#खेल कूद

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:54
हेलो जी बात तो आज आप का सवाल है कि हमारे देश में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य उनके क्षेत्र में बनाने से क्या है कि जाते हैं तो देखिए क्या होता है कि जॉब हो या फिर कैरियर हो या फिर भविष्य को लेकर वह लोग ज्यादातर यह सोचते हैं कि जिस चीज में आसानी हूं जल्दी से पैसा कमाया जा सके इतना कुछ खर्च भी ना हो और सबसे अच्छा भी वह लोग तारीफ भी करें इतना मतलब जो चीज हम इतना आईडिया नहीं हो उस लाइन में जाना और सोचने के बारे में थोड़ा इसके बहुत सारे लोगों का शौक हो जा एक्टिंग में जाना स्पोर्ट्स में जाना लेकिन हम न्यूज़ वगैरह देखते हैं कि नहीं वहां पर ऐसा होता है वैसा होता है तो वह सारे लोग सरवाइव नहीं कर पाते हैं स्ट्रेस डिप्रेशन में चले जाते हैं बहुत सारे लोगों को वह भी नहीं मिल पाता है वहां पर जाकर बहुत मेहनत करना पड़ता है सालों साल लग जाता तब तक एक छोटा सा सिम मिलता है तू अगर कोई बच्चा फिर अपने पैरंट्स को आकर ऐसे समय पर बोलता है कि उसे एक्टिंग में जाना है तो किसी के भी पेरेंट्स से बात नहीं मानते क्योंकि वह सोचते हैं कि जब इतना कुछ होता है इतना प्रॉब्लम होता है तो वह कैसे सरवाइव कर पाएगा तो टेंशन लेते तो सोचते कि जॉब अगर नौकरी हो सर्टिफिकेट हो तो कोई भी इंसान बन जा कर आराम से एक सर्टिफिकेट दिखाना है जॉब करना है अच्छे खासे पैसे मिलेंगे यह ईजी प्रोसेस भी होता है ज्यादा कुछ प्रॉब्लम भी नहीं होता तो इसलिए ही लोग मतलब और करियर को लेकर इतना नहीं सोचते हैं या फिर नहीं जाने के बारे में सोचते हैं कि हर एक जगह पता नहीं कितना समय तक आपको स्ट्रगल करना पड़े कब तक करना पड़ेगा कब आपको मतलब मतलब अच्छी टीम में खिलाया जाएगा खिलाया जाएगा या फिर क्या से क्या हो रहा है इतना किसी को कुछ आईडिया नहीं होता जिस वजह से लोग जगह जाना और पेट में जाने में हिचकी चाहते हैं
Helo jee baat to aaj aap ka savaal hai ki hamaare desh mein abhibhaavak apane bachchon ka bhavishy unake kshetr mein banaane se kya hai ki jaate hain to dekhie kya hota hai ki job ho ya phir kairiyar ho ya phir bhavishy ko lekar vah log jyaadaatar yah sochate hain ki jis cheej mein aasaanee hoon jaldee se paisa kamaaya ja sake itana kuchh kharch bhee na ho aur sabase achchha bhee vah log taareeph bhee karen itana matalab jo cheej ham itana aaeediya nahin ho us lain mein jaana aur sochane ke baare mein thoda isake bahut saare logon ka shauk ho ja ekting mein jaana sports mein jaana lekin ham nyooz vagairah dekhate hain ki nahin vahaan par aisa hota hai vaisa hota hai to vah saare log saravaiv nahin kar paate hain stres dipreshan mein chale jaate hain bahut saare logon ko vah bhee nahin mil paata hai vahaan par jaakar bahut mehanat karana padata hai saalon saal lag jaata tab tak ek chhota sa sim milata hai too agar koee bachcha phir apane pairants ko aakar aise samay par bolata hai ki use ekting mein jaana hai to kisee ke bhee perents se baat nahin maanate kyonki vah sochate hain ki jab itana kuchh hota hai itana problam hota hai to vah kaise saravaiv kar paega to tenshan lete to sochate ki job agar naukaree ho sartiphiket ho to koee bhee insaan ban ja kar aaraam se ek sartiphiket dikhaana hai job karana hai achchhe khaase paise milenge yah eejee proses bhee hota hai jyaada kuchh problam bhee nahin hota to isalie hee log matalab aur kariyar ko lekar itana nahin sochate hain ya phir nahin jaane ke baare mein sochate hain ki har ek jagah pata nahin kitana samay tak aapako stragal karana pade kab tak karana padega kab aapako matalab matalab achchhee teem mein khilaaya jaega khilaaya jaega ya phir kya se kya ho raha hai itana kisee ko kuchh aaeediya nahin hota jis vajah se log jagah jaana aur pet mein jaane mein hichakee chaahate hain

