#टेक्नोलॉजी

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?

Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:50
सवाल है कि क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है तो जी हां इसमें कोई संदेह नहीं है कि इंटरनेट और मोबाइल लोगों को मनोरोगी बना रहा है लेकिन आपने से कुछ लोग कहेंगे कि हम तो मनोरोगी नहीं है चलिए अब मैं आपसे कुछ सवाल पूछती हूं जिससे साफ हो जाएगा कि आप मनोरोगी है या नहीं क्या आपको सुबह उठते ही पहले अपने मोबाइल को देखते हैं या फिर आप अपने साथ मोबाइल को बाथरूम में ले जाते हैं क्या देर रात तक मोबाइल चलाते हैं अब आप में से कुछ लोग कहेंगे हां लेकिन हमें इसकी लत नहीं है यह जाने का सिर्फ एक ही तरीका है आपका पूरे दिन पूरे 1 दिन बिना इंटरनेट मोर मोबाइल के रहना क्या आप ऐसा कर सकते हैं तो इससे पता चलता है कि मोबाइल और इंटरनेट हमें कैसे अपने वश में करते जा रहा है
Savaal hai ki kya intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manorogee banaakar chhod raha hai to jee haan isamen koee sandeh nahin hai ki intaranet aur mobail logon ko manorogee bana raha hai lekin aapane se kuchh log kahenge ki ham to manorogee nahin hai chalie ab main aapase kuchh savaal poochhatee hoon jisase saaph ho jaega ki aap manorogee hai ya nahin kya aapako subah uthate hee pahale apane mobail ko dekhate hain ya phir aap apane saath mobail ko baatharoom mein le jaate hain kya der raat tak mobail chalaate hain ab aap mein se kuchh log kahenge haan lekin hamen isakee lat nahin hai yah jaane ka sirph ek hee tareeka hai aapaka poore din poore 1 din bina intaranet mor mobail ke rahana kya aap aisa kar sakate hain to isase pata chalata hai ki mobail aur intaranet hamen kaise apane vash mein karate ja raha hai

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:26
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है फ्रेंड साथ इंटरनेट का अगर गलत इस्तेमाल करेंगे तो वह जरूरी आपको मनोरोगी बना देगा और आप इंटरनेट में आपसे ज्यादा लगे रहेंगे दिन-रात फोन में लगे रहेंगे तो है आप में मिलोगी तो बन ही जाएंगे तो आपको एक सीमा तक ही फोन चलाना है जितना आपको जरूरी हो उसके बाद आपको फोन नहीं चलाना है धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn kya intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manorogee banaakar chhod raha hai phrend saath intaranet ka agar galat istemaal karenge to vah jarooree aapako manorogee bana dega aur aap intaranet mein aapase jyaada lage rahenge din-raat phon mein lage rahenge to hai aap mein milogee to ban hee jaenge to aapako ek seema tak hee phon chalaana hai jitana aapako jarooree ho usake baad aapako phon nahin chalaana hai dhanyavaad

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
sanjay kumar pandey Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Writer, Teacher, motivational youtuber
2:56
गुड इवनिंग सवाल यह है कि क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है देखिए मनोरोगी क्या कहेंगे लेकिन हां सीमित जरूर कर दिया है लोगों को अपने आप तक इंटरनेट का जो प्रचलन है इससे स्मार्टफोन जो हमारे पास आ गया है तो अधिकांश लोग जो है खुद तक सीमित हो गया बस उनकी दुनिया जब वह फोन में सीमित हो गई है वह 2 लोग एक साथ घूमने जाते हैं और एक साथ रहते हैं फिर भी वह आपस में बात नहीं करते वह मोबाइल में खोए रहते हैं अपने अपने मोबाइल में यह सबसे बड़ा डिमैरिट है इसका यह इंटरनेट ही है जो कि इतना इंटरनेट पर दुनिया के तमाम चीजें हैं उस पर और हम लोग उसी में खो जाते हैं जबकि वह हमें मानसिक सुकून नहीं देता मानसिक सुकून नहीं रह सकता है वह सिर्फ मनोरंजन हमारा कर सकता है कुछ देर के लिए और फिर उसे हम थकते हैं तो फिर दोस्तों की तरफ और इधर उधर देखते हैं