#भारत की राजनीति

shabnam khatun Bolkar App
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Student
1:58
हेलो जीवन तो आज आप का सवाल है कि क्या विपक्ष के लोगों ने किसानों को भड़काया है या फिर सच में किसान दिल में कोई समस्या है तो हमें किसान को छोटे बच्चे अगर भड़का दिया जाए छोटे बच्चों के जैसे भड़का दिया जाता है तो जो भी समझा देते वैसे ही करते हैं किसान को छोटे बच्चे को पता है उनको कोई लड़का नहीं सकता है अगर भड़काने से और समझाने से हर काम हो जाता तो बहुत सारे लोग तो भाजपा सरकार को सपोर्ट नहीं करते पर फिर भी भाजपा सरकार दिखे हर एक जगह हर एक राज्य में उनका धीरे-धीरे झंडा फहरा तू किसी के भड़काने सब किसी के बोलने से कुछ नहीं होता बस यह कुछ समय के लिए दो चार लोगों के माइंड चेंज होते हैं या फिर नहीं होते हैं लोग मतलब बहुत ज्यादा एक्टिव नहीं कह सकते एक ही न्यूज़ चैनल को देख कर अपना मेरे हिसाब से वह उनका पोयम कोई सुन नहीं सकता या फिर वह खुद ही अपने में विश्वास नहीं करते हम 145 न्यूज़ देखना चाहिए 4 बार जगह से हरे इंफॉर्मेशन कलेक्ट करना चाहिए ध्यान रखना चाहिए तो सिर्फ एक दो न्यूज़ चैनल देख कर नहीं पता कर सकते क्या विपक्ष सरकार है और किसान मान लिए जो कुछ चैनल में दिखाया जाता है किसानों को पता है कि उनके लिए क्या सही है क्या गलत है क्या हो रहा है अच्छा क्या नहीं हो रहा है इसलिए वह प्रोडक्ट और यह आंदोलन करने के लिए आई है इतनी ठंड में ऐसे महामारी में कोई मतलब किसी को भड़काने से तो कोई कैसे इतना बड़ा कदम उठा सकता है ना तो कोई किसी को भड़का नहीं रहा है विपक्ष का काम है कि कुछ तो उल्टा और उनके अपोजिट में बोलेंगे ही मतलब ज्यादा से ज्यादा समय एक इंसान चाहता था कि वह प्लेस मिले मुझे वह सीट मिले लेकिन इंसान और जनता को कोई नहीं करता सकता जनता को पता है कि क्या सही है क्या गलत है कि जैसे किसानों को पता है कि क्या सही है क्या गलत है
Helo jeevan to aaj aap ka savaal hai ki kya vipaksh ke logon ne kisaanon ko bhadakaaya hai ya phir sach mein kisaan dil mein koee samasya hai to hamen kisaan ko chhote bachche agar bhadaka diya jae chhote bachchon ke jaise bhadaka diya jaata hai to jo bhee samajha dete vaise hee karate hain kisaan ko chhote bachche ko pata hai unako koee ladaka nahin sakata hai agar bhadakaane se aur samajhaane se har kaam ho jaata to bahut saare log to bhaajapa sarakaar ko saport nahin karate par phir bhee bhaajapa sarakaar dikhe har ek jagah har ek raajy mein unaka dheere-dheere jhanda phahara too kisee ke bhadakaane sab kisee ke bolane se kuchh nahin hota bas yah kuchh samay ke lie do chaar logon ke maind chenj hote hain ya phir nahin hote hain log matalab bahut jyaada ektiv nahin kah sakate ek hee nyooz chainal ko dekh kar apana mere hisaab se vah unaka poyam koee sun nahin sakata ya phir vah khud hee apane mein vishvaas nahin karate ham 145 nyooz dekhana chaahie 4 baar jagah se hare imphormeshan kalekt karana chaahie dhyaan rakhana chaahie to sirph ek do nyooz chainal dekh kar nahin pata kar sakate kya vipaksh sarakaar hai aur kisaan maan lie jo kuchh chainal mein dikhaaya jaata hai kisaanon ko pata hai ki unake lie kya sahee hai kya galat hai kya ho raha hai achchha kya nahin ho raha hai isalie vah prodakt aur yah aandolan karane ke lie aaee hai itanee thand mein aise mahaamaaree mein koee matalab kisee ko bhadakaane se to koee kaise itana bada kadam utha sakata hai na to koee kisee ko bhadaka nahin raha hai vipaksh ka kaam hai ki kuchh to ulta aur unake apojit mein bolenge hee matalab jyaada se jyaada samay ek insaan chaahata tha ki vah ples mile mujhe vah seet mile lekin insaan aur janata ko koee nahin karata sakata janata ko pata hai ki kya sahee hai kya galat hai ki jaise kisaanon ko pata hai ki kya sahee hai kya galat hai

