#जीवन शैली

shabnam khatun Bolkar App
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Student
1:27
हेलो जी बात तो आज आप का सवाल है कि क्या महिलाओं को उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों नहीं छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा जाता है कि मेरे हिसाब से हर एक इंसान को अपने तरीके से पहनने का हक होना चाहिए क्योंकि क्या होता है कि हमें यह जिंदगी मिली है बहुत तरह के ट्रेन चलते हैं आप बहुत रोका फैशन होता है और एक बार अखिलेश और ट्राई करें तू मेरी सुन को पहनने देना चाहिए और उनको अच्छा लगता है अगर उनको अच्छे कमेंट अच्छे कंपलीमेंट्स आते हैं उनको खुद को अगर अच्छा लग रहा है तूने पहनने देना चाहिए कि कहीं किसी को मारने से या फिर किसी के समझाने से देखिए कोई इंसान नहीं है मतलब इंसान को लगेगा कि नहीं वह मुझ पर रिचार्ज कर रहा है कि नहीं वह कपड़ा नहीं पहने तो मम्मी पापा भी देखी गई थी कि तुमको जो करना जो करे जो फिल्म में जाना है जाओ जो होगा नहीं होगा तुम्हें तुम्हारे बारे में बटन अच्छे से पता होगा तो मेरे साथ से कपड़े के मामले में भी यही करना चाहिए कि जिसको जो मन करे वह पहन ने देना चाहिए महिलाओं को देखकर पता है कि कायदा कानून क्या होता है किस तरह से कहां कब क्या कहना उनको अच्छे से पता तो तो ऐसा नहीं कि वह कुछ भी कभी भी पहन कर चली जाती है तो हर एक हक होना चाहिए कि वह भी पहने अगर उनको सही लग रहा है अगर ओ लोग तारीफ कर रहे हैं और उनको भी अच्छा लग रहा है रहने देना चाहिए अगर कुछ समय होगा जब अगर उनको ही अच्छा नहीं लगेगा इस तरह के कपड़े पहनना अगर वह किसी और से मिलना चाहती तू भी उनकी मर्जी होगी

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itishree Bolkar App
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Unknown
1:11
प्रश्न है क्या महिलाओं का उन के माध्यम से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों उन्हें छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा जाता है वह अपने आप पर डिपेंड करता है कि आप कौन से कपड़े में कंफर्टेबल होते हैं पर आप जो क्वेश्चन है कि छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा समझा जाता है लेकिन छोटे कपड़े पहनने पर गलत नहीं समझे तो लोग कोई कोई समझते हैं पर इससे भी कपड़े ना पहने जो कि खुद को देखकर भी शरमाते हैं क्योंकि हम कपड़े पहनते हैं ताकि हमारा लज्जा को हम ढक कर रखने रखने के लिए कपड़े पहनते हैं तो आजकल जो फैशन चल रहा है उसके कपड़े को देखकर भी इतनी शर्म आ जाते हैं इसलिए शर्माते तो मेरा यह कहने का मतलब यह है कि अपने आप मर्जी से कपड़े पहनो पर ऐसा भी कपड़े नहीं पहने को जिससे आपके घर में अपने मां बाप भी है अपने भाई भी होते हैं दादा होते हैं दादी होते हैं तो ऐसे कपड़े ना पहने जो खुद को कंफर्टेबल महसूस ना कर पाऊं