लेकिन यह चीज समझना पड़ेगा हम सबको कि जब भी हम एक दूसरे से मिले एक दूसरे के पास बैठे तो उसमें कम से कम अपना फोन और इंटरनेट जो है वह बिल्कुल बंद कर दें अन्यथा हम निश्चित रूप से मनोरोगी हो सकते हैं इस तरह को एक दो अपने आप में खो जाना इंटरेक्शन कम हो गया है लोगों का आपस में एक दूसरे की भावनाओं को हम बिल्कुल भी नहीं समझ पा रहे हैं यह बड़ा ही डिमैरिट इंटरनेट का मैं कहूंगा और जो कि हमेशा हमारे साथ रह रहा है इसलिए और क्या कहा जाइए अब आज के युग का यह वरदान दिया है और अभिशाप भी है दोनों तरफ से है लेकिन अंत में तो फिर हमें जरूरत इंसान की ही पड़ेगी बिना इंसान एक दूसरे की मदद के एक दूसरे से बातचीत के वह पूरी तरह से है मतलब मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हो सकता है इंटरनेट बस कुछ पलों का है उसका साथ कुछ देर का है सुकून नहीं दे सकता है वह हमें मानसिक यह बात है तो मैं यही कहूंगा कि बिल्कुल इंटरनेट का प्रयोग हम सब को एक दूसरे के साथ बैठते वक्त घूमते वह घूमने जाते हैं बैठते हैं ठीक है खाली हैं अकेले हैं तो ठीक है इंटरनेट में अपना समय बिता रहे हैं वह बात अलग है लेकिन साथ बैठने पर नहीं थैंक यू
Gud ivaning savaal yah hai ki kya intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manorogee banaakar chhod raha hai dekhie manorogee kya kahenge lekin haan seemit jaroor kar diya hai logon ko apane aap tak intaranet ka jo prachalan hai isase smaartaphon jo hamaare paas aa gaya hai to adhikaansh log jo hai khud tak seemit ho gaya bas unakee duniya jab vah phon mein seemit ho gaee hai vah 2 log ek saath ghoomane jaate hain aur ek saath rahate hain phir bhee vah aapas mein baat nahin karate vah mobail mein khoe rahate hain apane apane mobail mein yah sabase bada dimairit hai isaka yah intaranet hee hai jo ki itana intaranet par duniya ke tamaam cheejen hain us par aur ham log usee mein kho jaate hain jabaki vah hamen maanasik sukoon nahin deta maanasik sukoon nahin rah sakata hai vah sirph manoranjan hamaara kar sakata hai kuchh der ke lie aur phir use ham thakate hain to phir doston kee taraph aur idhar udhar dekhate hain lekin yah cheej samajhana padega ham sabako ki jab bhee ham ek doosare se mile ek doosare ke paas baithe to usamen kam se kam apana phon aur intaranet jo hai vah bilkul band kar den anyatha ham nishchit roop se manorogee ho sakate hain is tarah ko ek do apane aap mein kho jaana intarekshan kam ho gaya hai logon ka aapas mein ek doosare kee bhaavanaon ko ham bilkul bhee nahin samajh pa rahe hain yah bada hee dimairit intaranet ka main kahoonga aur jo ki hamesha hamaare saath rah raha hai isalie aur kya kaha jaie ab aaj ke yug ka yah varadaan diya hai aur abhishaap bhee hai donon taraph se hai lekin ant mein to phir hamen jaroorat insaan kee hee padegee bina insaan ek doosare kee madad ke ek doosare se baatacheet ke vah pooree tarah se hai matalab maanasik roop se svasth nahin ho sakata hai intaranet bas kuchh palon ka hai usaka saath kuchh der ka hai sukoon nahin de sakata hai vah hamen maanasik yah baat hai to main yahee kahoonga ki bilkul intaranet ka prayog ham sab ko ek doosare ke saath baithate vakt ghoomate vah ghoomane jaate hain baithate hain theek hai khaalee hain akele hain to theek hai intaranet mein apana samay bita rahe hain vah baat alag hai lekin saath baithane par nahin thaink yoo

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
srikant pal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
0:48

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Deepak Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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संस्कृतप्रचारक, संस्कृतभारती जयपुरमहानगर प्रचारप्रमुख और सन्देशप्रमुख
