jo jindagee hai barbaad ho jaatee hai isase lekin kitane log aise samaaj mein bhee hain jo ki dahej ko apana hak maan te hain aur dahej lena unako bahut lene mein maja aata hai lekin yah saamane vaale kee sthiti aur paristhiti ko nahin dekhate hain ki vah dene laayak vah hai ya nahin hai kya hua vyakti khushee se is cheej ko de raha hai ya phir use aapake majaboor karane ke kaaran dena pad raha hai yah saaree baaten sochana padata hai yadi yah koee vyakti nahin sochata hai to vah samajh leejie ki paroksh roop se saamane vaala ka gala kaat raha hai kyonki saamane vaale ko to majabooree hai ki ab kee ladakee kee shaadee karanee hai to use jo aap maange use poora karana usaka majabooree ho jaata hai lekin isake saath hee jo lene vaale hain unako bhee sochana chaahie aur jab tak yah de nahin aaega dimaag mein ki yah shaadee byaah koee saudebaajee ka cheej nahin hai balki ek rishtedaaree nibhaane ka cheej hai aur janm janmaantar ka rijalt saaree hota hai to tab tak kie samaaj mein badalaav nahin aaega is par sarakaar ko bhee kadak kaanoon banaana chaahie dhanyavaad aapake is prashn ke lie aapake prashn se bilkul sahamat hoon main is cheej ko band hona bahut jyaada jarooree hai

Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
3:50
इस प्रथा को खत्म करना चाहिए या नहीं क्योंकि हमारे देश में दहेज प्रथा के कारण कितनी लड़कियां जिंदगी बर्बाद हो रही है जैसे देखेंगे आपको बहुत-बहुत सामाजिक मुद्दा अपने उस निश्चित तौर पर दहेज के कारण से हजारों लाखों लड़कियां हर साल अपनी जिंदगी से हाथ हो रही है सिर्फ एक प्रश्न है सचमुच समाज के लिए एक शब्द तो है ही लेकिन ने एक बहुत गलत मुद्दा है मुद्दा है हमारे समाज की खेती है कि सरकार ने भी कानून बनाया है लेकिन वह कहते हैं कानून भी लुक्का छिपा कर के काम करते हुए सख्त सजा का प्रावधान नहीं अगर है अभी तो लोगों के अंदर भी है उसकी जागरूकता नहीं है कि किस तरह से इसका क्या और कहीं हम सामाजिक लोग ही इनका संरक्षण देर हम लोग बढ़ावा दे रहे हैं यहां पर हमारे सामाजिक सोच को बदलने की जरूरत है कानून के साथ-साथ हमारे जो सामाजिक सोच है हमारे जो सामाजिक के लोग इन को बदला जाए बहुत सारे लोग अपने आप को सामाजिक कार्यकर्ता करते हैं टेलीविजन इस केंद्र पर बात करते हुए देख लेता हूं और वह सारी चीजों में लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण पाता हूं कि यहां पर तो लोग उडी उडी उडी लिखे हैं लेकिन जब समझ कर गलत मत जा है और ही आज से नहीं यह सदियों से चला आ रहा है और इस दहेज की बलि पर हजारों लाखों लड़कियां भारत में बलि हो रही है और इस मुद्दे को किसी का भी कोई उदाहरण नहीं है और ध्यान नहीं है ऐसी तौर पर यह खत्म होना चाहिए और यह पूरी तरह से बंद करके प्रतिबंधित करना चाहिए सरकार को इसके लिए सख्त कानून लाना चाहिए दहेज लेने वाले देने वाले या देश की प्रताड़ना करने वालों के लिए निश्चित इस तरह का सजा होगी वह भी हमेशा इसके लिए डरते हैं उनके अंदर एक धर्म होना बहुत जरूरी है और इसके साथ-साथ हमें आपको भी सजग रहना होगा और हमें आपको भी उस कानून के दायरे में रहकर के ही निश्चित तौर पर बेहतर सोचना होगा और अपनी सोच को सकारात्मक ला करके उन पर इसका दूध दुष्परिणाम होगा वह सब को बताना होगा आपने बोलकर जैसे प्लेटफार्म पर यह प्रश्न उठाया न चित्तौड़गढ़ सराहनीय कदम है और मैं चाहता हूं कि हमारे जितने भी साथी हो यहां या जो भी काम कर रहे हैं निश्चित तौर पर उनका सहयोग मिले और वह लोग भी ऐसी चीजों में आगे आए और बढ़-चढ़कर के आए ताकि अगर हम इसे को एक मुहिम बना लेते हैं और लोगों को समझाने में कामयाब हो जाते हैं कि निश्चित तौर पर बेहतर परिणाम हो सकता है तो कहीं ना कहीं मैं समझता हूं कि आपका मदाजत है और बिल्कुल बंद होना चाहिए हंड्रेड परसेंट बंद होना चाहिए और किसी भी तरह से इसका समर्थन नहीं करना चाहिए हर वर्ग विशेष को चाहे वह किसी भी संप्रदाय जाति या कहीं का भी हो निश्चित तौर पर उसको इस पर ध्यान रखना चाहिए और उसके अनुरूप जो है इसके खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए और अब बोलकर जैसे प्लेटफार्म पर आपने उठाया है और मैं आपकी सराहना करता हूं और अच्छा भी है कि लोगों को समझाना चाहिए और बताना चाहिए कि भैया यह ठीक नहीं है और निश्चित तौर पर लड़कियों को ही बलि का बकरा क्यों बनाया जाता है और क्यों नहीं इसमें लोगों की जागरूकता और विश्वास होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा सके
