#जीवन शैली

Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
5:57
जो लोग अपने माता पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं उनको आप क्या कहना चाहेंगे वैसे तो माता-पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ने के कई कारण होते हैं लेकिन जब नौबत नहीं आनी चाहिए कुछ लोग ऐसे होते हैं कि माता-पिता जो है वह उन्होंने बड़े सपने देखे थे वह सच हो गए थे मेरा बेटा अमेरिका में जय नैना समीर जाके सोचो जोगबनी तो हापुड़ गया महापुरुष ने अकबर बिल्कुल अच्छा कुर्ती भी बनाया लेकिन यह जो माता-पिता है उनको बोला था भी है वहां पर देने के लिए लेकिन वह एक बार जगराते भी है लेकिन वह खुद को उसके से अर्जित एडजस्टमेंट नहीं कर पाते हैं तो कुछ लोग क्या करते हैं कि उदासर में अपने मां बाप को बाप को अच्छी तरह से संभालने के लिए पैसा देते हैं कुछ ज्यादा पैसा भी देते हैं ताकि उनकी बाकी सब मुझे देखभाल है अच्छी तरह से हो सके और होती भी है आप पर सोसाइटी में के लोगों की पसंद भी करते हैं अरे रहना लेकिन ऐसे संख्या बहुत कम से कम है और जो आम जनता के विरुद्ध होते तुम कि यह बहुत एक दुख कर बात होती है कि सब यही होने के बावजूद भी उनको उदासर में उनके सद्दाम छोड़ जाते हैं दुश्मन को बहुत एक गहरा उसमें दुख होता है और प्रभु की भावनाओं में निर्माण होती है जो निगम में ऐसे लोगों के बेटे और बेटियां होती है उनके लिए क्या शब्द यूज किया जाए वह नमक हराम तो है लेकिन क्रूर भी है वह नहीं जानते हैं और उन्हें याद करते हैं कि हम कैसे पैदा हो गया उस पर जाने के बाद क्या-क्या किया जा सकता है बच्चे को जिंदा रखने के लिए और उसको पाने के लिए मां बाप को क्या-क्या किया करना पड़ता है गरीब हो या श्रीमंत इंसान का बच्चा अपने पैरों पर खड़ा होने में 3 साल लगते हैं जैसे प्रावो वैसे प्राणियों में है अपना खुद खुद का अन्ना जो है उसको ढूंढने में और खाने में पुरानी मम्मी उनके जो बच्चे होते हैं उनको ज्यादा समय नहीं लगता है कम समय में वह टूटते हैं और अपना चार आना खाने लगते हैं लेकिन इंसान के बच्चे के लिए यह बात बहुत कठिन है और अगर इसका पालन करने के लिए कोई नहीं रहा तो वह जिंदा जिंदा नहीं रह सकता तू ₹10 छोड़ने वाले ऐसे लोगों की बेशर्म के बारे में तो सब लोग उनको समाज के तिरस्कृत करते भी हैं और बोलते भी है ताली दे ताली भी देते हैं लेकिन एक ऐसा कानून नहीं करना चाहिए और वह भी लेकिन आखिर मामा माता-पिता होते हैं वह अपने बच्चों को पुलिस स्टेशन तक लारा नहीं चाहते इसलिए तकरार नहीं करते मैंने कई बार ऐसी कोशिश की है कुछ बंधुओं को इस एक पुलिस को तक राधे वीडियो दे दे कि वह आकर एडजस्टमेंट शक्कर ज्यादा कर कर देंगे लेकिन या तो वो डरते हैं या फिर ऐसा नहीं चाहते धन्यवाद
Jo log apane maata pita ko vrddh aashram mein chhod dete hain unako aap kya kahana chaahenge vaise to maata-pita ko vrddhaashram mein chhodane ke kaee kaaran hote hain lekin jab naubat nahin aanee chaahie kuchh log aise hote hain ki maata-pita jo hai vah unhonne bade sapane dekhe the vah sach ho gae the mera beta amerika mein jay naina sameer jaake socho jogabanee to haapud gaya mahaapurush ne akabar bilkul achchha kurtee bhee banaaya lekin yah jo maata-pita hai unako bola tha bhee hai vahaan par dene ke lie lekin vah ek baar jagaraate bhee hai lekin vah khud ko usake se arjit edajastament nahin kar paate hain to kuchh log kya karate hain ki udaasar