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pooja Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:39
कार आपका प्रश्न हमारे देश में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य खेल के क्षेत्र में बनाने से क्यों हित चाहते हैं कि मैं आपकी बात से सहमत नहीं हूं क्यों क्योंकि मेरे खुद के घर में मेरे में मेरा खुद का भाई उसने भी अपना खेल के क्षेत्र में ही भविष्य बनाया है मैं कहूंगी बल्कि बना रहा है और मेरी बहन मेरे मेरी कसम है वह भी खेल के क्षेत्र में ही अपना भविष्य बना रही है तो मेरे घर में ऐसा नहीं है कि और जो है खेल के क्षेत्र में भविष्य बनाने से हिचकी चाहता है कोई बस बात यह है कि आपका इंटरेस्ट है वह होना चाहिए शुक्रिया
Kaar aapaka prashn hamaare desh mein abhibhaavak apane bachchon ka bhavishy khel ke kshetr mein banaane se kyon hit chaahate hain ki main aapakee baat se sahamat nahin hoon kyon kyonki mere khud ke ghar mein mere mein mera khud ka bhaee usane bhee apana khel ke kshetr mein hee bhavishy banaaya hai main kahoongee balki bana raha hai aur meree bahan mere meree kasam hai vah bhee khel ke kshetr mein hee apana bhavishy bana rahee hai to mere ghar mein aisa nahin hai ki aur jo hai khel ke kshetr mein bhavishy banaane se hichakee chaahata hai koee bas baat yah hai ki aapaka intarest hai vah hona chaahie shukriya

Bhupesh Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Entrepreneur , Blogger, Influencer
1:01
नमस्कार दोस्तों है गुर्जरों में आपका स्वागत है आपका अपना मित्र बेशुमार मैं आशा करता हूं आप सभी से कुछ लोगे और अपना और अपने परिवार का ख्याल रखेंगे जैसे कि आपको हमारे देश में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य खेल के चित्र बनाने से आप सभी को बताएं कि किसी भी खेल में विजेता नहीं होते या तो अगर आप किसी टीम प्लेयर है तो आपकी टीम जीत सकती है अगर आप कोई सोनू खेल रहे हैं तब सोनू जी सकते हैं तो एक क्वांटिटी होती है या नहीं कुछ लोगों को यह उपलब्धि प्राप्त होती है जिसकी वजह से हमारे देश के बाप अपने बच्चों का भविष्य खेल के क्षेत्र में बनाने में ही चाहते हैं क्योंकि आपको पता ही हर क्षेत्र में कंपटीशन है और खेल तो एक कंपटीशन में ही बेसिस है इसकी जो सारी रैंकिंग आती है बस यही कारण है कि हर किसी को डर रहता है कि मेरा बच्चा आगे जाकर इस कंपटीशन को पेश कर पाएगा या नहीं कर पाएगा और बच पाएगा या नहीं जीत पाएगा
Namaskaar doston hai gurjaron mein aapaka svaagat hai aapaka apana mitr beshumaar main aasha karata hoon aap sabhee se kuchh loge aur apana aur apane parivaar ka khyaal rakhenge jaise ki aapako hamaare desh mein abhibhaavak apane bachchon ka bhavishy khel ke chitr banaane se aap sabhee ko bataen ki kisee bhee khel mein vijeta nahin hote ya to agar aap kisee teem pleyar hai to aapakee teem jeet sakatee hai agar aap koee sonoo khel rahe hain tab sonoo jee sakate hain to ek kvaantitee hotee hai ya nahin kuchh logon ko yah upalabdhi praapt hotee hai jisakee vajah se hamaare desh ke baap apane bachchon ka bhavishy khel ke kshetr mein banaane mein hee chaahate hain kyonki aapako pata hee har kshetr mein kampateeshan hai aur khel to ek kampateeshan mein hee besis hai isakee jo saaree rainking aatee hai bas yahee kaaran hai ki har kisee ko dar rahata hai ki mera bachcha aage jaakar is kampateeshan ko pesh kar paega ya nahin kar paega aur bach paega ya nahin jeet paega