Rajendra Malkhat Bolkar App
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Self student
4:22
नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है कि क्या महिलाओं का उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों नहीं छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा जाता है तू तो शायद उनकी गलती नहीं होती है कहीं ना कहीं हम पुरुषों की गलती हम व्यक्तियों की गलती ही होती है इसलिए कि कपड़े पहनने के लिए तो सभी अपनी मर्जी से पहनते हैं और अपनी मर्जी से पहना भी चाहते हैं चाहे वह व्यक्ति हो या महिलाओं को अपनी पसंद के कपड़े पहना सभी को अच्छा लगता है किसी को अच्छा नहीं लगता अब आदमी तो क्या है कि वह कक्षा में भी रह ले तो भी उसे कोई गलानी नहीं होगी ना दूसरों को होगी ना कोई मजाक लेकिन यदि लड़की छोटे कपड़ों में रह जाए तो उसे गंदा इसलिए समझते हैं तो की गंदी आदमी की सोच हो जाती है ऑर्गन सोचना हो उनके उनके सुडोल अंगों को देख कर के तो इसलिए उनको पूरे कपड़े पहने की ही सलाह दी जाती है कि कम से कम पूरे कपड़े होंगे तो जो मन विचलित होता है कम से कम वह नहीं होगा इसीलिए तो स्कूलों में भी बच्चों को ऐसे ही कहा जाता है कि आप ढंग की ड्रेस अच्छे प्रकार की ड्रेस ही पहन के आया करें जो छोटी-छोटी ड्रेसेस है बिल्कुल छोटी छोटी मोटर टायर कि वह पहले क्योंकि जो किशोरावस्था में उम्र के जो लड़के होते हैं वह उन पैसों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं और उनका मन विचलित हो जाता है तो दोस्तों लड़कियों को भी या महिलाओं को भी यह समझने की आवश्यकता है कि वे जो कहते हैं पुरुष लोग या घर के लोग तो वह इस चीज से गुजरे हुए होते हैं आपके भी बच्चे हैं या आपके भी पीता है आपके भी भाई जब किसी ऐसी लड़की को पहनते हुए और कोई छोटी ड्रेस पहने हुए किसी को देखते हैं तो उनका मन विचलित हो सकता है चाहे वह किसी कॉलेज में हो या गली में हो बाजार में हो तो देखते ही उनके मन पर एक अलग ही प्रकार का आकर्षण होता है और वह सोचता है कि कितना सुंदर उसका सुडौल शरीर शारीरिक कुछ पता है तो ऐसे वह सोचता हुआ गंदी सोच में डूबता हुआ और वह दिन नकारात्मक ही सोचेगा वह अच्छा वह तो अपने लिए सोच लिया लेकिन जब घर की बारी आती है तो वह क्या सोचेगा कि मेरी बेटियां मेरी बहन भी ऐसे कपड़े पहनेगी तो जैसे कि मैं सोच रहा हूं वैसे भी अन्य लोग सोचेंगे मेरी बेटी है मेरी बहन के लिए भी ऐसे ही सोचेंगे कि क्या माल है या फिर क्या सुंदर नजारा है कितनी सुंदर है वह लड़की तो ऐसी सोच फिर सभी की हो सकती है प्रधान तक संभव है आपके माता-पिता कहते हैं या फिर कुछ लोग ऐसा कहते हैं कि उनको छोटे कपड़े पहनना ठीक नहीं है तो हां ठीक नहीं है अब तो तो उनकी भी उनके विचारों को तो बदला नहीं जा सकता मैं यह कह दूंगा कि उनकी सोच गलत है छोटे कपड़े पहन सकती है तो पहले को तो कोई रोक नहीं है स्वतंत्रता है कुछ भी पहनो और अपनी यदि सुरक्षा पूरी है तो पहनना कहने में कोई गलानी भी नहीं है लेकिन दोस्तों बहुत सी जगह देखा जाता है कुछ अनहोनी हो जाती है तो मैं तो यह नहीं चाहता कि कुछ अनहोनी हो कोई कुकृत्य का प्रभाव आप पर पड़े किसी पर किसी की बहन बेटी पर पड़े तो ऐसा अच्छा नहीं होता है तो इसलिए थोड़ी सी से हर तरीके से उसको बस कह दिया जाता है कि बेटे या बेटी आप ऐसे कपड़े थोड़े से लैब हेलो हां ठीक है घर में कोई शुभ अवसर है कोई शादी का माहौल है तो घर में ऐसे कपड़े सभी के बीच में रिश्तेदारों के बीच में पहन सकती है लेकिन जब अकेले कहीं जाती है तो थोड़ा अलग सा स्वभाव सिस्टम हो जाता है फिर तो ऐसा नहीं करना चाहिए तो जैसी भी हो अपनी स्थिति को देखते हुए समय को देखते हुए और कपड़े कभी छोटे कभी पूरे तो ऐसे पहनना अपने मन की बात है बाकी सब आप जानते हो धन्यवाद

Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
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Unknown
2:59
गर्लफ्रेंड नमस्कार जैसा कि आपका प्रश्न है क्या महिलाओं का उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों उन्हें छोटे कपड़े पहनने से गलत समझा जाता है लेकिन किसी आपके हैं किसी भी कपड़े का उपयोग कर सकती हैं आप स्वतंत्र हैं पूरी तरीके से लेकिन हर देश की अपनी अपनी जो मर्यादा होती है कल्चर होती है अगर आप उस कल्चर के मुताबिक आप कपड़े नहीं पहनते या फिर खाना वगैरह नहीं खाते उसका आंसर में नहीं रहते तो आपको जो है एक दूसरी ही नजर से देखा जाता है यह स्वाभाविक तानसेन की जिसे हम भारत के नागरिक हैं भारत का जो संस्कृत में हैं हम उसके मुताबिक जब तक अपना चाल ढाल नहीं बनाएंगे तब तक हम जो भारतीय है तुम्हारी नागरिकता है वह कहीं कहीं जो है वह खंडित होती है जैसे कि छोटे कपड़े की जो संज्ञा दी गई है वहां का रिवाज नहीं है फ्रेंड वह अमेरिका वगैरा की रिवाज है वहां पर जो है सब लोग जनता का प्रचार करते हैं रहते हैं फ्रेंड वैसे ही आपने देखा होगा कि हमें क्यों देना मिलोगे पैंटी और ब्रा में भी रहते हैं यहां के भी कुछ लोग वह सब चीजें पहनने के लिए सोचते हैं लेकिन ए कंडीशन कुछ ऐसे ही है इंडिया का संस्कृत ऐसा है कि वह नहीं पहन पाते हैं जबकि है अमेरिका वगैरह में आप अगर पैंटी और ब्रा पहन के चलते हैं तू कोई मामूली बात रहती है बहुत ज्यादा सोचने वाली बात नहीं रहती है फ्रेंड तो वहां काजू कल्चर है वही है छोटे छोटे कपड़े पहनना जो है आप साड़ी पहन के निकल सकते हैं पैंटी पहन के निकल सकते हैं घूमने के लिए कहीं पर और छोटे छोटे कपड़े जो है पहन सकते हैं लेकिन यहां का जवाब आप की पार्टी पूरी रखी होनी चाहिए साड़ी में आप होनी चाहिए आपकी सूट सलवार में होनी चाहिए तो भारत की जो संस्कृत है यही है फ्रेंड कि आप जो है वह साड़ी में रहे मेरे आपका यानी की बॉडी पूरी तरीके से टांका हो कहीं पर दिखाई ना दे रहा हो लेकिन आजकल का फैशन का दौर है लोग अपनी भारतीयता को त्याग करके जो है वह वेस्टर्न कल्चर जो है वह अपना रहे हैं लेकिन मेरा रिक्वेस्ट रहे यही रहेगा फ्रेंड कि आप लोग जो है वह इंडियन कल्चर को अपनाएं वेस्टर्न कल्चर को नापने क्योंकि इससे सिर्फ नग्नता फैलती है और कुछ नहीं फैलता जो लोग सोचते होंगे कि छोटे छोटे कपड़े पहन के वह बहुत अच्छी लगती है मेरी क्या तो ऐसी बात नहीं है फ्रेंड बहुत ही बची लगती है बहुत ही गंदी लगती है और आजकल का जो यह आपने देखा होगा कि आए दिन रेप होता है या फिर ऐसी कोई कांडे होती हैं उनका एक छोटे छोटे कपड़े पहन कर चलना जो है वह बहुत ही असरदार होता है बहुत ही जो है इनका भी हाथ होता है जिसे लड़कों का जो है मनोबल वह नहीं पाते और ऐसा कांड हो जाता है शुक्रिया

Amit Singh Bolkar App
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Student 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 mission Indian Army🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
1:34
नमस्कार दोस्तों कैसे हैं वाले क्या महिलाओं को उनकी मर्जी के कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों नहीं छोटे कपड़े पहने पर गलत समझा नहीं आपकी बात तो सही है काफी हद तक आपकी बात सही है लेकिन क्या किया वह लोग जिस समाज में जिएंगे लोग जिस हिसाब से अपने हिसाब से आपका समाज लिखा उसी हिसाब से आप चलेंगे क्योंकि निश्चित आप समाज के विपरीत काम नहीं कर सकते इससे क्या होता है कि अब जब भी आप अगर समाज के विपरीत काम करेंगे तो मिल आप लोग आप लोग खुश रहेंगे आप हमसे ज्यादा से अमेरिका हो गया लंदन हो गया मतलब कोई भी देख लीजिए जो हम लोग काफी विकसित है तो आप पर भी महिला जो दिखे वह काफी छोटे छोटे कपड़े पहनती तो वहां पर कोई किसी को नहीं कुछ कहता है लेकिन कथित तौर पर भारत में जो यह परंपरा यानी कि छोटे कपड़े पहनने की तो अभी भी भारतीय समाज में इतना अच्छा नहीं समझा जाता है मुझे अभी भी मतलब लोगों की वही पुरानी वाली सूची इसी समाज के विपरीत नहीं जा सकती आप समाज के समूह की जिन्होंने समाज के साथ ही रहेंगे तो इस हिसाब से तो मैं यही लगा कि आप निश्चित तौर पर कोई जरूरी थोड़ी ना कि आप छोटे कपड़े पहनने आप छोटे कपड़ों में क्या रखा है मेरे को बताओ कोई भी कहता है तभी नहीं है यही कारण है कि मतलब बाकी आपकी मर्जी जो आप समझ में आए वह करें तो मिस करता हूं सवाल का जवाब दूंगा अगर अच्छा लगे तो प्लीज लाइक और शेयर करें धन्यवाद

