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shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
2:34
आज आप का सवाल है कि हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस करते हैं चाहिए हमारे दिमाग के कारण होता है लेकिन सब चीज हमारे दिमाग का एक ही जवाब तो कंटिन्यू दो-तीन दिन डरावनी कोई मूवी देखिए हॉरर मूवी भेजिए भूत उसके आपके दिमाग में भी भूत वाली सिर्फ चलेंगे आप को छोटा कर पर्दा मिल रहा हो यह वह है जो भी मुंह में और आपको डर लगा क्योंकि आपके दिमाग में ही स्वीट हो गया मेरे साथ भी बस अब कैसी हो रहा था इतना 1 साल में स्कूल कॉलेज संबंध था हम लोग भी देख रहे हैं भाई अभी बंद कर दी है तो कुछ भी नहीं होने में भी डर लगता था वैसे नहीं हो रहा दिमाग का खेल होता है अंधेरे में यह लगता है कि बहुत तरह के अंधेरे में अपने आप सब सोचते हैं यह उदाहरण यह दिमाग में है जब बन जाता है कि वह आपके सामने दौड़कर आ रहा है वह वाली चीज आपने कई मूवी में या फिर जो भी आपने मैसेज किया है इसी सब चीज के लिए डर लगता है जैसे जैसे ही अंधेरा होता है ना हमें लगता है कि हमारे पास आ रहा है या कोई हमें पकड़ रहा है या हमें कोई मार रहा है ठीक है मैं ज्यादा ही हमारे दिमाग में भूत प्रेत की है सब बातें हमारे दिमाग में आ गए डर नहीं लगता है जो भूल के समय उनके साथ अगर ऐसा होता तो नॉर्मल ही जाते हैं यहां पर लाइट होता है वह टॉर्च या जो भी कैंडल जलाना होता बुलाते लेकिन हम लोगों के दिमाग में क्या होता नहीं हम नहीं जा सकते हम जाएंगे मुझे ही रहेंगे कोई पकड़ लेगा तो यह सब दिमाग का खेल है हमें यह सोचना है कि अधिकतर ऐसे तो इसमें ऐसा कोई नहीं हम जितने सदस्य है उतना ही है इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है पर कंट्रोल करना क्योंकि देखिए अभी तो आप फैमिली के साथ होते हैं पर जरूरी नहीं होता है कि हर समय आप फैमिली के साथ होते तो यह समझना बहुत बार अकेले सोना होता है आप हॉस्टल में भी रहते हैं तो हम लोग इंसान आपके साथ जाएगा आपके साथ आएगा यह पॉसिबल भी नहीं होता आपको कि नहीं भी सोना पड़ता है आपको एक ना एक बार हर चीज का सामना जरूर पता तो कंट्रोल करना और बिल्कुल भी डरना नहीं ऐसा तो मैं नहीं खाऊंगी किधर को तुरंत हटा देना लेकिन यह सब दिमाग में चीज मत लाइए अभी से दिमाग में आ रहा है ना तो कुछ कुछ और ख्याल आप लाइए मतलब कोई भी और की सूची मेरे साथ भी ऐसा हो तो मैं भी बहुत ज्यादा डरती हूं तो इसे ही कंट्रोल करने के लिए ही मैं यह सब कुछ इधर उधर की चीजों सोचती हूं सोते वक्त स्पेशल कुछ भी चीज ऐसा नहीं सोचते जिसके वजह से मतलब पूरा रात व्हाट्सएप ना बर्बाद हो जाए ऐसा नहीं सोचते तो यह सब चीज पर ध्यान देना चाहिए अच्छे-अच्छे सोचना चाहिए ताकि अच्छे से सोच विचार है दिमाग में भी वही सब चले
Aaj aap ka savaal hai ki ham andhere mein asurakshit mahasoos karate hain chaahie hamaare dimaag ke kaaran hota hai lekin sab cheej hamaare dimaag ka ek hee javaab to kantinyoo do-teen din daraavanee koee moovee dekhie horar moovee bhejie bhoot usake aapake dimaag mein bhee bhoot vaalee sirph chalenge aap ko chhota kar parda mil raha ho yah vah hai jo bhee munh mein aur aapako dar laga kyonki aapake dimaag mein hee sveet ho gaya mere saath bhee bas ab kaisee ho raha tha itana 1 saal mein skool kolej sambandh tha ham log bhee dekh rahe hain bhaee abhee band kar dee hai to kuchh bhee nahin hone mein bhee dar lagata tha vaise nahin ho raha dimaag ka khel hota hai andhere mein yah lagata hai ki bahut tarah ke andhere mein apane aap sab sochate hain yah udaaharan yah dimaag mein hai jab ban jaata hai ki vah aapake saamane daudakar aa raha hai vah vaalee cheej aapane kaee moovee mein ya phir jo bhee aapane maisej kiya hai isee sab cheej ke lie dar lagata hai jaise jaise hee andhera hota hai na hamen lagata hai ki hamaare paas aa raha hai ya koee hamen pakad raha hai ya hamen koee maar raha hai theek hai main jyaada hee hamaare dimaag mein bhoot pret kee hai sab baaten hamaare dimaag mein aa gae dar nahin lagata hai jo bhool ke samay unake saath agar aisa hota to normal hee jaate hain yahaan par lait hota hai vah torch ya jo bhee kaindal jalaana hota bulaate lekin ham logon ke dimaag mein kya hota nahin ham nahin ja sakate ham jaenge mujhe hee rahenge koee pakad lega to yah sab dimaag ka khel hai hamen yah sochana hai ki adhikatar aise to isamen aisa koee nahin ham jitane sadasy hai utana hee hai isamen koee problam nahin hai par kantrol karana kyonki dekhie abhee to aap phaimilee ke saath hote hain par jarooree nahin hota hai ki har samay aap phaimilee ke saath hote to yah samajhana bahut baar akele sona hota hai aap hostal mein bhee rahate hain to ham log insaan aapake saath jaega aapake saath aaega yah posibal bhee nahin hota aapako ki nahin bhee sona padata hai aapako ek na ek baar har cheej ka saamana jaroor pata to kantrol karana aur bilkul bhee darana nahin aisa to main nahin khaoongee kidhar ko turant hata dena lekin yah sab dimaag mein cheej mat laie abhee se dimaag mein aa raha hai na to kuchh kuchh aur khyaal aap laie matalab koee bhee aur kee soochee mere saath bhee aisa ho to main bhee bahut jyaada daratee hoon to ise hee kantrol karane ke lie hee main yah sab kuchh idhar udhar kee cheejon sochatee hoon sote vakt speshal kuchh bhee cheej aisa nahin sochate jisake vajah se matalab poora raat vhaatsep na barbaad ho jae aisa nahin sochate to yah sab cheej par dhyaan dena chaahie achchhe-achchhe sochana chaahie taaki achchhe se soch vichaar hai dimaag mein bhee vahee sab chale

