#जीवन शैली

shabnam khatun Bolkar App
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2:02
हेलो एवरीवन तो आज आपका सवाल है कि इस दुनिया में कोई परफेक्ट नहीं है बस कुछ लोगों को परफेक्ट होने का घमंड है क्या यह बात सही है कमेंट ना तू दिखे यह बात सही है कि कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं अगर इतना परफेक्ट होता तो वह मतलब बहुत ऊपर और महान परमात्मा कह लाता तो इंसान यहां पर परफेक्ट बनता नहीं यार पहले से ही पैदा पर फिट होकर नहीं आता बनने की कोशिश करता है ट्राई करता है कि हम ऐसे काम करें जिससे किसी का कोई नुकसान ना हो किसी को कोई भी हानि ना पहुंचे और कुछ इंसान क्या होते हैं कि 24 उन्हें सर्टिफिकेट मिल जाता है पढ़ाई में थोड़ा अच्छे होते हैं टैलेंट जिसे हम कहते हैं अगर वह मिल जाता है तू वह सोचते हैं कि हम हर तरह से पर्फेक्ट है हम हर तरह से अच्छे इंसान हैं हम अच्छा खासा कमा सकते हैं अच्छी खासी सुविधाएं हमारे घर में है आगे चलकर भी मारा भविष्य अच्छा है उनके अंदर यह घमंड आ जाता है कि हां तो मेरे पास हर चीज है वह इंसान के पास कुछ नहीं तो परफेक्ट नहीं पर फिट इसे नहीं कहते हैं पर फिर का मतलब दो चार पैसे कमाना अमीर बनना ही पर सेट नहीं होता है पर फिट का मतलब होता है कि आप अपने परिवार के साथ भी अच्छे से रह रहे उनको भी सारी सुविधाएं दे रहे हैं खुद के लिए भी सब चीज कर रहे हैं पैसे कमा रहे अपनी जिम्मेदारियों को समझ रहे हैं और इंसानियत भी आपके अंदर है तो इस तरह से हर एक चीज अगर किसी इंसान के अंदर आता तो वह इंसान परफेक्ट कहलाता है पर इंसान और मनुष्य से जाने अनजाने में कभी ना कभी कोई नहीं कोई गलती होती रहती तो मेरे साथ से कोई भी इंसान को हम पूरी तरह से परफेक्ट इस दुनिया में नहीं कह सकते और किसी भी इंसान को दो चार पैसे कमा लेना और दो-चार लोगों की तारीफ सुन लेने से खुद को खुद पर घमंड नहीं करना चाहिए यह सोचना चाहिए कि अगर आज दो-चार मेरी तारीफ की है तो क्यों ना कल 10:00 करे क्यों ना कल 20 करें अगर घमंड करके बैठ जाएंगे तो वह 24 जो तारीफ किए उसके अंदर ही हमसे मत रह जाएंगे
Helo evareevan to aaj aapaka savaal hai ki is duniya mein koee paraphekt nahin hai bas kuchh logon ko paraphekt hone ka ghamand hai kya yah baat sahee hai kament na too dikhe yah baat sahee hai ki koee bhee insaan paraphekt nahin agar itana paraphekt hota to vah matalab bahut oopar aur mahaan paramaatma kah laata to insaan yahaan par paraphekt banata nahin yaar pahale se hee paida par phit hokar nahin aata banane kee koshish karata hai traee karata hai ki ham aise kaam karen jisase kisee ka koee nukasaan na ho kisee ko koee bhee haani na pahunche aur kuchh insaan kya hote hain ki 24 unhen sartiphiket mil jaata hai padhaee mein thoda achchhe hote hain tailent jise ham kahate hain agar vah mil jaata hai too vah sochate hain ki ham har tarah se parphekt hai ham har tarah se achchhe insaan hain ham achchha khaasa kama sakate hain achchhee khaasee suvidhaen hamaare ghar mein hai aage chalakar bhee maara bhavishy achchha hai unake andar yah ghamand aa jaata hai ki haan to mere paas har cheej hai vah insaan ke paas kuchh nahin to paraphekt nahin par phit ise nahin kahate hain par phir ka matalab do chaar paise kamaana ameer banana hee par set nahin hota hai par phit ka matalab hota hai ki aap apane parivaar ke saath bhee achchhe se rah rahe unako bhee saaree suvidhaen de rahe hain khud ke lie bhee sab cheej kar rahe hain paise kama rahe apanee jimmedaariyon ko samajh rahe hain aur insaaniyat