#जीवन शैली

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?

Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:28
2000 का सवाल है कि क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए किसी क्या हुआ था बहुत सारे लोग बचाने के चक्कर में कंजूस हो जाते मतलब उनको हर एक चीज जगह खर्च करा दे सब्जी लाना कभी कदार नॉन वेज या फिर ऐसे ही अपने हेल्प के लिए ही इतना कंजूस हो जाती है कितने हेल्दी थी के बारे में नहीं सोचते वही पैसे को वह बचा कर रखते हैं नहीं करना चाहिए उस पैसे को बचाकर रखना चाहिए जहां पर आप की दो इससे घर में ठीक हो सकता मैं भी पांच सामान खरीदने का कोई जरूरी नहीं है तो वहां पर बचत करना चाहिए लेकिन क्या होता कभी कदार इंसान के शरीर में हाथ से दूध की कमी होती है मतलब फल की सब्जी की कमी होती है और कभी कदार नॉनवेज दिखाना जरूरी होता है तो क्या करते हैं कि वह लोग बचत के चक्कर में यह सब चीज कभी खाती नहीं है और यह सब से मिला हुआ कभी न्यू ट्रेंस उनको मिलने नहीं पाता कि जो सोचते हैं इस चीज बहुत महंगा है खुद भी करते अपने फैमिली के साथ भी ऐसा करते तो लास्ट में जब बहुत साल के बाद उनको पता चलता है कि उनका हेल्प कितना खराब है कितना सारी बीमारियां उनको हो चुकी है जिसने मतलब इतना मुश्किल हो जाते कितना पैसा खर्च होता जितना वह बचाए होते मुझसे डबल ट्रिपल जब हॉस्पिटल में एडमिट होते तो उसे ज्यादा खर्च होता तो अच्छा यही होता है कि हमें जितना जरूरत की चीज है उतना पैसा खर्च करना चाहिए लेकिन फिजूल खर्च नहीं करना चाहिए
2000 ka savaal hai ki kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai aisa bilkul bhee nahin karana chaahie kisee kya hua tha bahut saare log bachaane ke chakkar mein kanjoos ho jaate matalab unako har ek cheej jagah kharch kara de sabjee laana kabhee kadaar non vej ya phir aise hee apane help ke lie hee itana kanjoos ho jaatee hai kitane heldee thee ke baare mein nahin sochate vahee paise ko vah bacha kar rakhate hain nahin karana chaahie us paise ko bachaakar rakhana chaahie jahaan par aap kee do isase ghar mein theek ho sakata main bhee paanch saamaan khareedane ka koee jarooree nahin hai to vahaan par bachat karana chaahie lekin kya hota kabhee kadaar insaan ke shareer mein haath se doodh kee kamee hotee hai matalab phal kee sabjee kee kamee hotee hai aur kabhee kadaar nonavej dikhaana jarooree hota hai to kya karate hain ki vah log bachat ke chakkar mein yah sab cheej kabhee khaatee nahin hai aur yah sab se mila hua kabhee nyoo trens unako milane nahin paata ki jo sochate hain is cheej bahut mahanga hai khud bhee karate apane phaimilee ke saath bhee aisa karate to laast mein jab bahut saal ke baad unako pata chalata hai ki unaka help kitana kharaab hai kitana saaree beemaariyaan unako ho chukee hai jisane matalab itana mushkil ho jaate kitana paisa kharch hota jitana vah bachae hote mujhase dabal tripal jab hospital mein edamit hote to use jyaada kharch hota to achchha yahee hota hai ki hamen jitana jaroorat kee cheej hai utana paisa kharch karana chaahie lekin phijool kharch nahin karana chaahie

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Pooja Joshi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Fashion merchandiser
1:42
क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है यार बिल्कुल भी नहीं यार अब जब खुद कमा रहे हो तो अपनी इच्छाओं को क्यों मारता है इंसान होता है कि यार अभी हमारी फैमिली कर रही है तो हम इतनी हम अपनी डिमांड नहीं रख सकते लेकिन हम उस वक्त ही सोचने की यार जब हम कमाएंगे तो हम अपनी सारी इच्छा को पूरा करेंगे तो जब हम हमारे तो फिर हम क्या कर रहे हैं हम उनको वही पहचान सेव करें शेविंग्स करो बहुत अच्छी चीजें शेविंग करना लेकिन इतना भी मत करो क्यों सेविंग से पर करना आप अपना प्रोजेक्ट खराब करो अपने आप अपने वर्तमान की खुशियों को अपने अंदर मार रहे हो वह चीजें सही नहीं लगती फालतू पैसे खर्च मत करो उसके लिए मैं खुद बोलूंगा कि फालतू पैसे खर्च मत करो लेकिन जहां पर जरूरत है जहां पर आपकी खुशी है उस चीज को डेफिनेटली करो हमें नहीं पता कि हमारे 1 मिनट के अंदर के बाद एक सेकंड में हमारे साथ क्या हो जाए हमने फ्यूचर नहीं देखा उन पैसों को लेकर कहां जाओगे बस हां इतना जरूर बोलूंगी कि जितनी चादर होता तो सुना ही होगा जितनी चादर उतने ही पैर फैलाने चाहिए अपनी इच्छाओं को इतना मत इतना मत बढ़ाओ कि वही चीज आपको दिक्कत कर दे सेविंग करो सेविंग बहुत अच्छी चीज है लेकिन उसके साथ-साथ अपनी इच्छाओं को मत मारो यार कमा रहे हो खुद के लिए खुद खुलकर खर्चा करो और जिंदगी में वह काम जरूर करो जिस काम से सुकून मिले खुशी मिले उस काम को जरूर जरूर कर
Kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai yaar bilkul bhee nahin yaar ab jab khud kama rahe ho to apanee ichchhaon ko kyon maarata hai insaan hota hai ki yaar abhee hamaaree phaimilee kar rahee hai to ham itanee ham apanee dimaand nahin rakh sakate lekin ham us vakt hee sochane kee yaar jab ham kamaenge to ham apanee saaree ichchha ko poora karenge to jab ham hamaare to phir ham kya kar rahe hain ham unako vahee pahachaan sev karen shevings karo bahut achchhee cheejen sheving karana lekin itana bhee mat karo kyon seving se par karana aap apana projekt kharaab karo apane aap apane vartamaan kee khushiyon ko apane andar maar rahe ho vah cheejen sahee nahin lagatee phaalatoo paise kharch mat karo usake lie main khud boloonga ki phaalatoo paise kharch mat karo lekin jahaan par jaroorat hai jahaan par aapakee khushee hai us cheej ko dephinetalee karo hamen nahin pata ki hamaare 1 minat ke andar ke baad ek sekand mein hamaare saath kya ho jae hamane phyoochar nahin dekha un paison ko lekar kahaan jaoge bas haan itana jaroor boloongee ki jitanee chaadar hota to suna hee hoga jitanee chaadar utane hee pair phailaane chaahie apanee ichchhaon ko itana mat itana mat badhao ki vahee cheej aapako dikkat kar de seving karo seving bahut achchhee cheej hai lekin usake saath-saath apanee ichchhaon ko mat maaro yaar kama rahe ho khud ke lie khud khulakar kharcha karo aur jindagee mein vah kaam jaroor karo jis kaam se sukoon mile khushee mile us kaam ko jaroor jaroor kar