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Trainer Yogi Yogendra Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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1:14

Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
Life coach
2:39
हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारण होते हैं तो जी हां बचपन से हमारी कंडीशनिंग ऐसी कर दी जाती है कि भागो भागो बुधवार अंधेरे में भूत वाता है ऐसे करते हैं ना छोटे बच्चों को हमें कहानी सुना सुना के हमें अंधेरे से डरा दिया जाता है तो कमरे में लाइट भी बंद हो जाएगा तो हम डर जाएंगे अंधेरे में हम करेंगे तभी डर जाएंगे रात को क्या करते हैं सब लोग रात को कोई घूमता ही रहता है इसलिए उसे डर लगता है और वहां सुरक्षित महसूस करता है पर दिन को सब बाहर घूमते हैं सभी लोगों को दिखता है क्योंकि हमारा जो भी हमारी 24 घंटे होते हैं वह अंधेरे में ही बीते हैं अब सचिन कैसे क्विक बंद कमरा है अंधेरा है बंद कमरा है वहां छोटी सी रोशनी जला देना तू वह अंधेरे में ही वह रोशनी जग रही है ना जैसे सूरज की रोशनी दिन को रहती है और उस समय आप अपने मोबाइल का टॉर्च लाएंगे तो क्या आपकी मोबाइल का टॉर्च सूरज की रोशनी से लड़ पाएगा मतलब उसकी रोशनी इतनी तेज हो गई आपकी मोबाइल की टॉर्च तो यह समझ ही अंधेरे कमरे में एक छोटी सी रोशनी भी हम लोगों को हम उसको देख पाते हैं कि अंधेरा खत्म हो गया करके लेकिन अंधेरे में ही वोट और चल रहा है वैसे ही दिन में क्या होता है वही रहता है बस सूरज एक बड़ा सा टॉर्च है ठीक है पूरे ब्रह्मांड का टॉर्च उसकी तुम लोगों को विटामिन डी मिलता है पेड़ पौधों को खाना मिलता है कार्बोहाइड्रेट ठीक है तो यह ध्यान से अगर आप देख ले कि आप रात में बस जाए कि लोग पूरा शांत लोग इधर-उधर ज्यादा नहीं आना चाहते अगर रात को सूरज निकल जाए तो फिर आपको क्या डर जाती है वो दिन था जब सूरज निकलता तो लोग इधर-उधर जाना जाना करते हैं इसी चीज को अगर आप अच्छे से देखें तो दोनों टाइम आपका अंधेरा ही रहता है फर्क आपको बस सब नजर आएगा जहां रात को कोई भी नहीं रहता इसलिए आप आस रक्षित महसूस करते हैं लेकिन उसी टाइम उस अंधेरे में ही लोग इधर आना जाना करें यह करे वह करो डर लगेगा सुरक्षित महसूस भी नहीं करेंगे आप ठीक है तो यही कारण होता है
Ham andhere mein asurakshit mahasoos kyon karate hain kya yah hamaare dimaag ke kaaran hote hain to jee haan bachapan se hamaaree kandeeshaning aisee kar dee jaatee hai ki bhaago bhaago budhavaar andhere mein bhoot vaata hai aise karate hain na chhote bachchon ko hamen kahaanee suna suna ke hamen andhere se dara diya jaata hai to kamare mein lait bhee band ho jaega to ham dar jaenge andhere mein ham karenge tabhee dar jaenge raat ko kya karate hain sab log raat ko koee ghoomata hee rahata hai isalie use dar lagata hai aur vahaan surakshit mahasoos karata hai par din ko sab baahar ghoomate hain sabhee logon ko dikhata hai kyonki hamaara jo bhee hamaaree 24 ghante hote hain vah andhere mein hee beete hain ab sachin kaise kvik band kamara hai andhera hai band kamara hai vahaan chhotee see roshanee jala dena too vah andhere mein hee vah roshanee jag rahee hai na jaise sooraj kee roshanee din ko rahatee hai aur us samay aap apane mobail ka torch laenge to kya aapakee mobail ka torch sooraj kee roshanee se lad paega matalab usakee roshanee itanee tej ho gaee aapakee mobail kee torch to yah samajh hee andhere kamare mein ek chhotee see roshanee bhee ham logon ko ham usako dekh paate hain ki andhera khatm ho gaya karake lekin andhere mein hee vot aur chal raha hai vaise hee din mein kya hota hai vahee rahata hai bas sooraj ek bada sa torch hai theek hai poore brahmaand ka torch usakee tum logon ko vitaamin dee milata hai ped paudhon ko khaana milata hai kaarbohaidret theek hai to yah dhyaan se agar aap dekh le ki aap raat mein bas jae ki log poora shaant log idhar-udhar jyaada nahin aana chaahate agar raat ko sooraj nikal jae to phir aapako kya dar jaatee hai vo din tha jab sooraj nikalata to log idhar-udhar jaana jaana karate hain isee cheej ko agar aap achchhe se dekhen to donon taim aapaka andhera hee rahata hai phark aapako bas sab najar aaega jahaan raat ko koee bhee nahin rahata isalie aap aas rakshit mahasoos karate hain lekin usee taim us andhere mein hee log idhar aana jaana karen yah kare vah karo dar lagega surakshit mahasoos bhee nahin karenge aap theek hai to yahee kaaran hota hai

