#जीवन शैली

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?

Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
🧖‍♀️life coach, & Relationship advisor💝
2:59
उसने व्यक्ति अपने भीतर की एशिया और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है भावनाओं को तो दूर नहीं किया जा सकता क्योंकि भावनाएं नहीं होती तो आपका जन्म नहीं होता बिना भावनाओं की आप रोबोट है ठीक है तो भावनाएं रहेंगे लेकिन की बात करते तो यह जलन हो रही है अब क्या हो रहा है कि आप कंफ्यूज हो रही है जल्दी क्यों खत्म हो गई क्योंकि आपने अपने आप को इंपॉर्टेंट देख रखा है आपने खुद को इतना इंपॉर्टेंट दे दिया है कि आपके अंदर एजेंसी इल्यूजन आ गई है अब कैसे आपने इंपॉर्टेंस दिया आप किसी और को किसी और के साथ देख ले ठीक है आपकी कोई अच्छी चीज किसी और के पास है तो जलन हो रही है आपको क्यों हो रही है कभी सोचा कि कि आपने उस इंसान को अलग समझा खुद को अलग समझाओ वह जिसके पास है उसे भी अलग समझा अगर आप ध्यान से देखें तो आप एक एनर्जी हैं जैसे तार में करंट दौड़ता है लेकिन करें तो दिखाई नहीं देता वैसे ही आपकी बॉडी में एनर्जी है पर वह दिखाई नहीं दे रही है बस बॉडी के रूप में आप हैं यहां आपको बता रही है तो आप यह देखिए कि आप हर एक बॉडी में डिवाइड होकर आए हैं आप एक बड़ी से एलर्जी है जैसे सूरज सूरज के सूरज के एक टुकड़े से ब्लैक होल बना सूरज की एक दूसरे से औरत का निर्माण हुआ ठीक है ना तू सूरज नहीं है तो वैसे ही आप जिस बॉडी में है जिस एनर्जी अर्थात आपकी जो एनर्जी है उसी का आधा दादा पार्ट सभी बॉडी में डिवाइस है जिसके साथ भी है वह मैं ही हूं और वह जो भी है वह मैं ही हर जगह मैं ही मैं हूं बस जो यार है वह लगे मतलब सब लोग एक जैसे हो जाएंगे तो प्रॉब्लम हो जाएगी ना तो सब अलग अलग है मैं आपको क्वेश्चन का आंसर दे रही हूं आपको शंकर रहे हैं तो क्या हुआ मैं और आप एक है मैं भी ऑक्सीजन लेती हूं आप भी जल पीते हैं अभी ऑक्सीजन लेते हैं मैं भी जल्दी हूं है ना आप के बगल में जितने भी लोग हैं वहां से कहां बैठे हैं बस यह है कि फेस अलग है बॉडी एक है मिट्टी की है बॉडी यह साला के बाकी ऑक्सीजन की रोशनी भी यह भी ले रहे हैं सब साथ में सबकी विचार अलग-अलग तरीके से अगर आप देखेंगे तो ध्यान से देखेंगे कि हर जगह आप है कोई गुंडा बनकर घूम रहा है तो कोई अंबानी है तो कोई बहुत गरीब है तो कोई एनिमल्स होते ना उनमें भी हम ही हैं यह मत सोचिए कि एनिमल अलग होते हैं एनिमल में भी हमें तो कोई उधर भाग रहा कोई उधर भाग रहा है तो खुद में यह नहीं कि आप ही सब जगह चारों तरफ ही आप ही आप हैं जल्दी से खत्म थैंक यू सो मच
Usane vyakti apane bheetar kee eshiya aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai bhaavanaon ko to door nahin kiya ja sakata kyonki bhaavanaen nahin hotee to aapaka janm nahin hota bina bhaavanaon kee aap robot hai theek hai to bhaavanaen rahenge lekin kee baat karate to yah jalan ho rahee hai ab kya ho raha hai ki aap kamphyooj ho rahee hai jaldee kyon khatm ho gaee kyonki aapane apane aap ko importent dekh rakha hai aapane khud ko itana importent de diya hai ki aapake andar ejensee ilyoojan aa gaee hai ab kaise aapane importens diya aap kisee aur ko kisee aur ke saath dekh le theek hai aapakee koee achchhee cheej kisee aur ke paas hai to jalan ho rahee hai aapako kyon ho rahee hai kabhee socha ki ki aapane us insaan ko alag samajha khud ko alag samajhao vah jisake paas hai use bhee alag samajha agar aap dhyaan se dekhen to aap ek enarjee hain jaise taar mein karant daudata hai lekin karen to dikhaee nahin deta vaise hee aapakee bodee mein enarjee hai par vah dikhaee nahin de rahee hai bas bodee ke roop mein aap hain yahaan aapako bata rahee hai to aap yah dekhie ki aap har ek bodee mein divaid hokar aae hain aap ek badee se elarjee hai jaise sooraj sooraj ke sooraj ke ek tukade se blaik hol bana sooraj kee ek doosare se aurat ka nirmaan hua theek hai na too sooraj nahin hai to vaise hee aap jis bodee mein hai jis enarjee arthaat aapakee jo enarjee hai usee ka aadha daada paart sabhee bodee mein divais hai jisake saath bhee hai vah main hee hoon aur vah jo bhee hai vah main hee har jagah main hee main hoon bas jo yaar hai vah lage matalab sab log ek jaise ho jaenge to problam ho jaegee na to sab alag alag hai main aapako kveshchan ka aansar de rahee hoon aapako shankar rahe hain to kya hua main aur aap ek hai main bhee okseejan letee hoon aap bhee jal peete hain abhee okseejan lete hain main bhee jaldee hoon hai na aap ke bagal mein jitane bhee log hain vahaan se kahaan baithe hain bas yah hai ki phes alag hai bodee ek hai mittee kee hai bodee yah saala ke baakee okseejan kee roshanee bhee yah bhee le rahe hain sab saath mein sabakee vichaar alag-alag tareeke se agar aap dekhenge to dhyaan se dekhenge ki har jagah aap hai koee gunda banakar ghoom raha hai to koee ambaanee hai to koee bahut gareeb hai to koee enimals hote na unamen bhee ham hee hain yah mat sochie ki enimal alag hote hain enimal mein bhee hamen to koee udhar bhaag raha koee udhar bhaag raha hai to khud mein yah nahin ki aap hee sab jagah chaaron taraph hee aap hee aap hain jaldee se khatm thaink yoo so mach

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:58
