#भारत की राजनीति

Manju Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Manju जी का जवाब
Unknown
3:35
नमस्कार महिला होने के नाते मैं आपका प्रश्न का जवाब देना सही समझती हूं तो दिल से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर महिलाओं के मन में कोई ऐसा सोचता होगा कि बलात्कार की क्यों होता है बलात्कार आखिर होता है क्यों होता है अच्छे नहीं होते हैं इंसान ऐसे होते हैं जो विकृत मानसिकता के होते हैं तो ऐसे मानसिकता वाले इंसान जो है अपने हवस पूरा करने का यह तरीका है उन्हें समझ में आता है तो महिलाओं को पिया जी के कुछ लोगों को बड़ी खुशी मिलती है एक संतुष्टि मिलती है तो यह आपका प्रश्न का जवाब है तुझे क्या फांसी की सजा देता है बलात्कार होते हैं उन्हें फांसी की सजा दी जाए तो क्या यह वाकई रोचक बातें क्या बाकी कभी ऐसा होगा एकदम बंद हो जाएगा तो ऐसा बिल्कुल नहीं है तो कारण है जो बताओ परवरिश होती है बच्चों से जफर छोटी उम्र में जो परवरिश होती है जहां संस्कार दिए जाने चाहिए वह संस्कार नहीं मिले होते हैं तो उनका ज्यादातर बच्चे की बलात्कारी बनते हैं विकृत मानसिकता पैदा होती है तो दूसरी बात बुरी नजर आती है कि जहां बेरोजगारी बढ़ रही है तो लोगों के पास काम धंधा नहीं है कल भी तो कुछ नहीं है बेकार के लिए कौन सा एप्स है जो अपने आप को तेज करते हैं जहां महिला देखें वहां पर पड़ते हैं तो देखें एंप्लॉयमेंट मतलब बेरोजगारी है इस कारण जो मुझे नजर आता है और काम करके भी संतुष्ट नहीं हो जाता है जहां गुस्सा आना बहुत ज्यादा जिम्मेदारी हो और मैं से कम हो तो ऐसे में बहुत सारी तंगी भी हो सके तो इस तरह के जोक सजेशन माइंड में मन में आ जाता है तो उसको निकालने का तरीका ढूंढ निकाला है कि जहां औरतों के साथ ऐसी हरकत करके उन्हें लगता है कि कुछ पल के लिए सुकून कर पाएंगे पर होता नहीं है तो यह सब लोगों की मेंटालिटी पर निर्भर करता है कोशिश करेंगे आने वाली पीढ़ी है उन्हें अच्छे संस्कार दे वेकेशन में पढ़ाई लिखाई अच्छा कराएं और जब देश में हर किसी के पास जब काम करने को काम हो इतने व्यस्त हो जाएंगे तो ऐसी जो मेंटालिटी है यह सब नहीं आएगा मुझे लगता है कि यह आप लोगों के सामने रखना चाहती हूं इसके लिए सख्त कानून क्यों ना हो एकदम बंद होना मुश्किल है इस बारे में क्या राय है जरूर बताइएगा
Namaskaar mahila hone ke naate main aapaka prashn ka javaab dena sahee samajhatee hoon to dil se mahilaon kee suraksha ko lekar mahilaon ke man mein koee aisa sochata hoga ki balaatkaar kee kyon hota hai balaatkaar aakhir hota hai kyon hota hai achchhe nahin hote hain insaan aise hote hain jo vikrt maanasikata ke hote hain to aise maanasikata vaale insaan jo hai apane havas poora karane ka yah tareeka hai unhen samajh mein aata hai to mahilaon ko piya jee ke kuchh logon ko badee khushee milatee hai ek santushti milatee hai to yah aapaka prashn ka javaab hai tujhe kya phaansee kee saja deta hai balaatkaar hote hain unhen phaansee kee saja dee jae to kya yah vaakee rochak baaten kya baakee kabhee aisa hoga ekadam band ho jaega to aisa bilkul nahin hai to kaaran hai jo batao paravarish hotee hai bachchon se japhar chhotee umr mein jo paravarish hotee hai jahaan sanskaar die jaane chaahie vah sanskaar nahin mile hote hain to unaka jyaadaatar bachche kee balaatkaaree banate hain vikrt maanasikata paida hotee hai to doosaree baat buree najar aatee hai ki jahaan berojagaaree badh rahee hai to logon ke paas kaam dhandha nahin hai kal bhee to kuchh nahin hai bekaar ke lie kaun sa eps hai jo apane aap ko tej karate hain jahaan mahila dekhen vahaan par padate hain to dekhen employament matalab berojagaaree hai is kaaran jo mujhe najar aata hai aur kaam karake bhee santusht nahin ho jaata hai jahaan gussa aana bahut jyaada jimmedaaree ho aur main se kam ho to aise mein bahut saaree tangee bhee ho sake to is tarah ke jok sajeshan maind mein man mein aa jaata hai to usako nikaalane ka tareeka dhoondh nikaala hai ki jahaan auraton ke saath aisee harakat karake unhen lagata hai ki kuchh pal ke lie sukoon kar paenge par hota nahin hai to yah sab logon kee mentaalitee par nirbhar karata hai koshish karenge aane vaalee peedhee hai unhen achchhe sanskaar de vekeshan mein padhaee likhaee achchha karaen aur jab desh mein har kisee ke paas jab kaam karane ko kaam ho itane vyast ho jaenge to aisee jo mentaalitee hai yah sab nahin aaega mujhe lagata hai ki yah aap logon ke saamane rakhana chaahatee hoon isake lie sakht kaanoon kyon na ho ekadam band hona mushkil hai is baare mein kya raay hai jaroor bataiega

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Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Yoga Instructor
0:29
देख एक बात से मैं बिल्कुल सहमत हूं आपकी से कि बिल्कुल बंद हो जाएंगे मेरे हिसाब से परंतु वह समय जो है वह 6 महीने का होना चाहिए मैक्स में 3 या 6 महीने अगर 306 महीने के अंदर किसी भी परेशानी का हल हो रहा है किसी भी जो लोग हैं जो ऐसे गलत काम कर रहे हैं 3 से 6 महीने के अंदर ही अगर मुझे मालूम पड़ गई कि हम अब मैंने कराएगा मोती हमसे 6 महीने के अंदर में जो फांसी हो जाएगी तो फिर बहुत हद तक कमी आएगी
Dekh ek baat se main bilkul sahamat hoon aapakee se ki bilkul band ho jaenge mere hisaab se parantu vah samay jo hai vah 6 maheene ka hona chaahie maiks mein 3 ya 6 maheene agar 306 maheene ke andar kisee bhee pareshaanee ka hal ho raha hai kisee bhee jo log hain jo aise galat kaam kar rahe hain 3 se 6 maheene ke andar hee agar mujhe maaloom pad gaee ki ham ab mainne karaega motee hamase 6 maheene ke andar mein jo phaansee ho jaegee to phir bahut had tak kamee aaegee

Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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As School administration & Principal
4:33
सिख महिला होने के नाते यह सवाल मुझे अक्सर परेशान करता है कि बलात्कार क्यों होता है इसका कोई तो कारण होगा कहां से आते हैं यह लोग और ऐसे लोगों के लिए सच ही आपके इधर से मैं बहुत अच्छी तरह से महसूस कर सभ्य समाज में इस तरह की जब घटनाएं होती है कि निश्चित तौर पर वह पूरा का पूरा जल छोड़ देता और मैं कभी कभी इस बात की बात से बिल्कुल सहमत हूं मैं मासूम बच्चियों को देखता हूं महिलाओं का दिखता हूं हंसते खेलते चेहरे जब देखते हैं और जब राक्षस आ जाते हैं और उनके साथ दरिंदगी करते हैं साथ-साथ उनकी हत्याएं कर देते हैं और निश्चित जब हमारे कानून के रखवाले लोग वहां उनके पास जाते हैं और वह लोग भी उन्हीं का सपोर्ट ले करके करने लगते हैं उसमें सौदेबाजी करने लगते हैं तब दिल हो टूट जाता है लगता है कि मानो का वह विकृत स्वरूप आ गया है जहां से वह राक्षसी प्रवृत्ति आ गई कई कई बार ऐसी घटनाएं हुई है छत्तीसगढ़ की घटना हमने देखा था की लड़की के साथ बलात्कार होता है और उसको उसको रफा-दफा करने के लिए जो थानेदार है उस पर से पैसा ले लेता है और किस को कम करके अलग कर देता बाद में मीडिया जाती तब बोलती क्यों ऐसा करते हैं कहीं ना कहीं हम सभी जिम्मेदार हैं अगर हम सही रूप से देखा जाए कि जो हमारी यह सोशल नेटवर्किंग है जो पोर्न साइट वहां पर है लड़की लड़कियां इस तरह की बहुत सारी घटनाएं करना शुरू कर देते हैं डायरेक्ट लाइव ही रहती है अब क्या होता है कि ही जो राक्षस घूमते हैं इनके दिमाग में ही होता है और सभी लोगों को यह समझते हैं यह सब ऐसे ही होते हैं और नतीजा है कि जब इस तरह के दरिंदगी में करते हैं तो उनको पता नहीं आप देखेंगे कि हमारे बहुत सारे यह आवारा इस तरह के लड़के हैं जो इस तरह की घटनाओं में होते हैं निश्चित तौर पर बहुत सारी नशाखोरी और दुख तो तब उस समय होता है जब भी आता है कि 90% बलात्कार नोन लोगों यानी अपने जानकार लोग होते हैं