#भारत की राजनीति

रितेश कुमार  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए रितेश जी का जवाब
Marketing and management
2:28
पीके आपका सवाल जो एक बहुत ही बेहतरीन यार कहीं ना कहीं यह सवाल पूरे देश के लोगों के दिल में होगा कि वह पूछना चाहते होंगे कि शिविरों में क्या परेशानी है तो मैं आपको बताना चाहूंगा इस कानून में कुछ बातें ऐसी कही गई है जैसे बंधक प्रथा जो गांव में चलती है उस प्रथा के अनुरोध को कुछ कंपनियां जो है एक क्षेत्र को अपने हिसाब से बीज खाद और दवाएं उपलब्ध करवाएगी इसके तहत किसानों को उन्हीं के द्वारा दिए गए बीज को अपने खेतों में लगाना पड़ेगा और उस फसल को उत्पादन के बाद वह कंपनियां इसे खरीद लेंगे जैसे अंबानी अडानी के बहुत सारे सोनीपत साइड में आप जाकर देख सकते वहां पर बहुत बड़े-बड़े टैंकर स्टोरेज करने के लिए बनाए जा चुके हैं क्योंकि यहां प्लानिंग के तहत काम पहले से हो चुका है क्योंकि उन्हें कहीं न कहीं अंदेशा था आने वाले समय में ऐसा कानून पारित होगा तो सबसे पहली बात सोचने वाली यह है कि उन कंपनियों को पहले से कैसे पता था कि आने वाले समय में यहां टैंकर कामयाब होंगे और जैसे आलू के स्टोरेज होते हैं इस तरह से अनाज के बीच टो रीच को किए जा सकेंगे तो कहीं ना कहीं हम लोग समझ सकते हैं यह सोची समझी रणनीति के तहत किया गया है आज के समय में जैसे किसान स्वतंत्र है अपनी फसल उगाने के लिए अपने खेत में दोहरी तहरी फसल ले सकता है लेकिन आने वाले समय में इस कानून के तहत कुछ कंपनियां जिस भी वैरायटी को चाहेंगे उस वैरायटी का गन्ना धान या गेहूं उत्पादक करवाएगी और उसे अपने अनुरूप ही खरीद के उसे स्टोरेज कर सकती है आप एक बात सोचिए देश में महंगाई तभी पड़ती है जब किसी चीज का स्टॉक होता है हम लोग कभी कभी देखते हैं प्याज की कीमतों में भारी मात्रा में बढ़ोतरी हो जाती है उसका सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण है कि प्याज को लोग स्टोरेज कर लेते हैं जिस वजह से मार्केट में प्याज ₹80 से ₹8 तक भी पहुंच जाता है यह सबसे बड़ा कारण है और उसके बाद यह कंपनियां खुद ही जो है बहुत दवाइयां और सारी चीजों प्राप्त कर आएंगी तो किसान स्वतंत्र नहीं होगा कि वह कहीं से भी दवाई लाकर अपने खेतों में डाल सके तो कहीं ना कहीं एक बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएगा इसलिए इस कानून का विरोध किया जा रहा है इस कानून के बारे में सभी को
Peeke aapaka savaal jo ek bahut hee behatareen yaar kaheen na kaheen yah savaal poore desh ke logon ke dil mein hoga ki vah poochhana chaahate honge ki shiviron mein kya pareshaanee hai to main aapako bataana chaahoonga is kaanoon mein kuchh baaten aisee kahee gaee hai jaise bandhak pratha jo gaanv mein chalatee hai us pratha ke anurodh ko kuchh kampaniyaan jo hai ek kshetr ko apane hisaab se beej khaad aur davaen upalabdh karavaegee isake tahat kisaanon ko unheen ke dvaara die gae beej ko apane kheton mein lagaana padega aur us phasal ko utpaadan ke baad vah kampaniyaan ise khareed lenge jaise ambaanee adaanee ke bahut saare soneepat said mein aap jaakar dekh sakate vahaan par bahut bade-bade tainkar storej karane ke lie banae ja chuke hain kyonki yahaan plaaning ke tahat kaam pahale se ho chuka hai kyonki unhen kaheen na kaheen andesha tha aane vaale samay mein aisa kaanoon paarit hoga to sabase pahalee baat sochane vaalee yah hai ki un kampaniyon ko pahale se kaise pata tha ki aane vaale samay mein yahaan tainkar kaamayaab honge aur