bhee aapake andar hai to is tarah se har ek cheej agar kisee insaan ke andar aata to vah insaan paraphekt kahalaata hai par insaan aur manushy se jaane anajaane mein kabhee na kabhee koee nahin koee galatee hotee rahatee to mere saath se koee bhee insaan ko ham pooree tarah se paraphekt is duniya mein nahin kah sakate aur kisee bhee insaan ko do chaar paise kama lena aur do-chaar logon kee taareeph sun lene se khud ko khud par ghamand nahin karana chaahie yah sochana chaahie ki agar aaj do-chaar meree taareeph kee hai to kyon na kal 10:00 kare kyon na kal 20 karen agar ghamand karake baith jaenge to vah 24 jo taareeph kie usake andar hee hamase mat rah jaenge

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Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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0:49

Seema Nayak  Bolkar App
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Unknown
0:18

Mohitrajput Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:04
तुमने कहा सही कहा एकदम बिल्कुल नहीं है जिसको घमंड है साले को हमारे सामने खड़े करें हम भी तो देखें कोई दुनिया में हर एक के पास संतुष्ट है कुछ ना कुछ करना चाहता है कुछ ना कुछ करने के बाद जब तक इंसान जी रहा है या जीता रहेगा तब तक वह नहीं नहीं चीजें करता रहेगा कोई भी किसी चीज से संतुष्ट नहीं है ठीक है तुम हो गए हो जाओगे तो कुछ ना कुछ करते रहो कभी ऐसा नहीं है कि कुछ नहीं सीखते हर एक बात उसे हर एक दिन कुछ ना कुछ नया सीखे ही सोते हैं तो कभी इंसान परफेक्ट नहीं होता ठीक है मशीनों को कहा जा सकता है क्योंकि वह मशीन होती है उनके अंदर एक ही सॉफ्टवेयर होता है तो उठा परफेक्ट चला पाते
Tumane kaha sahee kaha ekadam bilkul nahin hai jisako ghamand hai saale ko hamaare saamane khade karen ham bhee to dekhen koee duniya mein har ek ke paas santusht hai kuchh na kuchh karana chaahata hai kuchh na kuchh karane ke baad jab tak insaan jee raha hai ya jeeta rahega tab tak vah nahin nahin cheejen karata rahega koee bhee kisee cheej se santusht nahin hai theek hai tum ho gae ho jaoge to kuchh na kuchh karate raho kabhee aisa nahin hai ki kuchh nahin seekhate har ek baat use har ek din kuchh na kuchh naya seekhe hee sote hain to kabhee insaan paraphekt nahin hota theek hai masheenon ko kaha ja sakata hai kyonki vah masheen hotee hai unake andar ek hee sophtaveyar hota hai to utha paraphekt chala paate

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
3:16
रतन एकदम सत्य है क्योंकि इस संसार में पूर्ण ज्ञाता एकमात्र श्री कृष्ण और कोई है ही नहीं बाकी सभी अपूर्ण है मानव तो हमेशा ही अपूर्ण जन्म लेता है और आप उन्हीं मरता है हां उनका काम विद्या अभ्यास मानव को होता है और वह मिथ्याभिमान पा लेता है कि मैं पूर्व परफेक्ट हूं मैं उनके आता हूं इस प्रकार का मिथ्याभिमान व्यापार ले उसी का दुष्परिणाम आज देख रहे हैं आप इस संसार में मानव एक दूसरे को पर अन्याय शोषण कर रहा है बल प्रयोग कर रहा है एक दूसरे के साथ में छल परी कबड्डी अधर्म का सहारा लेता हुआ शक्ति के मद में डूबा हुआ अधोगति की ओर जा रहा है निम्न से निम्न स्तर को प्राप्त करता हुआ यहां तक कि तुम देख रहे हो तो 2 साल की बच्चियों के साथ जो देव किडनैप मर्डर जैसी को कर दो तो कौन जाम यह मानव ही दे रहा है और अंतिम का बुरा होता है इस बात को और कोई जानता है तो उधर से ही अंत बुरा है यदि पकड़ में आ गया तो जीवन भर सजाएं प्राप्त करेगा क्योंकि कृतियों का परिणाम बुक देगा और