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Harender Kumar Yadav Bolkar App
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As School administration & Principal
3:08
विंडोज़ के लोगों ने किसानों को बढ़ गया है या फिर सच में किसान बिल में कोई समस्या जो कि उसको मिटा सकता फार्मिंग में है अगर वह नहीं खरीदा है तो उसके लिए सीधे एसडीएम कोर्ट तक है जबकि एचडी में छोटी कोर्ट होती है निश्चित तौर पर हमें बड़ी कोट तक पहुंचना चाहिए डिस्टिक लेवल पर करना चाहिए और उसे मिलजुल कर के बेहतर करना चाहिए इसके बाद आता है कुछ और होते हैं जो एमएससी को देखकर एमएसपी के लिए सरकार कोई शक कानून नहीं बना रही है प्राइवेट कह रहे हैं कि लोग कहीं पर जाकर भेज सकते हैं कोई भी रजिस्टर्ड एजेंट हो वह कर ही सकता है लेकिन अगर मान लीजिए कि हमारे की सरकारी विक्रय केंद्र है वहां पर नहीं खरीदा जाता है और अगर लोग कहीं और भी करते हैं तो अपनी मर्जी से खरीदेंगे यानी कि सरकार सख्त कानून नहीं बना रही कि भाई नहीं आप बाहर भी खरीदे तो एमएसपी पर ही किए हैं एमएसपी परिचय दें इसमें मिलता है जैसे कि मैं आपको उदाहरण दो माली जी की एक मंडी में गेहूं का उन्नीस सौ रुपए निर्धारित किया गया है हमने तो अपना शतक पूरा कर लिया और जो बच्चे की शान है बाहर दूसरे प्राइवेट सेक्टर में खरीदना चाहिए और उसने कहा कि जी हम तो नहीं लेंगे हम आपको 15 सो रुपए लेकिन अगर गवर्नमेंट का सख्त कानून होगी वहीं नहीं आना स्कूल से नीचे कोई खरीदने सकता कोई कच्चा बिल दे नहीं सकता है तो अगर इस तरह से कोई खरीदता है और कच्चे बिल देता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए हैं जहां पर है लेकिन बाद में इसको इस आंदोलन को कहीं राजनीति से प्रेरित कर दिया गया प्रेस करके जो पंजाब का एक ग्रुप उसमें काम कर रहा है और खासकर खालिस्तानी ऐड कर के नाम से है वह गलत है और कम्युनिस्ट पार्टी का जो किसान ग्रुप है वह गलत पॉलिटिक्स से कांग्रेसका भी किसान ग्रुप है जो गलत ढंग से पकड़ लिया और निश्चित तौर पर ही दुर्भाग्यपूर्ण है वरना किसी भी आंदोलन को सफल नहीं होने और जिन्हें व्यापम वापस करके ही जान जाय कानून कैसे हो सकता है उसको बताया था दोनों सदनों में पारित किया गया है राष्ट्रपति का संभावना है गुंजाइश है उसको कनेक्ट किया जा सकता है तो कहीं इसमें कुछ खाया जरूर क्या है
Vindoz ke logon ne kisaanon ko badh gaya hai ya phir sach mein kisaan bil mein koee samasya jo ki usako mita sakata phaarming mein hai agar vah nahin khareeda hai to usake lie seedhe esadeeem kort tak hai jabaki echadee mein chhotee kort hotee hai nishchit taur par hamen badee kot tak pahunchana chaahie distik leval par karana chaahie aur use milajul kar ke behatar karana chaahie isake baad aata hai kuchh aur hote hain jo emesasee ko dekhakar emesapee ke lie sarakaar koee shak kaanoon nahin bana rahee hai praivet kah rahe hain ki log kaheen par jaakar bhej sakate hain koee bhee rajistard ejent ho vah kar hee sakata hai lekin agar maan leejie ki hamaare kee sarakaaree vikray kendr hai vahaan par nahin khareeda jaata hai aur agar log kaheen aur bhee karate hain to apanee marjee se khareedenge yaanee ki sarakaar sakht kaanoon nahin bana rahee ki bhaee nahin aap baahar bhee khareede to emesapee par hee kie hain emesapee parichay den isamen milata hai jaise ki main aapako udaaharan do maalee jee kee ek mandee mein gehoon ka unnees sau rupe nirdhaarit kiya gaya hai hamane to apana shatak poora kar liya aur jo bachche kee shaan hai baahar doosare praivet sektar mein khareedana chaahie aur usane kaha ki