#भारत की राजनीति

bolkar speaker

क्या सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने में कामयाब हो गए हैं?

Kya Sarkar Kisanon Ke Andolan Ko Kuchlne Mein Kamyab Ho Gaye Hain
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trilok जी का जवाब
Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
1:27
नमस्कार सरकार किसान आंदोलन को कुचलने में कामयाब हो गई है और इसके पीछे जिम्मेदार भी किसान आंदोलन के नेता है ना तो सरकार ने कहा था कि 26 जनवरी को यहां पर आई है और ना ही सरकार ने उनको मना किया था यानी नेताओं ने भेजा नेता नेता ने सोचा कि सही हो जाएगा यानी कि शायद वह सफल होगी लेकिन सरकार ने क्या-क्या छूट दे दी छूट दी तो वह अंदर गई अब भीड़ ने जिस प्रकार से काम किया उससे क्या बाकी किसान आंदोलन टूट गया कि किसान आंदोलन की सभी नेताओं की किरकिरी सरकार कुछ गलत डिसीजन लोगे तो आपको पीछे तो पढ़ना ही पड़ेगा तो सरकार ने वैसे तो ना गोली चलाई ना लाठी चार्ज किया सरकार की तो वैसे कोई गलती नहीं थी वहां पर सरकार ने तो हुडदंग वार करने वालों को बना तक नहीं किया लाठीचार्ज करते हैं या गोली चला देते तो बहुत ज्यादा मतलब जैसे माहौल खराब हो जाता लेकिन दिल्ली में वह भी 26 जनवरी के दिन इतना उड़ता हुआ फिर भी सरकार सेंड कर तेरी की बहुत सारी पुलिसकर्मी जख्मी हुए इसलिए आंदोलन सरकार की किसान नेताओं की वजह से ही कमजोर है धन्यवाद
Namaskaar sarakaar kisaan aandolan ko kuchalane mein kaamayaab ho gaee hai aur isake peechhe jimmedaar bhee kisaan aandolan ke neta hai na to sarakaar ne kaha tha ki 26 janavaree ko yahaan par aaee hai aur na hee sarakaar ne unako mana kiya tha yaanee netaon ne bheja neta neta ne socha ki sahee ho jaega yaanee ki shaayad vah saphal hogee lekin sarakaar ne kya-kya chhoot de dee chhoot dee to vah andar gaee ab bheed ne jis prakaar se kaam kiya usase kya baakee kisaan aandolan toot gaya ki kisaan aandolan kee sabhee netaon kee kirakiree sarakaar kuchh galat diseejan loge to aapako peechhe to padhana hee padega to sarakaar ne vaise to na golee chalaee na laathee chaarj kiya sarakaar kee to vaise koee galatee nahin thee vahaan par sarakaar ne to hudadang vaar karane vaalon ko bana tak nahin kiya laatheechaarj karate hain ya golee chala dete to bahut jyaada matalab jaise maahaul kharaab ho jaata lekin dillee mein vah bhee 26 janavaree ke din itana udata hua phir bhee sarakaar send kar teree kee bahut saaree pulisakarmee jakhmee hue isalie aandolan sarakaar kee kisaan netaon kee vajah se hee kamajor hai dhanyavaad

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bolkar speaker
क्या सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने में कामयाब हो गए हैं?Kya Sarkar Kisanon Ke Andolan Ko Kuchlne Mein Kamyab Ho Gaye Hain
Ashok Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Ashok जी का जवाब
कृषक👳💦
1:12