Is pratha ko khatm karana chaahie ya nahin kyonki hamaare desh mein dahej pratha ke kaaran kitanee ladakiyaan jindagee barbaad ho rahee hai jaise dekhenge aapako bahut-bahut saamaajik mudda apane us nishchit taur par dahej ke kaaran se hajaaron laakhon ladakiyaan har saal apanee jindagee se haath ho rahee hai sirph ek prashn hai sachamuch samaaj ke lie ek shabd to hai hee lekin ne ek bahut galat mudda hai mudda hai hamaare samaaj kee khetee hai ki sarakaar ne bhee kaanoon banaaya hai lekin vah kahate hain kaanoon bhee lukka chhipa kar ke kaam karate hue sakht saja ka praavadhaan nahin agar hai abhee to logon ke andar bhee hai usakee jaagarookata nahin hai ki kis tarah se isaka kya aur kaheen ham saamaajik log hee inaka sanrakshan der ham log badhaava de rahe hain yahaan par hamaare saamaajik soch ko badalane kee jaroorat hai kaanoon ke saath-saath hamaare jo saamaajik soch hai hamaare jo saamaajik ke log in ko badala jae bahut saare log apane aap ko saamaajik kaaryakarta karate hain teleevijan is kendr par baat karate hue dekh leta hoon aur vah saaree cheejon mein lekin durbhaagyapoorn paata hoon ki yahaan par to log udee udee udee likhe hain lekin jab samajh kar galat mat ja hai aur hee aaj se nahin yah sadiyon se chala aa raha hai aur is dahej kee bali par hajaaron laakhon ladakiyaan bhaarat mein bali ho rahee hai aur is mudde ko kisee ka bhee koee udaaharan nahin hai aur dhyaan nahin hai aisee taur par yah khatm hona chaahie aur yah pooree tarah se band karake pratibandhit karana chaahie sarakaar ko isake lie sakht kaanoon laana chaahie dahej lene vaale dene vaale ya desh kee prataadana karane vaalon ke lie nishchit is tarah ka saja hogee vah bhee hamesha isake lie darate hain unake andar ek dharm hona bahut jarooree hai aur isake saath-saath hamen aapako bhee sajag rahana hoga aur hamen aapako bhee us kaanoon ke daayare mein rahakar ke hee nishchit taur par behatar sochana hoga aur apanee soch ko sakaaraatmak la karake un par isaka doodh dushparinaam hoga vah sab ko bataana hoga aapane bolakar jaise pletaphaarm par yah prashn uthaaya na chittaudagadh saraahaneey kadam hai aur main chaahata hoon ki hamaare jitane bhee saathee ho yahaan ya jo bhee kaam kar rahe hain nishchit taur par unaka sahayog mile aur vah log bhee aisee cheejon mein aage aae aur badh-chadhakar ke aae taaki agar ham ise ko ek muhim bana lete hain aur logon ko samajhaane mein kaamayaab ho jaate hain ki nishchit taur par behatar parinaam ho sakata hai to kaheen na kaheen main samajhata hoon ki aapaka madaajat hai aur bilkul band hona chaahie handred parasent band hona chaahie aur kisee bhee tarah se isaka samarthan nahin karana chaahie har varg vishesh ko chaahe vah kisee bhee sampradaay jaati ya kaheen ka bhee ho nishchit taur par usako is par dhyaan rakhana chaahie aur usake anuroop jo hai isake khilaaph kaarravaee karana chaahie aur ab bolakar jaise pletaphaarm par aapane uthaaya hai aur main aapakee saraahana karata hoon aur achchha bhee hai ki logon ko samajhaana chaahie aur bataana chaahie ki bhaiya yah theek nahin hai aur nishchit taur par ladakiyon ko hee bali ka bakara kyon banaaya jaata hai aur kyon nahin isamen logon kee jaagarookata aur vishvaas hona chaahie taaki jyaada se jyaada logon ko bachaaya ja sake

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
1:15
सुनील कुमार जी आपने प्रश्न पूछा है कि क्या दहेज प्रथा को खत्म कर देना चाहिए या नहीं क्योंकि हमारे देश में दहेज प्रथा के कारण कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद होती है घर से निकाल दिया जाता है जला दिया जाता है सेट किया जाता है वह तो सुनील जी दहेज प्रथा को बिल्कुल खत्म कर देना चाहिए मेरी यही राय है कि दहेज प्रथा हमारे भारत में होनी ही नहीं चाहिए शादियों के समय बिल्कुल भी कोई भी दहेज की मांग नहीं रखनी चाहिए और आप लोग तो जानते होंगे दहेज प्रथा के कारण लड़कियों को कितनी प्रताड़ना सहनी पड़ती है ससुराल जाकर लोग ताने मारने लगते हैं दहेज में यह लाओ बुलाओ उसको परेशान करने लगते हैं लड़की को तो दहेज प्रथा सरकार को ऐसा रोल बनाना चाहिए कि जो भी दहेज मांगे उसके लड़के की शादी बिल्कुल भी ना हो और जो भी मां-बाप अपनी लड़कियों को दहेज देकर भी शादी करते हैं तो भी बेचारे टेंशन में रहते हैं कि हमारी लड़की के साथ कुछ गलत ना हो जाए इसलिए मैं बिचारे परेशान रहते हैं तो दहेज प्रथा बिल्कुल खत्म हो जानी चाहिए हम लोग जहां भी देखे कोई दहेज मांग रहा है तो हम लोग उसका समर्थन नहीं करना चाहिए बिल्कुल उसका विरोध करना चाहिए और इस बुराई के खिलाफ बिल्कुल आवाज उठानी चाहिए बिल्कुल दहेज प्रथा बंद हो जानी चाहिए धन्यवाद