2:57
नमस्कार मित्र आप ने प्रश्न किया है क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है मित्र मनोरोगी का मतलब है कि वह व्यक्ति किसी वस्तु के बिना नहीं रह सकता या किसी के बिना नहीं रह सकता उसका मन उसी में ही रामा रहता है मतलब लगा रहता है मनोरोगी जब उसका मन बिल्कुल बेकार हो चुका है तो अभी आपने देखा है कि एक मोबाइल जो है उसमें अगर इंटरनेट है तो व्यक्ति अगर पूरा दिन उसमें दे रहा है थोड़ी देर भी आपने से सोचा माली जी आपको ही काम कर रहे हैं और आपने सोचा कि मैं 5 मिनट के लिए या 2 मिनट के लिए फेसबुक देख लेता हूं तो आपके पास 2 मिनट जो है 2 घंटे में कब बदल जाएंगे आपको पता भी नहीं चलेगा और आपका जो समय है वह उसी में ही निकल जाएगा क्योंकि व्यक्ति जो है पूरा उसी में ही रम जाता है अब आपने अगर आपका जैसे पैक खत्म हो गया है मान लीजिए आपका आज आज 6 तारीख है और आपका जो है 7 तारीख को नेट खत्म होने वाला है तो हम क्या करेंगे पहले ही रिचार्ज कर लेंगे यह नहीं देखते कि चलो ठीक है 7:00 को हो रहा है तो 10 को कर लेंगे नहीं 7 को हो रहा है क्या दिया तो 7 को ही होगा या फिर जो है 6 तारीख को हो जाएगा तो यह एक जो हमारे मन में यह जो विचार है कि वह फोन के बिना नहीं रह सकते यह ही हमें मनोरोगी बनाता है क्योंकि अगर फोन जैसे हमसे दूर है आज हम ऑफिस आ गए फोन घर पर रह गया तुम्हारा मन नहीं लगेगा अरे यार आप तो मन ही नहीं लग रहा है फोन के बिना क्या करें क्या करें ऐसे अगर इंटरनेट खत्म हो गया है नेट का पैक खत्म हो गया फोन रखा ही है अब उसमें रिचार्ज हम कर नहीं सकते क्योंकि मेरे पास सुविधा नहीं हम कहीं जाकर नहीं करवा सकते तो भी क्या होगा बाबा सॉन्ग जैसे आज नेट होता है तो बार-बार फोन में लगे रहते हैं कुछ न कुछ देखते रहते हैं तो जब नेट नहीं होता तो भी फोन हाथ में आएगा यह स्वाभाविक ही आपके रिया में ऐसा हो जाएगा क्या आपके हाथ में जो है अपने आप ही आप मोबाइल को ले लेंगे चलाएंगे जबकि नेट नहीं है फिर भी मोबाइल चलता है तो यही सब कुछ जो है मनोरोगी के तरीके से लक्षण है और इंटरनेट जो है पूरी तरीके से व्यक्ति को मनोरोगी की तरफ ले कर जा रहा है क्योंकि इंटरनेट अगर मोबाइल में नहीं है जैसे अभी कई जगह कर्फ्यू लगता है दो-तीन दिन नहीं चलता है नेट तो बिल्कुल व्यक्ति जो है परेशान रहता है बिजली तेरे दा है यह सब क्या है यह पूरी तरीके से मनोरोगी कहीं लक्षण है इंटरनेट जो है जैसे उसका प्रचलन दिनों दिन बढ़ता जा रहा है वैसे ही यह भी व्यक्ति को पूरी तरीके से मनोरोगी बना रहा है धन्यवाद
Namaskaar mitr aap ne prashn kiya hai kya intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manorogee banaakar chhod raha hai mitr manorogee ka matalab hai ki vah vyakti kisee vastu ke bina nahin rah sakata ya kisee ke bina nahin rah sakata usaka man usee mein hee raama rahata hai matalab laga rahata hai manorogee jab usaka man bilkul bekaar ho chuka hai to abhee aapane dekha hai ki ek mobail jo hai usamen agar intaranet hai to vyakti agar poora din usamen de raha hai thodee der bhee aapane se socha maalee jee aapako hee kaam kar rahe hain aur aapane socha ki main 5 minat ke lie ya 2 minat ke lie phesabuk dekh leta hoon to aapake paas 2 minat jo hai 2 ghante mein kab badal jaenge aapako pata bhee nahin chalega aur aapaka jo samay hai vah usee mein hee nikal jaega kyonki vyakti jo hai poora usee mein hee ram jaata hai ab aapane agar aapaka jaise paik khatm ho gaya hai maan leejie aapaka aaj aaj 6 taareekh hai aur aapaka jo hai 7 taareekh ko net khatm hone vaala hai to ham kya karenge pahale hee richaarj kar lenge yah nahin dekhate ki chalo theek hai 7:00 ko ho raha hai to 10 ko kar lenge nahin 7 ko ho raha hai kya diya to 7 ko hee hoga ya phir jo hai 6 taareekh ko ho