mein apane maan baap ko baap ko achchhee tarah se sambhaalane ke lie paisa dete hain kuchh jyaada paisa bhee dete hain taaki unakee baakee sab mujhe dekhabhaal hai achchhee tarah se ho sake aur hotee bhee hai aap par sosaitee mein ke logon kee pasand bhee karate hain are rahana lekin aise sankhya bahut kam se kam hai aur jo aam janata ke viruddh hote tum ki yah bahut ek dukh kar baat hotee hai ki sab yahee hone ke baavajood bhee unako udaasar mein unake saddaam chhod jaate hain dushman ko bahut ek gahara usamen dukh hota hai aur prabhu kee bhaavanaon mein nirmaan hotee hai jo nigam mein aise logon ke bete aur betiyaan hotee hai unake lie kya shabd yooj kiya jae vah namak haraam to hai lekin kroor bhee hai vah nahin jaanate hain aur unhen yaad karate hain ki ham kaise paida ho gaya us par jaane ke baad kya-kya kiya ja sakata hai bachche ko jinda rakhane ke lie aur usako paane ke lie maan baap ko kya-kya kiya karana padata hai gareeb ho ya shreemant insaan ka bachcha apane pairon par khada hone mein 3 saal lagate hain jaise praavo vaise praaniyon mein hai apana khud khud ka anna jo hai usako dhoondhane mein aur khaane mein puraanee mammee unake jo bachche hote hain unako jyaada samay nahin lagata hai kam samay mein vah tootate hain aur apana chaar aana khaane lagate hain lekin insaan ke bachche ke lie yah baat bahut kathin hai aur agar isaka paalan karane ke lie koee nahin raha to vah jinda jinda nahin rah sakata too ₹10 chhodane vaale aise logon kee besharm ke baare mein to sab log unako samaaj ke tiraskrt karate bhee hain aur bolate bhee hai taalee de taalee bhee dete hain lekin ek aisa kaanoon nahin karana chaahie aur vah bhee lekin aakhir maama maata-pita hote hain vah apane bachchon ko pulis steshan tak laara nahin chaahate isalie takaraar nahin karate mainne kaee baar aisee koshish kee hai kuchh bandhuon ko is ek pulis ko tak raadhe veediyo de de ki vah aakar edajastament shakkar jyaada kar kar denge lekin ya to vo darate hain ya phir aisa nahin chaahate dhanyavaad

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Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:45

Rajeev kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Sciclogist student
0:43

itishree Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
1:30

Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Yoga Instructor
0:38

Vikas Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:43
काले कि जो लोग अपने माता पिता को भी दशा में छोड़ देते हैं उनका प्यार आ जाएंगे फ्रेंड मैं बोलना चाहूंगा जो लोग मेरे माता पिता को छोड़ देते हैं उनसे बड़ा निकम्मा आदमी या बच्चा फ्रेंड्स पूरे संसार में कोई नहीं होगा फ्रेंड्स उन्होंने जो अपने मां-बाप को छोड़ डे कैंटीन मां बाप ने उनको पाला पोसा इतना बड़ा किया ठीक है फ्रेंड्स उन्होंने सिर्फ और सिर्फ अपने पत्नी के लिए अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए अपने माता पिता को वृद्ध आश्रम में भेज दिया फ्रेंड्स ऑफ फ्रेंड्स माता-पिता को फ्रेंडशिप करना चाहता किया संतान माता-पिता को पैदा ही नहीं थी सबसे खराब काम हो गया ठीक