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
RAJESH KUMAR PANDEY Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Director of Study Gateway+
1:13
यहां से ज्यादा कुमार का व्रत करना चाहिए अपनी इच्छाओं को हद से ज्यादा मार्केट बचत नहीं करना चाहिए इससे आपके अंदर एक ऐसी अभिवृत्ति पैदा होगी जो आपके परिवार के लिए बहुत ही खतरनाक हुए आपके परिवार में विद्रोह शुरू हो जाएगा आपके बच्चों में आपके फैमिली में ठीक है और आप ज्यादा इच्छाएं मार कर बात करेंगे तो दूसरों के फिर इच्छाओं को ही मारेंगे क्योंकि मेरा पैसा कमा रहे हैं तो आप से 2 लोग जुड़े हुए हैं आप कर अपनी इच्छाओं को मारना है तो फिर उनकी इच्छाओं को अब मारेंगे वैसे ही और इसका जो रिजल्ट है वह बहुत हो गए और आपको भी शांति से जी नहीं पाएंगे इसलिए बचत जो है वह आप अपनी चाय बहुत ज्यादा नहीं रखे लेकिन ऐसा रखिए कि आपका सारा काम हो जाए ठीक है और जिंदगी आराम कीजिए व्रत करना चाहिए लेकिन सभी काम हो जाने के बाद जैसे अगर आप क्या चाहिए एक घर चाहिए कपड़े लगते चाहिए और भजन चाहिए और इसके बाद हमें और क्या चाहिए ठीक है दवा चाहिए सब काम पूरा हो जाता है
Yahaan se jyaada kumaar ka vrat karana chaahie apanee ichchhaon ko had se jyaada maarket bachat nahin karana chaahie isase aapake andar ek aisee abhivrtti paida hogee jo aapake parivaar ke lie bahut hee khataranaak hue aapake parivaar mein vidroh shuroo ho jaega aapake bachchon mein aapake phaimilee mein theek hai aur aap jyaada ichchhaen maar kar baat karenge to doosaron ke phir ichchhaon ko hee maarenge kyonki mera paisa kama rahe hain to aap se 2 log jude hue hain aap kar apanee ichchhaon ko maarana hai to phir unakee ichchhaon ko ab maarenge vaise hee aur isaka jo rijalt hai vah bahut ho gae aur aapako bhee shaanti se jee nahin paenge isalie bachat jo hai vah aap apanee chaay bahut jyaada nahin rakhe lekin aisa rakhie ki aapaka saara kaam ho jae theek hai aur jindagee aaraam keejie vrat karana chaahie lekin sabhee kaam ho jaane ke baad jaise agar aap kya chaahie ek ghar chaahie kapade lagate chaahie aur bhajan chaahie aur isake baad hamen aur kya chaahie theek hai dava chaahie sab kaam poora ho jaata hai

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 55
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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
1:52
सवाल है क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है देखिए रोज सुबह जल्दी जग ने जोगिंग हेल्दी नाश्ता करने जैसे कई वादे आपने खुद से किए होंगे आपको यह भी पता होगा कि इनमें से कितने पुरे हो पाते हैं और कितने नहीं कई लोग घड़ी के अलार्म को बार-बार बंद करते हैं काफी देर बाद बिस्तर से उठ कर फटाफट तैयार होते हैं पिछली रात किए गए वादे को पूरा किए बिना ऑफिस के लिए निकल पड़ते हैं दरअसल हम अपने वित्तीय लक्ष्य के लिए भी यही तरीका अपनाते हैं हम जानते हैं कि समझदारी से खर्च और नियमित रूप से बचत करना बहुत जरूरी है इससे हमारा भविष्य सुरक्षित बना रहता है इसके बावजूद कई लोग अपनी जरूरत के हिसाब से बचत नहीं कर पाते हैं कुछ लोग बचत को बाद के लिए टाल देते हैं वह मौजूदा खर्च को तरजीह देते हैं इसके कई नुकसान भी हैं लेकिन इसका मतलब क्या बिल्कुल नहीं है कि आप बचत के चक्कर में अपनी सारी इच्छाओं का दमन कर दें अगर आप अपनी इच्छाएं पूरी नहीं कर सकते तो भैया पैसा कमाते ही क्यों हैं अपने आने वाले भविष्य के लिए भी कुछ बचाएं और अपनी इच्छाओं की पूर्ति भी सामान्य रूप से की जा सकती है यदि आप ऐसा नहीं करते हैं और पूर्ण रूप से अपनी इच्छाओं का दमन करते चले जाएंगे तो आपके स्वास्थ्य पर इसका बहुत ही बुरा असर पड़ेगा और जिसकी शुरुआत आपको देखने को मिलेगी सबसे पहले आप अपने चिड़चिड़ापन आ जाएगा ध्यान रहे पैसा हमारे लिए है हम पैसे के लिए नहीं है धन्यवाद
Savaal hai kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai dekhie roj subah jaldee jag ne joging heldee naashta karane jaise kaee vaade aapane khud se kie honge aapako yah bhee pata hoga ki inamen se kitane pure ho paate hain aur kitane nahin kaee log ghadee ke alaarm ko baar-baar band karate hain kaaphee der baad bistar se uth kar phataaphat taiyaar hote hain pichhalee raat kie gae vaade ko poora kie bina ophis ke lie nikal padate hain darasal ham apane vitteey lakshy ke lie bhee yahee tareeka apanaate hain ham jaanate hain ki samajhadaaree se kharch aur niyamit roop se bachat karana bahut jarooree hai isase hamaara bhavishy surakshit bana rahata hai isake baavajood kaee log apanee jaroorat ke hisaab se bachat nahin kar paate hain kuchh log bachat ko baad ke lie taal dete hain vah maujooda kharch ko tarajeeh dete hain isake kaee nukasaan bhee hain lekin isaka matalab kya bilkul nahin hai ki aap bachat ke chakkar mein apanee saaree ichchhaon ka daman kar den agar aap apanee ichchhaen pooree nahin kar sakate to bhaiya paisa kamaate hee kyon hain apane aane vaale bhavishy ke lie bhee kuchh bachaen aur apanee ichchhaon kee poorti bhee saamaany roop se kee ja sakatee hai yadi aap aisa nahin karate hain aur poorn roop se apanee ichchhaon ka daman karate chale jaenge to aapake svaasthy par isaka bahut hee bura asar padega aur jisakee shuruaat aapako dekhane ko milegee sabase pahale aap apane chidachidaapan aa jaega dhyaan rahe paisa hamaare lie hai ham paise ke lie nahin hai dhanyavaad

