#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker

क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?

Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Raghvendra जी का जवाब
Unknown
2:59
हेलो फ्रेंड्स नमस्कार जैसा कि आप का प्रेस नहीं क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं जिसे फ्रेंड आप को बुरा भी नहीं लगेगा लेकिन ग्रुप को अगर आप क्या करेंगे तो आपकी लाइफ जो है वह चेंज हो जाएगी आपका आशिक तो जो है वह खत्म हो जाएगा सर क्योंकि गुरु ही होता है जो हमें का बिल बनाता है आज तक जो है चाहे जिस सेक्टर में हो जाए पढ़ाई लिखाई खेलकूद कहीं पर भी हो किसी ना किसी इंसान को जो है किसी ने किसी का साथ लेना पड़ता है हम देखी फ्रेंड पैदाइशी कहीं से सीखे नहीं आती हमें पढ़ाया कैसे जाता है हम पढ़ते कैसे हैं शीला कैसे जाता है कहीं पर जाते हैं घूमने तो वह चीज क्या होती है कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में हमें एक सहायता की आवश्यकता पड़ती है जो हमारा दिशा निर्देशन करता है उसे जो है हमें गुरु कहते हैं और बिना गुरु के फ्रेंड आप दिशाहीन हो हो जाएंगे और आप का अस्तित्व जो है वह खत्म हो जाएगा गुरु ही होता है जो हमें बताता है कि सही क्या है और गलत क्या है आप समझिए कि अगर आपके पास गुरु ही ना हो तो आप गलत काम को भी सच मान के चलेंगे और आप उसको चलते चलते एक न एक दिन जो है अपना खुद का अस्तित्व जो है स्वयं खत्म कर देंगे तो फ्रेंड अगर आपके दिल में या दिमाग में ऐसा विचार आया है कि गुरु को जो है त्याग दें बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं फ्रेंड आप ऐसा नहीं किया जाता लेकिन फ्रेंड गुरु के त्याग करके अगर आप किसी लक्ष्य को पाना चाहते हैं तुम्हें चैलेंज देता हूं आपको उस अवस्था लक्ष्य तक आप नहीं पहुंच पाएंगे फ्रेंड क्योंकि गुरु ही होता है जो हमें सिखाता है कि अच्छा क्या है बुरा क्या है उस वही होता है जो निस्वार्थ हमें बताता है कि प्रिंट गुरु और माता-पिता दो ही चीज ऐसे होते हैं जो यह चाहते हैं कि आप से आगे निकल जाए बाकी दुनिया में कोई ऐसा शख्स नहीं है जो यह चाहेगा आप हमसे आगे हो चाहे वह भाई हो बहन हो दोस्ती अच्छे रिश्तेदार हो सगे संबंधियों कोई भी हो पहला तो गुरु दूसरा मां-बाप यह दो इंसान ऐसे होते हैं तीन इंसान चुकी हमेशा चाहते हैं कि मेरा बेटा मेरा पड़ोसी मेरा साथ रहने वाला हमेशा हमसे दो कदम आगे ही रहे तीसरा कोई इस दुनिया में पैदा ही नहीं होगा तो अगर आपके दिल में दिमाग में सुविचार आया है तो आप उस गुरु से क्षमा प्रार्थी करने की प्रभु ऐसी गलती हो गई है मुझसे लेकिन आप यकीन मानिए फ्रेंड की धरती पर हो आपको यह प्रकार से भगवान ही है गुरु का कर्जा हम कभी नहीं उतार सकते आप यकीन मानिए प्रकार से हमारे भगवान ही है ऐसा जवाब पसंद आया होगा नमस्कार
Helo phrends namaskaar jaisa ki aap ka pres nahin kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain jise phrend aap ko bura bhee nahin lagega lekin grup ko agar aap kya karenge to aapakee laiph jo hai vah chenj ho jaegee aapaka aashik to jo hai vah khatm ho jaega sar kyonki guru hee hota hai jo hamen ka bil banaata hai aaj tak jo hai chaahe jis sektar mein ho jae padhaee likhaee khelakood kaheen par bhee ho kisee na kisee insaan ko jo hai kisee ne kisee ka saath lena padata hai ham dekhee phrend paidaishee kaheen se seekhe nahin aatee hamen padhaaya kaise jaata hai ham padhate kaise hain sheela kaise jaata hai kaheen par jaate hain ghoomane to vah cheej kya hotee hai kaheen na kaheen kisee na kisee roop mein hamen ek sahaayata kee aavashyakata padatee hai jo hamaara disha nirdeshan karata hai use jo hai hamen guru kahate hain aur bina guru ke phrend aap dishaaheen ho ho jaenge aur aap ka astitv jo hai vah khatm ho jaega guru hee hota hai jo hamen bataata hai ki sahee kya hai aur galat kya hai aap samajhie ki agar aapake paas guru hee na ho to aap galat kaam ko bhee sach maan ke chalenge aur aap usako chalate chalate ek na ek din jo hai apana khud ka astitv jo hai svayan khatm kar denge to phrend agar aapake dil mein ya dimaag mein aisa vichaar aaya hai ki guru ko jo hai tyaag den bahut badee galatee kar rahe hain phrend aap aisa nahin kiya jaata lekin phrend guru ke tyaag karake agar aap kisee lakshy ko paana chaahate hain tumhen chailenj deta hoon aapako us avastha lakshy tak aap nahin pahunch paenge phrend kyonki guru hee hota hai jo hamen sikhaata hai ki achchha kya hai bura kya hai us vahee hota hai jo nisvaarth hamen bataata hai ki print guru aur maata-pita do hee cheej aise hote hain jo yah chaahate hain ki aap se aage nikal jae baakee duniya mein koee aisa shakhs nahin hai jo yah chaahega aap hamase aage ho chaahe vah bhaee ho bahan ho dostee achchhe rishtedaar ho sage sambandhiyon koee bhee ho pahala to guru doosara maan-baap yah do insaan aise hote hain teen insaan chukee hamesha chaahate hain ki mera beta mera padosee mera saath rahane vaala hamesha hamase do kadam aage hee rahe teesara koee is duniya mein paida hee nahin hoga to agar aapake dil mein dimaag mein suvichaar aaya hai to aap us guru se kshama praarthee karane kee prabhu aisee galatee ho gaee hai mujhase lekin aap yakeen maanie phrend kee dharatee par ho aapako yah prakaar se bhagavaan hee hai guru ka karja ham kabhee nahin utaar sakate aap yakeen maanie prakaar se hamaare bhagavaan hee hai aisa javaab pasand aaya hoga namaskaar

