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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:48
हेलो एवरीवन तो आज आप का सवाल है कि ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है तो देखिए हम जब बहुत ज्यादा गए किसी चीज के बारे में सोचते हैं तो हमारे दिमाग में सिर्फ वही चलता रहता है कि यह ग्रुप वालों से यह कैसे हो या क्या हो रहा है नहीं हो रहा है हमारे आस पास जो भी चीज हो रहा है उस पर हम बिल्कुल भी ध्यान भी नहीं दे पा रहे हम खाना भी नहीं खा पा रहे हैं अगर गलती से मम्मी पापा या फिर हम खुद ही ले रहे हैं कि आने का वक्त नहीं लगता था आपने देखा होगा कि जब किसी को कोई टेंशन होता है हॉस्टल की बात कर रही हूं तो वहां पर क्या होता है कि नियम होते हैं कि आपको इस वक्त खाना ही खाना लेकिन बच्चे गर्ल्स ड्रेस में एग्जाम में से कोई भी प्रश्न हो तो टाइम से आपको खाना तो खिला जगह ऐसे ही आपको वहां पर खाना नहीं खिलाया जा वहां पर खाना है मतलब खाना है लेकिन कोई बच्चा का दिमाग की तौर पर अगर ठीक ही नहीं है किसी बात का टेंशन है तो खाना तो खा ले लेकिन उसके शरीर में नहीं लगता ऐसे बहुत सारे लोग के साथ बहुत कुछ सोचते हैं खाना पीना तो खा रहे हैं उनके शरीर में नहीं जा रहा है वह अंदर ही अंदर खोखले हो रहे हैं अपने शरीर का ख्याल नहीं रख पाते हैं क्या हो रहा है क्या नहीं कहा किस चीज को टच कर ले रहे हैं करंट लग जा रहा है चाकू इधर उधर रख तेरे हाथ कट जा रहा है खुद को नुकसान पहुंचा सकते हमारे दिमाग में बहुत ज्यादा हो जाता है तो टेंशन हर एक इंसान को होता है बट उस को कंट्रोल करना और सही समय पर उसका सलूशन निकाल ना जल्द से जल्द जितना हो सके उसे दूर मतलब दूर का मनुष्य निकालना किसी से सलाह मशवरा लेना जितना आप कंट्रोल करेंगे कि हां इसे मुझे हावी नहीं होने देना उतना आपके लिए सही होता है
Helo evareevan to aaj aap ka savaal hai ki jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai to dekhie ham jab bahut jyaada gae kisee cheej ke baare mein sochate hain to hamaare dimaag mein sirph vahee chalata rahata hai ki yah grup vaalon se yah kaise ho ya kya ho raha hai nahin ho raha hai hamaare aas paas jo bhee cheej ho raha hai us par ham bilkul bhee dhyaan bhee nahin de pa rahe ham khaana bhee nahin kha pa rahe hain agar galatee se mammee paapa ya phir ham khud hee le rahe hain ki aane ka vakt nahin lagata tha aapane dekha hoga ki jab kisee ko koee tenshan hota hai hostal kee baat kar rahee hoon to vahaan par kya hota hai ki niyam hote hain ki aapako is vakt khaana hee khaana lekin bachche garls dres mein egjaam mein se koee bhee prashn ho to taim se aapako khaana to khila jagah aise hee aapako vahaan par khaana nahin khilaaya ja vahaan par khaana hai matalab khaana hai lekin koee bachcha ka dimaag kee taur par agar theek hee nahin hai kisee baat ka tenshan hai to khaana to kha le lekin usake shareer mein nahin lagata aise bahut saare log ke saath bahut kuchh sochate hain khaana peena to kha rahe hain unake shareer mein nahin ja raha hai vah andar hee andar khokhale ho rahe hain apane shareer ka khyaal nahin rakh paate hain kya ho raha hai kya nahin kaha kis cheej ko tach kar le rahe hain karant lag ja raha hai chaakoo idhar udhar rakh tere haath kat ja raha hai khud ko nukasaan pahuncha sakate hamaare dimaag mein bahut jyaada ho jaata hai to tenshan har ek insaan ko hota hai bat us ko kantrol karana aur sahee samay par usaka salooshan nikaal na jald se jald jitana ho sake use door matalab door ka manushy nikaalana kisee se salaah mashavara lena jitana aap kantrol karenge ki haan ise mujhe haavee nahin hone dena utana aapake lie sahee hota hai

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:05
ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है ज्यादा सोचने से मस्तिष्क में थकावट आ जाती है चिंता की रेखाएं उभरने लगती हैं अनावश्यक रूप से नकारात्मकता मन में भरने लगती है अविश्वास की भावना पैदा होती है बाल झड़ने लगते हैं आंखों की रोशनी कम हो जाती है तो इस तरह से ज्यादा सोचना जो है वह दिमाग ही नहीं शारीरिक शक्ति के लिए बहुत नुकसानदायक होता है उसे शरीर में दर्द पैदा होने लगता है ज्यादा सोचने से मन मस्तिष्क थका थका सा लगने लगता है किसी काम करने में मन नहीं करता है इसलिए अपने मन को विवेकी बनाई है सब कुछ अपने ऊपर नहीं भगवान को पर भी छोड़ दीजिए अनावश्यक रूप से नकारात्मक शक्तियों से जूझते मत रहिए जब आपके दिमाग में नकारात्मक शक्तियां हो तमाम चंदा नर्सरी के बातें सोचने लगे उस समय आप संगीत सुनिए योगा कीजिए इन सब चीजों से आप बच सकते हैं और अगर अनावश्यक रूप से अगर आपका दिमाग चलता रहेगा तो आप डिप्रेशन के मरीज हो जाएंगे
Jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai jyaada sochane se mastishk mein thakaavat aa jaatee hai chinta kee rekhaen ubharane lagatee hain anaavashyak roop se nakaaraatmakata man mein bharane lagatee hai avishvaas kee bhaavana paida hotee hai baal jhadane lagate hain aankhon kee roshanee kam ho jaatee hai to is tarah se jyaada sochana jo hai vah dimaag hee nahin shaareerik shakti ke lie bahut nukasaanadaayak hota hai use shareer mein dard paida hone lagata hai jyaada sochane se man mastishk thaka thaka sa lagane lagata hai kisee kaam karane mein man nahin karata hai isalie apane man ko vivekee banaee hai sab kuchh apane oopar nahin bhagavaan ko par bhee chhod deejie anaavashyak roop se nakaaraatmak shaktiyon se joojhate mat rahie jab aapake dimaag mein nakaaraatmak shaktiyaan ho tamaam chanda narsaree ke baaten sochane lage us samay aap sangeet sunie yoga keejie in sab cheejon se aap bach sakate hain aur agar anaavashyak roop se agar aapaka dimaag chalata rahega to aap dipreshan ke mareej ho jaenge

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:24
सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है दोस्तों ज्यादा सोचने स्वास्थ्य पर कुछ ज्यादा असर तो नहीं पड़ता परंतु इतना जरूर है कि आपका जो माइंड है वह उसे सोच के अंदर चला जाता है जिस दोस्त मैं आपको नहीं जाना चाहिए था या फिर कुछ लोग भी तो सोच दोस्तों ऐसे भी हो जाती है वह कभी बैटर बन जाती है तो ज्यादा सोचने स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता नहीं है परंतु आपका जो माइंड होने के चांस ज्यादा हो जाते हैं
Sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai doston jyaada sochane svaasthy par kuchh jyaada asar to nahin padata parantu itana jaroor hai ki aapaka jo maind hai vah use soch ke andar chala jaata hai jis dost main aapako nahin jaana chaahie tha ya phir kuchh log bhee to soch doston aise bhee ho jaatee hai vah kabhee baitar ban jaatee hai to jyaada sochane svaasthy par dushprabhaav padata nahin hai parantu aapaka jo maind hone ke chaans jyaada ho jaate hain

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
3:06
ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है बहुत सारे लोग हैं निश्चित तौर पर अननेसेसरी सोचते रहते हो कभी आपने देखा होगा कि लोग बहुत ज्यादा सोचते हैं और कुछ-कुछ तो रास्ते में चलते हुए भी बातें करते रहते हैं अगर इस तरह का है तो आप अवसाद की समस्या में आ जाते कहीं नहीं आप मानसिक रूप से परेशान होंगे इसका प्रभाव आपके शारीरिक पर और शारीरिक पर आपके अपने हाथ से प्रभावित होगी आप किसी ने क्या जो टेक्निक है उसमें बदलाव आएगा ज्यादा सोचते-सोचते कहीं ना कहीं आप किसी और से किसी समस्या के शिकार हो जाएगी और इसमें आप देख लीजिए एक ही ध्यान में रहे कि अगर आपने इसे बदलाव नहीं या तो एक मानसिक रोगी के रूप में आ जाते हैं आपका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है जरा जरा बात पर आपको परेशानी होने लगती है और भी बहुत सारी चीजें हैं तो मानसिक संतुष्टि आपको नहीं होती है अकेलापन लगने लगता है कभी-कभी आपकी वह ज्यादा सोचने की पर वह आपके विचार आप पर हावी हो जाती है आपकी आदतों में परिवर्तन आने लगता है बहुत सारी चीजें होती हैं और फिर धीरे-धीरे देखेंगे कि अगर आप इस तरह की थिंकिंग करते रहेंगे तो सामाजिक दायरे से भी अब दूर हो जाएंगे तो कहीं ना कहीं एक प्रकार का रोग होगा और आप कब हो उस रोक के शिकार हो जाएंगे आपको पता भी नहीं चलेगा तो निश्चित तौर पर भाई क्या सोचना चाहिए लेकिन कहते हैं कि एक्सेस एक्सेस हर चीज