jee ham to nahin lenge ham aapako 15 so rupe lekin agar gavarnament ka sakht kaanoon hogee vaheen nahin aana skool se neeche koee khareedane sakata koee kachcha bil de nahin sakata hai to agar is tarah se koee khareedata hai aur kachche bil deta hai to usake khilaaph kaanoonee kaarravaee kie hain jahaan par hai lekin baad mein isako is aandolan ko kaheen raajaneeti se prerit kar diya gaya pres karake jo panjaab ka ek grup usamen kaam kar raha hai aur khaasakar khaalistaanee aid kar ke naam se hai vah galat hai aur kamyunist paartee ka jo kisaan grup hai vah galat politiks se kaangresaka bhee kisaan grup hai jo galat dhang se pakad liya aur nishchit taur par hee durbhaagyapoorn hai varana kisee bhee aandolan ko saphal nahin hone aur jinhen vyaapam vaapas karake hee jaan jaay kaanoon kaise ho sakata hai usako bataaya tha donon sadanon mein paarit kiya gaya hai raashtrapati ka sambhaavana hai gunjaish hai usako kanekt kiya ja sakata hai to kaheen isamen kuchh khaaya jaroor kya hai

Maayank Bolkar App
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College
2:11
नमस्कार दोस्तों जिस प्रकार से किसान इस अवधि को इस मौसम को झेल रहे हैं मैं नहीं मानता कोई विपक्ष ने ₹2000 दिन के देख यह ₹10000 दे दे कोई भी एक समझदार व्यक्ति यह लालची व्यक्ति भी ऐसा काम नहीं करेगा कि वह 1 महीने से लगातार वहां पर बैठा हुआ दिल्ली बॉर्डर पर और ठंड का सामना कर रहा है पर इसका सामना कर रहा है तो यह कहना कि यह विपक्ष के भेजो लोग हैं यह बिके हुए लोग हैं यह कहना गलत है क्योंकि बहुत खराब मौसम है और चाहे कोई भी असर चुना धीरे दिन के कोई भी वहां पर जाकर नहीं बैठेगा इतने दिन तो यह जो भी लोग हैं वह किसान ही है किसान के शुभचिंतक है जहां पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं क्या किसान बिल में कोई समस्या है तो हां है समस्या सबसे बड़ी तो एक ही है कि जब यह बिल बनाए जा रहे थे तब किसानों से ज्यादा पूछा नहीं क्या उनकी राय नहीं लिखे और इसी के चलते हैं ऐसे कानून आई गई जिसमें किसान अपना हित नहीं दिखते दूसरा यह है कि जो कि सरकार कहती है कि हम एमएसपी लिख देंगे हम आपको लिख कर देना एमएसपी नहीं हटेगी तो सर किसान को जो एक दिक्कत है वह अविश्वास सरकार पर क्योंकि सरकार के ऐसे कई बड़े-बड़े वादे हैं जिसमें सरकार बहुत बड़े-बड़े वादे करती हैं लेकिन बाद में पीछे हट जाती है तो यही अविश्वास जो 6 साल की सरकार ने पैदा किया देशवासियों में उसी के चलते किसान को भरोसा नहीं की एमएसपी सरकार हटा भी सकते उनको ऐसा लगता है दूसरा यह किसान चाहते हैं कि एमएसपी कोई कानून बना दिया जाए यानि अब तक तो बस अब तक बस मंडियों में एमएसपी पर फसलें खरीदी जाती थी बेची जाती थी लेकिन किसान कहने आप क्योंकि आप प्राइवेट फॉर्म इन खोलने यानी कोई बाहर से भी खरीद सकता है मंडी के बाहर बेशक एमएसपी को लागू कर दिया जाए कि कोई भी फसल एमएसपी की कम प्राइस पर ना खरीदें तो जरूरी तो यह है 1 महीने मांडू किसान कर रहे हैं एमएसपी को कानून में लाना या कंपलसरी करना
Namaskaar doston jis prakaar se kisaan is avadhi ko is mausam ko jhel rahe hain main nahin maanata koee vipaksh ne ₹2000 din ke dekh yah ₹10000 de de koee bhee ek samajhadaar vyakti yah laalachee vyakti bhee aisa kaam nahin karega ki vah 1 maheene se lagaataar vahaan par baitha hua dillee bordar par aur thand ka saamana kar raha hai par isaka saamana kar raha hai to yah kahana ki yah vipaksh ke bhejo log hain yah bike hue log hain yah kahana galat hai kyonki bahut kharaab mausam hai aur chaahe koee bhee asar chuna dheere din ke koee bhee vahaan par jaakar nahin baithega itane din to yah jo bhee log hain vah kisaan hee hai kisaan ke