और जवाब सुनें

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
RADHe Joshi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए RADHe जी का जवाब
Unknown
0:05
नहीं तो आप सकते

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
0:51
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं निश्चित रूप से त्याग कर सकते हैं लेकिन पूर्ण विनम्रता के साथ और गुरु की गुरु को गुरु के सम्मान के साथ उसको सच्चाई बता कर अपनी समस्या बता कर उसको त्याग कर सकते हैं शायद गुरु इससे भी मार्ग निकाले लेकिन गुरु की आवश्यकता ही नहीं रही हो ए तो उससे विनम्रता पूर्वक हम चैट धन्यवाद
Kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain nishchit roop se tyaag kar sakate hain lekin poorn vinamrata ke saath aur guru kee guru ko guru ke sammaan ke saath usako sachchaee bata kar apanee samasya bata kar usako tyaag kar sakate hain shaayad guru isase bhee maarg nikaale lekin guru kee aavashyakata hee nahin rahee ho e to usase vinamrata poorvak ham chait dhanyavaad

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
NeelamAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए NeelamAwasthi जी का जवाब
I am housewife
0:35
सवाल है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं देखिए आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार गुरु वही माना जाता है जो स्वयं में ज्ञान का सागर समेटे हुए हैं ऐसा गुरु जिनकी कथनी और करनी में अंतर हो अर्थात जो अपने शिष्यों को तो शिक्षा देते हो लेकिन वही सीख उनके आचरण में ना हो ऐसे गुरु का त्याग कर देने में ही आपकी भलाई है विद्या के अभाव में जी रहा व्यक्ति कभी भी अच्छा गुरु नहीं हो सकता है धन्यवाद
Savaal hai kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain dekhie aachaary chaanaky neeti ke anusaar guru vahee maana jaata hai jo svayan mein gyaan ka saagar samete hue hain aisa guru jinakee kathanee aur karanee mein antar ho arthaat jo apane shishyon ko to shiksha dete ho lekin vahee seekh unake aacharan mein na ho aise guru ka tyaag kar dene mein hee aapakee bhalaee hai vidya ke abhaav mein jee raha vyakti kabhee bhee achchha guru nahin ho sakata hai dhanyavaad