या नहीं अपना जिस पर हम विश्वास करते हैं वही करते हैं तो उस समय से उठता है कि हम किस पर विश्वास करें यह महिलाएं किसके साथ जाऊं किसके साथ खड़ी हो कहां पर है अभी बताओ की घटना हुई की एक विधवा महिला है निश्चित तौर पर पुजारी पूजा पाठ करने के लिए जाती थी उसके साथ बलात्कार अभी भी लगता है कि यह पुजारी कैसे रास्ता सो सकता है तो कहीं ना कहीं समाज में जो यह परिवर्तन हो रहा है लोगों की मानसिकता और ऐसी मानसिकता को इतनी आसानी से हैं और हम कहेंगे कि अगर हमारा प्रशासन के सही हो जाएगा इस करके जो हमारे सिविलियन सुशीला मैडम को देने वाली पुलिस है अगर यह सही हो जाइए सख्त हो जाए तो शायद ऐसी घटना ना हो लेकिन यही धंधे वाजी करते हैं यही लोग मिलकर के इस तरह के शव को दबाते हैं उसमें सौदेबाजी करते उस समय ऐसा लगता है कि पुलिस का ऐसा विकृत चेहरा देखने के बाद क्या किया जाए ऐसे लोगों को निश्चित तौर पर इसमें सरकार है कि कानून हमारे लिए बने हुए हैं हमारे पास फास्ट ट्रेक कोर्ट भी है सब कुछ है लेकिन जो भूतनी कैसे बनना चाहिए जो ग्राउंड लेवल पर रिपोर्टिंग होनी चाहिए वह नहीं हो पाती और नतीजा है कि इस तरह के लोगों के हौसले बुलंद होते यहां पर जरूरत है हमारे इन सरकारों को ग्राउंड लेवल पर हमारे उन पुलिस विभागों को या वह जो ऑफिस से सोते जाए उनकी मेडिकल करने वाले हो या और चीज में हो उनको शक तो होना पड़ेगा तभी हो सकता है और नहीं तो क्या आगे आने वाली सॉन्ग हमारी समाज और भी विकृत रूप देखने को मिलेगा
Sikh mahila hone ke naate yah savaal mujhe aksar pareshaan karata hai ki balaatkaar kyon hota hai isaka koee to kaaran hoga kahaan se aate hain yah log aur aise logon ke lie sach hee aapake idhar se main bahut achchhee tarah se mahasoos kar sabhy samaaj mein is tarah kee jab ghatanaen hotee hai ki nishchit taur par vah poora ka poora jal chhod deta aur main kabhee kabhee is baat kee baat se bilkul sahamat hoon main maasoom bachchiyon ko dekhata hoon mahilaon ka dikhata hoon hansate khelate chehare jab dekhate hain aur jab raakshas aa jaate hain aur unake saath darindagee karate hain saath-saath unakee hatyaen kar dete hain aur nishchit jab hamaare kaanoon ke rakhavaale log vahaan unake paas jaate hain aur vah log bhee unheen ka saport le karake karane lagate hain usamen saudebaajee karane lagate hain tab dil ho toot jaata hai lagata hai ki maano ka vah vikrt svaroop aa gaya hai jahaan se vah raakshasee pravrtti aa gaee kaee kaee baar aisee ghatanaen huee hai chhatteesagadh kee ghatana hamane dekha tha kee ladakee ke saath balaatkaar hota hai aur usako usako rapha-dapha karane ke lie jo thaanedaar hai us par se paisa le leta hai aur kis ko kam karake alag kar deta baad mein meediya jaatee tab bolatee kyon aisa karate hain kaheen na kaheen ham sabhee jimmedaar hain agar ham sahee roop se dekha jae ki jo hamaaree yah soshal netavarking hai jo porn sait vahaan par hai ladakee ladakiyaan is tarah kee bahut saaree ghatanaen karana shuroo kar dete hain daayarekt laiv hee rahatee hai ab kya hota hai ki hee jo raakshas ghoomate hain inake dimaag mein hee hota hai aur sabhee logon ko yah samajhate hain yah sab aise hee hote hain aur nateeja hai ki jab is tarah ke darindagee mein karate hain to unako pata nahin aap dekhenge ki hamaare bahut saare yah aavaara is tarah ke ladake hain jo is tarah kee ghatanaon mein hote hain nishchit taur par bahut saaree nashaakhoree aur dukh to tab us samay hota hai jab bhee aata hai ki 90% balaatkaar non logon yaanee apane jaanakaar log hote hain ya nahin apana jis par ham vishvaas karate hain vahee karate hain to us samay se uthata hai ki ham kis par vishvaas karen yah mahilaen kisake saath jaoon kisake saath khadee ho kahaan par hai abhee batao kee ghatana huee kee ek vidhava mahila hai nishchit taur par pujaaree pooja paath karane ke lie jaatee thee usake saath balaatkaar abhee bhee lagata hai ki yah pujaaree kaise raasta so sakata hai to kaheen na kaheen samaaj mein jo yah parivartan ho raha hai logon kee maanasikata aur aisee maanasikata ko itanee aasaanee se hain aur ham kahenge ki agar hamaara prashaasan ke sahee ho jaega is karake jo hamaare siviliyan susheela maidam ko dene vaalee pulis hai agar yah sahee ho jaie sakht ho jae to shaayad aisee ghatana na ho lekin yahee dhandhe vaajee karate hain yahee log milakar ke is tarah ke shav ko dabaate hain usamen saudebaajee karate us samay aisa lagata hai ki pulis ka aisa vikrt chehara dekhane ke baad kya kiya jae aise logon ko nishchit taur par isamen sarakaar hai ki kaanoon hamaare lie bane hue hain hamaare paas phaast trek kort bhee hai sab kuchh hai lekin jo bhootanee kaise banana chaahie jo graund leval par riporting honee chaahie vah nahin ho paatee aur nateeja hai ki is tarah ke logon ke hausale buland hote yahaan par jaroorat hai hamaare in sarakaaron ko graund leval par hamaare un pulis vibhaagon ko ya vah jo ophis se sote jae unakee medikal karane vaale ho ya aur cheej mein ho unako shak to hona padega tabhee ho sakata hai aur nahin to kya aage aane vaalee song hamaaree samaaj aur bhee vikrt roop dekhane ko milega

अभिषेक शुक्ला  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए अभिषेक जी का जवाब
Motivational speaker
4:58
देखिए आपकी समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है लेकिन इसके लिए जहां तक मैं समझ रहा हूं तो देखिए गलती हमारी कहीं भी नहीं है चाहे महिला हो या पुरुष हो वह सब एक समान है आज के समय में गलती लोगों की सोच की है जो लोग सोच छोटी सोच ले करके जी रहे हैं दोस्तों गलती उनकी है हमारी बिल्कुल भी नहीं है लोग भले ही कहते हैं कि आज जो है तो देश में बलात्कार के केस बढ़ रहे हैं इसलिए रहे दोस्तों क्योंकि कहीं ना कहीं दूरी मानसिकता लोगों में पनप रही है कुछ सोशल मीडिया का भी हाथ से कई लोगों को कहना है कि इससे पहले भी होते थे लेकिन उसने नहीं होते तो जितने आज हो रहे हैं कहीं ना कहीं फिल्म जगत का भी हाथ हो सकता है क्योंकि देखे कई ऐसे सारे सीन दिखाए जाते हैं पिक्चरों में आजकल कि उसे सोशल मीडिया में जिससे कि लोग और ज्यादा क्या लीजिए के जागरूक हो रहे हैं इस वजह से जो उनके अंदर जानवर प्रभाती जैसे घटाएं करने वाली जो सोच उभर रही है पनप रही है मैं कैसे आ रही है आप कुछ सोचिए मानसिकता नहीं थी चेंज होती है दोस्तों तो कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ हमारा भी गलती होगा हो सकता है देखिए कोई भी मां-बाप जो है तो कभी भी किसी भी बच्चे को अपने गलत संगति करना या फिर गलत कार्य करने के लिए कभी नहीं हो सकता है तो गलती मैं यहां पर किसी भी मां बाप के नहीं चाह रहा हूं कहां यह है हालात परिस्थितियां और सोच लोगों की जब खराब हो जाते हैं तब यह सभी जो कार्य है अधिकतम तो मुझे लगता है कि यह सभी कार्य तभी होता है जब लोगों के पतन के दिन नजदीक होते हैं वह इंसान देखा होगा आपने जितने भी कैसे जा जोहर के आते हैं बलात्कारियों के चाहे किसी के भी देख लीजिए इसमें अधिकतर जो लोगों के केस आते हैं उसमें जितने भी अपराधी होते हैं उन उन सभी में एक चीज जो है तो समानता होती वह बोतल नशा नशा एक ऐसा पदार्थ है दोस्तों जो लोगों को न जाने अंदर ही अंदर क्यों ऐसा बना देता है कि मैं जानवर से भी बदतर हो जाता है उसे यह तक नहीं पता होता है कि वह सामने वाले की आबरू लूट तो रहा है लेकिन उसके बाद उसका क्या होगा बात आपकी यह सत्य है कि राष्ट्रीय केवल उनके लिए एक सजा है अगर फांसी ही देना उनके लिए एक सजा होती है और यहां पर रुक जाते हो तो मैं नहीं मानता कि ऐसा जामुन खिले काफी है क्योंकि हम तो आज भी हो रही है