shubhachintak hai jahaan par baithakar pradarshan kar rahe hain kya kisaan bil mein koee samasya hai to haan hai samasya sabase badee to ek hee hai ki jab yah bil banae ja rahe the tab kisaanon se jyaada poochha nahin kya unakee raay nahin likhe aur isee ke chalate hain aise kaanoon aaee gaee jisamen kisaan apana hit nahin dikhate doosara yah hai ki jo ki sarakaar kahatee hai ki ham emesapee likh denge ham aapako likh kar dena emesapee nahin hategee to sar kisaan ko jo ek dikkat hai vah avishvaas sarakaar par kyonki sarakaar ke aise kaee bade-bade vaade hain jisamen sarakaar bahut bade-bade vaade karatee hain lekin baad mein peechhe hat jaatee hai to yahee avishvaas jo 6 saal kee sarakaar ne paida kiya deshavaasiyon mein usee ke chalate kisaan ko bharosa nahin kee emesapee sarakaar hata bhee sakate unako aisa lagata hai doosara yah kisaan chaahate hain ki emesapee koee kaanoon bana diya jae yaani ab tak to bas ab tak bas mandiyon mein emesapee par phasalen khareedee jaatee thee bechee jaatee thee lekin kisaan kahane aap kyonki aap praivet phorm in kholane yaanee koee baahar se bhee khareed sakata hai mandee ke baahar beshak emesapee ko laagoo kar diya jae ki koee bhee phasal emesapee kee kam prais par na khareeden to jarooree to yah hai 1 maheene maandoo kisaan kar rahe hain emesapee ko kaanoon mein laana ya kampalasaree karana

BK. SHYAAM. KARWA Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:22
आशंका है कि विपक्ष के लोगों ने किसानों को पड़ता है या फिर सच में किसान बलम कोई समस्या को बताना चाहूंगा कि मुझे नहीं लगता कि विपक्ष के लोगों ने किसान को पढ़कर कि इससे कि जो किसान भी लंबे समय से आपको बताना चाहूंगा कि 3:00 बजे बंद है क्यों में पेला पेली उसमें कहा गया है कि किसान सहित अपनी उपज मंडी में सकता है या फिर से एक बार भेजता है कि किसान नेता कैसा हो दे दो मंडी समाप्त हो जाएगी और अपने बीच में घी आदि की शादी की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाए क्योंकि यह थी कि सरकारी गारंटी देती है तो सरकार इस कानून बन जाती है वह सरकार को किसानों के ऊपर से अधिक रुपए में करनी पड़ती है वापिस जवाई सरकार लोगों ने भारतीय पर बेस्ड है तो सरकार कम पैसे में पड़ता है इसलिए सरकारी ताकि इसे समाप्त कर दिया जाए और सबको बराबर आकर मिलें किसानों को भी और लोगों को भी किंतु कि शांति से उतना ही फायदा देखना चाहते हैं और जो दूसरा और तीसरा का नाम दूसरे का नाम बताते हैं कि बड़े-बड़े कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी कांटेक्ट करेंगे और डिजाइन सकेंगे कि वह फसल का उचित मूल्य करें और फिर उसी मूल्य पर कांटेक्ट को सारी उपज भेजें इसमें भी किसानों को धान किसानों को लगता है कि यह भूकंप लेते कर लेते हैं और फिर उस मूल्य में बढ़ोतरी और कटौती होती है तो बीच में किसानों को नुकसान और तीसरे जुबिल वॉच में कहा गया है कि कोई भी अपनी स्थाई या फिर कोई भी बड़ी फैक्ट्री से हैप्पी रिटर्ंस 2 इनका प्रदान कर सकते किंतु इससे भ्रष्टाचारी पड़ेगा क्योंकि किसानों के पास इतना बड़ा कोई धर्म नहीं होता है जहां भगवान का भंडारण का सबसे बड़ा और दिल में ही रह भी किसान आंदोलन करें धन्यवाद