Suneel kumaar jee aapane prashn poochha hai ki kya dahej pratha ko khatm kar dena chaahie ya nahin kyonki hamaare desh mein dahej pratha ke kaaran kitanee ladakiyon kee jindagee barbaad hotee hai ghar se nikaal diya jaata hai jala diya jaata hai set kiya jaata hai vah to suneel jee dahej pratha ko bilkul khatm kar dena chaahie meree yahee raay hai ki dahej pratha hamaare bhaarat mein honee hee nahin chaahie shaadiyon ke samay bilkul bhee koee bhee dahej kee maang nahin rakhanee chaahie aur aap log to jaanate honge dahej pratha ke kaaran ladakiyon ko kitanee prataadana sahanee padatee hai sasuraal jaakar log taane maarane lagate hain dahej mein yah lao bulao usako pareshaan karane lagate hain ladakee ko to dahej pratha sarakaar ko aisa rol banaana chaahie ki jo bhee dahej maange usake ladake kee shaadee bilkul bhee na ho aur jo bhee maan-baap apanee ladakiyon ko dahej dekar bhee shaadee karate hain to bhee bechaare tenshan mein rahate hain ki hamaaree ladakee ke saath kuchh galat na ho jae isalie main bichaare pareshaan rahate hain to dahej pratha bilkul khatm ho jaanee chaahie ham log jahaan bhee dekhe koee dahej maang raha hai to ham log usaka samarthan nahin karana chaahie bilkul usaka virodh karana chaahie aur is buraee ke khilaaph bilkul aavaaj uthaanee chaahie bilkul dahej pratha band ho jaanee chaahie dhanyavaad

anuj ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Unknown
0:51
जी हां दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए क्योंकि इससे कारण हमारे देश में कई लड़कियां मौत का शिकार हो जाती हैं तथा कई करो लड़कियों के परिवार की स्थिति खराब हो जाती है तो इसके लिए आप जो नियम कानून बना है जो पहले बना वह मैं आपको बताता हूं दहेज निषेध अधिनियम 1961 के अनुसार दहेज लेने देने का इसके लेनदेन के सहयोग में सहयोग करने पर 5 साल की सजा ₹10000 का जुर्माना लगा हुआ है कोई भी नियमों का पालन नहीं करता उसे इस कानून को भुगतना पड़ेगा
Jee haan dahej pratha ko khatm karana chaahie kyonki isase kaaran hamaare desh mein kaee ladakiyaan maut ka shikaar ho jaatee hain tatha kaee karo ladakiyon ke parivaar kee sthiti kharaab ho jaatee hai to isake lie aap jo niyam kaanoon bana hai jo pahale bana vah main aapako bataata hoon dahej nishedh adhiniyam 1961 ke anusaar dahej lene dene ka isake lenaden ke sahayog mein sahayog karane par 5 saal kee saja ₹10000 ka jurmaana laga hua hai koee bhee niyamon ka paalan nahin karata use is kaanoon ko bhugatana padega

neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Job
2:30
नमस्कार आपका सवाल है क्या दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए या नहीं क्योंकि हमारे देश में दहेज प्रथा के कारण कितनी लड़की की जिंदगी बर्बाद होती है तो बहुत ही अच्छा सवाल है और यह सवाल आपने बहुत अच्छा उठाया है और बिल्कुल दहेज पता बिल्कुल खत्म होना चाहिए क्योंकि दहेज के कारण हजारों लड़कियों की जिंदगी बर्बाद होती है कुछ तो इतनी अच्छी लड़कियां थी इतना उनके अंदर गुण होता है पढ़ लिखकर और दहेज ना होने कारण उनकी शादी खराब जगह हो जाती है गलत आदमी से हो जाती है और पूरी लाइफ बर्बाद हो जाती है कुछ जगह तो देखा जाता है कि दहेज ना मिलने पर कम देने पर लड़कियों को प्रताड़ित किया जाता है उन्हें जला दिया जाता है क्या-क्या होता है सब कुछ लेकिन बहुत सारे लोग यह बोलते हैं कि हमारे आपके सोचने से नहीं बिल्कुल हमारे और आपके सोचने से ही होगा एक-एक करके सब सोचेंगे तभी होगा हर कोई अगर यही सोचने लगे कि हमारे और आपके सोचने से नहीं खत्म होगा तो फिर सोचेगा कौन सोचना हमें अगर हम एक एक इंसान ने अगर एक लड़का अगर बोलते हम दहेज नहीं लेंगे तो एक लड़की की जिंदगी संवर सकती है तू दोस्तों को बिल्कुल दहेज प्रथा खत्म होना चाहिए और यह से खत्म होने के बाद ही इतनी सारी समस्याएं जो है वह खत्म हो जाएंगी क्योंकि फिर लड़कियों को उनके हिसाब से उनके कैरियर और उनकी पढ़ाई लिखाई उनको गुणों के आधार पर लड़की मिलेंगे और फिर दोनों की लाइफ सेटल रहेगी अभी क्या होता है कि दहेज की वजह से जिसके पास है पैसे हैं जिस मां-बाप के पास पैसे अपनी बिना पढ़ी लिखी है गलत कैरेक्टर या बिना समझदार लड़की की शादी किसी अच्छी घर के लड़के से कर देती है क्योंकि उनके पास पैसे होते हैं और अमीर घर में उनकी शादी हो जाती है कि पढ़े-लिखे लड़के से डॉक्टर इंजीनियर से पूरी लाइफ सिस्को खेलते हैं बर्दाश्त करते हैं एडजस्ट करते हैं और खुश नहीं रहते हैं फिर क्या होता है कि फिर वह कहीं और उनका दिमाग अलग जाता है फिर बाहर अलग रिलेशन बनता है तो बहुत सारी समस्याएं आती है अगर यह दहेज प्रथा खत्म हो जाए तो बहुत सारी चीजों से छुटकारा मिल जाएगा और यह हम और आप ही सोचेंगे तो सही होगा बिल्कुल अगर हर कोई इसी तरह सोचने लगे एक-एक करके तो 1 दिन ऐसा जरूर आएगा कि दहेज पता हट जाएगी खत्म हो जाएगी और उस दिन का इंतजार हमेशा रहेगा कि कब वह दिन आएगा जब हमारे देश से हमारे समाज से यह दहेज प्रथा खत्म हो जाएगी धन्यवाद दोस्त हो सकता है मेरा जवाब आपको अच्छा लगे धन्यवाद