नमस्कार दोस्तों प्रश्न है कि व्यक्ति अपने भीतर की निष्ठा और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है तो दोस्तों ईर्ष्या को दूर करना बड़ा ही मुश्किल काम है यानी कि आप बहुत ही संयमी हो चुके हैं आपको पूर्ण ज्ञान हो गया है तभी ईर्ष्या को दूर किया जा सकता है लेकिन कई लोगों को अधिक से ज्यादा ही रिश्ता हो जाती है मात्रा ईर्ष्या की ज्यादा हो जाती है तो वह नुकसानदायक होती है जो क्या करते हैं या कोई गलत विचार सोचते हैं तो मन में इसके लिए क्रियाएं होती हैं जिसे हम रिएक्शंस बोलते हैं और कुछ ना कुछ वह आप को नुकसान पहुंचा सकती हैं बे फालतू में तो लोगों को क्षमा करने की आदत डालें और छोटी-छोटी बातों को दिमाग में ना लगे उसे अब नजरअंदाज कर दें और ज्यादा से ज्यादा लोगों की सहायता करने की कोशिश करें लोगों से आप छोटा बड़ा का भेदभाव कम करें चाहे आप अपने ऑफिस में व्यापार में अपने स्टाफ के दुख दे को समझें निश्चित रूप से ईर्ष्या थोड़ी कम हो जाएगी जब धीरे-धीरे आप को समझाने लगे का ज्ञान आने लगेगा और भावनाओं को जहां तक है कि वह कई बार ठोकर लगने के बाद कभी कई लोग भावनाओं के साथ खेल जाते हैं ठोकर लगने के बाद जीवन में अपने आप ज्ञान प्राप्त हो जाता है भावना ही होना भी नुकसानदायक होता है लेकिन भावना में बह जाना वह ज्यादा नुकसानदायक होता है भावना होनी चाहिए आपको कोई चीज गलत लगे गलत हो रही है किसी का दमन किया जा रहा है किसी का शोषण करना जा रहे तो आपको भी दर्द महसूस होना चाहिए वैसी भावना जीवित होनी चाहिए लेकिन कोई परिवार में या कोई मृत्यु या कोई व्यापार में भावनाओं के साथ आपके का पास खेल रहा है तू वह आपको धीरे-धीरे अनुभव पर समय लगेगा यह आपके कोई घनिष्ठ मित्र होंगे रिश्तेदार होंगे वह आपके आंखों को खोल सकते हैं और आपको ज्ञान दिला सकते हैं धन्यवाद
Namaskaar doston prashn hai ki vyakti apane bheetar kee nishtha aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai to doston eershya ko door karana bada hee mushkil kaam hai yaanee ki aap bahut hee sanyamee ho chuke hain aapako poorn gyaan ho gaya hai tabhee eershya ko door kiya ja sakata hai lekin kaee logon ko adhik se jyaada hee rishta ho jaatee hai maatra eershya kee jyaada ho jaatee hai to vah nukasaanadaayak hotee hai jo kya karate hain ya koee galat vichaar sochate hain to man mein isake lie kriyaen hotee hain jise ham riekshans bolate hain aur kuchh na kuchh vah aap ko nukasaan pahuncha sakatee hain be phaalatoo mein to logon ko kshama karane kee aadat daalen aur chhotee-chhotee baaton ko dimaag mein na lage use ab najarandaaj kar den aur jyaada se jyaada logon kee sahaayata karane kee koshish karen logon se aap chhota bada ka bhedabhaav kam karen chaahe aap apane ophis mein vyaapaar mein apane staaph ke dukh de ko samajhen nishchit roop se eershya thodee kam ho jaegee jab dheere-dheere aap ko samajhaane lage ka gyaan aane lagega aur bhaavanaon ko jahaan tak hai ki vah kaee baar thokar lagane ke baad kabhee kaee log bhaavanaon ke saath khel jaate hain thokar lagane ke baad jeevan mein apane aap gyaan praapt ho jaata hai bhaavana hee hona bhee nukasaanadaayak hota hai lekin bhaavana mein bah jaana vah jyaada nukasaanadaayak hota hai bhaavana honee chaahie aapako koee cheej galat lage galat ho rahee hai kisee ka daman kiya ja raha hai kisee ka shoshan karana ja rahe to aapako bhee dard mahasoos hona chaahie vaisee bhaavana jeevit honee chaahie lekin koee parivaar mein ya koee mrtyu ya koee vyaapaar mein bhaavanaon ke saath aapake ka paas khel raha hai too vah aapako dheere-dheere anubhav par samay lagega yah aapake koee ghanishth mitr honge rishtedaar honge vah aapake aankhon ko khol sakate hain aur aapako gyaan dila sakate hain dhanyavaad

bolkar speaker
व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 55
सुनिए KamalKishorAwasthi जी का जवाब
Unknown
1:50
सवाल है व्यक्ति अपने भीतर की दया और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है देखिए अगर ईर्ष्या हद से अधिक बढ़ जाए तो आपके जॉब या आपकी रेपुटेशन पर इसका बहुत ही विपरीत असर पड़ता है अपनी भावनाओं को समझ कर अपेक्षा पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर सकते हैं अपने आप से ईमानदार बने कि आप ही रिचा के शिकार हो गए हैं इसके कारणों की पहचान करें और उन लोगों को उन स्थितियों से बचने के प्रयास करें जिससे या और बढ़ सकती हो क्या आपका सहकर्मी महंगे डिनर पर जा रहा है आप बहाना बना दें और अगर आप इस की संपत्ति से ईर्ष्या कर रहे हैं तो उसी रिचा को वहीं दफना दे आप अपनी असुरक्षा के वास्तविक कारणों की पहचान करें इसी समय या अभी पहचान करें कि किस वजह से आपका सहकर्मी सफल हुआ है आप अपने अंदर वह क्वालिटी डिवेलप करें और अगली समय उसे आजमाएं जब आप में किसी के प्रति ईर्ष्या होती है तो आप दूसरों की तुलना में खुद को ऊंचा समझते हैं आज तक अपनी सफलता का आकलन करें उसे पानी में अब आपने कितनी मेहनत की है इसका अंदाजा लगाएं और अपनी ताकत कुशलता को पहचाने इससे आपको दूसरे व्यक्ति की जगह खुद पर ध्यान लगाने में मदद मिलेगी किसी इवेंट के ठीक पहले ही बचा हो सकती है लेकिन आप अपनी सफलता को याद करें और जो आपके पास है उस पर गर्व करें इससे आपको खुद पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी और नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से छुटकारा मिलेगा इससे आप ताकतवर भी महसूस करेंगे धन्यवाद