jaise aaloo ke storej hote hain is tarah se anaaj ke beech to reech ko kie ja sakenge to kaheen na kaheen ham log samajh sakate hain yah sochee samajhee rananeeti ke tahat kiya gaya hai aaj ke samay mein jaise kisaan svatantr hai apanee phasal ugaane ke lie apane khet mein doharee taharee phasal le sakata hai lekin aane vaale samay mein is kaanoon ke tahat kuchh kampaniyaan jis bhee vairaayatee ko chaahenge us vairaayatee ka ganna dhaan ya gehoon utpaadak karavaegee aur use apane anuroop hee khareed ke use storej kar sakatee hai aap ek baat sochie desh mein mahangaee tabhee padatee hai jab kisee cheej ka stok hota hai ham log kabhee kabhee dekhate hain pyaaj kee keematon mein bhaaree maatra mein badhotaree ho jaatee hai usaka sirph aur sirph ek hee kaaran hai ki pyaaj ko log storej kar lete hain jis vajah se maarket mein pyaaj ₹80 se ₹8 tak bhee pahunch jaata hai yah sabase bada kaaran hai aur usake baad yah kampaniyaan khud hee jo hai bahut davaiyaan aur saaree cheejon praapt kar aaengee to kisaan svatantr nahin hoga ki vah kaheen se bhee davaee laakar apane kheton mein daal sake to kaheen na kaheen ek bandhua majadoor banakar rah jaega isalie is kaanoon ka virodh kiya ja raha hai is kaanoon ke baare mein sabhee ko

और जवाब सुनें

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
5:57
मेघ सिंह चौहान के द्वारा अनुचित प्रश्न कि मैंने बहुत से लोगों से प्रश्न पूछा कि शान कानून में क्या कमी है मैंने बहुत से लोगों से पूछा लेकिन अभी तक इसे मुझे संतुष्ट करने का संतुष्ट नहीं किया किसी ने भी आपको बताना चाहूंगा की कोशिश करूंगा कि आप समझ सके और शायद मेरी बातों से सहमत हो तो पहला अध्यादेश किसानों के द्वारा सरकार के द्वारा लगाया गया कि कोई भी जो किसान है ऊपर तू करेगा लेकिन स्टोर नहीं कर सकता है और उसके साथ साथ क्या होगा कि इस टूर नहीं करेगा अधिक + 9 करेगा और उसके अलावा क्या होगा काले बाजी कालाबाजारी ना करें और इसे क्या होगा कि जो भी आवश्यक की चीजें थी उसे अधिनियम 1955 के द्वारा संशोधन किया गया है इसमें नहीं रख सकता सकता है लेकिन यह बड़ी-बड़ी जो कंपनियां है अपना एक बड़ा बड़ा स्टोर बना रही है रखने के लिए उन्हें इजाजत है लेकिन किसान को हद से ज्यादा जरूरत की जो भी चीजें को नहीं रखने की इजाजत है इसमें संशोधन किया गया जो भी आवश्यक चीजें हैं पहले जो भी खाने-पीने की चीजें थी चाहे आप का तेल तेल हो गया सरसों के तेल से रिलेटेड चीजें हो गई चावल हो गया आप गेहूं क्या फल सब्जियों की वहीं स्टोर नहीं कर सकता है और उसमें क्या होगा कि पर अब नहीं अब लाया गया है कि अब इसे आप कहीं भी भेज सकते हैं इस टूट नहीं कर सकते हैं और इसमें संशोधन किया गया पुलिस में किसको फायदा होगा फायदा तो बड़ी कंपनी है कंपनी आपने बड़े-बड़े स्टोर बना रही है कि वह चीजें खरीदेंगे आपसे तो अलग रेट पर खरीद लेंगे लेकिन क्या होगा कि उसे इस टूर करके अपने हिसाब से भेजेंगे दूसरा अध्यादेश यह है कि कृषि उत्पादन व्यापार वाणिज्य समर्थन अध्यादेश इलाके है जो भी उत्पादन होगा उसे हम कहीं भी क्या कर सकते हैं बेच सकते हैं अतः बेचने का मतलब है कि जो भी मंडिया होंगी वह पूरी तरह से अगर सरकार दिखा जाए कि पहले लोग मंडियों में भेजते थे मंडियों को हटाने के लिए नया अध्यादेश लाया गया क्यों कहीं भी भेज सकते हैं बेचने का यह सबसे बड़ा फायदा किसको होगा बड़ी-बड़ी कंपनियों का क्योंकि तू आपसे खरीद के ले जाएगी लेकिन उस पर टच करके उसे अपने अपने तरीके