नुकसान करती है और जब x80g हो जाती है तो हंड्रेड परसेंट हमें नुकसान करती है अब आप देखिएगा आपके सर ईद के अंदर बहुत सारी चिंताएं होने लगती है मानसिक अशांति हो जाती है लगाता है तो क्या आप जानते हैं कि इस के दौरान हमारे अंदर एक कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है उसका सी क्रिश्चियन जाते होने लगता है वह निश्चित तौर पर वह हमारे लिए बड़ा नुकसान दायक होता है तो हर प्रकार का आपकी नींद में प्रॉब्लम होने लगती है सेक्सुअल प्रॉब्लम होने लगती है अब का डायलिसिस सिस्टम में बहुत प्रभावित होने लगता है क्योंकि फिर आपकी जो जठर ग्रंथियां है अब वह सही सिचुएशन नहीं कर पाती हैं और फिर आप देखेंगे कि आप की प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती है तो बहुत सारी चीजों से हो जाएगा तो निश्चित तौर पर ऐसी चीजों पर हमें बचना चाहिए और भी रिसर्च और कई चीजें हैं जो हमने पाया हुआ है कि लोगों का मूड है तनाव है यह सारी चीजें होती रहती हैं और जो हमें पता भी नहीं चलता
Jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai bahut saare log hain nishchit taur par ananesesaree sochate rahate ho kabhee aapane dekha hoga ki log bahut jyaada sochate hain aur kuchh-kuchh to raaste mein chalate hue bhee baaten karate rahate hain agar is tarah ka hai to aap avasaad kee samasya mein aa jaate kaheen nahin aap maanasik roop se pareshaan honge isaka prabhaav aapake shaareerik par aur shaareerik par aapake apane haath se prabhaavit hogee aap kisee ne kya jo teknik hai usamen badalaav aaega jyaada sochate-sochate kaheen na kaheen aap kisee aur se kisee samasya ke shikaar ho jaegee aur isamen aap dekh leejie ek hee dhyaan mein rahe ki agar aapane ise badalaav nahin ya to ek maanasik rogee ke roop mein aa jaate hain aapaka maanasik santulan bigad jaata hai jara jara baat par aapako pareshaanee hone lagatee hai aur bhee bahut saaree cheejen hain to maanasik santushti aapako nahin hotee hai akelaapan lagane lagata hai kabhee-kabhee aapakee vah jyaada sochane kee par vah aapake vichaar aap par haavee ho jaatee hai aapakee aadaton mein parivartan aane lagata hai bahut saaree cheejen hotee hain aur phir dheere-dheere dekhenge ki agar aap is tarah kee thinking karate rahenge to saamaajik daayare se bhee ab door ho jaenge to kaheen na kaheen ek prakaar ka rog hoga aur aap kab ho us rok ke shikaar ho jaenge aapako pata bhee nahin chalega to nishchit taur par bhaee kya sochana chaahie lekin kahate hain ki ekses ekses har cheej nukasaan karatee hai aur jab x80g ho jaatee hai to handred parasent hamen nukasaan karatee hai ab aap dekhiega aapake sar eed ke andar bahut saaree chintaen hone lagatee hai maanasik ashaanti ho jaatee hai lagaata hai to kya aap jaanate hain ki is ke dauraan hamaare andar ek kortisol haarmon badh jaata hai usaka see krishchiyan jaate hone lagata hai vah nishchit taur par vah hamaare lie bada nukasaan daayak hota hai to har prakaar ka aapakee neend mein problam hone lagatee hai seksual problam hone lagatee hai ab ka daayalisis sistam mein bahut prabhaavit hone lagata hai kyonki phir aapakee jo jathar granthiyaan hai ab vah sahee sichueshan nahin kar paatee hain aur phir aap dekhenge ki aap kee pratirodhak kshamata bhee kam hone lagatee hai to bahut saaree cheejon se ho jaega to nishchit taur par aisee cheejon par hamen bachana chaahie aur bhee risarch aur kaee cheejen hain jo hamane paaya hua hai ki logon ka mood hai tanaav hai yah saaree cheejen hotee rahatee hain aur jo hamen pata bhee nahin chalata

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
 Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए जी का जवाब
Unknown
0:22
क्या-क्या प्रश्न है ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है देखें ज्यादा सोचने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि प्रयास करें कि समय से समाप्त हो और अपने करीबी लोगों से भी समस्या के बारे में खुलकर बात करेंगे तो उसका हल निकल जाएगा इससे मानसिक रोग से आप दूर रहेंगे
