#जीवन शैली

bolkar speaker

मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है?

Maa Apne Bachon Ke Pet Ki Aag Bujhane Ke Liye Kis Had Tak Ja Sakti Hai
Rohit Soni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rohit जी का जवाब
Journalism
0:44
उसने बहुत ही अच्छा है और बहुत ही गहराई वाला है कि मां अपने बच्चे की पेट की आग को बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है इस प्रश्न का आंसर में बिना लंबी बात को खेतों से पूछना चाहता हूं कि एक मां अपने बच्चे की पेट की आग जाने का उस हद तक जा सकती है जैसा दुनिया में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं जा सकता दिहा मां अपने बच्चे को अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती है तो अगर वह अच्छा कभी भूखा है जिसे भूख लग रही है और वह कुछ खाना चाहता है तो अगर उस मां के हाथ बस में कुछ है कि उसको का कार्य करके उस बेटे को बेटी को खाना मिल सकता है तो वह कार्रवाई जरूर करेगी चाहे भले उसे उसे अपनी जान भी जोखिम में डालनी पड़ेगी या मोगी माता का उसे अपने बच्चे के लिए खाने के लिए 70 दशक 370 इस दुनिया में कोई नहीं जा सकता
Usane bahut hee achchha hai aur bahut hee gaharaee vaala hai ki maan apane bachche kee pet kee aag ko bujhaane ke lie kis had tak ja sakatee hai is prashn ka aansar mein bina lambee baat ko kheton se poochhana chaahata hoon ki ek maan apane bachche kee pet kee aag jaane ka us had tak ja sakatee hai jaisa duniya mein koee doosara vyakti nahin ja sakata diha maan apane bachche ko apanee jaan se bhee jyaada pyaar karatee hai to agar vah achchha kabhee bhookha hai jise bhookh lag rahee hai aur vah kuchh khaana chaahata hai to agar us maan ke haath bas mein kuchh hai ki usako ka kaary karake us bete ko betee ko khaana mil sakata hai to vah kaarravaee jaroor karegee chaahe bhale use use apanee jaan bhee jokhim mein daalanee padegee ya mogee maata ka use apane bachche ke lie khaane ke lie 70 dashak 370 is duniya mein koee nahin ja sakata

और जवाब सुनें

bolkar speaker
मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है?Maa Apne Bachon Ke Pet Ki Aag Bujhane Ke Liye Kis Had Tak Ja Sakti Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
1:02
हेलो फ्रेंड्स स्वागत है आपका आपका प्रश्न मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है बहुत अच्छा प्रश्न है दोस्तों इसका जवाब यह है कि मां किसी भी हद तक जा सकती है वह अपनी जान तक जोखिम में डाल सकती है क्योंकि ईमान से बढ़कर दुनिया में अपने बच्चे को कोई प्यार नहीं कर सकता है मां अपने बच्चों के लिए जान निछावर करने को भी तैयार हो जाती है अगर उसके बच्चे भूखे हैं और उसे कोई भी मेहनत का काम करना पड़ रहा है तो मैं उससे पीछे नहीं हटेंगे मैं हर तरह से मेहनत करेगी क्या करेगी सारा काम करेगी बहुत मेहनत करेगी अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए और उसके बच्चों को खाना मिल सके उसके पीछे का कोई भी परेशानी तक उठा लेगी तुम्हें बिल्कुल भी बहुत हद तक जा सकती है अपने शरीर से बाहर भी परेशान कर सकती है वह मेहनत कर सकती है अपने बच्चों को खाना खिलाने के लिए तो अगर आपको जवाब पसंद आए तो लाइक जरूर करें
Helo phrends svaagat hai aapaka aapaka prashn maan apane bachchon ke pet kee aag bujhaane ke lie kis had tak ja sakatee hai bahut achchha prashn hai doston isaka javaab yah hai ki maan kisee bhee had tak ja sakatee hai vah apanee jaan tak jokhim mein daal sakatee hai kyonki eemaan se badhakar duniya mein apane bachche ko koee pyaar nahin kar sakata hai maan apane bachchon ke lie jaan nichhaavar karane ko bhee taiyaar ho jaatee hai agar usake bachche bhookhe hain aur use koee bhee mehanat ka kaam karana pad raha hai to main usase peechhe nahin hatenge main har tarah se mehanat karegee kya karegee saara kaam karegee bahut mehanat karegee apane bachchon ke pet kee aag bujhaane ke lie aur usake bachchon ko khaana mil sake usake peechhe ka koee bhee pareshaanee tak utha legee tumhen bilkul bhee bahut had tak ja sakatee hai apane shareer se baahar bhee pareshaan kar sakatee hai vah mehanat kar sakatee hai apane bachchon ko khaana khilaane ke lie to agar aapako javaab pasand aae to laik jaroor karen