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
1:16
अरे देश में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य खेल के क्षेत्र में बनाने से क्यों हित के साथ हैं दोस्तों का सवाल तो कभी प्रसिद्ध है परंतु को बता दो यदि शहरी क्षेत्र की बात की जाए भारत में तो हर मां बाप अपने बच्चों के भविष्य को लेकर के खेल के क्षेत्र उसके अंदर भी उनको भेजने की इच्छा जाहिर करता है परंतु ग्रामीण इस जगह को यदि आप किस चीज के अंदर देखते हैं तो उसके पीछे का कारण यह है कि वह चीज से डरे हुए होते हैं कि पता नहीं है खेल में आगे जा पाएगा या नहीं जा पाएगा या के पीछे रह जाएगा उनका मकसद होता है कि कल खेल में ना जा पाएगा यही कारण है कि फ्यूचर हमारे बच्चे का कैसा हो गया क्या साले उनको क्या किया जाता है खेल की तरफ भेज करके उनको पढ़ा लिखा करो सरकारी नौकरी लगभग भारत के अंदर 90% अभिभावक अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में भेजने के चुप रहते हैं
Are desh mein abhibhaavak apane bachchon ka bhavishy khel ke kshetr mein banaane se kyon hit ke saath hain doston ka savaal to kabhee prasiddh hai parantu ko bata do yadi shaharee kshetr kee baat kee jae bhaarat mein to har maan baap apane bachchon ke bhavishy ko lekar ke khel ke kshetr usake andar bhee unako bhejane kee ichchha jaahir karata hai parantu graameen is jagah ko yadi aap kis cheej ke andar dekhate hain to usake peechhe ka kaaran yah hai ki vah cheej se dare hue hote hain ki pata nahin hai khel mein aage ja paega ya nahin ja paega ya ke peechhe rah jaega unaka makasad hota hai ki kal khel mein na ja paega yahee kaaran hai ki phyoochar hamaare bachche ka kaisa ho gaya kya saale unako kya kiya jaata hai khel kee taraph bhej karake unako padha likha karo sarakaaree naukaree lagabhag bhaarat ke andar 90% abhibhaavak apane bachchon ko khel ke kshetr mein bhejane ke chup rahate hain

Maayank Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Maayank जी का जवाब
College Student
1:59
नमस्कार सोता हूं तू कई सारे ऐसे पेरेंट्स है जो नहीं चाहते कि उनका बच्चा खेल के क्षेत्र में आम ज्यादा टाइम स्पेंड करें क्योंकि जो खेल है वह थोड़ा रिस्की होता है जैसे अगर कोई बच्चा क्रिकेट खेलने जा रहा है और क्रिकेट में उसने काफी ज्यादा समय स्पेंड कि आप पढ़ाई में ज्यादा टेंशन नहीं किया तू बाई चांस ऐसा कुछ हो गया जिसमें वह क्रिकेट ना बन पाए ज्यादा अच्छा या रणजी ट्रॉफी पीना पहुंच पाया बहुत ऐसे लेवल पर उसकी इनकम बिना पैसे ही से क्रिकेट की तरफ से तो ऐसे में एक तो सकरकेट गया यानी जिस पर उसके पेरेंट्स भरोसा कर रहे थे वह भरोसा कर रहा था कि आगे जाकर इसमें फ्यूचर हो जाएगा मेरा निकल जाएगा समय क्रिकेट बचा और ना पढ़ाई बचे क्योंकि उसका सारा समय क्रिकेट खेलने में निकल गया तो काफी रिस्की होता है पढ़ाई की बात करें अगर कोई पड़ता है तो एक नौकरी नहीं तो नौकरी मिल जाएगी लेकिन कहीं ना कहीं नौकरी मिल जाएगी किसी भी करते हैं तो कंप्यूटिंग कर लिया इंजीनियरिंग कर ली कहीं ना कहीं आपकी नौकरी लग जाएगी काफी सारे ऑप्शन सोते हैं लेकिन अगर आपको खेल में जा रहे हैं किसी पॉलिटिकल खेल में जाने क्रिकेट फुटबॉल टेबल टेनिस तो आपके पास केवल एक ऑप्शन है कि आपको टेबल टेनिस खेलना पड़ेगा और अच्छा बनना पड़ेगा और बाई चांस अगर आपके बॉडी में कुछ ऐसा चीज हो गई जिस एक्सीडेंट हो गया या कुछ हो गया जैसे आफ टेबल टेनिस खेलने लेकिन आपके हाथ में कुछ हो गया बाय चांस एक्सीडेंट ली तो फिर आपका वह खेल खराब हो जाएगा तो मोटे तौर पर यह की काफी रिस्की होता है लेकिन जितना समझाता रेट क्या है उतना ही ज्यादा इसमें अगेन भी है आप आपको पैसे तो मिलते ही हम बहुत अच्छे वैल्यू में बहुत ज्यादा पैसे मिलते हैं आपको साथ प्रॉपर्टी मिलती आपको रिस्पेक्ट मिलती आपके पैरेंट्स को रिस्पेक्ट मिलती है तो इस रिस्की है लेकिन वह है धन्यवाद