Kya-kya prashn hai jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai dekhen jyaada sochane se samasya ka samaadhaan nahin hoga balki prayaas karen ki samay se samaapt ho aur apane kareebee logon se bhee samasya ke baare mein khulakar baat karenge to usaka hal nikal jaega isase maanasik rog se aap door rahenge

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
0:36
पूछा गया है ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है तो देखिए अगर आप किसी भी विषय में बहुत अधिक सोचते हैं तो इसका सीधा प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ता क्योंकि जितना ज्यादा अपने दिमाग पर उतना ही आपके शरीर में थकान महसूस होगी उतना ही आपकी जो प्रश्न सब के शरीर की जाएगी और आप इतने एक्टिव नहीं रह पाएंगे तो बहुत ज्यादा सोचने का वाइट कीजिए चीजों को करिए उसको ज्यादा सोचकर टाइम वेस्ट करने के बजाए चीजों को ट्राई करके आप उसका रिजल्ट देखे उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai to dekhie agar aap kisee bhee vishay mein bahut adhik sochate hain to isaka seedha prabhaav aapake svaasthy par padata kyonki jitana jyaada apane dimaag par utana hee aapake shareer mein thakaan mahasoos hogee utana hee aapakee jo prashn sab ke shareer kee jaegee aur aap itane ektiv nahin rah paenge to bahut jyaada sochane ka vait keejie cheejon ko karie usako jyaada sochakar taim vest karane ke bajae cheejon ko traee karake aap usaka rijalt dekhe ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
Khushi Agrawal Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Khushi जी का जवाब
Unknown
0:45
सवाल है ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य गहरा प्रभाव पड़ता है जैसे कि यदि आप बहुत ज्यादा चिंता कर रहे हैं या किसी चीज के बारे में बहुत ज्यादा सोच रहे तो उसे आपको नींद भी नहीं आती साथ ही साथ कुछ लोग इतनी चिंता करते हैं कि वह लोग खाना पीना भी छोड़ देते हैं जिससे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है आपको मानसिक शांति भी नहीं मिलती है दिया बहुत ज्यादा किसी चीज के लिए परेशान है हमेशा उसी चीज के लिए सोच रहे हैं तो आपकी थोड़ी सी मानसिक शांति भी खत्म सी हो जाती है शादी साथ आपका दिमाग भी कहीं और नहीं लगता है आप उसी चीज के बारे में सोचते रहते हैं कभी-कभी बढ़ जाता है और की बीमारी होने का भी खतरा होता है
Savaal hai jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai jyaada sochane se svaasthy gahara prabhaav padata hai jaise ki yadi aap bahut jyaada chinta kar rahe hain ya kisee cheej ke baare mein bahut jyaada soch rahe to use aapako neend bhee nahin aatee saath hee saath kuchh log itanee chinta karate hain ki vah log khaana peena bhee chhod dete hain jisase svaasthy par gahara prabhaav padata hai aapako maanasik shaanti bhee nahin milatee hai diya bahut jyaada kisee cheej ke lie pareshaan hai hamesha usee cheej ke lie soch rahe hain to aapakee thodee see maanasik shaanti bhee khatm see ho jaatee hai shaadee saath aapaka dimaag bhee kaheen aur nahin lagata hai aap usee cheej ke baare mein sochate rahate hain kabhee-kabhee badh jaata hai aur kee beemaaree hone ka bhee khatara hota hai

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
Siya Ram Dubey Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Siya जी का जवाब
Youtuber, life coach, spiritual thinker, motivational speaker, social media influencer
0:44
नमस्कार आपका प्रश्न है कि ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है लेकिन बहुत सारा प्रभाव पड़ सकता है आप किसी विषय में ज्यादातर गहराई से भी सोचने लगते हैं तो अवसाद ग्रसित हो सकते हैं आपकी मानसिक स्थिति बिगड़ सकती है आपको भूख नहीं लगेगा आपको उसी सोच में डूबे रहने के कारण बहुत सारे अन्य नई नई बीमारियों का पकड़ना चालू हो जाएगा और इसे एक ही उपाय है कि किसी के बारे में ज्यादा सोचिए मत जो हो गया सो हो गया उस समझिए कि उसको होना ही था और अपने आप को आगे बढ़ने के लिए किसी दूसरे काम में उलझा कर रखें धन्यवाद आपकी इस प्रश्न के लिए आपका दिन शुभ हो