Savaal hai vyakti apane bheetar kee daya aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai dekhie agar eershya had se adhik badh jae to aapake job ya aapakee reputeshan par isaka bahut hee vipareet asar padata hai apanee bhaavanaon ko samajh kar apeksha par kaaboo paane ke prayaas shuroo kar sakate hain apane aap se eemaanadaar bane ki aap hee richa ke shikaar ho gae hain isake kaaranon kee pahachaan karen aur un logon ko un sthitiyon se bachane ke prayaas karen jisase ya aur badh sakatee ho kya aapaka sahakarmee mahange dinar par ja raha hai aap bahaana bana den aur agar aap is kee sampatti se eershya kar rahe hain to usee richa ko vaheen daphana de aap apanee asuraksha ke vaastavik kaaranon kee pahachaan karen isee samay ya abhee pahachaan karen ki kis vajah se aapaka sahakarmee saphal hua hai aap apane andar vah kvaalitee divelap karen aur agalee samay use aajamaen jab aap mein kisee ke prati eershya hotee hai to aap doosaron kee tulana mein khud ko ooncha samajhate hain aaj tak apanee saphalata ka aakalan karen use paanee mein ab aapane kitanee mehanat kee hai isaka andaaja lagaen aur apanee taakat kushalata ko pahachaane isase aapako doosare vyakti kee jagah khud par dhyaan lagaane mein madad milegee kisee ivent ke theek pahale hee bacha ho sakatee hai lekin aap apanee saphalata ko yaad karen aur jo aapake paas hai us par garv karen isase aapako khud par dhyaan kendrit karane mein madad milegee aur nukasaan pahunchaane vaale tatvon se chhutakaara milega isase aap taakatavar bhee mahasoos karenge dhanyavaad

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
2:57
व्यक्ति अपने भीतर की एकता और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है लेकिन शादी कहां से है इरशाद जलन 6 वा भाग 152 आदमी का इमोशनल स्टेट होती है आप छोटे बच्चों में भी देखे एग्जिट करती है अगर दो भाई है भाई बहन ने तो एक को एक से दूसरे से कभी जलन होती है छोटे से होती है छोटे से चीजों में आप देखोगे कि उसको ही क्यों दिया मुझे क्यों नहीं दिया है इस भावना होती है इस भावना को जब नर्चरिंग होता है इसका पानी मिलता है इसको पढ़ना शुरू हो जाती है यह उस तक की भावना होती है कि जो एग्जिट नहीं करते जैसे केडर अगर मुझे डर लग रहा है किसी चीज का और पता नहीं वह कौन सी चीज है लेकिन डर लग रहा है तो इसका मतलब क्या होता है कि वह डर एग्जिट नहीं कर रहा है लेकिन आपके माइंड के अंदर वह है यह शादी इसी तरह के की भावना है जो आपके माइंड के अंदर है लेकिन एक चीज नहीं करती अगर और ओशो होती कब है जब किसी के कंपैरिजन में हम अपने आप को रखते हैं तो उस समय ईर्ष्या की भावना तैयार होती हो तो यह भावना सबसे पहले इरेशनली है समझे इरेशनलिटी नहीं है मेरे साथ क्यों नहीं उसके साथ क्यों अगर ऐसा सवाल आप करना चाहते हो तो सवाल ही अपने आप में गलत सवाल हो जाता है क्योंकि आपके लाइफ के अंदर में अगर आपने आपके गोल क्लियर है बहुत क्लियर कट है आपके गुलाल कि मुझे यह बता मुझे यह करने मुझे यह रास्ता है मेरे को इस रास्ते से ऐसे इस तरीके से जाना है तो अपने आप ही क्या होता है क्या आपको आपका रास्ता जब पता है तो सीधी सी बात आपको कोई मतलब नहीं है कि मैं मुंबई जा रहा हूं तो आप क्यों हैदराबाद जा रहे हो यार आप तो चेन्नई जा रहा हूं कोई मतलब नहीं मुझे मुंबई जाना मैं पहुंच जाऊंगा और यह जो बाहर जाने की जो रास्ता है आपका आपका आपका खुद बनाते हो और आप खुद पोस्ट हो दूसरे के हेल्प से दूसरे के पोस्ट से ऐसा नहीं होता है पूरी लाइफ में वह आपके जो कोई भी गोल से आप बहुत अच्छी करते हो छोटे छोटे बंदर ऐसी चीजें हो जाती है कभी-कभी आपके बच्चे और कैसे कोष में रखा जाता है तो उस समय ईर्ष्या की भावना तैयार हो सकती है कई बार आपको ही चीज क्यों करना चाहते थे आपको नहीं मिले और आपके साथ वाले आपके छोटे वाले आपके बड़े वाले हैं किसी और इसको उसको मिल गई तभी भी ईर्ष्या की भावना हो सकती है घर में फीमेल के अंदर विषय करवाओ ना हो सकते 2 मिनट के अंदर की भावना ही हो सकती इस को खत्म करने का एक ही उपाय है अपने गोल्स बहुत क्लियर रखना पड़ता है बहुत क्लियर है कि मुझे क्या चाहिए और मैं कैसे लाइफ जीना चाहता हूं अगर ऐसे क्लियर है आपकी और साथ में यह भावना है कि त्रिशा यह एक इमोशनल सेट है जिसके लिए कोई आधार नहीं है जिसका कोई दिमागी आधार नहीं होता है तो उसके वजह से ऐसे स्टेट के ऊपर अपने आज मूड खराब कर लेना या अपने दिन खराब कर लेना यह और मूर्खता का कारण बन सकता है और ऑन प्रोडक्टिविटी का कारण बन सकता है तो यही ध्यान में रखकर चलने विषयक जिद नहीं करते सिर्फ फील होती है फेल होने तो निकल जाएगा टाइम
Vyakti apane bheetar kee ekata aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai lekin shaadee kahaan se hai irashaad jalan 6 va bhaag 152 aadamee ka imoshanal stet hotee hai aap chhote bachchon mein bhee dekhe egjit karatee hai agar do bhaee hai bhaee bahan ne to ek ko ek se doosare se kabhee jalan hotee hai chhote se hotee hai chhote se cheejon mein aap dekhoge ki usako hee kyon diya mujhe kyon nahin diya hai is bhaavana hotee hai is bhaavana ko jab narcharing hota hai isaka paanee milata hai isako padhana shuroo ho jaatee hai yah us tak kee bhaavana hotee hai ki jo egjit nahin karate jaise kedar agar mujhe dar lag raha hai kisee cheej ka aur pata nahin vah kaun see cheej hai lekin dar lag raha hai to isaka matalab kya hota hai ki vah dar egjit nahin kar raha hai lekin aapake maind ke andar vah hai yah shaadee isee tarah ke kee bhaavana hai jo aapake maind ke andar hai lekin ek cheej nahin karatee agar aur osho hotee kab hai jab kisee ke kampairijan mein ham apane aap ko rakhate hain to us samay eershya kee bhaavana taiyaar hotee ho to yah bhaavana sabase pahale ireshanalee hai samajhe ireshanalitee nahin hai mere saath kyon nahin usake saath kyon agar aisa savaal aap karana chaahate ho to savaal hee apane aap mein galat savaal ho jaata hai kyonki aapake laiph ke andar mein