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
srikant pal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए srikant जी का जवाब
Student
1:10
वेलकम फ्रेंड्स प्रश्न है क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना जरूरी है मैं इस प्रश्न का उत्तर देना चाहता हूं जी नहीं यह जरूरी नहीं है हां यह बात सच है की बचत करना चाहिए हर इंसान को बचत करनी चाहिए सेविंग करनी चाहिए क्योंकि आने वाले दिनों में कुछ काम आ सके परंतु इसका मतलब यह नहीं कि बचत इतनी कर ले कि आपको आपने कभी यह सोचा है कि इस बजट में आपका अगर तबीयत खराब हो जाए तो इस बचत करने का क्या फायदा उसने तो आपने जितना बचत किया है उससे ज्यादा भी लग सकता है तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि बचत करने से ज्यादा पहले अपने कार्य पर ध्यान दे जितना कार्य हो उतना को उतना इस्तेमाल करें और जितना बचता है उसको बचत करके रखें हद से ज्यादा बचत करना सही नहीं है धन्यवाद
Velakam phrends prashn hai kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana jarooree hai main is prashn ka uttar dena chaahata hoon jee nahin yah jarooree nahin hai haan yah baat sach hai kee bachat karana chaahie har insaan ko bachat karanee chaahie seving karanee chaahie kyonki aane vaale dinon mein kuchh kaam aa sake parantu isaka matalab yah nahin ki bachat itanee kar le ki aapako aapane kabhee yah socha hai ki is bajat mein aapaka agar tabeeyat kharaab ho jae to is bachat karane ka kya phaayada usane to aapane jitana bachat kiya hai usase jyaada bhee lag sakata hai to main aapako bataana chaahata hoon ki bachat karane se jyaada pahale apane kaary par dhyaan de jitana kaary ho utana ko utana istemaal karen aur jitana bachata hai usako bachat karake rakhen had se jyaada bachat karana sahee nahin hai dhanyavaad

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
1:17
हेलो एवरीवन आपको किसने क्या हद से भी ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है नहीं फ्रेंड से ऐसा नहीं होना चाहिए हद से भी ज्यादा इच्छाओं को नहीं मानना चाहिए जो ज्यादा इच्छाएं हैं जो फालतू छाया में तो मार दो कोई बात नहीं पर मैं जो केली ब्रुक का समान है जो हमें कुछ छोटी-मोटी इच्छाएं हैं नहीं मारना चाहिए मर कर भी पैसे जोड़ने से कोई फायदा नहीं होता है और यह जीवन एक बार हमें मिला है इसे हमें अच्छे से जीना चाहिए हर इच्छा को नहीं मारना चाहिए हर इच्छा को मार-मार कीजिए क्योंकि किसी की मौत का कोई भी भरोसा नहीं होता है कि कब बुलावा आ जाए कब चले जाएं तो इस बच्चे से जीना चाहिए जो हमारी इच्छाएं उन्हें में पूरी करते रहना चाहिए बचत करना भी जरूरी है पर इतना ज्यादा भी पसंद नहीं करें कि मैं को कंजूसी पर उतर आए खाए ना ढंग से पहले ना कोई शौक ना पूरी कर सके छूट छूट इच्छाएं पूरी कर सके तो फिर ऐसी कोई काम की नहीं होती है उतनी ही बचत करना चाहे जितना वाह जी वह बहुत ज्यादा बचत भी नहीं करना चाहिए छोटी मोटी इच्छाओं का ध्यान रखना चाहिए और उन्हें पूरी करना चाहिए तो फ्रेंड सागर आपको जॉब पसंद हो तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद
Helo evareevan aapako kisane kya had se bhee jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai nahin phrend se aisa nahin hona chaahie had se bhee jyaada ichchhaon ko nahin maanana chaahie jo jyaada ichchhaen hain jo phaalatoo chhaaya mein to maar do koee baat nahin par main jo kelee bruk ka samaan hai jo hamen kuchh chhotee-motee ichchhaen hain nahin maarana chaahie mar kar bhee paise jodane se koee phaayada nahin hota hai aur yah jeevan ek baar hamen mila hai ise hamen achchhe se jeena chaahie har ichchha ko nahin maarana chaahie har ichchha ko maar-maar keejie kyonki kisee kee maut ka koee bhee bharosa nahin hota hai ki kab bulaava aa jae kab chale jaen to is bachche se jeena chaahie jo hamaaree ichchhaen unhen mein pooree karate rahana chaahie bachat karana bhee jarooree hai par itana jyaada bhee pasand nahin karen ki main ko kanjoosee par utar aae khae na dhang se pahale na koee shauk na pooree kar sake chhoot chhoot ichchhaen pooree kar sake to phir aisee koee kaam kee nahin hotee hai utanee hee bachat karana chaahe jitana vaah jee vah bahut jyaada bachat bhee nahin karana chaahie chhotee motee ichchhaon ka dhyaan rakhana chaahie aur unhen pooree karana chaahie to phrend saagar aapako job pasand ho to laik keejiega dhanyavaad

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:29
बागडोगरा से क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही नहीं है तो दोस्तों 4 दिन की जिंदगी है मैंने कई बार देखा है बहुत सारे लोग काफी बहुत ही काला हाथ रोक के काम करते हैं और ना ही वह समाज में घूमते मिलते हैं ना ही वह क्योंकि मजबूरी है कई मैं ऐसे मित्रों को जानता हूं कि उनसे पार्टी मांग लो तो पार्टी नहीं देंगे गाड़ी खरीद लेंगे या कोई मकान खरीद लेंगे लेकिन आपको पार्टी नहीं देंगे तो उससे समाज में एक बदनामी होती है आप इतना कंजूसी करके करोगे क्या इसके अंदर या चलो एक अपने लक्ष्य रखा है कि मेरे को मकान खरीदना है लेकिन समाज से आप धीरे-धीरे वो देखे जाते कटते जाते हैं और ऐसी जिंदगी का क्या फायदा जो कि उसका उपभोग कोई और करें वह जिंदगी भर कमाते ही रह जाता है उसका आनंद बच्चे कैसे उड़ाते हैं जो बुढ़ापे में वह जाता है कैसे उड़ाते हैं कि वह देखता ही रह जाता है इसके अंदर तो इतना हद तक कंजूसी नहीं करनी चाहिए कोई निश्चित रूप से पैसे बचाने चाहिए कोई लक्ष्य रखा लेकिन कभी-कभार किसी ऑकेजन में कोई जबरदस्ती करे आप किसी समय आज में बैठे हैं तो उसमें खर्च कर देने में कोई हर्ज नहीं होता है उससे भी समाज में आपकी एक इमेज बनती है वह जो किए बहुमूल्य है उसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती कई बार अब रिश्ते नाते करने जाते हैं बच्चों की शादी करने जाते हैं तो कई बार नकारात्मक शब्द भी आ जाता है इसके अंदर या तो उसका बाप बहुत कंजूस है उसकी मां बहुत कंजूस है तो उस घर में लोग लड़की को बिहाने बिहाने नहीं चाहेंगे या कहीं और चीजें हाथ इतना हद तक नहीं होना चाहिए धन्यवाद
Baagadogara se kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee nahin hai to doston 4 din kee jindagee hai mainne kaee baar dekha hai bahut saare log kaaphee bahut hee kaala haath rok ke kaam karate hain aur na hee vah samaaj mein ghoomate milate hain na hee vah kyonki majabooree hai kaee main aise mitron ko jaanata hoon ki unase paartee maang lo to paartee nahin denge gaadee khareed lenge ya koee makaan khareed lenge lekin aapako paartee nahin denge to usase samaaj mein ek badanaamee hotee hai aap itana kanjoosee karake karoge kya isake andar ya chalo ek apane lakshy rakha hai ki mere ko makaan khareedana hai lekin samaaj se aap dheere-dheere vo dekhe jaate katate jaate hain aur aisee jindagee ka kya phaayada jo ki usaka upabhog koee aur karen vah jindagee bhar kamaate hee rah jaata hai usaka aanand bachche kaise udaate hain jo budhaape mein vah jaata hai kaise udaate hain ki vah dekhata hee rah jaata hai isake andar to itana had tak kanjoosee nahin karanee chaahie koee nishchit roop se paise bachaane chaahie koee lakshy rakha lekin kabhee-kabhaar kisee okejan mein koee jabaradastee kare aap kisee samay aaj mein baithe hain to usamen kharch kar dene mein koee harj nahin hota hai usase bhee samaaj mein aapakee ek imej banatee hai vah jo kie bahumooly hai usakee keemat nahin lagaee ja sakatee kaee baar ab rishte naate karane jaate hain bachchon kee shaadee karane jaate hain to kaee baar nakaaraatmak shabd bhee aa jaata hai isake andar ya to usaka baap bahut kanjoos hai usakee maan bahut kanjoos hai to us ghar mein log ladakee ko bihaane bihaane nahin chaahenge ya kaheen aur cheejen haath itana had tak nahin hona chaahie dhanyavaad