है सर मेरे हिसाब से वह बच्चे हैं सब और सब बच्चे हैं फ्रेंड जो अपने मां-बाप को छोड़ आते हैं और मेरे हिसाब से सेंड सुन को सबसे बड़ा पाप और दोष लगता है फ्रेंड लोग अपने माता पिता को छोड़ आते हैं वृद्धावस्था में सेंड माता पिता फ्रेंडशिप खाना पीना नहीं खा सकते उनको टाइम टाइम खाना पीना 11055 एक बच्चा मतलब बच्चे पढ़ते माता-पिता की फ्रेंडशिप बीमार हो और होते होते सेंड सु मर जाएंगे और फ्रेंड से मरने के बाद कितना पाप लगेगा फ्रेंड साहब को बहुत ज्यादा इसलिए मेरे हिसाब से आप अगर आपने अपने मां-बाप को विदेश में छोड़ा तो आप तुरंत तीन बाप रे मां बाप को लिया है ताकि फ्रेंड सब को पाप ना लगे और एक अच्छे मनुष्य चलाएंगे फ्रेंड्स वरना आप बिल्कुल सही हो आप से बड़ा कोई पापी है नहीं ठीक है फ्रेंड्स
Kaale ki jo log apane maata pita ko bhee dasha mein chhod dete hain unaka pyaar aa jaenge phrend main bolana chaahoonga jo log mere maata pita ko chhod dete hain unase bada nikamma aadamee ya bachcha phrends poore sansaar mein koee nahin hoga phrends unhonne jo apane maan-baap ko chhod de kainteen maan baap ne unako paala posa itana bada kiya theek hai phrends unhonne sirph aur sirph apane patnee ke lie apanee aane vaalee peedhee ke lie apane maata pita ko vrddh aashram mein bhej diya phrends oph phrends maata-pita ko phrendaship karana chaahata kiya santaan maata-pita ko paida hee nahin thee sabase kharaab kaam ho gaya theek hai sar mere hisaab se vah bachche hain sab aur sab bachche hain phrend jo apane maan-baap ko chhod aate hain aur mere hisaab se send sun ko sabase bada paap aur dosh lagata hai phrend log apane maata pita ko chhod aate hain vrddhaavastha mein send maata pita phrendaship khaana peena nahin kha sakate unako taim taim khaana peena 11055 ek bachcha matalab bachche padhate maata-pita kee phrendaship beemaar ho aur hote hote send su mar jaenge aur phrend se marane ke baad kitana paap lagega phrend saahab ko bahut jyaada isalie mere hisaab se aap agar aapane apane maan-baap ko videsh mein chhoda to aap turant teen baap re maan baap ko liya hai taaki phrend sab ko paap na lage aur ek achchhe manushy chalaenge phrends varana aap bilkul sahee ho aap se bada koee paapee hai nahin theek hai phrends

अमित सिंह बघेल Bolkar App
Top Speaker,Level 55
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सामाजिक कार्यकर्ता, मोटिवेशनल स्पीकर 
2:27
पूजा के जो लोग अपने माता पिता को वर्धा आश्रम में छोड़ देते हैं उनको आप क्या कहना चाहेंगे देखिए ऐसे लोगों को मैं इंसान की श्रेणी में बिल्कुल भी नहीं रखता हूं क्योंकि एक इंसान होने की सबसे बड़ी पहचान उनकी देखें इंसानियत होती है और जब किसी इंसान के अंदर की देखें इंसानियत मर गई तो वह दिखे इंसान नहीं बचा है अगर मुझे अगर बोलना ही है तो मैं यहां उम्र के बुजुर्गों से कुछ कहना चाहूंगा क्योंकि ऐसी संतान में कुछ भी कहना बेकार ही होगा जिनको अपने माता-पिता की कद्र नहीं तो किसी भी दिखे बुजुर्ग को अपनी संतान के साथ तभी रहना चाहिए जब उनके दिल में देखें आपके लिए प्यार और सम्मान को किस साथ रहना बड़ा ही देखी कठिन होता अगर बच्चे इज्जत ना करें तो देखिए अपने पैसों को अपने पास सुरक्षित रखो और अच्छा जीवन जियो ना किसी के बच्चे के लिए जोड़ जोड़ कर