#रिश्ते और संबंध

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?

Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
Jyoti Malik Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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Student
1:10
प्रश्न है कि क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए थी क्या सब बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए क्योंकि अगर लोग भावनाओं के बारे में सोचते रहेंगे तो व्यापार नहीं कर पाएंगे इसलिए कोई भी व्यक्ति अगर व्यापार करता है तो उसे अपने मन को कठोर बनाना पड़ेगा ऐसा करने से ही व्यापार चल सकेगा हर इंसान व्यापार इसलिए करता है क्योंकि वह चाहता है कि उसे ज्यादा से ज्यादा इस में लाभ हो लेकिन अगर लोग व्यापार करेंगे और भावनाओं के बारे में सोचेंगे तो वह दुनिया वैसे भी उसे आगे नहीं बढ़ने देगी वह चाहे उसके सामने कितना ही रह एमबी क्यों न बन जाए लेकिन भावनाओं में बहकर अगर हम किसी को भी अपना कीमती सामान ऐसे ही देते रहेंगे उधारी करते रहेंगे तो ऐसे में हमारा व्यापार ना तो आगे बढ़ पाएगा और ना हम कभी जिंदगी में सफल हो पाएंगे और हमारा व्यापार चलना भी मुश्किल हो जाएगा तो ऐसे में भावनाएं कभी-कभी दिखे तो सही है लेकिन हर वक्त भावनाओं में बहकर हर कार्य व्यापार में करना आपको एक मुसीबत में डाल सकता है धन्यवाद
Prashn hai ki kya vyaapaar mein bhaavanaon ka hastakshep hona chaahie thee kya sab bilkul bhee nahin hona chaahie kyonki agar log bhaavanaon ke baare mein sochate rahenge to vyaapaar nahin kar paenge isalie koee bhee vyakti agar vyaapaar karata hai to use apane man ko kathor banaana padega aisa karane se hee vyaapaar chal sakega har insaan vyaapaar isalie karata hai kyonki vah chaahata hai ki use jyaada se jyaada is mein laabh ho lekin agar log vyaapaar karenge aur bhaavanaon ke baare mein sochenge to vah duniya vaise bhee use aage nahin badhane degee vah chaahe usake saamane kitana hee rah emabee kyon na ban jae lekin bhaavanaon mein bahakar agar ham kisee ko bhee apana keematee saamaan aise hee dete rahenge udhaaree karate rahenge to aise mein hamaara vyaapaar na to aage badh paega aur na ham kabhee jindagee mein saphal ho paenge aur hamaara vyaapaar chalana bhee mushkil ho jaega to aise mein bhaavanaen kabhee-kabhee dikhe to sahee hai lekin har vakt bhaavanaon mein bahakar har kaary vyaapaar mein karana aapako ek museebat mein daal sakata hai dhanyavaad

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:38
दोस्तों आपका प्रश्न है क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए जी हां दोस्तों व्यापार में आप लोग अपनी भावनाओं के साथ गलत मत कीजिएगा अपने भगवान को मारेगा मैं आपकी भावनाएं जो कह रही हैं आपको उसको भी ध्यान में रखकर अपना व्यापार करना चाहिए क्योंकि भावनाओं से एक भी काफी हमारा दिमाग जुड़ा हुआ होता है और कभी-कभी बहुत ही सही हम अपनी भावनाओं से सोचते हैं और उसे हमारे व्यापार में हमको बहुत ज्यादा फायदा देखने को मिलता है तो आप उसको एक बार जरूर ट्राई करके देखना दोस्तों अगर आपको जवाब अच्छा लगा हो तो प्लीज लाइक जरुर करें
Doston aapaka prashn hai kya vyaapaar mein bhaavanaon ka hastakshep hona chaahie jee haan doston vyaapaar mein aap log apanee bhaavanaon ke saath galat mat keejiega apane bhagavaan ko maarega main aapakee bhaavanaen jo kah rahee hain aapako usako bhee dhyaan mein rakhakar apana vyaapaar karana chaahie kyonki bhaavanaon se ek bhee kaaphee hamaara dimaag juda hua hota hai aur kabhee-kabhee bahut hee sahee ham apanee bhaavanaon se sochate hain aur use hamaare vyaapaar mein hamako bahut jyaada phaayada dekhane ko milata hai to aap usako ek baar jaroor traee karake dekhana doston agar aapako javaab achchha laga ho to pleej laik jarur karen

