#धर्म और ज्योतिषी

shabnam khatun Bolkar App
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Student
2:09
1000 का सवाल है कि यदि 13 महामारी के दिनों में मंदिर जाती है या पूजा पाठ करके तो उसे भविष्य में किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तो देखिए महामारी मतलब बहुत प्रकार की होती है जैसे कि जो भी यह बीमारी वायरस के लक्षण अलग-अलग होती है मतलब के कुछ आवाज रस आपको मतलब आप इंसान के थ्रू फैलता है कुछ हवा के थ्रू फैलता है तो ऐसे बहुत सारे ऐसे वायरस हो तो महामारी की बात करें तो अगर मंदिर में भीड़ भाड़ है या फिर मतलब टच करके जो सीढ़ियों हो जाते हैं और अगर कोई इनफेक्टेड इंसान मतलब आया होगा और वह भी टच किया होगा तो आपको हो सकता है और भविष्य में नहीं अभी से ही आपको इसके सेंटेंस और अभी से ही आपकी तबीयत खराब होने लगेंगे क्योंकि कोई भी अब हमारी कोई भी वायरल सेशन कि अभी आप को हुआ है हम आपको मतलब आगे चलकर पता चलेगा यह महामारी की बात करें तो आपको वक्त ही पता चलता है कि क्या हुआ क्या नहीं है इंसटेंट मतलब फैलता है और आपको पता चलता है तो अगर आपको ऐसे रिस्क है कि अगर आप ऐसे सब जगह जाएंगे क्योंकि मंदिर हो गया मस्जिद हो गया गिरजाघर हो क्या यह सब जगह बहुत सारे लोग आते तो यहां पर कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं है सब आ रहे हैं तो अगर कि नहीं वह है तो आपको भी हो सकता है और आपके हेल्थ को लेकर आपके मतलब शरीर को लेकर कोई भी प्रॉब्लम हो सकता है तो अच्छा यही होता है कि ऐसे समय पर मतलब दूर रहे हैं और फिर दूर रहकर जाए और अगर पता चले कि यह महामारी मतलब ज्यादा खतरनाक है तो ऐसे समय पर गर धूल से स्टेशन है कि नहीं जाना तो मेरे हिसाब से नहीं जाना चाहिए किसी को जैसे ही इस महामारी में यह नियम बनाई गई थी कि नहीं कोई भी नहीं जाएगा हम लोग चीजों का घर में हर एक चीज कर रहे थे ईश्वर को याद कर रहे थे तो जब पता चले की महामारी इतनी खतरनाक है तो मेरे हिसाब से नहीं जाना चाहिए

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Bhupesh Kumar Bolkar App
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Entrepreneur , Blogger, Influencer
2:05
नमस्कार दोस्तों है चेक करो जरा में आपका स्वागत है मैं आपका अपना मित्र को बेशुमार मैं आशा करता हूं आप सभी से कुछ लोगे और अपना और अपने परिवार का ख्याल रख रहे होगे जैसा कि आपका प्रश्न यदि एक स्त्री महामारी के दिनों में मंदिर जाती है या पूजा पाठ करके तो उसे भविष्य में किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तो देखिए दोस्तों और सबसे बड़ी बात तो यह आपकी सोच ही गलत है अगर आप हिंदू धर्म के अनुयाई है तो आपको यह बात बिल्कुल मेरी बुरी लग सकती है लेकिन अगर आप सही मायने में माने और अगर आप लॉजिक को लेकर तो कभी भी ऐसा जरूरी है कि पीरियड के दौरान कोई स्त्री अगर मंदिर में जाएगी तो वह अशुद्ध हो जाएगी आमंत्रित हो जाएगा या ऐसा कुछ भी नहीं होती दोस्तों के मरने वाली बातें क्योंकि अगर आप बात करें हमारे हिंदुस्तान में देवियों की पूजा भी होती है तो क्या आप यह मान सकते हैं कि पहले जमाने में पीरियड जैसी समस्या नहीं होती थी देखिए दोस्तों यह समस्या हमेशा से ही आती आई है लेकिन कभी इनका जिक्र नहीं हुआ है और जहां इनका जिक्र हुआ है तो वहां पर इन्हें बस इस तरीके से इसे हीन भावना से मैं गया था कि पुरुष प्रधानता को दिखाया जा सके और महिलाओं का शोषण दिखाया जा सके ताकि हर स्थिति में जब भी आप इस बारे में पढ़ते हैं कि महामारी के दौरान स्त्रियों को पूजा-पाठ के स्थान पर नहीं जाना चाहिए तो आप उस इराकी अगर बात करेंगे तो आप जब भी उसकी कोई गाथा पड़ेगी तो आपने देखा होगा कि उसमें समाज में जो स्त्रियों का स्थान था वह कहां पड़ता देख दोस्तों अगर आप आज की बात करें अगर किसी ने खुद से बता दिया कि वह उसे पीरियड से तो आप उसे दरकिनार करते हैं कि हां उसे मंदिर नहीं जाना चाहिए लेकिन अगर वह बिन बताए भी तो जा सकते हैं ना यह हमें सुनने वाली बातें कि यह सिर्फ एक धार्मिक ढोंग होता है और जो पूजा-पाठ ज्यादा मानने वाले लोग हैं वह इस बात को नकार भी सकते हैं लेकिन अगर आप इसमें सिर्फ लॉजिक चाहते हैं और रूपी चाहते हैं तो ऐसी कहीं फाइल्स आपको नेट पर भी उपलब्ध मिल जाएगी जिससे सीधा प्रूफ होता है कि यह सब चीजें सिर्फ महिलाओं का शोषण करने के लिए ही बताई जाती है

Archana Mishra Bolkar App
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Housewife
1:09
इंसाफ का सवाल है यदि किसी महामारी के दिनों में मंदिर जाती है या पूजा पाठ करके तो उसे भविष्य में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो महामारी के समय मंदिर नहीं जाना चाहिए इससे बहुत पाप लगता है ऐसा करने से उनकी आयु बढ़ती है और मंदिर नहीं जाना चाहिए और पाप चढ़ता है 26 दिया महावारी के समय होती है तो वह अशुद्ध होती हैं ऐसे में उन्हें कोई भी पूजा पाठ नहीं करना चाहिए और खासकर मंदिर तो बिल्कुल नहीं जाना चाहिए ऐसा करने से उन्हें भविष्य में बहुत ही दुखो का सामना करना पड़ता है मैं बार-बार परेशान रहती हैं शारीरिक कष्ट हो सकते हैं पैसों की समस्या हो सकती हैं संतान की समस्या हो सकती हैं इसीलिए आपको हमारी के 5 दिन बिल्कुल भी भगवान की पूजा नहीं करनी है और ना ही मंदिर जाना है आपको जब पांच-छह दिन हो जाएंगे उसके बाद ही मंदिर जाना है ऐसा करने से भविष्य में बहुत ही पाबंदी है इसलिए मंदिर नहीं जाना चाहिए तो आपको जवाब अच्छे लगे तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद

DEBIDUTTA SWAIN Bolkar App
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Motivational speaker
0:41
विक्की प्रश्न अब बोले कि महामारी के दिन अगस्त्य मंदिर जा रही है तो उसको भविष्य भविष्य में ऐसी कोई समस्या देखने नहीं पड़ेगा कोई समस्या नहीं आएगी लेकिन हां अगर मंदिर में काफी भीड़ बड़ा का है और मतलब महामारी व्यापी है और काफी भीड़ है तो हम उसको वही महामारी उसके अंदर में आने की संभावना ज्यादा है वह वायरस के शरीर में आने की ज्यादा चांसेस है तू अगर मंदिर में भीड़ है या फिर वह जगह कहीं ना कहीं पल्लू कॉन्टैमिनेटेड है महामारी से ग्रस्त है वह जगह तो उनको महामारी बैठने की हमारी अटैक करने की काफी संभावना नजर में है धन्य