Namaskaar aapaka prashn hai ki jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai lekin bahut saara prabhaav pad sakata hai aap kisee vishay mein jyaadaatar gaharaee se bhee sochane lagate hain to avasaad grasit ho sakate hain aapakee maanasik sthiti bigad sakatee hai aapako bhookh nahin lagega aapako usee soch mein doobe rahane ke kaaran bahut saare any naee naee beemaariyon ka pakadana chaaloo ho jaega aur ise ek hee upaay hai ki kisee ke baare mein jyaada sochie mat jo ho gaya so ho gaya us samajhie ki usako hona hee tha aur apane aap ko aage badhane ke lie kisee doosare kaam mein ulajha kar rakhen dhanyavaad aapakee is prashn ke lie aapaka din shubh ho

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
satish kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए satish जी का जवाब
Student
0:18
हाय फ्रेंड्स क्वेश्चन पूछा गया कि ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है तो ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से जो होता है हम मानसिक बीमार हो सकते हैं क्योंकि ऐसा देखा जाता है कि ज्यादा जो होते हैं डिप्रेशन में वही व्यक्ति पड़ता है जो ज्यादा सोचता है
Haay phrends kveshchan poochha gaya ki jyaada sochane se svaasthy par kya prabhaav padata hai to jyaada sochane se svaasthy ke drshtikon se jo hota hai ham maanasik beemaar ho sakate hain kyonki aisa dekha jaata hai ki jyaada jo hote hain dipreshan mein vahee vyakti padata hai jo jyaada sochata hai

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:28
नमस्कार दोस्तों ज्यादा सोचने से आपके स्वास्थ्य बहुत ही ज्यादा प्रभाव पड़ता है ज्यादा सोचने से आपका दिमाग बहुत ही ज्यादा टेंशन में चला जाता है और उससे आपको घबराहट होना शुरू हो जाती है कौन से काफी बीमारियां आपके अंदर आ जाती हैं तो आप पैसे स्ट्रेस नहीं लेना है मैडम डिप्रेशन के शिकार भी हो सकते हैं और आपको नींद भी नहीं आएगी दोस्तों अगर आपको जवां हो तो प्लीज लाइक और सब्सक्राइब भी कर दीजिएगा
Namaskaar doston jyaada sochane se aapake svaasthy bahut hee jyaada prabhaav padata hai jyaada sochane se aapaka dimaag bahut hee jyaada tenshan mein chala jaata hai aur usase aapako ghabaraahat hona shuroo ho jaatee hai kaun se kaaphee beemaariyaan aapake andar aa jaatee hain to aap paise stres nahin lena hai maidam dipreshan ke shikaar bhee ho sakate hain aur aapako neend bhee nahin aaegee doston agar aapako javaan ho to pleej laik aur sabsakraib bhee kar deejiega

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
डॉ0 सीता शुक्ला Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए डॉ0 जी का जवाब
Unknown
2:07
नमस्कार मित्र आपका प्रश्न है ज्यादा सोचने से क्या स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है हां तो मित्र अवश्य ही अधिक सोचने से हमारा तन और मन दोनों ही प्रभावित होते हैं और हम स्वस्थ नहीं रह पाते हैं आजकल इस भागदौड़ की जिंदगी में हम बहुत सारे कार्यों को एक साथ करने का प्रयास करते हैं और हम अत्यधिक परेशान हो जाते हैं हमारे मन का हमारे शरीर पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है बहुत ही अधिक सोचने पर हमारे पाचन तंत्र पर असर पड़ता है और कोर्टिसोल हार्मोन बहुत ही अधिक बढ़ने लगता है जिससे हमारे मस्तिष्क की हिप्पोकेंपस कोशिकाओं का नुकसान होता है और हमारे दिमाग की कनेक्ट कनेक्टिविटी में हमारा बदलाव का जो है वो कारण बन जाता है जिससे चिड़चिड़ापन दिमाग खराब हो ना बात बात पर झुंझला ना इस होता क्या है कि जो भी कार हम करना चाहते हैं उसके सही पर हम नहीं पहुंच पाते हैं आधे सोचने पर हारे आत्मविश्वास में भी कमी होती है कोई भी कार्य सही समय से पूर्व नहीं हो पाता है शरीर हमारा बहुत ही थकावट महसूस करने लगता है मन हमारा अशांत रहता है कहावत भी है चिंता चिता के समान है जब भी हम अत्यधिक सोचने लगते हैं तो अनिद्रा दिल की बीमारी डिप्रेशन पचा पर भी झाइयां दाने आधी पढ़ना इम्यून रिस्पांस कमजोर हो जाना रोग प्रतिरोधक क्षमता पठारी में लगातार गिरावट आना यह सब संकेत जो है हमें भयानक बीमारियां कैंसर आदि बहुत से घातक जो लोग होते हैं वह उन को जन्म देने लगते हैं तो मित्र मेरा यही कहना है कि हमें एक एक कार्य को पूर्ण करना चाहिए और हमें हमेशा सकारात्मक सोच रखना चाहिए यह वही हमारे जीवन को खुशहाल बना सकते हैं हम स्वस्थ और प्रसन्न रहें अरस्तु ने भी यही कहा है कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का विकास होता है धन्यवाद
