#जीवन शैली

bolkar speaker

हम लोगों के मस्तिष्क में इतने विचार कहां से आते हैं?

Hum Logon Ke Mastishk Mein Itne Vichar Kahan Se Aate Hain
Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Self student
3:17
नमस्कार गुड मॉर्निंग आपका प्रश्न है हम लोगों के मस्तिष्क में इतने विचार कहां से आते हैं दोस्तों हम सभी जानते हैं कि इस दुनिया में सबसे ज्यादा जो बुद्धिमान प्राणी है इंसान है मनुष्य है दिमाग इनके पास में बहुत ही ज्यादा होता है सब प्राणियों से ज्यादा सब जानवरों से ज्यादा दिमाग तो है तो सब तो उनमें इंसान ही है तो दोस्तों लोगों के मस्तिष्क में जो विचार होते हैं जो विभिन्न प्रकार के जो थॉट्स हैं विचार है वह कहां से आते हैं दोस्तों सबसे पहले सब दुनिया बनी होगी तो उनकी बुद्धि इतनी ज्यादा नहीं थी जब जब उनको आवश्यकता पड़ी तो इंसान अपनी सुविधा के लिए सोचने के लिए मजबूर हो गया और यह कहा भी जाता है की आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है तू जैसे ही आवश्यकता पड़ी तो आविष्कार करने के लिए इंसान खुद मजबूर हो गया और उन्हें करना पड़ा एक बार यदि किसी की लत लग जाती है तो फिर वह छुड़ाए नहीं छूट तो इंसानों को भी आविष्कार करने की ऐसी लत जो की अच्छी मान सकते हैं लग गई और बार-बार में सोचने के लिए मजबूर हो गया जिससे सभी मांगों में कंपटीशन की भावना आगे बढ़ने की भावना कुछ अलग करने की भावना एक सोच से अनेकों अनेक सोच रखने की क्षमता पनपने लगी इसी प्रकार से लोग लोगों के जो विचार हैं वह अपने अंदर से आते हैं क्योंकि वह खुद चाहते हैं कि आए दिन हम किसी ने किसी सुविधा का आविष्कार करें किस प्रकार से कर सकते हैं ऐसा क्या सोच है कि जिस से हमें कुछ सुविधा मिले कुछ हमारे देश के लिए हमारे लिए मनुष्यों के लिए प्राणी जगत के लिए भलाई हो तो दोस्तों मस्तिष्क में जो इतनी विचार आते हैं वह हम सब सुविधा के आधार पर कह सकते हैं कि जब जब मनुष्य को आवश्यकता पड़ती है तब तब वह सोचने के लिए मजबूर हो जाता है और इसने विचार फिर अपने आप ही पनपने लगते हैं क्योंकि जब किसी चीज की चीज को हम गहराई से सोचते हैं किसी चीज की आवश्यकता होती है तो उसको गहराई से सोचते हुए और तरह-तरह के विचार फिर लाने पड़ते हैं आजकल दुनिया में जो मशीनरी का युग है तो टेक्निकल रूप से पता नहीं कितनी कितनी चीजों के बारे में हमें सोचना पड़ता है जो टेक्निकल उपकरण उपलब्ध है बाजारों में उनको काम में लेने के लिए भी अलग अलग तरीके से अलग अलग जानकारी के हिसाब से हम उसको काम में लेते हैं तो उसके लिए भी जिसने नहीं बनाया है और जिसको काम ले रहा है तू उसके लिए भी उसे सोचना पड़ता है जिसको कैसे काम में ले ले और किस प्रकार से उसकी देखभाल कर सकते हैं यह भी एक प्रकार से विचार हो जाते हैं तो विचारों की तो जननी कहां से हमने तो हमारी आवश्यकता ही है सबसे बड़ी धन्यवाद
Namaskaar gud morning aapaka prashn hai ham logon ke mastishk mein itane vichaar kahaan se aate hain doston ham sabhee jaanate hain ki is duniya mein sabase jyaada jo buddhimaan praanee hai insaan hai manushy hai dimaag inake paas mein bahut hee jyaada hota hai sab praaniyon se jyaada sab jaanavaron se jyaada dimaag to hai to sab to unamen insaan hee hai to doston logon ke mastishk mein jo vichaar hote hain jo vibhinn prakaar ke jo thots hain vichaar hai vah kahaan se aate hain doston sabase pahale sab duniya banee