रखो क्योंकि देखिए जो बच्चे हैं पूत सपूत तो क्यों धन संचय मतलब आपका जो करता है वह केवल उनके जीवन के उस पड़ाव तक था जब तक कि वह देखकर वह काबिल ना हो जाए अगर देखिए आपको लगता है कि अब आपके बच्चे अपनी दुनिया में खो गए हैं तो आप भी अपने लिए देखें अपनी दुनिया बनाएं और उसको क्या करें कि आखरी सांस तक आप बताएं अपने घर को कभी नहीं हटाए अपने घर को कभी नहीं हटाए और अगर आपके पास पैसे की परेशानी है तो बच्चों से नियमित रूप से दिखे महीने का खर्च ले क्योंकि जिस तरह से बचपन में आपने उनकी जिम्मेदारी निभाई आज उनका यही देखिए दायित्व तो अपने बच्चों को बचपन से ही देखिए अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों के जीने की कला आप ने सिखाया क्योंकि अगर आप उनको बचपन से ही रिश्ते और अपनों के महत्व सिखाएं अगर अपनों का महत्व सिखाएंगे तो क्या है फिर आप इस परेशानी से कभी नहीं पड़ेंगे लेकिन क्या है ना हम सभी बच्चों को देखकर बचपन से ही धन का महत्व सिखाते हैं स्वार्थी बनाते कि अगर आप अपने बारे में नहीं सोचोगे तो पीछे रह जाओगे इस तरह की शिक्षा दिखे गलत है तो लास्ट में देखिए मैं यही बोलना चाहूंगा जो लोग अपने वृद्ध माता-पिता का वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि एक दिन उन्हें भी यही आना पड़ेगा जय हिंद जय भारत
Pooja ke jo log apane maata pita ko vardha aashram mein chhod dete hain unako aap kya kahana chaahenge dekhie aise logon ko main insaan kee shrenee mein bilkul bhee nahin rakhata hoon kyonki ek insaan hone kee sabase badee pahachaan unakee dekhen insaaniyat hotee hai aur jab kisee insaan ke andar kee dekhen insaaniyat mar gaee to vah dikhe insaan nahin bacha hai agar mujhe agar bolana hee hai to main yahaan umr ke bujurgon se kuchh kahana chaahoonga kyonki aisee santaan mein kuchh bhee kahana bekaar hee hoga jinako apane maata-pita kee kadr nahin to kisee bhee dikhe bujurg ko apanee santaan ke saath tabhee rahana chaahie jab unake dil mein dekhen aapake lie pyaar aur sammaan ko kis saath rahana bada hee dekhee kathin hota agar bachche ijjat na karen to dekhie apane paison ko apane paas surakshit rakho aur achchha jeevan jiyo na kisee ke bachche ke lie jod jod kar rakho kyonki dekhie jo bachche hain poot sapoot to kyon dhan sanchay matalab aapaka jo karata hai vah keval unake jeevan ke us padaav tak tha jab tak ki vah dekhakar vah kaabil na ho jae agar dekhie aapako lagata hai ki ab aapake bachche apanee duniya mein kho gae hain to aap bhee apane lie dekhen apanee duniya banaen aur usako kya karen ki aakharee saans tak aap bataen apane ghar ko kabhee nahin hatae apane ghar ko kabhee nahin hatae aur agar aapake paas paise kee pareshaanee hai to bachchon se niyamit roop se dikhe maheene ka kharch le kyonki jis tarah se bachapan mein aapane unakee jimmedaaree nibhaee aaj unaka yahee dekhie daayitv to apane bachchon ko bachapan se hee dekhie apane lie nahin balki doosaron ke jeene kee kala aap ne sikhaaya kyonki agar aap unako bachapan se hee rishte aur apanon ke mahatv sikhaen agar apanon ka mahatv sikhaenge to kya hai phir aap is pareshaanee se kabhee nahin padenge lekin kya hai na ham sabhee bachchon ko dekhakar bachapan se hee dhan ka mahatv sikhaate hain svaarthee banaate ki agar aap apane baare mein nahin sochoge to peechhe rah jaoge is tarah kee shiksha dikhe galat hai to laast mein dekhie main yahee bolana chaahoonga jo log apane vrddh maata-pita ka vrddh aashram mein chhod dete hain unhen yah bhee yaad rakhana chaahie ki ek din unhen bhee yahee aana padega jay hind jay bhaarat