लेकिन इतना धीरे हैं सिस्टम आज का इतना धीरे है कि लोगों को पता है कि उन्हें तुरंत यहां पर एक्शन नहीं लिया जाता उनके ऊपर तो उनकी और बढ़ती है यह सब करने में हाल ही में मैंने भी ऐसा कुछ है अपनों के साथ महसूस किया है रह करके आजकल सैड शायरी हो जाए गांव के हो चैटिंग भी हो लोगों में जो सोच है काफी गिर चुकी है दोस्तों वह नहीं सोचना चाहते कि उनके आने वाले समय में उनका उनके परिवार को क्या हुए केवल उस पल को उस क्षण को जो है इतनी बेकार मानसिकता के साथ ऐसे कुछ शब्द भी निकाल देते हैं जो खुद भी नहीं सोच सकते कि इसका अर्थ क्या होगा तो कानून व्यवस्था और दोष देना समय को हमें नहीं है दोस्त जो है तो लोगों की सोच में परिवर्तन करना है दोस्तों परिवर्तन कहां से होगा परिवर्तन वहां से होगा आपके परिवार से होगा आपके पीढ़ी से होगा और आपके आसपास के लोगों से होगा परिवर्तन वहीं से होता है दोस्तों जहां से लोग जुड़ते हैं जहां से समाज बनता है इसलिए हमें अगर पता नहीं है अपने आसपास के लोगों को उस में आने वाले पीढ़ी को और अपने परिवार के लोगों की सोच को बदलना है यदि हम इतने काबिल हो गए तो हो सकता है कि ऐसा भी अपराध जो है तो अपने आप धीरे-धीरे कुछ ना कुछ तो कम होंगे कहते हैं कि यदि कुछ बदलने तो पहले आपको अपने आप को बदलना है अपने आप को बदलेंगे तो लोग अपने आप बदल जाएंगे तो यदि हम सोच अपनी ही बदल ले लोगों के प्रति अपने आप के प्रति अच्छी सोच लेकर के जिएंगे अच्छे इंसान लोगों का जो है तो अच्छे हो सकता है देखे क्या है कि लोगों में कह लीजिए की आदत मान लीजिए आप कुछ भी कह लेंगे इसको तू सोए यह सभी चीजें पाई जाती हैं कि मैं आपको देखकर के करते हैं तो अच्छी सोच रखेंगे तो लोग भी आपके साथ अच्छा बर्ताव करेंगे दोस्तों धन्यवाद
Dekhie aapakee samasya bahut jyaada gambheer hai lekin isake lie jahaan tak main samajh raha hoon to dekhie galatee hamaaree kaheen bhee nahin hai chaahe mahila ho ya purush ho vah sab ek samaan hai aaj ke samay mein galatee logon kee soch kee hai jo log soch chhotee soch le karake jee rahe hain doston galatee unakee hai hamaaree bilkul bhee nahin hai log bhale hee kahate hain ki aaj jo hai to desh mein balaatkaar ke kes badh rahe hain isalie rahe doston kyonki kaheen na kaheen dooree maanasikata logon mein panap rahee hai kuchh soshal meediya ka bhee haath se kaee logon ko kahana hai ki isase pahale bhee hote the lekin usane nahin hote to jitane aaj ho rahe hain kaheen na kaheen philm jagat ka bhee haath ho sakata hai kyonki dekhe kaee aise saare seen dikhae jaate hain pikcharon mein aajakal ki use soshal meediya mein jisase ki log aur jyaada kya leejie ke jaagarook ho rahe hain is vajah se jo unake andar jaanavar prabhaatee jaise ghataen karane vaalee jo soch ubhar rahee hai panap rahee hai main kaise aa rahee hai aap kuchh sochie maanasikata nahin thee chenj hotee hai doston to kaheen na kaheen kuchh na kuchh hamaara bhee galatee hoga ho sakata hai dekhie koee bhee maan-baap jo hai to kabhee bhee kisee bhee bachche ko apane galat sangati karana ya phir galat kaary karane ke lie kabhee nahin ho sakata hai to galatee main yahaan par kisee bhee maan baap ke nahin chaah raha hoon kahaan yah hai haalaat paristhitiyaan aur soch logon kee jab kharaab ho jaate hain tab yah sabhee jo kaary hai adhikatam to mujhe lagata hai ki yah sabhee kaary tabhee hota hai jab logon ke patan ke din najadeek hote hain vah insaan dekha hoga aapane jitane bhee kaise ja johar ke aate hain balaatkaariyon ke chaahe kisee ke bhee dekh leejie isamen adhikatar jo logon ke kes aate hain usamen jitane bhee aparaadhee hote hain un un sabhee mein ek cheej jo hai to samaanata hotee vah botal nasha nasha ek aisa padaarth hai doston jo logon ko na jaane andar hee andar kyon aisa bana deta hai ki main jaanavar se bhee badatar ho jaata hai use yah tak nahin pata hota hai ki vah saamane vaale kee aabaroo loot to raha hai lekin usake baad usaka kya hoga baat aapakee yah saty hai ki raashtreey keval unake lie ek saja hai agar phaansee hee dena unake lie ek saja hotee hai aur yahaan par ruk jaate ho to main nahin maanata ki aisa jaamun khile kaaphee hai kyonki ham to aaj bhee ho rahee hai lekin itana dheere hain sistam aaj ka itana dheere hai ki logon ko pata hai ki unhen turant yahaan par ekshan nahin liya jaata unake oopar to unakee aur badhatee hai yah sab karane mein haal hee mein mainne bhee aisa kuchh hai apanon ke saath mahasoos kiya hai rah karake aajakal said shaayaree ho jae gaanv ke ho chaiting bhee ho logon mein jo soch hai kaaphee gir chukee hai doston vah nahin sochana chaahate ki unake aane vaale samay mein unaka unake parivaar ko kya hue keval us pal ko us kshan ko jo hai itanee bekaar maanasikata ke saath aise kuchh shabd bhee nikaal dete hain jo khud bhee nahin soch sakate ki isaka arth kya hoga to kaanoon vyavastha aur dosh dena samay ko hamen nahin hai dost jo hai to logon kee soch mein parivartan karana hai doston parivartan kahaan se hoga parivartan vahaan se hoga aapake parivaar se hoga aapake peedhee se hoga aur aapake aasapaas ke logon se hoga parivartan vaheen se hota hai doston jahaan se log judate hain jahaan se samaaj banata hai isalie hamen agar pata nahin hai apane aasapaas ke logon ko us mein aane vaale peedhee ko aur apane parivaar ke logon kee soch ko badalana hai yadi ham itane kaabil ho gae to ho sakata hai ki aisa bhee aparaadh jo hai to apane aap dheere-dheere kuchh na kuchh to kam honge kahate hain ki yadi kuchh badalane to pahale aapako apane aap ko badalana hai apane aap ko badalenge to log apane aap badal jaenge to yadi ham soch apanee hee badal le logon ke prati apane aap ke prati achchhee soch lekar ke jienge achchhe insaan logon ka jo hai to achchhe ho sakata hai dekhe kya hai ki logon mein kah leejie kee aadat maan leejie aap kuchh bhee kah lenge isako too soe yah sabhee cheejen paee jaatee hain ki main aapako dekhakar ke karate hain to achchhee soch rakhenge to log bhee aapake saath achchha bartaav karenge doston dhanyavaad

Sandeep Goyal Chandigarh  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Sandeep जी का जवाब
Tabla player artist and music home tutor
2:59
नमस्कार मैं संदीप गोयल चंडीगढ़ से हूं और बहुत अच्छा सवाल यहां पर किया गया है जवाब देने की कोशिश करूंगा मेरा जवाब अच्छा लगे तो बोलकर आप मुझे लाइक करें और सब्सक्राइब करें मुझे बाकी बहुत अच्छा सवाल है आपका आप काफी मतलब एक जैसे लगता है कि दुखी परेशान होकर कि आपने यह सवाल रखा है कि हां सच में बाकी देखो जी वाकई में यह सवाल तो सब को परेशान करता है कि आखिरी हमारे देश में ही बलात्कार क्यों होते तो यह सब घटनाएं इसलिए होती हैं ठीक है हमें नहीं पता और शायद ही कोई नहीं बता सकता कि ऐसा क्यों होता है लेकिन हां आपने एक बात कही कि क्या फांसी की सजा देने से मैं आपको आकर बताता हूं कि अभी मैंने मतलब की एक खबर सुनी खबर सुनी क्या मैं पढ़ रहा था अभी दैनिक भास्कर एप्लीकेशन पर कि हमारे चंडीगढ़ शहर में एक 7 साल बाद एक बलात्कारी दी है सजा काटकर आता है जेल से छूट कर के और उसने अब फिर से मतलब की एक 28 साल की लड़की जो कि हिमाचल सिटी तो उसको नौकरी देने के झांसे में जो है उसके साथ बलौंगी मोहाली में रहता था वह किराए पर लड़का जो 7 साल की सजा काट कर के आया पहले से नाबालिग से बलात्कार किया था जिससे से 7 साल की सजा मिली उसके बाद फिर से वह मॉडल की ढाई साल की लड़की के साथ दुष्कर्म करता है और फिर उसको मर के तार कर लिया जाता है तो यह कहीं ना कहीं तो है कि एक शिक्षा का अभाव है ऐसे लोगों में ठीक है और कहीं ना कहीं मतलब कि उनको जो है उनके मन में जो है जो वाचिनायी वगैरह चलती है तो वह उसको इसका मतलब कि जो है गलत दिशा में चले जाते हैं इस वासना के कारण में दुनिया के और दो रास्ते पर जाने से बचे थे मगर कुछ लोग बिना सोचे समझे इस रास्ते पर चले जाते हैं तो उनके मन में जो है वह चलता है तो फिर वह कुछ भी नहीं उनको खुश रहता को जितना हो सके और कुछ भी गलत कार्य करने लगते हैं बाकी साथियों का जो है नहीं कुछ होगा आपके पास इसका हल नहीं है इसका हल तो यह है कि उनको जो है मतलब कि जिंदा भी रखा जाए और तड़पाया भी जाए ठीक है जैसे कि उनके हाथ-पांव काट कर के अभी 1 महीने खबर सुनी थी बाकी समय समाप्त हो गया ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा बस यही कहूंगा धन्यवाद