से उसे बेचेगी और इस सबसे बड़ी बहुत ज्यादा कंपनियां जो किसी से डिपेंडेंट है उन्हें फायदा इस वजह से होगा क्योंकि जब वह सामान तो आप से खरीदेगी खरीदने के बाद क्या करेगी कि वह चीजें वो अपने हिसाब से ही भेजेगी क्योंकि उसे शुरू में तो और यह सबसे बड़ा फायदा कंपनियों का इसलिए होगा कि देखेगी कि मार्केट में क्या है बहुत ज्यादा कर उपज है तो उसे सस्ते दमोह में खरीदेगी अगर वही कम रहेगा तो थोड़ा सा आपको रेट देगी लेकिन वह चीजें क्या होगी कि सीधे-सीधे को खरीदने के बाद उत्पाद जो भी कृषि करें उसे खरीद खरीद कर क्या करेगी कि जब आम लोगों में बेचेगी तो उसे अपने हिसाब से भेजेंगे तो कहीं न कहीं यह जो आम पब्लिक है आम जनता है जो कृषि पर डिपेंड है खाने पीने की चीजों पर उसी अधिक दाम देकर को खरीदना पड़ेगा तीसरा सबसे ज्यादा जो विरोध का कारण है जो मूल्य आश्वासन पर किसान जो संरक्षण और सशक्तिकरण समझौता और कृषि का सेवा अध्यादेश है जो तीसरा सबसे ज्यादा विरोध है कि इसमें क्या होगी एक कांटेक्ट फार्मिंग कांटेक्ट फॉर मी का मतलब है कि जो भी बड़ी-बड़ी कंपनियां आएंगी वह आपसे पहले ही कांटेक्ट करवाएंगे कि आप मुझे इन चीजों का के दीजिए और उसमें आप तो किसान से जो भी नियमों का उस नियम के तहत उसे एक कांटेक्ट ले लेगी कि हमें आप गेहूं दीजिए अब गेहूं जब लेने की बात आएगी तो क्वालिटी पर आ जाएगी क्योंकि आप जानते कि कंपनियां क्या होती है क्वालिटी को देखती है क्योंकि खरीदने के बाद खरीदते समय क्वालिटी देखेंगे ना कि आपके ऊपर आप ही आप जानते हैं कि जब जैसे गेम होता है तो कभी अच्छा होता है कभी खराब होता है उसमें क्वालिटी में थोड़ा सा चेंज हो जाता है उसमें क्या होगा नुकसान कृषि जो भी किसान हैं उन्हें उठाना पड़ेगा अगर आप की अच्छी क्वालिटी की क्वालिटी का गेहूं नहीं पैदा हुआ तो कम आपको जो भी उचित मूल्य देने के लिए वादा की थी वह ही तो बोले ना देखें कम मूल्य पर खरीद ले जाएगी लेकिन जो अपना प्रोडक्ट बनाएगी यह नहीं बताया कि कि इसमें हमने कम क्वालिटी भी खरीदा है आपका अगर बिस्कुट बनाया है तो ईकॉम क्वालिटी पर मैंने खरीदा तो बिस्कुट का दाम गिर गया वह तो हाई रेट की बनाती है और हाई रेट पर ही भेजती है तो इसमें सबसे ज्यादा तीनों जो जो भी अध्यादेश लाएगी इसमें तीनों को पूरी तरह से बड़ी-बड़ी कंपनियों को ही फायदा हो रहा है और छोटे किसान जो है और आम लोगों को इसमें बहुत ज्यादा नुकसान होगा क्योंकि जो भी न्यूनतम समर्थन मूल्य की जो व्यवस्था होगी पूरी खत्म करना चाहती है सरकार बड़े उद्योगपतियों को का दबदबा बनाना चाहती है जमाखोरी बढ़ जाएगी इससे कृषि उपज मंडियों को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा इस सरकार की पूरी तरह से मांसाहार और मैं आपसे बता दूं कि पूरी तरह से सरकार भी चाहती है कि हम धीरे-धीरे इसको एक बार भी नहीं धीरे-धीरे प्रलोभन देकर हम किसानों को बहुत बुरी तरह से इसे दिला दें कि वह को बंधुआ मजदूर की तरह रहे और मजदूरी करें ऐसे मजदूरी करें जिससे कि हम जो चाहे या बड़े-बड़े बड़ी-बड़ी कंपनियां है या पूंजीपति लोग हैं जो जैसे कहेंगे वैसे किसान गुलाम की तरह गुलामी करें तो इस सरकार की नीतियां है और सरकार इसी पर अपने आप को अधिक है वह बनवाना चाहती है लेकिन किसान भाई लोग आज भी इस बातें को मानने से इंकार कर रहे हैं