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Pradumn kumar Vajpayee Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Pradumn जी का जवाब
Bijneas9369174848
0:52
प्रश्न है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग कर सकते हैं अगर गुरु कोई गलत रास्ते पर हैं और उनके आचरण अच्छे नहीं हैं और वह आपको अच्छी सलाह नहीं दे रही है आपको वह गलत रास्ते की ओर ले जा रहे हैं और आप समझ रहे हैं कि हमारे गुरु के गुण अच्छे नहीं हैं और आप अपनी जगह सही हैं इस कारणवश आप गुरु का त्याग कर सकते हैं और यही उचित होगा क्योंकि कोई भी गुरु अपने शिष्य को अच्छी सलाह लेकर 4 और सही राह निकल जाएगा अगर गुरुजी गलत रास्ते पर हैं तो उस गुरु का चेक करना ही उचित होगा धन्यवाद मित्र
Prashn hai kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag kar sakate hain agar guru koee galat raaste par hain aur unake aacharan achchhe nahin hain aur vah aapako achchhee salaah nahin de rahee hai aapako vah galat raaste kee or le ja rahe hain aur aap samajh rahe hain ki hamaare guru ke gun achchhe nahin hain aur aap apanee jagah sahee hain is kaaranavash aap guru ka tyaag kar sakate hain aur yahee uchit hoga kyonki koee bhee guru apane shishy ko achchhee salaah lekar 4 aur sahee raah nikal jaega agar gurujee galat raaste par hain to us guru ka chek karana hee uchit hoga dhanyavaad mitr

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Dinesh Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Dinesh जी का जवाब
Ji
2:28
सवाल पूछा गया है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं या नहीं बहुत ही अच्छा प्रश्न है और इस सवाल का जवाब देने से पहले मैं सवाल करता को बता देता हूं कि हमारे संस्कृत में हमारे वेदों में छह अलग-अलग तरीके के गुरु बताए गए हैं जिसमें अध्यापक आता है आचार्य आता है उपाध्याय आता है दृष्टा आता है पंडित आता है गुरु आता है तो उन सब के अलग-अलग क्वालिटी सोते हैं अब जो आप स्कूल में आप जिसको बोलते हैं जो जो स्कूल में पढ़ा रहे हैं फिलहाल आज के टाइम में उसको हम लोग अध्यापक बोलते हैं उसी तरीके से अलग-अलग स्किल अगर हमारे अंदर कोई स्किल ट्रेनिंग देने के होते जैसे हमें कराटे सीखना है या कुछ और कोई स्किल सीखना है जोड़ो जोड़ो सीखना है तो हमें जो गुरु मिलता है उसको हम लोग आचार्य बोलते हैं इसी तरीके से दृष्टा उपाध्याय और पंडित इस तरीके से और भी लोग होते हैं जो आज की तारीख में उन सबको हम लोग गुरु ही बोलते हैं क्योंकि हमें और कोई ज्यादा बड पता नहीं है या हमें और ज्यादा क्वालिटीज पता नहीं है कि किस कौन सी क्वालिटी वाले इंसान को गुरु कहते हैं तो गुरु वह है जो हमें आत्मज्ञान प्राप्त करवाएं जो हमें अंधेरे से उजाले की तरफ ले आए जो हमें भक्ति करना सिखा दें और जो इंसान हमें धर्म सिखा दें जो हमारे अंदर इंटेलिजेंस पैदा कर दे उसको हम लोग गुरु कहते हैं तो अगर ऐसे गुरु आपको मिल चुके हैं तो किसी का जोर नहीं है कि आप उनको देख कर सकते हैं नहीं कर सकते हैं पर ऐसे गुरु को त्यागना मूर्खता होगी और अगर ऐसे गुरु आपको मिल चुके हैं जो आपको आत्मज्ञान दे रहे हैं या फिर आपको भक्ति मार्ग में अच्छे से लेकर जा रहे हैं उनके अंदर किसी भी तरीके का कपट नहीं है तो ऐसे को जागना सही बात नहीं परंतु अगर वह गुरु है ही नहीं और वह किसी और श्रेणी में आते हैं उपाध्याय या फिर पंडित में या किसी और श्रेणी में आते हैं तो अपुन को त्याग कर सकते हैं उम्मीद करता हूं अगले सवाल के साथ आप जरूर जुड़ेंगे धन्यवाद
Savaal poochha gaya hai kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain ya nahin bahut hee achchha prashn hai aur is savaal ka javaab dene se pahale main savaal karata ko bata deta hoon ki hamaare sanskrt mein hamaare vedon mein chhah alag-alag tareeke ke guru batae gae hain jisamen adhyaapak aata hai aachaary aata hai upaadhyaay aata hai drshta aata hai pandit aata hai guru aata hai to un sab ke alag-alag kvaalitee sote hain ab jo aap skool mein aap jisako bolate hain jo jo skool mein padha rahe hain philahaal aaj ke taim mein usako ham log adhyaapak bolate hain usee tareeke se alag-alag skil agar hamaare andar koee skil trening dene ke hote jaise hamen karaate seekhana hai ya kuchh aur koee skil seekhana hai jodo jodo seekhana hai to hamen jo guru milata hai usako ham log aachaary bolate hain isee tareeke se drshta upaadhyaay aur pandit is tareeke se aur bhee log hote hain jo aaj kee taareekh mein un sabako ham log guru hee bolate hain kyonki hamen aur koee jyaada bad pata nahin hai ya hamen aur jyaada kvaaliteej pata nahin hai ki kis kaun see kvaalitee vaale insaan ko guru kahate hain to guru vah hai jo hamen aatmagyaan praapt karavaen jo hamen andhere se ujaale kee taraph le aae jo hamen bhakti karana sikha den aur jo insaan hamen dharm sikha den jo hamaare andar intelijens paida kar de usako ham log guru kahate hain to agar aise guru aapako mil chuke hain to kisee ka jor nahin hai ki aap unako dekh kar sakate hain nahin kar sakate hain par aise guru ko tyaagana moorkhata hogee aur agar aise guru aapako mil chuke hain jo aapako aatmagyaan de rahe hain ya phir aapako bhakti maarg mein achchhe se lekar ja rahe hain unake andar kisee bhee tareeke ka kapat nahin hai to aise ko jaagana sahee baat nahin parantu agar vah guru hai hee nahin aur vah kisee aur shrenee mein aate hain upaadhyaay ya phir pandit mein ya kisee aur shrenee mein aate hain to apun ko tyaag kar sakate hain ummeed karata hoon agale savaal ke saath aap jaroor judenge dhanyavaad