Namaskaar main sandeep goyal chandeegadh se hoon aur bahut achchha savaal yahaan par kiya gaya hai javaab dene kee koshish karoonga mera javaab achchha lage to bolakar aap mujhe laik karen aur sabsakraib karen mujhe baakee bahut achchha savaal hai aapaka aap kaaphee matalab ek jaise lagata hai ki dukhee pareshaan hokar ki aapane yah savaal rakha hai ki haan sach mein baakee dekho jee vaakee mein yah savaal to sab ko pareshaan karata hai ki aakhiree hamaare desh mein hee balaatkaar kyon hote to yah sab ghatanaen isalie hotee hain theek hai hamen nahin pata aur shaayad hee koee nahin bata sakata ki aisa kyon hota hai lekin haan aapane ek baat kahee ki kya phaansee kee saja dene se main aapako aakar bataata hoon ki abhee mainne matalab kee ek khabar sunee khabar sunee kya main padh raha tha abhee dainik bhaaskar epleekeshan par ki hamaare chandeegadh shahar mein ek 7 saal baad ek balaatkaaree dee hai saja kaatakar aata hai jel se chhoot kar ke aur usane ab phir se matalab kee ek 28 saal kee ladakee jo ki himaachal sitee to usako naukaree dene ke jhaanse mein jo hai usake saath balaungee mohaalee mein rahata tha vah kirae par ladaka jo 7 saal kee saja kaat kar ke aaya pahale se naabaalig se balaatkaar kiya tha jisase se 7 saal kee saja milee usake baad phir se vah modal kee dhaee saal kee ladakee ke saath dushkarm karata hai aur phir usako mar ke taar kar liya jaata hai to yah kaheen na kaheen to hai ki ek shiksha ka abhaav hai aise logon mein theek hai aur kaheen na kaheen matalab ki unako jo hai unake man mein jo hai jo vaachinaayee vagairah chalatee hai to vah usako isaka matalab ki jo hai galat disha mein chale jaate hain is vaasana ke kaaran mein duniya ke aur do raaste par jaane se bache the magar kuchh log bina soche samajhe is raaste par chale jaate hain to unake man mein jo hai vah chalata hai to phir vah kuchh bhee nahin unako khush rahata ko jitana ho sake aur kuchh bhee galat kaary karane lagate hain baakee saathiyon ka jo hai nahin kuchh hoga aapake paas isaka hal nahin hai isaka hal to yah hai ki unako jo hai matalab ki jinda bhee rakha jae aur tadapaaya bhee jae theek hai jaise ki unake haath-paanv kaat kar ke abhee 1 maheene khabar sunee thee baakee samay samaapt ho gaya jyaada kuchh nahin kahoonga bas yahee kahoonga dhanyavaad

Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Deven जी का जवाब
Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
2:16
एक महिला होने के नाते यह सवाल मुझे अक्सर परेशान करते की बलात्कारी क्यों होता है इसका कोई तो कारण होगा कहां चाहते हैं लोग क्या मृत्युदंड ज्ञान कठोर सजा देने से खत्म हो जाएगा देखिए बलात्कार यह मानते मानसिक विक्षिप्त है विकसित करता है अगर आप सोच के लेवल अदृश्य शक्ति इस लेवल सब सोचने को मजबूर कर रही है इंसानों की वहां पर जाकर वह उत्तर का एक्शन ले रहा है क्यों हो रहा है कमेंट सेट कैसा होगा सोचिए अगर एक छोटे बच्चे को बचपन से संचालित किया जाए अपने माता और बहनों के साथ नजरों से देखने का उल्टा चश्मा 441 बार कर ले कि अगर मां बाप अपने बच्चों को देते हैं यही चीज में सभी फैमिली सदर करने लग जाए यही चीज हम 8 पदों की माताएं बहने होती है अपनी फ्रेंड गर्लफ्रेंड कोई भी उनके साथ अगर हम करें तो अपने आप ही एक नजरिया चेंज हो जाएगा इनके साथ में को पार करने का फिलहाल हमारी तो सोसायटी न्यू सोसायटी यह मेल रिवल सोसायटी अभी भी सिर्फ बड़े से बीच में या आप बड़ी जगह पर मैं देखता है कि जहां तक समान शादी मेल फीमेल समाई हुई है लेकिन बहुत सारे जगह पर अभी भी ईमेल सिविल सोसायटी और वहां पर उन लोगों को लगता ही नहीं है उसने वह सेंसिटिविटी खत्म हो चुकी है कि मैं क्या कर रहा हूं इस फीमेल के साथ में या फिर मैं अपनी मां के साथ किस तरीके से व्यवहार कर रहा हूं चित्र के साथ कैसे कर रही है गर्लफ्रेंड के साथ कैसे व्यवहार करना यह सेंसटिविटी खत्म हो गई हो रे सेंसिटिविटी खत्म होने का कारण है उनका समाज भी और हमारे समक्ष उनके मां-बाप भी वहां से लिया हुआ एजुकेशन यह सब से एक ब्रेन को सही तरीके से ट्रीट किया जाए कि क्या होती है फीमेल और किस तरीके से उनके साथ बर्ताव करना चाहिए जब तक आप 12वीं पास में थे तब तक कि फीमेल फीमेल का कितना बड़ा कौन से फंक्शन है सुरेश अवस्थी को खड़ा करने में अगर अगर इस तरीके से अगर हम लोग एजुकेशन तो अपने आप ही इन सब चीजों में बदलाव आना क्योंकि होगा और रह गई अगर उसके बावजूद भी अगर कोई लोग ऐसा सब कुछ करते हैं तो उसके लिए कठोर शिक्षा होना तो बहुत जरूरी है लेकिन इसे खत्म नहीं होगी वह कसम होगी अगर ने चोर एजुकेशन से
Ek mahila hone ke naate yah savaal mujhe aksar pareshaan karate kee balaatkaaree kyon hota hai isaka koee to kaaran hoga kahaan chaahate hain log kya mrtyudand gyaan kathor saja dene se khatm ho jaega dekhie balaatkaar yah maanate maanasik vikshipt hai vikasit karata hai agar aap soch ke leval adrshy shakti is leval sab sochane ko majaboor kar rahee hai insaanon kee vahaan par jaakar vah uttar ka ekshan le raha hai kyon ho raha hai kament set kaisa hoga sochie agar ek chhote bachche ko bachapan se sanchaalit kiya jae apane maata aur bahanon ke saath najaron se dekhane ka ulta chashma 441 baar kar le ki agar maan baap apane bachchon ko dete hain yahee cheej mein sabhee phaimilee sadar karane lag jae yahee cheej ham 8 padon kee maataen bahane hotee hai apanee phrend garlaphrend koee bhee unake saath agar ham karen to apane aap hee ek najariya chenj ho jaega inake saath mein ko paar karane ka philahaal hamaaree to sosaayatee nyoo sosaayatee yah mel rival sosaayatee abhee bhee sirph bade se beech mein ya aap badee jagah par main dekhata hai ki jahaan tak samaan shaadee mel pheemel samaee huee hai lekin bahut saare jagah par abhee bhee eemel sivil sosaayatee aur vahaan par un logon ko lagata hee nahin hai usane vah sensitivitee khatm ho chukee hai ki main kya kar raha hoon is pheemel ke saath mein ya phir main apanee maan ke saath kis tareeke se vyavahaar kar raha hoon chitr ke saath kaise kar rahee hai garlaphrend ke saath kaise vyavahaar karana yah sensativitee khatm ho gaee ho re sensitivitee khatm hone ka kaaran hai unaka samaaj bhee aur hamaare samaksh unake maan-baap bhee vahaan se liya hua ejukeshan yah sab se ek bren ko sahee tareeke se treet kiya jae ki kya hotee hai pheemel aur kis tareeke se unake saath bartaav karana chaahie jab tak aap 12veen paas mein the tab tak ki pheemel pheemel ka kitana bada kaun se phankshan hai suresh avasthee ko khada karane mein agar agar is tareeke se agar ham log ejukeshan to apane aap hee in sab cheejon mein badalaav aana kyonki hoga aur rah gaee agar usake baavajood bhee agar koee log aisa sab kuchh karate hain to usake lie kathor shiksha hona to bahut jarooree hai lekin ise khatm nahin hogee vah kasam hogee agar ne chor ejukeshan se