Namaskaar aapaka savaal hai kya dahej pratha ko khatm karana chaahie ya nahin kyonki hamaare desh mein dahej pratha ke kaaran kitanee ladakee kee jindagee barbaad hotee hai to bahut hee achchha savaal hai aur yah savaal aapane bahut achchha uthaaya hai aur bilkul dahej pata bilkul khatm hona chaahie kyonki dahej ke kaaran hajaaron ladakiyon kee jindagee barbaad hotee hai kuchh to itanee achchhee ladakiyaan thee itana unake andar gun hota hai padh likhakar aur dahej na hone kaaran unakee shaadee kharaab jagah ho jaatee hai galat aadamee se ho jaatee hai aur pooree laiph barbaad ho jaatee hai kuchh jagah to dekha jaata hai ki dahej na milane par kam dene par ladakiyon ko prataadit kiya jaata hai unhen jala diya jaata hai kya-kya hota hai sab kuchh lekin bahut saare log yah bolate hain ki hamaare aapake sochane se nahin bilkul hamaare aur aapake sochane se hee hoga ek-ek karake sab sochenge tabhee hoga har koee agar yahee sochane lage ki hamaare aur aapake sochane se nahin khatm hoga to phir sochega kaun sochana hamen agar ham ek ek insaan ne agar ek ladaka agar bolate ham dahej nahin lenge to ek ladakee kee jindagee sanvar sakatee hai too doston ko bilkul dahej pratha khatm hona chaahie aur yah se khatm hone ke baad hee itanee saaree samasyaen jo hai vah khatm ho jaengee kyonki phir ladakiyon ko unake hisaab se unake kairiyar aur unakee padhaee likhaee unako gunon ke aadhaar par ladakee milenge aur phir donon kee laiph setal rahegee abhee kya hota hai ki dahej kee vajah se jisake paas hai paise hain jis maan-baap ke paas paise apanee bina padhee likhee hai galat kairektar ya bina samajhadaar ladakee kee shaadee kisee achchhee ghar ke ladake se kar detee hai kyonki unake paas paise hote hain aur ameer ghar mein unakee shaadee ho jaatee hai ki padhe-likhe ladake se doktar injeeniyar se pooree laiph sisko khelate hain bardaasht karate hain edajast karate hain aur khush nahin rahate hain phir kya hota hai ki phir vah kaheen aur unaka dimaag alag jaata hai phir baahar alag rileshan banata hai to bahut saaree samasyaen aatee hai agar yah dahej pratha khatm ho jae to bahut saaree cheejon se chhutakaara mil jaega aur yah ham aur aap hee sochenge to sahee hoga bilkul agar har koee isee tarah sochane lage ek-ek karake to 1 din aisa jaroor aaega ki dahej pata hat jaegee khatm ho jaegee aur us din ka intajaar hamesha rahega ki kab vah din aaega jab hamaare desh se hamaare samaaj se yah dahej pratha khatm ho jaegee dhanyavaad dost ho sakata hai mera javaab aapako achchha lage dhanyavaad

Rajeev Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rajeev जी का जवाब
Student
0:57
हेलो दोस्तों नमस्कार हमारा आज का प्रश्न है क्या दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए क्योंकि इससे बहुत सारी लड़कियों की जिंदगी तबाह हो जाती है दोस्तों की यह बात तो बिल्कुल सही है कि दहेज प्रथा को खत्म कर देना चाहिए क्योंकि इसके हम भी खिलाफ हैं दहेज प्रथा के खिलाफ दहेज हमें नहीं लेना चाहिए क्योंकि दहेज की वजह से हजारों लड़कियों की जिंदगी तबाह हो जाती है मैसेज फेंकना और बाकी आग में झुलसने से बहुत सारे है ऐसा ससुर घर से निकाल देते हैं कि यह दो दहेज नहीं लाई है तो अंदाज के हम भी खिलाफ हैं दहेज की प्रथा को भारत में खत्म कर देना चाहिए बिल्कुल खत्म कर देना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से हजारों लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हो जाती है
Helo doston namaskaar hamaara aaj ka prashn hai kya dahej pratha ko khatm karana chaahie kyonki isase bahut saaree ladakiyon kee jindagee tabaah ho jaatee hai doston kee yah baat to bilkul sahee hai ki dahej pratha ko khatm kar dena chaahie kyonki isake ham bhee khilaaph hain dahej pratha ke khilaaph dahej hamen nahin lena chaahie kyonki dahej kee vajah se hajaaron ladakiyon kee jindagee tabaah ho jaatee hai maisej phenkana aur baakee aag mein jhulasane se bahut saare hai aisa sasur ghar se nikaal dete hain ki yah do dahej nahin laee hai to andaaj ke ham bhee khilaaph hain dahej kee pratha ko bhaarat mein khatm kar dena chaahie bilkul khatm kar dena chaahie kyonki isakee vajah se hajaaron ladakiyon kee jindagee barbaad ho jaatee hai