Nav kishor Aggarwal Bolkar App
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Service
1:15
आपका सवाल है कि क्या महिलाओं का उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों उन्हें छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा जाता है जी हां यह दुर्भाग्य वर्ष हमारे समाज में एक बहुत गलत जीत है कि यदि कोई महिला छोटे कपड़े पहनती है तो उसे गलत समझा जाता है जी नहीं आजकल फैशन है आजकल पाश्चात्य संस्कृति का जमाना है हर कोई व्यक्ति वेस्टर्न रंग में रंगा हुआ है और आजकल खान-पान पहनावा हर चीज आदमी और व्यक्तित्व हर आदमी हर महिला जो है वह चाहते हैं कि हम वेस्टर्न ड्रेसेस पहने वेस्टर्न खाना खाए तो यह तो शौक है इसका मतलब यह नहीं है कि अगर कोई किसी प्रकार का शौक करता है तो वह आदमी गलत है जी नहीं महिलाओं को उनकी मर्जी से कपड़े पहनना उनका हक है पहन सकती हैं और जो दिल करे वह पहले लेकिन हां एक मर्यादा में रहकर के पहले एक लिमिट में जाकर के पहने और एक शालीनता बनाए रखें यह बहुत जरूरी है अगर वह इसलिए को क्रॉस कर जाती हैं या शालीनता नहीं बनाती हैं उल्टा सीधा बोलना या उल्टा सीधा व्यवहार करना तो वाक्य में फिर तूने गलत समझा जाएगा ऐसा कुछ नहीं है कपड़े पहनना से कभी भी किसी का व्यक्तित्व अंदाजा नहीं लगाया जाता धन्यवाद

Bhupesh Kumar Bolkar App
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Entrepreneur , Blogger, Influencer
0:42
नमस्कार दोस्तों है चेक भेज रहा मैं आपका स्वागत है मैं आपका अपना मित्र भूपेश शर्मा मैं आशा करता हूं आप सभी से कुछ लोगे और अपना और अपने परिवार का ख्याल रखे होंगे जैसे क्या-क्या महिलाओं को उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों नहीं छोटे कपड़े पहने पर गलत समझा जाता है दोस्तों महिलाओं का अपनी मर्जी से कपड़े पहनना बिल्कुल भी गलत नहीं है वह जो लोग ऐसा सोचते हैं कि छोटे कपड़े पहनने वाली लड़की गलत है तो उनकी सोच ही खराब है देखो दोस्तों ऐसा कोई फर्क नहीं पड़ता लड़की भी छोटे कपड़े पा सकते हो लड़कियां भी छोटे कपड़े पा सकते डिपेंड होता है कि जो कपड़े पहनने वाला इंसान है वह उस कपड़े को पहनने के बाद कैसा फील करता है अगर इंसान किसी भी चीज को बैंक में कंफर्टेबल फील करता तो उसे वही कपड़े पहनने चाहिए

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
2:52
नहीं क्या महिलाओं का उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों उन्हें छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा जाता है क्या है ना कि गलत कपड़े पहने से गलत नहीं समझा जाता है लेकिन समाज में लोग जो उन्हें देखकर गलत करते हैं यह चीज होता है क्योंकि सब आप सभी को पता होगा कि जो महिलाओं लड़कियों के शरीर होती है उसमें ज्यादा अट्रैक्शन होता है लोगों का सबसे ज्यादा अट्रैक्शन महिलाओं के शरीर होता है ना कि और दुनिया की किसी चीजों में होता है यही कारण है कि जितना उन्हें खुला देखते हैं आज इतना उन्हें अट्रैक्टिव देखते हैं हर एक इंसान का क्या होता कुछ न कुछ बदलाव होता है कुछ ऐसे इंसान है जो मैं बहुत ज्यादा बदला होता है और गलत हरकतें कर जाते हैं तो उन्हें बस यही कहा जाता है कि आप एक करिए लेकिन जहां जैसा फैशन हो वहां मतलब आप अगर देखी अमेरिका चले जाएं वहां पर क्या करें कि आप अगर पूरी तरह से हम छोटे छोटे कपड़ा पहने हैं फिर भी आपको कोई कुछ नहीं कहने वाला लेकिन वही चीज अगर वहां पर आप बहुत बड़े कपड़े पहनकर जाएंगे फुल कपड़े पहनकर जाएंगे अमेरिका में आपको अजीब लगेगा कि यार यह तो मेरा अजीब लग रहा है मतलब 99 लोगों है मैं अकेला ऐसा तू ऐसा फील होगा लेकिन वहीं अगर अपने देश में आकर आप दम छोटा छोटा कपड़ा पहनेंगे और सारे लोग कपड़े फुल कपड़े में रहेंगे तो आपको खुद ऐसा शर्मिंदगी ऐसा एहसास होगा यार कि तू मुझे बहुत गलत लग रहा है मुझे बड़ा अजीब है तू एक आप अपनी मर्जी के हर एक कपड़े पहने दुनिया में मत देखा जाए कि हमारे भारत में बहुत सारे ऐसे में बहुत सारे ऐसे कपड़े है कि जो आप पहनेंगे तो आपको अच्छा लगेगा और ऐसा है कि मीडिया में भी है आपके शरीर को भी लगेगा आपको सुंदरता भी देखा बहुत अलग-अलग डिजाइन के कपड़े अक्षर छोटे कपड़े देखिए आप अगर इच्छा है तो आप पहनी है इसके लिए कोई कुछ कहता नहीं है लेकिन उस चीज को ऐसी जगह है जहां उसका ट्रेड हो जैसे आप मुंबई में चले जाइए मुंबई के अलावा आप चले जाइए गोवा गोवा में आप पहन दीजिए आपकी इच्छा भी पूरी हो जाएगी और आप संतुष्ट भी हो जाएंगे वहां पर कुछ लोग सभी लोग ऐसे ही दिखते हैं तो अगर मेरा अंसारी है कि आप अपनी ही मर्जी के कपड़े पहनी है लेकिन पैसा हो समाज में संतोषजनक हो वह आप कपड़े पहने आपके लिए और आपके पूरे परिवार के लिए और आपके खुद शरीर की सेहत के लिए फायदेमंद होगा क्योंकि समाज में इसकी लोग इतने लोग गलत हैं कि हम उनको सुधार नहीं सकते बस सुधारने का यही तरीका है कि हम खुद अपने आप को बदल ले वह खुद सुधर जाएंगे धन्यवाद