यदि पकड़ में नहीं आ सका तो ऊपर वाला भी कभी छोड़ता नहीं क्योंकि पत्नी पर जो न्याय होते हैं इनमें तो फिर भी छल कपट झूठा बेईमानी भ्रष्टाचार के कारण पक्षपात हो जाता है किंतु ऊपर वाला जो न्यायधीश है वह कभी गलती नहीं करता है समय के अनुसार निश्चित ही उसके परिणाम भुगतने होते हैं उन से नहीं बचा जा सकता है सिर्फ एकमात्र उसका ही वह है आज मानव मानव को नहीं खा रहा है वरना आज का मानव इतना स्वार्थी खुदगर्ज लालची अधर्मी अन्याय को कर्मी है कि वह मानव मानव को मारकर खा जाता है इसलिए आज भी तुम देख रहे हो चाय दानी स्वार्थ और लालच के वशीभूत होकर ही कोरोनावायरस का संक्रमण विश्व में पहला या विश्व की मानवता को समाप्त करने का प्रयास किया आज भाई चाइना इस कोरोनावायरस आदि के कारण से परेशान है समस्त विश्व की नजरों में पहले तक उसे मानता का कलंक मानते हैं
Ratan ekadam saty hai kyonki is sansaar mein poorn gyaata ekamaatr shree krshn aur koee hai hee nahin baakee sabhee apoorn hai maanav to hamesha hee apoorn janm leta hai aur aap unheen marata hai haan unaka kaam vidya abhyaas maanav ko hota hai aur vah mithyaabhimaan pa leta hai ki main poorv paraphekt hoon main unake aata hoon is prakaar ka mithyaabhimaan vyaapaar le usee ka dushparinaam aaj dekh rahe hain aap is sansaar mein maanav ek doosare ko par anyaay shoshan kar raha hai bal prayog kar raha hai ek doosare ke saath mein chhal paree kabaddee adharm ka sahaara leta hua shakti ke mad mein dooba hua adhogati kee or ja raha hai nimn se nimn star ko praapt karata hua yahaan tak ki tum dekh rahe ho to 2 saal kee bachchiyon ke saath jo dev kidanaip mardar jaisee ko kar do to kaun jaam yah maanav hee de raha hai aur antim ka bura hota hai is baat ko aur koee jaanata hai to udhar se hee ant bura hai yadi pakad mein aa gaya to jeevan bhar sajaen praapt karega kyonki krtiyon ka parinaam buk dega aur yadi pakad mein nahin aa saka to oopar vaala bhee kabhee chhodata nahin kyonki patnee par jo nyaay hote hain inamen to phir bhee chhal kapat jhootha beeemaanee bhrashtaachaar ke kaaran pakshapaat ho jaata hai kintu oopar vaala jo nyaayadheesh hai vah kabhee galatee nahin karata hai samay ke anusaar nishchit hee usake parinaam bhugatane hote hain un se nahin bacha ja sakata hai sirph ekamaatr usaka hee vah hai aaj maanav maanav ko nahin kha raha hai varana aaj ka maanav itana svaarthee khudagarj laalachee adharmee anyaay ko karmee hai ki vah maanav maanav ko maarakar kha jaata hai isalie aaj bhee tum dekh rahe ho chaay daanee svaarth aur laalach ke vasheebhoot hokar hee koronaavaayaras ka sankraman vishv mein pahala ya vishv kee maanavata ko samaapt karane ka prayaas kiya aaj bhaee chaina is koronaavaayaras aadi ke kaaran se pareshaan hai samast vishv kee najaron mein pahale tak use maanata ka kalank maanate hain

Aditya Tripathi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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1:17