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Ram Kumawat  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ram जी का जवाब
Unknown
0:38
हेलो फ्रेंड्स आप का सवाल है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं तो हम बता रहे हैं कि चाणक्य ने द्वारा बताए गए आप नीति की दवा बताइए क्या तू बटे पांच ऐसे 12 त्यागने की बारे में बता रखा है चाणक्य की नीति के अनुसार गुरु वही है जो समय को ज्ञान का सागर समेटे हुए हैं ऐसे गुरुजन की कथनी और करनी में अंतर हो अर्थात जो अपने शिष्यों को तो शिक्षा देते हैं लेकिन वही सीख उनके आचरण मैंने हो ऐसे गुरु का त्याग कर देना ही चाहिए जितनी बात
Helo phrends aap ka savaal hai kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain to ham bata rahe hain ki chaanaky ne dvaara batae gae aap neeti kee dava bataie kya too bate paanch aise 12 tyaagane kee baare mein bata rakha hai chaanaky kee neeti ke anusaar guru vahee hai jo samay ko gyaan ka saagar samete hue hain aise gurujan kee kathanee aur karanee mein antar ho arthaat jo apane shishyon ko to shiksha dete hain lekin vahee seekh unake aacharan mainne ho aise guru ka tyaag kar dena hee chaahie jitanee baat

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Ramlal Kumawat  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ramlal जी का जवाब
Students
0:44

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
0:37
शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं और जहां तक आप को बदलने की बात है वह आपकी मर्जी किसी शास्त्रों में तो बहुत कुछ लिखा गया है कि गुरु का रिलेशन और विशाल के आज के आधुनिक समय में मानते हो क्या आप लोग और कहीं नहीं गए हम कह सकते हैं कि मान सकते हो तो मारी नहीं कर सकते हो तो मत करो
Shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain aur jahaan tak aap ko badalane kee baat hai vah aapakee marjee kisee shaastron mein to bahut kuchh likha gaya hai ki guru ka rileshan aur vishaal ke aaj ke aadhunik samay mein maanate ho kya aap log aur kaheen nahin gae ham kah sakate hain ki maan sakate ho to maaree nahin kar sakate ho to mat karo