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
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साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
0:50
देखिए अगर स्त्री महामारी के समय में मंदिर जाती है और उसने सोशल डिस्टेंसिंग और मांस वगैरह लगाकर किया है हमेशा कार्ड वगैरह पीटी रही है उसकी इम्यूनिटी पावर अच्छी है तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है अगर रोज मंदिर जाती रही है और स्वस्थ है तो उसमें कि किसी प्रकार की जो उसकी भावना है वह बिल्कुल एकदम स्वस्थ है पवित्र है उसमें किसी प्रकार की उसकी मिलिट्री सिस्टम उसका कमजोर नहीं है तभी वह स्नान और धोकर के मंदिर तक जाती अपने पूजा पाठ करती है भगवान पर भरोसा करती है और बीमारियों से बचने के लिए कुछ कार्यक्रम भी करती होगी चाहे वह उसका नियम और गिलोय का काढ़ा ही लेती हो लेकिन कुछ ना कुछ तो लेती जरूर हूं लेकिन भगवान पर भरोसा करता और अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही प्रक्रिया अपनाने के दोनों बीच में बहुत अच्छी है

Harender Kumar Yadav Bolkar App
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As School administration & Principal
4:07
स्त्री माहवारी के दिनों में मंदिर जाती है पूजा पाठ करें तो उसे भविष्य में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है देखिए दोस्त हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार या जो भी होता है यह हमारी धारणाओं के अनुसार अशुद्ध माना जाता है लेकिन वैज्ञानिक पद्धति कहीं पर भी इस प्रक्रिया को नहीं शुद्ध करती है बात सिद्ध करती है कि महावारी में कोई भी महिला शुद्ध हो जाती दिखी भाई यह मासिक धर्म माहवारी इस सजा वैज्ञानिक क्रिया है एक शारीरिक क्रिया जो महिलाओं का या बच्चों का किशोरावस्था शुरू होकर के लगभग अधेड़ अवस्था तक चलता रहता सर मैं आपको हमारे धर्मों में बहुत सामाजिक परंपराओं में अछूत माना जाता है पूजा पाठ में माना जाता है क्या कारण है नहीं देता किसी पंडित से पूछो लोग कहते हैं कि आप इसे छू देंगे पूजा करते तो अशुद्ध हो जाएगा लेकिन कभी आपने कभी देखा किसी को ऐसा अशुद्ध होते होती है कि हिंदू धर्म में भी लिखा इसाई यों में तो खैर नहीं माना जाता है इससे मुसलमानों में भी है कि महावारी के दौरान महिला को नापाक माना जाता है इबादत नहीं होती कुरान नहीं सूख सकती है पर यहां तक की पहली न महावारी में लड़की घर से बाहर नहीं जाती है इस तरह का तो नहीं है कहीं उनका वैज्ञानिक कारण है और उन्होंने शायद ऐसा नहीं माना होगा और जो आप ट्रस्ट पूछ रहे हैं कि समस्याओं को कोई समस्या नहीं होगी महाभारत की एक नेचुरल प्रक्रिया है जो एक स्वस्थ महिला के शरीर से गुजरती है और जो भ्रांतियां या अंधविश्वास है यह हो जाता हो जाता कहीं कुछ नहीं होता और 7 दिनों तक पूजा नहीं कर सकती त्यौहार में नहीं जा सकती है यह समझ पता नहीं कहां से आया कहीं महिला को एक शर्मिंदगी महसूस होती है कभी-कभी हमने देखा मंदिर के बाहर खड़ी होती है महिलाएं हैं और हमने एक दो बार एक-दूसरे पूछा तो बोली नहीं कुछ कारण है जो हम नहीं जा सकते तो अजीब सा लगता है जब महिला स्नान कर रही है अपने शरीर को स्वस्थ रख रही है और अपने उनको भी सुरक्षित रही है उसे कहीं इस तरह के बिल्डिंग नहीं हो रही तो हाथों से या कहीं ऐसा छूने से कहीं कुछ नहीं होने वाला तो आप जो भी प्रश्न पूछ रहे हैं आप भी उसी अंधविश्वास से ग्रसित हो करके पूछ रहे हैं एक यांत्रिक एंडोमेट्रियम क्रिया रक्त स्त्राव होता है गर्भधारण के कारण से प्रक्रिया होती रहती है यह शरीर में हारमोंस का एक्रीशन होता है आज से नहीं सदियों से चला आ रहा है तो 5 दिन या 7 दिन में प्रक्रिया चलती है तो आप इसको कैसे मान सकते हैं कि हो सकता है मेरे अनुसार कुछ भी नहीं होता यह तो हमारे आपका एक सोच है नजरिया है जिसको हम लोग अभी भी गुस्से उबर नहीं पाए शायद सदियों से की प्रथा चली आ रही है और उसके कारण से हम इससे ग्रसित हैं आज भी

Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:51
नमस्कार दोस्तों प्रार्थना कि यदि स्त्री महामारी महामारी दोस्तों नहीं हो गए महावारी होगा कि दिनों मंदिर जाती है तो पूजा पाठ करते वक्त उसे भविष्य में किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तो दोस्तों इस से कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है पढ़ सकता यह हमारी सोच है पहले की महिलाओं के समय काफी स्थिति खराब थी ना ही कोई पेड़ से उपलब्ध होते थे घरों में ही से लोग महिलाएं कपड़ों से पुराने कपड़ों से पहाड़ इत्यादि बनाती थी और कई बातों पत्ते बगैर आप उसे वगैरह का प्रयोग करती थी और महिलाएं इतना संकुचित रहती थी किसी से बोल नहीं पाती थी लेकिन अब काफी बदलाव आ रहा है गांव ग्रामीण में भी अभी भी ऐसा है क्षेत्रों में लेकिन आप काफी बदलाव आ चुका है अब क्या कोई व्यक्ति मंदिर में खड़ा है उसको लड़की को माहवारी प्रारंभ हो जाती है क्या मंदिर छोड़ कर चली जाएगी वह शुद्ध हो गई ऐसा नहीं है लेकिन कुछ परंपराएं हैं बहुत सारे लोग हैं वो ऐड करते हैं तो कोई बात नहीं अब ऐड करना चाहिए हमें कई लोग इससे जैसे भ्रम हो जाता है उसका पालन करना चाहिए लेकिन किसी व्यक्ति को ऐसा बंदिश नहीं लगाना चाहिए किस से आगे कोई बुरा प्रभाव आने वाला है क्योंकि ईश्वर प्रदत्त है ईश्वर नहीं दिया है संतान उत्पत्ति के लिए लड़कियों को या महिलाओं को माहवारी ऐसी पुरुषों के लिए अलग प्रक्रिया बना रखी है संतान उत्पत्ति के लिए तो भगवान द्वारा ईश्वर प्रदत्त है तो भगवान क्यों नाराज होगा इसके अंदर यह तो हमारे लोगों ने समाज के लोगों ने बनाया और पहले पुराने समय में ऐसी हमारे पास हाइजेनिक सुविधाएं नहीं ऐसी अपेक्षा नहीं थी इसलिए पहले के लोगों ने उस समय परिवेश को देखकर ऐसा बनाया होगा लेकिन अब बदल रहा है लेकिन आप निश्चिंत रहें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन आपने जो मान्यता बना रखी है आप मंदिर जैसे बिना नहाए मंदिर में प्रवेश नहीं करते ऐसे बहुत सारी कन्या कन्या मानती है क्या मंदिर नहीं जाना चाहिए तो नहीं जाना चाहिए लेकिन कोई ऐसा इसका विरोध करें कोई पुरुष इसका विरोध करें तो वह बिल्कुल सरासर गलत है हमारे समाज के लिए धन्यवाद

anuj ji Bolkar App
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Unknown
1:10
वक्त किसी महिलाओं को महामारी अर्थात मासिक धर्म चल रहा है तो मतलब 4 या 5 दिन का तो उस समय वह मंदिर में नहीं जा पाती है ना कि घर में एक समय के साथ बैठकर खाना खा सकती है यह रोल पहले ही पूर्वजों ने आधार दादा प्रदाताओं ने बनाया था ना कि देवताओं ने तथा यह हमारे पुराने पंडितों ने भी यह नियम बनाया क्योंकि उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला मासिक धर्म चल रहा है तो वह मंदिर जाएगी तो मंदिर अशुद्ध हो जाएगा तथा उनके भविष्य में बच्चों पर प्रभाव पड़ सकता है इसलिए महिलाएं डरकर ऐसा नहीं कर पाती है इसी बात को लेकर आज वर्तमान इस पर कई बार हंगामा हो जाता है लेकिन कई बार हलचल हो जाती है