Aashanka hai ki vipaksh ke logon ne kisaanon ko padata hai ya phir sach mein kisaan balam koee samasya ko bataana chaahoonga ki mujhe nahin lagata ki vipaksh ke logon ne kisaan ko padhakar ki isase ki jo kisaan bhee lambe samay se aapako bataana chaahoonga ki 3:00 baje band hai kyon mein pela pelee usamen kaha gaya hai ki kisaan sahit apanee upaj mandee mein sakata hai ya phir se ek baar bhejata hai ki kisaan neta kaisa ho de do mandee samaapt ho jaegee aur apane beech mein ghee aadi kee shaadee kee nyoonatam samarthan mooly kee gaarantee dee jae kyonki yah thee ki sarakaaree gaarantee detee hai to sarakaar is kaanoon ban jaatee hai vah sarakaar ko kisaanon ke oopar se adhik rupe mein karanee padatee hai vaapis javaee sarakaar logon ne bhaarateey par besd hai to sarakaar kam paise mein padata hai isalie sarakaaree taaki ise samaapt kar diya jae aur sabako baraabar aakar milen kisaanon ko bhee aur logon ko bhee kintu ki shaanti se utana hee phaayada dekhana chaahate hain aur jo doosara aur teesara ka naam doosare ka naam bataate hain ki bade-bade kontraikt ejensee kaantekt karenge aur dijain sakenge ki vah phasal ka uchit mooly karen aur phir usee mooly par kaantekt ko saaree upaj bhejen isamen bhee kisaanon ko dhaan kisaanon ko lagata hai ki yah bhookamp lete kar lete hain aur phir us mooly mein badhotaree aur katautee hotee hai to beech mein kisaanon ko nukasaan aur teesare jubil voch mein kaha gaya hai ki koee bhee apanee sthaee ya phir koee bhee badee phaiktree se haippee ritarns 2 inaka pradaan kar sakate kintu isase bhrashtaachaaree padega kyonki kisaanon ke paas itana bada koee dharm nahin hota hai jahaan bhagavaan ka bhandaaran ka sabase bada aur dil mein hee rah bhee kisaan aandolan karen dhanyavaad

Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Ashish जी का जवाब
Yoga Instructor
1:08
जी बिल्कुल दिल में थोड़ी सी समस्याएं हैं और उसका सलूशन भी है ऐसी बात नहीं है देखिए स्टॉक की बात है कुछ बातें ऐसी है जो किसानों को समझने की जरूरत है कि स्टॉक कैसे होगा कांटेक्ट फॉर्मिंग कैसे होगी सारी चीजें अच्छी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं तो वह खाली स्थान और यह सारे मुद्दे क्यों आ रहे हैं किसको छोड़ो उसको छोड़ने वाली शहीन बाग का मुद्दा रहे हैं तो ऐसा कुछ नहीं है किसानों को समस्याएं हैं बिल्कुल और वह समझना होगा और उसमें अपना प्रस्तुत करना बाकी है यह समझ गया अगर हमें कोई समस्या आती है उसका सलूशन बताइए गवर्नमेंट का कब तक सोने नहीं देती है तब तुमको धरना देना चाहिए पर टच करना चाहिए जब तक कि गवर्नमेंट सॉल्यूशन ना दे देंगे क्योंकि किसान को सलूशन नहीं मिलेगा और अगर ऐसी समस्याओं के संग स्टॉक कोई सीमित जगह नहीं होगी या नहीं होगी और स्टॉक अच्छा खासा हुआ तो इसका सीधा इंपैक्ट आम आदमी पर हम पर भी आएगा और रीटा काफी बढ़ सकते हैं
Jee bilkul dil mein thodee see samasyaen hain aur usaka salooshan bhee hai aisee baat nahin hai dekhie stok kee baat hai kuchh baaten aisee hai jo kisaanon ko samajhane kee jaroorat hai ki stok kaise hoga kaantekt phorming kaise hogee saaree cheejen achchhee tareeke se aandolan kar rahe hain to vah khaalee sthaan aur yah saare mudde kyon aa rahe hain kisako chhodo usako chhodane vaalee shaheen baag ka mudda rahe hain to aisa kuchh nahin hai kisaanon ko samasyaen hain bilkul aur vah samajhana hoga aur usamen apana prastut karana baakee hai yah samajh gaya agar hamen koee samasya aatee hai usaka salooshan bataie gavarnament ka kab tak sone nahin detee hai tab tumako dharana dena chaahie par tach karana chaahie jab tak ki gavarnament solyooshan na de denge kyonki kisaan ko salooshan nahin milega aur agar aisee samasyaon ke sang stok koee seemit jagah nahin hogee ya nahin hogee aur stok achchha khaasa hua to isaka seedha impaikt aam aadamee par ham par bhee aaega aur reeta kaaphee badh sakate hain

Siya Ram Dubey Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Youtuber, life coach, spiritual thinker, motivational speaker, social media influencer