Nav kishor Aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Service
1:40

Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:32
उसका दोस्तों प्रार्थना कि जो लोग अपने माता पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं उनको आप क्या कहना चाहेंगे तो दोस्तों वह एक प्रकार से आप स्वार्थी व्यक्ति उन्हें कहना चाहेंगे हो सकता है वह किसी के प्रभाव में भी माता-पिता को आश्रम में छोड़ जाते हैं यान की महत्वाकांक्षा है बहुत ज्यादा हो जाती हैं खुद ऐसो आराम में रहना चाहते हैं ना चाहते हैं लेकिन कहीं ना कहीं उनको मां-बाप का भी ख्याल रहता है तो सोचते हैं कि वृद्ध आश्रम में छोड़ जाए यह ज्यादातर उन लोगों को आप देखेंगे जो पड़ेगा काफी पैसे वाले हैं महत्वाकांक्षी हैं कभी आपने किसी गरीब आबादी को या मध्यम परिवार वाले व्यक्ति को आश्रम में छोड़ते हुए नहीं देखा होगा चाहे कितना भी गरीब हो अपने माता-पिता की सेवा करता है और तू किसको संस्कार ऐसे मिले होते हैं जब पैसा ज्यादा आ जाता है शहरीकरण में आ जाते हैं तो वह माता-पिता उसे भूख लगने लग जाते हैं वह कई बार स्त्री के प्रभाव में या अन्य रिश्तेदारों के प्रभाव में भी आ जाता है और जिसने जन्म दिया जन्मदाता को ही वह त्याग देता है वह s-o-r आराम जवानी में ढूंढता है लेकिन उसे याद रखना चाहिए कि वृद्धावस्था उसका भी आएगा हो सकता है कि उसने तो अपने माता-पिता को वृद्ध आश्रम में रख दिया हो सकता है कि आने वाले उसके संतान उसका इस तरह भी कदर ना कर पाएंगे तो जन्मदाता का हमारे लिए भगवान के बराबर हैं उनका सम्मान करना चाहिए उनकी सेवा करनी चाहिए धन्यवाद
Usaka doston praarthana ki jo log apane maata pita ko vrddh aashram mein chhod dete hain unako aap kya kahana chaahenge to doston vah ek prakaar se aap svaarthee vyakti unhen kahana chaahenge ho sakata hai vah kisee ke prabhaav mein bhee maata-pita ko aashram mein chhod jaate hain yaan kee mahatvaakaanksha hai bahut jyaada ho jaatee hain khud aiso aaraam mein rahana chaahate hain na chaahate hain lekin kaheen na kaheen unako maan-baap ka bhee khyaal rahata hai to sochate hain ki vrddh aashram mein chhod jae yah jyaadaatar un logon ko aap dekhenge jo padega kaaphee paise vaale hain mahatvaakaankshee hain kabhee aapane kisee gareeb aabaadee ko ya madhyam parivaar vaale vyakti ko aashram mein chhodate hue nahin dekha hoga chaahe kitana bhee gareeb ho apane maata-pita kee seva karata hai aur too kisako sanskaar aise mile hote hain jab paisa jyaada aa jaata hai shahareekaran mein aa jaate hain to vah maata-pita use bhookh lagane lag jaate hain vah kaee baar stree ke prabhaav mein ya any rishtedaaron ke prabhaav mein bhee aa jaata hai aur jisane janm diya janmadaata ko hee vah tyaag deta hai vah s-o-r aaraam javaanee mein dhoondhata hai lekin use yaad rakhana chaahie ki vrddhaavastha usaka bhee aaega ho sakata hai ki usane to apane maata-pita ko vrddh aashram mein rakh diya ho sakata hai ki aane vaale usake santaan usaka is tarah bhee kadar na kar paenge to janmadaata ka hamaare lie bhagavaan ke baraabar hain unaka sammaan karana chaahie unakee seva karanee chaahie dhanyavaad