agar aapane aapake gol kliyar hai bahut kliyar kat hai aapake gulaal ki mujhe yah bata mujhe yah karane mujhe yah raasta hai mere ko is raaste se aise is tareeke se jaana hai to apane aap hee kya hota hai kya aapako aapaka raasta jab pata hai to seedhee see baat aapako koee matalab nahin hai ki main mumbee ja raha hoon to aap kyon haidaraabaad ja rahe ho yaar aap to chennee ja raha hoon koee matalab nahin mujhe mumbee jaana main pahunch jaoonga aur yah jo baahar jaane kee jo raasta hai aapaka aapaka aapaka khud banaate ho aur aap khud post ho doosare ke help se doosare ke post se aisa nahin hota hai pooree laiph mein vah aapake jo koee bhee gol se aap bahut achchhee karate ho chhote chhote bandar aisee cheejen ho jaatee hai kabhee-kabhee aapake bachche aur kaise kosh mein rakha jaata hai to us samay eershya kee bhaavana taiyaar ho sakatee hai kaee baar aapako hee cheej kyon karana chaahate the aapako nahin mile aur aapake saath vaale aapake chhote vaale aapake bade vaale hain kisee aur isako usako mil gaee tabhee bhee eershya kee bhaavana ho sakatee hai ghar mein pheemel ke andar vishay karavao na ho sakate 2 minat ke andar kee bhaavana hee ho sakatee is ko khatm karane ka ek hee upaay hai apane gols bahut kliyar rakhana padata hai bahut kliyar hai ki mujhe kya chaahie aur main kaise laiph jeena chaahata hoon agar aise kliyar hai aapakee aur saath mein yah bhaavana hai ki trisha yah ek imoshanal set hai jisake lie koee aadhaar nahin hai jisaka koee dimaagee aadhaar nahin hota hai to usake vajah se aise stet ke oopar apane aaj mood kharaab kar lena ya apane din kharaab kar lena yah aur moorkhata ka kaaran ban sakata hai aur on prodaktivitee ka kaaran ban sakata hai to yahee dhyaan mein rakhakar chalane vishayak jid nahin karate sirph pheel hotee hai phel hone to nikal jaega taim

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
7:00
व्यक्ति अपने भीतर की एशिया और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है हर एक व्यक्ति के अंदर एक काम होता है यानी उसका एक जो अवेयरनेस होता है वह तो और सिर्फ सिर्फ आदरणीय और यशस्वी भावना में फर्क है शिल्पा अवेयरनेस भर पानी में होता है जीवित प्राणी में और यह जीवित होने तक ही रहता है उसके बाद क्या होता है यह किसी को मालूम नहीं है और एक भाग में ऐसा कह सकते हैं कि मन होता है और मन के कई आयाम होते हैं मन के कई लक्षण होते हैं उनके कई गुण होते हैं मन के कई गुण होते हैं उनके कई इच्छाएं होती है कई मक्कारी होती है मन के बेकार होती है बहुत सारे उसे मंकी सकारात्मक के बाजू में होती है ना प्रेमी होता है मन सुखी होता है मन त्याग होता है मन में वैराग्य को प्राप्त हुआ भी होता है हर तरीके से मनी बहुत सूक्ष्म सूक्ष्म सूक्ष्म तम अवस्था से लेकर कई विराट अवस्था मैं अपने आप को एक्सेस कर सकता है जान सकता है इनमें से इससे C1 भावना है तो यहीं से जो होती है वह एक नैसर्गिक रूप से मनुष्य के अंदर अपने होने का एक एंकर पैदा हो जाता है अब यह नॉर्मल से अब नॉर्मल तब बन जाता है जब नेचुरल अवेयरनेस से बढ़कर उसको पीछे छोड़कर जाए हम निर्माण होता है एंकर निर्माण होता है और लगभग सभी में होता है हरीश को टालने के भी बहुत सारे तंत्र बताए जाते हैं लेकिन बहुत बड़ी साधना के बाद प्राप्त होता है वैसे तो यह हर व्यक्ति में दिखाई देता है हु इसलिए होता है कि यह जो मन है वह हमारे आसपास जो व्यक्ति रहते हैं या कई बार हमारे बहुत दूर भी रहते उनके साथ हमारी अपनी तुलना करता है और तुलना में भी हमेशा नेगेटिव तुझे सोचता है उसमें ज्यादा क्या है और जो मुझ में नहीं अगर उससे ज्यादा मेरे में कमी है तुम अच्छी बात नहीं है तो उस व्यक्ति के प्रतीक शर्मा की कंपटीशन निर्माण हो जाती है दुष्प्रभाव किच्छा में भी अंतर है इच्छा में भी अंतर स्पर्धा नियमों से होती है पर्दा की कुछ नियम होते हैं कुछ नहीं टिकता होती लेकिन इससे जो होती है वह नियम और नैतिकता से बंधे बंधे हुए होने का कोई जरूरत वाली बात नहीं होती वह बिना मतलब भी अच्छा हो सकती है किसी से और इसका कारण शिल्पी होता है कि वह मेरे से कुछ चीजों में जाता है और यह भाव हमारे मन को तकलीफ देता है x-men में स्पेस निर्माण करता है वह भरने के लिए मनुष्य कुछ न किसी तरह से उससे उसके उससे उसके उससे ज्यादा अपने आप को बनाने की या सिद्ध करने की कोशिश में रहता है अब हर प्रयास करता है कि मैं एक ऐसे श्रेष्ठ हूं और वह किस तरह से मिनिस्टर इस सारी प्रोसेस को जो है इसे कहते हैं इसमें इंसान गलत भी हो सकता है बता सकता है गलत काम भी कर सकता है इसमें वह दूसरे को अनैतिक मार्गो से खत्म करने या पीछे उड़ने के प्रयास भी कर सकता है तो एक नकारात्मक भावना है इस तरीके से
Vyakti apane bheetar kee eshiya aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai har ek vyakti ke andar ek kaam hota hai yaanee usaka ek jo aveyaranes hota hai vah to aur sirph sirph aadaraneey aur yashasvee bhaavana mein phark hai shilpa aveyaranes bhar paanee mein hota hai jeevit praanee mein aur yah jeevit hone tak hee rahata hai usake baad kya hota hai yah kisee ko maaloom nahin hai aur ek bhaag mein aisa kah sakate hain ki man hota hai aur man ke kaee aayaam hote hain man ke kaee lakshan hote hain unake kaee gun hote hain man ke kaee gun hote hain unake kaee ichchhaen hotee hai kaee makkaaree hotee hai man ke bekaar hotee hai bahut saare use mankee sakaaraatmak ke baajoo mein hotee hai na premee hota hai man sukhee hota hai man tyaag hota hai man mein vairaagy ko praapt hua bhee hota hai