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
1:22
हमें हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारण होता है दोस्तों अक्सर से जो है आप देखेंगे कि अंधेरा जब होता है तो आपका दिमाग या आपके द्वारा ही महसूस कर पाती है और ऐसी स्थिति में अब जो है आप अपने दिमाग को लेकर के ही सोच में पड़ जाते हैं और चुके हम जानते हैं कि जब अंधेरा होता है तब आपको खोलोगे तब भी वही आपके सामने अंधेरा हो रहा है काम कुछ ज्यादा ही करता है और ऐसी स्थिति में आप जो है गलत विचार उत्पन्न कर लेते हैं किसी भी चीज को लेकर जो चीजें आपके जो मन में लेने का तात्पर्य मेरा यह दिमाग में लेने से तुझे दोस्तों मैसेज करते हैं तो आप गलत सोच रहे हैं तो आप अपने आप सोच रहे होंगे शायद आप का पालन ना पड़ जाए तो इस चीज को लेकर के आप सुरक्षित महसूस करते हो अन्यथा आपकी अच्छी चीजें सोचते हुए चले तो मेरे हिसाब से अंधेरे में भी सुरक्षित महसूस करें
Hamen ham andhere mein asurakshit mahasoos kyon karate hain kya yah hamaare dimaag ke kaaran hota hai doston aksar se jo hai aap dekhenge ki andhera jab hota hai to aapaka dimaag ya aapake dvaara hee mahasoos kar paatee hai aur aisee sthiti mein ab jo hai aap apane dimaag ko lekar ke hee soch mein pad jaate hain aur chuke ham jaanate hain ki jab andhera hota hai tab aapako khologe tab bhee vahee aapake saamane andhera ho raha hai kaam kuchh jyaada hee karata hai aur aisee sthiti mein aap jo hai galat vichaar utpann kar lete hain kisee bhee cheej ko lekar jo cheejen aapake jo man mein lene ka taatpary mera yah dimaag mein lene se tujhe doston maisej karate hain to aap galat soch rahe hain to aap apane aap soch rahe honge shaayad aap ka paalan na pad jae to is cheej ko lekar ke aap surakshit mahasoos karate ho anyatha aapakee achchhee cheejen sochate hue chale to mere hisaab se andhere mein bhee surakshit mahasoos karen

Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trilok जी का जवाब
Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:53
नमस्कार हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारण होता है जी हां यह दिमाग ठिकाने होता है लेकिन असुरक्षित महसूस करने के कारण है कि अंधेरे में हमें डर रहता है कि कहीं को सांप ने काट ले कोविड-19 ले कहीं गड्ढे में गिर जाए कहीं किसी से टकराना जाए कहीं कोई अज्ञात अज्ञात डर है अज्ञात वस्तु अज्ञात पशु हमारे अगर हमें नुकसान हो जाता है लेकिन मन में हमारे जो दिमाग को ऐसा बना रहता है कि कहीं कोई आगे से आ गया कोई पीछे से आ गया जिसकी वजह से हम अंधेरे से डरता नहीं में असुरक्षित महसूस करते हैं धन्यवाद
Namaskaar ham andhere mein asurakshit mahasoos kyon karate hain kya yah hamaare dimaag ke kaaran hota hai jee haan yah dimaag thikaane hota hai lekin asurakshit mahasoos karane ke kaaran hai ki andhere mein hamen dar rahata hai ki kaheen ko saamp ne kaat le kovid-19 le kaheen gaddhe mein gir jae kaheen kisee se takaraana jae kaheen koee agyaat agyaat dar hai agyaat vastu agyaat pashu hamaare agar hamen nukasaan ho jaata hai lekin man mein hamaare jo dimaag ko aisa bana rahata hai ki kaheen koee aage se aa gaya koee peechhe se aa gaya jisakee vajah se ham andhere se darata nahin mein asurakshit mahasoos karate hain dhanyavaad

Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:41
सवाल है कि हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारण होता है रोशनी हम सभी को अच्छी लगती है क्योंकि रोशनी में ही हम देख पाते हैं कि कौन सी चीज क्या है बहुत से लोग अंधेरे में जाने से डरते हैं खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं किसी अज्ञात भय से कांप उठते हैं ऐसा इसलिए है क्योंकि आपके सारे काम आपकी सारी कोशिश है सिर्फ अपने वजूद को सुरक्षित बनाए रखने में केंद्रित है अगर आप खुद को ऐसा ऐसा बना लेते हैं कि वजूद बरकरार रखना कोई मुद्दा ना रह जाए तो आपने किसी भी चीज के लिए कोई डर ना बचे तब आपने अंधकार प्रकाश को एक अलग ही तरह से समझने की काबिलियत आ जाती है
Savaal hai ki ham andhere mein asurakshit mahasoos kyon karate hain kya yah hamaare dimaag ke kaaran hota hai roshanee ham sabhee ko achchhee lagatee hai kyonki roshanee mein hee ham dekh paate hain ki kaun see cheej kya hai bahut se log andhere mein jaane se darate hain khud ko asurakshit mahasoos karate hain kisee agyaat bhay se kaamp uthate hain aisa isalie hai kyonki aapake saare kaam aapakee saaree koshish hai sirph apane vajood ko surakshit banae rakhane mein kendrit hai agar aap khud ko aisa aisa bana lete hain ki vajood barakaraar rakhana koee mudda na rah jae to aapane kisee bhee cheej ke lie koee dar na bache tab aapane andhakaar prakaash ko ek alag hee tarah se samajhane kee kaabiliyat aa jaatee hai