Nikhil Ranjan Bolkar App
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HoD NIELIT
0:49
चारा काटने के महिलाओं का उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों नहीं छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा जाता है तो आपको बता देंगे कि यहां पर सोच की बात आती है सामाजिक रूप से अभी ट्रांसमिशन चल रहा है लोगों की सोच में परिवर्तन आ रहा है लेकिन अभी भी कुछ और दोनों टाइप के लोग यहां पर अवेलेबल है तो जिनकी जो मानसिकता है वह समथिंग है जो यह सोचते हैं कि केवल लोगों के या महिलाओं के कपड़ों के पहनने उड़ने से ही कोर्ट जज करने लगते हैं तो इस तरह की मानसिकता से जब तक हमारा समाज बाहर नहीं निकलेगा तब तक इस तरह की चीजें सामने आते रहेंगे आपके क्या विचार है इस बारे में कमेंट सेक्शन अपनी राय जरुर व्यक्त करें मि शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

Ekta Sahni Bolkar App
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Unknown
1:44
हेलो आपका क्वेश्चन है क्या महिलाओं को उनकी मैसेज से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों उन्हें छोटे कपड़े पहने पर गलत समझा जाता है तो मेरा तो यही होगा कि महिलाओं को पुरुषों का भी उनकी मर्जी से कपड़े पहने गलत नहीं है उन्हें छोटे कपड़े कपड़े कपड़े जिसने कभी कपड़े वह कहना चाहते हैं पहन सकते हैं मगर डिपेंड करता है हमारे चारों तरफ कैडमोर शेर के ऊपर कैसे कहते हैं ना जैसा देश वैसा भेष अब पोस्ट करो आपके एरिया में चारों तरफ सब साड़ी सूट जा रही है बरसों से सब ऐसे ही चलता रहे हैं आलोचना निकलने मिनी स्कर्ट पहन ली उसकी तरफ से देखेंगे कि हमें क्या हो गया है तुम बतलाओ आना चाहिए नाम ज्यादा बदलाव नहीं होता है कि परिवर्तन जो है वह प्रकृति का नियम है जो परिवर्तन बहुत बहुत सारा हो शायद जल्दी से टेबल नहीं होता है तो परिवर्तन आए मगर धीरे-धीरे करके आए और किसी के गठन को लेकर किसी के कपड़ों को लेकर हमें कमेंट करना है यह देखना है कि कल से ही कहना हम कोई नहीं होते हैं इसके सबको बैठी है हमारे संविधान ने हमें पूरा अधिकार दिया है कि हम जैसे मर्जी कपड़े पहने जैसे जैसे मर्जी मर्जी धर्म को अपना ही यहां जाना चाहे जा सकते हैं जैसे बोलना चाहिए बोल सकते हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है और जो लोग गलत समझते हैं तो उनको अपनी सोच पता नहीं गर्ल्स और बॉयस को लेकर या उनकी क्लॉथिंग को लेकर कमेंट नहीं करने का थैंक्यू

