#जीवन शैली

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:30
आई लव यू जान तो आज आप का सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों होता है जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को जाता है वह जो हमें जाता है हम उसे नहीं चाहते हैं तब तू अपनी सुना होगा कि अपॉजिट चीज अट्रैक्ट करता है तू क्या होता है ना कि कोई इंसान क्यों पसंद आता है जब हमारी तरह या फिर हमें जो भी चीज पसंद है अगर कोई चीज हमें किस इंसान भी दिखता है जैसे कि हम ऐसा सोचते हैं हम आगे के बारे में अच्छा सोचते हैं जिंदगी को लेकर ऐसा सोचते हैं हम से रिलेटेड के हिसाब से रिलेटेड अगर कोई इंसान हमेशा मिलता तुमको चाहिए आपको अच्छा लगा तुमसे बात करके दोस्ती और फिर आगे जो भी प्यार या फिर जो भी रिलेशन होता है अगर हम उन्हें पसंद नहीं आ रही इसका मतलब हमारी कोई भी चीज हमें भी हम जितने व्यक्ति क्यों ना हो उन्हें हमारी चीज अच्छा नहीं लग रहा होगा तो यही कारण है जिसके वजह से बहुत कम ही होता है हमें हमारे हिसाब से कोई इंसान मिलता है और हम किसी को पसंद कर पाते हैं और से या फिर कोई इंसान हमें पसंद करा कर पाता है इसलिए कहा जाता है कि अगर हम अच्छे रहे हमारे सबसे परफेक्ट रहेगा हम अच्छी सोच विचार के रहेंगे तू क्यों नहीं कोई इंसान हमें पसंद करेगा और क्यों नहीं आप किसी को पसंद करेंगे हर एक इंसान को अच्छे से रहना चाहिए अपनी सोच विचार अपना व्यवहार अच्छा रखना चाहिए ताकि दोस्ती में रिलेशन ही नहीं भाई दोस्ती का रिश्ता क्यों ना हो उसके लिए भी कोई आपसे हाथ बढ़ाएं
Aaee lav yoo jaan to aaj aap ka savaal hai ki aakhir aisa kyon hota hai jise ham chaahate hain vah kisee aur ko jaata hai vah jo hamen jaata hai ham use nahin chaahate hain tab too apanee suna hoga ki apojit cheej atraikt karata hai too kya hota hai na ki koee insaan kyon pasand aata hai jab hamaaree tarah ya phir hamen jo bhee cheej pasand hai agar koee cheej hamen kis insaan bhee dikhata hai jaise ki ham aisa sochate hain ham aage ke baare mein achchha sochate hain jindagee ko lekar aisa sochate hain ham se rileted ke hisaab se rileted agar koee insaan hamesha milata tumako chaahie aapako achchha laga tumase baat karake dostee aur phir aage jo bhee pyaar ya phir jo bhee rileshan hota hai agar ham unhen pasand nahin aa rahee isaka matalab hamaaree koee bhee cheej hamen bhee ham jitane vyakti kyon na ho unhen hamaaree cheej achchha nahin lag raha hoga to yahee kaaran hai jisake vajah se bahut kam hee hota hai hamen hamaare hisaab se koee insaan milata hai aur ham kisee ko pasand kar paate hain aur se ya phir koee insaan hamen pasand kara kar paata hai isalie kaha jaata hai ki agar ham achchhe rahe hamaare sabase paraphekt rahega ham achchhee soch vichaar ke rahenge too kyon nahin koee insaan hamen pasand karega aur kyon nahin aap kisee ko pasand karenge har ek insaan ko achchhe se rahana chaahie apanee soch vichaar apana vyavahaar achchha rakhana chaahie taaki dostee mein rileshan hee nahin bhaee dostee ka rishta kyon na ho usake lie bhee koee aapase haath badhaen

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Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Businessman
4:58
एक शायरी है कि हम जिसे चाहते वह किसी और को चाहता है और जो हमें चाहता है उसे कौन चाहता है तो कहने का अभिप्राय यही है कि हमारे जीवन में बहुत सी ऐसी चीजें होती है जिन्हें हम चाहत के रूप में देखते हैं हमारी चाहत होती से कह सकते हैं हमारी चाहत बन जाती है पर यह बात करें कि हरेक की अपनी नीति हां कह सकते हैं स्वतंत्रता है निजी चुनाव करने का अधिकार है कि किस को क्या अच्छा लगता है और क्या किसके साथ अपना जीवन व्यतीत करना चाहता है ऐसे में जो आप ने प्रश्न किया है कि अक्सर ऐसा देख क्यों होता है कि जिन्हें हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है और मैं जो हमें चाहता है हम उसे नहीं चाहते ऐसा क्यों हर एक व्यक्ति का अपने ही एक के पसंद होती है पसंद ना पसंद होती है इसमें किसी का कोई दोष नहीं होता हर व्यक्ति का अपना एक के निजी चुनाव बताएं कि उसे क्या अच्छा लगता है क्या नहीं लगता है इसमें कोई फोर्स के नहीं कर सकता कि यह आपको यह पसंद करना चाहिए आपको यह पसंद नहीं करना चाहिए आप कोई अच्छा लगना चाहिए आइए नहीं लगना चाहिए कोई नहीं बता सकता यह खुद फील कर सकते हैं कि आपको जब महसूस होता है इसके साथ वक्त गुजारना रहना अच्छा लगता है भैया आपकी खुद की चॉइस होती है उसके लिए आप कुछ भी करते हैं वह आपकी खुद की डिसीजन का आपका खुद का निर्णय होता है लेकिन हमें सामने वाले की भी रिस्पेक्ट करने चाहिए उसके भी निर्णय का रिस्पेक्ट नतीजा ऑफिस का डिसीजन है उसकी भी रिस्पेक्ट करनी चाहिए आदर करना चाहिए ऐसा नहीं आप जिसको चाहते हो तो फोर्सफुली चाहत का एहसास ही होता है कि किसी को कुछ देना किसी के लिए समर्पित हो ना की किसी को जबरन बांध के रखना