rohit paste Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए rohit जी का जवाब
Unknown
2:35
हां मैं मेरी राय आपको बता रहा हूं कि जिससे आपको परेशान करता है यह अक्सर सवाल था उसी तरह जिस तरह आप बोल रही थी क्या फांसी होने के बाद या उस उस पर कोई गुनाह होने की उसको कोई सजा होने के बाद वह बंद हो सकता है क्या तो आम मेरी जानकारी के हिसाब से मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि वह पुराने जमाने से होते आ रहे हैं अभी भी चालू है और मुझे लगता है भविष्य में भी होते रहेंगे यह एक क्या बोलूं मैं आपको की चाबी ग्रुप से तरीका सरल ग्रुप अलग होता है मनुष्य पुरुषों का अलग होता है और कुछ कंट्रोल कर सकते हैं कुछ लोग कंट्रोल नहीं कर सकती या किसी की किसी और मार्ग से यहां इंटरनेट के माध्यम से जो मनुष्य की खुद पर काबू करने की क्षमता थी यह इंटरनेट की मायाजाल की वजह से कम होती जा रही है उसे के साथ-साथ हमारी संस्कृति में जो बदलाव आ रहे हैं उसका कारण भी यहां आपकी ए प्रश्न में डूबा हुआ है और कितना भी बड़ा अगर मैं आपको बता दूंगी को दुबई में ऐसा कोई आदमी करता है तो उसका वह भाग काट देते फिर भी वहां पर होते ही रहते हैं अगर किसी को हम फांसी भी दे दे जो घटना घटी है वह घटना उस आदमी के साथ खत्म हो जाती है नया कोई ना कोई आता ही रहता है इसलिए मुझे लगता है नहीं है कि यह कभी थम सकता है थम जाए तो बहुत अच्छा है मेरी भी एक ख्वाहिश है लेकिन कुछ करने की वजह से वह नहीं रुक सकता अगर आपकी शादी हो गई हो तो आप अपने पति से इस बात में डिटेल में बात कीजिए
Haan main meree raay aapako bata raha hoon ki jisase aapako pareshaan karata hai yah aksar savaal tha usee tarah jis tarah aap bol rahee thee kya phaansee hone ke baad ya us us par koee gunaah hone kee usako koee saja hone ke baad vah band ho sakata hai kya to aam meree jaanakaaree ke hisaab se main aapako yah bataana chaahata hoon ki vah puraane jamaane se hote aa rahe hain abhee bhee chaaloo hai aur mujhe lagata hai bhavishy mein bhee hote rahenge yah ek kya boloon main aapako kee chaabee grup se tareeka saral grup alag hota hai manushy purushon ka alag hota hai aur kuchh kantrol kar sakate hain kuchh log kantrol nahin kar sakatee ya kisee kee kisee aur maarg se yahaan intaranet ke maadhyam se jo manushy kee khud par kaaboo karane kee kshamata thee yah intaranet kee maayaajaal kee vajah se kam hotee ja rahee hai use ke saath-saath hamaaree sanskrti mein jo badalaav aa rahe hain usaka kaaran bhee yahaan aapakee e prashn mein dooba hua hai aur kitana bhee bada agar main aapako bata doongee ko dubee mein aisa koee aadamee karata hai to usaka vah bhaag kaat dete phir bhee vahaan par hote hee rahate hain agar kisee ko ham phaansee bhee de de jo ghatana ghatee hai vah ghatana us aadamee ke saath khatm ho jaatee hai naya koee na koee aata hee rahata hai isalie mujhe lagata hai nahin hai ki yah kabhee tham sakata hai tham jae to bahut achchha hai meree bhee ek khvaahish hai lekin kuchh karane kee vajah se vah nahin ruk sakata agar aapakee shaadee ho gaee ho to aap apane pati se is baat mein ditel mein baat keejie

Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
5:46
एक महिला होने के नाते यह सवाल मुझे अक्सर परेशान करता है कि बलात्कार क्यों हो जाता है और इसका आखिर कारण क्या है तो इसके संबंध में समाज में बहुत सारी चर्चा हुई है मीडिया MP4 सारी चर्चाएं हुई है तू ऐसा क्यों होता है एक तो इसमें बहुत बहुत महत्वपूर्ण है और वह संस्कार नहीं सर ग्रुप से कम हौसला उत्पन्न होना तो तय है लेकिन जबरदस्ती बलात्कार ऊपर आधारित कई लोग हैं जो जिनकी उम्र भी बढ़ बढ़ गई है और उनको सेक्स की जरूरत भी है लेकिन वह इस तरह से हरकते नहीं करती इस तरह सरकटे नहीं कर सकते और उनका मन भी नहीं है ऐसा होता है जब तक कोई सी सम्मति दे तब तक हो उसके उसको जबरदस्ती नहीं करते लेकिन कुछ लोगों के और खासकर के उम्र के हिसाब से समझ बढ़ जाती है और कई अनुभवों से बातें मालूम पड़ती है तो उसके कारण उम्र में कम होने वाले हैं जो टीनएजर्स या युवावस्था में जो लड़के होते हैं उनमें ने सभी ग्रुप से सेक्स करने का निर्माण हो जाता है और वह ज्यादा करके बलात्कार करते हैं लेकिन इसमें जिनके संस्कार अच्छे हैं वहां पर उसे फैमिली के किसी लड़कों ने ऐसे व्यवहार किए ऐसा कोई शायद ही मिलता है या पौधा तक रूप से होता है लेकिन जिस ने आज अपने आजू-बाजू में वही वातावरण देखा उसको उसका कोई आश्चर्य नहीं लगता है कि शादी से पहले भी सेक्स करते हैं लड़के लड़कियां शादीशुदा लोग लोग भी नाजायज संबंध रखते हैं यहां तक कि कुछ रिश्तेदारी रिश्तेदारों में भी इस तरह के संबंध होते हैं जो रोड पुरुष होते हैं वह भी एक तरीके की ऐसी मानसिकता रखते हैं और यह पता चलता है कि है मैं बस सकता हूं ऐसा करने के बाद में मतलब गरीब और गरीब लोग मिल जाते हैं वैसा ही मिल जाती है या लड़की मिल जाती है जो बिल्कुल सही है उसके लिए कोई जगह संघर्ष करने वाला नहीं होता है मालूम होता है जबलपुर के जिस दिन जातियों की जनसंख्या कम है और वह ज्यादा जनसंख्या होने वाले होने वाले जातियों से लड़ नहीं सकते और जाती तो अपनी जाति के व्यक्ति के लिए सपोर्ट में उतर आती है वर्ड रूप से आ चुके रूप से वह उसको बचाने की कोशिश करती है तब ऐसी जगह पर बलात्कार के कैसे सोते हैं यह तो मीडिया में बहुत थोड़े आते हैं लेकिन इसकी संख्या असल में बहुत ज्यादा है तुम मेरे मैं तो इस स्कूल शिक्षा और जो संस्कार उसको दे दोष देता हूं सुंदर को क्योंकि मैंने ऐसे बहुत सारे लोग देखे हैं कि जिन को सेक्स करना करना है लेकिन संस्कार अच्छे है इसलिए इस तरीके का सेक्स नहीं करते वह दूसरे तरीके से सेक्स करते हैं जो बाजार में पैसों से मिलता है उसका भी उसका उपयोग भी करते हैं लेकिन जबरदस्ती नहीं करते ऐसे लोग भी धन्यवाद
Ek mahila hone ke naate yah savaal mujhe aksar pareshaan karata hai ki balaatkaar kyon ho jaata hai aur isaka aakhir kaaran kya hai to isake sambandh mein samaaj mein bahut saaree charcha huee hai meediya mp4 saaree charchaen huee hai too aisa kyon hota hai ek to isamen bahut bahut mahatvapoorn hai aur vah sanskaar nahin sar grup se kam hausala utpann hona to tay hai lekin jabaradastee balaatkaar oopar aadhaarit kaee log hain jo jinakee umr bhee badh badh gaee hai aur unako seks kee jaroorat bhee hai lekin vah is tarah se harakate nahin karatee is tarah sarakate nahin kar sakate aur unaka man bhee nahin hai aisa hota hai jab tak koee see sammati de tab tak ho usake usako jabaradastee nahin karate lekin kuchh logon ke aur khaasakar ke umr ke hisaab se samajh badh jaatee hai aur kaee anubhavon se baaten maaloom padatee hai to usake kaaran umr mein kam hone vaale hain jo teenejars ya yuvaavastha mein jo ladake hote hain unamen ne sabhee grup se seks karane ka nirmaan ho jaata hai aur vah jyaada karake balaatkaar karate hain lekin isamen jinake sanskaar achchhe hain vahaan par use phaimilee ke kisee ladakon ne aise vyavahaar kie aisa koee shaayad hee milata hai ya paudha tak roop se hota hai lekin jis ne aaj apane aajoo-baajoo mein vahee vaataavaran dekha usako usaka koee aashchary nahin lagata hai ki shaadee se pahale bhee seks karate hain ladake ladakiyaan shaadeeshuda log log bhee naajaayaj sambandh rakhate hain yahaan tak ki kuchh rishtedaaree rishtedaaron mein bhee is tarah ke sambandh hote hain jo rod purush hote hain vah bhee ek