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Priyal dawar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Future Doctor
1:19
बड़ा ही सुंदर प्रश्न है क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है तुझे क्या आजकल महंगाई आसमान छू रही है हर चीज इतनी महंगी मिलती है और आमदनी कम होती जा रही है ऐसे में हर मिनट ला सकती अपना घर चलाने की कोशिश करता है और वह बचत करने की कोशिश करता है और इसी बचत के चक्कर में वह अपनी इच्छाओं को मारने लगता है देखिए बचत भी एक हद तक ही अच्छा लगता है उसके लिए हमें हमारी इच्छाओं को मारने की जरूरत नहीं होनी चाहिए इसकी समस्या का एक समाधान हो सकता है देखिए हमें क्या करना चाहिए सबसे पहले हमारे हर चीज़ का हिसाब कर लेना चाहिए पैसों का हिसाब कर लेना चाहिए कि हमें मछली कहां पर क्या लगने वाला है किस चीज की जरूरत है इस मंथ में क्या नया करना है और इन सब की चीज है अगर हम अपने क्या इसका हिसाब कर लेते हैं तो इससे क्या होता है हमें पता चल जाता है एक आईडिया मिल जाता है कि हमें कहां क्या इन्वेस्ट करना है और इसी से सेविंग बढ़ जाती है तो इससे क्या हो सकता है कि हमारी इच्छाओं में इन्वेस्ट कर सकते हैं और हम बचत भी कर सकते हैं तो इस सलूशन से हमने इच्छाओं को मारने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और हम अपने घर को भी अच्छी तरीके से सह ना सकेंगे तो उम्मीद करती हूं आपको जवाब पसंद आएगा धन्यवाद
Bada hee sundar prashn hai kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai tujhe kya aajakal mahangaee aasamaan chhoo rahee hai har cheej itanee mahangee milatee hai aur aamadanee kam hotee ja rahee hai aise mein har minat la sakatee apana ghar chalaane kee koshish karata hai aur vah bachat karane kee koshish karata hai aur isee bachat ke chakkar mein vah apanee ichchhaon ko maarane lagata hai dekhie bachat bhee ek had tak hee achchha lagata hai usake lie hamen hamaaree ichchhaon ko maarane kee jaroorat nahin honee chaahie isakee samasya ka ek samaadhaan ho sakata hai dekhie hamen kya karana chaahie sabase pahale hamaare har cheez ka hisaab kar lena chaahie paison ka hisaab kar lena chaahie ki hamen machhalee kahaan par kya lagane vaala hai kis cheej kee jaroorat hai is manth mein kya naya karana hai aur in sab kee cheej hai agar ham apane kya isaka hisaab kar lete hain to isase kya hota hai hamen pata chal jaata hai ek aaeediya mil jaata hai ki hamen kahaan kya invest karana hai aur isee se seving badh jaatee hai to isase kya ho sakata hai ki hamaaree ichchhaon mein invest kar sakate hain aur ham bachat bhee kar sakate hain to is salooshan se hamane ichchhaon ko maarane kee bhee jaroorat nahin padegee aur ham apane ghar ko bhee achchhee tareeke se sah na sakenge to ummeed karatee hoon aapako javaab pasand aaega dhanyavaad

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
KARTIK MISHRA Bolkar App
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0:14

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Pooja Joshi Bolkar App
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Fashion merchandiser
1:42
क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है यार बिल्कुल भी नहीं यार अब जब खुद कमा रहे हो तो अपनी इच्छाओं को क्यों मारता है इंसान होता है कि यार अभी हमारी फैमिली कर रही है तो हम इतनी हम अपनी डिमांड नहीं रख सकते लेकिन हम उस वक्त ही सोचने की यार जब हम कमाएंगे तो हम अपनी सारी इच्छा को पूरा करेंगे तो जब हम हमारे तो फिर हम क्या कर रहे हैं हम उनको वही पहचान सेव करें शेविंग्स करो बहुत अच्छी चीजें शेविंग करना लेकिन इतना भी मत करो क्यों सेविंग से पर करना आप अपना प्रोजेक्ट खराब करो अपने आप अपने वर्तमान की खुशियों को अपने अंदर मार रहे हो वह चीजें सही नहीं लगती फालतू पैसे खर्च मत करो उसके लिए मैं खुद बोलूंगा कि फालतू पैसे खर्च मत करो लेकिन जहां पर जरूरत है जहां पर आपकी खुशी है उस चीज को डेफिनेटली करो हमें नहीं पता कि हमारे 1 मिनट के अंदर के बाद एक सेकंड में हमारे साथ क्या हो जाए हमने फ्यूचर नहीं देखा उन पैसों को लेकर कहां जाओगे बस हां इतना जरूर बोलूंगी कि जितनी चादर होता तो सुना ही होगा जितनी चादर उतने ही पैर फैलाने चाहिए अपनी इच्छाओं को इतना मत इतना मत बढ़ाओ कि वही चीज आपको दिक्कत कर दे सेविंग करो सेविंग बहुत अच्छी चीज है लेकिन उसके साथ-साथ अपनी इच्छाओं को मत मारो यार कमा रहे हो खुद के लिए खुद खुलकर खर्चा करो और जिंदगी में वह काम जरूर करो जिस काम से सुकून मिले खुशी मिले उस काम को जरूर जरूर कर
Kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai yaar bilkul bhee nahin yaar ab jab khud kama rahe ho to apanee ichchhaon ko kyon maarata hai insaan hota hai ki yaar abhee hamaaree phaimilee kar rahee hai to ham itanee ham apanee dimaand nahin rakh sakate lekin ham us vakt hee sochane kee yaar jab ham kamaenge to ham apanee saaree ichchha ko poora karenge to jab ham hamaare to phir ham kya kar rahe hain ham unako vahee pahachaan sev karen shevings karo bahut achchhee cheejen sheving karana lekin itana bhee mat karo kyon seving se par karana aap apana projekt kharaab karo apane aap apane vartamaan kee khushiyon ko apane andar maar rahe ho vah cheejen sahee nahin lagatee phaalatoo paise kharch mat karo usake lie main khud boloonga ki phaalatoo paise kharch mat karo lekin jahaan par jaroorat hai jahaan par aapakee khushee hai us cheej ko dephinetalee karo hamen nahin pata ki hamaare 1 minat ke andar ke baad ek sekand mein hamaare saath kya ho jae hamane phyoochar nahin dekha un paison ko lekar kahaan jaoge bas haan itana jaroor boloongee ki jitanee chaadar hota to suna hee hoga jitanee chaadar utane hee pair phailaane chaahie apanee ichchhaon ko itana mat itana mat badhao ki vahee cheej aapako dikkat kar de seving karo seving bahut achchhee cheej hai lekin usake saath-saath apanee ichchhaon ko mat maaro yaar kama rahe ho khud ke lie khud khulakar kharcha karo aur jindagee mein vah kaam jaroor karo jis kaam se sukoon mile khushee mile us kaam ko jaroor jaroor kar

