#भारत की राजनीति

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?

Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Sameera khaan Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Sameera जी का जवाब
Unknown
0:28
आपका सवाल है हटा दी थी रिसीव क्यों नहीं पता जहां तक मुझे पता है हो सकता है उनको इस कानून से दिक्कत हो या उनका नुकसान हो इसी वजह से हुए कानून हटाने की मांग कर रहे हैं
Aapaka savaal hai hata dee thee riseev kyon nahin pata jahaan tak mujhe pata hai ho sakata hai unako is kaanoon se dikkat ho ya unaka nukasaan ho isee vajah se hue kaanoon hataane kee maang kar rahe hain

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:36
आदमी सरकारी आदेशों का मतलब है कि हाथ जाते ली पर जान लेकर विरोध कब करेगा जब जान लेता है कि इससे हमारा कोई फायदा नहीं है जो किसी कानून बनाए गए हैं तीनों तीनों किसानों के हित में नहीं है नहीं तो बाजार में उनका उचित मूल्य मिलेगा धीरे-धीरे मंडियों की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी किसान मांग कर रहे हैं कि इसको समाप्त करके उस पर बहस कराई जाए बहस कराने के बाद उनको एमएसपी की गारंटी दी जाए सरकार गारंटी नहीं देना चाहती है अजब गारंटी नहीं दे रही है तो सरकार की नीतियों और बात पर पब्लिक को भरोसा नहीं रह गया और किसान कोई भरोसा नहीं है क्योंकि इन्होंने हमेशा जब से इनके सरकार आए तब से उन्होंने झूठ बोला है 1500000 रुपए देने के बाद की यह नहीं दे पाए उन्होंने कहा तो हम पूरे मतलब यहां के भ्रष्टाचार दूर करेंगे भ्रष्टाचार बिल्कुल चरम पर उन्होंने कहा विदेश में जितने भी लोगों के पैसे जमा है उसे भारत लाकर कुछ नहीं कर पाए इनकी पूरी नीतियां सब खेल रहे हैं विफल रहा है और यह कहते कुछ और करते कुछ है दूर से बदरपुर दिखाकर डेला मारने वाली लोगों के काम है तो सरकार की जितनी भी नीतियां है वह जनता के हित में नहीं है बेरोजगारी चरम सीमा पर है किसान भी समझ रहे हैं कि हमको कीमत हमारी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है कराधान बढ़ता चला जा रहा है यूरिया वगैरह खेत की कीमतें बढ़ती चली जा रहे हैं टैक्सेशन भी कोई इतना ज्यादा बढ़ गया है कि उसमें हर आदमी परेशान है व्यापारी अलग परेशान है किसान परेशान नौकरी वाले अलग परेशान है पब्लिक परेशान है यह सब चीजों के कारण इन पर कोई भरोसा नहीं इसलिए किसान जो है उसको
Aadamee sarakaaree aadeshon ka matalab hai ki haath jaate lee par jaan lekar virodh kab karega jab jaan leta hai ki isase hamaara koee phaayada nahin hai jo kisee kaanoon banae gae hain teenon teenon kisaanon ke hit mein nahin hai nahin to baajaar mein unaka uchit mooly milega dheere-dheere mandiyon kee vyavastha samaapt ho jaegee kisaan maang kar rahe hain ki isako samaapt karake us par bahas karaee jae bahas karaane ke baad unako emesapee kee gaarantee dee jae sarakaar gaarantee nahin dena chaahatee hai ajab gaarantee nahin de rahee hai to sarakaar kee neetiyon aur baat par pablik ko bharosa nahin rah gaya aur kisaan koee bharosa nahin hai kyonki inhonne hamesha jab se inake sarakaar aae tab se unhonne jhooth bola hai 1500000 rupe dene ke baad kee yah nahin de pae unhonne kaha to ham poore matalab yahaan ke bhrashtaachaar door karenge bhrashtaachaar bilkul charam par unhonne kaha videsh mein jitane bhee logon ke paise jama hai use bhaarat laakar kuchh nahin kar pae inakee pooree neetiyaan sab khel rahe hain viphal raha hai aur yah kahate kuchh aur karate kuchh hai door se badarapur dikhaakar dela maarane vaalee logon ke kaam hai to sarakaar kee jitanee bhee neetiyaan hai vah janata ke hit mein nahin hai berojagaaree charam seema par hai kisaan bhee samajh rahe hain ki hamako keemat hamaaree phasalon ka uchit mooly nahin mil raha hai karaadhaan badhata chala ja raha hai yooriya vagairah khet kee keematen badhatee chalee ja rahe hain taikseshan bhee koee itana jyaada badh gaya hai ki usamen har aadamee pareshaan hai vyaapaaree alag pareshaan hai kisaan pareshaan naukaree vaale alag pareshaan hai pablik pareshaan hai yah sab cheejon ke kaaran in par koee bharosa nahin isalie kisaan jo hai usako