Namaskaar mitr aapaka prashn hai jyaada sochane se kya svaasthy par prabhaav padata hai haan to mitr avashy hee adhik sochane se hamaara tan aur man donon hee prabhaavit hote hain aur ham svasth nahin rah paate hain aajakal is bhaagadaud kee jindagee mein ham bahut saare kaaryon ko ek saath karane ka prayaas karate hain aur ham atyadhik pareshaan ho jaate hain hamaare man ka hamaare shareer par bahut bada prabhaav padata hai bahut hee adhik sochane par hamaare paachan tantr par asar padata hai aur kortisol haarmon bahut hee adhik badhane lagata hai jisase hamaare mastishk kee hippokempas koshikaon ka nukasaan hota hai aur hamaare dimaag kee kanekt kanektivitee mein hamaara badalaav ka jo hai vo kaaran ban jaata hai jisase chidachidaapan dimaag kharaab ho na baat baat par jhunjhala na is hota kya hai ki jo bhee kaar ham karana chaahate hain usake sahee par ham nahin pahunch paate hain aadhe sochane par haare aatmavishvaas mein bhee kamee hotee hai koee bhee kaary sahee samay se poorv nahin ho paata hai shareer hamaara bahut hee thakaavat mahasoos karane lagata hai man hamaara ashaant rahata hai kahaavat bhee hai chinta chita ke samaan hai jab bhee ham atyadhik sochane lagate hain to anidra dil kee beemaaree dipreshan pacha par bhee jhaiyaan daane aadhee padhana imyoon rispaans kamajor ho jaana rog pratirodhak kshamata pathaaree mein lagaataar giraavat aana yah sab sanket jo hai hamen bhayaanak beemaariyaan kainsar aadi bahut se ghaatak jo log hote hain vah un ko janm dene lagate hain to mitr mera yahee kahana hai ki hamen ek ek kaary ko poorn karana chaahie aur hamen hamesha sakaaraatmak soch rakhana chaahie yah vahee hamaare jeevan ko khushahaal bana sakate hain ham svasth aur prasann rahen arastu ne bhee yahee kaha hai ki svasth shareer mein svasth man ka vikaas hota hai dhanyavaad

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
KAUSHAL KUMAR SINGH Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए KAUSHAL जी का जवाब
Gmind institute
1:20
लेकिन सोच समझ कर काम करना अच्छी बात है लगातार सोचते रहना एक परेशानी है आपके साथ कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो आप हर समय उसके बारे में सोच सोच कर परेशान रहते हैं क्या आपने सोचा है कि जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत आपको भी मार कर सकती है इसका प्रभाव आपकी कार्यक्षमता पर भी पड़ता है यह सच है कि सोचने की शक्ति भगवान आपको भगवान से मिली है और यह बड़ी ताकत भी है जिसका इस्तेमाल करके आप अपनी मुश्किलों को आसान कर सकते हैं परंतु ज्यादा सोचना आपके लिए मुश्किलों का सबब बन जाता है एकली एकली कल जो साइकोलॉजिस्ट यह कहते हैं कि अगर आप ज्यादा सोचते सोचते हैं इस आदमी को बदलने की कोशिश करें क्योंकि इस तरह की चीजों से हाइपरटेंशन या फिर आए प्रशासन समिति तमाम ऐसे मानसिक अवसाद है का शिकार हो जाते हैं और धीरे-धीरे आपको यह महसूस होने लगता है कि शायद अब आपको देखने की जरूरत है तो सही समय यही है कि किसी भी समस्या को समाधान निकाले बजाय इसके कि उसके बारे में बहुत ज्यादा चिंतन बना दिया सोचने की
Lekin soch samajh kar kaam karana achchhee baat hai lagaataar sochate rahana ek pareshaanee hai aapake saath koee apriy ghatana ghat jaatee hai to aap har samay usake baare mein soch soch kar pareshaan rahate hain kya aapane socha hai ki jaroorat se jyaada sochane kee aadat aapako bhee maar kar sakatee hai isaka prabhaav aapakee kaaryakshamata par bhee padata hai yah sach hai ki sochane kee shakti bhagavaan aapako bhagavaan se milee hai aur yah badee taakat bhee hai jisaka istemaal karake aap apanee mushkilon ko aasaan kar sakate hain parantu jyaada sochana aapake lie mushkilon ka sabab ban jaata hai ekalee ekalee kal jo saikolojist yah kahate hain ki agar aap jyaada sochate sochate hain is aadamee ko badalane kee koshish karen kyonki is tarah kee cheejon se haiparatenshan ya phir aae prashaasan samiti tamaam aise maanasik avasaad hai ka shikaar ho jaate hain aur dheere-dheere aapako yah mahasoos hone lagata hai ki shaayad ab aapako dekhane kee jaroorat hai to sahee samay yahee hai ki kisee bhee samasya ko samaadhaan nikaale bajaay isake ki usake baare mein bahut jyaada chintan bana diya sochane kee

