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Ashish Lavania Bolkar App
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Yoga Instructor
0:39
किसान आंदोलन कैसे खत्म किया जा सकता है किसान आंदोलन खत्म करने का जो ऑप्शन है वह किसानों के पास ही है गवर्नमेंट के पास नहीं है क्योंकि गवर्नमेंट से दोनों ने कह दिया सीधे आपके बिल्ली वापिस वीडियो गारमेंट कार्यक्रम हर मुद्दे पर बात करने को तैयार है तो मेरे हिसाब से तो किसानों का भागवत देकर बात करने के लिए अपने प्वाइंटों को मीडिया में रखना चाहिए सबके सामने रखना चाहिए अपॉइंटमेंट में तसल्ली नहीं दे पा रही है यह प्रॉब्लम है हमारी इस पर हमें चाहिए और गवर्नमेंट को भी खुलकर बात करनी चाहिए क्योंकि ज्यादा गई है एक तरीके का आंदोलन ही नहीं जैसे कि वह अपने दूध नारे लगाए जा रहे हैं लोग इकट्ठे हो रहे हैं उस हिसाब से

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vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Social worker in india
0:45
प्रणाम दोस्तों आप का सवाल है किसान आंदोलन कैसे खत्म किया जा सकता है तो दोस्तों आपके सवाल का उत्तर यह है किसानों के दिन दिलों को वापस लेकर और नए सिरे से किसानों का नया बिल बनाया जाए और उन में किसानों की राय के अनुसार और कृषि विशेषज्ञ और संसद और राज्यसभा में चर्चा करके लाना चाहिए क्योंकि हमारे देश के अन्नदाता से जुड़ा विषय है इसलिए हमारे देश के सभी का विचार का होना बहुत ही जरूरी है धन्यवाद दोस्तों खुश रहो

Saloni vishwkarma   Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:08
आपका क्वेश्चन है कि किसान आंदोलन कैसे खत्म किया जा सकता है तो इसे खत्म करने के लिए किसानों को झुकना पड़ेगा क्योंकि इसमें मैंने सुना है कि इसमें किसानों की गलती है देखिए जिस सरकार के पास उनका गोदाम आनंद से भर गया है गेहूं और चावल से तो वह बोल रहा है कि तेल कितना महंगा है तो 3 किलो खेती के लिए तो वह किसान क्यों नहीं मान रहे उनकी गलती है देखिए ना मंगे मंगे खरीदने और हम लोग को दो ₹2 किलो में दे रहे हैं तो इधर से तो घाटा चेहरे और दूसरी बात जब उनका सर जाता है इतना उपज करते हैं हाइब्रिड धान गेहूं का इतना उपस्थित नहीं तो उनका जो सरकार का होता है वह गोदाम एकदम से भर जाता है और चढ़ने लगता है अक्षय न्यूज़ में आते रहते हैं कि इनका इतना सारा सड़ गया दिल की पुकार नहीं मान रहे तो किसान को भी झुकना पड़ेगा

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Mayank Bolkar App
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Student/ Voracious reader
1:09

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PRAVIN KUMAR Bolkar App
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Private teacher
0:32

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Student/ Voracious reader
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Mayank Bolkar App
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Nidu Rajput       Bolkar App
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Councler Computer Education
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srikant pal Bolkar App
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Shiraj khan Bolkar App
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Asst.professor
0:31
क्या आपका प्रश्न ही कठिन समय में अपने दिमाग को कैसे शांत करें दिखी गहरी सांस लेने का अभ्यास करें यदि पी यह सुझाव आपको अजीब प्रतीत हो रहा होगा पर गहरी सांस लेने का अभ्यास आपके मस्तिष्क को शांत रखने में असर जनक रूप से कारगर है इनका प्रतिदिन अभ्यास करें और तनाव के समय में यह उसे कम करने में मदद करेगा अपने मुंह को बंद कर नाक से गहरी सांस लें

#टेक्नोलॉजी

G Dewasi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:32
मार्केट के अंदर देखी आजकल ऐसे टीवी मौजूद है जिनके अंदर हम इंटरनेट का यूज कर सकते हैं यानी कि हम ऑनलाइन जो वेब सीरीज होती है मूवीस होती है वह देख सकते हैं और वही आने वाले 3000 सालों में जितने भी टीवी चैनल सोते हैं यह सारे लोग टीवी पर डाटा की मदद से ही देखा करेंगे यानी कि इंटरनेट की मदद से ही देखेगी और आपने यह भी देखा होगा कि जितने भी स्मार्टफोन होते हैं उनके अंदर जो टीवी चैनल सोते हैं यानी कि जो टीवी चैनल प्रोवाइडर सोते हैं उन्होंने अपने आप बना रखे हैं जिनकी मदद से हम उन सभी टीवी चैनल को एक्सेस कर सकते हैं तो देखिए तीन-चार सालों में मुझे लगता है कि ऐसा ऐप ईटीवी के लिए भी बना दिया जाएगा ताकि लोग ऑनलाइन ही अपनी टीवी के अंदर सभी चैनल को एक्सेस कर सके तो इसमें कोई शक नहीं है कि फ्यूचर के अंदर सभी चीजें इंटरनेट की मदद से ही कनेक्टेड होगी धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