tareeke kee aisee maanasikata rakhate hain aur yah pata chalata hai ki hai main bas sakata hoon aisa karane ke baad mein matalab gareeb aur gareeb log mil jaate hain vaisa hee mil jaatee hai ya ladakee mil jaatee hai jo bilkul sahee hai usake lie koee jagah sangharsh karane vaala nahin hota hai maaloom hota hai jabalapur ke jis din jaatiyon kee janasankhya kam hai aur vah jyaada janasankhya hone vaale hone vaale jaatiyon se lad nahin sakate aur jaatee to apanee jaati ke vyakti ke lie saport mein utar aatee hai vard roop se aa chuke roop se vah usako bachaane kee koshish karatee hai tab aisee jagah par balaatkaar ke kaise sote hain yah to meediya mein bahut thode aate hain lekin isakee sankhya asal mein bahut jyaada hai tum mere main to is skool shiksha aur jo sanskaar usako de dosh deta hoon sundar ko kyonki mainne aise bahut saare log dekhe hain ki jin ko seks karana karana hai lekin sanskaar achchhe hai isalie is tareeke ka seks nahin karate vah doosare tareeke se seks karate hain jo baajaar mein paison se milata hai usaka bhee usaka upayog bhee karate hain lekin jabaradastee nahin karate aise log bhee dhanyavaad

Udham Prasad Gautam Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Udham जी का जवाब
Unknown
5:56
दोस्तो नमस्कार गुड इवनिंग मैडम आपका सवाल के अनुसार में ही बताना चाहूंगा की आजकल जो भी आज के दौर में जो बलात्कार होते हैं वह कहीं ना कहीं एक का हमारी जो न्यू मॉडर्न की सभ्यता जो है आज पनप रही है लोगों के दिल में बच्चे बच्चियों के ऐसे मस्ती भर्ती चली आ रही है जिसके कारण यह ज्यादातर कैसे बढ़ते चले जाना है उसके ठीक है क्योंकि आजकल के जो सभ्यता है पहनावा और हवा चलना फिरना मतलब ऐसी स्थिति चली मतलब आ गई है कि पहले के लोग थे पहले के और तेजाब मनुष्य को अच्छे से कपरपुरा बदन को टक्कर अच्छे से चलते थे ठीक रहते थे जहां भी लेकिन आजकल के फैशन देखो बच्चे जो डैमेज जींस पहनते हैं बच्चियां जो है वह ऐसे मतलब उनका भी पहनावा जो छोटे-छोटे कपड़े पहनते चली आती है उससे क्या होता जो जो पुरुष होता है उसका जो दिमाग होता है ना उसके अंदर एक है कुछ अलग होता है ठीक है अगर मस्जिद कुछ होता है कपिल पाठ होता है ठीक है उसमें पैसा पास होता है कोथल में वही हाइपोथैलेमस क्या करता है इस पर ज्यादा हावी होने लगता है जब भी मतलब कोई लड़की को और कोई लड़का देखता है ठीक है अगर वह 7 सेकंड तक उस लड़की को देख ले तो उसका हाइपोथैलेमस क्या होता है एक्टिव हो जाता है ठीक है और आप अभी यहीं से जाने की बलात्कार आखिर क्यों होता है ठीक है दोस्त जब आए पुथल में सकती हो जाता ना तो सबसे बड़ा कारण उसका ही होता है ना जब आज इसको एक्टिव होने का पूरा दिमाग होता ना उसको अपने कब्जे में कर लेता है पुलिस तारीख को 110 कब्जे में कर लेता है और फिर उसी पर फोकस करने लगता है तो क्या होता है ना क्या आप इतनी उसकी कब जिम हो जाते हो वही पुथल मच के और आप का मतलब कोई भी कार्य उसके सिवा आप कहीं मतलब किसी मनवा नहीं लगेगा उसी पर मन लगे जहां पर अपने फोकस किया है उस लड़की पर अभी आपका मन लगेगा लड़कों से बात करो तो इसी कारण क्या होता है कि सभी जब उसके कब्जे मजा दे तब मैं खुद जाकर भी नहीं निकाल पाते हो इसलिए उस वक्त क्या मतलब है फांसी की सजा भी सुना दीजिए ना तुम उड़ गई उस वक्त नहीं चिंता करता है कोई क्योंकि शरीर पूरा दिमाग को क्या मतलब है पर मुझे तो पूरा दिमाग को अपने कंट्रोल में कर लेता है इस से निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है निकलने का यही तरीका है कि आप वहां से जल्द से जल्द किसी दूसरी दूसरी जगह भाग जाइए अगर भाग जाते हैं कुछ परिस्थितियां बदलती हैं कुछ कुछ कर दिमाग में कंट्रोल में आएगा तो यह सिर्फ थोड़ा बच सकते हो लेकिन जो आए पुथल में जब एक्टिव हो जाता है तो यही बलात्कार ऐसे मतलब घिनौने कार्य पर यह ज्यादा बढ़ावा देने लगता है ठीक है और उसको कम करने के बाद करूं तो फांसी या फिर किसी भी सजा आप दे देना पैसे जल्दी कम होने वाले नहीं बलात्कार इसका कम करने के कुछ मतलब ऐसे उसका बेटा अपनानी पड़ेगी जिससे कि कुछ बंद हो सकता है पहली बार यह फिल्म इंडस्ट्री ऐसे ऐसे जो मतलब दिखाए जाते हैं उसमें तीन में ठीक है मूड में आजकल देखे भोजपुरी मूवी जो सीन है जहां पर जिसको कट करना चाहिए उसको और स्लो मोशन में दिखाया जा रहा है ऐसा दिखाइए बताइए लड़कों का लड़कियों का मासिक जॉय पुथल में सगाई एक्टिव नहीं होगा तो होगा क्या आजकल जानते बच्चा 10 लड़की और लड़का 10 वर्ष के जज जैसे ही पश्चात में मतलब उम्र ढलने लगता है उसका उस वक्त उसका हाय पुथल मास एक्टिव होने शुरू हो जाता है उसका नियंत्रण होता है उस वक्त उस उमर से लड़कियों की तरफ जाने लगता है और लड़कियों का लड़कों की तरफ से आकर्षित होने लगा उससे पहले कोई बात नहीं देती लेकिन जैसे 10 वर्ष पश्चात 10 क्लास करते हैं वैसे धीमी धीमी धीमी होने लगता अब इसका अंदाजा आप उनको सारिक भाव से देखकर जान सकते जैसे उसके थोड़ा आगे लड़का तो उसको मूंछ दाढ़ी या फिर से बाल आने लगते हैं ठीक हैं और लड़कियां हैं तो उसका भी चेहरा या फिर मतलब ऐसे ही जान सकते हैं रास्ते में स्तन को देखकर आप जान सकते हो क्या हां वह मतलब एक्टिव हो चुकी हैं ऐसी स्थिति में एक लड़के की आवाज में भी बाहर भाई मतलब ऐसे ही आने लगती है इस जान सकते हो कि लड़का भी एक्टिव होने लग रहा है ठीक है तो इससे मतलब रोकने के लिए लड़कों को कम से कम ऐसी स्थिति ऐसा अनुसरण दें आप माता-पिता से अनुरोध करूंगा कि लड़की अपने लड़कियों का एहसास मतला अनुसार ऐसा साथी बिहार मतलब ऐसे लड़कों के साथ में उनका संबंध बनाए ताकि जो लड़का है लड़कों में घुल मिलकर एक अच्छे फ्रेंड के रुप में रहे लड़कियां जो लड़कियों के ऐसे सच्ची अच्छी लड़कियों के साथ है ताकि हम वहां तक उनका मतलब ज्यादा दूर रहना रेप कैसे जाए ऐसी पिछली घटनाओं से वह दूर रहे ठीक है और भक्ति भावना अपने मंदिर जितना ज्यादा रखेंगे उतना ही सबसे थोड़ा दूरी बनाकर रखता पदस्थ आएंगे अपने आप को देखे अन्यथा यह मुश्किल हो जाता है ऐसा करना ठीक है क्योंकि मैंने करो मैंने बताया ना असल में वही जो है सब कुछ कर आता इसलिए तुझे इसलिए सबसे बड़ी बात यह भी है खाने पीने की बात करूं तो प्याज लहसुन ऐसा जी यह जो चीज है ना यह जल्दी है एक्टिव करता है इसलिए अगर विद्यार्थी जीवन में दोस्त गणेश तो आप लहसुन प्याज ऐसे जोक तत्व है मत इसको सबको खाने के लिए आपको बिल्कुल अगर मना ही कर दें तो अच्छा रहेगा लेकिन अगर आप लहसुन प्याज की मसालेदार चीजें क्रेशर ना खाए तो आपका जो है पत्थर में तो एक तो नहीं होगा उतना ज्यादा ठीक है इससे आप बचे रहेंगे अपना अच्छा कार्य करेंगे लेकिन जब ऐसी चीज खाते हैं ना इसको तेरी मसाले या फिर ज्यादा ऐसे मिले वह प्रार्थना तू ज्यादा एक्टिव हो जाता है इससे आप कुछ भी कर लेते हैं मतलब अपने आप को रोक नहीं पाते हो ठीक है इससे कुछ फिक्स है इससे आप आजमा कर हिसाब से बच सकते हैं पूरी कहानियां बुरे फिल्म या फिर पूरी सीन ऐसा मत दिखा करिए उसको रोकने के लिए कुछ ऑफ मोटिवेशन चीजें मोटिवेशन कहानियां बड़े बड़े वीरो कथाओं की कहानियां सुनकर पढ़कर आप उन चीजों से छुटकारा पा सकते हो बस यही तरीका है और बाकी नहीं ठीक है दोस्तों धन्यवाद
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Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Porshia जी का जवाब
मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
6:13