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
BK. SHYAAM. KARWA Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:00
गाना बहुत अच्छा किसने किया है कि किसान कानून हटाने की जीत क्यों करें कि मैं सबसे पहले तो आपको यह बताना चाहूंगा कि नहीं खाना लाए की है मुझे लगता है कि मैं घाटा होगा और हमारी स्थिति बहुत ही खराब हो जाएगी तो शायद तू मंडी के बाद भी भेजता है किंतु किसानों को लगता है कि ऐसा होता है वह अपने ऊपर अच्छी प्रकाशन नहीं भेज पाएंगी और मंडीदीप दूर किसी नुकसान की बड़ी-बड़ी कंपनियों से ₹40 की किसी भी किसानों को लगता है कि उचित मूल्य नहीं कर पाएंगे जिस कानून बहुत घाटा होगा उनकी स्थिति खराब है इसमें कहीं की कोई भी कांट्रेक्टर हो या फिर कोई भी गलती हो उनका प्रदर्शन कर सकती है वह किसानी किंतु इसमें भी बड़ी कंपनियों को फायदा होगा क्योंकि किसान की आरती की स्थिति बहुत ही खराब होती है साथ ही उसके पास इतना भंडारण करने की क्षमता नहीं होती है कि 1 कमेंट करें इस कान से किसानों को लगता है कि नए कानून नहीं बिल्कुल नहीं है और अच्छी नहीं है इसका नियम कानून को हटाने के चक्कर चाची को शादी की न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी लागू रजत आराम से अधिक उपज में अंको खरीदे तथा कम पैसों में उसी अनाज को वापिस गरीबों में और लोगों में बांट स्टेशन कुछ फायदा है किंतु सरकार को पहचानने की सरकार इस कानून को हटाने की शादी और किसान की दुकान को हटाने के लिए कहती है और आंदोलन करें धन्यवाद
Gaana bahut achchha kisane kiya hai ki kisaan kaanoon hataane kee jeet kyon karen ki main sabase pahale to aapako yah bataana chaahoonga ki nahin khaana lae kee hai mujhe lagata hai ki main ghaata hoga aur hamaaree sthiti bahut hee kharaab ho jaegee to shaayad too mandee ke baad bhee bhejata hai kintu kisaanon ko lagata hai ki aisa hota hai vah apane oopar achchhee prakaashan nahin bhej paengee aur mandeedeep door kisee nukasaan kee badee-badee kampaniyon se ₹40 kee kisee bhee kisaanon ko lagata hai ki uchit mooly nahin kar paenge jis kaanoon bahut ghaata hoga unakee sthiti kharaab hai isamen kaheen kee koee bhee kaantrektar ho ya phir koee bhee galatee ho unaka pradarshan kar sakatee hai vah kisaanee kintu isamen bhee badee kampaniyon ko phaayada hoga kyonki kisaan kee aaratee kee sthiti bahut hee kharaab hotee hai saath hee usake paas itana bhandaaran karane kee kshamata nahin hotee hai ki 1 kament karen is kaan se kisaanon ko lagata hai ki nae kaanoon nahin bilkul nahin hai aur achchhee nahin hai isaka niyam kaanoon ko hataane ke chakkar chaachee ko shaadee kee nyoonatam samarthan mooly ko bhee laagoo rajat aaraam se adhik upaj mein anko khareede tatha kam paison mein usee anaaj ko vaapis gareebon mein aur logon mein baant steshan kuchh phaayada hai kintu sarakaar ko pahachaanane kee sarakaar is kaanoon ko hataane kee shaadee aur kisaan kee dukaan ko hataane ke lie kahatee hai aur aandolan karen dhanyavaad