फ्रेंड से अधिक त्रिपाठी इस दुनिया में कोई फर्क नहीं है कुछ लोगों को परफेक्ट होने का घमंड है क्या यह बात सही है इस पर जवाब तो जी हां दुनिया में कोई कमी परफेक्ट नहीं हो सकता क्योंकि यह बहुत सारे पेड़ होते हैं बहुत सारे क्षेत्र होते हैं तो कोई किसी एक क्षेत्र में प्रत्यक्ष हो सकता है कोई भाई में हो सकता है कोई कोई सी खेल में माली जी क्रिकेट में या फुटबॉल में उसमें व्यस्त नहीं हो सकता क्योंकि इस चीज की कोई लिमिट नहीं है किसी की परफेक्ट की कोई लिमिट नहीं है उससे भी परफेक्ट आदमी आ सकते हैं लेकिन वह ज्यादा एक फील्ड में किसी एक से दो फिल्में ही परफेक्ट हो सकता है लेकिन यहां पर हजारों ठंड है तू हर पी लो परफेक्ट होगा तो यह पॉसिबल नहीं है इसलिए कोई दुनिया में परफेक्ट नहीं हो सकता और हां किसी को अपने किसी एक फील्ड में थोड़ा अच्छा करने का घमंड हो सकता है लेकिन यह भी हर व्यक्ति को नहीं होगा तो इसका जवाब यही है कि हां तो हर कोई हर फिल्म में परफेक्ट नहीं हो सकता कोई घमंड की बात है तो हर किसी को नहीं होगा किसी किसी को हो सकता है धन्यवाद
Phrend se adhik tripaathee is duniya mein koee phark nahin hai kuchh logon ko paraphekt hone ka ghamand hai kya yah baat sahee hai is par javaab to jee haan duniya mein koee kamee paraphekt nahin ho sakata kyonki yah bahut saare ped hote hain bahut saare kshetr hote hain to koee kisee ek kshetr mein pratyaksh ho sakata hai koee bhaee mein ho sakata hai koee koee see khel mein maalee jee kriket mein ya phutabol mein usamen vyast nahin ho sakata kyonki is cheej kee koee limit nahin hai kisee kee paraphekt kee koee limit nahin hai usase bhee paraphekt aadamee aa sakate hain lekin vah jyaada ek pheeld mein kisee ek se do philmen hee paraphekt ho sakata hai lekin yahaan par hajaaron thand hai too har pee lo paraphekt hoga to yah posibal nahin hai isalie koee duniya mein paraphekt nahin ho sakata aur haan kisee ko apane kisee ek pheeld mein thoda achchha karane ka ghamand ho sakata hai lekin yah bhee har vyakti ko nahin hoga to isaka javaab yahee hai ki haan to har koee har philm mein paraphekt nahin ho sakata koee ghamand kee baat hai to har kisee ko nahin hoga kisee kisee ko ho sakata hai dhanyavaad

Satya Prajapati. Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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1:23

ANKUR singh Bolkar App
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Motivational speaker
2:28
तो आप लोग कैसे हैं क्वेश्चन है कि इस दुनिया में कोई फर्क नहीं है बस सब कुछ बस कुछ लोगों को परफेक्ट होने का घमंड है क्या यह बात सही है तो यह बात बिल्कुल गलत एकदम गलत इस दुनिया में जितने भी लोग हैं सब बर्फ एकता एकदम परफेक्ट है आप भी परफेक्ट हो हम भी परफेक्ट परफेक्ट हर कोई अपने-अपने फील्ड में पड़ सकते हैं हर किसी के अंदर एक डिसमिलाइजेशन होती है एक क्वालिटी है जिसमें हर कोई परफेक्ट कोई एक अच्छा सा वास्तुकार है कोई सिंगिंग अच्छा करता है कोई डांसिंग इतना करता है कोई कुछ खा लीजिएगा कोई अच्छा करते खाना अच्छा बनाता है कोई कोई कोई रोक मतलब बहुत सारी चीजें वो क्या है ना कि आपको अपने टैलेंट और जो आपके परफेक्ट ने सेना उसको दिखाने की जरूरत है उसको आगे लाने की जरूरत क्या होता है कि हम जितने भी लोगों को देखते हैं की यादें एमसी लिस्ट आ रहे हैं यह बड़े हैं यह से आगे बढ़े परफेक्ट परफेक्ट के घमंड की उन्होंने उस प्रकट किया उसके पीछे जो घमंडी बात है होना भी चाहिए कि आदमी को घमंड हो जाता है सब को भी नहीं होता यह भी बात याद रखना क्या होता है इसलिए मैं घमंड है कि उन्होंने उस पर फिर मिल लेना उनके अंदर उसके पीछे उन्होंने बहुत स्ट्रगल किया है वह कंसंट्रेट क्या मेहनत किया है उस लेवल तक पहुंचने के लिए तो नहीं घमंड है यार हर किसी को होगा अगर आप आप लेवल पर पहुंचते हैं और आप पर मेहनत करते स्ट्रगल करते हो यह सारी चीजें तभी हासिल होती है तो घमंड करे तो घमंड इंसान को कब होता है जब आपके पास सब कुछ होता है आपके पास पावर होता है तो पास पैसा होता के पास सब कुछ होता है तभी आप घमंड करते हो हम आप जीरो लेवल हम किस जगह बनते खोने के लिए ना कुछ पाने के लिए घमंड घमंड को पाने के लिए ना करना पड़े तो आप अपने क्वालिटी को लेकर आओ बाहर और आप और हर कोई पर्फेक्ट ऐसा नहीं है दुनिया में हर कोई पड़ सकता है मैं भी पढ़ सकते आप भी पढ़ सकते ऐसा कोई नेगेटिव माइंड में प्रस्तुत परफेक्ट को लाना है ठीक है मेहनत करना स्ट्रगल करना थैंक यू