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
1:51
सवाल ये कि क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग कर सकते हैं गुरु गीता सकंद पुराण का एक भाग है इसमें 352 लोग हैं यह भगवान शिव और माता पार्वती के बीच संवाद रूप में है इसकी रचना महर्षि वेदव्यास जी ने की थी कन्दपुरम पुराण में भगवान शिव ने गुरु की महत्ता का बखान किया है गुरु और उसकी मेहता का व्याख्या गुरु का स्वरूप गुरु पूजा करने की विधि निश्चित गुरु गुरु गीता को पढ़ने के लाभ आदि का वर्णन इस महान ग्रंथ में किया गया है निश्चित गुरु वह होता है जिसका त्याग कर देना चाहिए ज्ञान रहित अच्छा बोलने वाले और दिखावटी करने वाले गुरु पर क्या कर देना चाहिए क्योंकि जो अपनी ही शांति पाना नहीं जानता मैं दूसरों को क्या शांति दे सकेगा पत्थरों के समूह को तेरा नी का ज्ञान पत्थर में कहां से हो सकता है जो खुद करना नहीं जानता वह दूसरों को क्या कह रहेगा जो गुरु अपने दर्शन से शिष्य को भ्रांति में डालता है ऐसे गुरु को प्रणाम नहीं करना चाहिए इतना ही नहीं दूर से ही उसका त्याग करना चाहिए ऐसी स्थिति में धैर्यवान गुरु का ही आश्रय लेना चाहिए बुद्धि उत्पन्न करने वाली स्त्री लंपट दुराचारी नमक हराम बगुले की तरह ठगने वाले शमा रहे निंदनीय तर्कों से रतन डावाड करने वाले कामी क्रोधी हिंसक उग्रवाद तथा अज्ञानी और महा पापी पुरुष को गुरु नहीं बनाना चाहिए ऐसा विचार करके ऊपर दिए लक्षणों से बिना लक्षणों वाले गुरु की एक लिस्ट भक्ति से सेवा करनी चाहिए यह निश्चित गुरु का सर्वथा त्याग करना चाहिए
Savaal ye ki kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag kar sakate hain guru geeta sakand puraan ka ek bhaag hai isamen 352 log hain yah bhagavaan shiv aur maata paarvatee ke beech sanvaad roop mein hai isakee rachana maharshi vedavyaas jee ne kee thee kandapuram puraan mein bhagavaan shiv ne guru kee mahatta ka bakhaan kiya hai guru aur usakee mehata ka vyaakhya guru ka svaroop guru pooja karane kee vidhi nishchit guru guru geeta ko padhane ke laabh aadi ka varnan is mahaan granth mein kiya gaya hai nishchit guru vah hota hai jisaka tyaag kar dena chaahie gyaan rahit achchha bolane vaale aur dikhaavatee karane vaale guru par kya kar dena chaahie kyonki jo apanee hee shaanti paana nahin jaanata main doosaron ko kya shaanti de sakega pattharon ke samooh ko tera nee ka gyaan patthar mein kahaan se ho sakata hai jo khud karana nahin jaanata vah doosaron ko kya kah rahega jo guru apane darshan se shishy ko bhraanti mein daalata hai aise guru ko pranaam nahin karana chaahie itana hee nahin door se hee usaka tyaag karana chaahie aisee sthiti mein dhairyavaan guru ka hee aashray lena chaahie buddhi utpann karane vaalee stree lampat duraachaaree namak haraam bagule kee tarah thagane vaale shama rahe nindaneey tarkon se ratan daavaad karane vaale kaamee krodhee hinsak ugravaad tatha agyaanee aur maha paapee purush ko guru nahin banaana chaahie aisa vichaar karake oopar die lakshanon se bina lakshanon vaale guru kee ek list bhakti se seva karanee chaahie yah nishchit guru ka sarvatha tyaag karana chaahie