आपका सवाल बिल्कुल वाजिब है और एक मनोवैज्ञानिक के तौर पर मैं आपको इसका जवाब देना चाहूंगी कि यह क्यों होता है यह इसीलिए होता है दुष्कर्म क्योंकि जो मानसिकता है पुरुष की वह यहां पर स्त्री को नीचा दिखाना उसकी बेइज्जती करना और उसको डोमिनेट करना रहता है तो यह पावरप्ले है दूसरा कि जो उसका कहेंगे कि उत्तेजना उसके अंदर जागृत हुई है वह उस को शांत करना चाहता है और उसे अगर सामने से रिस्पांस नहीं मिल रहा है तो वह उसके लिए जबरदस्ती यूज करता है यह भी एक रीजन है क्योंकि बहुत बार ऐसा होता है कि कोई करीबी होता है जो यह शोषण करता है और कई बार करता है बार-बार करता है कि जब जो स्त्री है उसकी मर्जी के बगैर उसके साथ संबंध स्थापित करते हैं अब इसमें आप देखो कि दोनों में केस इसमें जो मानसिकता है वह आपको कहीं ना कहीं गड़बड़ लगेगा कि यह मेंटल स्टेबल नहीं है और ऐसा होता है कि किसी की भी जो सेक्सुअल स्टेशन है किसी की सेंट्रल टेंडेंसी है वह सीधा सीधा वह चीज के बारे में ना डिसकस करता है ना बताता है और ना पता चलता है तो इसीलिए जब आप किसी को देखते हो कभी आपके देखोगे कि हम को बिल्कुल भी नहीं होता है क्या चाहिए ऐसा काम भी कर सकता है क्या लेकिन फिर भी होता है और यह आपको तभी समझ पाते हो जब खुलासा होता है कि यह पकड़ा गया या इसके बारे में पता चला या किसी ने बयान दिया और अगर किसी ने हिम्मत नहीं किया नहीं बता पाया तो कभी भी पता नहीं चलता है कि क्या-क्या चरित्रहीन व्यक्ति है वह और शादी के बाद भी लोग अपनी वाइफ के साथ भी ऐसा करते हैं तो यहां पावर प्ले बहुत वर्क करता है कि जैसे कि वह एक एडवांटेजियस पोजिशन में है और वह दबा सकता है कंट्रोल कर सकता है स्त्री को तो स्त्री के प्रति जो नजरिया है जिस तरह से स्त्री का बाजारीकरण हो रहा है और जिस तरह से स्त्री को एक वस्तु के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है सिनेमा के अंदर मीडिया के अंदर तो उससे कि और ज्यादा प्रवृत्ति गहरी होती जा रही है बढ़ता जा रहा है यह सब और यह हिंसा कहीं ना कहीं खत्म करने का एक ही तरीका है कि जो हमारा भी दिया है उसमें यह चित्र ना हो बार-बार क्योंकि बार-बार यह चीजें दिखाकर आप एक तरह से प्रोग्राम कर रहे हो माइंड कि सामने वाला यही करें चाहे आप समाज की सच्चाई बताने के नाम पर आप यह सब दिखाओ लेकिन बहुत ही चीजें अननेसेसरी होती है जिसको दिखाने की जरूरत नहीं है आप उसको सटल तरीके से बता भी सकते हो लेकिन इतना एलेबोरेट करके पूरा सीन शूट करके बताना तो आप उसमें क्या करना चाह रहे हो आप एक तरह से होते जीत ही कर रहे हो सामने वाले को यह कार्य करने के लिए तो यह कहीं ना कहीं एक रोक लगनी चाहिए दूसरी चीज ही आती है कि जो परवरिश है लड़कों की वही गलत है आज से नहीं पहले से ही गलत है तो यह बताना और दिखाना की एक छोटी सी में आपको बात बताती हूं कि एक घर में एक बार एक व्यक्ति हम लोग और बोल बच्चा है उसका निक्कर जो है वह खुला हुआ था तो मैंने सिर्फ इतना कह दिया कि अरे इसका तो मैंने घर खुला हुआ शेम शेम तो उसको इतना बारिश फील हुआ तो उसकी मम्मी कहती है कि कोई बात नहीं तू लड़का है लड़कों का सब चलता है तो यह रोमांटिक ही है अब आपको ले गई छोटी सी बात है लेकिन ऐसे न जाने कितने खींचते हैं कितने एग्जांपल है कि वह तीन चार साल की उम्र से ही क्या भर रहे हैं आप अपने लड़के के दिमाग में तो फिर बिल्कुल रिस्पेक्ट नहीं रहता है और एक इतना जेंडर डिवाइड क्रिएट हो जाता है कि ह्यूमन बीइंग के जैसे देखते ही नहीं है लेडी को वह एक ऐसे उपभोग की वस्तु के जैसे ही देखते हैं और सिर्फ और सिर्फ अपनी मां के लिए उनका रिकॉर्ड रहते और किसी के लिए नहीं रहता है तो यह गलत है तो यह परवरिश के ऊपर डिपेंड करता है और पढ़ी-लिखी महिलाएं भी यही सब काम कर रही हैं इसीलिए यह जागरूकता लानी बहुत जरूरी है कि किस तरह से हम उनकी परवरिश करें कि उनके अंदर हम ऐसे विचार डाल सके कि जहां वह एक स्त्री को जो है पूरा मान सम्मान दें उसके साथ इस तरह से व्यवहार करें कि जैसे वह कंपनी ही किसी कोई सिस्टर के साथ करेंगे या अपने ही किसी और रिलेटिव या मदर के साथ करेंगे और यह सभी होते हैं ऐसा नहीं बोल रही हूं पर जहां अवेयरनेस की कमी है जहां लोग पढ़ लिख तो गए हैं लेकिन फिल्में एजुकेट नहीं हुए हैं वहां अभी भी यह चीजें कंटिन्यूटी में हो रही है फिर स्कूल के लेवल पर भी देखी टीचर्स कैसे यह ज्ञान दे सकती हैं कैसे यह वर्णित क्रिएट कर सकती हैं और लड़कियों को भी अवैध करें कि किस तरह काबुली किस तरह का बिहेवियर उनको लड़कों को की तरफ से अवॉइड करना है तो यह क्या आप इस तरह से देख सकते हैं कि आप अगर थोड़ा सा चेंज लाने की कोशिश करते हैं अपने लेवल पर तो आप एक लड़के को भी अगर रिस्पांसिबल बनाते हैं तो आप की कितनी संभावना है खुल जाती है क्योंकि वह कितनी अच्छा है फैमिली रेस करेगा वह अपने बच्चों को भी फिर वही संस्कार देगा तो एक जगह से तो कहीं से शुरुआत हो बहुत जरूरी है और जो पुरानी जनरेशन गई है क्या जो हम रेपिस्ट देख रहे हैं बलात्कारी देख रहे हैं वही सीधा गिरवानी मानसिकता का शिकार है और बहुत हद तक मैंने यह भी एक रिसर्च में पड़ा है कि जो लोग ही करते हैं वह कहीं ना कहीं किसी ना किसी सेक्सुअल डिसऑर्डर के भी शिकार होते हैं यह भी एक बात है तो इसीलिए अवेयरनेस ना होने की वजह से और बहुत ज्यादा इसको एक टैटू बनाने की वजह से सेक्स को यह भी एक कारण है कि लोग जोर-जबर्दस्ती सेवर हासिल करने की कोशिश करते हैं तो लड़कियों को आप दिखाओगे करो वह तो है लेकिन पहले सबसे बड़ी बात की है होना ही नहीं चाहिए ना यह गलत ही मानसिकता है यह उसका गलत ही ऑप्शन है यह सोच ही गलत है तो फांसी दे देनी चाहिए बिल्कुल देनी चाहिए ताकि एग्जांपल सेट हो कि यह इस तरह का हमको नहीं करना है काम अगर हमने किया तो उसके बड़े रिप्र्कशंस होंगे और फास्ट ट्रैक कोर्ट होनी चाहिए तो किसी किसी केस में जो हाईलाइट होता भाई होता है लेकिन बहुत सारे अनरिपोर्टेड कैसे जाते हैं और जो रिपोर्ट होते भी हैं तो उनमें कोई कार्यवाही नहीं होती है कई साल होता तो इसीलिए यह सब को इसके ऊपर स्टैंड लेना पड़ेगा सबको बैलेंस चलानी पड़ेगी धन्यवाद
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Abhishek trivedi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Abhishek जी का जवाब
Unknown
0:03

BASANT warkade Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए BASANT जी का जवाब
Unknown
1:36
साथियों नमस्कार करता के द्वारा यह प्रश्न ना केवल बोलकर परिवारों के लिए एक प्रश्न है अपितु यह राष्ट्र के लिए बहुत बड़ा प्रश्न है तू साथियों इस प्रश्न का जवाब में सटीक और छोटा सा ही तेरा सांगा साथियों इस प्रकार की से दुष्कर्म है वह केवल हमारी सोच और नजरिया के कारण ही होता है साथ में शादी हमारी सोच और नजरिया बदल जाए प्लीज दुष्कर्म काफी कम होंगे अब प्रश्न उठता है कि हमारी सोच और नजरिया कैसे बदले बस इसका एक ही उपाय है वह है शिक्षा यदि साधारण साधारण व्यक्तियों को शिक्षित किया जाए तो परसों के लिए उनके विचार बदलेंगे यदि विचार बदलेंगे युग बदलेगा और यदि सोच बदलो नजरिया भी बदल जाएगा क्योंकि साथियों इस प्रकार के दुष्कर्म हमारी सोच और नजरिया ही कारण होते हैं सब कुछ इसी का खेल होता है तो साथियों शिक्षा सोच और नजरिया यह 3 साल हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए कैसे पहुंचेगा साथियों यह आपके शेयर करने से पोस्ट है साथियों इस जवाब को तब तक शेयर करते रहिए जब तक कि यह सोच प्रत्येक व्यक्ति तक नहीं पहुंच जाता है कि शिक्षा सोच और नजरिया बदलो दुनिया खुद ही बदल जाएगी साथियों अगर जवाब पसंद आए तो प्लीज लाइक करें सब्सक्राइब करें धन्यवाद
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Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
6:22