देखिए जब भारत में अंग्रेजी सरकार थी तो वह भी मोदी सरकार की तरह तानाशाही किसानों पर अत्याचार करती थी लेकिन जब आजादी की क्रांति उठी तो अंग्रेजी हुकूमत को देश छोड़कर जाना ही पड़ा उसी तरीके से यह तानाशाही सरकार है जो कि किसान आंदोलन दबाने की कोशिश कर रही है और इस क्रांति का एक रूप आज 26 जनवरी को देख ही चुके किसान यूनियन का झंडा लाल किले पर लहरा दिया तो किसानों की एकता को सरकार ने देख लिया होगा और जब से सोशल मीडिया पर बताया जा रहा था कि जिम मुट्ठी भर के सामने फिर लाखों की संख्या में कैसे किसान हो गए और यदि लाखों की करोड़ों की संख्या में अगर आतंकवादी होते हैं तो सरकार के कर रही सरकार कोई व्यवस्था ही नहीं संभाल पाए अभी तो खालसा पंथ का झंडा और किसान यूनियन का झंडा लाल किले में लहराया है जब तुम्हारा प्रशासन फेल हो गया सिस्टम पूरा बेकाबू हो गया तो कोई पाकिस्तान का झंडा भी लहरा सकता है धन्यवाद
Dekhie jab bhaarat mein angrejee sarakaar thee to vah bhee modee sarakaar kee tarah taanaashaahee kisaanon par atyaachaar karatee thee lekin jab aajaadee kee kraanti uthee to angrejee hukoomat ko desh chhodakar jaana hee pada usee tareeke se yah taanaashaahee sarakaar hai jo ki kisaan aandolan dabaane kee koshish kar rahee hai aur is kraanti ka ek roop aaj 26 janavaree ko dekh hee chuke kisaan yooniyan ka jhanda laal kile par lahara diya to kisaanon kee ekata ko sarakaar ne dekh liya hoga aur jab se soshal meediya par bataaya ja raha tha ki jim mutthee bhar ke saamane phir laakhon kee sankhya mein kaise kisaan ho gae aur yadi laakhon kee karodon kee sankhya mein agar aatankavaadee hote hain to sarakaar ke kar rahee sarakaar koee vyavastha hee nahin sambhaal pae abhee to khaalasa panth ka jhanda aur kisaan yooniyan ka jhanda laal kile mein laharaaya hai jab tumhaara prashaasan phel ho gaya sistam poora bekaaboo ho gaya to koee paakistaan ka jhanda bhee lahara sakata hai dhanyavaad

bolkar speaker
क्या सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने में कामयाब हो गए हैं?Kya Sarkar Kisanon Ke Andolan Ko Kuchlne Mein Kamyab Ho Gaye Hain
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
5:00
यह आरोप आप गलत लगा रहे हो क्योंकि यह मान के चलो कि मोदी जी को विनम्र और बहुत ही उदार किस्म के नेता हैं वरना यह आंदोलन यदि कभी इंदिरा जी के समय किया होता तो शायद आपको मालूम पड़ता कि देश में शासन क्या है लंच ऑर्डर कैसे रखे जाते हैं और कैसे देश में प्रशासन चलाया जाता है कि भारत के इतिहास को उठा कर देखेंगे 74 साल के इतिहास में शुद्धता के बाद के 14 साल के इतिहास में यदि कोई पीएम जिसको पीएम कहा जा सकता है तो उसे पिताजी थी जिनके समय लाइंस ऑर्डर थे और देश में नागरिक को इतना विश्वास रहता था कि लांचर कभी किसी भी हालात में नहीं कर सकेंगे अब मोदी जी हाथ जोड़कर के काम चलाना चाहते हैं काम नहीं चल सकता है ना तो किसानों के पक्ष में हूं ना मैं सरकार के पक्ष में हूं लेकिन मेरा मानना यह है यदि तुम एक निष्पक्ष भारतीय की तरह तो सोचोगे तो उसमें कमियां दोनों तरफ ही नजर आ रही हैं मोदी जी को तो आखिर ऐसी क्या चीज है कि तीनों बहनों को वापस नहीं लेना चाहते जब मैं तो मोदी जी कहते हैं कि किसानों के अधिकारी हैं और देश के समस्त किसान करें कि नहीं यह हमारे विरोधी है यह बिल इंसान या नहीं होती है तो मोदी जी को उचित है कि मोदी जी तीनों बहनों को वापस ले नहीं तो किसी को तुम लाभ देना चाहते और बोला आप लेना नहीं चाहता है तो बेहतर है क्या भाभी जी रस्ता यह खुलवा सकते नहीं दिल्ली में यह जाम लगा कर बैठे हैं इनमें इतनी शक्ति नहीं कि यह दूसरा जाम को हटवा सकें यालन स्वेटर की स्थिति