Manish Bhati Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Manish जी का जवाब
Life coach, professional counsellor & Relationship expert. Fitness & Motivational Coach
1:47
नमस्कार यह क्या बकवास है हमें अंधेरे में सुरक्षित मैसेज क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारणों से ऐसा नहीं है कि आपका क्वेश्चन हमें किसी की चीज हम बचपन से जो मध्यकाल तुम हमारे पूरे जीवन में चलती है ना को एग्जांपल लेकर समझाता हूं क्योंकि बचपन में कई चीजों में से होती है जो हमारे जीवन में गिरी एंड तक और जीवन भर देते हैं इसका कारण तो कोई है कभी हम बचपन में जो छोटे होते हैं जो चीज वगैरा करते तुम्हारे पेरेंट्स में क्या बोलते हैं अंधेरे में मत जाना वहां बहुत परेशान किया वह है या यह हमें डर है तो इस वजह से हमारे जीवन में वही बातें करती है वह हमारे दिमाग में लाइफटाइम चलती है अब मैं आपको इस पर एक न एक डिब्बी का जो अपने मिडिल क्लास के लोग होते हैं उनके शुरू से जो बच्चे कम आ रहे हैं उनको पता ही नहीं होता अंधेरा क्या है राज क्या है खेतों में आप चले जाओगे तुम लोग तो 2:00 बजे तक रात को पानी डालते हैं गांव में डाल दे तुम्हें पता नहीं मैं सिटी भाई इसके साथ ही बड़ी प्रॉब्लम होती मैंने खुद ने फील किया काफी मेरे फ्रेंड वगैरह भी अंधेरे को खोलो आज का निर्माण आराम से उनकी 1020 प्लस चीज है फिर भी 3040 वाले भी अंधेरे से डरती मैंने फील होता है कई बार तो लेकिन फिर भी मैं यह क्यों आप बचपन में जो आदत डालते हैं वह हमारे लाइफटाइम चलते हैं वही सजेस्ट धन्यवाद
Namaskaar yah kya bakavaas hai hamen andhere mein surakshit maisej kyon karate hain kya yah hamaare dimaag ke kaaranon se aisa nahin hai ki aapaka kveshchan hamen kisee kee cheej ham bachapan se jo madhyakaal tum hamaare poore jeevan mein chalatee hai na ko egjaampal lekar samajhaata hoon kyonki bachapan mein kaee cheejon mein se hotee hai jo hamaare jeevan mein giree end tak aur jeevan bhar dete hain isaka kaaran to koee hai kabhee ham bachapan mein jo chhote hote hain jo cheej vagaira karate tumhaare perents mein kya bolate hain andhere mein mat jaana vahaan bahut pareshaan kiya vah hai ya yah hamen dar hai to is vajah se hamaare jeevan mein vahee baaten karatee hai vah hamaare dimaag mein laiphataim chalatee hai ab main aapako is par ek na ek dibbee ka jo apane midil klaas ke log hote hain unake shuroo se jo bachche kam aa rahe hain unako pata hee nahin hota andhera kya hai raaj kya hai kheton mein aap chale jaoge tum log to 2:00 baje tak raat ko paanee daalate hain gaanv mein daal de tumhen pata nahin main sitee bhaee isake saath hee badee problam hotee mainne khud ne pheel kiya kaaphee mere phrend vagairah bhee andhere ko kholo aaj ka nirmaan aaraam se unakee 1020 plas cheej hai phir bhee 3040 vaale bhee andhere se daratee mainne pheel hota hai kaee baar to lekin phir bhee main yah kyon aap bachapan mein jo aadat daalate hain vah hamaare laiphataim chalate hain vahee sajest dhanyavaad

Manju Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Manju जी का जवाब
Unknown
2:11
बहुत ही अच्छा सा प्रश्न पूछा है कि हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग कारण होता है अंधेरा होता है तो होता है किंतु चिड़िया जानवर से बंद होने अंधेरा होता है वो अपने घरों में चले जाते हैं लोग भी अपने घर पर रहते हैं ज्यादा बाहर निकलना पसंद नहीं करते हैं और ज्यादा घोर अंधेरा होने के बाद लोग सो जाते हैं तो सोने का एक टाइम होता है अंधेरा और दूसरा अगर बात करें तो अंधेरे में अभी आप दिखाई नहीं देता है क्योंकि रोशनी की कमी हो जाती है भले ही आप कमरे में पूरी तरह रोशनी कम लाइट चालू करें अच्छी रोटी दिल भले कमरे में मिलते हो लेकिन बाहर अगर देखेंगे अंधेरा घना अंधेरा होता है जो आपको साफ-साफ कुछ दिखाई नहीं देता है जब आप कुछ बाहर की दुनिया में जब से आप साफ-साफ देख नहीं पाते हो तो मन में एक भय पैदा होता है क्योंकि आप ठीक से देख नहीं पा रहे हो कोई एप्प हमला कर सकता है कोई जानवर नहीं हो सकता है या कोई इंसान भी हो सकता है कोई किसी भी तरह से पैदा हो जाता है क्योंकि आप साफ तरीके से सब कुछ नहीं देख पाते हो अंधेरे में बाहर अगर हम तो तो इस वजह से निर्भय हो ना यह स्वाभाविक है तो यह एक तू और लोग रात में सोते हैं तो आप अपने आप को असुरक्षित इसलिए महसूस करते हैं कि अगर आप करोगे भी दुखी ज्यादा लोग आपकी मदद करने नहीं आ पाएंगे मतलब आप अपने आप को अकेला महसूस करोगे और दूसरा यह कि आप को साफ दिखाई नहीं देगा अंधेरे में तो यह एक मुख्य कारण है जिससे क्या है पैदा होता है तू ही खा कर के अगर आप जंगल जैसे इलाके में हो अंधेरे में तो आपके मन में कई सारे विचार आ सकते हैं जैसे कि कोई और जानवर हो आप पर हमला कर सकता है क्योंकि आपको जब साफ दिखाई नहीं देता है तो कुछ भी हो आपके दिमाग में एक फायदा करता है तो इसलिए हम अंधेरे में जो है अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं धन्यवाद
Bahut hee achchha sa prashn poochha hai ki ham andhere mein asurakshit mahasoos kyon karate hain kya yah hamaare dimaag kaaran hota hai andhera hota hai to hota hai kintu chidiya jaanavar se band hone andhera hota hai vo apane gharon mein chale jaate hain log bhee apane ghar par rahate hain jyaada baahar nikalana pasand nahin karate hain aur jyaada ghor andhera hone ke baad log so jaate hain to sone ka ek taim hota hai andhera aur doosara agar baat karen to andhere mein abhee aap dikhaee nahin deta hai kyonki roshanee kee kamee ho jaatee hai bhale hee aap kamare mein pooree tarah roshanee kam lait chaaloo karen achchhee rotee dil bhale kamare mein milate ho lekin baahar agar dekhenge andhera ghana andhera hota hai jo aapako saaph-saaph kuchh dikhaee nahin deta hai jab aap kuchh baahar kee duniya mein jab se aap saaph-saaph dekh nahin paate ho to man mein ek bhay paida hota hai kyonki aap theek se dekh nahin pa rahe ho koee epp hamala kar sakata hai koee jaanavar nahin ho sakata hai ya koee insaan bhee ho sakata hai koee kisee bhee tarah se paida ho jaata hai kyonki aap saaph tareeke se sab kuchh nahin dekh paate ho andhere mein baahar agar ham to to is vajah se nirbhay ho na yah svaabhaavik hai to yah ek too aur log raat mein sote hain to aap apane aap ko asurakshit isalie mahasoos karate hain ki agar aap karoge bhee dukhee jyaada log aapakee madad karane nahin aa paenge matalab aap apane aap ko akela mahasoos karoge aur doosara yah ki aap ko saaph dikhaee nahin dega andhere mein to yah ek mukhy kaaran hai jisase kya hai paida hota hai too hee kha kar ke agar aap jangal jaise ilaake mein ho andhere mein to aapake man mein kaee saare vichaar aa sakate hain jaise ki koee aur jaanavar ho aap par hamala kar sakata hai kyonki aapako jab saaph dikhaee nahin deta hai to kuchh bhee ho aapake dimaag mein ek phaayada karata hai to isalie ham andhere mein jo hai apane aap ko asurakshit mahasoos karate hain dhanyavaad