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
vk yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
0:44
चलिए भैया का प्रश्न देखते हैं नाम रोशन किया है सेलिब्रेशन पढ़ लेते हैं उसके बाद देंगे 20th अक्टूबर तक तो ठीक है प्रश्न किया है क्या व्यापार में भावनाओं का स्थिति होना चाहिए व्यापार में भावनाओं का चेक नहीं होना चाहिए व्यापार अपनी जगह बाप ने व्यापार कर रहे हैं तो उसमें भावनाएं ज्यादा विकेट ना करें तो बेहतर है अब व्यापार करें अच्छे से करें स्पष्ट हो छत्रिय करें अच्छी तरीके से करें कोई दिक्कत नहीं होगी भावनाएं उसमें इमोशनल ना बोलो तो सोचे कि अच्छे से मेरा प्यार वो नहीं जाना जाना और अच्छे से मेरा व्यापार बाय ठीक है
Chalie bhaiya ka prashn dekhate hain naam roshan kiya hai selibreshan padh lete hain usake baad denge 20th aktoobar tak to theek hai prashn kiya hai kya vyaapaar mein bhaavanaon ka sthiti hona chaahie vyaapaar mein bhaavanaon ka chek nahin hona chaahie vyaapaar apanee jagah baap ne vyaapaar kar rahe hain to usamen bhaavanaen jyaada viket na karen to behatar hai ab vyaapaar karen achchhe se karen spasht ho chhatriy karen achchhee tareeke se karen koee dikkat nahin hogee bhaavanaen usamen imoshanal na bolo to soche ki achchhe se mera pyaar vo nahin jaana jaana aur achchhe se mera vyaapaar baay theek hai

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:24
नमस्कार दोस्तों प्रश्न है क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए तो दोस्तों सारे आप लोगों से पूछेंगे तो वह सभी बोलेंगे कि ऐसा नहीं होना चाहिए लेकिन आपकी भावना बिल्कुल मर नहीं जानी चाहिए आप व्यापार करें लेकिन आपको एक कोमल हृदय भी रखना है आपको किसी की परेशानी भी समझ नहीं है हर चीज व्यापार में नहीं है जैसे कि टीवी पर देख रहा था कि एक दवाई जो कि एक रुपए की पत्ते की उसकी लागत थी और वह छोड़ पर बेचता था या 500 बेचता था उसके बाद पैसे नहीं थे गरीब व्यक्ति के पास उसकी वजह से उसका बच्चा मर गया तो ऐसे कभी ना करें अगर आपको लगता है कि व्यक्ति बहुत ज्यादा मजबूर है या किसी रूप से परेशान हैं तो आप व्यापार से हटके आप एक इंसान भी है साथ में उसकी कोशिश करेगी सहायता करें वह जिंदगी भर आप ही को याद रखेगा तो भावना हीन होकर कई बहुत सारे मैंने देखा है लोग व्यापार करते हैं लेकिन ऐसे पैसे कमाने का कोई फायदा नहीं है कि आप नाम के लिए बाहर लाखों करोड़ों रुपए दान करते हैं आप जो है कर्मचारियों का शोषण कर करके पैसा इकट्ठे करके देते हैं दान करते हैं तो सब व्यर्थ है हमेशा भावना में रहना चाहिए ध्यान रखना चाहिए और व्यापार निश्चित रूप से अलग होना चाहिए भावना से लेकिन उसमें भावना भी जिंदा होनी चाहिए धन्यवाद
Namaskaar doston prashn hai kya vyaapaar mein bhaavanaon ka hastakshep hona chaahie to doston saare aap logon se poochhenge to vah sabhee bolenge ki aisa nahin hona chaahie lekin aapakee bhaavana bilkul mar nahin jaanee chaahie aap vyaapaar karen lekin aapako ek komal hrday bhee rakhana hai aapako kisee kee pareshaanee bhee samajh nahin hai har cheej vyaapaar mein nahin hai jaise ki teevee par dekh raha tha ki ek davaee jo ki ek rupe kee patte kee usakee laagat thee aur vah chhod par bechata tha ya 500 bechata tha usake baad paise nahin the gareeb vyakti ke paas usakee vajah se usaka bachcha mar gaya to aise kabhee na karen agar aapako lagata hai ki vyakti bahut jyaada majaboor hai ya kisee roop se pareshaan hain to aap vyaapaar se hatake aap ek insaan bhee hai saath mein usakee koshish karegee sahaayata karen vah jindagee bhar aap hee ko yaad rakhega to bhaavana heen hokar kaee bahut saare mainne dekha hai log vyaapaar karate hain lekin aise paise kamaane ka koee phaayada nahin hai ki aap naam ke lie baahar laakhon karodon rupe daan karate hain aap jo hai karmachaariyon ka shoshan kar karake paisa ikatthe karake dete hain daan karate hain to sab vyarth hai hamesha bhaavana mein rahana chaahie dhyaan rakhana chaahie aur vyaapaar nishchit roop se alag hona chaahie bhaavana se lekin usamen bhaavana bhee jinda honee chaahie dhanyavaad

