#रिश्ते और संबंध

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दुष्कर्म से पीड़ित महिला को समाज हेय की दृष्टि से क्यों देखता रहता है?

Dushkaram Se Peedit Mahila Ko Samaj Hey Ki Drishti Se Kyun Dekata Rehta Hai
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
0:52
दुष्कर्म से पीड़ित महिला को समाज है कि दृष्टि क्यों देखता है लेकिन समाज में जो भावनाएं लोगों की है बहुत दूषित हैं समाज में की परंपरा बना दी गई है कि किसी भी महिला को एक तो काम उधर से देखता है जगत को किसी ने उसके साथ रेप कर दिया है दुष्कर्म कर दिया है तो उसको हमेशा उस बात की याद दिला करके और को अपमानित करते रहते हैं अपमान करने की वजह से उसको जो है हद है किधर से देखा जाता अगर उसकी मजबूरियों को कोई समझे कि उसमें उसकी कोई गलती नहीं थी और यह तो एक सामान्य प्रक्रिया है समाज में चोरी भी हो जाती बदमाशी भी हो जाती है नारा भी हो जाता है इस तरह का अपराध भी हो जाते हैं वह सब राज में उस औरत का क्या रोल है इस बात को देखना चाहिए लेकिन नहीं समाज उसी को तोड़ दे रहा है जबकि वह असहाय थी और उसे लड़ने में सक्षम नहीं थी इसलिए ऐसे लोग जो उसको दूषित प्रक्रिया से देखते हैं वह समाज के दुश्मन है और मानवता के दुश्मन है
Dushkarm se peedit mahila ko samaaj hai ki drshti kyon dekhata hai lekin samaaj mein jo bhaavanaen logon kee hai bahut dooshit hain samaaj mein kee parampara bana dee gaee hai ki kisee bhee mahila ko ek to kaam udhar se dekhata hai jagat ko kisee ne usake saath rep kar diya hai dushkarm kar diya hai to usako hamesha us baat kee yaad dila karake aur ko apamaanit karate rahate hain apamaan karane kee vajah se usako jo hai had hai kidhar se dekha jaata agar usakee majabooriyon ko koee samajhe ki usamen usakee koee galatee nahin thee aur yah to ek saamaany prakriya hai samaaj mein choree bhee ho jaatee badamaashee bhee ho jaatee hai naara bhee ho jaata hai is tarah ka aparaadh bhee ho jaate hain vah sab raaj mein us aurat ka kya rol hai is baat ko dekhana chaahie lekin nahin samaaj usee ko tod de raha hai jabaki vah asahaay thee aur use ladane mein saksham nahin thee isalie aise log jo usako dooshit prakriya se dekhate hain vah samaaj ke dushman hai aur maanavata ke dushman hai

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दुष्कर्म से पीड़ित महिला को समाज हेय की दृष्टि से क्यों देखता रहता है?Dushkaram Se Peedit Mahila Ko Samaj Hey Ki Drishti Se Kyun Dekata Rehta Hai
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:29
यह हमारे समाज का जो जैसा है वह इसी प्रकार से बना हुआ है लोग यह सोचते हैं कि कहीं ना कहीं इस महिला की गलती रही होगी उसने उसी को बुलाया और उनसे बातचीत की होगी या उसकी कमियां ढूंढ लेते हैं इससे यह औरत ऐसी है इसीलिए लोग हैं दृष्टि से देखते हैं बल्कि ऐसा नहीं है उसकी कोई गलती नहीं होती है अगर माल उस महिला को हेय दृष्टि से देखा जाता है तो यह गलत है बिल्कुल नहीं देखना चाहिए
Yah hamaare samaaj ka jo jaisa hai vah isee prakaar se bana hua hai log yah sochate hain ki kaheen na kaheen is mahila kee galatee rahee hogee usane usee ko bulaaya aur unase baatacheet kee hogee ya usakee kamiyaan dhoondh lete hain isase yah aurat aisee hai iseelie log hain drshti se dekhate hain balki aisa nahin hai usakee koee galatee nahin hotee hai agar maal us mahila ko hey drshti se dekha jaata hai to yah galat hai bilkul nahin dekhana chaahie