hogee to unakee buddhi itanee jyaada nahin thee jab jab unako aavashyakata padee to insaan apanee suvidha ke lie sochane ke lie majaboor ho gaya aur yah kaha bhee jaata hai kee aavashyakata hee aavishkaar kee jananee hai too jaise hee aavashyakata padee to aavishkaar karane ke lie insaan khud majaboor ho gaya aur unhen karana pada ek baar yadi kisee kee lat lag jaatee hai to phir vah chhudae nahin chhoot to insaanon ko bhee aavishkaar karane kee aisee lat jo kee achchhee maan sakate hain lag gaee aur baar-baar mein sochane ke lie majaboor ho gaya jisase sabhee maangon mein kampateeshan kee bhaavana aage badhane kee bhaavana kuchh alag karane kee bhaavana ek soch se anekon anek soch rakhane kee kshamata panapane lagee isee prakaar se log logon ke jo vichaar hain vah apane andar se aate hain kyonki vah khud chaahate hain ki aae din ham kisee ne kisee suvidha ka aavishkaar karen kis prakaar se kar sakate hain aisa kya soch hai ki jis se hamen kuchh suvidha mile kuchh hamaare desh ke lie hamaare lie manushyon ke lie praanee jagat ke lie bhalaee ho to doston mastishk mein jo itanee vichaar aate hain vah ham sab suvidha ke aadhaar par kah sakate hain ki jab jab manushy ko aavashyakata padatee hai tab tab vah sochane ke lie majaboor ho jaata hai aur isane vichaar phir apane aap hee panapane lagate hain kyonki jab kisee cheej kee cheej ko ham gaharaee se sochate hain kisee cheej kee aavashyakata hotee hai to usako gaharaee se sochate hue aur tarah-tarah ke vichaar phir laane padate hain aajakal duniya mein jo masheenaree ka yug hai to teknikal roop se pata nahin kitanee kitanee cheejon ke baare mein hamen sochana padata hai jo teknikal upakaran upalabdh hai baajaaron mein unako kaam mein lene ke lie bhee alag alag tareeke se alag alag jaanakaaree ke hisaab se ham usako kaam mein lete hain to usake lie bhee jisane nahin banaaya hai aur jisako kaam le raha hai too usake lie bhee use sochana padata hai jisako kaise kaam mein le le aur kis prakaar se usakee dekhabhaal kar sakate hain yah bhee ek prakaar se vichaar ho jaate hain to vichaaron kee to jananee kahaan se hamane to hamaaree aavashyakata hee hai sabase badee dhanyavaad

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हम लोगों के मस्तिष्क में इतने विचार कहां से आते हैं?Hum Logon Ke Mastishk Mein Itne Vichar Kahan Se Aate Hain
Ramlal Kumawat  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Students
0:47

bolkar speaker
हम लोगों के मस्तिष्क में इतने विचार कहां से आते हैं?Hum Logon Ke Mastishk Mein Itne Vichar Kahan Se Aate Hain
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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student
1:00