बना सकें मु सरकार इसलिए मस्त बैठी है कि सरकार का तो कोई जाने का नहीं सकते उन्होंने रास्ता जाम किया आम नागरिक का जाम किया है आम नागरिक परेशान है सरकार के नुमाइंदे हैं या सरकारी यह मंत्री गण हैं या मोदी जी हैं यह तो हवाई जहाज और लैपटॉप में डालते हैं इनको इनको चौकों से क्या वास्ता इनको आम देश की जनता की परवाह नहीं है यदि इनको परवाह होती तो या तो यह रास्ता खुल बातें भैया पर यह तीनों कानूनों को वापस लेकर के जनता का हित करते और किसानों की मांगें मान लेते हैं किसान इसलिए स्वार्थी है नंबर एक तो किसान ने अपने देश का अपमान किया है किसान प्रदेश में अहिंसक माना जाता था लेकिन 26 जनवरी पर जुर्माने की हैं जो देश का अपमान किया है राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया है दिल्ली को लूटा है दिल्ली को थोड़ा-थोड़ा है लाल किले में जो उन्होंने आयुक्त हिंसात्मक गतिविधियां की हैं वह निश्चित रूप से चीज की कर कहती हैं तो यह किसान नहीं है यह किसान के बीच में और कोई है विपक्षी निर्दोष हैं और बेबी ऑफलाइन हुए नेता हैं जिनको चुनाव में जनता ने दुत्कार दिया जो चंद जो जनता के द्वारा जिनको नेकलेट कर दिया गया जो जनता के द्वारा हीर बना दिया गए उन नेताओं को वह नेता चुनाव में मोदी जी को अकेले मोदी को नहीं आ ना सके अब करें क्या अब व्हाट इस प्रकार निकाल रहे हैं चौराहा सवाल एक निष्पक्ष भारतीय की तरह सोचेंगे तो ना तो सरकार दुख पा रही है ना किसान दुपारी किसान अपने लालच में डूबा हुआ है स्वार्थ में डूबा हुआ है क्योंकि उसके पास में ऐसी देश के विभाजन काली शक्तियों का समर्थन प्राप्त है और सरकार को चिंता नहीं अब आम नागरिक दुख पा रहा है तुम सोचो बस पर यह 3 दिन से जाम क्यों के बैठे हैं उन गरीब मजदूरों के बारे में सोचो जिनके घर के चूल्हे उन्होंने बंद कर दिए उन छोटे दुकानदारों के बारे में सोचो जिन की दुकानदारी है बंद हो गई है और बच्चों के बारे में सोचो जिन बच्चों का इनके कारण से रास्ता जाम करने के कारण से पढ़ाई में बंद हो गई हैं विद्यालय बंद हो गए हैं तो आम नागरिक के बारे में कोई भी सोच लेना कि हम सोच रहे हैं सरकार सोती रही है हां यह विश्वास था कि यदि आज देश में पीएम इंदिरा जी होती या योगी जी जैसा होता तो इनको सानू को भी मालूम पड़ जाता पृथ्वी एक कर रहे हैं वरना यह जो आज ओपन धर्म मचा रहे हैं कि जो दिल्ली में लोड तोड़फोड़ कर रहे हैं राज्य संपत्ति को लूट रहे हैं किस और पुलिस वालों को पीट रहे हैं कहां से हैं मैंने किया होता तो इनको एहसास हो जाता तब करना किसे कहते हैं और उसकी क्या सजा है
Yah aarop aap galat laga rahe ho kyonki yah maan ke chalo ki modee jee ko vinamr aur bahut hee udaar kism ke neta hain varana yah aandolan yadi kabhee indira jee ke samay kiya hota to shaayad aapako maaloom padata ki desh mein shaasan kya hai lanch ordar kaise rakhe jaate hain aur kaise desh mein prashaasan chalaaya jaata hai ki bhaarat ke itihaas ko utha kar dekhenge 74 saal ke itihaas mein shuddhata ke baad ke 14 saal ke itihaas mein yadi koee peeem jisako peeem kaha ja sakata hai to use pitaajee thee jinake samay lains ordar the aur desh mein naagarik ko itana vishvaas rahata tha ki laanchar kabhee kisee bhee haalaat mein nahin kar sakenge ab modee jee haath jodakar ke kaam chalaana chaahate hain kaam nahin chal sakata hai na to kisaanon ke paksh mein hoon