har tareeke se manee bahut sookshm sookshm sookshm tam avastha se lekar kaee viraat avastha main apane aap ko ekses kar sakata hai jaan sakata hai inamen se isase ch1 bhaavana hai to yaheen se jo hotee hai vah ek naisargik roop se manushy ke andar apane hone ka ek enkar paida ho jaata hai ab yah normal se ab normal tab ban jaata hai jab nechural aveyaranes se badhakar usako peechhe chhodakar jae ham nirmaan hota hai enkar nirmaan hota hai aur lagabhag sabhee mein hota hai hareesh ko taalane ke bhee bahut saare tantr batae jaate hain lekin bahut badee saadhana ke baad praapt hota hai vaise to yah har vyakti mein dikhaee deta hai hu isalie hota hai ki yah jo man hai vah hamaare aasapaas jo vyakti rahate hain ya kaee baar hamaare bahut door bhee rahate unake saath hamaaree apanee tulana karata hai aur tulana mein bhee hamesha negetiv tujhe sochata hai usamen jyaada kya hai aur jo mujh mein nahin agar usase jyaada mere mein kamee hai tum achchhee baat nahin hai to us vyakti ke prateek sharma kee kampateeshan nirmaan ho jaatee hai dushprabhaav kichchha mein bhee antar hai ichchha mein bhee antar spardha niyamon se hotee hai parda kee kuchh niyam hote hain kuchh nahin tikata hotee lekin isase jo hotee hai vah niyam aur naitikata se bandhe bandhe hue hone ka koee jaroorat vaalee baat nahin hotee vah bina matalab bhee achchha ho sakatee hai kisee se aur isaka kaaran shilpee hota hai ki vah mere se kuchh cheejon mein jaata hai aur yah bhaav hamaare man ko takaleeph deta hai x-main mein spes nirmaan karata hai vah bharane ke lie manushy kuchh na kisee tarah se usase usake usase usake usase jyaada apane aap ko banaane kee ya siddh karane kee koshish mein rahata hai ab har prayaas karata hai ki main ek aise shreshth hoon aur vah kis tarah se ministar is saaree proses ko jo hai ise kahate hain isamen insaan galat bhee ho sakata hai bata sakata hai galat kaam bhee kar sakata hai isamen vah doosare ko anaitik maargo se khatm karane ya peechhe udane ke prayaas bhee kar sakata hai to ek nakaaraatmak bhaavana hai is tareeke se

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
2:22
सवाल यह है कि व्यक्ति अपने भीतर की इच्छा भावनाओं को कैसे दूर रख सकता है एक जटिल कथा सहित पूरी भावना तक प्रकरण शामिल है यह भावना अनुभवी तथ्यों विचारों की यादों से उत्पन्न हो सकती है इसके मूल का एक संभावित व्याख्या यह हो सकता है कि यह हमारे जीवन की सफलता को अधिकतम कर रहे हैं क्रम में विकसित भावना में हो सकती है बच्चों किशोरों में ई-रिक्शा कम आत्म सम्मान के साथ अधिक से अधिक बार देखा गया है सांस्कृतिक स्थिति भी ईर्ष्या और जलन को प्रभावित कर सकते हैं ईशा को इस भावना को संभालने के लिए इज क्या की भावना को समझे भय और क्रोध का एक संयोजन ईशा किसी को खोने के डर से पैदा होती है इसलिए इसको ध्यान से उत्पादित करना चाहिए आप रिचा को महसूस करते हैं पहले पता लगाएं हर व्यक्ति को रिक्शा में यूज करने का कारण पता लगाना चाहिए क्या वह किसी व्यक्ति के कारण है क्या यह किसी स्थिति के कारण है आदि अपने ईर्ष्यालु व्यवहार का प्रभाव अन्य लोगों पर देखें हमेशा अपने व्यवहार का प्रभाव दूसरे लोगों पर देखना चाहिए क्या इसके कारण हमारे संबंध खराब हो रहे हैं यदि हां तो हमें भावनाओं पर काबू पाना चाहिए प्लीज जब काबू पाना किसी भावनात्मक प्रतिक्रिया या व्यवहार को बदलने की तरह है यह जागरूकता के साथ शुरू होता है जागरूकता अपने मन में अनुमान कहानियां सच नहीं है यह देखने के लिए अनुमति देता है और किसी चीज पर इस बात पर ध्यान देने की वजह कि वह हमसे ज्यादा है जो उसके पास है वह हमारे पास नहीं है आप इस बात पर ध्यान दें कि आप प्रतिदिन खुद में बेहतर हो रहे हैं या नहीं जो आप कल तो आपने उसे थोड़ा ज्यादा है या नहीं आप अपने फील्ड में अच्छे से अच्छा करने की कोशिश करें और बेहतर बनने की कोशिश करें और ऐसे मौके ढूंढे जहां पर आप किसी के साथ कंप्लीट कर सके और और अपने आप को बेहतर बना सके और जिससे आप ऐसा कर रहे हैं उसी से ना करने की वजह उसका यह देखें कि आपके आप में कमी कहां आपने कहा कमी कर दिया उस कमी को सुधारने की कोशिश करें और सामने वाले की ताकत को पहचाने और अपने आपको मैं उसी हिसाब से दूर करने की कोशिश करें
Savaal yah hai ki vyakti apane bheetar kee ichchha bhaavanaon ko kaise door rakh sakata hai ek jatil katha sahit pooree bhaavana tak prakaran shaamil hai yah bhaavana anubhavee tathyon vichaaron kee yaadon se utpann ho sakatee hai isake mool ka ek sambhaavit vyaakhya yah ho sakata hai ki yah hamaare jeevan kee saphalata ko adhikatam kar rahe hain kram mein vikasit bhaavana mein ho sakatee hai bachchon kishoron mein ee-riksha kam aatm sammaan ke saath adhik se adhik baar dekha gaya hai saanskrtik sthiti bhee eershya aur jalan ko prabhaavit kar sakate hain eesha ko is bhaavana ko sambhaalane ke lie ij kya kee bhaavana ko samajhe bhay aur krodh ka ek sanyojan eesha kisee ko khone ke dar se paida hotee hai isalie isako dhyaan se utpaadit karana chaahie aap richa ko mahasoos karate hain pahale pata lagaen har vyakti ko riksha mein yooj karane ka kaaran pata lagaana chaahie kya vah kisee vyakti ke kaaran hai kya yah kisee sthiti ke kaaran hai aadi apane eershyaalu vyavahaar ka prabhaav any logon par dekhen hamesha apane vyavahaar ka prabhaav doosare logon par dekhana chaahie kya isake kaaran hamaare sambandh kharaab ho rahe hain yadi haan to hamen bhaavanaon