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
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Retrieved sr tea . social activist,
4:58
सबसे पहले तुम्हें उस महिला को जो भारतीय संस्कृति संभाग है जो ईश्वर की पूजा अपने देव की पूजा इस महामारी किस में भी नहीं छोड़ रही है मैं उनके चरणों में बार-बार नमन करना चाहूंगा क्योंकि उसे भविष्य में कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और थोड़ा मास्क लगाकर जाएं और वह अपने इष्टदेव का ध्यान कर सकती है और करना चाहिए और ऐसे ही कम लोग ही हैं जो कठिनाइयों और परिस्थितियों के आ जाने पर भी अपना जड़ नियम अपने सिद्धांत अपने विचार नहीं बदलते हैं ऐसे लोग ही बंद नहीं है और नमन करने योग्य वरना मैं तुम्हें एक कहानी सुना रहा हूं उसे ध्यान से सुनो देश के लिए नितांत कहानी है एक बार शिवजी के दो वक्त थे एक वक्त जाता वह शिवजी की रोज पूजा वंदना करता और चलाता तो चढ़ाता शिव स्त्रोत का पाठ करता एक नास्तिक भक्त था जो संसार सुंदर आस्था आस्था उसी के ऊपर जाता रोज पत्थर पर ज्ञाता ले भोलेनाथ तूने जो मुझे दिया वह मैं तुझे दे रहा हूं और किस प्रकार के घर रोज पत्थर मारकर आता था एकदम भोलेनाथ ने निश्चय किया कि मैं इन दोनों भक्तों की परीक्षा लेता हूं और उनकी कृपा से उनकी प्रेरणा से एक नदी बीच रास्ते में आ गई अब नदी मन को पार करके ही मदी मंदिर जाना होता था इसलिए शिव भक्तों ने तो जब नदी के बहाव को बहुत तेज गति में या उफान पर देखा तो वही किनारे खड़ा हो गया और भगवान शिव को जल अर्पण कर दिया तो दर्शन कर दिया वहीं सुपुत्र दिए और कहा कि भोलेनाथ क्या करूं इस नदी के बहाव में मेरा रास्ता रोक दिया है मैं तुम्हारी पूजा अर्चन यहीं से कर रहा हूं लेकिन तू दूसरा नाश्ते का पत्थर फेंकने जाता था अपने जीवन की परवाह नहीं की और नदी में कूद गया और तूफान को पार करता हुआ नदी की लहरों को झूलता हुआ टक्कर लेता हुआ उसके नारी बन गया और जाकर भोलेनाथ के सिर पर एक पत्थर मारा और काकी भोलेनाथ जो तूने मुझे दिया था वही मैं तुझे लौटाने आया हूं यह नदी तो क्या मेरा संसार का कोई भी घटना ही मेरे स्तन को नहीं तोड़ सकती है भोलेनाथ प्रसन्न हुए भोलेनाथ प्रसन्न होकर के खड़े हो गए और उन्होंने कहा मैं तेरी तपस्या से प्रसन्न करने का बोला मैंने तपस्या की तपस्या तो बेचारा वह वक्त करता था तुम्हारी पूजा करता था तुम्हारी अर्चना करता था मैं तो तुम रोज पत्थर मारने आता हूं क्योंकि तुमने संसार मुझे दुखी दुखी है मैं कठिनाइयों को जलता हुआ यहां आया हूं क्योंकि जो घटना या तो तुमने मुझे दिए हैं कोई मजा नहीं आता आपने कहा था कुछ किसी उद्देश्य तो तुम आते हो यहां लेकिन तुम आते अवश्य हो इसलिए मैं तुमसे खुश हूं प्रधान ना हो तो मैं तुमसे क्या मांगू मुझे कुछ नहीं चाहिए तब भोलेनाथ ने अपनी भूमि में से उठाकर और कुछ रहा उसको दे दी बुरा तो यूं ही समझ कर के ले गया घर जाकर उसे दिखा दो हीरे मोती थी अब उस संसार में धनवान हो गया अमीर हो गया एक दिन उसने यह बात सब सुख कितने वोट अदानी है विश्व का कोई तोड़ नहीं जाता था रोज मुझे भगवान शिव ने इस प्रकार दिया तो वह वक्त की सब्जी की पूजा-अर्चना करता था तू चलाता था उसी के पास गया और उसने कहा कि भोलेनाथ मुझे एक बात बताओ तुम वास्तव में हो तो नहीं आई क्योंकि मैं तुम्हारी रोज दूध तड़पता था और चढ़ाता था पूजा-अर्चना करता था मुझे कुछ नहीं दिया और जो तुम्हें पत्थर से तुम्हारी खोपड़ी छोड़ने आता था उसको भी उसको तुमने धनवान बना दिया भोलेनाथ ने कहा बेटे तुमको जीवन से वह था उसने मेरे लिए अपना जीवन का मोह त्याग दिया इसलिए

Ŝhøũrÿå Shourya Bolkar App
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Unknown
0:48
सर मैं बस इतना ही कहूंगा कि इसका जो है वह उत्तर आप ही के पास है वह आपकी मानसिकता तय करती है कि आपको क्या क्या प्रॉब्लम होने वाली है समस्या होने वाली असर बात तो यह है कि ऐसा कुछ नहीं होता क्योंकि अगर आप अपने भगवान को मानते हो दिल पर हाथ रखे यह सोचिए कि आपका भगवान इतना कमजोर है कि आपके वहां आने से वह दुखी होगा और आप को दंड देगा खुदा भी ऐसा नहीं है कि कदापि सत्य नहीं है भगवान ऐसा कभी नहीं कहते कि कोई भी स्त्री महामारी के टाइम महामारी के समय उनके पास ना आए ऐसा कभी नहीं होता है तो अगर आप सोचेंगे कि भगवान बुरा मान गए मुझे यह दे देगी तो ऐसा कुछ भी नहीं है

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

#पढ़ाई लिखाई

pushpanjali patel Bolkar App
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Student with micro finance bank employee
1:33
एक अनुरोध के सवाल नहीं आ रहे हैं तब दिमाग खराब होता है तब कैसे सॉल्व करें क्वेश्चन को को स्ट्रेट कैसे करें उसके कमाल की बात करें तो मैं तो आज तक नहीं आता है तब तक अच्छा नहीं लगता लेकिन जब मैं समझने लगते हैं और हमारा पूरा होगा उसी पर हो तो बहुत अच्छा लगता है कि जब तक जिस चीज से भागते वह चीज में उतना ही दौड़ आती है जैसे कि अगर मैं यह कहे कि मैं नहीं आ रहा और छोड़ने का मन करे तो बार-बार कितना कठिन होता नहीं है बताने की कोशिश करें और उस पर अपना पूरा फोकस करें तो जैसी मैथ मैथ के सवालों का बहुत ही अच्छा लगता है प्रभारी अच्छी फीलिंग के सवालों को पूरा करें भंगी सब्जेक्ट होते हुए भी होता है बट कुछ बात में डिफिकल्ट लगता है क्वेश्चन करना स्टार्ट करना चाहिए बड़े क्वेश्चन बोलेगा तभी भी बहुत अच्छा लगने लगता है उनका जवाब बताए