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
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सुनिए Dt. जी का जवाब
Medical field
2:58
इस क्वेश्चन का पहले तो मैं प्रीवियस में थोड़ा-बहुत आंसर दे चुकी हूं ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य क्या प्रभाव पड़ता है पर फिर भी जिन्होंने यह पूछा है मैं उनको यह बता दूंगा अगर आप फीमेल है तो ज्यादा सोचने से आपको बहुत ज्यादा मेल के कम पर ज्यादा नुकसान हो सकता है ठीक है क्योंकि फीमेल का जो सिस्टम होता है वह अलग होता है मेल मेल से मिलकर कंपेयर और मैं ज्यादा सोचते भी नहीं है और तू फीमेल पर कमरे जूता फीमेल जो सोचती हैं हर बात को लेकर और वह थोड़ी इमोशनल भी होती है तो उन्हें हर बार जेल लग ही जाती है अधिकतर जो होती है वह ऐसी होती हैं ठीक है तो इसमें आपकी हेल्थ पर यह प्रभाव पड़ता है कि आपको कोई भी प्रॉब्लम जैसे कि डायबिटीज हो गया था राइड हो गया यह पीसीओडी हो गया तो इस तरह की कोई भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है अगर आपका वेट ज्यादा है और आप बहुत ज्यादा सोच रहे हैं और आपकी बिल्कुल एक्सरसाइज को मेल है ठीक है आपको इस तरह की प्रॉब्लम हो सकती है बीमारी आ सकती हैं आपकी पर दौड़ के जिस में फर्स्ट नंबर पर 2 डायबिटीज है ठीक है और दूसरी चीज अगर जो है आप इस प्रेस ले रहे हो तो कुछ ऐसे ही प्रॉब्लम है जो आप जैसे डिप्रेशन हो गया ठीक है या बहुत ज्यादा हो गया तो एंजाइटी हो गया इस तरह की जो छोटी सी चीज होती है जो हमें पता नहीं चलता है लेकिन यह कहीं ना कहीं अपने आप से बीमारी होती है ठीक है तो जिस में कभी कभी नींद ना आना बहुत उलझन हो ना बहुत पसीना निकलना यह सब जो है उसके नॉर्मल के लक्षण होते हैं जो हम पहचान नहीं पाते हैं डेली लाइफ में तो यह सब चीजें भी आपके साथ हो सकती हैं अगर आप बहुत ज्यादा सोचते हैं यह किसी चीज को लेकर बहुत ज्यादा ओवर पूजा ऐसे में यह सब चीजें नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे स्वास्थ्य बुरा असर पड़ता है हम बीमारियों की तरफ बढ़ने लगते हैं जो कि ठीक नहीं है तो बहुत ज्यादा सोचना यह बिल्कुल भी नहीं सोचना स्कूल भी नहीं सोचना मैं तो बेफिक्र हो जाना कुछ अपना कोई घोलना रखना वह भी गलत है और बुखार ज्यादा सोचना कि हर बात में बिल्कुल मतलब डीपी डीपी हम सोच रहा है अननेसेसरी सोच रहे हैं को जरूरत का सूचना कि हां चलो मुझे कल क्या करना है वह मैंने आज का आज से प्लान कर लिया बहुत है कि ठीक है वह हमारी जरूरत है उसको उसका सोचना मत सोचना कि फ्यूचर में क्या होगा दुनिया बर्बाद हो जाएगी तो किससे हुई है उससे कोई हमारा पर्सनल कोई इंडिविजुअल मतलब नहीं है दुनिया ना हमारे हाथ में है ना हम कुछ कर ले जाएंगे ठीक है तो बहुत से लोग सोचते हैं यह सब मतलब आपको यह आपके हेल्थ के लिए ही ठीक नहीं है क्योंकि आप खुद के ऐसे टाइम पर दुश्मन हो जाते हो आप खुद की बॉडी को हम पहुंचा रहे हो बहुत ज्यादा सोच कर तो यह सब चीजें गलत है कि नहीं करना चाहिए और जितना नर्सरी हो उतना सोचे बहुत ज्यादा ना सोचे वह गलत है
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bolkar speaker
ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:22
उसी से आपके स्वास्थ्य बहुत है फैक्ट पड़ता है सिर्फ स्वास्थ्य कमजोर होने लगता है आप चिंता करेंगे तो आपके सिर में प्रेम में ब्लैक सर्कुलर खराब तरीके से चलेगा हो सकता है कि सबसे ज्यादा नहीं सोचना चाहिए यह स्वास्थ्य को बहुत कमजोर बनाता जाता है
Usee se aapake svaasthy bahut hai phaikt padata hai sirph svaasthy kamajor hone lagata hai aap chinta karenge to aapake sir mein prem mein blaik sarkular kharaab tareeke se chalega ho sakata hai ki sabase jyaada nahin sochana chaahie yah svaasthy ko bahut kamajor banaata jaata hai