Namaskaar sota hoon too kaee saare aise perents hai jo nahin chaahate ki unaka bachcha khel ke kshetr mein aam jyaada taim spend karen kyonki jo khel hai vah thoda riskee hota hai jaise agar koee bachcha kriket khelane ja raha hai aur kriket mein usane kaaphee jyaada samay spend ki aap padhaee mein jyaada tenshan nahin kiya too baee chaans aisa kuchh ho gaya jisamen vah kriket na ban pae jyaada achchha ya ranajee trophee peena pahunch paaya bahut aise leval par usakee inakam bina paise hee se kriket kee taraph se to aise mein ek to sakaraket gaya yaanee jis par usake perents bharosa kar rahe the vah bharosa kar raha tha ki aage jaakar isamen phyoochar ho jaega mera nikal jaega samay kriket bacha aur na padhaee bache kyonki usaka saara samay kriket khelane mein nikal gaya to kaaphee riskee hota hai padhaee kee baat karen agar koee padata hai to ek naukaree nahin to naukaree mil jaegee lekin kaheen na kaheen naukaree mil jaegee kisee bhee karate hain to kampyooting kar liya injeeniyaring kar lee kaheen na kaheen aapakee naukaree lag jaegee kaaphee saare opshan sote hain lekin agar aapako khel mein ja rahe hain kisee politikal khel mein jaane kriket phutabol tebal tenis to aapake paas keval ek opshan hai ki aapako tebal tenis khelana padega aur achchha banana padega aur baee chaans agar aapake bodee mein kuchh aisa cheej ho gaee jis ekseedent ho gaya ya kuchh ho gaya jaise aaph tebal tenis khelane lekin aapake haath mein kuchh ho gaya baay chaans ekseedent lee to phir aapaka vah khel kharaab ho jaega to mote taur par yah kee kaaphee riskee hota hai lekin jitana samajhaata ret kya hai utana hee jyaada isamen agen bhee hai aap aapako paise to milate hee ham bahut achchhe vailyoo mein bahut jyaada paise milate hain aapako saath propartee milatee aapako rispekt milatee aapake pairents ko rispekt milatee hai to is riskee hai lekin vah hai dhanyavaad

Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Deven जी का जवाब
Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
2:27
हमारे देश में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य खेल के क्षेत्र में बनाने से क्यों हिचकी चाहते हैं खेल के क्षेत्र में भविष्य बनाना जैसे बहुत सारे डेवलप्ड सिटीज में आम बात है आप ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया ने यूरोप में चाइना में अमेरिका यहां चाहिए गा तो मोस्ट ऑफ द बहुत सारे करो के अंदर में उन्होंने अपने बच्चों को किसी न किसी खेल से जुड़ा हुआ रखा है लेकिन मुझे बच्चे को अभी किस खेल से जुड़ा हुआ रखना है तो मैं रास्ता खो खेल का इंफ्रास्ट्रक्चर होना बहुत ज्यादा जरूरी है और ना ही इन्फ्राट्रक्चर ही नहीं उसमें और संधि हो 9 को ऑपरेट करने के लिए बहुत कम होती है और हमारे को पुलिस ने बहुत ज्यादा तो हर एक लड़का उसे सक्सेसफुल नहीं हुआ तो करेगा अपना करें और उसमें बनाएगा और धीरे-धीरे