#साहित्य

डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:05
आपका प्रश्न शायर और गीतकार में क्या अंतर है तो देखें शायद जो है वह अरबी फारसी उर्दू भाषा के रचनाकार को करते कभी को कहते हैं समझा अपना जो शेर लिख करके गजल को पूरा करता है उससे कहा जाता है और हिंदी भाषा में उसको कभी कहते हैं उन कवियों में भी गीत जो है तो गाना गीत और गीती तीन शब्द है गाना गीत और गीत तो गाना तो उसे कहते हैं जो सर क्या रो रो रो के साथ प्रस्तुत हो गीत उसे कहते हैं जिसे भूखे के सत्य के साथ गाया जाए और गीती उसे कहते हैं जो दोगे हुए सत्य के साथ लिखा जाए और वह भी सत्य के साथ गाया भी जाए तो मैं नंतर आपकी दी मित्र यह की उर्दू का कभी जो है उस शायर है और हिंदी का जो रचनाकार है कभी है गीतकार है थैंक यू

#टेक्नोलॉजी

pushpanjali patel Bolkar App
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सुनिए pushpanjali patel जी का जवाब
Student with micro finance bank employee
2:21
बोल कर आप को कैसे आता है जोकि बोलकर है पर हम बहुत करते हैं किसी भी सवाल का जवाब देना किसी भी सवालों के ऊपर जाना बहुत आसान है बोलकर है पर अगर आपके मन में कोई भी सवाल है तो इस बार 32 बार डाल दीजिए और उसका अर्थ और आपको जरूर मिलेगा दवा लेते हो तो कैसे मिलते हैं पर भी जरूरी है और बहुत अनुभवी लोगों पर आधारित सवाल भी पूछ सकते हैं अनुरोध भी कर सकते हैं यह सारे कष्ट दूर करें बहुत ही पसंद है और इनसे फोन करके आप जवाब देना और बोल कर के प्रश्न पूछ सकते हैं लिख कर के प्रश्न पूछ सकते हैं जो किसी खास डिस्टर्ब है अगर आपको कोई दिक्कत है बोलकर आप में तो तुरंत का समाधान होता है बोलकर तो है इस बात के लिए बहुत एक्टिव रहते हो कोई समस्या आ रही है दिखाते थे जैसे कि हिंदी लैंग्वेज को ज्यादा महत्व देना और भारत में नंबर वन पर बहुत सारी खासियत है जो कि समय-समय पर अपडेट होना मैं तुम्हें छोड़ते हैं उनका स्वागत करना तुम्हारे हर बार प्रतियोगिता का नाम को कैसे खाता बनाता है बिना कुछ किए उनके पिता का हिसाब जाड़ा लगता है और मुझे उम्मीद है कि आप को भी बोलकर पसंद होगा और जिन को नहीं पसंद होगा उनको भी कुछ समय में पसंद आ जाएगा चलाने लगे और इतने भारत का सबसे नंबर वन पंचायतों में सवाल का जवाब पसंद आएगा आप लोग को शुरू हो चुकी है

#बैंक और वित्तीय

Pradeep Panda Bolkar App
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GM - Finance & Company Secretary (Finance professional )
2:21
नमस्कार दोस्त क्रेडिट कार्ड आलोक क्यों पसंद करते हैं उसके बारे में आप जानना चाहते हैं मैं यह बताना चाहूंगा कि क्रेडिट कार्ड जो है वह आपको यह एक सुविधा माया करता है जिसमें कि आपके बैंक अकाउंट में पैसा नहीं होने के बावजूद भी आप को सामान खरीद सकते हैं मान ले आपको कुछ सामान खरीदना है किस दुकान में आ गए हैं किस मार्केट में गए हैं और आपके पास और सामान को पसंद आ गया कि आपकी खुशी फैमिली मेंबर तो कोई सामान पसंद आ गया तो आप अगर खरीदना चाहते हैं तो वह आपके बैंक अकाउंट में पैसा नहीं है लेकिन आपके पास पैसा आने वाला है आने वाला टाइम में अगले महीने में कब आने वाला है तो आप क्रेडिट कार्ड में बिना कुछ एडिशनल पेमेंट करें आप क्रेडिट कार्ड में कमेंट कर सकते हैं और उसको आप करीब करीब 30 से बचा ले दिन के बाद भी आप पेमेंट कर सकते हैं क्योंकि क्रेडिट कार्ड कंपनी है जितने भी है सारे 30 दिन 40 दिन का आपको क्रेडिट देते हैं तो उसको अगर आप पेमेंट कर सकते हैं तो क्रेडिट कार्ड सबसे बेस्ट है क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पेमेंट करना सबसे बेस्ट है क्रेडिट कार्ड में पेमेंट करने में एक और फायदा भी है कि आपको कुछ कुछ रीवार्ड प्वाइंट्स मिलता रहता है उसमें तो वो क्रेडिट कार्ड को इसलिए लोग काफी ज्यादा लाइक करते हैं और काफी सहूलियत है तो बस क्रेडिट कार्ड को अगर आप बहुत डिसिप्लिन तरीके से आकर एयरपोर्ट को यूज करेंगे तो जैसे कि आपने मैडम बोल देना चाहूंगा कि 1 तारीख से लेकर 30 तारीख तक आपने क्रेडिट कार्ड को यूज किया अलग अलग टाइप के पेमेंट करने के लिए और उसका जो फिर दिलाएगा अगले महीने करीब दस तारीख 1 तारीख को गरीबी लाएगा और आपका पेमेंट करने के लिए बोलेगा तो आपको पेमेंट चेक जल्दी टाइम ले कर देना चाहिए पूरा का पूरा पेमेंट पार्ट पेमेंट मत कीजिए और पेमेंट पूरा कर दीजिए तो एक दूसरे से फैसिलिटी है और काफी सारे रिवॉर्ड पॉइंट से मिलता है क्रेडिट कार्ड जब पेमेंट करने से तो इसी वजह से है जो लोग क्रेडिट कार्ड को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि डेबिट कार्ड में जो है वह आपके जो बैंक अकाउंट से लिंक होता है डेबिट कार्ड मटका ड्रेस फॉर एटीएम कार्ड बोलते हैं तो उसमें से आपका पैसा जो आपके बैंक अकाउंट से इमीडीएटली चला जाता है तो यही है जो क्रेडिट कार्ड का खास खासियत है जिसके लिए लोग ज्यादा पसंद करते हैं क्रेडिट कार्ड पेमेंट करने के आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा तो आप प्लीज इसको लाइक कीजिए और मेरे को सब्सक्राइब कीजिए धन्यवाद थैंक यू

#पढ़ाई लिखाई

pooja Bolkar App
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Student
0:35
डिलीवरी आचरण मेरा साथ दिनों से आर्डर नहीं मेरा पहुंचा तो क्या करूं उसको सजा दिला सकूं मैं बताएं आप इसमें सजा वैसा कुछ नहीं दिला सकते हैं आप उनको कॉल करके पूछ सकते हैं क्या वजह रही है और अगर 5 दिन में उन्होंने आपको बोला था कि 7 दिन के अंदर अंदर आपको डिलीवरी हो जाएगी और अब तक नहीं हुई है तो इस केस में आप जो है ना उनको चार्जेस जो है वह नहीं दे दो कि ऐसा रोल होता है कि जो आपको टाइम बताया गया है अगर उस टाइम के अंदर अंदर डिलीवरी ना हो तो आप उसके लिए पैसे नहीं देते