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
4:11
क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है यह बात प्रमुख समझ लेना चाहिए कि वह पश्चात इंसान के लिए ने हमारे लिए है हम बचत के लिए नहीं यहां प्रॉपर्टी के लिए नहीं है प्रॉपर्टी हमारे लिए सब कुछ हमारे लिए हैं हम उसके लिए नहीं है तो कुछ लोग ऐसे स्वभाव के होते हैं कि हद से ज्यादा इच्छाओं को मारते हैं जैसे चाय पीना चाहते हैं लेकिन ₹5 क्यों खर्च खर्चा करें ऐसा सोचकर चाय नहीं पीते हैं या कई बार महीने में एक बार यार 15 दिन में एक बार कोई चीज खानी है नॉन वेज खाना है तो सोचते हैं कि इससे बचत हो जाएगी बाद में खाएंगे बच्चों को भी खाने के लिए आवश्यक होता है अंडे खाने के लिए आवश्यक होते हैं लेकिन यह लोग जो है और मैंने कुछ ऐसे भी देखे हैं सिर्फ चावल कर के काम को जाती थी एक महिला और उसके बच्चे जो है वह सिर्फ चावल खाते थे और खेलते रहते थे कुछ दिन बाद वह महिला और उस पति दोनों का निधन हुआ बच्चों के लिए उन्होंने कुछ पैसे जमा करके रखे थे उनको साल बाद मिलने वाले थे तीनों बच्चे अलग-अलग जगह पर सरकारी हॉस्टल में उड़ने लगे उस औरत के भाइयों ने भी बच्चों को अपने घर में पनाह ना देकर उनको हॉस्टल में भिजवाया इसको कई साल हुए हैं लेकिन यह चीज बिल्कुल गलत है आप और वह महिला भी मतलब इनकी कमी के कारण कुछ उसको जो बीमारियां थी उसे को मर गई तो इस तरह से बच्चे ज्यादा इच्छा हो तो मार कर बचत करना बिल्कुल सही नहीं है आखिर हमें जीना है और वह भी वर्तमान में वर्तमान में जीना ही जीना होता है और वर्तमान में नाजी कर सिर्फ भविष्य के लिए आगे भागते रहते हैं लोग और बाद में उमर उम्र ढल जाने के बाद पता चलता है कि हम जी भी नहीं सके अच्छी तरह से और पीछे फिर वक्त बीता हुआ वक्त वापस नहीं आता है तो ऐसी स्थिति ना हो इसलिए वर्तमान में जीने की भी पूरी व्यवस्था करें और भविष्य में चीनी के जीने की भी पूरी व्यवस्था करनी चाहिए धन्यवाद
Kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai yah baat pramukh samajh lena chaahie ki vah pashchaat insaan ke lie ne hamaare lie hai ham bachat ke lie nahin yahaan propartee ke lie nahin hai propartee hamaare lie sab kuchh hamaare lie hain ham usake lie nahin hai to kuchh log aise svabhaav ke hote hain ki had se jyaada ichchhaon ko maarate hain jaise chaay peena chaahate hain lekin ₹5 kyon kharch kharcha karen aisa sochakar chaay nahin peete hain ya kaee baar maheene mein ek baar yaar 15 din mein ek baar koee cheej khaanee hai non vej khaana hai to sochate hain ki isase bachat ho jaegee baad mein khaenge bachchon ko bhee khaane ke lie aavashyak hota hai ande khaane ke lie aavashyak hote hain lekin yah log jo hai aur mainne kuchh aise bhee dekhe hain sirph chaaval kar ke kaam ko jaatee thee ek mahila aur usake bachche jo hai vah sirph chaaval khaate the aur khelate rahate the kuchh din baad vah mahila aur us pati donon ka nidhan hua bachchon ke lie unhonne kuchh paise jama karake rakhe the unako saal baad milane vaale the teenon bachche alag-alag jagah par sarakaaree hostal mein udane lage us aurat ke bhaiyon ne bhee bachchon ko apane ghar mein panaah na dekar unako hostal mein bhijavaaya isako kaee saal hue hain lekin yah cheej bilkul galat hai aap aur vah mahila bhee matalab inakee kamee ke kaaran kuchh usako jo beemaariyaan thee use ko mar gaee to is tarah se bachche jyaada ichchha ho to maar kar bachat karana bilkul sahee nahin hai aakhir hamen jeena hai aur vah bhee vartamaan mein vartamaan mein jeena hee jeena hota hai aur vartamaan mein naajee kar sirph bhavishy ke lie aage bhaagate rahate hain log aur baad mein umar umr dhal jaane ke baad pata chalata hai ki ham jee bhee nahin sake achchhee tarah se aur peechhe phir vakt beeta hua vakt vaapas nahin aata hai to aisee sthiti na ho isalie vartamaan mein jeene kee bhee pooree vyavastha karen aur bhavishy mein cheenee ke jeene kee bhee pooree vyavastha karanee chaahie dhanyavaad

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Pooja Joshi Bolkar App
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सुनिए Pooja जी का जवाब
Fashion merchandiser
1:42
क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है यार बिल्कुल भी नहीं यार अब जब खुद कमा रहे हो तो अपनी इच्छाओं को क्यों मारता है इंसान होता है कि यार अभी हमारी फैमिली कर रही है तो हम इतनी हम अपनी डिमांड नहीं रख सकते लेकिन हम उस वक्त ही सोचने की यार जब हम कमाएंगे तो हम अपनी सारी इच्छा को पूरा करेंगे तो जब हम हमारे तो फिर हम क्या कर रहे हैं हम उनको वही पहचान सेव करें शेविंग्स करो बहुत अच्छी चीजें शेविंग करना लेकिन इतना भी मत करो क्यों सेविंग से पर करना आप अपना प्रोजेक्ट खराब करो अपने आप अपने वर्तमान की खुशियों को अपने अंदर मार रहे हो वह चीजें सही नहीं लगती फालतू पैसे खर्च मत करो उसके लिए मैं खुद बोलूंगा कि फालतू पैसे खर्च मत करो लेकिन जहां पर जरूरत है जहां पर आपकी खुशी है उस चीज को डेफिनेटली करो हमें नहीं पता कि हमारे 1 मिनट के अंदर के बाद एक सेकंड में हमारे साथ क्या हो जाए हमने फ्यूचर नहीं देखा उन पैसों को लेकर कहां जाओगे बस हां इतना जरूर बोलूंगी कि जितनी चादर होता तो सुना ही होगा जितनी चादर उतने ही पैर फैलाने चाहिए अपनी इच्छाओं को इतना मत इतना मत बढ़ाओ कि वही चीज आपको दिक्कत कर दे सेविंग करो सेविंग बहुत अच्छी चीज है लेकिन उसके साथ-साथ अपनी इच्छाओं को मत मारो यार कमा रहे हो खुद के लिए खुद खुलकर खर्चा करो और जिंदगी में वह काम जरूर करो जिस काम से सुकून मिले खुशी मिले उस काम को जरूर जरूर कर
Kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai yaar bilkul bhee nahin yaar ab jab khud kama rahe ho to apanee ichchhaon ko kyon maarata hai insaan hota hai ki yaar abhee hamaaree phaimilee kar rahee hai to ham itanee ham apanee dimaand nahin rakh sakate lekin ham us vakt hee sochane kee yaar jab ham kamaenge to ham apanee saaree ichchha ko poora karenge to jab ham hamaare to phir ham kya kar rahe hain ham unako vahee pahachaan sev karen shevings karo bahut achchhee cheejen sheving karana lekin itana bhee mat karo kyon seving se par karana aap apana projekt kharaab karo apane aap apane vartamaan kee khushiyon ko apane andar maar rahe ho vah cheejen sahee nahin lagatee phaalatoo paise kharch mat karo usake lie main khud boloonga ki phaalatoo paise kharch mat karo lekin jahaan par jaroorat hai jahaan par aapakee khushee hai us cheej ko dephinetalee karo hamen nahin pata ki hamaare 1 minat ke andar ke baad ek sekand mein hamaare saath kya ho jae hamane phyoochar nahin dekha un paison ko lekar kahaan jaoge bas haan itana jaroor boloongee ki jitanee chaadar hota to suna hee hoga jitanee chaadar utane hee pair phailaane chaahie apanee ichchhaon ko itana mat itana mat badhao ki vahee cheej aapako dikkat kar de seving karo seving bahut achchhee cheej hai lekin usake saath-saath apanee ichchhaon ko mat maaro yaar kama rahe ho khud ke lie khud khulakar kharcha karo aur jindagee mein vah kaam jaroor karo jis kaam se sukoon mile khushee mile us kaam ko jaroor jaroor kar