BEBY SINGH Bolkar App
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I am student
1:28
हेलो जैसे कि सवाल है कि क्या महिलाओं को उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों नहीं छोटे कपड़े पहने पर गलत समझा जाता है तू मैं तो नहीं जानती हूं कि आप जो क्वेश्चन पूछे आप लड़की है या लड़का है लेकिन हां जो भी हैं तो यह छोटे कपड़े पहना गलत नहीं है यह गलत लोगों का सोच होता है क्योंकि हम किसी के कपड़े यह किसी के पहनावे यह किसी के तौर-तरीके दिख रहा मुझे जज नहीं कर सकते कि वो अंदर से कैसा हो क्योंकि एक जींस और टीशर्ट पहने वाली लड़कियां छोटा कपड़ा पहने वाली लड़कियां किसी की बुरी लाइव बहुत अच्छे से भी के साथ बहुत अच्छे से रह सकते हैं किसी की लाइफ गोल्डन बना सकती है लेकिन एक ढंग क्यों संस्कार वाली कपड़ा पहने वाली लड़की ना शायद नहीं कर सकती है किसी ने किसी के कपड़े को देख कर उसे जज नहीं करना चाहिए और महिलाओं को मर्जी से अपने कपड़े पहने में कोई गलती नहीं है क्योंकि वह भी एक इंसान है को भी जीने का पूरा अधिकार है वह भी अपने मन से घूम कर सकती हैं सबको सकती हैं तो फिर और छोटे कपड़े पहनती है तो इसमें गलत क्या है कुछ नहीं गलत है मेरे हिसाब से तो कपड़ों में गलती नहीं होती हम लोग के सोच और दिमाग में गलती होती है ताकि उन्हें पैसे नजर से देखते हैं तुम मुझे लगता है कि आपको मेरा जवाब शायद पसंद है तो कृपया करके आप मुझे कमेंट में जरूर बताएं धन्य

Aditya Dangayach  Bolkar App
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Student
2:04
जानना चाहते हैं कि क्या महिलाओं का उनकी मर्जी से कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों उन्हें छोटे कपड़े पहनने पर गलत समझा जाता है तो देखिए इसका जवाब हमें इतिहास में जाने पर मिलेगा अगर हम पहले के जमाने में जाए जब अंग्रेज लोग हमारे पर आज हमारे ऊपर आज क्या करते थे उन्होंने हमारे ऊपर काफी अत्याचार किए काफी लूटमार करी और हमारे देश को काफी गंगाल और गरीब बना दिया तो हम अगर हमारे अंदर अंग्रेजों की ऐसी छवि है तो जरूरी हमेशा अंग्रेजों को सभी की नजरों से देखेंगे कि वह कितने असभ्य था कि उन्होंने हमारे साथ ऐसा किया हमारे साथ इतना बुरा व्यवहार किया तो इसलिए जब भी हम तो उस वक्त अगर हम अंग्रेजों की बात करें तो वह अंग्रेज जो पहनावा पहनते थे या नहीं अगर अंग्रेजी महिलाओं की बात करें तो कहना कि वह महिला जींस टॉप या फिर अंग्रेजी वस्त्र पहना करती थी जो कि उस वक्त लोगों का असभ्य लगता था और वह इसलिए क्योंकि वह क्योंकि वह भी कहना कि अंग्रेज ही थी लेकिन जब आजाद भारत आजाद हुआ अंग्रेज तो हमारे देश से चले गए लेकिन उनका जो पहना हुआ है वह यही रह गया यानी कि भारतीय महिलाएं भी अंग्रेजी वस्त्र पहनने लगी इसलिए लोग उनको गलत समझते थे अब वे समझते थे ना कि अंग्रेजी वस्तु थे और और वह वस्त्र देकर उनको उनके उन पलों की याद आती थी जब अंग्रेज हमारे ऊपर आज क्या करते थे हमें परेशान किया करते थे तो पहले पहले के जमाने में इसलिए छोटे कपड़े पहनने को गलत समझा जाता था पर अब धीरे-धीरे करके लोगों का मन बदल रहा है और वह छोटे कपड़े पहने को सिर्फ उनकी उनकी मर्जी के हिसाब से ही देख रहे हैं कि अगर कोई महिला छोटे कपड़े पहन रखी थी यह सिर्फ उसकी मर्जी है इसके अलावा और कुछ नहीं इसका उसके महिला के चरित्र से कोई लेना देना नहीं और अगर आप मेरी मां ने तो कभी भी किसी भी महिला को उसके कपड़ों से जज मत करिए कि वह उसका चरित्र अच्छा है या बुरा है क्योंकि कपड़े किस किसी भी व्यक्ति की पहचान नहीं होते कपड़े सिर्फ उसका तन ढकने के काम आता है और कुछ नहीं तो आशा करता हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा सीताराम ऐसे सवाल के जवाब पाने के लिए मुझे सब्सक्राइब करें धन्यवाद

Ankit Singh Rajput Bolkar App
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1:09
हेलो एवरीबॉडी नमस्कार आपको एक बहुत ही अक्सर पूछे जाने वाले क्वेश्चन है समाज में हमारे लिए बहुत ही बाहर लोगों से पूछा जाता है कि क्या महिलाओं को उनकी मर्जी से छोटे कपड़े पहनना गलत है आखिर क्यों उन्हें छोटे कपड़े पहने हुए गलत है लिखिए हसन और छोटे कपड़े पहनना लिखित सब को आजादी है अपने हिसाब से रहने की छोटे कपड़े पहने की लेकिन लेकिन फैशन है क्या फैशन मतलब यह नहीं होना चाहिए कि आप बॉडी को एक्सपोज कर अंग का प्रदर्शन करें इसको ऐसा नहीं कहा कि आपको एक शब्द है और अपनी सभ्यता अपनी संस्कृति में रखना आप दूसरे कल जब से प्रभावित होकर अपने कल्चर को बुला रहे हैं यह कहां तक जायज है आपको फैशन करने का अधिकार है लेकिन फैशन इस ढंग में ना हो कि आपको खुद सिम होना पड़ा आपको खुद शर्मसार होना आप बॉडी को खोज कर के फैशन के करना यह कहां तक के हैं न्याय संगत है आप कहां तक उचित है आप ही बनता है थैंक यू