#धर्म और ज्योतिषी

Deepak Sharma Bolkar App
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संस्कृतप्रचारक, संस्कृतभारती जयपुरमहानगर प्रचारप्रमुख और सन्देशप्रमुख
1:53
नमस्कार मित्र आपने प्रश्न किया है कि हम दूसरों के संस्कृति को अपनाते हैं क्या हमारी संस्कृति को यूरोप अमेरिका अपनाते हैं क्या मित्र भारत देश है सभी की संस्कृति को स्वीकार करता है सभी को मानता है परंतु हमारे जो संस्कृति है भारत देश की जो संस्कृति है उसे ना तो कोई यूरोप अपनाता है ना कोई अमेरिका और ना ही कोई देश उसे अपना था है केवल भारत ही एक ऐसा देश है जो सभी की संस्कृति को भी स्वीकार करता है जैसे कि भारत के जो लोग हैं वह भारत देश की संस्कृति को छोड़ कर के और पाश्चात्य संस्कृति अर्थात विदेशी संस्कृति को अपना रहे हैं स्वीकार कर रहे हैं आज की तरह टेंशन हो रहा है उनका परंतु और विदेशी जो लोग हैं वह हमारी संस्कृति को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करते हैं वैसे बिल्कुल भी नहीं अपनाते हैं वह जब यहां आते हैं तो खुद की संस्कृति का प्रदर्शन यहां पर करते हैं का प्रभाव हमारे भारत देश के लोगों के ऊपर देखने को मिलता है कि वे लोग धीरे-धीरे उनकी ही संस्कृति को अपनाने लगते हैं परंतु जब विदेशी लोग यहां घूमने आते हैं तब भी वह यहां की संस्कृति को अपनाते नहीं है इसका मतलब यही है कि केवल भारत देश के लोग हैं दूसरों की संस्कृति को अपना रहे हैं बाकी दूसरे लोग जो है विदेशी लोग जो है वह भारत के संस्कृति को अपनाते नहीं है धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

pooja Bolkar App
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Student
0:49
ट्रस्ट है मेरा एक सवाल है जो लड़कियां टीशर्ट जींस पैंट पहनते हैं क्या वह अगले पर मानी जाती है लड़कियां साड़ी पर भी हो तो पिछड़ा बनवाना चाहता है ऐसा कुछ नहीं है आजकल क्योंकि आजकल आप उन तक जो मॉडर्न गर्ल एजुकेटेड गलत है मैं कहूंगी तो शहर की लड़कियां हैं बेसिकली यहां पर मैं कुछ गलत नहीं बोलना चाह रही हूं पर मैं एक आपको क्लियर बात करने के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल कर रही हूं तो जो शहर की लड़कियां हैं वह भी आजकल साड़ी पहनना बहुत प्रेशर करते हैं इंसाफ साड़ी एक बहुत ही अच्छा स्टाइल स्टेटमेंट बन चुका है तो ऐसा कुछ नहीं है कि जो जींस पहनती है वह आगे मानी जाती है सादा और जो साड़ी पहन के पिछड़ेपन में मानी जाती हैं मेरा यह मानना है कि पहरा वैसे हम जो है किसी का भी किसी को भी जज जो है हम नहीं कर सकते हैं

#स्वास्थ्य और योग

Navnit Kumar Bolkar App
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QUALITY ENGINEER
0:45
जैकी चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360 डिग्री होता है इसको ग्रुप करने का सिंपल सा है अपना प्लीज आप जहां भी चतुर्भुज ड्रॉ है चाहे वह आप ही के बुक में है यह आपके सामने कोई मटेरियल पढ़ा हुआ जो चतुर्भुज का सारी वुडन मैटेरियल है या प्लास्टिक का मैटेरियल है आप उसको ना प्लीज सारे कौन आपको 90 डिग्री से मिलेंगे अगर ए बी सी और डी चारो कुल मिलाकर आपको 360 डिग्री है तो अपने आप हो गया ना

#रिश्ते और संबंध

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प्यार क्यूं होता है?
Jyoti Malik Bolkar App
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Student
1:39
प्रश्न है प्यार क्यों होता है देखिए हर इंसान को जिंदगी में किसी ना किसी से एक बार प्यार जरूर होता है लेकिन किसी से प्यार होने के बाद कुछ समय बाद हर कोई सोचता है कि आखिर प्यार क्यों हुआ दरअसल जब आप किसी के प्यार में पढ़ते हो तो असल में आपकी उसकी शक्ल पर्सनालिटी से उसकी लुक को देखकर प्यार कर बैठे हो और देखिए और कुछ दिमाग की केमिकल्स होते हैं जिसकी वजह से ऐसा देखा जा सकता है दर्द देखा जाए तो प्यार में केमिकल प्रोसेस होने के कारण आप अपनी इच्छाओं के चलते किसी की तरफ अट्रैक्ट हो जाते हैं कुछ रिसर्च साबित करती है कि प्यार का होना असल में ब्रेन केमिकल प्रोसेस होता है अक्सर आप जब किसी सुंदर लड़की या औरत को देखते हैं तो उसे देखते रह जाते हैं क्योंकि एक सुंदर चेहरा सुंदर आंखें आपको अच्छा ना भव करवाती है आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ दीवानी ऐसे हैं जो हीरोइन जैसी लड़कियों को देखना पसंद कर और जैसे उन्हें उस लड़की में हीरोइन की शक्ल नजर आती है वह प्यार कर बैठती है लेकिन काफी ऐसे नहीं भी होते जो केवल चेहरा देखे जिंदगी में हर कोई अपने पार्टनर को लेकर कुछ ना कुछ तो जरूर सोचता है ऐसे में जब आपको किसी ने उस तरह के गुण दिखाई देते हैं जब आपको उनसे प्यार हो जाता है कभी-कभी अच्छा बर्ताव के कारण भी कोई एक या कई लोग आपको प्यार करने लग जाते हैं यह भी एक कारण हो सकता है कि जब हम किसी में वह सारे गुण देखते हैं जो हम अपने लाइफ पार्टनर में देखना चाहते हैं तो ऐसे में भी प्यार हो जाता है धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

Navnit Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Navnit Kumar जी का जवाब
QUALITY ENGINEER
1:25
नमस्ते आप का सवाल है क्या लॉकडाउन के कारण इवेंट उद्योग 80% तक घट गया है दिखती प्रचंड क्या 95% तक इवेंट घट गया था लेकिन अब जाकर धीरे-धीरे सिचुएशन कामों में आ रहा है क्योंकि अब जब आपको सोसाइटी में आदमी का मिलना जुलना हो रहा हो तब तो इवेंट्स होते हैं किसी का शादी हो किसी का सालगिरह हो कोई फंक्शन हो तो उसके लिए एक आदमी का दूसरे आदमी से समाज का एक समाज से दूसरे समाज से मिलना जरूरी होता है तू अभी जिस तरह से 2020 की सिचुएशन थी तो सारा समाज में आदमी मिल रहे थे एक दूसरे से ना पर्सनल इवेंट होता कैसे 20% तक कमी बता रहे हैं 95% तक कम हो गया था इवेंट उद्योग चाहे वह शादी से जुड़ा हुआ हो चाहे मैनेजमेंट से जुड़ा हुआ इवेंट हो लेकिन हां अब धीरे-धीरे काबू में आ रहा है और ऑनलाइन हीं बैंड का सबसे ज्यादा करो ना के टाइम बेनिफिट ऑनलाइन स्टडी हो चाहे ऑनलाइन किसी कंपटीशन का तैयारी हो तो ऐसा इवेंट जो ऑनलाइन हो रहा है उसका भी चलती है और ऐसे तो दिक्कत है