To aap log kaise hain kveshchan hai ki is duniya mein koee phark nahin hai bas sab kuchh bas kuchh logon ko paraphekt hone ka ghamand hai kya yah baat sahee hai to yah baat bilkul galat ekadam galat is duniya mein jitane bhee log hain sab barph ekata ekadam paraphekt hai aap bhee paraphekt ho ham bhee paraphekt paraphekt har koee apane-apane pheeld mein pad sakate hain har kisee ke andar ek disamilaijeshan hotee hai ek kvaalitee hai jisamen har koee paraphekt koee ek achchha sa vaastukaar hai koee singing achchha karata hai koee daansing itana karata hai koee kuchh kha leejiega koee achchha karate khaana achchha banaata hai koee koee koee rok matalab bahut saaree cheejen vo kya hai na ki aapako apane tailent aur jo aapake paraphekt ne sena usako dikhaane kee jaroorat hai usako aage laane kee jaroorat kya hota hai ki ham jitane bhee logon ko dekhate hain kee yaaden emasee list aa rahe hain yah bade hain yah se aage badhe paraphekt paraphekt ke ghamand kee unhonne us prakat kiya usake peechhe jo ghamandee baat hai hona bhee chaahie ki aadamee ko ghamand ho jaata hai sab ko bhee nahin hota yah bhee baat yaad rakhana kya hota hai isalie main ghamand hai ki unhonne us par phir mil lena unake andar usake peechhe unhonne bahut stragal kiya hai vah kansantret kya mehanat kiya hai us leval tak pahunchane ke lie to nahin ghamand hai yaar har kisee ko hoga agar aap aap leval par pahunchate hain aur aap par mehanat karate stragal karate ho yah saaree cheejen tabhee haasil hotee hai to ghamand kare to ghamand insaan ko kab hota hai jab aapake paas sab kuchh hota hai aapake paas paavar hota hai to paas paisa hota ke paas sab kuchh hota hai tabhee aap ghamand karate ho ham aap jeero leval ham kis jagah banate khone ke lie na kuchh paane ke lie ghamand ghamand ko paane ke lie na karana pade to aap apane kvaalitee ko lekar aao baahar aur aap aur har koee parphekt aisa nahin hai duniya mein har koee pad sakata hai main bhee padh sakate aap bhee padh sakate aisa koee negetiv maind mein prastut paraphekt ko laana hai theek hai mehanat karana stragal karana thaink yoo

Dt. Mayuari official Bolkar App
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Medical field
2:59
कुछ नहीं कि दुनिया में कोई परफेक्ट नहीं होता बट कुछ लोगों को घमंड होता है कि वह पर्फेक्ट है क्या यह बात सही है हां ऐसा होता है क्योंकि यह हर इंसान का अपनी मेंटालिटी है कि मेंटालिटी पर निर्भर करता है कि आप खुद को किस पढ़ने में आंख रहे हो आप खुद को बहुत काबिल समझ रहे हो बहुत आपको खुद को बहुत समझदार समझाओ कि नहीं मुझे तो सब सब कुछ आता है मैं तो सर्व ज्ञाता हूं तो वह डिपेंड करता है इस पर क्या आप कैसे सोच रहे हो खुद के बारे में ठीक है लेकिन हां यह बात सही है कि कोई इंसान परफेक्ट नहीं होता तुझे भगवान ने किसी को पर शक नहीं बनाया है अगर आप परफेक्ट कोई इंसान बन जाता तो वह भगवान ना बन जाता फिर वह इंसान ही कहां रहा हो तो परफेक्ट है बिल्कुल तो कोई भी इंसान