NeelamAwasthi Bolkar App
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I am housewife
0:35
सवाल है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं देखिए आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार गुरु वही माना जाता है जो स्वयं में ज्ञान का सागर समेटे हुए हैं ऐसा गुरु जिनकी कथनी और करनी में अंतर हो अर्थात जो अपने शिष्यों को तो शिक्षा देते हो लेकिन वही सीख उनके आचरण में ना हो ऐसे गुरु का त्याग कर देने में ही आपकी भलाई है विद्या के अभाव में जी रहा व्यक्ति कभी भी अच्छा गुरु नहीं हो सकता है धन्यवाद

#मनोरंजन

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:37
जी आप का सवाल है कि तांडव वेब सीरीज में के बारे में आपकी क्या राय है तो जो भी अभी वर्तमान में चर्चा में तांडव एब्सली चल रही है इसमें मेरे ख्याल से हिंदू देवी देवताओं का अपमान किया गया है और साथ ही ऐसे पूरी जनता पर इसका बुरा असर पड़ता है किसी भी धर्म के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए तो मेरे ख्याल से यह जो भी फिल्म बनी है वह गलत

#धर्म और ज्योतिषी

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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👨‍🏫 Teacher.
1:48
सुनील कुमार चौधरी जी के माध्यम से यह अनुरोध इस प्रश्न आया है कि पहाड़ पर चढ़ते समय मनुष्य आगे की तरफ क्यों झुक जाता है पीछे तरफ क्यों नहीं छुपता देखिए आपने फिजिक्स से यानी बहुत तेजी से यह प्रार्थना किया है हम लोग पढ़ते हैं पहाड़ हो या सीढ़ी हो वहां भी हम आगे झुकते हैं और इसका मुख्य कारण है कि ग्रेविटेशनल फोर्स काम करता है जिसको हिंदी में गर्भवती औरत या केंद्र कहते हैं कि होता है कि आगे हम इसलिए झुकते हैं ताकि हमारा ग्रुप व केंद्र है और उनके पांव के बीच से होकर जो गुजरता है तथा जो अधिक संतुलन आती तो प्राप्त होता है इसे या नहीं आपको एक अस्तित्व प्राप्त होता है कि आप अपना बैलेंस बना रखे और हम सभी जानते हैं कि यह पृथ्वी जो है ग्रेविटेशनल फोर्स पर ही आधारित है यानी कोई भी चीज हम ऊपर फेंकते हैं तो नीचे आता है इसी प्रकार हम लोग गुरुत्वाकर्षण केंद्र के वजह से इस पृथ्वी पर बने हुए हैं नहीं तो हम ऊपर उड़ जाते और शायद ऐसा होता लेकिन इसके वजह से जो है हम लोग पृथ्वी पर बने हुए हैं यही मुख्य कारण है कि जब हम सभी पर या जो भी उचित स्थान होते हैं वहां चढ़ने के लिए हमें आगे के झोका करना होता है और पीसा की झुकी हुई मीनार इसी पर काम करता है जैसे आप देखे हो ना कि पीसा की झुकी मीनार जो है झुका हुआ रहता है तो उसके बीच बीच में ₹1 स्थाई के अंदर जो है काम करता है जिसकी वजह से वह गीता नहीं है जबकि झुका हुआ दिखाई देता है ठीक उसी प्रकार जो है शिर्डी या पहाड़ पर चढ़ते समय हमारे साथ ऐसा होता है मुझे लगता है कि आपके प्रश्नों के जवाब दे दिया है धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

shabnam khatun Bolkar App
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Student
1:18
सिवान तो आज आप का सवाल है कि क्या पूजा करने के लिए भी कोई नियम होते हैं तो देख मेरे हिसाब से अगर आपको मतलब कभी कदार होता है क्यों देर से उठते हैं या फिर रात में कोई काम पड़ जाता है जिसकी वजह से नींद नहीं खुल पाती है तो ऐसा नहीं कि आपको सुबह 7:00 बजे से मेरे बहुत सारे दोस्त हैं क्या मतलब उनको अगर उसके मम्मी पापा अगर बोलते हैं की पूजा करनी चाहिए और वह लेट उठते हैं या फिर खेलने घूमने चले जाते तो ऐसा नहीं कि वह गलत समय पर नहीं कर पाते पूजा तो दोपहर में या फिर उसके बाद में करते कर ले तेरे हिसाब से अगर ऐसा कोई सलूशन कभी हो जाता है तो आप लेट ही कर सकते हैं लेकिन कुछ नहीं है मैं जैसे की चप्पल पहन कर रही क्योंकि एक तरह का डिस्टेंस वेक्टर और एक तरफ अच्छा चीज नहीं है क्योंकि जब भी हम किसी चीज को बहुत ही दिल से और अच्छे से मानते हैं तो वहां पर चप्पल और फिर ऐसे हंसना खिलखिलाना ध्यान के समय जानबूझकर ऐसे में जबरदस्त शीला है मन नहीं कर रहा है सब करके नहीं करना चाहिए सबसे इंपॉर्टेंट जो मुझे लगता है कि चप्पल पहन चली जाना चाहे तो यह कुछ नहीं है मेरा और टाइम का अगर आपके पास अगर टाइम में इधर-उधर हो जा रहा है तब भी खराब ध्यान करना चाहे पूजा करना चाहे तो जिस समय आपको इतना टाइम मिला आंख खुली उसमें भी आप कर सकते हैं