#भारत की राजनीती

G Dewasi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:38
आपका सवाल है कि मोदी जी की गवर्नमेंट में से कौन-कौन से कार्य की है जिससे लोगों को सच में कुछ फायदा हुआ है तो देखिए मैं इसका आंसर जैन वन देने वालों को सबसे पहला फायदा है वह हाईवे कम आप सभी को पता है आज के समय हमारे देश के अंदर तकरीबन 29 से 30 किलोमीटर पर डे के हिसाब से हाईवे बनाए जाते हैं और जब मनमोहन सिंह जी की सरकार थी उस समय 19 से 20 किलोमीटर पर डे के हिसाब से हाईवे को बनाया जा रहा था यानी कि आज किस समय काफी तेजी से हाईवे को बनाया जा रहा है जिससे आपको भी पता है सिर्फ लोगों को फायदा नहीं होता है जितनी भी कंपनीज होती है जो अपने प्रोडक्ट को एक स्टेट से दूसरे स्टेट में शिफ्ट कर दिया वहां पर भेजती है तो उन्हें काफी ज्यादा फायदा होता है क्योंकि उनकी जो टाइम की बचत होती है वह काफी ज्यादा हो जाती है हाईवे की वजह से तोमर देश के अंदर जो हाईवे की लाइन तो काफी ज्यादा बढ़ाई जा रही है जो हाईवे वह अफसरों के अंदर से नहीं को के जाने वाले हैं वह शहरों के बाहर से जाने वाले जो कि काफी अच्छी बात है यह कौन से मुझे काफी अच्छा लगा है प्लीज देखिए हमारे देश आपको पता है जब 2014 था उस समय हमारे देश के अंदर तकरीबन जो स्मार्टफोन सिर्फ असेंबलिंग की कंपनी यानी कि जो स्मार्टफोन नहीं बनाती थी सिर्फ असेंबल करती थी उसकी सिर्फ दो कंपनी थी लेकिन जब मोदी जी आए जब उन्होंने मेक इन इंडिया का जो कांसेप्ट है उसे इंट्रोड्यूस किया उसके 2 साल बाद में यानी कि दो हजार अट्ठारह उन्नीस के आसपास हमारे देश के अंदर तकरीबन स्मार्टफोन की 100 से भी ज्यादा असेंबलिंग कंपनी बता चुकी थी हमारे देश के अंदर वीडियो मार देश के लिए काफी अच्छा था इससे लोगों को काफी रोजगार भी मिला सभी आपको पता है मार देश के अंदर और भी बहुत सारी कंपनी जा रही है जो कि काफी अच्छा काफी अच्छी बात है क्योंकि गवर्नमेंट उन्हें काफी अच्छा है इंसेंटिव दे रही है जिससे उन कंपनियों को फायदा हो रहा है और इससे देखिए हमारे देश के अंदर रोजगार भी काफी बढ़ रहा है देखिए जो मोदी जी की गवर्नमेंट है वह फ्यूचर प्रोजेक्ट पर काफी ज्यादा फोकस कर रही है जैसा आपको पता होगा बुलेट ट्रेन का जो प्रोजेक्ट है उसके ऊपर प्लस अमर देश के अंदर जो स्मार्ट सिटी है जैसे धोलेरा ऐसा यार या फिर गिफ सिटी इनके ऊपर भी काफी फोकस कर रही है और यह दोनों जो शहर है देखिए अभी फायदा नहीं दे रहा है नो डाउट लेकिन आज से 10 15 साल बाद में जो आपको अमेरिका के अंदर न्यूयॉर्क मिलता है जो फ्रांस के अंदर पेरिस मिलता है जो इंग्लैंड के अंदर लंदन मिलता है ऐसे शहर मार देश के अंदर डिवेलप हो रहे हैं उनकी फ्यूचर में में काफी अच्छा प्रॉफिट देने वाले लोगों को काफी अच्छा एनवायरमेंट देने वाले जितने भी मल्टीनेशनल कंपनीज होती है एमएनसी होती है वह इंडिया में ऐसे शहरों के अंदर ही शिफ्ट होने वाली है इसलिए हमारे देश के अंदर ऐसे शहर को डाउनलोड किया जा रहा है तो देखिए यह जो मोदी जी की गवर्नमेंट है कि फ्यूचर अप्रोच को लेकर चल रही है जो कि काफी अच्छी बात है धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

Jyoti Malik Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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Student
1:34
प्रश्न है की भाषा का जीवन में क्या महत्व है लिखिए भाषा विचारों को व्यक्त करने का एक प्रमुख साधन है भाषा विचारों को आसानी से और अच्छे से व्यक्त कर सकती हैं और साथ ही इसकी सहायता से हम काफी विशेष समाज यह देश के लोग अपने मनोगत भाव अथवा विचार एक दूसरे पर प्रकट करते हैं दुनिया में हजारों प्रकार की भाषाएं बोली जाती है हर व्यक्ति बचपन से ही अपनी मातृभाषा या देश की भाषा से तो परिचित होता है लेकिन दूसरी यह समाज की भाषा से नहीं छोड़ पाता भाषा विज्ञान के जानकारों ने यूं तो भाषा की विभिन्न वर्ग स्थापित करके उनमें से प्रत्येक के अलग-अलग शाखाएं बनाए हैं हमारी हिंदी भाषा भाषा विज्ञान की दृष्टि से भारतीय आर्य शाखा की एक भाषा है ब्रजभाषा अवधी आधी इसकी उप भाषाएं हैं 55 बोली जाने वाले अनेक भाषाओं में बहुत कुछ सामने होता है मानव समाज के साथ ही भाषा का भी बराबर विकास होता इसी विकास के कारण भाषा में सदा परिवर्तन होता रहता है सामान्यतः भाषा को वैचारिक आदान-प्रदान का माध्यम कहते हैं और यह बेहद जरूरी भी है इसके बिना इसका महत्व हमें आसानी से समझ आ जाता है जब हम सामने वाले की बात स्पष्ट रूप से समझ नहीं पाते जब तक वह भाषा का प्रयोग नहीं करता है तब तक हम यह नहीं समझ पाते कि उसके कहने का क्या उद्देश्य है वह क्या कहना चाहता है इसीलिए हमारे जीवन में जितना सांस लेना महत्वपूर्ण हो गया है उतना ही भाषा को सीखना महत्वपूर्ण है धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

bolkar speaker
describe the term planning?
Azad Indian  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Job .
1:08
क्वेश्चन है डिस्क्राइब द टर्म प्लान हो रहा है तो बताइए पहले साथ-साथ कुछ भी उठा कर सवाल पूछना सबसे पहले खुद को समझना चाहिए कि मतलब हम क्या पूछ रहे हैं यहां पर कौन सा व्यक्ति उसका उसका जवाब देगा या नहीं देगा आपके सवाल का सीधा मतलब यह है कि सबकी योजना की वर्णन कीजिए अब कौन सा शब्द क्या है आपका क्या उसका वर्णन क्या करना है तो भाई कुछ समझ से बाहर जा रहा है इंग्लिश में तो आप सवाल कर देते समझ में आ रहा लेकिन यह नहीं समझ में आ रहा किस शब्द का वर्णन करना जिस पर हम आपको जवाब दें आप इसी सवाल को फिर से आप अप्लाई कीजिए और सही सवाल कीजिए इंग्लिश नहीं कीजिए कोई बात नहीं लेकिन ऐसा कीजिए कि उसका समझ में आया उसका जवाब सही से दिया जाए धन्यवाद

#भारत की राजनीती

Azad Indian  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Job .
2:00
एक ही आपका सवाल बहुत लंबा है कानून के ऊपर कानून बनाना चाहिए जनता के हित में प्रजातंत्र के हित में ऐड किया है अब बनाने की कोई जरूरत नहीं जो बने हैं जितने कानून बने हमारे देश के अंदर यदि उसी का पालन कर लिया जाए तो मेरे ख्याल से और हमें कानून बनाने की कोई जरूरत नहीं है हमारे एक ऐसा देश कौन सा कानून लागू नहीं है लेकिन क्या है उसे फॉलो नहीं करता है सही करता है यही वजह है कि मतलब हमारे देश में कानून रहकर भी वे कानून लोग घूम रहे हैं और करप्शन हत्या अत्याचारी सब पुरानी बातें हमारे देश के लोकतंत्र है सब लोग सबकी अपनी आजादी है अपनी अपनी बात रखने की अपनी बात बोलने की लेकिन कहीं ना कहीं कानून का जवाब नहीं करते हैं यह बहुत गलत बात है हमारे भविष्य के लिए सरकार को बजा को दोनों को कानून के मुताबिक चलना चाहिए जय पर कानून की हत्या लोकतंत्र की हत्या सरकार द्वारा प्रशासन द्वारा ही होता है जनता के विद्यालय गरीब है उसके पति को लागू करना है पुलिस वाले क्या करें कुछ पुलिसवालों को वजह से हमारा पुलिस प्रशासन को भी बनाने उठानी पड़ती है कि पुलिस प्रशासन से पद वाले अक्सर बड़े पद वालों को भी करप्ट कर देते हैं यही सब कानून है यह सब कानून को सबसे पहले सरकार को फॉलो करना चाहिए उस को मजबूत बनाना चाहिए जनता को हमेशा सरकार को ही फॉलो करें धन्यवाद मेरा जवाब आपको अच्छा लगा धन्यवाद