पर शक नहीं है क्योंकि भगवान ने कोई भी इंसान परफेक्ट बनाया ही नहीं है धरती पर किसी ना किसी में कुछ ना कुछ कमी जरूर होती है और बस यह है कि कुछ लोगों को लगता है जो कुछ मूल लोग होते हैं उनको यह लगता है कि वह बहुत सटक जाता है हमको सब ज्ञान है वह बिल्कुल ब्रह्मा जी के बाद या बिल्कुल वहीं बैठे हैं सिंहासन लगाए हुए जिसमें कुछ आप आजकल की टीवी में बाबाओं को भी देखते होंगे तो इसमें कैटेगरी में बहुत लोग हैं बहुत से ऐसे मूर्ख व्यक्ति हैं जो खुद को बुद्धिमान समझते हैं जो समझते कि वह स्वयं ही भगवान है वह ईश्वर है ठीक है तो ऐसा नहीं है क्योंकि अंत उनका भी होगा अंत हमारा भी होगा कोई ईश्वर नहीं है ईश्वर जो है वह ईश्वर है तो यह मूर्ख लोग होते हैं जो ऐसा सोचते हैं उनको घमंड भी बहुत होता है अपने ज्ञान का अपनी नॉलेज का जो नॉलेज वह किसी से नहीं बाटेंगे वह नॉलेज से प्रवचन देने में बाटेंगे वह ज्ञान है से देंगे जैसे नॉलेज सलोनी को है भगवान ने रामायण में अगर कोई बात कही है तो वह सिर्फ उन्हीं के लिए कहिए बाकी किसी थर्ड पर्सन के लिए नहीं कही है तो यह मूर्खता की निशानी है यह बुद्धिमान इंसान ऐसा नहीं करता ठीक है तो बुद्धिमान इंसान उनकी पहचान नहीं होती बुद्धिमान इंसान अपना ज्ञान जो है वह भागता है वह ज्ञानी के लाता है और जो बुद्धिमान इंसान होता है वह अपने जो उसमें क्वालिटी है वह कभी घमंड नहीं करता वह बहुत डाउन टू अर्थ होता है जैसे कि एक वृक्ष होता है जिस में फूल ही फूल होता है फल फल होते हैं जब फल होते हैं तो वह जमीन से झुका रहता है जमीन की तरफ झुका रहता है क्योंकि वह फलों से गुरु से भरा होता है ठीक है तो जो ऐसे ही जो इंसान होता है जिसमें क्वालिटीज बहुत क्वालिटीज होती है जो सच में ज्ञानी होता है वह डाउन टू अर्थ होता है वह कभी घमंड नहीं करता हूं जो घमंड करता है उसे खाली घड़े की तरह होता है जिसे खाली बड़ा बस्ता रहता है वैसे ही वह इंसान अपने ज्ञान का जो ज्ञान उसको होता ही नहीं उसको से घमंड होता है उसका वह प्रचार करता रहता है वह समझता है कि से वही ज्ञानी है और वही सब कुछ है बाकी दूसरा कुछ भी नहीं है ठीक है तो यह चीज सही है कुछ लोगों के लिए तो यह प्रश्न आप
Kuchh nahin ki duniya mein koee paraphekt nahin hota bat kuchh logon ko ghamand hota hai ki vah parphekt hai kya yah baat sahee hai haan aisa hota hai kyonki yah har insaan ka apanee mentaalitee hai ki mentaalitee par nirbhar karata hai ki aap khud ko kis padhane mein aankh rahe ho aap khud ko bahut kaabil samajh rahe ho bahut aapako khud ko bahut samajhadaar samajhao ki nahin mujhe to sab sab kuchh aata hai main to sarv gyaata hoon to vah dipend karata hai is par kya aap kaise soch rahe ho khud ke baare mein theek hai lekin haan yah baat sahee hai ki koee insaan paraphekt nahin hota tujhe bhagavaan ne kisee ko par shak nahin banaaya hai agar aap paraphekt koee insaan ban jaata to vah bhagavaan na ban jaata phir vah insaan hee kahaan raha ho to paraphekt hai bilkul to koee bhee insaan par shak nahin hai kyonki bhagavaan ne koee bhee insaan paraphekt banaaya hee nahin hai dharatee par kisee na kisee mein kuchh na kuchh kamee jaroor hotee hai aur bas yah hai ki kuchh logon ko lagata hai jo kuchh mool log hote hain unako yah lagata hai ki vah bahut satak jaata hai hamako sab gyaan hai vah bilkul brahma jee ke baad ya bilkul vaheen baithe hain sinhaasan lagae hue jisamen kuchh aap aajakal kee teevee mein baabaon ko bhee dekhate honge to isamen kaitegaree mein bahut log hain bahut se aise moorkh vyakti hain jo khud ko buddhimaan samajhate