क्या हो जाएगा जो डिमांड है सांसारिक डिमांड हो उसको वह कर एजुकेशन पैसा कमाने के पीछे लग जाएगा तो आप आ रहे तो सब लोग करने देंगे लेकिन यह रियालिटी नहीं है इंडिया में अभी फिलहाल तो अभी क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है और इनसे बहुत कम बना हुआ है और उस लेवल पर हमने इतना भी देना शुरू किया कि मैं 11 अपने स्टेट लेवल पर डिस्टिक लेवल पर खेलकर मेरा रोज पैसा निकाल पाऊं और मैं अपनी जिंदगी भी चलाता है और मेरा इसके ऊपर मत यह भी है कि एजुकेशन और सब को ले लेकिन खेल खेले हंड्रेड परसेंट खेल खेलना जरूरी कारण है कि खेलते एक पॉजिटिव भावना तैयार होती हमारे इधर एक विनिंग एटीट्यूट तैयार होता है जिसको स्पोर्ट्समैन एटीट्यूट बोलते हैं कि जिसके अंदर आप जिसके तो बहुत अच्छा जीत से नहीं कोट पेंट कभी दुखी नहीं होता है एक प्रतियोगिता हारने का दुख होता जाता है आदत में हार हार के नजर से नहीं देखता है वह जिंदगी में पोस्टमैन शिफ्ट डिवेलप होती है तो जिंदगी भर खेलते रहना चाहिए किस ने किस खेल से जुड़ा होना चाहिए उसका बहुत बड़ा फायदा है लेकिन खेल से जुड़े रहना बहुत ज्यादा आवश्यक है
Hamaare desh mein abhibhaavak apane bachchon ka bhavishy khel ke kshetr mein banaane se kyon hichakee chaahate hain khel ke kshetr mein bhavishy banaana jaise bahut saare devalapd siteej mein aam baat hai aap ostreliya ostreliya ne yoorop mein chaina mein amerika yahaan chaahie ga to most oph da bahut saare karo ke andar mein unhonne apane bachchon ko kisee na kisee khel se juda hua rakha hai lekin mujhe bachche ko abhee kis khel se juda hua rakhana hai to main raasta kho khel ka imphraastrakchar hona bahut jyaada jarooree hai aur na hee inphraatrakchar hee nahin usamen aur sandhi ho 9 ko oparet karane ke lie bahut kam hotee hai aur hamaare ko pulis ne bahut jyaada to har ek ladaka use saksesaphul nahin hua to karega apana karen aur usamen banaega aur dheere-dheere kya ho jaega jo dimaand hai saansaarik dimaand ho usako vah kar ejukeshan paisa kamaane ke peechhe lag jaega to aap aa rahe to sab log karane denge lekin yah riyaalitee nahin hai indiya mein abhee philahaal to abhee kyonki imphraastrakchar kee kamee hai aur inase bahut kam bana hua hai aur us leval par hamane itana bhee dena shuroo kiya ki main 11 apane stet leval par distik leval par khelakar mera roj paisa nikaal paoon aur main apanee jindagee bhee chalaata hai aur mera isake oopar mat yah bhee hai ki ejukeshan aur sab ko le lekin khel khele handred parasent khel khelana jarooree kaaran hai ki khelate ek pojitiv bhaavana taiyaar hotee hamaare idhar ek vining eteetyoot taiyaar hota hai jisako sportsamain eteetyoot bolate hain ki jisake andar aap jisake to bahut achchha jeet se nahin kot pent kabhee dukhee nahin hota hai ek pratiyogita haarane ka dukh hota jaata hai aadat mein haar haar ke najar se nahin dekhata hai vah jindagee mein postamain shipht divelap hotee hai to jindagee bhar khelate rahana chaahie kis ne kis khel se juda hona chaahie usaka bahut bada phaayada hai lekin khel se jude rahana bahut jyaada aavashyak hai

Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
6:58