Megh sinh chauhaan ke dvaara anuchit prashn ki mainne bahut se logon se prashn poochha ki shaan kaanoon mein kya kamee hai mainne bahut se logon se poochha lekin abhee tak ise mujhe santusht karane ka santusht nahin kiya kisee ne bhee aapako bataana chaahoonga kee koshish karoonga ki aap samajh sake aur shaayad meree baaton se sahamat ho to pahala adhyaadesh kisaanon ke dvaara sarakaar ke dvaara lagaaya gaya ki koee bhee jo kisaan hai oopar too karega lekin stor nahin kar sakata hai aur usake saath saath kya hoga ki is toor nahin karega adhik + 9 karega aur usake alaava kya hoga kaale baajee kaalaabaajaaree na karen aur ise kya hoga ki jo bhee aavashyak kee cheejen thee use adhiniyam 1955 ke dvaara sanshodhan kiya gaya hai isamen nahin rakh sakata sakata hai lekin yah badee-badee jo kampaniyaan hai apana ek bada bada stor bana rahee hai rakhane ke lie unhen ijaajat hai lekin kisaan ko had se jyaada jaroorat kee jo bhee cheejen ko nahin rakhane kee ijaajat hai isamen sanshodhan kiya gaya jo bhee aavashyak cheejen hain pahale jo bhee khaane-peene kee cheejen thee chaahe aap ka tel tel ho gaya sarason ke tel se rileted cheejen ho gaee chaaval ho gaya aap gehoon kya phal sabjiyon kee vaheen stor nahin kar sakata hai aur usamen kya hoga ki par ab nahin ab laaya gaya hai ki ab ise aap kaheen bhee bhej sakate hain is toot nahin kar sakate hain aur isamen sanshodhan kiya gaya pulis mein kisako phaayada hoga phaayada to badee kampanee hai kampanee aapane bade-bade stor bana rahee hai ki vah cheejen khareedenge aapase to alag ret par khareed lenge lekin kya hoga ki use is toor karake apane hisaab se bhejenge doosara adhyaadesh yah hai ki krshi utpaadan vyaapaar vaanijy samarthan adhyaadesh ilaake hai jo bhee utpaadan hoga use ham kaheen bhee kya kar sakate hain bech sakate hain atah bechane ka matalab hai ki jo bhee mandiya hongee vah pooree tarah se agar sarakaar dikha jae ki pahale log mandiyon mein bhejate the mandiyon ko hataane ke lie naya adhyaadesh laaya gaya kyon kaheen bhee bhej sakate hain bechane ka yah sabase bada phaayada kisako hoga badee-badee kampaniyon ka kyonki too aapase khareed ke le jaegee lekin us par tach karake use apane apane tareeke se use bechegee aur is sabase badee bahut jyaada kampaniyaan jo kisee se dipendent hai unhen phaayada is vajah se hoga kyonki jab vah saamaan to aap se khareedegee khareedane ke baad kya karegee ki vah cheejen vo apane hisaab se hee bhejegee kyonki use shuroo mein to aur yah sabase bada phaayada kampaniyon ka isalie hoga ki dekhegee ki maarket mein kya hai bahut jyaada kar upaj hai to use saste damoh mein khareedegee agar vahee kam rahega to thoda sa aapako ret degee lekin vah cheejen kya hogee ki seedhe-seedhe ko khareedane ke baad utpaad jo bhee krshi karen use khareed khareed kar kya karegee ki jab aam logon mein bechegee to use apane hisaab se bhejenge to kaheen na kaheen yah jo aam pablik hai aam janata hai jo krshi par dipend hai khaane peene kee cheejon par usee adhik daam dekar ko khareedana padega teesara sabase jyaada jo virodh ka kaaran hai jo mooly aashvaasan par kisaan jo sanrakshan aur sashaktikaran samajhauta aur krshi ka seva adhyaadesh hai jo teesara sabase jyaada virodh hai ki isamen kya hogee ek kaantekt phaarming kaantekt phor mee ka matalab hai ki jo bhee badee-badee kampaniyaan aaengee vah aapase pahale hee kaantekt karavaenge ki aap mujhe in cheejon ka ke deejie aur usamen aap to kisaan se jo bhee