jaega to yah ek jo hamaare man mein yah jo vichaar hai ki vah phon ke bina nahin rah sakate yah hee hamen manorogee banaata hai kyonki agar phon jaise hamase door hai aaj ham ophis aa gae phon ghar par rah gaya tumhaara man nahin lagega are yaar aap to man hee nahin lag raha hai phon ke bina kya karen kya karen aise agar intaranet khatm ho gaya hai net ka paik khatm ho gaya phon rakha hee hai ab usamen richaarj ham kar nahin sakate kyonki mere paas suvidha nahin ham kaheen jaakar nahin karava sakate to bhee kya hoga baaba song jaise aaj net hota hai to baar-baar phon mein lage rahate hain kuchh na kuchh dekhate rahate hain to jab net nahin hota to bhee phon haath mein aaega yah svaabhaavik hee aapake riya mein aisa ho jaega kya aapake haath mein jo hai apane aap hee aap mobail ko le lenge chalaenge jabaki net nahin hai phir bhee mobail chalata hai to yahee sab kuchh jo hai manorogee ke tareeke se lakshan hai aur intaranet jo hai pooree tareeke se vyakti ko manorogee kee taraph le kar ja raha hai kyonki intaranet agar mobail mein nahin hai jaise abhee kaee jagah karphyoo lagata hai do-teen din nahin chalata hai net to bilkul vyakti jo hai pareshaan rahata hai bijalee tere da hai yah sab kya hai yah pooree tareeke se manorogee kaheen lakshan hai intaranet jo hai jaise usaka prachalan dinon din badhata ja raha hai vaise hee yah bhee vyakti ko pooree tareeke se manorogee bana raha hai dhanyavaad

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Christina KC Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Christina जी का जवाब
MBA Govt job in PSU/Assistant Manager (HR)
1:12
सर आपने क्या है क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरंजन मनोरोगी मना कर चौराहे के हर एक इंसान जो इस्तेमाल करता है हर इंसान का जो साइकोलॉजी होती है वह अलग होती है इसका मतलब है कि अगर आप एक ऐसे इंसान हो जो काफी भावुक सा होता है तो आप तो इंटरनेट का प्रयोग आप कुछ है काफी प्रभावित करने का ऐसे इंसान हो जो चीजों को लाइक नहीं लेते हो और इतना मतलब चीजों को इतना गंभीर रूप से नहीं लेते हो तो आपका जो अब इनका भले ही आप मुझे बहुत ही ज्यादा करें पर फिर भी जो है आपका यह बढ़ता प्रचलन जी आपको मनोरोगी नहीं बनाएगा क्योंकि आपको लाइफ को लाइक नहीं देने का जो है आप लाइट ले लेते हो चीजों को तो मेरा मानना है कि हर इंसान इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग से ही चाय बना कि नहीं बनेगा कुछ लोग ऐसे ही वही होंगे जो उसका पर्सनल वह करें या ना करें वह मनोरोगी नहीं बनेंगे झांसी ही सवाल पूछा
Sar aapane kya hai kya intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manoranjan manorogee mana kar chauraahe ke har ek insaan jo istemaal karata hai har insaan ka jo saikolojee hotee hai vah alag hotee hai isaka matalab hai ki agar aap ek aise insaan ho jo kaaphee bhaavuk sa hota hai to aap to intaranet ka prayog aap kuchh hai kaaphee prabhaavit karane ka aise insaan ho jo cheejon ko laik nahin lete ho aur itana matalab cheejon ko itana gambheer roop se nahin lete ho to aapaka jo ab inaka bhale hee aap mujhe bahut hee jyaada karen par phir bhee jo hai aapaka yah badhata prachalan jee aapako manorogee nahin banaega kyonki aapako laiph ko laik nahin dene ka jo hai aap lait le lete ho cheejon ko to mera maanana hai ki har insaan intaranet ke badhate prayog se hee chaay bana ki nahin banega kuchh log aise hee vahee honge jo usaka parsanal vah karen ya na karen vah manorogee nahin banenge jhaansee hee savaal poochha

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:14
इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहे हैं इसमें कोई संदेह नहीं है इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव ने बच्चे से लेकर बूढ़े तक को सब को मानसिक रूप से विक्षिप्त करती है वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गए हैं मानसिक रूप से मनोरोगी हो गए कई प्रकार की विकारों के शिकार हो गए मोदी सरकार ने लॉकडाउन कोरोनावायरस की आड़ में हमारे युवाओं को हमारे बच्चों को हमारी किशोरों को विभिन्न प्रकार की इस इंटरनेट की दुनिया में ठोक कर उनके जीवन का अंत कर दिया है अधिकांश बच्चे अश्लील दृश्यों के शिकार हो गए हैं अश्लील साइटों के शिकार हो गए हैं मां-बाप को धोखा देकर और रात दिन फोन में लगे रहते हैं चैटिंग करते रहते हैं इवेंट में साफ शब्दों में कहूं कि वे सेक्स के आदी हो गए हैं जो नहीं भी जानते वह भी इस विषय में गुपचुप रूप से मानसिक विक्षिप्त एटा के शिकार हो चुके
Intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manorogee banaakar chhod rahe hain isamen koee sandeh nahin hai intaranet ke badhate prabhaav ne bachche se lekar boodhe tak ko sab ko maanasik roop se vikshipt karatee hai vah shaareerik roop se kamajor ho gae hain maanasik roop se manorogee ho gae kaee prakaar kee vikaaron ke shikaar ho gae modee sarakaar ne lokadaun koronaavaayaras kee aad mein hamaare yuvaon ko hamaare bachchon ko hamaaree kishoron ko vibhinn prakaar kee is intaranet kee duniya mein thok kar unake jeevan ka ant kar diya hai adhikaansh bachche ashleel drshyon ke shikaar ho gae hain ashleel saiton ke shikaar ho gae hain maan-baap ko dhokha dekar aur raat din phon mein lage rahate hain chaiting karate rahate hain ivent mein saaph shabdon mein kahoon ki ve seks ke aadee ho gae hain jo nahin bhee jaanate vah bhee is vishay mein gupachup roop se maanasik vikshipt eta ke shikaar ho chuke

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Sandeep Goyal Chandigarh  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Sandeep जी का जवाब
Tabla player artist and music home tutor
2:30
नमस्कार आपका सवाल है कि अधिकांश लोगों को इंटरनेट क्या मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है हां बिल्कुल सही बात है जी आजकल टेक्नोलॉजी का जमाना है ठीक है आप जैसे कि जानती हैं और दूसरी बात कि आजकल हमारे भारत में सबसे ज्यादा स्मार्ट फोन योजना अगर कहीं है तो हमारे भारत में हैं और दूसरी बात हमारे भारत में इंटरनेट या कॉलिंग इत्यादि के रिचार्ज भी सकते ही हैं और देशों के मुकाबले और लोगों को फोन कितनी लत लग गई है कि मतलब सुबह उठते बाद में है पहले फोन हाथ में लेकर के इधर-उधर इंटरनेट में दिमाग घुमाने लगते हैं तो दूसरी बात आपने कुछ लोगों को देखा होगा कि रात को 1122 बजे तक भी स्टेटस डालती हैं ऑनलाइन रहते हैं अधिकांश लोगों को नींद नहीं आती है इतना मतलब कि फोन का प्रचलन है मैं कई बार देखता हूं तो बहुत से लोग स्टेटस डाले हुए होते हैं या ऑनलाइन बैठे होते हैं तो यह एक बीमारी है जिसने सबकी नींद तक उड़ा कर रख दी है फोन का प्रयोग करना चाहिए मगर एक सीमित चीज के लिए ताकि हमें सीमित समय के लिए ताकि हम उसका अच्छा प्रयोग कर सके हमारे काम आ सके इस लिए हमें फोन का प्रयोग इस्तेमाल करना चाहिए जैसे आप बोल कर अपने आप सभी लोगों की सेवा में हर कोई हाजिर है तो सवाल के जवाब देते हैं ठीक है और बहुत से लोग का में दिखाएं सारा दिन फोन पर भी नहीं रहते अपने काम में व्यस्त रहते हैं मगर अधिकांश लोग रात को 12 बार आए कि नहीं दिखा तो ऑनलाइन मिलेंगे तो यह बीमारी ही है उम्मीद है कि आपको सवाल का जवाब मिला होगा मैं दे पाया हूं अच्छे से आपके सवाल का जवाब अच्छा लगे तो ज्यादा से ज्यादा लाइक करें और आप लोगों ने मुझे सब्सक्राइब करना भी बंद कर दिया है क्यों कृपया सब्सक्राइब भी करें बहुत मेहनत करता है हर कोई जो भी जवाब देने का कोशिश करता है सब लोग मेहनत करते हैं सब की मेहनत को सफल बनाएं धन्यवाद