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
3:42
आपका सवाल की किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं जो तो मैं आपको एक बहुत अच्छे के बारे में बता देता हूं पहली बात यह कि किस सैनिक व्यवस्था है इसलिए सेंदत्ता वाला कार्ड खेलना बंद होना चाहिए किसान फसल पैसे उगाने के पैसे कमाने के लिए होगा देने की देश का पेट भरने के लिए यह वैसा ही है जैसे मैं अपने लिए कमाता हूं नेकी टैक्स भर के देश की तरक्की के लिए हमारी तरक्की से देश की तरक्की अपने आप हो चुके हैं अन्नदाता का करदाता दोनों का सम्मान होना चाहिए किसानों को पर्याप्त मदद दी जाती है खाद बीज सब्सिडी कम दामों में बिजली पानी कोई आयात आई कार्ड नहीं मुझे नहीं लगता किसी और पर कोई की मदद मिलेगी क्योंकि यह एक बार हैं और लाभ हानि होती है अगर गलत निर्णय लेंगे तो किसान नुकसान भी होगा खेती में जो तुम बहुत ज्यादा है इसलिए किसानों की कर्ज माफी भी होती है बाकी किसी और कर्ज की माफी के बारे में मैंने तो नहीं सुना है ना ही कभी इस हिसाब ऊपर की गद्दारी माफी के लिए भी कोई आने लगी है मंडी सिस्टम पंजाब हरियाणा में ज्यादा काम आता है इसलिए उधर के किसान ही आंदोलन कर रहे हैं भारत को अपनी जरूरत से ज्यादा पैदा करते हैं दुनिया के अधिकतर देश यही यही कहते हैं कि यही कहते हैं कि इसलिए निर्यात भी असंभव नहीं है कि सरकार ₹19 में खरीद कर ₹2 की राशन दुकान पर बहस नहीं है क्योंकि भंडारण की जगह नहीं है इससे मिनियन टन अनाज सड़ जाता है सब कभी किसान बिचौलियों को या मंडी में अनाज बेचने मंडी सिस्टम आगे भी चलेगा बिचोली किसान से खरीद कर किसी व्यापारी या ऑपरेटर को ही बेच देंगे इस पर अगर यह छूट रही तो किसान सीधे ऑपरेटर को भेज देते तो क्या समय चाहिए एक विकल्प है जो जबरदस्ती नहीं सरकार को एम एस पी के लिए लिखा भी देने को तैयार है फिर भी किसान क्यों ऐड है मान लीजिए कि अभी डेट को सीधे किसानों में चावल खरीदना है तो बिना किसी रैली के सेंट्रल को नीच बीच में लाए यह संभव नहीं है नई व्यवस्था में किसान सीधे बेच सकेगा यह पूरा मुद्दा राजनीतिक है बीजेपी जब विपक्ष में तब उसका विरोध करती थी कांग्रेस यही चीजें अपने घोषणापत्र में लिख चुकी है वामपंथी दल को समर्थन दे रहे हैं हैं पर उनके राज्य केरल में एपीएमसी एक्ट अभी नहीं रहा है बल्कि सरकार मंडीर मुंडिया ही नहीं हैं डीएम एसपी एमएसपी भारतीय किसान को ऑपरेटर में विवाद में डी एस डी एम की सुनवाई पर हादसे विचार है इसका बेहतर विकल्प सरकार को योजना चाहिए किसान की मांगों में से एक मांग देखी किसानों पर से हटाने की मांग तो समझ आते हैं बाकी का किसानों का क्या लेना-देना दाल में कुछ काला है
Aapaka savaal kee kisaan kaanoon hataane kee jid kyon kar rahe hain jo to main aapako ek bahut achchhe ke baare mein bata deta hoon pahalee baat yah ki kis sainik vyavastha hai isalie sendatta vaala kaard khelana band hona chaahie kisaan phasal paise ugaane ke paise kamaane ke lie hoga dene kee desh ka pet bharane ke lie yah vaisa hee hai jaise main apane lie kamaata hoon nekee taiks bhar ke desh kee tarakkee ke lie hamaaree tarakkee se desh kee tarakkee apane aap ho chuke hain annadaata ka karadaata donon ka sammaan hona chaahie kisaanon ko paryaapt madad dee jaatee hai khaad beej sabsidee kam daamon mein bijalee paanee koee aayaat aaee kaard nahin mujhe nahin lagata kisee aur par koee kee madad milegee kyonki yah ek baar hain aur laabh haani hotee hai agar galat nirnay lenge to kisaan nukasaan bhee hoga khetee mein jo tum bahut jyaada hai isalie kisaanon kee karj maaphee bhee hotee hai baakee kisee aur karj kee maaphee ke baare mein mainne to nahin suna hai na hee kabhee is hisaab oopar kee gaddaaree maaphee ke lie bhee koee aane lagee hai mandee sistam panjaab hariyaana mein jyaada kaam aata hai isalie udhar ke kisaan hee aandolan kar rahe hain bhaarat ko apanee jaroorat se jyaada paida karate hain duniya ke adhikatar desh yahee yahee kahate hain ki yahee kahate hain ki isalie niryaat bhee asambhav nahin hai ki sarakaar ₹19 mein khareed kar ₹2 kee raashan dukaan par bahas nahin hai kyonki bhandaaran kee jagah nahin hai isase miniyan tan anaaj sad jaata hai sab kabhee kisaan bichauliyon ko ya mandee mein anaaj bechane mandee sistam aage bhee chalega bicholee kisaan se khareed kar kisee vyaapaaree ya oparetar ko hee bech denge is par agar yah chhoot rahee to kisaan seedhe oparetar ko bhej dete to kya samay chaahie ek vikalp hai jo jabaradastee nahin sarakaar ko em es pee ke lie likha bhee dene ko taiyaar hai phir bhee kisaan kyon aid hai maan leejie ki abhee det ko seedhe kisaanon mein chaaval khareedana hai to bina kisee railee ke sentral ko neech beech mein lae yah sambhav nahin hai naee vyavastha mein kisaan seedhe bech sakega yah poora mudda raajaneetik hai beejepee jab vipaksh mein tab usaka virodh karatee thee kaangres yahee cheejen apane ghoshanaapatr mein likh chukee hai vaamapanthee dal ko samarthan de rahe hain hain par unake raajy keral mein epeeemasee ekt abhee nahin raha hai balki sarakaar mandeer mundiya hee nahin hain deeem esapee emesapee bhaarateey kisaan ko oparetar mein vivaad mein dee es dee em kee sunavaee par haadase vichaar hai isaka behatar vikalp sarakaar ko yojana chaahie kisaan kee maangon mein se ek maang dekhee kisaanon par se hataane kee maang to samajh aate hain baakee ka kisaanon ka kya lena-dena daal mein kuchh kaala hai

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
1:03
हमारी है कि किसान कानून हटाने की दूरी पर है किसानों को सबसे बड़ा डर न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होने का है सरकार ने कृषि उपज मंडी समिति यानी मंडी से बाहर भी कृषि कारोबार का रास्ता खोल दिया है हालांकि सरकार ने बिल में मंडियों को खत्म करने की बात कही है पर लिखी नहीं है उसका प्रभाव मंडे को तबाह कर सकता है इसका अंदाजा लगाकर किसान डरा हुआ है इस दिल के करीब 1 घंटे कुमार के पाली नौबत पैदा हो सकती है क्योंकि मंडियों के अंदर टैक्स का भुगतान होगा और मंडियों के बाहर कोई टैक्स नहीं लगेगा उन किसानों की ओर से कहा जा रहा है कि आरती है या व्यापारी अपने छह से सात फ़ीसदी टैक्स कम आना करके मंडी के बाहर खरीद करेगा उसको कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा जिससे मंडी समिति कमजोर होगी तो किसान धीरे-धीरे बाजार के हवाले चला जाएगा किसानों को चिंता के बीच राज्य सरकारों का का भी खबर का सता रहा है अगर निजी खरीदार के लिए किसानों से अनाज खरीदेंगे तो उन्हें मंडियों में मिलने वाले टैक्स को नहीं मिलेगा दोनों राज्य को मीडिया से मोटा टैक्स मिल्क जिससे वे विकास कार्य
Hamaaree hai ki kisaan kaanoon hataane kee dooree par hai kisaanon ko sabase bada dar nyoonatam samarthan mooly khatm hone ka hai sarakaar ne krshi upaj mandee samiti yaanee mandee se baahar bhee krshi kaarobaar ka raasta khol diya hai haalaanki sarakaar ne bil mein mandiyon ko khatm karane kee baat kahee hai par likhee nahin hai usaka prabhaav mande ko tabaah kar sakata hai isaka andaaja lagaakar kisaan dara hua hai is dil ke kareeb 1 ghante kumaar ke paalee naubat paida ho sakatee hai kyonki mandiyon ke andar taiks ka bhugataan hoga aur mandiyon ke baahar koee taiks nahin lagega un kisaanon kee or se kaha ja raha hai ki aaratee hai ya vyaapaaree apane chhah se saat feesadee taiks kam aana karake mandee ke baahar khareed karega usako koee taiks nahin dena padega jisase mandee samiti kamajor hogee to kisaan dheere-dheere baajaar ke havaale chala jaega kisaanon ko chinta ke beech raajy sarakaaron ka ka bhee khabar ka sata raha hai agar nijee khareedaar ke lie kisaanon se anaaj khareedenge to unhen mandiyon mein milane vaale taiks ko nahin milega donon raajy ko meediya se mota taiks milk jisase ve vikaas kaary