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
2:06
नहीं जो लोग अपने माता पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं उन्हें आप क्या कहना चाहेंगे कि मैं तो यही कहूंगा कि दुनिया का सबसे कमजोर इंसान वही होगा जो इस तरह की हरकतें करते हैं और आजकल देखा जाए तो बढ़ती हुई इस मॉडर्न युग को मैं बहुत ज्यादा जो होता है इसका असर क्यों होता है देखिए एक लेडीस की वजह से थैंक यू और नई औरतें आती हैं कहीं ना कहीं उन्हें ऐसा होता है लेकिन यह नहीं फील होता है कि मैं भी इस स्टेज में आऊंगी मेरा भी ब्रिज पोजीशन होगा क्या मेरे बच्चे अगर वृद्धाश्रम में हम ही नहीं जाएंगे तो क्या हमारा होगा हमें तो अपने माता-पिता चाहे वह पति का माता-पिता हो चाहे खुद का माता-पिता की सेवा करना चाहिए हर एक क्या होता है वृद्धा जीवन में क्या होता है कि थोड़ा सा कष्ट हो जाता है उसे क्या होता है कि उनके बच्चे खेलते हैं क्योंकि जब आप छोटे रहते हैं तो आपके माता पिता आपको कितना लाड प्यार अपने आप को बड़ा करने में बहुत सारे दुखों कष्टों को झेलते हैं हर मुसीबत परिस्थितियां उनकी खराब होते लिख फिर भी आप को नहीं छोड़ते लेकिन जब आप एक अच्छे इंसान हो जाते हैं और आपको ऐसा लगता है कि मैं अपने माता-पिता के लिए समय नहीं दे पा रहा हूं आप उन्हें वृद्ध आश्रम में छोड़ दी थी इसके बेस पर छोड़ते हैं आप बताइए मैं बस यही कहूंगा कि वह दुनिया के सबसे कमजोर इंसान होते हैं यह नहीं सोचते हैं कि हमारी खुद की जिंदगी कैसे होगी ऐसे इंसान के लिए मैं यही कहूंगा कि उनका जीवन भी सेम कंडीशन में वैसे ही जाता है जैसे अपने माता-पिता के लिए किए हैं आप थोड़ा सा अपने माता-पिता के लिए समय दीजिए उसमें उनके साथ जो कुछ भी करिए अब बीवी है घर पर तो मैक्सिमम समय दे सकते उन्हें खाने पीने रहने हर चीज की सुविधा दे सकती है यही माता-पिता के लिए चाहिए और कुछ नहीं चाहिए लेकिन फिर भी लोग अपने आप को इस मॉडल युग में अपने आप को सोचते हैं कि मैं माता-पिता के साथ रहूंगा उसकी सेवा करूंगा तो बहुत मुझे दिक्कत होगी लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए
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Mohitrajput Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Mohitrajput जी का जवाब
Unknown
0:48
जो लोग अपने माता पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं उनके बारे में क्या कहना चाहूंगा जो लोग अपने मां बाप को पालना नहीं चाहते पता क्या होता है सबके साथ ऐसा होता है हम लोग बन जाते हैं सब के साथ होता है और हमें उनका ख्याल रखना पड़ता है क्योंकि बचपन में हम उन्होंने हमारा ख्याल रखा था वैसे ही ख्याल रखने की उनकी जरूरत होती है पर हम लोग कहीं और छोड़ जाते हैं किसी और पर डाल देते हैं अपनी जिम्मेदारियों को अगर हमें तो उन्होंने हमारी जिम्मेदारी ली थी वैसे ही हमें उनकी लेनी चाहिए यह सरासर गलत है कि हम लोगों ने विद्या आश्रम में छोड़ जाते हैं बहुत ज्यादा लोग ऐसे करते हैं और बहुत कम लोग अपने पेरेंट्स का ख्याल रखते हैं मैं तो कहूंगा कि हम सबको अपने फैंस का ख्याल रखना चाहिए