na main sarakaar ke paksh mein hoon lekin mera maanana yah hai yadi tum ek nishpaksh bhaarateey kee tarah to sochoge to usamen kamiyaan donon taraph hee najar aa rahee hain modee jee ko to aakhir aisee kya cheej hai ki teenon bahanon ko vaapas nahin lena chaahate jab main to modee jee kahate hain ki kisaanon ke adhikaaree hain aur desh ke samast kisaan karen ki nahin yah hamaare virodhee hai yah bil insaan ya nahin hotee hai to modee jee ko uchit hai ki modee jee teenon bahanon ko vaapas le nahin to kisee ko tum laabh dena chaahate aur bola aap lena nahin chaahata hai to behatar hai kya bhaabhee jee rasta yah khulava sakate nahin dillee mein yah jaam laga kar baithe hain inamen itanee shakti nahin ki yah doosara jaam ko hatava saken yaalan svetar kee sthiti bana saken mu sarakaar isalie mast baithee hai ki sarakaar ka to koee jaane ka nahin sakate unhonne raasta jaam kiya aam naagarik ka jaam kiya hai aam naagarik pareshaan hai sarakaar ke numainde hain ya sarakaaree yah mantree gan hain ya modee jee hain yah to havaee jahaaj aur laipatop mein daalate hain inako inako chaukon se kya vaasta inako aam desh kee janata kee paravaah nahin hai yadi inako paravaah hotee to ya to yah raasta khul baaten bhaiya par yah teenon kaanoonon ko vaapas lekar ke janata ka hit karate aur kisaanon kee maangen maan lete hain kisaan isalie svaarthee hai nambar ek to kisaan ne apane desh ka apamaan kiya hai kisaan pradesh mein ahinsak maana jaata tha lekin 26 janavaree par jurmaane kee hain jo desh ka apamaan kiya hai raashtreey dhvaj ka apamaan kiya hai dillee ko loota hai dillee ko thoda-thoda hai laal kile mein jo unhonne aayukt hinsaatmak gatividhiyaan kee hain vah nishchit roop se cheej kee kar kahatee hain to yah kisaan nahin hai yah kisaan ke beech mein aur koee hai vipakshee nirdosh hain aur bebee ophalain hue neta hain jinako chunaav mein janata ne dutkaar diya jo chand jo janata ke dvaara jinako nekalet kar diya gaya jo janata ke dvaara heer bana diya gae un netaon ko vah neta chunaav mein modee jee ko akele modee ko nahin aa na sake ab karen kya ab vhaat is prakaar nikaal rahe hain chauraaha savaal ek nishpaksh bhaarateey kee tarah sochenge to na to sarakaar dukh pa rahee hai na kisaan dupaaree kisaan apane laalach mein dooba hua hai svaarth mein dooba hua hai kyonki usake paas mein aisee desh ke vibhaajan kaalee shaktiyon ka samarthan praapt hai aur sarakaar ko chinta nahin ab aam naagarik dukh pa raha hai tum socho bas par yah 3 din se jaam kyon ke baithe hain un gareeb majadooron ke baare mein socho jinake ghar ke choolhe unhonne band kar die un chhote dukaanadaaron ke baare mein socho jin kee dukaanadaaree hai band ho gaee hai aur bachchon ke baare mein socho jin bachchon ka inake kaaran se raasta jaam karane ke kaaran se padhaee mein band ho gaee hain vidyaalay band ho gae hain to aam naagarik ke baare mein koee bhee soch lena ki ham soch rahe hain sarakaar sotee rahee hai haan yah vishvaas tha ki yadi aaj desh mein peeem indira jee hotee ya yogee jee jaisa hota to inako saanoo ko bhee maaloom pad jaata prthvee ek kar rahe hain varana yah jo aaj opan dharm macha rahe hain ki jo dillee mein lod todaphod kar rahe hain raajy sampatti ko loot rahe hain kis aur pulis vaalon ko peet rahe hain kahaan se hain mainne kiya hota to inako ehasaas ho jaata tab karana kise kahate hain aur usakee kya saja hai