अपने पास ठीक है और इसमें कोई जोर नहीं है किसी चीज को चलता और कह सकते हैं एक तरह से कि जब जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं जब हमें एक किसी एक का चुनाव करना पड़ता है जैसा कि आपने जिक्र किया है कि हमें जो चाहता है वह पिया हम जिसे चाहते हैं यह निर्णय आपका बताएं इससे कोई और इस बात का निर्णय नहीं ले सकता कि आप किस का चुनाव करते हैं हालांकि सलाह दे सकते हैं मैं भी यही सलाह दूंगा कि आप का चुनाव करें जो आपको चाहता है कि कि आपको जो व्यक्ति समय दे रहा है उसके हिसाब से अगर आप उस का चुनाव करते हैं तो वह आपके लिए समर्पित रहेगा और एक के कैसेट तमाम टेंशन बन जाती है क्या सकते हैं जोड़ी बन जाती है जीवन में और भरदा तो आपको जो नहीं चाहता आप जिसको चाहते हैं उसके पीछे भागते रहेंगे तो आपको कुछ हासिल होने वाला नहीं है कम से कम जीवन में कुछ एक चीज तो हासिल हो सके तो प्रयास वही करना चाहिए जो समर्थक हूं जिससे कुछ हासिल भी हो सके हालांकि यह कहना कि कुछ हासिल करने के लिए किसी की चाहत रखना तो यह गलत भी है क्योंकि जो चाहा तो तारो प्रेम होता है वह निस्वार्थ भाव से होता है वह सिर्फ देना जानता है नहीं जानता वह समर्पण जानता है किसी को जबरन अपने पास से बांध के रखना नहीं चाहता स्वतंत्रता देना चाहता है जवाब तो देखेंगे कि जिसको आप चाहते हैं आप उसके लिए कुछ करते हैं अगर उसकी खुशी में आपको खुशी महसूस होती है तो यकीनन यह ही वास्तविक प्रेम होता है क्योंकि किसी और की खुशी खुशी देखकर खुद को खुशी में सुषमा किसी और की तकलीफ में आपको तकलीफ में सोचो यह बहुत ही कह सकते अलग और अनुभव जो एहसास होता है इसे सास को बयां नहीं किया जा सकता किसी लाइन में किसी डिस्को कह नहीं सकते कि इसका क्या अर्थ बनता है इसका कोई मतलब सार्थक जवाब नहीं होता यह तो बस एक एहसास होता है जब किसी को खुश करने के लिए किसी को कुछ किसी के लिए कुछ करने में आपको खुशी मिलती है फिर वह चाहे आप की परवाह करें या ना करें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता जीवन का सत्य ही है कि हमें हर वो चीज तो करनी चाहिए जो जिससे हमें खुशी मिले लेकिन कहीं ना कहीं अगर एक सामाजिक दायरा देखा जाए तो हमारे उन लोगों का भी आदर करना चाहिए जो हमारा हमारी रिस्पेक्ट करते हैं हमारी परवाह करते तो हमें उनकी भी परवाह एक बार जरूर करनी चाहिए यह मानवता है इसी का इंसानियत कह सकते हैं तु मेरी सलाह यही है कि जो आपको चाहे आप उसे चाहे तो यह बहुत अच्छी बात है आई होप सो दैट ही पोस्ट आपके लिए काफी हेल्प लो और कमेंट के माध्यम से जरूर अपनी राय हम तक रखें कि आपको कैसा लगता हमारा पोस्ट
Ek shaayaree hai ki ham jise chaahate vah kisee aur ko chaahata hai aur jo hamen chaahata hai use kaun chaahata hai to kahane ka abhipraay yahee hai ki hamaare jeevan mein bahut see aisee cheejen hotee hai jinhen ham chaahat ke roop mein dekhate hain hamaaree chaahat hotee se kah sakate hain hamaaree chaahat ban jaatee hai par yah baat karen ki harek kee apanee neeti haan kah sakate hain svatantrata hai nijee chunaav karane ka adhikaar hai ki kis ko kya achchha lagata hai aur kya kisake saath apana jeevan vyateet karana chaahata hai aise mein jo aap ne prashn kiya hai ki aksar aisa dekh kyon hota hai ki jinhen ham chaahate hain vah kisee aur ko chaahata hai aur main jo hamen chaahata hai ham use nahin chaahate aisa kyon har ek vyakti ka apane hee ek ke pasand hotee hai pasand na pasand hotee hai isamen kisee ka koee dosh nahin hota har vyakti ka apana ek ke nijee chunaav bataen ki use kya achchha lagata hai kya nahin lagata hai isamen koee phors ke nahin kar sakata ki yah aapako yah pasand karana chaahie aapako yah pasand nahin karana chaahie aap koee achchha lagana chaahie aaie nahin lagana chaahie koee nahin bata sakata yah khud pheel kar sakate hain ki aapako jab mahasoos hota hai isake saath vakt gujaarana rahana achchha lagata hai bhaiya aapakee khud kee chois hotee hai usake lie aap kuchh bhee karate hain vah aapakee khud kee diseejan ka aapaka khud ka nirnay hota hai lekin hamen saamane vaale kee bhee rispekt karane chaahie usake bhee nirnay ka rispekt nateeja ophis ka diseejan hai usakee bhee rispekt karanee chaahie aadar karana chaahie aisa nahin aap jisako chaahate ho to phorsaphulee chaahat ka ehasaas hee hota hai ki kisee ko kuchh dena kisee ke lie samarpit ho na kee kisee ko jabaran baandh ke rakhana apane paas theek hai aur isamen koee jor nahin hai kisee cheej ko chalata aur kah sakate hain ek tarah se ki jab jeevan mein kuchh aise pal aate hain jab hamen ek kisee ek ka chunaav karana padata hai jaisa ki aapane jikr kiya hai ki hamen jo chaahata hai vah piya ham jise chaahate hain yah nirnay aapaka bataen isase koee aur is baat ka nirnay nahin le sakata ki aap kis ka chunaav karate hain haalaanki salaah