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है यार बिल्कुल भी नहीं यार अब जब खुद कमा रहे हो तो अपनी इच्छाओं को क्यों मारता है इंसान होता है कि यार अभी हमारी फैमिली कर रही है तो हम इतनी हम अपनी डिमांड नहीं रख सकते लेकिन हम उस वक्त ही सोचने की यार जब हम कमाएंगे तो हम अपनी सारी इच्छा को पूरा करेंगे तो जब हम हमारे तो फिर हम क्या कर रहे हैं हम उनको वही पहचान सेव करें शेविंग्स करो बहुत अच्छी चीजें शेविंग करना लेकिन इतना भी मत करो क्यों सेविंग से पर करना आप अपना प्रोजेक्ट खराब करो अपने आप अपने वर्तमान की खुशियों को अपने अंदर मार रहे हो वह चीजें सही नहीं लगती फालतू पैसे खर्च मत करो उसके लिए मैं खुद बोलूंगा कि फालतू पैसे खर्च मत करो लेकिन जहां पर जरूरत है जहां पर आपकी खुशी है उस चीज को डेफिनेटली करो हमें नहीं पता कि हमारे 1 मिनट के अंदर के बाद एक सेकंड में हमारे साथ क्या हो जाए हमने फ्यूचर नहीं देखा उन पैसों को लेकर कहां जाओगे बस हां इतना जरूर बोलूंगी कि जितनी चादर होता तो सुना ही होगा जितनी चादर उतने ही पैर फैलाने चाहिए अपनी इच्छाओं को इतना मत इतना मत बढ़ाओ कि वही चीज आपको दिक्कत कर दे सेविंग करो सेविंग बहुत अच्छी चीज है लेकिन उसके साथ-साथ अपनी इच्छाओं को मत मारो यार कमा रहे हो खुद के लिए खुद खुलकर खर्चा करो और जिंदगी में वह काम जरूर करो जिस काम से सुकून मिले खुशी मिले उस काम को जरूर जरूर कर
Kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai yaar bilkul bhee nahin yaar ab jab khud kama rahe ho to apanee ichchhaon ko kyon maarata hai insaan hota hai ki yaar abhee hamaaree phaimilee kar rahee hai to ham itanee ham apanee dimaand nahin rakh sakate lekin ham us vakt hee sochane kee yaar jab ham kamaenge to ham apanee saaree ichchha ko poora karenge to jab ham hamaare to phir ham kya kar rahe hain ham unako vahee pahachaan sev karen shevings karo bahut achchhee cheejen sheving karana lekin itana bhee mat karo kyon seving se par karana aap apana projekt kharaab karo apane aap apane vartamaan kee khushiyon ko apane andar maar rahe ho vah cheejen sahee nahin lagatee phaalatoo paise kharch mat karo usake lie main khud boloonga ki phaalatoo paise kharch mat karo lekin jahaan par jaroorat hai jahaan par aapakee khushee hai us cheej ko dephinetalee karo hamen nahin pata ki hamaare 1 minat ke andar ke baad ek sekand mein hamaare saath kya ho jae hamane phyoochar nahin dekha un paison ko lekar kahaan jaoge bas haan itana jaroor boloongee ki jitanee chaadar hota to suna hee hoga jitanee chaadar utane hee pair phailaane chaahie apanee ichchhaon ko itana mat itana mat badhao ki vahee cheej aapako dikkat kar de seving karo seving bahut achchhee cheej hai lekin usake saath-saath apanee ichchhaon ko mat maaro yaar kama rahe ho khud ke lie khud khulakar kharcha karo aur jindagee mein vah kaam jaroor karo jis kaam se sukoon mile khushee mile us kaam ko jaroor jaroor kar

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है यार बिल्कुल भी नहीं यार अब जब खुद कमा रहे हो तो अपनी इच्छाओं को क्यों मारता है इंसान होता है कि यार अभी हमारी फैमिली कर रही है तो हम इतनी हम अपनी डिमांड नहीं रख सकते लेकिन हम उस वक्त ही सोचने की यार जब हम कमाएंगे तो हम अपनी सारी इच्छा को पूरा करेंगे तो जब हम हमारे तो फिर हम क्या कर रहे हैं हम उनको वही पहचान सेव करें शेविंग्स करो बहुत अच्छी चीजें शेविंग करना लेकिन इतना भी मत करो क्यों सेविंग से पर करना आप अपना प्रोजेक्ट खराब करो अपने आप अपने वर्तमान की खुशियों को अपने अंदर मार रहे हो वह चीजें सही नहीं लगती फालतू पैसे खर्च मत करो उसके लिए मैं खुद बोलूंगा कि फालतू पैसे खर्च मत करो लेकिन जहां पर जरूरत है जहां पर आपकी खुशी है उस चीज को डेफिनेटली करो हमें नहीं पता कि हमारे 1 मिनट के अंदर के बाद एक सेकंड में हमारे साथ क्या हो जाए हमने फ्यूचर नहीं देखा उन पैसों को लेकर कहां जाओगे बस हां इतना जरूर बोलूंगी कि जितनी चादर होता तो सुना ही होगा जितनी चादर उतने ही पैर फैलाने चाहिए अपनी इच्छाओं को इतना मत इतना मत बढ़ाओ कि वही चीज आपको दिक्कत कर दे सेविंग करो सेविंग बहुत अच्छी चीज है लेकिन उसके साथ-साथ अपनी इच्छाओं को मत मारो यार कमा रहे हो खुद के लिए खुद खुलकर खर्चा करो और जिंदगी में वह काम जरूर करो जिस काम से सुकून मिले खुशी मिले उस काम को जरूर जरूर कर
Kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai yaar bilkul bhee nahin yaar ab jab khud kama rahe ho to apanee ichchhaon ko kyon maarata hai insaan hota hai ki yaar abhee hamaaree phaimilee kar rahee hai to ham itanee ham apanee dimaand nahin rakh sakate lekin ham us vakt hee sochane kee yaar jab ham kamaenge to ham apanee saaree ichchha ko poora karenge to jab ham hamaare to phir ham kya kar rahe hain ham unako vahee pahachaan sev karen shevings karo bahut achchhee cheejen sheving karana lekin itana bhee mat karo kyon seving se par karana aap apana projekt kharaab karo apane aap apane vartamaan kee khushiyon ko apane andar maar rahe ho vah cheejen sahee nahin lagatee phaalatoo paise kharch mat karo usake lie main khud boloonga ki phaalatoo paise kharch mat karo lekin jahaan par jaroorat hai jahaan par aapakee khushee hai us cheej ko dephinetalee karo hamen nahin pata ki hamaare 1 minat ke andar ke baad ek sekand mein hamaare saath kya ho jae hamane phyoochar nahin dekha un paison ko lekar kahaan jaoge bas haan itana jaroor boloongee ki jitanee chaadar hota to suna hee hoga jitanee chaadar utane hee pair phailaane chaahie apanee ichchhaon ko itana mat itana mat badhao ki vahee cheej aapako dikkat kar de seving karo seving bahut achchhee cheej hai lekin usake saath-saath apanee ichchhaon ko mat maaro yaar kama rahe ho khud ke lie khud khulakar kharcha karo aur jindagee mein vah kaam jaroor karo jis kaam se sukoon mile khushee mile us kaam ko jaroor jaroor kar