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:42
सवाल है कि क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए यह मेरा मानना है कि व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए क्योंकि अगर लोग भावनाओं के बारे में सोचते रहेंगे तो फिर वह व्यापार नहीं कर पाएंगे इसलिए कोई भी व्यक्ति अगर व्यापार कर रहा है तो उसे अपने मन को कठोर बना कर चलना चाहिए ऐसा करने से ही व्यापार चल सकता है हर इंसान व्यापार इसलिए करता है क्योंकि वह चाहता है कि उसमें उसे कुछ लाभ हो या कोई भी यह नहीं सोचता कि उसमें उसे हानि हूं लेकिन अगर लोग व्यापार करेंगे और भावनाओं के बारे में सोचते रहेंगे तो दुनिया वैसे भी आगे नहीं बढ़ने देगी जो व्यक्ति ज्यादा दयालु होता है या जो दूसरे के बारे में सोचता है उनसे व्यापार चल पाना बहुत मुश्किल होता है
Savaal hai ki kya vyaapaar mein bhaavanaon ka hastakshep hona chaahie yah mera maanana hai ki vyaapaar mein bhaavanaon ka hastakshep nahin hona chaahie kyonki agar log bhaavanaon ke baare mein sochate rahenge to phir vah vyaapaar nahin kar paenge isalie koee bhee vyakti agar vyaapaar kar raha hai to use apane man ko kathor bana kar chalana chaahie aisa karane se hee vyaapaar chal sakata hai har insaan vyaapaar isalie karata hai kyonki vah chaahata hai ki usamen use kuchh laabh ho ya koee bhee yah nahin sochata ki usamen use haani hoon lekin agar log vyaapaar karenge aur bhaavanaon ke baare mein sochate rahenge to duniya vaise bhee aage nahin badhane degee jo vyakti jyaada dayaalu hota hai ya jo doosare ke baare mein sochata hai unase vyaapaar chal paana bahut mushkil hota hai

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
0:53
विश्व व्यापार और भावनाएं दोनों अलग-अलग होते हैं अब आप का क्वेश्चन है कि व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए अगर आप व्यापार कर रहे हैं और उसमें आपका आपकी भावनाएं स्वामी देती है तो कर सकते हैं कि व्यापार में ईमानदारी के साथ करो सच्चाई के साथ करूं उसको एक निश्चित नियम से प्रॉफिट लेना है तो आपने अपनी भावनाओं को शामिल कर दिया भावनाओं में भी अगर कोई आदमी आ जाता है और अपने दर्द करता है और आपने उसको उठा कर के अपने उत्पादन का सामान उस को सौंप दिया और वह जाकर के मौजा और आप घाटे में आ गए तो वहां पर की भावनाएं आपकी दूषित हो जाएंगे इसलिए व्यापार को भावनाओं से अलग रखना चाहिए भावनाएं अच्छी हो लोगों की मदद कीजिए जितनी आपकी आमदनी आमदनी के हिसाब से आप अपना कीजिए लेकिन भावनाओं को व्यापार में अगर शामिल करेंगे तो फिर व्यापार में आपको घाटा होने लगे इसलिए भावना और व्यापार दोनों अलग अलग चीज है दोनों के लिए आप अलग दोस्त हैं होनी चाहिए
Vishv vyaapaar aur bhaavanaen donon alag-alag hote hain ab aap ka kveshchan hai ki vyaapaar mein bhaavanaon ka hastakshep hona chaahie agar aap vyaapaar kar rahe hain aur usamen aapaka aapakee bhaavanaen svaamee detee hai to kar sakate hain ki vyaapaar mein eemaanadaaree ke saath karo sachchaee ke saath karoon usako ek nishchit niyam se prophit lena hai to aapane apanee bhaavanaon ko shaamil kar diya bhaavanaon mein bhee agar koee aadamee aa jaata hai aur apane dard karata hai aur aapane usako utha kar ke apane utpaadan ka saamaan us ko saump diya aur vah jaakar ke mauja aur aap ghaate mein aa gae to vahaan par kee bhaavanaen aapakee dooshit ho jaenge isalie vyaapaar ko bhaavanaon se alag rakhana chaahie bhaavanaen achchhee ho logon kee madad keejie jitanee aapakee aamadanee aamadanee ke hisaab se aap apana keejie lekin bhaavanaon ko vyaapaar mein agar shaamil karenge to phir vyaapaar mein aapako ghaata hone lage isalie bhaavana aur vyaapaar donon alag alag cheej hai donon ke lie aap alag dost hain honee chaahie