de sakate hain main bhee yahee salaah doonga ki aap ka chunaav karen jo aapako chaahata hai ki ki aapako jo vyakti samay de raha hai usake hisaab se agar aap us ka chunaav karate hain to vah aapake lie samarpit rahega aur ek ke kaiset tamaam tenshan ban jaatee hai kya sakate hain jodee ban jaatee hai jeevan mein aur bharada to aapako jo nahin chaahata aap jisako chaahate hain usake peechhe bhaagate rahenge to aapako kuchh haasil hone vaala nahin hai kam se kam jeevan mein kuchh ek cheej to haasil ho sake to prayaas vahee karana chaahie jo samarthak hoon jisase kuchh haasil bhee ho sake haalaanki yah kahana ki kuchh haasil karane ke lie kisee kee chaahat rakhana to yah galat bhee hai kyonki jo chaaha to taaro prem hota hai vah nisvaarth bhaav se hota hai vah sirph dena jaanata hai nahin jaanata vah samarpan jaanata hai kisee ko jabaran apane paas se baandh ke rakhana nahin chaahata svatantrata dena chaahata hai javaab to dekhenge ki jisako aap chaahate hain aap usake lie kuchh karate hain agar usakee khushee mein aapako khushee mahasoos hotee hai to yakeenan yah hee vaastavik prem hota hai kyonki kisee aur kee khushee khushee dekhakar khud ko khushee mein sushama kisee aur kee takaleeph mein aapako takaleeph mein socho yah bahut hee kah sakate alag aur anubhav jo ehasaas hota hai ise saas ko bayaan nahin kiya ja sakata kisee lain mein kisee disko kah nahin sakate ki isaka kya arth banata hai isaka koee matalab saarthak javaab nahin hota yah to bas ek ehasaas hota hai jab kisee ko khush karane ke lie kisee ko kuchh kisee ke lie kuchh karane mein aapako khushee milatee hai phir vah chaahe aap kee paravaah karen ya na karen isase koee phark nahin padata jeevan ka saty hee hai ki hamen har vo cheej to karanee chaahie jo jisase hamen khushee mile lekin kaheen na kaheen agar ek saamaajik daayara dekha jae to hamaare un logon ka bhee aadar karana chaahie jo hamaara hamaaree rispekt karate hain hamaaree paravaah karate to hamen unakee bhee paravaah ek baar jaroor karanee chaahie yah maanavata hai isee ka insaaniyat kah sakate hain tu meree salaah yahee hai ki jo aapako chaahe aap use chaahe to yah bahut achchhee baat hai aaee hop so dait hee post aapake lie kaaphee help lo aur kament ke maadhyam se jaroor apanee raay ham tak rakhen ki aapako kaisa lagata hamaara post

Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
3:03
अक्सर ऐसा क्यों होता है जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है जो हमें चाहता हम उसे नहीं चाहते हैं देखिए भाई यह लाइक अनलाइक वाला मैटर है ऐसा कोई जरूरी नहीं है कि जिसको आप लाइक करते हो या जिसे आप चेक पसंद करते हो उसी हर चीज को आप समझते हो प्रभु आपकी बातों को समझो यह ऐसा भी हो सकता है कि जो आपको मान रहा हो आप हमारी इच्छा है हमारे अंदर जो कहते हैं संवेदना होती हमारे अंदर चीटी क्या चाहोगे जो कुत्ते हाउस जागरण अब देखिए हम किसी को लाइक ऑनलाइन क्यों करते हैं क्योंकि हमारे बॉडी में एक अच्छा ट्रांसमीटर होता है एक अट्रैक्शन होता है हमारे विल पावर होती है क्या हमारा सेंस होता है जो किसी को देखकर करता हूं बहुत अच्छा और कोई जरूरी है कुछ करेक्शन भी आपको देखकर ऐसा बहुत कम ऐसे मिलते हैं कि दोनों एक-दूसरे को यह हमारे बॉडी लैंग्वेज सियां बॉडी स्ट्रक्चर प्रोडक्ट करो और निश्चित तौर पर इस को मानकर चलिए यह कभी-कभी हम कंप्रोमाइज कर लेते हैं यह नहीं चीज को हम लाइक नहीं करते हैं उसके साथ करना पड़ा था जबकि आपने देखा है क्या लड़की देखने जाते हैं कई बार लड़कियां कि नहीं मिलती लेकिन फिर एक बार माफ कर देना भाई अब तो इसके हाल-चाल ही करना पड़ता करूं पर हो चाहत आपके अंदर बनी दे तो यह क्यों ऐसा होता है इसको कहना मुश्किल है क्योंकि मैं पूरा विश्व विविधताओं से भरा हुआ और कहीं ना कहीं कोई जरूरी नहीं कि आप जिसको चाह रहे हैं जो चाह रहे हैं वह अपने चार मिले या तो भाई अपना दृढ़ प्रतिज्ञ हो जाओ और निश्चय कर लो कम को उसी को हासिल करना है और जैसा लीजिए फासिल भी कर लेते हैं लेकिन उसकी इच्छा है ना हो तो आप फूल पौधों को देखते बड़े अट्ठारह यार क्या सुंदर है कितने अच्छे थे आपको भी हिंदी कलर को भी विश्वास नहीं होता कुदरत ने ही रंग और कभी कभी हम कुछ ऐसे फ्लावर स्कूल देख लेते ना ना यार ठीक नहीं है अच्छा नहीं है या बगल में गंदा नाला बह रहा उसको देखकर नाक से करता है यार कितनी बार शहरी परिस्थितियां हमारे ब्रह्मांड में वायुमंडल में एटमॉस्फेयर में सराउंडिंग सोता रहता है तो निश्चित तौर पर इस को क्या कहा जाए क्या शुरू किया जाए कुछ भी कहना मुश्किल है सर परिस्थितियां हैं और निश्चित तौर पर हम इनके साथ मिलकर के कंप्रोमाइज करके देते हैं