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 55
सुनिए KamalKishorAwasthi जी का जवाब
घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
2:38
सवाल है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं देखिए गुरु गीता स्कंद पुराण का एक भाग है इसमें 352 श्लोक है या भगवान शिव और माता पार्वती के बीच संवाद रूप में है इसकी रचना महर्षि वेदव्यास जी ने की थी स्कंद पुराण में भगवान शिव ने गुरु की महत्ता का बखान किया है गुरु और उसकी महत्ता की व्याख्या गुरु का स्वरूप गुरु पूजा करने की विधि निश्चित गुरु गुरु गीता को पढ़ने के लाभ आदि का वर्णन किस महान ग्रंथ में किया गया है ज्ञान ही न्यू गुरु त्याज्य मितावादी नंबर का सभी शांति न जानाति पर शांति करो थी अर्थात ज्ञान रहित मीठा बोलने वाले और दिखावटी करने वाले गुरु का त्याग कर देना चाहिए क्योंकि जो अपनी ही शांति पाना नहीं जानता वह दूसरों को क्या शांति देगा शीला आया क्यों प्रज्ञानंद जिला संघ प्रचारिणी स्वयं कर तू न जानाति पर निस्तारित कथा अर्थात पत्थरों के समूह को फहराने का ज्ञान पत्थर में कहां से हो सकता है जो खुद करना नहीं जानता वह दूसरों को क्या टेरा आएगा ना बंदनी वास्ते कस्टम दर्शनार्थ भ्रांति का आरंभ वर्जन तान गुंदूरी धीराने समाचरेत अर्थात जुगनू अपने दर्शन से दिखावे से चित्र को भ्रांति में डालता है ऐसे गुरु को प्रणाम तक नहीं करना चाहिए इतना दूर से ही उसका त्याग करना चाहिए ऐसी स्थिति में धैर्यवान गुरु का ही आश्रय लेना चाहिए भेद उत्पन्न करने स्त्री लंपट दुराचारी नमक हराम बगुले की तरह ठगने वाले हमारे हित निंदनीय तर्कों से विद अनुवाद करने वाली कामी क्रोधी हिंसक उग्र 60 तथा अज्ञानी और महा पापी पुरुष को गुरु नहीं बनाना चाहिए शास्त्र अनुसार यह त्यागने योग्य है धन्यवाद
Savaal hai kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain dekhie guru geeta skand puraan ka ek bhaag hai isamen 352 shlok hai ya bhagavaan shiv aur maata paarvatee ke beech sanvaad roop mein hai isakee rachana maharshi vedavyaas jee ne kee thee skand puraan mein bhagavaan shiv ne guru kee mahatta ka bakhaan kiya hai guru aur usakee mahatta kee vyaakhya guru ka svaroop guru pooja karane kee vidhi nishchit guru guru geeta ko padhane ke laabh aadi ka varnan kis mahaan granth mein kiya gaya hai gyaan hee nyoo guru tyaajy mitaavaadee nambar ka sabhee shaanti na jaanaati par shaanti karo thee arthaat gyaan rahit meetha bolane vaale aur dikhaavatee karane vaale guru ka tyaag kar dena chaahie kyonki jo apanee hee shaanti paana nahin jaanata vah doosaron ko kya shaanti dega sheela aaya kyon pragyaanand jila sangh prachaarinee svayan kar too na jaanaati par nistaarit katha arthaat pattharon ke samooh ko phaharaane ka gyaan patthar mein kahaan se ho sakata hai jo khud karana nahin jaanata vah doosaron ko kya tera aaega na bandanee vaaste kastam darshanaarth bhraanti ka aarambh varjan taan gundooree dheeraane samaacharet arthaat juganoo apane darshan se dikhaave se chitr ko bhraanti mein daalata hai aise guru ko pranaam tak nahin karana chaahie itana door se hee usaka tyaag karana chaahie aisee sthiti mein dhairyavaan guru ka hee aashray lena chaahie bhed utpann karane stree lampat duraachaaree namak haraam bagule kee tarah thagane vaale hamaare hit nindaneey tarkon se vid anuvaad karane vaalee kaamee krodhee hinsak ugr 60 tatha agyaanee aur maha paapee purush ko guru nahin banaana chaahie shaastr anusaar yah tyaagane yogy hai dhanyavaad