#धर्म और ज्योतिषी

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
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Retrieved sr tea . social activist,
1:07
जब किसी की मृत्यु होती है तो उस कहते हैं पढ़ लो बासी हो गया है या दिवंगत हो गया है या स्वर्गवासी हो गया है या बैकुंठ लोक गया है क्या वह शुद्ध पहुंच गया है जब पंचतत्व में विलीन हो गया है कि विभिन्न प्रकार के शब्दों के अर्थ वही है और पशु पक्षी कहने से तात्पर्य होता है कि वह हिंदू धर्म में हमेशा मानते हैं कि सब कुछ भी मृत्यु होती है तो उसके लिए हम कहते हैं कि 10 वर्ग को किया है वह बैकुंठ लोक को गया है अर्थात भगवान के पास में जाना ही हमारा परमार्थ है हमारा हमारे जन का सार्थक प्रयास है और इसी को मोक्ष कहते हैं जब मानव आवागमन से मुक्त हो जाए तो वह मुक्त कहलाता है और यही जीवन के चौथे प्रशांत है जिसे हम धर्म अर्थ काम मोक्ष कहते हैं तो यह जो है जीवन का अंतिम और शाश्वत परम प्रशांत है

#रिश्ते और संबंध

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
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सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:53
बिटिया दही शब्द की परिभाषा को याद करें और उसका उत्तर दें दहेज शब्द की परिभाषा यह है प्राचीन काल में जो दही दिया जाता था उसका कारण यह था कि बेटी वाला पसंद हो करके अपनी बेटी को नया जीवन जीने के लिए उसके रिश्तेदार उसके भाई बंधु और कुछ सेम जो कुछ देता था वही चलाता है लेकिन आज जो तुम देख रहे हो वह दहेज नहीं दहेज का भयंकर रूप है यह राक्षसी करते हैं आप किसी बेटी वाले को मजबूर करें कि वह 4000000 या 50 लाख दे अपनी जमीन जायदाद भेज दें क्योंकि उसे अपनी लड़की के लिए सुयोग्य वर ढूंढो क्योंकि उसे सुयोग्य पात्र चाहिए मैं आपसे सहमत हूं आप यह कह रहे हैं कि मैं भी पढ़ा लिखा और नौकरी वाला मत ढूंढ लेकिन एक बात बताइए बेटे क्या समाज में यदि हम बिना दहेज के नहीं जी सकते हैं आप दहेज के बल पर ही यह कह रहे हो आज किसी भी लड़के की नौकरी लग जाती तो उसके बाप की लॉटरी खुल जाती है वह अनाथ धूम धूम खोल करके मांगता है यदि पहले दहेज नहीं था तो क्या वह भोजन नहीं खाते थे लिखित संतोष बढ़ती चली गई है यह कहिए मान्यता मिल चुकी है क्या विवाह करने का मतलब यह है कि उस लड़की के पैर पक्ष को पूरी तरह से मिटा देना बर्बाद कर देना उसकी जमीन जायदाद बिकवा देना जो बेटी वाला और रिश्तेदार यदि खुशी से देते हैं जीवन जीने के लिए तो मैं सोच रहा हूं अनिश्चित नहीं है लेकिन किसी को बात भी किया जाए

#मनोरंजन

anuj ji Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:42
नमस्कार दोस्तों बोलकर आप में स्वागत है कि इन सवाल है फिल्म तांडव पर क्या विवाद जुड़ा हो तो मेरा मानना यह है कि फिल्म पांडे का विवाह देवी देवताओं अर्थात हिंदी देवताओं के प्रति मजाक बनाया जा रहा है तांडव नृत्य पर इसलिए लोगों ने यह विवाद शुरू कर दिया है कि हमारा हिंदी देवताओं के ऊपर ऐसा अपमान नहीं सहनशक्ति सहन नहीं कर सकते इसलिए लोगों ने आंदोलन विवाद उत्पन्न कर रखा है
  • किसान आंदोलन किसान विरोधी बिल
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