Aksar aisa kyon hota hai jise ham chaahate hain vah kisee aur ko chaahata hai jo hamen chaahata ham use nahin chaahate hain dekhie bhaee yah laik analaik vaala maitar hai aisa koee jarooree nahin hai ki jisako aap laik karate ho ya jise aap chek pasand karate ho usee har cheej ko aap samajhate ho prabhu aapakee baaton ko samajho yah aisa bhee ho sakata hai ki jo aapako maan raha ho aap hamaaree ichchha hai hamaare andar jo kahate hain sanvedana hotee hamaare andar cheetee kya chaahoge jo kutte haus jaagaran ab dekhie ham kisee ko laik onalain kyon karate hain kyonki hamaare bodee mein ek achchha traansameetar hota hai ek atraikshan hota hai hamaare vil paavar hotee hai kya hamaara sens hota hai jo kisee ko dekhakar karata hoon bahut achchha aur koee jarooree hai kuchh karekshan bhee aapako dekhakar aisa bahut kam aise milate hain ki donon ek-doosare ko yah hamaare bodee laingvej siyaan bodee strakchar prodakt karo aur nishchit taur par is ko maanakar chalie yah kabhee-kabhee ham kampromaij kar lete hain yah nahin cheej ko ham laik nahin karate hain usake saath karana pada tha jabaki aapane dekha hai kya ladakee dekhane jaate hain kaee baar ladakiyaan ki nahin milatee lekin phir ek baar maaph kar dena bhaee ab to isake haal-chaal hee karana padata karoon par ho chaahat aapake andar banee de to yah kyon aisa hota hai isako kahana mushkil hai kyonki main poora vishv vividhataon se bhara hua aur kaheen na kaheen koee jarooree nahin ki aap jisako chaah rahe hain jo chaah rahe hain vah apane chaar mile ya to bhaee apana drdh pratigy ho jao aur nishchay kar lo kam ko usee ko haasil karana hai aur jaisa leejie phaasil bhee kar lete hain lekin usakee ichchha hai na ho to aap phool paudhon ko dekhate bade atthaarah yaar kya sundar hai kitane achchhe the aapako bhee hindee kalar ko bhee vishvaas nahin hota kudarat ne hee rang aur kabhee kabhee ham kuchh aise phlaavar skool dekh lete na na yaar theek nahin hai achchha nahin hai ya bagal mein ganda naala bah raha usako dekhakar naak se karata hai yaar kitanee baar shaharee paristhitiyaan hamaare brahmaand mein vaayumandal mein etamospheyar mein saraunding sota rahata hai to nishchit taur par is ko kya kaha jae kya shuroo kiya jae kuchh bhee kahana mushkil hai sar paristhitiyaan hain aur nishchit taur par ham inake saath milakar ke kampromaij karake dete hain

itishree Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए itishree जी का जवाब
Unknown
1:00
प्रश्न है आप सर ऐसा क्यों होता है जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को जाता है और जो हम चाहते हैं हम उसे नहीं चाहते ऐसा क्यों लिखिए सबका मंगल सबका दिल एक जैसा नहीं होता है कब किससे कहां प्यार हो जाता है यह भी पता नहीं आपको अगर किसी और से प्यार है तो वह किसी और को प्यार करता है इसका मतलब यह नहीं कि आप ही से प्यार करते हो वह भी आपसे प्यार करता होगा है तो मुझसे बात हमसे नहीं चाहते अगर वह हमें चाहता है वह हमसे नहीं चाहते तो ऐसा होता है क्योंकि प्यार सब को एक साथ नहीं होता और इस दुनिया में सब के भीतर हमको एक अच्छा लगता है यह हमको अच्छा लगता है यह मतलब यह नहीं तो उनको भी हमें पसंद आएगा ऐसा नहीं होता है
Prashn hai aap sar aisa kyon hota hai jise ham chaahate hain vah kisee aur ko jaata hai aur jo ham chaahate hain ham use nahin chaahate aisa kyon likhie sabaka mangal sabaka dil ek jaisa nahin hota hai kab kisase kahaan pyaar ho jaata hai yah bhee pata nahin aapako agar kisee aur se pyaar hai to vah kisee aur ko pyaar karata hai isaka matalab yah nahin ki aap hee se pyaar karate ho vah bhee aapase pyaar karata hoga hai to mujhase baat hamase nahin chaahate agar vah hamen chaahata hai vah hamase nahin chaahate to aisa hota hai kyonki pyaar sab ko ek saath nahin hota aur is duniya mein sab ke bheetar hamako ek achchha lagata hai yah hamako achchha lagata hai yah matalab yah nahin to unako bhee hamen pasand aaega aisa nahin hota hai

ajeetKumar Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए ajeetKumar जी का जवाब
Unknown
0:14

Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
5:40