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दुष्कर्म से पीड़ित महिला को समाज हेय की दृष्टि से क्यों देखता रहता है?Dushkaram Se Peedit Mahila Ko Samaj Hey Ki Drishti Se Kyun Dekata Rehta Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
1:01
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है दुष्कर्म से पीड़ित महिला को समाज है की दृष्टि से क्यों देखता है तो फ्रेंड लिस्ट समाज में पुरुष प्रधान समाज है और यहां पर लोग आदमियों को तो कुछ नहीं कहते लेकिन महिला को हेय दृष्टि से देखते हैं जबकि गलती पुरुष की होती है जब किसी औरत का वह अपमान करता है व्यक्ति करता है और उसका दुष्कर्म करता है तो उसमें पुरुष की गलती होती है तो भी महिला को ही दृष्टि से देखते हैं समाज में बहुत गलत धारणा है ऐसा नहीं होना चाहिए उसे महिला का कोई दोष नहीं होता है उस इंसान को सजा मिलनी चाहिए उस पुरुष को सजा मिलनी चाहिए जिसने औरत के साथ जबरदस्ती की है तो सजा उसको मिलनी चाहिए ना कि औरत को मिलनी चाहिए लेकिन बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जो औरतों को एक अलग दृष्टि से देखते हैं बल्कि ऐसा नहीं करना चाहिए और पुरुषों जो भी पुरुष इस तरह से औरत के साथ दुष्कर्म करता है उस को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai dushkarm se peedit mahila ko samaaj hai kee drshti se kyon dekhata hai to phrend list samaaj mein purush pradhaan samaaj hai aur yahaan par log aadamiyon ko to kuchh nahin kahate lekin mahila ko hey drshti se dekhate hain jabaki galatee purush kee hotee hai jab kisee aurat ka vah apamaan karata hai vyakti karata hai aur usaka dushkarm karata hai to usamen purush kee galatee hotee hai to bhee mahila ko hee drshti se dekhate hain samaaj mein bahut galat dhaarana hai aisa nahin hona chaahie use mahila ka koee dosh nahin hota hai us insaan ko saja milanee chaahie us purush ko saja milanee chaahie jisane aurat ke saath jabaradastee kee hai to saja usako milanee chaahie na ki aurat ko milanee chaahie lekin bahut saare aise log hote hain jo auraton ko ek alag drshti se dekhate hain balki aisa nahin karana chaahie aur purushon jo bhee purush is tarah se aurat ke saath dushkarm karata hai us ko kadee se kadee saja milanee chaahie