#जीवन शैली

Jyoti Malik Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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Student
1:19
प्रश्न है क्या आजकल बच्चे ज्यादा आजादी चाहते हैं देखिए घर में कैद रहना किसी भी व्यक्ति को अच्छा नहीं लगता अगर बच्चों पर हम ज्यादा रोक-टोक लगाते हैं या फिर उन्हें चीजों से मना करते हैं चाहे वह उनके अच्छे के लिए हो या फिर बुरे के लिए वह तूने वह चीजें पसंद नहीं आती और आजकल तो हर व्यक्ति खासकर कि बच्चे अपना एक प्राइवेट स्पेस चाहते हैं वह चाहते हैं कि उन पर ज्यादा रोक-टोक ना लगाई जाए उनके जीवन में ज्यादा दखलअंदाजी ना की जाए जब भी मां-बाप जो है अपने बच्चों को रोकते रोकते हैं तो उन्हें चीज से चिड चिड आहत हो जाती है और नफरत से उनके मन में पैदा होने लगती हैं वे चाहते हैं कि उनके माता-पिता किसी भी तरीके से उन्हें ज्यादा रॉकेट ओके ना उनके मन की मर्जी उन्हें करने दें क्योंकि वह चाहते हैं कि अगर वह अपने मुताबिक जो जिंदगी जिएंगे तो वह जिंदगी उनके बताए रास्ते से ज्यादा बेहतर हो सकती है जिसकी वजह से आजकल के बच्चे जैसे जैसे नई चीजों को अपना रहे हैं और इस दुनिया में घुलने मिलने लगे हैं तो वह चाहते हैं कि उन्हें हर तरीके की आजादी मिले उन्हें किसी भी चीज के लिए रोका टोका ना जाए धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Housewife
0:54
हेलो एवरीवन आपका प्रश्न है अखबार पढ़ने के लिए क्या-क्या खत्म हो जाना इसका मनोविज्ञान क्या है जब किसी को अखबार पढ़ने की रुचि जिज्ञासा नहीं रहती तो सोचे कि उसके मन में कुछ और ही चल रहा है और उसके मन में कुछ और ही टेंशन है इसलिए वे अखबार नहीं पड़ रही है नहीं तो अखबार पढ़ना तो बहुत अच्छी चीज होती है उसे देश विदेश की जानकारी हमें प्राप्त होती और हमारे समाज में देश में क्या चल रहा है सब अखबार के माध्यम से मैं पता चल जाता है और ज्यादातर लोगों की रूचि अखबार पढ़ने में होती ही है सभी लोग सुबह सुबह अखबार जरूर पढ़ते हैं पर अगर किसी की अखबार पढ़ने में रुचि खत्म हो जाए तो समझ लीजिए कि उसके मन में दिमाग में कोई और टेंशन चल रही है कोई और परेशानी की वजह से लिख मारने ध्यान नहीं दे पा रहा है इसीलिए मुझे मारने की रुचि नहीं है तो फ्रेंड्स जवाब अच्छी लगे तो लाइक कीजिए धन्यवाद

#खाना खज़ाना

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Housewife
0:52
हेलो एवरीवन आपका प्रश्न है घर पर चाय का मसाला बनाने की अच्छी सी विधि क्या है सच्चाई का मसाला घर पर बनाने की विधि तो आपको चाय का मसाला घर पर बनाना है तो उसके लिए आप अपने साथ रख लीजिए अदरक पाउडर ले लीजिए अदरक ले लीजिए उसमें काली मिर्च डाल लीजिए और ले लीजिए और आप उसमें अदरक नहीं है तो सूट भी डाल सकते हैं किसी अदरक के सूट का पाउडर लोगों काली मिर्च आती इलायची ले लीजिए छोटी वाली इलायची जिसे खुशबू बहुत अच्छी आती है छोटी इलायची ले लीजिए सब कुछ कर मिलाकर पीसकर रख लीजिए और जब भी आप चाय बनाइए तुलसी आप थोड़ी सी ले सकते हैं तुलसी का पाउडर मिला सकते हैं और जब भी आप चाय बनाई यही मसाला डालते तो आप की चाय बहुत अच्छी बनेगी धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Housewife
0:32
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है गुगली रेलवे स्टेशन का क्या नया नाम क्या है तो हुबली रेलवे स्टेशन कर्नाटका में है और कर्नाटका सरकार ने हुबली रेलवे स्टेशन का नया नाम क्या है और उसका नया नाम है रिश्ता सिद्धा स्वामी और उसका यही हुबली रेलवे स्टेशन का नया नाम से टिकट सिद्ध स्वामी रेलवे स्टेशन टो फ्रेंड्स अगर आपको जॉब पसंद आए तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Archana Mishra जी का जवाब
Housewife
0:57
हेलो फ्रेंड्स आप का प्रश्न है मेरे पति बहुत लापरवाह है और वह आदमी है रात दिन मोबाइल में व्यस्त रहते हैं ना आने वाले कल की चिंता है और ना ही आज की चिंता है तो मुझे क्या करना चाहिए तो अगर आपके पति बहुत ज्यादा मोबाइल चलाते हैं तो आप उन्हें प्रेम से समझाइए कि आपको काम करना चाहिए काम करने से हमारे आने वाला कल बहुत अच्छा होगा और और भी काफी समय बहुत अच्छा काम करेंगे पैसे आएंगे कर अच्छे से चलेगा और बच्चों के पालन-पोषण में भी मदद मिलेगी आप सब का उदाहरण देकर उनको समझाएं कि सब लोग आप हमको मोबाइल चलाने दीजिए थोड़ी देर चलाइए लेकिन टाइम पास के लिए थोड़ा एक-दो घंटे चलाइए ज्यादा फोन मत चलाइए ज्यादा फोन चलाने से आप हम को समझाइए कि आपके दिमाग में भी असर पड़ेगा आपका सर दर्द होगा और आपकी आंखें दर्द होने लगेगी आप उनसे प्यार से बात कीजिए और प्यार सिंह को समझाइए आपकी बात अवश्य मान जाएंगे धन्यवाद

#खेल कूद

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Archana Mishra जी का जवाब
Housewife
1:09
हेलो एवरीवन आपका प्रश्न क्या हमारे बच्चे उन सभी खेलों को नहीं खेल पाएंगे जो हम सभी बचपन में खेलते थे तो फ्रेंडशिप अगर आप बच्चों को भी सब खेल सिखाएंगे तो जरूर खेल पाएंगे और बताएंगे कि हमारे समय में ऐसे क्यों होते थे ऐसे हम लोग खेल खेलते थे जब आप हमको मनोरंजक तरीके से बताएंगे खेल का समझाएंगे तो वह जरूर समझ जाएंगे और हमें सिखाना भी चाहिए अपने बच्चों को बताना चाहिए कि पहले के जमाने में कौन-कौन से खेल होते थे और कैसे हैं सब लोग खेलते थे उस समय तो मोबाइल नहीं था तो लोग खेल खेल कर ही अपना मन बहला देती और खेल खेलने से शरीर की बहुत सारी अच्छी भी हो जाती है तो इसलिए खेल खेलना बहुत जरूरी है उसे शारीरिक परिश्रम के लिए भी खेल खेलना चाहिए उसे हमारा शरीर उस उस उस तंदुरुस्त हो जाता है शरीर चुस्त दुरुस्त हो जाता है इसलिए खेल हिंदी रहना चाहिए बच्चों को समझाएं बताएं कि कैसे खेल अच्छे होते हैं तो बच्चे भी जरूर खेलेंगे धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
1:22
ब्याव शादी के बाद लड़कियां मोटी क्यों हो जाती है इससे बचने के लिए कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए दोस्तों अक्सर देखा गया है कि शादी के बाद लड़की हो कि लड़का हो वह मोटे हो जाते हैं उनका मेन रीजन भी होता है क्या होती है उसको अपने माइंड से उस चीज को निकाल देते हैं इससे क्या होता है कि आपका जो शरीर तो पहले कमजोर होता है वह थोड़ा हेल्दी बन जाता है सब कुछ ऐसा ही कुछ लोग मोटे हो जाते हैं फिर दूसरी और किसी भी चीज को कटिंग निजात पा जाती है चुटकुले करते हैं क्या मुझको कोई टेंशन नहीं है जो भी काम करेगा हस्बैंड करेगा जिसकी मनी इत्यादि की परेशानियां होती है बाय द वे लड़कियां जो है वह घर का काम होता है पर इसमें यह बता कि लड़कियों का जो होता है दोस्तों को और को टेंशन दे वह बहुत ज्यादा कम हो जाती है शादियों के बाद दूसरे बाद उनके परिवार नया मिलता है उनके साथ वह घुलमिल जाती है मन अच्छा लगता है प्रसन्न रहते तो उनका तो दोस्तों इस कारण से भी जो है वह बैठ जाता है और यदि आप दोस्तों मोटापे से आप निजात पाना चाहते हैं तो इसका संतुलित भोजन कीजिए और लिमिट काकी जी खुश रहिए और टेंशन तो अब मुफ्त है परंतु खाना जो है वह आपको लिमिट का कर देना चाहिए