1:34
नमस्कार आपका प्रश्न है क्या विपक्ष के लोग ने किसान को भड़काया है या फिर सच में किसान बिल में कोई समस्या है देखिए आपने सूअर देखा होगा सूअर जो कि कीचड़ में रहना बहुत ज्यादा पसंद करता है और वही हाल है इन विरोध करने वालों का इन लोगों का कांग्रेस के जो नीति और रीति है उनकी आदत पड़ गई है और कोई इन्हें इन सूअरों को पक्का का मकान बना कर दे तो कैसे बर्दाश्त कर लेंगे उन्हें तो पसंद है 70 वर्षों से कीचड़ में रहने का जहां तक बिल का विरोध का बात है तो जितने लोग विरोध कर रहे हैं दो-चार हजार लोग हैं उससे कई गुना ज्यादा इसके समर्थन में है अब कहेंगे कि समर्थन में थे क्यों नहीं रोड पर आ रहे हैं वह क्यों रोड पर आएंगे उनका क्या घटा है क्या अपना काम करेंगे कि उनको रोड पर आकर उनको धरना देने से काम चल जाएगा को दिक्कत है जिन को परेशानी हो रोड पर पड़े हैं अपना रोड पर जाम लगा हुआ है लग्जरी आंदोलन हो रहा है सब कुछ लग्जरी हो रहा है मॉल फ्री में चल रहा है मसाज हो रहा है और राजनीतिक पार्टी अपना रोटियां सेक रही है अच्छा है अंत में मैं यही कहूंगा कि जितना किसानों के लिए संवेदनशील यह सरकार है उतना कोई सरकार नहीं है धन्यवाद आपकी इस प्रश्न के लिए
Namaskaar aapaka prashn hai kya vipaksh ke log ne kisaan ko bhadakaaya hai ya phir sach mein kisaan bil mein koee samasya hai dekhie aapane sooar dekha hoga sooar jo ki keechad mein rahana bahut jyaada pasand karata hai aur vahee haal hai in virodh karane vaalon ka in logon ka kaangres ke jo neeti aur reeti hai unakee aadat pad gaee hai aur koee inhen in sooaron ko pakka ka makaan bana kar de to kaise bardaasht kar lenge unhen to pasand hai 70 varshon se keechad mein rahane ka jahaan tak bil ka virodh ka baat hai to jitane log virodh kar rahe hain do-chaar hajaar log hain usase kaee guna jyaada isake samarthan mein hai ab kahenge ki samarthan mein the kyon nahin rod par aa rahe hain vah kyon rod par aaenge unaka kya ghata hai kya apana kaam karenge ki unako rod par aakar unako dharana dene se kaam chal jaega ko dikkat hai jin ko pareshaanee ho rod par pade hain apana rod par jaam laga hua hai lagjaree aandolan ho raha hai sab kuchh lagjaree ho raha hai mol phree mein chal raha hai masaaj ho raha hai aur raajaneetik paartee apana rotiyaan sek rahee hai achchha hai ant mein main yahee kahoonga ki jitana kisaanon ke lie sanvedanasheel yah sarakaar hai utana koee sarakaar nahin hai dhanyavaad aapakee is prashn ke lie

jitendra ojha Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए jitendra जी का जवाब
Student
0:02

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
3:49
देश का किसान एक बहुत ही सम्मानित शब्द से संबोधित किया जाता था अन्नदाता देश के किसानों को अहिंसा वादी माना जाता था देश के किसानों को एक सीधा सच्चा इंसान माना जाता था देश के किसानों को भारत देश का भरण पोषण करने वाला सम्मानित पद प्राप्त 26 जनवरी 2021 के दिन से पहले था लेकिन 26 जनवरी 2021 को इन्होंने जो विपक्ष के दीपक गुप्ता उकसाने पर भड़काने पर देश के विभाजन चाहने वाले देश का बंटवारा चाहने वाले देश को बर्बादी चाहने वाले दुश्मनों की एजेंट नेताओं की भड़काने पर जिस प्रकार का दिल्ली में आज का पूर्ण माहौल पैदा किया उकसाने वाले कार्य किए राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया तोड़फोड़ की लाल किले में राज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया पुलिस वालों के साथ मारपीट की उस रोल ने आज की शाम को गलत बना दिया है यह सारे षड्यंत्र विपक्षी नेताओं के या देश के विरोध करने वाले नेताओं के या देश के प्रति विभाजन चाहने वाले बंटवारा जाने वाले नेताओं की थी लेकिन फतवा