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
1:43
प्रश्न है हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारण होता है तो देखिए हम सभी जानते हैं कि हम जब छोटे थे तो हमें लोग डराने के लिए हमें भी कुछ हम गलत ना करें और हम सब की बात माने क्योंकि छोटे बच्चे क्या होते हैं जिद करते हैं तो क्या होता है जीत की वजह से मम्मी पापा है आपके परिवार वाले बुआ दादी बाबा जो कुछ भी चाचा है तो कहते थे कि आप अगर इसमें अंधेरे में जाओगे तो कुत्ता काट लेगा शेर आ जाएगा भूत आ जाएगा बहुत सारे ऐसे ही हमें डराने के लिए कोशिश करता धीरे-धीरे क्या होता है कि हमारे दिमाग में यही बस्ता जाता है कि हम अंधेरे में जाएंगे तो हमें डर लगेगा हम असुरक्षित महसूस करेंगे तो ए क्या है कि हमारे दिमाग की उपज है और हमारी ही परिवार के हमारे क्यों वातावरण के लोग इस दिमाग में एक ही भरने की कोशिश करते हैं कि अंधेरे में असुरक्षित होता लेकिन देखा जाए तू जो हमारी ऋषि मुनि थे अंधेरे में ही जाकर अतः एकांत में जाकर अंधेरे में जाकर बुक अभी लाइट जलाने का काम नहीं करते थे उस जंगल में कैसे रहते थे आज आपने सुना होगा कि जंगल में बहुत शेर होते हाथी होती है तब बहुत ज्यादा ऐसे ही नुकसान होते हैं लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं होता था और अपना जीवन यापन करते थे और अंधेरी में हूं कैसे रहते थे और कैसे अपने ज्ञान को प्राप्त किया दिन-रात क्या मेडिटेशन करके ध्यान लगाकर क्या होते उनके दिमाग में एक अलग उपज होती और हमारे दिमाग में एक अलग उपज होने के कारण हम अंधेरे को लगाते हैं और सुरक्षित महसूस करते हैं
Prashn hai ham andhere mein asurakshit mahasoos kyon karate hain kya yah hamaare dimaag ke kaaran hota hai to dekhie ham sabhee jaanate hain ki ham jab chhote the to hamen log daraane ke lie hamen bhee kuchh ham galat na karen aur ham sab kee baat maane kyonki chhote bachche kya hote hain jid karate hain to kya hota hai jeet kee vajah se mammee paapa hai aapake parivaar vaale bua daadee baaba jo kuchh bhee chaacha hai to kahate the ki aap agar isamen andhere mein jaoge to kutta kaat lega sher aa jaega bhoot aa jaega bahut saare aise hee hamen daraane ke lie koshish karata dheere-dheere kya hota hai ki hamaare dimaag mein yahee basta jaata hai ki ham andhere mein jaenge to hamen dar lagega ham asurakshit mahasoos karenge to e kya hai ki hamaare dimaag kee upaj hai aur hamaaree hee parivaar ke hamaare kyon vaataavaran ke log is dimaag mein ek hee bharane kee koshish karate hain ki andhere mein asurakshit hota lekin dekha jae too jo hamaaree rshi muni the andhere mein hee jaakar atah ekaant mein jaakar andhere mein jaakar buk abhee lait jalaane ka kaam nahin karate the us jangal mein kaise rahate the aaj aapane suna hoga ki jangal mein bahut sher hote haathee hotee hai tab bahut jyaada aise hee nukasaan hote hain lekin unhen kuchh bhee nahin hota tha aur apana jeevan yaapan karate the aur andheree mein hoon kaise rahate the aur kaise apane gyaan ko praapt kiya din-raat kya mediteshan karake dhyaan lagaakar kya hote unake dimaag mein ek alag upaj hotee aur hamaare dimaag mein ek alag upaj hone ke kaaran ham andhere ko lagaate hain aur surakshit mahasoos karate hain