अक्सर ऐसा क्यों होता है जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है और जो हमें चाहता है वह हमसे नहीं चाहते यह तो एक बड़ी बड़ी ट्रेजरी है इंसान की हर एक व्यक्ति को इससे गुजरना होता है कुछ कम लोग लोगों को यह मिल जाता है यह भाग्य मिल जाता है वाक्यों को नहीं मिलता है इसका कारण क्या है इसका कारण नैसर्गिक रूप से धन की जो मूलभूत बातें तो दो इंसानों के चाहे दो लड़की हो चाहे दो लड़के हो कोई भी दो इंसान है उनके विचार तुम समझ नहीं होती उनके शरीर सब समान नहीं होते उनकी भावनाएं सम समान एक समान नहीं होती है और जीवन के जो जीवन का मार्ग है उमर कभी किसी का एक जैसा नहीं होता है और उन निश्चित नहीं होता है और निश्चित मालूम भी नहीं होता है कि आगे जाकर क्या होने वाला है भैया इसका ही नतीजा है तुझको समझ कर हमें यह बात समझ में लेनी चाहिए कि इसके बाद हमें इंदौर दुकान आ जाएगा और उस दुख के समय से हमें गुजारना पड़ता है और यह समय अकाल जो है यह उस पर एक बड़ा ऑप्शन होता है कल जैसे बढ़ जाता है ऐसी चीजें जो होती यह दुख होते हैं वह धीरे-धीरे कम हो जाते हैं और दोनों इस तरह के व्यक्तियों को जब दूसरे साथी मिल जाते हैं तुम्हें पीछे वाली चीज है जो है वह अपने आप को छोटा थोड़ा-थोड़ा भरोसा करके भूल जाते हैं लेकिन मरते दम तक इसकी जो यादें होती है वह कभी इंसान नहीं भूल सकता है उसके साथी जाती है इस सृष्टि का नियम है और सृष्टि के नियमों में यह बात भी जान लेना बहुत जोर से दुख थोड़ा कम होता है हल्का होता है और ऐसा भी हो सकता है कि इससे भी ज्यादा खुशियां हमें आगे जाकर मिल सकती है जब दूसरे लोग हमारी जिंदगी में आते हैं ऐसा भी हो सकते हैं अगर ऐसा हुआ तो बहुत जल्द पहले वाली बातें याद में भूल जाता है ऐसे गाने में बताया गया है कि आदमी मुसाफिर है आते जाते हैं राहों में अपनी यादें छोड़ जाता है तो ऐसी बहुत सारी आती भेजा दी होती है ऐसी है कि नहीं बहुत सारे बहुत सारे अन्य विषयों के विषय में थे दर की यादें इंसान को कुछ आनंद देने वाली होती है तो कुछ दुख देने वाली होती है लेकिन उनको साथ लिए हुए इंसान को अपनी मंजिल तक जाना पड़ता है आप सब की मंजिल एक ही है धन्यवाद
Aksar aisa kyon hota hai jise ham chaahate hain vah kisee aur ko chaahata hai aur jo hamen chaahata hai vah hamase nahin chaahate yah to ek badee badee trejaree hai insaan kee har ek vyakti ko isase gujarana hota hai kuchh kam log logon ko yah mil jaata hai yah bhaagy mil jaata hai vaakyon ko nahin milata hai isaka kaaran kya hai isaka kaaran naisargik roop se dhan kee jo moolabhoot baaten to do insaanon ke chaahe do ladakee ho chaahe do ladake ho koee bhee do insaan hai unake vichaar tum samajh nahin hotee unake shareer sab samaan nahin hote unakee bhaavanaen sam samaan ek samaan nahin hotee hai aur jeevan ke jo jeevan ka maarg hai umar kabhee kisee ka ek jaisa nahin hota hai aur un nishchit nahin hota hai aur nishchit maaloom bhee nahin hota hai ki aage jaakar kya hone vaala hai bhaiya isaka hee nateeja hai tujhako samajh kar hamen yah baat samajh mein lenee chaahie ki isake baad hamen indaur dukaan aa jaega aur us dukh ke samay se hamen gujaarana padata hai aur yah samay akaal jo hai yah us par ek bada opshan hota hai kal jaise badh jaata hai aisee cheejen jo hotee yah dukh hote hain vah dheere-dheere kam ho jaate hain aur donon is tarah ke vyaktiyon ko jab doosare saathee mil jaate hain tumhen peechhe vaalee cheej hai jo hai vah apane aap ko chhota thoda-thoda bharosa karake bhool jaate hain lekin marate dam tak isakee jo yaaden hotee hai vah kabhee insaan nahin bhool sakata hai usake saathee jaatee hai is srshti ka niyam hai aur srshti ke niyamon mein yah baat bhee jaan lena bahut jor se dukh thoda kam hota hai halka hota hai aur aisa bhee ho sakata hai ki isase bhee jyaada khushiyaan hamen aage jaakar mil sakatee hai jab doosare log hamaaree jindagee mein aate hain aisa bhee ho sakate hain agar aisa hua to bahut jald pahale vaalee baaten yaad mein bhool jaata hai aise gaane mein bataaya gaya hai ki aadamee musaaphir hai aate jaate hain raahon mein apanee yaaden chhod jaata hai to aisee bahut saaree aatee bheja dee hotee hai aisee hai ki nahin bahut saare bahut saare any vishayon ke vishay mein the dar kee yaaden insaan ko kuchh aanand dene vaalee hotee hai to kuchh dukh dene vaalee hotee hai lekin unako saath lie hue insaan ko apanee manjil tak jaana padata hai aap sab kee manjil ek hee hai dhanyavaad

BK. SHYAAM. KARWA Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए BK. जी का जवाब
Unknown
1:54
नमस्कार आपने पसंद किया है कि अक्सर ऐसा क्यों होता है जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है वह जो हमेशा तुम मुझसे पूछा कि मैं आपको बताना चाहूंगा कि प्रत्येक व्यक्ति होता है उसी को चाहता तो सभी से उसके कहीं स्वार्थ होते या फिर उसके पीछे कपिलक्षी होता है जैसे कि हम बुरे व्यक्ति को जानते हैं तो हम उसके चित्र बनना चाहते हैं अच्छे व्यक्ति के साथ तो हम भी हमारे चिपु हम लोग चप्पल जूते नहीं पहचाने लोग करें इसलिए हम जिसे चाहते हैं वह तुम पसंद आता है तो उसी लिए हम उसे साथी शादी उसके गुस्से में प्रभावित होकर भी विशेष आते हैं इसलिए जो हमें चाहते हैं उनसे प्रभावित हो सकता है किंतु ऐसा संभव नहीं है कि जो हमेशा दे हम भी उसी दिन की संभावना लग रही थी इसलिए हम किसी और को साथ नहीं और जिसे हम चाहते हैं वह किसी और के साथ इसलिए हमेशा चलता ही रहता है किंतु कभी-कभी ऐसा भी होता है जैसे हम चाहते हैं वह हमें भी चाहते हैं और जब ऐसा होता है तो विश्वास बढ़ता है विश्वास पढ़ने से ही प्यार होता है अर्थात प्यासी पर था इसलिए किसी को यदि आप कुछ आता है तो आप उसकी मदद कीजिए क्योंकि कुछ थैंक्यू से आपकी जरूरत हो और अब उसकी मदद कर सकें इसलिए क्या कुछ आता है उसके आप मदद करेंगे तो जिसे आप चाहते हैं वह आप उसमें भी मिल जाएगा क्योंकि मेरा तो यह मानना है कि ईश्वर सबको बराबर मानते हैं और ईश्वर हमेशा हमें देखते हम जैसा करेंगे हमें भी वैसा ही फल प्राप्त करें धन्यवाद