हमारे देश में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य खेल के क्षेत्र में वाराणसी हमारे देश की जनसंख्या बहुत बड़ी है आपसे मिलने के बाद पूरा के पूरा सत्ताधारी होने विदेशी कर्जा लेना मुझे कुछ काम करना और बाकी सब परेशान होता ना अपना और उस उस कार्य को जनता ने वापस करना जनता के पैसों से अब तक की सारी राजनीति चुनाव केंद्रित राजनीति और भटकाने वाला मीडिया तब तक गुड़गांव के हाथों में है यह सब देखकर किसी भी अभिभावक कोई गारंटी नहीं हो सकती हो सकती उसका बच्चा के भविष्य में फिल्में जाकर कूपन पाएगा तुमने तो हर बेटी के लिए आवश्यक है उसे उसमें से पैसा मिलने की गारंटी हो जैसे कुछ साल पहले सरकारी नौकरी में रिजर्वेशन हुआ करता करता था तो मेरा रिजर्वेशन में यह जो केटेगरी sc-st ज्यादा करके उम्मीद गारंटी थी कि हम अगर 27 वी या दसवीं तक उड़ी जाए हमें कम से कम सिपाही की नौकरी तो मिल सकती है तब उस वक्त की मां भी ऐसी कोई ऐसा कहती थी कि मैं ढूंढे विनय पांडे के काम करूंगी लेकिन मेरे बच्चों को पढ़ा होगी क्योंकि पढ़ने के बाद हम को नौकरी मिलने की गारंटी और नौकरी मिलने के बाद हमको पैसा मिलने के लिए एंटी अब वह गारंटी नहीं रही है तो दसवीं पास या ना पास हो जाता है तो अब यह की मां उनकी मां और बाप भी कहने लगी किसी कंपनी में जा और काम को लोग पैसा कमाना शुरू कर दे उसका कोई उपयोग नहीं तो ऐसे समझ परिवर्तन होते हैं आर्थिक परिवर्तन होते हैं खेल में बहुत सारे उपलब्धता और एसिडिटी से लेकिन सरकार गंभीरता से नहीं लेते हैं ओलंपिक में भारत की शर्मनाक हार होती है और वही दिखाता है कि इस देश की तरह संस्कृति का हल की हालत क्या है एक ही खेल क्रिकेट जैसा उसको इतना सब कुछ लिया है और मीडिया ने नहीं दिया उस सरकर मूवी कि लोग हैं अपनी असली समस्या क्रिकेट मैदान में विजय प्राप्त होता है तो अपने सारे दुख भूल जाते हैं और भारत के बीच ऐसा मनाते एक और चीज तपेश्वर उनको हाथ में लगी जैसे धर्मापुर की अफीम की गोली कैसे वर्गों के लिए जो पीड़ित शोषित श्रमिक किसान और महिला वर्ग अपने दुखों से दुकान के बारे में सोचने से रुक कर धर्मा और आत्मा और परमात्मा और पुनर्जन्म और आत्मा को मोक्ष दिव्या भगवान ईश्वर इसमें अपनी समस्याओं का समाधान करने लगे और आज भी ढूंढते तो एक हत्यार हुआ यार बहुत पुराना चल रहे क्रिकेट ने साफ कर दिया कि भारत में आया और उसका इस्तेमाल इस देश के सत्ताधारी ना करेंगे तो आज आश्चर्य लगेगा विश्व कप क्रिकेट और बाकी बाकी जो खेल है उनके बारे में बताया तक नहीं जाता इसको प्रसिद्धि जब तक नहीं दी जाती है बाकी के दिल्ली जट्ट केवल के प्रति वाला चली खिलाड़ी चाहिए उन्होंने क्रिकेट का नाम लेते ही है गाड़ी ली थी क्योंकि उनका खेल रहे हो उनको वह तो नहीं आ गया और वह तो जल्दी लीवर के फ्रेंड से पैसा हो रहा है
Hamaare desh mein abhibhaavak apane bachchon ka bhavishy khel ke kshetr mein vaaraanasee hamaare desh kee janasankhya bahut badee hai aapase milane ke baad poora ke poora sattaadhaaree hone videshee karja lena mujhe kuchh kaam karana aur baakee sab pareshaan hota na apana aur us us kaary ko janata ne vaapas karana janata ke paison se ab tak kee saaree raajaneeti chunaav kendrit raajaneeti aur bhatakaane vaala meediya tab tak gudagaanv ke haathon mein hai yah sab dekhakar kisee bhee abhibhaavak koee gaarantee nahin ho sakatee ho sakatee usaka bachcha ke bhavishy mein philmen jaakar koopan paega tumane to har betee ke lie aavashyak hai use usamen se paisa milane kee gaarantee ho jaise kuchh saal pahale sarakaaree naukaree mein rijarveshan hua karata karata tha to mera rijarveshan mein yah jo ketegaree sch-st jyaada karake ummeed gaarantee thee ki ham agar 27 vee ya dasaveen tak udee jae hamen kam se kam sipaahee kee naukaree to mil sakatee hai tab us vakt kee maan bhee aisee koee aisa kahatee thee ki main dhoondhe vinay paande ke kaam karoongee lekin mere