Deepak Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Deepak जी का जवाब
संस्कृतप्रचारक:
1:39
नमस्कार मित्र आप ने प्रश्न किया है हम अंधेरे में असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारण होता है मित्र हम जब भी अंधेरे में होते हैं या मान लीजिए हम घर पर हैं और अचानक से लाइट आ कर चली गई अंधेरे में यूं लगता है कि हम असुरक्षित हैं कारण क्योंकि हम ऐसी ही फिल्में देखते हैं जैसे कि इतनी सारी जोहोरर फिल्में आई है उनको देख देख कर हमारे दिमाग में ऐसा ही फिट हो गया है कि ऐसी कोई और तीसरी शक्ति भी इस दुनिया में है जबकि वह है पर हमें इतने से दिखाई नहीं दे रही और जब हम हॉरर फिल्में ज्यादा देख लेते हैं यह देखते रहते हैं तो हमारे दिमाग में वही चलता है और जैसे लाइट चली जाती है तो ऐसा लगता है कि यह क्या हो गया और असुरक्षित सा खुद को महसूस होने लगता है उसका कारण यही है कि वह हमारे दिमाग का वहम है और कुछ नहीं है क्योंकि हम फिल्म देख देख देख कर के हमारे दिमाग में जो बात फिट हो गई वह बस उस दिमाग उस चीज को मान बैठा है जिसके कारण आप ऐसा महसूस करते हैं जब लाइट चली जाती है या बिल्कुल अंधेरा होता है तब धन्यवाद
Namaskaar mitr aap ne prashn kiya hai ham andhere mein asurakshit mahasoos kyon karate hain kya yah hamaare dimaag ke kaaran hota hai mitr ham jab bhee andhere mein hote hain ya maan leejie ham ghar par hain aur achaanak se lait aa kar chalee gaee andhere mein yoon lagata hai ki ham asurakshit hain kaaran kyonki ham aisee hee philmen dekhate hain jaise ki itanee saaree johorar philmen aaee hai unako dekh dekh kar hamaare dimaag mein aisa hee phit ho gaya hai ki aisee koee aur teesaree shakti bhee is duniya mein hai jabaki vah hai par hamen itane se dikhaee nahin de rahee aur jab ham horar philmen jyaada dekh lete hain yah dekhate rahate hain to hamaare dimaag mein vahee chalata hai aur jaise lait chalee jaatee hai to aisa lagata hai ki yah kya ho gaya aur asurakshit sa khud ko mahasoos hone lagata hai usaka kaaran yahee hai ki vah hamaare dimaag ka vaham hai aur kuchh nahin hai kyonki ham philm dekh dekh dekh kar ke hamaare dimaag mein jo baat phit ho gaee vah bas us dimaag us cheej ko maan baitha hai jisake kaaran aap aisa mahasoos karate hain jab lait chalee jaatee hai ya bilkul andhera hota hai tab dhanyavaad

Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rajesh जी का जवाब
Student
0:45
हम अंधेरे में महसूस महसूस इसलिए करते हैं क्योंकि हमारे दिमाग का भ्रम है जब एमसी काम पर काम करते हैं अंदर जाते हैं तो हम को डर लगता है कि हमारे पीछे से कोई आ रहा है आपको कोई देख रहा है ऐसे वैसे कट रहा है या उनको वैसे को डरा रहा है इसे मार मन में बना लो प्रकार के सवाल जाग उठते अंदर अंदर की जाती है अंदर या मार दी मां के कारण दिमाग में ऐसा होता रहता है बार बार जब भी हम अंधेरे में जाएंगे किसी अंदर जरूर जाएं हमारे दिमाग नहीं होता है कि यहां पर कोई है या तो कोई जानवर आया है वैसे बहुत सारे सवाल मन में अंदर दिमाग है घर जाते रहते हैं बार-बार बार-बार जाते थे किधर खोया रहा है हमको देख रहा है या ऐसा कर रहा है ऐसा कर रहा है बहुत सारे कारण हैं
Ham andhere mein mahasoos mahasoos isalie karate hain kyonki hamaare dimaag ka bhram hai jab emasee kaam par kaam karate hain andar jaate hain to ham ko dar lagata hai ki hamaare peechhe se koee aa raha hai aapako koee dekh raha hai aise vaise kat raha hai ya unako vaise ko dara raha hai ise maar man mein bana lo prakaar ke savaal jaag uthate andar andar kee jaatee hai andar ya maar dee maan ke kaaran dimaag mein aisa hota rahata hai baar baar jab bhee ham andhere mein jaenge kisee andar jaroor jaen hamaare dimaag nahin hota hai ki yahaan par koee hai ya to koee jaanavar aaya hai vaise bahut saare savaal man mein andar dimaag hai ghar jaate rahate hain baar-baar baar-baar jaate the kidhar khoya raha hai hamako dekh raha hai ya aisa kar raha hai aisa kar raha hai bahut saare kaaran hain

Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
3:50
जी सिर्फ अंधेरे में ही नहीं अब हम आदर वाहिद भी असुरक्षित महसूस कर सकते हैं हम हर उस समय हर उस परिस्थिति में असुरक्षित महसूस कर सकते हैं जो कि हमारे एक्सपीरियंस में नहीं है कैसे अगर हम किसी चीज से परिचित नहीं है तो हम वहां पर उस एरिया में आन कंफर्टेबल महसूस करते हैं अगर हम किसी जगह पर पहली बार जाते हैं तो आप देखेंगे क्या थोड़े ज्यादा कौन से सो जाते हैं आप अपना बेस्ट देना चाहते हैं क्योंकि आपको नहीं पता कि हर पल आपके सामने क्या आने वाला है एग्जांपल अगर कोई एरोप्लेन में पहली बार जाता है तो सबसे पहले वह एयरपोर्ट पर गुस्सा है एयरपोर्ट के अंदर जाता है तो वह देखता है सुनता है सोचता है भरी है उसको कितनी भी ब्रीफिंग मिली हो किसने बताया हो कि पहले यहां जाना पहले वहां जाना उसके बाद जहाज में ऐसे जाना है यह सीट कितनी भी ब्रीफिंग मिली हो क्योंकि वह पहली बार जा रहा है तो थोड़ा सा क्योंकि उसको पता नहीं है उसको पता नहीं है एयरपोर्ट के अंदर क्या होता है चेक इन काउंटर क्या होता है भागेश कहां देना होता है सिक्योरिटी से कहां होता है डिपार्चर या बोर्डिंग गेट कहां पर होता है कैसे जहाज पर जाना है वगैरा-वगैरा उसको नहीं समझ आता पता नहीं होता तो जैसे निकली वह पहली बार थोड़ा अनकंफरटेबल महसूस करता है लेकिन एक बार अगर वह चला जाता है तो नेक्स्ट टाइम उसको कोई दिक्कत इतनी नहीं होती है क्योंकि वह परीक्षित होता है इसी तरह जब हम अंधेरे की बात करते हैं तो हमें नहीं पता कि भाई और अंधेरे में क्या हो सकता है क्या पॉसिबिलिटीज है हमारे अंदर पहले से ही डर है अंधेरे के कारण अंधेरे में यह हो सकता है हो सकता है हम इमेजिन कर लेते हैं वगैरा-वगैरा पहले कभी ऐसा कुछ हुआ है हमने कहीं मूवीस में देखा है सीरियल में देखा है किताबों में पढ़ा है वीडियोस देखें तो हमारे अंदर 1 वर्ष ख्याल आने लगते हैं क्यों क्योंकि हमें पता ही नहीं है वही कानून ट्रेन है अननोन एरिया है तो हमें पता ही नहीं है कि क्या-क्या पॉसिबिलिटीज है क्या क्या हो सकता है अच्छा अब एक और ऑपरेशन कांबिनेशन अंधेरे में अगर आप अपने बेडरूम में है तो आप की दशा कुछ और होगी अगर आप किसी और के घर में है अंधेरे में सब आप की दशा कुछ और होगी जब आप अपने घर में अपने बेडरूम में अंधेरे में हैं तो आप फिर भी पैसे परिचित हैं जगह से एरिया से जो नॉइस आसपास आती है आपको समझ आता है कि हां क्या क्या हो सकता है आप इतने घबराते नहीं है लेकिन भाई पर आप किसी और के घर में हैं पहली बार उसके घर में गए और अंधेरा हो जाता है तो आप थोड़े ज्यादा सावधान हो जाते हैं और आपके अंदर जो है हाथ और चूहे ने की थी बालेपुर दादा आने लगते हैं इसी तरीके से अगर आप कहीं पर चाहते हैं किसी ऐसे जगह पर जाते हैं वहां अंधेरा हो जाता है या आंधी मेरे में जान जाना पड़ता है आपको तो डर लगता है क्यों क्योंकि हमें पता नहीं है कि वह देर रेन शूज फॉर में आगे से क्या हो सकता है क्या आ सकता है तो इसीलिए अंधेरे में हम असुरक्षित महसूस करते हैं क्योंकि पॉसिबिलिटीज कुछ भी हो सकती हैं और जल्द ही अंधेरे को दास ने तो हम देंगे फिर से को नोट करते हैं मानते हैं ओ पॉजिटिव नहीं है क्योंकि हमें कुछ दिखता नहीं है आप कहीं कुछ दिखता नहीं है तो डेफिनटली हमें पता नहीं होता कि भाई क्या-क्या हो सकता है क्या-क्या नहीं होते वगैरा वगैरा तो वह स्टेट उतना काम टेबल नहीं होता है और इसीलिए हम थोड़े से और सुरक्षित महसूस करते हैं क्योंकि वह जाना पहचाना एरिया नहीं है इलाका नहीं है एक्सपीरियंस नहीं है
Jee sirph andhere mein hee nahin ab ham aadar vaahid bhee asurakshit mahasoos kar sakate hain ham har us samay har us paristhiti mein asurakshit mahasoos kar sakate hain jo ki hamaare eksapeeriyans mein nahin hai kaise agar ham kisee cheej se parichit nahin hai to ham vahaan par us eriya mein aan kamphartebal mahasoos karate hain agar ham kisee jagah par pahalee baar jaate hain to aap dekhenge kya thode jyaada kaun se so jaate hain aap apana best dena chaahate hain kyonki aapako nahin pata ki har pal aapake saamane kya aane vaala hai egjaampal agar koee eroplen mein pahalee baar jaata hai to sabase pahale vah eyaraport par gussa hai eyaraport ke andar jaata hai to vah dekhata hai sunata hai sochata hai bharee hai usako kitanee bhee breephing milee ho kisane bataaya ho ki pahale yahaan jaana pahale vahaan jaana usake baad jahaaj mein aise jaana hai yah seet kitanee bhee breephing milee ho kyonki vah pahalee baar ja raha hai to thoda sa kyonki usako pata nahin hai usako pata nahin hai eyaraport ke andar kya hota hai chek in kauntar kya hota hai bhaagesh kahaan dena hota hai sikyoritee se kahaan hota hai dipaarchar ya bording get kahaan par hota hai kaise jahaaj par jaana hai vagaira-vagaira usako nahin samajh aata pata nahin hota to jaise nikalee vah pahalee baar thoda anakampharatebal mahasoos karata hai lekin ek baar agar vah chala jaata hai to nekst taim usako koee dikkat itanee nahin hotee hai kyonki vah pareekshit hota hai isee tarah jab ham andhere kee baat karate hain to hamen nahin pata ki bhaee aur andhere mein kya ho sakata hai kya posibiliteej hai hamaare andar pahale se hee dar hai andhere ke kaaran andhere mein yah ho sakata hai ho sakata hai ham imejin kar lete hain vagaira-vagaira pahale kabhee aisa kuchh hua hai hamane kaheen moovees mein dekha hai seeriyal mein dekha hai kitaabon mein padha hai veediyos dekhen to hamaare andar 1 varsh khyaal aane lagate hain kyon kyonki hamen pata hee nahin hai vahee kaanoon tren hai ananon eriya hai to hamen pata hee nahin hai ki kya-kya posibiliteej hai kya kya ho sakata hai achchha ab ek aur opareshan kaambineshan andhere mein agar aap apane bedaroom mein hai to aap kee dasha kuchh aur hogee agar aap kisee aur ke ghar mein hai andhere mein sab aap kee dasha kuchh aur hogee jab aap apane ghar mein apane bedaroom mein andhere mein hain to aap phir bhee paise parichit hain jagah se eriya se jo nois aasapaas aatee hai aapako samajh aata hai ki haan kya kya ho sakata hai aap itane ghabaraate nahin hai lekin bhaee par aap kisee aur ke ghar mein hain pahalee baar usake ghar mein gae aur andhera ho jaata hai to aap thode jyaada saavadhaan ho jaate hain aur aapake andar jo hai haath aur choohe ne kee thee baalepur daada aane lagate hain isee tareeke se agar aap kaheen par chaahate hain kisee aise jagah par jaate hain vahaan andhera ho jaata hai ya aandhee mere mein jaan jaana padata hai aapako to dar lagata hai kyon kyonki hamen pata nahin hai ki vah der ren shooj phor mein aage se kya ho sakata hai kya aa sakata hai to iseelie andhere mein ham asurakshit mahasoos karate hain kyonki posibiliteej kuchh bhee ho sakatee hain aur jald hee andhere ko daas ne to ham denge phir se ko not karate hain maanate hain o pojitiv nahin hai kyonki hamen kuchh dikhata nahin hai aap kaheen kuchh dikhata nahin hai to dephinatalee hamen pata nahin hota ki bhaee kya-kya ho sakata hai kya-kya nahin hote vagaira vagaira to vah stet utana kaam tebal nahin hota hai aur iseelie ham thode se aur surakshit mahasoos karate hain kyonki vah jaana pahachaana eriya nahin hai ilaaka nahin hai eksapeeriyans nahin hai