Namaskaar aapane pasand kiya hai ki aksar aisa kyon hota hai jise ham chaahate hain vah kisee aur ko chaahata hai vah jo hamesha tum mujhase poochha ki main aapako bataana chaahoonga ki pratyek vyakti hota hai usee ko chaahata to sabhee se usake kaheen svaarth hote ya phir usake peechhe kapilakshee hota hai jaise ki ham bure vyakti ko jaanate hain to ham usake chitr banana chaahate hain achchhe vyakti ke saath to ham bhee hamaare chipu ham log chappal joote nahin pahachaane log karen isalie ham jise chaahate hain vah tum pasand aata hai to usee lie ham use saathee shaadee usake gusse mein prabhaavit hokar bhee vishesh aate hain isalie jo hamen chaahate hain unase prabhaavit ho sakata hai kintu aisa sambhav nahin hai ki jo hamesha de ham bhee usee din kee sambhaavana lag rahee thee isalie ham kisee aur ko saath nahin aur jise ham chaahate hain vah kisee aur ke saath isalie hamesha chalata hee rahata hai kintu kabhee-kabhee aisa bhee hota hai jaise ham chaahate hain vah hamen bhee chaahate hain aur jab aisa hota hai to vishvaas badhata hai vishvaas padhane se hee pyaar hota hai arthaat pyaasee par tha isalie kisee ko yadi aap kuchh aata hai to aap usakee madad keejie kyonki kuchh thainkyoo se aapakee jaroorat ho aur ab usakee madad kar saken isalie kya kuchh aata hai usake aap madad karenge to jise aap chaahate hain vah aap usamen bhee mil jaega kyonki mera to yah maanana hai ki eeshvar sabako baraabar maanate hain aur eeshvar hamesha hamen dekhate ham jaisa karenge hamen bhee vaisa hee phal praapt karen dhanyavaad

Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Ashish जी का जवाब
Yoga Instructor
0:44
हिंदी केवल एक वजह होती है जो इंपॉर्टेंट से हम लोग होते हैं जो हमारे तरफ ज्यादा झुकाव करते हैं हमारी लाइफ में हमसे ज्यादा मैं लाइफ में इंवॉल्व रहते हैं हमें उसकी कोई वैल्यू नहीं होती यह फैक्ट है और क्यों हमसे दूर रहता है उसके में बैठी रहती है परंतु होता उल्टी है जब वह व्यक्ति पास आया था तब हमारे पास रखी है जो खत्म हो जाते हैं तो यह सेम जूलॉजी गई है आप जिसे चाहते हैं वह आपको नहीं पता और अगर वह आपको चाहने ही लग जाएगा तब आपको ऐसा लगेगा कि लाइफ में अब कोई टेंशन नहीं है
Hindee keval ek vajah hotee hai jo importent se ham log hote hain jo hamaare taraph jyaada jhukaav karate hain hamaaree laiph mein hamase jyaada main laiph mein involv rahate hain hamen usakee koee vailyoo nahin hotee yah phaikt hai aur kyon hamase door rahata hai usake mein baithee rahatee hai parantu hota ultee hai jab vah vyakti paas aaya tha tab hamaare paas rakhee hai jo khatm ho jaate hain to yah sem joolojee gaee hai aap jise chaahate hain vah aapako nahin pata aur agar vah aapako chaahane hee lag jaega tab aapako aisa lagega ki laiph mein ab koee tenshan nahin hai

Shivangi Dixit.  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Shivangi जी का जवाब
Unknown
0:50
कोई शक नहीं अक्सर ऐसा क्यों होता है जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है वही जो हमें चाहता है हम उसे नहीं चाहते ऐसा क्यों दी कि क्या होता है लाइफ में हम कभी क्योंकि हम लाइफ में जब उस समय उस पड़ाव पर रहते हैं ना यह प्यार और चाहत बनी पड़ा मैं तुम अच्छी और बुरी कोई फर्क नहीं समझ पाते हम समझ नहीं पाते कि अच्छा क्या है और बुरा क्या है फिर हम उसके पीछे भागते हैं जो हमें हमारी आंखों को पसंद आते हैं हमारे जो दिल को पसंद आता है वह तुम देखी नहीं पाते इसीलिए वहां दिमाग काम नहीं करता वहां दिल काम करता है इसलिए जब भी सोच अपने दिल से सोचा अपने दिल से ही चाहे इसीलिए होता है कि हम जब किसी को चाहते तो वह हमें वैल्यू नहीं देता है तो वह चीज अच्छा होता है आपकी लाइफ में कितनी चीज होती है कि वह तो हम वैल्यू नहीं दे रहे हैं मेरे साथ नहीं है तो हम उसको चाहना ही नहीं चाहिए जो पसंद है तो लाइक करें सब्सक्राइब करें धन्यवाद