आपका सवाल है कि लोगों के मस्तिष्क में दिन में इतने विचार कहां से थे तो लोगों के दिमाग में खोपड़ी में इसलिए चेतना व स्मृति ईरानी की मेमोरी का स्थान है वैसे भी ध्यान दिया नष्ट करना चाहिए यह त्वचा से भागना यहीं से आते हैं उसके साधना अर्थात ज्ञान प्राप्त करना यहां धीमा के मस्जिद का करम है पैसों में संकुचन ऐसे गति करवाने के लिए आवेदकों तंत्रिका सूत्रों द्वारा भेज देता इन क्रियाओं का पेमेंट करने के लिए मुख्य केंद्र मस्जिद महर्षि में है याद आती है कि राज्य में स्थित सभी केंद्रों में से होती हुई अंगों से प्राप्त करते हुए ज्ञान कोचिंग करने के विचार नेता विचार करके निष्कर्ष निकालने का काम भी नहीं करता है
Aapaka savaal hai ki logon ke mastishk mein din mein itane vichaar kahaan se the to logon ke dimaag mein khopadee mein isalie chetana va smrti eeraanee kee memoree ka sthaan hai vaise bhee dhyaan diya nasht karana chaahie yah tvacha se bhaagana yaheen se aate hain usake saadhana arthaat gyaan praapt karana yahaan dheema ke masjid ka karam hai paison mein sankuchan aise gati karavaane ke lie aavedakon tantrika sootron dvaara bhej deta in kriyaon ka pement karane ke lie mukhy kendr masjid maharshi mein hai yaad aatee hai ki raajy mein sthit sabhee kendron mein se hotee huee angon se praapt karate hue gyaan koching karane ke vichaar neta vichaar karake nishkarsh nikaalane ka kaam bhee nahin karata hai

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हम लोगों के मस्तिष्क में इतने विचार कहां से आते हैं?Hum Logon Ke Mastishk Mein Itne Vichar Kahan Se Aate Hain
Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Life coach
2:58
शिवानी हम लोगों के मस्तिक में इतने विचार कहां से आते हैं झूठी है आप लोगों को शायद नहीं पता लेकिन आपके माइंड में एक सबकॉन्शियस माइंड होता है ठीक है रिकॉर्डिंग मोड में हमेशा ऑन रहता है कहीं ना कहीं सारी चीजें वह रिकॉर्ड करता रहता है जैसे आप मेरी बातें सुन रहे हैं तो आपको लग रहा है कि आप कौन से ग्रुप से सुन रहे लेकिन आपको जो सबकॉन्शियस माइंड होता है ना वह रिकॉर्डिंग मोड में हमेशा ऑन रहता है कहीं से आपकी कुछ ना कुछ सुना है देखा है बोला है वह सारी चीजें रिकॉर्डिंग हो रही है जिसे अभी मैं कुछ बोल रही हूं तुमको मेरे माइंड में भी रिकॉर्ड हो रहा है आपके माइंड में भी रिकॉर्ड बना है उसे बंद नहीं कर सकते तो यही कारण होता है कि सबकॉन्शियस माइंड में सारी चीजें रिकॉर्ड है अगर आप कुछ देख रहे हैं सुन रहे हैं बोल रहे हैं बचपन से लेकर अभी तक जो जो आपने देखा सुना समझाओ जो बोला सुना जो भी वह सब रिकॉर्ड हो चुका है इसलिए आपके माइंड में शायरी कचरे चल रहे हैं और यह सारे इतनी सबकी चल रहा है क्योंकि सबकी सबकॉन्शियस माइंड में सारी चीजें रिकॉर्ड हो रही है लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आप किस सबकॉन्शियस माइंड में यह सारे विचार और इधर से चले जाएंगे यह सारी चीजें जल्दी काम कर सकते हैं अच्छा सुनो अच्छा बोले अच्छा देखें वह गलत चीजें बिल्कुल ना देखिए जबकि सबकॉन्शियस माइंड में रिकॉर्ड जब आप कौन सी रिमाइंड में जो नेगेटिव विधि में भरा पड़ा है इसलिए अगर आप प्योरिटी वाला चीजें डालें अर्थात सही चीज डालना शुरू करें तो नेगेटिव चीजें अपने आप ही दफ्तर जाएंगे और पॉजिटिव चीजें सबकॉन्शियस माइंड में पूरी तरीके से फुल तरीके से बिल्कुल होगी रिकॉर्ड हो जाएगी फिर उसके बाद पॉजिटिव विचार भी सकारात्मक विचार गलत विचार नहीं आएंगे यह करके देखिए मैंने यह किया है इसलिए एग्जांपल मैं आपको शेयर कर रही हूं और ऐसी ऐसी चीजों को मैं इसलिए शेयर करती हूं कि कि मैं चाहती हूं कि आप लोग अपने सबकॉन्शियस माइंड सही