bachchon ko padha hogee kyonki padhane ke baad ham ko naukaree milane kee gaarantee aur naukaree milane ke baad hamako paisa milane ke lie entee ab vah gaarantee nahin rahee hai to dasaveen paas ya na paas ho jaata hai to ab yah kee maan unakee maan aur baap bhee kahane lagee kisee kampanee mein ja aur kaam ko log paisa kamaana shuroo kar de usaka koee upayog nahin to aise samajh parivartan hote hain aarthik parivartan hote hain khel mein bahut saare upalabdhata aur esiditee se lekin sarakaar gambheerata se nahin lete hain olampik mein bhaarat kee sharmanaak haar hotee hai aur vahee dikhaata hai ki is desh kee tarah sanskrti ka hal kee haalat kya hai ek hee khel kriket jaisa usako itana sab kuchh liya hai aur meediya ne nahin diya us sarakar moovee ki log hain apanee asalee samasya kriket maidaan mein vijay praapt hota hai to apane saare dukh bhool jaate hain aur bhaarat ke beech aisa manaate ek aur cheej tapeshvar unako haath mein lagee jaise dharmaapur kee apheem kee golee kaise vargon ke lie jo peedit shoshit shramik kisaan aur mahila varg apane dukhon se dukaan ke baare mein sochane se ruk kar dharma aur aatma aur paramaatma aur punarjanm aur aatma ko moksh divya bhagavaan eeshvar isamen apanee samasyaon ka samaadhaan karane lage aur aaj bhee dhoondhate to ek hatyaar hua yaar bahut puraana chal rahe kriket ne saaph kar diya ki bhaarat mein aaya aur usaka istemaal is desh ke sattaadhaaree na karenge to aaj aashchary lagega vishv kap kriket aur baakee baakee jo khel hai unake baare mein bataaya tak nahin jaata isako prasiddhi jab tak nahin dee jaatee hai baakee ke dillee jatt keval ke prati vaala chalee khilaadee chaahie unhonne kriket ka naam lete hee hai gaadee lee thee kyonki unaka khel rahe ho unako vah to nahin aa gaya aur vah to jaldee leevar ke phrend se paisa ho raha hai

Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Ashish जी का जवाब
Yoga Instructor
0:43
देखिए केवल एक ही वजह है कि जो इसकी जाने की कि उसमें ग्रुप जो होती है वह दिखाई नहीं देती क्योंकि विश्व स्तर पर जो लोग होते हैं जो देश होते हैं वह अपने हर खिलाड़ी को प्रसारित कर दी खिलाड़ी एकमात्र होता है जो अपना जो मेन टाइम है जल्दी का जवानी जिसे कहते हैं वह देता है देश के लिए अपने राज्य के लिए सबके लिए और उसके बाद जब गवर्नमेंट सपोर्ट नहीं करें कोई से सपोर्ट नहीं करेगा तो उसने मेंटेन जब कमाने का था वह तो अपना एक स्पोर्ट्स में दे दिया शुरू से लेकर अब तक का और फिर उसको जब छोड़ दिया जाता है तब दिक्कत होती है तो सेम कंडीशन होती है इसलिए सब लोग हिचकी चाहते हैं कि क्या अगर सक्सेसफुल नहीं हुए तो क्या हुआ
Dekhie keval ek hee vajah hai ki jo isakee jaane kee ki usamen grup jo hotee hai vah dikhaee nahin detee kyonki vishv star par jo log hote hain jo desh hote hain vah apane har khilaadee ko prasaarit kar dee khilaadee ekamaatr hota hai jo apana jo men taim hai jaldee ka javaanee jise kahate hain vah deta hai desh ke lie apane raajy ke lie sabake lie aur usake baad jab gavarnament saport nahin karen koee se saport nahin karega to usane menten jab kamaane ka tha vah to apana ek sports mein de diya shuroo se lekar ab tak ka aur phir usako jab chhod diya jaata hai tab dikkat hotee hai to sem kandeeshan hotee hai isalie sab log hichakee chaahate hain ki kya agar saksesaphul nahin hue to kya hua