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
mahendra meena Bolkar App
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सुनिए mahendra जी का जवाब
Unknown
2:22
आपका सवाल है क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है हां आपने यह सवाल बहुत अच्छा किया क्योंकि हम सब जानते हैं और अपने में सुनाऊंगा की लिमिट एक ही जगह है अभी हम बिल्कुल नीचे हैं वह भी खराब है अभी हम सब ऊपर वह भी हमारे लिए खराब है जहां तक मैं समझता हूं फिल्म मीडियम मध्यम रखो किंतु लिमिट कि हमसे ज्यादा इच्छा है रखेंगे तो हमारा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा और हम कुछ नहीं कर पाएंगे यदि हम जोर से ज्यादा इच्छा रखते हैं तो पहले एक्स्ट्रा को पूरी करो बाद में दूसरी छपरा वेट करो या नहीं है एक इच्छा पूरी हुई नहीं कि सोचा ही पढ़ कर ली एक सपना पूरा नहीं हुआ तो सपने देख ली तो हमें इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए और जो हमेशा करते हैं उनको हम पूरा भी करें परंतु हम हमारे हिसाब से हमारी इतनी बड़ी दरी है हम उतना ही पैर सारे जहां तक मैं समझता हूं समझदार व्यक्ति के लिए यही सही हमें एक किसान और हम बनना चाहते हैं क्या एक्टर क्रिकेटर बनिए वह मना नहीं करा मत बन के सबसे ज्यादा चौका त्याग कर देना अच्छा है हरिया कुछ बड़ा करना चाहता है तो कीजिए कोई दिक्कत नहीं है परंतु एक बड़ा हुआ नहीं सारी दुनिया की सोच लिया आपने कि मैं यह बनूंगा मैं प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री प्रमुख राष्ट्रीय बनूंगा क्रिकेटर बोलूंगा बोलूंगा तो आप स्वस्थ रहेंगे तो आपको यदि सपने पूरे नहीं होंगे चाहे पूरे नहीं अभी तो आपके ऊपर डिप्रेशन आ जाएगा और आप अपने आप को कमजोर समझने लगे थैंक यू
Aapaka savaal hai kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai haan aapane yah savaal bahut achchha kiya kyonki ham sab jaanate hain aur apane mein sunaoonga kee limit ek hee jagah hai abhee ham bilkul neeche hain vah bhee kharaab hai abhee ham sab oopar vah bhee hamaare lie kharaab hai jahaan tak main samajhata hoon philm meediyam madhyam rakho kintu limit ki hamase jyaada ichchha hai rakhenge to hamaara jeevan ast-vyast ho jaega aur ham kuchh nahin kar paenge yadi ham jor se jyaada ichchha rakhate hain to pahale ekstra ko pooree karo baad mein doosaree chhapara vet karo ya nahin hai ek ichchha pooree huee nahin ki socha hee padh kar lee ek sapana poora nahin hua to sapane dekh lee to hamen ichchhaon ka sammaan karana chaahie aur jo hamesha karate hain unako ham poora bhee karen parantu ham hamaare hisaab se hamaaree itanee badee daree hai ham utana hee pair saare jahaan tak main samajhata hoon samajhadaar vyakti ke lie yahee sahee hamen ek kisaan aur ham banana chaahate hain kya ektar kriketar banie vah mana nahin kara mat ban ke sabase jyaada chauka tyaag kar dena achchha hai hariya kuchh bada karana chaahata hai to keejie koee dikkat nahin hai parantu ek bada hua nahin saaree duniya kee soch liya aapane ki main yah banoonga main pradhaanamantree mukhyamantree pramukh raashtreey banoonga kriketar boloonga boloonga to aap svasth rahenge to aapako yadi sapane poore nahin honge chaahe poore nahin abhee to aapake oopar dipreshan aa jaega aur aap apane aap ko kamajor samajhane lage thaink yoo

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Shivani gupta Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Portal news editor and a network marketing businesses, typist
0:49
नमस्कार जैसा कि आप का सवाल है क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना चाहिए कि नहीं यह बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि जिंदगी एक बार मिलती है और हम अपनी सारी इच्छाओं को मारकर दिए और वह पैसों की बचत करते रहे तो क्या पता हमारा अंत किस दिन लिखा हो इसीलिए अपनी जिंदगी में जो भी इच्छाएं हैं वह हो सके ज्यादा से ज्यादा तो पूरी करो क्योंकि जिंदगी का पता नहीं कब खत्म हो जाए और इस बचत का करेंगे क्या क्या मैं अपनी आने वाली पीढ़ी पर भरोसा नहीं है कि वह कमानी पाएगी जामुन के लिए बचत करके जाएं बचत करो पर एक लिमिट में पर इतना भी मत बचत करो कि अपने भविष्य के लिए इशारा इकट्ठा करते जाओ अपनी इच्छाओं को मारते जाओ थैंक यू
Namaskaar jaisa ki aap ka savaal hai kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana chaahie ki nahin yah bilkul bhee sahee nahin hai kyonki jindagee ek baar milatee hai aur ham apanee saaree ichchhaon ko maarakar die aur vah paison kee bachat karate rahe to kya pata hamaara ant kis din likha ho iseelie apanee jindagee mein jo bhee ichchhaen hain vah ho sake jyaada se jyaada to pooree karo kyonki jindagee ka pata nahin kab khatm ho jae aur is bachat ka karenge kya kya main apanee aane vaalee peedhee par bharosa nahin hai ki vah kamaanee paegee jaamun ke lie bachat karake jaen bachat karo par ek limit mein par itana bhee mat bachat karo ki apane bhavishy ke lie ishaara ikattha karate jao apanee ichchhaon ko maarate jao thaink yoo