hain jo samajhate ki vah svayan hee bhagavaan hai vah eeshvar hai theek hai to aisa nahin hai kyonki ant unaka bhee hoga ant hamaara bhee hoga koee eeshvar nahin hai eeshvar jo hai vah eeshvar hai to yah moorkh log hote hain jo aisa sochate hain unako ghamand bhee bahut hota hai apane gyaan ka apanee nolej ka jo nolej vah kisee se nahin baatenge vah nolej se pravachan dene mein baatenge vah gyaan hai se denge jaise nolej salonee ko hai bhagavaan ne raamaayan mein agar koee baat kahee hai to vah sirph unheen ke lie kahie baakee kisee thard parsan ke lie nahin kahee hai to yah moorkhata kee nishaanee hai yah buddhimaan insaan aisa nahin karata theek hai to buddhimaan insaan unakee pahachaan nahin hotee buddhimaan insaan apana gyaan jo hai vah bhaagata hai vah gyaanee ke laata hai aur jo buddhimaan insaan hota hai vah apane jo usamen kvaalitee hai vah kabhee ghamand nahin karata vah bahut daun too arth hota hai jaise ki ek vrksh hota hai jis mein phool hee phool hota hai phal phal hote hain jab phal hote hain to vah jameen se jhuka rahata hai jameen kee taraph jhuka rahata hai kyonki vah phalon se guru se bhara hota hai theek hai to jo aise hee jo insaan hota hai jisamen kvaaliteej bahut kvaaliteej hotee hai jo sach mein gyaanee hota hai vah daun too arth hota hai vah kabhee ghamand nahin karata hoon jo ghamand karata hai use khaalee ghade kee tarah hota hai jise khaalee bada basta rahata hai vaise hee vah insaan apane gyaan ka jo gyaan usako hota hee nahin usako se ghamand hota hai usaka vah prachaar karata rahata hai vah samajhata hai ki se vahee gyaanee hai aur vahee sab kuchh hai baakee doosara kuchh bhee nahin hai theek hai to yah cheej sahee hai kuchh logon ke lie to yah prashn aap

neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए neelam जी का जवाब
I am nurse
2:17
हां दोस्त आप का सवाल है इस दुनिया में कोई फर्क नहीं है बस कुछ लोगों को परफेक्ट होने का घमंड है क्या यह बात सही है तो बिल्कुल सही है दोस्त यह बिल्कुल सही है मेरे दोस्त कि आज के जमाने में या किसी भी जमाने में कोई पर फिक्स नहीं है हर इंसान के अंदर कुछ ना कुछ कमी होती है किसी की बॉडी पोस्चर में कमी होती है तो क्या कभी भी मिलता है तो किसी की सोचने समझने की शक्ति में किसी के बोलने में किसी के देखने में कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ कमी रह जाती है दुनिया में कोई पर फिर तो के पैदा नहीं हुआ जो कि आसमान में जो नेचुरल है जैसे चांद में भी दाग है सूरज को सूरज बहुत सारी दुनिया को जला देता है तो उसके अंदर भी बहुत गर्मी उसके पास कोई जा नहीं सकता है तो यह देखा जाए तो हर इंसान के अंदर कुछ ना कुछ कमी होती है कोई परफेक्ट नहीं होता है बट कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके पास सिर्फ दिखावे की कोशिश कर सकते सिर्फ कुछ कुछ लोग होते हैं जो हो रहे हैं कुछ काले हैं उसकी जो उनमें से जो लोग होते हैं जिनका जैसे रंग फेयर हो या थोड़ा समय नक्शा अच्छा हो तो भी घमंड होता है कि वह कर के अंदर कोई कमी नहीं है तो इस तरह का घमंड हो जाता है उनके अंदर या जिनके पास बहुत सारे पैसे होते हैं उन्हें लगता है कि वह दुनिया में बहुत फर्क है वह कुछ भी कर सकते हैं और जो थोड़ा गरीब हमको लगता है यह लोग किसी काम के नहीं है लेकिन केंद्र पर यह चीजें होती है कि इंसान के अंदर बहुत घमंड है बाकी दुनिया में कोई पक्षियों के पैदा नहीं होता कुछ ना कुछ कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ नहीं जाता हर इंसान के अंदर तो भगवान को पता है कि अगर हम किसी को हर खूबी किसी को दे कर भेजेंगे तो दुनिया में जाने के बाद ऐसा नहीं लगा तो अपने आप को भगवान समझ में लगेगा इसलिए कुछ ना कुछ कमी कहीं ना कहीं किसी टाइम सपने अलग होती है बस फर्क इतना है किसी की ज्यादा होती है किसी की कम होती है और किसी की जिसके अंदर होती है वह किसी के पास पैसे की अधिकता होने की वजह से उसे ढक लेता है किसी के अंदर थोड़ा बुद्धि ज्यादा होती है तो अपनी बुद्धि से उस कमी को ढक लेता है हर इंसान के अंदर होता है कोई दुनिया में परफेक्ट हो कर पैदा नहीं हो सकता है दोस्ती मेरा जवाब आपको अच्छा लगे धन्यवाद थैंक यू सो मच ऐसे ही हंसते रहो मुस्कुराते रहो और अपना ध्यान और उनके परिवार का ध्यान रखिए
Haan dost aap ka savaal hai is duniya mein koee phark nahin hai bas kuchh logon ko paraphekt hone ka ghamand hai kya yah baat sahee hai to bilkul sahee hai dost yah bilkul sahee hai mere dost ki aaj ke jamaane mein ya kisee bhee jamaane mein koee par phiks nahin hai har insaan ke andar kuchh na kuchh kamee hotee hai kisee kee bodee poschar mein kamee hotee hai to kya kabhee bhee milata hai to kisee kee sochane samajhane kee shakti mein kisee ke bolane mein kisee ke dekhane mein kaheen na kaheen kuchh na kuchh kamee rah jaatee hai duniya mein koee par phir to ke paida nahin hua jo ki aasamaan mein jo nechural hai jaise chaand mein bhee daag hai sooraj ko sooraj bahut saaree duniya ko jala deta hai to usake andar bhee bahut garmee usake paas koee ja nahin sakata hai to yah dekha jae to har insaan ke andar kuchh na kuchh kamee hotee hai koee paraphekt nahin hota hai bat kuchh log aise hote hain jinake paas sirph dikhaave kee koshish kar sakate sirph kuchh kuchh log hote hain jo ho rahe hain kuchh kaale hain usakee jo unamen se jo log hote hain jinaka jaise rang pheyar ho ya thoda samay naksha achchha ho to bhee ghamand hota hai ki vah kar ke andar koee kamee nahin hai to is tarah ka ghamand ho jaata hai unake andar ya jinake paas bahut saare paise hote hain unhen lagata hai ki vah duniya mein bahut phark hai vah kuchh bhee kar sakate hain aur jo thoda gareeb hamako lagata hai yah log kisee kaam ke nahin hai lekin kendr par yah cheejen hotee hai ki insaan ke andar bahut ghamand hai baakee duniya mein koee pakshiyon ke paida nahin hota kuchh na kuchh kaheen na kaheen kuchh na kuchh nahin jaata har insaan ke andar to bhagavaan ko pata hai ki agar ham kisee ko har khoobee kisee ko de kar bhejenge to duniya mein jaane ke baad aisa nahin laga to apane aap ko bhagavaan samajh mein lagega isalie kuchh na kuchh kamee kaheen na kaheen kisee taim sapane alag hotee hai bas phark itana hai kisee kee jyaada hotee hai kisee kee kam hotee hai aur kisee kee jisake andar hotee hai vah kisee ke paas paise kee adhikata hone kee vajah se use dhak leta hai kisee ke andar thoda buddhi jyaada hotee hai to apanee buddhi se us kamee ko dhak leta hai har insaan ke andar hota hai koee duniya mein paraphekt ho kar paida nahin ho sakata hai dostee mera javaab aapako achchha lage dhanyavaad thaink yoo so mach aise hee hansate raho muskuraate raho aur apana dhyaan aur unake parivaar ka dhyaan rakhie

jayprakash Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:41

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