niyamon ka us niyam ke tahat use ek kaantekt le legee ki hamen aap gehoon deejie ab gehoon jab lene kee baat aaegee to kvaalitee par aa jaegee kyonki aap jaanate ki kampaniyaan kya hotee hai kvaalitee ko dekhatee hai kyonki khareedane ke baad khareedate samay kvaalitee dekhenge na ki aapake oopar aap hee aap jaanate hain ki jab jaise gem hota hai to kabhee achchha hota hai kabhee kharaab hota hai usamen kvaalitee mein thoda sa chenj ho jaata hai usamen kya hoga nukasaan krshi jo bhee kisaan hain unhen uthaana padega agar aap kee achchhee kvaalitee kee kvaalitee ka gehoon nahin paida hua to kam aapako jo bhee uchit mooly dene ke lie vaada kee thee vah hee to bole na dekhen kam mooly par khareed le jaegee lekin jo apana prodakt banaegee yah nahin bataaya ki ki isamen hamane kam kvaalitee bhee khareeda hai aapaka agar biskut banaaya hai to eekom kvaalitee par mainne khareeda to biskut ka daam gir gaya vah to haee ret kee banaatee hai aur haee ret par hee bhejatee hai to isamen sabase jyaada teenon jo jo bhee adhyaadesh laegee isamen teenon ko pooree tarah se badee-badee kampaniyon ko hee phaayada ho raha hai aur chhote kisaan jo hai aur aam logon ko isamen bahut jyaada nukasaan hoga kyonki jo bhee nyoonatam samarthan mooly kee jo vyavastha hogee pooree khatm karana chaahatee hai sarakaar bade udyogapatiyon ko ka dabadaba banaana chaahatee hai jamaakhoree badh jaegee isase krshi upaj mandiyon ko pooree tarah se khatm kiya jaega is sarakaar kee pooree tarah se maansaahaar aur main aapase bata doon ki pooree tarah se sarakaar bhee chaahatee hai ki ham dheere-dheere isako ek baar bhee nahin dheere-dheere pralobhan dekar ham kisaanon ko bahut buree tarah se ise dila den ki vah ko bandhua majadoor kee tarah rahe aur majadooree karen aise majadooree karen jisase ki ham jo chaahe ya bade-bade badee-badee kampaniyaan hai ya poonjeepati log hain jo jaise kahenge vaise kisaan gulaam kee tarah gulaamee karen to is sarakaar kee neetiyaan hai aur sarakaar isee par apane aap ko adhik hai vah banavaana chaahatee hai lekin kisaan bhaee log aaj bhee is baaten ko maanane se inkaar kar rahe hain

Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
5:01
मैंने बहुत से लोगों ने पूछ उन लोगों से पूछा किसान कानून में क्या करनी है मैंने बहुत से लोगों से पूछा क्या किसी ने अब तक मेरे को संतोष जवाब नहीं दिया सही बात कह रहे हैं कि कानून में कमी कहा कि कानून में तो कम ही लोग लेकर बैठे हुए हैं मैंने भी स्टडी किया है तो निश्चित तौर पर हमें भी कोई ज्यादा आप लोगों को खाली किया है इस क्वेश्चन पर 48 लोगों ने लाइक भी किया हुआ है उस पर टिप्पणी में जो कानून के अंतर्गत है निश्चित तौर पर वह अच्छा लगता है लेकिन उसमें जो कहते हैं कि अगर कांटेक्ट तोड़ देती है कंपनी का कोई भी सर किसान कहां पर जाएगा किसान ने सबसे पहले वहां पर जाएगा एसडीम ऑफिस इतना मजबूत पक्ष नहीं रख पाएगा निश्चित तौर पर कंपनी के फेवर में जाएगा तो हम सरकार किसानों के थोड़ा नुकसान इसके लिए कोई सिविल कोर्ट होना बहुत जरूरी है वह कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जाकर के गुस्से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए तो ज्यादा बेहतर होगा लेकिन इसके लिए भी सरकार ने कुछ कहीं आश्वासन दिए हुए हैं कि यह सकते लेकिन