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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
4:58
सवाल से गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है 72 में गणतंत्र दिवस पर क्या आप कोई कविता सुना सकते हैं देखिए देश के राष्ट्रीय त्योहारों में से एक गणतंत्र दिवस के दिन देशवासी स्वतंत्रता सेनानियों व वीर योद्धाओं को स्मरण करते हैं देश की आजादी के करीब ढाई साल बाद 1950 में 26 जनवरी को भारत को संविधान मिला था बता दें कि सन 1948 के आरंभ में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने संविधान सभा की पहली बार संविधान की रूपरेखा प्रस्तुत की थी हालांकि इनमें कुछ संशोधनों के बाद नवंबर 1949 में इसे एक्सेप्ट कर लिया गया और 26 जनवरी 1950 को संविधान पारित हुआ तब से हर साल इस दिन भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है इस वर्ष देश अपना 72 वहां रिपब्लिक डे मनाने जा रहा है बता दें कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान कहा जाता है 26 जनवरी के दिन हमारे देश में गणतंत्र दिवस का त्यौहार बड़ी ही खुशियों के साथ धूमधाम से मनाया जाता है इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है भक्ति गीत राष्ट्र गीतों के साथ यह पर्व बड़े धूम-धाम से पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है यही बात कविता सुनाने की तो माह जनवरी 26 को हम सब गणतंत्र मनाते हैं और देखो फिर आकर गीत खुशी के गाते हैं संविधान में आजादी वाला बच्चों इस दिन आया है इसने दुनिया में भारत को नवगढ़ तंत्र बनाया है क्या करना है और नहीं क्या संविधान बतलाता भारत में रहने वालों का सबसे गहरा नाता यह अधिकार हमें देता है उन्नति करने वाला ऊंची नीच का भेद न करता ब्राम्हण हो या लाला हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई भाई भाई सबसे पहले संविधान ने बात यही है बतलाई इसके बाद बताई बातें जन-जन के हित वाली पढ़ने में यह सब लगती है बातें बड़ी निराली लेकर सीता कहीं कभी भी ऊंचे पद पा सकते और बड़ा व्यापार नियम से दुनिया में छा सकते देश हमारा रहे कहीं हम काम सभी कर सकते पंचायत से एमपी तक का हम चुनाव लड़ सकते लेकर सस्ता लेकर सताता विधान से शक्तिमान हो सकते और देश की इस धरती पर जो चाहे कर सकते लेकिन संविधान को पढ़कर मानवता को जानो अधिकारों के साथ जुड़े कर्तव्यों को पहचानो इन्हीं पंक्तियों के साथ इन्हीं शब्दों के साथ पूरे देशवासियों को अपने बोलकर पूरे परिवार को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं बहुत-बहुत बधाई हो गणतंत्र दिवस की जय हिंद जय भारत जय हिंद जय भारत भारत माता की जय भारत माता की जय वंदे मातरम वंदे मातरम जय हिंद जय भारत

#पढ़ाई लिखाई

KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए KamalKishorAwasthi जी का जवाब
घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
1:26
अबकी बार कौन सा गणतंत्र दिवस है गणतंत्र दिवस भारत का एक सबसे बड़ा राष्ट्रीय पर्व जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है इसी दिन सन 1950 को भारत सरकार अधिनियम एक तो 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था एक स्वतंत्र राज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आईएनसी ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था या भारत के 3 राष्ट्रीय पर्वों में से एक है अन्य दो स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के रूप में मनाई जाती है इस वर्ष 2021 में हम 72 हुआ गणतंत्र दिवस मना रहे हैं गणतंत्र दिवस की पूरे देश को ढेर सारी शुभकामनाएं और अपने पूरे बोलकर परिवार को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई हो जय हिंद जय भारत

#टेक्नोलॉजी

Ram Kumawat  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:31
दोस्तों आपका सवाल है भारत में सबसे सुपर फास्ट ट्रेन चलने वाली का नाम बताइए जो सबसे सुपर फास्ट ट्रेन चलने वाली ट्रेन का नाम है गतिमान एक्सप्रेस भारत में सबसे तेज गति से चलने वाली रेलगाड़ी में से एक है जो कि दिल्ली से झांसी के बीच चलती है यह 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गति से चलती है और फिलहाल में भारत से सबसे तेज रेलगाड़ी वर्तमान में चल रही है