Namaskaar aapaka savaal hai ki adhikaansh logon ko intaranet kya manorogee banaakar chhod raha hai haan bilkul sahee baat hai jee aajakal teknolojee ka jamaana hai theek hai aap jaise ki jaanatee hain aur doosaree baat ki aajakal hamaare bhaarat mein sabase jyaada smaart phon yojana agar kaheen hai to hamaare bhaarat mein hain aur doosaree baat hamaare bhaarat mein intaranet ya koling ityaadi ke richaarj bhee sakate hee hain aur deshon ke mukaabale aur logon ko phon kitanee lat lag gaee hai ki matalab subah uthate baad mein hai pahale phon haath mein lekar ke idhar-udhar intaranet mein dimaag ghumaane lagate hain to doosaree baat aapane kuchh logon ko dekha hoga ki raat ko 1122 baje tak bhee stetas daalatee hain onalain rahate hain adhikaansh logon ko neend nahin aatee hai itana matalab ki phon ka prachalan hai main kaee baar dekhata hoon to bahut se log stetas daale hue hote hain ya onalain baithe hote hain to yah ek beemaaree hai jisane sabakee neend tak uda kar rakh dee hai phon ka prayog karana chaahie magar ek seemit cheej ke lie taaki hamen seemit samay ke lie taaki ham usaka achchha prayog kar sake hamaare kaam aa sake is lie hamen phon ka prayog istemaal karana chaahie jaise aap bol kar apane aap sabhee logon kee seva mein har koee haajir hai to savaal ke javaab dete hain theek hai aur bahut se log ka mein dikhaen saara din phon par bhee nahin rahate apane kaam mein vyast rahate hain magar adhikaansh log raat ko 12 baar aae ki nahin dikha to onalain milenge to yah beemaaree hee hai ummeed hai ki aapako savaal ka javaab mila hoga main de paaya hoon achchhe se aapake savaal ka javaab achchha lage to jyaada se jyaada laik karen aur aap logon ne mujhe sabsakraib karana bhee band kar diya hai kyon krpaya sabsakraib bhee karen bahut mehanat karata hai har koee jo bhee javaab dene ka koshish karata hai sab log mehanat karate hain sab kee mehanat ko saphal banaen dhanyavaad

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:27
चारा काटने की क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है तो आपको बताया चाहेंगे कि देखिए अगर आप किसी भी चीज का अधिक से अधिक उपयोग करते हैं तो ऐसी स्थितियों का सामना को करना पड़ता है कहा जाता है कि अति हर चीज की बुरी होती है अगर आप इंटरनेट कभी जो से ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं तो वह भी आपने नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Chaara kaatane kee kya intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manorogee banaakar chhod raha hai to aapako bataaya chaahenge ki dekhie agar aap kisee bhee cheej ka adhik se adhik upayog karate hain to aisee sthitiyon ka saamana ko karana padata hai kaha jaata hai ki ati har cheej kee buree hotee hai agar aap intaranet kabhee jo se jyaada prayog kar rahe hain to vah bhee aapane nukasaanadaayak siddh ho sakata hai main shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:02
नमस्कार दोस्तों बहुत ही अच्छा प्रश्न का इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है तो दोस्तों कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ जरूर हो रहा है पहले इंटरनेट नहीं हुआ करता था इतना तो लोग मोबाइल पर जब डाटा महंगा हुआ करता था तो मोबाइल बीच में बंद कर लेते थे जब से नए प्लान आए हैं अनलिमिटेड के प्लान आए हैं तो व्यक्ति क्या करता है कि अपने पेशाब को रोक कर अपने जरूरी कामों को रोककर इंटरनेट पर लगा रहता है वह चाहे बच्चा हो चाहे जवान हो चाहे बुरा हो जो कि बहुत ही नुकसानदायक है हमें काल्पनिक दुनिया में घूम रहे हैं समाज के कट्टे द्वारिका रहे हैं अपने व्यवहार में चिड़चिड़ापन आता है तो एक बार पत्नी बोलती है यहां से काम कर लो तो गुस्से में होते हैं होते हैं उसके पति बच्चों से गुस्से में बात करते बच्चा गुस्से में बात करता है तो निश्चित रूप से मानसिक रोग एक आगे आने वाले समय में बहुत ही बड़ी समस्या आने वाली है आंखों की समस्या आने वाली है कानों की समस्या आने वाली है जो कि काफी के विषय है धन्यवाद