बिचारी किसान दिए उन्होंने इसलिए सरकार को और पुलिस को इस देश के विभाजन चाहने वाले देश के विरुद्ध षडयंत्र करने वाले देशद्रोह पैदा करने वाले इन विंटर्स को नहीं छोड़ना चाहिए इनको सख्त सजा दी जानी चाहिए इनकी इनकम विशन करके इंपॉर्टेंट दूर करके इनको सख्त सजा दी जानी चाहिए जिससे कि राष्ट्र भविष्य में कोई भी राष्ट्र ध्वज का अपमान ना कर सके राज की संपत्ति को नुकसान न पहुंचा सके हाथ ना उठा सके देश के संविधान की धज्जियां उड़ा सके देश की गरिमा के साथ खेलने का दुस्साहस नहीं कर सके क्योंकि 4 किसान सीधा था चीन विपक्षी दल इसकी बातों में आ गया भड़काने में आ गया क्योंकि उसमें आग लगाकर जमा तो दूर हो गई इन विपत्ति विंटरसून बेचारे किसानों को फंसा दिया उन गरीब किसानों को भड़का दिया उस गरीब किसानों को इस कुकृत्य में फंसा दिया क्योंकि यह करके खुद तो सेम सुरेश सिर्फ हो गए अब लीडर्स कह रहे हैं कि हम हम तो आते ही नहीं हम तो वह दूसरी जगह थी इस जगह थी जबकि पर्दे के पीछे से सारा रोड इन लोगों का था वह सीबीआई जांच होगी पुलिस की कार्रवाई होगी तो वह सब लोग अल्बा दिया जाएगा कि कौन-कौन लेटेस्ट है कि इनकी देश विरोधी क्या-क्या योजनाएं थी वह सारा सबकुछ सामने आ जाएगा वह जनता के सामने आएगा सताएगा पर हां यह जरूर है कि किसानों को ऐसे भड़काऊ नेताओं की बातों में नहीं आना चाहिए था उस दिन इस प्रकार का उपयोग नहीं करने चाहिए थे और ऐसे नेताओं को उनको समर्थन नहीं लेना चाहिए था ऐसे नेताओं को अपने आंदोलन से अहिंसा वादी आंदोलन से इन को पृथक करने की आवश्यकता थी जो किसान समझ नहीं सके थे क्योंकि सैनिक सीधा सच्चा इंसान है उनकी नेताओं की नेतागिरी को इनके संयंत्रों को इनकी को चालू को इनके ऊपर भी विचारों को इनके देश विभाजन कार इन विचारों को इनके देश के दुश्मनों से इनके मिलोगे रूह को यह किसान नहीं समझ सका एक्शन का दुर्भाग्य
Desh ka kisaan ek bahut hee sammaanit shabd se sambodhit kiya jaata tha annadaata desh ke kisaanon ko ahinsa vaadee maana jaata tha desh ke kisaanon ko ek seedha sachcha insaan maana jaata tha desh ke kisaanon ko bhaarat desh ka bharan poshan karane vaala sammaanit pad praapt 26 janavaree 2021 ke din se pahale tha lekin 26 janavaree 2021 ko inhonne jo vipaksh ke deepak gupta ukasaane par bhadakaane par desh ke vibhaajan chaahane vaale desh ka bantavaara chaahane vaale desh ko barbaadee chaahane vaale dushmanon kee ejent netaon kee bhadakaane par jis prakaar ka dillee mein aaj ka poorn maahaul paida kiya ukasaane vaale kaary kie raashtreey dhvaj ka apamaan kiya todaphod kee laal kile mein raaj kee sampatti ko nukasaan pahunchaaya pulis vaalon ke saath maarapeet kee us rol ne aaj kee shaam ko galat bana diya hai yah saare shadyantr vipakshee netaon ke ya desh ke virodh karane vaale netaon ke ya desh ke prati vibhaajan chaahane vaale bantavaara jaane vaale netaon kee thee lekin phatava bichaaree kisaan die unhonne isalie sarakaar ko aur pulis ko is desh ke vibhaajan chaahane vaale desh ke viruddh shadayantr karane vaale deshadroh paida karane vaale in vintars ko nahin chhodana chaahie inako sakht saja dee jaanee chaahie inakee inakam vishan karake importent door karake inako sakht saja dee jaanee chaahie jisase ki raashtr bhavishy mein koee bhee raashtr dhvaj ka apamaan na kar sake raaj kee sampatti ko nukasaan na pahuncha sake haath na utha sake desh ke sanvidhaan kee dhajjiyaan uda sake desh kee garima ke saath khelane ka dussaahas nahin kar sake kyonki 4 kisaan seedha tha cheen vipakshee dal isakee baaton mein aa gaya bhadakaane mein aa gaya kyonki usamen aag lagaakar jama to door ho gaee in vipatti vintarasoon bechaare kisaanon ko