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क्या सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने में कामयाब हो गए हैं?Kya Sarkar Kisanon Ke Andolan Ko Kuchlne Mein Kamyab Ho Gaye Hain
rohit paste Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए rohit जी का जवाब
Unknown
1:14
आपके सवाल में थोड़ी मुझे अच्छी तरीके से आपका सवाल मुझे नहीं लगा क्योंकि आपने उसमें कुछ नहीं कहा जो हम का उपयोग किया है वह अच्छा नहीं है अगर आपको कहना है कि सरकार ने किसानों को आंदोलन होने से मन कमरिया आंदोलन से कामयाबी नहीं मिली ऐसा कुछ आप बोल सकते थे लेकिन मुझे ऐसा लगता है यह सरकार कामयाब हो गई या नहीं हो गई अभी तो हम यह बता नहीं सकते क्योंकि अभी आंदोलन जारी है जब तक आंदोलन जारी है तब तक हम उससे कोई मतलब नहीं निकाल सकते बहुत सारे किसानों को और कुछ दर्द दर्द हुआ है वहां कुछ खाने पीने की वहां पर जो परिस्थिति है वह अच्छी नहीं है जो हो रहा है जल्दी से जल्दी सब कुछ ठीक हो जाए
Aapake savaal mein thodee mujhe achchhee tareeke se aapaka savaal mujhe nahin laga kyonki aapane usamen kuchh nahin kaha jo ham ka upayog kiya hai vah achchha nahin hai agar aapako kahana hai ki sarakaar ne kisaanon ko aandolan hone se man kamariya aandolan se kaamayaabee nahin milee aisa kuchh aap bol sakate the lekin mujhe aisa lagata hai yah sarakaar kaamayaab ho gaee ya nahin ho gaee abhee to ham yah bata nahin sakate kyonki abhee aandolan jaaree hai jab tak aandolan jaaree hai tab tak ham usase koee matalab nahin nikaal sakate bahut saare kisaanon ko aur kuchh dard dard hua hai vahaan kuchh khaane peene kee vahaan par jo paristhiti hai vah achchhee nahin hai jo ho raha hai jaldee se jaldee sab kuchh theek ho jae

bolkar speaker
क्या सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने में कामयाब हो गए हैं?Kya Sarkar Kisanon Ke Andolan Ko Kuchlne Mein Kamyab Ho Gaye Hain
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
1:00
क्या कर रहा है चलने में कामयाब हो गई है नहीं चल रही है आज मुरादाबाद में हरियाणा और दिल्ली के बॉर्डर पर 75 अच्छे दिनों से लोग बैठे हुए हैं और हजारों की संख्या में लोग बैठे हुए हैं जरा मुझे इस तरह की बातें करना गलत है और सरकार किसान आंदोलन को कुचलने में कामयाब नहीं हो सकती है या जमीन से जुड़े हुए लोग हैं
Kya kar raha hai chalane mein kaamayaab ho gaee hai nahin chal rahee hai aaj muraadaabaad mein hariyaana aur dillee ke bordar par 75 achchhe dinon se log baithe hue hain aur hajaaron kee sankhya mein log baithe hue hain jara mujhe is tarah kee baaten karana galat hai aur sarakaar kisaan aandolan ko kuchalane mein kaamayaab nahin ho sakatee hai ya jameen se jude hue log hain

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