जी देखिए इसका एक ही धन है और कारण यह है कि उस इंसान की जो मानसिक अवस्था होती है जो उसकी प्रवृत्ति बनती चली जाती है उसी कारण से ऐसी घटनाएं होती हैं अभी कैसे होता है वह किसी की मानसिक अव्यवस्था गड़बड़ हो जाती है यार थोड़ी अलग होती है टेढ़ी होती है सही नहीं होती वह क्यों ऐसी हो जाती है वह ऐसी इसलिए हो जाती है क्योंकि एक इंसान अगर एक तरीके के माहौल में रहता है और वह माहौल सही नहीं है तो डेफिनेटली उसके अंदर की व्यवस्था है वह सही नहीं रहेगी और जब मानसिक व्यवस्था सही नहीं है तुझे से निकली उसकी जो विचारधारा होगी उसकी जो सोच होगी जो नियत होगी जो कर्म होंगे जो भावनाएं होंगे वह ऐसे ही होंगे और वह इस तरीके के काम करेगा अभी देखें होता क्या है कि हमारे अंदर पूरे दिन भर में हर इतने सारे इनपुट तोड़ दे सारे इनपुट चैनल है जिससे हमारे अंदर इंफॉर्मेशन जाती रहती है कुछ हम देखते हैं कुछ सोचते हैं तो कुछ सुनते हैं कहीं कुछ पढ़ते हैं और कहीं वीडियो देखते हैं तो बहुत सारे स्टोर से आज इनके थ्रू हम इंफॉर्मेशन जाती है वह सोच इसमें आपके विरुद्ध भी हो सकती है कि आप किन की संगति में रहते हैं तो इन सारे जगह से जब आपके अंदर इंफॉर्मेशन जाती है और आप उसको फिल्टर आउट करके उन्हें इंफॉर्मेशन को पकड़ लेते हैं वह माहौल में अपने आप को रखते हैं उन लोगों के साथ रखते हैं अपने आप को जो कि सही नहीं है तो जैसे निकली उसका प्रभाव आपे पड़ेगा और प्रभाव पड़ेगा तो आप उन चीजों के बारे में सोचेंगे वह चीजें दोहराएंगे वही चीजें आपको करना अच्छा लगेगा और कई बार ऐसा होता है कि भाई आप इमो आप मौके की तलाश में होंगे यह तो आपको लगेगा कि यह क्या लेना चाहिए वह इसलिए क्योंकि फिर सोचने की समझने की शक्ति खत्म हो जाती है स्वीट हो जाती है और ध्यान किसका रहता है अपने आप का अपने सुख का अपने अनुभव का हर एक इंसान अपने सुख का अपने पेरेंट्स का अपनी जॉय के बारे में सोचता है लेकिन अगर उसको सही और गलत में फर्क करना ही पता चलता है और वो उसका अपने ऊपर कोई कंट्रोल नहीं रहता है क्योंकि उसका जो आंतरिक माहौल है आंतरिक व्यवस्था है वह ऐसी हो गई है तो डेफिनेटली रिजल्ट का परिणाम है ऐसा ही होता है ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि अगर उस पर कोई रोक नहीं लगाई गई कुछ चेक एंड बैलेंस नहीं है कुछ किसी ने उसको नहीं बताया कि क्या सही है क्या गलत है किसी ने उसको रोका नहीं टोका नहीं निरहुआ सिस्टम में भी आजा भाई स्पीड उसको संस्कार नहीं दिए गए उसको किसी ने डांट नहीं लगाई कि यह सही नहीं है यह गलत है उसको सही दिशा नहीं दी गई है लोकप्रिय सारे फैक्टर भी हैं जो एक इंसान को गलत रास्ते पर चलने से रोकते नहीं है तो गड़बड़ हो सकती हैं तो हर एक कायर हुआ इंसान का यह निजी यार पॉसिबिलिटी होता है उसको खुद देखना होता है कि वह किस पद पर जा रहा है कि संदेशा पर जा रहे हो उसके अंदर क्या चल रहा है वह अपने आप को चाहे तो रोक लगा सकता है ऐसा नहीं है कि उसके बस में कुछ भी नहीं है जी नहीं बिल्कुल है उसके बस में और हम देखते हैं ना कि भाई अगर माली से किसी को डायबिटीज है तो भाई डॉक्टर बोलता है कि आप मीठा मत खाना आप यह करना वह करना है फिर नाम ऐसा करना भी इंसान पर डिपेंड करता है उसको पता है कि अगर मैं यह करूंगा तो यह होगा यहां पर भी इंसान को पता होता है कि भाई यह जो है यह सही नहीं है लेकिन वह क्या करता है सानिया हीरो ऐसे दौरान में अपनी वह सुध बुध खो बैठे और वह सोशल देखा जाएगा तो उसका जो अच्छा वाला व्यक्तित्व अच्छा वाला no1 जमीन है या जोक्स के लिए मेरे को आप अंदर से जो बात आती है उसको रोक नहीं पाती है वह उसका अपने दिमाग पर काबू नहीं होता और वह ऐसा कर्म या कांड कर जाते हैं जो कि बिल्कुल सही नहीं है अब इसके साथ और भी कई सारे बा तहसील क्या यह बहुत मिलाजुला चीज है और इसके लिए लिखा बताना कि एक चीज की गांड दो शिन चैन से नहीं होता है कई बार ऐसा भी होता होगा होता होगा ओके ओके भाई लोग हुआ अरे डिप्राइव्ड ऑपरेशन की लाइफ में कुछ अच्छा नहीं हो रहा है जिनको रेनू उनको यह चाहिए होता है कि आने मुझे और एक फ्लोर करना है लाइफ इज ए डायमेंशन ऑफ लाइफ एप्स लोड करना है कैसे करना है और उनको सही गलत का पता नहीं होता बाहर नहीं होता तो वह ऐसे एक्ट में चले जाते हैं चाहे कुछ भी हो यह सब गलत है ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए और ऐसा करना एक दंडनीय अपराध है और आइटम तो इसीलिए किसी इंसान को इन सब के बारे में नहीं सोचना चाहिए और ना ऐसा कुछ छाया की स्थिति रास्ते पर जाना है और इन सब को रोकने के लिए वही सबसे बढ़िया बात यही होती और सब से एक ही तरीका होता है कि यह देखें कि मेरे अंदर इनपुट कहां से जा रहे तू क्या है मेरे अंदर विचार के चलते हैं मैं देना था अपने आप से क्या बातें करता रहता हूं वह सारी चीजें बहुत इंपॉर्टेंट होती है साथ में अब वो इंसान जिनके साथ रहता है उनका भी यह फर्ज बनता है अब कीबोर्ड को गाइड कर उनको बताएं उनको अनुषा देखिए सही नहीं है यह गलत है ऐसी सोच नहीं होनी चाहिए वगैरह वगैरह सब देखना चाहिए सब करना और आरोप लगाना चाहिए अगर हमें पता है कि इंसान है तो उसका व्यक्तित्व विचारधारा ऐसी है तो अभी उसको समझाना चाहिए बताना चाहिए कि कल को आगे चलकर वह अपने आप को तो परेशान करेगा ही करेगा साथ में दूसरों को बहुत ज्यादा परेशान कर सकता है दुख तकलीफ दे सकता है जो कि एकदम सही नहीं है
Jee dekhie isaka ek hee dhan hai aur kaaran yah hai ki us insaan kee jo maanasik avastha hotee hai jo usakee pravrtti banatee chalee jaatee hai usee kaaran se aisee ghatanaen hotee hain abhee kaise hota hai vah kisee kee maanasik avyavastha gadabad ho jaatee hai yaar thodee alag hotee hai tedhee hotee hai sahee nahin hotee vah kyon aisee ho jaatee hai vah aisee isalie ho jaatee hai kyonki ek insaan agar ek tareeke ke maahaul mein rahata hai aur vah maahaul sahee nahin hai to dephinetalee usake andar kee vyavastha hai vah sahee nahin rahegee aur jab maanasik vyavastha sahee nahin hai tujhe se nikalee usakee jo vichaaradhaara hogee usakee jo soch hogee jo niyat hogee jo karm honge jo bhaavanaen honge vah aise hee honge aur vah is tareeke ke kaam karega abhee dekhen hota kya hai ki hamaare andar poore din bhar mein har itane saare inaput tod de saare inaput chainal hai jisase hamaare andar imphormeshan jaatee rahatee hai kuchh ham dekhate hain kuchh sochate hain to kuchh sunate hain 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Manish Kumar  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Manish जी का जवाब
Defence
3:00
नमस्कार मैं हूं मनीष कुमार आप मुझे सुन रहे हैं होते हैं जो बलात्कारियों के पास होते हैं परंतु क्या सभी पूछ बलात्कार करते हैं आपका जवाब होगा ने तो आखिर जब सभी पुरुषों में वही अंग होते हैं तो क्यों कोई बलात्कार कर रहा है और क्यों कोई नहीं कर रहा है इसके बहुत सारे कारण है तो चलिए हम एक-एक करके जो है सभी तरह जानते हैं तो सबसे बड़ा कारण है वह घर का संस्कार जिस बच्चे के मां बाप अपने बच्चों को जो है संस्कार दिए हैं वह बच्चा कभी भी बुरा कार्य नहीं करता है उसके बाद मोबाइल आजकल क्या होता है कि जब हमारा बच्चा 1 साल का ही हो रहा है तब तक उसको जो है मोबाइल और वीडियो और गेम्स जो है लगाकर उस बच्चे के हाथ में मोबाइल है और जैसे-जैसे बड़ा होता है हम सभी जानते हैं कि मोबाइल पर अच्छा से अच्छा चीज है और गलत से गलत भी चीज है और गलत चीज तो इंसान बहुत जल्दी सीखता है तुझे भी जो है बच्चों को पथभ्रष्ट करने का जरिया बन गया है गलत संगति चाहे लड़का हो या लड़की बहुत सारे बच्चों को मैं ऐसे देखता हूं जो कि स्कूल टाइम कॉलेज के टाइम गलत लड़कों के साथ लड़कियां भी कुछ गलत होती है तो उनका भी जो है संगती गलत लड़कियों के साथ हो जाता है और फिर जो है अपने पद से भ्रष्ट हो जाती और स्वस्थ में प्यार मोहब्बत इश्क परवान चढ़ना हम सभी जानते हैं कि जब हम किशोरावस्था में आते हैं तो हमारे शरीर में हार्मोन चेंज होते और हार्मोन चेंज होने के कारण जो है विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बढ़ना स्वाभाविक सी बात है परंतु इस उम्र में जो है माता-पिता का जीवन को चाहिए कि अपने बच्चों पर कड़ी से कड़ी निगरानी रखी है क्योंकि यही जो है किशोरावस्था में अगर अपने बच्चों को अगर काबू कर ले तो फिर जो है पूरी लाइफ के लिए जो है गलत नहीं हो सकता सुनसान जगह पर खेला जाना है अक्सर जो है बलात्कार की घटना सुनसान जगह पर होती है कोई भी बलात्कारी है वह कभी भी रात में बलात्कार आप स्त्रियों को जो है सुनसान जगह पर नहीं भेजें ट्रेन में भी बस में भी सफर करना है तो उसे पुरुष वर्ग के साथ भेजें और ज्यादा ही जरूरी है ज्यादा इमरजेंसी है तो कोशिश करें दिन में ही जो है वह सफर कर ले आजकल फैशन बन गया है लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाना और यही आत्मनिर्भरता जो है उनको आत्मनिर्भर फोन करता हूं अपनी रबड़ बनाने के लिए नहीं दे सकता आप लड़कियों को अकेले छोड़ दीजिए कोई बात नहीं परंतु उसका जो है कमजोरी क्या है इस

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