Koee shak nahin aksar aisa kyon hota hai jise ham chaahate hain vah kisee aur ko chaahata hai vahee jo hamen chaahata hai ham use nahin chaahate aisa kyon dee ki kya hota hai laiph mein ham kabhee kyonki ham laiph mein jab us samay us padaav par rahate hain na yah pyaar aur chaahat banee pada main tum achchhee aur buree koee phark nahin samajh paate ham samajh nahin paate ki achchha kya hai aur bura kya hai phir ham usake peechhe bhaagate hain jo hamen hamaaree aankhon ko pasand aate hain hamaare jo dil ko pasand aata hai vah tum dekhee nahin paate iseelie vahaan dimaag kaam nahin karata vahaan dil kaam karata hai isalie jab bhee soch apane dil se socha apane dil se hee chaahe iseelie hota hai ki ham jab kisee ko chaahate to vah hamen vailyoo nahin deta hai to vah cheej achchha hota hai aapakee laiph mein kitanee cheej hotee hai ki vah to ham vailyoo nahin de rahe hain mere saath nahin hai to ham usako chaahana hee nahin chaahie jo pasand hai to laik karen sabsakraib karen dhanyavaad

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
4:58
आपने प्रस्तुत किया है इसी प्रश्न को जानकारी सच्चाई जानकर कि आपने शायद उसके बारे में पढ़ा होगा राजा भरतरी के बारे में राजा भरतरी को सन्यास हुआ था राजा भरतरी एक बहुत ही मर्मज्ञ विद्वान व्यक्ति थे जिन्होंने संस्कृत साहित्य में तीन शतकों की रचना की है पहला है श्रृंगार शतक दूसरा है वैराग्य शतक और तीसरे नीति शतक राजा भरतरी को अपनी रानी पिंगला से बहुत प्रेम था एक बार राजा भरतरी जंगल में जब घूमने गए तो वहां उन्होंने एक आश्रम के जो गुरु गोरखनाथ के आश्रम का पालतू हिरण था उसका वध कर दिया उसको मारने पर जब राजा गोरखनाथ जी के सामने उपस्थित हुए तो राजा भरतरी को गोरखनाथ जी ने एक प्रश्न किया कि तुमने पालतू रन को हत्या क्यों की है तुम कुछ नहीं मारना चाहिए था क्या तुम से जिंदा कर सकते हो तो भरतरी बोला जो मर जाता है उसको कैसे जिंदा किया जा सकता है तो गुरु गोरखनाथ ने कहा कि मैं सजदा करता हूं और उन्होंने उसे जिंदा कर दिया और तभी से गुरु गोरखनाथ के शिष्य भरतरी जी बन गई अब एक बार गोरखनाथ जी ने कहा उस के दरबार में राजा के दरबार में जाकर कि यह राजा मैंने अपनी तपस्या से एक ऐसी फल की प्राप्ति की है जिसको खाने के बाद विक्की अमर हो जाता है इसको अमरपुर कहते हैं और अमर समर्थन को तुम खाओ जिससे कि तुम जैसा विद्वान तुम जैसा गुड़ी जन राजा कभी मृत्यु को प्राप्त ना करें और ऐसा करके उन्होंने बुक अमरफल राजा भरतरी को दे दिया वर्तनी ने भोपाल खुद ने सोचा कि मैं अमर बुके क्या करूं मेरी रानी पिंगला बहुत सुंदर है उसको जाकर कर दे दिया रानी पिंगला एक उस शहर के कोतवाल को प्रेम करती थी उसने वह अपने प्रेमी कोतवाल को दे दिया और कोतवाल में एक बच्चा के पास जाता था उसने उसको पैसे आपको दे दिया और वेश्या ने सोचा कि मुझे सुनने जीवन से जी करके क्या करूं इसलिए समर्पण को राजा को ही देना चाहिए राजा जल्दी से आजा जैसा मांगू रीजन व्यक्ति संसार में बहुत दुर्लभ है इसलिए वह पल्ला करके राजा भरतरी की सबा मेरे राजा को दिया जब राजा ने उसी पल को देखा तू राजा के मन में यह बड़ा आश्चर्य हुआ तो राजा ने सच्चाई को पूछा तब रिक्शा ने बताया कि मुझे मेरे प्रेमी कोतवाल ने दिया है जब कोतवाल ने बताया कि मुझे आपकी रानी पिंगला ने दिया है तब राजा भरतरी को इस संसार का रहस्य मालूम पड़ा कि सचाई है जिसे आप चाहते हैं और किसी को चाहता है और वह किसी और को चाहता है इसको चाहता है जीवन की हकीकत है इसलिए मेरे मित्र इस संसार में आदमी अकेला आया है अकेला ही जाएगा इस जीवन की हकीकत है जो कुछ भी देखते हो इसी का नाम मोह माया है इसी का नाम संसार है यह संसार में माया से ही चल रहा है यह भगवान की माया कहलाती है इसी को योग आ जाता है और इस योग माया से तब तक मानव मुक्ति नहीं ले सकता है जब तक भगवान की कृपा ना होगी जब तक श्री राम कृपा नहीं करेंगे तब तक इस योग माया बड़े-बड़े ऋषि तपस्वी घंटी बंधे हुए चले आ रहे हैं और वह इसी संसार में मोह माया में कृष्ण जन्म लेती है मोह माया में मर जाते हैं इस मोह माया से मुक्त होना ही मोक्ष कहलाता है स्थिति हो जाती है तभी आदमी को मोक्ष प्राप्ति होती है इसलिए संसार की मांग की बार-बार आवागमन के जन्म का कारण भी यही योग माया है यही मोह माया है जिसके कारण मानव बार बार जन्म लेता है यदि कभी आपने सप्ताह सुनी हो तो सप्ताह में आप सुनेंगे
Aapane prastut kiya hai isee prashn ko jaanakaaree sachchaee jaanakar ki aapane shaayad usake baare mein padha hoga raaja bharataree ke baare mein raaja bharataree ko sanyaas hua tha raaja bharataree ek bahut hee marmagy vidvaan vyakti the jinhonne sanskrt saahity mein teen shatakon kee rachana kee hai pahala hai shrrngaar shatak doosara hai vairaagy shatak aur teesare neeti shatak raaja bharataree ko apanee raanee pingala se bahut prem tha ek baar raaja bharataree jangal mein jab ghoomane gae to vahaan unhonne ek aashram ke jo guru gorakhanaath ke aashram ka paalatoo hiran tha usaka vadh kar diya usako maarane par jab raaja gorakhanaath jee ke saamane upasthit hue to raaja bharataree ko gorakhanaath jee ne ek prashn kiya ki tumane paalatoo