umashankar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए umashankar जी का जवाब
Farmer
1:11
हमारे देश में अभिभावक अपने बच्चों को भाभी के खेल के चित्र बनाने से चूक जाते हैं सवाल है आपका बता दो कि यहां की सरकार अपने खेतों पर ध्यान नहीं देती तो यहां के लोग कैसे खेल में रुचि लेंगे और उसमें आगे बढ़ेंगे जो खेलने में रुचि लेता भी है खेलने में अच्छा भी है उस पर भी सरकार ने ध्यान देते यहां पर भाई भतीजावाद ज्यादा चलता है रिश्तेदारी ज्यादा चलती है यह खेल को अहमियत नहीं दिया जाता यहां क्यों पैसों को हमें दे जाता है भाई भतीजावाद को हरा दिया जाता है जो भी अच्छा खिलाड़ी रहता है वह बिचारा पीछे रह जाता है और किसी के पास हो तो बात करते या तो किसी भी खिलाड़ी का भाई भतीजा हो जिसके कारण वह आगे निकल जाता है और जब बढ़िया खिलाड़ी कुछ रह जाता है तो कौन सा विवाह के समय बच्चों को राय देना कि वह खेल में आकर निकले जब उनका वहां तक पहुंचना नामुमकिन है
Hamaare desh mein abhibhaavak apane bachchon ko bhaabhee ke khel ke chitr banaane se chook jaate hain savaal hai aapaka bata do ki yahaan kee sarakaar apane kheton par dhyaan nahin detee to yahaan ke log kaise khel mein ruchi lenge aur usamen aage badhenge jo khelane mein ruchi leta bhee hai khelane mein achchha bhee hai us par bhee sarakaar ne dhyaan dete yahaan par bhaee bhateejaavaad jyaada chalata hai rishtedaaree jyaada chalatee hai yah khel ko ahamiyat nahin diya jaata yahaan kyon paison ko hamen de jaata hai bhaee bhateejaavaad ko hara diya jaata hai jo bhee achchha khilaadee rahata hai vah bichaara peechhe rah jaata hai aur kisee ke paas ho to baat karate ya to kisee bhee khilaadee ka bhaee bhateeja ho jisake kaaran vah aage nikal jaata hai aur jab badhiya khilaadee kuchh rah jaata hai to kaun sa vivaah ke samay bachchon ko raay dena ki vah khel mein aakar nikale jab unaka vahaan tak pahunchana naamumakin hai

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
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भारतीय बाप अपने बच्चों का भविष्य खेल में इसलिए बनाने से बताएं इसके चाहते हैं उसका कारण है आप देखते हैं कि क्रिकेट की टीम इंडियन क्रिकेट की टीम में 15 खिलाड़ी सेलेक्ट यादें पूरे देश से उस दिन 15 खिलाड़ियों में भी राजनीति के प्रवचन का खर्चीला पन और विभिन्न प्रकार की जय जुगाड़ से ही उन खिलाड़ियों का संरक्षण होता है तो पूरे देश में अब जहां एक तरफ 36 करोड़ की जनसंख्या हो वहां पर 15 गाड़ी 15 का ही कमा पाएंगे बाकी सभी वैसे रह जाएंगे ठीक है इसकी सब जगह है इसके इसके कारण से अभिभावक समझते हैं
Bhaarateey baap apane bachchon ka bhavishy khel mein isalie banaane se bataen isake chaahate hain usaka kaaran hai aap dekhate hain ki kriket kee teem indiyan kriket kee teem mein 15 khilaadee selekt yaaden poore desh se us din 15 khilaadiyon mein bhee raajaneeti ke pravachan ka kharcheela pan aur vibhinn prakaar kee jay jugaad se hee un khilaadiyon ka sanrakshan hota hai to poore desh mein ab jahaan ek taraph 36 karod kee janasankhya ho vahaan par 15 gaadee 15 ka hee kama paenge baakee sabhee vaise rah jaenge theek hai isakee sab jagah hai isake isake kaaran se abhibhaavak samajhate hain

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  • अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य खेल के क्षेत्र में बनाने से क्यों हिचकिचाते, खेल के क्षेत्र में भविष्य
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