Maayank Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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College
1:39
नमस्कार क्या दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए या नहीं सबसे पहले तो यह बता दिया जाएगा जो है यह भारत की नहीं है पहले चली आती तो इसका एक संस्कृत शब्द होता लेकिन संस्कृत में ऐसी कोई भी चीज भी की ही है इस कारण यह भारत की नीति नहीं थी ऐसा कुछ भी नहीं था निवास कि वह एक लड़की के घरवाले में खुशी-खुशी अपना देते थे लेकिन दहेज नहीं मांगता था मैं इतना पढ़ा उसमें लिखा है नेट पर देखा जो अपने पद है उसमें है कि अंग्रेज सरकार हमारे यहां पर ले कर आइए यह पॉलिसी यह प्रथा क्योंकि जब अंग्रेज आए तो उन्होंने कहा एक कानून बनाया कि अगर कोई जमीन है उसका कोई वायरस नहीं बचा यानी एक जमीन है उसके एक प्रेमी की जमीनों से आने में क्या पति पत्नी और एक बेटी और बेटा तो वह कहते हैं अगर बेटा मर जाए और बेटी ही बच्चे तू जमीन बेटी की जगह सरकार तड़पते किया है जो अंग्रेज सरकार है वह ले ऐसा कानून था जिसके चलते जिनके यहां पर बेटियां होती थी वह परिवार वह जमीन भी घर लड़के वालों को दे देता था तो वहां के चलते चलते अब यह दहेज प्रथा आगे बीच में जो अब तक चल रही है को तो यह भारत की रितु नहीं भारत का भारत की प्रथम नहीं है कि इसलिए उसको जल्द से जल्द खत्म कर आ जाना चाहिए
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Som Prakash Gupta Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Open to work
0:37
आजकल का जमाना बराबरी का है लड़कियां हर काम में लड़कों के लड़कों से कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती चलती भी है पढ़ाई भी कर रही है और इवन आप देखोगे कि हायर एजुकेशन में लड़कियां लड़कों से ज्यादा है और अच्छा स्कोर करती हैं तो दहेज प्रथा एक ऐसी प्रजाति पुरानी प्रसादी जिसमें उस टाइम पर लड़कियों को इतना एजुकेशन नहीं दिया जाता था ना वह जॉब में हो तीनो बिजनेस में हो दीदी इस तरह से आजकल पैटर्न थोड़ा बदल गया सब लोग लड़कियां भी जॉब पर जाती है लड़के भी जॉब पर जाते हैं तो इस प्रथा को खत्म कर देना चाहिए खत्म हो चुकी है
Aajakal ka jamaana baraabaree ka hai ladakiyaan har kaam mein ladakon ke ladakon se kandhe se kandha milaakar chalana chaahatee chalatee bhee hai padhaee bhee kar rahee hai aur ivan aap dekhoge ki haayar ejukeshan mein ladakiyaan ladakon se jyaada hai aur achchha skor karatee hain to dahej pratha ek aisee prajaati puraanee prasaadee jisamen us taim par ladakiyon ko itana ejukeshan nahin diya jaata tha na vah job mein ho teeno bijanes mein ho deedee is tarah se aajakal paitarn thoda badal gaya sab log ladakiyaan bhee job par jaatee hai ladake bhee job par jaate hain to is pratha ko khatm kar dena chaahie khatm ho chukee hai

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
2:22
दहेज प्रथा को एकदम भी खत्म करना चाहिए यह दहेज रूपी दानव ने कितने लड़के लड़के और कितने परिवारों को बर्बाद कर दिया है यह कभी तुम इसका सर्वे करो कभी स्पष्ट चिंतन करो विचारों का मंथन करो तब आपको ज्ञात होगा कितनी लड़कियां बेचारी इस दहेज प्रथा के कारण से योग्य करके भी अयोग्य को दे दी जाती है कितने की लड़कियां इस दहेज के कारण से उनके माता-पिता ऊपर दहेज का अभाव होने के कारण से कुंवारी रह जाती हैं कितनी हो कि जीवन नर्क में हो जाते हैं कितनी चल जाती हैं कितनी मर जाती हैं यह बड़ा दुख का विषय है पर दुर्भाग्य का विषय यह है बेटे आज मेरी उम्र कम से कम 62 साल की हो गई है मैं जब तक 12 साल का था तब से हम लोग देश को देखते आ रहे हैं इसकी क्वांटिटी बड़ी है समाज में क्योंकि हमारे समाज के लोग दोगले हैं यह कहते कुछ हैं करते कुछ है इस हकीकत के कारण हमेशा दहेज रूपी दानव बढ़ता रहा है कटा नहीं है पहले जो शादियां 10 20000 में होती थी फिर वह 10 20 लाख की होने लगी और यह करोड़ों पर पहुंच गई हैं यह हमारे जो नेतागण हैं यह केवल भाषण देते हैं बाकी करते कुछ नहीं है इसलिए युवा वर्ग की जब इसके लिए दृढ़ संकल्पित होगा तभी जाकर के यह दहेज रूपी राक्षस का वध होगा तभी यह दहेज रूपी कुप्रथा भारतीय समाज से मिट पाएगी इसलिए भारतीय युवक और युवतियों को युवा वर्ग को यह ठान लेना चाहिए ना हम दे देंगे नाम देख लेंगे इस कुप्रथा को यदि आप मिटा देते हैं तो मैं सोचा हूं आप इस युवक ने बहुत बड़ा काम किया है देश इस कार्य कार्य किया है