par kaaboo paana chaahie pleej jab kaaboo paana kisee bhaavanaatmak pratikriya ya vyavahaar ko badalane kee tarah hai yah jaagarookata ke saath shuroo hota hai jaagarookata apane man mein anumaan kahaaniyaan sach nahin hai yah dekhane ke lie anumati deta hai aur kisee cheej par is baat par dhyaan dene kee vajah ki vah hamase jyaada hai jo usake paas hai vah hamaare paas nahin hai aap is baat par dhyaan den ki aap pratidin khud mein behatar ho rahe hain ya nahin jo aap kal to aapane use thoda jyaada hai ya nahin aap apane pheeld mein achchhe se achchha karane kee koshish karen aur behatar banane kee koshish karen aur aise mauke dhoondhe jahaan par aap kisee ke saath kampleet kar sake aur aur apane aap ko behatar bana sake aur jisase aap aisa kar rahe hain usee se na karane kee vajah usaka yah dekhen ki aapake aap mein kamee kahaan aapane kaha kamee kar diya us kamee ko sudhaarane kee koshish karen aur saamane vaale kee taakat ko pahachaane aur apane aapako main usee hisaab se door karane kee koshish karen

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
sanjay kumar pandey Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए sanjay जी का जवाब
Writer, Teacher, motivational youtuber
2:58
गुड इवनिंग सवाल यह है कि व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या भावनाओं को कैसे दूर कर सकते हैं देखिए सवाल तो बहुत अच्छा है लेकिन जवाब भी बहुत मुश्किल है कैसे दूर कर सकता है यह रिक्शा और जो है और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है तो देखिए सबसे पहले किसी भी चीज में ध्यान देना जरूरी होता है तो उस व्यक्ति को ध्यान देना होगा खुशी किस बात से ईर्ष्या हो रही है किस बात से जलन हो रही है तो उस चीज को ध्यान देगा जबकि यह मेरी कमजोरी है मुझे इस बात से ईर्ष्या हो रही है तो उसे वह दूर करने की कोशिश करेगा वह बार-बार जब ध्यान देगा कि नहीं मुझे इस बात से तो उस बात को इग्नोर करेगा कि नहीं मुझे ऐसा नहीं करनी है इस बात से यह सबका अपना व्यक्तिगत जो है उपलब्धि है उसकी अपनी उसका अपना भाग्य है उसकी अपनी मेहनत है और उसके बदौलत उसे वह चीज मिला हुआ है और सबका अपना भाग्य होता है अपने कर्म होते हैं उसके अनुसार ही उसे फल मिलते हैं यह चीज उसे ध्यान देना होगा फिर उसे अपने आप पर काम करना होगा कि उसके अंदर क्या कमजोरी है किस लिए वह ईर्ष्या कर रहा है मैं क्यों इच्छा हो रही है उसे तो वैसे ही भावनाओं को वह दूर करने की कोशिश के लिए आध्यात्मिक थोड़ा होना पड़ेगा अध्यात्म उतरना होगा ध्यान मेडिटेशन करना होगा अपने उन भावनाओं पर जो उसे कमजोर बना रही है फिर से आलू भावनाओं पर दूसरे को यह दूसरे अपने आप को आगे बढ़ाने में कोई बुराई नहीं है वह खुद को आगे बढ़ाने की कोशिश करें ना कि दूसरे को का टांग खींचने की कोशिश करें यही होता ना ईर्ष्यालु व्यक्ति होता है जो वह खुद आगे नहीं बढ़ता है वह जब नहीं बढ़ पाता तो दूसरे को गिराने की कोशिश करता है तो इससे दूर कर रहे हो ना इन बातों से कि नहीं मुझे कोशिश करना है कि या तो उसके बराबर हो जाए या उसके आगे वक्त निकल जाए ना कि उसे गिराने की कोशिश करें यह बातों पर ध्यान देना होगा उसे कभी वह अपने इन रिसालू भावनाओं को दूर कर सकता है उसे ईश्वर पर विश्वास करना होगा अपने कर्मों पर विश्वास करना होगा अपने अपने भाग्य पर विश्वास करना होगा कि नहीं वह जितना कर रहा है वह उसके लिए उचित है और जितना आगे करेगा वह उसको उचित उसका इनाम मिलेगा उसका फल मिलेगा निश्चित रूप से यह ईश्वर पर उसे आस्था रखनी होगी और तभी वह इस तरह से बाहर आ सकता है थैंक यू
Gud ivaning savaal yah hai ki vyakti apane bheetar kee eershya bhaavanaon ko kaise door kar sakate hain dekhie savaal to bahut achchha hai lekin javaab bhee bahut mushkil hai kaise door kar sakata hai yah riksha aur jo hai aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai to dekhie sabase pahale kisee bhee cheej mein dhyaan dena jarooree hota hai to us vyakti ko dhyaan dena hoga khushee kis baat se eershya ho rahee hai kis baat se jalan ho rahee hai to us cheej ko dhyaan dega jabaki yah meree kamajoree hai mujhe is baat se eershya ho rahee hai to use vah door karane kee koshish karega vah baar-baar jab dhyaan dega ki nahin mujhe is baat se to us baat ko ignor karega ki nahin mujhe aisa nahin karanee hai is baat se yah sabaka apana vyaktigat jo hai upalabdhi hai usakee apanee usaka apana bhaagy hai usakee apanee mehanat hai aur usake badaulat use vah cheej mila hua hai aur sabaka apana bhaagy hota hai apane karm hote hain usake anusaar hee use phal milate hain yah cheej use dhyaan dena hoga phir use apane aap par kaam karana hoga ki usake andar kya kamajoree hai kis lie vah eershya kar raha hai main kyon ichchha ho rahee hai use to vaise hee bhaavanaon ko vah door karane kee koshish ke lie aadhyaatmik thoda hona padega adhyaatm utarana hoga dhyaan mediteshan karana hoga apane un bhaavanaon par jo use kamajor bana rahee hai phir se aaloo bhaavanaon par doosare ko yah doosare apane aap ko aage badhaane mein koee buraee nahin hai vah khud ko aage badhaane kee koshish karen na ki doosare ko ka taang kheenchane kee koshish karen yahee hota na eershyaalu vyakti hota hai jo vah khud aage nahin badhata hai vah jab nahin badh paata to doosare ko giraane kee koshish karata hai to isase door kar rahe ho na in baaton se ki nahin mujhe koshish karana hai ki ya to usake baraabar ho jae ya usake aage vakt nikal jae na ki use giraane kee koshish karen yah baaton par dhyaan dena hoga use kabhee vah apane in risaaloo bhaavanaon ko door kar sakata hai use eeshvar par vishvaas karana hoga apane karmon par vishvaas karana hoga apane apane bhaagy par vishvaas karana hoga ki nahin vah jitana kar raha hai vah usake lie uchit hai aur jitana aage karega vah usako uchit usaka inaam milega usaka phal milega nishchit roop se yah eeshvar par use aastha rakhanee hogee aur tabhee vah is tarah se baahar aa sakata hai thaink yoo