यहां पर जरूरत है किसको दूसरा है कैंसिल को मदद के लिए जो आप बर्तन के भंडारण से संबंधित ही गया है कि भंडारण कौन कर सकता है और कैसे कर सकता है इसलिए किसानों को भी इंटरेस्ट चल तो किसान भी लगा सकता है लेकिन किसान के पास उसने 2G के कहीं वर्ग के लोग प्राइवेट सेक्टर में अपना भंडारण कर कर के काल महाकाली बाजार को बढ़ा सकते हैं कैसे अनाजों का भंडारा चाहे वह फूड सिक्योरिटी के लिए देना हो राशन कार्ड बांटना हो या कहीं भी और या मार्केट में शर्ट होता था अगर प्राइवेट ढंग से भंडारण पूंजीपति करने लगे जरूरत पड़ेगी सेट कर देंगे और मार्केट में जो डिमांड बढ़ जाएगी तो उनका रेट बढ़ाकर बीच लेकिन कभी-कभी बहुत बार ऐसा हुआ है जैसे प्याज को सेट कर दिया जाता है हमारे यहां आजादपुर दिल्ली में ऐसे सेल्फी करोड़ों के बहुत बड़े बड़े धूमधाम से पहले तो छूट नहीं थी कितने ज्यादा से ज्यादा कर लेंगे तो वहां पर थोड़ा सा खा लो बाजरी बढ़ने की जरूरत है और उसका फोन में जो प्रावधान किया है कि अनलिमिटेड स्टोरेज कर सकता है उसके लिए कुछ लिमिटेड लाने की जरूरत है अगर आप लंबे खिला देते हैं तो ठीक रहेगा कर दिया जाए कि जब बाहर पीने वाला धंधा ध्यान में रहे ही मुद्दा एक सरकार कह रही थी कहीं भी भेज सकते हो यह मुद्दा है कि जो प्राइवेट सेक्टर का बंदा हो जो खरीददारी कर रहा है किसानों से उसे मस्ती परी किया जाए यानि सख्त कानून ऐसा हो यह मस्त जमा लीजिए केएमएसपी अट्ठारह सौ रुपए प्रति कुंतल गेहूं खरीदने का आर्डर है और बाहर बैठा हुआ बोले नहीं भाई मैं तो 14 से नहीं करेगा तो फकीर ने दी किसानों को बाहर खरीदे और वह भी गारंटीड होगा कि नहीं भाई हम एसपी से कम नहीं कर सकते नहीं तो खरीदें यानी ऐसे बंधुओं को प्राइवेट सेक्टर में मंडियों में जो लोग इस तरह का बिजनेस करना चाहते हैं अनाज को खरीदारी करना चाहते हैं एमएसपी पर ना खरीदें कंपनी केमिस्ट्री में ज्यादा है और बाहर सेक्टर में बहुत छोटे छोटे लोग हैं ऊपर हो जाएगी जो किसानों को बरगला कर उनके घर से उठाना है करेंगे नंबर वन हमको एक लाइसेंस यीशु के ऐसे सरकार ने कहा कि भी लाइसेंस दिया जाएगा लेकिन लाइसेंस के साथ उनकी करते हो कम से कम लग रहा है कि मस्ती को कंपलसरी किया जाए चाहे वह बाहर खरीदे या बाहर से बोल दो दूसरा है अकाउंटेंट फर्म में जो ह कंप्लेन सोडियम के बजाय लीगल जो सेल हमारी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया किया जो डिस्ट्रिक्ट से हैं भेजें वहां से कह दे तो है उस पर भंडारण कितना कर सकता है और यह सारी चीज है थोड़ा सा यह तीन चीजें मुझे कम नजर आई है बाकी तो आप लोग को बहुत सारे लोग लाइक करने किए हो तो मैं समझता हूं कि आपको समझ में आएगा
Mainne bahut se logon ne poochh un logon se poochha kisaan kaanoon mein kya karanee hai mainne bahut se logon se poochha kya kisee ne ab tak mere ko santosh javaab nahin diya sahee baat kah rahe hain ki kaanoon mein kamee kaha ki kaanoon mein to kam hee log lekar baithe hue hain mainne bhee stadee kiya hai to nishchit taur par hamen bhee koee jyaada aap logon ko khaalee kiya hai is kveshchan par 48 logon ne laik bhee kiya hua hai us par tippanee mein jo kaanoon ke antargat hai nishchit taur par vah achchha lagata hai lekin usamen jo kahate hain ki agar kaantekt tod detee hai kampanee ka koee bhee sar kisaan kahaan par jaega kisaan ne sabase pahale vahaan par jaega esadeem ophis itana majaboot paksh nahin rakh paega nishchit taur par kampanee ke phevar mein jaega to ham sarakaar kisaanon ke thoda nukasaan isake lie koee sivil kort hona