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
2:24
प्रश्न है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं तो दिखे फ्रेंडशिप गुरु को कभी नहीं ताकि पहचान अब शास्त्र को माने या ना माने लेकिन उस शास्त्रों की गरमाने तू बड़ी अजीब अजीब सी बातें लिखी गई है जो मैं कुछ शब्द आपको सुनाना चाहूंगा कि उनकी हिंदी में अनुवाद ही सुनाना चाहूंगा कि कहा जाता है कि जो भी सभी ब्राम्हण ब्राम्हण की जो पैर है दक्षिण में है और उनकी उनकी जो चार वेद उनके मुख में है मतलब चारों वेद उनके मुख में माना गया है और अंग में सभी देवी देवता आचरेकर के रहते हैं मतलब उनके मुख में ही चारों वेद हैं और उनके अंग में उनके शरीर में कहा जाए कि देवताओं का निवास है इसलिए ऐसी मान्यता है कि ब्राह्मण की पूजा करने से सभी जो देवी देवता है खुश होते हैं प्रसन्न होते हैं पृथ्वी पर ब्राम्हण स्वरूप ब्राह्मण को ब्राह्मण को विष्णु स्वरूप माना जाता है इसलिए कहा जाता है कि अपना अगर कल्याण कल्याण का की इच्छा हो तो ब्राह्मणों का कवि अपमान आदेश नहीं करना चाहिए और इसके अलावा भी एक शब्द लिखा गया इससे क्या होता है कि सारा संसार अगर देवताओं के अधीन रखा जाता है जो पूरा संसार है पूरी देवताओं के अधीन है तथा देवता जो है मंत्रों के आधीन मंत्र ब्राम्हण के अधीन है अब ब्राम्हण देवता माने जाने का एक और प्रमुख कारण ब्राम्हण को भी शास्त्र जो कहता है ब्राह्मण जो है वह हमारे देवी देवता के समान है हमें उनकी ही पूजा करें तो हमारे भगवान जो है वह खुश रहेंगे यह सोचिए कि एक शास्त्र जुड़े हुए समाज को एक विशेषकर ग्रामीण समाज को सर्वोपरि मांगता है और सभी क्या जो और समाज है जो और समुदाय और जातियां हैं वह मतलब उनके अधीन रहे उनकी केवल ब्राह्मणों की पूजा करें तो क्या है कि वही सर्वोपरि होंगे और उनकी इच्छा पूरा होगी तभी शास्त्र कहता है और मैं आप से कहता हूं कि शास्त्र की मानी है ना मानी वह आपकी इच्छा है लेकिन मैं इतना जानता हूं गुरु का गुरु को त्याग नहीं कर सकते गुरु कहां मादर कर सकते हैं गुरु का सत्कार कर सकते हैं गुरु से प्यार कर सकते हैं ग्रुप की जो भी इच्छाएं हो हम उसे पूरा कर सकते हैं
Prashn hai kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain to dikhe phrendaship guru ko kabhee nahin taaki pahachaan ab shaastr ko maane ya na maane lekin us shaastron kee garamaane too badee ajeeb ajeeb see baaten likhee gaee hai jo main kuchh shabd aapako sunaana chaahoonga ki unakee hindee mein anuvaad hee sunaana chaahoonga ki kaha jaata hai ki jo bhee sabhee braamhan braamhan kee jo pair hai dakshin mein hai aur unakee unakee jo chaar ved unake mukh mein hai matalab chaaron ved unake mukh mein maana gaya hai aur ang mein sabhee devee devata aacharekar ke rahate hain matalab unake mukh mein hee chaaron ved hain aur unake ang mein unake shareer mein kaha jae ki devataon ka nivaas hai isalie aisee maanyata hai ki braahman kee pooja karane se sabhee jo devee devata hai khush hote hain prasann hote hain prthvee par braamhan svaroop braahman ko braahman ko vishnu svaroop maana jaata hai isalie kaha jaata hai ki apana agar kalyaan kalyaan ka kee ichchha ho to braahmanon ka kavi apamaan aadesh nahin karana chaahie aur isake alaava bhee ek shabd likha gaya isase kya hota hai ki saara sansaar agar devataon ke adheen rakha jaata hai jo poora sansaar hai pooree devataon ke adheen hai tatha devata jo hai mantron ke aadheen mantr braamhan ke adheen hai ab braamhan devata maane jaane ka ek aur pramukh kaaran braamhan ko bhee shaastr jo kahata hai braahman jo hai vah hamaare devee devata ke samaan hai hamen unakee hee pooja karen to hamaare bhagavaan jo hai vah khush rahenge yah sochie ki ek shaastr jude hue samaaj ko ek visheshakar graameen samaaj ko sarvopari maangata hai aur sabhee kya jo aur samaaj hai jo aur samudaay aur jaatiyaan hain vah matalab unake adheen rahe unakee keval braahmanon kee pooja karen to kya hai ki vahee sarvopari honge aur unakee ichchha poora hogee tabhee shaastr kahata hai aur main aap se kahata hoon ki shaastr kee maanee hai na maanee vah aapakee ichchha hai lekin main itana jaanata hoon guru ka guru ko tyaag nahin kar sakate guru kahaan maadar kar sakate hain guru ka satkaar kar sakate hain guru se pyaar kar sakate hain grup kee jo bhee ichchhaen ho ham use poora kar sakate hain

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
डॉ0 सीता शुक्ला Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए डॉ0 जी का जवाब
Unknown
1:06
नमस्कार मित्र आपका बहुत सुंदर प्रश्न है कि क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं तो हां मित्र हम अवश्य गुरु को त्याग सकते हैं हमारे शास्त्रों में कहा गया है सर जी धर्मं दया ही नाम विद्या ही नाम गुरूजी धार में दया का उपदेश ना हो वह धर्म में छोड़ देना चाहिए और जिस गुरु में ज्ञान नहीं होता है ऐसे गुरु का हमें त्याग कर देना चाहिए गुरु ही तो एक ऐसा होता है कि जिसके पास ज्ञान का भंडार होता है क्योंकि एक गुरु ही एक साधारण मनुष्य को जीवन के मूल्यों के बारे में सब कुछ बताता है और उसे जीवन जीने की सही मार्ग को बताता है बहुत से गुरु ऐसे होते हैं कि जो कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं अपने शिष्यों को तो वह कुछ बताते हैं और स्वयं में ही हूं का आचरण हो नहीं होता है तो हमें ऐसे गुरु को अवश्य त्याग देना चाहिए धन्यवाद
Namaskaar mitr aapaka bahut sundar prashn hai ki kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain to haan mitr ham avashy guru ko tyaag sakate hain hamaare shaastron mein kaha gaya hai sar jee dharman daya hee naam vidya hee naam guroojee dhaar mein daya ka upadesh na ho vah dharm mein chhod dena chaahie aur jis guru mein gyaan nahin hota hai aise guru ka hamen tyaag kar dena chaahie guru hee to ek aisa hota hai ki jisake paas gyaan ka bhandaar hota hai kyonki ek guru hee ek saadhaaran manushy ko jeevan ke moolyon ke baare mein sab kuchh bataata hai aur use jeevan jeene kee sahee maarg ko bataata hai bahut se guru aise hote hain ki jo kahate kuchh hain aur karate kuchh hain apane shishyon ko to vah kuchh bataate hain aur svayan mein hee hoon ka aacharan ho nahin hota hai to hamen aise guru ko avashy tyaag dena chaahie dhanyavaad