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
 Nida Rajput       Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student Computer Science Education
0:38
देखिए आप का सवाल है कि क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है तो बिल्कुल भी नहीं अगर आप अपनी इच्छाओं को मारते रहेंगे तो आपने यह जिज्ञासा खत्म हो जाएगी कि आपको कुछ अजीब करना है हम कुछ पाने की हिम्मत और ताकत तभी रखते हैं अपने मन में जब आप अपनी इच्छाओं को मारते रहेंगे तो इसमें कुछ पाने के लिए खत्म हो जाएगी और जब आप कुछ अर्निंग ही नहीं करेंगे तो बचत का तो माना ही नहीं रहा अपनी इच्छाओं को मारिए नहीं उन्हें जगाई और उन्हें जगा कर जो अचीव करना है आपको जो आपका लक्ष्य है उस पर कायम रहिए धन्यवाद
Dekhie aap ka savaal hai ki kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat karana sahee hai to bilkul bhee nahin agar aap apanee ichchhaon ko maarate rahenge to aapane yah jigyaasa khatm ho jaegee ki aapako kuchh ajeeb karana hai ham kuchh paane kee himmat aur taakat tabhee rakhate hain apane man mein jab aap apanee ichchhaon ko maarate rahenge to isamen kuchh paane ke lie khatm ho jaegee aur jab aap kuchh arning hee nahin karenge to bachat ka to maana hee nahin raha apanee ichchhaon ko maarie nahin unhen jagaee aur unhen jaga kar jo acheev karana hai aapako jo aapaka lakshy hai us par kaayam rahie dhanyavaad

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:29
से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बजट पीना सही नहीं है यदि आपके पास कोई और ना हो जैसे किसी किसी के घर गरीब होता मेरा बेटा या बेटी होटल को पढ़ाना चाहती यहां पर बचत कर सकते हैं किसी एक आपके पास इंपॉर्टेंट है कि आप अपने बाल बच्चों को पढ़ाते कुछ अच्छा बनाना चाहते हैं अच्छे स्टेबल हो जाए तो आप उनसे अपनी इच्छा है बोल सकते हैं लेकिन हमारी जब आपके पास कोई ना हो सिर्फ बचत करना भी खराब चीज है
Se jyaada ichchhaon ko maarakar bajat peena sahee nahin hai yadi aapake paas koee aur na ho jaise kisee kisee ke ghar gareeb hota mera beta ya betee hotal ko padhaana chaahatee yahaan par bachat kar sakate hain kisee ek aapake paas importent hai ki aap apane baal bachchon ko padhaate kuchh achchha banaana chaahate hain achchhe stebal ho jae to aap unase apanee ichchha hai bol sakate hain lekin hamaaree jab aapake paas koee na ho sirph bachat karana bhee kharaab cheej hai

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Christina KC Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Christina जी का जवाब
Unknown
1:19
शोले पिक्चर है क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत का नाम सही है मगर आप एक ऐसे इंसान हो जो बहुत ज्यादा कमाते हैं जहां बहुत ज्यादा पैसा है आपके पास तो आपकी इच्छा है जो है आपको मारना जितना भी सही नहीं है क्योंकि आपके पास पैसा है आप अपने पैसे से चाहे सारे इच्छाओं को पूरी कर सकते हैं पर अगर आप एक ऐसे इंसान है जो आज से कमाई ज्यादा नहीं है तो आप अपनी इच्छाओं को मारे तो ही अच्छा होगा आपके लिए ऐसे लोग बोलेंगे क्योंकि कहीं ना कहीं तो हम आपको भी यह बात समझने पड़ेगी कि आपका कमाई का नहीं है आपके पास जितना पैसा नहीं है जिसने अपनी जो भी चाय है भले ही आप इस वक्त आप इच्छाओं को पूरा ना कर पाऊं और फिर भी जो है आने वाले समय में हो सकता है कि आप अपनी इच्छाओं को 6:30 बजे पूरा करता है कि मतलब अगर आप किस वक्त जो अपना बुरा वक्त है इस वक्त में अगर आप पैसों की पैसों की बचत करते हो तो हो सकता है कि यह पैसा जो है किसी की जरूरत काम कीजिए आप इस्तेमाल करो जो आपके भविष्य के लिए जो है सही होगा तो इसमें जरूरी है कि आप जो आपकी सभी इच्छाएं हैं बेशक आप इस वक्त आप मॉडल प्रश्न पूछा है कि आपके आने वाले दिन से अच्छी हो इसी की कामना है मैं झांसी समाचार
Shole pikchar hai kya had se jyaada ichchhaon ko maarakar bachat ka naam sahee hai magar aap ek aise insaan ho jo bahut jyaada kamaate hain jahaan bahut jyaada paisa hai aapake paas to aapakee ichchha hai jo hai aapako maarana jitana bhee sahee nahin hai kyonki aapake paas paisa hai aap apane paise se chaahe saare ichchhaon ko pooree kar sakate hain par agar aap ek aise insaan hai jo aaj se kamaee jyaada nahin hai to aap apanee ichchhaon ko maare to hee achchha hoga aapake lie aise log bolenge kyonki kaheen na kaheen to ham aapako bhee yah baat samajhane padegee ki aapaka kamaee ka nahin hai aapake paas jitana paisa nahin hai jisane apanee jo bhee chaay hai bhale hee aap is vakt aap ichchhaon ko poora na kar paoon aur phir bhee jo hai aane vaale samay mein ho sakata hai ki aap apanee ichchhaon ko 6:30 baje poora karata hai ki matalab agar aap kis vakt jo apana bura vakt hai is vakt mein agar aap paison kee paison kee bachat karate ho to ho sakata hai ki yah paisa jo hai kisee kee jaroorat kaam keejie aap istemaal karo jo aapake bhavishy ke lie jo hai sahee hoga to isamen jarooree hai ki aap jo aapakee sabhee ichchhaen hain beshak aap is vakt aap modal prashn poochha hai ki aapake aane vaale din se achchhee ho isee kee kaamana hai main jhaansee samaachaar

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क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना सही है?Kya Hadd Se Jyada Ichchhaon Ko Maarkar Bachat Karna Sahi Hai
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
0:43
हद से ज्यादा अपनी इच्छाओं को मारकर बचत करना निरर्थक है लेकिन मेरा मानना यह की हत्या सकता हूं कवच पूरा किया जाए बच्चों पर भारत या सकता हूं कब पूरा किया जाना चाहिए जो अनावश्यक भी नहीं किया जाना चाहिए उसका ध्यान दिया जाना चाहिए लेकिन आवश्यकता पूर्ति करने के बाद जो बसता है वही बचत आवश्यकताओं को मारकर किया आपने आपको परेशान करते हुए या बच्चों को दुखी रखते हुए यह परिवार को दुखी लगते हुए जो बचत की जाए और निरर्थक है
Had se jyaada apanee ichchhaon ko maarakar bachat karana nirarthak hai lekin mera maanana yah kee hatya sakata hoon kavach poora kiya jae bachchon par bhaarat ya sakata hoon kab poora kiya jaana chaahie jo anaavashyak bhee nahin kiya jaana chaahie usaka dhyaan diya jaana chaahie lekin aavashyakata poorti karane ke baad jo basata hai vahee bachat aavashyakataon ko maarakar kiya aapane aapako pareshaan karate hue ya bachchon ko dukhee rakhate hue yah parivaar ko dukhee lagate hue jo bachat kee jae aur nirarthak hai

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  • क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को मारकर बचत करना चाहिए, क्या हद से ज्यादा इच्छाओं को दबाकर बचत करना चाहिए
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