bahut jarooree hai vah kort mein distrikt kort mein jaakar ke gusse kampanee ke khilaaph kaarravaee kee jae to jyaada behatar hoga lekin isake lie bhee sarakaar ne kuchh kaheen aashvaasan die hue hain ki yah sakate lekin yahaan par jaroorat hai kisako doosara hai kainsil ko madad ke lie jo aap bartan ke bhandaaran se sambandhit hee gaya hai ki bhandaaran kaun kar sakata hai aur kaise kar sakata hai isalie kisaanon ko bhee intarest chal to kisaan bhee laga sakata hai lekin kisaan ke paas usane 2g ke kaheen varg ke log praivet sektar mein apana bhandaaran kar kar ke kaal mahaakaalee baajaar ko badha sakate hain kaise anaajon ka bhandaara chaahe vah phood sikyoritee ke lie dena ho raashan kaard baantana ho ya kaheen bhee aur ya maarket mein shart hota tha agar praivet dhang se bhandaaran poonjeepati karane lage jaroorat padegee set kar denge aur maarket mein jo dimaand badh jaegee to unaka ret badhaakar beech lekin kabhee-kabhee bahut baar aisa hua hai jaise pyaaj ko set kar diya jaata hai hamaare yahaan aajaadapur dillee mein aise selphee karodon ke bahut bade bade dhoomadhaam se pahale to chhoot nahin thee kitane jyaada se jyaada kar lenge to vahaan par thoda sa kha lo baajaree badhane kee jaroorat hai aur usaka phon mein jo praavadhaan kiya hai ki analimited storej kar sakata hai usake lie kuchh limited laane kee jaroorat hai agar aap lambe khila dete hain to theek rahega kar diya jae ki jab baahar peene vaala dhandha dhyaan mein rahe hee mudda ek sarakaar kah rahee thee kaheen bhee bhej sakate ho yah mudda hai ki jo praivet sektar ka banda ho jo khareedadaaree kar raha hai kisaanon se use mastee paree kiya jae yaani sakht kaanoon aisa ho yah mast jama leejie keemesapee atthaarah sau rupe prati kuntal gehoon khareedane ka aardar hai aur baahar baitha hua bole nahin bhaee main to 14 se nahin karega to phakeer ne dee kisaanon ko baahar khareede aur vah bhee gaaranteed hoga ki nahin bhaee ham esapee se kam nahin kar sakate nahin to khareeden yaanee aise bandhuon ko praivet sektar mein mandiyon mein jo log is tarah ka bijanes karana chaahate hain anaaj ko khareedaaree karana chaahate hain emesapee par na khareeden kampanee kemistree mein jyaada hai aur baahar sektar mein bahut chhote chhote log hain oopar ho jaegee jo kisaanon ko baragala kar unake ghar se uthaana hai karenge nambar van hamako ek laisens yeeshu ke aise sarakaar ne kaha ki bhee laisens diya jaega lekin laisens ke saath unakee karate ho kam se kam lag raha hai ki mastee ko kampalasaree kiya jae chaahe vah baahar khareede ya baahar se bol do doosara hai akauntent pharm mein jo ha kamplen sodiyam ke bajaay leegal jo sel hamaaree gavarnament oph indiya kiya jo distrikt se hain bhejen vahaan se kah de to hai us par bhandaaran kitana kar sakata hai aur yah saaree cheej hai thoda sa yah teen cheejen mujhe kam najar aaee hai baakee to aap log ko bahut saare log laik karane kie ho to main samajhata hoon ki aapako samajh mein aaega

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
2:12