Namaskaar doston bahut hee achchha prashn ka intaranet ka badhata prachalan adhikaansh logon ko manorogee banaakar chhod raha hai to doston kaheen na kaheen kuchh na kuchh jaroor ho raha hai pahale intaranet nahin hua karata tha itana to log mobail par jab daata mahanga hua karata tha to mobail beech mein band kar lete the jab se nae plaan aae hain analimited ke plaan aae hain to vyakti kya karata hai ki apane peshaab ko rok kar apane jarooree kaamon ko rokakar intaranet par laga rahata hai vah chaahe bachcha ho chaahe javaan ho chaahe bura ho jo ki bahut hee nukasaanadaayak hai hamen kaalpanik duniya mein ghoom rahe hain samaaj ke katte dvaarika rahe hain apane vyavahaar mein chidachidaapan aata hai to ek baar patnee bolatee hai yahaan se kaam kar lo to gusse mein hote hain hote hain usake pati bachchon se gusse mein baat karate bachcha gusse mein baat karata hai to nishchit roop se maanasik rog ek aage aane vaale samay mein bahut hee badee samasya aane vaalee hai aankhon kee samasya aane vaalee hai kaanon kee samasya aane vaalee hai jo ki kaaphee ke vishay hai dhanyavaad

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क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है?Kya Internet Ka Badhta Prachalan Adhikansh Logon Ko Manorog Bnakar Chod Raha Hai
Rohit Rathore Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rohit जी का जवाब
Student
2:23
वेलकम बैक स्वागत आप सबका मेरी बोलकर प्रोफाइल पर और आप सुन रहे हैं रोहित राठौर को तैयार इंटरनेट का बढ़ता प्रचार क्या है प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बना रहा है मैं नहीं मानता यह सब चीजें तो क्या इंटरनेट एक ऐसी चीज है जो हमें पूरी दुनिया से जुड़े रखती हैं आज की युग की सबसे आवश्यक वस्तु इंटरनेट होती जा रही है कि इंटरनेट पर वह दुनिया भर की चीजें उपलब्ध पर कई बार इंटरनेट हमें उपयोग करने के ऊपर है कि क्या हम इसे मनोरोगी बने या फिर हमसे सुरों की बने या हमेशा अच्छा एजुकेशन ले हम अपने आपको इससे बर्बाद करें तो यार इंटरनेट एक ऐसी चीज है जिससे कई अच्छे अच्छे बंदे इससे अच्छी अच्छी चीजें सीख कर अपना भविष्य बनाते हैं अपना नाम पूरी दुनिया में रोशन कर रहे बार देखा होगा आप गरीबों ने स्कूल की फीस नहीं भर पाते उन्होंने सरकारी स्कूल में ऐसा एजुकेशन नहीं मिल पाता और वही एजुकेशन से ₹200 के डाटा पैक में मैंने बाद में उन्हें एक इतना बेहतरीन एजुकेशन अवेलेबल हो जाता है इंटरनेट पर कोई व्यक्ति अच्छा खासा सीखना चाहे तो इंटरनेट से हर चीज सीख सकता है आजकल दुनिया में हर चीज सीखी जा सकती है फ्री में इंटरनेट और किताबों से हमें कोई स्कूल एजुकेशन की जरूरत नहीं होती आप अगर एलोन मस्क को जानते थे लायन मस्क इन रॉकेट साइंस में ना कोई डिग्री ली है ना कोई एजुकेशन लिया ब खुद इंटरनेट से पढ़-पढ़ कर बुक्स पढ़ पढ़ कर यह सब करती 10 साल में सेट कर करके आज भी उस जगह पर जहां हम सब उन्हें पहचानते हैं इसी प्रकार यार इंटरनेट एक ही चीज अगर इसे हम राइट वे में ऐसे ही तरीके में यूज करेंगे ना तो हमारे लिए कोई नुकसान है अगर आप दिन भर अपने इंटरनेट वीडियो देखने में अपने लिए कोई अच्छे काम करने के लिए नहीं उसका रोना तो आप मनोरोगी हो और बन ही चुके हो आप बने हुए बनते हैं या अपने ऊपर है क्या मनोरोगी बनना चाहते हैं या फिर दोनों नेट का सही उपयोग करके अपने भविष्य को अच्छा बनाना चाहते हैं सुनहरा मनाना चाहते 4 इंटरनेट से कई तरह से आप अच्छी चीजें सीख सकते हैं इंटरनेट एक नई पीढ़ी के लिए बहुत आवश्यक है इंटरनेट से अच्छी अच्छी बीजेपी की जा सकती है वह भी बहुत ही में हर चीज फ्री में बल्ले बल्ले दुनिया की हर चीज अच्छे से अच्छे कोर्सेज अच्छे से अच्छे टिप्स अच्छी से अच्छी बिजनेस टिप्स अच्छे से अच्छे बिजनेस अच्छे से अच्छी चीजें हर चीज इंटरनेट पास अवेलेबल है और हम अगर इसका सही उपयोग करें तो हम भी दुनिया बदल सकते हम खुद को बदल सकते हैं अपना भविष्य वार सकते हैं तो धन्यवाद मिलते हैं आपसे अगले साल में जब तक ले टेक केयर