Dahej pratha ko ekadam bhee khatm karana chaahie yah dahej roopee daanav ne kitane ladake ladake aur kitane parivaaron ko barbaad kar diya hai yah kabhee tum isaka sarve karo kabhee spasht chintan karo vichaaron ka manthan karo tab aapako gyaat hoga kitanee ladakiyaan bechaaree is dahej pratha ke kaaran se yogy karake bhee ayogy ko de dee jaatee hai kitane kee ladakiyaan is dahej ke kaaran se unake maata-pita oopar dahej ka abhaav hone ke kaaran se kunvaaree rah jaatee hain kitanee ho ki jeevan nark mein ho jaate hain kitanee chal jaatee hain kitanee mar jaatee hain yah bada dukh ka vishay hai par durbhaagy ka vishay yah hai bete aaj meree umr kam se kam 62 saal kee ho gaee hai main jab tak 12 saal ka tha tab se ham log desh ko dekhate aa rahe hain isakee kvaantitee badee hai samaaj mein kyonki hamaare samaaj ke log dogale hain yah kahate kuchh hain karate kuchh hai is hakeekat ke kaaran hamesha dahej roopee daanav badhata raha hai kata nahin hai pahale jo shaadiyaan 10 20000 mein hotee thee phir vah 10 20 laakh kee hone lagee aur yah karodon par pahunch gaee hain yah hamaare jo netaagan hain yah keval bhaashan dete hain baakee karate kuchh nahin hai isalie yuva varg kee jab isake lie drdh sankalpit hoga tabhee jaakar ke yah dahej roopee raakshas ka vadh hoga tabhee yah dahej roopee kupratha bhaarateey samaaj se mit paegee isalie bhaarateey yuvak aur yuvatiyon ko yuva varg ko yah thaan lena chaahie na ham de denge naam dekh lenge is kupratha ko yadi aap mita dete hain to main socha hoon aap is yuvak ne bahut bada kaam kiya hai desh is kaary kaary kiya hai

Dt. Mayuari official Bolkar App
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2:58
हुस्न है कि क्या दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए या या नहीं क्योंकि हमारे देश में दहेज प्रथा के कारण लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हो रही है सिर्फ एक आज आग में जलाया जा रहा है इस पर आपकी क्या राय है तो इससे जिन्होंने कुछ पूछा है कुछ बहुत ही अच्छा है आपका 167a विशु है और मेरे की पहली चीज तो दहेज प्रथा जो है स्टार्ट हुई थी तब स्टार्ट हुई थी राजा महाराजाओं के टाइम से और यह उनकी नजर में कोई दहेज प्रथा नहीं थी कि राजा महाराजा सोना चांदी होता था जैसे की हमारे देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था पहले भारतवर्ष को तू अपनी खुशी से जब उनकी बेटी घर से विदा होती थी तू राजा महाराजा अपनी खुशी से जो है वह सोना चांदी लूट आते थे और अपनी बेटी को जय बस हो गया गए नहीं हो गए और तरह-तरह की चीजें जो है देते थे अपनी लड़की को खुशी से उस टाइम इन सब चीजों को देना उस टाइम दहेज का नाम दिया गया कि लड़की जाती है तो लड़की को दिया जाता है जबकि वह दहेज के टेंशन तो नहीं दिया जाता था वह लोग सक्षम थे वह दे सकते थे राजा महाराजा इसलिए वह देते थे लेकिन बाद में इस प्रथा को हर किसी पर लागू किया गया ठीक है दहेज प्रथा के नाम से हर किसी पर लागू किया गया उन लड़कियों पर भी जो बहुत ही गरीब होती है जिनके माता-पिता नहीं अवार्ड कर पाते हैं और अन्य सुश्री लोग डिमांड करते हैं तो वह सब चीजें गलत है मेरे ख्याल से अगर किसी भी लड़की के मां-बाप अपनी इच्छा से अपनी बेटी को कुछ दे रहे हैं तो हम उन चीजों को दहेज में नहीं गिन सकते क्योंकि मां-बाप खुद अपनी इच्छा से अपनी बेटी को वह चीज दे रहे हैं प्यार के स्वरूप ठीक है लेकिन अगर जबरदस्ती मांगा जा रहा है जैसे बहुत से ससुराल वाले डिमांड करते हैं या बहुत से लड़के भी डिमांड करते हैं कि मैं गाड़ी चाहिए यह चाहिए वह चाहिए फिर चाहिए अभी चाहिए यह सब चीजें गलत है ठीक है आप इस बिना पर नहीं किसी से मांग सकते कि वह आपको अपनी लड़की दे रहा है तो वह आपको आपकी पूरी गृहस्थी दे देगा अगर आप किसी लड़की से शादी कर रहे हैं तो आप तो मानेगा भी दम रखें आप कमा कर अपनी पत्नी को खिलाएं ठीक है उसमें ज्यादा सम्मान है ना कि यह सब चीजें घर गृहस्ती की चीज है आप अपने ससुर जी से मांग ले उसमें ज्यादा सामान है ठीक है जैसे वही बात हो गई क्या अपनी कमाई हुई रोटी का स्वाद ही अलग होता है यह सेम वैसे ही है और हां इस प्रथा को खत्म हो जाना चाहिए समाप्त हो जाना चाहिए वहां पर जहां पर दहेज की जरूरत नहीं है वहां पर जहां पर माता-पिता अवार्ड नहीं कर सकते यह जबरदस्ती हूं उनको तो साइड गिरा था कि नहीं आप दो आप दो उनके पीछे पड़ा जाता है वहां इस प्रथा को खत्म हो जाना चाहिए समाज