phansa diya un gareeb kisaanon ko bhadaka diya us gareeb kisaanon ko is kukrty mein phansa diya kyonki yah karake khud to sem suresh sirph ho gae ab leedars kah rahe hain ki ham ham to aate hee nahin ham to vah doosaree jagah thee is jagah thee jabaki parde ke peechhe se saara rod in logon ka tha vah seebeeaee jaanch hogee pulis kee kaarravaee hogee to vah sab log alba diya jaega ki kaun-kaun letest hai ki inakee desh virodhee kya-kya yojanaen thee vah saara sabakuchh saamane aa jaega vah janata ke saamane aaega sataega par haan yah jaroor hai ki kisaanon ko aise bhadakaoo netaon kee baaton mein nahin aana chaahie tha us din is prakaar ka upayog nahin karane chaahie the aur aise netaon ko unako samarthan nahin lena chaahie tha aise netaon ko apane aandolan se ahinsa vaadee aandolan se in ko prthak karane kee aavashyakata thee jo kisaan samajh nahin sake the kyonki sainik seedha sachcha insaan hai unakee netaon kee netaagiree ko inake sanyantron ko inakee ko chaaloo ko inake oopar bhee vichaaron ko inake desh vibhaajan kaar in vichaaron ko inake desh ke dushmanon se inake miloge rooh ko yah kisaan nahin samajh saka ekshan ka durbhaagy

umashankar Bolkar App
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Farmer
1:12
यह गलत बात है आपकी पिक अभी विपक्ष ने किसानों को भड़काया है अभी आपको ही कोई भड़का दे तो आप इतनी ठंड में जा कर के वहां ठिठुरन के नोट पर इतनी ठंड में बताइए कोई आकर के वहां बैठा है तो उसको आप ऐसा ऐसा गलत वर्ड और ना बोले कि आप से विनती है मेरी एक कोई भड़काऊ चीज नहीं है कि किसी ने भड़काया है किसान अपने हित के लिए लड़ रहे हैं किसानों के साथ अन्याय हुआ है तो किसान आकर के रास्ते पर खड़े हैं आज इतनी हाड़ कंपा देने वाली ठंड में वह रोड पर है बताइए सरकार को नहीं समझ में आ रहा है कि किसान ने ऐसा क्यों कर रहे हैं सरकार को सोचना चाहिए इसके विषय में कि जब इतनी कड़ाके की ठंड में लोग वहां धरना बैठने के लिए बैठे हुए हैं तो उनको कम से कम राहत देना चाहिए सरकार को ठंड चल रही है उसको तो ध्यान में रखना चाहिए लेकिन सरकार में कुछ नहीं देखा लोग वहां पर ठंड में उसे मर रहे थे लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रहेंगे सब गलत बात है कोई लड़का या नहीं है किसान अपने हक के लिए लड़ रहे हैं वह अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं
Yah galat baat hai aapakee pik abhee vipaksh ne kisaanon ko bhadakaaya hai abhee aapako hee koee bhadaka de to aap itanee thand mein ja kar ke vahaan thithuran ke not par itanee thand mein bataie koee aakar ke vahaan baitha hai to usako aap aisa aisa galat vard aur na bole ki aap se vinatee hai meree ek koee bhadakaoo cheej nahin hai ki kisee ne bhadakaaya hai kisaan apane hit ke lie lad rahe hain kisaanon ke saath anyaay hua hai to kisaan aakar ke raaste par khade hain aaj itanee haad kampa dene vaalee thand mein vah rod par hai bataie sarakaar ko nahin samajh mein aa raha hai ki kisaan ne aisa kyon kar rahe hain sarakaar ko sochana chaahie isake vishay mein ki jab itanee kadaake kee thand mein log vahaan dharana baithane ke lie baithe hue hain to unako kam se kam raahat dena chaahie sarakaar ko thand chal rahee hai usako to dhyaan mein rakhana chaahie lekin sarakaar mein kuchh nahin dekha log vahaan par thand mein use mar rahe the lekin sarakaar ke kaan par joon tak nahin rahenge sab galat baat hai koee ladaka ya nahin hai kisaan apane hak ke lie lad rahe hain vah apane hak kee ladaee lad rahe hain

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