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Ashok Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Ashok जी का जवाब
कृषक👳💦
0:55
तो जो इंसान अपने भाइयों के लिए कुछ नहीं कर सकता अपनी पत्नी के लिए कुछ नहीं कर सकता मैं किसानों के लिए भला कुछ कैसे कर सकता है यह सर पर अंबानी के इशारों पर चलने वाले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पहले घर घर मुक्त शौचालय बनावा कर फ्री गैस कनेक्शन देकर महिलाओं को टारगेट बनाया और अब वही गैस दुगनी कीमत में मिलना शुरू हो गए तो यह वोट बैंक की राजनीति करते हैं अब इन्होंने किसानों को टारगेट बनाया है और किसान इस बात को जान चुके हैं कि यह किसान कानून जो बनाएगा है अंबानी अडानी के लिए ही बनाया गया ताकि किसानों का अत्यधिक शोषण हो सके इसलिए किसान कानून हटाने की जिद पर अड़े हुए धन्यवाद
To jo insaan apane bhaiyon ke lie kuchh nahin kar sakata apanee patnee ke lie kuchh nahin kar sakata main kisaanon ke lie bhala kuchh kaise kar sakata hai yah sar par ambaanee ke ishaaron par chalane vaale pradhaanamantree hain jinhonne pahale ghar ghar mukt shauchaalay banaava kar phree gais kanekshan dekar mahilaon ko taaraget banaaya aur ab vahee gais duganee keemat mein milana shuroo ho gae to yah vot baink kee raajaneeti karate hain ab inhonne kisaanon ko taaraget banaaya hai aur kisaan is baat ko jaan chuke hain ki yah kisaan kaanoon jo banaega hai ambaanee adaanee ke lie hee banaaya gaya taaki kisaanon ka atyadhik shoshan ho sake isalie kisaan kaanoon hataane kee jid par ade hue dhanyavaad

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Sameera khaan Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Sameera जी का जवाब
Unknown
0:28
आपका सवाल है हटा दी थी रिसीव क्यों नहीं पता जहां तक मुझे पता है हो सकता है उनको इस कानून से दिक्कत हो या उनका नुकसान हो इसी वजह से हुए कानून हटाने की मांग कर रहे हैं
Aapaka savaal hai hata dee thee riseev kyon nahin pata jahaan tak mujhe pata hai ho sakata hai unako is kaanoon se dikkat ho ya unaka nukasaan ho isee vajah se hue kaanoon hataane kee maang kar rahe hain

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Sameera khaan Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Sameera जी का जवाब
Unknown
0:28
आपका सवाल है हटा दी थी रिसीव क्यों नहीं पता जहां तक मुझे पता है हो सकता है उनको इस कानून से दिक्कत हो या उनका नुकसान हो इसी वजह से हुए कानून हटाने की मांग कर रहे हैं
Aapaka savaal hai hata dee thee riseev kyon nahin pata jahaan tak mujhe pata hai ho sakata hai unako is kaanoon se dikkat ho ya unaka nukasaan ho isee vajah se hue kaanoon hataane kee maang kar rahe hain

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Maayank Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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College Student
1:50
नमस्कार शुरू तो तू सरकार के कहने के बाद भी कि वह एमएसपी नहीं हटने देंगे एमएसपी हमेशा रहेगी यह सब कहने के बाद भी किसान आखिर क्यों जिद पर अड़े हुए हैं कानूनन हटाने के लिए उसका कोई जवाब नहीं दिया पर जो बाकी लोग मानते हैं पॉपुलर ओपिनियन है वह यह है कि एक तो वह कानून में नहीं लिख कर दे रहे हैं क्योंकि वह कह रहे हैं कि सरकार जो कह दे कि हम आपको लिखकर दे सकते हैं पेपर पर क्या मुश्किल है लेकिन वह नहीं ला रही होगी अगर कोई डिस्प्यूट होता है तो ऐसा तो नहीं है कीचड़ डिस्प्यूट हो तो वह कहेगा कि मोदी जी ने हमें कागज पर लिख कर दिया कि मैं भी हमें मिलेगी तो आप हमें एमएसपी देख यही चाहते हैं को हल कर सके दूसरा कारण यह हो सकता है कि किसानों को सरकार पर विश्वास है जिस प्रकार से इनके बड़े-बड़े जो मास्टर स्ट्रोक सरकार की जैसे नोटबंदी जीएसटी लॉग डाउन हो तो उसको देखते हुए किसानों को भरोसा नहीं की यह जो अभी कह रहे हैं वह अपनी बात पर टेकिंग ए तो इसी कारण डर लग रहा है कि कई कानून आ गए और उन्होंने अपनी बात पर नहीं टिकट तो इनके साथ काफी बुरा हो सकता है तो मुख्य रूप से जो सरकार पर विश्वास है उसके कारण किसान चाहते हैं कि पहले इन कानून को हटाया जाए जो नए कानूनों पर वापस लाया जाए उनको वापिस से इनमें चेंज करके वापस लाया जाए इनको नहीं थे क्योंकि इसमें चेंज नहीं होंगे धन्यवाद
Namaskaar shuroo to too sarakaar ke kahane ke baad bhee ki vah emesapee nahin hatane denge emesapee hamesha rahegee yah sab kahane ke baad bhee kisaan aakhir kyon jid par ade hue hain kaanoonan hataane ke lie usaka koee javaab nahin diya par jo baakee log maanate hain popular opiniyan hai vah yah hai ki ek to vah kaanoon mein nahin likh kar de rahe hain kyonki vah kah rahe hain ki sarakaar jo kah de ki ham aapako likhakar de sakate hain pepar par kya mushkil hai lekin vah nahin la rahee hogee agar koee dispyoot hota hai to aisa to nahin hai keechad dispyoot ho to vah kahega ki modee jee ne hamen kaagaj par likh kar diya ki main bhee hamen milegee to aap hamen emesapee dekh yahee chaahate hain ko hal kar sake doosara kaaran yah ho sakata hai ki kisaanon ko sarakaar par vishvaas hai jis prakaar se inake bade-bade jo maastar strok sarakaar kee jaise notabandee jeeesatee log daun ho to usako dekhate hue kisaanon ko bharosa nahin kee yah jo abhee kah rahe hain vah apanee baat par teking e to isee kaaran dar lag raha hai ki kaee kaanoon aa gae aur unhonne apanee baat par nahin tikat to inake saath kaaphee bura ho sakata hai to mukhy roop se jo sarakaar par vishvaas hai usake kaaran kisaan chaahate hain ki pahale in kaanoon ko hataaya jae jo nae kaanoonon par vaapas laaya jae unako vaapis se inamen chenj karake vaapas laaya jae inako nahin the kyonki isamen chenj nahin honge dhanyavaad