#पढ़ाई लिखाई

Abdul_Ahad  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Abdul_Ahad जी का जवाब
Unknown
0:44
आकाश आवाज नहीं कहां के लोग सांप को अपनी बीन की धुन पर बचाते हैं तो हमारा भारत के अंदर जैसे सपेरे मौजूद हैं जो सांप पत्नी पिंकी उतरना चाहते हैं और असल में एक फैक्ट्री इसके लिए बोलता है कि सांप सुन नहीं सकता है वह से उसकी आंखों से उसकी तरंगों से महसूस करता है सुनता है तो यहां पर जब कोई चीज उसके सामने घुमाई जाती है तब वह सांप उसके साथ साथ में घूमने लगता है ना कि वो धुन सुन के नाचने लगता है तो आपको जवाब मिल गया होगा उम्मीद शुक्रिया

#पढ़ाई लिखाई

Manju Bolkar App
Top Speaker,Level 88
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Unknown
1:21
इंग्लिश में हेलो कहने का स्मार्ट तरीका क्या है तो देखिए एक तो हेलो तभी कहा जाता है जब हम किसी से मिलते हैं अक्सर हम फोन जब उठाते हैं तो पहले हेलो ही कहते हैं तो यह तरीके से ग्रीट करना हुआ जिसे हम बात करना चाहते हैं तो अलग अलग तरीके हैं ग्रेट करने के 12 फॉर्मल में होता है मतलब अच्छे तरीके से अगर आप किसी को ग्रीट करना चाहते हैं जैसे कि हम हिंदी में नमस्कार कहते हैं वैसे ही अगर अंग्रेजी में हेलो के बजे आप कुछ और कहना चाहते हैं तो अगर आप सुबह किसी से मिल रहे हैं और उन्हें ग्रीट करना चाहते तो गुड मॉर्निंग सिगरेट कर सकते हैं अगर दोपहर को मिल रहे हैं तो कह सकते गुड आफ्टरनून और अगर रात को मिल रहे हैं शाम के वक्त को मिल रहे हैं तो गुड इवनिंग कह सकते हैं तो यह अच्छी तरीके से अपग्रेड करना हो गया और इसके अलावा अगर आप किसी हमउम्र व्यक्ति से मिल रहे हैं आपके दोस्त से मिल रहे हैं तो हेलो की वजह आप हाय कैसे हैं या फिर हाय डूड कह सकते हैं या आए हे ब्रो कह सकते हैं यह एक कैजुअल तरीका है और एक फनी तरीका भी होश कह सकते हैं दोस्तों से बात करने का बात किसी बात करने का तो इस तरह से आप साबित करके बात शुरू कर सकते हैं ऐसा करती हो आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा

#पढ़ाई लिखाई

Shiraj khan Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Asst.professor
0:47
जैसे कि आपका प्रश्न इंग्लिश में किसी की तारीफ कैसे करें और देखिए अगर आपको किसी का लुक काफी मनमोहक लग रहा है तो आप अट्रैक्टिव शब्द का इस्तेमाल कर उसकी तारीफ कर सकते हैं उसके अलावा आप स्थानीय नीति और बेहद सुंदर अगर किसी की खूबसूरती आपके होश उड़ा दे दो आप उसके लिए राजस्थानी शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं और उसके बाद डिवाइड बहुत सुंदर इस शब्द का प्रयोग किस सर यह सुंदरता को बढ़ाने के लिए किया जाता है इस शब्द का इस्तेमाल किसी के लिए के गाने पर ऐसा माना जाता है कि उसमें कुछ दिव्या और अलौकिक है प्रकृति की सुंदरता के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है

#टेक्नोलॉजी

Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:59
सवाल किए और इन दोनों का उपयोग कहां और कैसे किया जाता है ए और एन का प्रयोग सिंगुलर काउंटेबल नाउन के पहले होता है यदि उठना उनसे किसी अनिश्चित व्यक्ति जानवर या वस्तु का बोध होता है जैसे ही इसे डॉक्टर यदि ना उनसे पहले एडजेक्टिव एडजेक्टिव प्लस नेटवर्क भूत ए एन का प्रयोग अपने सबसे निकट आने वाले शब्द के अनुसार को जैसे ही इस एंड इंटेलिजेंस फॉर ए एन का प्रयोग शब्द के उच्चारण पर निर्भर करता है जिससे पहले उनका प्रयोग होता है ना कि उस शब्द की स्पेलिंग पर या दिवस पर ध्वनि भवरसा उन से प्रारंभ होता है तो एंड कपड़े वह है यदि शब्द व्यंजन ध्वनि कॉन्सोनेंट साउंड से प्रारंभ होता है तो एक का प्रयोग किया जाता है जैसे ही एंड ऑनेस्ट मैन की स्पाइडर मैन पूरी जाति का बोध करने के लिए सिंगल अकाउंट टेबल नाउन के पहले ए एन का प्रयोग किया जाता है
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