bolkar speaker
मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है?Maa Apne Bachon Ke Pet Ki Aag Bujhane Ke Liye Kis Had Tak Ja Sakti Hai
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
0:51
देखिए मां जो है बच्चे के लिए यह भाग्य विधाता सब कुछ माही होती है तो अगर बच्चा भूखा है तो मां की ममता उसे बर्दाश्त नहीं कर पाती है इसलिए बच्चे को पेट भरने के लिए वह किसी स्थित तक जा सकती है अपना शरीर भेज सकती है उसके लिए चोरी कर सकती है उसके लिए लेबर मजदूरी कर सकती है कुली गिरी कर सकती कुछ भी कर सकती खाना बना सकती लोगों के बर्तन मांज सकती कुछ भी कर सकती है यह मां होती है मां के अंदर पर कितने आश्रम है तो भर दिया है कि वह अपने बेटे को जब तक वह कमाने खाने लायक अपने पैरों पर नहीं खड़ा हो जाता तब तक उसकी देखभाल करते लेकिन आजकल कलयुग की बेटे अच्छे हैं अपने मां-बाप को जैसे जब से बजाएं बीवी आएगी तो मां-बाप को बिल्कुल से छोड़कर के किनारे कर देते हैं जो समझ लीजिए आजकल की परिस्थितियों में बहुत ही कष्ट साध्य
Dekhie maan jo hai bachche ke lie yah bhaagy vidhaata sab kuchh maahee hotee hai to agar bachcha bhookha hai to maan kee mamata use bardaasht nahin kar paatee hai isalie bachche ko pet bharane ke lie vah kisee sthit tak ja sakatee hai apana shareer bhej sakatee hai usake lie choree kar sakatee hai usake lie lebar majadooree kar sakatee hai kulee giree kar sakatee kuchh bhee kar sakatee khaana bana sakatee logon ke bartan maanj sakatee kuchh bhee kar sakatee hai yah maan hotee hai maan ke andar par kitane aashram hai to bhar diya hai ki vah apane bete ko jab tak vah kamaane khaane laayak apane pairon par nahin khada ho jaata tab tak usakee dekhabhaal karate lekin aajakal kalayug kee bete achchhe hain apane maan-baap ko jaise jab se bajaen beevee aaegee to maan-baap ko bilkul se chhodakar ke kinaare kar dete hain jo samajh leejie aajakal kee paristhitiyon mein bahut hee kasht saadhy

bolkar speaker
मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है?Maa Apne Bachon Ke Pet Ki Aag Bujhane Ke Liye Kis Had Tak Ja Sakti Hai
Mohitrajput Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Mohitrajput जी का जवाब
Unknown
0:35
देख भाई आपने पूछा है कि मां अपने बच्चे की धूप में डालने के लिए किस हद तक जा सकती है क्या जो अपने बेटों के लिए कर सकती है वह कोई नहीं करता इस दुनिया में कोई भी नहीं कर सकता हूं यह मानता हूं मैं बहुत बड़ा त्याग कर सकती है अपने बेटों के लिए वीडियो नहीं कर सकते क्या बे क्या कर सकते हैं बस ठीक है तो वह किसी भी हद तक जा सकती है अभी 7:00 तक कि मैं यह बात नहीं बता सकता मैं
Dekh bhaee aapane poochha hai ki maan apane bachche kee dhoop mein daalane ke lie kis had tak ja sakatee hai kya jo apane beton ke lie kar sakatee hai vah koee nahin karata is duniya mein koee bhee nahin kar sakata hoon yah maanata hoon main bahut bada tyaag kar sakatee hai apane beton ke lie veediyo nahin kar sakate kya be kya kar sakate hain bas theek hai to vah kisee bhee had tak ja sakatee hai abhee 7:00 tak ki main yah baat nahin bata sakata main