रिकॉर्ड गाना शुरू करें देखना धीरे-धीरे विचार है ना अपने आप ही धीरे-धीरे आना शुरू कर देंगे इस चीज पर मैंने रिसर्च की है और खुद प्रेक्टिकल करके देखा है इसलिए सही चीजें शेयर करना पसंद करती हूं गलत चीजें बिल्कुल भी नहीं तो कुछ भी ड्रामा झालर आप देख रहे हैं ना तो गलत चीजें मत देखिए ड्रामा तो देखी आजकल 2 मूवीस भी अच्छी नहीं बनती कुछ है जो कुछ सिखाती हैं तब आप देख सकते हैं अदर वाइज आपके सबकॉन्शियस माइंड जो रिकॉर्डिंग मोड में हमेशा ऑन रहता है उसमें कच्चा बनने की जरूरत नहीं है पॉजिटिव चीजें सुनी पॉजिटिव चीजें पूरी देखी धीरे-धीरे अपने आप ही आप पॉजिटिव होंगे और आपके जो विचार है नेगेटिव विचार धीरे-धीरे ही अपने आप सकारात्मक हो जाएंगे आपको पता ही नहीं चलेगा चुटकी बजाकर धीरे-धीरे सारे काम हो जाएंगे तो ऐसा करके देखिए यकीनन यह सारी चीजें आपके मस्तिक से जो गलत विचार ने चली
Shivaanee ham logon ke mastik mein itane vichaar kahaan se aate hain jhoothee hai aap logon ko shaayad nahin pata lekin aapake maind mein ek sabakonshiyas maind hota hai theek hai rikording mod mein hamesha on rahata hai kaheen na kaheen saaree cheejen vah rikord karata rahata hai jaise aap meree baaten sun rahe hain to aapako lag raha hai ki aap kaun se grup se sun rahe lekin aapako jo sabakonshiyas maind hota hai na vah rikording mod mein hamesha on rahata hai kaheen se aapakee kuchh na kuchh suna hai dekha hai bola hai vah saaree cheejen rikording ho rahee hai jise abhee main kuchh bol rahee hoon tumako mere maind mein bhee rikord ho raha hai aapake maind mein bhee rikord bana hai use band nahin kar sakate to yahee kaaran hota hai ki sabakonshiyas maind mein saaree cheejen rikord hai agar aap kuchh dekh rahe hain sun rahe hain bol rahe hain bachapan se lekar abhee tak jo jo aapane dekha suna samajhao jo bola suna jo bhee vah sab rikord ho chuka hai isalie aapake maind mein shaayaree kachare chal rahe hain aur yah saare itanee sabakee chal raha hai kyonki sabakee sabakonshiyas maind mein saaree cheejen rikord ho rahee hai lekin agar aap chaahate hain ki aap kis sabakonshiyas maind mein yah saare vichaar aur idhar se chale jaenge yah saaree cheejen jaldee kaam kar sakate hain achchha suno achchha bole achchha dekhen vah galat cheejen bilkul na dekhie jabaki sabakonshiyas maind mein rikord jab aap kaun see rimaind mein jo negetiv vidhi mein bhara pada hai isalie agar aap pyoritee vaala cheejen daalen arthaat sahee cheej daalana shuroo karen to negetiv cheejen apane aap hee daphtar jaenge aur pojitiv cheejen sabakonshiyas maind mein pooree tareeke se phul tareeke se bilkul hogee rikord ho jaegee phir usake baad pojitiv vichaar bhee sakaaraatmak vichaar galat vichaar nahin aaenge yah karake dekhie mainne yah kiya hai isalie egjaampal main aapako sheyar kar rahee hoon aur aisee aisee cheejon ko main isalie sheyar karatee hoon ki ki main chaahatee hoon ki aap log apane sabakonshiyas maind sahee rikord gaana shuroo karen dekhana dheere-dheere vichaar hai na apane aap hee dheere-dheere aana shuroo kar denge is cheej par mainne risarch kee hai