Dr Shahin fidai Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr जी का जवाब
Educational Counseling & Psychotherapy
2:41
हम अंधेरी में सुरक्षित सुरक्षित महसूस क्यों करते हैं क्या यह हमारे दिमाग के कारणों से अब कह दिया आप के दिमाग के कारण होते हैं क्योंकि चाहे अंधेरा हो चाहे उजाला हो अगर आपकी सोच में वो पावर है अगर आपकी सोच में सकारात्मकता है तो आप अपने आप को हर जगह सुरक्षित महसूस करोगे सुरक्षित महसूस करने के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है कि आपको किसी पर विश्वास होना चाहिए और अटूट विश्वास यहां तक कि अगर आप ऐसा समझते हो कि आपके साथ ईश्वर हमेशा है और यह अटूट विश्वास है तो चाहे अंधेरा हो चाहे उजाला हो आप हमेशा अपने आप को सुरक्षित महसूस करोगे और इसीलिए आपको महसूस करते हो क्योंकि हो सकता है कि आपको अंदर ही अंदर किसी का डर बैठ गया हो चाहे बचपन से बॉर्डर आपके अंदर पैदा किया गया हो क्योंकि बचपन में माइक बहुत भारी है यूज करती है कि अगर तू खाना नहीं खाएगा तो मैं पुलिस को बुला लूंगा यह करो पोकरण इसी तरह से किसी ना किसी का डर पैदा हो जाता है हो सकता है शायद बचपन में आपके साथ कुछ ऐसा हुआ है जिससे कि आपका यह डर आपके अंदर बैठ चुका है तो आईडेंटिफाई कीजिए कि क्या ऐसी घटना हो गई है फिर से उस घटना में आप रिवर्स जाइए पास रिग्रेशन थेरेपी कीजिए पर गिरने थेरेपी करके एक फैशन है परमिशन थेरेपी करके आप ही कर सकते हो और आप अपना यह डर जो है वह निकाल सकते हो इसके लिए मेरा यूट्यूब पर चैनल है जो शाहीन टॉक के नाम से है जिसका लिंक मैंने अपने प्रोफाइल पर भी रखा है वहां पर मैंने एक वीडियो अपलोड किए फॉर गिरने से पीसी नॉट फॉरगिव तो आप उस वीडियो को देख सकते हो अपना जो डर है उसे आप निकाल सकते हो और इसी तरह से आप अपनी सोच को जो है वह पूरी तरह से सकारात्मक ला सकते हो चीजों पर आप विश्वास कर सकते हो या के साथ आगे बढ़ सकते हो और हर पल हर वक्त अपने जीवन में सुख शांति और समृद्धि के साथ आगे बढ़ सकते हो तो मेरे चैनल पर जरूर जाइएगा मेरे वीडियोस को जरुर देखेगा अपने डर को आईडेंटिफाई करके उसे टाटा बाय-बाय कह दीजिएगा क्योंकि दिल के अंदर दिमाग के अंदर कभी भी एक से ज्यादा इमोशन नहीं रह सकते अगर आप के दिमाग पर डर बैठा हुआ है तो फिर प्यार और हंसी खुशी यह आपके जहन में नहीं आ सकती है तो इसीलिए बहुत ज्यादा जरूरी है कि आप इन चीजों पर थोड़ा सा कार्य करें और इसे दूर भगाए था कि आप अपना जीवन सुख शांति और समृद्धि के साथ बिताए धन्यवाद प्रश्न पूछने के लिए आपका जीवन शुभ हो

डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:44

KAUSHAL KUMAR SINGH Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए KAUSHAL जी का जवाब
Gmind institute
1:23
अंधेरे से डर लगता है जो कुछ दिखता नहीं वाक्यात नहीं है वह हमेशा होता जगाता है अभी रहे हो हमेशा भूत राक्षस और अब सामान जिसे हम लोग पैरानॉर्मल कहते हैं प्राणियों की आवासीय स्थान के रूप में माना जाता है क्योंकि माना जाता रहा है कि अंधेरे में कुछ इंतजाम ना इसके विपरीत एक व्यक्ति जिसने कभी फोन या कुछ पूरे प्राणियों के बारे में सुना देंगे वह देरी से नहीं डरता है लेकिन दलितों की प्रकृति ऐसी मानी जाती है हीरा है बोलिए की विधि का प्रतीक है इसलिए इस तरह के डर को विज्ञानिक होने दिया एक दुख हो गया यार इतना बोलने जाना जाता है इसका अर्थ है कि आखिरी काजल भोजपुरी गडर एक तरह से सही भी है क्योंकि ऐसे नहीं कि भूत वाला जो है वह सकारात्मकता का प्रतीक है और जो मेरा है वह नकारात्मकता का प्रतीक इसलिए लोगों को डर लगता है और खासकर बच्चों में तो बहुत ज्यादा लगता है और एक तरह से कई लोग बीमारी होती है कि बहुत ज्यादा अंधेरा हो जाने से अचानक उनकी गिनती आज बहुत सुंदर जाती है
Andhere se dar lagata hai jo kuchh dikhata nahin vaakyaat nahin hai vah hamesha hota jagaata hai abhee rahe ho hamesha bhoot raakshas aur ab saamaan jise ham log pairaanormal kahate hain praaniyon kee aavaaseey sthaan ke roop mein maana jaata hai kyonki maana jaata raha hai ki andhere mein kuchh intajaam na isake vipareet ek vyakti jisane kabhee phon ya kuchh poore praaniyon ke baare mein suna denge vah deree se nahin darata hai lekin daliton kee prakrti aisee maanee jaatee hai heera hai bolie kee vidhi ka prateek hai isalie is tarah ke dar ko vigyaanik hone diya ek dukh ho gaya yaar itana bolane jaana jaata hai isaka arth hai ki aakhiree kaajal bhojapuree gadar ek tarah se sahee bhee hai kyonki aise nahin ki bhoot vaala jo hai vah sakaaraatmakata ka prateek hai aur jo mera hai vah nakaaraatmakata ka prateek isalie logon ko dar lagata hai aur khaasakar bachchon mein to bahut jyaada lagata hai aur ek tarah se kaee log beemaaree hotee hai ki bahut jyaada andhera ho jaane se achaanak unakee ginatee aaj bahut sundar jaatee hai

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