Jo log apane maata pita ko vrddh aashram mein chhod dete hain unake baare mein kya kahana chaahoonga jo log apane maan baap ko paalana nahin chaahate pata kya hota hai sabake saath aisa hota hai ham log ban jaate hain sab ke saath hota hai aur hamen unaka khyaal rakhana padata hai kyonki bachapan mein ham unhonne hamaara khyaal rakha tha vaise hee khyaal rakhane kee unakee jaroorat hotee hai par ham log kaheen aur chhod jaate hain kisee aur par daal dete hain apanee jimmedaariyon ko agar hamen to unhonne hamaaree jimmedaaree lee thee vaise hee hamen unakee lenee chaahie yah saraasar galat hai ki ham logon ne vidya aashram mein chhod jaate hain bahut jyaada log aise karate hain aur bahut kam log apane perents ka khyaal rakhate hain main to kahoonga ki ham sabako apane phains ka khyaal rakhana chaahie

ᴊᴀt raj me Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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𝓝𝓾𝓻𝓼𝓲𝓷𝓰 𝓼𝓪𝓯𝓮 𝓶𝓮 𝔀𝓸𝓻𝓴𝓲𝓷𝓰
2:18
जो लोग अपने माता पिता को वर्धा वर्धा उसका में वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं उनके प्रति मेरा यही कहना चाहता है कि जिस तरह आपके मां-बाप ने आपकी हर पल और हर कार्य के प्रति आप की सजगता देखा कर आपको बचपन की हार यादवों के लेकर जन्म से आपको यंगस्टा वस्ता तक की आय पालन-पोषण आप उन्हीं को आज माता-पिता को आप वर्ध अवस्था में छोड़कर आश्रम है छोटे तो आप उनके जीवन की लाठी कैसे बनोगे यारों ऐसे मां-बाप को जो छोड़ते हैं वह इंसान इस धरती के बिलाई कि नहीं है गांव की गलियों में जो आवारा जानवर फिरते हैं उन्हीं की तरह मां बाप को आप आवारा छोड़कर जा रहे हो तो आप की इंसानियत का रे इंसानियत और जानवर में फसल तैयार हूं लेकिन मैं अब आपको जो वर्धा आश्रम में छोड़ते हैं उनके प्रति मेरी कटक से और उनके प्रति हमेशा गिरी भी इज्जत देता हूं क्योंकि उन लोगों की इस संसार में जीने के लिए हक भी नहीं है ऐसा कहूंगा क्योंकि अपने मां बाप को वर्ध अवस्था में हम जीवन की लाठी बने वह हमेशा चाहते हैं कि मेरा बच्चा बड़ा होगा तू मेरे जीवन की लाठी बनकर हमेशा खड़ा रहेगा वर्धा वर्धा में उनके मां-बाप के हर सपने को साकार करें वह स्थान को पूर्ति करें वहीं बैठा काला तक लेकिन आजकल के सिर्फ रोडू और विभिन्न प्रकार के ऐसे मनुष्य होते हैं जो अपने मां-बाप को अपनी बीवी है आने के बाद में वृद्धावस्था में आने पर उन्हें आश्रम में छोड़ देते हैं उनकी आदत और उनकी गिरी हुई सोच के अनुसार मैं उनसे घटिया कोई धरती पर इंसान नहीं तो बताओ मेरा कहना है कि उन जो हमेशा अपने मां-बाप के प्रति उत्साह का रातों विचार और उनकी सेवा नहीं करते हैं लेकिन वह जीवन में कभी भी सफल और सुखी नहीं होते और हमेशा मां-बाप की सेवा करने वाला व्यक्ति एक पुण्य और टेस्टी होता है हमेशा और सुखी जीवन जीता है जो सेवा नहीं करता है वह ल और हर समय अपनी बीमारियों से ग्रसित आता है वह घर में उनके ऐसे करें और विभिन्न प्रकार के ऐसे आवेग रहते हैं इसीलिए अपने मां-बाप को हमेशा किसी भी वर्ध आश्रम में नहीं छोड़ना और नहीं छोड़ोगे तो अपने जीवन को सुख भरा और हमेशा खुशियों के जीवन योगी हमेशा