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
1:59
किसानों कानून हटाने की जीत क्यों कर रहे हो सकती हैं जिन मांगों को लेकर के बैठे हैं वह निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है तू कि एक बार कानून पास हो जाता है उसको निरस्त करना इतना आसान नहीं होता है लेकिन वह इस तरह का जो कर रहे हैं वह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि अगर वह कानून में चली मैं मानता हूं की कमियां हैं बहुत सारी कमियां हो सकती है तो उसका इरादा यह थोड़ा कि कानून को खत्म कर दी थी उसी कानून से तो बहुत सारे हजारों लोगों को हजारों लाखों का नाम उस माध्यम से दूसरे लोगों को फायदा भी थोड़ा है अब एक ही आप कुछ ग्रुप हो वहां पर इकट्ठा हो गए अब कुछ एसोसिएशन है जो समर्थन कर रहे हैं और कुछ नहीं कर रहे हैं तो बेहतर यह होता है कि उस कानून में जो थोड़ा बहुत बदलाव की गुंजाइश है उसको बदलाव करना पर दोनों पक्षों को चाहे केंद्रीय सरकार हो या लेता हूं किसानों के आंदोलन से जुड़े हुए लोगों का तो नहीं है कि कानून में पूरी की पूरी खामियां हो सकती है या पूरा कानूनी बेकार हो सकता है इसमें लघु किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं और निश्चित तौर पर वहां हो रहे हैं 30 को कहना गलत होगा और हम कह सकते हैं कि एक हठधर्मिता है इन किसानों का भी भाई हम तो सिर्फ कानून वापस करके ही वापस जाएंगे तो ऐसे माहौल में और कहीं गई इसमें कुछ शरारती तत्व भी जुड़ सकते हैं और जो इस तरह के गीतकार खास करके कम्युनिस्ट पार्टियों का जो झंडे देखते हैं उनका भी एसोसिएशन है मैं जानता हूं उनका भी कि सुशासन है लेकिन इसका मतलब थोड़ा कि आप कानून को पूरी तरह से खत्म कर देंगे तो वह थोड़े से एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है और यह जिद करना भी ठीक नहीं
Kisaanon kaanoon hataane kee jeet kyon kar rahe ho sakatee hain jin maangon ko lekar ke baithe hain vah nishchit taur par durbhaagyapoorn hai too ki ek baar kaanoon paas ho jaata hai usako nirast karana itana aasaan nahin hota hai lekin vah is tarah ka jo kar rahe hain vah durbhaagyapoorn hai kyonki agar vah kaanoon mein chalee main maanata hoon kee kamiyaan hain bahut saaree kamiyaan ho sakatee hai to usaka iraada yah thoda ki kaanoon ko khatm kar dee thee usee kaanoon se to bahut saare hajaaron logon ko hajaaron laakhon ka naam us maadhyam se doosare logon ko phaayada bhee thoda hai ab ek hee aap kuchh grup ho vahaan par ikattha ho gae ab kuchh esosieshan hai jo samarthan kar rahe hain aur kuchh nahin kar rahe hain to behatar yah hota hai ki us kaanoon mein jo thoda bahut badalaav kee gunjaish hai usako badalaav karana par donon pakshon ko chaahe kendreey sarakaar ho ya leta hoon kisaanon ke aandolan se jude hue logon ka to nahin hai ki kaanoon mein pooree kee pooree khaamiyaan ho sakatee hai ya poora kaanoonee bekaar ho sakata hai isamen laghu kisaan isase laabhaanvit ho rahe hain aur nishchit taur par vahaan ho rahe hain 30 ko kahana galat hoga aur ham kah sakate hain ki ek hathadharmita hai in kisaanon ka bhee bhaee ham to sirph kaanoon vaapas karake hee vaapas jaenge to aise maahaul mein aur kaheen gaee isamen kuchh sharaaratee tatv bhee jud sakate hain aur jo is tarah ke geetakaar khaas karake kamyunist paartiyon ka jo jhande dekhate hain unaka bhee esosieshan hai main jaanata hoon unaka bhee ki sushaasan hai lekin isaka matalab thoda ki aap kaanoon ko pooree tarah se khatm kar denge to vah thode se ek durbhaagyapoorn pahaloo hai aur yah jid karana bhee theek nahin