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:26
दिल कहता है कि गुरु जो है सर्वश्रेष्ठ होता है पलट भगवान के लिए कहा गया कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए तो यहां पर पहले गुरु की महत्ता भगवान से भी ज्यादा है नंबर एक नंबर दो बिना गुरु मिले न ज्ञान अज्ञान ना होए विराग के बिना गुरु के ज्ञान प्राप्त नहीं होता सबके जीवन में जब गुरुकुल चलते थे यदि अगर गुरु सहकर्मी है और अपने शिष्य के प्रति समर्पित है शिष्य का भविष्य को समाज समझने वाला है संचालित करने वाला है उसके जीवन को एक आधार बना कर के उसके जीवन में खुशियां बिखेरने वाला है समस्त ज्ञान का आधार है कभी दिखे रामचंद्र जी भी गुरुकुल में पढ़ने के लिए गए थे कृष्ण भगवान भी देखिए सांदीपनी गुरु के पास पढ़ने के लिए गए थे तो यह गुरुकुल की प्रथा जो है यह शुरू से चली आ रही है उस समय गुरुकुल चलते थे और आज कल स्कूल चलने लगे हैं तो यह भी अगर गुरु चरित्रवान नहीं है तो दूसरों को चैत्र क्या सिखाएगा इसलिए शास्त्रों में यह है कि उसी गुरु को त्याग सकते हैं जो चरित्रवान हो और शिष्यों के प्रति और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित हो ज्ञान और ध्यान जानने वाला हो अगर इन बातों से अगर वह मतलब वह अलग है अलग नहीं है और उसके अंदर कोई भी मदद चरित्र हीनता की बात हो तो उसको कभी भी त्याग आ जा सकता है उसको जो शास्त्रों में दिया हुआ
Dil kahata hai ki guru jo hai sarvashreshth hota hai palat bhagavaan ke lie kaha gaya ki guru govind dooo khade kaake laagoo paay balihaaree guru aapane govind diyo batae to yahaan par pahale guru kee mahatta bhagavaan se bhee jyaada hai nambar ek nambar do bina guru mile na gyaan agyaan na hoe viraag ke bina guru ke gyaan praapt nahin hota sabake jeevan mein jab gurukul chalate the yadi agar guru sahakarmee hai aur apane shishy ke prati samarpit hai shishy ka bhavishy ko samaaj samajhane vaala hai sanchaalit karane vaala hai usake jeevan ko ek aadhaar bana kar ke usake jeevan mein khushiyaan bikherane vaala hai samast gyaan ka aadhaar hai kabhee dikhe raamachandr jee bhee gurukul mein padhane ke lie gae the krshn bhagavaan bhee dekhie saandeepanee guru ke paas padhane ke lie gae the to yah gurukul kee pratha jo hai yah shuroo se chalee aa rahee hai us samay gurukul chalate the aur aaj kal skool chalane lage hain to yah bhee agar guru charitravaan nahin hai to doosaron ko chaitr kya sikhaega isalie shaastron mein yah hai ki usee guru ko tyaag sakate hain jo charitravaan ho aur shishyon ke prati aur apane kartavy ke prati samarpit ho gyaan aur dhyaan jaanane vaala ho agar in baaton se agar vah matalab vah alag hai alag nahin hai aur usake andar koee bhee madad charitr heenata kee baat ho to usako kabhee bhee tyaag aa ja sakata hai usako jo shaastron mein diya hua

bolkar speaker
क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं?Kya Shaastron Ke Anusaar Guru Ko Tyaag Sakte Hain
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:18
नमस्कार आपका प्रश्न है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं तो आपको बता दें देखिए जो सनातन धर्म है जो शास्त्र है उसके कोडिंग गुरु तू अपने शिष्य को क्या करता है लेकिन फिर से अपने घरों को कभी नहीं जा सकता मैं शुभकामनाएं आपके साथ धन्यवाद
Namaskaar aapaka prashn hai kya shaastron ke anusaar guru ko tyaag sakate hain to aapako bata den dekhie jo sanaatan dharm hai jo shaastr hai usake koding guru too apane shishy ko kya karata hai lekin phir se apane gharon ko kabhee nahin ja sakata main shubhakaamanaen aapake saath dhanyavaad

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

  • क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं क्या गुरु को त्याग सकते हैं
URL copied to clipboard