aur khud prektikal karake dekha hai isalie sahee cheejen sheyar karana pasand karatee hoon galat cheejen bilkul bhee nahin to kuchh bhee draama jhaalar aap dekh rahe hain na to galat cheejen mat dekhie draama to dekhee aajakal 2 moovees bhee achchhee nahin banatee kuchh hai jo kuchh sikhaatee hain tab aap dekh sakate hain adar vaij aapake sabakonshiyas maind jo rikording mod mein hamesha on rahata hai usamen kachcha banane kee jaroorat nahin hai pojitiv cheejen sunee pojitiv cheejen pooree dekhee dheere-dheere apane aap hee aap pojitiv honge aur aapake jo vichaar hai negetiv vichaar dheere-dheere hee apane aap sakaaraatmak ho jaenge aapako pata hee nahin chalega chutakee bajaakar dheere-dheere saare kaam ho jaenge to aisa karake dekhie yakeenan yah saaree cheejen aapake mastik se jo galat vichaar ne chalee

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हम लोगों के मस्तिष्क में इतने विचार कहां से आते हैं?Hum Logon Ke Mastishk Mein Itne Vichar Kahan Se Aate Hain
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Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:03
ठीक है आपका प्रश्न हम लोग मस्जिद में इतने पैसे कहां से आते हैं और देखें एक दिमाग का वह हिस्सा है जो किसी समस्या की गंभीरता को अंता है और उसका एकता की खाल बढ़ता है हम लोग अपने दिमाग के इस हिस्से के बारे में जानते हैं यह समस्या को सुलझाने का विशेषज्ञ है लेकिन हिंदी में काम करता है इसे काम करने के लिए बड़ी ऊर्जा की जरूरत होती है अब इसे समझने के लिए एक उदाहरण को समझ सकता है टहलते वहां से किसी ने कई जटिल सवाल पूछ लिया तो सबसे पहले आप रुक जाते हैं क्योंकि सजाकर चेक दिमाग का एक साथ दो काम कर ही नहीं सकते हैं लेकिन इसके अलावा दिमाग में एक दूसरा हिस्सा भी होता है जो अपने आप सच बहुत से काम करता है यह तेज भी होता है और भी आ ऑटोमेटिक काम करता है यह शक्तिशाली है लेकिन प्रत्यक्ष तौर पर नजर नहीं आता हालांकि यह इतना शक्तिशाली होता है कि हम जो भी काम करते हैं सोचते हैं या मानते हैं सबसे इसकी अहम भूमिका होती है
Theek hai aapaka prashn ham log masjid mein itane paise kahaan se aate hain aur dekhen ek dimaag ka vah hissa hai jo kisee samasya kee gambheerata ko anta hai aur usaka ekata kee khaal badhata hai ham log apane dimaag ke is hisse ke baare mein jaanate hain yah samasya ko sulajhaane ka visheshagy hai lekin hindee mein kaam karata hai ise kaam karane ke lie badee oorja kee jaroorat hotee hai ab ise samajhane ke lie ek udaaharan ko samajh sakata hai tahalate vahaan se kisee ne kaee jatil savaal poochh liya to sabase pahale aap ruk jaate hain kyonki sajaakar chek dimaag ka ek saath do kaam kar hee nahin sakate hain lekin isake alaava dimaag mein ek doosara hissa bhee hota hai jo apane aap sach bahut se kaam karata hai yah tej bhee hota hai aur bhee aa otometik kaam karata hai yah shaktishaalee hai lekin pratyaksh taur par najar nahin aata haalaanki yah itana shaktishaalee hota hai ki ham jo bhee kaam karate hain sochate hain ya maanate hain sabase isakee aham bhoomika hotee hai

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