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:48
दोस्तों किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं आपका यह सवाल है और समाज के ऊपर मेरी प्रतिक्रिया यह है दोस्तों की किसानों को जो है यह बिल ऐसा लग रहा है कि आज तो यह दिखाएं कुछ अच्छा प्रद फ्यूचर में इसके काफी नुकसान हो सकते हैं क्योंकि हम जानते हैं कि जिस तरीके से जियो की सिम ले शुरुआत में फ्री में रिचार्ज दिया और उसके बाद धीरे-धीरे हम सब लोगों के पास रुपए लेना शुरू कर दिया ठीक वैसे ही तरीके सानू को इस बिल को लेकर के हो रही है दूसरी बात की है कि किसान जो है दोस्तों दोस्ती के ऊपर हुए निर्धारित मूल्य मिले अपना जो भी अनाज बगैर आज देते हैं मंडी के अंदर उस चीज को लेकर के तो इस चीज के ऊपर के साथ बैठे हुए हैं और जिद कर रहे हैं इस कानून को बैठा है और एम एस करें
Doston kisaan kaanoon hataane kee jid kyon kar rahe hain aapaka yah savaal hai aur samaaj ke oopar meree pratikriya yah hai doston kee kisaanon ko jo hai yah bil aisa lag raha hai ki aaj to yah dikhaen kuchh achchha prad phyoochar mein isake kaaphee nukasaan ho sakate hain kyonki ham jaanate hain ki jis tareeke se jiyo kee sim le shuruaat mein phree mein richaarj diya aur usake baad dheere-dheere ham sab logon ke paas rupe lena shuroo kar diya theek vaise hee tareeke saanoo ko is bil ko lekar ke ho rahee hai doosaree baat kee hai ki kisaan jo hai doston dostee ke oopar hue nirdhaarit mooly mile apana jo bhee anaaj bagair aaj dete hain mandee ke andar us cheej ko lekar ke to is cheej ke oopar ke saath baithe hue hain aur jid kar rahe hain is kaanoon ko baitha hai aur em es karen

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Yoga Instructor
0:53
किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं देखे किसान कानून हटाने की चीज नहीं कर रहे हैं यह जो बिचौलिए हैं जो कि वह पिज़्ज़ा बर्गर मर्सिडीज रेडिएशन से आ रहे हैं जी को मैं खूब घूमते घूमते आर है यह वह है और वह जीत कर रहे हैं क्योंकि देखिए इसमें क्या है इसमें न्यू कांटेक्ट फॉर्मिंग होगी मैं आपको क्या बताऊं मैं एक कांट्रेक्टर हूं आप एक किसान मैं आपके पास आया कि आप क्या आलू होते हैं आपने कि ठीक है बोले आप मुझे आलू बेच देंगे कि बोले अब मैं आपसे आलू इतने रुपए के भाव मिलूंगा यह पूरा खेत की जो भी है फसल मेरी हो गई आपने उसका कांटेक्ट फॉर्मिंग किए हैं अब इसमें किसान को कुछ नहीं करना उसे अच्छे से अपनी फसल होगा नहीं है कांट्रेक्टर आएगा खुद माल लोड करेगा लेकर जाएगा वह से पीछे खाए वह कुछ भी करें आपको आपका पेमेंट मिलेगा अब इसमें बिचौलिया खत्म हो गए बिल्कुल तो यह दिक्कत है
Kisaan kaanoon hataane kee jid kyon kar rahe hain dekhe kisaan kaanoon hataane kee cheej nahin kar rahe hain yah jo bichaulie hain jo ki vah pizza bargar marsideej redieshan se aa rahe hain jee ko main khoob ghoomate ghoomate aar hai yah vah hai aur vah jeet kar rahe hain kyonki dekhie isamen kya hai isamen nyoo kaantekt phorming hogee main aapako kya bataoon main ek kaantrektar hoon aap ek kisaan main aapake paas aaya ki aap kya aaloo hote hain aapane ki theek hai bole aap mujhe aaloo bech denge ki bole ab main aapase aaloo itane rupe ke bhaav miloonga yah poora khet kee jo bhee hai phasal meree ho gaee aapane usaka kaantekt phorming kie hain ab isamen kisaan ko kuchh nahin karana use achchhe se apanee phasal hoga nahin hai kaantrektar aaega khud maal lod karega lekar jaega vah se peechhe khae vah kuchh bhee karen aapako aapaka pement milega ab isamen bichauliya khatm ho gae bilkul to yah dikkat hai

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
anuj gothwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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9828597645
1:03
किसान कानून हटाने की जीत में इसलिए कि राष्ट्रपति की मुहर के बाद प्रदेश में प्रावधानों कृषि कानून में समर्थन मूल्य यानी आज भी एक महत्वपूर्ण बन कर उभरी हुई है इस को आधार बनाकर किस आंदोलन यह सड़क पर उतर चुका है अनु को आशंका है कि एक कृषि कानून द्वारा दी गई फसलों को एमआरपी पर बेचने की सुविधा समाप्त हो जाएगी किसानों के सामने आई इसलिए किसान लोग अर्थात 40 करोड़ आबादी वाले कृषि प्रधान देश भारत में एसपी से छेड़छाड़ मऊ नहीं है इसलिए वह अपने कान किसान का हटाने की चीटिंग कर रही है
Kisaan kaanoon hataane kee jeet mein isalie ki raashtrapati kee muhar ke baad pradesh mein praavadhaanon krshi kaanoon mein samarthan mooly yaanee aaj bhee ek mahatvapoorn ban kar ubharee huee hai is ko aadhaar banaakar kis aandolan yah sadak par utar chuka hai anu ko aashanka hai ki ek krshi kaanoon dvaara dee gaee phasalon ko emaarapee par bechane kee suvidha samaapt ho jaegee kisaanon ke saamane aaee isalie kisaan log arthaat 40 karod aabaadee vaale krshi pradhaan desh bhaarat mein esapee se chhedachhaad maoo nahin hai isalie vah apane kaan kisaan ka hataane kee cheeting kar rahee hai