यहां पर है कि भारतीय किसान अपने स्वार्थ में सोच रहा है बॉस पाकिस्तान तो आप भी आश्चर्य करेंगे कि फिर से संपन्न है जैसे आप हरियाणा में देखें आप पंजाब में देखें यह लोग बहुत अधिक संपन्न है धनवान हैं लेकिन उसके पश्चात दिन की लिप्सा समाप्त नहीं हो रही है यह धन बढ़ाने के चक्कर में कीमतें बढ़ाना चाहते हैं जबकि एक आम भारतीय के बारे में नहीं सोच रहे हैं उन भारतीयों के बारे में सोचिए जो भारतीय बेरोजगार हैं जो भारतीय गरीबी में जी रहे हैं जो भारतीय गरीबी में 3 बच्चों का 4 बच्चों का पालन बेरोजगारी की कंडीशन में मजबूर होकर की मानु तो कैसे करेंगे तुम सोचो को आज ₹29 किलो गेहूं बिक रहा है अब ऐसी हालात में बहुत गरीब बेरोजगार मजदूर रेत कैसे बच्चों का पालन करें इस बात को किसान नहीं सोच रहा है शाम को सिर्फ अपने स्वार्थ की चिंता है यह बड़ा दुर्भाग्य का विषय है और सबसे बड़ी बात कि किसान से यह आशा नहीं थी कि वह अपने विचारों को इंसाफ भक्तों रूप प्रदान कर देंगे यह कोई विरोध का रास्ता नहीं होता है क्या जल्दी को जानते यह कोई विरोध का रास्ता नहीं होता है कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करें यह कोई विरोध का रास्ता नहीं होता है कि आप दिल्ली में इस प्रकार के बदलाव करें अपनी पढ़ाई करें परिचय एक व्यक्ति के कहने पर जो व्यक्ति के पास में अथाह संपत्ति है विचार सुसाइड किसानों को जरूर सोचना चाहिए जनता के के लिए सोचना चाहिए अपने उन गरीब भाइयों के बारे में भी सोचना चाहिए जो मजदूर हैं बेरोजगारी में एक व्यक्ति कमा रहा है 10 जने खा रहे हैं उन परिवारों का क्या होगा इस कदर महंगाई बढ़ रही है कभी किसानों को इस बारे में भी सोचना चाहिए
Yahaan par hai ki bhaarateey kisaan apane svaarth mein soch raha hai bos paakistaan to aap bhee aashchary karenge ki phir se sampann hai jaise aap hariyaana mein dekhen aap panjaab mein dekhen yah log bahut adhik sampann hai dhanavaan hain lekin usake pashchaat din kee lipsa samaapt nahin ho rahee hai yah dhan badhaane ke chakkar mein keematen badhaana chaahate hain jabaki ek aam bhaarateey ke baare mein nahin soch rahe hain un bhaarateeyon ke baare mein sochie jo bhaarateey berojagaar hain jo bhaarateey gareebee mein jee rahe hain jo bhaarateey gareebee mein 3 bachchon ka 4 bachchon ka paalan berojagaaree kee kandeeshan mein majaboor hokar kee maanu to kaise karenge tum socho ko aaj ₹29 kilo gehoon bik raha hai ab aisee haalaat mein bahut gareeb berojagaar majadoor ret kaise bachchon ka paalan karen is baat ko kisaan nahin soch raha hai shaam ko sirph apane svaarth kee chinta hai yah bada durbhaagy ka vishay hai aur sabase badee baat ki kisaan se yah aasha nahin thee ki vah apane vichaaron ko insaaph bhakton roop pradaan kar denge yah koee virodh ka raasta nahin hota hai kya jaldee ko jaanate yah koee virodh ka raasta nahin hota hai ki raashtreey dhvaj ka apamaan karen yah koee virodh ka raasta nahin hota hai ki aap dillee mein is prakaar ke badalaav karen apanee padhaee karen parichay ek vyakti ke kahane par jo vyakti ke paas mein athaah sampatti hai vichaar susaid kisaanon ko jaroor sochana chaahie janata ke ke lie sochana chaahie apane un gareeb bhaiyon ke baare mein bhee sochana chaahie jo majadoor hain berojagaaree mein ek vyakti kama raha hai 10 jane kha rahe hain un parivaaron ka kya hoga is kadar mahangaee badh rahee hai kabhee kisaanon ko is baare mein bhee sochana chaahie

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

    URL copied to clipboard