#टेक्नोलॉजी

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
1:46
जी आप का सवाल है कि न्यूक्लियर पावर प्लांट की चिमनी की जोड़ी क्यों होते हैं तो दरअसल आप का मतलब है आप का मतलब इससे है कि एक गुंबद के आकार का बनाया होता है उसे आप जिम नहीं बोलते हैं इससे जीवनी नेताओ टावर कहा जाता है वह बड़े पावर प्लांट बड़ी मात्रा में गर्मी का उत्पादन उत्पन्न करता है लेकिन उसका लगभग आधा ही प्रयोग करते हैं इसलिए पर गिरने से बचने के लिए शेष कर्म को छोड़ना जरूरी है इसलिए शिव पुराण में छोड़ देते हैं यदि आसपास कोई बड़ी नदी का पानी का प्रयोग करते हैं लेकिन यदि नहीं तो उसे वाटर द्वारा गर्म छोड़ने के लिए बड़ी चिमनी जैसे टावरों का निर्माण करते हैं यहां यह चिमनी बाप छोड़ती हैं ने जमाया वितरण और इतने बड़े टावर क्यों बनाए जाते हैं टावर के नीचे मैं गर्म पानी छोड़ने से वह गरम लगने लगते हैं और टावर के अंदर ऊपर उठाना शुरू कर देते हैं इसी तरह गर्म हवा का एक बार उठता है फिर नीचे की ओर खुली जिंग जिंग वाली जगह से ताजी हवा अंदर खींच आती है और वैश्वीकरण दोबारा पानी को ठंडा करता है टावर को इतनी बड़ी मात्रा में हवा की आवश्यकता है कि जितना गर्म पानी की बड़ी मात्रा को ठंडा करने के लिए आवश्यक है पानी को पानी जितना मात्रा में टावर प्लेट में प्रयोग होता है वह सस्ता नहीं है बल्कि वह अजीत अत्यधिक शुद्ध होता है धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
2:04
सवाल पूछा गया है वित्तीय रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है तो देखिए आज अब हम बात करते इंडियन फैमिली की इंडियन जो हमारे कल्चर है उसके कोडिंग अगर कोई स्त्री वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर नहीं है तो अगर उसको डोमेस्टिक वायलेंस का भी सामना करना पड़ रहा है या फिर कुछ ऐसी चीज उसके साथ हो रही है जो एक जोतने की मौलिक नहीं है जो एक नैतिक व्यवहार उसके साथ नहीं किया जा रहा है फिर भी उसे वह सब सहना होगा क्योंकि अब वित्तीय आत्मनिर्भर नियमित रूप से अगर बात पर निर्भर होती तो वह अपने आप को पालने में सक्षम होती अपने बच्चों को अपने परिवार वालों अब जो भी है 18 में बीती रात नहीं पड़ता है किसी के लिए बहुत ज्यादा जरूरी था कि वह इस तरीके की चीजों के खिलाफ आवाज उठा सके अगर हम बात करते हैं किसी भी स्त्री के इंडियन मैं तो डोमेस्टिक वायलेंस बहुत ही कमेंट चीज है पति आए दिन अपनी पत्नियों पर हाथ उठा देते को दोष दिया जाता है अब उसके ऊपर भी वह कुछ नहीं कर पाती क्योंकि रूप से आत्मनिर्भर नहीं है अगर वह अपने पति का घर छोड़ कर चली जाएगी तो उसके मायके वाले दो उसको एक्सेप्ट नहीं करेंगे तो फिर वह जाएगी कैसे तो एक लड़की वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होती है तो उसमें बाइक उसका जो आत्म सम्मान है उसकी रक्षा बसाने से कर सकते इस तरीके के और व्यावहारिक जो कृत्य होते रहते हैं हमारे यहां पर आए दिन लड़कियों के साथ के साथ उसमें काफी हद तक वह अपने आप को अपने तरीके से अपने हिसाब से चीजों को मैनेज करने की कोशिश करेगी और बहुत सारी समस्या उसे आसानी से छुटकारा पा लेगी इसमें बहुत सारे परिवार जरूर टूट जाएंगे पर आखिर कब तक एक औरत को ही हर चीज सहनी पड़ेगी तो मेरा यह मानना है कि कॉलेज में वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होती है तो वह अपने आत्मसम्मान की रक्षा भी बहुत अच्छी तक कैसे कर सकती है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#जीवन शैली

ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
1:49
पूछा गया है लड़कियों के लिए आत्मनिर्भर होने के बावजूद भी कौन सी चीजें आज भी उनके लिए नहीं बदल पाए तो हमारा कल्चर है जो हमारा यहां परियों से चला आ रहा तुम्हारे हमेशा यही बताया जाता है कि लड़कियों को एडजस्ट करना चाहिए लड़कियों को सहनशील होना चाहिए सामने वाला आप पर गुस्सा भी कर रहा है तो आप को शांत रहना चाहिए क्योंकि आप लड़की हो आप को बच्चों का घर का देखभाल करना पड़ेगा क्योंकि आप लड़कियों भले ही आप इतने रूप से आत्मनिर्भर हो भले ही आप जॉब कर रहे हो भले ही आप कितना भी पैसा कमाए घर संभालना बच्चे संभालना रिश्ते सामान्य सारी जिम्मेदारी की लड़की की शादी होती है तो यह चीज आज भी और जो है हमारे समाज में नहीं बदली है हम आज भी यह नहीं सिखाते कि अगर आप लड़के भी है तो आपको भी घर के कामों में हाथ बटाना चाहिए क्योंकि आज किसी भी चीज में लड़कियां पीछे नहीं आप एक ऐसी लड़की के ऐसे समाज में जी रहे थे पर लड़कियां और लड़के बराबर की पढ़ाई जॉब बराबर होती है सैलरी बराबर होती है तो फिर आपको घर का काम करने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए कि हम अपने लड़कों को नहीं सिखाते और यही जो है उनके दिमाग में बचपन से ही चीज रहती कि लड़की को ही यह सब करना है और यही कारण है कि फिर लड़कियों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जैसे जॉब करो घर आकर घर संभालो बच्चों को देखभाल करो बड़ों बड़ों की देखभाल करो एक लड़की के लिए काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है और आज भी हमारे समाज में नहीं बदली है कुछ कुछ हद तक मैंने देखा है कि लोग थोड़े लिबरल हो रहे लोग इस चीज को समझ रहे हैं तो यह काफी पॉजिटिव रिस्पांस भी उसका मिल रहा है पर अभी भी हम काफी पीछे हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
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