bolkar speaker
ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
3:02
एक कहावत है चिंता चिता से ज्यादा हानिकारक होती है अधिक सोचना स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा तनाव का कारण बनता है या फिर आपकी अनिद्रा का कारण बनता है और आपके स्वास्थ्य पर बहुत ही प्रतिकूल असर डालता है इसलिए जो इमोशनल लोग को 3 सेंटीमीटर लोग होते हैं बाकी अधिक सोचते हैं इसलिए अधिक सेंटीमेंटल होना यह मोशनल होना बहुत बड़ा दोष है इमोशनल होना चाहिए लेकिन अधिक नहीं होना चाहिए और ज्यादा सोचना तो बहुत ज्यादा हानिकारक है कि विभिन्न प्रकार की क्योंकि आज का जो समय है वह भौतिकवादी दौर हैं किसी को आर्थिक इसी को सामाजिक किसी को पारिवारिक किसी को राजनीतिक चिंताएं हर मानव को आज का मानव इससे अछूता नहीं है लेकिन पर हां एक सिम आवश्य बनानी चाहिए और जब आपकी बहुत सादिक प्रयास करने के पश्चात भी आप उन चिंताओं से यह तनाव उसे समझ परेशानियों से मुक्त नहीं हो पा रहे हैं ऐसी हालात में कुल परेशानी कष्टों और दुखों को या बाधाओं को पर आपको दिख नहीं सोचना चाहिए अब से अपने इष्ट देव के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए कि गोविंद तुम जानो और तुम्हारा काम जाने मेरी यह समस्या है अपने आप उसका सलूशन फिर गोविंद को करना होता है क्योंकि हम उस पर डिपेंड हैं वह हम देव है इसलिए यहां यह सूत्र जरूर काम करता है कि चिंताओं से मुक्ति प्राप्त करने के लिए भगवत ध्यान करना अपने इष्टदेव का ध्यान करना बहुत परम आवश्यक है यही क्योंकि जिस को बचाते हैं उसको गोविंद बचाते हैं और जिस को मानती हो तो गोविंद मारते हैं इसलिए जितना हो सके कम सोचो लेकिन अच्छा सोचो उत्तम सोचो हर चीज की अपनी क्वांटिटी एक सीमा होती है एक लिमिट होती है उस लिमिट से बाहर अधिक सोचना कहलाता है अधिक तनाव का कारण बनता है अनेक परेशानियों का कारण बनता है और उस लिमिट तक सोचना उस पर विचार करना उसके परिणाम कारण आदि पर विचार करना ही हितकारी है
Ek kahaavat hai chinta chita se jyaada haanikaarak hotee hai adhik sochana svaasthy ke lie bahut jyaada tanaav ka kaaran banata hai ya phir aapakee anidra ka kaaran banata hai aur aapake svaasthy par bahut hee pratikool asar daalata hai isalie jo imoshanal log ko 3 senteemeetar log hote hain baakee adhik sochate hain isalie adhik senteemental hona yah moshanal hona bahut bada dosh hai imoshanal hona chaahie lekin adhik nahin hona chaahie aur jyaada sochana to bahut jyaada haanikaarak hai ki vibhinn prakaar kee kyonki aaj ka jo samay hai vah bhautikavaadee daur hain kisee ko aarthik isee ko saamaajik kisee ko paarivaarik kisee ko raajaneetik chintaen har maanav ko aaj ka maanav isase achhoota nahin hai lekin par haan ek sim aavashy banaanee chaahie aur jab aapakee bahut saadik prayaas karane ke pashchaat bhee aap un chintaon se yah tanaav use samajh pareshaaniyon se mukt nahin ho pa rahe hain aisee haalaat mein kul pareshaanee kashton aur dukhon ko ya baadhaon ko par aapako dikh nahin sochana chaahie ab se apane isht dev ke charanon mein samarpit kar dena chaahie ki govind tum jaano aur tumhaara kaam jaane meree yah samasya hai apane aap usaka salooshan phir govind ko karana hota hai kyonki ham us par dipend hain vah ham dev hai isalie yahaan yah sootr jaroor kaam karata hai ki chintaon se mukti praapt karane ke lie bhagavat dhyaan karana apane ishtadev ka dhyaan karana bahut param aavashyak hai yahee kyonki jis ko bachaate hain usako govind bachaate hain aur jis ko maanatee ho to govind maarate hain isalie jitana ho sake kam socho lekin achchha socho uttam socho har cheej kee apanee kvaantitee ek seema hotee hai ek limit hotee hai us limit se baahar adhik sochana kahalaata hai adhik tanaav ka kaaran banata hai anek pareshaaniyon ka kaaran banata hai aur us limit tak sochana us par vichaar karana usake parinaam kaaran aadi par vichaar karana hee hitakaaree hai

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  • ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता
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