ran ko hatya kyon kee hai tum kuchh nahin maarana chaahie tha kya tum se jinda kar sakate ho to bharataree bola jo mar jaata hai usako kaise jinda kiya ja sakata hai to guru gorakhanaath ne kaha ki main sajada karata hoon aur unhonne use jinda kar diya aur tabhee se guru gorakhanaath ke shishy bharataree jee ban gaee ab ek baar gorakhanaath jee ne kaha us ke darabaar mein raaja ke darabaar mein jaakar ki yah raaja mainne apanee tapasya se ek aisee phal kee praapti kee hai jisako khaane ke baad vikkee amar ho jaata hai isako amarapur kahate hain aur amar samarthan ko tum khao jisase ki tum jaisa vidvaan tum jaisa gudee jan raaja kabhee mrtyu ko praapt na karen aur aisa karake unhonne buk amaraphal raaja bharataree ko de diya vartanee ne bhopaal khud ne socha ki main amar buke kya karoon meree raanee pingala bahut sundar hai usako jaakar kar de diya raanee pingala ek us shahar ke kotavaal ko prem karatee thee usane vah apane premee kotavaal ko de diya aur kotavaal mein ek bachcha ke paas jaata tha usane usako paise aapako de diya aur veshya ne socha ki mujhe sunane jeevan se jee karake kya karoon isalie samarpan ko raaja ko hee dena chaahie raaja jaldee se aaja jaisa maangoo reejan vyakti sansaar mein bahut durlabh hai isalie vah palla karake raaja bharataree kee saba mere raaja ko diya jab raaja ne usee pal ko dekha too raaja ke man mein yah bada aashchary hua to raaja ne sachchaee ko poochha tab riksha ne bataaya ki mujhe mere premee kotavaal ne diya hai jab kotavaal ne bataaya ki mujhe aapakee raanee pingala ne diya hai tab raaja bharataree ko is sansaar ka rahasy maaloom pada ki sachaee hai jise aap chaahate hain aur kisee ko chaahata hai aur vah kisee aur ko chaahata hai isako chaahata hai jeevan kee hakeekat hai isalie mere mitr is sansaar mein aadamee akela aaya hai akela hee jaega is jeevan kee hakeekat hai jo kuchh bhee dekhate ho isee ka naam moh maaya hai isee ka naam sansaar hai yah sansaar mein maaya se hee chal raha hai yah bhagavaan kee maaya kahalaatee hai isee ko yog aa jaata hai aur is yog maaya se tab tak maanav mukti nahin le sakata hai jab tak bhagavaan kee krpa na hogee jab tak shree raam krpa nahin karenge tab tak is yog maaya bade-bade rshi tapasvee ghantee bandhe hue chale aa rahe hain aur vah isee sansaar mein moh maaya mein krshn janm letee hai moh maaya mein mar jaate hain is moh maaya se mukt hona hee moksh kahalaata hai sthiti ho jaatee hai tabhee aadamee ko moksh praapti hotee hai isalie sansaar kee maang kee baar-baar aavaagaman ke janm ka kaaran bhee yahee yog maaya hai yahee moh maaya hai jisake kaaran maanav baar baar janm leta hai yadi kabhee aapane saptaah sunee ho to saptaah mein aap sunenge

Shakeel Hamad Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:18

Aditya Dangayach  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Student
1:31
जानना चाहते हैं कि अगर ऐसा क्यों होता है जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है और वह जो हमें चाहता है हम से नहीं चाहते तो देखिए इसका एक सीधा सा कारण मैं आपको बताता हूं इसका कारण होता है कि हम मनुष्य की एक प्रवृत्ति होती है कि और चाहिए कि हमारे पास अगर कुछ भी चीज हो तो हम उस में संतुष्ट नहीं हो पाते हमें मन में ऐसा हमें ऐसा लगता है कि हमें और भी चीजें चाहिए कि जैसे कि अगर हमारे पास एक अच्छा मोबाइल है मान लीजिए 15000 का मोबाइल है तभी हम कई बार संतुष्ट नहीं रह पाते हम यह सोचते हैं कि हमारे पास 20000 का मोबाइल होना चाहिए किसी के पास 5000 का मोबाइल है तो यह सोचता है कि मेरे पास 10000 के मोबाइल होना चाहिए अगर किसी के पास 50000 का मोबाइल है तो वह यह सोचता है कि मेरे पास 70 हत्ती 1000 का मोबाइल होना चाहिए तो कहने का मतलब यह सिर्फ इसी वजह से होता है कि आपके पास जो चीज है उसमें संतुष्ट नहीं रहते आपको अभी भी और बिछाने का दिल करता है तो वही होता है कि जिसे हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है ऐसा ही इसलिए होता है क्योंकि आप उसे चाहते हो और उसे सर उसे ऐसा लगता है कि आपका क्या कहीं जाने वाला नहीं है वह तो हमेशा ही रहेगा तो इसलिए वह सिर्फ आपके पास से संतुष्ट नहीं रह पाता उसे और भी कुछ चाहिए होता है और ऐसा ही इसमें भी होता है कि वह जो हमें चाहता है हम उसे नहीं जानते तो हमारे साथ भी यही चीज है कि जो बंदा जो हमें चाहता है उसका प्यार तो हमारे लिए कहीं बातें नहीं जा रहा तो इसलिए हम उससे संतुष्ट नहीं हो पाते और और पाने की कोशिश करते हैं आशा करता हूं आपको मेरा यह जवाब पसंद आया होगा इसी प्रकार मुझसे और सवालों के जवाब पाने के लिए मुझे सब टाइप करें धन्यवाद
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