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
Rohit Soni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Journalism
1:54
सवाल का जवाब मैंने आपको पहले भी अपने बहुत से उड़ी थी उसने दिया है मैं अभी बताऊं कि किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं जो भारत सरकार ने ने किसी अध्याय लाई है नया कानून लाई है उसमें उन पर ध्यान से पढ़ लो हैं कि भविष्य में किसानों के लिए खतरनाक हो सकते हैं या उनकी जमीनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं इसके कारण किसान उन्हें समझाने की पूर्ण रूप से सरकार को सुनने की पूर्ण रूप से कोशिश करने की आदत है यह नया कानून लाए हैं आप इसको प्लीज वापस ले लेना लेकिन इस मामले में न तो केंद्र सरकार ने को तैयार है ना ही देश के अन्नदाता किसानों ने बहुत समझाया कि हमारे से बात करने में भी एक ऐसा केंद्र सरकार द्वारा कानून लाया था कि ताकि वहां के किसान हैं खेती अच्छी हो सके लेकिन उसके बाद भी आज भी मां के जो किसानों की दुकान सबसे कम दर पर हवा के झोंके में अभी भी वहां किसानों की आत्महत्या नहीं रुक रही है उसके कारण किसानों का कहना है कि हमारे भविष्य में जो हमारे आने वाली पीढ़ी होगी वह बिल्कुल तहस-नहस हो जाएगी उनके पास पसंद करने को और और अन्य खेतीवाड़ी करने पर या समान बेचने को कुछ भी नहीं बचेगा उनको भी आत्महत्या ही करनी पड़ेगी से वो डरे हुए हालांकि इसमें कुछ बात है सही है और कुछ बातें गलत है क्योंकि बहुत से लोगों द्वारा भी गुमराह किया जा रहा है लेकिन मैं समझता हूं यहां पर केंद्र सरकार भी असफल हुई क्योंकि वह अपनी बातों को जो लोगों तक समझाने में अपनी जो पूर्ण भूमिका को नहीं दी मारी राज्य सरकार केंद्र सरकार को अच्छी तरह बैठ कर बात सुनी थी हालांकि कई बार बैठक हुई है जिसका परिणाम कुछ नहीं निकला है अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या किसान अपनी जिद पूरी कर पाएंगे या केंद्र सरकार इन पर अपना यह नया कानून छोड़ देगी
Savaal ka javaab mainne aapako pahale bhee apane bahut se udee thee usane diya hai main abhee bataoon ki kisaan kaanoon hataane kee jid kyon kar rahe hain jo bhaarat sarakaar ne ne kisee adhyaay laee hai naya kaanoon laee hai usamen un par dhyaan se padh lo hain ki bhavishy mein kisaanon ke lie khataranaak ho sakate hain ya unakee jameenon ke lie khataranaak ho sakate hain isake kaaran kisaan unhen samajhaane kee poorn roop se sarakaar ko sunane kee poorn roop se koshish karane kee aadat hai yah naya kaanoon lae hain aap isako pleej vaapas le lena lekin is maamale mein na to kendr sarakaar ne ko taiyaar hai na hee desh ke annadaata kisaanon ne bahut samajhaaya ki hamaare se baat karane mein bhee ek aisa kendr sarakaar dvaara kaanoon laaya tha ki taaki vahaan ke kisaan hain khetee achchhee ho sake lekin usake baad bhee aaj bhee maan ke jo kisaanon kee dukaan sabase kam dar par hava ke jhonke mein abhee bhee vahaan kisaanon kee aatmahatya nahin ruk rahee hai usake kaaran kisaanon ka kahana hai ki hamaare bhavishy mein jo hamaare aane vaalee peedhee hogee vah bilkul tahas-nahas ho jaegee unake paas pasand karane ko aur aur any kheteevaadee karane par ya samaan bechane ko kuchh bhee nahin bachega unako bhee aatmahatya hee karanee padegee se vo dare hue haalaanki isamen kuchh baat hai sahee hai aur kuchh baaten galat hai kyonki bahut se logon dvaara bhee gumaraah kiya ja raha hai lekin main samajhata hoon yahaan par kendr sarakaar bhee asaphal huee kyonki vah apanee baaton ko jo logon tak samajhaane mein apanee jo poorn bhoomika ko nahin dee maaree raajy sarakaar kendr sarakaar ko achchhee tarah baith kar baat sunee thee haalaanki kaee baar baithak huee hai jisaka parinaam kuchh nahin nikala hai ab dekhane vaalee baat yah hogee ki kya kisaan apanee jid pooree kar paenge ya kendr sarakaar in par apana yah naya kaanoon chhod degee