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दुष्कर्म से पीड़ित महिला को समाज हेय की दृष्टि से क्यों देखता रहता है?Dushkaram Se Peedit Mahila Ko Samaj Hey Ki Drishti Se Kyun Dekata Rehta Hai
neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए neelam जी का जवाब
I am nurse
2:58
नमस्कार दोस्तों एक मित्र का सवाल आया है कि दुष्कर्म से पीड़ित महिला को समाज है की दृष्टि से क्यों देखता देखता रहता तो दोस्त मैं आपसे जो भी सवाल देखेंगे उनसे यह पूछना चाहती हूं यह सवाल कौन बनाता है हम बनाते हैं हमें समाज में अगर हमारे साथ कुछ बुरा होता है तो हम कहते हैं कि हमारे साथ बुरा हुआ इसमें मेरी गलती नहीं थी कोई और औरत के साथ गलत होता है तो हम खुद आपस में बैठकर बात करते हैं कि उस लड़की का उसमें दोस्त था हम खुद उसे गलत नजरों से देखते हम खुद उसे अपने बच्चों को अपने परिवार की महिलाओं को अपने परिवार के लोगों को उससे बात करने के लिए उसके पास रहने के लिए उसके रिश्ता जोड़ मतलब कोई भी किसी तरह का रिश्ता रखने के लिए मना करते हैं उसे दूरी बना लेते हैं तो समाज हमें बनाते हैं दोस्तों हमारे ही मन की गंदगी उस समाज में और समाज में हमारे ही जैसे लोगे और हम भी उसी समाज का एक हिस्सा है खुशी की बात है दोस्तों की महिला जो होती है औरत जो होती है चाहे अभी नगर रोड पर कोई लड़की जा रही है और 4 लोग उसके साथ गलत बात कर रहे हैं कमेंट कर रहे हैं तो लोग उसको लोगों को कुछ नहीं कहेगा बल्कि यह कहेगा कि अरे वह देखो जा रही है ना इसलिए बोल रहे हैं तो उसमें उसकी कोई गलती नहीं होती है फिर भी उसको सुनना ही पड़ता है कोई अगर कुछ होता है तो उसमें लड़की का ही दोस्त है आज से नहीं बहुत मतलब पहले से ही यह सारी चीजें होती है सीता सीता की कहानी सीता माता की कहानी दे दीजिए रामायण में क्या है सीता जी ने तो अपनी ईमानदारी के साथ अपने पति की कदम से कदम मिलाकर उन्होंने बंद करने जाना स्वीकार कर लिया और वहां से उनको ले जाया गया वह 1 महीने कैसे जंगल में अशोक पेड़ के नीचे राकेश और अपना जीवन यापन के बाद में एक एक तुच्छ प्राणी में उनको अंजाम लगा दिया क्यों उनके घर जाकर क्या ऐसे ही आई होंगी तो दोस्तों और सबके यह दुनिया का दी आज का नहीं बहुत पहले का यह सारी चीजें इंसान के मन में यह चीजें हैं कि औरत को ही गलत ठहराया जाता है उसे गलत नजरों से देखा जाता है हम बैठकर अपने बच्चों को या दूसरे के सामने हम बोलेंगे और हमारे घर के मर्द बोलते हैं अरे वह लड़की है गलत नजर से किसी को नहीं तो खुद ही वह काम दूसरी औरतों के साथ में करते हैं तो दोस्तों यह सारी चीजें शुरू से ही है और आज कितना भी इंसान पढ़ लिख लिया है लेकिन कहीं ना कहीं वहीं उनका और सोचो उनकी मानसिकता वही है आज भी और इसीलिए एक दुष्कर्म से पीड़ित महिला को गलत नजर से देखता है उसका दूध कितना भी उसे अगर कोर्ट सही भी साबित कर देगा किस लड़की की गलती नहीं थी फिर भी लोगों को गलत निगाह से देखते हैं और उसको यह था जलाते रहते हैं कि तुम्हारे साथ गलत हुआ है और अपने अंदर भी होगा उसको देखकर गलत बात का गलत विचार भावना अपने अंदर रखते हैं और इसलिए उनको नजरों से वह देश के दिखने लगती है तो दोस्तों यही होता है और आशा है मेरा जवाब आपको पसंद आएगा ऐसी स्वस्थ रहिए मस्त रहिए देश की सुरक्षा के लिए दोस्तों जय हिंद
Namaskaar doston ek mitr ka savaal aaya hai ki dushkarm se peedit mahila ko samaaj hai kee drshti se kyon dekhata dekhata rahata to dost main aapase jo bhee savaal dekhenge unase yah poochhana chaahatee hoon yah savaal kaun banaata hai ham banaate hain hamen samaaj mein agar hamaare saath kuchh bura hota hai to ham kahate hain ki hamaare saath bura hua isamen meree galatee nahin thee koee aur aurat ke saath galat hota hai to ham khud aapas mein baithakar baat karate hain ki us ladakee ka usamen dost tha ham khud use galat najaron se dekhate ham khud use apane bachchon ko apane parivaar kee mahilaon ko apane parivaar ke logon ko usase baat karane ke lie usake paas rahane ke lie usake rishta jod matalab koee bhee kisee tarah ka rishta rakhane ke lie mana karate hain use dooree bana lete hain to samaaj hamen banaate hain doston hamaare hee man kee gandagee us samaaj mein aur samaaj mein hamaare hee jaise loge aur ham bhee usee samaaj ka ek hissa hai khushee kee baat hai doston kee mahila jo hotee hai aurat jo hotee hai chaahe abhee nagar rod par koee ladakee ja rahee hai aur 4 log usake saath galat baat kar rahe hain kament kar rahe hain to log usako logon ko kuchh nahin kahega balki yah kahega ki are vah dekho ja rahee hai na isalie bol rahe hain to usamen usakee koee galatee nahin hotee hai phir bhee usako sunana hee padata hai koee agar kuchh hota hai to usamen ladakee ka hee dost hai aaj se nahin bahut matalab pahale se hee yah saaree cheejen hotee hai seeta seeta kee kahaanee seeta maata kee kahaanee de deejie raamaayan mein kya hai seeta jee ne to apanee eemaanadaaree ke saath apane pati kee kadam se kadam milaakar unhonne band karane jaana sveekaar kar liya aur vahaan se unako le jaaya gaya vah 1 maheene kaise jangal mein ashok ped ke neeche raakesh aur apana jeevan yaapan ke baad mein ek ek tuchchh praanee mein unako anjaam laga diya kyon unake ghar jaakar kya aise hee aaee hongee to doston aur sabake yah duniya ka dee aaj ka nahin bahut pahale ka yah saaree cheejen insaan ke man mein yah cheejen hain ki aurat ko hee galat thaharaaya jaata hai use galat najaron se dekha jaata hai ham baithakar apane bachchon ko ya doosare ke saamane ham bolenge aur hamaare ghar ke mard bolate hain are vah ladakee hai galat najar se kisee ko nahin to khud hee vah kaam doosaree auraton ke saath mein karate hain to doston yah saaree cheejen shuroo se hee hai aur aaj kitana bhee insaan padh likh liya hai lekin kaheen na kaheen vaheen unaka aur socho unakee maanasikata vahee hai aaj bhee aur iseelie ek dushkarm se peedit mahila ko galat najar se dekhata hai usaka doodh kitana bhee use agar kort sahee bhee saabit kar dega kis ladakee kee galatee nahin thee phir bhee logon ko galat nigaah se dekhate hain aur usako yah tha jalaate rahate hain ki tumhaare saath galat hua hai aur apane andar bhee hoga usako dekhakar galat baat ka galat vichaar bhaavana apane andar rakhate hain aur isalie unako najaron se vah desh ke dikhane lagatee hai to doston yahee hota hai aur aasha hai mera javaab aapako pasand aaega aisee svasth rahie mast rahie desh kee suraksha ke lie doston jay hind

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