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
0:41
पति अपने बिस्तर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है दोस्तों व्यक्ति अपने बेहतर भविष्य और भावनाओं को जो है वह योग और ध्यान लगाकर के दूर कर सकता है इसके अतिरिक्त ऊर्जा परिवर्तन होता है उस के माध्यम से भी जो है इन चीजों को दूर कर सकते हैं परंतु इसके लिए परिश्रम करना होगा और इसके लिए दोस्तों आप किसी भी विद्वान के जमाते हैं उनको पढ़ सकते हैं गौतम बुद्ध के पढ़ सकते हैं आप महावीर स्वामी को पढ़ सकते हैं स्वामी विवेकानंद को पढ़ सकते हैं जब उनकी बातें अपने आप को दूर करने में काफी सहायक
Pati apane bistar kee eershya aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai doston vyakti apane behatar bhavishy aur bhaavanaon ko jo hai vah yog aur dhyaan lagaakar ke door kar sakata hai isake atirikt oorja parivartan hota hai us ke maadhyam se bhee jo hai in cheejon ko door kar sakate hain parantu isake lie parishram karana hoga aur isake lie doston aap kisee bhee vidvaan ke jamaate hain unako padh sakate hain gautam buddh ke padh sakate hain aap mahaaveer svaamee ko padh sakate hain svaamee vivekaanand ko padh sakate hain jab unakee baaten apane aap ko door karane mein kaaphee sahaayak

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Ram Kumawat  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:15
दोस्तों आप का सवाल है अपने भीतर की प्रिया और भावनाओं को कैसे दूर करें तो चाहे आप उसको मुस्कान से छुपाने की कितनी भी कोशिश करें क्यों नहीं ले इस सूर्याय नवी ऐसी चीज नहीं है जो अपने आप समाप्त हो जाएगी वे समय के साथ पढ़ती हुई नितेश बाहर होकर घातक बन जाएगी और अवसाद का रूप ले लेगी इससे पहले उससे यार पूरी तरह से आपा खो बैठे नियते करने के लिए आप कुछ उपाय करें ध्यान रहे कि इसलिए और चल एक ही चीज नहीं है मगर अक्सर दोनों में फर्क होता है कि स्त्री और जलन के बीच अंतर को जान लेना ही महत्वपूर्ण है ताकि आपको पता चल सके कि कौन सी भावना महसूस कर रहे हैं कौन सी चल उस चीज की प्रतिक्रिया आपके पास ऊपर तक किसी खोने का फेस संबंध या ऐश्वर्या उस चीज के प्रति आपकी प्रतिक्रिया आपको लगता है कि आपके पास नहीं है जैसे की जलन आपको महसूस करें जब आप अपनी गर्लफ्रेंड को किसी भी व्यक्ति के साथ घूमते फिरते देखे तो यह ऐश्वर्या वह जो कि आप महसूस करें जब आप अपने मित्र की नई स्पोर्ट कार में घूमते हुए देखते हैं अब ए सोचेगी सोजा आपकी कैसे हमें पसंद सकती तो आपके जीवन में नकार तो प्रभाव पड़ेंगे शायद कोई भी लंबा रिलेशन केवल इसीलिए समाप्त का घर पर पहुंच गया क्योंकि आप अपने मित्र के पास पता कि तुम भी नहीं कर पा रहे हैं इसलिए उसकी कॉल से बच रहे हैं आपको समय अपने लगता है आपके विचारों का क्षरण होता है आप व्यक्तिगत व्यवसाई समुद्र विकास करते हैं आप व्यक्तिगत को उद्योगों को उड़ जाते हैं और नकार तो भावना उत्पन्न करते हैं और अपनी भावनाओं को संबंध मैं जिसे शायद अपने मित्र की नई स्पोर्ट चलाना संबंध में आपको कैसा लगता है धन्यवाद दोस्तों
Doston aap ka savaal hai apane bheetar kee priya aur bhaavanaon ko kaise door karen to chaahe aap usako muskaan se chhupaane kee kitanee bhee koshish karen kyon nahin le is sooryaay navee aisee cheej nahin hai jo apane aap samaapt ho jaegee ve samay ke saath padhatee huee nitesh baahar hokar ghaatak ban jaegee aur avasaad ka roop le legee isase pahale usase yaar pooree tarah se aapa kho baithe niyate karane ke lie aap kuchh upaay karen dhyaan rahe ki isalie aur chal ek hee cheej nahin hai magar aksar donon mein phark hota hai ki stree aur jalan ke beech antar ko jaan lena hee mahatvapoorn hai taaki aapako pata chal sake ki kaun see bhaavana mahasoos kar rahe hain kaun see chal us cheej kee pratikriya aapake paas oopar tak kisee khone ka phes sambandh ya aishvarya us cheej ke prati aapakee pratikriya aapako lagata hai ki aapake paas nahin hai jaise kee jalan aapako mahasoos karen jab aap apanee garlaphrend ko kisee bhee vyakti ke saath ghoomate phirate dekhe to yah aishvarya vah jo ki aap mahasoos karen jab aap apane mitr kee naee sport kaar mein ghoomate hue dekhate hain ab e sochegee soja aapakee kaise hamen pasand sakatee to aapake jeevan mein nakaar to prabhaav padenge shaayad koee bhee lamba rileshan keval iseelie samaapt ka ghar par pahunch gaya kyonki aap apane mitr ke paas pata ki tum bhee nahin kar pa rahe hain isalie usakee kol se bach rahe hain aapako samay apane lagata hai aapake vichaaron ka ksharan hota hai aap vyaktigat vyavasaee samudr vikaas karate hain aap vyaktigat ko udyogon ko ud jaate hain aur nakaar to bhaavana utpann karate hain aur apanee bhaavanaon ko sambandh main jise shaayad apane mitr kee naee sport chalaana sambandh mein aapako kaisa lagata hai dhanyavaad doston

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Dukh kaise mite Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Dukh जी का जवाब