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
T P Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए T जी का जवाब
Business
2:56
किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं देखे मेरी बात को कतई अतिशयोक्ति के रूप में ना लें और दूसरा यह बात भी मैं इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं बिल्कुल भी किसान विरोधी नहीं हूं किसान हमारा अन्नदाता है मैं स्वयं किसान परिवार से हूं और किसानों की कई राज्यों के अंदर चुप गरीबी की स्थिति है उसमें वाकई सुधार होना चाहिए इसमें भी कहीं कोई फंक्शन नहीं है और मुझे लगता है कि आजादी के बाद पहली बार इस सरकार ने इतने राजनीतिक इच्छाशक्ति बताई है और यह हिम्मत जुटाई है यह इतना बड़ा कृषि सुधार का बिल लेकर आए हैं और यह कृषि सुधार का बिल किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला है जो किसान इस बात को समझ रहा है वह इसका कतई विरोध नहीं करते और मेरी बात का विश्वास कीजिए इस कृषि बिल का सबसे ज्यादा फायदा छोटे और मझोले किसानों को होने वाला है जो वास्तव में उनको इसकी जरूरत है जो बहुत बड़े जमीदार हैं जो बहुत बड़े किसान हैं जिनकी खुद की अपनी मंडियां है जो खुद मंडियों में भागीदार हैं जिनके खुद के अपने गोदाम हैं जो खुद किसान ही नहीं करते छोटे किसान मजदूर उनके यहां पर खेती करते हैं वह लोग इसका ज्यादा विरोध कर रहे हैं क्योंकि प्राइवेट मंडी आने से मार्केट में कंपटीशन होगी होने से किसानों को अपनी फसल की अच्छी कीमत मिलेगी और यह जो बिचौलिए हैं यह जो बीच के अंदर दलाली कर रहे हैं इनका दलाली खत्म हो जाए लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टियां और ये ऐसे बड़े जमीदार किसान किसानों छोटे किसानों के साथ में उनकी भावनाओं के साथ में खेल रहे हैं उन को भड़का रहे हैं उनको भ्रमित कर रहे हैं और कुछ राजनीतिक पार्टियां अपनी खोई हुई सत्ता की जमीन को पुनः प्राप्त करने के लिए इन किसानों का सहारा ले रहे हैं और इन कंधे पर बंदूक रखकर गोली लगा रहे हैं और इसीलिए किसान कानून हटाने की जिद कर रहे हैं लेकिन यह मुट्ठी भर किसान है और वह किसान हैं जो कि ज्यादातर जमीदार हम जैसे छोटे किसानों को इस बिल की बहुत जरूरत है इसलिए मैं इसका विरोध नहीं कर रहा है यह टाइम आनी है धन्यवाद
Kisaan kaanoon hataane kee jid kyon kar rahe hain dekhe meree baat ko katee atishayokti ke roop mein na len aur doosara yah baat bhee main is prashn ka uttar dene se pahale spasht kar dena chaahata hoon ki main bilkul bhee kisaan virodhee nahin hoon kisaan hamaara annadaata hai main svayan kisaan parivaar se hoon aur kisaanon kee kaee raajyon ke andar chup gareebee kee sthiti hai usamen vaakee sudhaar hona chaahie isamen bhee kaheen koee phankshan nahin hai aur mujhe lagata hai ki aajaadee ke baad pahalee baar is sarakaar ne itane raajaneetik ichchhaashakti bataee hai aur yah himmat jutaee hai yah itana bada krshi sudhaar ka bil lekar aae hain aur yah krshi sudhaar ka bil kisaanon ke jeevan mein kraantikaaree parivartan laane vaala hai jo kisaan is baat ko samajh raha hai vah isaka katee virodh nahin karate aur meree baat ka vishvaas keejie is krshi bil ka sabase jyaada phaayada chhote aur majhole kisaanon ko hone vaala hai jo vaastav mein unako isakee jaroorat hai jo bahut bade jameedaar hain jo bahut bade kisaan hain jinakee khud kee apanee mandiyaan hai jo khud mandiyon mein bhaageedaar hain jinake khud ke apane godaam hain jo khud kisaan hee nahin karate chhote kisaan majadoor unake yahaan par khetee karate hain vah log isaka jyaada virodh kar rahe hain kyonki praivet mandee aane se maarket mein kampateeshan hogee hone se kisaanon ko apanee phasal kee achchhee keemat milegee aur yah jo bichaulie hain yah jo beech ke andar dalaalee kar rahe hain inaka dalaalee khatm ho jae lekin kuchh raajaneetik paartiyaan aur ye aise bade jameedaar kisaan kisaanon chhote kisaanon ke saath mein unakee bhaavanaon ke saath mein khel rahe hain un ko bhadaka rahe hain unako bhramit kar rahe hain aur kuchh raajaneetik paartiyaan apanee khoee huee satta kee jameen ko punah praapt karane ke lie in kisaanon ka sahaara le rahe hain aur in kandhe par bandook rakhakar golee laga rahe hain aur iseelie kisaan kaanoon hataane kee jid kar rahe hain lekin yah mutthee bhar kisaan hai aur vah kisaan hain jo ki jyaadaatar jameedaar ham jaise chhote kisaanon ko is bil kee bahut jaroorat hai isalie main isaka virodh nahin kar raha hai yah taim aanee hai dhanyavaad

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किसान कानून हटाने की जिद क्यों कर रहे हैं?Kisaan Kaanun Hatane Ki Zid Kyun Kar Rahe Hain
vk yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:00
मातेश्वरी का विस्तार हुआ हिंदुस्तान पाकिस्तान का नोट जाने की जिद क्यों कर रहे हो जब तक मांग पूरी नहीं हो जाएंगी तब तक के सामने ऐसे ही अपनी जिद पर अड़े रहेंगे और कानून को हटाने की मांग करते रहे क्योंकि लिखित में लगानी चाहिए सब तरह से क्योंकि भगवान तो सरकार उनसे बातचीत करके क्यों नहीं उनका उनको हक देती है कभी मिलता है उनको आप कभी नहीं निकाल मिलता है सरकार तो बस किसानों से लाभ पहुंचाना कुछ कानून बना दिया भाई किसानों का नुकसान और मदद लेनी चाहिए तो क्या चाहते हैं हर जगह से राय लेनी चाहिए तेल राज्य से हांसी हर जगह से कैसे भी करके ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे भी राय लेनी थी तब किसानों के प्रति वह कानून लागू होता है कैसे क्या लोग की क्या राय है तो भूल जाना लेकिन ऐसी बना दिया यह कौन सा तरीका ही गलत किया ना किसानों का पैसा करना चाहिए सरकार
Maateshvaree ka vistaar hua hindustaan paakistaan ka not jaane kee jid kyon kar rahe ho jab tak maang pooree nahin ho jaengee tab tak ke saamane aise hee apanee jid par ade rahenge aur kaanoon ko hataane kee maang karate rahe kyonki likhit mein lagaanee chaahie sab tarah se kyonki bhagavaan to sarakaar unase baatacheet karake kyon nahin unaka unako hak detee hai kabhee milata hai unako aap kabhee nahin nikaal milata hai sarakaar to bas kisaanon se laabh pahunchaana kuchh kaanoon bana diya bhaee kisaanon ka nukasaan aur madad lenee chaahie to kya chaahate hain har jagah se raay lenee chaahie tel raajy se haansee har jagah se kaise bhee karake onalain ya ophalain kaise bhee raay lenee thee tab kisaanon ke prati vah kaanoon laagoo hota hai kaise kya log kee kya raay hai to bhool jaana lekin aisee bana diya yah kaun sa tareeka hee galat kiya na kisaanon ka paisa karana chaahie sarakaar

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