bolkar speaker
मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है?Maa Apne Bachon Ke Pet Ki Aag Bujhane Ke Liye Kis Had Tak Ja Sakti Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
6:59
मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है यदि कुछ फिल्मी अंदाज में वाक्य लिखे हुए हैं जैसे स्पीड क्या है तो हम सब ने दूसरी से बुक कहते हैं या जो पालन पोषण होता है मां के द्वारा अपने बच्चों का और अगर गर्लफ्रेंड से पति है या नहीं पिया कम आता भी है या नहीं हो सकती है लेकिन मैं सभी ग्रुप से अपने पिक्चर आए हुए बच्चों को सूची माता बहुत संवेदनशील कोई माता जिंदगी को बहुत ज्यादा प्यार करती हो कि कोई भी तकलीफ सुबह उठ जाती हो तब तो हो जाती है बच्चों की वेदना उसकी कमी हो जाती है उसको भी हो जाता है इस तरह की बाकी बच्चों की प्रतिभा गाना गाते हुए संकट में महीने के बच्चे होते हैं पसंद नहीं सब कुछ बैंक कठिन कठिन परिस्थिति खाने के लिए घर में कोई नहीं है ऐसी कौन सी बात है जिसके कारण यह मुझे कोई पैसा दे सकता है तो उनको भी काम कर सकते हैं लेकिन वह काम में मिलना चाहिए हर वक्त मिलना चाहिए बाद में नहीं मिलेगा तो कोई अर्थ नहीं हो सबसे आसान अब जाने क्या समझ में कैसा फुल शुभकामनाएं कुर्की पाया जाता है जो इसे शिव सुख उसके लिए कीमत मुझे के लिए गया था पश्चिमी आसपास और समाज में बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं और उर्दू में शिष्यों की तरफ कमोशन की नजर से देखते हैं उनको यह मालूम होता है यह सब तो वह उसको पैसे काम ही लिखा कर उसी से बचने के लिए मजबूर कर देता है वशीकरण बाकी चीजें मंत्र गरीब घर की फोटो सामाजिक संतुलन करता है मेरे घर आने वाली गरीब शिवम के उनको उनके रिश्तेदार रिश्तेदार संभालते हैं लेकिन दुर्ग लोगों की हमेशा नहीं इसलिए सपनों में भी देखा गया दिखाई जाता है अमिताभ बच्चन की फिल्म अंधा कानून एक्स एक्स चाहिए एक रखता है और ऐसे लोग हमारे पास भी होते हैं इसलिए ऐसा लगता है कि ऐसा नहीं हो सकती हो कहने वाली विक्की के अंदर की बात नहीं बाहर निकल ट्री लेकिन समाज के सभी तबकों के बस्तियों में जाकर हम देखेंगे मुस्लिम धर्म हमें दिखाई देती थोड़ा क्रीमी मां अपने बच्चे के लिए किसी का खून नहीं कर सकते जो खुदा खुद कभी किसी भी जानकारी के लिए तैयार हूं
Maan apane bachchon ke pet kee aag bujhaane ke lie kis had tak ja sakatee hai yadi kuchh philmee andaaj mein vaaky likhe hue hain jaise speed kya hai to ham sab ne doosaree se buk kahate hain ya jo paalan poshan hota hai maan ke dvaara apane bachchon ka aur agar garlaphrend se pati hai ya nahin piya kam aata bhee hai ya nahin ho sakatee hai lekin main sabhee grup se apane pikchar aae hue bachchon ko soochee maata bahut sanvedanasheel koee maata jindagee ko bahut jyaada pyaar karatee ho ki koee bhee takaleeph subah uth jaatee ho tab to ho jaatee hai bachchon kee vedana usakee kamee ho jaatee hai usako bhee ho jaata hai is tarah kee baakee bachchon kee pratibha gaana gaate hue sankat mein maheene ke bachche hote hain pasand nahin sab kuchh baink kathin kathin paristhiti khaane ke lie ghar mein koee nahin hai aisee kaun see baat hai jisake kaaran yah mujhe koee paisa de sakata hai to unako bhee kaam kar sakate hain lekin vah kaam mein milana chaahie har vakt milana chaahie baad mein nahin milega to koee arth nahin ho sabase aasaan ab jaane kya samajh mein kaisa phul shubhakaamanaen kurkee paaya jaata hai jo ise shiv sukh usake lie keemat mujhe ke lie gaya tha pashchimee aasapaas aur samaaj mein bahut saare log aise hote hain aur urdoo mein shishyon kee taraph kamoshan kee najar se dekhate hain unako yah maaloom hota hai yah sab to vah usako paise kaam hee likha kar usee se bachane ke lie majaboor kar deta hai vasheekaran baakee cheejen mantr gareeb ghar kee photo saamaajik santulan karata hai mere ghar aane vaalee gareeb shivam ke unako unake rishtedaar rishtedaar sambhaalate hain lekin durg logon kee hamesha nahin isalie sapanon mein bhee dekha gaya dikhaee jaata hai amitaabh bachchan kee philm andha kaanoon eks eks chaahie ek rakhata hai aur aise log hamaare paas bhee hote hain isalie aisa lagata hai ki aisa nahin ho sakatee ho kahane vaalee vikkee ke andar kee baat nahin baahar nikal tree lekin samaaj ke sabhee tabakon ke bastiyon mein jaakar ham dekhenge muslim dharm hamen dikhaee detee thoda kreemee maan apane bachche ke lie kisee ka khoon nahin kar sakate jo khuda khud kabhee kisee bhee jaanakaaree ke lie taiyaar hoon

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

  • मां अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है मां बच्चों के पेट के लिए किस हद तक जा सकती है
URL copied to clipboard