Husn hai ki kya dahej pratha ko khatm karana chaahie ya ya nahin kyonki hamaare desh mein dahej pratha ke kaaran ladakiyon kee jindagee barbaad ho rahee hai sirph ek aaj aag mein jalaaya ja raha hai is par aapakee kya raay hai to isase jinhonne kuchh poochha hai kuchh bahut hee achchha hai aapaka 167a vishu hai aur mere kee pahalee cheej to dahej pratha jo hai staart huee thee tab staart huee thee raaja mahaaraajaon ke taim se aur yah unakee najar mein koee dahej pratha nahin thee ki raaja mahaaraaja sona chaandee hota tha jaise kee hamaare desh ko sone kee chidiya kaha jaata tha pahale bhaaratavarsh ko too apanee khushee se jab unakee betee ghar se vida hotee thee too raaja mahaaraaja apanee khushee se jo hai vah sona chaandee loot aate the aur apanee betee ko jay bas ho gaya gae nahin ho gae aur tarah-tarah kee cheejen jo hai dete the apanee ladakee ko khushee se us taim in sab cheejon ko dena us taim dahej ka naam diya gaya ki ladakee jaatee hai to ladakee ko diya jaata hai jabaki vah dahej ke tenshan to nahin diya jaata tha vah log saksham the vah de sakate the raaja mahaaraaja isalie vah dete the lekin baad mein is pratha ko har kisee par laagoo kiya gaya theek hai dahej pratha ke naam se har kisee par laagoo kiya gaya un ladakiyon par bhee jo bahut hee gareeb hotee hai jinake maata-pita nahin avaard kar paate hain aur any sushree log dimaand karate hain to vah sab cheejen galat hai mere khyaal se agar kisee bhee ladakee ke maan-baap apanee ichchha se apanee betee ko kuchh de rahe hain to ham un cheejon ko dahej mein nahin gin sakate kyonki maan-baap khud apanee ichchha se apanee betee ko vah cheej de rahe hain pyaar ke svaroop theek hai lekin agar jabaradastee maanga ja raha hai jaise bahut se sasuraal vaale dimaand karate hain ya bahut se ladake bhee dimaand karate hain ki main gaadee chaahie yah chaahie vah chaahie phir chaahie abhee chaahie yah sab cheejen galat hai theek hai aap is bina par nahin kisee se maang sakate ki vah aapako apanee ladakee de raha hai to vah aapako aapakee pooree grhasthee de dega agar aap kisee ladakee se shaadee kar rahe hain to aap to maanega bhee dam rakhen aap kama kar apanee patnee ko khilaen theek hai usamen jyaada sammaan hai na ki yah sab cheejen ghar grhastee kee cheej hai aap apane sasur jee se maang le usamen jyaada saamaan hai theek hai jaise vahee baat ho gaee kya apanee kamaee huee rotee ka svaad hee alag hota hai yah sem vaise hee hai aur haan is pratha ko khatm ho jaana chaahie samaapt ho jaana chaahie vahaan par jahaan par dahej kee jaroorat nahin hai vahaan par jahaan par maata-pita avaard nahin kar sakate yah jabaradastee hoon unako to said gira tha ki nahin aap do aap do unake peechhe pada jaata hai vahaan is pratha ko khatm ho jaana chaahie samaaj

Chetan Chandrawanshi Bolkar App
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1:01
देखी आपने सवाल नहीं पूछा है तो मेरा मानना है कि दहेज प्रथा को खत्म कर देना चाहिए क्योंकि कोई भी काम जब अपनी बेटी की शादी करना चाहता है तो उससे पहले यह सोचता है कि मेरे पास दहेज है कि नहीं दहेज व्यवस्था को पहले तय करता है तो ऐसा ना सोचना पड़ेगा तो अच्छा है लड़की की जिंदगी बर्बाद नहीं होने और एक बाप अपनी बेटी को लेकर कभी परेशान नहीं होगा धन्यवाद ज्यादा कुछ कहना नहीं खाऊंगा और बस इतना
Dekhee aapane savaal nahin poochha hai to mera maanana hai ki dahej pratha ko khatm kar dena chaahie kyonki koee bhee kaam jab apanee betee kee shaadee karana chaahata hai to usase pahale yah sochata hai ki mere paas dahej hai ki nahin dahej vyavastha ko pahale tay karata hai to aisa na sochana padega to achchha hai ladakee kee jindagee barbaad nahin hone aur ek baap apanee betee ko lekar kabhee pareshaan nahin hoga dhanyavaad jyaada kuchh kahana nahin khaoonga aur bas itana

Ganga Asati Bolkar App
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Unknown
0:24
दहेज प्रथा खत्म होनी चाहिए पर वह खत्म नहीं होती है किसी न किसी तरीके से दहेज लिया ही जाता है और यह चीज मुझे लगता भी नहीं कि कभी खत्म हो गई क्योंकि यह चले चल ही रहा है आप कितनी भी कोशिश कर लिया यह सोचे कि मैं यहां पर नहीं चल रहा पर यह किसी ने किसी तरीके से चलेगा उसको कोई खत्म कर नहीं सकता यह हो जाए तो बहुत अच्छी बात है
Dahej pratha khatm honee chaahie par vah khatm nahin hotee hai kisee na kisee tareeke se dahej liya hee jaata hai aur yah cheej mujhe lagata bhee nahin ki kabhee khatm ho gaee kyonki yah chale chal hee raha hai aap kitanee bhee koshish kar liya yah soche ki main yahaan par nahin chal raha par yah kisee ne kisee tareeke se chalega usako koee khatm kar nahin sakata yah ho jae to bahut achchhee baat hai

Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
2:08
नमस्कार दोस्तों प्रश्न है क्या दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए या नहीं क्योंकि हमारे देश में दहेज प्रथा के कारण कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हो रही है तो दोस्तों में बताना चाहता हूं कि दहेज प्रथा जागरूकता से ही खत्म हो सकती है लेकिन इसके पीछे लड़की के माता-पिता भी काफी जिम्मेवार हैं क्यों क्योंकि वह अपने जो होने वाले दामाद का चयन करते हैं वह देखते हैं सरकारी नौकरी होनी चाहिए उसकी अफसर है माता-पिता उनके लड़की के दो अफसर ढूंढता है इसके अंदर और व्यापार है तो बड़े व्यापारी ढूंढता है तो कहीं ना कहीं ऐसा लगता है कि अप्रत्यक्ष रूप से एक लड़की और लड़कों का चयन किया जाता है रुतबे के आधार पर पैसे के आधार पर तो ऐसे लड़कों की मांग बढ़ जाती है खासतौर से मैंने देखा है पूर्वांचल क्षेत्रों में सरकारी लड़के की काफी मांग है चाहे वह चपरासी ही क्यों ना हो और सरकारी नौकरी में कार्य क्यों ना हो तो निश्चित रूप से जब रिश्ते बहुत ज्यादा आएंगे मांग ज्यादा आएगी ऐसा नहीं है कि जो सरकारी नौकरी नहीं कर रहे हैं वह कमाल ही रहे हैं या उनकी शक्ल सूरत खराब है लेकिन जब सरकारी नौकरी के पीछे लोग भागते हैं तो निश्चित रूप से कहीं ना कहीं दहेज भी उस में आने लग जाता है क्योंकि लड़कों की मांग बढ़ने लग जाती है तो लड़के घरवाले और कैसे की मांग करने लग जाते हैं तो कहीं ना कहीं प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से लड़कियों के माता-पिता भी जिम्मेदार हैं लेकिन यह ऐसी सोच को धीरे-धीरे खत्म किया जा सकता है आजकल बहुत ज्यादा पहले जब दहेज प्रथा होता था आज कल खत्म होता जा रहा है लेकिन आजकल लड़कियां भी बहुत जागरूक हो गई है वह चाहती हैं कि जो है घर छोड़कर जाए तो काफी पैसा उनके नाम से भी अपनी हो क्योंकि वह भाई के साथ समान व्यवहार एक दिखाना चाहती हैं कि लड़का लड़की समान होता है तो समान अधिकार भी होने चाहिए चाहे जमीन जायदाद में ना क्यों ना हो चाहे पैसे से क्यों ना हो तो चाहती है वह भी की शादी पर पिताजी ज्यादा से ज्यादा पैसा मेरे को दे धन्यवाद
Namaskaar doston prashn hai kya dahej pratha ko khatm karana chaahie ya nahin kyonki hamaare desh mein dahej pratha ke kaaran kitanee ladakiyon kee jindagee barbaad ho rahee hai to doston mein bataana chaahata hoon ki dahej pratha jaagarookata se hee khatm ho sakatee hai lekin isake peechhe ladakee ke maata-pita bhee kaaphee jimmevaar hain kyon kyonki vah apane jo hone vaale daamaad ka chayan karate hain vah dekhate hain sarakaaree naukaree honee chaahie usakee aphasar hai maata-pita unake ladakee ke do aphasar dhoondhata hai isake andar aur vyaapaar hai to bade vyaapaaree dhoondhata hai to kaheen na kaheen aisa lagata hai ki apratyaksh roop se ek ladakee aur ladakon ka chayan kiya jaata hai rutabe ke aadhaar par paise ke aadhaar par to aise ladakon kee maang badh jaatee hai khaasataur se mainne dekha hai poorvaanchal kshetron mein sarakaaree ladake kee kaaphee maang hai chaahe vah chaparaasee hee kyon na ho aur sarakaaree naukaree mein kaary kyon na ho to nishchit roop se jab rishte bahut jyaada aaenge maang jyaada aaegee aisa nahin hai ki jo sarakaaree naukaree nahin kar rahe hain vah kamaal hee rahe hain ya unakee shakl soorat kharaab hai lekin jab sarakaaree naukaree ke peechhe log bhaagate hain to nishchit roop se kaheen na kaheen dahej bhee us mein aane lag jaata hai kyonki ladakon kee maang badhane lag jaatee hai to ladake gharavaale aur kaise kee maang karane lag jaate hain to kaheen na kaheen pratyaksh apratyaksh roop se ladakiyon ke maata-pita bhee jimmedaar hain lekin yah aisee soch ko dheere-dheere khatm kiya ja sakata hai aajakal bahut jyaada pahale jab dahej pratha hota tha aaj kal khatm hota ja raha hai lekin aajakal ladakiyaan bhee bahut jaagarook ho gaee hai vah chaahatee hain ki jo hai ghar chhodakar jae to kaaphee paisa unake naam se bhee apanee ho kyonki vah bhaee ke saath samaan vyavahaar ek dikhaana chaahatee hain ki ladaka ladakee samaan hota hai to samaan adhikaar bhee hone chaahie chaahe jameen jaayadaad mein na kyon na ho chaahe paise se kyon na ho to chaahatee hai vah bhee kee shaadee par pitaajee jyaada se jyaada paisa mere ko de dhanyavaad

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  • दहेज प्रथा को खत्म करना चाहिए, देश में दहेज प्रथा के कारण कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हो गई
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