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
0:45
क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए दोस्तों मुझे नहीं लगता यदि व्यापार के अंदर यह भावना को व्हाट्सएप करना शुरू कर देंगे आपका व्यापार नहीं चलने वाला है क्योंकि व्यापार यदि आप करेंगे अब भावनाओं को दिन के अक्षिता को देखेंगे तो व्यापार नहीं चलने वाला क्योंकि आपके पास कोई भी एक व्यापारी मोटरसाइकिल का मोटरसाइकिल के पास कुछ चीजें आप मालिया भी कोई रिश्तेदार आ गए उस चीज को फ्री में देते हैं तो आप लोग सांप खाते हैं और आप नुकसान खा कर के कोई व्यापारी बन नहीं सकते तो देखे भावनाओं को तो बिल्कुल भी बीच में नहीं लाना चाहिए या पार को लेकर दोस्तों
Kya vyaapaar mein bhaavanaon ka hastakshep hona chaahie doston mujhe nahin lagata yadi vyaapaar ke andar yah bhaavana ko vhaatsep karana shuroo kar denge aapaka vyaapaar nahin chalane vaala hai kyonki vyaapaar yadi aap karenge ab bhaavanaon ko din ke akshita ko dekhenge to vyaapaar nahin chalane vaala kyonki aapake paas koee bhee ek vyaapaaree motarasaikil ka motarasaikil ke paas kuchh cheejen aap maaliya bhee koee rishtedaar aa gae us cheej ko phree mein dete hain to aap log saamp khaate hain aur aap nukasaan kha kar ke koee vyaapaaree ban nahin sakate to dekhe bhaavanaon ko to bilkul bhee beech mein nahin laana chaahie ya paar ko lekar doston

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क्या व्यापार में भावनाओं का हस्तक्षेप होना चाहिए?Kya Vyapar Mein Bhaavnao Ka Hastakshep Hona Chaiye
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:01
मोबाइल में भावनाओं का स्टेचू होना चाहिए तथा जितनी दोबारा ना दे ना दे ना दे कैटरीना 2 - 30 पेपर किया जाएगा तो फिर मार कर चला जाएगा हां कर्मचारियों की भर्ती ग्राहकों के प्रति समाज के प्रति शिक्षकों के प्रति और व्यापार के प्रति लोगों की बहुत बड़ी भूमिका है तो की भावना ही है तो शरीर है भावनाओं का सम्मान इंसानियत और नेक दिल से जो इंसान भावना प्रधान है वह एक सफल व्यापारी है लेकिन उसका संबंध की 1 नैतिकता से व्यापार के लाभ हानि से नहीं
Mobail mein bhaavanaon ka stechoo hona chaahie tatha jitanee dobaara na de na de na de kaitareena 2 - 30 pepar kiya jaega to phir maar kar chala jaega haan karmachaariyon kee bhartee graahakon ke prati samaaj ke prati shikshakon ke prati aur vyaapaar ke prati logon kee bahut badee bhoomika hai to kee bhaavana hee hai to shareer hai bhaavanaon ka sammaan insaaniyat aur nek dil se jo insaan bhaavana pradhaan hai vah ek saphal vyaapaaree hai lekin usaka sambandh kee 1 naitikata se vyaapaar ke laabh haani se nahin

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