Velakam baik svaagat aap sabaka meree bolakar prophail par aur aap sun rahe hain rohit raathaur ko taiyaar intaranet ka badhata prachaar kya hai prachalan adhikaansh logon ko manorogee bana raha hai main nahin maanata yah sab cheejen to kya intaranet ek aisee cheej hai jo hamen pooree duniya se jude rakhatee hain aaj kee yug kee sabase aavashyak vastu intaranet hotee ja rahee hai ki intaranet par vah duniya bhar kee cheejen upalabdh par kaee baar intaranet hamen upayog karane ke oopar hai ki kya ham ise manorogee bane ya phir hamase suron kee bane ya hamesha achchha ejukeshan le ham apane aapako isase barbaad karen to yaar intaranet ek aisee cheej hai jisase kaee achchhe achchhe bande isase achchhee achchhee cheejen seekh kar apana bhavishy banaate hain apana naam pooree duniya mein roshan kar rahe baar dekha hoga aap gareebon ne skool kee phees nahin bhar paate unhonne sarakaaree skool mein aisa ejukeshan nahin mil paata aur vahee ejukeshan se ₹200 ke daata paik mein mainne baad mein unhen ek itana behatareen ejukeshan avelebal ho jaata hai intaranet par koee vyakti achchha khaasa seekhana chaahe to intaranet se har cheej seekh sakata hai aajakal duniya mein har cheej seekhee ja sakatee hai phree mein intaranet aur kitaabon se hamen koee skool ejukeshan kee jaroorat nahin hotee aap agar elon mask ko jaanate the laayan mask in roket sains mein na koee digree lee hai na koee ejukeshan liya ba khud intaranet se padh-padh kar buks padh padh kar yah sab karatee 10 saal mein set kar karake aaj bhee us jagah par jahaan ham sab unhen pahachaanate hain isee prakaar yaar intaranet ek hee cheej agar ise ham rait ve mein aise hee tareeke mein yooj karenge na to hamaare lie koee nukasaan hai agar aap din bhar apane intaranet veediyo dekhane mein apane lie koee achchhe kaam karane ke lie nahin usaka rona to aap manorogee ho aur ban hee chuke ho aap bane hue banate hain ya apane oopar hai kya manorogee banana chaahate hain ya phir donon net ka sahee upayog karake apane bhavishy ko achchha banaana chaahate hain sunahara manaana chaahate 4 intaranet se kaee tarah se aap achchhee cheejen seekh sakate hain intaranet ek naee peedhee ke lie bahut aavashyak hai intaranet se achchhee achchhee beejepee kee ja sakatee hai vah bhee bahut hee mein har cheej phree mein balle balle duniya kee har cheej achchhe se achchhe korsej achchhe se achchhe tips achchhee se achchhee bijanes tips achchhe se achchhe bijanes achchhe se achchhee cheejen har cheej intaranet paas avelebal hai aur ham agar isaka sahee upayog karen to ham bhee duniya badal sakate ham khud ko badal sakate hain apana bhavishy vaar sakate hain to dhanyavaad milate hain aapase agale saal mein jab tak le tek keyar

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  • क्या इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है इंटरनेट का बढ़ता प्रचलन अधिकांश लोगों को मनोरोगी बनाकर छोड़ रहा है
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