Jo log apane maata pita ko vardha vardha usaka mein vrddh aashram mein chhod dete hain unake prati mera yahee kahana chaahata hai ki jis tarah aapake maan-baap ne aapakee har pal aur har kaary ke prati aap kee sajagata dekha kar aapako bachapan kee haar yaadavon ke lekar janm se aapako yangasta vasta tak kee aay paalan-poshan aap unheen ko aaj maata-pita ko aap vardh avastha mein chhodakar aashram hai chhote to aap unake jeevan kee laathee kaise banoge yaaron aise maan-baap ko jo chhodate hain vah insaan is dharatee ke bilaee ki nahin hai gaanv kee galiyon mein jo aavaara jaanavar phirate hain unheen kee tarah maan baap ko aap aavaara chhodakar ja rahe ho to aap kee insaaniyat ka re insaaniyat aur jaanavar mein phasal taiyaar hoon lekin main ab aapako jo vardha aashram mein chhodate hain unake prati meree katak se aur unake prati hamesha giree bhee ijjat deta hoon kyonki un logon kee is sansaar mein jeene ke lie hak bhee nahin hai aisa kahoonga kyonki apane maan baap ko vardh avastha mein ham jeevan kee laathee bane vah hamesha chaahate hain ki mera bachcha bada hoga too mere jeevan kee laathee banakar hamesha khada rahega vardha vardha mein unake maan-baap ke har sapane ko saakaar karen vah sthaan ko poorti karen vaheen baitha kaala tak lekin aajakal ke sirph rodoo aur vibhinn prakaar ke aise manushy hote hain jo apane maan-baap ko apanee beevee hai aane ke baad mein vrddhaavastha mein aane par unhen aashram mein chhod dete hain unakee aadat aur unakee giree huee soch ke anusaar main unase ghatiya koee dharatee par insaan nahin to batao mera kahana hai ki un jo hamesha apane maan-baap ke prati utsaah ka raaton vichaar aur unakee seva nahin karate hain lekin vah jeevan mein kabhee bhee saphal aur sukhee nahin hote aur hamesha maan-baap kee seva karane vaala vyakti ek puny aur testee hota hai hamesha aur sukhee jeevan jeeta hai jo seva nahin karata hai vah la aur har samay apanee beemaariyon se grasit aata hai vah ghar mein unake aise karen aur vibhinn prakaar ke aise aaveg rahate hain iseelie apane maan-baap ko hamesha kisee bhee vardh aashram mein nahin chhodana aur nahin chhodoge to apane jeevan ko sukh bhara aur hamesha khushiyon ke jeevan yogee hamesha

Saloni vishwkarma   Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Saloni जी का जवाब
Unknown
1:10

Saloni Bolkar App
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1:10
जो लोग अपने माता पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं उनको मैं यह कहना चाहूंगी कि यह बिल्कुल गलत करते हैं क्योंकि अगर आपकी माता-पिता चाहते तो आपको पैदा भी ना करती थी और दूसरी बात आपको पैदा भी करते तो वह भी ले जाकर आपको चाहते तो वह आश्रम में यानी अनाथ आश्रम में छोड़ सकते थे और उन्होंने आपके ऊपर बहुत ही आसान किया जिसका पहचान कभी चुका नहीं सकते हैं क्योंकि बचपन से ही आप जब बड़े हुए तब तक आपकी पढ़ाई का खर्चा मिलक जी ने बहुत कुछ है लेकिन आप क्या उनके दो वक्त की रोटी नहीं उठा सकते हैं सोने के लिए जगह दीजिए उनकी दो वक्त की रोटी दी जिसमें आपको क्या प्रॉब्लम है क्योंकि अगर आप अपने माता-पिता के साथ ऐसा करेंगे तो आपके बच्चे होंगे वह भी अपने आप के साथ ऐसा ही तो करेंगे ना जब आपके बच्चे देखेंगे कि आपने अपने माता-पिता के साथ ऐसा किया है तू भी अपने माता पिता के साथ ही सही करेंगे थोड़ी बहुत गलत है कभी भी ऐसा नहीं करना चाहिए आपके माता पिता आपके भगवान हैं
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