Unknown
1:59
आपने पूछा कि भक्ति अपनी भी तक इस साल और भावनाओं को कैसे दूर करें इसके लिए बहुत सरल उपाय आप भले करने के विचार के संसार किसी प्राणी कब तक आने का विचार की वजह से उसका भी भला करें विचार करें ऐसे भक्ति करने से भी आवरण हटते हैं हमारे आत्म आवरण से ढक पवित्र विचार काम खोलो मोहन का रूप है यज्ञ दान तप करने करने से या वर्षी होते हैं तब हम इस बार भर्ती हरे कृष्ण हरे कृष्ण भगवान गीता का राग द्वेष घूमता रहता है गूगल मिटाने के लिए यज्ञ दान तप करना आवश्यक तत्व विषय होते हैं और दूसरा कर्मियों के हित की भावना और सही काम करें आपका कोई मामूली बातें हरे कृष्ण हरे कृष्ण ने काफी ऑडियो अपलोड किए हैं वह प्ले पर क्यों 10 मिनट का समय मिलता है यहां तो सिर्फ 3 मिनट के समय तो मैं तो यह कहना चाहता हूं आप के माध्यम से बोलकर एपपर कि कम से कम 30 मिनट का समय रखें ताकि मैं भक्ति की बातें बता सकूं विष्णु मुझे एक ऐसी कृपा की है क्या शायद तकिए कैसे मैदान से मुक्त हो कैसे प्रश्न उचित रहता हूं इस समय बता सकूं अब 3 मिनट क्या बताती
Aapane poochha ki bhakti apanee bhee tak is saal aur bhaavanaon ko kaise door karen isake lie bahut saral upaay aap bhale karane ke vichaar ke sansaar kisee praanee kab tak aane ka vichaar kee vajah se usaka bhee bhala karen vichaar karen aise bhakti karane se bhee aavaran hatate hain hamaare aatm aavaran se dhak pavitr vichaar kaam kholo mohan ka roop hai yagy daan tap karane karane se ya varshee hote hain tab ham is baar bhartee hare krshn hare krshn bhagavaan geeta ka raag dvesh ghoomata rahata hai googal mitaane ke lie yagy daan tap karana aavashyak tatv vishay hote hain aur doosara karmiyon ke hit kee bhaavana aur sahee kaam karen aapaka koee maamoolee baaten hare krshn hare krshn ne kaaphee odiyo apalod kie hain vah ple par kyon 10 minat ka samay milata hai yahaan to sirph 3 minat ke samay to main to yah kahana chaahata hoon aap ke maadhyam se bolakar epapar ki kam se kam 30 minat ka samay rakhen taaki main bhakti kee baaten bata sakoon vishnu mujhe ek aisee krpa kee hai kya shaayad takie kaise maidaan se mukt ho kaise prashn uchit rahata hoon is samay bata sakoon ab 3 minat kya bataatee

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Vijay shankar pal Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Vijay जी का जवाब
My youtube channel - Tech with vijay
0:59
नमस्कार साथियों व्यक्ति अपने भीतर की रिश्ता और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है तो साथियों इरशाद तो व्यक्ति के अंदर होना ही नहीं चाहिए ऐसा हमें कमजोर बनाता है हम जैसे पढ़ाई करते हैं अगर कोई हम से टाइप कर देता है हमसे आगे बढ़ जाता है तुम्हारे अंदर ही शाम हो जाती है और वह ईर्ष्या पर काम करने से रोकती है और हम अपने काम में लगन पूर्वक नहीं कर पाते तो नहीं हो पाते हैं सही से इसे हमें प्रॉब्लम होने लगती है इसलिए हमेशा दूर करना चाहिए और उसे दूर करने का एक ही उपाय है कि हम कैसे आगे बढ़े और अपने आप को यह सोच लीजिए कि हमें आगे बढ़ने के लिए हमें एक दूसरे से जलन की भावना रखना हमारे लिए हानिकारक हो सकता है
Namaskaar saathiyon vyakti apane bheetar kee rishta aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai to saathiyon irashaad to vyakti ke andar hona hee nahin chaahie aisa hamen kamajor banaata hai ham jaise padhaee karate hain agar koee ham se taip kar deta hai hamase aage badh jaata hai tumhaare andar hee shaam ho jaatee hai aur vah eershya par kaam karane se rokatee hai aur ham apane kaam mein lagan poorvak nahin kar paate to nahin ho paate hain sahee se ise hamen problam hone lagatee hai isalie hamesha door karana chaahie aur use door karane ka ek hee upaay hai ki ham kaise aage badhe aur apane aap ko yah soch leejie ki hamen aage badhane ke lie hamen ek doosare se jalan kee bhaavana rakhana hamaare lie haanikaarak ho sakata hai

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:42
र क पत्नी व्यक्ति अपने भीतर की इच्छा और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है तो आपको बता दें कि व्यक्ति अपने भीतर की शायद भावनाओं को कर दूर करना चाहता है तो उसके लिए उसको स्वयं से कई सारे कार्य होते हैं जो कि करने होंगे सबसे पहले चीज अपने भावनाओं पर नियंत्रण करना होगा और अपने कार्यों पर फोकस होना होगा यह सोचिए कि दूसरा व्यक्ति क्या कर रहा है कैसे कर रहा है आप अपनी जो कार्य कर रहे हैं जो कार्य अपने हाथ में लिए हैं उनको किस तरह से आप बेस्ट हुए में कर सकते हैं इस चीज को फोकस करके जब आपने जीवन में आगे बढ़ेंगे तो नहीं से तुम से आप सफलता मिलेगी मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Ra ka patnee vyakti apane bheetar kee ichchha aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai to aapako bata den ki vyakti apane bheetar kee shaayad bhaavanaon ko kar door karana chaahata hai to usake lie usako svayan se kaee saare kaary hote hain jo ki karane honge sabase pahale cheej apane bhaavanaon par niyantran karana hoga aur apane kaaryon par phokas hona hoga yah sochie ki doosara vyakti kya kar raha hai kaise kar raha hai aap apanee jo kaary kar rahe hain jo kaary apane haath mein lie hain unako kis tarah se aap best hue mein kar sakate hain is cheej ko phokas karake jab aapane jeevan mein aage badhenge to nahin se tum se aap saphalata milegee meree shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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